samacharsecretary.com

तेजस्वी यादव 5 अप्रैल को पहुँचेंगे रांची, संगठन को लेकर राजद नेताओं के साथ करेंगे मंथन

रांची बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 5 अप्रैल को रांची आएंगे। वे इस दौरान पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश, जिला, महानगर और विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और बातचीत करेंगे। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में जातीय जनगणना जल्द शुरू करने की मांग भी उठाई गई। इसके अलावा पार्टी ने तय किया कि हर महीने जिलावार सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पार्टी के मंत्री, विधायक और अन्य पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। राजद कोर कमिटी की बैठक 17 मार्च को शाम 5 बजे राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान के सरकारी आवास पर आयोजित होगी। इसके साथ ही राज्य के 24 जिलों में पंचायत स्तर तक लालू-तेजस्वी रथ घुमाने का भी निर्णय लिया गया, ताकि पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को आम लोगों तक पहुंचाया जा सके। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश राजद अध्यक्ष संजय कुमार सिंह यादव ने की। मंत्री संजय प्रसाद यादव, विधायक नरेश सिंह, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता, पूर्व विधायक गौतम सागर राणा, सुभाष प्रसाद यादव, प्रवक्ता कैलाश यादव और डॉ. मनोज सहित कई नेताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष रंजन यादव ने किया।  

राजनीतिक विवाद: RJD ने उठाया सीएम घेरने वालों की संपत्ति पर सवाल

पटना राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और विधान पार्षद सुनील सिंह ने विधानमंडल सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को सबसे भ्रष्ट पार्टी करार देते हुए आरोप लगाया कि सीएम के आस-पास रहने वाले तीन-चार लोगों के पास छोटे राज्यों के बजट से अधिक संपत्ति है। उन्होंने जेडीयू पर कंपनियों से करोड़ों रुपया का चंदा लेकर उन्हें बेजा फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। राजनीतिक दलों को चंदा पर यह बवाल विधान परिषद में जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार के उस आरोप के बाद शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजद ने शराब कंपनियों से चंदा लिया है। सदन के अंदर भी सुनील सिंह और नीरज कुमार में इस मसले पर नोंक-झोंक हुई थी। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के सदन में दिए बयान पर राजद एमएलसी सुनील सिंह ने शुक्रवार को विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत में जेडीयू के चंदों के कथित दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि जदयू ने कई वर्षों तक किंग महेंद्र (दिवंगत राज्यसभा सांसद महेंद्र प्रसाद) से हर महीने 99 लाख रुपये चंदा लिया और कुल 146 करोड़ का डोनेशन हासिल किया। सुनील सिंह ने पूछा कि जेडीयू को लोगों ने अपनी औकात से ज्यादा चंदा कैसे दिए, जिस कंपनी का टर्नओवर 27 करोड़ था, उसने 24 करोड़ का चंदा ही कैसे दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह तो बैंक खाता में है, इससे कई गुना ज्यादा पैसा इनलोगों ने कच्चा (काला धन) में लिया है। सुनील सिंह ने कहा कि समाजवादी चोला ओढ़कर ईमानदार बन रही पार्टी को यह बताना चाहिए। सुनील ने आरोप लगाया कि बिजली के स्मार्ट मीटर में यूनिट उठता है 100, पैसा लेता है 200 का, वैसे लोगों से करोड़ों का चंदा लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिस आदमी की क्षमता नहीं है, उससे करोड़ों रुपया लिया गया है। सुनील सिंह ने एक कंपनी एटूबीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर का नाम लेकर कहा कि इसका सालाना टर्नओवर 27 करोड़ था और इसने 24 करोड़ चंदा जेडीयू को दे दिया। सुनील ने कहा कि वो सरकार से जानना चाहते हैं कि इतनी छोटी कंपनी ने जदयू को 24 करोड़ चंदा कैसे दे दिया। उन्होंने बताया कि जेडीयू ने खुद कबूल किया है कि 2020 से 2022 में 93 करोड़ रुपया चंदा वसूल किया, जिसमें सिर्फ 2 जगह से 39 करोड़ आया। सुनील ने कहा कि दवा कंपनी से 27 करोड़ चंदा लिया गया है और बिहार की जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। शराब कंपनी से चंदा लेने के आरोप पर राजद का बचाव करते हुए सुनील सिंह ने कहा कि जो पार्टी 20 साल से विपक्ष की राजनीति कर रही हो, उसको कोई भी चंदा नहीं देता है। उन्होंने दावा किया कि राजद के पास जो भी चंदा है, वो बैंक खाते में है, सदस्यता का है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बिहार तबादला उद्योग चल रहा है। उन्होंने जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर के इसी तरह के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सीओ-बीडीओ से लेकर डीएम-एसपी तक बिना पैसा लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होता है, यह पूरा बिहार जानता है।

