samacharsecretary.com

BNP की बड़ी जीत के बाद भारत को संदेश—PM मोदी का आभार जताते हुए कहा, अब संबंध होंगे और मजबूत

ढाका बांग्लादेश में संसदीय चुनाव में शानदार जीत के बाद Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बधाई संदेश के लिए सार्वजनिक रूप से आभार जताया है। पार्टी ने इसे भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत बताया है। BNP ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पार्टी प्रमुख Tarique Rahman के नेतृत्व को मिली मान्यता का वह स्वागत करती है। पार्टी ने कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता के भरोसे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास को दर्शाती है। BNP ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि वह लोकतांत्रिक शासन, समावेशिता और राष्ट्रीय विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्टी ने संकेत दिया कि आने वाले समय में नई सरकार भारत के साथ रचनात्मक और सहयोगपूर्ण संबंधों को आगे बढ़ाना चाहती है। BNP ने कहा कि वह भारत के साथ पारस्परिक सम्मान, एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता एवं समृद्धि के साझा लक्ष्य के आधार पर काम करने को तैयार है।   इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को उनकी पार्टी की निर्णायक जीत पर बधाई दी थी और कहा था कि भारत एक लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा। 12 फरवरी 2026 को हुए आम चुनाव बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक माने जा रहे हैं। यह चुनाव 2024 के जन आंदोलनों के बाद पहला था, जिनके चलते लंबे समय से सत्ता में रहीं Sheikh Hasina को पद छोड़ना पड़ा था। चुनाव में BNP ने 300 सीटों वाली संसद में बहुमत हासिल कर सत्ता में वापसी की है, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन मुख्य विपक्ष के रूप में उभरा है।  

पीएम का आभार जताने पर विरोध, तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति चर्चा में

