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टेबल टेनिस फेडरेशन का विवादित फैसला: खिलाड़ियों से ट्रायल और यात्रा का खर्च मांग

कराची  पाकिस्तान के शीर्ष पुरुष और महिला टेबल टेनिस खिलाड़ियों को उस समय बड़ा झटका लगा जब पाकिस्तान टेबल टेनिस फेडरेशन (पीटीटीएफ) ने उनसे कहा कि इस वर्ष जापान में होने वाले एशियाई खेलों में अगर वे भाग लेना चाहते हैं तो उन्हें अपनी यात्रा और अन्य खर्च स्वयं वहन करने होंगे। लाहौर में ट्रॉयल्‍स लाहौर में जारी दो दिवसीय राष्ट्रीय ट्रॉयल्स के दौरान जब कुछ खिलाड़ियों ने अपने दैनिक भत्ते और यात्रा भत्ते को लेकर महासंघ के अधिकारियों से जानकारी मांगी तब इस बारे में पता चला। एक खिलाड़ी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि हमें बताया गया है कि ट्रॉयल्स में हिस्सा लेने के लिए कोई भुगतान नहीं मिलेगा। अनुदान नहीं मिला है इसके अलावा, एशियाई खेलों के लिए चयनित खिलाड़ियों को अपने हवाई टिकट और खर्च के लिए प्रतिदिन 50 डॉलर की विदेशी मुद्रा स्वयं व्यवस्था करनी होगी। खिलाड़ी ने कहा कि जब खिलाड़ियों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई तो पीटीटीएफ एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें खुश होना चाहिए कि ट्रॉयल का आयोजन हो रहा है क्योंकि महासंघ को पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (पीएसबी) से कोई कोष या अनुदान नहीं मिला है। कोई पदक नहीं जीता इस खिलाडी ने कहा कि हमें बताया गया कि एशियाई खेलों के लिए भी पीटीटीएफ को पीएसबी से कोई अनुदान नहीं मिलता है। यह खेलों के विकास के लिए चिंताजनक स्थिति है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अब तक एशियाई खेलों या एशियाई चैंपियनशिप में टेबल टेनिस में कोई पदक नहीं जीता है। इसका कारण मलेशिया, चीन, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे मजबूत देशों का दबदबा माना जाता है।  

