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छत्तीसगढ़ को आयुष्मान योजना में मिला टॉप स्टेट का खिताब, 97% अस्पताल कर रहे काम

रायपुर  प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) में शानदार प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य' का राष्ट्रीय सम्मान मिला है। यह सम्मान भोपाल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के CEO सुनील कुमार बर्नवाल ने राज्य नोडल एजेंसी (SNA) की मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला और प्रोजेक्ट डायरेक्टर (ऑपरेशन) धर्मेंद्र गहवाई को दिया। छत्तीसगढ़ में PM-JAY के तहत पंजीकृत 97% अस्पताल सक्रिय हैं, जो देश में सबसे अधिक है। लगातार काम कर रहा राज्य मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हाल ही में कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में आयुष्मान भारत योजना को एक महत्वपूर्ण एजेंडा के रूप में शामिल किया था और सभी कलेक्टर्स को जिलों में योजना की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। राज्य नोडल एजेंसी ने हाल के महीनों में कई अहम कदम उठाए हैं। इनमें संदिग्ध दावों की पहचान कर फील्ड ऑडिट करना, क्लेम प्रोसेसिंग के समय को कम करना, सभी हितधारकों को ट्रेनिंग देना, स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट (SAFU) टीम को मजबूत करना और अस्पतालों के साथ लगातार बातचीत करना शामिल है। जनवरी 2025 में NHA की समीक्षा बैठक में छत्तीसगढ़ में संदिग्ध दावों की संख्या ज्यादा पाई गई थी, जिस पर राज्य नोडल एजेंसी ने तुरंत कार्रवाई की। 45 अस्पतालों पर की थी कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जनवरी-फरवरी 2025 के बीच राज्य के 52 अस्पतालों का अचानक निरीक्षण किया। योजना के नियमों का पालन न करने पर 45 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई, जो अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। इसके अलावा, 32 हजार से ज्यादा मामलों में फील्ड ऑडिट किए गए, जिससे फर्जी दावों को रोका जा सका और दावे निपटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया। मुख्य एजेंडा में शामिल थी योजना स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया की अध्यक्षता में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की तिमाही समीक्षा बैठक में PM-JAY को मुख्य एजेंडा बनाया गया। स्टेट नोडल एजेंसी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के नेतृत्व में जिलों की मासिक समीक्षा बैठकें भी शुरू की गईं। जिलों को हर दिन की उपलब्धियों के आधार पर फीडबैक और दिशा-निर्देश दिए जाने लगे। अस्पतालों की समस्याओं को दूर करने के लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों और निजी अस्पतालों के साथ नियमित बैठकें हो रही हैं। अस्पतालों की समस्या का भी समाधान हाल ही में NHA विशेषज्ञों की मौजूदगी में एक कंसल्टेशन भी हुआ, जिसमें अस्पतालों की समस्याओं का समाधान किया गया, सुझाव लिए गए और उन्हें योजना की नई प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। इन प्रयासों से संदिग्ध दावों की संख्या में भारी कमी आई है। जहां पहले हर हफ्ते 2,000 से ज्यादा संदिग्ध दावे आते थे, वहीं अब यह संख्या 500 से कम हो गई है। क्लेम अप्रूवल का समय भी घटकर 7-10 दिन रह गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में PM-JAY के तहत पंजीकृत 97% अस्पताल सक्रिय हैं। यह पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश (62%) और देश के औसत (52%) से काफी ज्यादा है।  

