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काम मत करो, बच्चे पैदा करो… आबादी बढ़ाने के लिए चीन की जनता को मिलेंगे ₹12 लाख

बीजिंग  दुनिया भर के तमाम देशों में घटती युवा आबादी चिंता का सबब बनी हुई है. सरकारें युवाओं को ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए मां और उसके नवजात शिशुओं के लिए कई स्कीमें भी ला रही हैं, लेकिन फिर भी जन्म दर नहीं बढ़ रही. लिहाजा अब जच्चा-बच्चा के बाद अब पुरुषों यानी पिता को प्रोत्साहन देने की तैयारी है. चीन इसमें पहल करेगा और ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले पिता भी अब मालामाल होंगे. बच्चों के जन्म पर पिता को भी नकद इनाम मिलेगा.  चीन के सबसे अधिक आबादी वाले सिचुआन प्रांत ने शादी की छुट्टी को 3 से बढ़ाकर 20 दिन कर दिया है. अगर आप शादी से पहले मेडिकल चेकअप भी कराते हैं तो आपको 5 दिन की और छुट्टी मिल जाएगी. यानी कुल 25 दिन की छुट्टी, वो भी पूरी सैलरी के साथ. ये प्रस्ताव फिलहाल जून महीने तक लोगों की राय के लिए खुला है. क्यों देना पड़ा छुट्टियों का ये तोहफा? कन्फ्यूशियस की धरती कहे जाने वाले शेडोंग प्रांत में भी शादी की छुट्टी अब 18 दिन कर दी गई है. शांक्सी और गांसू जैसे प्रांतों ने तो इसे और आगे बढ़ाकर 30 दिन तक कर दिया है. चीन में फिलहाल केंद्र स्तर पर सिर्फ 3 दिन की शादी छुट्टी का प्रावधान है जो 1980 से चला आ रहा है. दरअसल, चीन में शादी करने वाले लोगों की संख्या लगातार घट रही है. 2025 की पहली तिमाही में केवल 1.81 मिलियन जोड़ों ने शादी की रजिस्ट्रेशन करवाई, जो पिछले साल के मुकाबले 8% कम है. 2023 में थोड़ी बढ़त के बाद आंकड़े फिर गिर गए और अब ये स्तर 1980 के बाद सबसे नीचे है. कितने पैसे मिलेंगे ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन सरकार बच्चे पैदा करने वाली माता को हर साल 3,600 युआन देगी। भारतीय रुपये में यह लगभग 42,000 रुपये होता है। यह पैसा बच्चे के तीन साल के होने तक मिलता रहेगा। स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उल्लेखनीय है कि इस समय चीन की जनसंख्या 141.05 करोड़ है। क्यों आई ऐसी नीति चीन में बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। इसलिए सरकार यह कदम उठा रही है। पिछले साल, चीन में सिर्फ 95.4 लाख बच्चे पैदा हुए। साल 2016 में यह संख्या लगभग दोगुनी थी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने साल 2016 में चीन ने 'एक बच्चा नीति' को खत्म कर दिया था।स चीन में 'वन चाइल्ड पॉलिसी' खत्म हुए लगभग दस साल हो गए हैं। लेकिन, इसके बाद भी परिवार ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। वहां शादी करने वाले लोगों की संख्या भी पिछले पचास सालों में सबसे कम हो गई है। इसका मतलब है कि आने वाले सालों में और भी कम बच्चे पैदा होंगे। चीन की स्थानीय सरकारें (Local Government) बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए कई तरीके अपना रही हैं। वे लोगों को पैसे और मकान देने की कोशिश कर रही हैं। इनर मंगोलिया के होहोट जैसे शहर दूसरे बच्चे के लिए 50,000 युआन और तीसरे बच्चे के लिए 100,000 युआन दे रहे हैं। SCMP के अनुसार, यहां लोगों की कमाई कम है, इसलिए यह पैसा बहुत मायने रखता है। दूसरे देशों में इस तरह की योजनाओं के मिले-जुले नतीजे देखने को मिले हैं। दक्षिण कोरिया में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2024 में भुगतान बढ़ा दिया। एक साल बाद, जन्म दर में 3.1% की वृद्धि हुई – यह नौ सालों में पहली वृद्धि थी। जापान एक अलग रास्ता दिखाता है। वहां 2005 से अधिक चाइल्डकैअर केंद्र खोलकर, इसने अपनी प्रजनन दर में 0.1 की वृद्धि की। स्टडी से पता चलता है कि अतिरिक्त नकदी कुछ लोगों के लिए मददगार हो सकती है। 144,000 से अधिक माता-पिता के एक हालिया सर्वेक्षण में पाया गया कि सिर्फ 15% लोग और बच्चे चाहते थे। 1,000 युआन की संभावित सब्सिडी के बारे में जानने के बाद, यह आंकड़ा 8.5 प्रतिशत बढ़ गया। शादी कम, बच्चे और भी कम कम शादियां सीधे तौर पर घटती जन्मदर से जुड़ी हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अब युवा तब तक शादी नहीं करना चाहते जब तक उन्हें बच्चे की प्लानिंग न करनी हो. ऊपर से पढ़ाई और करियर में व्यस्तता, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सोच ने पारंपरिक शादी की धारणा को और कमजोर किया है. सरकार क्या कर रही है? चीन अब शादी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को भी आसान बना रहा है. अब किसी भी शहर में शादी का रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है हुकौ (घरेलू पंजीकरण) की जरूरत नहीं. साथ ही, मैटरनिटी और पितृत्व अवकाश भी बढ़ाया जा रहा है. हालांकि कुछ लोगों को डर है कि आर्थिक दबाव की वजह से ये सारी छुट्टियां केवल कागजी बनकर न रह जाएं. इसी को देखते हुए सरकार कंपनियों को मदद देने की बात भी कर रही है.

