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हिरासत मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने दी कड़ी चेतावनी, पुलिस की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई जरूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस हिरासत में 26 साल के युवक की मौत के मामले में जिम्मेदार दो पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार इन अधिकारियों की गिरफ्तारी के आदेश की अनदेखी नहीं कर सकती.  पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि अगर अधिकारी उन्हें गिरफ्तार करने में विफल रहते हैं, तो कोर्ट उन दोनों के खिलाफ आरोप तय कर सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बर्खास्त किया जाए, ताकि उनके सामने न्याय हो सके. कोर्ट को सूचित किया गया कि मई 2025 से दोनों अधिकारियों का वेतन रोक दिया गया है, और SP को आदेश मिल चुका है कि उन्हें निलंबित कर दिया गया है.  जस्टिस महादेवन की टिप्पणी जस्टिस महादेवन ने सवाल उठाया कि अधिकारी 15 अप्रैल से अपने पता नहीं लगाया जा सका, जबकि अगस्त में उन्होंने अग्रिम जमानत दाखिल की. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति बनी रही तो CBI निदेशक के खिलाफ भी अवमानना की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है. कोर्ट का अवमानना संबंधी नोट जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि गिरफ्तारी के निर्देश के बाद अग्रिम जमानत की गुहार करना अपने आप में अवमानना है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि 15 मई के निर्देश के बावजूद अब तक गिरफ्तारी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. आगामी निर्देश और हलफनामा कोर्ट ने कहा कि सात अक्टूबर तक आदेश का अनुपालन करते हुए हलफनामा दाखिल किया जाए, और अगर अनुपालन नहीं होता है, तो 8 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के DGP भी कोर्ट में उपस्थित होंगे.  

चैतन्यानंद का काला इतिहास: यौन शोषण, बड़े घोटाले और अनगिनत साजिशें सामने आईं

नई दिल्ली दिल्ली के वसंत कुंज में मौजूद श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SRISIIM) का चांसलर स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी फरार है. उसके खिलाफ 17 EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की छात्राओं ने यौन शोषण और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं. दिल्ली पुलिस की कई टीमें अलग-अलग शहरों और राज्यों में छापेमारी कर रही हैं, लेकिन बाबा इतना शातिर है कि अब तक कानून के कटघरे में नहीं आया है. संस्थान में पढ़ने वाली कई लड़कियों ने पुलिस के सामने बाबा का काला सच बयां किया है. एक पूर्व छात्र ने भी 'आज तक' के कैमरे पर बाबा की काली करतूतों का खुलासा किया है, जो हैरान करने वाला है. इस मामले को लेकर 4 अगस्त 2025 को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई, और तब शुरू हुआ पाखंडी बाबा की हरकतों के किस्से बाहर आने का सिलसिला. श्रृंगेरी मठ के प्रशासक पीए मुरली ने स्वामी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद बाबा फरार हो गया. कहां छुपा है चैतन्यानंद? शातिर स्वामी का ठिकाना अब बड़ा रहस्य बन गया है. यौन शोषण के आरोप लगने के बाद से वो भगवाधारी फरार है. दिल्ली से भागने में उसकी मदद कौन कर रहा है? ये सवाल भी सिर उठा रहा है. पुलिस को शक है कि संस्थान और बाहर मौजूद उसके कॉकस के लोग इस काम में शामिल हैं. 5 राज्यों में पुलिस टीमें उसकी तलाश कर रही हैं, लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है. लेकिन बाबा का कोई सुराग नहीं मिल रहा. क्या वह भूमिगत हो गया है? देश से बाहर भागा है? या बहुरूपिया बनकर घूम रहा है? दिल्ली की सड़कों पर डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट वाली कारों से फर्राटा भरने वाला वो शातिर बाबा लेक्चर, किताबों और वीडियो की आड़ में अपना खेल करता था. लेकिन अब उसका पता नहीं है. फर्जी बाबा चैतन्यानंद मैनेजमेंट, नीति और नैतिकता का लेक्चर दिया करता था, अब वही संगीन आरोपों में घिरा है. अब दिल्ली पुलिस को उसकी तलाश है, जो खुद नामी संस्थान का सर्वेसर्वा था. उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के कुछ ही घंटों बाद वह लापता हो गया था. उसे ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि वह मोबाइल, डेबिट-क्रेडिट कार्ड या UPI का इस्तेमाल नहीं कर रहा है. लग्जरी गाड़ियों का शौकीन था फर्जी बाबा माथे पर त्रिपुंड, भगवा वस्त्र, वेदांत की बातें करने वाला वो ढ़ोंगी बाबा लग्जरी गाड़ियों का शौकीन था. पुलिस को सिर्फ उसकी लग्जरी BMW कार हाथ लगी, जो दिल्ली पुलिस ने बरामद कर ली. दावा है कि इसी BMW से चैतन्या भागा था, लेकिन कहां, यह रहस्य है. इसके अलावा, उसकी वोल्वो कार को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया. यह कार फर्जी डिप्लोमेटिक नंबर (39 UN 1) वाली थी, जिसके लिए अलग FIR दर्ज हुई. 25 अगस्त 2025 को उसकी कार जब्त की गई. दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. देश के सभी एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर उसकी निगरानी बढ़ा दी गई है. चैतन्यानंद उर्फ पार्थासारथी की तलाश में पुलिस जर्रा-जर्रा छान रही है. पूर्व छात्रों ने बताया कि बाबा के खिलाफ कई बार लड़कियों ने शिकायत की, लेकिन पुलिस से मदद न मिलने पर उनका हौसला टूट गया. साल 2016 में डिफेंस कॉलोनी थाने में शिकायत दर्ज हुई थी. साल 2009 का भी एक पुराना केस था, लेकिन पैसे और रसूख से बाबा हर बार बच निकलता था. पीड़ितों का कहना है कि असफलता से डरकर कई लड़कियां चुप हो जाती थीं. अब उसके खिलाफ 5 FIR दर्ज हैं, जिनमें दो पुरानी और तीन नई है. जिनमें धोखाधड़ी, छेड़छाड़ और फर्जी नंबर प्लेट का केस भी शामिल है. चौंकाने वाला तथ्य यह है कि बाबा ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर लड़कियों को निशाना बनाता था. EWS स्कॉलरशिप वाली छात्राओं को बेहतर करियर और विदेश यात्रा का लालच देकर फंसाया जाता था. जो लड़कियां विरोध करतीं, उन्हें एग्जाम में फेल करने की धमकी दी जाती थी. वॉर्डन लड़कियों को उसके कमरे भेजती थी, WhatsApp पर 'कम टू माय रूम' जैसे मैसेज भेजे जाते. कई बार मैसेज अश्लील होते थे. लिहाजा, चैट्स डिलीट कर दिए जाते थे. CCTV टैम्पर किया जाता. 32 महिलाओं में से 17 ने शोषण की शिकायत की है. पूर्व छात्र ने बताया कि इंस्टीट्यूट में अब भी पढ़ रही लड़कियां ऐसी ही कहानियां सुना रही हैं. यह सिस्टेमैटिक एक्सप्लॉइटेशन था, जो 16 साल से चल रहा था. पुलिस ने 3 वॉर्डन्स से पूछताछ की, जो मैसेज डिलीट करने के आरोपी हैं. लड़कियों का यौन शोषण करने वाले बाबा के बारे में अब कई विस्फोटक बातें सामने आईं हैं. एक पूर्व छात्र ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को लेकर जो खुलासा किया, वो हैरान करने वाला है. बाबा अपने रौब और दबदबे से सालों से इंस्टीट्यूट की लड़कियों का शोषण कर रहा था. यकीन नहीं आता, लेकिन पूर्व छात्र ने 'आज तक' से बातचीत में बाबा की मोडस ऑपरेंडी खोलकर रख दी. इंस्टीट्यूट के पूर्व छात्र ने साफ कहा कि सिर्फ पूर्व छात्राएं ही नहीं, बल्कि वर्तमान लड़कियां भी ऐसी शिकायतें कर रही हैं. बाबा के खिलाफ यह कोई पहला मामला नहीं, पहले भी कई केस दर्ज हुए हैं. लेकिन शुरू से पुलिस हाथ साफ रखती रही. अब गवाह सामने आ रहे हैं. इंस्टीट्यूट का पूर्व छात्र चैतन्यानंद को लेकर जो खुलासे कर रहा था, हमने उससे पूछा कि क्या किसी लड़की ने खुद शिकायत की? उसका जवाब था कि कई लड़कियों ने कमोबेश एक जैसी कहानियां सुनाईं हैं. शिकायते की हैं. पुलिस ने बाबा के ठिकाने से जो विवादित BMW कार बरामद की, उसमें भी बाबा ने कथित तौर पर ज्यादती की थी. उस कार को खरीदने के बाद बाबा ऋषिकेश पूजा के लिए गया था, लेकिन रास्ते में साथ गई लड़कियों का शोषण भी किया था. श्री श्री जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम दक्षिणाम्नाय श्री शारदा पीठम का यह दागी चांसलर अब कानून की पहुंच से बाहर है. पुलिस सबूतों के साथ गवाहों को इकट्ठा कर रही. NCW ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को तुरंत इस मामले में आरोपी बाबा की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. उधर, दिल्ली की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से घिरे स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की अग्रिम … Read more

