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हाईकोर्ट ने इंदौर में हुई मौतों पर सरकार को दी फटकार, भागीरथपुरा में 38 नए मरीज मिले

 इंदौर   मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों और बीमारी के मामले में बेहद तल्ख टिप्पणी (MP High Court on Indore Water Crisis) की है। एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मामले की सुनवाई चल रही है जिसमें कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर में ऐसा हो रहा, बहुत दुखद है। देश ही नहीं विदेश तक में शहर की छवि बिगड़ी है। देश का नाम खराब हो रहा है। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से पैदा हुआ स्वास्थ्य संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। दूषित पानी ने अब तक 17 लोगों की जान ले ली है और 110 से अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। यह केवल बीमारी नहीं, बल्कि प्रशासन और न्याय की चुनौती भी बन चुका है। हर दिन नए मरीज सामने आ रहे हैं, हाई कोर्ट में सुनवाई हो रही है और प्रशासन राहत पहुंचाने में जुटा है। क्या इंदौर के लोग अब सुरक्षित पानी की उम्मीद कर पाएंगे, यह सवाल सभी के सिर पर मंडरा रहा है।  इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से हुई मौतों को लेकर मंगलवार (6 जनवरी) को एमपी हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि इस घटना ने शहर की छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है. कोर्ट ने कहा कि पीने का पानी ही अगर दूषित हो तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है। हम इस मामले में मुख्य सचिव को सुनना चाहते हैं, क्योंकि यह समस्या सिर्फ शहर के एक हिस्से तक सीमित नहीं है। दरअसल, पूरे इंदौर शहर का पीने का पानी सुरक्षित नहीं है। खास बात यह की कोर्ट ने अगली सुनवाई में मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को वर्चुअली हाजिर होने को कहा है। अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी बता दें, दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया जा चुका है। इनमें से 311 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। आईसीयू में 15 मरीजों का इलाज चल रहा है। तीसरी जनहित याचिका, जिम्मेदारी तय करने की मांग मामले में दायर तीसरी जनहित याचिका भी हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। भागीरथपुरा जैसा स्वास्थ्य संकट मप्र में पहली बार बता दें इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल संकट बना हुआ है। उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी अस्पतालों में 110 मरीज भर्ती हैं। 15 का आइसीयू में इलाज चल रहा है। इस बीच, भोपाल से इंदौर पहुंची स्टेट इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (एसआइडीएसपी) टीम के प्रमुख डा. भागवत भार्गव ने कहा कि भागीरथपुरा जैसा स्वास्थ्य संकट मध्य प्रदेश में पहली बार सामने आया है। उन्होंने बताया कि इतने कम समय में, इतने सीमित क्षेत्र में बड़ी संख्या में मरीजों का सामने आना और महामारी (एपिडेमिक) जैसी स्थिति बनना बेहद असाधारण और चिंताजनक है। कांग्रेस का प्रदर्शन नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित 10 कांग्रेस नेताओं को भागीरथपुरा में जाने की अनुमति मिल गई है। ये सभी बाइक से क्षेत्र का दौरा करेंगे। इसके अलावा कांग्रेस ने शाम को कैंडल मार्च और हर वार्ड में रैली निकालने की घोषणा की है। उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 6 मरीजों को अरबिंदो हॉस्पिटल रेफर किया गया है। आखिरकार इन्दौर प्रशासन ने 17 मौतें मानी भागीरथपुरा (Bhagirathpura) सहित प्रभावित क्षेत्रों में 17 मौतों को स्वीकारते हुए प्रशासन (administration)  ने सभी मृतकों के परिजनों (Finally) को दो-दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान कर दी।  कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को चैक वितरित किए। प्रशासन का कहना है कि जैसे-जैसे मृतकों की जांच रिपोर्ट सामने आती रही, चैक तैयार किए जाते रहे और उन्हें कल वितरित किया गया। क्षेत्रवासियों ने इस बात से भी राहत की सांस ली कि आखिरकार उनके परिजनों को मृतक की सूची में शामिल कर लिया गया। इन 17 लोगों की मौत हालिया बीमारी और दूषित जल से जुड़ी बताई जा रही थी। मृतकों में बुजुर्ग, महिलाएं और एक कम उम्र का बच्चा भी शामिल है। अधिकांश मामलों में उल्टी-दस्त और संक्रमण के लक्षण सामने आए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जान नहीं बच सकी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों की जांच की गई। जिन-जिन के मामलों की पुष्टि होती गई चैक दिए गए हैं। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से यहां के रहवासियों की मदद के लिए तैनात है। वहीं नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति, टंकियों की सफाई और दवा वितरण के निर्देश दिए गए हैं। इनको मिली 2- 2 लाख की मदद उर्मिला पति अलगू राम, मंजुला पति दिगंबर बाघे, सीमा पति गौरीशंकर, अवयान पिता सुनील साहू, तारारानी कोरी, नंदलाल सिद्धार्थ पाल, उमा बिहारीलाल कोरी, संतोष पिता कल्याण ,सुमित्रादेवी पति रामेश्वर दास, गोमती पति गोपाल, अशोक पिता मोतीलाल, रामकली पति जगदीश, शंकरलाल जीवनलाल बरेडे, श्रवण पिता नाथू व गीताबाई ध्रुवकर को देर शाम तक चैक का वितरण कर दिया गया। याचिकाकर्ता बोले- सप्लाई हो रहा पानी दूषित 31 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को यह निर्देश दिया था कि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इस पर एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी है कि प्रभावित क्षेत्र में अब भी जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह दूषित है, न कि स्वच्छ और पीने योग्य। 15  जनवरी को अगली सुनवाई  हाई कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए तलब किया गया. कोर्ट ने पूरे प्रदेश में पानी को लेकर चिंता जताई है. वहीं, स्टेटस रिपोर्ट में 4 मौत दिखाने को लेकर सरकार को फटकार भी लगाई है. जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 15 जनवरी तय की है.  यदि शिकायतें सुन लेते तो ये नौबत नहीं आती अन्य याचिकाओं में यह मुद्दा … Read more