OnePlus N6 लॉन्च: 30 जून को भारत में आएगा नया बजट स्मार्टफोन

OnePlus भारतीय बाजार में अपने नए स्मार्टफोन OnePlus N6 को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. कंपनी ने ऑफिशियली मॉडल की लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है. यह अपकमिंग मॉडल कंपनी की N-सीरीज का पहला मॉडल होगा. कंपनी का कहना है कि यह सीरीज उन ग्राहकों के लिए लाई जा रही है जो कम कीमत में OnePlus का एक्सपीरियंस चाहते हैं. 30 जून को होगा लॉन्च OnePlus ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी शेयर करते हुए बताया कि OnePlus N6 को 30 जून को दोपहर 12 बजे भारत में लॉन्च किया जाएगा. लॉन्च से पहले कंपनी ने फोन के डिजाइन की भी झलक दिखाई है. कैसा होगा डिजाइन? टीजर इमेज के अनुसार, OnePlus N6 में फ्लैट रियर पैनल और फ्लैट फ्रेम दिया जाएगा. फोन के बैक पैनल पर ऊपर राइट साइड स्क्वायर शेप का कैमरा मॉड्यूल मिलेगा, जिसमें दो कैमरा सेंसर और LED फ्लैश मौजूद होंगे. वहीं, बीच में OnePlus की ब्रांडिंग दी गई है. फोन के राइट साइड पावर बटन और वॉल्यूम कंट्रोल दिए जाएंगे, जबकि बाईं तरफ कोई बटन नहीं होगा. नीचे की तरफ USB Type-C पोर्ट, स्पीकर ग्रिल और सिम ट्रे दी जाएगी. इसके अलावा ऊपर सेकेंडरी माइक्रोफोन भी मिलेगा. डिस्प्ले और कलर ऑप्शन OnePlus N6 में फ्लैट डिस्प्ले मिलेगा, जिसमें सेंटर पंच-होल कटआउट दिया जाएगा. इसी कटआउट में सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट कैमरा मौजूद होगा. कंपनी इस स्मार्टफोन को ब्लैक और ग्रीन कलर ऑप्शन में लॉन्च करेगी. कीमत कितनी होगी? OnePlus ने रिवील किया है कि नई N-सीरीज के स्मार्टफोन्स की कीमत भारत में 18,000 रुपये से 25,000 रुपये के बीच होगी. यानी यह स्मार्टफोन कंपनी की Nord सीरीज के मुकाबले अधिक किफायती होगा. रिपोर्ट्स की मानें तो N-सीरीज के कुछ मॉडल्स की कीमत 20,000 रुपये से भी कम हो सकती है. ऐसे में यह OnePlus की नई एंट्री-लेवल स्मार्टफोन सीरीज बन सकती है. Amazon पर होगी बिक्री OnePlus N6 की बिक्री भारत में Amazon के जरिए की जाएगी. कंपनी ने इसके लिए माइक्रोसाइट भी लाइव कर दी है और लॉन्च से पहले लगातार फोन को टीज किया जा रहा है. हालांकि, कंपनी ने अभी तक स्मार्टफोन के प्रोसेसर, कैमरा स्पेसिफिकेशन, बैटरी और चार्जिंग से जुड़ी जानकारी शेयर नहीं की है. लॉन्च के दौरान फोन की सभी खासियतों और कीमत का खुलासा किया जाएगा.

पुराने स्मार्टफोन बनेंगे मिनी डेटा सेंटर: गूगल का नया कम कार्बन कंप्यूटिंग प्रोजेक्ट

पुराने स्मार्टफोन को कबाड़ समझने की भूल ना करें, अब ये अहम कंप्यूटिंग सिस्टम बन सकते हैं. दरअसल,  गूगल पुराने स्मार्टफोन को कम कार्बन कंप्यूटिंग क्लस्टर में बदलने की योजना बना रहा है, जिसका खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, कंपनी पुराने स्मार्टफोन के कंप्यूटिंग हार्डवेयर को निकालकर क्लाउड एप्लीकेशन और रिसर्च वर्कलोड के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है. आसान शब्दों में समझें तो कंपनी पुराने स्मार्टफोन के चिप, मेमोरी और स्टोरेज को निकालकर कई हजारों डिवाइस को आपस में जोड़ना चाहती है. ऐसा करके एक छोटे डेटा सेंटर की तरह इस्तेमाल किया जाएगा. अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम से हाथ मिलाया गूगल ने इसके लिए अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम से हाथ मिलाया है और उसको तैयार किया है. दोनों मिलकर ये रिसर्च कर रहे हैं कि कैसे हजारों रिटायर्ड स्मार्टफोन्स को नए प्रकार के कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म में तब्दील किया जा सकता है. सब कुछ अगर ठीक रहता है तो इस प्रोजेक्ट के तहत आने वाले समय में लगभग 2 हजार पुराने Pixel स्मार्टफोन्स से तैयार किया गया एक डेटा सेंटर के रूप में काम कर सकता है. b गूगल के इस अपकमिंग प्रोजेक्ट को फोन क्लस्टर कंप्यूटिंग का नाम दिया है. ऑफिशियल ब्लॉग में गूगल ने बताया है कि रिसर्चर स्मार्टफोन से डिस्प्ले, बैटरी, कैमरा और बाहरी बॉडी जैसी कैटेगरी में कन्वर्ट कर देगा. फिर मदरबोर्ड बचेगा, जिसमें प्रोसेसर, मेमोरी और स्टोरेज मौजूद होते हैं. कई स्मार्टफोन के मदरबोर्ड को आपस में कनेक्ट करके उनको Linux ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा. एक बार सभी डिवाइस कनेक्ट होने के बाद इनको क्लस्टर के रूप में लगाया जा सकेगा. सभी डिवाइस को Kubernetes प्लेटफॉर्म के जरिए मैनेज किया जा सकेगा, जो एडवांस्ड क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा. लगभग 25 से 50 स्मार्टफोन्स का एक क्लस्टर होगा, जो कुछ स्पेशल टास्क के लिए एक मॉडर्न सर्वर के बराबर कंप्यूटिंग पावर जनरेट करने की काबिलियत रख सकता है. रिसर्चर सैकड़ों या हजारों डिवाइसों को आपस में कनेक्ट करके ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहते हैं, जो क्लाउड बेस्ट सर्विस दे सकते हैं. गूगल का क्या है मकसद? गूगल का मानना है कि कंप्यूटिंग का कार्बन फुटप्रिंट मुख्य रूप से दो सोर्स से आते हैं. पहला सिस्टम चलाने के दौरान खर्च होने वाली बिजली और दूसरा नए हार्डवेयर के निर्माण के दौरान. ऐसे में कंपनी पुराने हैंडसेट का इस्तेमाल करके कार्बन को कम करना चाहती है. रिसर्च टीम 2,000 स्मार्टफोन्स का एक कंप्यूटिंग क्लस्टर बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसका इस्तेमाल सिस्टम प्रोग्रामिंग और कंप्यूटिंग में किया जाएगा.