शहबाज की जीत वाली कहानी पर भारत का UN में करारा जवाब, पाक का सच बयां

नई दिल्ली संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के भाषण पर भारत ने कड़ा पलटवार किया है. भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने 'राइट टू रिप्लाई' का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद पर घेरा. 'शहबाज ने किया आतंकवाद का महिमामंडन' पेटल गहलोत ने कहा कि सुबह इस सभा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का भाषण सुना, जिसमें उन्होंने एक बार फिर आतंकवाद का महिमामंडन किया, जो उनकी विदेश नीति का अहम हिस्सा है. उन्होंने याद दिलाया कि 25 अप्रैल 2025 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान ने 'रेसिस्टेंस फ्रंट' जैसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन का बचाव किया था जो जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों के नरसंहार के लिए जिम्मेदार था. उन्होंने कहा कि यह वही पाकिस्तान है जिसने ओसामा बिन लादेन को सालों तक अपने यहां छिपाए रखा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का दिखावा करता रहा. उनके मंत्रियों ने खुद माना है कि पाकिस्तान दशकों से आतंकी कैंप चलाता आया है. 'टूटे और जले हुए एयरबेस को जीत बता रहा पाकिस्तान'   भारत की राजनयिक ने पाकिस्तान को उसके झूठे दावों पर भी घेरा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जिस 'जीत' की बात कर रहे हैं, वह दरअसल भारतीय हमले में नष्ट हुए उनके एयरबेस, जले हुए हैंगर और टूटे हुए रनवे की तस्वीरें हैं, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं. अगर पाकिस्तान इन्हें जीत मानता है, तो उसे मानने दीजिए. 'सिर्फ द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाए जाएंगे सभी मुद्दे' गहलोत ने कहा कि सच यही है कि पाकिस्तान भारत में निर्दोष नागरिकों पर आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार है और भारत हमेशा अपने लोगों की सुरक्षा के लिए जवाबी कदम उठाएगा. भारत ने एक बार फिर दोहराया कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो भी मुद्दे हैं, वे केवल द्विपक्षीय स्तर पर ही सुलझाए जाएंगे और किसी तीसरे पक्ष की इसमें कोई भूमिका नहीं होगी.