इंदौर में डायरिया की हालत गंभीर, 516 बोरिंग का पानी रोकने के बाद 398 मरीज, 9 हजार से अधिक की स्क्रीनिंग

इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 17 लोगों की जान चली गई। अभी भी यहां लोगों में नर्मदा और टैंकर के पानी को लेकर लोगों में डर का माहौल है। जिससे इलाके में आरओ की डिमांड बढ़ गई है।भागीरथपुरा में अब बोरिंग का पानी भी दूषित मिला है। मामला सामने आने के बाद शहर में बोरिंग के पानी के सैंपल लिए गए थे। जिनमें से 35 सैंपल फेल हो गए हैं। इनका पानी पीने योग्य नहीं है। ऐसे में इलाके के 516 बोरिंग के पानी के यूज पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें 400 निजी और 116 सरकारी हैं। इसके अलावा 112 पानी की टंकियों, नलों का पानी और बोरिंग के भी रविवार को सैंपल लिए गए। जिनकी जांच निजी लैब में कराई जाएगी। निगम की खुद की एक लैब है, लेकिन वहां भी कम कर्मचारी हैं। 9 हजार से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग, 20 नए केस  डायरिया संक्रमण के ग्राउंड जीरो माने जा रहे भगीरथपुरा इलाके में स्वास्थ्य टीमों ने रविवार को 2,354 घरों के 9,416 लोगों की जांच की. इस दौरान 20 नए डायरिया मरीज सामने आए. 429 पुराने मरीजों का फॉलोअप भी किया गया. इसी इलाके में दूषित पानी पीने से अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है. जांच में जुटी ICMR से जुड़ी टीम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि कोलकाता स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च इन बैक्टीरियल इंफेक्शंस (NIRBI) की एक टीम इंदौर पहुंच चुकी है. यह संस्थान ICMR से संबद्ध है. उन्होंने कहा कि NIRBI के विशेषज्ञ स्वास्थ्य विभाग को तकनीकी सहयोग दे रहे हैं, ताकि संक्रमण को पूरी तरह रोका जा सके और इसके कारणों की गहराई से जांच हो सके.  डॉ. हासानी ने बताया कि भागीरथपुरा इलाके के प्रत्येक घर में ओआरएस के 10 पैकेट और 30 जिंक गोलियां वितरित की गईं. पानी को शुद्ध करने के लिए क्लीन वेट की बोतल की किट प्रत्येक घरों में दी गई है. उपयोग के बारे में भी विस्तार से बताया जा रहा है. इलाके में 17 टीमें लगाई हैं. यहां 5 एंबुलेंस लगाई गई हैं. 24 घंटे डॉक्टर्स की ड्यूटी है.  मौतों के आंकड़ों पर विवाद प्रशासन ने अब तक 6 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है. हालांकि, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने मृतकों की संख्या 10 बताई है. स्थानीय लोगों का दावा है कि 6 महीने के बच्चे समेत 16 लोगों की मौत हुई है. 'घंटा' बयान पर सियासी बवाल मौतों को लेकर आक्रोश के बीच कांग्रेस ने पूरे मध्य प्रदेश में घंटी बजाकर प्रदर्शन किया. यह विरोध मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान को लेकर था, जिसमें उन्होंने 31 दिसंबर की रात मीडिया के सवाल पर कैमरे के सामने 'घंटा' शब्द का इस्तेमाल किया था. कांग्रेस ने इसे असंवेदनशील और अमानवीय बताते हुए विजयवर्गीय के इस्तीफे और न्यायिक जांच की मांग की. विजयवर्गीय के पास शहरी विकास और आवास विभाग का प्रभार है और भगीरथपुरा इलाका उनकी इंदौर-1 विधानसभा सीट में आता है. 