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वाहन बिक्री में इंदौर नंबर वन, नवरात्रि के दौरान 9,344 गाड़ियों की हुई रिकॉर्डतोड़ खरीदारी

 इंदौर  नवरात्र के नौ दिनों में वाहन बाजार ने नई गति पकड़ी। प्रदेश भर में जहां कुल 67,507 वाहन बिके, वहीं अकेले इंदौर में 9,344 वाहनों की बिक्री दर्ज हुई। यह आंकड़ा प्रदेश की कुल बिक्री का करीब 14 प्रतिशत है, जो बताता है कि इंदौर वाहन खरीददारों का सबसे बड़ा केंद्र रहा। प्रदेश में बिके वाहनों का हर सातवां वाहन इंदौर में बिका। नौ दिनों में इंदौर में बिक गए 9344 वाहन नवरात्र के पहले दिन ही जीएसटी दरों में कटौती ने खरीददारों को बड़ी बचत दी। इसलिए नवरात्र में वाहनों की बिक्री खूब हुई। वाहन बिक्री में दोपहिया का दबदबा सबसे ज्यादा रहा। प्रदेश में 50,894 दोपहिया वाहन बिके, जिनमें से 6,025 इंदौर में खरीदे गए। इसी तरह प्रदेश में 12,097 कारों की बिक्री हुई, जिनमें से 2,562 कारें इंदौरवासियों ने खरीदीं। नवरात्र में ईवी वाहनों का क्रेज भी इस बार साफ दिखाई दिया। नवरात्र के दौरान पूरे प्रदेश में 6,806 इलेक्ट्रिक वाहन बिके, जबकि अकेले इंदौर में 1,023 ईवी की बिक्री हुई। इंदौर में ऑटोमोबाइल सेक्टर में उल्लास छाया रहा वाहन विक्रेताओं का कहना है कि नवरात्र के पहले दिन यानी 21 सितंबर से जीएसटी दरों में मिली छूट ने ग्राहकों की खरीदारी को और बढ़ावा दिया। शो रूम पर सुबह से रात तक ग्राहकों की भीड़ लगी रही और बुकिंग में रिकॉर्ड इजाफा देखने को मिला। दशहरा पर 700 कार बिकने का अनुमान नवरात्र के बाद दशहरा पर इंदौर में ऑटोमोबाइल सेक्टर में उल्लास छाया रहा। सुबह से लेकर देर रात तक शुभ मुहूर्त वाहनों की खरीदी होती रही। अनुमान के अनुसार दशहरे पर 700 कार और तीन हजार करीब दो पहिया वाहन बिकने का अनुमान है।

पाथ ग्रुप पर ED का शिकंजा, अनिल अंबानी केस से कनेक्शन और करोड़ों की हेराफेरी की जांच

