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BSP में ईशान आनंद की बड़ी जिम्मेदारी, मायावती ने दिया अहम पद

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को एक बार फिर चौंकाने वाला फैसला लेते हुए अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी का नेशनल कोऑर्डिनेटर बना दिया। इससे पहले यह जिम्मेदारी मायावती ने बड़े भतीजे आकाश आनंद को दी थी। पिछले दिनों आकाश से यह जिम्मेदारी छीनने के साथ ही पार्टी से भी बाहर कर दिया था। हालांकि ईशान को भी कुछ समय के लिए मायावती ने पार्टी से बाहर किया था। पिछले दिनों ही दोबारा उनकी वापसी हुई थी। अब एक तरह से सबसे बड़ी जिम्मेदारी दे दी है। अगले छह महीनों में यूपी और पंजाब समेत कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसी को लेकर मायावती ने बुधवार को लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं और अब तक घोषित प्रत्याशियों की बैठक बुलाई थी। इसी बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों के सामने ही ईशान ने मायावती के पैर छुए और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद पहली कतार में सतीश मिश्रा के साथ उन्हें सीट मिली। कुछ देर बाद ही ईशान को सबसे बड़ी जिम्मेदारी देने का ऐलान हो गया। अभी तक ईशान बहुजन समाज पार्टी में पर्दे के पीछे रहकर डिजिटल मीडिया, युवा विंग और तकनीकी रणनीतियों को संभाल रहे थे। अब राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी उनके पास आ गई है। माना जा रहा है कि जिस तरह से पिछले कुछ समय से मायावती अपने ही फैसलों को बदलती रही हैं, ईशान के लिए भी इस जिम्मेदारी को संभालना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। वैसे तो आज की बैठक से पहले ही यह माना जा रहा था कि आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने और ईशान को दोबारा पार्टी में लेने के बाद कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।कहा जा रहा है कि ईशान अब देश भर में राज्यों के प्रभारियों और मुख्य समन्वयकों के साथ सीधे संपर्क में रहेंगे। विधानसभा चुनाव के लिए मायावती से बात कर अहम फैसले लेने के साथ ही पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने का काम भी उनके पास होगा। आकाश आनंद अभी तक जिस तरह से मायावती की जगह राज्यों में जाकर चुनावी बागडोर संभालते रहे, उसी तरह अब ईशान को यह करना होगा। आकाश आनंद को क्यों दरकिनार किया गया? ईशान से पहले उनके बड़े भाई आकाश आनंद पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक थे. हालांकि 3 सितंबर को मायावती ने उन्हें राष्ट्रीय संयोजक पद से हटा दिया था. उन्होंने कहा था कि आकाश को अभी राजनीतिक तौर पर और परिपक्व होने की जरूरत है. इसके बाद 10 सितंबर को मायावती ने उन्हें पार्टी से भी पूरी तरह अलग कर दिया।  मायावती ने आकाश के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक सिद्धार्थ ने पार्टी से ज्यादा परिवार को प्राथमिकता दी. मायावती ने यह भी कहा कि आकाश ने उनके उस सोशल मीडिया पोस्ट को दोबारा साझा नहीं किया, जिसमें अशोक सिद्धार्थ से राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने की बात कही गई थी. मायावती ने इसे आकाश के पार्टी के प्रति रुख से जोड़ते हुए सवाल उठाए थे।  आकाश को पहले मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी बनाया गया था. लेकिन पिछले कुछ सालों में उन्हें कई बार जिम्मेदारी मिली और फिर वापस ली गई. अब मायावती ने साफ कहा है कि आकाश को पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. उनकी जगह छोटे भाई ईशान आनंद को आगे बढ़ाया जा रहा है। 

