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मौसम विभाग की चेतावनी, पंजाब में आज बरसेंगे बादल और चलेंगी तेज हवाएं, 19 जून से नया बदलाव

अमृतसर  पंजाब के लोगों को आज गर्मी से राहत मिल सकती है। रविवार को सूबे में पारा 5.4 डिग्री चढ़ गया था। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में यलो अलर्ट जारी करते हुए बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अनुमान लगाया है, जिससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।  मंगलवार से अगले तीन दिनों तक 15 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि 19 जून को एक बार फिर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को सबसे अधिक 38.1 डिग्री तापमान पटियाला में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार से अगले तीन दिनों तक पंजाब के 15 जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इनमें अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला शामिल हैं। वहीं 19 जून को एक बार फिर मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दिन भी तेज हवाओं और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को अमृतसर का अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री, लुधियाना का 36.2, बठिंडा का 37.6, फिरोजपुर का 37.1 और फाजिल्का का 36.7 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में भी 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री एसबीएस नगर में रिकॉर्ड किया गया।

रसोई घर वास्तु शास्त्र के संपूर्ण नियम: सही दिशा से बढ़ेगी सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य

 रसोई घर हमारे घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, क्योंकि यहीं से हमें ऊर्जा और पोषण मिलता है.  वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि रसोई में गैस चूल्हा, सिंक और फ्रिज सही दिशा में हों, तो घर में बरकत आती है और परिवार का स्वास्थ्य बेहतर रहता है. 1. रसोई घर की दिशा वास्तु के अनुसार, रसोई के लिए आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व दिशा) सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि इस दिशा का संबंध अग्नि तत्व से होता है. यदि दक्षिण-पूर्व दिशा संभव न हो, तो आप उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) को दूसरा विकल्प चुन सकते हैं.  ध्यान रखें कि रसोई कभी भी घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) या दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं होनी चाहिए. 2. गैस चूल्हे की सही स्थिति गैस चूल्हा रसोई का मुख्य केंद्र है.  इसे हमेशा रसोई के दक्षिण-पूर्व कोने में रखना चाहिए. खाना बनाते समय व्यक्ति का चेहरा पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए.  यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए अच्छी मानी जाती है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ाती है. 3. सिंक और जल का स्थान वास्तु में जल और अग्नि को एक-दूसरे का विरोधी माना गया है. इसलिए, रसोई का सिंक (पानी का स्थान) हमेशा चूल्हे से दूर होना चाहिए.  सिंक के लिए उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा सबसे शुभ होती है. चूल्हे और सिंक को कभी भी एक साथ या एक-दूसरे के आमने-सामने न रखें, क्योंकि इससे घर के सदस्यों के बीच तनाव पैदा हो सकता है. 4. फ्रिज की दिशा फ्रिज का उपयोग हम खाने को सुरक्षित रखने के लिए करते हैं.  फ्रिज को रसोई के दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम या उत्तर-पश्चिम कोने में रखना सबसे अच्छा माना जाता है. इसे कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में न रखें, क्योंकि यह ऊर्जा के प्रवाह में रुकवट डाल सकता है. 5. रसोई का प्रवेश द्वार रसोई का मुख्य दरवाजा उत्तर, पूर्व या पश्चिम दिशा में होना सबसे अच्छा माना जाता है.  ध्यान रखें कि रसोई का दरवाजा कभी भी मुख्य द्वार के ठीक सामने नहीं होना चाहिए.  यदि ऐसा है, तो दरवाजे पर हल्का पर्दा लगा देना चाहिए ताकि बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा सीधे भोजन क्षेत्र में न आए. 6. अनाज और बिजली के उपकरण अनाज और मसाले: अन्न और मसालों को कभी भी रसोई के गंदे कोने में न रखें.  अनाज का डिब्बा दक्षिण या पश्चिम की दीवार के पास रखना समृद्धि का प्रतीक है. बिजली के उपकरण: माइक्रोवेव, ओवन और टोस्टर अग्नि तत्व के हैं, इसलिए इन्हें दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में रखना सबसे बेहतर है. इन्हें कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में न रखें. 7. पीने का पानी और रसोई का वातावरण पीने का पानी: मटका या वाटर प्यूरीफायर हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में रखें.  इस दिशा को जल का स्थान माना जाता है, जिससे पानी शुद्ध और ऊर्जावान बना रहता है. रंग और फर्श: रसोई में हल्के रंग जैसे ऑफ-व्हाइट, क्रीम या हल्के पीले रंग का इस्तेमाल करें. फर्श के लिए ग्रेनाइट या सिरेमिक टाइल्स बेहतर होती हैं. 8. वास्तु के कुछ खास टिप्स सफाई: रात को सोने से पहले अपनी रसोई की सफाई जरूर करें. जूठे बर्तन रात भर सिंक में छोड़ना दरिद्रता को आमंत्रित करता है. वेंटिलेशन: रसोई में खिड़की का पूर्व या उत्तर दिशा में होना शुभ होता है, जिससे ताजी हवा और रोशनी बनी रहती है.

