samacharsecretary.com

होर्मुज से आगे की कहानी: US-Iran समझौते से भारत को मिल सकते हैं दो बड़े आर्थिक फायदे

 नई दिल्ली  अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है और स्विट्जरलैंड में इस डील पर साइन होंगे। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और व्यापार फिर से शुरू करने का एलान भी शामिल है। होर्मुज से शिपिंग फिर से शुरू होने या सामान्य होने से भारत को बड़ी राहत मिलेगी। भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के आयातकों में से एक है। ऐसे में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता कम होने, माल ढुलाई का खर्च घटने और महंगाई का दबाव कम होने से उसे फायदा होगा। क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट? ईरान और ओमान के बीच के इस संकरे जलमार्ग से दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाले तेल का लगभग पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है और खाड़ी के प्रमुख उत्पादक देशों जैसे सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और कतर के लिए निर्यात का मुख्य रास्ता है। ये सभी देश भारत को ऊर्जा की सप्लाई करने वाले अहम देश हैं। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की वजह से इस स्ट्रेट से कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई में रुकावट आई। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों और एनालिस्ट्स का कहना है कि दोबारा खुलने और तनाव कम होने से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता आने और भारत जैसे एनर्जी इम्पोर्ट करने वाले देशों के लिए हालात बेहतर होने की संभावना है। तेल की कीमतों में आई गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एलान के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्धविराम समझौता कर लिया है और होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की टोल-फ्री आवाजाही हो सकेगी। डोनल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया, "मैं इसके जरिए होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी रोक-टोक के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं और साथ ही अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं। दुनिया भर के जहाजों अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!" युद्धविराम की खबर से तेल की कीमतों में गिरावट आई। तेल के लिए ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 प्रतिशत गिरकर लगभग 84 डॉलर प्रति बैरल हो गई। युद्ध की वजह से आई रुकावटों के बाद ग्लोबल ऑयल की कीमतें फरवरी में 70-72 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। भारत को सबसे बड़ा फायदा तेल में भारत अपनी जरूरत का करीब 80-85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है. इसमें खाड़ी क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समझौता लागू होता है और ईरानी तेल फिर से बाजार में आता है तो ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट आ सकती है. इसका सीधा असर दुनिया के बाकी देशों के साथ-साथ भारत पर पड़ेगा. पहले समझें की भारत को क्या फायदा होगा।      पेट्रोल और डीजल के दामों पर दबाव कम होगा.     महंगाई को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी.     भारत का तेल आयात बिल घटेगा.     देशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और रुपये को भी मजबूती मिलेगी. भारत के लिए सबसे अच्छी खबर क्या है? रिपोर्ट के मुताबिक ड्राफ्ट में ईरान के तेल निर्यात पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी छूट मिलेगी. साथ ही 25 अरब डॉलर की फ्रीज ईरानी संपत्तियां जारी करने पर भी सहमति बनी है. भारत पहले ईरान से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदता था, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद यह व्यापार लगभग बंद हो गया था. खास बात ये है कि ईरान से तेल का व्यापार डॉलर में न होकर रुपये में होता था. अब अगर प्रतिबंध धीरे-धीरे हटते हैं तो भारत फिर से ईरानी क्रूड खरीद सकता है. इससे भारत को सस्ता तेल मिल सकता है।  चाबहार पोर्ट को मिलेगी नई जान इस डील का दूसरा बड़ा असर भारत के रणनीतिक चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट पर पड़ सकता है. ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारत ने भारी निवेश किया है. यह प्रोजेक्ट भारत को पाकिस्तान को बायपास करके अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच देती है. अमेरिका और ईरान के रिश्तों में नरमी आने से चाबहार पर अमेरिकी दबाव कम हो सकता है. इससे भारत को पोर्ट के विस्तार, नए निवेश और व्यापार बढ़ाने में आसानी होगी. इसके साथ ही इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) में भी तेजी आने की उम्मीद है।  समझौते में क्या-क्या हुआ?     रॉयटर्स के मुताबिक अंतिम ड्राफ्ट में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं.     ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य खोलेगा.     अमेरिका 30 दिनों के भीतर नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा.     अमेरिका नए प्रतिबंध नहीं लगाएगा.     ईरान को तेल बेचने की अनुमति मिलेगी.     25 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियां जारी की जाएंगी.     ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.     यूरेनियम एनरिचमेंट और परमाणु कार्यक्रम पर अगले 60 दिनों तक विस्तृत बातचीत होगी.   मई के मध्य तक सरकार ने रिटेल कीमतों में नहीं किया था बदलाव इससे पेट्रोल और डीजल बनाने की लागत बढ़ गई, लेकिन सरकार ने मई के मध्य तक रिटेल कीमतों में बदलाव नहीं किया। सरकार ने 27 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की, ताकि पश्चिम बंगाल समेत पांच अहम राज्यों में चुनाव के दौरान रिटेल कीमतों में बढ़ोतरी से बचा जा सके। विधानसभा चुनावों के बाद बढ़े तेल के दाम विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर लगभग 7.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई, जबकि सीएनजी के दाम 6 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ाए गए। एलपीजी की कीमतों में भी दो किस्तों में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 89 रुपये की बढ़ोतरी की गई। कीमतें बढ़ने के बावजूद, सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना लगभग 650 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है क्योंकि रिटेल कीमतें लागत से कम हैं। इंडस्ट्री के सूत्रों और एनालिस्ट्स का कहना है कि तेल की कीमतों में नरमी और स्ट्रेट के फिर से खुलने के साथ, ये धीरे-धीरे कम हो जाएंगी।

