samacharsecretary.com

आज का राशिफल 15 जून: किसी के लिए रोमांस तो किसी के लिए करियर में नई जिम्मेदारी

मेष 15 जून के दिन पॉजिटिव सोच बनाए रखें। अपने लॉंग टर्म लक्ष्यों पर कायम रहना आपके लिए अच्छा रहेगा। स्ट्रेस से दूर रहें। आज अपनी मेंटल हेल्थ पर फोकस करना चाहिए। काम का प्रेशर ज्यादा लेने से मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित होती है। वर्क-लाइफ बैलेंस मेन्टेन करके आगे बढ़ें। वृषभ 15 जून के दिन नई शुरुआत को खुली बांहों से अपनाएं। डाइट को हेल्दी रखें। लव के मामले में दिन रोमांटिक रहेगा। प्रोग्रेस करने के लिए बैलेंस की आवश्यकता होती है। अप्रत्याशित चुनौतियां सामने आ सकती हैं, फिर भी खुद को संतुलित करते हुए आगे बढ़ते रहें। मिथुन 15 जून के दिन जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। आज का आपका दिन इनोवेटिव विचारों पर फोकस करने वाला दिन है। अपने प्रोफेशनल जीवन में चुनौतियों के साथ-साथ रचनात्मकता की उम्मीद करें। कर्क 15 जून के दिन आपका समय उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। सिंह 15 जून का दिन सिंह राशि वालों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। कन्या 15 जून के दिन फिट रहने पर फोकस रखें। आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। तुला 15 जून का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। वृश्चिक 15 जून के दिन आपका दिन रोमांटिक रहेगा। आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। धनु 15 जून के दिन घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। बाहर के खाने से परहेज करें। मकर 15 जून के दिन अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। कुंभ 15 जून के दिन खर्च को इस वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। मीन 15 जून के दिन आज आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है। सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें।