दांबुला में रोमांचक मुकाबला: इंडिया-ए ने बनाए 265 रन, मध्यक्रम हुआ फ्लॉप लेकिन अंत में दमदार फिनिश

  दांबुला इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीम्स ट्राई सीरीज के चौथे मुकाबले में आमने-सामने हैं. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में है. मुकाबले में इंडिया-ए ने श्रीलंका-ए को जीत के लिए 266 रनों का टारगेट दिया है. इंडिया-ए के लिए विप्रज निगम ने 51 और सूर्यांश शेडगे ने 72 रन बनाए. इंडिया-ए ने अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका-ए को 8 रनों से पराजित किया था. फिर उसे अफगानिस्तान-ए के खिलाफ बारिश से बाधित मुकाबले में डीएलएस नियम के तहत 4 रनों से हार मिली थी. अब इंडिया-ए के लिए ये मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है. इंडिया-ए vs श्रीलंका-ए मैच से जुड़े अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहिए… ऐसी रही है इंडिया-ए की बल्लेबाजी टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए इंडिया-ए ने 49.2 ओवरों में 265 रन बनाए. वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने इंडिया-ए की पारी का आगाज किया. लेकिन वैभव 14 गेंदों में 21 रन बनाकर आउट हो गए. 29 रन पर पहला विकेट गिरा. वैभव ने 3 चौके के अलावा एक छक्का जड़ा. 150 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए वह आक्रामक अंदाज में नजर आए, लेकिन अंततः कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए. वैभव ने चौथे ओवर की पांचवीं गेंद पर आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में विकेट गंवा दिया. गेंद की लेंथ सही नहीं थी और उसमें टर्न व डिप था, जिसके चलते उन्होंने गेंद को पॉइंट की ओर काट दिया. शानदार कैच के साथ उनकी पारी 14 गेंदों में 21 रन (3 चौके, 1 छक्का) पर खत्म हुई. सहान अराचिगे की गेंद पर वानुजा सहान ने उनका कैच लपका.   प्रभसिमरन सिंह भी लंबी पारी नहीं खेल पाए. वह 11 रन (13 गेंद) बनाकर आउट हुए. 7वें ओवर की दूसरी गेंद पर इंडिया-ए को 39 रनों पर दूसरा झटका लगा. मोहम्मद शिराज की स्लोअर गेंद पर वह शॉट खेलने गए, लेकिन टाइमिंग पूरी तरह चूक गए और गेंद मिड-ऑफ पर कैच हो गई. वानुजा सहान ने शानदार कैच लपका. उनकी पारी में 2 चौके शामिल रहे, लेकिन धीमी गेंद को ठीक से ना खेल पाने के कारण वह जल्दी पवेलियन लौट गए. कप्तान तिलक वर्मा इस मैच में कुछ खास नहीं कर पाए और 23 रनों के निजी स्कोर पर कुगाथास मथुलन का शिकार बने. ऋतुराज गायकवाड़ इस मैच में भी बड़ी पारी खेलने की ओर अग्रसर थे, लेकिन स्पिनर विजयकांत व्यासकांत ने उन्हें पवेलियन रवाना कर दिया. ऋतुराज ने 3 चौके की मदद से 42 बॉल पर 37 रन बनाए. ऋतुराज जब आउट हुए, तब स्कोर 111/4 था. आयुष बदोनी (15 रन) और निशांत सिंधु (6 रन) भी कुछ खास नहीं कर पाए, जिससे भारतीय टीम मुश्किल में आ गई. ऑलराउंडर अनुकूल रॉय ने भी निराश किया और सिर्फ 8 रन बना सके. यहां से सूर्यांश शेडगे और विप्रज निगम ने आठवें विकेट के लिए 104 रनों की साझेदारी कर भारतीय टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया. विप्रज निगम ने 6 चौके की मदद से 49 बॉल पर 51 रन बनाए. वहीं सूर्यांश शेडगे ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 66 बॉल पर 72 रनों का योगदान दिया. श्रीलंका-ए की ओर से विजयकांत व्यासकांत और मोहम्मद शिराज ने तीन-तीन विकेट झटके. इंडिया-ए की प्लेइंग इलेवन: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विप्रज निगम, अनुकूल रॉय और यश ठाकुर श्रीलंका-ए की प्लेइंग इलेवन: निरोशन डिकवेला (विकेटकीपर), अविष्का फर्नांडो, अहान विक्रमसिंघे, सदीरा समरविक्रमा, सहान अराचिगे (कप्तान), वानुजा सहान, विजयकांत व्यासकांत, विशेन हलंबगे, कुगाथास मथुलन, चमिका गुणसेकरा और मोहम्मद शिराज. ट्राई सीरीज का पूरा शेड्यूल • 09 जून: इंडिया-ए की श्रीलंका-ए पर 8 रनों से जीत • 11 जून: अफगानिस्तान-ए ने इंडिया-ए को 4 रनों से हराया (DLS) • 13 जून: श्रीलंका-ए ने अफगानिस्तान-ए को 8 विकेट से हराया (DLS) • 15 जून: इंडिया-ए vs श्रीलंका-ए • 17 जून: इंडिया-ए vs अफगानिस्तान-ए • 19 जून: अफगानिस्तान-ए vs श्रीलंका-ए • 21-जून: फाइनल

