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2700 घरों के सर्वे में 1200 से अधिक लोग बीमार, इंदौर में पानी संकट पर प्रशासन सख्त

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के अंतर्गत आने वाले भागीरथपुरा में दूषित पानी से अबतक 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आ चुकी है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अबतक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। लेकिन, इतना बड़ा कांड होने के बाद विभाग एक्शन में आया है। भागीरथपुरा के 2700 घरों में सर्वे किया गया है, जिसमें बीमारों की जो संख्या सामने आई वो बेहद चौंकाने वाली है। संबंधित घरों में 1200 से ज्यादा लोग बीमार मिले हैं। यानी यहां हर घर में बीमार हैं। लोगों में डर का ऐसा माहौल है, वो पानी पीने तक से डर रहे हैं।  भागीरथपुरा में नगर निगम द्वारा पीने के पानी की सप्लाई टैंकरों से की गई। फिर भी स्थानीय लोगों में निगम पर भरौसा नहीं रहा है। रहवासियों ने टैंकर से आए पानी का उपयोग पीने के लिए नहीं किया। यहां अधिकतर लोग आरओ का पानी बुलवाकर पीने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। बीमारी और मौतों से पसरा सन्नाटा रहवासियों का कहना है कि, हमने सोचा भी नहीं था कि पानी के कारण हमारे इलाके में मौत का तांडव देखने को मिलेगा। जानकारी देने के बावजूद भी जिम्मेदारों ने इसपर ध्यान नहीं दिया। भागीरथपुरा की गलियों में फैली इस महामारी के कारण बीमारी और मौतों से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। 14 गलियों में पहुंची डॉक्टरों की टीम स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, भागीरथपुरा इलाके की 14 गलियों के हर घर में चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा जांच कराई गई, जिन्हें जरूरी लगा उपचार भी किया गया। गंभीर मरीजों को एम्बुलेंस की मदद से अस्पतालों में रैफर भी किया गया। आशा कार्यकर्ता द्वारा घर-घर जाकर क्लोरिन, जिंक की दवाई और ओआरएस के पैकेट भी बांटे जा रहे है। आशा मेगा माइकिंग द्वारा लक्षण होने पर तुरंत उपचार के लिए स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने, उबला पानी पीने एवं बाहर का भोजन व बाहर के कटे फल न खाने की समझाइश भी दे रही है। 111 मरीज अस्पताल में भर्ती 35 गंभीर शहर के शासकीय के साथ-साथ निजी अस्पतालों में अबतक 111 मरीजों के भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। चौकाने वाली बात ये है कि, इनमें करीब 35 मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। भागीरथपुरा में अभी 4 एंबुलेंस प्रभावित क्षेत्र में तैनात रखी गई हैं। साथ ही, स्वास्थ्य संस्थाओं में कार्यरत 14 डॉक्टर और पेरामेडिकल स्टाफ भी हर गली में मौजूद हैं। इसमें एमवाय अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के डॉक्टर भी मदद कर रहे हैं। 1146 मरीजों को प्राथमिक उपचार जांच टीम के अधिकारियों की माने तो इलाके के कुल 2703 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें रहने वाले करीब 12000 लोगों की जांच की गई। इनमें से 1146 मरीजों को वहीं पर प्राथमिक उपचार दिया गया। 18 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट आए हैं। अस्पताल में बेड पर बाल्टी, उल्टी से परेशान मरीज अस्पतालों में भर्ती मरीजों के हालत को लेकर अपडेट ये है कि, उन्हें बेड पर ही एक बाल्टी रखना पड़ रही है। मरीजों को इतनी उल्टी हो रही है कि, बार बार उठ पाना ही संभव नहीं है। वर्मा अस्पताल में कुल 22 बेड की क्षमता है, लेकिन यहां करीब 35 मरीजों का उपचार चलने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, यहां से कई मरीज स्वस्थ होकर घर भी लौट चुके हैं।

स्वच्छता और इनोवेशन में आगे इंदौर: पुराने कपड़े धागे में, पशु शवों का सुरक्षित प्रबंधन

