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राज्योत्सव 2025: एयर शो से लेकर डिजिटल संग्रहालय तक, PM मोदी देंगे बच्चों से मुलाकात और आवास की सौगात

रायपुर  छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर को 25वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा. वहीं इस बार राज्योत्सव को 3 दिन से बढ़ाकर 5 दिन तक मनाया जाएगा. 1 से 5 नवंबर तक नवा रायपुर में भव्य आयोजन होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे, जबकि उपराष्ट्रपति समापन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे. 1 से 5 नवंबर तक नवा रायपुर में भव्य आयोजन होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे, जबकि उपराष्ट्रपति समापन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। पीएम 31 अक्टूबर की शाम को रायपुर पहुंचेंगे। इसके साथ प्रदेश में पहली बार भारतीय वायुसेना की टीम एयर शो करेगी। देश के पहले आदिवासी डिजिटल संग्रहालय का होगा उद्घाटन भी किया जाएगा। राज्योत्सव में वायुसेना की सूर्यकिरण टीम करेगी एयरशो वहीं राज्योत्सव के मौके पर पहली बार छत्तीसगढ़ में पहली बार भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम शानदार एयर शो पेश करेगी. यह प्रदर्शन 5 नवंबर की सुबह सेन्ध तालाब के ऊपर होगा. करीब 40 मिनट तक चलने वाले इस शो में 9 फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट आसमान में एक साथ फॉर्मेशन फ्लाइंग और एयरोबेटिक स्टंट्स का रोमांचक प्रदर्शन करेंगे, जो राज्योत्सव के 25वें वर्ष को खास बना देगा। आवास योजना के तहत गृह प्रवेश कराया जाएगा गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह आयोजन सिर्फ सांस्कृतिक नहीं होगा, बल्कि इस दौरान लाखों परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गृह प्रवेश भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा, “राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की आत्मा को महसूस करने और उसे नई ऊंचाई देने का अवसर बनेगा।” पहली बार राज्योत्सव में एयर-शो छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर राजधानी रायपुर में पहली बार भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम शानदार एयर शो पेश करेगी। यह प्रदर्शन 5 नवंबर की सुबह सेन्ध तालाब के ऊपर होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। करीब 40 मिनट तक चलने वाले इस शो में 9 फाइटर जेट्स और एयरक्राफ्ट आसमान में एक साथ फॉर्मेशन फ्लाइंग और एयरोबेटिक स्टंट्स का रोमांचक प्रदर्शन करेंगे, जो राज्योत्सव के 25वें वर्ष को खास बना देगा। ’25 सालों की विकास यात्रा’ थीम पर लगेगी प्रदर्शनी राज्योत्सव में ’25 सालों की विकास यात्रा’ थीम पर आधारित प्रदर्शनी लगायी जाएंगी. इसमें विभिन्न विभागों के विकास योजनाओं की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही जिला स्तरीय सांस्कृतिक कार्यकमों में स्थानीय कलाकार भी प्रस्तुति देंगे. कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा. देश का पहला आदिवासी डिजिटल संग्रहालय होगा शुरू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में बने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर तैयार यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय होगा. इसके अलावा वे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे. राज्य सरकार ने इन कार्यक्रमों को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. सुरक्षा व्यवस्था से लेकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक, हर पहलू को भव्य और जनभागीदारी से भरपूर बनाने की कोशिश हो रही है. देश के पहले आदिवासी डिजिटल संग्रहालय का होगा उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्योत्सव के अवसर पर नवा रायपुर अटल नगर में बने शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर तैयार यह देश का पहला डिजिटल संग्रहालय होगा। इसमें छत्तीसगढ़ के 16 आदिवासी विद्रोहों की झलक देखने-सुनने को मिलेगी। संग्रहालय में वीर नारायण सिंह, सोनाखान विद्रोह, भूमकाल आंदोलन जैसे प्रसंगों की डिजिटल प्रस्तुति की गई है। सरगुजा कलाकारों की नक्काशी, 1400 वर्ष पुराने साल वृक्ष की प्रतिकृति और 14 थीम आधारित गैलरियां इसकी खासियत होंगी। यह संग्रहालय आदिवासी शौर्य, बलिदान और गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रतीक बनेगा। नए विधानसभा भवन का शुभारंभ करेंगे मोदी नवा रायपुर में निर्मित छत्तीसगढ़ विधानसभा का नया भवन अब पूरी तरह तैयार है। 1 नवंबर को पीएम मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। यह भवन आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त है, जिसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा की झलक दिखाई देगी। सदन की सीलिंग में धान की बालियों की सुंदर नक्काशी की गई है। भवन को 3 सेक्टरों में विभाजित किया गया है और सभी सिविल कार्य पूर्ण हो चुके हैं। शांति शिखर का शुभारंभ, बच्चों से मिलेंगे पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवा रायपुर में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग सेंटर “एकेडमी फॉर ए पीसफुल वर्ल्ड- शांति शिखर” का शुभारंभ करेंगे। यह केंद्र विश्व शांति, आध्यात्मिकता और मानव मूल्यों के प्रसार के लिए समर्पित रहेगा। इसी दिन प्रधानमंत्री सत्य साई हॉस्पिटल में हृदय संबंधी ऑपरेशन करवा चुके बच्चों से भी मुलाकात करेंगे।वे उनके स्वास्थ्य और उपचार की जानकारी लेकर चिकित्सा टीम से भी बातचीत करेंगे। रजत जयंती वर्ष की शुरुआत, पूरे साल चलेगा उत्सव छत्तीसगढ़ को बने 24 साल पूरे हो चुके हैं और अब राज्य अपने 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। सरकार ने इसे “रजत जयंती वर्ष” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा, खानपान, लोकनृत्य और खेलों को समर्पित विभिन्न कार्यक्रम होंगे। हर महीने अलग थीम पर आयोजन किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि गांव से लेकर शहर तक, और पंचायत से लेकर राजधानी तक, हर स्तर पर लोगों को उनकी जड़ों से जोड़ा जाए। राज्योत्सव में प्रदेश के सभी जिलों से कलाकार, लोक-नर्तक, और हस्तशिल्पी शामिल होंगे। पिछली यात्रा में कई योजनाओं की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले अप्रैल 2024 में छत्तीसगढ़ आए थे। उस दौरान उन्होंने सक्ति, धमतरी और अंबिकापुर में जनसभाएं की थीं। बाद में मार्च 2025 में बिलासपुर दौरे पर कई विकास योजनाओं की शुरुआत की थी। इस बार उनके राज्योत्सव में शामिल होने से बड़े ऐलान की उम्मीद की जा रही है। जीत के बाद बीजेपी सरकार का पहला राज्योत्सव 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 90 में से 54 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी। कांग्रेस 35 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि एक सीट गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को मिली थी। भाजपा सरकार बनने के बाद यह पहला राज्योत्सव है। इसलिए पार्टी और सरकार दोनों इसे “नए छत्तीसगढ़ की शुरुआत” के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करने जा रही हैं। भव्य सजावट, लोक संस्कृति के प्रदर्शन, और विकास योजनाओं की घोषणाओं के साथ यह राज्योत्सव न केवल उत्सव का प्रतीक होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मगौरव यात्रा के 25 सालों का भी उत्सव होगा। तीन डोम … Read more