डी-पार्क आग हादसा: सीएम ने किया निरीक्षण, पीड़ितों को आर्थिक सहायता की घोषणा

 रोहतक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड स्थल का निरीक्षण किया और प्रभावित दुकानदारों से मुलाकात कर घटना की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले कपिल, सौरभ और अमन के परिजनों से भी मिलकर गहरी संवेदना व्यक्त की तथा उन्हें हर संभव सरकारी सहायता का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं सहायता कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। मुख्यमंत्री ने राहत कोष से पूर्ण रूप से नष्ट हुई दुकानों के लिए 5-5 लाख रुपये और आंशिक रूप से प्रभावित दुकानों के लिए 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके अलावा आग की चपेट में आकर नष्ट हुई रेहड़ियों के मालिकों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा उन्होंने बताया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित दुकानदारों के नुकसान का आकलन कर अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा, ताकि व्यापारियों को अपने कारोबार को दोबारा खड़ा करने में मदद मिल सके। बता दें कि 9 जून को माडल टाउन स्थित डी-पार्क के निकट भीषण आग लगने से करीब एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गई थीं। हादसे में तीन लोगों की जिंदा जलने से मौत हो गई थी, जबकि लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ था। घटना के बाद से व्यापारी संगठनों की ओर से पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे और राहत की मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री के दौरे और मुआवजे की घोषणा के बाद प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

झारखंड में माले का ऐलान, राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ

 रांची  झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) भाकपा-माले की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक के समापन पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव में भाकपा-माले के विधायक महागठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करेंगे। दीपांकर भट्टाचार्य ने भरोसा जताया कि महागठबंधन के प्रत्याशी झामुमो (JMM) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा इस चुनाव में शानदार जीत दर्ज करेंगे। वोटर लिस्ट से नाम हटाने का आरोप पार्टी की बैठक में चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान पर गंभीर सवाल उठाए गए। दीपांकर भट्टाचार्य ने केंद्र और आयोग पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया:         इस अभियान के बहाने गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यक समुदायों और प्रवासी मजदूरों के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं।         अकेले बगोदर विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम गायब किए जाने की पुख्ता सूचना मिली है। नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए भाकपा-माले ने पूरे राज्य में “वोट बचाओ अभियान” चलाने का निर्णय लिया है। पेपर लीक मामले पर NTA को भंग करने की मांग देशभर में छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ पर पार्टी ने कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि NEET, CUET, CBSE और SSC जैसी प्रमुख परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण छात्र-युवा आंदोलन तेज हो रहा है भाकपा-माले ने मांग की है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग किया जाए। देश में एक पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन बैठक में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मुद्दों पर भी रणनीति तैयार की गई। देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी के खिलाफ पार्टी 16 जुलाई से अगस्त तक एक बड़ा देशव्यापी अभियान शुरू करेगी। साथ ही, फासीवाद, बुलडोजर राजनीति और निजीकरण के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कई लोगों ने पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण की। मौके पर राज्य सचिव मनोज भक्त, पोलित ब्यूरो सदस्य हलधर महतो, विधायक अरूप चटर्जी और विधायक चंद्रदेव महतो सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।  

