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वास्तु शास्त्र चेतावनी: दिन की शुरुआत में ये आदतें बिगाड़ सकती हैं आपका पूरा दिन, जानें किन चीजों से बचना जरूरी है

सुबह का जो समय होता है एक तरह से वही हमारे पूरे दिन की दिशा को तय करता है. अगर आपके दिन की शुरुआत पॉजिटिव और एनर्जेटिक होगी, तो आपका पूरा दिन खुशहाली और सफलताओं के साथ बीतेगा. हमारे वास्तु शास्त्र में सुबह के समय को लेकर कुछ खास नियम बताये गए हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि हम अनजाने में सुबह सोकर उठते ही अनजाने में कुछ गलतियां कर देते हैं, जिनकी वजह से पूरे घर में निगेटिव एनर्जी का वास होने लग जाता है. अगर घर में निगेटिव एनर्जी बढ़ जाए तो इसकी वजह से बने हुए काम बिगड़ने लगते हैं, मेंटल स्ट्रेस बढ़ता है और साथ ही हमें पैसों से जुड़ी दिक्कतें भी होने लगती हैं. आपके साथ ऐसा न हो इसलिए आज हम आपको 5 ऐसे कामों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको भूलकर भी सुबह सोकर उठने के बाद नहीं करना चाहिए. तो चलिए इन गलतियों के बारे में जान लेते हैं ताकि आप खुद को जीवन में आने वाली मुसीबतों से बचाकर रख सकें. सोकर उठते ही आईना न देखें बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि वे सुबह आंखें खुलते ही सबसे पहले अपना चेहरा आईने में देखते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना बहुत अशुभ साबित हो सकता है। रात भर की नींद के बाद हमारे शरीर में और आसपास कुछ निगेटिव एनर्जी इकट्ठा हो जाती है, जो सुबह चेहरे पर दिखती है. जब हम उठते ही आईना देखते हैं, तो वह निगेटिव एनर्जी वापस हमारे अंदर चली जाती है. इससे पूरे दिन हमारे स्वभाव में चिड़चिड़ापन रहता है और काम में मन नहीं लगता. इसलिए सुबह उठकर सबसे पहले अपनी हथेलियों को देखना चाहिए या भगवान का नाम लेना चाहिए. गंदे और जूठे बर्तन देखने से बचें अक्सर लोग रात के बर्तनों को सिंक में ऐसे ही छोड़ देते हैं और सुबह उठते ही सबसे पहले उन पर नजर पड़ती है. वास्तु के अनुसार सुबह-सुबह गंदे बर्तनों को देखना या किचन में बिखरी हुई चीजों को देखना दरिद्रता को बुलावा देता है. इससे घर में माता लक्ष्मी का वास नहीं होता और राहु-केतु का निगेटिव इफेक्ट भी जीवन में बढ़ता है. कोशिश करें कि रात को ही रसोई साफ करके सोएं. अगर ऐसा पॉसिबल नहीं है, तो सुबह उठते ही सबसे पहले बर्तनों की तरफ न जाएं. सुबह उठकर सबसे पहले एक गिलास साफ पानी पिएं और पॉजिटिव चीजों के बारे में सोचें. अपनी या दूसरों की परछाईं देखने से बचें वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह के समय सूरज की रोशनी में या कमरे की लाइट में अपनी या परिवार के किसी सदस्य की परछाईं देखने से बचना चाहिए. मान्यताओं के अनुसार आप आप सुबह उठते ही अपनी या फिर किसी और की परछाईं देखते हैं, तो आपके जीवन में स्ट्रेस, डर और दुर्भाग्य बढ़ने लग जाता है. इसके अलावा अगर आप सुबह उठते ही सबसे पहले किसी की परछाईं देखते हैं, तो इससे आपसी रिश्तों में कड़वाहट और मतभेद पैदा होने की संभावना बढ़ जाती है. सुबह उठकर हमेशा सीधे सामने की तरफ देखना चाहिए, न कि दीवारों या फर्श पर बन रही परछाईं पर. आक्रामक जानवरों या तस्वीरों को न देखें कुछ लोगों के कमरों में हिंसक जानवरों, डूबते हुए सूरज, या उदास कर देने वाली तस्वीरें लगी हुई होती हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार सुबह उठते ही ऐसी तस्वीरों पर नजर पड़ना बहुत ही नुकसानदेह माना जाता है. इसके अलावा, अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं, तो उठते ही सबसे पहले उनके हिंसक रूप या आपस में लड़ते हुए देखना भी सही नहीं माना जाता है. वास्तु के अनुसार इससे आपके भीतर गुस्से और निगेटिविटी का संचार होता है. सुबह की शुरुआत हमेशा किसी देवी-देवता की तस्वीर, हंसते हुए चेहरे या शांत नेचर के सुंदर सीन्स को देखकर करनी चाहिए. सुबह उठते ही विवाद या अपशब्दों से बचें सुबह का जो समय होता है वह ईश्वर की आराधना और मन को शांत रखने का समय होता है. सुबह उठते ही किसी से बहस करना, चिल्लाना या अपशब्दों का इस्तेमाल करना पूरे घर के माहौल को बिगाड़ देता है. वास्तु शास्त्र की अगर मानें तो जो लोग अपने दिन की शुरुआत विवाद से करते हैं, उनके घर से तरक्की चली जाती है और पैसों का नुकसान भी होने लगता है. सुबह के समय हमेशा मीठी बोली का इस्तेमाल करें. इसके अलावा परिवार के सभी मेंबर्स को मुस्कुराकर गुड मॉर्निंग भी कहें. जब आप ऐसा करते हैं तो आपके घर में पॉजिटिव एनर्जी का फ्लो बना हुआ रहता है. दिन की अच्छी शुरुआत के लिए क्या करें? वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आप नुकसानों से बचना और अपने दिन को बेहतर बनाना चाहते हैं तो सुबह उठकर सबसे पहले अपने दोनों हाथों की हथेलियों को मिलाकर देखें और भगवान का शुक्रिया अदा करें. इसके बाद धरती को छूकर उसे प्रणाम करें. यह छोटी सी आदत आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आएगी.

