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समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रण में, एएनसी कवरेज 100% करने के निर्देश: डिप्टी CM शुक्ल

समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रित, एएनसी कवरेज करें शत-प्रतिशत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और रोग नियंत्रण की व्यापक कार्यवाही बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 मलेरिया नियंत्रण के लिए एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर किए गए तैनात 51 नवीन डॉक्टर्स ने किया जॉइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खसरा-रूबेला, डायरिया एवं मलेरिया नियंत्रण तथा दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए की जा रही कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपसी समन्वय के साथ स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी, समय पर उपचार, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी रहें। बालाघाट को आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गंभीरता, समर्पण और बेहतर समन्वय के साथ सेवा प्रदाय किया जाए तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान प्रयासों को निरंतर बनाए रखते हुए बालाघाट को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जैसे जनजातीय एवं भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर काम करें और मैदानी स्तर पर प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बैठक में एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम तथा जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। सुमन पंचायत के रूप में पंचायतों को विकसित करने के लिए एक वर्ष की अवधि में शून्य मातृ एवं शिशु मृत्यु सुनिश्चित करना प्रमुख मानकों में शामिल है। गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन एवं फॉलोअप, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर एवं नवजात देखभाल और समय पर रेफरल जैसी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना इसका लक्ष्य है। इन मानकों की सतत पूर्ति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के आधार पर पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि एएनसी चेकअप का कवरेज 90 प्रतिशत तक पहुंचना महत्वपूर्ण प्रगति है। इसे शत-प्रतिशत तक ले जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं का समय पर चिन्हांकन, नियमित फॉलोअप तथा आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में समय से भर्ती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बर्थ वेटिंग होम की उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं है। अधिकारी एवं मैदानी अमला पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करें। इसी गति से प्रयास जारी रहे तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने बालाघाट में किए जा रहे कार्यों को प्रभावी मॉडल के रूप में विकसित कर पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनाने पर जोर दिया। खसरा-रूबेला नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी बालाघाट में खसरा नियंत्रण के लिए बुखार एवं दाने वाले मामलों की विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे संदिग्ध मामलों में खसरा-रूबेला की जांच सुनिश्चित की जा रही है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें MR वैक्सीन से सुरक्षित करने के लिए कैच-अप राउंड एवं आउटब्रेक रिस्पॉन्स इम्युनाइजेशन (ORI) गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब तक लगभग 27 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि ORI के अंतर्गत 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 15 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया है। संदिग्ध रोगियों को आवश्यकता अनुसार विटामिन-A की खुराक दी जा रही है तथा फीवर-रैश सर्विलांस लगातार जारी है। दुर्गम एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में दूरस्थ गांवों की मैपिंग कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण एवं विशेष सर्विलांस किया जा रहा है। वैक्सीन को दूरस्थ क्षेत्रों तक समय पर पहुंचाने के लिए अल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (AVD) व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। डायरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान जिले में दस्त एवं डायरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्तर पर ओआरएस एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अब तक 1,63,902 परिवारों को ओआरएस तथा 1,60,431 परिवारों को जिंक उपलब्ध कराया गया है। गंभीर स्थिति वाले 734 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर सफल उपचार किया गया है। जिला अस्पताल में बच्चों के उपचार की क्षमता बढ़ाते हुए बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के लिए मोबिलाइजेशन की व्यवस्था की गई है। मलेरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्क्रीनिंग बालाघाट के प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम एंडेमिक क्षेत्रों में मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर बुखार की जांच के लिए 15 टीमें लगातार कार्यरत हैं। इन टीमों द्वारा प्रतिदिन औसतन 300 से अधिक जांच की जा रही हैं। 19 जुलाई 2026 से अब तक 26,865 व्यक्तियों की मलेरिया जांच की गई है, जिसमें 980 मलेरिया प्रकरण पाए गए। इनमें 895 प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम तथा 85 प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के प्रकरण शामिल हैं। सभी चिन्हित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया है तथा उपचार पूर्ण कराया जा रहा है। मच्छर नियंत्रण के लिए 71 गांवों के 7,065 घरों में कीटनाशक छिड़काव किया गया है। इसके साथ ही 44 गांवों के 8,610 घरों में थर्मल फॉगिंग की गई है। अतिरिक्त मानव संसाधन के रूप में एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर तैनात किए गए हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी दिखाएंगे बसों को हरी झंडी