पावर परचेज कॉस्ट बढ़ने से बिजली दरों में बदलाव, व्यापारियों और इंडस्ट्री पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली बिजली के बिलों में पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) की बढ़ोतरी के फैसले पर सरकार ने दावा किया है कि बिजली सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की बढ़ती कीमतों के बावजूद दिल्ली सरकार ने राजधानी के बिजली उपभोक्ताओं को राहत दी है। बिजली सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं पर PPAC में हुई बढ़ोतरी का कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। आशीष सूद ने साफ किया कि PPAC कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि बिजली कानूनों के तहत पहले से लागू एक नियामक प्रावधान है। इसके जरिए विजली वितरण कंपनियां ईंधन और बिजली खरीद की बढ़ी हुई लागत का एडजस्टमेंट करती है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट और अन्य अंतरराष्ट्रीय कारणों से पिछले एक महीने में बिजली खरीद की लागत में करीब 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उपभोक्ताओं पर इसका असर सिमित ऊर्जा मंत्री के अनुसार, इतनी बड़ी लागत वृद्धि के बावजूद दिल्ली सरकार के प्रयासों से उपभोक्ताओं पर इसका असर सीमित रखा गया है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने औसतन केवल 2.4 प्रतिशत PPAC बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि पहले PPAC की सीमा 31 मार्च तक 14.5 प्रतिशत थी, जिसे बढ़ाकर अब लगभग 17.5 से 17.9 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने कहा कि DERC के आदेश में बिजली वितरण कंपनियों को लागत की वसूली चरणबद्ध तरीके से करने का प्रावधान किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं पर तत्काल प्रभाव न्यूनतम रहे। सूद ने कहा कि यह कदम बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति और उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने दोहराया कि दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी का लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे है, जबकि सरकार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। सूद ने बताया कि पहले PPAC की सीमा 31 मार्च तक 14.5 प्रतिशत थी, जिसे बढ़ाकर अब लगभग 17.5 से 17.9 प्रतिशत किया गया है दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों की मुश्किलें बढ़ीं PPAC में बढ़ोतरी को लेकर दुकानदारों और फैक्ट्री मालिकों की टेशन बढ़ गई है। व्यापारी संगठन सीटीआई बृजेश गोयल ने सीएम रेखा गुप्ता को पत्र लिखा है। दावा है कि इस बढ़ोतरी से हरियाणा और यूपी के अपेक्षा दिल्ली में कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। बिजली की नई दरें 10 जून से लागू हो चुकी है, जिसका असर जुलाई में आने वाले बिजली बिलो में दिखाई देगा बृजेश गोयल ने कहा कि दिल्ली में कमर्शल और इंडस्ट्रीज के लिए बिजली की दरे पहले से ही पड़ोसी राज्यों हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तुलना में बहुत ज्यादा है। इंडस्ट्रीज हरियाणा और उत्तर प्रदेश शिफ्ट हो सकती हैं बिजली की दरे और बढ़ने से दिल्ली की इंडस्ट्रीज पड़ोसी राज्यो हरियाणा और उत्तर प्रदेश में शिफ्ट हो सकती है क्योंकि वहां बिजली की दरें और न्यूनतम मजदूरी दिल्ली की तुलना में सस्ती होने से लागत कम पड़ेगी। बृजेश गोयल ने कहा कि रेजिडेशल बिजली दरो में सब्सिडी मिलती है, लेकिन कमर्शल और इंडस्ट्रीज में सब्सिडी नहीं मिलने से यहां बिजली की दरे हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तुलना में बहुत ज्यादा हो जाएंगी। जिससे व्यापारियों और फैक्ट्री मालिको पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और वस्तुओ के दाम बढ़ने की संभावना बढ़ेगी। अगर यही स्थिति रही तो कारोबारी अपना कारोबार हरियाणा या यूपी में शिफ्ट करने को मजबूर होगे। सबसे ज्यादा बोझ बीएसईएस उपभोक्ताओं पर घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए PPAC दरों में संशोधन के बाद 2 किलोवॉट स्वीकृत लोड वाले उपभोक्ताओं के मासिक बिल में वितरण कंपनियों के अनुसार अलग अलग बढ़ोतरी होगी। बृजेश गोयल ने कहा कि DERC के आदेश में बिजली कंपनियो को लागत की वसूली चरणबद्ध तरीके से करने का प्रावधान किया गया है, ताकि उपभोक्ताओं पर तत्काल प्रभाव न्यूनतम रहे। जानिए किसे कितना चुकाना होगा बिल बीआरपीएल का PPAC 14.5% से बढ़कर 17.9% हो गया है। इसके चलते 200 यूनिट का बिल 866 रुपये से बढ़कर 889 रुपये यानी 23 रुपये अधिक होगा, लेकिन सब्सिडी के चलते बिल जीरो आएगा। 400 यूनिट का बिल 2,086 रुपये से बढ़कर 2.142 रुपये यानी 56 रुपये अधिक होगा। 600 यूनिट का बिल 3,850 रुपये से बढ़कर 3,952 रुपये हो जाएगा, यानी 102 रुपये की बढ़ोतरी होगी। BYPL में PPAC 11.7% से बढ़कर 17.4% कर दिया गया है, जो सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। 200 यूनिट का बिल 847 रुपये से बढ़कर 885 रुपये होगा, लेकिन बिल जीरो ही रहेगा। 400 यूनिट का बिल 2,041 रुपये से बढ़कर 2,133 रुपये यानी 92 रुपये अधिक होगा। 600 यूनिट का बिल 3,766 रुपये से बढ़कर 3,936 रुपये हो जाएगा, यानी 170 रुपये की बढ़ोतरी होगी। वहीं, TPDDL में PPAC 15.9% से बढ़कर 16% हुआ है। इसके बावजूद 200. 400 और 600 यूनिट की खपत पर बिल क्रमशः 876 रुपये, 2,110 रुपये और 3,894 रुपये ही रहेगा। बढ़ोतरी नहीं होगी।  