NEET छात्रा की मौत ने मचाया बवाल, संसद के बाहर RJD सांसदों का प्रदर्शन

पटना नीट छात्रा मर्डर केस मामला सड़क से लेकर संसद तक पहुंच चुका है। सोमवार को लोकसभा और विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद और विधायकों ने इस मामले को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार पर जमकर हमला बोला। लोकसभा के बाहर राजद सांसदों ने हाथ में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते दिखे। सांसद का कहना है कि पीएम मोदी और सीए नीतीश कुमार की जोड़ी वाली सरकार जनता को ठग रही है। बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं है। बेटियों के दरिंदों से चंदा लिया जा रहा है। नीट छात्रा मर्डर केस में अब तक खुलासा नहीं हो पाया। सरकार ने खुद को बचाने के लिए इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। सांसद मीसा भारती ने कहा कि हमलोगों ने नीट की छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की है। बिहार की जनता के साथ यह सरकार गलत कर रही है। महिलाओं की इतनी घृणा क्यों हैं इन्हें? इसका जवाब देना होगा। जानिए विधानसभा परिसर में राजद विधायक ने क्या कहा? राजद विधायवक भाई वीरेंद्र ने कहा कि आज से बजट सत्र की शुरुआत हो रही है। तीन फरवरी से प्रश्न काल होगा। हमलोग सरकार की हर गलत नीतियों क विरोध करेंगे। आज देख रहे हैं नीट छात्रा मर्डर केस में नीतीश सरकार किस तरह से असमंजस में है। सरकार कटघरे में खड़ी है। कार्रवाई इसलिए नहीं हो रही है कि एनडीए के बड़े नेताओं के परिवार का नाम इस केस में है। इसलिए सरकार न भेद खोल रही है और न कार्रवाई कर रही है। जनता के हितों के सवाल को राष्ट्रीय जनता दल उठाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण पर भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार जो लिखकर देती है, वही महामहिम पढ़ते हैं।    

तेजस्वी यादव ने 17 नवंबर को बुलाई समीक्षा बैठक, चुनावी हार पर करेंगे मंथन

पटना बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को करारी हार का सामना करना पड़ा। वहीं, चुनाव में खराब प्रदर्शन के लिए RJD अब महामंथन करने जा रही है। दरअसल, तेजस्वी यादव ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर पार्टी विधायकों और सभी राजद उम्मीदवारों की अहम बैठक बुलाई है। सुबह 11 बजे होगी बैठक बताया जा रहा है कि एक पोलो रोड स्थित सरकारी आवास पर सुबह 11 बजे बैठक हो सकती है। इधर, बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की करारी हार तथा पार्टी के महज 25 सीटों पर सिमट जाने के बाद लालू परिवार की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं और अब राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करने वाली उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार से नाता तोड़ने के साथ राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया है। रोहिणी आचार्य ने एक चौंकाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं। संजय यादव और रमीज़ ने मुझसे यही करने को कहा था। मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।' रोहिणी की सोशल मीडिया पोस्ट लालू प्रसाद यादव के राजद परिवार में कथित मतभेदों की ओर इशारा करती है। इसी साल 25 मई को लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को एक महिला को लेकर उठे विवाद के बाद पार्टी और परिवार दोनों से निकाल दिया था। इस कार्रवाई के लिए तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के करीबी संजय यादव को जिम्मेदार ठहराया था। बाद में तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल बनाई और चुनाव लड़ा, हालांकि महुआ विधानसभा क्षेत्र से लगभग 50 हजार वोटों से हार गए, वहीं महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव कड़े मुकाबले के बाद अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे।  