प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत लैपटॉप राशि अंतरण समारोह में हुए शामिल

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति, समाज या राष्ट्र के विकास के लिए शिक्षा अनिवार्य है। जब तक लोग शिक्षित नहीं होंगे, वे न तो अपने अधिकारों को समझ पाएंगे और न ही अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन कर पाएंगे। शिक्षा से नई सोच, नई तकनीक और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त होता है। आधुनिक युग में शिक्षित होना बहुत जरूरी है। शिक्षा तरक्की का आधार है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शहडोल में प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में लैपटॉप राशि अंतरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यापर्ण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अंतर्गत कक्षा 12 वीं के एमपी बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक लाने वाले विद्याथियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राज्य सरकार द्वारा 25 हजार रूपये की राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा विद्यार्थी को उच्च शिक्षा व आगे की पढाई करने के लिए यह लैपटॉप काफी मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि कमजोर तबके के विद्यार्थी भी कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, इंजीनियर, डॉक्टर जैसे अच्छे पदो में जाए इसके लिए हर संभव मदद की जा रही है, किसी भी स्थिति में शिक्षा के लिए आर्थिक संकट नही होने दिया जाएगा। विद्यार्थी अच्छी मेहनत और लगन से पढाई करें। असफलता भी मिल जाए तो निराश नही होना चाहिए, उस असफलता होने का कारण खोजे और सुधार करे तो सफलता अवश्य मिलती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा समाज के लिए वरदान है। इसके लिए अभिभावक, गुरूजन अपनी महती भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार मिल विकास के क्षेत्र में नये-नये आयाम गढ रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाएं गरीब, महिला, किसान, युवा सभी वर्गों का सशक्तीकरण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शहडोल संभाग तेजी से विकास की ओर बढ रहा है, शहडोल में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय आदि सुविधाओ का विस्तार किया गया है, जिससे शहडोल संभाग के लोगो को अन्य शहरो में न जाना पडे़ और लोगो की आवश्यकताओं को देखते हुए अन्य सुविधाओ का भी विस्तार किया जाएगा। विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, श्री जयसिंह मरावी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- सिंगरौली प्रदेश का सीमावर्ती, खनिज सम्पन्न और सर्वप्रिय जिला है