30 साल का EMI बोझ? जानिए कैसे बचाएं लाखों रुपये

होम लोन लेना अक्सर लोगों के लिए घर खरीदने का बड़ा कदम माना जाता है, लेकिन यह कदम कई बार फाइनेंशियल ट्रैप भी बन सकता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट ने विस्तार से बताया कि लोग होम लोन में अक्सर कैसे फंस जाते हैं और किन स्मार्ट तरीकों से 36 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है। होम लोन लेने में आम गलतियां केवल EMI पर ध्यान देना 50 लाख रुपये के 20 साल के लोन पर मासिक EMI लगभग 43,400 रुपये होती है और कुल ब्याज 54 लाख रुपये बनता है। अगर अवधि बढ़ाकर 30 साल कर दी जाए तो EMI घटकर 38,600 रुपये हो जाती है, लेकिन कुल ब्याज बढ़कर 88 लाख रुपये हो जाता है। इसका मतलब यह है कि आप हर महीने थोड़ी बचत करते हैं, लेकिन बैंक को कुल 34 लाख रुपये अतिरिक्त दे रहे हैं। फ्लोटिंग रेट का ध्यान न रखना कई कर्जदार RBI द्वारा ब्याज दर में कटौती का लाभ नहीं उठाते। कौशिक ने कहा कि RLLR (Repo Linked Lending Rate) लोन पर लगातार नजर रखना जरूरी है ताकि आप ब्याज कटौती का फायदा तुरंत ले सकें। EMI स्ट्रक्चर को गलत समझना लोग मानते हैं कि EMI में मूलधन और ब्याज बराबर-बराबर बंटता है। लेकिन शुरुआती सालों में EMI का 70-80% हिस्सा ब्याज में चला जाता है। EMI कम करने के लिए टेन्योर बढ़ाना अवधि लंबी करने से EMI तो घटती है, लेकिन ब्याज का बोझ तेजी से बढ़ता है। इसके बजाय, अवधि वैसे की वैसे रखते हुए EMI को थोड़ा बढ़ाना बेहतर होता है। होम लोन पर लाखों की बचत कैसे करें? हर साल एक अतिरिक्त EMI पेमेंट सालाना एक अतिरिक्त EMI देने से 11.5 लाख रुपये ब्याज बचाया जा सकता है, और 50 लाख का लोन 5 साल पहले चुका सकते हैं। स्टेप-अप रिपेमेंट EMI में हर साल 5% बढ़ोतरी करने से 25 साल का लोन 12 साल में चुकाया जा सकता है और 26 लाख रुपये बचत होती है। 10% सालाना बढ़ोतरी से लोन 10 साल में चुकाया जा सकता है और 36 लाख रुपये की बचत संभव है। टैक्स बेनिफिट का सही उपयोग धारा 80C और 24B के तहत मूलधन और ब्याज पर कटौती का लाभ उठाएं। सह-कर्जदार होने पर यह बचत दोगुना हो सकती है। जल्दी भुगतान पहले 5-7 सालों में समय से पहले EMI चुकाने से सबसे अधिक ब्याज बचता है। होम लोन बैलेंस ट्रांसफर यदि नया लोन कम ब्याज दर पर उपलब्ध है (जैसे 7.5%) और आपका मौजूदा लोन 8.8% पर है, तो ट्रांसफर से कई लाख रुपये की बचत हो सकती है। RBI रेपो रेट कटौती से भी होगी बचत इस साल RBI ने रेपो रेट में लगातार 100 बेसिस पॉइंट कटौती की।  20 साल के 1 लाख रुपये के लोन पर EMI 65 रुपये कम होगी। 25 लाख पर 1,625 रुपये प्रति माह और 50 लाख रुपये पर 3,250 रुपये प्रति माह की बचत होगी।