दांबुला में इंडिया A की दमदार बल्लेबाजी, अफगानिस्तान A के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा किया

 नई दिल्ली श्रीलंका में जारी ट्राई नेशन A सीरीज 2026 में अफगानिस्तान ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है.शुरुआती झटकों के बावजूद भारत ए ने शानदार वापसी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में मजबूत स्कोर खड़ा किया और अफगानिस्तान ए के सामने 320 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा. इंडिया ए ने 50 ओवरों में 319/9 रन बनाए. इंडिया-ए के लिए प्रियांश आर्य और वैभव सूर्यवंशी ने पारी का आगाज किया है. वैभव 38 रन बनाकर आउट हुए. प्रियांश आर्य (58) के बाद  ऋतुराज गायकवाड़ (30) का विकेट गिरा. कुमार कुशाग्र (58) ने भी फिफ्टी लगाई. सूर्यांश शेडगे (7) भी लौटे. तिलक वर्मा ने 59 रन बनाए. विप्रज निगम  (30) का विकेट गिरा. अनुकूल रॉय (4) रन आउट हुए. अंंशुल कंबोज (0) भी रन आउट हुए. निशांत सिंधु 21 रन बनाकर नाबाद लौटे. यह मुकाबला दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. अफगानिस्तान ए के गेंदबाज फरीदून दाऊदजई ने भारत ए की सलामी जोड़ी को तोड़ दिया. उन्होंने शॉर्ट गेंद पर वैभव सूर्यवंशी को फंसाया. सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में चली गई, जिसे खालिद तानीवाल ने पॉइंट पर शानदार कैच लपक लिया. वैभव सूर्यवंशी- 38 रन (28 गेंद, 4 चौके, 2 छक्के), स्ट्राइक रेट 135.71 भारत ए को सातवां झटका, विप्रज निगम की तेज पारी का अंत पारी के अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर रहे विप्रज निगम का विकेट फरमानुल्लाह सफी ने हासिल किया. धीमी गति की गेंद पर निगम ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं आई. शॉट में दूरी नहीं थी और गेंद हवा में ऊंची चली गई. खालिद तानीवाल ने लॉन्ग-ऑन से दौड़ते हुए मिड-ऑन के पास शानदार कैच पकड़ लिया. विप्रज निगम- 30 रन (20 गेंद, 4 चौके), स्ट्राइक रेट 150.00 निगम ने अंत में आक्रामक बल्लेबाजी कर भारत ए के रनगति को बढ़ाया, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। उनका विकेट भारत ए के लिए अंतिम ओवरों में एक अहम झटका साबित हुआ। भारत ए को बड़ा झटका, तिलक वर्मा अर्धशतक के बाद आउट अफगानिस्तान ए के गेंदबाज अब्दुल्लाह अहमदजई ने भारत ए को बड़ा झटका देते हुए कप्तान तिलक वर्मा को पवेलियन भेज दिया. ऑफ स्टंप के बाहर पड़ी लेंथ गेंद पर तिलक ने बल्ला चलाया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर मोहम्मद इशाक के दस्तानों में समा गई. तिलक ने एक छोर संभालते हुए जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम के लिए अहम अर्धशतक जमाया, लेकिन अंतिम ओवरों में तेजी लाने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे. तिलक वर्मा- 59 रन (75 गेंद, 5 चौके), स्ट्राइक रेट 78.66 यह अहमदजई का मैच में दूसरा विकेट रहा और उन्होंने भारत ए के मध्यक्रम को बड़ा झटका