503 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 54 कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमि-पूजन गुरु पूर्णिमा पर स्कूल भवनों सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण सिंगरौली जिले के सरई में हुआ महिला सशक्तिकरण एवं जनजातीय गौरव सम्मेलन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंगरौली प्रदेश का सीमावर्ती, खनिज सम्पन्न और सर्वप्रिय जिला है। सिंगरौली को शीघ्र ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने वाली है। अगले साल से यहां पढ़-लिखकर डॉक्टर निकलेंगे। आज प्रदेशभर के 94 हजार 234 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि ट्रांसफर की गई है। इसमें 60 प्रतिशत छात्राएं और 40 प्रतिशत छात्र शामिल हैं। राज्य सरकार जनजातीय अंचल में सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। बीते 2 साल में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 15 हजार से अधिक स्कूटी बांटी गई हैं। हमारी सरकार सबके चतुर्दिक विकास के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सिंगरौली जिले के सरई गांव में महिला सशक्तिकरण तथा जनजातीय गौरव सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। कुछ दिनों बाद 10 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है, इस दिन प्रदेश के सभी स्कूल-कॉलेज, हॉस्टल सहित बच्चों की सुविधा से जुड़े निर्माण कार्यों का एक साथ लोकार्पण होगा। शासकीय स्कूलों के बच्चों को साइकिल, ड्रेस और किताबों का वितरण भी किया जाएगा। भागवत गीता से मध्यप्रदेश का संबंध है। वृंदावन ग्राम बनाकर भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता को जीवंत करना है। बच्चे पढ़ाई करके कहीं भी जाएं, पर अपने गरीब मित्र को न भूलें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विपक्षी दल की सरकार के समय प्रदेश में बेटे-बेटियों के लिंगानुपात में बड़ा अंतर था। हमारी सरकार में लाड़ली बेटी जन्म से ही लखपति हो, इसकी शुरुआत मध्यप्रदेश से हुई। बेटियाँ जब 18 वर्ष की उम्र पूरी करेंगी, तो सरकार की ओर से उन्हें एक-एक लाख रुपए से अधिक राशि दी जाएगी। राज्य सरकार लाड़ली बहनों और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को और अधिक सशक्त करने के लिए कार्य कर रही है। पहले प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय मात्र 11 हजार थी, लेकिन अब हमारी सरकार के प्रयासों से यह 1 लाख 52 हजार रुपए हो गई है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले सभी पात्र बहनों को 250 रुपए की अतिरिक्त राशि शगुन के रूप में भेजी जाएगी। दीपावली के बाद हम प्रदेश की सभी लाडली बहनों को हर माह 1500 रुपए महीना देंगे। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों के हाथ में पैसा रहे तो घर ठीक से चलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के सम्मान और गरीबों के कल्याण के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। हमने रानी दुर्गावाती और राजा भभूत सिंह की स्मृति में कैबिनेट की बैठक भी आयोजित की है। श्रीअन्न खरीदने पर किसानों को एक हजार रूपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि दी जा रही है। किसानों से 26 सौ रूपये प्रति क्विंटल में गेंहू की खरीद की गई जो देश में सर्वाधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने 27 हजार करोड़ से अधिक की बजट राशि महिलाओं को समर्पित की है। लाड़ली बहना योजना के लिए 18 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान रखा है। आज प्रदेश में 51 लाख से अधिक लाड़ली बेटियां पंजीकृत हैं इनमें से 12 लाख 99 हजार बेटियों को 672 करोड़ की छात्रवृ्त्ति दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 62 लाख बहनों के 5 लाख स्व-सहायता समूहों को राज्य सरकार सशक्त करने के लिए धनराशि दे रही है। प्रदेश की बहनों को नगर पालिका, नगर निगम और पंचायत चुनावों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिल रहा है। अगले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बहनों को 33 प्रतिशत सीटों पर आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका हक दिलाने में हमने कोई कमी नहीं रखी है। हमारी सरकार में प्रदेश के 4 जिलों में महिला अधिकारी जिला कलेक्टर का दायित्व संभाल रही हैं। राज्य सरकार गरीब से गरीब के जीवन में सबेरा लाने का कार्य कर रही है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास के लाभ से वंचित पात्र हितग्राहियों की पहचान के लिए नए सिरे से सर्वे शुरू किया गया है। संपत्ति की रजिस्ट्री में एक प्रतिशत की छूट देने से आज 45 प्रतिशत रजिस्ट्री बहनों के नाम पर हो रही हैं। यह हमारी पहल का ही सुखद परिणाम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए राज्य सरकार नेक-नीयत और विशेष भावना से कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। सिंगरौली की कुल आबादी में 39 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति है, इनमें से 5 लाख को शासकीय योजनाओं का लाभ मिल रहा है। हमारी सरकार की भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना और टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना से जनजातीय वर्ग को बड़ी मदद मिली है। प्रधानमंत्री जन-मन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का लाभ भी जनजातीय वर्ग को दिया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें फसलों का समुचित मूल्य देने के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सरई में कहा कि सिंगरौली में भरपूर कोयला एवं अन्य खनिज संपदा उपलब्ध है। यहां 4 लेन सड़क बनाई जाएगी। माडा अस्पताल को अपग्रेड कर सीएचसी बनाया जाएगा। सरई में उपखंड कार्यालय, बरगवा-परसवा में 52 किलोमीटर लंबी 4 लेन सड़क बनाई जायेगी। सरई में 100 बेड के नये अस्पताल की स्थापना के लिए सर्वे कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंगरौली को हवाई सेवा से भी जोड़ा गया है। हमारी सरकार ने जरूरतमंदों को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराई है। मृत्यु के बाद शव को अस्पताल से घर तक छोड़ने के लिए सभी जिलों में शव वाहन की सुविधा शुरू की जा रही है। राज्य सरकार ने देहदान/अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए अंगदान और देहदान करने वालों को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दिए जाने का निर्णय किया है। अंगदान से किसी दूसरे जरुरतमंद व्यक्ति को नया जीवन मिल जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय गौरव सम्मेलन में शासकीय योजनाओं से लाभान्वित जनजातीय वर्ग के चार व्यक्तियों श्री महाबली सिंह, श्री शंकर सिंह पनिका, श्री वंश बहादुर सिंह और श्री दयाल सिंह का मंच से सम्मान किया। … Read more

एमपी भाजपा अध्यक्ष पद की कमान संभालते ही बोले खंडेलवाल – संगठन हित में करूंगा हर संभव प्रयास

देवास मध्य प्रदेश भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का शुक्रवार को भोपाल जाते समय देवास बाईपास पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। मीडिया से रूबरू हुए तो बोले, “जो जिम्मेदारी मुझे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से सौंपी गई है, उसे मैं पूरी निष्ठा से निभाऊंगा।” ग्राम बांगर से लेकर देवास बाईपास तक जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया। इस दौरान देवास विधायक गायत्री राजे पवार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत समारोह में कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था, जो हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में पार्टी को और मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मीडिया से बातचीत में हेमंत खंडेलवाल ने कहा, “पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी है, मैं उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। भाजपा का हर कार्यकर्ता पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करता है। मैं स्वयं को एक साधारण कार्यकर्ता मानता हूं और चाहता हूं कि हर कार्यकर्ता अपने आप में अध्यक्ष महसूस करे।” उन्होंने कार्यकर्ताओं के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि यह जोश और समर्पण ही पार्टी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। देवास विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने भी हेमंत खंडेलवाल का जोरदार स्वागत किया। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए और नए प्रदेश अध्यक्ष के प्रति अपना समर्थन जताया। खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मैं देवास विधानसभा के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस मौसम में भी इतने उत्साह से मेरा स्वागत किया। हर कार्यकर्ता को उचित अवसर दिया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और मुख्यमंत्री मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। भाजपा का लक्ष्य जनकल्याण के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाना और पार्टी को और मजबूत करना है। खंडेलवाल ने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करने और जनता की सेवा करने का आह्वान किया। इस स्वागत समारोह ने न केवल हेमंत खंडेलवाल के प्रति कार्यकर्ताओं का विश्वास दर्शाया, बल्कि भाजपा की एकता और संगठन शक्ति को भी उजागर किया।  