अमेरिका का बड़ा फैसला: एडवांस्ड AI मॉडल्स पर विदेशी यूजर्स के एक्सेस पर लगा बैन

अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है और गैर अमेरिकियों के लिए पावरफुल AI मॉडल के एक्सेस को बैन कर दिया है. यह नियम एंथ्रोपिक के सबसे एडवांस्ड एआई मॉडल्स Claude Fable 5 और Mythos 5 पर लागू होगा. अमेरिका ने एंथ्रोपिक के लिए एक्सपोर्ट कंट्रोल के निर्देश दिए हैं, जो इन मॉडल्स पर लागू होंगे. दरअसल, अमेरिकी सरकार के एक विभाग ने पावरफुल एआई मॉडल्स Claude Fable 5 और Mythos 5 के ग्लोबल एक्सेस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है, जिसकी जानकारी शनिवार को मिली. यह बैन अमेरिका के बाहर के सभी यूजर्स, जिसमें एंथ्रोपिक के विदेशी कर्मचारी भी शामिल हैं. अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स के मुताबिक, इन मॉडल्स में कुछ ऐसी खामियां हैं, जिनका इस्तेमाल करके हैकर्स सॉफ्टवेयर में मौजूद कमजोरियों का पता लगा सकते हैं और बड़े साइबर हमलों से बच सकते हैं. हैकर्स के हाथ में यह तकनीक पहुंचती है तो बड़ा नुकसान हो सकता है. भारत और दुनिया के लिए नुकसान एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स पर बैन लगाने के बाद दुनिया के कई देशों को कुछ नुकसान और कई फायदे भी होंगे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. एडवांस्ड AI टूल का एक्सेस नहीं एंथ्रोपिक का Claude Fable 5 एक पावरफुल AI मॉडल है. इसका इस्तेमाल कोडिंग, ऑटोनॉमस रिसर्च और कई बड़े-बड़े लॉजिकल टास्क को कंप्लीट किया जाता है. बैन होने की वजह से बहुत सी कंपनियों और स्टार्टअप आदि को नुकसान होगा. अमेरिकी कंपनियों को एकतरफा फायदा एंथ्रोपिक के AI मॉडल्स का एक्सेस अमेरिकी नागरिकों और वहां की कंपनियों को मिलेगा,जिससे उन कंपनियों को ग्लोबल लेवल पर एक तरफा फायदा देखने को मिलेगा. इनोवेशन से लेकर प्रोडक्टिविटी के मामले में अमेरिकी कंपनियों को फायदा होगा. अमेरिका की बड़ी स्ट्रैटजी का हिस्सा अमेरिका का यह कदम बताता है कि वह अब एडवांस्ड एआई मॉडल्स को सिर्फ एक कमर्शियल प्रोडक्ट नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय संपत्ति के रूप मानने लगा है. इसकी वजह से विकसित देशों और ग्लोबल साउथ के बीच तकनीकी खाई और गहरी हो सकती है. लोकल टेक इकोसिस्टम में बढ़ेगी इनवेस्टमेंट AI मॉडल पर बैन होने के बाद दुनिया के कई देशों में एक मजबूत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग तेज होगी. भारत इस दिशा में लंबे समय से काम कर रहा है और अन्य देशों को भी इस दिशा में काम करना शुरू करना पड़ेगा. साइबर सुरक्षा से होगा बचाव अमेरिका खुद एंथ्रोपिक के इन दोनों मॉडल्स को साइबर हमलों के लिए खतरा मानता है क्योंकि ये जरूरी सॉफ्टवेयर की खामियों का पता लगाते हैं. यूं तो कंपनी का दावा है कि इससे खामियां दूर होंगी, लेकिन साइबर स्कैमर्स इन खामियों की मदद से बड़े साइबर अटैक को अंजाम दे सकते हैं.