पटना बुधवार को नेता प्रतिपक्ष विधान मंडल नहीं पहुंचे, जिसको लेकर जदयू के मुख्य प्रवक्ता ने उनपर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि जिनके परिवार की सुरक्षा के लिए 160 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, वे स्वयं सदन में दिखाई नहीं दे रहे। आखिर कहां गायब हो गए तेजस्वी यादव ? इस खबर के प्रकाशित होने के बाद देर शाम राजद ने भी पलटवार करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। जवाब में बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि जिस तरह की राजनीति जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार जी आप करते हैं, ऐसा लगता है कि आपके राजनीति का एकमात्र आधार और सोच तेजस्वी प्रसाद यादव ही हैं। आप वास्कोडिगामा की तरह तेजस्वी यादव की खोज में मत लगिए, बिहार की जनता के हित में उनको बुलडोजर नीति से बचाइए।  हालांकि आज भी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सदन में आने का इंतजार जरुर किया जायेगा। नरेंद्र नारायण यादव को  निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन आज सदन को नया उपाध्यक्ष मिल गया है। मधेपुरा जिले के आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से आठवीं बार विधायक बने नरेंद्र नारायण यादव को सर्वसम्मति से निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया। वह इस सत्र के लिए प्रोटेम स्पीकर की भूमिका भी निभा रहे थे। उपाध्यक्ष के चुनाव के बाद सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी नए विधायकों को बधाई दी और बिहार के विकास पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। 2005 से है कानून का राज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सदन में अपने सरकार की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि, जब 2005 में एनडीए (NDA) सरकार बनी थी, तब से ही बिहार में कानून का राज है। तभी से मैं लगातार बिहार के विकास में लगा हुआ हूं, और यही मेरा एकमात्र उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि अब बिहार में किसी तरह का डर और भय नहीं है, बल्कि चारों तरफ शांति और भाईचारे का माहौल है। अब नहीं होता हिंदू-मुस्लिम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पहले बिहार में बहुत हिंदू-मुस्लिम होता था, लेकिन अब कोई झगड़ा-झंझट नहीं होता है। अपनी सरकार के कार्यों को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान की घेराबंदी कराई गई और 2016 से मंदिरों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने  राजद विधायक भाई वीरेन्द्र से कहा कि आपको दो बार मौक़ा दिए। आपके साथ भी विकास किए न , गड़बड़ सड़बड़ किए तो छोड़ दिए। अब इनके साथ हैं। आपके साथ कभी नहीं आएंगे। कुमार सर्वजीत के बयान पर बिहार विधानसभा में बवाल, जदयू नेता रत्नेश सदा को दी चुनौती राजद विधायक कुमार सर्वजीत कुमार ने गया के मगध मेडिकल अस्पताल की बदहाल स्थिति को लेकर कहा कि वहां जाने पर लगता है कि दलित के मोहल्ले में आ गए हैं। उनकी यह बात सुनते ही जदयू विधायक रत्नेश सदा ने राजद विधायक कुमार सर्वजीत कुमार का विरोध करते हुए कहा कि मैं भी उसी दलित की कोख से पैदा हुआ हूं। दलितों के लिए जो हरकत इन्होंने की है वो इसे माफ नहीं करेंगे। उनके इस विरोध के बाद राजद विधायक कुमार सर्वजीत कुमार ने जदयू नेता रत्नेश सदा पर पलटवार करते हुए उनको चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि अगर इनमें हिम्मत है तो हम इन्हें चुनौती देते हैं। ये हमारे साथ गया जिले के दलित मोहल्लों में चलें और देखें कि गया जिले के मुसहर इलाके में एक भी नाली-गली नहीं बनी है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के विरोध के बाद विपक्ष ने विधान परिषद् का किया वॉकआउट बिहार विधान परिषद में महामहीम राज्यपाल के अभिभाषण पर वाद-विवाद शुरू हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोल रहे थे, तभी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी अचानक उठीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि   पहले सत्ता पक्ष नहीं, बल्कि विपक्ष को बोलने का मौका दिया जाना चाहिए। लेकिन उनकी बात नहीं मानने पर पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत विपक्ष के सभी सदस्यों ने विधान परिषद् का वॉकआउट कर बाहर निकल गए। बालू-दारू-भू-माफिया की छाती पर चलेगा बुलडोजर बिहार विधानसभा में उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता विजय सिन्हा और राजद नेता विधायक भाई वीरेंद्र एक दूसरे से भिड़ गए। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बालू-दारू-भू-माफिया की छाती पर  बुलडोजर चलाया जाएगा। इसी बात पर भाई वीरेन्द्र भड़क गए और खड़े होकर उनका विरोध करने लगे। उन्होंने कहा कि हर्ष फायरिंग के बारे में बोलिए। इस पर विजय सिन्हा ने कहा कि आप जिसे हर्ष फायरिंग बता रहे हैं वह शादी विवाह में पटाखा फोड़े जा रहे थे। इसकी जांच भी की जा चुकी है। अपनी बात खत्म करते करते विजय सिन्हा ने कहा कि मौसम बदल रहा है इसलिए बदलते मौसम में आप अपने कपड़े भी बदल लीजिये वरना तबियत खराब हो जाएगी। और रही बात बुलडोजर की तो बालू-दारू-भू-माफिया की छाती पर बुलडोजर चल के रहेगा। राजद विधायक ने सम्राट चौधरी को कहा – आप  स्मार्ट बुलडोजर चलाईये राजद विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने अंग्रेजी में अपनी बात शुरू की लेकिन फिर टोकने पर हिंदी में बोलने लगे। उन्होंने अपनी बात शुरू करते हुए सबसे पहले बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए कहा कि आप मजबूत आदमी हैं। आपको लोग बुलडोजर बाबा कहता है तो ऐसा लगता है कि यह कॉपी किया जा रहा है इसलिए आप सम्राट बुलडोजर नहीं बल्कि स्मार्ट बुलडोजर चलाइए। उन्होंने कहा कि सम्राट जी आप सिर्फ मानवीय पक्ष को सामने रखिए और उसके पीछे हिडन एजेंट को जरूर देखिए और मुझे लगता है कि आप सम्राट बुलडोजर से स्मार्ट बुलडोजर जरूर बनियेगा। राजद विधायक ने मुख्यमंत्री की जमकर की प्रशंसा इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुत बेहतर काम किया है, उनके कार्यों की हम प्रशंसा करते हैं। उन्होंने महिलाओं को 35% आरक्षण दिया है। मैं इसकी भी प्रशंसा करता हूं। उन्होंने जिस तरह से महिला पुलिस की एक बड़ी संख्या खड़ी कर दी है इसके लिए भी मैं उनकी प्रशंसा करता हूं।