11 जनवरी से आंदोलन की चेतावनी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 11 जनवरी से बड़ा आंदोलन किया जाएगा. पटवारी ने इंदौर मेयर पुष्यमित्र भार्गव और संबंधित नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग की. उन्होंने कहा, 16 लोगों की मौत हुई है. ये मौतें बीजेपी को मिले जनादेश की हत्या हैं. दूषित पानी से हुई मौतों की न्यायिक जांच होनी चाहिए और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए. पटवारी ने दावा किया कि भगीरथपुरा के लोग पिछले 8 महीनों से नलों में गंदा पानी आने की शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि टैंकरों से सप्लाई किया जा रहा पानी भी दूषित है. देवास में SDM सस्पेंड इस पूरे विवाद के बीच पड़ोसी जिले देवास में एक SDM को सस्पेंड कर दिया गया है. आरोप है कि SDM ने अपने आधिकारिक आदेश में मंत्री के विवादित बयान और कांग्रेस के आरोपों का उल्लेख कर दिया. उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह ने SDM को गंभीर लापरवाही, उदासीनता और अनियमितताओं के आरोप में निलंबित किया. अधिकारियों के मुताबिक, SDM ने कांग्रेस के ज्ञापन के एक हिस्से को जैसा का तैसा सरकारी आदेश में कॉपी कर दिया था.   ‘सिस्टम की देन है यह आपदा’ प्रसिद्ध जल संरक्षण विशेषज्ञ और मैग्सेसे पुरस्कार विजेता राजेंद्र सिंह ने इन मौतों को सिस्टम से पैदा हुई आपदा करार दिया. उन्होंने कहा कि यह हैरान करने वाला है कि भारत के सबसे साफ शहर में ऐसा संकट पैदा हुआ. अगर क्लीन सिटी में यह हाल है, तो बाकी शहरों में पीने के पानी की हालत कितनी खराब होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है. राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सीवर लाइन से निकला गंदा पानी पेयजल पाइपलाइन में मिल गया, जिससे उल्टी-दस्त के गंभीर मामले सामने आए. उन्होंने कहा, पैसा बचाने के चक्कर में ठेकेदार ड्रेनेज लाइन के पास ही पानी की पाइपलाइन डाल देते हैं. भ्रष्टाचार ने पूरे सिस्टम को बर्बाद कर दिया है. नर्मदा पर निर्भर इंदौर इंदौर की पानी की जरूरतें पूरी तरह नर्मदा नदी पर निर्भर हैं. नगर निगम की पाइपलाइनों के जरिए खरगोन जिले के जलूद से 80 किलोमीटर दूर से नर्मदा का पानी इंदौर लाया जाता है और एक दिन छोड़कर एक दिन घरों में सप्लाई किया जाता है. नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना में सिर्फ बिजली बिल पर हर महीने करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होते हैं. 'हम पानी नहीं, घी पीते हैं' इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 27 जून 2024 को एक सेमिनार में कहा था, मेयर बनने के बाद से मैं मजाक करता हूं कि इंदौर एशिया के सबसे अमीर शहरों में से एक है, क्योंकि हम 21 रुपये प्रति लीटर का पानी पीते हैं और उसे बेकार भी बहा देते हैं. हम पानी नहीं, घी पीते हैं. अब यह बयान इंदौर के जल संकट के बीच चर्चा में है. मामला सामने आने के बाद से डर का माहौल 29 दिसंबर को मामला सामने आने के बाद से इलाके में डर का माहौल है। कई लोग जहां नर्मदा का पानी भरने से बच रहे … Read more