अधिकारियों को मुख्यमंत्री का दो टूक निर्देश, उपद्रवियों के खिलाफ हो निर्णायक कार्रवाई, कोई बच न सके

दशहरा बुराई और आतंक के दहन का प्रतीक, उपद्रवियों पर कार्रवाई के लिए यही समय है-सही समय है: मुख्यमंत्री विभिन्न जिलों में सम्प्रदाय विशेष द्वारा जुलूस प्रदर्शनों से अराजकता फैलाने की कोशिशों पर मुख्यमंत्री सख्त, कहा, हर उपद्रवियों को सरकार कुचल देगी अधिकारियों को मुख्यमंत्री का दो टूक निर्देश, उपद्रवियों के खिलाफ हो निर्णायक कार्रवाई, कोई बच न सके उपद्रवी बचेंगे नहीं, कार्रवाई ऐसी होगी कि दोबारा अराजकता फैलाने की सोच नहीं सकेंगे: मुख्यमंत्री कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद सहित विभिन्न जिलों की घटनाओं पर नाराजगी, उपद्रवियों पर तुरंत एफआईआर, संपत्ति तक जांच के आदेश हर उपद्रवी चिन्हित हो, वीडियो फुटेज व सोशल मीडिया मॉनीटरिंग से कोई भी बच न पाए: मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, छेड़खानी, चेन स्नेचिंग, एसिड अटैक पर थाने से लेकर पीआरवी तक जवाबदेही तय होगी: मुख्यमंत्री गरबा-डांडिया में बहरूपियों की घुसपैठ रोकें, मिशन शक्ति 5.0 को जमीन पर उतारें: मुख्यमंत्री ड्रोन से रेकी और चोरी की अफवाहों पर कड़ा एतराज, अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी व चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश जातीय संघर्ष भड़काने की कोशिशों पर पूरी तरह लगाम, मुख्यमंत्री ने कहा आदेशों का अक्षरशः पालन हो दुर्गा पूजा व रावण दहन कार्यक्रमों में सुरक्षा सर्वोपरि, सुरक्षित ऊंचाई से अधिक बड़ी प्रतिमा न हो, विसर्जन के वैकल्पिक इंतजाम जरूरी: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, बूचड़खानों का औचक निरीक्षण करें पुलिस कप्तान, मानक अनुपालन सुनिश्चित करें यूपी आईटीएस में उमड़ रहा लोगों का उत्साह, बोले मुख्यमंत्री, कोई जाम न हो, सुरक्षा पुख्ता रहे जिलों में प्रभारी मंत्री व अन्य जनप्रतिनिधियों के दौरों और बैठकों को प्राथमिकता में रखे जिला प्रशासन, कोर ग्रुप की बैठकों को मुख्यमंत्री कार्यालय तक रिपोर्ट करें लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई के साथ कुचल देगी। पर्व-त्योहारों के अवसर पर कतिपय असामाजिक तत्वों द्वारा अशांति फैलाने के कुत्सित प्रयासों पर कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि "दशहरा बुराई और आतंक के दहन का पर्व है। उपद्रवियों पर ऐसी कार्रवाई हो कि वे दोबारा कभी इस गलती की सोच भी न सकें। कार्रवाई के लिए किसी और समय का इंतज़ार न करें, यही समय है, सही समय है।" हाल के दिनों में कानपुर नगर, वाराणसी, मुरादाबाद, बदायूं, महराजगंज, उन्नाव, संभल, आगरा और बरेली में आपत्तिजनक जुलूस और भड़काऊ नारेबाजी की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि यह सब प्रदेश का माहौल खराब करने की सुनियोजित साजिश है, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। आयोजकों और मास्टरमाइंड की पहचान कर उनकी संपत्ति तक की जांच हो। इन जुलूसों में शामिल एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए। वीडियो फुटेज खंगालें, सोशल मीडिया मॉनीटरिंग करें और हर एक उपद्रवी पर कार्रवाई करें। मुख्यमंत्री शुक्रवार देर रात शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों, जोनल एडीजी, आईजी, मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों सहित फील्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उन्होंने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शारदीय नवरात्र से प्रारंभ मिशन शक्ति 5.0 की प्रगति पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री ने गरबा-डांडिया जैसे आयोजनों में बहरूपिये अराजक तत्वों की घुसपैठ रोकने के सख्त निर्देश दिए। महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छेड़खानी, चेन स्नेचिंग या एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर न केवल थाने और चौकी की जवाबदेही तय होगी बल्कि पीआरवी की भूमिका भी जांची जाएगी। दशहरे के बाद जोनल एडीजी इसकी थानावार समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बस्ती और प्रयागराज आदि जिलों में ड्रोन के जरिए रेकी व चोरी की अफवाहों पर मुख्यमंत्री ने कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों की गिरफ्तारी हो और पुलिस लगातार गश्त करती रहे। चौकीदारों की सक्रियता बढ़ाई जाए ताकि गलत सूचनाओं से जनता आतंकित न हो। उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं की रोकथाम के लिए कड़ी मॉनीटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जातीय संघर्ष भड़काने की कोशिशों पर भी सख्ती दिखाई और कहा कि शासन के स्पष्ट आदेशों का अक्षरशः पालन कराया जाए। जाति के नाम पर वैमनस्य फैलाने की कोशिशों को पूरी तरह खत्म करना होगा। त्योहारों के दौरान सुरक्षा-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रतिमाएं सुरक्षित सीमा से अधिक ऊंची न हों और नदियों में जलस्तर अधिक होने के कारण विसर्जन की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दुर्गा पूजा समितियों से संवाद कर सुरक्षित व्यवस्था बनाएं और रावण दहन कार्यक्रम सुरक्षा मानकों के अनुरूप संपन्न कराएं। गो-तस्करी और बूचड़खानों पर कठोर कार्रवाई की हिदायत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस कप्तान औचक निरीक्षण कर सुनिश्चित करें कि बूचड़खाने मानक के अनुरूप ही संचालित हो रहे हैं। ग्रेटर नोएडा में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में भारी भीड़ और विदेशी खरीदारों की मौजूदगी पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहे। उन्होंने निर्देश दिया कि सप्ताहांत में संभावित बड़ी भीड़ को देखते हुए कहीं भी यातायात जाम न हो और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जाए। जिलाधिकारी गौतम बुद्ध नगर ने बताया कि दूसरे दिन लगभग 49 हजार लोगों ने ट्रेड शो का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया कि प्रभारी मंत्रियों के साथ-साथ सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ जनों से बने कोर ग्रुप के निर्देशों को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। इनकी बैठकों के विवरण से मुख्यमंत्री कार्यालय को भी अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने विकसित यूपी@2047 के अभियान को जनांदोलन बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास के भी निर्देश दिए।

विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में ग्राम प्रधानों के अनुभवों ने दिखाई नये उत्तर प्रदेश की तस्वीर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के गाँव अब सिर्फ बदलाव की उम्मीद नहीं कर रहे, बल्कि बदलाव की जीती-जागती मिसाल बन गए हैं। विकसित यूपी@2047 संवाद शृंखला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुए वर्चुअल संवाद में ग्राम प्रधानों ने बताया कि बीते आठ वर्षों में जिस विकास को उन्होंने देखा, वह कभी सिर्फ एक सपना था। आज वही सपना हकीकत बनकर गाँव-गाँव में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भर रहा है। श्रावस्ती जिले के इकौना विकास खंड की ग्राम पंचायत टड़वा महंत के प्रधान शिवकुमार राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के अभियान से पूरा गांव जुड़ गया है। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि मुख्यमंत्री जी अगले दिन उनके गांव आ रहे हैं और हर घर में उल्लास का माहौल है। इसी उत्साह की झलक कौशांबी जिले में भी दिखी। मंझनपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत उखैया खास की प्रधान सीमा निर्मल ने बताया कि स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी है। उन्होंने कहा कि पंचायत की बैठकों का संचालन वह स्वयं करती हैं और बीसी सखी गांव-गांव जाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं। बरेली जिले की बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरतौल की प्रधान प्रवेश ने कहा कि उनके गांव में सबसे पहले मॉडल राशन की दुकान खोली गई थी। आज भरतौल मॉडल ग्राम के रूप में जाना जाता है और गांव की महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार काम कर रही हैं। इसके बाद अलीगढ़ जिले की गोंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत तलेसरा के प्रधान गजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को अपने गांव की ऐतिहासिक विरासत से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उनके गांव से 13 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जुड़े हैं और उनकी स्मृति में स्टेडियम व अमृत सरोवर बने हैं। साथ ही ग्राम सचिवालय, बैंक्वेट हॉल और स्कूल में स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मौजूद हैं। अयोध्या जिले के सोहावल विकास खंड की ग्राम पंचायत सनाहा की प्रधान रीना पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संचालित सभी योजनाएं उनके गांव में लागू हैं। उन्होंने विशेष रूप से कूड़ा निस्तारण व्यवस्था का उल्लेख किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने इसे विकसित यूपी की ठोस नींव बताया। बाँदा जिले के बड़ोखर खुर्द ब्लॉक की ग्राम पंचायत दुरेड़ी के प्रधान देवीदयाल सिंह ने गर्व से बताया कि उनकी पंचायत को मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के तहत 36 लाख रुपये का पुरस्कार मिला है। उन्होंने उत्साहपूर्वक विकसित यूपी के तीन आयाम 'अर्थ शक्ति, जीवन शक्ति और सृजन शक्ति' के बारे में भी मुख्यमंत्री को बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि पंचायत के सभी आठ विद्यालयों में स्मार्ट क्लास चल रहे हैं। शाहजहाँपुर जिले की भवालखेड़ा ग्राम पंचायत के प्रधान जय प्रकाश ने कहा कि उनके गांव को दो बार मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार मिला है। उन्होंने गांव में स्वयं सहायता समूहों की उपलब्धियों की जानकारी दी और कहा कि इन समूहों ने गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। ग्राम प्रधान ने जोर देते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनके गांव के विकास में बड़ा योगदान किया है। रामपुर जिले के चमरौआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोयला के प्रधान भूकन लाल ने बताया कि उनकी पंचायत की आबादी 7700 है और हर परिवार तक विकास पहुंचाने के लिए योजनाएं लागू की जा रही हैं। गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, इंटर कॉलेज, बैंक, डाकखाना और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। उन्होंने कूड़ा संग्रहण और निस्तारण व्यवस्था की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। इन सभी संवादों ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश के गांव अब आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की नई कहानियां लिख रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रधानों की सक्रियता और जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि यही प्रयास विकसित यूपी @2047 के लक्ष्य को पूरा करने की वास्तविक शक्ति हैं।

पर्यटन के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम की भावना को आगे बढ़ा रहा है म.प्र.