मिलेट उत्पादन में अग्रणी है सीधी

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेती का भविष्य उज्जवल है। किसानों को अपनी खेती को समय के साथ बदलते हुए नई तकनीक, फसल विविधीकरण और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़ने की दिशा में पहल करनी होगी। अन्न, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि आधारित उद्योगों में रूचि लेकर किसान आमदनी के नए रास्तें खोल सकते हैं। सीधी मिलेट उत्पादन में अग्रणी है, यहां कोदो, कुटकी, सांवा, मिजरी और काकुन जैसी कई मिलेट फसलें पारंपरिक रूप से उगाई जाती हैं, जो यहां की संस्कृति का अहम हिस्सा हैं। प्रसन्नता का विषय है कि अन्न को बढ़ावा देने के लिए जिले में 2 हज़ार हेक्टेयर में रागी और लगभग ढाई हज़ार हेक्टेयर में कोदो की फसल को बढ़ावा दिया जा रहा है।  हमारा प्रयास है कि अन्न का उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को प्रसंस्करण और बाजार से भी जोड़ा जाए, जिससे उनकी आमदनी के नए रास्तें खुलें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार सीधी के बलराम कृषि महोत्सव को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित करते हुए व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चंद्रेह शिव मंदिर में विराजे बाबा भोलेनाथ, बढ़ौरानाथ स्वामी और जगत जननी जगदंबा को नमन करते हुए कहा कि सीधी जिले में आदिशक्ति के अनेक पावन धाम हैं, प्रदेशवासियों पर सबकी कृपा बनी रहे, यही कामना है। इस अवसर पर मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री  नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई उपस्थित थे। खेती-किसानी के साथ पर्यटन और दरी कारीगरी के लिए भी प्रसिद्ध है सीधी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय संस्कृति से सजे सीधी की संभावनाओं की सूची बहुत लंबी है। खेती-किसानी के साथ पर्यटन, दरी कारीगरी, प्रकृति के वैभव और लोक संस्कृति यहां की रीढ़ है। पंजा दरी कारीगरों ने अपनी मेहनत और कला के बल पर सीधी को नई पहचान दी है। सीधी जिला कालीन बुनकरों का घर है, पंजा दरी विश्व प्रसिद्ध है, इसकी मांग विदेश तक है। पंजा दरी और कालीन हथकरघा उत्पादों को 'एक जिला-एक उत्पाद' के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। रामपुर नैकिन के भरतपुर गांव में हथकरघा और आकर्षक खादी परिधान बनाने की इकाई भी संचालित है। इससे स्थानीय कारीगरों को आय के अवसर मिल रहे हैं। किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी के किसान नवाचार और तकनीक अपना रहे हैं। जिले में धान, गेहूं, सरसों, चना, तिल और अरहर जैसी प्रमुख फसलों के साथ फल और सब्जियों का भी उत्पादन हो रहा है। टमाटर उत्पादन में सीधी की अपनी अलग ही पहचान है। प्याज, आलू, भिंडी, खीरा और बैंगन जैसी सब्जियों के साथ कटहल, कलमी आम, ग्राफ्टेड अमरूद, कलमी नींबू, फूलगोभी और चुकंदर जैसी उन्नत फसलों में मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे पानी की बचत के साथ पैदावार भी बढ़ रही है। समय पर पंजीयन कराएं किसान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। किसानों द्वारा लिए गए कृषि ऋण को चुकाने की व्यवस्था भी उनकी सुविधा की अनुसार की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को अपनी फसल समर्थन मूल्य पर देने के लिए समय रहते पंजीयन कराने की समझाईश दी। किसान दुग्ध उत्पादन से जुड़कर आय बढ़ाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीधी में पिछले 6 महीनों में महिला समूहों ने 24 क्विंटल महुआ लड्डू और 5 क्विंटल महुआ बिस्किट बेचकर करीब 13 लाख रुपए की आमदनी अर्जित की है। इस उपलब्धि के लिए महिला उद्यमी बधाई की पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें दुग्ध उत्पादन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के अंतर्गत संचालित सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का भी किसानों से आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 25 सितम्बर से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा का संचालन आरंभ हो रहा है। राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव “खेती को लाभ का धंधा कैसे बनाएं” विषय पर संगीता मिश्रा मझरेटी खुर्द सिहावल, विपिन शुक्ला मनकीसर रामपुर नैकिन, सजन सिंह बरमानी सीधी, विष्णुकांत कुशवाह भैसरहा रामपुर नैकिन एवं आरती सिंह टीकटकला सीधी ने अपने अनुभव साझा किए। मत्स्यपालन, कस्टम हायरिंग सेंटर, प्राकृतिक खेती, दाल उत्पादन, बेसन प्रोसेसिंग, राइस मिल, भैंस पालन और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले स्वेता सिंह, सिद्धार्थ सिंह, विवेक सिंह चैहान, संगीता मिश्रा, रीतू सिंह, बैयंत सिंह, रोहित कुमार मिश्रा, उर्मिला साहू, सौखीलाल यादव एवं गुलाब सिंह को सम्मानित किया गया। कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अभय गुप्ता, प्रिंस पटेल, चैतन्य सिंह चैहान, प्रिंस सिंह चैहान, आदित्य तिवारी, शिवाक्षत शुक्ला, आदर्श सिंह, आदर्श गुप्ता, यश चतुर्वेदी एवं गरिमा दुबे को सम्मानित किया गया। सीधी में आयोजित कार्यक्रम में सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, विधायक  कुंवर सिंह टेकाम,  विश्वामित्र पाठक, जिला पंचायत अध्यक्ष मती मंजू रामजी सिंह, कलेक्टर  विकास मिश्रा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