बिहारी कॉलोनी समेत कई रेडलाइट बंद करने की योजना, ट्रैफिक होगा सिग्नल फ्री

नई दिल्ली  ट्रैफिक पुलिस स्वामी दयानंद मार्ग पर बनी बिहारी कॉलोनी, आजाद नगर और कृष्णा नगर रेडलाइट को बंद कर केशव चौक से जगतपुरी रेडलाइट तक करीब 3 से 4 किलोमीटर के हिस्से को सिग्नल फ्री बनाने की योजना पर काम कर रही है। बिहारी कॉलोनी रेडलाइट पर ट्रायल शुरू हो चुका है। बाकी दोनों जगह जल बोर्ड की अंडरग्राउंड सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। वहां यू टर्न बनाए जा चुके हैं। काम पूरा होने के बाद इन्हें भी सिग्नल फ्री कर दिया जाएगा। इससे पहले विकास मार्ग को भी इसी तरह सिग्नल फ्री बनाया जा चुका है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, सड़क के बीच सीमेंटेड डिवाइडर लगाकर बिहारी कॉलोनी रेडलाइट बंद कर दी गई है। रेडलाइट की जगह डिवाइडर और यू टर्न से नियंत्रित होगा ट्रैफिक     अब बिहारी कॉलोनी से कांति नगर जाने वालों को यू टर्न लेना होगा, जबकि कांति नगर से बिहारी कॉलोनी जाने वालों को केशव चौक अंडरपास के ऊपर से घूमकर जाना पड़ेगा।रेडलाइट बंद होने से मुख्य मार्ग का ट्रैफिक बिना रुके आगे बढ़ सकेगा।     ट्रायल के बाद रॉन्ग साइड चलने की समस्या बढ़ी है, जिसे रोकने के लिए 200 से ज्यादा चालान किए जा चुके हैं।     वहीं, आजाद नगर रेडलाइट को सिग्नल फ्री बनाने की तैयारी पूरी है।     दोनों तरफ यू टर्न बनाए जा चुके हैं। स्वर्ण सिनेमा के पास सीवर लाइन बिछाने का काम 30 जून तक पूरा होना है। इसके बाद रेडलाइट बंद कर दी जाएगी। कृष्णा नगर रेडलाइट कृष्णा नगर रेडलाइट से पहले भी जल बोर्ड का काम चल रहा है। सड़क संकरी होने से कई बार एक लेन से ही ट्रैफिक गुजर पाता है। काम पूरा होने के बाद सिग्नल फ्री व्यवस्था लागू की जाएगी।  

