samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री साय का उपहार: जिले की दो सड़कों के निर्माण के लिए 11.44 करोड़ की मंजूरी

झारखंड राज्य को जोड़ेगे यह मार्ग, आवागमन की बढ़ेगी सुविधा रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अंचलों के विकास की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले के दुलदुला क्षेत्र के लिए दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।पहला मार्ग छेरडांड से टुकुटोली पहुँच मार्ग है, जिसकी लागत 5 करोड़ 48 लाख रुपए स्वीकृत हुई है। यह सड़क बनने से ग्रामीण अंचल के लोगों को आने-जाने में बड़ी सुविधा होगी और क्षेत्र के कृषि एवं व्यापारिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। वहीं दूसरा मार्ग टुटिअम्बा से कादोपानी, झारखंड पहुँच मार्ग तक का निर्माण है, जिसके लिए 5 करोड़ 96 लाख रुपए की मंजूरी दी गई है। यह सड़क न केवल छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों को सुविधा प्रदान करेगी बल्कि सीधे झारखंड राज्य को भी जोड़ेगी, जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन, व्यापार और सामाजिक संपर्क और सुदृढ़ होगा।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को इस सौगात के लिए आभार जताया और कहा कि सड़कों का जाल बिछने से क्षेत्र का समग्र विकास होगा। जिले में बिछ रहा है सड़कों का जाल मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले को एक के बाद एक सौगातें मिल रही हैं,सड़क निर्माण के लिए मिली नई मंजूरियों से अब गांव–गांव तक आवागमन सुगम होगा। ग्रामीणों को कीचड़ और धूल से निजात मिलेगी, वहीं मुख्य मार्ग से सीधी कनेक्टिविटी मिलने से लोगों की यात्रा आसान होगी।जिले में बिछने वाले सड़कों का यह जाल आने वाले समय में विकास की नई तस्वीर गढ़ेगा।  

VHP का बयान: 3 अक्टूबर के वक्फ आंदोलन पर जताई चिंता, हिंसा हुई तो मुस्लिम संगठनों की जवाबदेही तय होगी

नई दिल्ली वक्फ कानून में संशोधन के खिलाफ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और कई मुस्लिम संगठनों द्वारा 3 अक्टूबर को बुलाए गए देशव्यापी आंदोलन और बंद को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गंभीर चिंता जताई है. वीएचपी के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यह आंदोलन देश की शांति और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला साबित हो सकता है. वीएचपी ने कहा कि आश्चर्य इस बात पर है कि सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ कानून पर अभी केवल अंतरिम आदेश दिया है, जिसे खुद मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत उलेमा ने स्वागत योग्य माना था. ऐसे में अंतिम फैसले का इंतजार किए बिना इस तरह का आंदोलन शुरू करना पूरी तरह अनुचित है. ‘3 अक्टूबर को हिंसा हुई तो मुस्लिम संगठन होंगे जिम्मेदार’ आलोक कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में बारावफात और उसके बाद हुई हिंसा से यह साफ है कि ऐसे आंदोलनों की आड़ में अराजकता और तोड़फोड़ की संभावना बनी रहती है. वीएचपी ने चेतावनी दी कि यदि 3 अक्टूबर को बुलाए गए बंद और प्रदर्शनों में हिंसा हुई तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह मुस्लिम संगठनों की होगी. वीएचपी की मांग है कि आंदोलन कानून के दायरे और पूरी तरह शांतिपूर्ण हो. केंद्र और राज्य सरकारों को पहले से तैयारी करनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न फैले. साथ ही समाज से भी अपील की गई कि आत्मरक्षा और सतर्कता के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं. वीएचपी अध्यक्ष ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे नेता युवाओं को नेपाल और श्रीलंका जैसी अराजकता की राह पर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है भारत में ऐसी स्थिति नहीं बनेगी. वीएचपी ने साफ किया कि आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसकी आड़ में देश की शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी. सरकार, समाज और कानून व्यवस्था मिलकर किसी भी असामाजिक तत्व के इरादों को नाकाम करेंगे. शहबाज शरीफ को हिंदुत्व वाले बयान पर लताड़ा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा संयुक्त राष्ट्र में हिंदुत्व को लेकर दिए बयान पर वीएचपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. आलोक कुमार ने कहा कि हिंदू कभी अतिवादी नहीं हो सकता, क्योंकि उसकी प्रार्थना ही सबके कल्याण और शांति की होती है. हिंदूफोबिया फैलाने की कोशिश पहले भारत में और अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर की जा रही है, लेकिन सच यह है कि हिंदू हिंसक नहीं, बल्कि शांतिप्रिय है और यह सच्चाई दुनिया जानती है.

