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फाइनल से पहले भोपाल में सुरक्षा कड़ी, 1500 जवान तैनात – हर गली पर रखी जा रही नजर

 भोपाल  भोपाल में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप फाइनल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. यह हाई वोल्टेज क्रिकेट मैच रविवार, 28 सितंबर 2025 को खेला जाएगा. 41 साल बाद पहली बार एशिया कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी. इस बड़े मुकाबले के दौरान फेस्टिव सीजन होने के कारण भोपाल पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती. शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. 41 साल बाद पहली बारभारत और पाकिस्तान पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि भोपाल में करीब 1500 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे, जिनमें 500 अतिरिक्त जवान शामिल होंगे. सभी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) को संवेदनशील इलाकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी. मोबाइल टीमें लगातार गश्त करेंगी और शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल तैनात रहेगा. इसके अलावा, पुलिस कंट्रोल रूम में बैठा स्टाफ सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखेगा. मैच के दौरान किसी भी तरह की अशांति से बचने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं. पुलिस कमिश्नर ने कहा कि किसी भी जगह पर भीड़ को इकट्ठा होने नहीं दिया जाएगा. जहां-जहां बड़ी स्क्रीन पर मैच दिखाने की व्यवस्था होगी, वहां अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोग सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से मैच का आनंद ले सकें. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी. यह मैच न केवल खेल का एक बड़ा आयोजन है, बल्कि भारत और पाकिस्तान के बीच होने के कारण यह भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है. भोपाल में लोग इस मैच को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है. शहर के सभी थानों को अलर्ट पर रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है. पुलिस की इस सतर्कता से यह उम्मीद है कि भोपाल में लोग शांतिपूर्ण ढंग से इस ऐतिहासिक मैच का आनंद ले सकेंगे.

लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी! अक्टूबर से मिलेगी ज्यादा राशि, सीएम मोहन यादव का ऐलान

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना की 29वीं किस्त अक्टूबर में जारी की जाएगी। इस बार लाभार्थियों को ₹1,250 के बजाय ₹1,500 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में घोषणा की थी कि दिवाली के अगले दिन यानी भाई दूज से योजना की राशि बढ़ाई जाएगी। राशि में बढ़ोतरी लाड़ली बहना योजना के तहत अब लाभार्थियों को प्रति माह ₹1,500 मिलेंगे। अगस्त में भी कुछ लाड़ली बहनों के खाते में ₹1,500 आए थे, जिसमें ₹1,250 की मूल राशि और ₹250 अतिरिक्त राखी के शगुन के रूप में शामिल थे। भविष्य में और बढ़ोतरी सरकार ने यह भी कहा है कि 2028 तक राशि बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह कर दी जाएगी। योजना की शुरुआत ₹1,000 मासिक भुगतान के साथ हुई थी, जिसे बाद में ₹1,250 किया गया था। यह योजना राज्य की बेटियों को आर्थिक रूप से सशक्त और संबल प्रदान करने के लिए बनाई गई है। इसके माध्यम से 12.7 मिलियन से अधिक महिलाओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता दी जा रही है।  भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए का एलान  मुख्यमंत्री डाॅ मोहन यादव ने कहा कि "लाड़ली बहनों हाथ खड़े करो, जिन जिनको पैसे मिल रहा है. आप बताओ बहन को भी मिल रहा है और भाई को भी मिल रहा है. हमारे पास कोई पैसे की कमी नहीं है, किसानों की जिंदगी जितनी बेहतर कर सकते हैं, हम लगातार उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और बहनों चिंता मत करो. ये कांग्रेसी कुछ भी कहें, लेकिन इसी दिवाली के बाद भाईदूज से आपको भी 1500 रुपए महीने मिलना चालू हो जाएगा. मोहन यादव बोले- हमारे पास पैसे की कमी नहीं हम अपने किसान भाईयों और लाड़ली बहनों को किसी तरह की कमी नहीं आने देंगे. किसान भाईयों को केंद्र और राज्य सरकार की किसान सम्मान निधि मिलेगी, तो लाड़ली बहनों के लिए दीपावली के बाद भाईदूज को 1500 रुपए मिलेंगे.