डीप डिप्रेशन तट के करीब, विशाखापट्टनम-गोपालपुर के बीच लैंडफॉल के आसार

 नई दिल्ली बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम हिस्से में स्थित डीप डिप्रेशन अब तटीय इलाकों के बहुत नजदीक पहुंच चुका है. 23 सितंबर 2026 को सुबह 5:30 बजे भारतीय समय के अनुसार यह सिस्टम अक्षांश 18.0 डिग्री उत्तर और देशांतर 84.7 डिग्री पूर्व के पास केंद्रित था।  यह आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 70 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व में, ओडिशा के गोपालपुर से 150 KM दक्षिण में, पुरी से 230 KM दक्षिण-पश्चिम में और विशाखापट्टनम से 150 KM पूर्व-उत्तर पूर्व में स्थित था. पिछले छह घंटों में यह पश्चिम दिशा में 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा है।  मौसम विभाग के अनुसार यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात तक उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों को पार कर सकता है. संभावित क्रॉसिंग क्षेत्र विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच है और यह कलिंगपट्टनम के करीब से गुजर सकता है. डीप डिप्रेशन की स्थिति में ही तट पार करने की संभावना है. इससे तटीय जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और समुद्री लहरों का खतरा बढ़ गया है।  सिस्टम की वर्तमान स्थिति और गति डीप डिप्रेशन बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया बना हुआ था. पिछले कुछ दिनों में यह लगातार तेज होता रहा और अब तट के बेहद करीब आ गया है. सुबह की स्थिति में यह कलिंगपट्टनम से महज 70 किलोमीटर दूर था जो दर्शाता है कि लैंडफॉल का समय निकट है. पश्चिम दिशा में इसकी गति 12 किलोमीटर प्रति घंटे रही है।  आगे पश्चिम-उत्तर पश्चिम मार्ग अपनाने से यह आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से ओडिशा की ओर बढ़ेगा. इतने करीब आने से स्थानीय प्रभाव तेजी से महसूस होने लगेंगे. तटीय क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है. समुद्र उग्र हो सकता है इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है. निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है।  उत्तर आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम और आसपास के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. दक्षिण ओडिशा के गंजाम, पुरी और गोपालपुर क्षेत्रों में भी यही स्थिति रहने वाली है. तेज हवाएं पेड़ों को उखाड़ने और बिजली व्यवस्था को प्रभावित करने में सक्षम हैं. नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है जिससे बाढ़ का खतरा पैदा होगा. शहरों में जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।  प्रशासन ने तटीय जिलों में अलर्ट जारी रखा है. लोगों को ऊंचे स्थानों पर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है. स्कूल और ऑफिस प्रभावित हो सकते हैं. किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने को कहा गया है. राहत सामग्री और आपात टीमें तैयार रखी गई हैं।  तैयारी और आगे की निगरानी डीप डिप्रेशन के तट पार करने के बाद इसका प्रभाव आंतरिक क्षेत्रों तक भी पहुंच सकता है. तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है. सिस्टम के कमजोर पड़ने की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है. मौसम विभाग नियमित बुलेटिन जारी कर रहा है. स्थानीय प्रशासन राहत शिविर और मेडिकल टीमें सक्रिय रखे हुए है।  इस तरह के सिस्टम मानसून के अंतिम चरण में आम हैं लेकिन तट के इतने करीब आकर तीव्र रहना चुनौती पैदा करता है. भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा पहाड़ी इलाकों में बढ़ सकता है. बिजली कटौती और संचार बाधित होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए बैकअप व्यवस्था जरूरी है।  लोगों को शांत रहकर आधिकारिक निर्देशों का पालन करना चाहिए. सोशल मीडिया पर अफवाहों से बचना बेहतर होगा. मौसम विभाग की वेबसाइट या ऐप से सही जानकारी लें. डीप डिप्रेशन के गुजरने के बाद भी कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रह सकता है. जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतें. प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से नुकसान को कम किया जा सकता है. सभी को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि सिस्टम रात तक तट पार कर सकता है। 

ऊर्जा क्षेत्र के आंकड़ों और उपलब्धियों का दस्तावेज ‘प्रमुख विद्युत समंक 2026’ जारी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गत दिवस मध्यप्रदेश के विद्युत सेक्टर की जानकारियों व नवीनतम आंकड़ों से परिपूर्ण प्रमुख विद्युत समंक 2026 (सैलियंट पावर स्टैटिस्टिक्स) का ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन कॉन्फ्रेंस में विमोचन किया। कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर वर्चुअली शामिल हुए। विद्युत उत्पादन, उपलब्धता, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन के नवीनतम आंकड़ों से समाहित बारह पृष्ठीय प्रमुख विद्युत समंक 2026 का प्रकाशन एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के स्टेट प्लानिंग सेल ने किया है। प्रमुख विद्युत समंक 2026 पुस्त‍िका में राज्य विद्युत क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में अर्जित की गई प्रमुख उपलब्ध‍ियों के आंकड़ों को शामिल किया गया है। इस पुस्त‍िका में वित्तीय वर्ष 2024-25 व वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के तुलनात्मक विश्लेषण को समाहित किया गया है। प्रमुख विद्युत समंक 2026 में दी गई जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में घरेलू बिजली उपभोक्ता की संख्या 1 करोड़ 32 लाख 70 हजार है, वहीं प्रति व्यक्त‍ि विद्युत खपत 1393 किलोवाट प्रति घंटा हो गई। मध्य प्रदेश की उपलब्ध उत्पादन क्षमता वर्ष 2025-26 में बढ़ कर 26023 मेगावाट हो गई। प्रमुख समंक 2026 में मध्यप्रदेश के विद्युत उत्पादन, उपलब्धता, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र में अर्जित की गई उपलब्ध‍ि‍यों के आंकड़ों को टेबल, चार्ट, ग्राफ व नक्शे के द्वारा रोचक व आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। समंक में प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता में हुई वृद्ध‍ि, प्रदाय की गई बिजली, शीर्ष मांग, उपभोक्ताओं की संख्या, विभिन्न श्रेणी के उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग की गई बिजली, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन सिस्ट्म के विकास, प्रति व्यक्त‍ि बिजली खपत इत्यादि आंकड़ों को प्रदर्श‍ित किया गया है। समंक में प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र व पश्च‍िम क्षेत्र द्वारा किए गए कार्यों व अर्जित उपलब्ध‍ियों को कंपनीवार दर्शाया गया है। समंक 2026 की विशेषता इसमें प्रदर्श‍ित किया गया पावर मेप ऑफ मध्यप्रदेश है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री मनीष सिंह, सचिव ऊर्जा व एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक श्री विशेष गढ़पाले, ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल श्री आलोक कुमार और वरिष्ठ विद्युत अभियंता एवं विशेषज्ञ उपस्थि‍त थे।  