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा का नीतीश कुमार पर तीखा हमला, बयान से मचा राजनीतिक बवाल

रांची बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी बयानबाजी के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि PM मोदी की कनपट्टी पर कट्टा रखिए और खुद को CM घोषित करवाइए। "कट्टा" वाली टिप्पणी पर बोलते हुए, खेड़ा ने कहा, "हम नीतीश बाबू को सलाह दे रहे हैं: बंदूक उठाओ और PM मोदी की कनपटी पर लगाओ और खुद को मुख्यमंत्री घोषित कर दो।" इससे पहले, पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि बिहार चुनाव के पहले चरण में पीढ़ियों से वोट डालने वाले लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर हरियाणा में वोटों में हेराफेरी करने के लिए कथित तौर पर मिलकर काम करने का आरोप लगाया। पहले चरण में 72 सीटें जीतने का भरोसा जताया पवन खेड़ा ने  6 नवंबर को हुए बिहार चुनाव के पहले चरण में कुल 121 सीटों में से 72 सीटें जीतने का भरोसा जताया। उन्होंने इस बार स्ट्राइक रेट तोड़ने का भी दावा किया। उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि प्रधानमंत्री मोदी की कुछ रैलियों में कटौती की गई है। उन्हें डर है कि प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं है। चुनाव के पहले चरण के नतीजे सामने हैं। हम 121 में से 72 सीटें पूर्ण बहुमत से जीतेंगे।"

गठबंधन की सियासत में कांग्रेस की चाल बदलती, विवादित बिल पर अचानक बदला रुख

नई दिल्ली बिहार चुनाव से पहले विपक्षी एकता बनाने की कोशिश और इंडिया गठबंधन की एकजुटता का संदेश देने की कोशिशों के तहत मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने पुराने रुख में बदलाव किया है। इसी कड़ी में कांग्रेस ने इंडिया गठबंधन के अंदर सभी साथी दलों के बीच आम सहमति बनाने की कोशिश में पीएम-सीएम को हटाने संबंधी 130वें संविधान संसशोधन बिल समेत कुल तीन विधेयकों पर बनी संयुक्त संसदीय समिति का बहिषाकार करने का फैसला किया है। यह वही बिल है, जिसमें प्रावधान किया गया है कि 30 दिनों की जेल की सज़ा काट रहे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को स्वतः बर्खास्त कर दिया जाएगा। हालाँकि, कांग्रेस का यह फैसला तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आप और शिवसेना द्वारा जेपीसी के बहिष्कार की घोषणा के बाद आया है। दरअसल, कांग्रेस भ्रष्टाचार का ठप्पा लगाए जाने के डर से अब तक जेपीसी से बाहर रहने के फैसले से हिचकिचा रही थी। कांग्रेस के अलावा दूसरे प्रमुख विपक्षी दलों यानी डीएमके, एनसीपी और वाम दलों की भी JPC में भागीदारी भी संदिग्ध है। इससे इस बात की संभावना प्रबल हो गई है कि अब पूरा विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट हो गया है और जेपीसी का बहिष्कार करने जा रहा है। बता दें कि संसद के मॉनसून सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन विधेयकों को संसद में पेश किया था, जिसे बाद में सदन ने संयुक्त संसदीय समिति को जांच के लिए भेज दिया था। कांग्रेस का क्या तर्क था? कांग्रेस सूत्रों के हवाले से TOI की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पार्टी ने जेपीसी से दूर रहने का औपचारिक फैसला ले लिया है और जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष को इस बारे में सूचित किया जाएगा। पहले कांग्रेस इस तर्क के साथ जेपीसी में शामिल होने को तैयार हुई थी कि सरकार को इस समिति में मनमानी करने की पूरी छूट नहीं दी जा सकती लेकिन इस विचार पर विपक्षी एकता भारी पड़ी और अब कांग्रेस ने उन चारों दलों का साथ देने का फैसला किया, जो पहले ही दिन से JPC का बहिष्कार कर रहे थे। केसी वेणुगोपाल ने दिए थे संकेत कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी इससे पहले इस बात के संकेत दिए थे कि कांग्रेस इंडिया गठबंधन के साथी दलों के बीच इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने की कोशिश करेगी और मिलकर ही सामूहिक फैसला लेगी। बता दें कि जब 30 अगस्त को लोकसभा में यह बिल पेश किया गया था, तब विपक्षी दलों ने सदन में खूब हंगामा मचाया था। बड़ी बात यह भी है कि तीनों विधेयकों को जेपीसी को सौंपे जाने के फैसले की घोषणा के लगभग एक महीने बाद भी लोकसभा अध्यक्ष जेपीसी की घोषणा नहीं कर पाए हैं।