पटना कोचिंग विवाद में नया मोड़, खान सर केस में नोटिस जारी कर थाने बुलावा

पटना  केस मुकदमे में फंसे कोचिंग गुरु फैसल खान उर्फ खान सर के कोचिंग सेंटर खान ग्लोबल स्टडीज से मैनेजर कन्हैया सिंह समेत तीन कर्मियों को पटना पुलिस ने नोटिस भेजकर तलब किया है। कोचिंग सेंटर पर नोटिस चस्पा करके तीनों को कदमकुआं थाने पर की गयी है। कोचिंग पर हमला, हंगामा और तोड़फोड़ के मामले में मैनेजर कन्हैया सिंह ने एफआईआर दर्ज कराया था। बार-बार बुलाने और रिमांडर देने पर भी वे पुलिस के पास नहीं जा रहे थे। रविवार को बजरिए नोटिस उन्हें थाने पर तलब किया गया है। खान ग्लोबल स्टडीज के 2 अन्य कर्मियों अजित कुमार और अंकित कुमार पांडे को भी पुलिस ने थाने पर तलब किया गया है। तीनों के नाम से निकले नोटिस में कहा गया है कि कदमकुआं थाना कांड संख्या 410/26 में अनुसंधान के क्रम में पूछताछ के लिए आपका सहयोग नहीं मिल रहा है। पहले से मौखिक और लिखित रुप से सूचना देने पर भी आप लोग थाने पर केस सी जानकारी देने के लिए नहीं आ। कहा गया है कि आपकी उपस्थिति थाने में अनिवार्य है। थाने में उपस्थित होकर पूछताछ में सहयोग करें। निर्देश का पालन नहीं करने पर कार्वाई की चे यह भी कहा गया है कि यदि आप बिना उचित कारण के इस नोटिस का अनुपालन नहीं करते हैं तो आपके खिलाफ विधि सम्मत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी जिसके लिए आप स्वयं उतरदायी होंगे। चार बजे तक उन्हें थाने पर पहुंचने का निर्देश दिया गया था। जानकारी के अनुसार निर्धारित समय पर ये लोग नहीं पहुंचे थे। कोचिंग में तोड़ फोड़ मामले में कन्हैया सिंह ने पटना पुलिस को आवेदन दिया गया था। इसी के आधार पर केस दर्ज हुआ और ज्ञान बिन्दु के संचालक रोशन सर की गिरफ्तारी हुई। इसी दौरान खान सर के गार्ड द्वारा फायरिंग किए जाने पर एक और एफआईआर दर्ज किया गया और दो गार्ड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसी मामले में खान सर की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट से रोक लगी है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के छात्र-छात्राओं ने खान सर की गिरफ्तारी के लिए गांधी मैदान के पास जोरदार प्रदर्शन किया। गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर अंडर ग्राउंड हो गए। कोर्ट में सरेंडर की खबरें भी आईं।खान सर की ओर से एंटिसिपेटरी बेल पेटिशन दाखिल किया गया। इससे पहले खान सर प्रकरण में दिन रात हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। इधर कोचिंग विवाद में जेल में बंद रोशन सर के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में मौत हो गई। प्रिंस की हत्या की बात बताई जा रही है।

अमेरिका में फायरिंग से दहशत, वांछित आरोपी विक्टर माटा विलेरियल मुठभेड़ में मारा गया

 टेक्सस  टेक्सस के मिडलैंड में हुई गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई और कम से कम 10 लोग घायल हो गए। संदिग्ध हमलावर, जिसकी पहचान 45 साल के विक्टर माटा विलेरियल के रूप में हुई है, बाद में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद मृत पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि हमला स्थानीय समयानुसार, सुबह करीब 8 बजे शुरू हुआ, जब पुलिस को एक शूटर की जानकारी मिली। टेक्सस डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक सेफ्टी के अनुसार, संदिग्ध ने राहगीरों और अधिकारियों पर गोलीबारी की। संदिग्ध ने पहले भी चलाई थी पुलिस पर गोली अधिकारियों ने बताया कि विलेरियल पहले से ही 'कैपिटल मर्डर' के प्रयास के मामले में वांछित था, क्योंकि उसने सप्ताह की शुरुआत में कार का पीछा किए जाने के दौरान कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी पर गोली चलाई थी। पुलिस ने बताया कि अधिकारी ने बुधवार को उसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन विलेरियल ने कई बार गोली चलाई और भाग गया। बाद में उसकी गाड़ी लावारिस हालत में मिली। अधिकारियों ने कहा कि यह वह व्यक्ति था जिसकी हम पहले से ही तलाश कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार की गोलीबारी पिछली घटना से ज्यादा दूर नहीं हुई थी। हमलावर ने खुद को क्लिनिक में बंद किया शुक्रवार की गोलीबारी के बाद, विलेरियल ने खुद को एक बंद पड़े पशु चिकित्सा क्लिनिक के अंदर बंद कर लिया। पुलिस ने इमारत को घेर लिया और इलाके को खाली कराने का काम किया। मिडलैंड पुलिस प्रमुख ग्रेग स्नो ने बताया कि जब अधिकारी वहां पहुंचे तो उन पर गोलीबारी की गई। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को अपनी गश्ती गाड़ियों के पीछे छिपना पड़ा और उन्हें बचाने के लिए बख्तरबंद गाड़ी का इस्तेमाल करना पड़ा। किसी भी अधिकारी को चोट नहीं आई। अधिकारियों ने इमारत में घुसने के लिए रोबोट और ड्रोन का इस्तेमाल किया और बाद में पुष्टि की कि संदिग्ध अंदर मृत पाया गया। 10 लोग घायल घायल हुए दस लोगों को मिडलैंड मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया। चार लोगों को सर्जरी की जरूरत पड़ी, जबकि अन्य की हालत स्थिर बताई गई। कुछ लोगों को बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों ने पीड़ितों के बारे में या गोलीबारी की वजह के बारे में कोई जानकारी जारी नहीं की है। मिडलैंड की मेयर लोरी ब्लॉन्ग ने समुदाय से प्रभावित लोगों का समर्थन करने का आग्रह किया।