स्मृति ईरानी को हरियाणा-छत्तीसगढ़, सुनील बंसल को बंगाल-तेलंगाना का प्रभार

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नबीन ने राज्यों के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। केंद्रीय सत्ताधारी पार्टी ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अपने नए प्रभारियों और सह प्रभारियों के नाम का ऐलान किया है। इसमें सबसे खास पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम है। पहले उन्हें भाजपा की केंद्रीय टीम में शामिल किया गया और अब उन्हें दो बड़े राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। स्मृति ईरान को छत्तीसगढ़ और हरियाणा में भाजपा प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा भाजपा आईटी सेल की जिम्मेदारी लंबे समय तक संभालने वाले अमित मालवीय को महाराष्ट्र का सह प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील बंसल को तेलंगाना और बंगाल का प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के नए प्रभारियों की लिस्ट में उत्तर प्रदेश खास देश की राजनीति में अहम जगह रखने वाले उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी ने भी अपनी कमर कस ली है। भाजपा कार्यालय की तरफ से जारी लिस्ट में उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा नेता दिए गए हैं। सबसे बड़ी जनसंख्या वाले राज्य में भाजपा वरिष्ठ नेता विनोद तावड़े को प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा चार सह प्रभारी बनाए गए हैं। इनमें जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा शामिल हैं। बिहार में किसे मिला भाजपा का प्रभार? भारतीय जनता पार्टी अपने गठबंधन के साथ भले ही बिहार में सत्ता में हो। लेकिन यहां भी उन्होंने प्रभारियों रूप में एक मजबूत टीम को मैदान में भेजा है। मुख्य प्रभारी के तौर पर भाजपा के अनुभवी नेता हरीष द्विवेदी हैं। वहीं उनके साथ में सह प्रभारी के रूप में संगीता यादव और रोहन गुप्ता को जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में किसे मिली भाजपा की कमान? भारतीय जनता पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव वाले राज्यों के लिए भी अपने प्रभारियों के नाम का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश के साथ अगले वर्ष पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, हिमाचल और गुजरात में चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा इन राज्यों के लिए भी अपने प्रभारियों का चयन कर चुकी है। सबसे पहले पंजाब के लिए डॉ. सतीश पूनिया को प्रभारी बनाया गया है। वहीं उनके साथ में वीरेंद्र सचदेवा और अलका गुर्जर को सह प्रभारी पद की जिम्मेदारी दी गई है। हिमाचल प्रदेश के लिए भाजपा ने श्रीकांत शर्मा को प्रभारी पद की जिम्मेदारी दी है, जबकि सह प्रभारी पद के लिए दर्शाना सिंह का नाम है। गोवा में भारती प्रवीण नायर को प्रभारी बनाया गया है, जबकि अनिल एंटनी को सह प्रभारी बनाया गया है। उत्तराखंड की जिम्मेदारी अनुभवी संघ के स्वयंसेवक और भाजपा नेता राम माधव को दी गई है। इसके अलावा अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को उनका डिप्टी बनाया गया है। गुजरात में भाजपा ने वरिष्ठ नेता तरुण चुघ को प्रभारी पद का कार्यभार सौंपा है। उनके डिप्टी के रूप में अजय महावर और गोमती साईं काम करेंगे। वहीं मणिपुर में राजदीप रॉय को प्रभारी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बिहार के कई नेताओं को अहम जिम्मेदारियां हरीश द्विवेदी बिहार बीजेपी के प्रभारी बनाए गए. वहीं रोहन गुप्ता और संगीता यादव बिहार की सह प्रभारी हैं. बिहार बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मौजूदा विधायक मंगल पांडे असम के प्रभारी बनाए गए. मंगल पांडे बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं।  बिहार के एक अन्य नेता पूर्व एमएलसी देवेश कुमार अरुणाचल प्रदेश के प्रभारी बनाए गए. देवेश कुमार ने पिछले दिनों विधान परिषद से इस्तीफा दिया था उनकी तरफ से खाली की गई सीट पर मंत्री दीपक प्रकाश एमएलसी बने थे. मंत्री दीपक प्रकाश उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं।  बिहार से बीजेपी की एमएलसी निवेदिता सिंह झारखंड की सह प्रभारी बनाई गई. बिहार से आने वाले राजेंद्र सिंह को पश्चिम बंगाल का सह प्रभारी बनाया गया. बिहार की पिंकी कुशवाहा को भी पश्चिम बंगाल का सह प्रभारी बनाया गया।  इसके अलावा राम माधव उत्तराखंड के नए प्रभारी हैं. वहीं बांसुरी स्वराज सह प्रभारी।  विनय सहस्रबुद्धे को BJP की दिल्ली यूनिट का इंचार्ज बनाया गया. जमयांग नामग्याल और दर्शना जरदोश को को-इंचार्ज बनाया गया।  दिए गए दस्तावेज़ (प्रेस विज्ञप्ति) के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारियों एवं सह-प्रभारियों की सूची की तालिका इस प्रकार है: क्रमांक राज्य / केंद्र शासित प्रदेश प्रभारी सह प्रभारी 1 अंडमान एवं निकोबार जय प्रकाश — 2 अरुणाचल प्रदेश डॉ. देवेश कुमार — 3 आंध्र प्रदेश डॉ. अरविंद भदौरिया वनथी श्रीनिवासन 4 असम मंगल पांडे फांग्नोन कोन्याक, मनोज टिग्गा 5 बिहार हरीश द्विवेदी संगीता यादव, रोहन गुप्ता 6 चंडीगढ़ महेंद्र पांडे — 7 छत्तीसगढ़ स्मृति ईरानी सिद्धार्थ शंभू 8 दादरा नगर हवेली एवं दमन और दीव वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी — 9 दिल्ली डॉ. विनय सहस्रबुद्धे जामयांग त्सेरिंग नामग्याल, दर्शानाबेन जरदोश 10 गोवा डॉ. भारती प्रवीण पवार अनिल एंटनी 11 गुजरात तरुण चुघ अजय माहावर, गोमती साई 12 हरियाणा स्मृति ईरानी डॉ. भोला सिंह 13 हिमाचल प्रदेश श्रीकांत शर्मा दर्शाना सिंह 14 जम्मू-कश्मीर डॉ. सतीश पूनिया रीना कश्यप 15 झारखंड गजेंद्र पटेल सौरभ सिंह, निवेदिता सिंह 16 कर्नाटक हरीश द्विवेदी डॉ. एम. वेंकटेश्वरलु 17 केरल प्रो. एम. नागराजा एम. वेंकटेशन 18 लद्दाख राजकुमार भाटिया — 19 लक्षद्वीप जॉर्ज कुरियन — 20 मध्य प्रदेश बितुल कुमार देब रेखा वर्मा 21 महाराष्ट्र बैजयंत जय पांडा अमित मालवीय, सदानंद शेट तानावडे, कमलजीत सहरावत 22 मणिपुर डॉ. राजदीप रॉय — 23 मेघालय कनाद पुरकायस्थ डॉ. नुमल मोसमन 24 मिजोरम डॉ. भागवत कराड — 25 नगालैंड अनिल एंटनी — 26 ओडिशा डी. पुरंदेश्वरी डॉ. स्वदेश सिंह 27 पुडुचेरी के. सुरेंद्रन — 28 पंजाब डॉ. सतीश पूनिया वीरेंद्र सचदेवा, डॉ. अलका गुर्जर 29 राजस्थान संजय भाटिया कविता पाटीदार, कुलजीत चहल 30 सिक्किम राजू बिष्ट — 31 तमिलनाडु राम माधव निर्मल कुमार सुराणा, डी.के. अरुणा 32 तेलंगाना सुनील बंसल अभय पाटिल, रेखा शर्मा 33 त्रिपुरा मृगांका देव बर्मन — 34 उत्तर प्रदेश विनोद तावड़े जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप शर्मा, अनंत ओझा 35 उत्तराखंड राम माधव अरविंद मेनन, बांसुरी स्वराज 36 पश्चिम बंगाल सुनील बंसल लाल सिंह आर्य, राजेंद्र सिंह, पिंकी कुशवाहा      

मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के 5 सारथियों को किया सम्मानित, लाभार्थियों को बांटे चेक

मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को किया सम्मानित, कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को प्रदान किया चेक भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान  लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी के पांच सारथियों सुमनदीप कौर, अमित कुमार अग्रवाल, अमरीश सोनकर, शशांक पांडेय और पंकज कुमार वर्मा को मंच पर शेयर प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण के चेक भी वितरित किए, जिसमें अनिल कुमार सिंह को छह लाख रुपये, अंकुश कुमार को पांच लाख रुपये, अवधेश कुमार को चार लाख 50 हजार रुपये, बाबूलाल राजपूत को तीन लाख रुपये और संजय को दो लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग जेपीएस राठौर ने मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम के लाभांश के रूप में दो करोड़ 69 लाख रुपये का चेक भी सौंपा। मुख्यमंत्री के समक्ष भारत टैक्सी के साथ तीन एमओयू मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मंच पर भारत टैक्सी और तीन प्रमुख संस्थाओं के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। भारत टैक्सी के सीईओ हिमांशु ने अडानी एयरपोर्ट लखनऊ के चीफ कमर्शियल ऑफिसर शिव मोहन सिंह, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के मैनेजिंग डायरेक्टर सुशील कुमार तथा यातायात एवं सड़क सुरक्षा, लखनऊ के डीआईजी अरविंद कुमार मौर्य के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया। भारत टैक्सी से युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर : ब्रजेश पाठक उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सहकारिता विभाग समाज के गरीब, किसान और मध्यम वर्ग से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूर्ववर्ती सरकारों में यह विभाग अपनी मूल भावना से भटक गया था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहकारिता विभाग को नई दिशा मिली है और आज सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में हैं, जिसका लाभ किसानों और आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद देश में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य तेजी से हुआ है। भारत टैक्सी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसमें अपनी गाड़ी, अपना ड्राइवर और अपनी कमाई की व्यवस्था होगी तथा पैसा स्थानीय स्तर पर परिवार और अर्थव्यवस्था में ही घूमेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारत टैक्सी को सफल बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने तथा स्वयं को इसका ब्रांड एंबेसडर बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब अपराध और कट्टा संस्कृति के स्थान पर कलम, शिक्षा और विकास की संस्कृति मजबूत हुई है।  उत्तर प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में हो रहा उल्लेखनीय कार्य: मुरलीधर मोहोल केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि आज लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी भारत टैक्सी की सेवा शुरू हो रही है तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 50 हजार से अधिक लोग ऑनलाइन इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। भारत टैक्सी के संबंध में उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ड्राइवर भाई-बहनों के खातों में पहुंच चुकी है। वर्तमान में भारत टैक्सी देश के करीब 15 शहरों में संचालित हो रही है और लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर तथा प्रयागराज के जुड़ने के साथ उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 40 हजार ड्राइवरों ने पंजीकरण कराया है।  उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। प्रदेश में करीब 42 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं। पैक्स के कंप्यूटरीकरण और ग्रामीण बैंकों के डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का सहकारिता मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी बन सकता है और भारत टैक्सी इस सहकारिता आंदोलन को मोबिलिटी के क्षेत्र में नई गति देने वाली महत्वपूर्ण पहल है।