धार को 2,100 करोड़ रुपये की पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क सौगात, PM मोदी करेंगे शुभारंभ

धार  मध्यप्रदेश के धार जिले में विकसित किए जा रहे प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (पीएम मित्रा) पार्क का शुभारंभ अगस्त में होगा। इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथ से कराने की तैयारी चल रही है। इस पार्क के शुरू होने के पहले ही 10 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव आ चुके हैं।   फिलहाल यहां पर तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। यह टेक्सटाइल पार्क प्लग एंड प्ले सुविधा, सोलर प्लांट, सेंट्रलाइज्ड स्टीम बॉयलर के साथ स्थापित किया जा रहा है। जो यहां पर उद्योग शुरू करने वाले निवेशकों के लिए काफी सुविधाजनक होगा। 2100 एकड़ क्षेत्र में बन रहा पार्क औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह के अनुसार अगले दो माह में पीएम मित्रा पार्क का शुभारंभ कराने की तैयारी चल रही है। गुजरात के सूरत में हुए इंटरैक्टिव सेशन में भी उन्होंने इसकी जानकारी दी और निवेशकों को आमंत्रित किया है। अप्रेल माह में ही केन्द्र सरकार ने धार के इस पार्क के लिए 2100 करोड़ रुपए की विकास योजना को मंजूरी दी है। इसके बाद यहां पर तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। अगले साल के अंत तक यहां उत्पादन शुरू होने की संभावना है। यह देश भर में केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए सात टेक्सटाइल पार्कों में से एक है। यह पार्क धार के भैंसोला गांव में लगभग 2100 एकड़ क्षेत्र में बन रहा है। आवास की सुविधा टेक्सटाइल मंत्रालय द्वारा स्वीकृत विकास योजना में यहां पर प्लग एंड प्ले यूनिट्स का विकास किया जाएगा। कंपनियों को सभी जरूरी सुविधाएं तैयार मिलेंगी, वे आकर तुरंत काम शुरू कर सकते हैं। यहां काम करने वालों के लिए औद्योगिक पार्क परिसर में ही रहने की व्यवस्था की जाएगी। 20 एमएलडी का जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट लगाया जाएगा। इससे लिक्विड वेस्ट नहीं निकलेगा। गंदे पानी को उपचारित कर वहीं उपयोग किया जाएगा। सोलर पावर प्लांट भी बनाया जाएगा।