घर का सोना-चांदी असली है या नहीं? जानें तुरंत जांचने के आसान तरीके

भोपाल  आपके घर में सोना-चांदी होगा या फिर दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहार सामने आ रहे हैं, ऐसे में आपके दिमाग में जरूर आ रहा होगा. जो सोना हम खरीद रहे हैं, क्या यह असली है या फिर नकली? क्या हमें बेवकूफ तो नहीं बनाया जा रहा है? सोने-चांदी खरीदते समय यह प्रश्न हर कस्टमर के दिमाग में जरूर होता है, लेकिन अब इसकी पहचान चुटकियों में हो जाएगी. हालांकि सोने और चांदी जानने की कई विधियां आपने सोशल मीडिया पर देखी होगी. लेकिन उन विषयों विधियों पर बिल्कुल भी विश्वास न करें. क्योंकि सोने और चांदी की सबसे अच्छी पहचान हॉलमार्क के अलावा कुछ भी नहीं हो सकती. ऐसा हम नहीं ऐसा सराफा के एक्सपर्ट्स कहते हैं. 6 अंक का डिजिट बताता है सोने की शुद्धता एक्सपर्ट अभिजीत जैन के मुताबिक, सोना खरीदते समय BIS का लोगो जरूर देखें. यह लोगों सोने की शुद्धता को बताता है. सोने की शुद्धता का कैरेट और नंबर को देखना चाहिए. जहां 22K 218 जैसे नंबर लिखे होते हैं. यह 6 अंक के डिजिट एचयूआईडी नंबर कहलाते हैं. यदि इस नंबर को BIS केयर ऐप में डाला जाए. तब सारी जानकारी जेवर से संबंधित मिल जाती है कि आपने कौन सा जेवर खरीदा है और इसकी शुद्धता के साथ इसे कब बनाया गया है. कम रेट होने पर हो जाएं अलर्ट इसके अलावा चांदी के निशान में भी BIS के निशान होते हैं, जिसमें 975 जैसे अंक लिखे होते हैं. जिसका मतलब होता है कि आपके द्वारा ली गई चांदी 97.5% शुद्ध चांदी है. उन्होंने बताया सोने और चांदी को पहचानने का यह तरीका सबसे बेस्ट होता है, इसके अलावा कोशिश करनी चाहिए, मार्केट में अच्छी छवि वाले सराफा व्यापारी से ही सोने-चांदी को खरीदना चाहिए. उन्होंने बताया हॉलमार्क देखना जरूरी होता है क्योंकि मार्केट में अधिकांश 22 कैरेट, 18 कैरेट और 20 कैरेट के जेवर आते हैं. जहां 22 कैरेट के सोने को 18 कैरेट का बताकर कुछ दुकान दर कम रेट में बेच देते हैं. इसीलिए कम रेट होने पर हॉलमार्क जरूर देखना चाहिए. घरों में इस तरह अपनाई जा सकती है ट्रिक  हालांकि, घरों में भी सोने और चांदी का परीक्षण किया जा सकता है, लेकिन इसकी गारंटी नहीं होती. जैसे चुंबक का उपयोग कर सोने का परीक्षण किया जा सकता है. अगर सोना चिपकता है तो उसमें मिलावट हो सकती है. इतना ही नहीं असली सोने को, पानी में भरें बर्तन में डालें. अगर यह तुरंत डूब जाता है तो यह असली है. जबकि सोना धीरे-धीरे डूबता है या फिर तैरता है, तब सोना नकली हो सकता है. चांदी के परीक्षण में चांदी पर बर्फ का एक टुकड़ा रखें. अगर बर्फ बहुत जल्दी पिघलती है, तो चांदी असली है. इसके साथ ही चांदी के सिक्के को जमीन पर गिराए, अगर घंटी जैसी आवाज आती है. तो वह असली चांदी हो सकती है.  