पश्चिम बंगाल में फिर गरमाया स्कूल भर्ती घोटाला, ED ऑफिस पहुंचेंगे अभिषेक बनर्जी

कोलकाता तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल में स्कूल में नौकरी के लिए करोड़ों रुपये नकद मामले में सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश होना है।  वह केंद्रीय एजेंसी की चल रही जांच के संबंध में पूछताछ के लिए दिन में कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में ईडी के साल्ट लेक कार्यालय में होंगे. ईडी अधिकारियों ने जून में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे बनर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस दिया था।  उन्हें 3 जून को आज के लिए यानी 15 जून को दोपहर तक ईडी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया. संयोग से अभिषेक बनर्जी का नाम केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर आरोप पत्र में था, जो स्कूल-नौकरी मामले में समानांतर जांच कर रहा है. हालाँकि, उन्हें वहां आरोपी के रूप में नामित नहीं किया गया था।  मामले की जांच में ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र में उनका नाम भी सामने आया था. ईडी सूत्रों के मुताबिक अभिषेक को उनकी संलिप्तता के बारे में जांच में तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए फिर से ईडी कार्यालय में बुलाया गया है. उनका बयान दर्ज किया जाएगा।  स्कूल नौकरी मामले में ईडी के कार्यालय में अभिषेक से पूछताछ हस्ताक्षर बेमेल मामले में चल रही जांच के संबंध में पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारियों द्वारा रविवार को साढ़े आठ घंटे तक मैराथन पूछताछ का सामना करने के ठीक एक दिन बाद हो रही है।  फिर, 16 जून यानी मंगलवार को उन्हें दक्षिण कोलकाता के भबानी भवन में सीआईडी के मुख्यालय में उपस्थित होना होगा. उनके खिलाफ दर्ज एक एफआईआर के संबंध में पूछताछ के लिए जहां उन पर राज्य में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों से पहले हिंसा भड़काने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकी देने का आरोप लगाया गया था. सीआईडी ​​अधिकारियों ने उन्हें 12 जून की शाम को नोटिस दिया था. अभिषेक बनर्जी ने पहले ही कहा था कि वह किसी भी मामले में किसी भी जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करेंगे, जैसा कि वह करते रहे हैं। 

मूंग दाल इडली रेसिपी: हेल्दी और प्रोटीन से भरपूर साउथ इंडियन ट्विस्ट

साउथ इंडियन फूड की बात हो और इडली का नाम न आए. ऐसा भला कैसे हो सकता है. इसे समूचे भारत के लोग खूब पसंद करते हैं. लेकिन आमतौर पर घरों में चावल, सूजी या उड़द की दाल का इस्तेमाल करके इडली बनाई जाती है. लेकिन अगर आप इस पारंपरिक स्वाद में एक हेल्दी और न्यूट्रिशियस ट्विस्ट देना चाहते हैं तो जाने-माने सेलिब्रिटी सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर की बताई यह रेसिपी आपके बड़े काम आएगी. कुणाल कपूर ने कुछ समय पहले अपने यूट्यूब चैनल पर मूंग दाल की इडली बनाने का एक बेहद अनोखा और आसान तरीका शेयर किया था. अगर आप भी घर पर मूंग दाल की इडली बनाते हैं तो यह ना केवल आपको नया स्वाद देगी बल्कि यह प्रोटीन से भी भरपूर होगी जो आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है. सामग्री (Ingredients) धुली मूंग दाल: 1 कप (3 घंटे भीगी हुई) दही: 1/2 कप सूजी (रवा): 1/4 कप (बाइंडिंग के लिए) हरी मिर्च और अदरक का पेस्ट: 1 चम्मच गाजर: 1/4 कप (बारीक कद्दूकस की हुई) हरा धनिया: 2 चम्मच (बारीक कटा हुआ) इनो (फ्रूट साल्ट): 1 छोटी चम्मच नमक: स्वादानुसार तड़के के लिए: 1 चम्मच तेल, 1 चम्मच राई, 1 चम्मच उड़द दाल, 7-8 कढ़ी पत्ता, एक चुटकी हींग. बनाने का तरीका इसके लिए बिना छिलके वाली मूंग दाल को रात भर के लिए भिगो दें. अब इसे धोने के बाद ग्राइंड करना है जिसके लिए पहले इसमें जरा सी दही डालें जो फर्मेंट के काम आती है. इसके बाद इसमें अदरक, हरी मिर्च, करी पत्ता और नमक डालकर बिना पानी के इसे ग्राइंड करके फाइन पेस्ट बना लें. अब इसमें पानी डालें थोड़ा और फिर ग्राइंड करें. इडली का बेटर तैयार हो गया है.   अब इस इंस्टैंट इडली के लिए सिंपल सा तड़का लगाना है. इसके लिए गर्म तेल में हींग, राई डालें और फिर हल्की सी हल्दी भी डालें. इस तड़के को इडली के बेटर में डाल दें. मूंग दाल की इस इडली में आपको गाजर और हरा धनिया भी डालना है. आप चाहें तो स्किप कर सकते हैं. आखिर में इडली के बेटर में हल्का सा बेकिंग सोडा या इनो मिलाएं. ये दही के साथ मिलकर फर्मेंट करता है और इडली फूली-फूली बनती हैं. अब इडली के मोल्ड को तेल से ग्रीस कर लें. अगर आपके पास ये नहीं हैं तो स्टील की कटोरी में भी इडली बना सकते हैं. इनमें बैटर को डालें और 12 से 15 मिनट तक पकाएं.