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाएं जनप्रतिनिधि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आह्वान

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने आगे आएं जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने लिखा पत्र 16 से 27 जून तक चलेगा शाला प्रवेश उत्सव अभियान "कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे" अभियान की सफलता के लिए जनसहभागिता का किया आह्वान रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले "शाला प्रवेश उत्सव" में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे सशक्त आधार है तथा यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में प्रदेश के समस्त विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े सभी लोगों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि नए शैक्षणिक सत्र के साथ प्रदेशभर में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका का विद्यालय में प्रवेश तथा नियमित अध्ययन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर तथा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसी विद्यालय में सुविधानुसार उपस्थित होकर अभियान में सहभागी बनें तथा ऐसे बच्चों की पहचान और नामांकन के लिए प्रेरित करें, जो अभी तक विद्यालय से नहीं जुड़े हैं अथवा बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सहभागिता इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री साय ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम विद्यालयों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण विकसित किया जा रहा है तथा वर्ष 2026 से 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं के लिए सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।

फराज को मिला था युवाओं का ब्रेनवॉश करने का टास्क, ATS ने आतंक मॉड्यूल के तीसरे आरोपी को दबोचा

भोपाल/अलवर एमपी एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी साजिश से जुड़े मामले में तीसरे आरोपी शाकिर मेव को गिरफ्तार किया है। उसे राजस्थान के अलवर जिले के टप्पुकरा थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। शाकिर मेव सेकंड हेड कमांडर की भूमिका में था और साजिश में अहम भूमिका निभाता था। आरोपी को न्यायालय में पेश कर 20 जून तक रिमांड पर लिया है। दूसरी ओर, भोपाल के काजी कैंप से गिरफ्तार मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह से पूछताछ में जांच एजेंसियों को चौंकाने वाले इनपुट मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक उसे कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स ने मध्यप्रदेश में नेटवर्क खड़ा करने, गरीब और बैचलर युवकों का ब्रेनवॉश करने और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाने का टास्क सौंप रखा था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसे “लश्कर कमांडर” के नाम से नई पहचान दी गई थी, जिसके जरिए वह सोशल मीडिया नेटवर्क को बढ़ाने और युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहा था। यह पहचान उसके साथी नईम अब्दुल्ला ने उपलब्ध कराई थी। दोनों को रिमांड पर लेकर अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। जांच में पाकिस्तानी संपर्क, डिजिटल नेटवर्क, टारगेट किलिंग की साजिश और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल हो रही है। टेलीग्राम-वाट्सएप ग्रुप से युवाओं को जोड़ने की कोशिश शुरुआती जांच में सामने आया है कि टेलीग्राम और वाट्सएप ग्रुप्स के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। फराज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़ने और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े वीडियो साझा करने के लिए ग्रुप बनाता था। वह पिछले करीब चार वर्षों से डिजिटल गतिविधियों में सक्रिय था। अब एटीएस डिजिटल गतिविधियों, विदेशी फंडिंग और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। फराज का साथी नईम देवबंद से गिरफ्तार इधर, फराज की निशानदेही पर उसके साथी नईम अब्दुल्ला को देवबंद से शनिवार को गिरफ्तार किया गया। देवबंद से गिरफ्तारी को जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है क्योंकि इससे नेटवर्क के कनेक्शन और लिंक की दिशा स्पष्ट हो रही है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद 16 जून तक रिमांड पर भेजा गया है। फराज को एटीएस ने हिरासत में लिया था गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे काजी कैंप स्थित घर पर एटीएस की टीम ने दबिश दी थी। कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी। करीब 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम में तीन महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। टीम ने पहले घर को चारों तरफ से घेर लिया, फिर छत के रास्ते अंदर पहुंचकर फराज को हिरासत में लिया। डॉक्टर के क्लिनिक पर काम करता था फराज जांच एजेंसियों के मुताबिक फराज मोहल्ले में ही एक डॉक्टर के क्लीनिक पर काम करता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसने देवबंद में रहकर धार्मिक शिक्षा ली थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला से हुई थी। नईम के जरिए फराज का संपर्क कथित रूप से विदेशी हैंडलर्स से हुआ। जांच एजेंसी को आशंका है कि दोनों के माध्यम से एक नेटवर्क तैयार करने की कोशिश की जा रही थी। अब एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क से प्रदेश में कितने लोग जुड़े थे। मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच फराज का मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि मोबाइल डेटा से उसके संपर्कों, गतिविधियों और कथित फंडिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच जारी है। पूछताछ में सामने आया है कि फराज चार वर्षों से टेलीग्राम और वाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर कई ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था। एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही हैं। उसके संपर्कों की सूची तैयार की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। उसके मोबाइल की CDR भी खंगाली जा रही है। विदेशी फंडिंग की हो रही जांच फराज ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसके पिता बैटरी रिपेयरिंग का काम करते हैं। परिवार में वह इकलौता लड़का है। बताया गया है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स उसे गरीब तबके के युवाओं को जोड़ने और मिशन आगे बढ़ाने की सलाह देते थे। एटीएस उसके बैंकिंग रिकॉर्ड्स भी खंगाल रही है ताकि विदेशी फंडिंग का खुलासा हो सके।

