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नीदरलैंड्स से भिड़कर पसीने-पसीने हुआ पाकिस्तान, आखिरी ओवर में हासिल की मुश्किल जीत

 कोलंबो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के पहले ही मैच में बड़ा उलटफेर होते-होते बचा. पाकिस्तान और नीदरलैंड के बीच ये मुकाबला कोलंबो में खेला गया. जिसमें पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. नीदरलैंड्स की टीम ने 148 का लक्ष्य रखा था. लेकिन इसके जवाब में उतरी पाकिस्तान एक समय पर बेहद मुश्किल स्थिति में आ गई थी. लेकिन फहीम अशरफ की ताबड़तोड़ पारी के चलते पाकिस्तान ने ये मैच 3 विकेट से जीत लिया. ऐसे रही पाकिस्तान की बल्लेबाजी 148 के जवाब में उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद आक्रामक रही. साहिबजादा फरहान और सैम अयूब ने तेज शुरुआत की. लेकिन तीसरे ही ओवर में पाकिस्तान को पहला झटका लगा, जब सैम अयूब आउट हुए. अयूब ने 24 रन बनाए. लेकिन कप्तान सलमान आगा भी ज्यादा नहीं चल सके. उनके बल्ले से केवल 12 रन आए. इसके बाद साहिबजादा फरहान और बाबर आजम के बीच अच्छी साझेदारी हुई. 10 ओवर में पाकिस्तान का स्कोर 90-2 था. लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने कमाल की वापसी की. बैक-टू-बैक पाकिस्तान को 3 झटके दिए. आलम ये हुआ की 13 ओवर में पाकिस्तान के 103 रन पर 5 विकेट गिर गए. बाबर आजम 18 गेंद में 15 रन बनाकर आउट हुए. फरहान भी फिफ्टी से चूक गए. और उस्मान खान खाता भी नहीं खोल सके. 16वें ओवर में पाकिस्तान को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब मोहम्मद नवाज 13 गेंद में 6 रन बनाकर आउट हो गए. तब पाकिस्तान को 4 ओवर में 34 रन चाहिए थे. लेकिन 17वें ओवर की पहली ही गेंद पर शादाब भी चलते बने. इसके बाद पाकिस्तान को 3 ओवर में 33 रन चाहिए थे. लेकिन 19वें ओवर में फहीम अशरफ ने 24 रन ठोक दिए और मैच पाकिस्तान की ओर मोड़ दिया. आखिरी ओवर में केवल 5 रन चाहिए थे. पाकिस्तान ने ये मैच 3 विकेट से जीत लिया. फहीम पाकिस्तान के लिए गेम चेंजर बने, जिन्होंने 11 गेंद में 29 रन ठोके. जिसमें 3 छक्के शामिल थे. ऐसे रही नीदरलैंड्स की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत अच्छी रही. पहले विकेट के लिए 28 रनों की साझेदारी हुई. चौथे ओवर में पहला विकेट मैक्स का गिरा. इसके बाद अगले ही ओवर में माइकल भी चलते बने. लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने अच्छी बल्लेबाजी. खास बात ये रही की रनों की गति नहीं रुकी. 13वें ओवर में जब नीदरलैंड्स को चौथा झटका लगा जब उसका स्कोर 105 था.  नीदरलैंड्स की ओर से सबसे ज्यादा रन स्कॉट एडवर्ड्स ने बनाए. उन्होंने 37 रन बनाए. उनकी इस पारी के दम पर नीदरलैंड्स ने 147 रन बनाए. वहीं, पाकिस्तान की ओर से सलमान मिर्जा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके. वहीं, सैम अयूब, अबरार और नवाज को 2-2 विकेट मिले. शाहीन आफरीदी को 2 ओवर में 28 रन पड़े और केवल 1 विकेट मिला.  