इंदौर  स्वच्छता और नवाचार में देश को दिशा दिखाने वाला इंदौर अब शहरी प्रबंधन के नए अध्याय लिखने की ओर बढ़ रहा है। नगर निगम ने कचरे को संसाधन में बदलने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक साथ कई बड़े कदम उठाए हैं। शहर में जहां अब पुराने कपड़ों से धागा तैयार कर पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं मृत पशुओं को दफनाने की परंपरा को समाप्त कर उन्हें अत्याधुनिक संयंत्र में सम्मानजनक अग्निदाह की व्यवस्था की जा रही है। ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में आधुनिक फायर स्टेशन भी इसके साथ ही नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में एक आधुनिक फायर स्टेशन भी विकसित किया जाएगा। ये सभी परियोजनाएं पीपीपी मोड पर स्थापित की जा रही हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड पर इन नवाचारी परियोजनाओं का भूमिपूजन कर इंदौर को टिकाऊ, सुरक्षित और भविष्य के शहर के रूप में आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि इंदौर का ट्रेंचिंग ग्राउंड न केवल देश, बल्कि दुनिया में सबसे अधिक सर्च और अध्ययन किया जाने वाला स्थल बन चुका है। हमारे नवाचार ही हमारी असली ताकत हैं। इंदौर वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में आगे बढ़ रहा है अनुपयोगी कपड़ों से धागा बनाने, मृत पशुओं और मीट अपशिष्ट का पर्यावरण अनुकूल निपटान करने जैसे कार्य इंदौर को स्वच्छता के अगले स्तर पर ले जाएंगे। भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर परिषद सदस्य अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा बबलू, नंदकिशोर पहाड़िया, मनीष शर्मा मामा, नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान 16 दिसंबर विजय दिवस के अवसर पर महापौर ने उपस्थित सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया। कचरे से संसाधन रोजाना 25 टन पुराने कपड़ों से बनेगा धागा नगर निगम ने शहर के सभी जोन क्षेत्र में थ्री-आर सेंटर स्थापित किए हैं। इन पर रोजाना बड़ी मात्रा में नागरिक पुराने कपड़े देते हैं। इसके अलावा नेकी की दीवार पर भी बड़ी मात्रा में अनुपयोगी कपड़े एकत्र होते हैं। इन पुराने कपड़ों से धागा बनाने के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पीपीपी मोड पर पुराने कपड़ों से धागा बनाने का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। पशु शवदाह स्थापित किया जा रहा दुर्गंध और प्रदूषण से भी मिलेगी राहत नगरीय सीमा में रोजाना करीब 50 पशुओं की मृत्यु होती है। इन पशुओं के शव को फिलहाल ट्रेंचिंग ग्राउंड लाकर दफनाया जाता है। इसके अलावा शहरभर से एकत्र होने वाले मीट अपशिष्ट को भी ट्रेंचिंग ग्राउंड लाया जाता है। यहां जमीन में गड्ढा कर अपशिष्ट को गाढ़ा जाता है। इससे उठने वाली बदबू से वायु प्रदूषण होता है। भूजल भी दूषित होता है। इससे बचने के लिए अब पीपीपी मोड पर पशुओं के शव के लिए शवदाह स्थापित किया जा रहा है। आग पर काबू अब मिनटों में देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड में नया फायर स्टेशन शहर के पूर्वी क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में नया फायर स्टेशन विकसित करने जा रहा है। पालदा और नेमावर रोड क्षेत्र में पिछले दो दशक में बड़ी संख्या में रहवासी कॉलोनियां विकसित हुई हैं। हजारों की संख्या में लोग इन क्षेत्रों में रह रहे हैं। आग लगने की स्थिति में दमकलों को कई किमी दूर स्थित फायर स्टेशन से बुलाना पड़ता है। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर फायर स्टेशन विकसित होने से दमकलें कुछ ही मिनट में मौके पर पहुंच सकेंगी।  

पुरानी बसों पर बड़ी कार्रवाई: इंदौर में 73 परमिट निरस्त, 62 की जांच प्रक्रिया में