विश्व पर्यटन दिवस 27 सितंबर   भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब अंतरराष्ट्रीय मानकों की बराबरी कर ली है। मध्यप्रदेश का पर्यटन "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना को साकार कर रहा है। प्रदेश में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मध्यप्रदेश पर्यटकों की पहली पसंद बन गया है। पिछले साल तक 13.41 करोड़ पर्यटकों ने मध्यप्रदेश आने का आनंद उठाया। अकेले उज्जैन में 7 करोड़ से ज्यादा की संख्या में आध्यात्मिक पर्यटक पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का पर्यटन सतत विकास के सभी मानदंडों को पूरा कर रहा है। प्राकृतिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, ग्रामीण पर्यटन, वन्य जीव पर्यटन के अलावा नए क्षेत्र जैसे खेल पर्यटन, चिकित्सा पर्यटन, जल क्रीड़ा पर्यटन, कृषि पर्यटन, इतिहास बोध कराने वाला पर्यटन भी लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश जैसे राज्यों का पर्यटन लगातार बढ़ रहा है। भारत की पूरे विश्व में साख बढ़ी है। वैश्विक पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे राज्यों को लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने पर्यटन की गतिविधि को केवल आर्थिक गतिविधि से अलग हटकर सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और पर्यावरणीय पुनर्जागरण का माध्यम बनाया है। "वोकल फॉर लोकल", देखो अपना देश और ट्रिपल टी-टेक्सटाइल टूरिज्म और टेक्नोलॉजी जैसे नई सोच पर्यटन को विकास, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक नवजागरण से जोड़ रहे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या पिछले पांच सालों में मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2019 में 8.9 करोड़ पर्यटक यहां आए थे। वर्ष 2020 और 2021 में कोविड महामारी के चलते पर्यटन की संख्या वैश्विक स्तर पर यात्रा प्रतिबंधों और स्वास्थ्य संकट (कोविड) के कारण कम हुई लेकिन मध्यप्रदेश लोगों की पहली पसंद बना। वर्ष 2022 में परिस्थितियों के सामान्य होने के साथ ही पर्यटकों की संख्या में सुधार हुआ। इसके बाद 2023 में आशा अनुरूप बढ़कर पर्यटकों की संख्या 11.21 करोड़ और वर्ष 2024 में 13 करोड़ 41 हजार तक पहुंच गई। वैश्विक धरोहरों का प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब वैश्विक धरोहरों का प्रदेश बन गया है। भारत के 69 यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों में से 18 मध्यप्रदेश में है। इनमें खजुराहो के मंदिर समूह, सांची के बौद्ध स्मारक, भीमबेटका जैसे स्थल विश्व भर में भारतीय सभ्यता की गौरव गाथा को अभिव्यक्त कर रहे हैं। वर्तमान में मध्यप्रदेश के तीन स्थल स्थाई सूची में और 15 स्थल अस्थाई सूची में शामिल है। ग्वालियर किला, मांडू, ओरछा, चंदेरी, भेड़ाघाट, लमेटा घाट, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व अशोक शिलालेख स्थल तथा 64 योगिनी मंदिरों की संख्या जैसी धरोहर इस सूची में शामिल है। स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत अत्यंत समृद्ध है । मध्यप्रदेश का पर्यटन आज बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने में सक्षम बन गया है। हाल ही में रीवा और ग्वालियर में आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में उत्साहपूर्वक निवेशकों ने भाग लिया और रीवा में 3000 करोड़ से ज्यादा और ग्वालियर में 3500 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन अधोसरंचना में सुधार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पर्यटन की अधोसंरचना में सुधार करते हुए पीएम पर्यटन वायु सेवा का शुभारंभ किया है। इंदौर ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, रीवा, सिंगरौली उज्जैन एवं खजुराहो में शुरू हो चुका है। अब सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन भी जल्दी शुरू होगी। प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। श्रेष्ठता का सम्मान वर्ष 2025 मध्यप्रदेश पर्यटन के लिए उपलब्धियों का स्वर्णिम अध्याय रहा है। जनवरी में नई दिल्ली में आयोजित हॉस्पिटैलिटी इंडिया अवॉर्ड्स में प्रदेश को “Best State for Promoting Fairs and Festivals” और “Best State for Publicity” का सम्मान मिला। फरवरी में SATTE 2025 में हमें “Best State Tourism Award” प्राप्त हुआ। अप्रैल में VETA ने मध्यप्रदेश को “Leading Heritage Tourism Destination” घोषित किया। सितंबर में इंडिया ट्रैवल अवॉर्ड्स (DDP Publication) द्वारा प्रदेश को “Best State Tourism Board” का सम्मान दिया गया, वहीं द वीक पत्रिका ने हमें “Golden Banyan Award – Heritage Tourism (Best State)” से नवाजा है। अगस्त में गोवा में आयोजित MADX Summit & Awards 2025 में एमपी टूरिज्म–किडज़ानिया एक्सपीरियंस सेंटर को दो महत्वपूर्ण सम्मान—“Best Experiential Marketing Campaign” और “Best Travel & Tourism Marketing Campaign”—प्राप्त हुए। ये सभी पुरस्कार इस बात का प्रमाण हैं कि मध्यप्रदेश पर्यटन आज राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नए मानक स्थापित कर रहा है।  

टीम इंडिया ने सुपर ओवर में रचा इतिहास, श्रीलंका पर बड़ी जीत, जयसूर्या ने ICC से की कड़ी शिकायत