देश का नया स्पोर्ट्स साइंस हब बनेगा भोपाल, जल्द शुरू होगा हाई-परफॉर्मेंस सेंटर

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खेलों की दुनिया को एक नई दिशा देने की तैयारी चल रही है। नाथू बरखेड़ा में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स साइंस एवं हाई-परफॉर्मेंस सेंटर की स्थापना हो रही है, जो खिलाड़ियों की वैज्ञानिक पद्धतियों पर आधारित तैयारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। यह केंद्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर विकसित किया जा रहा है, जो स्वयं खेलों के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि आज के समय में केवल पारंपरिक अभ्यास पर्याप्त नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को मानसिक, शारीरिक और तकनीकी रूप से भी सशक्त बनाना जरूरी है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार प्रतिभावान खिलाड़ी सिर्फ तकनीकी गलतियों, मानसिक दबाव या बार-बार लगने वाली चोटों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर तक नहीं पहुंच पाते। इन चीजों पर रहेगा विशेष ध्यान इस नए सेंटर में वैज्ञानिकों, मनोवैज्ञानिकों, पोषण विशेषज्ञों, फिजियोथेरेपिस्टों और डेटा एनालिस्ट्स की विशेषज्ञ टीम खिलाड़ियों की कमजोरी और जरूरतों के हिसाब से व्यक्तिगत प्रशिक्षण योजनाएं तैयार करेगी। यहां बॉयोमेकेनिक्स, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, मेंटल कंडीशनिंग और डेटा आधारित परफॉर्मेंस एनालिसिस पर खास फोकस रहेगा। नेशनल स्पोर्ट्स साइंस हब यह पहल न केवल मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों को ओलंपिक और एशियाई खेलों जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करेगी, बल्कि भोपाल को देश का नेशनल स्पोर्ट्स साइंस हब बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी। भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने के इस संकल्प में यह सेंटर एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। 

हथियारों की खरीद पर सरकार आक्रामक, आधा डिफेंस बजट उड़ा, कई डील्स पेंडिंग में

नई दिल्ली भारतीय सेना को स्वदेशी और आधुनिक बनाने के लिए तेजी से निवेश किया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में रक्षा खरीद (कैपिटल एक्सपेंडिचर) के लिए 1,80,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. मात्र कुछ महीनों के भीतर ही रक्षा मंत्रालय ने इस पूरे आवंटन का 50 प्रतिशत से अधिक खर्च कर दिया है. रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष (FY) 2025-26 में मंत्रालय ने सितंबर 2025 के अंत तक कैपिटल एक्सपेंडिचर का 50% से अधिक उपयोग कर लिया है. कुल आवंटन 1,80,000 करोड़ रुपये में से 92,211.44 करोड़ रुपये (51.23%) खर्च किए जा चुके हैं. पिछले वित्तीय वर्ष में रक्षा मंत्रालय ने 1,59,768.40 करोड़ रुपये का 100% कैपिटल एक्सपेंडिचर खर्च किया था. लगातार की जा रही है खरीद रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कैपिटल एक्सपेंडिचर का 50% से अधिक उपयोग करने से महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म जैसे एयरक्राफ्ट, शिप, पनडुब्बी, हथियार प्रणाली आदि की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित होगी, जो आने वाले वर्षों में सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है. अधिकतर खर्च एयरक्राफ्ट और एयरो इंजन पर किया गया है. इसके बाद लैंड सिस्टम्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर उपकरण, हथियार और प्रोजेक्टाइल पर खर्च हुआ है. कैपिटल एक्सपेंडिचर रक्षा क्षेत्र के लिए आवश्यक है, क्योंकि इसके तहत नए हथियारों की खरीद, अनुसंधान एवं विकास, और सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास किया जाता है. स्वदेशीकरण पर फोकस अपने देश में बने हथियारों से देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में स्वदेशीकरण की मुहिम तेज़ी से आगे बढ़ रही है. वित्तीय वर्ष 2020-21 से ही रक्षा मंत्रालय घरेलू उद्योगों से खरीद के लिए धन आवंटित कर रहा है, जिससे ये उद्योग लगातार मजबूत हो रहे हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 में घरेलू उद्योगों के लिए 1,11,544.83 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. अब तक घरेलू खरीद के लिए आवंटित राशि का 45% तक का महत्वपूर्ण खर्च दर्ज किया गया है. यह आवंटन रक्षा प्रौद्योगिकी और निर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ MSMEs, स्टार्ट-अप्स आदि को इस क्षेत्र में आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया है. सशस्त्र बलों की सेवाओं के लिए पूंजीगत आवंटन में पिछले कई वर्षों से लगातार वृद्धि देखी जा रही है. पिछले पांच वर्षों में इसमें लगभग 60% की बढ़ोतरी हुई है.