इंदौर निगम कमिश्नर का आईएएस क्षितिज सिंघल ने आधी रात संभाला कामकाज

इंदौर. दूषित जल आपूर्ति मामले हुई मौतों के मामले में इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव को हटाकर आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को निगम आयुक्त पदस्थ किया है। वे शनिवार रात 11:45 बजे इंदौर पहुंचे और सीधे निगम मुख्यालय जाकर पदभार संभाला। सिंघल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी का कार्यभार संभाल रहे थे। सामान्य प्रशासन विभाग ने दिलीप यादव को हटाने के दूसरे दिन शनिवार को सिंघल को इंदौर नगर निगम का आयुक्त पदस्थ किया है। पांच अपर आयुक्त और 32 उपयंत्री मैदान में इंदौर नगर निगम ने भागीरथपुरा में दूषित पानी के लीकेज को खोजने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। शनिवार से लीकेज खोजने, पानी की सैंपलिंग व जांच के लिए इंदौर नगर निगम में आए तीनों नए अपर आयुक्तों के साथ पहले से मौजूद पांच अपर आयुक्तों को निरीक्षण व निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। भागीरथपुरा की 32 गलियों में 32 उपयंत्री व सहायक यंत्री भी बीट अनुसार सफाई, सैंपलिंग, लीकेज खोजने में जुटे हैं। नगर निगम की टीम ने 15 स्थानों पर गड्ढे खोदकर पाइप लाइन चेक की। इसमें सात स्थानों पर लीकेज मिला, जिसे दुरस्त किया गया। क्षेत्र में 100 सार्वजनिक व निजी बोरिंग में क्लोरिन डाला गया। शनिवार को भागीरथपुरा पानी की टंकी से जल वितरण नहीं किया गया। क्षेत्र में पानी के टैंकरों से जल वितरित किया गया। गंदे पानी की समस्या का 48 घंटे में समाधान करें गंदे पानी की समस्या के त्वरित समाधान के लिए जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शनिवार को कलेक्टर शिवम वर्मा तथा निगम के सभी अपर आयुक्तों के साथ बैठक की। बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में गंदे पानी की समस्या की समीक्षा की गई और कार्य विभाजन किया गया। महापौर ने कहा कि कठिन समय में जनता के साथ खड़े होकर उनकी समस्याओं का समाधान करना हमारी जिम्मेदारी है। पूरे शहर में सर्वे कराया जाएगा और जहां-जहां गंदे पानी की समस्या सामने आएगी, वहां 48 घंटे के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुसार कार्य वितरण कर तत्काल कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बैठक में जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा, अपर आयुक्त अर्थ जैन, अभय राजनगांवकर, आकाश सिंह, मनोज पाठक, नरेंद्र नाथ पांडे, देवघर दरवाई तथा कार्यपालन यंत्री अश्विनी जनवदे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

इंदौर में गंदा पानी पीने से कई मौते

इंदौर में गंदा पानी पीने से कई मौते  इंदौर  मौतो के जिम्मेदारो, शर्म करो डूब मरो कितने नालायक हो किसे दोष दे कर्मचारी अधिकारी नेता पार्षद मेयर विधायक मंत्री सरकार या अपने भाग्य को ….  7 साल से स्वच्छ इंदौर रहने वाले इंदौर की जनता वाकय में बहुत महान है बहुत सहनशील है और सत्ता पार्टी पर लगातार लंबे समय से अति विश्वास रखा।  अनेक बार चिल्लाते आए इंदौर नगर निगम सैकड़ो हजारों की भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन गया लापरवाही का अड्डा बन गया पर जनता ने एक बार भी विरोध नहीं किया, क्या मिला मौत भी ढंग से नसीब नहीं हुई गंदा पानी पी के मौत मिली।  इंदौर के नागरिक होने के नाते मैं आप सबसे अनुरोध करता हूं कि आप इन सब लोगों को जगाए इनका विरोध करें इनकी ड्यूटी याद दिलाए इनके नागरिक कर्तव्य याद दिलाए और जो इन्हे नशा चढ़ा है उसे उतारे। बोलकर लिखकर आपस में चर्चा में हर जगह इन लोगों की लापरवाही और भ्रष्टाचार की बातें करें और विरोध प्रकट करें जिम्मेदारों को कड़ी सजा मिले ताकि भविष्य में घटना फिर ना हो। अशोक मेहता, इंदौर (लेखक पत्रकार पर्यावरणविद्)  अपील – मृत आत्माओं के लिए कृपया अपने मत अनुसार शांति पाठ करें।

इंदौर में इलाज के दौरान 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत, मरने वालों की संख्या 15 तक पहुंची

इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से शुक्रवार को एक और बुजुर्ग महिला की मौत की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही दूषित पानी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 15 पर पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग महिला का अरविंदो अस्पताल में इलाज चल रहा था। गुरुवार को कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता मरीजों से मिलेंगे और उन्हें नारियल व अन्य जरूरत का सामान भी देंगे, लेकिन दूसरी ओर उन्हीं के समर्थक भागीरथपुरा में रहवासियों को समस्या बताने से भी रोक रहे हैं। मीडिया से बात करने पर उन्हें धमका रहे हैं कि समस्या का निराकरण हमसे चाहते हो या नहीं। गुरुवार को आकाश विजयवर्गीय पार्षद कमल वाघेला के कार्यालय पर पहुंचे। इस दौरान 25 दिसंबर को दूषित पानी के कारण मौत का शिकार हुए संतोष बिगोलिया के स्वजन उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे। उन्होंने नईदुनिया अखबार की प्रति दिखाते हुए कहा कि हमारे परिवार के सदस्य की मौत दूषित पानी के कारण हुई है, लेकिन कोई मान नहीं रही है। इस पर उन्होंने प्रशासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता की मांग की। इसके बाद जब मीडिया मृतक के बेटे शुभम और बहू से चर्चा कर रही थी। 'आपकी समस्या का निराकरण हमसे चाहते हैं या मीडिया से' तभी भाजपा कार्यकर्ता चंदन सिंह बैस वहां आया और परिवार को कहने लगा कि आपकी समस्या का निराकरण हमसे चाहते हो या फिर मीडिया से। इसके अलावा कई ओर परिवार भी है, जिन्हें इसी प्रकार कहा जा रहा है। इससे साफ लगता है कि मामले को दबाने के लिए लोगों को बात करने से रोका जा रहा है। यह मामला चर्चाओं में बना हुआ है। छह माह के अव्यान के माता-पिता ने आर्थिक मदद लेने से इंकार किया भागीरथपुरा में गुरुवार को मंत्री विजयवर्गीय जब मृतकों के स्वजन से मिलने पहुंचे तो उन्हें रहवासियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। मंत्री के अलावा उनके समर्थक जब आठ मृतकों के स्वजन को आर्थिक मदद के चेक देने पहुंचे तो छह माह के अव्यान के माता-पिता ने मदद लेने से इंकार कर दिया। अव्यान के गमगीन माता-पिता बोले कि हमारा बच्चा दस साल की मन्नत के बाद जन्मा था। अब हमें कोई आर्थिक मदद नहीं चाहिए। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री मृतिका उर्मिला यादव के घर पहुंचे तो उन्होंने सहायता राशि लेने से मना कर दिया और कहा कि नहीं चाहिए हमें कोई राशि। बाद में समझाइश के बाद उन्होंने ले ली। स्वजन ने बताया कि मृतिका के बेटे और बहू दोनों अभी अस्पताल में भर्ती है। वहीं, निधि यादव गोद में बच्चा लेकर पहुंची। उसने कहा कि मेरी 70 साल की सास सात दिन से अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी किडनी फेल हो गई है। उनको कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? अस्पताल वाले स्लिप देकर पैसे मांग रहे हैं। हमारे पेट में दर्द है, फिर भी बच्चे लेकर दौड़ रहे हैं। मंत्री से मिलने गए तो उनके लोगों ने मिलने भी नहीं दिया। महिला को मंत्री से मिलने नहीं दिया।

2700 घरों के सर्वे में 1200 से अधिक लोग बीमार, इंदौर में पानी संकट पर प्रशासन सख्त

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के अंतर्गत आने वाले भागीरथपुरा में दूषित पानी से अबतक 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ चुकी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अबतक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन, इतना बड़ा कांड होने के बाद विभाग एक्शन में आया है। भागीरथपुरा के 2700 घरों में सर्वे किया गया है, जिसमें बीमारों की जो संख्या सामने आई वो बेहद चौंकाने वाली है। संबंधित घरों में 1200 से ज्यादा लोग बीमार मिले हैं। यानी यहां हर घर में बीमार हैं। लोगों में डर का ऐसा माहौल है, वो पानी पीने तक से डर रहे हैं।  भागीरथपुरा में नगर निगम द्वारा पीने के पानी की सप्लाई टैंकरों से की गई। फिर भी स्थानीय लोगों में निगम पर भरौसा नहीं रहा है। रहवासियों ने टैंकर से आए पानी का उपयोग पीने के लिए नहीं किया। यहां अधिकतर लोग आरओ का पानी बुलवाकर पीने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। बीमारी और मौतों से पसरा सन्नाटा रहवासियों का कहना है कि, हमने सोचा भी नहीं था कि पानी के कारण हमारे इलाके में मौत का तांडव देखने को मिलेगा। जानकारी देने के बावजूद भी जिम्मेदारों ने इसपर ध्यान नहीं दिया। भागीरथपुरा की गलियों में फैली इस महामारी के कारण बीमारी और मौतों से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। 14 गलियों में पहुंची डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, भागीरथपुरा इलाके की 14 गलियों के हर घर में चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा जांच कराई गई, जिन्हें जरूरी लगा उपचार भी किया गया। गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस की मदद से अस्पतालों में रैफर भी किया गया। आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर क्लोरिन, जिंक की दवाई और ओआरएस के पैकेट भी बांटे जा रहे है। आशा मेगा माइकिंग द्वारा लक्षण होने पर तुरंत उपचार के लिए स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने, उबला पानी पीने एवं बाहर का भोजन व बाहर के कटे फल न खाने की समझाइश भी दे रही है। 111 मरीज अस्पताल में भर्ती 35 गंभीर शहर के शासकीय के साथ-साथ निजी अस्पतालों में अबतक 111 मरीजों के भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। चौकाने वाली बात ये है कि, इनमें करीब 35 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। भागीरथपुरा में अभी 4 एंबुलेंस प्रभावित क्षेत्र में तैनात रखी गई हैं। साथ ही, स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत 14 डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टाफ भी हर गली में मौजूद हैं। इसमें एमवाय अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर भी मदद कर रहे हैं। 1146 मरीजों को प्राथमिक उपचार जांच टीम के अधिकारियों की माने तो इलाके के कुल 2703 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें रहने वाले करीब 12000 लोगों की जांच की गई। इनमें से 1146 मरीजों को वहीं पर प्राथमिक उपचार दिया गया। 18 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। अस्पताल में बेड पर बाल्टी, उल्टी से परेशान मरीज अस्पतालों में भर्ती मरीजों के हालत को लेकर अपडेट ये है कि, उन्हें बेड पर ही एक बाल्टी रखना पड़ रही है। मरीजों को इतनी उल्टी हो रही है कि, बार बार उठ पाना ही संभव नहीं है। वर्मा अस्पताल में कुल 22 बेड की क्षमता है, लेकिन यहां करीब 35 मरीजों का उपचार चलने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, यहां से कई मरीज स्वस्थ होकर घर भी लौट चुके हैं।