पेयजल संकट से राहत: एक दिन में 3 हजार से ज्यादा शिकायतों का निस्तारण

जयपुर प्रदेशवासियों को पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार लगातार सक्रिय और संवेदनशील रूप से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों, प्रभावी मॉनिटरिंग और जनहित सर्वोपरि की सोच के अनुरूप जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा संचालित विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रदेशभर में राहत का मजबूत आधार बनकर उभरे हैं। इन अभियानों के माध्यम से न केवल हजारों पेयजल समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया है, बल्कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में लाखों लोगों तक निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल पहुंचाने में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। एक ही दिन में 3 हजार से अधिक समस्याओं का निस्तारण, टीमों ने दिखाई असाधारण तत्परता शनिवार को आयोजित आठवें विशेष अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने शहरों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक जल स्रोतों, पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण किया। अभियान के तहत 718 खराब हैंडपंपों को पुनः चालू किया गया, 612 पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए गए, 226 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान किया गया तथा 265 क्षेत्रों में बाधित जलापूर्ति बहाल की गई। इसके अतिरिक्त कम अवधि की जलापूर्ति, कम सप्लाई और प्रदूषित जल संबंधी शिकायतों का भी त्वरित निस्तारण किया गया। कुल मिलाकर एक ही दिन में 3,010 पेयजल संबंधी कार्य पूर्ण कर विभाग ने अपनी प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता का परिचय दिया। तकनीकी टीमों की तत्परता से 2987 शिकायतों का मौके पर समाधान आठवें अभियान के दौरान तकनीकी टीमों ने समन्वित एवं त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 2987 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया। विभाग की सक्रियता के कारण आमजन को तत्काल राहत मिली और पेयजल संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव हो सका। विशेष अभियानों से पेयजल व्यवस्था में आया व्यापक बदलाव 5 अप्रैल से 13 जून तक संचालित आठ विशेष राज्यव्यापी अभियानों के दौरान प्रदेशभर में कुल 22 हजार 396 पेयजल संबंधी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। इनमें 4 हजार 484 हैंडपंपों की मरम्मत, 2 हजार 848 पाइपलाइन लीकेज की दुरुस्ती, 1 हजार 445 प्रेशर संबंधी समस्याओं का समाधान तथा 1 हजार 655 बाधित जलापूर्ति मामलों का निस्तारण शामिल है। इसके अलावा 8 हजार 238 अन्य सुधारात्मक कार्यों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं भरोसेमंद बनाया गया है। अवैध जल कनेक्शनों पर सख्ती से जल संरक्षण को मिला नया संबल जल संरक्षण और संसाधनों के समुचित प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए विभाग ने अवैध जल उपयोग के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया। विशेष कार्रवाई के तहत 359 अवैध जल कनेक्शन हटाए गए, जिनमें होटल, ढाबे तथा कृषि कार्यों में उपयोग किए जा रहे कनेक्शन शामिल थे। अब तक आठ अभियानों में कुल  2 हजार 186 अवैध जल कनेक्शन हटाए जा चुके हैं, जिससे जल की बर्बादी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और आमजन के लिए उपलब्ध जल संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। ग्रामीण अंचलों में मजबूत हुई जलापूर्ति, हजारों परिवारों को राहत हैंडपंपों और पाइपलाइनों की मरम्मत के साथ-साथ  आठवें अभियान में 578 अन्य सुधारात्मक कार्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है। इन प्रयासों से हजारों परिवारों को गर्मी के इस कठिन दौर में राहत मिली है तथा जलापूर्ति की गुणवत्ता और उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। 30 जून तक जारी रहेगा विशेष राहत अभियान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में पेयजल व्यवस्थाओं को मजबूत बनाए रखने के लिए विशेष राज्यव्यापी अभियान 30 जून तक निरंतर संचालित किए जाएंगे। इन अभियानों का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ, पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना तथा गर्मी के मौसम में किसी भी नागरिक को पेयजल संकट का सामना न करने देना है।