CM साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शिक्षा क्रांति, जशपुर-बस्तर में बने 4 नए कॉलेज

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ शासन ने जशपुर और बस्तर जिलों में चार नवीन शासकीय महाविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये महाविद्यालय फरसाबहार (जशपुर), करडेगा (जशपुर), नगरनार (बस्तर) और किलेपाल (बस्तर) में खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि इससे आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उनके अपने क्षेत्र में उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे। अब छात्रों को पढ़ाई के लिए अपने घरों से दूर अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने शिक्षा को प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला बताया और कहा कि सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इन चार महाविद्यालयों के लिए कुल 132 पदों (प्रति महाविद्यालय 33 पद) के सृजन की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृत पदों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, सहायक ग्रेड-1 और प्रयोगशाला कर्मी शामिल हैं। राज्य शासन ने महाविद्यालयों में कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति भी दे दी है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन महाविद्यालयों की स्थापना फरसाबहार (जिला-जशपुर), करडेगा (जिला-जशपुर), नगरनार (जिला-बस्तर) तथा किलेपाल (जिला-बस्तर) में की जाएगी।मुख्यमंत्री की इस पहल से जशपुर एवं बस्तर जैसे जनजाति बहुल एवं भौगोलिक रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब उनके इलाके में ही उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। अच्छी शिक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा की पहुंच हर इलाके में हो, इसके लिए राज्य सरकार शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बना रही है. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है और सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन व बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. इन पदों पर होगी भर्ती गौरतलब है कि इन चारों महाविद्यालयों के लिए कुल 132 पदों (प्रति महाविद्यालय 33 पद) के सृजन की स्वीकृति के साथ ही कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति भी राज्य शासन ने दे दी है. स्वीकृत पदों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, सहायक ग्रेड-1 और प्रयोगशाला कर्मी आदि शामिल हैं. दूरस्थ अंचलों की बेटियों और बेटों को अब कॉलेज की पढ़ाई के लिए अब अपने घरों से दूर अन्यत्र नही जाना पड़ेगा। उच्च शिक्षा की पहुंच हर इलाके में हो, इसके लिए राज्य सरकार शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ बना रही है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास की आधारशिला है और सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन तथा बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि इन चारों महाविद्यालयों के लिए कुल 132 पदों (प्रति महाविद्यालय 33 पद) के सृजन की स्वीकृति के साथ ही कक्षाएं प्रारंभ करने की अनुमति भी राज्य शासन ने दे दी है। स्वीकृत पदों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ाधिकारी, सहायक ग्रेड-1 एवं प्रयोगशाला कर्मी आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री साय की इस पहल से आदिवासी एवं दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय युवाओं की शिक्षा, रोजगार एवं कौशल वृद्धि के अवसर बढ़ेंगे। प्रदेश में समान और संतुलित शैक्षणिक विकास को गति मिलेगी। इस पहल से न केवल आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रदेश में समान और संतुलित शैक्षणिक विकास को इस कदम से नई गति मिलने की उम्मीद है। 