आज का राशिफल: मकर राशि के लिए बन रहे हैं शुभ योग, जानिए 21 अक्टूबर को आपकी राशि का हाल

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए यह सप्ताह एनर्जी और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती है। रुके हुए कार्यों में सफलता मिलेगी। लव लाइफ पहले से बेहतर रहेगी। यात्रा का योग बनेगा।  वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के जीवन में आर्थिक स्थिरता आएगी। रोजी-रोजगार में तरक्की मिल सकती है। निवेश के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। पारिवारिक जीवन खुशहाल रहेगा। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। 3. मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। आप नई जिम्मेदारियां निभाने में सफल रहेंगे। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। शिक्षा में अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। मानसिक रूप से आप स्ट्रांग महसूस करेंगे।  कर्क राशि– कर्क राशि वालों के लिए यह सप्ताह अनुकूल रहने वाला है। किसी मित्र का सहयोग मिल सकता है। सेहत में सुधार होगा। जीवनसाथी के साथ संबंध मधुर होंगे। सेहत में सुधार होगा। कड़ी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को इस सप्ताह भाग्य का साथ मिलेगा। ऑफिस में किसी नए प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। लव लाइफ पहले से बेहतर होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कन्या राशि– कन्या राशि वालों को निवेश से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतने की जरूरत है। सेहत अच्छी रहेगी। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिल सकती है। धन की स्थिति में सुधार होगा। अपनों का साथ मिलेगा।  तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए यह समय बैलेंस व क्रिएटिविटी से भरा रहने वाला है। आपको माता-पिता का साथ मिलेगा। लव लाइफ अच्छी रहेगी। आर्थिक स्थिरता मिलने के संकेत हैं। सप्ताह के अंत में खुद के लिए समय निकालना अच्छा रहेगा।  वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों को इस समय अपने फैसलों पर विचार करना चाहिए। परिवार में खुशियों का आगमन होगा। सेहत अच्छी रहेगी। धन से जुड़े मामलों में सतर्कता बरतने की जरूरत है। काम पर दबाव महसूस कर सकते हैं। धनु राशि- धनु राशि वालों को इस सप्ताह उन्नति मिल सकती है। आपको कोई नई योजना सफल हो सकती है। कारोबार के सिलसिले में यात्रा का योग है। धन लाभ हो सकता है। संतान पक्ष से अच्छी खबर मिल सकती है।  मकर राशि– मकर राशि वालों के लिए यह समय अच्छा रहने वाला है। काम में सफलता मिलेगी। पुराने निवेश के अच्छे लाभ मिलेंगे। व्यापारियों के लिए पार्टनरशिप लाभकारी रहने वाली है। रिश्तों में सुधार होगा। करियर में नई उपलब्धि मिल सकती है। 11. कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए यह सप्ताह सफलता से भरा रहने वाला है। आर्थिक रूप से आप बेहतर स्थिति में आ सकते हैं। कामकाज में सुधार के संकेत हैं। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को अच्छे परिणाम मिलेंगे। जीवनसाथी का साथ मिलेगा।  मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए यह समय उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है, लेकिन सप्ताह के अंत तक स्थिति सामान्य हो जाएगी। सेहत में सुधार होगा। वित्त, करियर व व्यवसाय में भी अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। बस धन के मामलों में सतर्कता बरतें।

