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सोमवती अमावस्या आज: जानें शुभ मुहूर्त और पूजा का महत्व

 हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का बहुत बड़ा महत्व है. जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहते हैं.  माना जाता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से घर में खुशहाली आती है और जीवन की कई मुश्किलें दूर हो जाती हैं. इस बार कब है सोमवती अमावस्या? वर्ष 2026 में सोमवती अमावस्या आज 15 जून 2026, सोमवार को मनाई जा रही है. उदया तिथि के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और स्नान-दान करने का विशेष महत्व है अमावस्या तिथि की शुरुआत 14 जून को दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर हुई. इसका समापन आज 15 जून 2026, सोमवार को सुबह 8 बजकर 24 मिनट पर होगा. उदिया तिथि के आधार पर  आज 15 जून को सोमवती अमावस्या मनाई जा रही है. चूंकि इस दिन सोमवार है, इसलिए इसे विशेष रूप से शुभ और पुण्य फलदायी माना गया है. सोमवती अमावस्या का शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04.02 बजे से सुबह 04.42 बजे तक गोधुली मुहूर्त- शाम 07.17 बजे से शाम 07.37 बजे तक सोमवती अमावस्या पर क्या दान करें? आप अपनी श्रद्धा और क्षमता के अनुसार इनमें से किसी भी चीज का दान कर सकते हैं: अनाज: किसी जरूरतमंद को चावल, दाल या आटा दान करें. इससे घर में कभी खाने-पीने की कमी नहीं होती. काले तिल: अमावस्या के दिन काले तिल का दान बहुत खास माना जाता है. इससे पितर खुश होते हैं और परिवार पर आशीर्वाद बना रहता है. कपड़े: किसी गरीब व्यक्ति को कपड़े दान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है. गुड़ और घी: इनका दान करने से शरीर स्वस्थ रहता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. दीपक जलाएं: शाम के समय घर के मुख्य दरवाजे पर या पास के मंदिर में सरसों के तेल का एक दीपक जरूर जलाएं. इससे घर की नकारात्मकता दूर होती है. दान करते समय बस ये 3 बातें याद रखें: दिखावा न करें: दान हमेशा दिल से और बिना किसी अहंकार के करें. साफ-सुथरी चीजें: दान में हमेशा अच्छी और साफ चीजें ही दें, पुरानी या खराब चीजें नहीं. स्नान: दान करने से पहले खुद भी अच्छे से नहा लें. हो सके तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल डाल लें.