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इंदौर में शूर्पणखा दहन पर रोक, याचिका सोनम की मां ने दायर की थी

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर में होने वाले विजयादशमी पर शूर्पणखा के पुतला दहन पर एमपी हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. बता दें कि 2 अक्टूबर को होने वाले शूर्पणखा के पुतला दहन पर रोक लगा दी है. बता दें कि सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने एक शूर्पणखा के खिलाफ एक याचिका दायर की थी. इस पर शुक्रवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए शूर्पणखा के पुतला दहन पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं. इस आदेश की कॉपी शनिवार को सामने आई है.  शिलांग हनीमून हत्याकांड की आरोपी सोनम रघुवंशी सहित अन्य 11 महिलाओं का दशहरे के दिन पुतला जलाने की तैयारी की जा रही थी. सोनम रघुवंशी की मां द्वारा इसके खिलाफ इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी. अब हाईकोर्ट ने इस पुतला दहन पर रोक लगा दी है. इंदौर की 'पौरुष संस्था' द्वारा जबसे इस पुतला दहन की घोषणा की गई थी तभी से इसको लेकर विवाद शुरू हो गया था. लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई थीं. कुछ लोग जहां इसके समर्थन में थे, वहीं तमाम लोगों का इसको लेकर विरोध था. सोनम सहित 11 महिलाओं का जलाया जाना था पुतला बीते दिन पौरुष नामक संस्था द्वारा ऐलान किया गया था कि इस दशहरा पर इंदौर महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में उन महिलाओं या युवतियों की पुतला दहन किया जाएगा, जिनके ऊपर हाल में अपने पति या प्रेमी की नृशंस तरीके से हत्या का आरोप लगा है. इसमें राजा रघुवंशी की शिलांग में हत्या के आरोप में जेल में बंद सोनम रघुवंशी भी शामिल थीं. साथ ही मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड की आरोपी मुस्कान रस्तोगी सहित कुल 11 महिलाएं शामिल थीं. इस पुतला दहन को 'शूर्पणखा दहन' का नाम दिया गया था. इसमें सोनम को शूर्पणखा दिखाया जाना था. इंदौर हाईकोर्ट ने पुतला दहन कार्यक्रम पर लगाई रोक इस पुतला दहन की जानकारी लगने के बाद सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने इंदौर हाईकोर्ट में इसके खिलाफ एक याचिका दायर की थी. संगीता का कहना था कि जिन महिलाओं के पुतले जलाए जा रहे हैं अभी तक उन पर सिर्फ आरोप है. दोष सिद्ध नहीं हुआ है. साथ ही वह किसी के घर की बेटी और किसी की बहन है. ऐसे में उनका सार्वजनिक अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं मिलना चाहिए. इंदौर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए इस पुतला दहन कार्यक्रम पर रोक लगा दी. जस्टिस प्रणव वर्मा ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया. रघुवंशी समाज लगातार पुतला दहन का कर रहा था विरोध ऐसी जानकारी सामने आई थी कि ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी का परिवार इस शूर्पणखा दहन कार्यक्रम के समर्थन में था. इसके लिए तैयारियां भी तेजी से चल रही थीं और 11 सिरों वाला पुतला तैयार किया जा रहा था. पुतले पर सोनम सहित 11 अन्य महिलाओं के चित्र लगाए जा रहे थे. रघुवंशी समाज पहले ही दिन से इसके खिलाफ में था और लगातार विरोध कर रहा था. समाज ने इस पर रोक लगाने के लिए कलेक्टर को आवेदन भी दिया था. उनका कहना था कि सोनम रघुवंशी का नाम और चेहरा दर्शाना न केवल गलत है, बल्कि पूरे समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है.

दिग्विजय सिंह को इंदौर में विरोध का सामना, वापस जाओ के नारे और चूड़ियां फेंकी गईं