भोपाल पुलिस के लिए नया नियम: मौके पर जाने से पहले पहनना होगा बॉडी कैमरा

भोपाल  बहुचर्चित डीएसपी के साले उदित गायकी की मौत के बाद पुलिस प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। राजधानी भोपाल के साथी थानों में तैनात पुलिस जवान के हर कदम और कार्रवाई पर कैमरे की नजर होगी। रात में किसी भी तरह की सूचना पर इस कैमरा को पहनकर ही घटना स्थल पर जाना अनिवार्य है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने बताया कि शहर के गश्ती जवानों को बॉडी कैमरा(Bhopal Police) और रिकॉर्डिंग डिवाइस से लैस करने का आदेश जारी किया है। इसके लिए 200 कैमरों का ऑर्डर दिया जा चुका है। कंट्रोल रूम से सीधे होगी कंट्रोलिंग पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुरुआत में यह कैमरे रात में गश्त करने वाली टीमों को दिए जाएंगे। जवानों की वर्दी की जेब और कंधे पर कैमरा लगाया जाएगा, जो वीडियो और ऑडियो की रिकॉर्डिंग करेगा। किसी भी घटना, कार्रवाई के दौरान कैमरा ऑटोमेटिक चालू रहेगा। जिसकी कंट्रोलिंग कंट्रोल रूम से रहेगा। अब पुलिसिंग कार्रवाई में पारदर्शी रहें। पुलिस पर नहीं उठेंगे सवाल पुलिस प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया कि पुलिसिंग में पारदर्शिता लाना है। उदित की मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवालों पर अब पुलिस पर लोगों के भरोसे को और मजबूत करेगा। गश्त के दौरान होने वाली कार्रवाई कैमरे में रेकॉर्ड होगी। इससे घटना या शिकायत के मामले में फुटेज साक्ष्य के रूप में काम करेगा। यह शहर के सभी थानों और विशेष इकाइयों में लागू करेंगे, साथ ही पुलिसकर्मियों को कैमरा ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। नई व्यवस्था लागू की जाएगी इससे जवानों की कार्यप्रणाली में अनुशासन बढ़ेगा और जनता के साथ व्यवहार में भी सुधार आएगा। हर बात रेकॉर्ड होगी तो झूठे आरोप की बात नहीं रहेगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद भोपाल चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा। यह सिस्टम से पुलिस की कार्रवाई में पारदर्शिता रहेगी।- हरिनारायण चारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर

RBL Bank में हो सकता है बड़ा अधिग्रहण, UAE निवेशक की नजर 51% हिस्से पर, शेयर ने बनाया नया रिकॉर्ड

मुंबई  आरबीएल बैंक के शेयर 52 वीक हाई पर पहुंच गए। इस प्राइवेट सेक्टर के बैंक के शेयरों में उछाल के पीछे एक रिपोर्ट है। चर्चा है कि यूएई का दूसरे सबसे बड़ा बैंक Emirates NBD Bank PJSC आरबीएल बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने को इच्छुक है। दोनों कंपनियों के बीच बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार Emirates NBD Bank PJSC आरबीएल बैंक में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए प्रीफरेंशियल शेयर अलॉटमेंट और ओपन ऑफर के तरीके को अपना सकता है। जहां एक तरह निवेश से बैंक की बैंलेस शीट बेहतर हो जाएगी। तो वहीं 51 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ Emirates NBD आरबीएल बैंक का सबसे बड़ा हिस्सेदार हो जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार समूह 26 प्रतिशत हिस्सा इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स से खरीदने की कोशिशों में है। वहीं, बाकि बचे 25 प्रतिशत के लिए ओपन ऑफर का तरीका अपनाया जाएगा। 52 वीक हाई पर शेयर बीएसई में आरबीएल बैंक के शेयर आज मंगलवार को 294 रुपये के लेवल पर खुले थे। 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ यह स्टॉक 299.65 रुपये के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया। यह कंपनी का 52 वीक हाई लेवल है। पिछले एक साल के दौरान आरबीएल बैंक के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इस दौरान कंपनी के शेयरों की कीमतों में 42 प्रतिशत की तेजी आई है। वहीं, 6 महीने में यह स्टॉक 68 प्रतिशत का रिटर्न देने में सफल रहा है। बता दें, 28 मई 2019 को आरबीएल बैंक के शेयर 716.55 रुपये के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया है। 3 साल में आरबीएल बैंक के शेयरों में 135 प्रतिशत की तेजी आई है। बता दें, आरबीएल बैंक की बोर्ड मीटिंग 18 अक्टूबर को होगी। इसी मीटिंग के बाद सितंबर तिमाही के नतीजे भी सामने आएंगे।