पहली बार कक्षा 6-8 के छात्र भी खेल प्रतियोगिताओं में शामिल, प्रदेशीय खेलों में बड़ा बदलाव

लखनऊ प्रदेश के विद्यालयों में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने शैक्षिक सत्र 2026-27 का प्रदेशीय विद्यालयी खेलकूद कैलेंडर जारी कर दिया है। 30 जून से शुरू होकर 17 नवंबर तक चलने वाली इन प्रतियोगिताओं में 31 खेल शामिल किए गए हैं पहली बार बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा 6 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को भी सभी स्तरों पर प्रतिभाग का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मौका मिल सकेगा शिक्षा निदेशक माध्यमिक की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, उच्च प्राथमिक विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) के छात्र-छात्राएं प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं को एक अलग यूनिट के रूप में प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाएगा। इनके लिए जिला और मंडल स्तर पर अलग प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। अंतरमंडलीय प्रदर्शन के आधार पर प्रदेशीय टीम का चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया का निर्धारण समग्र शिक्षा के बालिका प्रकोष्ठ द्वारा किया जाएगा। हर विद्यालय के लिए दो खेलों में भागीदारी अनिवार्य प्रत्येक विद्यालय के छात्र-छात्राओं को कम से कम दो अलग-अलग खेलों में प्रतिभाग करना होगा। इनमें एक टीम गेम और एक व्यक्तिगत खेल अथवा दोनों टीम गेम हो सकते हैं। खेलों का चयन विद्यालय अपनी सुविधा के अनुसार करेंगे। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) द्वारा सीबीएसई और सीआईएससीई बोर्ड को अलग यूनिट की मान्यता दिए जाने के कारण इन बोर्डों से संबद्ध विद्यालयों के खिलाड़ी उत्तर प्रदेश की विद्यालयी खेल प्रतियोगिताओं में भाग नहीं ले सकेंगे। नौ नए खेल ट्रायल आधार पर जारी वुशू, मलखम्भ, गतका, कलारीपयट्टू, शतरंज, योगासन, थांगता मार्शल आर्ट और कुराश आदि को ट्रायल आधार पर इस वर्ष भी प्रतियोगिताओं में शामिल किया गया है। इसके अलावा नेटबाल, रग्बी, स्केटिंग, तलवारबाजी, साइक्लिंग, टेनिस और मॉडर्न पेंटाथलॉन में चयन ट्रायल कराकर प्रदेशीय टीमों का गठन किया जाएगा। प्रतियोगिताएं 14 वर्ष से कम (सब जूनियर), 17 वर्ष से कम (जूनियर) और 19 वर्ष से कम (सीनियर) आयु वर्ग में आयोजित की जाएंगी। प्रदर्शन के आधार पर होगा प्रदेशीय टीम चयन टीम स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। तैराकी और एथलेटिक्स जैसी व्यक्तिगत स्पर्धाओं में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त खिलाड़ी प्रदेशीय टीम में शामिल किए जाएंगे। एथलेटिक्स की रिले टीम का चयन अलग से किया जाएगा। 25 जून तक तय करनी होगी मेजबानी शिक्षा विभाग ने सभी मंडलीय और जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने यहां आयोजित होने वाली प्रदेशीय प्रतियोगिताओं के स्थल और तिथि का निर्धारण कर 25 जून तक इसकी सूचना सहायक शिक्षा निदेशक खेल, लखनऊ और डॉ. भीमराव आंबेडकर राज्य विद्यालयी क्रीड़ा संस्थान, अयोध्या को उपलब्ध कराएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विषम परिस्थितियों को छोड़कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की तिथियों में परिवर्तन नहीं किया जाएगा। प्रमुख प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम     30 जून से तीन जुलाई : सब जूनियर व जूनियर नेहरू हाकी (झांसी)     5 से 8 अगस्त : तैराकी, डाइविंग व वाटर पोलो, अलीगढ़     17 से 20 अगस्त : तीरंदाजी (मिर्जापुर), कराटे (लखनऊ), शूटिंग (मेरठ), जिम्नास्टिक (आगरा)     21 से 25 अगस्त : हैंडबॉल (अयोध्या)     21 से 24 अगस्त : टेबल टेनिस व बैडमिंटन (कानपुर)     30 अगस्त से तीन सितंबर : फुटबॉल (वाराणसी) और कुश्ती (गोरखपुर)     नौ से 13 सितंबर : जूडो (बरेली) और बास्केटबॉल (गोरखपुर)     15 से 19 सितंबर : मलखम्भ (झांसी), हॉकी (मुरादाबाद), भारोत्तोलन (सहारनपुर), वॉलीबॉल (प्रयागराज)     19 से 21 सितंबर : कलारीपयट्टू (लखनऊ)     23 से 26 सितंबर : बॉक्सिंग (लखनऊ) और वुशू (वाराणसी)     29 सितंबर से दो अक्टूबर : कुराश (मेरठ)     एक से तीन अक्टूबर : सेपक टाकरा (बरेली)     तीन से छह अक्टूबर : गतका (अयोध्या)     नौ से 12 अक्टूबर : थांगता मार्शल आर्ट (अयोध्या) और योगासन (आजमगढ़)     15 से 18 अक्टूबर : शतरंज (आजमगढ़) और बालिका क्रिकेट (मुरादाबाद)     20 से 23 अक्टूबर : कबड्डी (आजमगढ़) और बालक क्रिकेट (कानपुर)     24 से 27 अक्टूबर : खो-खो (अयोध्या)     29 अक्टूबर से दो नवंबर : ताइक्वांडो (गोरखपुर)     13 से 17 नवंबर : एथलेटिक्स (प्रयागराज)  