कोरियन स्किनकेयर ट्रेंड: कोलेजन बढ़ाने के 5 घरेलू नुस्खे जो स्किन को बनाते हैं ग्लोइंग

 आजकल कोरियन वेब सीरीज और फिल्मों का ही नहीं, बल्कि कोरियन स्किनकेयर का ट्रेंड भी पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है. हर कोई कोरिया के लोगों की साफ, चमकदार और ग्लोइंग स्किन से इंप्रेस होकर अपनी स्किन को वैसा ही बनाना चाहता है. बड़ी उम्र की कोरियन महिलाओं और पुरुषों की स्किन भी ऐसे दमकती रहती है, जैसे वो 25-30 साल के हों. उनकी स्किन पर ना तो झुर्रियां दिखती है और ना ही उनकी स्किन ढीली पड़ती है. इसका सीक्रेट उनके ब्यूटी रूटीन में है. दरअसल, कोरियंस अपने रूटीन में कोलेजन को खास महत्व देते हैं, क्योंकि ये स्किन को टाइट, मुलायम और जवान बनाए रखने में मदद करता है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कोलेजन लेवल कम होने लगता है, जिससे झुर्रियां, ढीलापन और रूखापन नजर आने लगता है. ऐसे में अगर आप भी झर्रियों, झांइयों और स्किन के ढीले पड़ने से छुटकारा पाना चाहते हैं और 60 की उम्र में भी 30 वाला ग्लो चाहते हैं तो आपको अपने ब्यूटी रूटीन में कोलेजन शामिल करना होगा. इसके लिए आपको बाजार के महंगे प्रोडक्ट्स खरीदने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप कुछ आसान घरेलू नुस्खों की मदद से घर पर ही कोलेजन बढ़ा सकते हैं. 1. बोन ब्रॉथ: कोरियन ब्यूटी का पुराना सीक्रेट कोरिया में बोन ब्रॉथ को अंदर से सुंदरता बढ़ाने वाली ड्रिंक माना जाता है. ये कोलेजन से भरपूर होता है और स्किन के लिए बहुत फायदेमंद भी साबित होता है. इसे बनाने के लिए आपको चिकन की हड्डियों को एक बड़े बर्तन में डालें. इसमें 2 बड़े चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं. इसके बाद आप इसमें स्वाद और पोषण बढ़ाने के लिए अदरक, लहसुन और प्याज डाल सकते हैं. इसे धीमी आंच पर कई घंटों तक पकाना होता है, जिससे इसका स्वाद बढ़ता है. जब ये तैयार हो जाए तो आप इसे एक कप रोजाना पिएं. कहा जाता है कि बोन ब्रोथ को रोजाना पीने से स्किन की नमी और इलास्टिसिटी बेहतर हो सकती है. 2. सीवीड और एलोवेरा से बनाएं कोलेजन जेल मास्क आप सीवीड और एलोवेरा को मिलाकर कोलेजन जेल मास्क बना सकते हैं. सीवीड में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और कई पोषक तत्व होते हैं, जो स्किन को हेल्दी रखने में मदद करते हैं. ये कोलेजन जेल मास्क बनाने के लिए आपको सूखे सीवीड को गुनगुने पानी में 10 मिनट के लिए भिगोना होगा. इसके बाद इसे पीसकर पेस्ट बना लें. इसमें 2 चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल मिलाएं. अगर आप चाहते हैं तो इसमें 3-4 बूंद रोजहिप ऑयल भी मिला सकते हैं. अगर आप अपनी स्किन को हेल्दी बनाना चाहते हैं तो इसे चेहरे पर 15-20 मिनट लगाकर रखें और फिर धो लें. इस मास्क का इस्तेमाल हफ्ते में 2 बार किया जा सकता है. 3. राइस वॉटर टोनर इस लिस्ट में अगला नाम राइस वॉटर टोनर का है. ये कोरियन महिलाओं का सबसे पसंदीदा नुस्खा रहा है. चावल का पानी लंबे समय से कोरियन ब्यूटी रूटीन का हिस्सा रहा है. इसमें अमीनो एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होता है, जो स्किन को ताजगी देने में मदद करते हैं. राइस वॉटर टोनर बनाने के लिए आपको 1 कप चावलों को अच्छी तरह धोना होगा. चावलों को अच्छे से धोने के बाद 2 कप पानी में 30 मिनट तक भिगोकर रखें. पानी को छानकर बोतल में भर लें. इसे फ्रिज में रखें और 3-4 दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है. चेहरा साफ करने के बाद इसे टोनर की तरह लगाया जा सकता है. 4. कोलेजन स्मूदी स्किन को देगी अंदरूनी पोषण अगर आप सोचते हैं कि बाहरी चीजें लगाकर आपकी स्किन पर ग्लो आ जाएगा, तो आप गलत है. केवल बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि सही खानपान भी स्किन के लिए बहुत जरूरी है. कोरियंस अपनी स्किन को हेल्दी और जवान बनाए रखने के लिए डाइट में कोलेजन बढ़ाने के लिए स्मूदी शामिल करते हैं. इसे बनाने के लिए आपको 1 कप अनार का जूस, आधा एवोकाडो, 1 बड़ा चम्मच अलसी या चिया सीड्स, थोड़ी सी ब्लूबेरी की जरूरत पड़ेगी. आप इसका स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा शहद डाल सकते हैं. सभी चीजों को ब्लेंड करके सुबह के नाश्ते या स्नैक के रूप में लिया जा सकता है. 5. नाइट कोलेजन पैक रात के समय स्किन खुद को रिपेयर करती है, इसलिए कोरियन स्किनकेयर में नाइट पैक को बेहद खास माना जाता है. नाइट कोलेजन पैक बनाने के लिए आपको 1 अंडे का सफेद हिस्सा चाहिए होगा. अंडे के सफेद हिस्से में आधा चम्मच स्नेल म्यूसिन (ऑप्शनल) मिलाएं. 1 चम्मच शहद डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर चेहरे पर लगाएं. इसे रातभर लगा छोड़ दें और सुबह गुनगुने पानी से धो लें.