16 जून को मंगल का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर, कई राशियों के बदलेगा भाग्य

मंगल का कृत्तिका नक्षत्र में गोचर (16 जून 2026) ज्योतिष शास्त्र के लिहाज से एक बेहद प्रभावशाली और ऊर्जावान घटना माना जा रहा है. मंगल देव को साहस, पराक्रम, भूमि और ऊर्जा का कारक माना जाता है, जबकि कृत्तिका नक्षत्र के स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं. सूर्य और मंगल आपस में परम मित्र हैं. अग्नि तत्व के ग्रह मंगल का अग्नि तत्व के ही नक्षत्र (कृत्तिका) में आना कई राशियों के जीवन में तरक्की की नई राहें खोलेगा. विशेष रूप से यह गोचर साहस, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े लोगों को शानदार सफलता देगा. आइए जानते हैं कि 16 जून से मंगल के इस नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों के शुरू होने वाले हैं अच्छे दिन और किसे मिलेगा बंपर लाभ. मेष राशि (Aries) मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल देव हैं. कृत्तिका नक्षत्र में मंगल का आना आपके आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाएगा. कार्यक्षेत्र में आपके काम की तारीफ होगी. यदि कोई सरकारी काम लंबे समय से अटका हुआ था, तो वह इस दौरान पूरा हो सकता है. व्यापार में साहसिक फैसले लेने से बड़ा धन लाभ होगा. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं, जिनके नक्षत्र में मंगल प्रवेश कर रहे हैं. आपके लिए यह गोचर किसी वरदान से कम नहीं है. समाज में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई नौकरी के बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं. पैतृक संपत्ति से लाभ होने के योग बन रहे हैं. वृश्चिक राशि (Scorpio) मंगल आपकी राशि के भी स्वामी हैं. कृत्तिका नक्षत्र में आकर मंगल आपको हर विपरीत परिस्थिति से बाहर निकालेंगे. कोर्ट-कचहरी के मामलों में आपको विजय मिल सकती है. शत्रुओं पर आप भारी पड़ेंगे. आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी. नया वाहन या भूमि खरीदने के योग बनेंगे. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर भाग्य में वृद्धि करने वाला साबित होगा.जो छात्र उच्च शिक्षा या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. व्यापारिक यात्राएं सफल रहेंगी और निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद है. इन बातों का विशेष ध्यान रखें वाणी पर नियंत्रण- अति-उत्साह या गुस्से में आकर किसी को अपशब्द न कहें, अन्यथा बनते काम बिगड़ सकते हैं. वाहन चलाते समय सावधानी- जल्दबाजी में वाहन चलाने से बचें. उग्रता से बचें- कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ अहंकार या बहसबाजी से दूर रहें.