 इंदौर  प्रदेश में 15 साल पुरानी खटारा बसों को हटाया जाना है। इसकी के तहत इंदौर संभाग में 135 यात्री बसों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेज कैरिज परमिट निरस्त किए जा रहे है। इसमें से 73 बसों के परमिट निरस्त कर दिए गए, वहीं 62 बसों के परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया जारी है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा की गई जांच में पाया गया कि ये बसें निर्धारित शर्तों के विपरीत पुराने माडल के साथ विभिन्न मार्गों पर संचालित हो रही थी। 135 बसों के परमिट निरस्त करने के आदेश जारी इंदौर संभाग के क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण एवं संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाडे ने इंदौर संभाग के विभिन्न रूटों पर चलने वाली 135 बसों के परमिट निरस्त करने के आदेश जारी किए। यह सभी बसें 15 साल पुरानी थी और संभाग के अलग-अलग जिलों में संचालित हो रही थी। इन सभी बसों को स्थाई परमिट जारी किए गए थे, जो 2026-27 तक जारी रहने थे। परमिट निरस्त करने से पहले परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर नए मॉडल की बसें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद भी निर्धारित समय में 135 बस ऑपरेटरों ने नई बसों की सूची नहीं सौंपी। गौरतलब है कि परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने प्रदेशभर में स्टेज कैरिज परमिट पर 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसे नहीं चलाने के निर्देश जारी किए थे। 156 बसों की मिली थी सूची परिवहन मुख्यालय ने इंदौर संभाग में 15 साल पुरानी 156 बसों की सूची सौंपी थी। इन बसों के पास पांच साल के स्थाई परमिट थे, लेकिन तय समय अवधि से पुरानी होने से इनको नोटिस जारी किए गए। वहीं नई बसों की सूची मांगी गई थी, लेकिन इसमें 21 संचालकों ने ही नई सूची विभाग को सौंपी, अन्य की सूची नहीं आने से सभी के परमिट निरस्त कर दिए गए। 21 साल बाद फिर चलेगी सरकारी बसें प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बसें फिर से सड़क पर उतरने जा रही हैं। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के तहत नई कंपनी यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड बसों का संचालन करेगी। इसकी शुरुआत अप्रैल 2026 में इंदौर से होगी। रूट निर्धारित कर दिए गए हैं। सरकार और निजी ऑपरेटरों के बीच कॉन्ट्रेक्ट मऑडल पर बसें चलाई जाएंगी। नई योजना में सिर्फ अद्यतन मॉडल की बसों को प्राथमिकता मिलेगी ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सेवा उपलब्ध कराई जा सके।  

इंदौर से यूरोप और अफ्रीका के लिए रोजाना कनेक्टेड फ्लाइट्स, देश के अन्य शहरों के लिए भी नई फ्लाइट्स

इंदौर   इंदौर से शारजाह सहित दुबई और अन्य देशों के लिए बढ़ते एयर ट्रैफिक के चलते एयर इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है. इंदौर से शारजाह चलने वाली फ्लाइट अब रोज उड़ेगी. रविवार 26 अक्टूबर से यह फ्लाइट अब सातों दिन उड़ान भरेगी. इसके अलावा देश के अन्य शहरों की कनेक्टिविटी के लिए भी इंदौर से लगातार फ्लाइट संख्या में वृद्धि हो रही है. विंटर शेड्यूल में अब इंदौर से जोधपुर, उदयपुर, जम्मू और नासिक के लिए भी नई फ्लाइट शुरू हो रही है. इंदौर से शारजाह फ्लाइट की टाइमिंग इंदौर से शारजाह फ्लाइट सप्ताह में 4 दिन उड़ान भरती थी. इस फ्लाइट को डिमांड के चलते विंटर शेड्यूल में सातों दिन के लिए किया गया है. इंदौर से यह फ्लाइट सुबह 9:25 बजे उड़ान भरकर 11:20 पर शारजाह पहुंचेगी. इसी तरह शारजाह से उड़ान भरकर यह फ्लाइट शाम 5:05 पर इंदौर पहुंचेगी. इंदौर एयरपोर्ट से देश के विभिन्न टूरिस्ट डेस्टिनेशन और शहरों के लिए बढ़ती फ्लाइट संख्या के साथ अब इंदौर से जोधपुर, उदयपुर, जम्मू और नासिक के लिए भी नई फ्लाइट शुरू हो रही है. इसके अलावा विंटर शेड्यूल में विभिन्न डेस्टिनेशन के लिए जो फ्लाइट पहले से चल रही हैं, उनकी संख्या भी बढ़ाई जा रही है. इंदौर से जोधपुर फ्लाइट का टाइमटेबल इंदौर से जोधपुर के लिए अब प्रतिदिन हवाई सेवा उपलब्ध होगी, जो सुबह 11:40 डिपार्चर होकर 1:10 पर जोधपुर पहुंचेगी. इसी प्रकार जोधपुर से 1:30 बजे उड़ान भरकर दोपहर 2:50 पर इंदौर लैंड करेगी. इंदौर से उदयपुर के लिए फ्लाइट सोमवार, बुधवार, शुक्रवार, रविवार को रहेगी. इसकी टाइमिंग दोपहर 1:30 टेकऑफ होकर 2:30 बजे उदयपुर पहुंचेगी. उदयपुर से 2:50 को टेकऑफ होकर 4:15 बजे इंदौर पहुंचेगी. इंदौर से जम्मू हवाई सेवा इस प्रकार है इसी प्रकार जम्मू की फ्लाइट सोमवार बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी, जो सुबह 9:00 बजे उड़ान भरकर 11:05 पर जम्मू पहुंचेगी और जम्मू से 11:30 बजे उड़ान भरकर दोपहर 1:35 पर इंदौर लैंड करेगी. नासिक की फ्लाइट मंगलवार, गुरुवार और शनिवार चलेगी, जो 1:30 बजे उड़ान भरकर 2:40 पर नासिक पहुंचेगी और नासिक से 3:00 बजे उड़ान भरकर 4:30 बजे इंदौर लैंड करेगी. यूरोपियन व अफ्रीकन देशों के लिए वाया शारजाह फ्लाइट ट्रैवल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन के मुताबिक "इंदौर से देश के विभिन्न टूरिस्ट डेस्टिनेशन के अलावा इंटरनेशनल ट्रैफिक इसलिए भी बढ़ रहा है, क्योंकि इंदौर से सीधे इंटरनेशनल फ्लाइट की व्यवस्था है. यहां से यात्री उड़ान भरकर शारजाह और दुबई के रास्ते आसानी से यूरोपीय देशों के अलावा अफ्रीका, कनाडा और अमेरिका की ओर इंटरनेशनल उड़ान भर सकते हैं. इंदौर से इंटरनेशनल फ्लाइंग की सुविधा होने से यात्रियों को सीधे इंटरनेशनल बैगेज की सुविधा मिल जाती है, जिससे वह अपने 25 किलो तक का लगेज फ्लाइट के साथ ले जा सकते हैं." लगैज का डोमेस्टिक खर्च कम हो जाता है इसके अलावा यदि मध्य प्रदेश के अन्य शहरों से इंटरनेशनल फ्लाइट लेना हो तो आमतौर पर दिल्ली या मुंबई का रुख करना पड़ता है, जिस कारण यात्रियों के रूट में एक अन्य स्थान पर फ्लाइट चेंज करने से असुविधा होती है. वहीं लगैज का डोमेस्टिक खर्च भी बढ़ जाता है. इस कारण लोग इंदौर से इंटरनेशनल फ्लाइट लेकर यात्रा करना पसंद करते हैं. इंदौर सांसद एवं अध्यक्ष इंदौर एयरपोर्ट परामर्शदात्री समिति शंकर लालवानी ने बताया "नया विंटर शेड्यूल इंदौर के लिए खुशिया लेकर आया है."