25 जून को निर्जला एकादशी, शनि-शुक्र से बनेगा नवपंचम राजयोग

 इस बार निर्जला एकादशी 25 जून को मनाई जाएगी. इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु की उपासना की जाती है. ज्योतिषियों के मुताबिक, शनि-शुक्र मिलकर नवपंचम राजयोग का निर्माण करेंगे. दरअसल, निर्जला एकादशी पर शनि-शुक्र एक-दूसरे से 120 डिग्री की दूरी पर विराजमान होंगे, जिससे नवपंचम राजयोग का निर्माण होगा. ज्योतिष शास्त्र में शनि और शुक्र दोनों परम मित्र हैं, इसलिए 25 जून 2026 को बनने वाला यह राजयोग आर्थिक, पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में बेहद शुभ परिणाम लेकर आएगा. क्या होता है नवपंचम राजयोग? ज्योतिष शास्त्र में नवपंचम राजयोग को बेहद शुभ और शक्तिशाली योगों में से एक माना गया है. यह एक त्रिकोणीय संबंध है, जो दो ग्रहों के बीच एक विशेष दूरी बनने पर निर्मित होता है. जब शनि और शुक्र एक-दूसरे से पांचवें  और नौवें भाव में स्थित होते हैं, तो उनके बीच नवपंचम योग बनता है. यानी आसान शब्दों में जब इन दोनों ग्रह के बीच 120 डिग्री का कोण बनता है, तब इस शुभ योग का निर्माण होता है. इस राजयोग से मुख्य रूप से लाभान्वित होने वाली हैं. वृषभ करियर में उछाल: शनि और शुक्र की शुभ स्थिति से आपके कार्यक्षेत्र में बड़ी तरक्की के योग हैं. लंबे समय से अटके हुए काम गति पकड़ेंगे. आर्थिक लाभ: यदि आप बिजनेस में हैं, तो कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. पैतृक संपत्ति से भी लाभ मिलने की संभावना है. समाज और ऑफिस में आपके काम को सराहा जाएगा और आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. मिथुन आय के नए स्रोत: आपकी आमदनी में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. एक से अधिक माध्यमों से धन लाभ होगा. बिजनेस या नौकरी के सिलसिले में की गई यात्राएं बेहद लाभदायक सिद्ध होंगी. पारिवारिक सुख: परिवार में चल रहे मतभेद समाप्त होंगे. जीवनसाथी के साथ संबंध और मजबूत होंगे. कन्या अचानक धन लाभ: कन्या राशि वालों को शेयर मार्केट, लॉटरी या किसी पुराने निवेश से बड़ा अप्रत्याशित लाभ हो सकता है. नौकरीपेशा जातकों को बड़ी जिम्मेदारी या प्रमोशन मिलने के प्रबल संकेत हैं. उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. क्रिएटिविटी: यदि आप कला, लेखन, मीडिया या डिजिटल कंटेंट क्रिएशन से जुड़े हैं, तो आपकी रचनात्मकता चरम पर होगी. कुंभ शनि की कृपा: कुंभ राशि के स्वामी शनि देव हैं. नवपंचम योग के प्रभाव से आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होगी. कारोबार में विस्तार: यदि आप नया स्टार्टअप या नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो यह समय सबसे अनुकूल है. पिछले कुछ समय से चल रहा मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर होंगी.