आहार-विचार और व्यवहार में संतुलन है स्वस्थ जीवन का आधार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय योग और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति पुन: विश्व में प्रतिष्ठित हुई है। भारतीय संस्कृति और जीवनशैली में आयुर्वेद सदियों से समाहित है। हमारी रसोई की वस्तुएं और भोजन में मसाले भी आयुर्वेद पर आधारित हैं। भारतीय संस्कृति और वेदों के ज्ञान में सर्वे भवन्तु सुखिन: और वसुधैब कुटुम्बकम की भावना छिपी है। हम दुनिया के सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं और पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखते हैं। आयुर्वेद एकमात्र पैथी है, जो इस सिद्धांत में विश्वास करती है कि स्वास्थ्य केवल रोग का उपचार नहीं, रोग से बचाव भी है। आयुर्वेद, आहार-विचार और व्यवहार में संतुलन रखना सिखाता है। इसमें बीमारी से पहले ही व्यक्ति को स्वस्थ रखना महत्वपूर्ण है। कोरोना काल में मानव जीवन की रक्षा में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद ने अपनी सामर्थ्य सिद्ध की है। भारत का गौरवशाली अतीत पश्चिमी देशों में पुन: प्रतिष्ठित हो रहा है। इस साल स्कॉटलैंड के एडिनबरा में दुनिया के सबसे पुराने सर्जिकल संस्थान रॉयल कॉलेज ऑफ सर्जन्स में शल्य क्रिया के जनक महर्षि सुश्रुत की प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 तक आयुष का बाजार लगभग 3 बिलियन डॉलर था, जो अब बढ़कर 43 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। राज्य सरकार आयुर्वेद को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष इंटर्न चिकित्सकों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर कहा कि इस विषय पर आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार से चर्चा उपरांत समुचित निर्देश दिए जा चुके हैं। शीघ्र ही इंटर्न चिकित्सकों को शुभ समाचार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। आयुर्वेद प्रदर्शनी का हुआ शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाविद्यालय के रजत जयंती ऑडिटोरियम में भगवान धन्वंतरि जी की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इससे पहले परिसर में रक्त चंदन का पौधा रोपा तथा पारम्परिक चिकित्सा पद्धति से जनसामान्य को जोड़ने के लिए लगाई गई आयुर्वेद प्रदर्शनी का शुभारंभ कर विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया। स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का हुआ लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुर्वेद दिवस पर प्रदेशवासियों को कई सौगातें प्रदान की। इसके अंतर्गत 184 करोड़ रुपए की लागत से बने 25 आयुष भवनों, अस्पतालों और महाविद्यालयों की सौगात प्रदेशवासियों को सौंपी। उन्होंने 4 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत से बने 12 आयुष भवनो का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 179 करोड रुपए की लागत से 13 आयुष भवन चिकित्सालयों और आयुर्वेद महाविद्यालयों की आधारशिला रखी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में 6 एकड़ क्षेत्र में बने स्टेट कंपोजिट हर्बल गार्डन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले में आयुर्वेद को प्रोत्साहन देने के लिए स्थापित 102 करोड़ रुपए लागत के महाविद्यालय का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुष वेलनेस पर्यटन केंद्र के नामों का अनावरण किया, अब ये केंद्र आयुष आरोग्यम धाम के रूप में जाने जाएंगे। साथ ही उन्होंने प. खुशीलाल महाविद्यालय में स्थापित हर्बल गार्डन ऑफ स्टेट इंपोर्टेंस के जन प्रवेश का शुभारंभ भी किया। खगोलीय गणना पर निर्धारित हुआ है आयुर्वेद दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत ने दुनिया को अष्ट सिद्धियों के माध्यम से अपना महत्व बताया है। इन सिद्धियों में शून्य, दशमलव, योग, आयुर्वेद, खगोल विद्या, ज्योतिष विद्या, वास्तुकला और आध्यात्म भी शामिल है। खगोल शास्त्र की गणना अनुसार 23 सितंबर को दिन और रात का समय बराबर है। इसीलिए इस दिन को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने की पहल की गई है। इसी प्रकार 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। दुनिया के 200 से अधिक देशों में योग दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। 21 जून को सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायण में प्रवेश करता है। भारतीय संस्कृति सूर्य आधारित रही है। शरीर मंदिर जैसा पवित्र है, इसे आयुर्वेद से रखें निरोगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आयुर्वेद के विशेषज्ञ मानते हैं कि जब किसी इलाके में कोई बीमारी फैलती है तो उसकी औषधि आसपास 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में मौजूद होती है। हम बीमार होने पर ही इलाज क्यों ढूंढें। इसीलिए वेलनेस की संकल्पना रखी गई है। हमें अपनी दिनचर्या और खानपान के बल पर स्वयं को स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। योग और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली अपनाकर हम बिना किसी कठिनाई के निरोग रह सकते हैं। ईश्वर ने हमें शरीर रूपी मंदिर दिया है, जिसे हमें स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। कोविड के दौर में आयुर्वेद की महिमा सबने देखी है। आयुर्वेद ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जो जीवनभर हमें निरोग रखती है। पर्यटन से भी आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रदेश में प्रोत्साहित किया जा रहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पहला आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन 1916 में ग्वालियर में बना। उसके बाद 1972 में तीन भवन जबलपुर, इंदौर और उज्जैन में बने। इसके बाद बुरहानपुर और फिर भोपाल में पंडित खुशीलाल महाविद्यालय की स्थापना की गई। हमारी सरकार ने प्रदेश में 9 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय स्थापित करने की शुरुआत की है। आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2002-03 के मुकाबले आयुष विभाग के बजट में 16 गुना वृद्धि की है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर 12 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं। राज्य सरकार पर्यटन के माध्यम से आयुष चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहित कर रही है। प्रदेश में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और 58 आुयष विंग संचालित उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति के भविष्य में आयुर्वेद का अपना अलग स्थान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार मेडिकल और आयुर्वेदिक महाविद्यालयों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश में 2023 तक 7 आयुर्वेदिक और 2 होम्योपैथी व यूनानी पद्धति के महाविद्यालय थे। प्रदेश में 9 आयुष महाविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है और अभी 8 नए आयुर्वेदिक महाविद्यालय निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में 1,773 आयुर्वेदिक औषधालय, 800 आयुष्मान आरोग्य मंदिर और … Read more