मुंबई से अहमदाबाद तक 2 घंटे का सफर, देश की पहली बुलेट ट्रेन कब शुरू होगी?

अहमदाबाद  रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट पर एक बड़ा अपडेट दिया है.  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात के सूरत और बिलिमोरा के बीच भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना का 50 किलोमीटर का हिस्सा 2027 में शुरू हो जाएगा और 2029 तक मुंबई और अहमदाबाद के बीच का पूरा खंड चालू कर दिया जाएगा. यानी कि 2029 तक भारत में पहली बुलेट ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी.  रेल मंत्री ने कहा कि चालू होने के बाद, बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच की दूरी केवल दो घंटे सात मिनट में तय होगी. उन्होंने कहा कि भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है. यह जानकारी उन्‍होंने सूरत रेलवे स्‍टेशन के निरीक्षण के दौरान कही. उन्‍होंने यहां पर स्‍टेशन कार्य के अलावा, ट्रैक तैयार होने का कार्य और टर्नआउट इंस्‍टॉलेशन की भी जांच की.  2029 तक देश में दौड़ने लगेगी पहली बुलेट ट्रेन  रेल मंत्री ने कहा कि पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्‍ट तेजी से चल रहा है. सूरत और बिलिमोरा के बीच परियोजना का पहला 50 किलोमीटर का खंड 2027 तक शुरू हो जाएगा. हम इसकी तैयारी कर रहे हैं. 2028 तक, पूरा ठाणे-अहमदाबाद खंड चालू हो जाएगा और 2029 तक पूरा मुंबई-अहमदाबाद खंड चालू हो जाएगा. वैष्णव ने बताया कि मुख्य लाइन की गति क्षमता 320 किमी प्रति घंटा और लूप लाइन की 80 किमी प्रति घंटा है.  नए टेक्‍नोलॉजी का इस्‍तेमाल रेल मंत्री ने कहा कि ट्रेनों की सुरक्षित और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह ट्रेनों की एक बहुत ही जटिल आवाजाही है, इसलिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. यहां कई वाइब्रेट सिस्‍टम इंस्‍टॉल किए गए हैं, जब भी ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, तो यूटिलिटी केबल वाइब्रेट को खत्‍म कर देगा और ट्रेन स्‍मूथ चलेगी.  पटरियों के लिए खास सिस्‍टम इंस्‍टॉलेशन  उन्होंने आगे कहा कि पटरियों के भीतर भी, किसी भी वाइब्रेशन को कंट्रोल करने के लिए कई सिस्‍टम तैयार किए गए हैं. इनपर कुछ खास तरह की सुविधाएं जोड़ी गई हैं, ताकि तेज हवा या अचानक भूकंप आने पर भी ट्रेन पूरी तरह स्थिर रहे. वैष्णव ने कहा कि सूरत स्टेशन का पूरा भारी काम पूरा हो चुका है और ट्रैक लिंक के साथ-साथ फिनिशिंग और यूटिलिटी कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.  बुलेट ट्रेन शुरू होने से विकास की रफ्तार भी बढ़ेगी उन्होंने कहा कि आज, बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत सूरत स्टेशन पर पहला टर्नआउट स्थापित किया गया है. टर्नआउट वह स्थान होता है जहां पटरी या तो जुड़ती है या अलग होती है. यहां कई नई तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, उदाहरण के लिए, ये रोलर बेयरिंग जिन पर पटरियां चलेंगी. यह भी एक बिल्कुल नई तकनीक है, जिसका हम इस्तेमाल कर रहे हैं.  वैष्णव ने कहा कि महत्वाकांक्षी बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई से अहमदाबाद तक सभी प्रमुख शहरों की अर्थव्यवस्थाओं को एक कर देगी और जापान की तरह विकास को गति देगी, जब पहली बुलेट ट्रेन शुरू हुई थी. उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि नए प्रोजेक्‍ट पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा.