इंदौर  शहर के कपड़ा बाजार में मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का विवाद शनिवार को उस समय और गहरा गया, जब इस फैसले का विरोध करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। भाजपा कार्यकर्ताओं और व्यापारियों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की, उन्हें काले झंडे दिखाए और उनकी ओर चूड़ियां भी फेंकी। बाजार में घुसने से पहले ही रोका गया जैसे ही दिग्विजय सिंह अपने काफिले के साथ कपड़ा बाजार की ओर बढ़े, वहां पहले से मौजूद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और सराफा थाने की ओर जाने का निर्देश दिया। इसी दौरान बड़ी संख्या में मौजूद भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के पुत्र एकलव्य गौड़ के समर्थक, व्यापारी और भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और "दिग्विजय सिंह वापस जाओ" के नारे लगाने लगे। जब सिंह वहां से निकलने लगे तो प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार की तरफ चूड़ियां फेंकी, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मार्केट में भगवा लहर, व्यापारियों का समर्थन शीतला माता बाजार व्यापारी एसोसिएशन ने बीजेपी विधायक मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ के पुत्र एकलव्य सिंह गौड़ का समर्थन किया. बाजार भगवा रंग में रंग गया. दुकानों के बाहर बैनर-पोस्टर लगाए गए. ‘धन्यवाद एकलव्य…’, ‘जिहादी मानसिकता का प्रवेश निषेध’, ‘जिहादी मानसिकता के समर्थक वापस जाओ’, ‘माताएं-बहनें निडर रूप से बाजार में पधारें’ जैसे नारे लिखे हैं. बड़ी संख्या में एकलव्य के समर्थक जमा हुए. महिलाएं चूड़ियां लेकर पहुंचीं. व्यापारियों ने कहा, लव जिहाद रोकने के लिए यह कदम जरूरी है. ये काम जरूरी था… एसोसिएशन महासचिव पप्पू माहेश्वरी ने बताया, “मुस्लिम सेल्समैन महिलाओं को घूरते थे. नंबर लेते थे. इससे लव जिहाद की घटनाएं बढ़ रही थीं.” एकलव्य ने एक महीने पहले अल्टीमेटम दिया था. 26 सितंबर तक 40 से ज्यादा मुस्लिम कर्मचारियों को हटा दिया गया. कुछ मुस्लिम किरायेदारों को दुकानें खाली करने के लिए भी कहा गया है. दिग्विजय सिंह का विरोध पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह मार्केट जाकर स्थिति देखना चाहते थे, लेकिन व्यापारियों के विरोध के चलते वहां जा नहीं सके. उन्होंने कहा, “यह संविधान के खिलाफ है. हिंदू-मुस्लिम एकता इंदौर की पहचान है. एकलव्य को गिरफ्तार किया जाए.” सराफा थाने पहुंचे दिग्विजय के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता थे. वे बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर लेकर शिकायत करने आए. बोले, “यह सांप्रदायिक सद्भाव को तोड़ने की साजिश है. प्रशासन बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा.” थाने पर रही तनाव की स्थिति थाने के बाहर एकलव्य समर्थक व्यापारी भी पहुंचे. उन्होंने चूड़ियां फेंककर विरोध जताया. ‘दिग्विजय वापस जाओ’ के नारे लगे. पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत रहने की हिदायत दी. डीसीपी आनंद कलाद्गी ने कहा, “जांच जारी है. कोई हिंसा नहीं होने देंगे.” कुछ हिंदू दुकानदारों ने मुस्लिम साथियों का समर्थन किया. एक दुकानदार बोले, “हम भाई-भाई हैं. रोजगार से भेदभाव गलत है.” छावनी बना बाजार  बढ़ते तनाव को देखते हुए पूरे बाजार को पुलिस प्रशासन ने छावनी में तब्दील कर दिया है. RAF की बटालियन जवाहर मार्ग सहित इंदौर के कपड़ा मार्केट से सटे मार्केट में फ्लैग मार्च कर रही है. भगवा झंडों और पोस्टरों से पटा बाजार दिग्विजय सिंह के आने की सूचना मिलते ही सुबह से ही बाजार में गहमागहमी का माहौल था। पूरे बाजार को भगवा ध्वजों और पताकाओं से सजा दिया गया था। यहां तक कि दुकानों पर लगी डमी को भी भगवा कपड़े पहना दिए गए थे। बाजार में जगह-जगह विवादित पोस्टर भी लगाए गए थे, जिन पर लिखा था, "मां बहनें निर्भीकता से बाजार में प्रवेश करें, जिहादियों से अब बाजार मुक्त है" और "जिहादी मानसिकता का प्रवेश निषेध।" क्यों गरमाया है यह मुद्दा? यह पूरा विवाद विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ द्वारा व्यापारियों को अपनी दुकानों से मुस्लिम कर्मचारियों को हटाने की चेतावनी के बाद शुरू हुआ। गौड़ ने आरोप लगाया था कि ये कर्मचारी "लव जिहाद" के एजेंडे को बढ़ावा देते हैं। इस चेतावनी के बाद 40 से अधिक मुस्लिम कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया था, जिसका विरोध करने के लिए दिग्विजय सिंह बाजार पहुंचे थे। बढ़ते तनाव को देखते हुए बाजार में भारी पुलिस बल और आरपीएफ के जवानों को भी तैनात किया गया था। 

योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा

यूपीआईटीएस 2025  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल हैः सुरेश खन्ना प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री मंत्री ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी सेशन को किया संबोधित योगी सरकार में सुदृढ़ हुई कानून व्यवस्था, 15 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा  जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा ग्रेटर नोएडा  2017 से पहले जो यूपी पिछड़ा था, आज आर्थिक तरक्की की मिसाल बन चुका है। अब यूपी सुरक्षा और सुशासन का पर्याय बन चुका है। प्रदेश विकास के पैमाने पर चौतरफा तरक्की कर रहा है। यह बातें उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित 'ट्रांसफॉर्मिंग फाइनेंशियल लैंडस्केप इन यूपी' में कहीं। कार्यक्रम को प्रदेश के एमएसएमई, खादी और ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान, वित्त विभाग के विशेष सचिव समीर वर्मा, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य महा प्रबंधक इंदर मोहन सिंह समेत कई अन्य अतिथियों ने संबोधित किया। यूपीआईटीएस उद्यमियों के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म  वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के उद्यमियों के लिए एक बेहतरीन प्लेटफार्म है। यह आयोजन किस कदर सफल है, इसका अंदाजा यहां बढ़ रही निवेशकों और उद्यमियों की संख्या से लगाया जा सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि जब से केंद्र में एनडीए और यूपी में योगी सरकार आई है, कानून व्यवस्था की स्थिति सुदृढ़ हुई है और संगठित अपराध खत्म हो चुका है। इसके चलते जो प्रदेश कभी अर्थव्यवस्था और विकास के पैमाने पर पिछड़ा हुआ था वह अब तरक्की की नई इबारत लिख रहा है। मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ बिना थके, बिना रुके यूपी के विकास के लिए सतत काम कर रहे हैं। 2017 से पहले यूपी की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन आज पूरी दुनिया में लोग यूपी को बेहतर कानून व्यवस्था और आर्थिक तरक्की के लिए जानते हैं। विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी लोग कहते हैं कि योगी जैसा नेता चाहिए। यूपी में बह रही विकास की गंगा  वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार में यूपी का बजट और उसका आकार लगातार बढ़ा है। 2018 तक बजट का साइज 3 लाख करोड़ तक था जो आज बढ़कर 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। उन्होंने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति सही होने की वजह से यूपी में विकास की गंगा बह रही है और अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार निवेशकों की हर संभव मदद कर रही है। निवेशकों की सहूलियत के लिए निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसे एप बनाए गए हैं।  एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल  वित्त मंत्री ने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने उत्पाद की क्वालिटी पर विशेष ध्यान दें ताकि वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पाद भरोसेमंद ब्रांड बने। राष्ट्रीय बैंकों को सीडी रेश्यो सुधारने की नसीहत देते हुए खन्ना ने कहा कि प्राइवेट बैंकों की शर्तें और सिक्योरिटी मेजर्स राष्ट्रीय बैंकों से ज्यादा हैं, इसके बावजूद उनका सीडी रेश्यो बेहतर है। इसलिए नेशनलाइज्ड बैंकों को आत्मनिरीक्षण कर सुधार करना चाहिए और बैंकों को और अधिक उदार रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि एफडीआई आकर्षित करने में यूपी देश में अव्वल है और अब तक 3700 करोड़ रुपये का एफडीआई आ चुका है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र की संकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का परिणाम है।  जीएसटी रिफॉर्म से आम जनता को मिलेगा बड़ा लाभ  सुरेश खन्ना ने कहा कि जीएसटी में राहत से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का एक्सपोर्ट 2014 से पहले 84,000 करोड़ रुपये का था, जो आज बढ़कर 1,76,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो गया है। यूपी की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल आया है। हमने अपने बजट में 133 प्रतिशत की वृद्धि की है और वर्ष 2024-25 में 59,000 करोड़ रुपये के राजस्व सरप्लस स्टेट बने हैं। हमारी आय हमारे खर्च से कहीं ज्यादा है और इस मामले में यूपी देश में सबसे आगे हैं। एमएसएमई सबसे बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर– राकेश सचान एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश का बजट इस बार अब तक का सबसे बड़ा रहा और योगी जी के नेतृत्व में यूपी लगातार आर्थिक तरक्की कर रहा है। देश की जीडीपी में योगदान के मामले में यूपी का स्थान अब दूसरे नंबर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 25 करोड़ लोगों के लिए कई योजनाएं चलाई गईं। एक जिला, एक उत्पाद और विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर योजना में 10 और ट्रेड जोड़े गए हैं, जबकि पहले केवल 12 ट्रेड थे। सचान ने कहा कि कृषि के बाद एमएसएमई सबसे बड़ा सेक्टर है जो रोजगार देता है। जीएसटी सुधारों के बाद इस सेक्टर में और अधिक तरक्की के द्वार खुल गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब उद्यम प्रदेश बन रहा है। बड़ी संख्या में युवा अपना उद्यम शुरू करने के लिए ऋण प्राप्त करने हेतु आवेदन कर रहे हैं। अब तक सात लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं, जिन्हें रिव्यू करने के बाद बैंकों को भेजा गया है। लेकिन कई बार युवाओं को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई आती है। उन्होंने बैंकों से कहा कि उन्हें इस पर ध्यान देना चाहिए ताकि कोई भी युवा ऋण से वंचित न रह जाए। सचान ने कहा कि एमएसएमई उद्यमियों की यह भी मांग है कि जिस तरह किसानों को ऋण के लिए क्रेडिट कार्ड दिया जाता है, उसी तर्ज पर एमएसएमई के लिए भी एक अलग क्रेडिट कार्ड जारी किया जाए।