अमृतसर एयरपोर्ट हुआ स्मार्ट, डिजी यात्रा और नई सुरक्षा व्यवस्था से सफर हुआ तेज और सुविधाजनक

अमृतसर  श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर इन लाइन एक्सरे बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम और डिगी यात्रा की शुरुआत से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ ही उनका समय भी बच रहा है। इसमें अब यात्री सीधे चेकिंग काउंटर पर जा सकते हैं, उनके सामान की कन्वेयर बेल्ट पर ही स्क्रीनिंग हो जाएगी। इससे पहले चेकिंग काउंटर पर जाने से पहले एक्सरे मशीन पर रखना पड़ता था। इसी तरह से मई से एयरपोर्ट पर डिगी यात्रा भी शुरू हो चुकी है। इस आनलाइन सिस्टम में पेपरलेस यात्रा की सुविधा यात्रियों को मिल रही है। वर्तमान मे आठ से 10 प्रतिशत यात्री इस सुविधा का फायदा उठा रहे हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों को आगमन पर एयरोब्रिज के लिए समर्पित रास्ता मुहैया करवाने के काम को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 15 दिन तक टेंडर लगाकर छह महीने तक यह काम पूरा किया जाएगा। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आने पर घरेलू यात्री एयरोब्रिज का इस्तेमाल नहीं कर पाते थे। इसके अलावा एयरपोर्ट की वर्तमान स्थिति और भविष्य में होने जा रहे विकास को लेकर डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह से बातचीत करे जानकारी जुटाई गई है। जिसमें दैनिक जागरण के साथ साक्षात्कार में उन्होंने यात्रियों से जुड़े अहम सवालों के जवाब दिए हैं। सवाल : एयरपोर्ट से घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्या प्रयास चल रहे हैं? जवबा: एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग की क्षमता 4.1 मिलियन पैसेंजर्स की है। यहां पर 25 एयरक्राफ्ट की एक साथ पार्किंग को लेकर व्यवस्था है। हालांकि रोजमर्रा में सात से आठ की ही पार्किंग हो रही है। यहां पर नार्दर्न इंडिया का सबसे लंबा 3658 मीटर का रनवे है। जीरो विजिबिलिटी में एयरक्राफ्ट की सुरक्षित लैंडिंग के लिए कैट थ्री सिस्टम भी लगा हुआ है। घरेलू कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अकासा और स्टार एयर एयरलाइंस से बातचीत चल रही है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाने के लिए ब्रिटिश एयरवेज व अन्य के साथ बातचीत की गई है। एयर एशिया की आगे की एक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश की है। सवाल : एयरपोर्ट पर पिकअप ड्राप एरिया में वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े होते हैं, इसका समाधान कब होगा? जवाब: एयरपोर्ट पर एंट्री में डेडिकेटेड पार्किंग पीछे बनी हुई है। पिकअप-ड्राप एरिया में सिक्योरिटी गार्ड्स भी तैनात करने जा रहे हैं। इनकी ड्यूटी वाहनों की पार्किंग सही ढंग से करवाने की रहेगी। बिल्डिंग के सामने डिवाइडर बनाकर फोर लेन सिस्टम बनाने की योजना है। इसके लिए अप्रूवल ले ली है, इंजीनियरिंग विभाग इस पार काम कर रहा है। इसका टेंडर दो महीने में लगाकर काम पूरा करवाया जाएगा। इससे फोर लेन में वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग रहेगी। सवाल : एयरपोर्ट से कारगो क्षमता के मुताबिक नहीं जाने की क्या वजह है? जवाब: श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नार्थ इंडिया का सबसे बड़ी कारगो सुविधा है। पेरिशेबल आइटम्स को रखने का भी बंदोबस्त है। यहां पर कारगो के लिए काफी क्षमता है। उज्बेकिस्तान के लिए कारगो भेजने के लिए कोशिश की थी, जिसे मंजूरी भी दे गई थी। इसमें कस्टम की कुछ औपचारिकताओं के कारण क्लीयरेंस की कार्रवाई चल रही है। यहां मीट आिद एक्सपोर्ट होगा। सीआइआइ के साथ कस्टम के साथ बैठकें की हैं, ताकि कारगो का काम बढ़ाया जा सके। घरेलू कारगो का सिक्योरिटी क्लीयरेंस पेंडिंग है, जैसे ही यह क्लीयर होगा तो फायदा मिलेगा। सवाल : एयरपोर्ट के इमिग्रेशन काउंटरों पर भीड़ रहने-एयरलाइंस के प्रबंधों में खामियों को लेकर कई बार इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल हो चुके हैं, इसमें क्या कोई सुधार हुआ है? जवाब: ऐसे मामलों में काफी सुधार हुआ है। एयरलाइंस के साथ हर माह पैसेंजर्स फेसिलिटेशन को लेकर बैठक कर रहे हैं। उनको कमियां दूर करने को कहा है। स्टाफ के व्यवहार और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर हिदायतें दी हैं। एयरपोर्ट पर कुल 10 इमिग्रेशन काउंटर हैं। पेपर लेस डिगी यात्रा भी शुरू हुई है। वहीं, देश-विदेश से आने वाले पैसेंजर्स को फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन ट्रस्टेटिड ट्रेवलर प्रोग्राम की सुविधा भी दी हुई है। इस आनलाइन सिस्टम में भी तुरंत फेस स्कैन करके इमिग्रेशन क्लीयर कर सकते हैं। सवाल : भारत-पाक तनाव के कारण एयरपोर्ट कुछ दिन तक बंद रहा था, इसमें कई उड़ानें बंद हुईं थी। इनमें से कितनी दोबारा बहाल हुई हैं? जवाब: भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद सभी फ्लाइट बहाल हो गई हैं। समर शेड्यूल में ट्रैफिक कम रहता है। आपरेशन सिंदूर के कारण पाकिस्तान एयर स्पेस बंद होने से अमृतसर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यहीं से गल्फ कंट्री में कम समय में पहुंच जाती थी। अब ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण भी लंबा रूट पड़ रहा है। ईरान स्पेस बंद होने से यूरोप और गल्फ जाने का रूट काफी लंबा हुआ है। सवाल: एयरपोर्ट पर कर्मशियल गतिविधि के लिए माल बनाने की भी योजना थी, इसमें क्या अपडेट है? जवाब: एयरपोर्ट पर सिटी साइड 27 एकड़ जमीन मौजूद है। इसे अलग-अलग गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अमृतसर में डेस्टिनेशन मैरिज का काफी प्रचलन है। इसमें मैरिज पैलेस, कामर्शियल हब, बिजनेस टू बिजनेस के लिए प्रस्ताव बनाकर हेडक्वार्टर में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट को भेजा है। इसमें आगे का फैसला वहीं से होना है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का अनोखा अंदाज, स्कूटी पर सवार होकर टॉपर चांदनी के घर पहुंचे, परिवार संग ली सेल्फी