इंदौर  प्रदेश के औद्योगिक शहर इंदौर में मंगलवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने छापामार कार्रवाई की है। ईडी ने पाथ इंडिया ग्रुप के ठिकानों पर अचानक रेड की है। तड़के करीब 6 बजे ईडी की टीम पांच से छह गाड़ियों के साथ महू स्थित बंगला नंबर 76 और शहर के अन्य ठिकानों पर पहुंची। टीम ने ग्रुप से जुड़े कार्यालयों और निदेशकों के आवासों में तलाशी अभियान शुरू किया। मीडिया को छापामारी स्थल पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। कौन हैं पाथ ग्रुप के डायरेक्टर पाथ इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन अग्रवाल हैं। कंपनी में निपुण अग्रवाल, सक्षम अग्रवाल, नीति अग्रवाल और संतोष अग्रवाल डायरेक्टर हैं। इसके अलावा आशीष अग्रवाल और आदित्य उपाध्याय को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर जोड़ा गया है। साथ ही कंपनी की मैनेजमेंट टीम में राजेश झमानी (सीनियर जनरल मैनेजर), संजय कुमार बोरसे (जीएम), जेपी मिश्रा (सीजीएम एचआर एंड एडमिन), नुकुंज परमार (जीएम फाइनेंस), मनीष शर्मा (जीएम टोल ऑपरेशन), अनुज गोयल (जीएम कॉन्ट्रैक्ट्स), अनुराग सुराना (सीनियर जीएम मैकेनिकल), हेमंत गर्ग (सीएस), विशाल मुदगल (जीएम मार्केटिंग), नवनीत शर्मा, सुलतान अहमद खान और असरफ हुसैन कुरैशी (चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर) शामिल हैं। ईडी ने इन सभी से जुड़े दस्तावेजों और लेन-देन की गहन जांच शुरू कर दी है। अनिल अंबानी केस से जुड़ रही कड़ी सूत्रों का कहना है कि यह छापेमारी अनिल अंबानी से संबंधित बैंक लोन घोटाले की जांच का हिस्सा है। जानकारी के मुताबिक अंबानी की एक कंपनी और पाथ ग्रुप के बीच कई निर्माण परियोजनाओं को लेकर करार हुए थे। ईडी को शक है कि इन समझौतों के बहाने करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई। 10 साल पहले भी पड़ी थी रेड करीब दस साल पहले भी पाथ ग्रुप पर आयकर विभाग ने दबिश दी थी। तब खुलासा हुआ था कि राजस्थान में एक हाईवे निर्माण प्रोजेक्ट का ठेका अनिल अंबानी की कंपनी को मिला था। जिसे पाथ ग्रुप को सब-कॉन्ट्रैक्ट के रूप में सौंपा गया। इस दौरान दो अलग-अलग अनुबंध सामने आए थे। आरोप था कि सीक्रेट एग्रीमेंट के जरिए अतिरिक्त रकम को अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से बाहर भेजा गया। बाद में दुबई से वापस भारत लाया गया।

अब देपालपुर की सूरत बदलेगा इंदौर, नगर निगम ने 100 दिन में सफाई का लिया संकल्प

इंदौर  देश में स्वच्छता में सिरमौर इंदौर शहर अब दूसरे शहरों को भी स्वच्छता का पाठ पठाकर उनकी मदद करेगा। इसी सिलसिले में शनिवार को इंदौर नगर निगम और देपालपुर नगर परिषद के बीच एमओयू हुआ है। स्वच्छता से 100 दिन में ही दोपालपुर नगर की सूरत बदल जाएगी। अभी स्वच्छता सर्वे में देपालपुर 1710 नंबर पर रहा था। इसकी रैंकिंग को बेहतर बनाना है। देशभर को स्वच्छता का पाठ पढ़ाने वाला इंदौर अब अधिकृत रूप से महागुरू की भूमिका में आ गया है। शासन ने इंदौर को देपालपुर को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इंदौर ने देपालपुर को अधिकृत रूप से स्वच्छता में नंबर वन लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसको लेकर नगर निगम इंदौर और नगर परिषद देपालपुर के अधिकारियों के बीच एमओयू हुआ है। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव और देपालपुर नगर परिषद के जनप्रतिनिधि और विधायक उपस्थित रहे।  

महिला वर्ल्ड कप के लिए होलकर स्टेडियम तैयार, टिकट की कीमत 500 रुपये तक, रविवार से टीमें आएंगी