CM मोहन यादव का बड़ा फैसला: RTE छात्रों की फीस भुगतान के लिए 489 करोड़ रुपये जारी

भोपाल  शासकीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दे रही मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों की भी फ़ीस जमा करती है, हर साल की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ये फ़ीस प्राइवेट स्कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययन करने वाले बच्चों की 489 करोड़ रुपये फीस प्रतिपूर्ति की राशि सिंगल क्लिक से सीधे स्‍कूलों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। ये  कार्यक्रम हरदा जिले के खिरकिया नगर में 29 सितम्बर, 2025 को होगा। 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस दी जायेगी राज्य शिक्षा केन्द्र की अपर मिशन संचालक हरसिमरन प्रीत कौर ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वर्ष 2023-24 के अशासकीय विद्यालयों के प्रेषित प्रस्ताव पर नियमानुसार पोर्टल से जनरेटेड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट के माध्यम से फीस प्रतिपूर्ति की कार्यवाही की गयी है। प्रदेश के 20 हजार 652 अशासकीय विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत नि:शुल्क अध्ययनरत करीब 8 लाख 45 हजार विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति की जायेगी। 19 लाख बच्चे अब तक हो चुके लाभान्वित उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को उनके ग्राम, वार्ड अथवा पड़ोस में स्थित स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा की न्‍यूनतम 25 प्रतिशत सीटों पर निःशुल्क प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है। पूर्व के वर्षों में प्रवेशित छात्रों की संख्या को देखा जाये तो सत्र 2011-12 से लागू इस प्रावधान के तहत अशासकीय स्कूलों में नि:शुल्‍क अध्‍ययन से लगभग 19 लाख बच्चे लाभान्वित हो चुके हैं।

नेहा की अगुआई में एकता समूह की सभी 10 सदस्य बन चुकी हैं सफल उद्यमी

मिशन शक्ति- 5.0 लखनऊ  उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद के ग्राम जिन्दपुरा की नेहा कश्यप मिशन शक्ति के तहत नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं। एकता स्वयं सहायता समूह (SHG) की अध्यक्ष के रूप में नेहा ने 10 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जागरूक कर मशरूम खेती जैसे अभिनव उद्यम की नींव रखी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम ने नेहा को न केवल आर्थिक स्वतंत्रता दी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान की नई राह भी दिखाई है। नेहा कश्यप की यात्रा तब शुरू हुई जब उन्होंने उ0प्र0 राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की योजना के तहत एकता समूह का गठन किया। समूह की कोषाध्यक्ष नूरजहां और सचिव माया देवी के साथ मिलकर नेहा ने 10 महिलाओं को छोटी-छोटी बचत के लिए प्रेरित किया। नेहा कश्यप कहती हैं “मैंने सोचा कि सीमित संसाधनों से भी हम अपनी जिंदगी बदल सकते हैं। मशरूम खेती का विचार मुझे आया और समूह ने इसे स्वीकार किया। स्टार्टअप फंड, रिवाल्विंग फंड, सीआईएफ और सीसीएल से मिले वित्तीय सहयोग ने उनके सपने को पंख दिए।” नेहा ने अपने 42 फीट लंबे और 36 फीट चौड़े मशरूम फार्म की स्थापना की, जिसमें 30,000 रुपये की लागत आई। 10,000 रुपये झोपड़ी और बांस के प्लेटफॉर्म, 2,000 रुपये भूसा-कंपोस्ट, 3,000 रुपये के बीज, 2000 रुपये के रासायनिक दवाएं-खाद और 4,800 रुपये पारिश्रमिक पर खर्च हुए। परिवार के सहयोग से उन्होंने वटन और ढिंगरी प्रजाति की खेती शुरू की, जिससे मासिक 40,000 से 50,000 रुपये की आमदनी होती है। नेहा कहती हैं “मिशन शक्ति ने हमें प्रशिक्षण और सुरक्षा दी। अब हम आत्मनिर्भर हैं, मैं अपने समूह को और सशक्त करना चाहती हूं। सरकार का सहयोग हमें आगे बढ़ा रहा है।”  एकता समूह की सभी 10 सदस्य सफल उद्यमी बनीं नेहा की अगुआई में एकता समूह की सभी 10 सदस्य सफल उद्यमी बन चुकी हैं। मशरूम खेती के अलावा बकरी पालन, जरी, और सिलाई जैसे कार्यों से उन्होंने रोजगार और आर्थिक सुधार हासिल किया। विकास खंड निगोही में ऐसे कई SHG हैं, जो मिशन शक्ति की बदौलत प्रगति कर रहे हैं। नेहा अब अपने मशरूम उद्यम को और विस्तार देने की योजना बना रही हैं।  उत्पादन को बड़े बाजारों तक पहुँचाने है लक्ष्य नेहा का लक्ष्य है कि उत्पादन को बड़े बाजारों तक पहुँचाया जाए और समूह की अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए। वे चाहती हैं कि जिन्दपुरा गांव की महिलाएं आने वाले समय में पूरे जिले और प्रदेश के लिए आदर्श बनें। नेहा कश्यप का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मिशन शक्ति अभियान उनकी प्रेरणा का बड़ा आधार बना। इसने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि महिलाएं न केवल घर संभाल सकती हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था की दिशा भी बदल सकती हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाएँ संगठित हों और उन्हें अवसर मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क’ का किया उद्घाटन