भोपाल  विकसित भारत संकल्प अभियान के तहत सीएम मोहन यादव 15 जून को भोपाल के भीम नगर पहुंचे। सीएम ईवी स्कूटी से गलियों में पहुंचे थे। इस दौरान यहां के लोगों से उन्होंने संवाद किया और उनका हाल-चाल जाना है। साथ ही वह 12वीं की टॉपर चांदनी विश्वकर्मा के घर भी गए। 12वीं टॉपर के घर पहुंच गए सीएम मोहन यादव सीएम मोहन यादव अपना काफिला छोड़कर ईवी स्कूटी से 12वीं टॉपर के घर पहुंचे । भीम नगर में चांदनी विश्वकर्मा का परिवार रहता है। सीएम को अपने घर में देखकर परिवार के लोग स्तब्ध थे। मोहन यादव ने परिवार के सभी सदस्यों से बात की है। साथ ही चांदनी के परिजनों के साथ सीएम ने सेल्फी भी ली है। चांदनी को भविष्य की दी शुभकामनाएं इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में अद्वितीय प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली चांदनी विश्वकर्मा के घर पहुंचकर उनके परिजनों से भेंट की। चांदनी को उसकी सफलता के लिए सीएम ने उसे बधाई दी। साथ ही कहा कि चांदनी ने विषम परिस्थितियों के बीच भी अपने परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प से जो सफलता अर्जित की है, वह प्रेरणादायी है। उनकी उपलब्धि न सिर्फ अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। आमजनों से की बात सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के मौके पर हमने पार्टी पदाधिकारियों के साथ यहां जनता से संपर्क-संवाद दिया। यहां तक आने के लिए ईवी का इस्तेमाल किया । इसे चलाकर अच्छा भी लगा। ईवी केवल पेट्रोल के दाम ही नहीं बचाती, बल्कि हमारे कई अन्य तरह के खर्चे भी कम करती है। जनता रह गई अचंभित गौरतलब है कि भीम नगर का माहौल पूरी तरह से बदला हुआ था। अमूमन अपने-अपने कामों में मशरूफ रहने वाले भीम नगर के लोग आज बेहद उत्साहित और जागरूक दिखाई दिए। सीएम को अचानक अपने सामने देख लोग अचंभित हो गए। लोगों को समझ में ही नहीं आया कि अचानक क्या हो गया। इस बीच सीएम ने वहां के लोगों से बात शुरू कर दी। उन्होंने बेटियों को गोद में लेकर दुलार किया और सेल्फी ली। इस दौरान जनता से उन्हें अपना पूरा हाल कह सुनाया। सीएम डॉ. यादव ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी जिंदगी भविष्य में और भी बेहतर होगी।  

मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, 28 जिलों में बारिश और तेज हवाएं; मानसून की एंट्री पर बड़ा अपडेट

भोपाल/जबलपुर /इंदौर  मध्य प्रदेश में इन दिनों मानसून की दस्तक से पहले की प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से चल रही हैं। रविवार (14 जून) को राज्य के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदला रहा और 30 से अधिक शहरों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल समेत उज्जैन, इंदौर, नर्मदापुरम और जबलपुर संभाग के अधिकांश जिलों में बादलों ने जमकर हाजिरी लगाई। इसके साथ ही रायसेन और नरसिंहपुर जैसे इलाकों में तेज धूलभरी आंधी चली, जबकि सीहोर में हवाओं की रफ्तार 72 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में सबसे ज्यादा 42 मिलीमीटर बारिश उदयपुरा में मापी गई। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के कुछ क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है. एमपी में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं और इसी के चलते आज (सोमवार) भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून सामान्य तारीख से तीन से चार दिन की देरी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।  राज्य में जून माह के पहले पखवाड़े में सामान्य से ज्यादा प्री-मानसूनी बारिश दर्ज की जा चुकी है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 65 फीसदी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. वहीं मानसून की औपचारिक एंट्री अभी बाकी है. जिसके बाद बारिश का आंकड़ा बढ़ सकता है. दूसरी ओर मालवा-निमाड़ और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में चिलचिलाती गर्मी का असर भी बना हुआ है. ऐसे में सोमवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो रूप देखने को मिल सकते हैं. कहीं तेज धूप और उमस होगी, तो कहीं आंधी, तेज हवा और बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।  