अंडमान सी में 300 मीटर गहराई पर मिला नैचुरल गैस का भंडार, केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी

नई दिल्ली  भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता सामने आई है. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने ट्विटर पर जानकारी दी कि अंडमान सागर में स्थित श्री विजयपुरम 2 (Sri Vijayapuram 2) कुएं में प्राकृतिक गैस (Natural Gas) का पता चला है. यह कुआं अंडमान द्वीपसमूह के पूर्वी तट से लगभग 17 किलोमीटर (9.20 समुद्री मील) दूर है. कुएं की जलगहराई (Water Depth) 295 मीटर है, यानी यह समुद्र की सतह से 295 मीटर गहरे पानी में स्थित है. इसकी लक्षित गहराई (Target Depth) 2650 मीटर रखी गई थी. इसका मतलब है कि कुएं को पानी की सतह से लेकर समुद्र के नीचे जमीन में कुल 2650 मीटर तक खोदा गया. इसमें 295 मीटर पानी की गहराई और उसके नीचे जमीन में लगभग 2355 मीटर की गहराई शामिल है. शुरुआती उत्पादन परीक्षण (Initial Production Testing) से पता चला कि 2212 से 2250 मीटर की गहराई में प्राकृतिक गैस मौजूद है और इसमें समय-समय पर फ्लेयरींग (Intermittent Flaring) भी देखा गया. मीथेन गैस मिली गैस के नमूनों (Gas Samples) को जहाज के माध्यम से काकिनाडा (Kakinada) लाया गया, जहां उनका परीक्षण किया गया. जांच में सामने आया कि इस गैस में 87% मीथेन (Methane) है. मीथेन एक उच्च ऊर्जा क्षमता वाला घटक है और इसे वाणिज्यिक उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. अंडमान सागर में खोज का महत्व अंडमान सागर में प्राकृतिक गैस की यह खोज भारत के ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों के विकास के लिहाज से अहम है. इससे देश की ऊर्जा जरूरतों को स्थानीय स्रोतों से पूरा करने में मदद मिलेगी और आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी. आने वाले कदम केंद्रीय मंत्री के अनुसार, अब कुएं से कमर्शियल प्रोडक्शन योजना तैयार की जाएगी. यह चरण देश की ऊर्जा रणनीति में एक नया आयाम जोड़ सकता है और अंडमान-निकोबार क्षेत्र में ऊर्जा निवेश के अवसर भी बढ़ाएगा. ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक लाभ इस खोज से न केवल घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि यह क्षेत्रीय ऊर्जा बाजार में भारत की स्थिति मजबूत करने में भी मदद करेगा. मीथेन की उच्च प्रतिशतता इस परियोजना को वाणिज्यिक रूप से आकर्षक बनाती है और भविष्य में एलएनजी (LNG) निर्यात के रास्ते भी खोल सकती है. कुल मिलाकर, श्री विजयपुरम 2 कुएं में प्राकृतिक गैस की पुष्टि भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है और यह देश को आत्मनिर्भर ऊर्जा स्रोतों की ओर एक कदम और आगे ले जाएगी.

कांग्रेस संगठन में नई हलचल, एमपी के ज़िला अध्यक्ष मैदान में – नवंबर में राहुल और खड़गे की सीधी बैठक