मिशन बिहार: पीएम मोदी और अमित शाह एक साथ 24 अक्टूबर को मैदान में, अलग-अलग जिलों से भरेंगे हुंकार

पटना बिहार चुनाव को लेकर एनडीए ने चुनावी अभियान का बिगुल फूंक दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 अक्टूबर को समस्तीपुर और बेगूसराय में चुनावी रैली करेंगे, तो वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी उसी दिन सीवान और बक्सर में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। 5 दिनों के अंतराल में एक बार फिर शाह बिहार के दौरे पर आ रहे हैं। अमित शाह की 24 अक्तूबर को बिहार में दो सभाएं होंगी। इससे पहले उन्होने छपरा के तरैया में चुनावी रैली की थी। इसी महीने 16 से 18 अक्टूबर तक शाह बिहार दौरे पर रहे थे। वहीं बिहार चुनाव के ऐलान के बाद पहली बार पीएम मोदी 24 अक्टूबर से मिशन बिहार पर आएंगे। जिसकी शुरुआत कर्पूरी ठाकुर की धरती से करेंगे। 24 अक्टूबर को समस्तीपुर और बेगूसराय में चुनावी रैली में लोगों को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 30 अक्टूबर को दूसरा बिहार दौरा प्रस्तावित है। इस दिन पीएम मुजफ्फरपुर और छपरा में जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री का प्रस्तावित बिहार दौरा 24 अक्टूबर को है। बिहार में वह दो जगहों पर जनसभाओं को संबोधित करेंगे। उनका चुनाव अभियान 24 अक्टूबर को समस्तीपुर से शुरू होगा। वहां से वह बेगूसराय जाएंगे और वहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे। उनका दूसरा प्रस्तावित दौरा 29 अक्टूबर को है, जिसकी सूचना बाद में दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चूंकि सुरक्षा का मामला है, इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि छठ मनाने वाले आम लोगों को कोई परेशानी न हो, उनका छठ पर ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं है। वह आना चाहते थे, लेकिन छठ मनाने वाले आम लोगों को असुविधा होती। इसलिए ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं है। लेकिन 24 अक्टूबर को बिहार में चुनावी समर अपने चरम पर होगा। जब पीएम मोदी और अमित शाह एक साथ, एक दिन बिहार के अलग-अलग जिलों में चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। वहीं कल (23 अक्टूबर) को पटना में महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस है। जिसके बाद गठबंधन के सहयोगी दल चुनार प्रचार करेंगे। पीएम मोदी की रैली का ऐलान चुनावी अभियान की शुरुआत समस्तीपुर से होगी, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्पूरी ग्राम जाकर समाजवादी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के घर पहुंचेंगे। वहां वह कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देंगे। इसी कार्यक्रम से प्रधानमंत्री अपने बिहार दौरे और चुनावी रैलियों की औपचारिक शुरुआत करेंगे। पीएम मोदी की बिहार चुनाव के लिए रैली प्रधानमंत्री के दौरे का यह आगाज बेहद प्रतीकात्मक माना जा रहा है, क्योंकि कर्पूरी ठाकुर को बिहार की राजनीति का बड़ा चेहरा और सामाजिक न्याय का प्रतीक माना जाता है। कर्पूरी ग्राम से शुरुआत करके पीएम मोदी एक बार फिर 'सबका साथ, सबका विकास' के संदेश के साथ बिहार में एनडीए की ताकत को और मजबूत करने की कोशिश करेंगे। जानिए पीएम मोदी की रैली का शेड्यूल जानकारी के मुताबिक, 24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समस्तीपुर और बेगूसराय में दो बड़ी चुनावी सभाएं करेंगे। इसके बाद उनका अगला चरण 30 अक्टूबर को तय है, जब वह मुजफ्फरपुर और छपरा में रैलियां संबोधित करेंगे। सूत्रों के अनुसार, 2 नवंबर, 3 नवंबर, 6 नवंबर और 7 नवंबर को भी प्रधानमंत्री बिहार के अलग-अलग जिलों में जनसभाएं करेंगे। इन रैलियों के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मोदी के रथ पर सवार बिहार बीजेपी भाजपा नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी की रैलियों से बिहार में एनडीए के चुनावी अभियान को नई ऊर्जा मिलेगी। वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि समस्तीपुर से शुरुआत करना एक रणनीतिक कदम है, क्योंकि यह क्षेत्र न सिर्फ समाजवादी राजनीति की धरती रहा है, बल्कि उत्तर बिहार की राजनीति में इसका विशेष प्रभाव है। बिहार में पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होनी है और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी और इसके साथ ही चुनाव के नतीजे सामने आ जाएंगे।  

राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक! तेजस्वी यादव का वादा – संविदा कर्मियों को स्थायीत्व, जीविका दीदियों को मिलेगा सम्मान और सैलरी

पटना  बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कई बड़े चुनावी ऐलान किए हैं. उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों को हम लोग 30 हजार वेतन और सरकारी कर्मचारी दर्जा देंगे. इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि हमारी सरकार बनने के बाद सभी संविदा कर्मियों को स्थाई किया जाएगा. इस पहले तेजस्वी ने पहला चुनावी वादा करते हुए कहा था कि हमारी सरकार बनने के बाद 20 महीने के अंदर हर परिवार में सरकारी नौकरी होगी. उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को 10 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर देने का काम किया गया, जिसे यह सरकार वापस कराएगी. तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने हर घर नौकरी का ऐलान किया था और आज इसके बारे में एक ऐतिहासिक घोषणा करने जा रहे हैं.  तेजस्वी यादव ने कहा कि मौजूदा सरकार से पूरा बिहार गुस्से में है, डबल इंजन की सरकार में भ्रष्टाचार और अपराध है. इस सरकार ने हमारी योजनाओं की नकल की. तेजस्वी यादव ने कहा कि नामांकन का दौर खत्म हो चुका है और अब चुनाव प्रचार का समय आ गया है. बिहार की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है और लोग डबल इंजन की सरकार से त्रस्त हैं. बेरोजगारी और महंगाई से परेशान जनता के लिए उन्होंने कई घोषणाएं की थीं, लेकिन वर्तमान सरकार ने उनकी योजनाओं की नकल की.  तेजस्वी यादव ने कहा, "दौरे के वक्त मुझसे जीविका दीदियों का समूह मिला था, जिनकी बातें सुनकर उन्होंने यह फैसला किया है. अगर मेरी सरकार बनती है, तो जीविका दीदियों में से जो CM दीदी हैं, उन्हें स्थाई नियुक्ति दी जाएगी. साथ ही, उनकी नौकरी को भी स्थाई किया जाएगा. कर्ज माफी का वादा तेजस्वी यादव ने कहा कि जीविका दीदियों द्वारा लिए गए सभी ऋणों के ब्याज को माफ किया जाएगा. साथ ही अगले दो साल तक उन्हें ब्याज मुक्त ऋण देने की व्यवस्था की जाएगी. उन्होंने यह भी बताया कि जीविका समूह की दीदियों को अन्य सरकारी कार्यों के लिए हर महीने 2,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसके अलावा तेजस्वी ने कहा कि  दीदियों को 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाएगा. जीविका समूह की अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष को मानदेय देने का भी ऐलान किया गया. BETI-माई योजना तेजस्वी यादव ने बताया कि जल्द ही “BETI योजना” और “माई योजना” शुरू की जाएगी. उन्होंने समझाया कि BETI योजना का अर्थ है – बेनिफिट, एजुकेशन, ट्रेनिंग और इनकम. इस योजना के तहत सरकार बेटियों के जन्म से लेकर आय के साधन तक हर कदम पर मदद करेगी. स्थायी सरकारी नौकरी का वादा तेजस्वी यादव ने इस मौके पर संविदाकर्मियों के लिए भी बड़ा वादा किया. उन्होंने कहा कि बिहार के सभी संविदाकर्मियों को स्थायी सरकारी नौकरी का दर्जा दिया जाएगा. जो कर्मचारी एजेंसी के माध्यम से काम कर रहे हैं, उन्हें भी स्थायी किया जाएगा. तेजस्वी ने कहा कि संविदाकर्मी बिना सुरक्षा, वेतन गारंटी और छुट्टी के काम करने को मजबूर हैं. कई बार बिना कारण बताए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाती हैं, और वेतन से 18 प्रतिशत जीएसटी तक काटा जाता है. तेजस्वी यादव ने कहा, “यह संविदाकर्मियों के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा ऐतिहासिक फैसला होगा. अब उन्हें स्थायित्व और अधिकार दोनों मिलेंगे.” उन्होंने आगे कहा कि जीविका दीदियों को स्थाई नियुक्ति के साथ 30 हजार रुपये प्रतिमाह का वेतन दिया जाएगा. इसके अलावा, जीविका दीदियों को दिए गए ऋण माफ किए जाएंगे. उन्हें ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा, और 2 साल तक के लोन पर कोई ब्याज नहीं लगेगा. महिलाओं के लिए 'BETI' और 'MAA' योजना तेजस्वी यादव ने महिलाओं के लिए 'BETI' योजना लाने की घोषणा की. इसके अलावा, उन्होंने 'MAA' योजना लाने का भी ऐलान किया है, जिसका अर्थ उन्होंने इस प्रकार बताया: M से मकान, A से अन्न, और A से आमदनी. यह जीविका दीदियों के बाद उनकी दूसरी सबसे बड़ी घोषणा है, जो महिलाओं को ध्यान में रखकर की गई है. तेजस्वी यादव ने संविदा कर्मियों के लिए भी ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार आती है, तो संविदा कर्मियों को स्थाई किया जाएगा. उन्होंने वादा किया कि संविदा कर्मियों की नौकरी को भी स्थाई कर दिया जाएगा.  