आज से प्रदेश में प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री  नितिन गडकरी दिखाएंगे बसों को हरी झंडी संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने लिया तैयारियों का जायजा मंच, बैठक, ट्रैफिक एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश भोपाल      भोपाल में 25 सितंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी बीएचईएल दशहरा मैदान से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत नई सार्वजनिक यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।     राजधानी भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में 25 सितंबर को आयोजित होने जा रहे ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का गुरूवार को संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने निरीक्षण कर जायजा लिया। अधिकारियों ने संपूर्ण कार्यक्रम परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, सीटिंग प्लान और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप समय-सीमा में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के निर्देश दिए। मंच, बैठक और यातायात व्यवस्था रहे सुचारू     स्थल निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री शर्मा एवं कलेक्टर श्री मिश्रा ने कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों एवं आमजनों के बैठने के लिए सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, शौचालय चलित प्रसाधन, पार्किंग एवं ट्रैफिक प्रबंधन को उत्कृष्ट करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि बीएचईएल दशहरा मैदान की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर ट्रैफिक का सुचारू संचालन रहे, जिससे आम नागरिकों एवं आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।     ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत शुरू होने वाली नई बसों का संचालन आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। सड़कों पर दौड़ने वाली इन बसों की कमान एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित चालकों के हाथों में होगी। ड्राइवरों को सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बसों की उन्नत तकनीक, सुचारू संचालन और सुरक्षा मानकों से भली-भांति परिचित कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। पैनिक बटन और जीपीएस तकनीक से मिलेगी लाइव लोकेशन     यात्रियों—विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों—की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी सार्वजनिक बसों में पैनिक बटन और जीपीएस (GPS) प्रणाली स्थापित की गई है। जीपीएस के माध्यम से कंट्रोल रूम द्वारा बसों की लाइव लोकेशन पर सतत् निगरानी रखी जाएगी, वहीं किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन यात्रियों की त्वरित सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य, ट्रेनिंग सेंटरों का होगा विस्तार     राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन का व्यापक विस्तार करते हुए वर्ष 2031 तक प्रदेश में बसों की संख्या 15 हजार तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 2,500 से 3,000 नई बसें बेड़े में जोड़ी जाएंगी। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए चालकों को प्रशिक्षण देने हेतु इंदौर और छिंदवाड़ा में 'इन्स्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर' (IDTR) क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन एवं ग्वालियर में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर तथा जिला स्तर पर 22 नए ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर जल्द ही स्थापित किए जाएंगे।  

अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन

राम-रामायण, लोकधारा और गंगा के रंगों से सजेगा यूपी, तीन प्रमुख कला शिविरों में जुटेंगे देशभर के कलाकार अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां काशी की गंगा बनेगी कलाकारों की प्रेरणा, ‘काशी फ्लो’ में कला के जरिए दिखेगी जीवंत विरासत लखनऊ,  योगी सरकार उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और जीवंत परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने की विशेष तैयारी कर रही है। इसके लिए अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन प्रमुख कला कार्यशालाओं और शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लोक एवं पारंपरिक चित्रकला तथा काशी व गंगा की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ललित कला अकादमी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से होने वाले इन आयोजनों में वरिष्ठ कलाकारों के साथ युवा कलाकारों और कला विद्यार्थियों को भी सीखने/संवाद करने का अवसर मिलेगा। अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी/गुप्तार घाट पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला होगी, जिसमें 25 कलाकारों और 10 विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। कार्यक्रम के माध्यम से राम, रामायण और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे कलाकारों और विशेषज्ञों के साथ नई पीढ़ी भी अयोध्या की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा को समझ सके। लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से ‘लोकधारा’ लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश की लोक और पारंपरिक कला को जीवंत मंच देना है, जहां प्रसिद्ध कलाकार, युवा विद्यार्थी और कला प्रेमी साथ आकर पारंपरिक कलाओं को समझें, उनका अभ्यास करें और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम करें। शिविर में पद्मसम्मानित कलाकारों, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकारों और पारंपरिक कला के वरिष्ठ कलाकारों के साथ करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधकों की भागीदारी होगी। लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी इसमें शामिल होंगे।  ‘लोकधारा’ में लाइव कला निर्माण और प्रदर्शन, वरिष्ठ कलाकारों के साथ सीधा संवाद, तकनीक सीखने, अभ्यास और मार्गदर्शन पर विशेष जोर रहेगा। प्रस्तावित प्रतिभागियों में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी विभिन्न लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों से जुड़े कलाकार शामिल हैं। पद्मदुर्गाबाई, पद्मभूरीबाई, पद्मशिवम पासवान, पद्मपरेश रावुआ, पद्ममहावीर स्वामी व पद्मश्याम शर्मा जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों के कलाकारों और उत्तर प्रदेश के युवा कलाकारों की भागीदारी होगी। इस शिविर का फोकस परंपरा को केवल प्रदर्शित करने के बजाय उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समकालीन संदर्भ में उसकी प्रासंगिकता समझाने पर रहेगा। पांच दिवसीय ‘लोकधारा’ में 18 नवंबर को उद्घाटन और स्टूडियो की शुरुआत के साथ कलाकारों का परिचय और कला निर्माण शुरू होगा। 19 नवंबर को वरिष्ठ कलाकारों का लाइव प्रदर्शन और तकनीकी संवाद, 20 नवंबर को मास्टरक्लास, रचनात्मक अभ्यास और मार्गदर्शन, 21 नवंबर को पारंपरिक तकनीकों पर प्रदर्शन, सवाल-जवाब और व्यावहारिक सीख का आयोजन होगा। 22 नवंबर को अंतिम कला प्रदर्शन, प्रदर्शनी की झलक और समापन होगा। इस आयोजन के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ, गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज, टेक्नो इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज और वामसी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एंड डिजाइन समेत कई संस्थानों का सहयोग होगा।  वाराणसी में गंगा तट पर दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी होगी, जिसे गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, गंगा, काशी और यहां की जीवंत परंपराओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त और दस्तावेज तैयार करना है। आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों की भागीदारी होगी, जिनमें वाराणसी, वृंदावन, देहरादून, मथुरा, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, ओडिशा, लखीमपुर, सिरसा, मऊ, मेरठ और अन्य स्थानों के कलाकार शामिल हैं।  ‘काशी फ्लो’ के जरिए देश और विदेश के कलाकारों को उत्तर प्रदेश की विरासत, उसके संरक्षण और सांस्कृतिक समृद्धि को कला की भाषा में समझने और प्रस्तुत करने का अवसर देने की परिकल्पना की गई है। आयोजन में कला, आध्यात्मिकता, विरासत, लोगों और गंगा के बीच संबंध को केंद्र में रखा जाएगा। इसके जरिए अयोध्या के राम मंदिर और राम परंपरा, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज की कुंभ परंपरा जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ी विरासत को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का प्रयास होगा। कार्यक्रम को भविष्य के लिए रचनात्मक संवाद और जीवंत विरासत के संरक्षण का मंच बनाने की परिकल्पना है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि इस विरासत को संग्रहालयों और अभिलेखों तक सीमित रखने के बजाय उसे कलाकारों, विद्यार्थियों और आम लोगों के जीवन से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया अयोध्या में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लखनऊ में लोक एवं पारंपरिक कलाओं और वाराणसी में गंगा तथा काशी की आध्यात्मिक विरासत को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाले ये कला शिविर इसी सोच का हिस्सा हैं। हमारा लक्ष्य वरिष्ठ और प्रसिद्ध कलाकारों के अनुभव को युवा प्रतिभाओं तक पहुंचाना, पारंपरिक कला विधाओं को समकालीन संदर्भ में आगे बढ़ाना और उत्तर प्रदेश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने नई रचनात्मक भाषा में प्रस्तुत करना है।  अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग) अमृत अभिजात ने बताया कि इन तीनों आयोजनों का व्यापक उद्देश्य परंपरा, रचनात्मकता और नई पीढ़ी के बीच निरंतर संवाद तैयार करना है। ‘लोकधारा’ से जहां पारंपरिक कला में नए कलाकारों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, वरिष्ठ कलाकारों से सीधा सीखने और नई कलाकृतियां तैयार करने का अवसर मिलेगा, वहीं कला तकनीकों और प्रक्रियाओं का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। कलाकारों, शिक्षण संस्थानों और समुदाय के बीच मजबूत सहयोग विकसित करने के साथ इसे भविष्य में वार्षिक आयोजन के रूप … Read more

राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्यमंत्री ने कहा – सेवा, अनुशासन और नेतृत्व के संस्कार देकर जिम्मेदार नागरिक तैयार कर रही राष्ट्रीय सेवा योजना सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं एनएसएस स्वयंसेवक : स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नशामुक्ति के लिए समाज को करें प्रेरित युवाओं के लिए शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, स्टार्टअप, एआई और खेल के क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवसर मुख्यमंत्री एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को दिया जाएगा एआई प्रशिक्षण, मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए का प्रावधान वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 हजार स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य, युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें : मुख्यमंत्री साय नई औद्योगिक विकास नीति में स्थानीय युवाओं के रोजगार को प्राथमिकता, डेढ़ वर्षों में मिले 8.25 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्रदेश में तैयार हो रहे नालंदा परिसर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को मिलेगा बेहतर वातावरण मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले एनएसएस स्वयंसेवकों को किया सम्मानित रायपुर  युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार की क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना आज देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुकी है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा केवल गतिविधियों में भाग नहीं लेता, बल्कि समाज और अपने आसपास की परिस्थितियों को अधिक संवेदनशीलता से समझना सीखता है। लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ कार्य करना और समाधान के लिए स्वयं आगे आना – ये ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा के किसी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए। कई बार एक युवा द्वारा किया गया छोटा-सा प्रयास भी पूरे समाज को प्रेरित कर सकता है। किसी गांव में स्वच्छता के लिए पहल करना, जरूरतमंद के लिए रक्तदान करना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अथवा किसी व्यक्ति को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना – ऐसे प्रयास समाज में बड़े परिवर्तन की नींव बनते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में और अधिक सक्रिय भागीदार बनाने के उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसा व्यापक मंच तैयार किया गया है। इसके माध्यम से युवाओं को नेतृत्व, कौशल विकास और अनुभव आधारित सीख के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का उल्लेख करते हुए कहा कि वे स्वयं अपने विद्यार्थी जीवन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक रहे हैं। यह इस बात का उदाहरण है कि एनएसएस से मिले सेवा और नेतृत्व के संस्कार जीवन में कितनी दूर तक साथ चलते हैं। सेवा संकल्प अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं युवा मुख्यमंत्री साय ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है – सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोड़ना। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उनके जन्मदिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। एनएसएस के युवा स्वच्छता, रक्तदान, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, नशामुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपने महाविद्यालय और विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ गांवों, बस्तियों और शहरों में भी लोगों को इन अभियानों से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में समाज को प्रेरित करने की अपार क्षमता है। जब युवा किसी अच्छे उद्देश्य के लिए आगे आते हैं तो उनके साथ परिवार, समाज और समुदाय भी जुड़ता है। इसलिए एनएसएस स्वयंसेवकों की एक छोटी पहल भी व्यापक और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बन सकती है। युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य यहां के युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का लगातार विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के मन में भर्ती परीक्षाओं के प्रति भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता रही है। तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि मेहनत और प्रतिभा के आधार पर योग्य युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में लगभग 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। बिजली कंपनियों में भी 1 हजार 235 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, जिससे इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा सहित अलग-अलग योग्यताओं वाले युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में 430 लैब अटेंडेंट को नियुक्ति … Read more