इंदौर  इंदौर के होलकर स्टेडियम में महिला वर्ल्ड कप के छह मैच होंगे। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। कुछ ब्लाॅकों में नई कुर्सियां लगाई गई। डे-नाइड मैच होने के कारण स्टेडियम की लाइट भी बदली गई है। सभी टाॅवरों में एलईडी लाइड लगाई गई है। रविवार से इंदौर में मैच के लिए टीमों का आना शुरू हो जाएगा। वर्ष 1997 के बाद दूसरी बार इंदौर में महिला वर्ल्ड कप के मैच होने जा रहे है। इंदौर में पांच मैच होंगे। पहला मैच 1 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड के बीच खेला जाएगा। दूसरा मैच छह अक्टूबर को न्यूजीलैंड व साउथ अफ्रीका के बीच होगा। 19 अक्टूबर को भारतीय टीम इंग्लैड के साथ मैच खेलगी। इस मैच के लिए टिकट ज्यादा बुक हो रहे है। इसके अलावा 22 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व इंग्लैड के बीच मैच होगा। 25 अक्टूबर को आस्ट्रेलिया व साउथ अफ्रीका के बीच मैच खेले जाएंगे। वर्ल्ड कप की शुरुआत गुवाहाटी में होगी और फायनल मैच 20 नवंबर को होगा। स्टेडियम में मैच का लुत्फ उठाने खेलप्रेमी आ सके। इसके लिए मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने टिकट की दरें भी रियायती रखी है। इस मैच के लिए 100, 200 व पांच सौ रुपये के टिकट होंगे। टिकट आईसीसी की वेबसाइट से बुक होंगे। ई टिकट दिखाकर भी स्टेडियम मेें एंट्री हो जाएगी। मैच की तैैयारियों को लेकर स्टेडियम के आसपास सफाई प्रशासन ने शुरू करा दी है। स्टेडियम के आसपास के हिस्सों में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। एमपीसीए की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा पुलिस विभाग ने भी स्टेडियम के बाहर व भीतर बल तैनात करने की तैयारी की है।

सफर होगा आसान: भोपाल-इंदौर हाईस्पीड एक्सप्रेसवे का रूट तय, दूरी घटेगी, रफ्तार बढ़ेगी