दिया. भारत ए को पांचवां झटका, सूर्यांश शेडगे सस्ते में आउट अफगानिस्तान ए के स्पिनर जहीर खान ने भारत ए को पांचवां झटका दिया। सूर्यांश शेडगे बड़े शॉट की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे. उन्होंने जहीर की गेंद पर जोरदार स्लॉग स्वीप खेला, लेकिन गेंद डीप मिडविकेट बाउंड्री पार नहीं कर सकी. वहां मौजूद फैसल शिनोजादा ने आसान कैच लपक लिया. सूर्यांश शेडगे – 7 रन (9 गेंद), स्ट्राइक रेट 77.77 भारत ए को चौथा झटका, कुमार कुशाग्र की अर्धशतकीय पारी समाप्त अफगानिस्तान ए के तेज गेंदबाज फरीदून दाऊदजई ने भारत ए को बड़ा झटका देते हुए कुमार कुशाग्र को बोल्ड कर दिया. कुशाग्र पिच से बाहर निकलकर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लेंथ गेंद को पूरी तरह मिस कर बैठे. गेंद सीधे जाकर मिडिल स्टंप से टकराई और उनकी पारी का अंत हो गया. कुशाग्र ने मुश्किल समय में जिम्मेदारी निभाते हुए अर्धशतक जमाया और टीम की पारी को संभाला. तिलक वर्मा के साथ 104 रनों की पार्टनरशिप की. कुमार कुशाग्र – 58 रन (67 गेंद, 5 चौके), स्ट्राइक रेट 86.56 भारत ए को तीसरा झटका, ऋतुराज गायकवाड़ आउट अफगानिस्तान ए ने भारत ए को तीसरा झटका दिया. अब्दुल्लाह अहमदजई ने ऋतुराज गायकवाड़ को 30 रन के स्कोर पर आउट किया. फुल टॉस जैसी गेंद लेग साइड की ओर थी, जिस पर गायकवाड़ ने फ्लिक खेलने की कोशिश की। विकेटकीपर मोहम्मद इशाक ने कैच की अपील की और अंपायर ने आउट दे दिया. गायकवाड़ इस फैसले से खुश नजर नहीं आए, लेकिन उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा. ऋतुराज गायकवाड़ – 30 रन (31 गेंद, 4 चौके), स्ट्राइक रेट 96.77 भारत ए को दूसरा झटका, प्रियांश आर्य आउट अफगानिस्तान ए के गेंदबाज फरमानुल्लाह सफी ने भारत ए को दूसरा झटका दिया. उन्होंने प्रियांश आर्य को 58 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा. आर्य ने ऑफ स्टंप के बाहर की लेंथ गेंद पर कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बैकवर्ड पॉइंट की तरफ गई, जहां शम्स उर रहमान ने कैच लपक लिया. कैच को लेकर मैदानी अंपायर ने टीवी अंपायर की मदद ली, जिसमें साफ हुआ कि फील्डर की उंगलियां गेंद के नीचे थीं. प्रियांश आर्य-  58 रन (42 गेंद, 9 चौके, 1 छक्का), स्ट्राइक रेट 138.09 वैभव सूर्यवंशी का ऐसा रहा प्रदर्शन अब तक वैभव सूर्यवंशी का हालिया प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इंडिया ए के लिए खेलते हुए उन्होंने इस सीरीज में अब तक चार पारियों में 117 रन बनाए हैं. 9 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ उन्होंने 14 रन बनाए, जबकि 11 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ 44 रनों की पारी खेली. 15 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ वह 21 रन बना सके. वहीं आज अफगानिस्तान ए के खिलाफ उन्होंने 28 गेंदों में 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे, लेकिन फरीदून दाऊदजई की गेंद पर आउट हो गए.    