आज इन जिलों में होगी बारिश! मौसम विभाग के अनुसार आज जबलपुर, मुरैना, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, कटनी, आगर-मालवा, विदिशा, अशोकनगर, भिंड, पन्ना, दतिया, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, मंडला, राजगढ़, छिंदवाड़ा, दमोह, पांढुर्णा, सिवनी, सागर, बालाघाट, अनूपपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और डिंडौरी जिले में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  तापमान में गिरावट और पचमढ़ी में बढ़ी ठंडक तेज आंधी-तूफान और बारिश के चलते पूरे प्रदेश के तापमान में औसतन 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। राज्य के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से भी नीचे गिरकर 18.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जिससे वहां अच्छी-खासी ठंडक महसूस की जा रही है। दूसरी ओर, रविवार को राजगढ़ जिला 41 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा। इसके अलावा खंडवा में 40.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 40.4 डिग्री और खरगोन में पारा 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का 30 से ज्यादा शहरों के लिए अलर्ट मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी करते हुए सजग रहने को कहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सीहोर, सिवनी, दमोह, दतिया, सतना और श्योपुरकलां सहित 30 से अधिक प्रमुख शहरों के लिए बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इन तीन जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' और आगे का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन और सागर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन तीनों जिलों में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है और यहाँ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही बिजली चमकने और बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटों तक प्रदेश के मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा और यह ऐसा ही बना रहेगा। हालांकि, इसके बाद आने वाले दिनों में तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा सकती है। भोपाल में दिनभर बारिश…पारा लुढ़का, शिवपुरी में 33.2 डिग्री पहुंचा रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश वाला मौसम रहा। भोपाल में रुक-रुककर पूरे दिन बारिश हुई। सीहोर, इंदौर, रायसेन और खरगोन में भी अच्छी बारिश हुई। कई इलाकों में तेज हवाओं से बिजली गुल हो गई, जबकि रायसेन में मकानों के छप्पर उड़ गए। खरगोन में निंदाई और बुआई का काम प्रभावित हुआ। आंधी-बारिश की वजह से दिन के तापमान में खासी गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 बड़े शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। भोपाल में 35.4 डिग्री, इंदौर में 36.3 डिग्री, ग्वालियर में 39.2 डिग्री, उज्जैन में 36.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस रहा। खजुराहो समेत 4 जगहों पर पारा 40 डिग्री खजुराहो, दतिया, नौगांव और मंडला ही ऐसे शहर रहे, जहां तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक रहा हो। बाकी सभी शहरों में इससे कम ही दर्ज किया गया। शिवपुरी में सबसे कम 33.2 डिग्री, पचमढ़ी में 35 डिग्री, सिवनी में 36 डिग्री, राजगढ़ में 36.4 डिग्री, नर्मदापुरम-श्योपुर में 36.6 डिग्री, बैतूल में 36.7 डिग्री और शाजापुर में 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री साय