एमटी सेलेस्टियल सी पर तैनात भारतीय अधिकारी की मौत, रेस्क्यू में देरी पर विवाद

मस्कट  ओमान के डुक्म बंदरगाह पर खड़े एक पोत पर सवार एक भारतीय नागरिक की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण मौत हो गई। भारतीय दूतावास ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि मृतक की पहचान निशांत उर्थनाथन के रूप में की गई है। उसने बताया कि जब निशांत की मौत हुई उस समय वह मोटर टैंकर (एमटी) सेलेस्टियल सी पर सवार थे। खुलासा हुआ है कि एमटी सेलेस्टियल के क्रू ने रेडियो कम्युनिकेशन के जरिए अमेरिकी नौसेना के बार-बार मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया। अब दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना मृतक नाविक निशांत उर्थनाथन के शव को निकालने की अनुमति नहीं दे रही है अमेरिकी नौसेना से कई बार मांगी गई मदद स्पुतनिक इंडिया ने एमटी सेलेस्टियल सी शिप के रिकॉर्ड के आधार पर दावा किया है कि उसने अमेरिकी नौसेना को मदद के लिए बार-बार कॉल किया। इसमें भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन को बहुत ज्यादा उल्टी होने की रिपोर्ट दी गई। लेकिन, अमेरिकी नौसेना की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बाद में 11 जून को निशांत उर्थनाथन की सांसें रुक गई। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिकी नौसेना अभी भी लाश को निकालने की इजाजत नहीं दे रही है। एमटी सेलेस्टियल शिप के कैप्टेन ने घटना के बारे में बताया रिपोर्ट में एमटी सेलेस्टियल सी शिप पर हुई घटना को लेकर एक लेटर भी शेयर किया गया है। इसमें जहाज के कप्तान राजेंद्र यादव समेत कई दूसरे कर्मचारियों के हस्ताक्षर भी हैं। इसमें लिखा है, "यह सूचित किया जाता है कि निशांत उर्थनाथन, पीपी क्रमांक 58104330, रैंक द्वितीय अधिकारी, ने 08.06.2026 को दोपहर 12:00 बजे अस्वस्थता और लगातार उल्टी होने की सूचना दी। उन्होंने कंपनी कार्यालय को सूचित किया और वीएचएफ चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना को फोन करके रोगी की स्थिति के बारे में बताया लगातार उल्टी से पीड़ित था भारतीय नाविक उन्होंने आगे लिखा, "शाम तक द्वितीय अधिकारी के स्वास्थ्य के बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। उल्टी की तीव्रता बढ़कर हर 5-10 मिनट में होने लगी। उन्हें ओन्डेट-एमडी की गोली दी गई। शाम 4:00 बजे उन्होंने फिर से उल्टी कर दी। शाम 7:00 बजे उन्हें फिर से ओन्डेट-एमडी की गोली दी गई। रात 11:00 बजे एक बार उल्टी हुई। उस रात उल्टी नहीं हुई। 09.06.2026 को भी उल्टी नहीं हुई, केवल पेट और शरीर में दर्द था। उसे तरल दाल, चावल, ओआरएस और पानी पिलाया जा रहा था।" अमेरिकी नौसेना ने नहीं की मदद लेटर में आगे लिखा है, "10.06.2026 को हमने उन्हें तरल पदार्थ, भोजन और पानी दिया। हमने कंपनी को लगातार सूचित किया और वीएचएफ चैनल 16 पर अमेरिकी नौसेना को भी लगातार फोन करके बीमार मरीज की स्थिति के बारे में बताया, लेकिन फिर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। डॉक्टर की सलाह के अनुसार, हमने दवाएं दीं और वीएचएफ चैनल 16 के माध्यम से एजेंटों/अमेरिकी नौसेना के ज़रिए तटवर्ती सहायता का प्रयास किया।" शिप ने कई बार अमेरिकी नौसेना से संपर्क साधा लेटर के अनुसार, "11 जून 2026 की सुबह 6 बजे उन्होंने पानी और भोजन लेना बंद कर दिया। डीआई की सलाह के अनुसार, कंपनी को लगातार सूचना दी गई। हमने दवाइयां दीं और एजेंटों/अमेरिकी नौसेना के माध्यम से वीएचएफ चैनल 16 पर तटवर्ती सहायता का प्रयास किया। दोपहर 12 बजे लंगर उठाकर ओमान के निकटतम बंदरगाह दुकुम की ओर बढ़ना शुरू किया। दुकुम, ओमान के बंदरगाह नियंत्रण को फोन करके द्वितीय अधिकारी के चिकित्सा निकासी की आवश्यकता बताई गई।" जहाज पर फंसा है भारतीय नाविक का शव जहाज के कप्तान ने बताया, "बंदरगाह नियंत्रण ने दुकुम में स्थानीय एजेंट से संपर्क किया। दोपहर 2 बजे तक कंपनी ने हमें एजेंट का विवरण दिया। हमने यह जानकारी दुकुम बंदरगाह नियंत्रण को दे दी। दोपहर 3 बजे के बाद वह बेहोश हो गया, शाम 5 बजे पता चला कि उसकी सांसें रुक गई हैं। उसे कई बार सीपीआर दिया गया, ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और उसकी नब्ज जांची गई, जो उस समय ठीक थी। बाद में शाम 6 बजे पता चला कि उसकी नब्ज भी रुक गई है। कंपनी से लगातार संपर्क में है लेकिन हेलीकॉप्टर से बचाव नहीं हो पाया है।"  