भोपाल  मध्यप्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी 71 जिला अध्यक्षों के लिए 2 से 12 नवंबर तक पचमढ़ी में 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सीधी क्लास लेंगे। राहुल गांधी की क्लास से पहले सभी जिला अध्यक्ष फील्ड में सक्रिय हो गए हैं। अध्यक्षों को एक महीने में कार्यकारिणी बनानी है, मुद्दों को उठाना है और जनता से सीधा संवाद करना है। यह प्रशिक्षण शिविर सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठनात्मक मजबूती की नींव बनने जा रहा है। इस विशेष शिविर में कांग्रेस नेतृत्व कार्यकर्ताओं को दिशा दिखाने और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।  जिलाध्यक्षों से सीधा संवाद करेंगे राहुल शिविर की शुरुआत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे, जबकि राहुल गांधी दो दिन तक प्रशिक्षण में मौजूद रहेंगे। इस दौरान वे जिलाध्यक्षों से सीधे संवाद करेंगे और पूछेंगे कि आप ने  अभी तक संगठन में आपने क्या काम किया? किन मुद्दों पर आंदोलन किए? जनता के बीच कितनी बार पहुंचे? राहुल गांधी व्यक्तिगत रूप से फीडबैक लेंगे, जिससे कार्यकर्ताओं को अपने प्रदर्शन को बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। राहुल गांधी दो दिन रहेंगे, प्रभात फेरी में होंगे शामिल  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दो दिन तक यहां मौजूद रहेंगे. राहुल जिला अध्यक्षों को संगठन की चुनौतियों, चुनावी रणनीति और बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के गुर सिखाएंगे. वे नेताओं से वन टू वन चर्चा कर उनके जिलों की परिस्थितियों को समझेंगे और आगे की कार्ययोजना देंगे. इस शिविर का मकसद संगठन सृजन अभियान से बने जिला अध्यक्षों को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित करना है. वरिष्ठ नेता महेंद्र जोशी को प्रशिक्षण स्थल की तैयारियां देखने के लिए पचमढ़ी भेजा गया है. अनुशासन और राहुल गांधी की रणनीति  पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के शिविर कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाते हैं. पचमढ़ी का शांत और प्राकृतिक वातावरण इसके लिए उपयुक्त माना गया है. राहुल गांधी का सीधा जुड़ाव शिविर की खासियत होगा. कांग्रेस इस शिविर से दो संदेश देना चाहती है. पहला यह कि पार्टी अनुशासन को प्राथमिकता देती है. दूसरा यह कि राहुल गांधी सीधे रणनीति बना रहे हैं. गौसेवा और प्रभातफेरी जैसी गतिविधियां परंपरा और आधुनिक राजनीति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश हैं. कांग्रेस का संगठनात्मक अनुशासन और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर इस शिविर का मकसद संगठन सृजन अभियान से बने जिला अध्यक्षों को जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित करना है. सुबह योग और प्रभात फेरी से दिन की शुरुआत होगी. इसके बाद प्रशिक्षण सत्रों में रणनीति, संवाद और चुनावी प्रबंधन सिखाया जाएगा. गौसेवा और स्वच्छता कार्यक्रमों के जरिए कांग्रेस संगठनात्मक अनुशासन और सांस्कृतिक जुड़ाव पर जोर देना चाहती है. नेताओं की मजबूत टीम देगी मार्गदर्शन 2 से 12 नवंबर तक पचमढ़ी में 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर में जयराम रमेश, पवन खेड़ा, सुप्रिया श्रीनेत, प्रशिक्षण विभाग के राष्ट्रीय प्रमुख सचिन राव, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी मौजूद रहेंगे। कांग्रेस का मानना है कि यह प्रशिक्षण शिविर संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं की दिशा तय करने में मील का पत्थर साबित होगा। जनसंवाद की रणनीति 1-सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग 2-जमीनी मुद्दों की पहचान और समाधान 

खजुराहो में अगले दशक में विकसित होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, 2000 करोड़ होंगे खर्च

खजुराहो  भारत सरकार अब यूनेस्को की मान्यता प्राप्त खजुराहो को अगले दस सालों में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना तैयार कर रही है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने दो माह पहले ही इसका खाका तैयार कर लिया है। मप्र पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक बिदिशा मुखर्जी के अनुसार, सरकार चुनिंदा पर्यटन केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी में है। इसके लिए केवल खजुराहो में अगले 10 वर्षों में 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस राशि से वहां रोड़ कनेक्टिविटी, पर्यटक गाइडिंग, सिटी ऐप व 'वन टूरिज्म कार्ड' जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। खजुराहो को क्यों चुना खजुराहो पहले से ही दुनियाभर में अपने मंदिरों की विशिष्ट वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। केंद्र सरकार की योजना यूनेस्को की सूची में शामिल चुनिंदा स्थलों को विश्वस्तरीय बेंचमार्क पर विकसित करने की है. जिसके लिए खजुराहो का चयन किया गया है। खजुराहो हवाई अड्डे श्रेष्ठ एयरपोर्ट में भी शामिल है। टिकाऊ विकास पर होगा फोकस     प्रोत्साहन लैंड, व अनुदानः सब्सिडी, राज्यग ग्रांट और इंसेंटिव्स उपलब्ध कराएगी, ताकि निजी निवेश आकर्षित हो सके।     स्वच्छता और पर्यावरणः सफाई और सफाई सेवाओं पर 2 सफाई विशेष जोर, पर्यावरणीय दृष्टिकोण से हरित मानकों का पालन होगा। ये होगा खास     आधुनिक सुविधाएं: सड़क मार्ग, रेल-हवाई संपर्क बेहतर होगा. पाथवेज, एकोमोडेशन, पर्यटक सुविधा केंद्र, सिविक एमेनिटीज आदि पिक सीजन को ध्यान में रखते हुए बनेंगे।     सांस्कृतिक और कलात्मक केंद्रः मध्य प्रदेश और भारत की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए एक ऐतिहासिक, पुरातात्विक और भव्य कला केंद्र बनाया जाएगा।     वन टूरिज्म कार्डः सभी प्रकार की बुकिंग के लिए एक वन टूरिज्म कार्ड बनेगा, जिससे बुकिंग आसान होगी। इसी कार्ड से होटल, म्यूजियम, मंदिर, बस, ट्रेन, एयरपोर्ट आदि पर भी पेमेंट कर सकेंगे।     आधुनिक होटलः दुनिया के 20 से अधिक चर्चित होटलों को बनाया जाएगा, जिसका पूरा इंफास्ट्रक्चर आधुनिक, कला और तकनीक से परिपूर्ण होगा। यह हमारे लिए ऐतिहासिक अवसर है कि खजुराहो को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में एक उत्कृष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए। इस निवेश योजना से न केवल ठोस बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि स्थानीय संस्कृति और कलाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाएंगे। – शिव शेखर शुक्ला, एसीएस, पर्यटन विभाग