भारत आज तकनीक व डिजिटल क्रांति का वैश्विक लीडर बन चुका है – मुख्यमंत्री पीएम मोदी ने उड़ीसा से ‘स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का किया उद्घाटन   देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगणों की रही ऑनलाइन मौजूदगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम को किया संबोधित   भारत की सेना दुनिया के अंदर सबसे सामर्थ्यशाली और शक्तिशाली बन करके उभरी है- सीएम योगी  डिफेंस सेक्टर में भारत की उपलब्धियां विकसित भारत की आहट को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर दिया है- योगी आदित्यनाथ – भारत सभी के साथ मैत्री भाव के साथ कार्य करेगा, लेकिन किसी की गीदड़-भभकी के सामने झुकेगा नहीं, डरेगा नहीं- सीएम योगी हमने बीएसएनएल की सेवाओं को प्रदेश के हर ग्राम पंचायतों के साथ जोड़ दिया है- मुख्यमंत्री अब पेंशन के लिए नहीं लगाने पड़ते कार्यालयों के चक्कर, डिजिटल पेंमेंट से घर बैठे समय पर लोगों के मिल रहा लाभ- सीएम योगी  नेटवर्किंग हमारे लिए उन दूर-दराज के क्षेत्रों, बार्डर इलाकों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्किंग निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका- मुख्यमंत्री  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत दुनिया के सामने आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। भारत न तो किसी की गीदड़ भभकी से डरेगा और न ही किसी दबाव के सामने झुकेगा। आज भारत तकनीक का पिछलग्गू नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति का लीडर बनकर उभरा है। सीएम योगी शनिवार को स्वदेशी तकनीक पर आधारित बीएसएनएल 4G नेटवर्क और भारत नेट परियोजना के ऑनलाइन उद्घाटन के अवसर पर लखनऊ में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  ने उड़ीसा में एक विशेष कार्यक्रम के तहत स्वदेशी BSNL 4G नेटवर्क' का उद्घाटन किया, जिसमें देश भर से सभी मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग के मंत्री और अधिकारीगण ऑनलाइन मौजूद रहे।   सीएम योगी ने कहा कि भारत नेट के स्वदेशी 4G इंफ्रास्ट्रक्चर डिजिटल क्रांति को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने पीएम मोदी और बीएसएनएल परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। सीएम योगी ने बताया कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने हर ग्राम पंचायत को ऑप्टिकल फाइबर और नेटवर्किंग से जोड़ने का संकल्प लिया था, जो भारत नेट ने साकार किया। अब ग्राम सचिवालयों में आय, निवास, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे रोजगार सृजन और बैंकिंग सेवाएं ग्रामीण स्तर पर पहुंची हैं। बीसी सखियों के जरिए 100 करोड़ से अधिक का लाभांश ग्रामीणों तक पहुंचा है। बीएसएनएल के 4G नेटवर्क को दूर-दराज के क्षेत्रों, खासकर नक्सल प्रभावित चंदौली, सोनभद्र और चित्रकूट में क्रांति लाने वाला है। आने वाले समय में 5G और 6G की भी तैयारी है। भारत किसी के दबाव में नहीं झुकेगा नहीं- सीएम योगी सीएम ने कहा कि संप्रभु राष्ट्र के लिए स्वदेशी सेना, स्वतंत्र विदेश नीति, स्वदेशी तकनीक और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण जरूरी है, जो नए भारत में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि आज भारत की सेना को विश्व की शक्तिशाली सेनाओं में शामिल है। यहां का आकाश, ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन, रोबोटिक्स में हासिल की गई उपलब्धियां विकसित भारत की पहचान बनी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत मैत्री भाव से विश्व के साथ चलेगा, लेकिन किसी के दबाव में नहीं झुकेगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में यह संदेश हर मंच से दिया गया है।  सभी सरकारी योजनाओं में डिजिटल पेमेंट को मिल रही प्राथमिकता सीएम ने बीते दौर की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले पेंशन के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिसमें आधा पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। अब डीबीटी के जरिए 1 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगों को सालाना 12,000 रुपये की पेंशन सीधे खाते में मिलती है। 60 लाख से अधिक अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी छात्रों को 6,000 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप डिजिटल रूप से दी जा रही है। यूपीआई के जरिए भारत ने सबसे अधिक डिजिटल पेमेंट का रिकॉर्ड बनाया है, जो भ्रष्टाचार पर लगाम और डिजिटल क्रांति का प्रमाण है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले नेटवर्किंग में माफिया के हावी थे। 2017 के बाद ऐसे माफियाओं की कमर तोड़ी गई और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई। बीएसएनएल का 4G नेटवर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई तकनीक और गति देगा। उन्होंने आत्मनिर्भरता को हर क्षेत्र में जरूरी बताते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों और नगर निकायों की आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की नींव होगी।  इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, बृजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल समेत कई गणमान्य उपस्थित रहे।

