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राजनीति और विचारों पर हुई चर्चा, वसुंधरा राजे ने मोहन भागवत से की बैठक

जोधपुर  पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने जोधपुर में RSS सरसंघचालक मोहन भागवत से मुलाकात की है. जोधपुर में दोनों के बीच यह मुलाकात करीब 25 मिनट तक चली. हालांकि दोनों के बीच की बातचीत का ब्यौरा अभी तक बाहर नहीं आ पाया है लेकिन इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है. बीजेपी सूत्रों की मानें तो सूबे में फिलहाल भाजपा संगठन में बदलाव को लेकर चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि दोनों के बीच इस पर चर्चा हुई है. राजे और भागवत की इस मुलाकात के राजनीति के जानकार कई मायने निकाल रहे हैं. जोधपुर फिलहाल आरएसएस के चिंतन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक में शामिल होने के लिए जोधपुर आए हैं. यह बैठक 5 से 7 सितंबर तक आयोजित होगी. बैठक की तैयारियों को लेकर बड़े स्तर पर स्वयंसेवक जुटे हुए हैं. भागवत का यहां 10 सितंबर तक रहने का कार्यक्रम बताया जा रहा है. भागवत दो दिन पहले सोमवार को जोधपुर आए थे. संघ के बड़े पदाधिकारियों का जोधपुर में लगा है जमावड़ा सोमवार को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के जोधपुर आने के बाद मंगलवार को संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, सी. आर. मुकुंदा, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार, अतुल लिमये और कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मनमोहन वैध सहित अन्य अखिल भारतीय अधिकारी जोधपुर बैठक स्थल पर पहुंचे. वनवास आता है तो जाता भी है राजे ने बीते दिनों अपने दिल्ली दौरे के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी. राजे हाल ही में धौलपुर भी गईं थी. वहां उन्होंने एक धार्मिक कार्यक्रम में कहा था कि वनवास सभी के जीवन में कभी न कभी आता है. लेकिन यह भी सच है कि वनवास आता है तो जाता भी है. राजे इससे पहले भी कई कार्यक्रमों में इस तरह के बयान दे चुकी हैं जो राजनीतिक गलियारों में खासा चर्चा में रहे हैं. अब राजे की संघ प्रमुख से मुलाकात ने कई राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है.

हिंदू लड़की का मुस्लिम युवक से जबरन निकाह, वाराणसी पुलिस ने मौलवी समेत 5 को पकड़ा

वाराणसी  वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र में जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है. इस घटना में 12 साल की एक नाबालिग हिंदू लड़की को अगवा करके मौलवी ने मुस्लिम लड़के से निकाह करा दिया. इस मामले में पुलिस ने देर से ही सही, लेकिन नाबालिग लड़के निहाल, उसकी मां, पिता शरीफ उर्फ राजू, चाचा लालू और मौलवी मोहम्मद हसीन समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.  पीड़ित पिता नंदू मौर्य लगभग 3 महीने तक थाने-चौकी के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई. थक-हारकर उन्होंने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी, जिसके बाद कार्रवाई हुई. मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.  पीड़ित पिता की आपबीती पीड़ित पिता नंदू मौर्य ने अपनी शिकायत में बताया कि लगभग 3 महीने पहले उनकी 12 साल की बेटी को निहाल नाम का लड़का जबरन अपने घर उठा ले गया था. जब वह अपनी बेटी को वापस लेने गए, तो निहाल, उसके पिता शरीफ, चाचा लालू और कुछ अन्य लोगों ने उन पर हमला कर दिया. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अब उनके मजहब की हो गई है, उसका निकाह हो चुका है और वह काफिर (नंदू मौर्य) की हत्या करके उसे जहन्नुम भेज देंगे.  पुलिस ने कराया आरोपियों से उठक-बैठक इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनसे थाने में ही उठक-बैठक करवाई. मौलवी मोहम्मद हसीन ने कबूल किया कि उसने 12 साल की नाबालिग का निकाह कराया था और अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी. सभी पांच आरोपियों पर उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम समेत अन्य कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. देखें वीडियो-  पुलिस कमिश्नर की पहल पर कार्रवाई एसीपी प्रज्ञा पाठक ने बताया कि पुलिस कमिश्नर को शिकायत मिलते ही तुरंत एफआईआर दर्ज की गई और लड़की को बरामद करने के लिए टीम लगा दी गई. टीम ने लड़की को ढूंढ लिया. पूछताछ में पता चला कि निहाल के परिवार ने उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करवा दिया था. एसीपी ने यह भी बताया कि पीड़ित पिता पहले थाने नहीं आए थे, सीधे पुलिस कमिश्नर के पास गए, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो पाई. 