सदन में हंगामा: मान सरकार का बीजेपी विरोधी प्रदर्शन तेज

चंडीगढ़ पंजाब को बाढ़ राहत के नाम पर केंद्र सरकार से मिला वादा एक बार फिर खोखला साबित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए ₹1600 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन यह वादा अभी तक अधूरा है। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने केंद्र की भाजपा सरकार को कड़ी चेतावनी दी। सरकार ने साफ किया कि पंजाब अब केवल वादों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि उसे वास्तविक राहत चाहिए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का पंजाब दौरा केवल "फोटो खिंचवाने" तक ही सीमित था। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री उस परिवार को सांत्वना तक नहीं दे पाए जिसने बाढ़ में अपने तीन सदस्यों को खो दिया।" चीमा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि संकट के समय कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब का साथ देने के बजाय भाजपा का ही समर्थन किया। जल संसाधन मंत्री ब्रिंदर कुमार गोयल ने भी विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, "पंजाब ने ₹20,000 करोड़ की राहत मांगी थी, लेकिन केंद्र ने केवल ₹1,600 करोड़ का 'झुनझुना' थमा दिया। यह पंजाब के किसानों और बाढ़ पीड़ितों के साथ एक क्रूर मजाक है।"उन्होंने बताया कि यह पैकेज प्रधानमंत्री ने 9 सितंबर को अपने दौरे के दौरान घोषित किया था, लेकिन अभी तक इसका कोई भी अंश जारी नहीं किया गया है। गोयल ने जोर देकर कहा कि केंद्र सरकार को पंजाब में हुई तबाही के असली पैमाने को समझना चाहिए और तुरंत कम से कम ₹20,000 करोड़ का विशेष पैकेज मंजूर करना चाहिए। साथ ही, यह भी मांग की गई कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ को तुरंत पंजाब आपदा राहत कोष में जारी किया जाए। ₹1600 करोड़ 'अपमान' और 'नाकाफी', राज्य के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने इस वादे को "पंजाब का अपमान" बताया। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को नुकसान का विस्तृत ब्यौरा दिया था, जिसमें टूटी सड़कें, बर्बाद हुई फसलें (1.91 लाख हेक्टेयर), उजड़े घर और जमीनें शामिल थीं। इसके बावजूद, केंद्र ने केवल ₹1600 करोड़ का वादा किया, जो अभी तक सिर्फ कागजों में ही है। सरकार ने स्पष्ट किया कि पंजाब की बर्बादी इतनी बड़ी है कि ₹1600 करोड़ बहुत मामूली है। किसानों को मुआवजा देने, बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और लोगों के जीवन को पटरी पर लाने के लिए राज्य को कम से कम ₹60,000 करोड़ की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में विधानसभा से एक मजबूत संदेश गया है, "पंजाब अब खैरात नहीं मांगेगा, बल्कि अपने हक की लड़ाई लड़ेगा। यह केवल राहत का मामला नहीं, बल्कि पंजाब की इज्जत का सवाल है।"