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने खर्राघाट में किया श्रमदान, ₹29.99 करोड़ के कार्यों की शुरुआत

सेवा संकल्प अभियान : खर्राघाट में 29.99 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने स्वच्छता अभियान में किया श्रमदान, केलो नदी में डुबकी लगाकर किया नमन केलो तट के स्थायी विकास की बड़ी पहल, 8.50 एकड़ में बनेगा ऑक्सीजोन शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प, पाथवे, घाट, हरित क्षेत्र और स्वास्थ्य सुविधाएं होंगी विकसित रायपुर,   सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ पहल के तहत रायगढ़ में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और शहरी अधोसंरचना विकास को एक साथ जोड़ते हुए केलो नदी तट के स्थायी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने गुरुवार को खर्राघाट में 29.99 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों के साथ स्वच्छता अभियान में स्वयं श्रमदान कर जनभागीदारी का संदेश दिया। परियोजना के तहत शनि मंदिर से खर्राघाट तक करीब 2 किलोमीटर क्षेत्र का विकास करने के साथ खर्राघाट में लगभग 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित किया जाएगा। सेवा मेरा योगदान के तहत खर्राघाट और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता अभियान चलाया गया। वित्त मंत्री चौधरी ने स्वयं श्रमदान करते हुए कहा कि स्वच्छता किसी एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की निरंतर जिम्मेदारी है। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने नागरिकों से केलो नदी, घाटों और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया। इस दौरान वित्त मंत्री चौधरी ने केलो नदी में डुबकी लगाकर नदी को नमन किया। उन्होंने कहा कि केलो नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि रायगढ़ की पहचान, आस्था और संस्कृति से जुड़ी हुई है। इसी भावना के साथ नदी और इसके तटों को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए स्थायी विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है। खर्राघाट बनेगा हरियाली, स्वास्थ्य और मनोरंजन का नया केंद्र वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि खर्राघाट का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा। इसे ऐसा सुव्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र बनाया जाएगा, जहां नागरिकों को प्रकृति के बीच बेहतर वातावरण के साथ स्वास्थ्य और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं भी मिल सकें। यहां ऑक्सीजोन, सुव्यवस्थित घाट, पैदल पथ, व्यायाम की सुविधाएं तथा मॉर्निंग और नाइट वॉक के लिए बेहतर स्थान विकसित किए जाएंगे। परिवारों के साथ समय बिताने के लिए भी सुविधाजनक सार्वजनिक क्षेत्र तैयार होगा। उन्होंने बताया कि खर्राघाट से शनि मंदिर की दिशा में आगे मरीन ड्राइव विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे आने वाले समय में केलो नदी तट का सुव्यवस्थित और चरणबद्ध विकास हो सकेगा। शनि मंदिर से खर्राघाट तक 2 किलोमीटर क्षेत्र का होगा कायाकल्प परियोजना के अंतर्गत शनि मंदिर से खर्राघाट पुल तक करीब 2 किलोमीटर सड़क का सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सड़क के साथ नाली निर्माण, पैदल पथ और नदी तट का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। पचरी घाट का नवीनीकरण एवं सुधार होगा तथा घाट को पाथवे से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग विकसित किया जाएगा। शनि मंदिर के पास तिराहे का चौड़ीकरण कर यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा। खर्राघाट में करीब 8.50 एकड़ क्षेत्र में ऑक्सीजोन विकसित होगा। यहां सघन पौधरोपण के साथ पार्किंग, पाथवे, घाट तथा व्यायाम और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। ऑक्सीजोन और घाट के बीच सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा पुल के नीचे अंडरपास यानी बॉक्स कल्वर्ट भी बनाया जाएगा। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र के विस्तार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में गार्डन और ऑक्सीजोन विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आने वाले पांच वर्षों में रायगढ़ में 10 से अधिक ऑक्सीजोन विकसित करने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि खर्राघाट का ऑक्सीजोन इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। 29.99 करोड़ की स्वीकृति, दो वर्ष में पूरा होगा कार्य परियोजना के लिए सीएसआर मद से 29.99 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है। कार्य की अनुबंधित राशि 26.39 करोड़ रुपये है। इसका कार्यादेश 24 जून 2026 को जारी किया गया है और कार्य को दो वर्ष की अवधि में पूरा किया जाना है। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि प्रयास होगा कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा कर नागरिकों को समर्पित किया जाए। लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वच्छता और विकास को जनभागीदारी से जोड़ा जा रहा है। खर्राघाट में श्रमदान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत इसका उदाहरण है। केलो नदी और इसके घाट रायगढ़ की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनके विकास से शहरवासियों को बेहतर सार्वजनिक स्थान और सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने रायगढ़ में हरित क्षेत्र बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के बीच पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ऑक्सीजोन और अन्य हरित क्षेत्रों के विकास से नागरिकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा। नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि खर्राघाट रायगढ़ के प्रमुख नदी तटों में शामिल है। यहां स्वच्छता अभियान के साथ स्थायी विकास कार्यों की शुरुआत शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। परियोजना पूरी होने पर नागरिकों को बेहतर घाट, हरित क्षेत्र, पैदल भ्रमण तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए नई सुविधाएं मिलेंगी। ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी का किया अवलोकन कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘लोकल फॉर वोकल’ प्रदर्शनी भी लगाई गई। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों और गतिविधियों की जानकारी ली तथा विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर सभापति डिग्रीलाल साहू, सुभाष पाण्डेय, मनीष कंकरवाल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