एक दिन में 5000 ट्रांसफर, प्रदेश में मचा प्रशासनिक भूचाल; सरकार का बड़ा एक्शन

भोपाल  मध्य प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद तबादला नीति के तहत अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक सर्जरी देखने को मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा तबादलों की समय-सीमा 16 जून की रात 12 बजे तक बढ़ाए जाने के बाद शासन-प्रशासन में मानो तबादलों की सुनामी आ गई। कुछ ही घंटों के भीतर प्रदेशभर में करीब 5 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों को नई पदस्थापना दे दी गई, जिससे सरकारी तंत्र में व्यापक बदलाव की तस्वीर सामने आई है। दरअसल, तबादलों की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित थी, लेकिन कई विभागों में मंत्रियों की स्वीकृति मिलने के बावजूद तकनीकी कारणों और ई-ऑफिस पर बढ़ते दबाव के चलते आदेश जारी नहीं हो पाए थे। यह मामला मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उठा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने एक दिन की अतिरिक्त मोहलत देने का फैसला किया। सामान्य प्रशासन विभाग ने भी तत्काल आदेश जारी कर दिए। मुख्यमंत्री की सहमति मिलते ही विभिन्न विभागों में अधिकारियों की गतिविधियां तेज हो गईं। दोपहर से लेकर आधी रात तक तबादला आदेशों की झड़ी लग गई। सबसे ज्यादा फेरबदल स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य, वन और राजस्व विभाग में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों को एक जिले से दूसरे जिले भेजा गया। इससे पहले सोमवार देर रात राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की बड़ी सूची जारी की गई थी। इसमें 56 अतिरिक्त जिला दंडाधिकारियों (ADM) सहित कुल 155 अधिकारियों के तबादले किए गए। इनमें वे अधिकारी भी शामिल रहे जिन्हें पदोन्नति तो मिल चुकी थी, लेकिन लंबे समय से वरिष्ठ पदों पर पदस्थापना का इंतजार था। इसके अलावा डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं। तबादलों की यह प्रक्रिया 1 जून से शुरू हुई थी, लेकिन अधिकांश विभागों में तैयारी और तकनीकी व्यवस्था समय पर पूरी नहीं हो सकी। कई कर्मचारियों और अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया और अनुमोदन के लिए अंतिम दिनों तक इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद अंतिम 24 घंटों में जिस तेजी से आदेश जारी हुए, उसने पूरे प्रशासनिक ढांचे को हिला दिया। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसे मोहन सरकार के कार्यकाल की सबसे बड़ी प्रशासनिक कवायद माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए फेरबदल का असर जिलों के प्रशासनिक कामकाज और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर किस रूप में दिखाई देता है।

रोनाल्डो के आखिरी विश्व कप की उम्मीदों के साथ पुर्तगाल उतरेगा मैदान में

नई दिल्ली फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को ग्रुप-के के मुकाबले में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआर कांगो) के विरुद्ध करेगा। ये मुकाबला बुधवार रात 10:30 बजे ह्यूस्टन में खेला जाएगा। 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए यह विश्व कप संभवतः आखिरी मौका हो सकता है, जहां वह अपने शानदार करियर में विश्व कप ट्रॉफी जोड़ने का सपना पूरा करना चाहेंगे। दूसरी ओर 52 वर्षों बाद विश्व कप में लौटी डीआर कांगो की टीम इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पुर्तगाल की रणनीति कोच रॉबर्टो मार्टिनेज की टीम आमतौर पर 4-3-3 या 4-2-3-1 फार्मेशन में खेलती है। टीम का पूरा खेल मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण और विंग्स से आक्रमण तैयार करने पर आधारित रहता है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो अग्रिम पंक्ति में मुख्य स्ट्राइकर की भूमिका निभाएंगे जबकि राफेल लियाओ और बर्नार्डो सिल्वा जैसे खिलाड़ी दोनों किनारों से गति और रचनात्मकता प्रदान करेंगे। मिडफील्ड में ब्रूनो फर्नांडिस और वितिन्हा खेल की गति नियंत्रित करने के साथ-साथ आक्रमण को धार देंगे। डिफेंस में रुबेन डियास टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं। यदि डियास पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो पुर्तगाल की रक्षापंक्ति थोड़ी कमजोर पड़ सकती है। कांगो की रणनीति कोच सेबास्टियन डेसाब्रे की टीम तकनीकी रूप से पुर्तगाल से कमजोर मानी जा रही है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी ताकत सामूहिक खेल और तेज काउंटर अटैक हैं। कांगो संभवतः 4-5-1 या 4-3-3 फॉर्मेशन के साथ मैदान में उतर सकती है, जिसमें प्राथमिक लक्ष्य पुर्तगाल को मिडफील्ड में जगह न देना होगा। टीम के खिलाड़ी यूरोप की विभिन्न लीगों में खेलते हैं और शारीरिक रूप से काफी मजबूत हैं। कांगो की कोशिश होगी कि वह रोनाल्डो और ब्रूनो फर्नांडिस को गेंद पर कम समय दे तथा तेज ट्रांजिशन के जरिए पुर्तगाल की रक्षा पर दबाव बनाए। सेट पीस भी उनके लिए बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं।  