मुख्यमंत्री ने मनीषा के परिजनों से की मुलाकात, न्याय सुनिश्चित करने का दिया वादा

हिसार   भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय लेडी टीचर मनीषा की संदिग्ध मौत के मामले में अब परिजनों को जल्द CBI जांच शुरू होने की उम्मीद बंधी है।  मनीषा के परिजन हरियाणा बैरागी समाज के राज्य प्रधान शिव कुमार पंवार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले। यह मुलाकात मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर पर करीब आधे घंटे तक चली। मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। उन्होंने बताया कि मामला CBI को सौंप दिया गया है और एक विशेष अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, "मनीषा हमारी बेटी थी, उसे न्याय दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।" CBI जांच और आर्थिक मदद की मांग बैठक में मनीषा के पिता संजय कुमार, दादा राजकुमार, मामा संदीप सहित बैरागी समाज के पदाधिकारी — प्रवीण स्वामी, डॉ. दीपक स्वामी, चेयरमैन बख्शी राम और समाजसेवी धर्मेंद्र सैनी मौजूद रहे। सभी ने CBI जांच में तेजी लाने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। CBI का फोन, जल्द शुरू होगी जांच मनीषा के दादा रामकिशन ने बताया कि मंगलवार सुबह उनके बेटे संजय कुमार को CBI अधिकारियों का फोन आया था। अधिकारियों ने बुधवार से जांच शुरू करने की जानकारी दी, हालांकि टीम के आने की तारीख को लेकर अभी तक कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोमवार को भी टीम के पहुंचने की चर्चा थी, लेकिन वे नहीं आए। घटनास्थल पर बारिश बना रही बाधा 13 अगस्त को सिंघानी गांव के खेतों में मनीषा का शव मिला था। अब घटनास्थल पर बारिश का पानी भर गया है, जिससे सबूतों के नष्ट होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल को रिफ्लेक्टिंग पट्टी लगाकर सुरक्षित कर रखा है।

CM योगी के आदेश पर यूपी के 14 शहरों में चला स्पेशल ऑपरेशन

लखनऊ  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर विकास विभाग ने प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों में एक साथ 12 घंटे का विशेष अभियान चलाया. अधिकारियों के मुताबिक इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिक सुविधाओं में सुधार, स्थानीय समस्याओं का समाधान और जन-जागरूकता बढ़ाना था. यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों के अनुरूप संचालित किया गया. न्यूज एजेंसी की खबर के अनुसार लखनऊ नगर निगम ने आठ जोनों में 32 कर वसूली और शिकायत निवारण शिविर आयोजित किए. अपर नगर आयुक्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी के नेतृत्व में 1,365 शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया. एक दिन में 2.30 करोड़ रुपये का कर संग्रह सुनिश्चित हुआ. इसके अलावा गोरखपुर नगर निगम ने प्लास्टिक मुक्त अभियान चलाकर दुकानदारों को कपड़े के थैले वितरित किए. साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाई और नियम उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया गया. वाराणसी:नगर निगम की टीम ने कचरा पृथक्करण पहल शुरू की. भरत मिलाप कॉलोनी और महेश नगर कॉलोनी के 86 घरों में घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया. अब अधिकांश घरों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में डाला जा रहा है. मथुरा-वृंदावन नगर निगम ने मछली फाटक के पुराने कूड़ा ढलाव घर का सौंदर्यीकरण किया. राधा अष्टमी के अवसर पर अहिल्या बाई पार्क और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चला. स्थानीय निवासी कचरा पृथक्करण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित हुए. गाजियाबाद में भारी बारिश के दौरान मोहन नगर, शालीमार गार्डन और मोहन नगर बस स्टैंड में जलभराव समाधान किया गया. 20 साल पुराने नालों और पाइपलाइनों की सफाई कर स्थायी समाधान उपलब्ध कराया गया. अयोध्या नगर निगम को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से 20 इलेक्ट्रॉनिक हॉपर टिपर प्राप्त हुए. इससे डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को गति मिली. प्रत्येक वार्ड में टिपर जीपीएस और रूट मैप के साथ संचालित होगा. वहीं शाहजहांपुर में निगोही रोड पर वर्षों पुराने 150 टन गीले कचरे का निस्तारण कर दीर्घकालीन समस्या का समाधान किया गया. मुरादाबाद में विशेष अभियान के तहत 200 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण किया गया. 250 सफाई कर्मियों और आधुनिक उपकरणों की मदद से यह क्षेत्र साफ किया गया. बरेली के वार्ड-53, मोहल्ला रोहली टोला और आशीष रॉयल पार्क कॉलोनी में जल आपूर्ति सुधार की गई. 1,100 मीटर नई पाइपलाइन बिछाकर 200 भवनों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया गया. कानपुर नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार और स्वच्छता के लिए तीन नए फुटबॉल ग्राउंड का उद्घाटन किया और फ्रेंडली फुटबॉल मैच आयोजित किया. प्रयागराज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छता और एंटी-लार्वा फॉगिंग अभियान चलाया गया. अपशिष्ट पृथक्करण और मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम पर जोर दिया गया. मेरठ नगर आयुक्त ने कान्हा गौशाला का निरीक्षण किया. गौवंश की देखभाल, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया गया. यह पहल धार्मिक कर्तव्य के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी मानी गई. फिरोजाबाद नगर निगम ने बारिश के बाद जलभराव की 12 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया. अलीगढ़: नगर निगम ने लगातार काम करते हुए जलभराव कम करने और खेल सुविधाओं के विकास की तैयारी की. नारंगी लाल स्मार्ट सिटी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अगले 2-3 सप्ताह में हस्तांतरित किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इस 12 घंटे के विशेष अभियान ने न केवल नागरिक सेवाओं और स्वच्छता में सुधार किया, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई. नगर निगमों के सहयोग से यह पहल प्रदेशभर में एक मॉडल के रूप में उभरी है.

सिंधिया का बयान: भारत माता के अपमान जैसी कोई बात स्वीकार्य नहीं

इंदौर  बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत मां के लिए कथित तौर पर अपशब्द इस्तेमाल किए जाने की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर इशारों में निशाना साधा. कहा कि यह दल चरित्रहीन हो चुका है. सिंधिया ने बिहार के इस विवादास्पद घटनाक्रम के बारे में प्रतिक्रिया मांगे जाने पर कांग्रेस का नाम लिए बगैर इंदौर में मीडिया से कहा, ''राजनीति हो या जीवन, इसमें कुछ स्तर होता है. जब स्थिति स्तरहीन हो जाती है और सभी सीमाओं का उल्लंघन होता है, तब उस संगठन या उस व्यक्ति या उस दल की क्या स्थिति हो जाती है, यह देश की जनता ने उसे (कांग्रेस) दिखा दिया है.'' मीडिया से चर्चा करते हुए सिंधिया ने कांग्रेस को इशारों में चरित्रहीन पार्टी बताया और कहा कि ऐसी चरित्रहीन पार्टी के बारे में ज्यादा बात करना भी उचित नहीं है. वहीं,  महिलाओं के शराब पीने वाले जीतू पटवारी के हालिया बयानों पर भी केंद्रीय मंत्री ने तीखा हमला बोला.  सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खुद को 'विश्वगुरु' के तौर पर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन आज भी भारत के अंदर कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो देश के अस्तित्व को मिटाना चाहती हैं. उन्होंने कहा कि भारत अपने हजारों साल के इतिहास में हमेशा ऐसी शक्तियों को परास्त करके एक नक्षत्र के रूप में उभरा है और आगे भी इसी तरह एक नक्षत्र के रूप में उभरता रहेगा. सिंधिया ने इस बातचीत से पहले, BJP के इंदौर कार्यालय में सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की हालिया चीन यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि मोदी ने समूचे विश्व समुदाय को भारत की शक्ति, क्षमता और आत्मनिर्भरता से परिचित करा दिया है.