मॉल, कारखानों, बाजार में रात में काम कर सकेंगी महिलाएं, सरकार ने दी सशर्त मंजूरी; सुरक्षा की व्यवस्था नियोक्ता को करनी होगी

भोपाल मध्य प्रदेश में महिलाएं आगामी दिनों में शॉपिंग मॉल, बाजार और कारखानों में नाइट शिफ्ट कर सकेंगी। सरकार जल्द ही सशर्त मंजूरी दे सकती है। इस दौरान महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी संस्थान के मालिक की होगी। सरकार के इस फैसले से महिला कर्मचारियों की आर्थिक प्रगति होगी। साथ ही कारोबारियों और उद्योगपतियों को अपने यूनिट्स का कारोबार बढ़ने के लिए मदद मिल सकती है। शॉप में 10 से ज्यादा महिलाएं नियुक्त होनी चाहिए। मॉल, बाजार और कारखानों में महिलाएं रात की शिफ्ट में काम कर सकेंगी. राज्य सरकार ने महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दे दी है. राज्य सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. हालांकि नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति शर्तों के साथ दी जाएगी. नाइट शिफ्ट में महिलाएं रात 9 से सुबह 7 बजे तक शॉप, शोरूम में काम कर सकेंगी. हालांकि काम करने के लिए महिला कर्मचारी की लिखित सहमति जरूरी होगी और सुरक्षा का जिम्मा फर्म का होगा. शॉप में 10 या ज्यादा महिलाएं होनी चाहिए नियुक्त दुकान और स्थापना अधिनियम, 1958 में किए गए संशोधन के आधार पर श्रम विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक महिलाएं काम कर सकेंगी। जहां महिलाएं रात में काम करेंगी, उस शॉप या शोरूम में कम से कम 10 या अधिक महिलाएं नियुक्त होनी चाहिए। कारखानों में एक-तिहाई कर्मचारी होना अनिवार्य कारखानों के मामले में भी इसी तरह की व्यवस्था रहेगी। कारखाना अधिनियम की शक्तियों का उपयोग करते हुए 26 जून 2016 के नियमों को समाप्त कर यह तय किया है कि महिलाएं चाहें तो रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी कारखाने या प्रोडक्शन यूनिट में काम कर सकती हैं। कारखानों और प्रोडक्शन यूनिट्स में महिलाओं के रात्रि शिफ्ट में काम करने के दौरान सुपरवाइजर, शिफ्ट इन-चार्ज, फोरमैन या अन्य सुपरवाइजर कर्मचारियों में कम से कम एक तिहाई महिला कर्मचारी होना चाहिए। फेडरेशन चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा- सुरक्षा जरूरी फेडरेशन चेंबर ऑफ कॉमर्स भोपाल के प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश अग्रवाल ने सरकार के फैसले को लेकर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे जरूरी है। अगर वे रात में ड्यूटी करेंगी, तो उनके अनुसार पूरी व्यवस्था होना चाहिए। यदि रात में उन्हें छोड़ा जाना है, तो उन्हें घर तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए। इससे कारखानों, प्रोडक्शन यूनिट्स और दुकानों के संचालकों को तो लाभ होगा ही, साथ ही महिलाओं और उनके परिवारों को भी आर्थिक व सामाजिक संबल मिलेगा। नाइट शिफ्ट के पहले यह करनी होगी व्यवस्था     महिलाओं के रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक काम की अनुमति राज्य शासन ने शर्तों के साथ दी है. शॉप-शोरूम संचालक को कई व्यवस्थाएं करनी होंगी.     नाइट शिफ्ट में काम करने के लिए महिला कर्मचारी की लिखित सहमति लेनी जरूरी होगी.     किसी भी महिला को मातृत्व लाभ से वंचित नहीं किया जा सकेगा.     महिला कर्मचारियों को रात में उनके घर से लाने-ले जाने के लिए परिवहन व्यवस्था करनी होगी.     जहां भी महिलाएं रात में काम करेंगी, वहां टायलेट, और विश्राम के अलग-अलग से कक्ष की सुविधा उपलब्ध करानी होगी.     कार्य स्थल और आसपास के स्थान पर प्रकाश की व्यवस्था हो और सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए.     नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी कि कार्यस्थल पर इस तरह का माहौल होना चाहिए ताकि महिला को काम करने में असहजता महसूस न हो.     कार्यस्थल पर प्रवेश और बाहर निकलने के स्थान पर सुरक्षा गार्ड्स मौजूद होने चाहिए.     कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य होगा. 10 से ज्यादा महिला होना अनिवार्य जिस कार्य स्थल पर महिला नाइट शिफ्ट में काम करेंगी, वहां नाइट शिफ्ट में 10 या उससे अधिक महिलाएं नियुक्ति होनी चाहिए. कारखानों और प्रोडक्शन यूनिट्स में महिलाओं की नाइट शिफ्ट में काम करने के दौरान सुपरवाइजर, शिफ्ट इन चार्ज, फोरमैन और अन्य सुपरवाइजर कर्मचारियों में कम से कम एक तिहाई महिलाएं होनी चाहिए.     लाड़ली बहना की तरह स्कूली छात्रों के खातों में आएंगे पैसे, मोहन यादव ट्रांसफर करेंगे 235 करोड़     मोहन यादव करेंगे कर्मचारियों का 9 सालों का सपना पूरा, रिजर्वेशन पर होगा बड़ा फैसला राज्य सरकार ने कारखाना अधिनियम की शक्तियों का उपयोग करते हुए 26 जून 2016 को इस नियम को खत्म कर दिया था कि महिलाएं चाहें तो रात 8 से सुबह 6 बजे तक किसी कारखाने या प्रोडक्शन यूनिट में काम कर सकती हैं. 