नेमार बाहर, ब्राजील की ओपनिंग मैच में मोरक्को से कड़ी टक्कर

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच नॉर्थ अमेरिका में लगातार जारी है। शनिवार को टूर्नामेंट में चार ग्रुप-स्टेज मुकाबले खेले जाने हैं, लेकिन सबकी निगाहें जिस महामुकाबले पर टिकी हैं, वह है ब्राजील बनाम मोरक्को। इसके अलावा आज कतर का मुकाबला स्विट्जरलैंड से, हैती का स्कॉटलैंड से और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत तुर्की से होगी। छठे वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में जुटी ब्राजील की टीम के लिए टूर्नामेंट का पहला ही मैच काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है, क्योंकि मोरक्को की टीम उन्हें कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। नेमार पहले मैच से बाहर, कोच कार्लो एंसेलोटी ने की पुष्टि मैच से ठीक पहले ब्राजील के फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। टीम के स्टार फॉरवर्ड और पूर्व कप्तान नेमार मोरक्को के खिलाफ इस ओपनिंग मैच में नहीं खेल पाएंगे। ब्राजील के हेड कोच कार्लो एंसेलोटी ने शनिवार को इस खबर की पुष्टि की। टूर्नामेंट की शुरुआत से ठीक पहले नेमार के पैर की पिंडली में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह इस मैच से बाहर हो गए हैं। कोच एंसेलोटी ने कहा, 'नेमार जल्द से जल्द फिट होने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह अगले हफ्ते से फुल ट्रेनिंग में लौट आएंगे।' ब्राजील को अपना अगला मैच 19 जून को हैती से और 24 जून को स्कॉटलैंड से खेलना है, और कोच को भरोसा है कि नेमार इन दोनों मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। रैंकिंग में टॉप-10 की एकमात्र जंग यह ग्रुप-स्टेज का एकमात्र ऐसा मुकाबला है जहां फीफा वर्ल्ड रैंकिंग की टॉप-10 में शामिल दो टीमें आपस में भिड़ रही हैं। फिलहाल ब्राजील दुनिया में छठे और मोरक्को आठवें स्थान पर काबिज है। वर्ल्ड कप इतिहास में दोनों टीमें सिर्फ एक बार 1998 में आपस में भिड़ी थीं, जहां ब्राजील ने 3-0 से जीत दर्ज की थी। हालांकि, साल 2023 में खेले गए एक दोस्ताना मैच में मोरक्को ने ब्राजील को 2-1 से हराकर उस हार का बदला ले लिया था। मुकाबला 50-50 का है मोरक्को के कप्तान अशरफ हकीमी से जब पूछा गया कि क्या उनकी टीम इस मैच में अंडरडॉग के रूप में उतरेगी, तो उन्होंने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया। हकीमी ने कहा, 'वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के ऐसे बड़े मैच में कोई फेवरेट नहीं होता। यह मुकाबला 50-50 का है। जीत-हार का फैसला बहुत छोटी-छोटी बारीकियों और मौकों को भुनाने से तय होगा। हमें उम्मीद है कि वह टीम हम होंगे।' वहीं ब्राजील के स्टार फॉरवर्ड विनीसियस जूनियर ने भी मोरक्को की तारीफ करते हुए उन्हें एक बेहद मजबूत और किसी भी टीम को हराने में सक्षम टीम बताया है। ब्राजील का अफ्रीकी टीमों के खिलाफ दबदबा इतिहास गवाह है कि वर्ल्ड कप में ब्राजील का प्रदर्शन अफ्रीकी देशों के खिलाफ बेहद शानदार रहा है। ब्राजील ने अफ्रीकी टीमों के खिलाफ खेले अपने 8 मैचों में से 7 में जीत हासिल की है, जबकि उन्हें एकमात्र हार 2022 वर्ल्ड कप में कैमरून के खिलाफ मिली थी। साल 2002 के बाद से ब्राजील की टीम अक्सर क्वार्टर फाइनल में ही बाहर होती आई है। ऐसे में कोच एंसेलोटी को भरोसा है कि उनके पास किसी भी टीम को हराने का अनुभव और क्वालिटी मौजूद है।  

कोचिंग विवाद में रौशन आनंद को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी बेल

पटना बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद में जेल में बंद ज्ञान बिन्दु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को अदालत से नियमित जमानत मिल गई है। पटना के अतिरिक्त जिला जज (ADJ 33) की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद बेल दे दिया है। रौशन आनंद को खान सर के खान ग्लोबल स्टडीज पर हमले के मामले में गिरफ्तार कर बेउर जेल भेजा गया था, जहां से अब वह पूरे 12 दिनों के बाद बाहर आ रहे हैं। रौशन आनंद ने दावा किया था कि खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। रौशन आनंद जेल से निकलने के बाद भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे, जिनकी नेपाल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। रौशन आनंद सर के वकील ने अदालत के सामने कल अपना पक्ष रखते हुए बेहद दमदार दलीलें पेश की थीं। वकील ने कोर्ट को बताया कि इस पूरे विवाद और हमले के मामले में रौशन आनंद सर को साजिश के तहत घसीटा गया है, जबकि घटना से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा, "रौशन सर देश के प्रतिष्ठित शिक्षक हैं जो हजारों गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, उन्हें इस तरह जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है। खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। वकील की इन दलीलों और पुलिस डायरी की समीक्षा करने के बाद जज ने रौशन सर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध मौत से पसरा मातम एक तरफ जहाँ रौशन आनंद सर को कानूनी तौर पर इतनी बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि कल ही रौशन आनंद सर के सगे भाई प्रिंस की पड़ोसी देश नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रिंस यादव की मौत के पीछे ब्रेन हेमरेज को कारण बताया जा रहा है। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद से ही रौशन आनंद सर का पूरा परिवार और उनके चाहने वाले गहरे सदमे और शोक में डूबे हुए हैं। भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल से लाया जा रहा है और आज ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि प्रिंस की मौत की खबर सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खान सर ने प्रिंय के दोस्त का वीडियो भी दिखाया है, जिसमें वह कह रहा है कि प्रिंस की तबीयत पहले से खराब रहती थी। उसकी मौत सामान्य रूप से बीमारी से हुई है और किसी ने उसे कुछ नहीं किया है।

सूर्य का मिथुन राशि में गोचर: सभी 12 राशियों पर पड़ेगा असर

 वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, पिता, सरकारी कार्य और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है. आज (15 जून 2026) को दोपहर के समय सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और 16 जुलाई 2026 तक यहीं स्थित रहेंगे. सूर्य का यह गोचर सभी 12 राशियों के जीवन में अलग-अलग बदलाव लेकर आएगा. आइए पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं कि सूर्य गोचक का सभी राशियों पर क्या असर होगा और किन उपायों से आप शुभ फल बढ़ा सकते हैं. मेष राशि मेष राशि से तीसरे भाव में सूर्य का गोचर होगा. यह भाव साहस, पराक्रम और कम्युनिकेशन से जुड़ा होता है. इस दौरान आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में तेजी से प्रगति करेंगे. भाई-बहनों और मित्रों से संबंध बेहतर होंगे. रुके हुए काम पूरे होंगे और यात्राओं के योग बनेंगे. ध्यान रखें: नकारात्मक विचारों से दूर रहें. उपाय: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें. वृषभ राशि वृषभ राशि से दूसरे भाव में सूर्य का गोचर होगा. यह समय आर्थिक सुधार का संकेत देता है. आय बढ़ाने के मौके मिलेंगे, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. परिवार का सहयोग मिलेगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. ध्यान रखें: वाणी में कठोरता और अहंकार से बचें. उपाय: रविवार को गुड़ का दान करें. मिथुन राशि सूर्य का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है. इससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी. प्रमोशन और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है. ध्यान रखें: रिश्तों में अहंकार और गुस्से से बचें. उपाय: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें. कर्क राशि कर्क राशि से 12वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी, लेकिन खर्च बढ़ सकते हैं. स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. ध्यान रखें: विवाद से बचें और प्लानिंग के साथ काम करें. उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें और शिवजी का अभिषेक करें. सिंह राशि सिंह राशि से 11वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. आय में वृद्धि होगी और अधूरी इच्छाएं पूरी होंगी. मित्रों का सहयोग मिलेगा और प्रमोशन के योग बनेंगे. ध्यान रखें: क्रोध और विवाद से दूर रहें. उपाय: रविवार को गुड़ का दान करें. कन्या राशि कन्या राशि से 10वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. करियर में उन्नति, सरकारी कार्यों में सफलता और मान-सम्मान में वृद्धि होगी. ध्यान रखें: जल्दबाजी में फैसले न लें. उपाय: रविवार को गरीब को भोजन कराएं. तुला राशि तुला राशि से 9वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और भाग्य का साथ मिलेगा. करियर में नए अवसर मिलेंगे. ध्यान रखें: स्वास्थ्य और क्रोध पर नियंत्रण रखें. उपाय: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि से 8वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. रिसर्च, शिक्षा और विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी. ध्यान रखें: जल्दबाजी और जोखिम से बचें. उपाय: रविवार व्रत रखें और गरीब को भोजन कराएं. धनु राशि धनु राशि से 7वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. यह समय मध्यम फलदायी रहेगा. पार्टनरशिप और वैवाहिक जीवन में सावधानी रखें. ध्यान रखें: अहंकार और विवाद से बचें. उपाय: रविवार को 1 किलो गुड़ का दान करें. मकर राशि मकर राशि से 6ठे भाव में सूर्य का गोचर होगा. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और शत्रुओं पर विजय मिलेगी. ध्यान रखें: लोन लेने से बचें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें. उपाय: सूर्य को अर्घ्य दें और फल का दान करें. कुंभ राशि कुंभ राशि से 5वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. शिक्षा, प्रेम और धन के मामलों में लाभ होगा. शादी के योग बन सकते हैं. ध्यान रखें: आलस्य से बचें. उपाय: रविवार को भोजन दान करें. मीन राशि मीन राशि से 4थे भाव में सूर्य का गोचर होगा. घर-परिवार में सुख बढ़ेगा और प्रोफेशन में सफलता मिलेगी. ध्यान रखें: प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें. उपाय: रविवार को गुड़ का दान करें.

अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे की कथित हेराफेरी की जांच तेज, एसआईटी पहुंची गणना कक्ष

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की जांच के लिए बनी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) पहुंच गई है। एसआईटी ने राम मंदिर परिसर स्थित गणना कक्ष में पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। नोटों की गिनती के दौरान कुछ वर्षों में तैनात कर्मचारियों के नाम पते की तस्दीक सहित ट्रस्टियों की सूची मांगी गई है। इसके आधार पर अब पूछताछ होगी। बताया जा रहा है कि राम जन्मभूमि परिसर में गणना कर्मचारी बनने के बाद बदल गई माली हालात की जांच भी होगी। कर्मचारियों के आपस की रिश्तेदारी भी खोजी जा रही है। एसआईटी में शामिल वरिष्ठ अफसरों को अपनी प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट एक सप्ताह और पूरी रिपोर्ट 15 दिन में सौंपने का निर्देश शासन ने दिया है योगी सरकार ने शनिवार को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी का नेतृत्व मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। उनके साथ आईजी लखनऊ रेंज किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री से एसआईटी गठित किए जाने का अनुरोध किया था। जांच के दायरे पर सवाल बताया जाता है कि प्रारम्भिक रिपोर्ट में जांच का दायरा चढ़ावे की धनराशि में करोड़ों की चोरी और गणना की निगरानी और इसको लेकर जवाबदेह लोगों तक सीमित रहेगा या इसके आगे भी विस्तारित हो सकता है। जांच का दायरा बढ़ा तो निश्चित ही कई उच्च पदस्थ लोगों तक जांच की आंच पहुंच सकती है। उसका कारण है कि यहां हर व्यवस्था को जितना बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की कोशिश की गयी, हकीकत उसके उलट थी। सूत्र बताते हैं कि इसकी प्रमुख वजह कमीशनखोरी रही। इसी तरह दर्शन व्यवस्था में नि:शुल्क सिस्टम के बाद भी धन उगाही की शिकायतें आम रहीं। इसको लेकर कुछ लोगों की धरपकड़ भी हुई लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सुरक्षा कारणों से फोटोग्राफी पर रोक के बाद भी सोशल मीडिया में आ रही तस्वीरों को लेकर किसी की जवाबदेही नहीं है। व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारी सशंकित एसआईटी की जांच शुरू होते ही राम मंदिर की व्यवस्थाओं में लगे संघ और विहिप के पदाधिकारी सशंकित हो गये है। उन्हें भी यह आशंका सता रही है कि जांच का दायरा बढ़ा तो उन सबकी जवाबदेही तय होगी जो संगठन के दम पर मनमर्जी चला लेते थे। इस जांच से ट्रस्ट के कर्मचारी जरूर खुश दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि काम का जिम्मा हम सबका है और ऐन वक्त पर सुपरविजन के नाम पर ऊपर से लोग बैठा दिए जाते हैं जो पहले से तय व्यवस्थाओं को अपने हिसाब से कराने का दबाव बनाते हैं। इस व्यवस्था के कारण ही रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से लेकर बाकी के समारोह में अव्यवस्थाएं हुईं। इनका यह भी कहना है कि हम लोग के निर्धारित वेतन के सापेक्ष आउट सोर्सिंग के कर्मचारियों के नाम पर कंपनियों को अधिक भुगतान किया जा रहा है लेकिन आश्वासन के बाद भी हम लोगों का वेतन नहीं बढ़ रहा है और मनमाफिक व्यवस्था में धन खर्च हो रहा है।

उत्तर प्रदेश में गर्मी की वापसी, 5–7 डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान

लखनऊ उत्तर प्रदेश में विक्षोभ के गुजरने के बाद रविवार को ज्यादातर जिलों में तेज धूप खिली और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस बीच सोमवार को बिहार से सटे तराई व कुछ दक्षिणी जिलों में गरज चमक के आसार हैं। क्षेत्रीय माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बावजूद कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर समेत कुछ दक्षिणी इलाकों में हवा में माैजूद नमी की वजह से तेज हवाएं चलने और गरज चमक के संकेत हैं। सोमवार के लिए प्रदेश के13 जिलों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज चमक की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को 42.4 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। उरई और प्रयागराज दोनों जिलों में 41.4 डिग्री और झांसी में 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। रविवार से अगले पांच दिनों में प्रदेश भर में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री की बढ़त आएगी। साथ ही तपिश भरे दिनों की फिर से वापसी होगी इन जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज चमक की चेतावनी सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर व आस पास के क्षेत्र।   राजधानी में तीखी हुई धूप, बढ़ने लगी तपिश राजधानी में रविवार को तीखी धूप खिली। तपिश बढ़ने से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस से ज्यादा और रात के तापमान में 5.3 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है। अब आगे एक हफ्ते राजधानी में माैसम शुष्क रहने वाला है। साथ ही आने वाले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़त आएगी। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को लखनऊ में विक्षोभ का असर खत्म हो गया है। आने वाले दिनों में धूप की तल्खी बढ़ने के साथ ही तपिश भरे दिनों की वापसी होगी। रविवार को अधिकतम तापमान 3.3 डिग्री की बढ़त के साथ 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री की उछाल के साथ 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा।  

काई हावर्ट्ज के डबल गोल से जर्मनी की 7-1 की बड़ी जीत

हॉस्टन  फीफा विश्व कप 2026 में जर्मनी ने एकतरफा जीत के साथ शुरुआत की है। 4 बार की चैंपियन जर्मनी का मुकाबला कुराकाओ से हुआ। यह फीफा विश्व कप में कुराकाओ का डेब्यू मैच था। मैच को जर्मनी ने 7-1 के अंतर से अपने नाम किया। जर्मनी की तरफ से काई हावर्ट्ज ने दो गोल किए। उन्होंने पहले हाफ इंजरी टाइम में पेनल्टी पर पहला गोल दागा। इसके बाद 88वें मिनट में अपना दूसरा और टीम का सातवां गोल मारा। फीफा विश्व कप 2026 की सबसे बड़ी जीत जर्मनी के लिए हावर्ट्ज के अलावा फेलिक्स नमेचा, निको श्लोटरबेक ने पहले जबकि जमाल मुसियाला, नथानिएल ब्राउन और डेनिज उंडाव ने दूसरे हाफ में गोल दागे। 7-1 की जीत फीफा विश्व कप 2026 में सबसे बड़ी जीत है। फेलिक्स नमेचा ने मैच के छठे मिनट में ही गोल दाग दिया। यह इस बार के टूर्नामेंट में अब तक का सबसे तेज गोल भी है। फीफा विश्व कप में सबसे ज्यादा गोल रैंक     टीम     गोल 1     जर्मनी     239 2     ब्राजील     238 3     अर्जेंटीना     152 4     फ्रांस     136 5     इटली     128 कुराकाओ के लिए यादगार मैच रहा 22 साल के लिवानो कोमेनेन्सिया ने कुराकाओ के लिए 21वें मिनट में गोल किया। कुराकाओ फीफा विश्व कप में गोल करने वाले सबसे कम जनसंख्या वाला देश बन गया है। इस देश की आबादी सिर्फ 158,000 ही है। नवंबर 2025 में कुराकाओ ने फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया था। वह टूर्नामेंट में जगह बनाने वाला सबसे कम जनसंख्या वाला देश बना था। इसके लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज है। जर्मनी ने गोल की बौछार कर दी जर्मनी ने जल्द ही अपना दबदबा बना लिया और छठे मिनट में फेलिक्स नमेचा के गोल से खाता खोला। मिडफील्डर ने फ्लोरियन विर्ट्ज के साथ अच्छा तालमेल बिठाया और फिर पेनल्टी एरिया के किनारे से शानदार शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। कुराकाओ की तरफ से 21वें मिनट में ऐतिहासिक पल आया लेकिन 38वें मिनट में निको श्लॉटरबेक ने 38वें मिनट में कॉर्नर पर हेडर से अपना पहला इंटरनेशनल गोल किया और जर्मनी को फिर से आगे कर दिया। पहले हाफ के इंजरी टाइम में कुराकाओ के खिलाफ ने बॉक्स में खतरनाक टैकल किया। इससे जर्मनी को पेनल्टी मिली और काई हावर्ट्ज ने गोल में दागकर स्कोर 3-1 कर दिया। जर्मनी ने दूसरे हाफ में अपना आक्रामक खेल जारी रखा। जमाल मुसियाला ने 47वें मिनट में जोशुआ किमिच के पास पर गोल मारकर टीम को 4-1 से आगे कर दिया।। इसके बाद नथानिएल ब्राउन ने 68वें मिनट में 5वां और 10 मिनट बाद डेनिज उंडाव ने छठा गोल दागा। 88वें मिनट में काई हावर्ट्स ने अपना दूसरा और मैच का 7वां गोल दागा।  

इरंकुंडा-मेटकाफ के गोल से ऑस्ट्रेलिया की शानदार जीत

वैंकूवर  नेस्टोरी इरंकुंडा और कॉनर मेटकाफ के गोल की मदद से ऑस्ट्रेलिया ने 2-0 से जीत दर्ज करके तुर्किए की 24 साल बाद विश्व कप फुटबॉल में वापसी के जश्न में रंग में भंग डाल दिया। इस मैच को देखने के लिए फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो भी स्टेडियम में पहुंचे थे। ऑस्ट्रेलिया की जीत का श्रेय उसके गोलकीपर पैट्रिक बीच को भी जाता है जिन्होंने ग्रुप डी के इस मैच में आठ शानदार बचाव किए। ऑस्ट्रेलिया लगातार छठी बार और कुल मिलाकर सातवीं बार विश्व कप में खेल रहा था। तुर्किए 2002 में विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचा था। उसने इस साल प्लेऑफ में कोसोवो को हराकर क्वालीफाई किया। इरंकुंडा ने तीन डिफेंडरों से घिरे होने के बावजूद 27वें मिनट में निचले शॉट से गोल करके ऑस्ट्रेलिया को बढ़त दिला दी। इरंकुंडा ने ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल के दिग्गज टिम कहिल के इस खेल में योगदान को याद करने के लिए कॉर्नर फ्लैग पर मुक्का मारकर जश्न मनाया। वाटफोर्ड के लिए खेलने वाले 20 वर्षीय इरंकुंडा ऑस्ट्रेलिया की तरफ से विश्व कप में सबसे कम उम्र के गोल स्कोरर बन गए हैं। इसके कुछ मिनट बाद बीच ने अब्दुलकरीम बरदाकसी के जोरदार शॉट को रोककर शानदार बचाव किया। ऑस्ट्रेलिया के कोच टोनी पोपोविच ने अनुभवी गोलकीपर मैथ्यू रयान की जगह बीच को शुरुआती एकादश में रखने का चौंकाने वाला फैसला किया जो सही साबित हुआ। तुर्किए को 57वें मिनट में फ्री किक मिली, लेकिन बीच ने बड़ी खूबसूरती से अर्दा गुलेर के शॉट को बचा दिया। रियाल मैड्रिड के लिए खेलने वाले 21 वर्षीय मिडफील्डर गुलेर का जन्म उस समय नहीं हुआ था जब तुर्किए इससे पहले आखिरी बार विश्व कप में खेला था। कॉनर मेटकाफ ने 75वें मिनट में इस्माइल युकसेक की गलती का फायदा उठाते हुए ऑस्ट्रेलिया की बढ़त को दोगुना कर दिया।

समाज कल्याण विभाग की नई पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ को मिलेगी डिजिटल पहचान

समाज कल्याण विभाग की पहल, सर्वोदय विद्यालयों और छात्रावासों में हर पेड़ की होगी डिजिटल पहचान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरित विकास संकल्प को मिला नया आयाम पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा, पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के विजन को आगे बढ़ाते हुए समाज कल्याण विभाग ने एक अभिनव पहल की शुरुआत की है। विभाग ने अपने सभी जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों, आश्रम पद्धति विद्यालयों, छात्रावासों एवं अन्य संस्थानों में मौजूद पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक पेड़ को एक यूनिक पहचान संख्या प्रदान की जाएगी, जिससे उसकी निगरानी, संरक्षण और प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हर पेड़ का तैयार होगा डिजिटल डाटा बैंक नई व्यवस्था के अंतर्गत विभागीय संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा। प्रत्येक पेड़ को एक विशेष पहचान संख्या दी जाएगी और उसकी प्रजाति, स्थान, अनुमानित आयु तथा वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण वृक्ष परिसंपत्ति पंजिका में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही सभी पेड़ों की फोटो लेकर उनका डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। इससे समय-समय पर उनकी स्थिति का आकलन करने और आवश्यक संरक्षण उपाय करने में सुविधा मिलेगी। पेड़ों को मिलेगा संस्थान की संपत्ति का दर्जा समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि संस्थानों में मौजूद सभी पेड़ों को अब परिसंपत्ति के रूप में दर्ज किया जाएगा। किसी भी पेड़ की कटाई अथवा बड़े स्तर पर छंटाई बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के नहीं की जा सकेगी। साथ ही प्रत्येक वर्ष इन पेड़ों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा, ताकि उनकी सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। यह व्यवस्था हरित संपदा को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पर्यावरण संरक्षण का आदर्श मॉडल बनेंगे संस्थान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि पेड़ हमारी अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं और उनका संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। इसी कड़ी में विभागीय संस्थानों में वृक्ष परिसंपत्ति प्रबंधन व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे न केवल पेड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बल्कि विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। समाज कल्याण विभाग का प्रयास है कि उसके विद्यालय, छात्रावास और अन्य संस्थान शिक्षा व सामाजिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के भी आदर्श केंद्र बनें। यह पहल प्रदेश में हरित धरोहर के संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम साबित होगी।

दीप्ति शर्मा का कहर, 5 विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी ध्वस्त, भारत ने दर्ज की शानदार जीत

 बर्मिंघम आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने अपना पहला मुकाबला रविवार (14 जून) को पाकिस्तान से खेला. दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने 64 रनों से जीत हासिल की. भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 171 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 17 ओवरों में 106 रनों पर सिमट गई. दीप्ति शर्मा (5 विकेट) और स्मृति मंधाना (68 रन) ने टीम इंडिया की जीत में अहम किरदार निभाया।  भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 17 जून (बुधवार) को नीदरलैंड्स का सामना करेगी. भारतीय टीम अब तक विमेंस टी20 वर्ल्ड कप नहीं जीत पाई है. उसने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2020 के संस्करण में किया था, जब भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची और ऑस्ट्रेलिया से खिताबी मुकाबले में हार गई. अब भारत की नजरें पहली बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीतने पर हैं।  रनचेज में पाकिस्तानी टीम के लिए सलामी बल्लेबाज मुनीबा अली ही बड़ी पारी खेल पाईं. मुनीबा ने 35 गेंदों पर 41 रन बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल रहे. इसके अलावा आलिया रियाज (18 रन), गुल फिरोजा (12 रन) और आयशा जफर (12 रन) ही दोहरे अंकों तक पहुंच सकीं. दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट लेकर पाकिस्तानी बैटिंग की कमर तोड़ दी. जबकि श्री चरणी ने तीन और शेफाली वर्मा ने 1 विकेट झटके. पाकिस्तानी टीम के 9 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने लिए, वहीं मुनीबा अली रन आउट हुईं।  ऐसी रही भारत की बैटिंग टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पावरप्ले में ही दो विकेट गंवा दिए. शेफाली वर्मा को स्पिनर सादिया इकबाल ने पहले ही ओवर में पवेलियन भेजा. वहीं जेमिमा रोड्रिग्स लेफ्ट आर्म सीमर तस्मिया रुबाब का शिकार बनीं. यहां से स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीसरे विकेट के लिए 91 रनों की शानदार पार्टनरशिप की।  5 विकेट लेकर रच दिया इतिहास आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने पाकिस्तान पर 64 रनों से शानदार जीत हासिल की. रविवार (14 जून) को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुए मैच में भारत की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने यादगार प्रदर्शन किया. अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर दीप्ति ने ना सिर्फ पाकिस्तान की बल्लेबाजी यूनिट को तहस-नहस किया, बल्कि कुछ बड़े रिकॉर्ड्स भी अपने नाम किए।  इस हाईवोल्टेज मुकाबले में दीप्ति शर्मा ने घातक गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके. महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत की ओर से किसी मैच में ये सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा. दीप्ति ने रेणुका सिंह ठाकुर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. रेणुका ने 2023 के संस्करण में इंग्लैंड के खिलाफ 15 रन देकर 5 विकेट लिए थे. दीप्ति ने इस दौरान गुल फिरोजा, आयशा जफर, आलिया रियाज, नाशरा संधू और तस्मिया रुबाब को अपना शिकार बनाया. उनकी सटीक लाइन-लेंथ और शानदार नियंत्रण के सामने पाकिस्तानी बल्लेबाज टिक नहीं सके।  हालांकि महिला टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड अभी भी वेस्टइंडीज की दिग्गज ऑलराउंडर डिएंड्रा डॉटिन के नाम दर्ज है. डॉटिन ने 2018 में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में सिर्फ 5 रन देकर 5 विकेट हासिल किए थे।  दीप्ति शर्मा का यह स्पेल भारत के लिए बेहद अहम साबित हुआ. उन्होंने बीच के ओवरों में लगातार विकेट निकालकर पाकिस्तान को लक्ष्य तक पहुंचने से रोक दिया. महिला टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन करके दीप्ति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक हैं. उनकी इस यादगार गेंदबाजी को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।  विमेंस टी20 विश्व कप में भारत के लिए पांच विकेट 5/10 – दीप्ति शर्मा बनाम पाकिस्तान, बर्मिंघम, 2026* 5/15। रेनूका ठाकुर बनाम इंग्लैंड, गाकेबरहा, 2023 5/16 – प्रियंका रॉय बनाम पाकिस्तान, टॉनटन, 2009 देखा जाए तो दीप्ति शर्मा अब विमेंस टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं. दीप्ति ने थाईलैंड की थिपाचा पुत्थावोंग का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. थिपाचा पुत्थावोंग के नाम पर विमेंस टी20 इंटरनेशनल में 165 विकेट दर्ज हैं।  महिला टी20I में सबसे अधिक विकेट 166- दीप्ति शर्मा (भारत) 165- थिपाचा पुत्थावोंग (थाईलैंड) 160- हेनरिएट इशिम्वे (रवांडा) 152- मेगन शट (ऑस्ट्रेलिया) 148- ओनिका कामचोम्फू (थाईलैंड) विमेंस टी20I में सर्वाधिक बार 5 विकेट (फुल मेम्बर टीम्स) 3- अनीसा मोहम्मद (वेस्टइंडीज) 2- शबनम इस्माइल (साउथ अफ्रीका) 2- अर्लीन केली (आयरलैंड) 2- सुने लुस (साउथ अफ्रीका) 2- नाहिदा अख्तर (बांग्लादेश) 2- दीप्ति शर्मा (भारत) विमेंस टी20 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी जीत 82 रन vs श्रीलंका, दुबई, 2024 79 रन vs बांग्लादेश, सिलहट, 2014 72 रन vs बांग्लादेश, बेंगलुरु, 2016 71 रन vs श्रीलंका, बासेटेरे, 2010 64 रन vs पाकिस्तान, बर्मिंघम, 2026