इंदौर   मध्य प्रदेश के इंदौर से राजधानी भोपाल की सड़क यात्रा की दूरी तय करने में फिलहाल साढ़े 3 से 4 घंटे का समय लगता है। इसे कम करने की कवायद शुरू हो चुकी है। दोनों शहरों के बीच हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे कॉरिडोर बनने जा रहा है। जिससे दोनों शहरों के बीच का सफर 50 किलोमीटर तक कम होगा और दो घंटे में भोपाल से इंदौर का सफर पूरा किया जा सकेगा। इसका मार्ग फाइनल हो चुका है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) इसे भारत माला हाईवे की तर्ज पर विकसित करेगी। जिसके लिए मध्य प्रदेश सरकार की जरूरी सैद्धांतिक सहमति के बाद एनएचएआई ने इसकी अलाइनमेंट डीपीआर की मंजूरी के लिए सड़क परिवहन विभाग को भेज दी है। सिंहस्थ 2028 से पहले इस हाइस्पीड एक्सप्रेस-वे को शुरू करने की योजना है।  नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) इसे भारत माला हाईवे की तर्ज पर डेवलप करेगी। राज्य सरकार की सैद्धांतिक सहमति के बाद NHAI ने इसकी अलाइनमेंट डीपीआर मंजूरी के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय को भेज दी है। मंजूरी मिलने के बाद एक्सप्रेस वे का मैदानी काम शुरू होगा। बता दे इस समय भोपाल इंदौर के बीच मौजूदा एक्सप्रेसवे में कई गाड़ियों की आवाजाही होती है। जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। एनएचएआई ने ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण किया तो पता चला कि यहां से रोज़ाना 30 हज़ार से ज्यादा गाड़ियां गुजरती हैं। जिसमें मेहतवाड़ा से लेकर डोडी तक जाम लगता है यहां कई वाहन खड़े होते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की जरूरत क्यों, 4 कारण 1. मौजूदा हाईवे पर ट्रैफिक का दबाव इंदौर-भोपाल के बीच जो मौजूदा सड़क है, उस पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा है। NHAI ने ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण किया तो पाया कि यहां से रोजाना 30 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। आने वाले समय में जैसे- जैसे आबादी बढ़ेगी, ट्रैफिक का दबाव बढ़ता जाएगा। ऐसे में दोनों शहरों के बीच नया कॉरिडोर बनाने की जरूरत है। 2. कई हिस्सों में जाम के हालात मौजूद हाईवे पर कई स्पॉट पर जाम के हालात बनते हैं। मेहतवाड़ा से लेकर डोडी तक जाम लगता है। यहां कई वाहन खड़े रहते हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं होती है। जावर जोड़ से होकर निकलने वाली बसें यहां रुकती है। यात्रियों को यहीं से बैठाया जाता है। सीहोर के पास कुबेरेश्वर धाम की वजह से भी आए दिन जाम के हालात बनते हैं। इसी साल सावन के महीने में कुबेरेश्वर धाम की कांवड़ यात्रा में 5 लाख श्रद्धालु जुटे थे। हाईवे पर 72 घंटे तक जाम लगा रहा। 3. हाईवे से सटे कस्बे ट्रैफिक में रुकावट भोपाल-इंदौर हाईवे सीहोर, आष्टा और सोनकच्छ कस्बों के लिए बायपास रोड है। इन कस्बों में रहने वाले लोग इंदौर या भोपाल जाने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। किसान भी अपने खेतों पर जाने के लिए इसी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। इस वजह से यहां टू व्हीलर, ट्रैक्टर की आवाजाही भी रहती है। 4. ढाबा-रेस्टोरेंट और टोल नाके हाईवे के दोनों तरफ की जमीनों का व्यवसायिक इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है। इस समय इंदौर- भोपाल रोड पर 50 से ज्यादा ढाबे और रेस्टोरेंट हैं। कमर्शियल एक्टिविटी बढ़ने से वाहनों की आवाजाही बढ़ती जा रही है। एमपीआरडीसी के यहां 4 और एनएचएआई का एक टोल है। भोपाल वेस्टर्न बायपास से इंदौर के एमआर-10 तक बनेगा प्रस्तावित एक्सप्रेस वे भोपाल के वेस्टर्न रिंग रोड से शुरू होगा और इंदौर के एमआर 10 से जुड़ेगा। इसके बीच में तीन जिले भोपाल, सीहोर, देवास की 7 तहसीलें आएंगी। ये पूरी तरह से नया रोड बनेगा। भोपाल से सीहोर इछावर होते हुए आष्टा के इलाही और देवास जिले के हाटपिपल्या और बागली तहसील को जोड़ेगा। एनएचएआई की डीपीआर के मुताबिक, भोपाल वेस्टर्न बाइपास से इंदौर एमआर 10 तक की दूरी 148–150 किमी है। वर्तमान हाईवे से देवास होकर इंदौर तक की दूसरी 195 किमी है। भोपाल-इंदौर के बीच एक्सप्रेस-वे का सफर करीब 50 किमी कम हो जाएगा और यह 2 घंटे में पूरा हो जाएगा। प्रस्तावित कॉरिडोर देवास शहर से होकर नहीं गुजरेगा। 7 तहसील के 59 गांव जुड़ेंगे     भोपाल, हुजूर तहसील: अमरपुरा, समसपुरा, आमला।     सीहोर तहसील: डेहरिया खुर्द, गडिया, रत्नखेरी, पाटनी, गेरूखान, इमलीखेड़ा।     इछावर तहसील: मुबादा, सेमली जादीद, मोहनपुर नौबाद, बावड़िया, सेंधोखेड़ी, लसुड़िया कांगड़, पोंगराखाती, कस्बा इछावर, सेवनियां, निपानिया, नयापुरा, जुझारपुरा, दिवारिया, हिम्मतपुर, मुंडला, बिजोरी, चैनपुरा।     आष्टा तहसील: भऊनरा, भटोनी, अरनिया जोहरी, मगरखेड़ी, दल्लूपुरा, लाखापुरा, झारखेड़ी, कामखेड़ाजबा, कन्नौदमिर्जा, गंगलखोटरी, झानपुरा, पगरियाहट, इलाही।     जावर तहसील: देहमत, उमरदाद, जहांजनपुरा, धुराड़ाकलां।     हाटपिपल्या तहसील: साप्ती, भवरड़ा, कनेरिया, बारोली, दोकरखेड़ा, कंझार, कावड़ी, हमीरखेड़ी, बरहानपुर, पिटावली, रेहली।     बागली तहसील: बिलावली, देवपिपल्या, बावड़ीखेड़ा, गाराखेड़ी, बिजूखेड़ा। डिजाइन से तय होती है गाड़ियों की स्पीड इंडियन रोड कांग्रेस-2013 की गाइडलाइन के मुताबिक, एक्सप्रेस वे की डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रतिघंटा तय की गई है। इस स्पीड से गाड़ी चलने पर 180 किलोमीटर की दूरी दो से ढाई घंटे में पूरी होती है। ऐसे ही सिक्स लेन की डिजाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। इस स्पीड में 180 किमी की दूरी तीन घंटे में तय होती है। 1100 हेक्टेयर जमीन का होगा अधिग्रहण एनएचएआई अफसरों के मुताबिक, अलाइनमेंट को इस तरह से तैयार किया है कि हाईवे ज्यादातर सरकारी और वन भूमि से होकर गुजर रहा है। हालांकि, इसके दायरे में करीब 1100 हेक्टेयर निजी जमीन भी आ रही है। ये पूरे प्रोजेक्ट का करीब 30 से 40 फीसदी हिस्सा है। अफसरों के मुताबिक जैसे ही अलाइनमेंट डीपीआर को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलेगी, उसके बाद जमीन के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। एनएचएआई के अफसरों का कहना है कि निजी जमीन का एरिया ज्यादा नहीं है इसलिए भूमि अधिग्रहण में ज्यादा समय नहीं लगेगा। ये प्रक्रिया 6 से 8 महीने के बीच पूरी कर ली जाएगी। भूमि अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रक्रिया करेगी। इसके बाद जो भी नियम के अनुसार मुआवजा बनेगा, वो निजी भूमि मालिक को दिया जाएगा। मुआवजा की राशि केंद्र सरकार देगी।