GST सुधारों के असर: सरकार ने बताई इस वर्ष खपत में तेज वृद्धि की उम्मीद

नई दिल्ली केंद्र ने शनिवार को कहा कि 22 सितंबर से लागू जीएसटी दरों में हालिया कटौती का लाभ त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को भी मिला है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हालिया जीएसटी सुधारों से उपभोग को लेकर सकारात्मक रुझान देखा गया है। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "करों में कटौती केवल त्योहारी सीजन के लिए ही नहीं की गई है। इन कटौतियों का मतलब है अधिक संग्रह, इसलिए कुछ वापस देने के लिए बेहतर राजकोषीय गुंजाइश। त्योहारी सीजन के बाद भी मांग बनी रहेगी।" उन्होंने कहा कि जीएसटी विवाद समाधान तंत्र ने बहुत अच्छी तरह से काम किया है। जीएसटी सुधारों के लागू होने के बाद से राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर 2 अक्टूबर तक जीएसटी से जुड़े मामलों को लेकर 3,981 कॉल दर्ज की गईं। इनमें से 31 प्रतिशत प्रश्न थे और 69 प्रतिशत औपचारिक शिकायतें थीं, जिनका आगे की कार्रवाई के लिए निपटारा किया गया। कुल शिकायतों में से 1,992 शिकायतों को आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को भेज दिया गया है, जबकि 761 शिकायतों को सीधे समाधान के लिए संबंधित कन्वर्जेंस पार्टनर कंपनियों को तत्काल भेजा गया है। वित्त मंत्री सीतारमण के अनुसार, "अधिकतर शिकायतें जीएसटी कटौती की समझ और वास्तव में लागू की गई योजनाओं के बीच के अंतर से संबंधित हैं।" जीएसटी कटौती और उनके लाभों पर वित्त मंत्री ने कहा कि दवाओं और संबंधित उपकरणों की निगरानी की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जीएसटी कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे। ऑटोमोबाइल क्षेत्र जीएसटी कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जाने को लेकर उत्साहित है, जिससे उनकी बिक्री में वृद्धि हुई है। केंद्रीय मंत्री गोयल ने बताया कि लगभग सभी ई-कॉमर्स कंपनियों ने जीएसटी कटौती का लाभ दिया है। उन्होंने कहा, "हमारी निगरानी के अनुसार, उन्होंने नवरात्रि पर अधिक से अधिक ऑफर दिए हैं"। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने कहा, "अप्रत्यक्ष कर 140 करोड़ भारतीयों को सीधे तौर पर प्रभावित करते हैं और अब जीएसटी में कटौती के जरिए 2.5 लाख करोड़ रुपए का लाभ दिया गया है। कर कटौती के कारण हुए गुणक प्रभाव ने अर्थव्यवस्था को पहले ही बढ़ावा दिया है।" केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि जीएसटी सुधारों के दौरान, देश में खपत और मांग में वृद्धि को लेकर कई अनुमान लगाए गए थे। उन्होंने आगे कहा, "जीएसटी सुधारों के कारण, इस वर्ष खपत में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने की उम्मीद है, जिसका अर्थ है कि लगभग 20 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त खपत होने की संभावना है।"