तेजस्वी की RJD को सबसे ज्यादा वोट, लेकिन NDA ने जीतीं ज्यादा सीटें

पटना बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) केवल 25 सीटें जीत सका। राजद ने कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन की अगुवाई की और 143 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए थे। सीटों की संख्या के लिहाज से शर्मनाक प्रदर्शन के बावजूद तेजस्वी यादव के लिए एक अच्छा संकेत रहा। आरजेडी ने इन चुनाव में किसी भी दूसरी पार्टी की तुलना में सबसे अधिक वोट शेयर हासिल किए। राजद के खाते में 23 प्रतिशत वोट शेयर आए। पिछले विधानसभा चुनाव के 23.11 प्रतिशत से यह थोड़ा कम रहा, जब पार्टी ने 144 उम्मीदवार उतारे थे। भारतीय जनता पार्टी का वोट शेयर 19.46% से बढ़कर इस बार 20.07% हो गया। बीजेपी ने इस बार 101 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि पिछले चुनाव में 110 निर्वाचन क्षेत्रों पर उम्मीदवार उतारे थे। वोट शेयर कुल डाले गए वोटों से किसी राजनीतिक पार्टी या उम्मीदवार को मिलने वाले मत का प्रतिशत होता है। वोट शेयर मतदाताओं के बीच पार्टी की लोकप्रियता या समर्थन के बारे में बहुत कुछ बताता है। तेजस्वी यादव की आरजेडी का वोट शेयर सबसे अधिक रहा तो फिर पार्टी ज्यादा सीटें क्यों नहीं जीत पाई? चलिए समझते हैं। कई सीटों पर रही टक्कर राजद का वोट शेयर दर्शाता है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी दूसरे या तीसरे स्थान पर रही होगी, जहां उसने काफी वोट तो इकट्ठे किए लेकिन जीत की रेखा पार करने के लिए काफी नहीं था। इससे उसके कुल वोट शेयर में इजाफा होता है, लेकिन सीटों की संख्या में नहीं बढ़ती। इससे यह भी पता चलता है कि भले ही कुल मिलाकर उसे बहुत वोट मिले हों, लेकिन वे वोट उन निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे। तेजस्वी की पार्टी कई सीटों पर टक्कर देते हुए पीछे रह गई। सहयोगी दलों का खराब प्रदर्शन महागठबंधन में RJD के सहयोगियों का प्रदर्शन भी फ्लॉप रहा। कांग्रेस ने 61 सीटों में से सिर्फ 6 पर जीत दर्ज की। सीपीआई(एमएल)एल ने 2 सीटें और सीपीआई(एम) ने एक सीट पर जीत हासिल की। सीपीआई तो अपना खाता भी नहीं खोल पाई। मुकेश सहनी की वीआईपी का हाल भी ऐसा ही रहा। VIP ने 15 सीटों पर कैंडिडेट खड़े किए थे लेकिन एक पर भी विजय नहीं मिली। ऐसे में महागठबंधन को कुल 35 सीटों से संतोष करना पड़ा। वहीं, एनडीए ने 202 सीटें हासिल कीं, जिसमें भाजपा का योगदान 89 सबसे बड़ा रहा। इसके बाद जदयू को 85, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 19, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) को 5 और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4 सीटें मिलीं।  