स्वच्छता और इनोवेशन में आगे इंदौर: पुराने कपड़े धागे में, पशु शवों का सुरक्षित प्रबंधन

इंदौर  स्वच्छता और नवाचार में देश को दिशा दिखाने वाला इंदौर अब शहरी प्रबंधन के नए अध्याय लिखने की ओर बढ़ रहा है। नगर निगम ने कचरे को संसाधन में बदलने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक साथ कई बड़े कदम उठाए हैं। शहर में जहां अब पुराने कपड़ों से धागा तैयार कर पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं मृत पशुओं को दफनाने की परंपरा को समाप्त कर उन्हें अत्याधुनिक संयंत्र में सम्मानजनक अग्निदाह की व्यवस्था की जा रही है। ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में आधुनिक फायर स्टेशन भी इसके साथ ही नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में एक आधुनिक फायर स्टेशन भी विकसित किया जाएगा। ये सभी परियोजनाएं पीपीपी मोड पर स्थापित की जा रही हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड पर इन नवाचारी परियोजनाओं का भूमिपूजन कर इंदौर को टिकाऊ, सुरक्षित और भविष्य के शहर के रूप में आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि इंदौर का ट्रेंचिंग ग्राउंड न केवल देश, बल्कि दुनिया में सबसे अधिक सर्च और अध्ययन किया जाने वाला स्थल बन चुका है। हमारे नवाचार ही हमारी असली ताकत हैं। इंदौर वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में आगे बढ़ रहा है अनुपयोगी कपड़ों से धागा बनाने, मृत पशुओं और मीट अपशिष्ट का पर्यावरण अनुकूल निपटान करने जैसे कार्य इंदौर को स्वच्छता के अगले स्तर पर ले जाएंगे। भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर परिषद सदस्य अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा बबलू, नंदकिशोर पहाड़िया, मनीष शर्मा मामा, नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान 16 दिसंबर विजय दिवस के अवसर पर महापौर ने उपस्थित सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया। कचरे से संसाधन रोजाना 25 टन पुराने कपड़ों से बनेगा धागा नगर निगम ने शहर के सभी जोन क्षेत्र में थ्री-आर सेंटर स्थापित किए हैं। इन पर रोजाना बड़ी मात्रा में नागरिक पुराने कपड़े देते हैं। इसके अलावा नेकी की दीवार पर भी बड़ी मात्रा में अनुपयोगी कपड़े एकत्र होते हैं। इन पुराने कपड़ों से धागा बनाने के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पीपीपी मोड पर पुराने कपड़ों से धागा बनाने का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। पशु शवदाह स्थापित किया जा रहा दुर्गंध और प्रदूषण से भी मिलेगी राहत नगरीय सीमा में रोजाना करीब 50 पशुओं की मृत्यु होती है। इन पशुओं के शव को फिलहाल ट्रेंचिंग ग्राउंड लाकर दफनाया जाता है। इसके अलावा शहरभर से एकत्र होने वाले मीट अपशिष्ट को भी ट्रेंचिंग ग्राउंड लाया जाता है। यहां जमीन में गड्ढा कर अपशिष्ट को गाढ़ा जाता है। इससे उठने वाली बदबू से वायु प्रदूषण होता है। भूजल भी दूषित होता है। इससे बचने के लिए अब पीपीपी मोड पर पशुओं के शव के लिए शवदाह स्थापित किया जा रहा है। आग पर काबू अब मिनटों में देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड में नया फायर स्टेशन शहर के पूर्वी क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में नया फायर स्टेशन विकसित करने जा रहा है। पालदा और नेमावर रोड क्षेत्र में पिछले दो दशक में बड़ी संख्या में रहवासी कॉलोनियां विकसित हुई हैं। हजारों की संख्या में लोग इन क्षेत्रों में रह रहे हैं। आग लगने की स्थिति में दमकलों को कई किमी दूर स्थित फायर स्टेशन से बुलाना पड़ता है। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर फायर स्टेशन विकसित होने से दमकलें कुछ ही मिनट में मौके पर पहुंच सकेंगी।  