‘तुष्टीकरण के चलते अखिलेश नहीं देते ‘बाबू जी’ को श्रद्धांजलि’: संदीप सिंह

‘सत्ता में रहते नहीं की लोधी समाज की चिंता, आज वोट के लिए पी रहे हैं चाय’: अखिलेश पर बरसे मंत्री संदीप सिंह ‘तुष्टीकरण के चलते अखिलेश नहीं देते ‘बाबू जी’ को श्रद्धांजलि’: संदीप सिंह ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का पलटवार, लोधी समाज और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश को घेरा लखनऊ,   समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथ यात्रा को लेकर योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने यूपी की सड़कों, लोधी समाज के प्रति अखिलेश यादव का झुकाव और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा प्रमुख पर कई सवाल उठाए। मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जिन सड़कों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, उन्हीं सड़कों से उनके आलीशान रथ की यात्रा हो रही है और ये सड़कें भाजपा सरकार ने बनवाई हैं। ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वो BJP सरकार ने बनाई है’ संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अक्सर सवाल उठाते रहे कि यूपी की सड़कों की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। लेकिन जिस सड़क से अखिलेश यादव अपने आलीशान रथ से जाएंगे, वो सड़कें यूपी की भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई है और पूरी तरह से गड्ढामुक्त हैं।” बता दें कि अखिलेश यादव अपनी PDA रथ यात्रा रायबरेली से शुरू कर रहे हैं। इस दौरान वो सपा विधायक राहुल लोधी के घर चाय पीने जाएंगे। इसे सपा द्वारा लोधी समाज को अपने पक्ष में जोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है। जिसको लेकर मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने आज लोधी समाज के व्यक्ति के यहां जाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से बताता है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव वोट लेने के लिए पिछड़े वर्ग को, लोधी समाज को खासकर चुनाव के समय साधने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव के वक्त अखिलेश यादव और उनके लोग लोधी समाज को लुभाने का प्रयास करते हैं।” ‘'बाबू जी'’ के निधन पर अखिलेश यादव श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे’ मंत्री संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि आज अखिलेश यादव को लोधी समाज की चिंता है लेकिन हमारे बाबू जी(पूर्व सीएम कल्याण सिंह) का जब देहांत हुआ तो अखिलेश यादव बाबू जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हुए थे । उन्होंने बाबू जी की पुण्यतिथि पर भी उन्हें कभी याद नहीं किया।” संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए, तुष्टीकरण की राजनीति करने के लिए बाबू जी को श्रद्धांजलि तक नहीं देते। ऐसा करते तो शायद उनका वोट बैंक नाराज हो जाता। लेकिन आज सिर्फ एक कप चाय पीकर वो लोधी समाज को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।” मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जब अखिलेश यादव सत्ता में होते हैं तब उन्हें लोधी समाज की चिंता नहीं होती। तब इन्हें लोधी समाज याद नहीं आता। उन्होंने कहा कि लोधी समाज हमेशा भाजपा से जुड़ा रहा है। सपा के झांसे में नहीं आने वाला। ‘चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आती है’ संदीप सिंह ने कहा, “आज फिर से चुनाव नजदीक है तो विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आ रही है। दशकों तक सपा-कांग्रेस ने यही किया है। पूरे प्रदेश में जाति का जहर घोला है।” उन्होंने आरोप लगाया, “अखिलेश यादव ने अपने बड़बोले नेताओं से महिलाओं को, दलितों को, पिछड़े वर्ग के नेताओं को, महापुरुषों को गाली दिलवाने का काम किया है। उनके साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि वे समय-समय पर पीसी के जरिए समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।” संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि पिछड़ों को अधिकार दिलाने की बात जब आती है तो अखिलेश यादव उस समय कहीं और नजर आते हैं। सत्ता में रहते अखिलेश यादव पिछड़े वर्ग के साथ नहीं खड़े होते। अपराध के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा संदीप सिंह ने कहा, “आज देश की जनता जागरूक है, जातिवाद के जहर से खुद को मुक्त करना चाहती है तो अखिलेश यादव फिर से लोगों को भ्रमित करने निकले हैं।” यूपी में अपराध को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर भी संदीप सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सपा प्रमुख के मुताबिक यूपी में अपराध चरम सीमा पर पहुंच गया है। लेकिन 2017 से पहले यूपी के हालात को भूल गए हैं। आज यूपी में सबसे ज्यादा अपराध कौन कर रहा है इसे वे खुद देख लें।” उन्होंने कहा, “आज अपराधी अपने असली ठिकाने पर पहुंचाए जा रहे हैं। आज अपराधियों पर एक्शन होता है तो अखिलेश यादव उसे शहीद बता देते हैं। योगी सरकार में कोई भी अपराधी सुरक्षित नहीं है। उसे उनके ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है।”