11 जुलाई 2026 को बन रहा त्रिपुष्कर योग, कई राशियों के लिए खुलेगा भाग्य का द्वार

11 जुलाई 2026 की सुबह ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से बेहद खास और शुभ होने जा रही है. इस दिन सुबह 11 बजकर 03 मिनट पर एक अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली योग का निर्माण होने जा रहा है, जिसे त्रिपुष्कर योग कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र में त्रिपुष्कर योग को एक 'मल्टीप्लायर' (गुना करने वाला) योग माना जाता है. मान्यता है कि इस योग के दौरान आप जो भी शुभ कार्य, निवेश या खरीदारी करते हैं, उसका फल आपको तीन गुना होकर वापस मिलता है. ऐसे में यह योग कई राशियों की किस्मत के बंद ताले खोलने आ रहा है, तो वहीं कुछ राशियों को इस दौरान बेहद संभलकर रहने की जरूरत होगी. आइए जानते हैं कि इस शक्तिशाली त्रिपुष्कर योग का आपकी राशि पर क्या गहरा प्रभाव पड़ने वाला है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए यह योग धन लाभ के नए रास्ते खोलेगा. यदि आप इस समय कहीं निवेश (Investment) करते हैं, तो भविष्य में उससे तीन गुना लाभ मिलने के योग हैं. पैतृक संपत्ति से जुड़ा कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है. इस दिन सोने के गहने, भूमि या वाहन खरीदना आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के नौकरीपेशा और बिजनेसमैन लोगों के लिए यह समय स्वर्णिम साबित हो सकता है. कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है जिससे मुनाफा उम्मीद से तीन गुना ज्यादा हो सकता है. नए स्टार्टअप की शुरुआत के लिए दिन बेस्ट है. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलता हाथ लग सकती है. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिलेगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और धार्मिक कार्यों की ओर झुकाव बढ़ेगा. कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं तो इस समय का सदुपयोग करें. इन राशियों को रहना होगा सावधान! वृषभ राशि (Taurus) इस दिन पैसों के लेन-देन से पूरी तरह बचें. किसी को भी उधार न दें, अन्यथा वह पैसा तीन गुना होकर डूब सकता है. किसी भी तरह के कानूनी विवाद या झगड़े से दूर रहें, नहीं तो बात बहुत आगे बढ़ सकती है. वृश्चिक राशि (Scorpio) सेहत और यात्रा के मामले में आपको सावधान रहना होगा. वाहन चलाते समय लापरवाही न बरतें. इस दिन चोट लगने की आशंका रहेगी और अगर कोई बीमारी इस समय शुरू हुई तो वह लंबा खींच सकती है. त्रिपुष्कर योग में क्या करें और क्या न करें? क्या करें: बैंक में एफडी कराएं, कीमती धातुएं खरीदें, नए व्यापार का अनुबंध (Agreement) करें या कोई धार्मिक अनुष्ठान शुरू करें. इस समय किया गया दान भी तीन गुना पुण्य देता है. क्या न करें: इस दिन किसी से कर्ज या उधार न लें और न ही किसी को दें. कोई पुराना सामान या कबाड़ न बेचें और घर में क्लेश बिल्कुल न होने दें.

30 से ज्यादा नाम सामने आए, फिर भी कार्रवाई सीमित; धान घोटाले में कई आरोपी अब भी फरार