बाइक पर डरावना स्टंट कर रही युवती का वीडियो वायरल, इंदौर पुलिस ने लिया संज्ञान

इंदौर शहर में इन दिनों एक युवती का स्पोर्ट्स बाइक पर स्टंट करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती ट्रैफिक नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाती दिखाई दे रही है। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि वीडियो में युवती बिना हेलमेट के बाइक चलाते हुए हाथ छोड़कर स्टंट कर रही है।  मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक युवती का चलती बाइक पर खतरनाक स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में युवती को बिना हेलमेट पहने, तेज रफ्तार में बाइक चलाते हुए दोनों हाथ छोड़कर हवा में स्टंट करते हुए देखा जा रहा है। अब पुलिस ने इस पर गंभीरता दिखाई है। युवती ने हेलमेट नहीं पहना था वीडियो वायरल होने के बाद इंदौर पुलिस ने इस मामले पर तुरंत संज्ञान लिया है और इसे गंभीर लापरवाही माना है। जानकारी मिलते ही इंदौर पुलिस की साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें एक्टिव हो गई हैं। पुलिस ने पुष्टि की है कि युवती ने हेलमेट नहीं पहना था और वह खतरनाक तरीके से स्टंट कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, ये ट्रैफिक नियमों का खुला उल्लंघन है। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि युवती ने केवल हेलमेट नहीं पहना है, बल्कि खतरनाक तरीके से स्टंट भी किया। साइबर सेल कर रही पड़ताल वर्तमान में साइबर सेल की टीम वीडियो की लोकेशन, समय और इसमें दिख रही युवती की पहचान की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, युवती की पहचान होने और उसे पकड़ने के बाद पहले उसे समझाइश दी जाएगी। इसके साथ ही, यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए उसके खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई भी की जाएगी।