दुबई  एशिया कप 2025 में भारत और श्रीलंका के बीच 26 सितंबर (शुक्रवार) को  खेला गया सुपर-चार मुकाबला टाई पर छूटा. इसके बाद सुपर ओवर में दोनों टीम्स की टक्कर हुई, जिसमें सूर्या ब्रिगेड ने जीत हासिल की. सुपर ओवर श्रीलंकाई टीम ने महज दो रन बनाए, जिसके चलते भारतीय टीम का काम आसान हो गया. भारत अब 28 सितंबर को होने वाले खिताबी मुकाबले में पाकिस्तान का सामना करेगा. भारत-श्रीलंका मैच में सुपर ओवर के दौरान विवादित पल भी देखने को मिला, जिसके इसके केंद्र में दासुन शनाका रहे. शनाका श्रीलंका की ओर से सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने आए थे. अर्शदीप सिंह ने ओवर की चौथी लीगल गेंद यॉर्कर फेंकी, जिस पर शनाका मात खा गए. भारतीय खिलाड़ियों ने कॉट बिहाइंड की अपील की, जिसके बाद अंपायर ने उंगली उठा दी. आउट दिए जाने के बावजूद शनाका रन लेने दौड़ पड़े, लेकिन गेंद पहले से ही संजू सैमसन के दस्तानों में थी. सैमसन ने स्टम्प पर थ्रो करके शनाका को रन आउट किया. ऐसा लगा कि श्रीलंका की सुपर ओवर में इनिंग्स यहीं खत्म हो गई, लेकिन ऐसा नहीं था. जब दासुन शनाका को पता चला कि अंपायर ने उन्होंने कैच आउट दिया है तो उन्होंने रिव्यू लेने का फैसला किया. अल्ट्राएज ने दिखाया कि बल्ले से गेंद का कोई संपर्क नहीं हुआ था. फैसला पलट गया और शनाका क्रीज पर लौट आए. मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के लॉ 20.1.1.3 के अनुसार जैसे ही बल्लेबाज को आउट दिया जाता है, गेंद डेड हो जाती है. इस कारण संजू सैमसन ने जो रन आउट किया, वो मान्य नहीं हुआ क्योंकि अंपायर उससे पहले ही उंगली खड़ी कर चुके थे. सनथ जयसूर्या ने नियमों पर उठाए सवाल अब श्रीलंकाई टीम के हेड कोच सनथ जयसूर्या ने सुपर ओवर विवाद के बाद नियमों को लेकर सवाल उठाए हैं. जयसूर्या ने कहा कि विवाद की वजह ये नियम ही हैं. जयसूर्या ने का मानना है कि नियमों में और सुधार होना चाहिए. सनथ जयसूर्या ने मैच के बाद कहा, 'नियमों के मुताबिक पहला फैसला ही मान्य होता है. शनाका को आउट दिया गया तो गेंद डेड बॉल हो गई. बाद में जब रिव्यू में फैसला पलटा तो वही गिना गया. लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह की स्थितियों से बचने के लिए नियमों में सुधार करने की जरूरत है.' श्रीलंका की ओर से शतकवीर पथुम निसंका सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने नहीं आए, जिसे लेकर खूब चर्चा हुई. सनथ जयसूर्या ने बताया कि निसंका को पिछले दो मैचों में हैमस्ट्रिंग और ग्रोइन में चोट लगी थी, जिसके चलते वो परेशानी में थे. जयसूर्या के मुताबिक इसलिए टीम ने जोखिम नहीं लिया और उनकी जगह लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन आजमाया गया. सूर्या ब्रिगेड ने श्रीलंका को रौंद बनाया खास रिकॉर्ड, पथुम निसंका भी छाए एशिया कप 2025 में भारतीय क्रिकेट टीम का विजयी अभियान जारी है. 26 सितंबर (शुक्रवार) को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए सुपर-चार के आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका को सुपर ओवर में पराजित किया. भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते  हुए पांच विकेट पर 202 रन बनाए. जवाब में श्रीलंका की टीम ने भी 5 विकेट खोकर 202 रन ही बनाया, जिसके चलते मुकाबला सुपर ओवर में गया.  सुपर ओवर में श्रीलंकाई टीम ने दोनों विकेट खो दिए और सिर्फ 2 रन बनाए. 3 रनों के टारगेट को भारत ने पहली ही बॉल पर हासिल कर लिया. टी20 इंटरनेशनल में भारत की श्रीलंका के खिलाफ ये 23वीं जीत रही है. किसी एक टीम के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा जीत हासिल करने के मामले में भारतीय टीम संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर आ चुकी है. टी20 इंटरनेशनल में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्याद जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के नाम पर है. पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड के 49 में से 24 मुकाबले जीते हैं. टी20 इंटरनेशनल में भारत ने अब तक जितने भी टाई मैच खेले हैं, उन सभी में जीत हासिल की है. इनमें से 5 मैच भारत ने सुपर ओवर के जरिए जीते हैं. जबकि 1 मैच का फैसला बॉल आउट के जरिए हुआ. इसके अलावा साल 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ नेपियर में खेला गया मुकाबला बारिश से प्रभावित हुआ था. उस मैच में जब बारिश के कारण खेल आगे नहीं हो पाया था, तब डीएलएस नियम के तहत स्कोर बराबर था, ऐसे में वो मुकाबला टाई घोषित कर दिया गया. दूसरी ओर श्रीलंका ने अब तक कुल 6 सुपर ओवर मुकाबले खेले हैं, जिनमें से 4 में उसे हार का सामना करना पड़ा है. एक टीम के खिलाफ सर्वाधिक जीत (टी20 इंटरनेशनल) 24 – पाकिस्तान vs न्यूजीलैंड (49 मैच) 23- भारत vs श्रीलंका (33 मैच)* 23- न्यूजीलैंड vs पाकिस्तान (49 मैच) 21- इंग्लैंड vs पाकिस्तान (31 मैच) (नोट: इसमें सुपर ओवर की जीत भी शामिल है) टाई मैच में 200 प्लस टोटल (फुल मेम्बर टीम्स) 214- न्यूजीलैंड vs ऑस्ट्रेलिया, क्राइस्टचर्च, 2010 (न्यूजीलैंड जीता) 212- भारत vs अफगानिस्तान, बेंगलुरु, 2024 (भारत जीता) 202- भारत vs श्रीलंका, दुबई, 2025 (भारत जीता)* पथुम निसंका ऐसे तीसरे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टी20 फॉर्मेट के एशिया कप में शतकीय पारी खेली है. इससे पहले हॉन्ग कॉन्ग के बाबर हयात और पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली ही ऐसा कर पाए थे. निसंका टी20 इंटरनेशनल में शतकीय पारी खेलने वाले चौथे श्रीलंकाई बैटर बन चुके हैं. टी20 एशिया कप में शतक 122- बाबर हयात (हॉन्ग कॉन्ग) vs ओमान, फतुल्लाह, 2016 122*- विराट कोहली (भारत) vs अफगानिस्तान, दुबई, 2022 101*- पथुम निसंका (श्रीलंका) vs भारत, दुबई, 2025 श्रीलंका के लिए शतक (टी20I) 100- महेला जयवर्धने vs जिम्बाब्वे, 2010 104*- तिलकरत्ने दिलशान vs ऑस्ट्रेलिया, 2011 101- कुसल परेरा vs न्यूजीलैंड, 2025 101*- पथुम निसंका vs भारत, 2025

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया भावांतर योजना का किसानों पर सकारात्मक असर