भारत की ऐतिहासिक फाइटर जेट फैक्ट्री अब तेजस पर फोकस, रफाल और सुखोई के युग से आगे

नासिक भारत की वायु सेना को मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा बदलाव हो रहा है. नासिक शहर की वह बड़ी फैक्ट्री, जो पहले रूसी लड़ाकू विमानों को जोड़ने का काम करती थी, अब भारत के अपने बनाए विमानों पर ध्यान दे रही है. यह फैक्ट्री लगभग 1000 रूसी विमान बना चुकी है. अब यह तेजस लड़ाकू विमान और एचटीटी-40 ट्रेनर विमान बनाने में जुटी है. वहां से पहली बार स्वदेशी तेजस एलसीए एमके1ए विमान की उड़ान दिखेगी.  पुराने दिनों की यादें: रूसी विमानों का कारखाना नासिक की यह फैक्ट्री भारत का सबसे बड़ा लड़ाकू विमान बनाने वाला केंद्र है. यह हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड का हिस्सा है. पहले यह फैक्ट्री सोवियत यूनियन (अब रूस) के डिजाइन वाले विमानों को जोड़ती थी. यहां से निकले विमान भारतीय हवाई सेना की ताकत बने.     मिग-21 का जादू: यह फैक्ट्री ने 575 मिग-21 विमान बनाए. मिग-21 को 'बाइसन' भी कहते हैं. यह छोटा लेकिन तेज विमान था, जो दुश्मनों को डराता था.     सु-30एमकेआई की ताकत: इसके अलावा, सु-30एमकेआई जैसे बड़े विमान भी यहां जोड़े गए. कुल मिलाकर, लगभग 1000 रूसी मूल के विमान इस फैक्ट्री से बने. ये विमान भारत को विदेश से मिले थे, लेकिन यहां जोड़कर तैयार किए जाते थे. इससे भारत की हवाई सेना मजबूत हुई, लेकिन अब समय बदल गया है. भारत अब खुद के विमान बना चुका है.  नया दौर: स्वदेशी विमानों की शुरुआत अब नासिक की फैक्ट्री को नया रूप दिया गया है. पुराने हैंगर (बड़े गोदाम जैसे कमरे) को साफ-सुथरा और आधुनिक बनाया गया. पुराने उपकरण हटा दिए गए. अब नए जिग्स, फिक्सचर और टूल्स लगाए गए हैं, जो भारतीय डिजाइन वाले विमानों के लिए हैं.     निवेश का जुगाड़: इस बदलाव पर 500 करोड़ रुपये खर्च हुए. फैक्ट्री का इलाका 13 लाख वर्ग फुट का है. यह बहुत बड़ा है.     तेजस एलसीए एमके1ए: यह भारत का अपना लड़ाकू विमान है. यह हल्का, तेज और चालाक है. नासिक में नई असेंबली लाइन बनी है. यहां पहले साल में 8 तेजस विमान बनेंगे. बाद में और तेजी से बनाए जा सकेंगे.     एचटीटी-40 ट्रेनर: यह बेसिक ट्रेनर विमान है. पायलटों को फाइटर जेट उड़ाना सिखाने के लिए. यह विमान पूरी तरह भारतीय डिजाइन का है. बेंगलुरु और नासिक दोनों जगह बन रहा है, ताकि जल्दी डिलीवरी हो. फैक्ट्री के अधिकारी कहते हैं कि नई लाइन पूरी तरह तैयार है. इसमें 30 से ज्यादा जिग्स हैं, जो विमान के मुख्य हिस्सों जैसे सेंटर फ्यूजलेज, फ्रंट फ्यूजलेज, रियर फ्यूजलेज, विंग्स और एयर इंटेक को जोड़ने के लिए हैं. उत्पादन की क्षमता: कितने विमान बनेंगे? भारत को हर साल ज्यादा विमान चाहिए. पुराने विमान जैसे मिग-21 को रिटायर कर दिया गया है. वायु सेना को 30-40 नए विमान सालाना चाहिए.     नासिक की भूमिका: यहां से 8 तेजस सालाना.     बेंगलुरु की मदद: वहां दो और लाइनें हैं. कुल मिलाकर, एचएएल 24 विमान सालाना बना सकेगी.     सु-30 का हिस्सा: फैक्ट्री का कुछ हिस्सा अभी भी सु-30एमकेआई के लिए है. जल्द 15 नए सु-30 के ऑर्डर पूरे होंगे. आत्मनिर्भरता की उड़ान नासिक की फैक्ट्री अब भारत की शान है. पहले रूसी जेट्स, अब स्वदेशी तेजस. यह बदलाव दिखाता है कि भारत अब खुद मजबूत हो रहा है. हवाई सेना को नई ताकत मिलेगी. आने वाले दिनों में और तेजी से उत्पादन होगा.