PAK में कंगाली की हालत, गटर के ढक्कन तक हो गए गायब, सख्त कानून लाने की तैयारी

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में खुले मैनहोल का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर ट्रेंड कर रहा है. दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक कराची और लाहौर से कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें लोग सड़क पर चलते-चलते अचानक 'गायब' होते दिखते हैं. ये कोई मैजिक या ट्रिक वीडियो नहीं, बल्कि खुले मैनहोल और चोरी हुए ढक्कनों की वजह से हो रहे खतरनाक हादसे हैं. 3 साल के बच्चे का दर्दनाक वीडियो वायरल पाकिस्तान के कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसे कई मामलों का जिक्र है, जहां ढक्कन चोरी या गायब होने के कारण लोगों की जान पर बन आई है. सबसे ज़्यादा वायरल वीडियो कराची के निपा चौरंगी का है, जहां 3 साल का बच्चा इब्राहिम दुकान से बाहर निकलकर दौड़ता है और अचानक खुले मैनहोल में गिर जाता है. यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से फैली और पूरे पाकिस्तान में गुस्से की लहर दौड़ गई. लोगों ने नगरपालिका पर लापरवाही का आरोप लगाया और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए. मां-बेटी की मौत ने हिला दिया पंजाब लाहौर के भत्ती गेट इलाके में भी एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां एक मां और उसकी 10 महीने की बच्ची खुले मैनहोल में गिरकर डूब गईं. यह वीडियो भी तेजी से वायरल हुआ और पूरे पंजाब में हड़कंप मच गया. इसके अलावा शहर में बच्चों और महिलाओं के अचानक सड़क के भीतर गिरने के कई अन्य वीडियो भी सामने आए, जिन्होंने आम जनता में डर और नाराजगी दोनों बढ़ा दी. डेली पाकिस्तान के मुताबिक, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इन हादसों के बाद कड़ा कदम उठाया है. उन्होंने घोषणा की कि अब मैनहोल ढक्कन चुराने, खरीदने या बेचने वालों को 1 से 10 साल की जेल और भारी जुर्माना लगेगा. मरियम ने अफसरों को फटकारते हुए कहा कि वे हर रात यह जांचती हैं कि कहां-कहां ढक्कन गायब हैं, क्योंकि यह लोगों की जान का मामला है.मरियम नवाज ने पूरे पंजाब में ऐसे नए ढक्कन लगाने का आदेश दिया है जिन्हें बेचा न जा सके. कुछ जिलों में GPS ट्रैकर वाले कवर लगाने की योजना भी चर्चा में है, ताकि चोरी की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके. ढक्कन चोरी का बढ़ता रैकेट ढक्कन चोरी की घटनाओं ने पाकिस्तान की सड़कों को और असुरक्षित बना दिया है. कई वायरल क्लिप्स में देखा गया कि कुछ लोग महंगी कारों से उतरकर मैनहोल के ढक्कन चुरा रहे हैं. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि इस्लामाबाद में 1600 से ज्यादा मैनहोल कवर गायब होने की रिपोर्ट सामने आई है. सोशल मीडिया पर लोग तंज कसते दिखे-पाकिस्तान में अब गटर के ढक्कन भी सुरक्षित नहीं! पाकिस्तान में (खासकर लाहौर, कराची जैसे बड़े शहरों में) गटर के ढक्कन की चोरी का मुख्य कारण आर्थिक संकट और स्क्रैप (कबाड़) में लोहे की ऊंची कीमत है.इस लोहे को चुराकर कबाड़ी बाजार, फैक्ट्रियों या हार्डवेयर दुकानों में बेच दिया जाता है, जिससे चोरों को तुरंत कुछ सौ से हजार रुपये मिल जाते हैं.