देर रात राजवाड़ा में प्रशासन-व्यापारी बैठक, इंदौर के लिए तय हुए 5 बड़े बदलाव

इंदौर  इंदौर शहर के हृदय स्थल राजवाड़ा में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए यातायात पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) आनंद कलादगी ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक में सराफा एसोसिएशन, शीतलामाता बाजार, बर्तन बाजार, और कपड़ा बाजार सहित अन्य व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी और व्यापारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के सुझावों को सुनकर यातायात व्यवस्था में सुधार करना था। इस बैठक में एडिशनल डीसीपी संतोष कौल, एसीपी रेखा परिहार, एसीपी हेमंत चौहान और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि राजवाड़ा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए व्यापारियों के सहयोग से संयुक्त रूप से ठोस कदम उठाए जाएंगे। व्यापारियों ने उठाईं ये समस्याएं बैठक के दौरान व्यापारियों ने डीसीपी के समक्ष कई प्रमुख समस्याएं रखीं। इनमें सवारी रिक्शा में माल ढुलाई, शीतलामाता बाजार और अन्य बाजारों में ठेलों और रिक्शाओं के कारण होने वाले यातायात अवरोध, और सराफा बाजार में चौपाटी के ठेलों का शाम 7 बजे से लगना प्रमुख था, जिससे यातायात बाधित होता है। डीसीपी द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करते हुए, डीसीपी आनंद कलादगी ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए: अवैध लोडिंग पर कार्रवाई: सवारी रिक्शा में माल ढोने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पार्किंग का सही उपयोग: बालाजी टावर के पीछे, गोराकुंड, सुभाष चौक और फ्रूट मार्केट की स्मार्ट पार्किंग का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। व्यापारियों ने भी अपने वाहन व्यवस्थित रूप से पार्किंग में रखने पर सहमति जताई। अतिक्रमण हटाओ अभियान: नगर निगम, यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस मिलकर यातायात में बाधक बन रहे अतिक्रमण और ठेलों को हटाने के लिए संयुक्त अभियान चलाएगी। नो-पार्किंग जोन में सख्ती: सड़कों पर बेतरतीब ढंग से और नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर क्रेन के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों को भी सफेद मार्किंग के बाहर वाहन न खड़े करने की चेतावनी दी गई है। वन-वे और नो-एंट्री: गोराकुंड से नरसिंह बाजार की ओर का मार्ग नो-एंट्री रहेगा, जबकि नरसिंह बाजार से गोराकुंड की ओर का मार्ग वन-वे के रूप में संचालित होगा। 

देश के पहले भिक्षुक मुक्त शहर इंदौर में फिर न हो भिक्षावृत्ति, सूचना देने वालों को कलेक्टर का इनाम