यूपी की जेलों में घटा ओवरक्राउडिंग का दबाव, नई जेलों और क्षमता विस्तार का असर

योगी सरकार ने नई जेलों के निर्माण और क्षमता विस्तार से ओवरक्राउडिंग पर लगाया ब्रेक    – 2017 के मुकाबले 2026 में बंदी क्षमता बढ़ी, ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 पर पहुंची  – प्रदेश को मिलेंगी छह और नई जिला जेलें, कानपुर नगर, मुरादाबाद, शाहजहांपुर समेत छह जिलों में 7,732 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता होगी विकसित   – निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं को मिली रफ्तार, अमेठी और महोबा की जेलें अंतिम चरण में, हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर व हापुड़ में तेजी से चल रहा निर्माण कार्य  – संभल, शामली और बलिया में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज, नई जेलों की स्थापना के लिए कई जिलों में भूमि क्रय और पंजीकरण की कार्रवाई प्रगति पर  लखनऊ,  योगी सरकार प्रदेश की जेल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और मानवीय बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बढ़ती बंदी संख्या और जेलों में ओवरक्राउडिंग की समस्या को दूर करने के लिए योगी सरकार ने एक ओर नई जेलों के निर्माण को गति दी है, जिससे जेलों में ओवरक्राउडिंग दर में कमी दर्ज की गई।  पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 हुई वर्तमान में प्रदेश में कुल 77 कारागार संचालित हैं, जिनमें 7 केंद्रीय कारागार, 2 महिला केंद्रीय कारागार, 64 जिला कारागार, 1 विशेष कारागार, 2 उप कारागार तथा 1 किशोर सदन शामिल है। योगी सरकार के पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेल अवसंरचना के विस्तार का ही परिणाम है कि प्रदेश की जेल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में प्रदेश की 70 जेलों की कुल बंदी क्षमता 58,400 थी, जबकि वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 77,673 हो गई है। इस अवधि में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर भी काफी कम हुई है। वर्ष 2017 में जहां ओवरक्राउडिंग दर 1.77 थी, वह वर्ष 2026 में घटकर 1.03 रह गई है। यह कमी योगी सरकार द्वारा जेलों के विस्तार, नई जेलों के निर्माण और अतिरिक्त क्षमता सृजन के लिए किए गए प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। योगी सरकार ने वर्ष 2017 के बाद से अब तक सात नई जेलों का संचालन शुरू किया है। इनमें चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा केंद्रीय कारागार, प्रयागराज, श्रावस्ती तथा पुरानी जिला कारागार बरेली शामिल हैं। इन नई जेलों से कुल 10,495 बंदियों की अतिरिक्त क्षमता विकसित हुई है, जिससे विभिन्न जनपदों की जेलों पर दबाव कम हुआ है। योगी सरकार बनाने जा रही 6 और नई जेल योगी सरकार छह नई जिला जेलों के निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इनमें कानपुर नगर (2030 क्षमता), औरैया (1056), शाहजहांपुर (1520), ज्ञानपुर-भदोही (574), मुरादाबाद (2000) तथा ललितपुर (552) शामिल हैं। इन छह नई जेलों के निर्माण से प्रदेश में 7,732 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता उपलब्ध होगी। इन परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अलावा प्रदेश में नई निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। अमेठी और महोबा में बन रही नई जिला जेलों का निर्माण लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अमेठी जेल का कार्य 98 प्रतिशत से अधिक तथा महोबा जेल का कार्य 93 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। इनके अतिरिक्त हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में भी नई जेलों का निर्माण तेजी से जारी है। इन छह निर्माणाधीन जेलों की कुल क्षमता 6,156 बंदियों की होगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिकांश परियोजनाएं वर्ष 2026 तक पूर्ण कर ली जाएं। संभल, बलिया और शामली में जेल के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज जेल अवसंरचना के विस्तार के साथ-साथ सरकार उन जिलों में भी नई जेलों की स्थापना की तैयारी कर रही है, जहां भूमि क्रय एवं पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। संभल, शामली, बलिया, सहारनपुर, अमरोहा और चंदौली में प्रस्तावित जेलों के लिए भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण की कार्रवाई प्रगति पर है। इनमें से कई परियोजनाओं के लिए शासन स्तर पर करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मालूम हो कि जेलों में अत्यधिक भीड़ सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को प्रभावित करती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने जेलों की क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता दी है। नई जेलों के निर्माण से न केवल बंदियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जेल प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था और सुधारात्मक कार्यक्रमों के संचालन में सुविधा होगी। योगी सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक बंदी को निर्धारित मानकों के अनुरूप रहने की सुविधा मिले तथा जेलों में भीड़भाड़ के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को न्यूनतम किया जा सके। इसके लिए नई जेलों का निर्माण, पुराने कारागारों का उन्नयन, अतिरिक्त बैरकों का निर्माण और आधुनिक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