जनसेवा ही प्रशासनिक सेवा का सर्वोच्च उद्देश्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का करें निर्वहन : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों ने की मुलाकात बस्तर से सरगुजा तक के अनुभव साझा कर प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया छत्तीसगढ़ को अद्भुत प्रदेश रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय प्रशासनिक सेवा के तीन प्रशिक्षु अधिकारियों ने सौजन्य मुलाकात कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।  मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनकी सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि  कि प्रशासनिक सेवा जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है और प्रशासनिक अधिकारी के रूप में आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि एक प्रशासनिक अधिकारी के निर्णय हजारों लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए प्रत्येक निर्णय में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशीलता, निष्पक्षता और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें तथा लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसका उपयोग समाज और आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संभावनाओं से परिपूर्ण प्रदेश है। यहां के लोग सरल, सहज, मेहनती और आत्मीय स्वभाव के हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों, तेजी से विकसित हो रही कनेक्टिविटी, पर्यटन की संभावनाओं, नक्सल उन्मूलन की सफलता तथा राज्य के विकास की यात्रा से अवगत कराया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय परंपराओं और विकास के नए अवसरों पर भी अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों को कहा कि ईमानदारी, निष्ठा और जनहित की भावना से लिया गया प्रत्येक निर्णय प्रदेश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बस्तर संभाग के सुकमा और बीजापुर जिलों सहित सरगुजा संभाग के जशपुर, सरगुजा और कोरिया जिलों का भ्रमण करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनजीवन, संस्कृति, विकास गतिविधियों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अध्ययन किया तथा मां दंतेश्वरी के दर्शन भी किए। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विविधताओं, सांस्कृतिक समृद्धि और आत्मीयता से भरपूर प्रदेश है। यहां के लोगों के स्नेह, जनजातीय परंपराओं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की संभावनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से जनहित में कार्य करना उनके लिए गौरव और जिम्मेदारी दोनों है। मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने प्रशासनिक सेवा की तैयारी से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और प्रेरणादायक प्रसंग भी साझा किए। मुख्यमंत्री ने अपने सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के अनुभवों का उल्लेख करते हुए उन्हें निरंतर सीखते रहने, जमीनी स्तर से जुड़े रहने तथा मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करने की प्रेरणा दी। उल्लेखनीय है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी गोकुल आर. के., वी. यशवंत नायक एवं ईशांत जायसवाल वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। तीनों अधिकारियों को छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ है। जिला प्रशिक्षण पर रवाना होने से पूर्व उन्होंने मुख्यमंत्री से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक एवं अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, संचालक टी.सी. महावर तथा संयुक्त संचालक प्रणव सिंह उपस्थित थे।

Gold Price Today: सोने-चांदी में जबरदस्त उछाल, 24 कैरेट गोल्ड 1.50 लाख के पार पहुंचा