इंदौर स्वच्छता में देश भर में कीर्तिमान स्थापित करने के बाद इंदौर ने अब देश का पहला भिक्षुक मुक्त शहर होने का गौरव भी हासिल किया है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान को और भी सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि शहर में कहीं भी भिक्षावृत्ति पाए जाने पर उसकी सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को 1000 रुपए का इनाम दिया जाएगा।  शहर को भिक्षुक मुक्त बनाए रखने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान को और सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत, शहर में कहीं भी भिक्षावृत्ति की सूचना देने वाले को 1000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। प्रशासन ने भिक्षावृत्ति रोकने के लिए एक विस्तृत रणनीति बनाई है और सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है। भिक्षुओं के पुनर्वास और सहायता के लिए विशेष रेस्क्यू टीमें भी गठित की जाएंगी। कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई। उन्होंने निर्देश दिया कि शहर में किसी भी स्थान पर पुनः भिक्षावृत्ति शुरू न हो, इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि इंदौर की स्वच्छता के साथ सामाजिक स्वच्छता भी हमारी प्राथमिकता है। भिक्षुक मुक्त इंदौर एक संवेदनशील और आत्मनिर्भर समाज की दिशा में बड़ा कदम है। इन इलाको में विशेष निगरानी बड़ा गणपति, रेलवे स्टेशन, सत्य साईं चौराहा, प्रमुख मठ-मंदिरों, आश्रमों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इन स्थानों पर यदि किसी को भिक्षुक दिखाई दें तो कोई भी तत्काल तय हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दे सकता है। सूचना सही पाए जाने पर सूचना देने वाले को 1000 रुपए का इनाम दिया जाएगा। भिक्षुकों के पुनर्वास के लिए योजना भिक्षुकों के पुनर्वास और सहायता के लिए भी जिला प्रशासन ने योजनाबद्ध कदम उठाए हैं। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर निगम, होमगार्ड, श्रम विभाग, राजकीय बाल संरक्षण आश्रम और विशेष पुलिस किशोर इकाई के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल करते हुए विशेष रेस्क्यू टीम बनाई जाएगी। टीम बनाकर होगी कार्रवाई कलेक्टर ने कहा कि ऐसी दो-तीन टीमें शहर में अलग-अलग स्थानों पर लगातार कार्रवाई करें, ताकि कहीं भी भिक्षावृत्ति नहीं हो। भिक्षा मांगना भी अपराध है और भिक्षा देना भी इसी श्रेणी में आता है, जो लोग भिक्षावृत्ति की सूचना देते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भिक्षावृत्ति करने वालों को रोकना ही नहीं, उन्हें आजीविका से जोड़ने के लिए भी योजनाएं बनाई जाए। बैठक में इन तैयारियों पर भी चर्चा भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए रेस्क्यू करने वाली टीमें इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिन लोगों ने पूर्व में भिक्षावृत्ति छोड़ दी क्या वे पुन: इसी क्षेत्र में वापस आ रहे हैं। नशा करने वाले किशोर और युवा भिक्षावृत्ति के क्षेत्र में संलिप्त हैं। वे आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। ऐसे किशोर-युवाओं को सुधार गृह भेजकर उनकी काउंसलिंग कराई जाए। सार्वजनिक स्थानों पर लिखें 'बच्चों को भीख नहीं, सीख दीजिए', 'आओ मिलकर भिक्षावृत्ति मुक्त इंदौर बनाएं।' भिक्षावृत्ति रोकने के लिए गलियों, चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रचार किया जाए। इस काम में छात्र-छात्राओं एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के युवाओं को जोड़ा जाए। रेस्क्यू टीम का किया गठन भिक्षुकों के पुनर्वास और सहायता के लिए भी जिला प्रशासन ने योजनाबद्ध कदम उठाए हैं। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, नगर निगम, होमगार्ड, श्रम विभाग, राजकीय बाल संरक्षण आश्रम और विशेष पुलिस किशोर इकाई के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल करते हुए विशेष रेस्क्यू टीम बनाई जाएगी। आजीविका से जोड़ने के लिए भी बनाएं योजना कलेक्टर ने कहा कि ऐसी दो-तीन टीमें शहर में अलग-अलग स्थानों पर लगातार कार्रवाई करें, ताकि कहीं भी भिक्षावृत्ति नहीं हो। भिक्षा मांगना भी अपराध है और भिक्षा देना भी इसी श्रेणी में आता है, जो लोग भिक्षावृत्ति की सूचना देते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि भिक्षावृत्ति करने वालों को रोकना ही नहीं, उन्हें आजीविका से जोड़ने के लिए भी योजनाएं बनाई जाए। इन बातों का रखना होगा खास ध्यान भिक्षावृत्ति को रोकने के लिए रेस्क्यू करने वाली टीमें इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिन लोगों ने पूर्व में भिक्षावृत्ति छोड़ दी क्या वे पुन: इसी क्षेत्र में वापस आ रहे हैं। नशा करने वाले किशोर और युवा भिक्षावृत्ति के क्षेत्र में संलिप्त हैं। वे आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। ऐसे किशोर-युवाओं को सुधार गृह भेजकर उनकी काउंसलिंग कराई जाए। सार्वजनिक स्थानों पर लिखें "बच्चों को भीख नहीं, सीख दीजिए", "आओ मिलकर भिक्षावृत्ति मुक्त इंदौर बनाएं'। भिक्षावृत्ति रोकने के लिए गलियों, चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से प्रचार किया जाए। इस काम में छात्र-छात्राओं एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के युवाओं को जोड़ा जाए। 800 भिक्षुओं का किया पुनर्वास बैठक में राजकीय बाल संरक्षण आश्रम के सुपरिटेंडेंट दिनेश मिश्रा ने बताया कि शहर में भिक्षावृत्ति रोकने के लिए जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग एक विशेष अभियान चलाया था। इसमें दल को विशेष सफलता मिली। दल ने पाया कि इंदौर में भिक्षावृत्ति करने वालों की संख्या 6500 से अधिक है। इसमें बच्चे, किशोर, युवाओं से लेकर वृद्धजन तक शामिल हैं। इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की भी है। कुछ लोग आदतन भिक्षावृत्ति करते हैं, जबकि कुछ लोग दूसरों से भिक्षावृत्ति कराते हैं। टीम ने ऐसे सभी भिक्षुओं की काउंसलिंग की। इसमें से 4500 लोगों को रेस्क्यू किया गया। भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान में 800 लोगों को पुनर्वास किया गया। इनमें 115 बच्चे और किशोर थे। भीख मांगने वाले 172 बच्चों को विभिन्न स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया है।  