गोलू अग्निहोत्री की संपत्ति पर ईडी का बड़ा कदम, 34 करोड़ की प्रॉपर्टी हुई अटैच

इंदौर  इंदौर के कांग्रेस नेता गोलू अग्निहोत्री पर प्रवर्तन निदेशालय(ईडी)ने शिकंजा कसा है। दस माह पहले गोलू के घर और दफ्तर में ईडी ने छापा मारा था। उस पर आनलाइन सट्टा चलाने व डिब्बा ट्रेडिंग का आरोप है। तब उसके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था। ईडी ने गोलू सहित उसके छह साथियों की 34 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। इसमें नकदी के अलावा कृषि भूमि, फ्लैट, पेट्रोल पंप, प्लाॅट सहित अन्य संपत्ति शामिल है।   गोलू के साथ उसके व्यापारिक साझेदार हितेश अग्रवाल, तरुण श्रीवास्तव, करण सोलंकी, धवल जैन, श्रीनिवास व अन्य है। ईडी की जांच में पता चला था कि गोलू व उसके साझेदारों ने कई प्लेफार्मों का संचालन कर सट्टा व डिब्बा ट्रेडिंग से करोड़ों रुपये कमाए। निवेशकों व प्रतिभागियों को पैसा हवाला चैनलों व क्रिप्टो के जरिए दिया जाता था। मनी लांड्रिंग कर पैसा इधर-उधर खपाया जाता था। गोलू की इंदौर के अलावा महाराष्ट्र व दूसरे शहरों में भी संपत्ति है। इसके अलावा मुबंई और पुणे में भी दफ्तार है।उसका भी पता लगाया जा रहा है। गोलू व उसके साथियों के तार दुबई तक सट्टा कारोबार से जुड़े है। कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष रह चुका है गोलू अग्निहोत्री शहर कांग्रेस कमेटी का कार्यकारी अध्यक्ष रह चुका है। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्र का एक बार टिकट भी मिला था, लेकिन विरोध के कारण फिर प्रत्याशी बदला गया था। गोलू की गिनती कमल नाथ समर्थकों में होती है। गोलू के भाई राजा अग्निहोत्री व गोलू की पत्नी भी पार्षद रह चुकी है।  