इंदौर  भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, आज फिर 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 1 लाख 50 हजार रुपये के पार पहुंच गई है, जो बीते कारोबारी दिन शुक्रवाक यानी 12 जून की शाम को 147800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी।  ibjarates.com पर 15 जून 2026 की सुबह जारी किए गए रेट के मुताबिक, 995 शुद्धता वाले यानी 23 कैरेट सोने का रेट 149568 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जबकि 916 शुद्धता वाले यानी 22 कैरेट गोल्ड का रेट 137555 रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं, बीते कारोबारी दिन की तुलना में चांदी की कीमत में भी भारी उछाल आया है।  बता दें कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की अधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com पर सोमवार से शुक्रवार रोज सुबह और शाम गोल्ड और सिल्वर के रेट जारी होते हैं. आइए जानते हैं बीते कारोबारी दिन यानी शुक्रवार (12 जून) शाम की तुलना में आज कितना महंगा हुआ 22-24 कैरेट सोना।  15 June Gold-Silver Prices: सोना-चांदी आज कितने रुपये हुआ महंगा?   शुद्धता शुक्रवार सुबह का रेट शुक्रवार शाम का रेट सोमवार सुबह का भाव कितने बदले रेट सोना (प्रति 10 ग्राम) 999     147609 147800 150169  2369 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 995      147018 147208 149568  2360 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 916      135210 135385 137555  2170 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 750      110707 110850 112627  1777 रुपये महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम) 585      86351 86463 87849  1386 रुपये महंगा चांदी (प्रति 10 ग्राम) 999      242295 242582 251011   8429 रुपये महंगी चांदी का रेट क्या है? चांदी की कीमत आज 251011 रुपये किलो है, जो बीते कारोबारी दिन यानी शुक्रवार शाम को 242582 रुपये किलो थी. बता दें कि इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की अधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com पर जारी कीमतों में जीएसटी एड नहीं होता और ज्वैलरी खरीदने पर मेकिंग चार्ज अलग से देने होते हैं. 

गर्मी से मिलेगी राहत! 12 राज्यों में झमाझम बारिश के आसार, धूलभरी आंधी की चेतावनी जारी

नई दिल्ली जून की शुरुआत में हुई बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली थी। हालांकि अब तापमान एक बार फिर भड़ने लगा है। इसी बीच मौसम विभाग ने फिर से मौसम के करवट लेने का अलर्ट जारी किया है। IMD के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल मेत पूर्वोत्तर के राज्यों में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 6 से सात दिनों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश हो सकती है। इसके चलते पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। कहां पहुंचा है मॉनसून मॉनसून इस समय महाराष्ट्र पहुंच चुका है और लगातार आगे बढ़ रहा है। कर्नाटक, तेलंगाना, आध्र प्रदेशष पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्से में दक्षिण पश्चिम मॉनसून पहुंच चूका है। वहीं अगले चार से पांच दिन में यह छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मॉनसून की रफ्तार कम हुई है। इसी वजह से अब तक मॉनसून उत्तर प्रदेश के सीमा में दाखिल नहीं हो पाया है कहां होगी झमाझम बारिश मौसम विभाग के मुताबिक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गिलगित-बाल्टिस्तान, लद्दाख, मुजफ्फराबाद, उत्तराखंड में 15 से 20 तारीख तक बारिश का अनुमान है। इसके अलावा 15 जून से अगेल चार दिनों तक पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर में असम, मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है। 15 जून को पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है। मध्य भारत की बात करें तो 15 जून को छत्तीसगढ़,मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। पूर्वोत्तर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट आगामी छह से सात दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने आसार हैं, जबकि अगले तीन से चार दिनों के दौरान महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों में कुछ जगहों पर लू चलने का अनुमान है। मौसम विभाग के रविवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसकी उत्तरी सीमा हरनाई (महाराष्ट्र) सोलापुर (महाराष्ट्र), हैदराबाद (तेलंगाना) भद्राद्री कोठागुडेम (तेलंगाना), कलिंगपट्टनम (आंध्र प्रदेश), पारादीप (ओडिशा), पारीपदा (ओडिशा), पुरुलिया (पश्चिम बंगाल), धनबाद (झारखंड) और मुजफ्फरपुर (बिहार)से होकर गुजर रही है। अगले चार से पांच दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाकी हिस्सों के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। दूसरी तरफ, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों और सिक्किम में अगले एक सप्ताह तक व्यापक बारिश होगी। बिहार में 16 जून को भारी बारिश की संभावना है, वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 17 से 19 जून के बीच मूसलाधार बारिश का अनुमान है। तटीय कर्नाटक, केरल, कोंकण और गोवा में भी इस दौरान व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम के मिजाज की बात करें तो 14 जून की शाम या रात के समय आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और धूलभरी आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है, जिससे हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। इसके बाद 15 और 16 जून को भी दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है और तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हालांकि 17 जून से दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों के तापमान में बढ़ोतरी होगी और यह 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। यूपी और बिहार का मौसम का मौसम उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश की संभावना जताई गई है। इनमें कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, गोंडा, बलिया,म ऊ, चंदौली, मिर्जापुर, वाराणसी, सोनभद्र शामिल हैं। पश्चिमी यूपी में मथुरा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, मैनपुरी, कानपुर, झांसी और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। बिहार की बात करें तो पश्चिमी चंपारण, सारण, सिवान, भोजपुर, कैमूर बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी में मची भगदड़, मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह के बीच 4 लोगों ने गंवाई जान