अलवर: केंद्र-राज्य योजनाओं और विकास कार्यों की मंत्री ने दी जानकारी

 जयपुर 12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के विषय पर आधारित तीन दिवसीय प्रदर्शनी का जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश सिंह रावत ने सूचना एवं जन सम्पर्क कार्यालय, धौलपुर में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनी न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराती है, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की व्यापकता एवं प्रभावशीलता को समझने का अवसर प्रदान करती है। प्रदर्शनी के माध्यम से यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला कि सरकार की विभिन्न योजनाओं ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, डिजिटल इंडिया, किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं तथा राज्य सरकार की जनहितकारी पहल, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सुधारों तथा विकास परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित की गई। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, रोजगार संवर्धन तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से संबंधित उपलब्धियों को भी प्रमुखता से दर्शाया गया। उन्होंने प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आमजन एवं प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने तथा विकास यात्रा को समझने का प्रभावी माध्यम हैं। उल्लेखनीय है कि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी केंद्र एवं राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों तथा सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। प्रदर्शनी के माध्यम से नागरिकों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। इस दौरान जिला कलक्टर निधि बी टी, जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत, गिर्राज सिंह, डॉ. शिवचरण कुशवाह, नीरजा शर्मा, मोतीलाल मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व कर्मचारी उपस्थित रहे।

रेल प्रोजेक्ट के तहत कक्षा 6 से 12 तक मासिक टेस्ट अनिवार्य, कंप्यूटर शिक्षा का भी होगा मूल्यांकन