यमुनानगर 70 करोड़ रुपये के धान घोटाले के खुलासे के बाद 237 दिन बीत चुके हैं, पर जांच अभी भी धीमी गति से चल रही है। पांच थाना प्रभारियों की एसआइटी गठित होने के बावजूद कार्रवाई तीन आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित है। जांच के दौरान 30 से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारी व अन्य लोगों के नाम सामने आ चुके हैं, पर अभी भी कई आरोपित पकड़ से बाहर हैं। घोटाले के मुख्य आरोपित छछरौली निवासी राइस मिलर संदीप सिंगला को फिलहाल जमानत नहीं मिली है। मामले की सुनवाई 27 जुलाई को होगी। गिरफ्तारी नहीं होने से जांच टीम पर भी सवाल उठने लगे हैं। संदीप सिंगला को दो दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था। उसे तीन चरणों में 18 दिन तक एसआइटी ने रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ में सामने आया था कि उसके नियंत्रण में सात राइस मिलें हैं, जिनमें पांच पुरानी व दो नई हैं। पुलिस ने संदीप सिंगला व रीतिका सिंगला के खिलाफ तीन थानों में केस दर्ज किए थे। पावर आफ अटार्नी संदीप के नाम होने के कारण रितिका को राहत मिल गई थी। पूछताछ में 30 से ज्यादा अधिकारी व कर्मचारियों के नाम सामने आए थे। जांच प्रभावित न हो। इसलिए पुलिस ने नाम सार्वजनिक नहीं किए। नाम होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। महानिदेशक की जांच में घोटाले का खुलासा जांच में सामने आई गड़बड़ियों के बाद मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण, मंडी गेट पास, मिल आवंटन, स्टाक सत्यापन व सरकारी रिकार्ड की जांच की थी। आरोप है कि नियमों के विपरीत कम धान की खरीद दिखाकर स्टाक में हेराफेरी की गई और सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। 13 नवंबर को खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक अंशज सिंह की जांच में घोटाले का खुलासा हुआ था। जांच में धान के स्टाक और रिकार्ड में भारी अनियमितताएं सामने आने के बाद विशेष जांच दल का गठन किया गया था। इसमें पांच थाना प्रभारी शामिल किए गए थे, पर इसके बाद भी जांच की रफ्तार तेज नहीं हो सकी। मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां जांच में फर्जी गेट पास व दस्तावेजों के माध्यम से स्टाक में हेराफेरी कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई थी। जांच के दौरान 30 से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों के नाम सामने आए थे, लेकिन पुलिस ने इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए। अब तक मामले में तीन ही गिरफ्तारियां हुई हैं। संदीप सिंगला के अलावा एसआइटी द्वारा हैफेड के सीनियर मैनेजर शैलेंद्र कुमार व परचेज मैनेजर अनिल कुमार को गिरफ्तार किया था। बर्खास्तगी के आगे नहीं बढ़ा जांच दायरा प्रशासनिक स्तर पर इंस्पेक्टर मनोज यादव, सविता, विनोद कुमार व एएफएसओ देवेंद्र कुमार को सेवा से बर्खास्त किया जा चुका है। बावजूद इसके जांच अभी उन्हीं बिंदुओं तक सीमित है। कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं। प्रतापनगर में एक ही परिसर में चार लाइसेंस जारी होने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि नियमानुसार एक स्थान पर एक लाइसेंस दिया जा सकता है, जबकि वहां एक से अधिक लाइसेंस संचालित पाए गए। अदालत ने हैफेड व खाद्य आपूर्ति विभाग को तीन माह में एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे, पर समय सीमा बीत चुकी है। कोर्ट ने कहा था कि जिम्मेदारी तय किए बिना केवल औपचारिक रिपोर्ट पर्याप्त नहीं होगी। रणजीतपुर में एक ही स्थान पर दो राइस मिल चल रही थी। हैफेड व खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से मिल में धान भेजा गया था। घोटाले के बाद बचे धान पर दोनों विभागों ने अपना दावा किया था। बाद में कोर्ट के आदेश पर दोनों विभागों को 50-50 प्रतिशत धान उठाने की अनुमति दी थी। हैफेड ने अपना हिस्सा उठा लिया, पर डीएफएससी की ओर से धान उठाने में देरी की। जिस कारण काफी धान खराब भी हुआ। वहीं जगाधरी डीएसपी राजीव मिगलानी का कहना है कि इस मामले में जांच जारी है, इसमें अभी कुछ नया सामने नहीं आया है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई निश्चित तौर पर होगी।

30 दिन में शिकायत का निस्तारण नहीं तो अधिकारी होंगे निलंबित, सिवान में CM का बड़ा ऐलान

सिवान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को पचरुखी प्रखंड के पपौर पंचायत भवन में आयोजित सहयोग सह जनकल्याण शिविर में जिले के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं उन्होंने कहा कि सिवान में शीघ्र ही चीनी मिल स्थापित की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी को उपयुक्त भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवान शहर को व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही जिले में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के संकल्प को साकार करने के लिए तेजी से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन चुका है। अब तक प्राप्त 3.03 लाख से अधिक आवेदनों में से करीब 2.61 लाख मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। 30 दिन तक कार्रवाई नहीं हुई तो शुरू होगी निलंबन की प्रक्रिया मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में जवाबदेही तय की गई है। किसी आवेदन पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी को नोटिस जारी किया जाएगा। यदि 30 दिनों तक भी कार्रवाई नहीं होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध स्वतः निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 15 अगस्त से स्थानीय स्तर पर होगा मरीजों का इलाज स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुमंडल और जिला अस्पतालों को सुदृढ़ किया जा रहा है। ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है कि आगामी 15 अगस्त से सामान्य मरीजों को इलाज के लिए बाहर रेफर नहीं करना पड़े। स्थानीय स्वास्थ्य संस्थानों में ही उनका उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। केवल गंभीर और जटिल मामलों में ही मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाएगा। गरीब परिवारों को मिलेंगे सोलर पैनल मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में राज्य के 25 लाख गरीब परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज और मॉडल स्कूल स्थापित करने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। 2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, आयुष्मान कार्ड तथा अनुग्रह अनुदान योजना के लाभुकों को सांकेतिक चेक और प्रमाणपत्र भी वितरित किए।

गोंद कतीरा का सेवन हर किसी के लिए नहीं है फायदेमंद, इन लोगों को हो सकता है गंभीर नुकसान