स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर फोकस, जयपुर के विकास की समीक्षा में सीएम के बड़े निर्देश

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जयपुर के सुव्यवस्थित विकास, स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इसे देश के मॉडल शहर के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों को समन्वित कार्ययोजना के साथ मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर जयपुर के विकास, स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण को लेकर विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए कचरा संग्रहण, परिवहन एवं वैज्ञानिक निस्तारण के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था को अनुशासित बनाने के लिए खुले में कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। इसलिए जनभागीदारी को बढ़ावा देते हुए जनजागरूकता अभियान चलाएं तथा सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं भामाशाहों को भी इस अभियान से जोड़े। उन्होंने आधुनिक तकनीक पर बल देते हुए कहा कि मशीनीकृत सफाई व्यवस्था को बढ़ावा तथा मैनुअल व्यवस्था पर निर्भरता को कम करने के निर्देश दिए। मानसून सीजन की तैयारियों को दें अंतिम रूप मानसून सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालों की व्यापक सफाई समय रहते पूर्ण की जाए। इससे जलभराव की संभावित समस्याओं वाले क्षेत्रों की विशेष निगरानी करते हुए सुगम जल निकासी सुनिश्चित होगी। साथ ही, उन्होंने मानसून सीजन के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राजधानी में विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर पूरे शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जाए। इसके लिए उन्होंने पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध कराने तथा कचरा निस्तारण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर केवल प्रदेश की राजधानी ही नहीं, बल्कि राजस्थान की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और पर्यटन पहचान का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों, प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों को विशेष रूप से स्वच्छ, आकर्षक और पर्यटन अनुकूल बनाया जाए, ताकि जयपुर की वैश्विक पहचान और अधिक सुदृढ़ हो सके राजधानी के सौंदर्यीकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने शहर की एक प्रमुख सड़क को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ‘मॉडल रोड’ विकसित करने के निर्देश दिए। इस मॉडल रोड पर स्वच्छता, हरियाली, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण, यातायात प्रबंधन, पैदल यात्री सुविधाएं एवं अन्य नागरिक सुविधाओं के उच्च मानक विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की सफलता के आधार पर अन्य प्रमुख मार्गों पर भी इसी मॉडल को लागू किया जाएगा। बैठक के दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण, राजस्थान आवासन मंडल एवं नगर निगम द्वारा राजधानी में संचालित विकास कार्यों तथा आगामी कार्ययोजना पर आधारित विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, शहरी विकास विभाग, राजस्थान आवासन मंडल, जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम, जिला प्रशासन सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

दक्षिणा नहीं, स्वच्छता का वचन चाहिए! रामघाट के पुरोहितों का अनूठा अभियान चर्चा में

उज्जैन  शिप्रा सहित देशभर के नदी-तालाबों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए रामघाट के तीर्थ पुरोहितों ने अनूठा नवाचार शुरू किया है। अब यहाँ पूजा-आरती के बाद श्रद्धालुओं से नकद दक्षिणा के बजाय सिर्फ नदी स्वच्छता का संकल्प मांगा जा रहा है। हर शाम होने वाली शिप्रा सांध्य आरती के समापन पर पुरोहित भक्तों को नदी स्वच्छ रखने का वचन दिलाते हैं। श्री क्षेत्र तीर्थ पुरोहित पंडा समिति के अध्यक्ष पंडित राजेश त्रिवेदी ने बताया कि मात्र 51 दिन में करीब 2.50 लाख लोगों को यह संकल्प दिलाया जा चुका है। पुरोहितों का मानना है कि यदि यही जनभागीदारी देश के सभी धार्मिक घाटों पर लागू हो, तो बिना किसी भारी-भरकम बजट के जल संरचनाएं स्वच्छ हो सकेंगी। वैष्णव तिलक और आभूषण अर्पित कर राजा स्वरूप श्रृंगार विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान महाकाल का जटाधारी स्वरूप में चंदन, वैष्णव तिलक एवं आभूषण अर्पित कर राजाधिराज स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया। इससे पहले प्रथम घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश किया गया। मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान कर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के पश्चात भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों से निर्मित हार अर्पित किए गए। मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्प धारण कर भगवान महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। इसके बाद फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।  