हिंदी माध्यम में प्रथम स्थान पर 2 लाख, द्वितीय पर 1 लाख 50 हजार, तृतीय पर 1 लाख रुपए और चतुर्थ स्थान पर 50 हजार रुपए का पुरस्कार

भाषाई बंधन से प्रतिभा नहीं होगी बाधित, चिकित्सा शिक्षा में हिंदी छात्रों को विशेष प्रोत्साहन : उप मुख्यमंत्री शुक्ल हिंदी में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट: उप मुख्यमंत्री शुक्ल हिंदी माध्यम में प्रथम स्थान पर 2 लाख, द्वितीय पर 1 लाख 50 हजार, तृतीय पर 1 लाख रुपए और चतुर्थ स्थान पर 50 हजार रुपए का पुरस्कार भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा में भाषाई बंधन से प्रतिभा को बाधित नहीं होने देने के लिए मातृभाषा में उच्च शिक्षा के कई कोर्स के संचालन की व्यवस्था की है। प्रदेश में मातृभाषा हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। मध्यप्रदेश सरकार ने चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए हिंदी माध्यम से अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की है। यह योजना इसी दिशा में एक अतिरिक्त प्रेरणा प्रदान करने का कार्य करेगी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सर्वसमावेशी शिक्षा के विजन और गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प से प्रेरित है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना, जहाँ हिंदी में एमबीबीएस पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई। वर्तमान में प्रदेश के सभी शासकीय मेडिकल कॉलेजों में हिंदी माध्यम की पुस्तकें प्रथम वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष तक पूरी संख्या में उपलब्ध हैं, जिससे हजारों छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह योजना केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उन विद्यार्थियों के लिए सम्मान और स्वाभिमान की पहचान है जो हिंदी माध्यम में दक्ष हैं और चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करना चाहते हैं। इस पहल से प्रदेश के ग्रामीण, अर्ध-शहरी एवं हिंदीभाषी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी क्षमता सिद्ध करने का नया मंच प्राप्त होगा। मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर द्वारा प्रदेश के सभी संबद्ध मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों को हिंदी माध्यम में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेज ऐसे विद्यार्थियों की सूची विश्वविद्यालय को भेजेंगे जो स्वेच्छा से हिंदी में परीक्षा देना चाहते हैं। कक्षाओं और प्रायोगिक सत्रों में उपयुक्त व्यवस्था के साथ हिंदी के परीक्षकों की अनुशंसा की जाएगी। हिंदी माध्यम को और अधिक सशक्त बनाने के लिये शिक्षकों को भी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे विद्यार्थियों के साथ सुगमता से संवाद कर सकें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकें। आवश्यकता पड़ने पर विद्यार्थियों के लिए समाधान कक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। योजना के तहत हिंदी में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, हिंदी माध्यम में अध्ययन कर विश्वविद्यालय स्तर पर मेरिट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार भी दिए जाएंगे। एमबीबीएस या बीडीएस डिग्री पाठ्यक्रम में हिंदी माध्यम से प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को 2 लाख रुपए का पुरस्कार मिलेगा, द्वितीय स्थान पर 1 लाख 50 हजार रुपए, तृतीय स्थान पर 1 लाख रुपए तथा चतुर्थ स्थान पर 50 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। इसी प्रकार प्रत्येक वर्ष या प्रोफेशन में विश्वविद्यालय स्तर पर प्रथम से चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 1 लाख रुपए, 75 हजार रुपए, 50 हजार रुपए और 25 हजार रुपए की राशि से सम्मानित किया जाएगा।  

मुख्यमंत्री ने किया 94234 विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय के लिए 235 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि का अंतरण