टूर्नामेंट में बवाल! बांग्लादेश के बाहर होने पर पाकिस्तान का बड़ा फैसला संभव

नई दिल्ली. टी-20 वर्ल्ड कप से आईसीसी ने बांग्लादेश को आधिकारिक तौर पर बाहर करते हुए स्कॉटलैंड को जगह दे दी है। आईसीसी का यह फैसला पाकिस्तान को गवारा नहीं है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पहले से ही बीसीसी के पक्ष में दिख रहा था। अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष का बयान सामने आया है। मीडिया से बात करते हुए पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने शनिवार को कहा कि बांग्लादेश जिसने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप में खेलने से इनकार कर दिया है के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और उसे टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। मीडिया से बातचीत के दौरान मोहसिन नकवी ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश के साथ आईसीसी द्वारा किए गए अन्यायपूर्ण व्यवहार को देखते हुए पाकिस्तान भी विश्व कप ना खेलने का मन बना रहा है। अगर पाकिस्तान की सरकार बोर्ड को आदेश देती है कि आगामी विश्व कप में हिस्सा नहीं लेना है तो पाकिस्तान अपने आप खुद को बाहर कर लेगा। उन्होंने कहा टीम का विश्व कप में हिस्सा लेना पूरी तरह से सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा। PCB प्रमुख मोहसिन नकवी ने बयान दिया कि वे इस बात पर निर्णय लेने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और उनके निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं कि टीम वर्ल्ड कप में खेलेगी या नहीं। नकवी के इस बयान ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी है, क्योंकि टूर्नामेंट की तैयारियों के बीच इस तरह की अनिश्चितता बड़े सवाल खड़े करती है। बैकअप के लिए तैयार रहे ICC नकवी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को भी स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटने का फैसला यानी पुल आउट करता है, तो ICC को वेटिंग लिस्ट में अगली टीम के साथ तैयार रहना चाहिए। यह संकेत देता है कि पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर बोर्ड किसी भी विकल्प के लिए तैयार है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अब गेंद पूरी तरह पाकिस्तान सरकार के पाले में डाल दी है और आईसीसी को चेतावनी दी है कि अगर सरकार बोर्ड को आदेश देती है तो वह टी-20 वर्ल्ड कप नहीं खेलेगा। पाकिस्तान के हटने की स्थिति में ICC को तुरंत दूसरी टीम को शामिल करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट से हटता है तो इसके आयोजन और शेड्यूल पर इस फैसले का बड़ा असर पड़ सकता है।

भारत से हारने के बाद पाकिस्तान में विमानों की बिक्री में उछाल, IMF से भी अकड़ा कंगाल पाकिस्तान

इस्लामाबाद एयरलाइन बेचने, पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हुआ पाकिस्तान अब कह रहा है कि उसे IMF के लोन की शायद आगे जरूरत न पड़े। इसके लिए पड़ोसी भारत के साथ युद्ध का हवाला दे रहा है। उसका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद उसके फाइटर जेट की डिमांड बढ़ गई है। खबरें हैं कि बांग्लादेश समेत कुछ देशों ने लड़ाकू विमान खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ख्वाजा कहना है कि भारत के साथ संघर्ष के बाद पाकिस्तान के रक्षा उपकरणों की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इससे होने वाली कमाई के बाद पाकिस्तान की IMF पर निर्भरता खत्म हो सकती है। खास बात है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को भारत की कार्रवाई में भारी नुकसान उठाना पड़ा था। आसिफ का कहना है, 'हमारे एयरकार्फ्ट्स टेस्ट हो चुके हैं और हमें इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि हमें 6 महीनों में IMF की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।' उन्होंने कहा, 'मैं आपको यह पूरे भरोसे से कह रहा हूं।' उन्होंने कहा, 'अगर 6 महीनों के बाद ये ऑर्डर पूरे हो गए, तो हमें IMF की जरूरत नहीं।' हालांकि, जानकार पाकिस्तान के इन दावों को खारिज करते नजर आ रहे हैं। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब हाल ही में पाकिस्तान और बांग्लादेश ने एक बड़ी बैठक की थी। इस्लामाबाद में बांग्लादेश वायुसेना के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान और पाकिस्तान वायुसेना के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने मीटिंग की थी। खबर है कि इस दौरान JF-17 Thunder एयरक्राफ्ट की संभावित बिक्री पर चर्चा हुई थी। ये देश दिखा रहे पाकिस्तान विमान खरीदने में दिलचस्पी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, JF-17 और J-10 जैसे लड़ाकू विमान खरीदने में कुछ देश दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इनमें अजरबैजान, लिबिया और बांग्लादेश का नाम शामिल है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान से जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने में रुचि दिखाई है। पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को यह दावा किया। जेएफ-17 लड़ाकू विमान एक बहु-भूमिका वाला विमान है और इसे चीन तथा पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। पाकिस्तान का दावा है कि इस लड़ाकू विमान ने मई 2025 में भारत के साथ चार-दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान अपनी युद्ध क्षमताओं को साबित कर दिया है।

पाकिस्तानी सेना का नया बड़बोलापन: शरीफ अहमद चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मजाकिया टिप्पणियां कीं