 गर्मियों के इन दिनों में अपने शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए अक्सर हम घरेलू उपाय अपनाना पसंद करते हैं. इन्हीं उपायों में से एक है गोंद कतीरा. लोग इसे काफी ज्यादा पसंद करते हैं और अक्सर इसका सेवन पानी में मिलाकर या फिर शर्बत में डालकर करते हैं. वैसे तो गोंद कतीरा को काफी फायदेमंद माना जाता है लेकिन, फिर भी इसका सेवन हर किसी को नहीं करना चाहिए. कुछ लोगों के लिए इसका सेवन करना हानिकारक भी साबित हो सकता है. आज की इस आर्टिकल में हम आपको इन्हीं लोगों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं, ताकि आपको भी समझ में आ जाए कि किसे इसका सेवन करना चाहिए और किसे नहीं. जिन लोगों को है डाइजेशन से जुड़ी प्रॉब्लम्स अगर आपको पेट से जुड़ी प्रॉब्लम्स जैसे कि गैस, अपच या फिर कमजोर डाइजेस्टिव सिस्टम की प्रॉब्लम है, तो आपको गलती से भी गोंद कतीरा का सेवन नहीं करना चाहिए. जिन लोगों को इस तरह की प्रॉब्लम रहती है अगर वे गोंद कतीरा का सेवन कर लें, तो उन्हें भारीपन या फिर ब्लोटिंग जैसी प्रॉब्लम्स भी हो सकती है. अगर आप फिर भी गोंद कतीरा का सेवन करना चाहते ही हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरुर ले लें. लो ब्लड प्रेशर वाले लोग गोंद कतीरा सिर्फ आपके शरीर को ठंडा ही नहीं करता है, इसका काफी गहरा असर आपके ब्लड प्रेशर पर भी पड़ सकता है. अगर आप उन लोगों में से हैं जिनका ब्लड प्रेशर पहले से ही कम रहता है, तो इसके सेवन से आपको चक्कर आ सकते हैं या फिर कमजोरी भी महसूस हो सकती है. इसलिए लो ब्लड प्रेशर वालों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए. प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाएं गोंद कतीरा का सेवन उन महिलाओं को कभी नहीं करना चाहिए जो प्रेग्नेंट हैं या फिर स्तनपान करवाती हैं. इस समय आपको अपना खास ख्याल रखना चाहिए. गोंद कतीरा का असर आपके शरीर पर ठंडा होता है, जो इस समय में शरीर के लिए बिलकुल भी ठीक नहीं माना जाता है. अगर आप इसका सेवन कर लेते हैं, तो हार्मोन्स का बैलेंस बिगड़ सकता है. अगर आप प्रेग्नेंट हैं या फिर स्तनपान करवा रही हैं, तो इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें.

झारखंड सरकार ने रेलवे को सौंपी 150 एकड़ जमीन, दो चरणों में पूरा होगा गोड्डा–पीरपैंती रेल कॉरिडोर

 भागलपुर आजादी के लंबे कालखंड के बाद भी बिहार और झारखंड के सीमावर्ती प्रक्षेत्र गोड्डा से पीरपैंती के बीच सीधे रेल संपर्क न होने से स्थानीय आबादी पूरी तरह सड़क मार्ग पर निर्भर थी. हालांकि, अब पूर्व रेलवे के निर्माण विभाग की सक्रियता से इस कमी को दूर करने का प्रयास तेज कर दिया गया है. कुल 1,393 करोड़ रुपये की लागत वाली इस नई रेल लाइन परियोजना के प्रथम चरण का काम वर्तमान में गति पकड़ चुका है. इसी कड़ी में, प्रथम चरण का निर्माण पूरा होने से पहले दूसरे चरण के लिए आवश्यक जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रशासनिक तैयारी शुरू कर दी गई है, ताकि तकनीकी विसंगतियों के कारण परियोजना के काम में कोई रुकावट न आए. झारखंड सरकार ने रेलवे को सौंपी 150 एकड़ जमीन; दो चरणों में बंटा है पूरा प्रोजेक्ट इस रेल परियोजना के प्रशासनिक और भौगोलिक विस्तार की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं. कुछ महीने पहले इस परियोजना की कमान संभालते हुए झारखंड सरकार ने रेलवे को 150 एकड़ भूमि आधिकारिक रूप से उपलब्ध करा दी थी. गोड्डा के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने इस संबंध में पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत को भूमि आवंटन का आधिकारिक पत्र सौंपा था, जिसके बाद से रेलवे की तकनीकी टीम धरातल पर मुस्तैद है. यह पूरी 62 किलोमीटर की रेल योजना दो अलग-अलग चरणों में पूरी की जा रही है. पहले फेज के तहत गोड्डा से महागामा तक रेल ट्रैक बिछाने का काम तेजी से चल रहा है, जबकि दूसरे फेज में महागामा से पीरपैंती तक की दूरी को रेल कड़ियों से जोड़ा जाएगा. एनटीपीसी फरक्का को कोयला आपूर्ति में मिलेगी राहत; व्यापार को मिलेगा संबल “इस नए रेलखंड के पूरी तरह संधारित हो जाने के बाद एनटीपीसी (NTPC) फरक्का को ललमटिया माइंस से कोयले की आपूर्ति के लिए एक नया और छोटा मार्ग मिल जाएगा, जिससे वर्तमान में कहलगांव होकर जाने वाले रूट का अतिरिक्त दबाव कम होगा. इसके अतिरिक्त, मिर्जाचौकी, पाकुड़ और साहेबगंज प्रक्षेत्र से स्टोन चिप्स के परिवहन के लिए यह ट्रैक सबसे मुफीद साबित होगा. साथ ही, सरकार द्वारा पीरपैंती में प्रस्तावित नए पावर प्लांट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी यह रेल परियोजना गेम-चेंजर साबित होगी.” पहले फेज के काम के साथ ही दूसरे फेज के भूमि अधिग्रहण की रूपरेखा तैयार पूर्व रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के कनिष्ठ और वरिष्ठ अधिकारी इस परियोजना की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि समय सीमा के भीतर कली-मजदूरों और निर्माण एजेंसियों को फील्ड में उतारा जा सके. रेल मार्ग के चालू होने से न केवल आम यात्रियों को सुगम सफर की सुविधा मिलेगी, बल्कि सीमावर्ती जिलों के व्यापारिक प्रक्षेत्र को भी एक नया आर्थिक संबल प्राप्त होगा. इस संबंध में आधिकारिक बयान साझा करते हुए पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत ने बताया कि गोड्डा से पीरपैंती नई रेल लाइन योजना के लिए झारखंड सरकार से 150 एकड़ भूमि प्राप्त हो चुकी है. पहले फेज के तहत गोड्डा से महागामा तक निर्माण कार्य पूरी मुस्तैदी से जारी है. पहले चरण की कड़ियों को आपस में जोड़ने के साथ ही, दूसरे फेज के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी जल्द ही धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा ताकि पूरी परियोजना को बिना किसी प्रशासनिक विसंगति के समय पर पूरा किया जा सके.