स्वच्छता में इंदौर की अंतरराष्ट्रीय पहचान, विदेशी प्रतिनिधियों को दी गई ट्रेनिंग

 इंदौर  देश में लगातार आठ वर्षों से स्वच्छता में शीर्ष स्थान पर रहने वाले इंदौर की प्रसिद्धि अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैल चुकी है। कई देशों के प्रतिनिधिमंडल इंदौर की स्वच्छता के रहस्यों को जानने के लिए यहां आ चुके हैं। कचरा प्रबंधन के तौर-तरीके जानने पहुंचा संयुक्त प्रतिनिधि मंडल यह जानना उनके लिए दिलचस्प है कि आठ वर्ष पूर्व जिस शहर की सड़कों पर कचरे के ढेर लगे रहते थे, वहां अब स्वच्छता का ऐसा माहौल कैसे बना। इंदौर की सफलता का यह मॉडल लैटिन अमेरिकी देशों ब्राजील, कोलंबिया, इक्वाडोर और ग्वाटेमाला के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय दौरे के दौरान देखा। दल के सदस्य ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे दल के सदस्य ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्होंने कचरे से सीएनजी बनाने वाले संयंत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि पहले यहां कचरे के पहाड़ थे, लेकिन अब हरियाली है।प्रतिनिधिमंडल ने इंदौर के कचरा प्रबंधन के तरीकों को समझने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से सवाल किए। उन्होंने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सिस्टम, अनुपयोगी वस्तुओं के पुन: उपयोग और सीवेज प्लांट से निकलने वाले उपचारित जल के उपयोग के तरीकों को भी जाना। इंदौर का स्वच्छता माडल न्यूनतम खर्च में अधिकतम स्वच्छता को दर्शाता है। यह मॉडल न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी आदर्श माना जा रहा है। अब तक 40 से अधिक देशों के 850 से ज्यादा प्रतिनिधिमंडल इंदौर आकर यहां से स्वच्छता का पाठ सीख चुके हैं।  

चंदन नगर विवाद: गलियों के नाम बदलने और बोर्ड बिना अनुमति लगाने के मामले में विभागीय अफसर फंसे

इंदौर  इंदौर के चंदन नगर में गलियों का नाम बदलने और बिना अनुमति बोर्ड लगाने के मामले में विभागीय अफसरों पर शिकंजा कसता जा रहा है। निगमायुक्त द्वारा गठित कमेटी (एसआइटी) ने अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर की देखरेख में जांच शुरू कर दी है। सोमवार को कमेटी ने नगर निगम के यातायात विभाग के मौजूदा और तत्कालीन अफसरों (वैभव देवलासे, राम गुप्ता, मनीषा राणा, विशाल राठौर) और बोर्ड लगाने वाली एजेंसी नीलकंठ इंटरप्राइजेस के ठेकेदार सहित कुछ अन्य को नोटिस जारी कर मंगलवार को बयान के लिए निगम मुख्यालय तलब किया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। ये है पूरा मामला मालूम हो, पिछले दिनों चंदन नगर के वार्ड क्रमांक 2 में पांच मार्ग संकेतक बदले गए थे। इसका विरोध हुआ तो निगम ने बोर्ड उखाड़ दिए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि बिना अनुमति बोर्ड लगवाए थे। आरोप था कि पार्षद ने ये बोर्ड लगवाए, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि बोर्ड निगम ने ही ठेकेदार से लगवाए थे और उसका भुगतान भी हो गया। अपर आयुक्त राजनगांवकर ने बताया कि मंगलवार को बयानों के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। जांच रिपोर्ट पांच दिन में निगमायुक्त को सौंपी जाएगी। बोर्ड और नाम देखने नहीं गए अफसर पार्षद ने बोर्ड लगाने के लिए निगम में आवेदन किया था। आवेदन पर किसी ने गौर नहीं किया तो पार्षद की ओर से सीधे निगम के यातायात विभाग के अफसरों से संपर्क किया गया। यहां तत्कालीन अधिकारी विशाल राठौर ने संबंधित एजेंसी का नंबर देकर काम करने की अनुशंसा कर दी। अफसरों ने यह भी नहीं देखा कि बोर्ड पर जो नाम लिखे हैं, वह निगम के रिकॉर्ड के अनुसार हैं या नहीं। समय रहते नहीं की कोई कार्रवाई कुछ दिन पहले बोर्ड का विरोध होने की जानकारी अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडेय तक पहुंची। निगम की टीम बोर्ड हटाने पहुंची तो विरोध हुआ। पांडेय ने जनप्रतिनिधि को भरोसे में लेकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया। निगम पहले पार्षद पर हमलावर था, लेकिन अब पार्षद को छोड़कर अफसरों की घेराबंदी शुरू हो गई है।