इस्लामाबाद  पाकिस्तानी सेना का मीडिया विंग जोकरों जैसी हरकतें कर रहा है. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) के लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने हाल के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खालिस मदारी जैसे हरकत की. अहमद शरीफ चौधरी ने लोगों को खालिस मजा देने की गारंटी ली है. अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूं तो भारत को धमकी दे रहा था. लेकिन उसकी धमकी में धमकी का एलिमेंट कम और मसखरापन ज्यादा था.  अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि, "ले आओ तुम्हें जो करना है, दाएं से आना, बाएं से आना, ऊपर से आना, नीचे से आना, इकट्ठे आना है या किसी के साथ आना, एक बार मजा न करा दिया तो पैसे वापस." अहमद शरीफ चौधरी इस बयान की सोशल मीडिया पर खूब खिल्ली उड़ाई जा रही है. इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान ऊपर वाले का तोहफा है.  हमेशा खाने-पीने की तंगी से जूझने वाले पाकिस्तानी सेना के इस कारिंदे ने कहा कि पाकिस्तान में ऊपर वाले ने बड़ी बरकत दी है. अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि 2026 कैसा होगा ये हमारे ऊपर निर्भर करता है. हम कैसे प्रतिक्रिया देते हैं. इस जनरल ने भारत को अपना दुश्मन करार देते हुए कहा कि आप की तकदीर हम सब के हाथ में है. हमारा लीडरशिप इस मामले में अपना नजरिया स्पष्ट रखता है.  सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस औपचारिक होती है. इसमें पॉलिसी और अपनी तैयारियों की चर्चा होती है. डीजी आईएसपीआर की प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत की आलोचना करने का एक सुनियोजित तरीका रहा है. लेकिन इस बार के प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बड़ा बदलाव दिखाता है . इसमें पाकिस्तान औपचारिक मिलिट्री या डिप्लोमैटिक भाषा के बजाय ताना मारने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहा है.  सुरक्षा हलकों में इसे आत्मविश्वास के बजाय असुरक्षा की भावना के रूप में देखा जा रहा है. इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तानी ने ये भी खुलासा कर दिया कि पाकिस्तानी नागरिकों को मारने का हक सिर्फ उन्हें हैं. और किसी को नहीं.  अहमद शरीफ चौधरी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, " उनलोगों ने पाकिस्तानी नागरिकों को हिट किया, क्या उन्होंने ऐसा नहीं किया, पाकिस्तानी महिलाओं और बच्चों को मारा, क्या उनलोगों ने ऐसा नहीं किया. हमने अक्तूबर में किसको हिट किया था, हमने अफगानियों को नहीं मारा, ये तो खुद कहते हैं ये पाकिस्तानी हैं, हमने अपने नागरिकों को ही टारगेट किया. हमने अपने ही नागरिकों को मारा. ये हक सिर्फ रियासत ए पाकिस्तान को है कि वो अपने संविधान और कानून के मुताबिक अपने शहरियों को सजा दे, हिन्दुस्तान कौन होता है. " इससे पहले अहमद शरीफ चौधरी ने ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक महिला पत्रकार को आंख मारी थी. 

एक दिन में बड़ी संख्या में अफगान शरणार्थियों को ईरान-पाकिस्तान द्वारा वापस भेजा गया

काबुल  ईरान और पाकिस्तान से एक ही दिन में 5,500 से अधिक अफगान शरणार्थियों को जबरन अफगानिस्तान वापस भेजा गया। यह जानकारी तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने  दी। प्रवासियों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए गठित उच्च आयोग की रिपोर्ट को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए तालिबान के उप प्रवक्ता मुल्ला हमदुल्लाह फ़ित्रत ने बताया कि बुधवार को कुल 863 परिवारों के 5,591 लोग अफगानिस्तान लौटे। यह जानकारी पज्हवोक अफगान न्यूज ने दी। उन्होंने बताया कि लौटने वाले शरणार्थी हेरात के इस्लाम क़िला बॉर्डर, हेलमंद के बह्रमचा, निमरोज़ के पुल-ए-अब्रेशम, नंगरहार के तोरखम और कंधार के स्पिन बोल्डक सीमा मार्गों से देश में दाखिल हुए। फ़ित्रत के अनुसार, 1,311 परिवारों के 7,165 लोगों को उनके संबंधित इलाकों में भेजा गया, जबकि 849 परिवारों को मानवीय सहायता प्रदान की गई। इसके अलावा, दूरसंचार कंपनियों ने हाल ही में लौटे शरणार्थियों को 937 सिम कार्ड भी उपलब्ध कराए। उन्होंने यह भी बताया कि  ईरान और पाकिस्तान से 3,005 अफगान शरणार्थियों को जबरन निर्वासित किया गया था।इस बीच, ईरान और पाकिस्तान से अफगान शरणार्थियों के निर्वासन का सिलसिला जारी है। काबुल के एक प्रवासी शिविर में रह रहे कई लौटे हुए शरणार्थियों ने पाकिस्तानी पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार की आलोचना की है और कहा है कि उनकी सारी संपत्ति वहीं छूट गई। अफगानिस्तान के टोलो न्यूज के अनुसार, पिछले सप्ताह लौटे शरणार्थियों ने तत्काल आश्रय, भूमि, आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसरों की मांग उठाई थी। पाकिस्तान से निर्वासित जमालुद्दीन ने टोलो न्यूज से कहा, “हमें जबरन निकाल दिया गया। हमारी कुछ संपत्ति वहीं रह गई। यहां न पैसा है, न रहने की जगह। सर्दी बढ़ रही है और हालात बेहद कठिन हैं।” एक अन्य निर्वासित गुलज़ार ने कहा, “हमें बाहर निकाल दिया गया। वह देश हमारे लिए पराया था। अब हम अपने वतन लौटे हैं और इस्लामिक अमीरात से मदद की अपील करते हैं।” कई लौटे हुए शरणार्थियों ने कहा कि पाकिस्तान में उनकी सारी संपत्ति नष्ट या छूट गई और उन्होंने तालिबान से आश्रय, आपात सहायता और रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। ईरान से लौटे जन मोहम्मद ने कहा, “इस्लामिक अमीरात को इन लोगों की मदद करनी चाहिए। उनके पास रहने की कोई जगह नहीं है। मैं खुद जौज़जान प्रांत जा रहा हूं, लेकिन वहां भी ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं है।”