RJD पर बरसे अमित शाह, बोले—बिहार में फिर नहीं आने देंगे जंगलराज

पटना बिहार के चुनावी मैदान में आज गृह मंत्री अमित शाह ने जमुई में लोगों के अंदर जोश भरने का काम किया। शाह ने मंच से कहा कि एक वक्त था जब जमुई लाल खून और लाल आतंक से सना हुआ था। यही वो जमीन थी जहां नक्सलवादियों ने अपना ठिकाना बनाया था। मगर आज, मोदी जी की सरकार ने बिहार से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया है। शाह ने रैली को संबोधित करते हुए जनता से कहा कि अगर आपसे जरा भी गलती हुई और आप कमल छाप या तीर छाप से जरा भी इधर-उधर गए तो फिर से जंगलराज आने वाला है। जमुई को जंगलराज चाहिए क्या? कल ही चुनाव का पहला चरण समाप्त हुआ है। लालू-राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। जमुई में भी उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। यहां की सभी चारों सीटें आपको NDA के खाते में डालनी हैं। आरजेडी पर खूब बरसे अमित शाह रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “कभी गया, औरंगाबाद और जमुई में नक्सलियों का राज चलता था। उन्होंने 150 साथियों के साथ धनबाद-पटना एक्सप्रेस को हाईजैक किया था और तीन यात्रियों की हत्या कर दी थी। मगर आज हालात बदल चुके हैं, चोरमारा गांव, जो मुंगेर-जमुई बॉर्डर पर है, 25 साल बाद नक्सलमुक्त हुआ है।” उन्होंने कहा, “पहले बिहार में ऐसे जिले थे जहां तीन बजे तक ही मतदान होता था, डर के माहौल में। अब शाम पांच बजे तक वोटिंग चल रही है, क्योंकि डर खत्म हो गया है।” अमित शाह ने लालू-राबड़ी राज पर भी जमकर हमला बोला। शाह ने कहा बोले, “उन दिनों बारात जाती थी तो उगाही के लिए कट्टा लेकर लोग पहुंचते थे। अपहरण, फिरौती और बीस से ज्यादा नरसंहार होता था, यही था उस दौर का बिहार। उसी जंगलराज ने बिहार की फैक्ट्रियां और कारोबार बंद करवा दिए और राज्य को गरीबी की तरफ धकेला।”

बिहार में सियासी बवाल: विजय सिन्हा के काफिले पर हमला, उपमुख्यमंत्री ने RJD पर लगाया आरोप

पटना बिहार चुनाव के बीच लखीसराय से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। दरअसल राजद (RJD) समर्थकों ने उपमुख्यमंत्री और लखीसराय निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा की कार को घेर लिया, चप्पल फेंकी और "मुर्दाबाद" के नारे लगाते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर पुलिसकर्मी मौजूद हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री और  लखीसराय विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "ये राजद के गुंडे हैं। NDA सत्ता में आ रही है… गुंडे मुझे गांव में जाने नहीं दे रहे हैं। विजय सिन्हा जीतने वाले हैं…उन्होंने मेरे पोलिंग एजेंट को भगा दिया और उसे वोट नहीं देने दिया…उनकी गुंडागर्दी देखिए…।" आरजेडी के गुंडों ने बूथ कैप्चर किया है। आरोपियों पर बुलडोडर एक्शन होगा। हम निर्वाचन आयोग से शिकायत करेंगे।

तेजस्वी यादव का बड़ा बयान — सरकार बनी तो एक नहीं, कई डिप्टी सीएम; मुस्लिम और दलित नेताओं को मिलेगा सम्मान

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान में अब महज कुछ दिन बचे हैं। इस बीच, राजद नेता तेजस्वी यादव ने महागठबंधन को सत्ता में लाने पर कई उपमुख्यमंत्री बनाने का संकेत दिया है, जिनमें मुस्लिम और दलित भी शामिल होंगे। महागठबंधन के मुख्यमंत्री चेहरे ने कहा कि विभिन्न वर्गों की चिंताओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने अशोक गहलोत की टिप्पणी और मुकेश साहनी के संदर्भ में कहा कि मुस्लिम और दलित उपमुख्यमंत्री जरूर होंगे। इससे पहले, हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में भी तेजस्वी ने गहलोत के बहु-उपमुख्यमंत्री वाले बयान का जिक्र किया था।   तेजस्वी यादव ने भाजपा पर तंज कसा कि विपक्ष की ओर से उपमुख्यमंत्री पद के लिए नामों की घोषणा पर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी को ईबीसी समुदाय के प्रतिनिधि को उपमुख्यमंत्री बनाने पर आपत्ति है। उनकी आईटी सेल हमें उन समुदायों के प्रतिनिधि न बनाने पर ट्रोल कर रही है, जिन्हें वे घुसपैठिए कहते हैं।' हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार में मुस्लिम उपमुख्यमंत्री होगा या नहीं। तेजस्वी ने कहा, 'हम इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे। इंतजार कीजिए और देखिए। यह किसी भी समुदाय से हो सकता है।' बिहार बुलाए गए अशोक गहलोत कांग्रेस के सीनियर नेता अशोक गहलोत को पिछले महीने बिहार में इंडिया गठबंधन की सीट-बंटवारे की उलझनों को सुलझाने के लिए लाया गया था। बाद में उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगियों के बीच कुछ सीटों पर मैत्रीपूर्ण मुकाबला को मतभेद नहीं माना जाना चाहिए। बिहार में 243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव का मंच तैयार है। मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा। मतगणना और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी गठबंधन ने अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं।  