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर ‘राम-नामी’ की टीम को मंत्री राजेश अग्रवाल ने दी बधाई

‘राम-नामी’ फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने जताया हर्ष, निर्देशक भारतबाला गणपति सहित पूरी टीम को दी शुभकामनाएं रामनामी की अनूठी सांस्कृतिक परंपरा को राष्ट्रीय पहचान मिलना हम सभी के लिए गौरव का विषय – राजेश अग्रवाल रायपुर रामनामी समुदाय की अनूठी परंपरा और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘राम-नामी’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में ‘सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री’ का प्रतिष्ठित सम्मान मिलने पर संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने फिल्म के निर्देशक भरतबाला गणपति सहित निर्माता एवं पूरी फिल्म टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ‘राम-नामी’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलना छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। यह सम्मान केवल एक उत्कृष्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म को मिला पुरस्कार नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों, आध्यात्मिक चेतना और पीढ़ियों से चली आ रही विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान भी है। उन्होंने कहा कि रामनामी समुदाय की परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता का विशिष्ट उदाहरण है। अपनी अनूठी आस्था, परंपराओं और जीवन मूल्यों के माध्यम से रामनामी समाज ने प्रदेश की लोक संस्कृति को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ‘राम-नामी’ डॉक्यूमेंट्री ने इस विशिष्ट सांस्कृतिक परंपरा को प्रभावी ढंग से देश के व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया है। अग्रवाल ने फिल्म के निर्देशक भारतबाला गणपति और पूरी टीम के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसी लोक परंपरा को संवेदनशीलता और प्रभावशाली सिनेमाई प्रस्तुति के माध्यम से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फिल्म से जुड़े प्रत्येक कलाकार, तकनीकी विशेषज्ञ, निर्माता और सहयोगी इस सम्मान के सहभागी हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत अत्यंत व्यापक और विविधतापूर्ण है। यहां की लोककलाएं, लोकगीत, लोकनृत्य, जनजातीय परंपराएं, धार्मिक आस्थाएं और सदियों पुरानी सांस्कृतिक परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। ‘राम-नामी’ को मिला राष्ट्रीय सम्मान इन समृद्ध परंपराओं को देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘राम-नामी’ को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश के अन्य लोक कलाकारों, रचनाकारों, फिल्मकारों और सांस्कृतिक कर्मियों को भी अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक विरासत को रचनात्मक माध्यमों से सामने लाने के लिए प्रेरित करेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 की फिल्मों के लिए घोषित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘राम-नामी’ को हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में चुना गया है। फिल्म के निर्माता बीबीपी स्टूडियो वर्चुअल भारत प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशक भरतबाला गणपति हैं। संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने भारतबाला गणपति एवं ‘राम-नामी’ फिल्म की पूरी टीम को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को देश के राष्ट्रीय पटल पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है।

UP में निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर, फीडरवार निगरानी और वैकल्पिक व्यवस्था पर फोकस