पुरानी बसों पर बड़ी कार्रवाई: इंदौर में 73 परमिट निरस्त, 62 की जांच प्रक्रिया में

 इंदौर  प्रदेश में 15 साल पुरानी खटारा बसों को हटाया जाना है। इसकी के तहत इंदौर संभाग में 135 यात्री बसों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेज कैरिज परमिट निरस्त किए जा रहे है। इसमें से 73 बसों के परमिट निरस्त कर दिए गए, वहीं 62 बसों के परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा की गई जांच में पाया गया कि ये बसें निर्धारित शर्तों के विपरीत पुराने माडल के साथ विभिन्न मार्गों पर संचालित हो रही थी। 135 बसों के परमिट निरस्त करने के आदेश जारी इंदौर संभाग के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण एवं संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे ने इंदौर संभाग के विभिन्न रूटों पर चलने वाली 135 बसों के परमिट निरस्त करने के आदेश जारी किए। यह सभी बसें 15 साल पुरानी थी और संभाग के अलग-अलग जिलों में संचालित हो रही थी। इन सभी बसों को स्थाई परमिट जारी किए गए थे, जो 2026-27 तक जारी रहने थे। परमिट निरस्त करने से पहले परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर नए मॉडल की बसें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी निर्धारित समय में 135 बस ऑपरेटरों ने नई बसों की सूची नहीं सौंपी। गौरतलब है कि परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने प्रदेशभर में स्टेज कैरिज परमिट पर 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसे नहीं चलाने के निर्देश जारी किए थे। 156 बसों की मिली थी सूची परिवहन मुख्यालय ने इंदौर संभाग में 15 साल पुरानी 156 बसों की सूची सौंपी थी। इन बसों के पास पांच साल के स्थाई परमिट थे, लेकिन तय समय अवधि से पुरानी होने से इनको नोटिस जारी किए गए। वहीं नई बसों की सूची मांगी गई थी, लेकिन इसमें 21 संचालकों ने ही नई सूची विभाग को सौंपी, अन्य की सूची नहीं आने से सभी के परमिट निरस्त कर दिए गए। 21 साल बाद फिर चलेगी सरकारी बसें प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बसें फिर से सड़क पर उतरने जा रही हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के तहत नई कंपनी यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड बसों का संचालन करेगी। इसकी शुरुआत अप्रैल 2026 में इंदौर से होगी। रूट निर्धारित कर दिए गए हैं। सरकार और निजी ऑपरेटरों के बीच कॉन्ट्रेक्ट मऑडल पर बसें चलाई जाएंगी। नई योजना में सिर्फ अद्यतन मॉडल की बसों को प्राथमिकता मिलेगी ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जा सके।  

इंदौर से यूरोप और अफ्रीका के लिए रोजाना कनेक्टेड फ्लाइट्स, देश के अन्य शहरों के लिए भी नई फ्लाइट्स