गायों संग गोवर्धन पूजा: सीएम योगी ने गोशाला में की सेवा, कराया विशेष पूजन

गोरखपुर  सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में गोवर्धन पूजा की। उन्होंने गायों की सेवा की और उन्हें गुड़-रोटी खिलाई। गोवर्धन पूजा के मौके पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा हमारी सांस्कृतिक परंपरा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और गौसंवर्धन की भावना का प्रतीक है। बुधवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर स्थित गोशाला में पहुंचे सीएम योगी ने गायों की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्धि का आधार सदैव भारतीय गोवंश रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गोवर्धन योजना के तहत गाय के गोबर से बायो-कम्पोस्ट, कंप्रेस्ड बायोगैस और एथेनॉल उत्पादन के अभिनव कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यह न केवल गौसंवर्धन का माध्यम हैं बल्कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी नई दिशा दे रहे हैं। सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में लगभग 16 लाख गोवंश को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए सरकार तीन स्तरों पर योजनाएं संचालित कर रही है निराश्रित गोस्थल योजना, सहभागिता योजना और कुपोषित परिवार सहायता योजना। निराश्रित गोस्थल योजना के अंतर्गत प्रति गाय 1500 रु प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। वहीं, सहभागिता योजना में ऐसे किसानों को चार गायें उपलब्ध कराई जाती हैं जो गौसंवर्धन से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें सरकार 6000 रुपए की सहायता राशि भी प्रदान करती है। इसके अलावा कुपोषित माताओं और बच्चों को भी गाय उपलब्ध कराई जाती है, साथ ही 1500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि वे गाय के दूध से पोषण प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से न केवल गोवंश संरक्षण को बढ़ावा मिला है, बल्कि कुपोषण से सुपोषण की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सीएम योगी ने कहा कि गोवर्धन योजना के तहत बायो गैस और एथेनॉल उत्पादन से गोबर का भी मूल्य किसानों को मिल रहा है। इससे प्रदेश को नेट जीरो कार्बन एमिशन के लक्ष्य की ओर बढ़ाने और पेट्रोल-डीजल पर खर्च होने वाले धन की बचत में मदद मिल रही है।  

बाल-बाल बचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केरल में लैंड करते ही धंस गया हेलीपैड

केरल केरल के पथानामथिट्टा जिले में राजीव गांधी स्टेडियम स्थित नव-निर्मित हेलीपैड का एक हिस्सा उस समय धंस गया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हेलिकॉप्टर के पहिए उसमें फंस गए। यह हादसा उस वक्त हुआ जब राष्ट्रपति सबरीमला दर्शन के बाद यहां उतरीं। अधिकारियों के अनुसार, हेलिकॉप्टर के जमीन पर छूते ही हेलीपैड की सतह का हिस्सा अचानक धंस गया। घटना के बाद हेलिकॉप्टर एक ओर झुक गया, जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस और अग्निशमन दल के कर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। संयुक्त प्रयासों से हेलिकॉप्टर को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों ने बताया कि यह हेलीपैड अंतिम समय में तैयार किया गया था। खराब मौसम के कारण राष्ट्रपति के हेलिकॉप्टर की लैंडिंग स्थल निलक्कल से बदलकर प्रमादम (राजीव गांधी स्टेडियम) कर दिया गया था। इसलिए मंगलवार देर रात तक कंक्रीट डालकर नया हेलिपैड बनाया गया। लेकिन चूंकि कंक्रीट पूरी तरह सूख नहीं पाया था, इसलिए वह हेलिकॉप्टर के वजन को सहन नहीं कर सका और धंस गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि स्टेडियम को लैंडिंग स्थल के रूप में आखिरी पल में चुना गया और इसी वजह से निर्माण अधूरा रह गया था। आपको बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू मंगलवार शाम को अपनी चार दिवसीय केरल यात्रा पर तिरुवनंतपुरम पहुंची थीं। बुधवार को वे सबरीमला मंदिर में दर्शन और आरती करने पहुंचीं। इस दौरान पथानामथिट्टा जिले के प्रमादम में उनके हेलिकॉप्टर की लैंडिंग हुई, जहां यह हादसा हुआ। घटना में किसी को चोट नहीं आई और राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए एक्स (X) पर लिखा, “केरल आगमन पर भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हार्दिक स्वागत। उनका यहां होना हमारे राज्य और जनता के लिए गर्व की बात है।”