किसानों को लाभान्वित करेगी भावांतर योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन विक्रय का पूरा लाभ लेंगे अन्नदाता 10 अक्टूबर से ई-उपार्जन पोर्टल पर प्रारंभ होंगे पंजीयन एमएसपी से अंतर की राशि का भुगतान करेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को दिए गए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के हित में प्रारंभ की जा रही भावांतर योजना को लागू करने के लिए जिला स्तर पर प्रशासनिक अमले को दायित्व दिए जाएं। इस योजना की विशेषताओं को प्रत्येक स्तर पर प्रचारित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले। सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि योजना के प्रचार-प्रसार के लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी उपयोग करें। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने अन्नदाताओं की चिंता कर सोयाबीन को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूलय 5328 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित की है। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को उनके उत्पादन का मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिस तरह धान और गेहूं पर किसानों को उनके परिश्रम की कीमत दिलवाने का कार्य किया गया है, उसी तरह सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी लाभ दिलवाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की जा रही भावांतर योजना के संबंध में शुक्रवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स को निर्देशित कर रहे थे। वीडियो कांफ्रेंस में वरिष्ठ विधायक और प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल भी उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंस में विभिन्न मंत्री, सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, उच्च शिक्षा मंत्री  इन्दर सिंह परमार, मुख्य सचिव  अनुराग जैन, संबंधित वरिष्ठ अधिकारी, समस्त कलेक्टर्स-कमिश्नर्स, राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलवाने के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी नहीं होना चाहिए। हितग्राही को सीधा लाभ मिलना चाहिए। सभी के प्रयासों से भावांतर योजना पूर्णता सफल होगी। 10 अक्टूबर से शुरू होंगे पंजीयन भावांतर योजना के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन का कार्य 10 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 25 अक्टूबर 2025 तक चलेगा। भावांतर की अवधि 01 नवम्बर से 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी। पंजीकृत कृषक और उनके रकबे के सत्यापन की प्रक्रिया राजस्व विभाग के माध्यम से होगी। किसानों के भावांतर की राशि पंजीयन के समय दर्ज बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी। भावांतर योजना, एक नजर में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत अधिसूचित तिलहनी फसल के लिए भावांतर योजना वर्ष 2018-19 से लागू की गई है। भारत सरकार ने घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा राज्य के मंडी के मॉडल भाव/विक्रय मूल्य अंतर की राशि कृषकों को दिलवाने का प्रावधान किया है। किसान पूर्व की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे। एमएसपी और मंडी का मॉडल भाव/विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि का किसान को डीबीटी से भुगतान किया जायेगा। किसान द्वारा ई-पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य होगा। उदाहरण के लिए किसान का उत्पादन मॉडल भाव 4600 रूपए पर हुआ है तो समर्थन मूल्य 5328 में से शेष अर्थात् भावांतर राशि 628 रूपए प्रति क्विंटल राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जाएंगे। किसान को समर्थन मूल्य बराबर ही राशि प्राप्त होगी। यदि किसान की उपज का विक्रय मूल्य एमएसपी से कम है परंतु राज्य के औसत मॉडल प्राइज के समतुल्य है, ऐसी स्थिति में भी किसान को एमएसपी और बिक्री मूल्य के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। तीसरी स्थिति में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य के औसम मॉडल प्राइस से कम होने की दिशा में किसान को एमएसपी और घोषित औसत मॉडल प्राइस के भावांतर की राशि प्रदान की जाएगी। प्रत्येक स्थिति में किसान का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। ये जनप्रतिनिधि जुड़े वीसी से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े अनेक जनप्रतिनिधियों ने इस योजना को प्रारंभ करने की पहल के लिए बधाई दी। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री  एदल सिंह कंषाना, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री  गौतम टेटवाल, सांसद खण्डवा  ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक जावरा  राजेन्द्र पांडे, विधायक खातेगांव  आशीष शर्मा, विधायक बागली  मुरली भंवरा, विधायक करैरा  रमेश खटीक, विधायक सुवासरा  हरदीप सिंह डंग, विधायक शाजापुर  अरूण भीमावद, विधायक आगर  मधु गेहलोत, विधायक नागदा खाचरौद  तेज बहादुर सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को धन्यवाद देते हुए कहा कि किसानों को सोयाबीन उत्पादन का पूरा लाभ मिलेगा। निश्चित ही यह सही समय पर उठाया गया सही कदम है। सेवा पखवाड़े और अंत्योदय उत्सव को सफल बनाएं जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं  हेमंत खण्डेलवाल ने प्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर से प्रारंभ होकर गांधी/शास्त्री जयंती 02 अक्टूबर तक हो रहे सेवा पखवाड़े, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती 25 सितम्बर से 02 अक्टूबर तक स्वदेशी जागरण सप्ताह और 22 सितम्बर से आगामी दीपावली तक निरंतर चलने वाले जीएसटी उत्सव की गतिविधियों को सफल बनाने का आग्रह, जनप्रतिनिधियों से किया। मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश              सभी आवश्यक व्यवस्था की जाएं। कलेक्टर और संबंधित अधिकारी किसानों का हित निश्चित करें। अधिकारियों को क्षेत्रवार दायित्व दिए जाएं।              भावांतर योजना के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दें।              जिला स्तर पर नियमित समीक्षा भी हो। किसानों को सही दाम मिले, इसकी मॉनिटरिंग हो।              भावांतर योजना किसानों के हित में है, इसका प्रचार-प्रसार किया जाये।              सभी जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया से प्रचार में भी सहयोग करें।              पात्र किसान समय पर पंजीयन करवा लें जिससे पात्र किसान लाभ से वंचित न रहें।  

भारतीयों की बैंकिंग डिटेल्स पर संकट, इंटरनेट पर उजागर हुए संवेदनशील ट्रांसफर डेटा