पाकिस्तान में प्रतिबंध बेअसर! ‘धुरंधर’ की गुपचुप धूम, ISI के हाथ से फिसला कंट्रोल

इस्लामाबाद  पाकिस्तान और कुछ खाड़ी देशों में प्रतिबंध के बावजूद भारतीय फिल्म ‘धुरंधर’ पाकिस्तान में एक अंडरग्राउंड सनसनी बन चुकी है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के तमाम प्रयासों के बावजूद फिल्म को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रोकने में पूरी तरह नाकामी हाथ लगी है। 1999 कंधार विमान अपहरण, 26/11 मुंबई आतंकी हमले और ल्यारि गैंग वॉर जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आधारित यह फिल्म पाकिस्तान की सत्ता और सैन्य प्रतिष्ठान को रास नहीं आ रही। इसी वजह से वहां इसके प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया, लेकिन इसका उलटा असर देखने को मिला।  सूत्रों के अनुसार, सिर्फ दो हफ्तों में पाकिस्तान में फिल्म के 20 लाख से अधिक अवैध डाउनलोड हो चुके हैं। ‘धुरंधर’ पाकिस्तान की अब तक की सबसे ज्यादा पायरेटेड फिल्म बन गई है, जिसने ‘2.0’ और ‘रईस’ जैसी फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया। ISI की डिजिटल हार ISI इंटरनेट पर निगरानी के बावजूद टोरेंट्स, टेलीग्राम चैनल, VPN और अंडरग्राउंड स्ट्रीम्स को रोकने में असफल रही है। डार्क वेब विशेषज्ञों द्वारा श्रीलंका, नेपाल और मलेशिया के सर्वरों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में फिल्म पहुंचाई जा रही है। फिल्म में ल्यारि की हिंसक सच्चाई दिखाए जाने से पाकिस्तान में खासा आक्रोश है। सिंध सरकार के सूचना मंत्री शरजील इनाम मेमन ने इसे भारत का “नकारात्मक प्रचार” बताते हुए जनवरी में ‘मेरा ल्यारि’ नामक फिल्म रिलीज़ करने की घोषणा की है। कानूनी पैंतरे पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने कराची कोर्ट में याचिका दाखिल कर दिवंगत बेगम बेनजीर भुट्टो की तस्वीरों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है और फिल्म के कलाकारों व निर्माताओं के खिलाफ FIR की मांग की है। फिल्म में रणवीर सिंह एक भारतीय जासूस की भूमिका में हैं, जो पाकिस्तान के ल्यारि इलाके में घुसकर ISI समर्थित आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करता है। फिल्म में अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल और राकेश बेदी भी अहम भूमिकाओं में हैं।  विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिबंध के बावजूद बढ़ती लोकप्रियता यह साबित करती है कि पाकिस्तान इस नैरेटिव पर रक्षात्मक स्थिति में है, और यही भारत की सबसे बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत है।  