 रांची  स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने रेल (रेगुलर असेसमेंट फार इंप्रूवमेंट इन लर्निंग) प्रोजेक्ट के तहत सरकारी स्कूलों में आयोजित होनेवाली मासिक परीक्षा को लेकर नया एसओपी लागू किया है। इसमें उन स्कूलों में कंप्यूटर और व्यावसायिक शिक्षा की भी परीक्षा आयोजित करने को कहा गया है, जहां समग्र शिक्षा अभियान के तहत क्रमश: आइसीटी तथा व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई हो रही है। एसओपी में कहा गया है कि जिन स्कूलों में आइसीटी लैब उपलब्ध हैं, उन सभी स्कूलों में प्रत्येक माह के चौथे सप्ताह के किसी भी कार्यदिवस को कक्षा छह से 12 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए आइसीटी रेल मासिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें छात्रों के कंप्यूटर से संबंधित दक्षता का मूल्यांकन किया जाएगा। उक्त परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र एवं उत्तर कुंजी का निर्माण स्कूल स्तर पर करते हुए निर्धारित अवधि में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों के प्राप्तांकों की प्रविष्टि की जाएगी। वहीं, जिन स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा से संबंधित कक्षाएं संचालित होती हैं, वहां प्रत्येक माह के तीसरे सप्ताह के किसी भी कार्यदिवस को छात्र-छात्राओं की व्यावसायिक शिक्षा की रेल मासिक परीक्षा आयोजित होगी। एसओपी में यह भी कहा गया है कि राज्य स्तर से निर्धारित मासिक जांच परीक्षा की तिथि का पूर्व से जिलों के लिए निर्धारित अवकाश/अन्य कारणों से मेल होने पर उस जिले के स्कूलों द्वारा अवकाश के बाद मासिक जांच परीक्षा अगले कार्यदिवस में अनिवार्य रूप से ली जाएगी। आइसीटी तथा व्यावसायिक परीक्षा के अलावा सभी विषयाें में भी मासिक परीक्षा में 50 प्रतिशत प्रश्न वस्तुनिष्ठ तथा इतने ही प्रश्न विषयनुष्ठ (लघु उत्तरीय एवं दीर्घ उत्तरीय पूछे जाएंगे)। कक्षा एक से आठ के लिए अर्द्धवार्षिक एवं वार्षिक परीक्षाओं के पूर्व प्रोजेक्ट रेल के तहत होने वाली मासिक जांच परीक्षाओं के औसत प्राप्तांक को रचनात्मक मूल्यांकन का प्राप्तांक माना जाएगा। साथ ही यह अंक छमाही और वार्षिक मूल्यांकन के कुल योग में जुड़ेगा। बताते चलें कि वर्तमान में राज्य के 5,886 स्कूलों में आइसीटी लैब की सुविधा बहाल है। 61 पीएम श्री स्कूलों तथा 108 माध्यमिक विद्यालयों में शीघ्र ही यह सुविधा बहाल होगी। वहीं, राज्य के कई स्कूलों में 11 विषयों में व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। रेल प्रोजेक्ट का आया है बेहतर परिणाम रेल प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों में आयोजित हो रही मासिक परीक्षा का बेहतर परिणाम आया है। इससे जैक की 10वीं तथा 12वीं की परीक्षा के परिणाम में सुधार हुआ है। राज्य के कितने स्कूलों में आइसीटी लैब स्कूलों की श्रेणी                               कुल स्कूल     स्वीकृत स्कूल     जहां सुविधा बहाल है उच्च प्राथमिक                              11,382           3,368            3,290 माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक     2,869            2,794              2,596

TMC संकट गहराया: सांसदों का NDA समर्थन की ओर झुकाव

पश्चिम बंगाल TMC (तृणमूल कांग्रेस) के 20 से ज्यादा सांसद पार्टी छोड़ने की कगार पर हैं. ये सांसद अब खुद को एक अलग गुट बनाना चाहते हैं और NDA (BJP) का साथ देने की बात कर रहे हैं. सोमवार को ये सब लोकसभा स्पीकर से मिलने दिल्ली जा रहे हैं. TMC यानी ममता बनर्जी की पार्टी में इस वक्त बड़ा घमासान चल रहा है. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से पार्टी के अंदर खींचतान बढ़ती जा रही है. बागी सांसदों का दावा क्या है? TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार, जो इस बागी गुट की लीडर बन गई हैं, उन्होंने कहा कि उनके साथ अब 22 सांसद हैं. इससे पहले उन्होंने 20 का दावा किया था. दो नए सांसद और जुड़े हैं, लेकिन उनके नाम अभी नहीं बताए गए. काकोली ने कहा कि जब वो लोग औपचारिक रूप से शामिल होंगे, तभी नाम सामने आएंगे. स्पीकर से मुलाकात क्यों? सोमवार को ये सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने वाले हैं. मांग यह है कि उन्हें एक अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता दी जाए, यानी वो TMC से अलग एक नया पार्लियामेंट्री ब्लॉक बनाना चाहते हैं. काकोली ने खुद कोलकाता एयरपोर्ट पर मीडिया से यह बात कही. 19 सांसदों के दस्तखत वाला दस्तावेज शुक्रवार को एक कागज सामने आया जिस पर 19 TMC सांसदों के दस्तखत थे. इन नामों में काकोली घोष दस्तीदार, सताब्दी रॉय, बापी हल्दर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित माल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी यानी देव, जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय शामिल हैं. रचना बनर्जी और सायनी घोष के दस्तखत भी अलग से दिखे. ये सभी स्पीकर को चिट्ठी लिख चुके हैं कि उन्हें काकोली की अगुवाई में अलग गुट माना जाए. हालांकि यह साफ नहीं है कि स्पीकर के दफ्तर को यह चिट्ठी मिली या नहीं. दस्तखतों की असलियत की भी कोई पक्की पुष्टि नहीं हुई है. NDA का साथ देने की बात इस बागी गुट ने यह भी कहा है कि वो केंद्र में BJP की अगुवाई वाली NDA सरकार को समर्थन देंगे. यानी यह सिर्फ पार्टी से अलग होना नहीं है, बल्कि सीधे विरोधी खेमे में जाने की तैयारी है. दिल्ली में मीटिंग और शुवेंदु अधिकारी बागी सांसदों की एक मीटिंग पहले कोलकाता में होनी थी, लेकिन अब वो दिल्ली शिफ्ट हो गई है. पश्चिम बंगाल के CM शुवेंदु अधिकारी के इस मीटिंग में आने की उम्मीद थी, लेकिन एक सरकारी काम की वजह से वो शायद नहीं आ पाएंगे. कौन नहीं है इनके साथ? TMC के कई बड़े नेता इस बागी गुट में नहीं हैं. अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय, महुआ मोइत्रा, किर्ती आजाद, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रतिमा मंडल और सज्दा अहमद के दस्तखत उस कागज पर नहीं थे. सुदीप और भूपेंद्र की मुलाकात बीच में एक और दिलचस्प बात हुई. TMC के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले. इससे अटकलें लगने लगीं कि क्या सुदीप भी बागी गुट में शामिल हो सकते हैं. हालांकि अभी इस बारे में कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता. कुल मिलाकर ऐसा है कि TMC के 20 से ज्यादा सांसद ममता बनर्जी से बगावत कर एक अलग गुट बनाने की कोशिश में हैं. वो NDA का साथ देना चाहते हैं और स्पीकर से मान्यता मांग रहे हैं. पार्टी के भीतर बड़ी टूट देखने को मिल रही है.