इंदौर में बड़े बदलाव की तैयारी, शहर को आर्थिक शक्ति बनने का लक्ष्य

इंदौर  मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर आने वाले पांच वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयों को छूने जा रही है। शहर की जीडीपी को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है। इस दिशा में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी प्रमुख विभागों, विशेषज्ञों और स्टेकहोल्डर्स ने हिस्सा लिया। फार्मा और मेडिकल टूरिज्म पर जोर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "विकसित भारत" और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के "प्रगतिशील मध्यप्रदेश" के सपनों को पूरा करने में इंदौर अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि फार्मा इंडस्ट्री और मेडिकल टूरिज्म को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए मेडिकल सुविधाओं और अस्पतालों का विस्तार किया जाएगा। ऑटोमोबाइल, आईटी और स्टार्टअप्स को बढ़ावा प्रस्तुति के दौरान सांसद लालवानी ने कहा कि ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को ग्रीन एनर्जी के साथ बढ़ावा देकर इंदौर को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाया जाएगा। आईटी और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर युवाओं को इनोवेशन और रिसर्च आधारित शिक्षा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि फूड प्रोसेसिंग और नमकीन उद्योग को भी वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की योजना है। कलेक्टर का बयान कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि यह अभियान शहर के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और सभी विभागों के आपसी तालमेल से ही सफल हो पाएगा। उन्होंने पारंपरिक व्यवसायों को ग्लोबल ब्रांड बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर व ट्रांसपोर्टेशन को मजबूत करने पर जोर दिया। रेल, रोड और एयर कनेक्टिविटी को सशक्त कर इंदौर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जाएगा। अर्थशास्त्रियों के सुझाव डॉ. जयंतीलाल भंडारी ने कहा कि इंदौर देश का पहला ऐसा शहर बन सकता है, जो पांच वर्षों में अपनी जीडीपी को दोगुना करे। उन्होंने सुझाव दिया कि निर्यात-उन्मुख उद्योगों, उच्च मूल्यवर्धन वाले सेक्टर और विदेशी निवेश को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही, नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देने की आवश्यकता बताई। साझा संकल्प और आगे की दिशा बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि इंदौर को देश का "आर्थिक ग्रोथ इंजन" बनाने की दिशा में अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए प्राथमिक क्षेत्रों पर फोकस, नई तकनीक, शिक्षा, कनेक्टिविटी, औद्योगिक विस्तार और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। अधिकारियों और विशेषज्ञों की मौजूदगी बैठक में कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति, इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ आर.पी. अहिरवार, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, विद्युत विभाग समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. जयंतीलाल भंडारी और डॉ. अनिल भंडारी भी शामिल हुए। 

रतलाम मंडल को मिली स्पेशल ट्रेन की सौगात, स्टॉपेज और टाइमिंग की पूरी जानकारी यहां