बिहार में विपक्षी एकता पर सवाल: RJD-कांग्रेस के बीच हर मोर्चे पर मतभेद

पटना  बिहार के महागठबंधन में आपसी तकरार के बाद अब साझा चुनाव प्रचार अभियान पर संकट छा गया है. कई सीटों पर 'फ्रेंडली फाइट' होने के बाद आरजेडी और कांग्रेस के बीच दूरी बढ़ती नजर आ रही है. इसके चलते साझा घोषणा पत्र पर भी बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है.  महागठबंधन की मेनिफेस्टो ड्राफ्ट कमेटी अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. आरजेडी और कांग्रेस दोनों के अपने-अपने चुनावी वादे हैं.सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी के साथ गतिरोध खत्म करने के लिए कांग्रेस के बड़े नेताओं को लगाया जा सकता है. इसी क्रम में अशोक गहलोत का आज पटना दौरा होगा और तेजस्वी यादव से उनकी मुलाकात मुमकिन है. आरजेडी से रिश्ते में खटास आने के बाद बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावारु को कांग्रेस ने पीछे हटाया है. क्या है आरजेडी कांग्रेस की उम्मीद? जानकारी के मुताबिक गुरुवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है और गठबंधन के नेताओं को उम्मीद है कि वे कई सीटों पर फ्रेंडली फाइट से बचने के लिए उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए राजी कर लेंगे। मंगलवार तक महागठबंधन 12 सीटों पर ‘दोस्ताना मुकाबला’ की ओर बढ़ रहा है। इनमें से तीन सीटें बछवाड़ा, राजापाकर और बिहार शरीफ हैं। यहां 6 नवंबर को पहले चरण में मतदान होगा, वहां नामांकन वापसी की तारीख भी निकल चुकी है। दोनों के बीच रिश्ते पटरी पर लौटने के मिल रहे संकेत सूत्रों ने बताया कि बची हुई सीटों में से वैशाली जिले के लालगंज से कांग्रेस ने पहले ही अपना उम्मीदवार वापस ले लिया है, जबकि उसके और राजद के बीच यह सहमति बन गई है कि प्राणपुर (कटिहार) और एक अन्य सीट से केवल एक ही उम्मीदवार मैदान में रहेगा। राजद ने सोमवार को 143 उम्मीदवारों की अपनी आधिकारिक सूची जारी की, जबकि कांग्रेस ने 61 उम्मीदवारों की घोषणा की है। बिहार में कुल 243 सीटें हैं। महागठबंधन के अन्य सहयोगियों में विकासशील इंसान पार्टी, वामपंथी दल और भारतीय समावेशी पार्टी शामिल हैं। एक महीने पहले महागठबंधन आगे बढ़ता हुआ दिख रहा था, जब राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने संयुक्त मतदाता अधिकार रैली निकाली थी, और ऐसा प्रतीत हुआ था कि उन्होंने चुनाव आयोग के विवादास्पद विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम में एक विश्वसनीय मुद्दे पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। हालांकि, उसके बाद से लगाता तनाव बढ़ता जा रहा है। तेजस्वी यादव की सीएम उम्मीदवारी पर संशय राजद ने स्पष्ट कर दिया है कि वह तेजस्वी को महागठबंधन का आधिकारिक मुख्यमंत्री चेहरा बनाकर चुनाव लड़ना चाहती है। तेजस्वी ने मतदाता अधिकार रैली के दौरान भी इस बारे में खुलकर बात की थी लेकिन यह बात हैरान करने वाली थी कि राहुल गांधी ने इसका पूरी तरह समर्थन नहीं किया। बिहार में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि पार्टी इस पर प्रतिबद्ध नहीं होना चाहती थी क्योंकि इससे बिहार में गैर-यादव वोटों का एकीकरण हो सकता था। हालाँकि, नेताओं के एक वर्ग ने इस रुख को अतार्किक बताया। बिहार के एक वरिष्ठ कांग्रेस सांसद ने कहा कि महागठबंधन में सबसे ज़्यादा सीटों पर कौन चुनाव लड़ रहा है? राजद। अगर हम जीतते हैं, तो राजद के विधायक ही तय करेंगे कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। फिर समस्या कहाँ है? सांसद ने कहा कि यह तर्क कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित न करना कांग्रेस का सिद्धांत है। कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या पार्टी उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही करेगी? नहीं, ऐसा नहीं होगा। क्योंकि अखिलेश यादव ही मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे। उन्होंने आगे कहा कि यह राजद के साथ तनाव का एक कारण था जिसे आसानी से टाला जा सकता था। बिहार में जतीय सर्वे पर सवाल आरजेडी नेता तेजस्वी यादव अक्सर 2022 में बिहार में शुरू हुए जातिगत सर्वेक्षण का ज़िक्र करते हैं, उस वक्त आरजेडी, जेडीयू के नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा थी और वह उप-मुख्यमंत्री थे। विपक्ष द्वारा जातिगत जनगणना की मांग के बीच, बिहार ऐसी गणना करने वाले पहले राज्यों में से एक था। दूसरी ओर राहुल गांधी समेत कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस सर्वेक्षण को स्वीकार करने को लेकर उत्साहित नहीं है। जाति जनगणना को बीजेपी के खिलाफ अपने अभियान का आधार बनाकर राहुल गांधी अक्सर कहते रहे हैं कि महागठबंधन सरकार ऐसी जनगणना कराएगी और यह बिहार के जातीय सर्वेक्षण जैसा नहीं होगा, जो लोगों को बेवकूफ बनाने का एक तरीका था। दोनों दलों में अहंकार का टकराव सीट बंटवारे की बातचीत में शामिल नेताओं ने भी संबंधित पार्टी नेतृत्व के अहंकार को ज़िम्मेदार ठहराया। एक नेता ने बछवाड़ा सीट को इसका एक प्रमुख उदाहरण बताया। कांग्रेस बछवाड़ा सीट इसलिए चाहती थी क्योंकि 2020 में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और छह बार के विधायक रामदेव राय के बेटे शिव प्रकाश गरीब दास ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 39,878 वोटों से जीत हासिल की थी। सहयोगी दल सीपीआई ने अपने उम्मीदवार अवधेश कुमार राय के लिए सीट मांगी, जो 2020 में सिर्फ 484 वोटों से हार गए थे। बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी का हिस्सा रहे एक नेता ने कहा कि कांग्रेस ने इसे अपने अहंकार का मामला बना लिया। इसलिए अब बछवाड़ा, जहां पहले चरण में मतदान होना है, वहां सीपीआई और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार होंगे, जिससे एनडीए को बढ़त मिलेगी। अन्य सूत्रों ने बताया कि अहंकार के कारण छोटी-मोटी घटनाएं भी हुईं। एक बार तो अल्लावरु ने तेजस्वी को एक घंटे से ज़्यादा इंतज़ार करवाया। बदले में तेजस्वी ने अल्लावरु को मुलाक़ात के लिए दो घंटे से ज़्यादा इंतज़ार करवाया। बिहार के एक नेता ने कहा कि यह इतनी छोटी-मोटी बात हो गई। साझा घोषणा पत्र पर सहमति अटकी आरजेडी और कांग्रेस के चुनावी वादे और घोषणाएं कई मायनों में एक जैसी हैं, लेकिन उनके साझा प्रारूप पर सहमति बननी बाकी है. महागठबंधन की मेनिफेस्टो ड्राफ्ट कमेटी इस पर कोई ठोस नतीजा नहीं निकाल पाई है. इसी आंतरिक संघर्ष के कारण साझा चुनाव प्रचार शुरू होने पर सवाल खड़ा हो गया है. सम्राट चौधरी ने कसा तंज… बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस संकट पर तंज कसते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव ही एकमात्र नेता हैं और अन्य पार्टियां महत्वहीन हैं. उन्होंने कहा, "कोई SIR के दौरान … Read more