मौसम अपडेट: इन जिलों में आज होगी झमाझम बारिश, सावधान रहें

भोपाल अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। इसी क्रम में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक उमरिया में 15, रीवा में नौ, भोपाल में छह, सतना में चार, बैतूल एवं दतिया में तीन और सीधी में एक मिलीमीटर वर्षा हुई। प्रदेश में सबसे अधिक 34 डिग्री सेल्सियस तापमान श्योपुर में दर्ज किया गया। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक रविवार को भी रीवा, शहडोल, जबलपुर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभाग के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। हालांकि एक सप्ताह बाद मानसून के वापस लौटने की भी संभावना बन रही है। कब होगा मौसम साफ मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी पीके रायकवार ने बताया कि वर्तमान में गहरा कम दबाव का क्षेत्र उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे लगे पश्चिमी झारखंड, दक्षिणी बिहार एवं दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना है। इसके रविवार तक बिहार में पहुंचने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली से लेकर विदर्भ तक एक द्रोणिका बनी हुई है। अरब सागर में बना गहरा अवदाब चक्रवाती तूफान शक्ति में परिवर्तित हो गया है। यह पश्चिम-मध्य अरब सागर की तरफ बढ़ रहा है। इन मौसम प्रणालियों के असर से प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा हो रही है। इस तरह की स्थिति तीन-चार दिन तक बनी रह सकती है। उसके बाद मौसम के साफ होने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि अरब सागर में बना तूफान काफी दूर जा रहा है। उधर, गहरा कम दबाव का क्षेत्र भी बिहार की तरफ बढ़ रहा है। इस वजह से अब धीरे-धीरे वर्षा की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। हालांकि अभी तीन-चार दिन तक बादल बने रहने और कहीं-कहीं हल्की वर्षा भी हो सकती है। 10 अक्टूबर के आसपास राजस्थान में एक प्रति चक्रवात के बनने के संकेत मिले हैं। इस वजह से 10 अक्टूबर से दक्षिण-पश्चिम मानसून के वापस लौटने की भी संभावना बन रही है। इंदौर में 24 घंटे में चार इंच से अधिक वर्षा उधर पिछले 24 घंटों के दौरान शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक इंदौर में 114.6 (4.48 इंच), सीधी में 68.2, रीवा में 40, सतना में 27, जबलपुर में 19.8, उज्जैन में 10.6 मिमी. वर्षा हुई।

हेलमेट नियम : इंदौर में बिना हेलमेट मिलने लगा पेट्रोल, आदेश की अवधि पूरी

इंदौर इंदौर जिले में दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट की अनिवार्यता का आदेश अब समाप्त हो गया है। यह आदेश 30 जुलाई को जारी किया गया था और एक अगस्त से 29 सितंबर के लिए लागू किया गया था, लेकिन अब इसे आगे नहीं बढ़ाया गया है। नए कलेक्टर ने इस आदेश को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिसके चलते अब प्रशासन हेलमेट पहनने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर देगा। पेट्रोल पंपों पर हेलमेट न पहनने वालों को ईंधन देने की सख्ती अब समाप्त हो गई है। पहले, जब यह आदेश लागू था, तो पेट्रोल पंपों पर हेलमेट न पहनने वाले चालकों की कतारें लग गई थीं। लोग हेलमेट मांगकर या खरीदकर ईंधन लेने आते थे। इस आदेश का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, क्योंकि सड़क हादसों में सिर में चोट लगने से मृत्यु का मुख्य कारण बनता है। सुप्रीम कोर्ट की समिति ने दिया था सुझाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष पूर्व न्यायाधीश अभय मनोहर सप्रे ने 29 जुलाई को इंदौर में आयोजित एक बैठक में हेलमेट की अनिवार्यता की बात की थी। इसके बाद तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह ने पेट्रोल पंप संचालकों के लिए आदेश जारी किया था कि वे हेलमेट न पहनने वाले चालकों को ईंधन न दें। इस आदेश के बाद कई पंपों पर कार्रवाई की गई और बगैर हेलमेट के पेट्रोल देने पर पांच पंपों को सील किया गया था। हालांकि अब प्रशासन ने इस सख्ती को समाप्त कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि अब लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत लोगों को हेलमेट पहनने के लाभ और इसका महत्व बताया जाएगा। हेलमेट को लेकर विवाद भी हुए सरकारी आदेश की अवधि के दौरान हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर कुछ विवाद भी हुए हैं। चंदन नगर क्षेत्र में लक्की पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने पर एक युवक ने पंप कर्मचारी के साथ मारपीट की थी। इसी तरह छोटा बांगड़दा क्षेत्र में भी एक युवक ने कर्मचारियों से हाथापाई की और माचिस की जलती हुई तीली फेंकी थी। इन घटनाओं के बाद पुलिस में शिकायतें दर्ज की गई थीं। सरकारी कार्यालयों में भी की गई थी सख्ती सरकारी कार्यालयों में भी हेलमेट की अनिवार्यता को लेकर सख्ती की गई थी। कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी कार्यालयों में हेलमेट पहनकर आने वाले कर्मचारियों को गुलाब के फूल दिए जाते थे, जबकि बिना हेलमेट आने वालों को कार्यालय परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाता था। हालांकि, अब इस सख्ती को भी समाप्त कर दिया गया है। इस प्रकार, इंदौर में हेलमेट की अनिवार्यता समाप्त होने के बाद अब प्रशासन ने जागरूकता फैलाने का निर्णय लिया है। यह कदम सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन यह भी आवश्यक है कि लोग अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और हेलमेट पहनने को अपनी आदत बना लें। इस बदलाव के साथ यह देखना होगा कि क्या लोग अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे या फिर प्रशासन को फिर से सख्ती बरतने की आवश्यकता पड़ेगी। सड़क पर सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की भी जिम्मेदारी है। जागरुक किया जाएगा     पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल भरवाने के लिए हेलमेट होने की अनिवार्यता खत्म कर दी है। सभी पंपों पर अब लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। – शिवम वर्मा, कलेक्टर