यूपी सीएम योगी ने दी चेतावनी: दारुल इस्लाम में विश्वास रखने वालों को पहले भुगतना होगा नतीजा

श्रावस्ती उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली में बवाल करने वालों को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। श्रावस्ती में आयोजित एक जनसभा में शनिवार को सीएम योगी ने कहा कि हमने हर समुदाय, हर जाति के कल्याण के लिए काम किया। अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति सभी को सम्मान दिया। सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है। इसके बाद भी कुछ लोगों को विकास अच्छा नहीं लगता। वे तालिबानी व्यवस्था और दारुल इस्लाम में विश्वास करते हैं। मैं उन्हें कहता हूं, ऐसी व्यवस्था जन्नत में भी पूरी नहीं होगी, इसके लिए पहले जहन्नुम जाना पड़ेगा। सीएम योगी ने कहा कि आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी और निर्दोष लोगों पर हमले करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो उनकी कई पीढ़ियों के लिए नजीर बन जाएगा। सीएम योगी नवरात्र के समय बरेली में बवाल और कई जिलों में आई लव मोहम्मद को लेकर निकाले जा रहे जुलूस को लेकर बेहद खफा नजर आए। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है। यह सबका साथ और विकास जानता है, लेकिन उपद्रवियों और माफियाओं से सख्ती से निपटना भी जानता है। कुछ लोगों को शांति और कल्याण अच्छा नहीं लगता। हिंदू त्योहारों पर उन्हें गर्मी चढ़ती है, लेकिन हम डेंटिंग-पेंटिंग से उनकी गर्मी शांत करना जानते हैं। सीएम योगी ने कहा कि अराजकता स्वीकार्य नहीं है। अगर किसी ने सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, निर्दोष नागरिकों पर हमला किया, बेटियों की सुरक्षा को खतरा पहुंचाया या व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में आगजनी की कोशिश की तो ऐसी कार्रवाई करेंगे कि उनकी कई पीढ़ियां याद रखेंगी। उन्होंने त्योहारों के दौरान माहौल खराब करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि त्योहार उत्साह और एकता का समय है। हिंदू परिवार अपनी पूंजी लगाकर समाज के साथ खुशी मनाता है। कोई भेदभाव नहीं करता। सभी को साथ लेकर चलता है। ऐसे मौकों पर सड़क पर प्रदर्शन और उपद्रव बर्दाश्त नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने उन लोगों को आड़े हाथों लिया जो उपद्रव के दौरान बच्चों और महिलाओं को आगे करते हैं। उन्होंने कहा कि जो कायरों और बुझदिलों की तरह बच्चों और महिलाओं को आगे करके उपद्रव करते हैं, उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। आस्था अंतःकरण का विषय है, प्रदर्शन का नहीं। आस्था के नाम पर तोड़फोड़, आगजनी या पुलिस पर हमला करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। सीएम योगी ने महापुरुषों के सम्मान पर जोर देते हुए कहा कि महापुरुष किसी भी परंपरा में हों, उनका सम्मान होना चाहिए। आस्था प्रदर्शन का विषय नहीं है। जो लोग आस्था के नाम पर हिंसा और अराजकता फैलाते हैं, उन्हें कठोर दंड भुगतना होगा।  