इंदौर   इंदौर से शारजाह सहित दुबई और अन्य देशों के लिए बढ़ते एयर ट्रैफिक के चलते एयर इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है. इंदौर से शारजाह चलने वाली फ्लाइट अब रोज उड़ेगी. रविवार 26 अक्टूबर से यह फ्लाइट अब सातों दिन उड़ान भरेगी. इसके अलावा देश के अन्य शहरों की कनेक्टिविटी के लिए भी इंदौर से लगातार फ्लाइट संख्या में वृद्धि हो रही है. विंटर शेड्यूल में अब इंदौर से जोधपुर, उदयपुर, जम्मू और नासिक के लिए भी नई फ्लाइट शुरू हो रही है. इंदौर से शारजाह फ्लाइट की टाइमिंग इंदौर से शारजाह फ्लाइट सप्ताह में 4 दिन उड़ान भरती थी. इस फ्लाइट को डिमांड के चलते विंटर शेड्यूल में सातों दिन के लिए किया गया है. इंदौर से यह फ्लाइट सुबह 9:25 बजे उड़ान भरकर 11:20 पर शारजाह पहुंचेगी. इसी तरह शारजाह से उड़ान भरकर यह फ्लाइट शाम 5:05 पर इंदौर पहुंचेगी. इंदौर एयरपोर्ट से देश के विभिन्न टूरिस्ट डेस्टिनेशन और शहरों के लिए बढ़ती फ्लाइट संख्या के साथ अब इंदौर से जोधपुर, उदयपुर, जम्मू और नासिक के लिए भी नई फ्लाइट शुरू हो रही है. इसके अलावा विंटर शेड्यूल में विभिन्न डेस्टिनेशन के लिए जो फ्लाइट पहले से चल रही हैं, उनकी संख्या भी बढ़ाई जा रही है. इंदौर से जोधपुर फ्लाइट का टाइमटेबल इंदौर से जोधपुर के लिए अब प्रतिदिन हवाई सेवा उपलब्ध होगी, जो सुबह 11:40 डिपार्चर होकर 1:10 पर जोधपुर पहुंचेगी. इसी प्रकार जोधपुर से 1:30 बजे उड़ान भरकर दोपहर 2:50 पर इंदौर लैंड करेगी. इंदौर से उदयपुर के लिए फ्लाइट सोमवार, बुधवार, शुक्रवार, रविवार को रहेगी. इसकी टाइमिंग दोपहर 1:30 टेकऑफ होकर 2:30 बजे उदयपुर पहुंचेगी. उदयपुर से 2:50 को टेकऑफ होकर 4:15 बजे इंदौर पहुंचेगी. इंदौर से जम्मू हवाई सेवा इस प्रकार है इसी प्रकार जम्मू की फ्लाइट सोमवार बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी, जो सुबह 9:00 बजे उड़ान भरकर 11:05 पर जम्मू पहुंचेगी और जम्मू से 11:30 बजे उड़ान भरकर दोपहर 1:35 पर इंदौर लैंड करेगी. नासिक की फ्लाइट मंगलवार, गुरुवार और शनिवार चलेगी, जो 1:30 बजे उड़ान भरकर 2:40 पर नासिक पहुंचेगी और नासिक से 3:00 बजे उड़ान भरकर 4:30 बजे इंदौर लैंड करेगी. यूरोपियन व अफ्रीकन देशों के लिए वाया शारजाह फ्लाइट ट्रैवल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन के मुताबिक "इंदौर से देश के विभिन्न टूरिस्ट डेस्टिनेशन के अलावा इंटरनेशनल ट्रैफिक इसलिए भी बढ़ रहा है, क्योंकि इंदौर से सीधे इंटरनेशनल फ्लाइट की व्यवस्था है. यहां से यात्री उड़ान भरकर शारजाह और दुबई के रास्ते आसानी से यूरोपीय देशों के अलावा अफ्रीका, कनाडा और अमेरिका की ओर इंटरनेशनल उड़ान भर सकते हैं. इंदौर से इंटरनेशनल फ्लाइंग की सुविधा होने से यात्रियों को सीधे इंटरनेशनल बैगेज की सुविधा मिल जाती है, जिससे वह अपने 25 किलो तक का लगेज फ्लाइट के साथ ले जा सकते हैं." लगैज का डोमेस्टिक खर्च कम हो जाता है इसके अलावा यदि मध्य प्रदेश के अन्य शहरों से इंटरनेशनल फ्लाइट लेना हो तो आमतौर पर दिल्ली या मुंबई का रुख करना पड़ता है, जिस कारण यात्रियों के रूट में एक अन्य स्थान पर फ्लाइट चेंज करने से असुविधा होती है. वहीं लगैज का डोमेस्टिक खर्च भी बढ़ जाता है. इस कारण लोग इंदौर से इंटरनेशनल फ्लाइट लेकर यात्रा करना पसंद करते हैं. इंदौर सांसद एवं अध्यक्ष इंदौर एयरपोर्ट परामर्शदात्री समिति शंकर लालवानी ने बताया "नया विंटर शेड्यूल इंदौर के लिए खुशिया लेकर आया है."

बाइक पर डरावना स्टंट कर रही युवती का वीडियो वायरल, इंदौर पुलिस ने लिया संज्ञान

इंदौर शहर में इन दिनों एक युवती का स्पोर्ट्स बाइक पर स्टंट करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती ट्रैफिक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाती दिखाई दे रही है। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि वीडियो में युवती बिना हेलमेट के बाइक चलाते हुए हाथ छोड़कर स्टंट कर रही है।  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक युवती का चलती बाइक पर खतरनाक स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में युवती को बिना हेलमेट पहने, तेज रफ्तार में बाइक चलाते हुए दोनों हाथ छोड़कर हवा में स्टंट करते हुए देखा जा रहा है। अब पुलिस ने इस पर गंभीरता दिखाई है। युवती ने हेलमेट नहीं पहना था वीडियो वायरल होने के बाद इंदौर पुलिस ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया है और इसे गंभीर लापरवाही माना है। जानकारी मिलते ही इंदौर पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें एक्टिव हो गई हैं। पुलिस ने पुष्टि की है कि युवती ने हेलमेट नहीं पहना था और वह खतरनाक तरीके से स्टंट कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, ये ट्रैफिक नियमों का खुला उल्लंघन है। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि युवती ने केवल हेलमेट नहीं पहना है, बल्कि खतरनाक तरीके से स्टंट भी किया। साइबर सेल कर रही पड़ताल वर्तमान में साइबर सेल की टीम वीडियो की लोकेशन, समय और इसमें दिख रही युवती की पहचान की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवती की पहचान होने और उसे पकड़ने के बाद पहले उसे समझाइश दी जाएगी। इसके साथ ही, यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए उसके खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।