12 साल बाद इंदौर का BRTS अब इतिहास, एजेंसी को तोड़ने की मिली मंजूरी

इंदौर इंदौर के विवादित बीआरटीएस कॉरिडोर की आखिरकार उलटी गिनती शुरू हो गई है। मेयर इन काउंसिल ने इसे तोड़ने के लिए औपचारिक मंजूरी जारी कर दी है और संभवतः बुधवार से एजेंसी इसे तोड़ने का काम शुरू करेगी। इसके टूटने से निगम को ढाई करोड़ की राशि मिलेगी। डिवाइडर बनाने में 12 करोड़ करीब खर्च होंगे। बीआरटीएस 300 करोड़ में बना था     इंदौर बीआरटीएस साल 2013 में शुरू हुआ था। तब प्रारंभिक लागत 90 करोड़ मानी गई लेकिन बनते-बनते यह 300 करोड़ हो गई। इंदौर में यह 11.47 किमी लंबा है। इसमें हर दिन 60 हजार से अधिक यात्री सफर करते थे। इसमें हर 500 मीटर की दूरी पर एक बस स्टैंड बनाया गया। निरंजनपुर से राजीव गांधी प्रतिमा चौराहे तक यह कॉरिडोर अभी मौजूद है, जिसे अब तोड़ा जाएगा। इसमें दोनों ओर की रैलिंग के साथ ही बस स्टॉप को हटाया जाएगा और बीच में डिवाइडर बनाएंगे, जिससे रोड चौड़ा होगा। कई जंक्शन पर फ्लाईओवर बनाने की भी योजना है। खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे तोड़ने की घोषणा की थी। बाद में हाईकोर्ट ने भी इस पर मुहर लगाई। महापौर की बैठक में लगी मुहर शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा महापौर सभाकक्ष में मेयर इन कौंसिल की बैठक में इसका फैसला लिया गया। बीआरटीएस कॉरिडोर इंदौर की आरसीसी बीम, एमएस रेलिंग एवं बस शेल्टर्स को तोड़ने के संबंध में प्राप्त ऑफर रेट की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत उपरोक्त कार्य को हटाने के साथ ही निविदा शर्त अनुसार निर्माण कार्य भी प्रारंभ करने के संबंध में निर्देशित किया गया। बैठक में यह भी लिए गए फैसले महापौर भार्गव ने बताया कि इंदौर देश में स्वच्छता का पाठ सिखाता है, इंदौर स्वच्छता का मॉडल है, जिसके परिणामस्वरूप इंदौर शासन के निर्देशनुसार स्वच्छता गुरु बनकर इंदौर के समीप देपालपुर नगर परिषद को स्वच्छता का पाठ पढ़ाएगा और स्वच्छता अभियान में सहयोग करेगा। इसके लिए जल्द नगर निगम एवं देपालपुर परिषद के मध्य एमओयू भी साइन होगा, ताकि इंदौर देपालपुर को भी स्वच्छ व सुंदर बनाने में सहयोग कर सके। भविष्य में शहर की फायर सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए, 70 मीटर ऊंचाई के अग्निशमन कार्यार्थ हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म क्रय रखरखाव के साथ क्रय करने की भी स्वीकृति प्रदान की गई, यह विशेष फायर टेंडर फिनलैंड से असेंबल होकर पहुंचेगे। बैठक में अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत राशि 10.78 करोड़ की लागत से बिलावली तालाब तथा राशि 3.24 करोड़ की लागत से छोटा सिरपुर तालाब के विकास एवं जीर्णोद्धार संबंधित कार्यों की निविदा दर एवं अनुबंध करने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में निगमायुक्त दिलीपकुमार यादव, महापौर परिषद सदस्य राजेन्द्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, निरंजनसिंह चौहान, नंदकिशोर पहाडिया, अभिषेक शर्मा बबलु, राजेश उदावत, मनीष शर्मा मामा, अपर आयुक्त, विभाग प्रमुख व अन्य उपस्थित थे। कोर्ट के आदेश के सात माह बाद अब तोड़ा जाएगा     2.5 करोड़ रुपये से अधिक राशि मिलेगी निगम को     12 वर्ष का सफर अब थमेगा     3 एजेंसियां मिलकर बनाएंगी डिवाइडर     90 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान था बीआरटीएस निर्माण पर, जो बढ़कर 300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया     बीआरटीएस मार्ग में जहां फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं, वहां फिलहाल डिवाइडर बनाने के बजाय रेलिंग लगाई जाएगी     12 करोड़ रुपये खर्च आएगा बीआरटीएस मार्ग पर डिवाइडर बनाने में निगम को एक और नवाचार की तैयारी बीआरटीएस तोड़ने के बाद मार्ग में बनाए जाने वाले डिवाइडर में पौधारोपण होगा। इन पौधों तक पानी पहुंचाने के लिए विशेष पाइप लाइन डिवाइडर में बिछाई जाएगी। एक बटन दबाते ही 11 किमी लंबे मार्ग में बनाए डिवाइडरों में रोपे गए पौधों तक पानी पहुंच जाएगा। निरंजनपुर से शुरू होकर राजीव गांधी प्रतिमा तक जाता है बीआरटीएस     11.47 किमी लंबा है बीआरटीएस     21 बस स्टैंड हैं बीआरटीएस पर     14 क्रास चौराहे आते हैं मार्ग पर     500 मीटर की दूरी पर एक बस स्टैंड बनाया है     40 नए बस स्टैंड बनाए जाएंगे इस मार्ग पर डिवाइडर बनाने का काम भी चलेगा     बीआरटीएस तोड़ने वाली एजेंसी बुधवार से काम शुरू कर देगी। शुक्रवार को हुई एमआइसी की बैठक में दो करोड़ 55 लाख 56 हजार 860 रुपये के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। बीआरटीएस तोड़ने के साथ ही मार्ग पर डिवाइडर बनाने का काम भी चलेगा ताकि यातायात बाधित न हो। -पुष्यमित्र भार्गव, महापौर, इंदौर