उपाम के आईएएस-पीसीएस अधिकारियों ने लिया मॉक इंटरव्यू, परखी अभ्यर्थियों की तैयारी

यूपीपीएससी-2025 मेंस के सफल अभ्यर्थियों को इंटरव्यू की तैयारी का मॉक मंच, योगी सरकार ने बढ़ाया आत्मविश्वास उपाम के आईएएस-पीसीएस अधिकारियों ने लिया मॉक इंटरव्यू, परखी अभ्यर्थियों की तैयारी विशेषज्ञों ने बताईं इंटरव्यू की बारीकियां, व्यक्तित्व प्रस्तुति और आत्मविश्वास पर दिया जोर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना समेत प्रशिक्षण केंद्रों के अभ्यर्थियों को मिल रहा नि:शुल्क अवसर लखनऊ,   उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की यूपीपीसीएस- 2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को अब इंटरव्यू की चुनौती के लिए तैयार करने पर योगी सरकार का विशेष फोकस है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग की ओर से गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में विशेष नि:शुल्क मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपाम (उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी) से जुड़े आईएएस-पीसीएस अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों का मॉक इंटरव्यू लेकर उनकी तैयारियों को परखा। मॉक इंटरव्यू के दौरान विशेषज्ञों ने अभ्यर्थियों से विभिन्न विषयों पर सवाल पूछकर उनकी विषयगत समझ, जवाब देने की क्षमता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व प्रस्तुति का आकलन किया। अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार के माहौल का अनुभव देने के साथ ही इंटरव्यू की बारीकियों से भी अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने उन्हें सवालों का जवाब देते समय संतुलित और स्पष्ट दृष्टिकोण रखने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा अपने व्यक्तित्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के सुझाव दिए। कमियों को पहचानने और सुधारने का मिला अवसर मॉक इंटरव्यू का उद्देश्य केवल सवाल-जवाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अभ्यर्थियों को उनकी तैयारी की वास्तविक स्थिति से परिचित कराना भी रहा। विशेषज्ञों ने बातचीत के दौरान अभ्यर्थियों की कमजोरियों और सुधार की संभावनाओं पर मार्गदर्शन दिया। इससे अभ्यर्थियों को आगामी वास्तविक इंटरव्यू से पहले अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने का अवसर मिला। सभी वर्गों के सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला रहा अवसर समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि नि:शुल्क मॉक इंटरव्यू में विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों और योजनाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को अवसर दिया गया। इसमें छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन और परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों के साथ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अभ्यर्थियों ने भी हिस्सा लिया। इसके अलावा यूपीपीसीएस- 2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थी मॉक इंटरव्यू में शामिल हुए।

‘सपा पूरी तरह डिरेल हो चुकी है, अब दाल गलने वाली नहीं’: अखिलेश पर बरसे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक

अखिलेश यादव कुछ भी कर लें, सफल नहीं होंगे- ब्रजेश पाठक ‘सपा पूरी तरह डिरेल हो चुकी है, अब दाल गलने वाली नहीं’: अखिलेश पर बरसे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ‘सपा गुंडे-माफियाओं को पालने-पोषने वाली पार्टी, स्वार्थ के लिए चाहिए सत्ता’: ब्रजेश पाठक लखनऊ,   उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कितनी भी कोशिश कर लें, वह सफल नहीं होंगे। पाठक ने सपा को लेकर कहा कि पार्टी पूरी तरह डिरेल हो चुकी है और उत्तर प्रदेश की जनता उसके राजनीतिक तौर-तरीकों को समझती है।   ‘अखिलेश यादव कितनी भी कोशिश कर लें, सफल नहीं होंगे’ ब्रजेश पाठक ने कहा कि यूपी की जनता जानती है कि ये लोग गुंडे, बदमाश और माफियाओं को पालने-पोषने वाले लोग हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा को सत्ता केवल अपने स्वार्थ के लिए चाहिए। ‘अब सपा की दाल गलने वाली नहीं है’ डिप्टी सीएम ने प्रदेश में भाजपा सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा, “आज यूपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकास की राह पर चल रहा है। उत्तर प्रदेश विकसित प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है। अब सपा की दाल गलने वाली नहीं है।” सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप ब्रजेश पाठक ने सपा पर जाति और धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के लोग जाति-धर्म के नाम पर मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति करते रहे हैं, जबकि भाजपा सर्वसमाज की बात करती है। उन्होंने कहा कि भाजपा “सबका साथ, सबका विकास, सबके विश्वास” के आधार पर जन-जन को जोड़ती है।

अखिलेश यादव को M से केवल एक वर्ग दिखता है, मल्लाह नहीं दिखता: संजय निषाद

अखिलेश मल्लाह समाज के बेटे को विधान परिषद का नेता बनाते तो वह निषाद समाज की आवाज उठाता: मंत्री संजय निषाद अखिलेश यादव को M से केवल एक वर्ग दिखता है, मल्लाह नहीं दिखता: संजय निषाद समाजवादी पार्टी के मंच से धकिया दिए जाते हैं पिछड़ा समाज के नेता: अखिलेश पर बरसे संजय निषाद सपा को सहयोगी के रूप में केवल दल दिखते हैं, लेकिन उनके दिल में जगह नहीं: संजय निषाद  लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने सपा प्रमख अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर तीखा निशाना साधा है। संजय निषाद ने कहा है कि सपा का पीडीए फॉर्मूला एक ढकोसला है। सपा अपने परंपरागत मुस्लिम-यादव (M-Y) समीकरण में से केवल M को फायदा पहुंचा रही है। दरअसल एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी ने विधान परिषद में अपना नेता मोहम्मद जासमीर अंसारी को बनाया है। निषाद ने सपा पर पिछड़ा समाज के अपमान का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा के मंच से निषाद समाज और राजभर समाज के नेता धकिया दिए जाते हैं। किसी अन्य जाति के नेताओं का फोटो, पोस्टर और विजन नहीं दिखता है। महाभारत में अर्जुन के रथ में सभी घोड़ों को बराबर जगह दी गई थी, तब ही जाकर अर्जुन को जीत मिल पाई थी। अखिलेश यादव को तो केवल M दिखाई देते हैं, मल्लाह नहीं दिखाई देते हैं। अगर मल्लाह के बेटे को विधान परिषद का नेता बनाया होता तो वह निषाद समाज के लोगों की आवाज उठाता।  ‘जो पीड़ित है, वही पीडीए है’ फॉर्मूले पर भड़के संजय   अखिलेश यादव ने नारा दिया है कि जो पीड़ित है, वही पीडीए है। इस पर संजय निषाद ने कहा कि पीड़ित, दुखी, अपमानित सभी लोग एनडीए के साथ हैं। समाजवादी पार्टी केवल पीडीए समाज को ठगना चाहती है। निषाद ने कहा कि 07 जून 2015 को रेल आंदोलन हुआ था उसमें निषादों पर गोली सपा सरकार ने चलवाई थी। रेलवे की भूमि केंद्र सरकार से संबंधित थी, उसमें राज्य सरकार को गोली चलवानी ही नहीं चाहिए थी। लेकिन निषादों पर गोली चली, मेरा भाई मारा गया। निषादों पर बहुत अत्याचार हुआ।  निषाद-कश्यप एकता मंच का किया जिक्र संजय निषाद ने कहा कि मनोहर लाल निषाद और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने निषाद-कश्यप एकता मंच बनाया था। मनोहर जी के बेटे राम कुमार जी हैं। कहां हैं, कोई पता ही नहीं चलता है। कहीं नेपथ्य में चले गए। सपा को केवल दल दिखते हैं लेकिन उनके दिल में जगह नहीं है। समाजवादी पार्टी में पिछड़ा समाज केवल दरी बिछाने के लिए है।