नई दिल्ली डेटा लीक की एक बड़ी घटना सामने आई है। इस लीक को टेक क्रंच ने रिपोर्ट किया है। इसमें बताया गया है कि एक बड़े डेटा लीक की वजह से भारत के लाखों बैंक ट्रांसफर डॉक्‍युमेंट खतरे में आ गए हैं। ये डॉक्‍युमेंट इंटरनेट पर खुले छोड़ दिए गए थे। इस डेटा लीक को अगस्‍त महीने के आखिर में साइबर सिक्‍योरिटी फर्म ‘अपगार्ड’ ने खोजा था। रिपोर्ट के अनुसार, डेटा लीक के बारे में तमाम एजेंसियों को बताया गया, लेकिन सितंबर की शुरुआत तक उसे सेफ करने के उपाय नहीं किए गए। आखिर में कंप्‍यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम यानी CERT-In को जानकारी दी गई, जिसके बाद डेटा को सुरक्ष‍ित किया गया। कैसे लीक हुआ डेटा, कितने डॉक्‍युमेंट रिपोर्ट के अनुसार, यह लीक एमेजॉन के एक अनसेफ सर्वर से हुआ। उस सर्वर में 2 लाख 73 हजार पीडीएफ डॉक्‍युमेंट थे। उन डॉक्‍युमेंट्स में लोगों के अकाउंट नंबर, उनकी अन्‍य डिटेल और ट्रांजैक्‍शन की जानकारी थी। लीक हुए डॉक्‍युमेंट्स में नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) के उसके लेनदेन वाले फॉर्म थे। 38 बैंकों और वित्तीय संस्‍थाओं से जुड़ा लीक रिपोर्ट के अनुसार, यह डेटा लीक कम से कम 38 बैंकों और वित्तीय संस्‍थानों से जुड़ा है। हैरान करने वाली बात है कि लंबे वक्‍त तक बड़ी संख्‍या में पीडीएफ डॉक्‍युमेंट इंटरनेट पर खुले थे। एजेंसियों को बताने के बावजूद उनकी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। अपगार्ड जिसने इस लीक का पता लगाया, उसने करीब 55 हजार डॉक्‍युमेंट्स की जांच की। आधे से ज्‍यादा दस्‍तावेजों में आई फाइनेंस का नाम मिला है। डॉक्‍युमेंट्स में दूसरा सबसे ज्‍यादा दिखने वाला संस्‍थान स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी एसबीआई है। NPCI को दी गई थी जानकारी रिपोर्ट के अनुसार, UpGuard के रिसर्चर्स ने डेटा लीक की जानकारी आई फाइनेंस और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को दी थी। हालांकि सितंंबर की शुरुआत तक भी डेटा इंटरनेट पर खुला पड़ा हुआ था यानी कोई भी उसे एक्‍सेस कर सकता था। उस सर्वर पर हजारों फाइलें रोज अपलोड की जा रही थीं। अपगार्ड ने इस बारे में कंप्‍यूटर इमरजेंसी रेस्‍पॉन्‍स टीम को बताया, जिसके बाद डेटा को सेफ किया गया। किसी ने नहीं ली जिम्‍मेदारी टेक क्रंच की रिपोर्ट में दावा है कि इस सुरक्षा चूक की जिम्‍मेदारी किसी ने नहीं ली है। NPCI के प्रवक्ता अंकुर दहिया के हवाले से रिपोर्ट कहती है कि विस्तृत जांच से पता चला है कि NPCI सिस्टम से NACH मैंडेट की कोई भी जानकारी या रिकॉर्ड लीक नहीं हुआ है। आई फाइनेंस और एसबीआई ने टेक क्रंच को कोई टिप्‍पणी नहीं दी है।

रेल हादसों की रोकथाम को बड़ा कदम, धौलपुर-बीना रूट पर लगेगा ‘कवच 4.0’ सिस्टम

ग्वालियर  उत्तर मध्य रेलवे के धौलपुर-बीना के 321 किमी लंबे रेल खंड को रेल दुर्घटना रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) से लैस आधुनिक टक्कररोधी तकनीक कवच 4.0 से लैस किया जाएगा। इसके लिए 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी, जिसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्यादेश जारी कर दिया गया है। संबंधित कंपनी ने प्राथमिक कार्य भी शुरू कर दिया है। आधुनिक उपकरण इंस्टाल किए जाएंगे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित कवच 4.0 के लिए ट्रैक किनारे व रेल स्लीपर में आधुनिक उपकरण भी इंस्टाल किए जाएंगे। कवच 4.0 को इंटरनेट से जोड़ने के लिए धौलपुर से मुरैना-ग्वालियर-झांसी होते हुए बीना के बीच 38 नए टावर लगाए जाएंगे। इसमें हर दस किलोमीटर की दूरी पर एक लांग टर्म इवोल्यूशन (एलटीई) टावर स्थापित किया जाएगा। इससे ट्रेन की हर गतिविधि पर नजर भी रखी जाएगी। एआई कवच से जोड़ने के लिए ट्रेन के इंजन पर भी एक टावर लगाया जाएगा। इसके साथ ही AI डिवाइस भी इंजन की कैब में लगाई जाएगी। एक किलोमीटर के फासले पर डिवाइस लगेंगे एआई कवच 4.0 का संपर्क ट्रेन से न टूटे, इसके लिए जिन सीमेंट के स्लीपर पर पटरी को बिछाया जाता है, उस पर भी हर एक किलोमीटर के फासले पर डिवाइस लगाई जाएगी। जब भी ट्रेन उस स्लीपर के ऊपर से निकलेगी, तो उसकी जानकारी कंट्रोल रूम तक अपने आप पहुंच जाएगी। कवच 4.0 ट्रेन को सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही क्रासिंग पर होने वाले हादसों को रोकने में भी मददगार होगा। हर रेलवे क्रासिंग पर कवच के जरिए अपने आप हॉर्न बजने लगेगा। यदि सिग्नल लाल है और ट्रेन नहीं रुकती है, तो सिग्नल से 50 मीटर पहले ही AI ट्रेन को रोक देगा। क्या है कवच 4.0? रेलवे का कवच 4.0 पूरी तरह आटोमेटेड प्रोटेक्शन सिस्टम है। यह नई आधुनिक तकनीक पर आधारित है। यह सिस्टम ट्रेन की निर्धारित गति से दो किमी प्रतिघंटा से ज्यादा की स्पीड होने पर ओवर स्पीड अलार्म बजा देगा। अगर ट्रेन की निर्धारित स्पीड से पांच किमी प्रतिघंटा से ज्यादा होगी तो फिर आटोमैटिक ब्रेक लग जाएंगे। अगर ट्रेन निर्धारित स्पीड से नौ किमी प्रतिघंटा से ज्यादा की स्पीड पर पहुंचेगी तो फिर ऐसा होने पर खुद इमरजेंसी ब्रेक लग जाएंगे। कवच सिस्टम 4.0 पर इंटरलाकिंग लगाई गई है, जिससे अगले सिग्नल रेडियो वेव व इंटरनेट के जरिए से सीधे इंजन तक पहुंचेगी। कवच 4.0 का कार्य अक्टूबर से शुरू किया जाएगा और वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। रेलवे अधिकारियों ने क्या कहा? रेलवे अधिकारियों के मुताबिक अब तक कवच तकनीक मुख्य रूप से रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों की टक्कर को रोकने पर केंद्रित रही है, लेकिन कवच 4.0 मानवीय भूल-चूक पर भी अंकुश लगाएगा। रेल मंडल झांसी के जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह ने कहा कि धौलपुर से ग्वालियर-झांसी होते हुए बीना रेल खंड पर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से युक्त कवच 4.0 प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी गई है और काम अक्टूबर माह में शुरू हो जाएगा।