IMF का पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर का और वित्तीय सहायता देने का फैसला, बावजूद इसके देश की स्थिति पर चिंता

इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान की आर्थिक अस्थिरता और सुधारों में कमी पर चिंता जताने के बावजूद देश को 1.2 अरब डॉलर की नई किस्त जारी कर दी है। यह राशि पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और महंगाई को नियंत्रित करने में सहायक होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दीर्घकालिक सुधारों के बिना जोखिम भरा हो सकता है। IMF ने पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर की तीसरी किस्त जारी करने की घोषणा की। यह धनराशि उन दो कार्यक्रमों के तहत दी गई है, जिनका उद्देश्य देश में आर्थिक सुधारों को समर्थन देना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है। इस ताजा किस्त के साथ वाशिंगटन स्थित संस्था द्वारा इस्लामाबाद को अब तक कुल 3.3 अरब डॉलर जारी किए जा चुके हैं। आईएमएफ के उप प्रबंध निदेशक नाइजल क्लार्क ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान द्वारा लागू किए गए सुधारों ने हालिया झटकों के बावजूद मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेष रूप से इस वर्ष की मॉनसून बाढ़ों का उल्लेख किया, जिनमें सितंबर तक 1,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। क्लार्क ने कहा कि पाकिस्तान सरकार द्वारा प्राथमिक राजकोषीय संतुलन लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता, साथ ही बाढ़ प्रभावितों को जरूरी आपात सहायता प्रदान करना, उनकी वित्तीय विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, आईएमएफ अधिकारी ने सरकार से आर्थिक डेटा कलेक्शन में सुधार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण और निवेश को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख सुधारों की गति तेज करने का आग्रह भी किया। गंभीर आर्थिक संकट में फंसा पाकिस्तान पाकिस्तान पिछले कई वर्षों से लंबे आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। विदेशी कर्ज पर भारी निर्भरता रखने वाला देश 2023 में डिफॉल्टर होने से बाल-बाल बचा। तब 2024 में आईएमएफ द्वारा 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की मंजूरी मिली थी। दक्षिण एशियाई यह देश अर्जेंटीना और यूक्रेन के बाद आईएमएफ का तीसरा सबसे बड़ा देनदार है। वित्तीय मोर्चे पर राहत पाने के लिए पाकिस्तान ने जनवरी 2024 में विश्व बैंक से 10 वर्षों के लिए 20 अरब डॉलर के वित्तीय पैकेज पर भी समझौता किया था। आईएमएफ की ताजा किश्त से पाकिस्तान को विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर रखने और सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार वास्तविक आर्थिक सुधारों को तेज़ी से लागू किए बिना स्थिति में स्थायी सुधार की संभावना अभी सीमित है।

नवाज ने गुल-अजमल को पछाड़ा, पाक गेंदबाजी रिकॉर्ड में दर्ज कराया नाम

 रावलपिंडी पाकिस्तान ने शनिवार को श्रीलंका को त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में 6 विकेट से हराकर ट्रॉफी जीती। रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में जीत के हीरो ऑलराउंडर मोहम्मद नवाज रहे, जिन्होंने अपनी शानदार गेंदबाजी से न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में मोहम्मद नवाज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 17 रन देकर 3 विकेट चटकाए। इन तीन विकेटों के साथ नवाज अब टी20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान के लिए पांचवें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। मोहम्मद नवाज ने शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ फाइनल के दौरान पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाजों उमर गुल और सईद अजमल (दोनों 85 विकेट) को पीछे छोड़ा। मोहम्मद नवाज ने 86 टी20 मैचों में 86 विकेट चटकाए हैं। इसके साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 150 विकेट भी पूरे किए। श्रीलंका के खिलाफ नवाज के अलावा शाहीन अफरीदी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 18 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में नवाज से आगे हारिस राउफ, शाहीन अफरीदी, शादाब खान और शाहिद अफरीदी हैं। पाकिस्तान ने शनिवार को फाइनल मुकाबले श्रीलंका को आठ गेंदे शेष रहते छह विकेट से हराकर टी-20 त्रिकोणीय श्रृंखला का खिताब अपने नाम किया। सीरीज में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मोहम्मद नवाज को 'प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज' के पुरस्कार से नवाजा गया। इस टूर्नामेंट की तीसरी टीम जिम्बाब्वे थी। पाकिस्तान ने पहली बार घरेलू सरजमीं पर त्रिकोणीय श्रृंखला का फाइनल जीता है। इससे पहले उन्होंने घर पर तीन एकदिवसीय त्रिकोणीय-सीरीज फाइनल और एक एशियन टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेला था, और सभी हार गए थे। पाकिस्तान ने पहली बार घरेलू सरजमीं पर त्रिकोणीय श्रृंखला का फाइनल जीत है। इससे पहले उन्होंने घर पर तीन एकदिवसीय त्रिकोणीय-सीरीज फाइनल और एक एशियन टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेला था, और सभी हार गए थे।  