CM मोहन यादव आज आएंगे इंदौर, हातोद के रेशम केंद्र गोशाला में मनाएंगे गोवर्धन पूजा

इंदौर  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) आज (22 अक्टूबर) इंदौर और विदिशा जिलों का दौरा करेंगे। इस दौरान वे इन जिलों में आयोजित गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल होंगे। आइए जानते हैं मुख्यमंत्री के दौरे का पूरा शेड्यूल और उनके जरिए किए जाने वाले कार्यक्रमों के बारे में… सीएम मोहन यादव का आज का कार्यक्रम भोपाल से इंदौर रवाना होंगे सुबह 11:35 बजे मुख्यमंत्री सुबह 11:35 बजे भोपाल से इंदौर के लिए रवाना होंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार वे दोपहर 12:20 बजे इंदौर के हातोद क्षेत्र में स्थित रेशम केंद्र गौशाला, खजूरिया जाएंगे। यहां सीएम गोवर्धन पूजा कार्यक्रम में शामिल होंगे। इंदौर कार्यक्रम के बाद दोपहर 2:00 बजे सीएम इंदौर एयरपोर्ट से भोपाल के लिए रवाना होंगे। नगर निगम की हातोद स्थित रेशम केंद्र गोशाला में गोवर्धन पूजा का आयोजन बुधवार को किया गया है। इस आयोजन में शामिल होने के लिए सीएम डॉ.मोहन यादव आ रहे है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि सीएम डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर गोवर्धन पूजा संपन्न करेंगे और गो सेवा से जुड़े कामों का अवलोकन करेंगे। आयोजन की शुरुआत दोपहर 12 बजे से होगी। प्रोग्राम में नगर निगम के जनप्रतिनिधि, नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। बता दे कि गोशाला में आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। भोपाल से विदिशा जाएंगे सीएम सीएम मोहन यादव दोपहर 2:30 बजे भोपाल से विदिशा जिले के ग्राम पथरिया पहुंचेंगे। यहां वे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर 2:50 बजे ग्राम पथरिया से विदिशा के ग्राम बल्ला खड़ी जाएंगे। यहां भी वे स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। भोपाल वापसी इसके बाद मुख्यमंत्री दिन के कार्यक्रम का समापन कर शाम 4:00 बजे भोपाल वापस लौटेंगे।