सबको शिक्षा ही हमारा विकास मंत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव हम बनायेंगे प्रदेश का नया और उज्जवल भविष्य मुख्यमंत्री ने किया 94234 विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय के लिए 235 करोड़ रुपए प्रोत्साहन राशि का अंतरण प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अगले साल से दिए जाएंगे और अपडेटेड लैपटॉप 15 साल में 4 लाख 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों को मिला प्रोत्साहन योजना का लाभ कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में हुआ प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि अंतरण का राज्य स्तरीय समारोह भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा मनुष्य के समग्र विकास की धुरी है और ‘सबको शिक्षा’ ही राज्य सरकार का विकास मंत्र है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने प्रदेश के हर बच्चे तक शिक्षा का प्रकाश पहुंचाने के हरसंभव प्रयास किए हैं। केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि प्रतिभावान विद्यार्थियों को नई तकनीक और नई शिक्षा पद्धति से जोड़कर उनके उज्जवल भविष्य की नींव भी रखी जा रही है। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप देकर हम प्रदेश का एक बेहतर और स्वर्णिम भविष्य गढ़ने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लैपटॉप प्रोत्साहन राशि अंतरण के राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक लाने वाले प्रदेश के 94,234 मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप क्रय करने के लिए 235 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। योजना के तहत लैपटॉप खरीदने के लिए प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को 25-25 हजार रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उनके बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए हस्तांतरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अगले साल से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि के स्थान पर 25 हजार रुपए मूल्य के और अधिक गुणवत्ता वाले अपडेटेड लैपटॉप देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मंच से 15 मेधावी विद्यार्थियों को लेपटॉप भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने खुद सेल्फी लेकर सभी बच्चों का उत्साहवर्धन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रतिभाओं को सम्मान देना और स्वर्णिम भविष्य की संभावनों को पोषित करना और हर संभव सहायता करना प्रदेश सरकार का दायित्व है। योजना के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले जिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए राशि दी गई है, उनमें 60 प्रतिशत छात्राएं और 40 प्रतिशत छात्र शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी बेटियां चुनौतियों को पार करते हुए हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। 15 साल पहले शुरू हुई इस योजना का लाभ अब तक 4 लाख 32 हजार से अधिक मेधावी विद्याथियों को मिल चुका है। इस दौरान राज्य सरकार ने विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरण पर 1080 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि खर्च की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब हमारे विद्यार्थी आधुनिक तकनीक से लैस होकर बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। लैपटॉप सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि यह सुनहरे भविष्य की तैयारी का सशक्त माध्यम है। नई विधाएं, नए कौशल और नई सोच के साथ हमारे बच्चे अब प्रतिस्पर्धा की दौड़ में और भी आगे बढ़ सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों को कापी-किताबें, गणवेश, सायकिल और स्कूटी भी दिलाई गई है और अब हम लैपटॉप भी दे रहे हैं। यह कदम विद्यार्थियों को डिजिटल एवं आधुनिक शिक्षा से जोड़ने में बेहद मददगार सिद्ध होगा। शासकीय स्कूलों का परीक्षा परिणाम निजी स्कूलों से रहा अधिक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है और शासकीय स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष शासकीय स्कूलों में बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 52 प्रतिशत और निजी स्कूलों में 48 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2025 में सरकारी स्कूलों के लगभग 49 हजार और निजी स्कूलों के 44 हजार से अधिक विद्यार्थियों को प्रोत्साहन योजना के तहत लैपटॉप का लाभ मिला है। यह योजना 2009 में शुरू की गई थी, तब 85 प्रतिशत प्राप्तांक की सीमा तय की गई थी और मात्र 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप राशि बांटी गई थी, लेकिन आज प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की संख्या 94 हजार 234 हो गई है। राज्य सरकार ने बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक लाने पर हाल ही में 15 हजार 600 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी मेहनत के लिए स्कूल में मिला पुरस्कार जीवन भर याद रहता है। पुरस्कार स्वरूप पुस्तकें भी दी जानी चाहिए, क्योंकि पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी साथी होती हैं। मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में भी सहयोग कर रही सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स्कूल से आगे उच्च शिक्षा में भी सरकार पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। मेधावी छात्र-छात्राओं की मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई की पूरी फीस सरकार की ओर से भरी जा रही है। अगर कोई विद्यार्थी नीट प्रवेश परीक्षा पास कर लेता है, तो उसकी चिकित्सा शिक्षा नि:शुल्क हो जाती है। पूरे कोर्स की करीब 80 लाख रुपये फीस राज्य सरकार भर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। नये मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, इस वित्त वर्ष के अंत तक प्रदेश में 36 मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। अगले 2 साल में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 50 तक पहुंचाने का हमारी सरकार का लक्ष्य है। विद्यार्थी किसी भी कोर्स की पढ़ाई करना चाहें, सरकार सदैव उनके साथ खडी है। मुख्यमंत्री ने आहवान किया कि प्रदेश के बच्चे खूब पढ़ें लिखें, आगे बढ़ें परन्तु अपने गृह प्रदेश से प्रेम करें और अपने लोगों की सेवा करने का जज्बा जरूर रखें। मातृ भूमि को हमेशा याद रखना चाहिए। सरकारी स्कूलों से निकल रहे गुदड़ी के लाल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सीमित संसाधन होते हुए भी कई गुदड़ी के लाल सामने आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वे स्वयं और मंत्रिमंडल के सभी साथियों ने सरकारी स्कूलों में ही प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की है। सरकारी स्कूलों से ही देश को गुदड़ी के लाल मिले हैं। सरकारी … Read more