BSNL का बड़ा कदम: स्वदेशी 4G नेटवर्क लॉन्च, 97,000+ साइटों पर सेवा शुरू

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज BSNL का 4G नेटवर्क (5G रेडी) लॉन्च कर दिया है। ये नेटवर्क देशभर में 97 हजार साइटों पर रोलआउट किया गया है। यह नेटवर्क पूरी तरह से स्‍वदेशी तकनीक पर तैयार हुआ है। इसके साथ ही अब भारत उन टॉप-5 देशों में शामिल हो जाएगा, जो अपनी टेलिकॉम टेक्नोलॉजी और इक्पिमेंट्स खुद बनाते हैं। डेनमार्क, स्वीडन, साउथ कोरिया और चीन के बाद भारत पांचवां देश है। इसके साथ ही अब भारत में मौजूद सभी टेलिकॉम ऑपरेटर 4G नेटवर्क से लैस हो गए हैं। बता दें कि Jio, Airtel और Vi (Vodafone Idea) पहले ही देश में अपने 4G और 5G नेटवर्क लॉन्च कर चुके हैं। बता दें कि भारत में बीएसएनएल के 9 करोड़ से ज्यादा एक्टिव वायरलेस (मोबाइल) सब्सक्राइबर्स हैं। टावर लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए बीएसएनएल की रजत जयंती के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने 97,500 से ज्यादा मोबाइल 4G टावरों का भी उद्घाटन किया, जिनमें बीएसएनएल के 92,600 4G टेक्नोलॉजी साइट भी शामिल हैं। ये टावर लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेशी तकनीक से बनाए गए हैं। ये टावर सौर ऊर्जा पर काम करते हैं। 5G पर आसानी से शिफ्ट हो जाएगा नेटवर्क बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क क्लाउड-बेस्ड और फ्यूचर रेडी है और इसे आसानी से 5G में अपग्रेड किया जा सकता है। इसे 5G में अपग्रेड करने के लिए हार्डवेयर में बदलाव करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, केवल सॉफ्टवेयर अपडेट से ही यह 5G पर आसानी से शिफ्ट हो जाएगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने डिजिटल भारत निधि के माध्यम से भारत के 100% 4G सैचुरेशन नेटवर्क का भी अनावरण किया, जिसके तहत 29,000 से 30,000 गांवों को मिशन-मोड प्रोजेक्ट के तहत जोड़ा गया है।