खेसारी लाल यादव ने बदला सुर, पीएम मोदी पर दिए बयान पर दी नई सफाई

पटना भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और राजद नेता खेसारी लाल यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ वाले अपने वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने अब सफाई देते हुए कहा कि वह आज भी पीएम मोदी की इज्जत करते हैं, लेकिन बिहार के विकास को लेकर उनकी गंभीर आपत्तियां हैं। खेसारी ने कहा, “मैं आज भी प्रधानमंत्री मोदी जी का प्रशंसक हूं, उन्होंने कभी बुरा नहीं किया, लेकिन सवाल ये है कि उनका विज़न बिहार तक क्यों नहीं पहुंचा? केंद्र में 15 साल और बिहार में 20 साल से सरकार है, फिर भी यहां के लोगों को न रोजगार मिला, न बेहतर विश्वविद्यालय, न अच्छा अस्पताल।” उन्होंने आगे कहा, “हमें सिर्फ ट्रेन दी जाती है, फैक्ट्रियां क्यों नहीं दी जातीं? आपने गुजरात को इतना विकसित बना दिया, तो बिहार को भी कम से कम उसका आधा तो बनाइए।’’ खेसारी लाल यादव ने ‘जंगलराज’ को लेकर होने वाली राजनीतिक बयानबाज़ी पर भी तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “जब पीएम मोदी ‘जंगलराज’ की बात करते हैं, तो मुझे दुख होता है कि हमारा जंगलराज उतना बड़ा नहीं था जितना बताया गया। आज भी यहां लोग फैक्ट्री लगाने से डरते हैं क्योंकि उनके अपने नेता कहते हैं कि बिहार में जंगलराज है। अगर आपकी सरकार 20 साल से सत्ता में है और फिर भी जंगलराज है, तो आपने आखिर बदला क्या?”  

HAM प्रत्याशी पर हमले की निंदा करते हुए मांझी बोले—RJD फैला रही है अराजकता

गया बिहार के गया जिले के टिकारी विधानसभा में बुधवार को प्रचार के लिए पहुंचे हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रत्याशी एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. अनिल कुमार पर असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया है, जिसमें उन्हें गंभीर रूप से चोट लगी। वहीं, केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने पार्टी के उम्मीदवार अनिल कुमार पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। जीतन राम मांझी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, "माननीय विधायक अनिल कुमार जी के ऊपर हुआ हमला विपक्ष के कायरता और हताशा का जीता जागता उदाहरण है। राजद के लोग बिहार को बंगाल बनाने की कोशिश कर रहें है…अनिल जी के उपर चले हर पत्थर का जवाब बिहार की जनता वोट के चोट से देगी।" इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी पर 'नचनिया' शब्द का इस्तेमाल करने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा, "राहुल गांधी बचकाना व्यवहार कर रहे हैं। उनमें कोई गंभीरता नहीं है…छठ पवित्रता और आध्यात्मिकता का त्योहार है…छठ पूजा करने वालों के लिए 'नचनिया' शब्द का इस्तेमाल कर वह अपने पूर्वजों का भी अपमान कर रहे हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जायेगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।