योगी सरकार का निर्बाध बिजली आपूर्ति पर जोर, युद्धस्तर पर प्रयास के निर्देश त्योहारों पर नहीं होगी बिजली की किल्लत, वैकल्पिक व्यवस्था और फीडरवार निगरानी पर फोकस कोयले की कमी से न प्रभावित हो विद्युत आपूर्ति, बेहतर वैकल्पिक योजना बनाने के निर्देश डिस्कॉम के एमडी प्रतिदिन करेंगे समीक्षा, हर दो घंटे में फीडरवार रिपोर्ट भेजने का निर्देश लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश में निर्धारित शेड्यूल के अनुरूप बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने प्रदेश की विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने सभी क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास करने के निर्देश दिए। रणवीर प्रसाद ने कहा कि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जहां से भी विद्युत की व्यवस्था संभव हो, वहां से आवश्यक इंतजाम किए जाएं। उन्होंने भविष्य में कोयले की कमी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की बेहतर योजना तैयार करने पर जोर दिया। प्रमुख सचिव ने निर्देशित किया कि आपूर्ति की फीडर वाइज मॉनिटरिंग की जाए। साथ ही विद्युत वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के साथ परिणाम देने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, फीडर मीटरों के आंकड़ों तथा वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मानकों की जानकारी ली। अध्यक्ष ने कहा कि फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करते हुए जहां भी कमियां सामने आएं, वहां तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करें। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों एवं क्षेत्रों में फीडरवार कार्य योजना बनाकर नियमित कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष ने प्रदेश के वितरण निगम के कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी त्योहारों को देखते हुए अभी से प्रभावी योजना बना ली जाए, जिसे उस दौरान सभी को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि डिस्कॉम स्तर पर सभी प्रबन्ध निदेशक विद्युत आपूर्ति की समीक्षा प्रतिदिन करें। उसकी एक विस्तृत रिपोर्ट लखनऊ भेजें। जिसमें जिलेवार फीडर की जानकारी होगी। ब्रेकडाउन के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। इसी तरह रोस्टिंग की जानकारी भी फीडर वाइज रहेगी। उन्होंने कहा कि डिस्कॉम स्तर पर कंट्रोल रूम में हर दो घंटे की फीडरवाइज रिपोर्ट मंगाई जाए। जिसमें कभी भी किसी फीडर की जानकारी मांगी जाए। शक्ति भवन में सम्पन्न इस बैठक में उन्होंने विद्युत आपूर्ति, व्यवस्थागत ढ़ाचे का सुदृढ़ीकरण, बिल वितरण, बिल वसूली, बिजली चोरी रोकने, विद्युत दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियन्त्रण तथा विद्युत कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने आदि मुद्दों पर समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए। अध्यक्ष ने निर्देशित किया कि इंडीपेन्डेन्ट फीडर के उपभोक्ताओं से विद्युत निगमों के वरिष्ठ अधिकारी सम्पर्क कर विद्युत आपूर्ति का फीड बैक लेते रहें और बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें। अध्यक्ष ने बिजनेस प्लान के कार्यों को समय से पूर्ण कराने हेतु सख्त निर्देश दिये। अध्यक्ष ने कहाकि बिजनेस प्लान में लखनऊ सहित प्रदेश के ऐसे स्थानों के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाय, जहां विद्युत आपूर्ति को लेकर बार-बार समस्या आ रही है। शक्ति भवन में हुई आपूर्ति संबंधी इस समीक्षा बैठक में प्रबन्ध निदेशक नितीश कुमार सहित उत्पादन निगम एवं एस.एल.डी.सी. के अधिकारी तथा कारपोरेशन के निदेशक आदि वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी, 3 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में अब तक औसत 34.2 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य की 91.5% है। यह 'सामान्य से कम' बारिश की कैटेगिरी में है। हालांकि, अगले 4 दिन प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। ऐसे में आंकड़े में सुधार की उम्मीद है।मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित हुआ अवदाब अब एक महत्वपूर्ण मौसमी सिस्टम के रूप में उभर रहा है। इसके स्ट्रॉन्ग होने की संभावना है। इसके प्रभाव से ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में वर्षा गतिविधियों में वृद्धि के संकेत हैं। इन जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, बुधवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। इससे पहले सोमवार-मंगलवार को प्रदेश के 33 जिलों में तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। जिन जिलों में पानी गिरा, उनमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, सीहोर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आलीराजपुर, शाजापुर, देवास, खंडवा, रीवा, सिंगरौली, सीधी, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल हैं। सागर के देवरी में सबसे ज्यादा 2.4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के 100 से ज्यादा शहर/कस्बों में बारिश हुई। एमपी की ओर बढ़ेगा वर्षा का प्रभाव मौसम विशेषज्ञ नायक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में विकसित होने वाले सिस्टम जब आगे बढ़ेंगे तो उनके साथ जुड़ा नमी का परिवहन, वायुमंडलीय परिसंचरण और आसपास की अन्य मौसमी परिस्थितियां मध्य भारत में वर्षा गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में 26 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने के आसार है। 25 और 26 सितंबर को कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश भी हो सकती है। 23 और 24 सितंबर भी कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। सामान्य बारिश से 2.3 इंच नीचे चल रहा प्रदेश IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 869.3 मिमी यानी, 34.2 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.5 इंच (927.5 मिमी) की तुलना में 2.3 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 10% बारिश कम हुई है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 22% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। मंगलवार को आंकड़ा माइनस में 2 प्रतिशत रहा। प्रदेश के पश्चिमी हिस्से- आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 7% से 49% कम पानी गिरा है। इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।