मुरैना  प्रदेश के मुरैना जिले के हेतमपुर और राजस्थान के  धौलपुर रेल खंड के बीच रविवार शाम खजुराहो उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने के बाद फैली आग की अफवाह से घबराए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। इसके बाद कुछ यात्री ट्रेन से कूदकर समीप की दूसरी रेल लाइन पर आ गए। इसी बीच आई पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक मासूम बच्चे समेत कुल चार की दर्दनाक मौत हो गई।   मृतकों में तीनों महिलाएं आगरा की  मृतकों में आफरीन पत्नी नदीम खान (35) निवासी सुल्तानगंज की पुलिया, आगरा, उनका चार वर्षीय बेटा असद खान, शकुंतला पत्नी भूरी सिंह परमार (60) निवासी कचहरा थोक, रुनकता, आगरा तथा विरमा देवी पत्नी गिरधारी गिरि (60) निवासी गेसोरा, थाना महाजन, जिला बीकानेर (राजस्थान) शामिल हैं। जनरल कोच से हुई अलार्म चेन पूलिंग प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेन के एक कोच में किसी यात्री का चार्जिंग पर लगा मोबाइल फट गया था। इस कारण आग की अफवाह फैली। हादस रविवार शाम 4:15 बजे उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के जनरल कोच (इंजन से दूसरा कोच) में किसी ने अलार्म चेन पूलिंग किया था। इस कारण ट्रेन सेक्शन में रुक गई थी। ट्रेन रुकने के दौरान कुछ यात्री नीचे उतरकर समीपवर्ती रेलवे लाइन पर चले गए। इसी दौरान अप दिशा से आ रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से यात्रियों के हताहत होने की सूचना मिली।  चीख पुकार मच गई घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और मुरैना पुलिस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया तथा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।  मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा से फैली दहशत घटना उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड की है. गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार शाम करीब 4:15 बजे हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच चल रही थी. इसी दौरान एक कोच में मोबाइल फटने जैसी घटना की चर्चा फैल गई. देखते ही देखते यात्रियों में डर का माहौल बन गया. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन बीच रास्ते में रुक गई. ट्रेन रुकते ही कई यात्री जल्दबाजी में नीचे उतर गए।  दूसरी लाइन पर पहुंच गए यात्री प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन से उतरने के बाद कुछ यात्री पास की दूसरी रेलवे लाइन की ओर चले गए. उसी समय दूसरी तरफ से गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज गति से वहां से गुजर रही थी. ट्रैक पर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे ट्रेन की चपेट में आ गए. इस हादसे में तीन महिलाओं और एक बच्चे सहित कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।  राहत और बचाव कार्य शुरू घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP), स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया और प्रभावित यात्रियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मृतकों की पहचान और उनके परिजनों को सूचना दी.  रेलवे अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. मोबाइल ब्लास्ट की चर्चा के पीछे वास्तविक कारण क्या था, इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है. प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच र रहा है।  दिल्ली-मुंबई मार्ग पर यातायात प्रभावित इस हादसे के चलते दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित रहा। कई ट्रेनों को रास्ते में रोका गया, जबकि प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की गईं। बाद में ट्रैक को क्लियर कर रेल यातायात सामान्य किया गया। मोड़ होने से सामने से आ रही ट्रेन नहीं दिखी : डीआरएम झांसी रेल मंडल के डीआरएम अनुरुद्ध कुमार के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां रेलवे ट्रैक पर मोड़ होने के कारण यात्रियों को सामने से आ रही ट्रेन दिखाई नहीं दी। प्रारंभिक जांच में हादसे की मुख्य वजह आग लगने की अफवाह के बाद हुई चेन पुलिंग और यात्रियों का ट्रैक पर उतरना सामने आया है। यह हादसा केवल एक रेल दुर्घटना नहीं, बल्कि अफवाह, दहशत और जल्दबाजी का दर्दनाक परिणाम है, जिसने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। रेलवे प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ट्रेन में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों का मानना है कि अफवाह के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस और रेलवे की टीमें सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।