रतलाम  त्योहारों के दौरान रेलवे से सफर करने वाले यात्रियों की भीड़ अचानक बढ़ जाती है। साथ ही ट्रेनों में सफर करने के लिए सीट मिलना मुश्किल हो जाता है। त्योहारों में अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के लिए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने स्पेशल ट्रेन शुरू करने की व्यवस्था की है। यह ट्रेनें रतलाम मंडल के कई रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इससे यहां के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। दरअसल, रतलाम मंडल से कोयंबटूर से जयपुर और सांगानेर से बांद्रा के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। गाड़ी संख्या 06181/06182 कोयंबत्तूर-जयपुर स्पेशल दोनों दिशाओं में 5-5 फेरे लगाएगी। वहीं, गाड़ी संख्या 09023 बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल 7 और 14 अगस्त को चलेगी। त्योहारों में ट्रेन लगाएगी 5-5 फेरे गाड़ी संख्या 06181 कोयंबत्तूर से जयपुर के लिए 7 अगस्त से 4 सितंबर, 2025 तक हर गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन अगले दिन शुक्रवार को दोपहर 1:25 बजे जयपुर पहुंचेगी। इस दौरान वह रतलाम मंडल में इस ट्रेन का ठहराव रतलाम (03:05/03:15), जावरा (03:55/03:57), मंदसौर (04:42/04:47), नीमच (05:55/05:57), चित्तौड़गढ़ (07:10/07:15) और चंदेरिया (07:43/07:45) स्टेशनों पर होगा। वापसी में ये रहेगा टाइमिंग वापसी में गाड़ी संख्या 06182 जयपुर से कोयंबत्तूर के लिए 10 अगस्त से 7 सितंबर 2025 तक हर रविवार को रात 10:05 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन बुधवार को सुबह 8:30 बजे कोयंबत्तूर पहुंचेगी। रतलाम मंडल में इसका ठहराव चंदेरिया (03:18/03:20), चित्तौड़गढ़ (03:30/03:35), नीमच (04:20/04:22), मंदसौर (05:05/05:10), जावरा (06:20/06:22) और रतलाम (07:00/07:10) स्टेशनों पर होगा। इन स्टेशनों पर रहेगा स्टॉपेज इस स्पेशल ट्रेन में थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी और स्लीपर श्रेणी के कोच उपलब्ध रहेंगे। ट्रेन दोनों दिशाओं में तिरुप्पूर, ईरोड, सेलम, जोलारपेट्टै, काटपाड़ी, रेणिगुंटा, कड़पा, यर्रगुंटला, गुत्ती, डोन, कुर्नूल, गदवाल, महबूबनगर, काचीगुडी, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, मुदखेड, नांदेड़, पूर्णा, हिंगोली, वाशिम, अकोला, भुसावल, जलगांव, नंदुरबार, उधना, भरूच, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, जावरा, मंदसौर, नीमच, चित्‍तौड़गढ़, चंदेरिया, भीलवाड़ा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर और किशनगढ़ सहित कई अन्य स्टेशनों पर भी रुकेगी। बांद्रा-सांगानेर स्पेशल ट्रेन त्योहार सीजन में गाड़ी संख्या 09023 बांद्रा टर्मिनस-सांगानेर सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन गुरुवार को बांद्रा टर्मिनस से शाम 4:45 बजे रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन रात 12:30 बजे सांगानेर पहुंचेगी। यह ट्रेन शुक्रवार को सुबह 03:00 बजे रतलाम और 03:58 बजे नागदा पहुंचेगी। यह ट्रेन 7 अगस्त से 14 अगस्त के बीच चलेगी। वापसी का ये रहेगा शेड्यूल वापसी में यह ट्रेन संख्या 09024 शुक्रवार को सांगानेर से शाम 04:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन शनिवार रात 11:15 बजे बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह ट्रेन सांगानेर से 8 और 15 अगस्त के बीच चलेगी। ट्रेन रतलाम मंडल के नागदा स्टेशन पर रात 12:15 बजे पहुंचेगी। वहीं, रात 12:50 बजे रतलाम पहुंचेगी। दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, भरूच, वडोदरा, रतलाम, नागदा, चौमहला, शामगढ़, भवानी मंडी, रामगंज मंडी, कोटा और सवाई माधोपुर स्टेशनों स्टॉपेज रहेगा।