दवा कीमतों में बढ़ोतरी से झारखंड में मरीजों की परेशानी बढ़ी

मेदिनीनगर (पलामू)  पलामू समेत राज्य में जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों पर ईरान-अमेरिका युद्ध और पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ने का दोहरा असर देखने को मिल रहा है। इसके चलते जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप और थायरायड जैसी बीमारियों की नियमित दवाएं महंगी होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। पहले जहां मरीज एक महीने की दवाएं एक साथ खरीद लेते थे, अब वे केवल दो सप्ताह की दवाएं ही खरीद पा रहे हैं। कीमतों में बढ़ोतरी का असर दवा कारोबारियों के मुनाफे पर भी पड़ा है। जीएसटी में कटौती का लाभ महंगाई में बेअसर केंद्र सरकार द्वारा दवाओं पर जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किए जाने के बावजूद दवाओं के एमआरपी में वृद्धि के कारण इसका लाभ उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहा है। 23 दिसंबर 2025 से लागू इस कटौती के बाद भी बढ़ी हुई एमआरपी के चलते मरीजों को राहत नहीं मिल रही है। वहीं पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ी है, जिससे दवा कारोबारियों के मार्जिन पर भी असर पड़ा है। प्लेटिनम महंगा होने से कैंसर की दवाओं पर असर कैंसर के उपचार में उपयोग होने वाले प्लेटिनम की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लाटिन और ऑक्सालिप्लाटिन जैसी दवाओं की उपलब्धता और कीमत दोनों प्रभावित हुई हैं। सितंबर 2025 में प्लेटिनम की कीमत 3869 रुपये प्रति ग्राम थी, जो अब बढ़कर लगभग 8000 रुपये प्रति ग्राम हो गई है। इसके चलते दवा कंपनियां बढ़ी हुई लागत पर दवाएं उपलब्ध कराने में असमर्थता जता रही हैं। इन दवाओं की कीमत 100 रुपये से लेकर 5000 रुपये प्रति डोज तक है। साथ ही बुखार और सामान्य बीमारियों में उपयोग होने वाली पैरासिटामोल जैसी दवाओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दवा निर्माण के कच्चे माल के साथ-साथ पैकिंग मैटेरियल जैसे प्लास्टिक दाना, बोतल व अन्य सामग्री के दाम बढ़ने से भी दवाओं की कीमतों पर असर पड़ा है। -रमेश कुमार शुक्ला, प्रदेश महासचिव, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट आर्गनाइजेशन उत्पादन और लॉजिस्टिक लागत में लगातार बढ़ोतरी फार्मा उद्योग के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में दवाओं की कीमत नियंत्रण और उनकी नियमित उपलब्धता के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। -मृत्युंजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट आर्गनाइजेशन