डॉ. यादव ने जताया संकल्प: बहनों, युवाओं और किसानों के हित में सरकार निरंतर सक्रिय, लाड़ली बहनों के वादे होंगे पूरे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में बहनों, युवाओं, किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनों को भाईदूज के अवसर पर लाड़ली बहना योजना में 250 रुपए की राशि देने का वादा पूरा किया जा रहा है। अब बहनों के योजना के अंतर्गत 1500 रुपए प्राप्त होंगे। भगवान श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा की तरह लाड़ली बहनों को यह राशि योजना के अंतर्गत प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी लाड़ली बहनों को भाईदूज की बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज के त्यौहार सौगात देने का अवसर बने हैं। इस क्रम में किसानों को प्राकृतिक आपदा से प्रभावित फसलों के लिए 1800 करोड़ की राहत राशिजिलों में दी गई। प्रत्येक क्षेत्र में अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, पीला मोजेक जैसी समस्याओं का सर्वे करवाकर किसानों को मदद पहुंचाई गई। इसके लिए जिलों में आवश्यक प्रबंधन किया गया। सरकार अन्नदाता के जीवन में आए कष्ट में उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को ईदगाह हिल्स में निर्धन बेटियों के साथ दीपावली मनाने के बाद टीवी चैनल प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।  

ट्रंप के सपनों को झटका! चीन ने उतारा हाई-टेक ‘गोल्डन डोम’ डिफेंस सिस्टम

चीन अमेरिका महज सपने बुन रहा था, लेकिन चीन ने उसे हकीकत का जामा पहना दिया। यूं कहें तो पूरी दुनिया ने एक ऐसी अभूतपूर्व शक्ति परिवर्तन का साक्ष्य देखा, जिसकी कोई कल्पना भी न कर सकता। दशकों से अमेरिका यह सोच रहा था कि वह पृथ्वी को मिसाइल रक्षा के एक नए युग में ले जाएगा। मानवता को तबाही से बचाने वाला एक अंतरिक्ष-आधारित किलेबंदी तैयार करेगा। लेकिन वाशिंगटन अभी-अभी योजनाएं गढ़ ही रहा था कि बीजिंग ने इसे साकार कर दिखाया। और दुनिया को स्पष्ट संदेश दे दिया कि तय कर लो, सुपरपावर कौन है? दरअसल चीन ने 'बिग डेटा प्लेटफॉर्म' नामक एक वास्तविक, कार्यशील वैश्विक मिसाइल रक्षा नेटवर्क का प्रोटोटाइप विकसित कर लिया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने किसी अनुमति या पूर्णता के इंतजार के बिना इसे सीधे तैनात कर दिया। अब इस प्रोटोटाइप के सक्रिय होते ही एक चमत्कारिक परिवर्तन हो चुका है। जहां अमेरिका के पास केवल एक अवधारणा है, वहीं चीन के पास ठोस हकीकत। अमेरिका ने अपने इस दृष्टिकोण को 'गोल्डन डोम' नाम दिया था। एक ग्रहीय सुरक्षा कवच, जो अंतरिक्ष-आधारित और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से संचालित हो, तथा पृथ्वी के किसी भी कोने से प्रक्षेपित किसी भी मिसाइल का पता लगाकर उसे नष्ट करने में सक्षम हो। 2025 में डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित यह प्रणाली वैश्विक सुरक्षा में क्रांतिकारी बदलाव का वादा कर रही थी। लेकिन जब पेंटागन बजट और डेटा प्रवाह पर बहसों में उलझा था, चीन के इंजीनियर मैदान में कूद पड़े थे। चीन के प्रमुख रक्षा अनुसंधान संस्थान, नानजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी में ली जुदोंग की टीम के अनुसार, यह सफलता महज मिसाइलों या उपग्रहों में नहीं, बल्कि डेटा प्रसंस्करण की क्रांति में छिपी है। उनका सिस्टम पृथ्वी के किसी भी भाग से एक साथ चीन पर दागी गईं 1000 मिसाइलों को ट्रैक कर सकता है। अंतरिक्ष, समुद्र, वायु और भूमि पर फैले सेंसरों के विशाल जाल के सहारे, यह वास्तविक समय में खतरों को संग्रहित, विश्लेषित और प्राथमिकता निर्धारित करता है। हर प्रक्षेप पथ, हर वारहेड, हर छलावे की पहचान होती है, उसे सूचीबद्ध किया जाता है और प्रभाव से पहले ही केंद्रीय कमांड को सूचना भेजी जाती है। पीएलए की यह प्रणाली केवल रडार या उपग्रहों पर निर्भर नहीं है; यह विभिन्न आपूर्तिकर्ताओं से, अलग-अलग समयों में और विविध सैन्य मंचों से प्राप्त डेटा को एकीकृत करती है। उधर, प्रशांत महासागर के उस पार अमेरिकी गोल्डन डोम अभी भी एक सपना मात्र है, जो आंतरिक विवादों में फंसा पड़ा है। इसकी अनुमानित लागत 140 अरब पाउंड से लेकर खरबों पाउंड तक बताई जा रही है। जुलाई में अमेरिकी स्पेस फोर्स के जनरल माइकल गुएटलिन ने कबूल किया था कि किसी को, यहां तक कि उन्हें भी 'गोल्डन डोम' के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।