पाकिस्तान पर बड़ी जीत के बाद भारत का दूसरा मुकाबला नीदरलैंड्स से आज

लीड्स  पाकिस्तान के विरुद्ध पहले मैच में शानदार जीत से आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम बुधवार को यहां नीदरलैंड्स के विरुद्ध होने वाले महिला टी-20 विश्व कप के अपने दूसरे ग्रुप मैच में बल्लेबाजी में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी। पाकिस्तान के विरुद्ध पहले मैच में स्मृति मंधाना ने शीर्ष क्रम में और रिचा घोष ने निचले क्रम में अच्छी बल्लेबाजी की थी जिससे भारत 64 रन से जीत हासिल करने में सफल रहा था। प्रारंभिक बल्लेबाज शेफाली वर्मा और कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित बाकी बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। भारती फुलमाली मध्य क्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन पहले मैच में वह खाता भी नहीं खोल पाई थी। खास चुनौती नहीं मिलेगी भारत को टूर्नामेंट में आगे और भी कड़े मैच खेलने है और इसलिए बल्लेबाजी में निरंतरता बेहद महत्वपूर्ण है। भारत को नीदरलैंड्स से किसी तरह की खास चुनौती मिलने की संभावना नहीं है लेकिन उसे सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए लीग चरण में ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका में से किसी एक को हराना होगा। पाकिस्तान के विरुद्ध शुरू में फील्डिंग अच्छी नहीं थी, लेकिन पारी आगे बढ़ने के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने कुछ अच्छे कैच लिए। गेंदबाजी विभाग में तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ कोई खास कमाल नहीं दिखा पाईं। लेकिन स्पिनरों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। दीप्ति शर्मा और श्री चरणी की स्पिन जोड़ी ने मिलकर आठ विकेट लिए। दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में केवल 10 रन देकर पांच विकेट लिए और फार्म में वापसी की। भारत के लिए दीप्ति का फार्म में लौटना काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे पहले वह दो सीरीज में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। नीदरलैंड की टीम अपने पहले मैच में बांग्लादेश से हार गई थी। भारत के सामने चुनौती पेश करने के लिए उसे खेल के सभी विभागों में सुधार करना होगा। दोनों टीम इस प्रकार हैं     नीदरलैंड्स: बैबेट डी लीडे (कप्तान), कैरोलीन डी लैंग, फ्रेडरिक ओवरडिज्क, हन्ना लैंडहीर, हीथर सीजर्स, आइरिस जविलिंग, इसाबेल वान डेर वोनिंग, लारा लीमहुइस, मायरथे वान डेन राड, फेबे मोल्केनबोअर, राबिन रिजके, रोजाली लारेंस, सान्या खुराना, सिल्वर सिल्वर, स्टेरेलिस।     भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, रिचा घोष, श्रीचरणी, यास्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव।