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पायलट बनने की लागत 34.31 लाख रुपये, पांच किस्तों में होगा पूरा भुगतान

रांची  झारखंड में 15 छात्रों को भुगतान के आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चालू हो चुका है और इन्हें अभी ग्राउंड एक्टिविटी से जोड़ा जा रहा है। यहां सभी ट्रेनी पायलट कागजी पढ़ाई को पूरा करेंगे, जिसके बाद हवा में प्रशिक्षण शुरू होगा। छात्रों को छात्रावास शुल्क के अलावा पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पांच किस्तों में 34.31 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। इसके अलावा परीक्षा के आधार पर 15 और छात्रों का चयन किया जाएगा जिन्हें अलग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। झारखंड कमर्शियल पायलट के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम एक जून से शुरू हाे चुका है। इसके लिए चयनित छात्रों को दुमका स्थित स्टेट हैंगर में रखा गया है, जहां प्रारंभ में ग्राउंड एक्टिविटी के बारे में बताया जाएगा। प्रशिक्षण की शुरुआत हो चुकी है। छात्रों को इसके लिए पांच चरणों में पूरा भुगतान करना होगा जो कि 34.31 लाख रुपये है। सभी छात्रों को निबंधन के समय 3.5 लाख रुपये देने होंगे जिसके बाद भुगतान के लिए अलग-अलग तारीख और शर्तें निर्धारित की जा चुकी हैं। इसके अलावा अन्य 15 प्रतिभाशाली छात्रों को सरकार की ओर से मुफ्त प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। कैसे-कैसे करना है भुगतान चरण                          लागत (लाख रुपये) निबंधन के समय                    3.50 उड़ान शुरू करने से पहले        3.90 20 घंटे उड़ान के पूर्व               7.00 50 घंटे उड़ान के पूर्व                  7.00 100 घंटे उड़ान के पूर्व                7.00 150 घंटे उड़ान के पूर्व                   5.91 कुल लागत     34.31 परीक्षा पर्षद ने कुछ बिंदुओं को स्पष्ट करने का आग्रह किया छात्रों के चयन को लेकर परीक्षा के लिए अधिकृत एजेंसी झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद ने छात्रों के प्रमाणपत्रों की जांच के लिए पर्षद को ही अधिकृत करने की बात कही है। ऐसा होने से कहीं काेई भ्रम नहीं रह जाएगा। फिलहाल सिर्फ परीक्षा कराने का दायित्व पर्षद के पास है। पर्षद का तर्क है कि प्रमाणपत्रों की जांच पर्षद के जिम्मे होने से बेहतर परिणाम मिलेंगे।  

राज्य में 100 नए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर लाने का लक्ष्य, निवेश को मिलेगा बढ़ावा

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने राज्य को वैश्विक सेवा एवं अनुसंधान केंद्रों का प्रमुख स्थल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति-2026 तैयार की है। इस नीति का उद्देश्य गुरुग्राम को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया की “ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर कैपिटल” के रूप में स्थापित करना है। नई नीति के तहत अगले कुछ वर्षों में 100 से अधिक नए वैश्विक क्षमता केंद्रों को हरियाणा में आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा दूसरे देशों में स्थापित की गई अपनी ही पूर्ण स्वामित्व वाली रणनीतिक इकाइयां या केंद्र हैं। ये मुख्य रूप से तकनीकी सहायता, अनुसंधान एवं विकास, डेटा एनालिटिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और अन्य वैश्विक परिचालन कार्यों का प्रबंधन करते हैं। वैश्विक कंपनियां अब केवल बैक-आफिस संचालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अनुसंधान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, वित्तीय सेवाओं और उत्पाद विकास जैसे उच्च मूल्य वाले कार्य भी भारत स्थित जीसीसी के माध्यम से संचालित कर रही हैं। ऐसे में हरियाणा की यह नीति राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति दिला सकती है। नई नीति मौजूदा ताकत को और विस्तार देने का प्रयास भारत में वर्तमान में करीब 1,700 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिनमें लगभग 19 लाख पेशेवर कार्यरत हैं। हरियाणा विशेष रूप से गुरुग्राम, इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बन चुका है और राज्य में पहले से 270 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) काम कर रहे हैं। नई नीति इस मौजूदा ताकत को और विस्तार देने का प्रयास है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हाल ही में इस नीति को मंजूरी प्रदान की गई है। उद्योग विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल की देखरेख में तैयार हुई इस नीति के तहत गुरुग्राम में समर्पित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर मिशन स्थापित किया जाएगा। इसके अंतर्गत निवेशकों को सभी अनुमतियों और सेवाओं के लिए सिंगल विंडो डेस्क उपलब्ध होगी। साथ ही इन्वेस्टर मैचमेकिंग प्लेटफार्म और एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया जाएगा, जिससे उद्योग, सरकार और विशेषज्ञों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना मुख्य उद्येश्य हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से जुड़ाव, उत्कृष्ट सड़क एवं हवाई संपर्क, कारपोरेट इकोसिस्टम, उच्च गुणवत्ता वाली कार्यालय सुविधाएं और कुशल मानव संसाधन हरियाणा को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) निवेश के लिए स्वाभाविक विकल्प बनाने के लिए पर्याप्त हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना और कंपनियों को त्वरित निर्णय एवं सहायता प्रदान करना है। हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति-2026 की विशेषता यह है कि इसमें केवल गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी जीसीसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए अलग-अलग प्रोत्साहन प्रविधान किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य आर्थिक गतिविधियों को कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित रखने की बजाय पूरे राज्य में फैलाना है। इससे फरीदाबाद, पंचकूला, सोनीपत, करनाल, हिसार और अन्य उभरते शहरी केंद्रों में भी उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। पांच से नौ वर्ष तक अधिकत 15 करोड़ की वित्तीय सहायता नई नीति के तहत कंपनियों को पांच से नौ वर्षों तक परिचालन सहायता प्रदान की जाएगी। यह सहायता अधिकतम 15 करोड़ रुपये प्रति वर्ष तक हो सकती है। सरकार का मानना है कि शुरुआती वर्षों में मिलने वाला यह सहयोग कंपनियों को हरियाणा में दीर्घकालिक निवेश के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसके अतिरिक्त डीएसआइआर/सीएसआइआर मान्यता प्राप्त अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) केंद्रों को भी पूंजीगत और परिचालन सहायता देने का प्रविधान रखा गया है। इससे राज्य में नवाचार, शोध और तकनीकी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। जीसीसी क्षेत्र में होने वाला निवेश केवल कार्यालय खोलने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे उच्च वेतन वाली नौकरियां, स्टार्टअप सहयोग, तकनीकी प्रशिक्षण और स्थानीय सेवा क्षेत्र का विस्तार भी होता है। नई नीति के जरिए आइटी, इंजीनियरिंग, वित्त, डेटा साइंस, एआइ और अनुसंधान क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा हो सकते हैं। हरियाणा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) नीति-2026 की प्रमुख बातें     – गुरुग्राम को वैश्विक क्षमता केंद्रों की राजधानी बनाने का लक्ष्य     – हरियाणा में 100 से अधिक नए जीसीसी आकर्षित करने की योजना     – राज्य में पहले से 270 से अधिक जीसीसी संचालित     – सिंगल विंडो डेस्क, निवेशक मंच और सलाहकार परिषद का गठन     – पांच से नौ वर्ष तक परिचालन सहायता में अधिकतम 15 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष तक सहायता     – डीएसआइआर/सीएसआइआर मान्यता प्राप्त आरएंडडी केंद्रों को विशेष प्रोत्साहन     – उच्च कौशल रोजगार और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा     – गुरुग्राम के साथ अन्य जिलों में भी निवेश विस्तार पर जोर।  

ममता बनर्जी ने कई नेताओं पर कार्रवाई की, यूथ विंग अध्यक्ष सायोनी घोष हटाई गईं

कोलकाता ममता बनर्जी की TMC के ज्यादातर विधायकों और सांसदों ने बगावत कर ली है और नया गुट बना लिया है। TMC बनने के बाद से ममता बनर्जी के ऊपर आया यह सबसे बड़ा संकट है। विधानसभा में करीब 64 विधायक अलग हो गए, जबकि लोकसभा में 20 सांसदों ने नया गुट बनाकर एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। जिन सांसदों ने बगावत की है, उसमें एक समय सबसे ममता और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की करीबी नेता मानी जाने वाली सायोनी घोष भी शामिल हैं। अब ममता बनर्जी ने सायोनी को बड़ा झटका दिया है। उन्हें तृणमूल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है। सायोनी घोष वही नेता हैं, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान काबा-मदीना वाला गीत गाकर सुर्खियां बंटोरी थीं। टीएमसी की शनिवार को वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें जिन नेताओं ने विरोधी गुट का दामन थाम लिया था, उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया। सायोनी के अलावा, सुदीप बंद्दोपाध्याय को कोलकाता उत्तर के पार्टी प्रमुख पद से हटा दिया गया। उनकी जगह कुणाल घोष को यह जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, माला रॉय को भी वर्किंग कमेटी से हटा दिया गया है। ममता बनर्जी के घर पर हुई बैठक के बाद, पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "यह वर्किंग कमेटी की बैठक थी। सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, इसलिए दो पद खाली हो गए। सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय और एक और व्यक्ति, जो दूसरी तरफ चले गए हैं और अलग गुट बना रहे हैं, उन्हें वर्किंग कमेटी से हटा दिया गया है। सौगत रॉय और ज्योतिप्रिय मल्लिक को वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया है। सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह कुणाल घोष को कोलकाता उत्तर का अध्यक्ष बनाया गया है। सायोनी घोष को तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। 4000 EVM का जलना एक गंभीर मामला है, हम इसे आगे उठाएंगे।" ममता के एक और सांसद हुए बागी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और ममता के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले सुदीप बंद्योपाध्याय भी बागी हो गए। उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। उनके साथ पार्टी की बागी सांसद शताब्दी रॉय भी थीं। बंद्योपाध्याय और यादव की मुलाकात ने पार्टी के भीतर जारी संकट के बीच नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया, जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या वरिष्ठ सांसद बंद्योपाध्याय बागी गुट में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि ये अटकलें तब और तेज हो गईं जब बंद्योपाध्याय ने यादव से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी कथित तौर पर मुलाकात की।

भारत में मेमोरी चिप निर्माण को मिलेगा बढ़ावा, नई कंपनियों के निवेश के संकेत: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली AI, डेटा सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती जरूरतों के बीच दुनिया भर में मेमोरी चिप्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए भारत भी सेमीकंडक्टर और मेमोरी चिप निर्माण के क्षेत्र में बड़े निवेश आकर्षित करने की तैयारी कर रहा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भारत में मेमोरी चिप निर्माण से जुड़ी नई कंपनियां निवेश कर सकती हैं, जबकि पहले से मौजूद कंपनियां भी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही हैं। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं। मंत्री के अनुसार, वैश्विक स्तर पर मेमोरी चिप्स की मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। खासकर AI डेटा सेंटर, क्लाउड कंप्यूटिंग, सुपरकंप्यूटर और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स की बढ़ती जरूरत ने उद्योग पर दबाव बढ़ा दिया है। यही कारण है कि पिछले कुछ तिमाहियों में मेमोरी चिप्स की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इसका असर स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की लागत पर भी पड़ा है अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर उद्योग के इतिहास में पहली बार कुछ विशेष प्रकार की मेमोरी चिप्स की इतनी अधिक कमी महसूस की जा रही है। AI आधारित तकनीकों के विस्तार के कारण डेटा प्रोसेसिंग और स्टोरेज की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है। ऐसे में दुनिया भर की कंपनियां नई उत्पादन इकाइयां स्थापित करने और मौजूदा प्लांट्स का विस्तार करने में जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत में डेटा सेंटर सेक्टर का साइज आने वाले सालों में 200 अरब डॉलर से भी अधिक हो सकता है। इतनी बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करने के लिए विशाल स्टोरेज और हाई-स्पीड मेमोरी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी। यही वजह है कि मेमोरी चिप निर्माण भारत के लिए एक रणनीतिक क्षेत्र बनता जा रहा है। मंत्री ने यह भी बताया कि हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से AI सिस्टम, डेटा सेंटर, सुपरकंप्यूटर और एडवांस ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स में किया जाता है। वर्तमान में इन चिप्स की वैश्विक मांग इतनी तेज है कि कई कंपनियां नई फैक्ट्रियां शुरू कर रही हैं। कुछ नई उत्पादन यूनिट ने हाल ही में व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू कर दिया है, जिससे भविष्य में सप्लाई की स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है। भारत सरकार का ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ भी इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है। मिशन 1.0 के तहत देश में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की मजबूत नींव रखी जा रही है, जबकि मिशन 2.0 में चिप डिजाइन और सेमीकंडक्टर निर्माण में उपयोग होने वाली मशीनों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि वैश्विक उपकरण निर्माता भारत में आकर केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि डिजाइन और रिसर्च का काम भी करें। वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दशकों बाद चिप निर्माण कंपनियों का भरोसा जीतने में सफलता हासिल की है। आज भारत केवल चिप उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एक्सपर्ट का मानना है कि यदि भारत इस मौके का सही लाभ उठाता है, तो आने वाले वर्षों में देश इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो सकता है। इससे न केवल निवेश और रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।  

यूक्रेन युद्ध फंडिंग पर वार: ब्रिटिश सेना ने रूसी जहाज पर की छापेमारी, जांच जारी

लंदन  यूक्रेन युद्ध के लिए मॉस्को की फंडिंग रोकने के उद्देश्य से ब्रिटिश सेना ने एक बड़ा अभियान चलाते हुए पहली बार इंग्लिश चैनल में रूस के एक 'शैडो फ्लीट' (गुप्त बेड़े) के तेल टैंकर 'SMYRTOS' को रोका है। रविवार तड़के, ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र में छह घंटे चले एक अभियान के दौरान, रॉयल मरीन कमांडो और राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के विशेष रूप से प्रशिक्षित अधिकारियों ने SMYRTOS नामक जहाज पर धावा बोला। इस रूसी जहाज पर चिनूक हेलीकॉप्टर और दूसरे एयरक्राफ्ट, एक फ्रिगेट और एक माइनहंटर की मदद से कब्जा किया। इस अभियान में मैरीटाइम एयर ग्रुप के विमानों, जिनमें चिनूक, मर्लिन एमके4 और वाइल्डकैट हेलीकॉप्टर शामिल थे, साथ ही आरएएफ के पी-8 निगरानी विमान और रॉयल नेवी के युद्धपोत एचएमएस सदरलैंड और एचएमएस लेडबरी ने भी सहयोग किया। रूस के लिए बड़ा झटका- कीर स्टार्मर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने X पर एक पोस्ट में कहा, "इस सफल ऑपरेशन ने रूस को एक और बड़ा झटका दिया है। यह यूक्रेन में पुतिन के युद्ध को हवा देने वालों को याद दिलाता है कि हम उन्हें छिपने नहीं देंगे।" इस ऑपरेशन के बाद ब्रिट्रेन की ओर से एक सरकारी बयान में कहा गया कि टैंकर को इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है, जहां जांच जारी रहने तक उस पर निगरानी रखी जाएगी। यह ऑपरेशन फ्रांस के साथ करीबी तालमेल में किया गया है। पीएम कीर स्टार्मर ने दी कार्रवाई की अनुमति नेतृत्व की चुनौतियों से जूझ रहे और पिछले सप्ताह सैन्य खर्च के विवाद में अपने रक्षा सचिव को खो चुके प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने मार्च में ब्रिटिश सेना को रूसी जहाजों पर कार्रवाई करने और उन्हें रोकने की अनुमति दी थी। पश्चिमी सरकारों का आरोप है कि ये 'शैडो फ्लीट' जहाज कड़े पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद मॉस्को को अवैध रूप से तेल निर्यात करने में मदद करते हैं। नहीं पड़ा कोई खास असर हालांकि, रॉयटर्स के एक विश्लेषण के मुताबिक, प्रधानमंत्री के इस कड़े रुख का ब्रिटेन के जलक्षेत्र से गुजरने वाले रूसी जहाजों की संख्या पर तत्काल कोई खास असर नहीं पड़ा है। इस विश्लेषण से साफ हुआ कि इस नीतिगत घोषणा के पहले और बाद में ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले रूसी जहाजों की संख्या लगभग समान बनी रही। पहली बार ऐसी कार्रवाई ब्रिटिश सेना ने रविवार को इंग्लिश चैनल में जिस कैमरून के झंडे के नीचे चल रहे जहाज को रोका, वह पहली बार यूक्रेन में रूस के युद्ध को फंड जुटाने में मदद किया था। । रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कानून दोनों के अनुरूप की गई है। यह अभियान पहली बार है जब ब्रिटेन ने रूस के गुप्त बेड़े से जुड़े किसी पोत के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई का नेतृत्व किया है।

सोमवती अमावस्या पर रेलवे की खास तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए स्पेशल ट्रेन सेवा शुरू

 बरेली  रेलवे ने सोमवती अमावस्या मेले के दौरान हरिद्वार जाने-आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चार स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इसमें से दो ट्रेनें बरेली होकर गुजरेंगी। मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम महेश यादव ने बताया कि 04326 हरिद्वार-लखनऊ स्पेशल अनारक्षित ट्रेन 15, 16 और 17 जून को चलेगी। ट्रेन हरिद्वार से 18:35 बजे चलकर मुरादाबाद से 22:50 बजे, रामपुर से 23:21 बजे, बरेली से 00:06 बजे, शाहजहांपुर से 01:10 बजे और लखनऊ 3:30 बजे पहुंचेगी। इसके अलावा 04325 लखनऊ-हरिद्वार स्पेशल अनारक्षित 16, 17 और 18 जून को लखनऊ से 05:30 बजे चलकर शाहजहांपुर से 08:05 बजे, बरेली से 09:24 बजे और हरिद्वार 16:15 बजे पहुंचेगी। 04327 हरिद्वार-बठिंडा स्पेशल अनारक्षित 15 जून को हरिद्वार से बठिंडा और 16 जून को 04328 बठिंडा से हरिद्वार के लिए चलेगी। वंदेभारत एक्सप्रेस अब ऐशबाग तक जाएगी रेलवे ने सहारनपुर-लखनऊ वंदेभारत एक्सप्रेस का विस्तार गोमतीनगर से आगे ऐशबाग तक करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा भी कई ट्रेनों का विस्तार ऐशबाग तक होगा। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुमित कुमार के मुताबिक 15 जून से 26504/26503 गोमती नगर-सहारनपुर-गोमती नगर एक्सप्रेस का मार्ग विस्तार ऐशबाग तक होगा। इसके अलावा 55055 का नकहा जंगल तक, 55061 का ऐशबाग तक, 55062 का गोरखपु तक विस्तार होगा। लखनऊ में ब्लॉक से त्रिवेणी सहित 10 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी उत्तर रेलवे के लखनऊ स्टेशन पर कानकोर्स के लाचिंग कार्य की वजह से ट्रैफिक और पावर ब्लाक लिया जाएगा। इसकी वजह से 14 से 23 जून तक 15075 शक्तिनगर-टनकपुर एक्सप्रेस, 15073 सिंगरौली-टनकपुर एक्सप्रेस, 15074 टनकपुर-सिंगरौली एक्सप्रेस, 15076 टनकपुर-शक्तिनगर एक्सप्रेस, 15, 18 एवं 22 जून को 14523 बरौनी-अम्बाला एक्सप्रेस, 16, 20 एवं 23 जून को 14524 अम्बाला-बरौनी एक्सप्रेस, 14 से 23 जून तक 15127 बनारस-नई दिल्ली एक्सप्रेस, 15128 नई दिल्ली-बनारस एक्सप्रेस, 15119 बनारस-देहरादून एक्सप्रेस और 15120 देहरादून-बनारस एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग आलमनगर-ट्रांसपोर्ट नगर-उतरेटिया के रास्ते चलाई जाएगी।  

इनोवेशन भारत के DNA में है: नीस में पीएम मोदी ने स्टार्टअप और युवा शक्ति पर दिया जोर

नई दिल्ली फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भारत इनोवेट्स के लॉन्च कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया। रविवार को नीस में उन्होंने कहा कि इनोवेशन भारत के डीएनए में है। पीएम मोदी ने कहा, 'दुनिया में अलग-अलग देश एक दूसरे के साथ व्यापार करते हैं। अलग-अलग देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी भी होती है लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो साझा रुचि के साथ-साथ साझा विजन से भी ड्राइव होते हैं। भारत और फ्रांस का रिश्ता कुछ ऐसा ही है। इस रिश्ते भी जुड़ाव, दृढ़ विश्वास, नवाचार, प्रेरणा, साझा मूल्य, साझा विजन भी है। इसी रिश्ते की नींव पर बीते वर्षों में हमने साथ मिलकर नई पहल शुरू की है और वैश्विक चुनौतियों के समाधान खोजने का प्रयास किया है। हम दोनों देश हमेशा एक साथ चले हैं। आज हमें खुशी है कि हम भारत इनोवेट्स की शुरुआत भी फ्रांस के साथ कर रहे हैं। मैं अपने मित्र इमैनुएल मैक्रों का यहां आने के लिए धन्यवाद करता हूं।' पीएम मोदी ने कहा, 'इमैनुएल मैक्रों ने अभी भारत यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था कि इस सदी की चुनौतियों के समाधान के लिए भारत और फ्रांस को एक साथ आगे आना होगा। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि ये पहल उसी दशा में एक कदम है। भारत इनोवेट्स हमारे टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां भारत के यंग माइट्स को यूपरोपियन एक्सपर्ट से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।' उन्होंने कहा कि आज 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है। आज भारत में एक स्टार्टअप रिवॉल्यूशन हो रहा है। इस रिवॉल्यूशन में भारत का नौजवान एक नए मानसिकता के साथ मानवता के हित में समस्याओं के समाधान ढूंढ रहा है। हमारे नौजवानों के विश्व-स्तरीय समाधान को वैश्विक मंच पर लाने का माध्यम ही भारत इनोवेट्स है। भारत के भविष्य की एक झलक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आज यहां इतने सारे युवा उद्यमी जुड़े हुए हैं। आपको यहां भारत के भविष्य की एक झलक दिखाई देती है। आपको भारत के युवाओं का आत्मविश्वास, आपको नए भारत की ऊर्जा दिखाई देती है। एक ऐसा भारत जो समाधान का उपभोक्ता नहीं बल्कि समाधान में योगदान देने वाला है। यहां कुछ लोग AI के जरिए ग्रामीण भारत की जिंदगी बदलने का काम कर रहे हैं, तो कुछ किसान की मदद के लिए सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। आपकी क्षमता को देखते हुए, मैं कहूंगा कि भारत बड़े पैमाने पर और तेजी से इनोवेशन करता है। भारत टिकाऊ भविष्य के लिए इनोवेशन करता है और भारत पूरी दुनिया के लिए इनोवेशन करता है।'

70 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी-बारिश का अलर्ट, कई जिलों में येलो वॉर्निंग

पटना  बिहार के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल बिहार के मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों में मानसून बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह अनुकूल स्थिति में है। आंधी-बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, पटना, नवादा, गया, औरंगाबाद, सिवान, भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय, बक्सर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर और मुंगेर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलने की चेतावनी है। वहीं, कल यानी 15 जून को पटना का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम? बीते 24 घंटों में बिहार के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है । मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के गया में सबसे ज्यादा 16 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके साथ ही राजगीर में 61 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज और झोंकेदार हवाएं चलीं। मौसम विभाग की अपील मौसम विभाग ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आकाशीय बिजली कड़कने के समय खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या कंक्रीट के फर्श/दीवारों के सहारे न रहें। आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और गैर-जरूरी यात्रा से बचें। बिजली कड़कने के दौरान घर के सभी कीमती इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल सामानों के प्लग निकाल दें।

किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे और आधुनिक कृषि तकनीकों की दी जाएगी जानकारी: मुख्यमंत्री

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीएम आवास 01 अणे मार्ग से किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 से संबंधित 2 कृषि ज्ञान वाहन सहित सभी जिलों के लिए किसान जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। किसानों को क‍िया जाएगा जागरूक इस किसान जागरुकता वाहन द्वारा किसानों को खरीफ मौसम से संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया जाएगा। किसानों को खरीफ फसलों की तकनीकी जानकारी दी जाएगी। शारदीय (खरीफ) मौसम में कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं तथा खरीफ में अनुदानित दर पर उपादान वितरण की जानकारी दी जाएगी गृहमंत्री। किसानों का आय बढ़ाने, डिजिटल क्रॉप सर्वे/फार्मर रजिस्ट्री के बारे में अवगत कराने के साथ-साथ कृषि उपकरण की भी जानकारी दी जाएगी। सीएम ने कहा-उत्‍पादकता में होगी वृद्ध‍ि प्रशिक्षण एवं विस्तार सेवाओं के बारे में किसानों को अवगत कराया जाएगा। साथ ही खेत बचाओ अभियान, प्रकृति तथा संतुलित उर्वरक की जानकारी एवं फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरुकता किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री ने अपने एक्‍स हैंडल पर लिखा है, क‍ि आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों, फसल प्रबंधन तथा कृषि योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के लिए हेतु जागरूकता वाहनों को रवाना किया गया। यह अभियान किसानों तक कृषि संबंधी नवीनतम जानकारियां पहुंचाकर उनकी उत्पादकता एवं आय में वृद्धि के साथ-साथ राज्य में कृषि विकास को नई गति प्रदान करेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री विजय सिन्हा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत एवं कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल के अतिरिक्त अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मंडलीय बैठकों में सड़क-पुल परियोजनाओं की प्राथमिकता तय

लखनऊ  अगले साल होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार विकास कार्यों को रफ्तार देने में जुट गई है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडलीय दौरे शुरू कर दिए हैं। इन दौरों में वे जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर सड़कें व पुल पुलियों के निर्माण कार्यों के संबंध में उनकी प्राथमिकताएं समझ रहे हैं। लोक निर्माण विभाग जुलाई से ही नई योजनाओं के लिए बजट स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को वाराणसी मंडल में जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक मंडलीय दौरे की शुरूआत कर दी है। रविवार को वे गोरखपुर में गोरखपुर मंडल के जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। मुख्यमंत्री का मंडलीय दौरा इस महीने के अंत तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। इन बैठकों के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में विभागीय बजट से नई सड़कें व पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों की प्राथमिकताएं तय की जा रही हैं। जिसके आधार पर पीडब्ल्यूडी नए निर्माण कार्यों को तेजी से शुरू कराएगा। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव अजय चौहान के मुताबिक जन प्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर सभी जिलों की कार्ययोजना आ गई है। मुख्यमंत्री की मंडलीय बैठकें पूरी हो जाने के बाद चयनित कार्यों का काम तेजी से शुरू कराया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि जुलाई से ही विभाग चयनित कार्यों के लिए बजट स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया का काम शुरू कर देगा, ताकि सितंबर से धरातल पर युद्धस्तर पर काम शुरू कराया जा सके। इस वित्तीय वर्ष में पीडब्ल्यूडी को निर्माण कार्यो के लिए 35,156 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जिसमें से 11,718 करोड़ रुपये से नए कार्यों के लिए है। शेष बजट पहले से चल रही योजनाओं को पूरा करने पर खर्च किया जाना है। चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली नई सड़कें व पुल-पुलियों का काम शुरू किया जाना है। विभाग ने तय किया है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांच करोड़ रुपये तक की लागत वाली योजनाओं को 50 प्रतिशत तथा इससे बड़ी योजनाओं के लिए 20 से 30 प्रतिशत तक बजट जारी किया जाएगा।