अधिभार के कारण पाकिस्तान के सामने संकट, आबादी बढ़ोतरी से संभावित चुनौतियां

इस्लामाबाद दुनिया के कई देश घटती आबादी के संकट से परेशान हैं। इटली, जापान, रूस, साउथ कोरिया जैसे देशों में तेजी से आबादी कम हो रही है और हालात ऐसे हैं कि अस्तित्व के संकट तक की बात हो रही है। यहां तक कि भारत जैसे देश में भी अब प्रजनन दर तेजी से कम हो रही है। प्रति महिला जन्मदर अब भारत में 1.9 ही रह गई है, लेकिन पाकिस्तान की आबादी में तेजी से विस्फोट हो रहा है। बदलते दौर में भी पाकिस्तान की आबादी जिस तरह से बढ़ रही है, उससे देश के आगे संकट पैदा हो सकता है। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने ही अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट में पाकिस्तान की पूरी व्यवस्था ही चरमराने का अनुमान जताया है। पाकिस्तान की बढ़ती आबादी और उसके संसाधनों में असंतुलन का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह क्षेत्रफल के मामले में दुनिया का 33वां देश है। लेकिन आबादी के मामले में वह 5वें नंबर पर पहुंच गया है। कराची, लाहौर, पेशावर, रावलपिंडी, क्वेटा समेत तमाम शहरों की हालत यह है कि जरा सी बारिश भी बाढ़ जैसे हालात पैदा कर देती है। भारी आबादी के चलते कहीं भी रिहायश की सही व्यवस्था नहीं है और खेती का रकबा भी लगातार कम हो रहा है। क्लाइमेट चेंज और आर्थिक संकट जैसी समस्याएं अलग से घर रही हैं। फिलहाल पाकिस्तान की आबादी 241.5 मिलियन पर है। अब यह अगले 5 सालों में 300 मिलियन यानी 30 करोड़ तक पहुंच गई है। यही नहीं 2050 में तो यह 40 करोड़ हो जाएगी। छोटे से देश की इतनी भीषण आबादी बड़ा संकट खड़ा कर सकती है। ऐसी स्थिति इसलिए है क्योंकि पाकिस्तान में प्रजनन दर 3.6 है। यह भारत के मुकाबले लगभग दोगुनी है। साउथ एशिया के देशों में किसी भी मुल्क की आबादी बढ़ने की ग्रोथ इतनी अधिक नहीं है। पाकिस्तान के बाद अफ्रीका के मुल्कों में ही आबादी बढ़ने की रफ्तार इतनी तेज देखी जा रही है। डॉन के मुताबिक इतनी भारी आबादी का असर हर सेक्टर पर दिख रहा है। एक तरफ बच्चे कुपोषित हैं तो वहीं उनके बड़े होने पर बेरोजगारी का संकट है। इन्फ्रास्ट्रक्चर और हेल्थकेयर जैसी समस्याएं भी पैदा हो रही है। पाकिस्तान की बढ़ती आबादी के चलते हालात यह हैं कि 5 साल से कम आयु के 40 फीसदी बच्चे कुपोषित हैं। इसके अलावा बच्चों को जन्म देने के दौरान ही 11 हजार माताओं की हर साल मौत हो जाती है। पाकिस्तान में गर्भ निरोधक उपायों के इस्तेमाल में कमी के चलते भी ऐसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। इसकी वजह कुछ लोगों की कट्टरता है और वे गर्भनिरोध का इस्तेमाल नहीं करते। यही नहीं यह कट्टरता बढ़ती आबादी में एक और तरीके से खाज का काम करती है। पोलियो की दवा का विरोध किया जाता है और इसके चलते अकसर पाकिस्तान में पोलियो के केस मिल जाते हैं।