वामपंथी समाजवादी दलों ने गांधी प्रतिमा पर दिया धरना, सराफा थाने पर किया प्रदर्शन

इंदौर शहर का सांप्रदायिक सद्भाव बिगाडने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए वामपंथी समाजवादी दलों ने गांधी प्रतिमा पर दिया धरना, सराफा थाने पर किया प्रदर्शन इंदौर भाजपा और उससे जुड़े सांप्रदायिक संगठनों द्वारा शहर की फिजा को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है इसी कड़ी में एकलव्य सिंह गोड ने शीतला माता बाजार से मुस्लिम कर्मचारियों को निकाले जाने का फतवा जारी कर शहर के माहौल को बिगाड़ा है। इसको लेकर वामपंथी समाजवादी दल लगातार अभियान चला रहे हैं। गत दिनों इन दलों ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन देकर एकलव्य गोड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग के बाद गांधी जयंती पर इन दलों और अन्य संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने गांधीपतिमा पर धरना दिया तथा सभा की।  उसके बाद कार्यकर्ता सराफा थाने पहुंचे और वहां पर करीब 1 घंटे तक प्रदर्शन कर एवं नारेबाजी के बाद में थाना प्रभारी और क्षेत्रीय सीएसपी को एकलव्य गोड के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व अरुण चौहान, रामस्वरूप मंत्री, रुद्रपाल यादव ,राहुल निहुरे, राजेंद्र यादव आदि ने किया।धरना प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी,भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,सीपीएम  व श्रम संगठनों और अन्य जन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में भाग लया। विरोध  सभा को सोहनलाल शिंदे ,रुद्रपाल यादव,  अरुण चौहान,  रामस्वरूप मंत्री,राजेंद्र यादव,  कैलाश लिंबोदिया, सीएल सरावत,   हरिओम सूर्यवंशी , विनीत तिवारी, राहुल निहोरे , अजीत केतकर, वास्कल एंथोनी, सफी शेख, परेश टोकेकर ,प्रमोद नामदेव, संदीप शर्मा  कविता सोलंकी ने संबोधित किया ।   सभा का संचालन  अरुण चौहान ने किया । इस मौके पर श्रम संगठन व जनसंगठन, सामाजिक संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए । जिनमे अभय नीमा, भारतीय सामाजिक न्याय संगठन से सलीम शेख, हर्ष मरमट, रमेश झाला, पूनम खंडेलवाल, हरि मरमट, प्रकाश पाठक व अन्य प्रमुख कार्यकर्ता शामिल रहे। तत्पश्चात सभी कार्यकर्ता जत्था बनाकर पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री  की प्रतिमा स्थल पर गए और उनके न्याय प्रिय व उनके द्वारा दिए गए जय जवान जय किसान के नारे को बुलंद कर उन्हें याद किया गया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता सराफा पुलिस थाना पहुंचे और प्रदर्शन किया ।पुलिस थाना प्रभारी आर के लिटोरिया से मिलकर उनके क्षेत्र शीतला माता बाजार वर्ग विशेष के लोगों को कार्य से बंद करने भाजपा नेता एकलव्य सिंह गोड के बयान को शहर के माहौल को खराब करने का बताया और उन पर एफआईआर दर्ज किए जाने कि मांग की।   औकार्यक्रम में मुख्य रूप से भागीरथ कछवाय,यूसुफ खान, काशीराम नायक ,फादर पायस, और अन्य अनेक साथियों ने हिस्सा लिया।