बहनों के लिए धन की कमी नहीं, जल्द ही देंगे 1500 रुपए प्रतिमाह

धीरे-धीरे राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे 185 करोड़ रुपए से अधिक के 65 विकास कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमिपूजन   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी भारतीय संस्कृति का वैशिष्ट्य ही हमारी पहचान है। हम मातृ सत्तात्मक समाज व्यवस्था के संवाहक हैं। यह सिर्फ भारत देश ही है, जहां बच्चा-बच्चा देश को माता के रूप में पूजकर 'भारत माता की जय' कहता है। यह नारियों के प्रति हमारी आस्था, हमारे सम्मान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए हमारे खजाने में धन की कोई कमी नहीं है। दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह देंगे और हमारा संकल्प है कि धीरे-धीरे यह राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिवपुरी जिले में किसानों को बाढ़ आपदा की राहत राशि के रूप में 10 करोड़ रुपए बांटे गए हैं। प्रदेश के हर अंचल में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। विकास की बात पर हमारी सरकार हर कदम पर नागरिकों के साथ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को शिवपुरी जिले के नरवर में सेवा पखवाड़ा अंतर्गत आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 185 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाले 65 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 48.90 करोड़ लागत के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और 136.67 करोड़ लागत के 52 से अधिक विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। राजा नल-दमयंती की प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर में राजा नल-दमयंती की प्रतिमा का अनावरण भी किया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर के पुराने किले में रोप-वे निर्माण करने एवं नरवर में नया आईटीआई खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने नरवर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन करने, नगर परिषद नरवर में गौशाला निर्माण एवं पुलिस चौकी बनाने और आवागमन की बेहतरी के लिए सिंध नदी पर एक नया सेतु बनाने की भी घोषणा भी की। भावांतर योजना का लाभ लें किसान  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश के किसानों को सोयाबीन उपार्जन के लिए शुक्रवार को ही भावांतर योजना की सौगात दी गई है। किसान भाई 10 से 25 अक्टूबर के बीच इस योजना में सोयाबीन बेचने के लिए अपना पंजीयन कराएं। किसानों को सोयाबीन का 5328 रुपए प्रति क्विंटल मूल्य दिलाएंगे। हमारी सरकार अपने सभी वादों और संकल्पों को पूरा करते हुए विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रही है। ग्वालियर सांसद श्री भारत सिंह कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरवर आकर शिवपुरी जिले को अनेकों सौगात दी है। करेरा विधायक श्री रमेश खटीक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का राजा नल की नगरी नरवर में आत्मीय स्वागत है। कार्यक्रम में विधायक श्री महेंद्र सिंह यादव, विधायक श्री प्रीतम लोधी, विधायक श्री भवानी सिंह राठौरजनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। 

जानिए कैसे मोदी सरकार की नई योजना से मिलेगा रिटायरमेंट में आरामदायक जीवन

नई दिल्ली  आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता अपने बुढ़ापे को लेकर होती है। कामकाजी जीवन के दौरान तो किसी तरह खर्च पूरे हो जाते हैं लेकिन रिटायरमेंट बाद जब आय का कोई स्थायी साधन नहीं होता, तब आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे समय में सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) काम आ सकती है। अटल पेंशन योजना के तहत 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक का कोई भी भारतीय नागरिक जुड़ सकता है। योजना में निवेशक को हर महीने एक तय राशि जमा करनी होती है, जो उनकी उम्र और चुनी गई पेंशन राशि के हिसाब से निर्धारित होती है। निवेशक 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद इस योजना से ₹1000, ₹2000, ₹3000, ₹4000 या ₹5000 प्रति माह पेंशन प्राप्त कर सकता है। योजना की सबसे खास बात यह है कि यदि किसी निवेशक की मृत्यु हो जाती है तो उसके पति या पत्नी को उतनी ही पेंशन मिलती रहेगी। वहीं, पति-पत्नी दोनों के निधन के बाद उनके नॉमिनी को वापस कर दी जाती है। अटल पेंशन योजना का एक और फायदा यह है कि इसमें सरकार की गारंटी होती है। यानी निवेशक को भविष्य में तय पेंशन निश्चित रूप से मिलेगी। किस उम्र में निवेश करना सही? अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में अटल पेंशन योजना से जुड़ता है और उसे भविष्य में ₹5000 की पेंशन चाहिए तो उसे हर महीने लगभग ₹210 का योगदान करना होगा। इसी तरह अगर 30 साल की उम्र में जुड़ता है तो योगदान राशि लगभग ₹577 होगी। 40 साल की उम्र में जुड़ने वाले को यह योगदान ₹1454 तक करना पड़ सकता है। मतलब जितनी जल्दी योजना से जुड़ेंगे, उतना ही कम निवेश करना होगा। अटल पेंशन योजना खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जैसे- किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार, ठेला-रेहड़ी चलाने वाले लोग आदि। इस योजना से उन्हें बुढ़ापे में भी स्थायी आय का स्रोत मिल सकता है।