आलू के छिलके हैं कमाल: त्वचा, बाल और सेहत के लिए चौंकाने वाले फायदे

आलू एक ऐसी सब्जी है जो हर घर की रसोई में आमतौर पर रोज ही बनती है लेकिन अक्सर हम इसके छिलकों को बेकार समझकर कूड़ेदान में फेंक देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं तो रुक जाइए. आलू के ये छिलके असल में आपकी त्वचा और सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इनमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी, पोटैशियम, आयरन और प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट पाए जाते हैं. आलू के छिलकों के इस्तेमाल से आपकी स्किन को कई फायदे हो सकते हैं. आइए जानते हैं कि आलू के छिलकों का इस्तेमाल कैसे करना है. 1. चेहरे के दाग-धब्बे और झाइयां होंगी दूर आलू के छिलकों में प्राकृतिक रूप से ब्लीच करने के गुण होते हैं. अगर आपके चेहरे पर धूप के कारण कालापन (टैनिंग), पिंपल्स के दाग या झाइयां हैं, तो आलू के छिलकों को साफ करके सीधे अपने चेहरे पर हल्के हाथों से रगड़ें. इसके बाद छिलकों को चेहरे पर ही 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर सादे पानी से धो लें. नियमित इस्तेमाल से त्वचा बेदाग और चमकदार हो जाती है. 2. डार्क सर्कल्स में मिलेगी मदद देर रात तक जागने या थकान की वजह से आंखों के नीचे होने वाले काले घेरों और सूजन को कम करने के लिए आलू के छिलके अचूक दवा हैं. आलू के ताजे छिलकों को थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रख दें ताकि वे ठंडे हो जाएं. इसके बाद इन ठंडे छिलकों को अपनी आंखों पर रखकर 15 मिनट के लिए लेट जाएं. यह आंखों के आसपास के हिस्से को ठंडक देकर काले घेरे पूरी तरह साफ कर देता है. 3. घर पर बनाएं खाद अगर आप चेहरे या बालों पर इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो इसे फेंकने के बजाय अपने घर के पेड़-पौधों के गमलों में डाल दें. आलू के छिलकों में पोटैशियम, नाइट्रोजन, फास्फोरस और आयरन बहुत ज्यादा मात्रा में होता है. इन छिलकों को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह उस पानी को पौधों में डाल दें, या फिर छिलकों को सुखाकर मिट्टी में मिला दें. इससे पौधों की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है. 4. ऑयल कंट्रोल करने में असरदार जिन लोगों की त्वचा तैलीय (ऑयली) होती है, उनके चेहरे पर धूल-मिट्टी जल्दी जमती है और मुंहासे होने लगते हैं. आलू के छिलकों में भरपूर मात्रा में स्टार्च पाया जाता है. इन छिलकों को पीसकर इनका रस निकाल लें और उसमें दो बूंद नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाएं. यह त्वचा से अतिरिक्त तेल को सोख लेता है और रोमछिद्रों को गहराई से साफ करता है. 5. बालों को बना सकता है आलू के छिलके सिर्फ त्वचा ही नहीं, बल्कि बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद हैं. एक बर्तन में दो कप पानी लें और उसमें एक कप आलू के छिलके डालकर 10 से 15 मिनट तक अच्छे से उबालें. जब पानी आधा रह जाए, तो इसे छानकर ठंडा कर लें. बाल धोने (शैम्पू करने) के बाद इस पानी को अपने बालों और जड़ों में लगाएं. यह सफेद होते बालों को प्राकृतिक रूप से धीरे-धीरे काला करने का एक बेहतरीन घरेलू तरीका है.