सोमवती अमावस्या की व्रत कथा: कैसे हुई एक चमत्कारी घटना की शुरुआत

 सोमवती अमावस्या सभी अमावस्या में सबसे खास मानी जाती है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना का विधान बताया गया है. मान्यता है कि इस अमावस्या पर स्नान और दान करना भी शुभ होता है. इसके अलावा, इस दिन पूर्वजों की कृपा पाने, राहु-केतु के कष्टों को कम करने और पैसों की तंगी दूर करने के लिए अमावस्या की तिथि सबसे उत्तम मानी जाती है. इस विशेष दिन पर पीपल के वृक्ष की आराधना करना, पूर्वजों के नाम दान करना और जल देना बेहद फलदायी होता है. चलिए आइए जानते हैं इसकी व्रत कथा. सोमवती अमावस्या व्रत कथा एक छोटे से गांव में एक गरीब ब्राह्मण परिवार रहता था. उस परिवार में पति-पत्नी और उनकी एक बेटी थी. समय के साथ बेटी बड़ी होने लगी. वह बहुत ही सुंदर, संस्कारी और गुणों से भरपूर थी, लेकिन गरीबी के कारण उसके माता-पिता उसकी शादी नहीं कर पा रहे थे. एक दिन उनके घर एक साधु आए. बेटी ने बड़े आदर और सेवा भाव से उनकी सेवा की. साधु उसकी सेवा से बहुत खुश हुए और उसे आशीर्वाद दिया. लेकिन ध्यान लगाकर उन्होंने कहा कि इस कन्या के हाथों में विवाह का योग नहीं है. यह सुनकर माता-पिता बहुत चिंतित हो गए और साधु से उपाय पूछने लगे. साधु ने ध्यान करके बताया कि पास के एक गांव में ‘सोना’ नाम की एक धोबिन रहती है, जो बहुत धर्मपरायण और अपने पति के प्रति समर्पित है. अगर यह कन्या उसकी सेवा करे और वह अपने मांग का सिंदूर इस लड़की की मांग में लगा दे, तो इसके विवाह का योग बन सकता है. अगले ही दिन से वह लड़की रोज सुबह अंधेरे में उठकर सोना धोबिन के घर जाने लगी. वह चुपचाप घर के सारे काम कर देती और बिना किसी को बताए वापस आ जाती. कुछ दिनों बाद सोना धोबिन को शक हुआ कि आखिर घर का काम कौन करता है. उसने और उसकी बहू ने एक दिन निगरानी की. तब उन्होंने देखा कि एक लड़की सुबह-सुबह आकर सारा काम कर जाती है. जब उन्होंने उस लड़की को रोका और पूछा, तब उसने सारी सच्चाई बता दी. सोना धोबिन उसकी भक्ति और सेवा से प्रभावित हो गई और उसकी मदद करने के लिए तैयार हो गई. एक दिन उसने अपने मांग का सिंदूर उस लड़की की मांग में भर दिया. लेकिन उसी समय उसके पति की मृत्यु हो गई. यह जानकर भी वह घबराई नहीं. उस दिन सोमवती अमावस्या थी. वह बिना पानी पिए घर से निकली थी. उसने सोचा कि पीपल के पेड़ की पूजा करके ही जल ग्रहण करेगी. रास्ते में उसने ईंट के टुकड़ों से 108 बार भंवरी दी और पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा की. उसकी सच्ची श्रद्धा और भक्ति के कारण चमत्कार हुआ. उसके पति के मृत शरीर में फिर से प्राण आ गए और वह जीवित हो उठे. इस तरह उस धोबिन की तपस्या और सेवा भावना ने न केवल एक लड़की का जीवन सुधारा, बल्कि उसके अपने पति को भी नया जीवन दे दिया.