उत्तर प्रदेश में अब नक्शा पास कराने की झंझट खत्म, घर के साथ आसानी से खोलिए दुकान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी निर्माण को लेकर बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। अब अगर आप मकान बना रहे हैं और उसके साथ दुकान भी खोलना चाहते हैं, तो नक्शा पास कराने की झंझट नहीं होगी। साथ ही छोटे भूखंडों पर निर्माण के लिए नक्शा पास कराना अब अनिवार्य नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के शहरी इलाकों के लिए नई भवन निर्माण उपविधियां और आदर्श जोनिंग रेगुलेशन-2025 लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत अब बड़े शहरों में 24 मीटर और छोटे शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर आवासीय भवनों के साथ दुकानें बनाने की छूट दी जाएगी। मकान में ही बना सकेंगे दुकान नई व्यवस्था के तहत अब विकास प्राधिकरणों में नक्शा पास कराने के लिए लंबी प्रक्रियाओं और पैसों की वसूली पर भी लगाम लगाने की कोशिश की गई है. सरकार ने 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक प्लॉट पर नक्शा पास कराने की बाध्यता खत्म कर दी है. इन भूखंडों पर लोग सिर्फ विकास प्राधिकरण में रजिस्ट्रेशन कराकर निर्माण करा सकेंगे. यूपी सरकार ने पुराने नियमों को बदलते हुए ‘उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां और आदर्श जोनिंग रेगुलेशन्स-2025’ लागू करने का फैसला किया है. अब बड़ी आबादी वाले शहरों में 24 मीटर और कम आबादी वाले शहरों में 18 मीटर चौड़ी सड़क पर मकान के साथ दुकान बनाने की अनुमति होगी. बिल्डिंग बनाने का नियम भी आसान सरकार ने बिल्डिंग बनाने के नियम भी आसान कर दिए हैं. 45 मीटर चौड़ी सड़कों पर ऊंची इमारतें बनाने पर अब कोई एफएआर यानी फ्लोर एरिया रेशियो की सीमा नहीं होगी. वहीं, छोटे प्लॉट्स के लिए भी एफएआर बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा ग्रीन रेटेड भवनों को अतिरिक्त एफएआर का फायदा दिया जाएगा. अब 18 मीटर चौड़ी सड़कों पर शॉपिंग मॉल बनाने की भी इजाजत दी गई है. वहीं, 3000 वर्ग मीटर से बड़े भूखंड पर ही अस्पताल और शॉपिंग मॉल बन सकेंगे. छोटे भूखंडों पर डॉक्टर्स, आर्किटेक्ट्स, वकीलों जैसे प्रोफेशनल्स को अपने घर का 25 फीसदी हिस्सा दफ्तर के तौर पर इस्तेमाल करने की छूट मिलेगी, जिसके लिए नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं होगी. पार्किंग के लिए नई व्यवस्था पार्किंग को लेकर भी नई व्यवस्था की गई है. 4000 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों पर अलग से पार्किंग ब्लॉक बनाना होगा, पोडियम और मेकेनाइज्ड ट्रिपल स्टैक पार्किंग की भी अनुमति दी गई है. इसके अलावा अस्पतालों में एंबुलेंस पार्किंग और स्कूलों में बस पार्किंग और पिक-एंड-ड्रॉप ज़ोन बनाने के भी नए प्रावधान किए गए हैं. सरकार का दावा है कि इन बदलावों से शहरी विकास को नई रफ्तार मिलेगी और आम लोगों को राहत भी. सरकार ने नक्शा पास कराने की बाध्यता भी काफी हद तक खत्म कर दी है। अब 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों पर बिना नक्शा पास कराए निर्माण किया जा सकेगा। केवल विकास प्राधिकरण में पंजीकरण कराना जरूरी होगा। इससे आम लोगों को न केवल राहत मिलेगी बल्कि भ्रष्टाचार और फर्जी वसूली पर भी लगाम लगेगी। इतना ही नहीं, जिन क्षेत्रों में ले-आउट पहले से स्वीकृत है, वहां 500 वर्ग मीटर के आवासीय और 200 वर्ग मीटर के व्यावसायिक भूखंडों के लिए नक्शा ऑनलाइन दाखिल करने के बाद उसे “ट्रस्ट बेस्ड अप्रूवल” माना जाएगा। यानी संबंधित व्यक्ति की जिम्मेदारी पर नक्शा स्वतः स्वीकृत माना जाएगा, जिससे प्रक्रिया और आसान हो जाएगी। इस नई व्यवस्था से शहरों में मिश्रित भूमि उपयोग (मल्टी यूज जोन) को बढ़ावा मिलेगा। आम नागरिक अब सरल तरीके से घर और व्यवसाय एक साथ शुरू कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम शहरी विकास को गति देगा और छोटे निवेशकों को भी प्रोत्साहित करेगा।  

हरदा जिले के 652 विद्यार्थियों के खाते में लेपटॉप की राशि अंतरित

विद्यार्थी समाज एवं राष्ट्र के पुनउर्त्थान के लिये पढ़ाई करें : मंत्री सारंग मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि विद्यार्थी समाज एवं राष्ट्र के पुनउर्त्थान के लिये अध्ययन करें हरदा जिले के 652 विद्यार्थियों के खाते में लेपटॉप की राशि अंतरित भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री और हरदा जिले के प्रभारी मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि विद्यार्थी समाज एवं राष्ट्र के पुनउर्त्थान के लिये अध्ययन करें। मंत्री सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अनेक विकास कार्य किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि यह बड़ी प्रसन्नता की बात है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष लेपटॉप प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है। यह हमारी बेहतर शिक्षा और व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान कर मध्यप्रदेश को स्वर्णिम मध्यप्रदेश बनाना है। मंत्री सारंग शुक्रवार को हरदा जिले के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित जिला स्तरीय लेपटॉप वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। हरदा जिले के 652 विद्यार्थियों के खाते में लेपटॉप की राशि अंतरित की गई। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरन्तर विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य देश को विश्व में बेहतर बना सकते हैं। विद्यार्थी पढ़ाई कर देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल पैसा कमाने, घर एवं कॅरियर बनाने के लिये नहीं बल्कि देश और समाज के पुनउर्त्थान के लिये करें। मंत्री सारंग ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से चर्चा भी की। कार्यक्रम में विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेन्द्र शाह, उपाध्यक्ष दर्शन सिंह गेहलोत, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती राजू कमेड़िया, उपाध्यक्ष नगर पालिका हरदा अंशुल गोयल, जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा, पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल, पूर्व विधायक संजय शाह और बाल अधिकार आयोग सदस्य अनुराग पाण्डे उपस्थित थे। हरदा एवं टिमरनी के इंडोर स्टेडियम का किया लोकार्पण मंत्री सारंग ने कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा निर्मित हरदा एवं टिमरनी के इंडोर स्टेडियम का लोकार्पण भी किया। प्रत्येक इंडोर स्टेडियम की लागत 1.69 करोड़ रूपये है। मंत्री सारंग ने कहा कि इन इंडोर स्टेडियम से खिलाड़ियों को बेडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, जिम, जिम्नास्टिक जैसी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। मंत्री सारंग ने कहा कि स्टेडियम से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को निखार कर क्षेत्र का गौरव बढ़ा सकेंगे। इस अवसर पर मंत्री सारंग ने नगर पालिका द्वारा क्रय की गई टोईंग वेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस वेन की कीमत 29.44 लाख रूपये है। उन्होंने कहा कि इस वेन के माध्यम से हरदा शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू हो सकेगी। मंत्री सारंग ने जिले के प्रवास के दौरान प्राचीन गंजालेश्वर महादेव मंदिर में पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया। उन्होंने मंदिर प्रांगण में पौधरोपण कर हरियाली संवर्धन का संकल्प भी दिलवाया।  

मोदी सरकार ने 3 भत्तों में किया 25% का बंपर इजाफा, केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा

नई दिल्ली मोदी सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे सकती है। केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते (DA) में 4 पर्सेंट की बढ़ोतरी का फायदा मिल सकता है। महंगाई के हालिया डेटा पर आधारित रिपोर्ट्स में यह बात कही गई है। इस बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता मौजूदा 55 पर्सेंट से बढ़कर 59 पर्सेंट पहुंच जाएगा। महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी जुलाई से प्रभावी होगी, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा अगस्त या सितंबर-अक्टूबर में फेस्टिव सीजन के करीब हो सकती है। CPI डेटा के आधार पर 59% पहुंच सकता है DA महंगाई भत्ते (DA) का कैलकुलेशन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर होता है। यह इंडेक्स मई 2025 में 0.5 पर्सेंट बढ़कर 144 पर पहुंच गया है। पिछले तीन महीने में इंडेक्स में बढ़ोतरी देखने को मिली है। मार्च 2025 में यह 143, अप्रैल में 143.5 और मई 2025 में अब यह 144 पर पहुंच गया है। अगर इंडेक्स में तेजी का रुझान बना रहता है और जून में यह 144.5 पर पहुंच जाता है तो ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) का 12 महीने का एवरेज करीब 144.17 पहुंचने की उम्मीद है। जब 7वें वेतन आयोग के फॉर्मूले का इस्तेमाल करते हुए इसे एडजस्ट किया जाता है तो डीए रेट 58.85 पर्सेंट पहुंच जाता है। ऐसे में सरकार जुलाई 2025 से महंगाई भत्ते को बढ़ाकर 59 पर्सेंट कर सकती है। कब होगा ऐलान? जून 2025 का CPI-IW डाटा जुलाई के आखिर या अगस्‍त महीने के शुरुआत में आएगा. इसी आधार पर केंद्रीय कैबिनेट महंगाई भत्ता तय किया जाएगा. यह बढ़ोतरी सितंबर-अक्‍टूबर में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा किया जा सकता है. फिर ये बढ़ा हुआ भत्ता जुलाई के महीने से जोड़कर दिया जाएगा. डीए में यह बढ़ोतरी तबतक होगी, जबतक 8वां वेतन आयोग लागू नहीं होता.  कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?  पिछले वेतन आयोग के इतिहास पर नजर डालें तो किसी भी आयोग की सिफारिश लागू होने में 18 से 24 महीने का समय लगता है. ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग 2027 तक ही लागू हो सकता है. इसका मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में इजाफे को लेकर कई और बढ़ोतरी मिल सकती है.  सितंबर या अक्टूबर में हो सकती है घोषणा महंगाई भत्ते (डीए) को एक साल में दो बार रिवाइज किया जाता है। यह रिवीजन आमतौर पर जनवरी और जुलाई में होता है। महंगाई भत्ता ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के 12 महीने के एवरेज के आधार पर तय होता है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी जुलाई से प्रभावी होगी, लेकिन आमतौर इसकी घोषणा बाद में की जाती है। पिछले सालों में सरकार ने ऐसे रिवीजन फेस्टिव पीरियड के करीब सितंबर या अक्टूबर में किए हैं। इस साल भी इसकी घोषणा दिवाली के करीब हो सकती है। सातवें वेतन आयोग के तहत यह महंगाई भत्ते में फाइनल बढ़ोतरी होगी, क्योंकि इसकी अवधि 31 दिसंबर 2025 को खत्म हो रही है। सरकार ने आठवें वेतन आयोग की घोषणा इस साल के शुरुआत में कर दी है, लेकिन इसमें आगे कोई प्रगति नहीं हुई है। सरकार को अभी नए कमीशन के चेयरमैन और मेंबर्स की नियुक्ति करनी है।