टीकमगढ़ : किन्नर ने सड़क पर मचाया हड़कंप, लोग देखते रहे, पुलिस पीछा करती रही

टीकमगढ़ टीकमगढ़ शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका गांधी चौराहे और घंटाघर पर बीती रात करीब 10:00 बजे एक किन्नर नग्न होकर सड़कों पर दौड़ लगाता रहा। किन्नर का आरोप था कि कई लोग शराब के नशे में आए और उसके साथ गलत काम करना चाह रहे थे। मना किया तो मारपीट की। इससे परेशान होकर किन्नर गांधी चौराहे से लेकर घंटाघर तक वह दौड़ता रहा। लोग उसके पीछे-पीछे भागते रहे। करीब 2 घंटे तक यही तमाशा चलता रहा। सड़क पर निकलने वाले राजेश का कहना है कि रात के करीब 10:00 बजे के आसपास किन्नर नग्न अवस्था में सड़कों पर दौड़ रहा था और लगातार कह रहा था कि उसके साथ कुछ लोग गलत काम करना चाह रहे थे। उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की। जैसे ही इसकी सूचना पुलिस कोतवाली टीकमगढ़ को मिली तो टीकमगढ़ पुलिस कोतवाली के जवान भी मौके पर पहुंचे और किन्नर को पकड़ने की कोशिश करते रहे। किन्नर किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। वह इधर से उधर दौड़ लगा रहा था। पुलिस उसके पीछे-पीछे चल रही थी, लेकिन न तो वह कपड़ा पहनने को तैयार था और न ही पुलिस के साथ जाने को तैयार था। किन्नर ने सड़क पर निर्वस्त्र होकर करीब 30 मिनट तक हंगामा किया। जब आसपास के लोग उसे समझाने और कपड़े लेकर उसके पास पहुंचे तो उसने उन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किन्नर को हिरासत में ले लिया। कोतवाली थाना प्रभारी उपेंद्र छारी के अनुसार, आरोपी किन्नर सागर जिले का रहने वाला है। पूछताछ में सामने आया कि किसी से विवाद होने के बाद उसने यह कृत्य किया। पुलिस ने उसे रात भर कोतवाली में रखा। मामले की जांच जारी है। गाड़ी में बैठाकर ले गई पुलिस काफी प्रयास के बाद पुलिस को सफलता मिली, लेकिन किन्नर ने कपड़े नहीं पहने वह नग्न अवस्था में ही पुलिस की गाड़ी में बैठकर के कोतवाली चला गया। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली में भी वह करीब एक घंटे तक नग्न होकर नाचता रहा। पुलिस ने बताया कि किसी शराबी व्यक्ति द्वारा उसके साथ गलत हरकत कर दी गई थी, जिस कारण से किन्नर गुस्से में था। उन्होंने बताया कि यह किन्नर मूलत: सागर का रहने वाला है, जो कुछ समय से टीकमगढ़ जिले में रह रहा है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में उसको समझा दिया गया है और जो छेड़छाड़ करने वाले लोग थे उन पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी। उनकी तलाश की जा रही है। 

कृषि कारोबारियों के ठिकानों पर ED का धावा, छत्तीसगढ़ के 4 जिलों में हड़कंप

रायपुर  छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचारों के खिलाफ एक बार फिर ईडी की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। बुधवार की सुबह राजधानी रायपुर सहित दुर्ग, भिलाई और बिलासपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है। ईडी की यह कार्रवाई मुख्य रूप से कृषि से संबंधित कारोबारियों के ठिकानों पर की गई है। मिली जानकारी के अनुसार रायपुर के शंकर नगर में कारोबारी विनय गर्ग के घर पर भी ईडी की टीम ने दबिश दी है। इसके साथ ही दुर्ग के अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्रा. लि. के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी के घर रेड जारी है। ईडी की इस कार्रवाई में 8 से 10 अधिकारियों के साथ सशस्त्र बल भी मौजूद है। दुर्ग में भी बड़ी कार्रवाई भिलाई 3 में भी ईडी ने कार्रवाई की है. अन्ना भूमि ग्रीनटेक प्राईवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिवकुमार मोदी घर पर छापा मारा गया है. रेड में ईडी के 6 से अधिक अधिकारी शामिल हैं. सीआरपीएफ की टीम भी घर के बाहर मौजूद है. वित्तीय अनियमितता को लेकर जांच की जा रही है. DMF घोटाला मामले में कार्रवाई केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय के छत्तीसगढ़ स्थित रायपुर जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई की. टीम ने 18 लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन चलाया. जांच एजेंसी के मुताबिक करीब 575 करोड़ के DMF घोटाला यानी “डिस्ट्रिक मिनरल फंड” से जुड़े घोटाला मामले में कार्रवाई की गई है.  इस सर्च ऑपरेशन के दौरान कई सरकारी अधिकारियों, प्राइवेट लोगों के साथ- साथ टेंडर जारी करने वाले अधिकारी, ठेकेदार के यहां सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस सर्च ऑपरेशन के दौरान रायपुर के शंकर नगर इलाके में रहने वाले कारोबारी विनय गर्ग सहित उन ठेकदारों, बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है , जिन्होंने खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास और कल्याण के लिए बनाए गए DMF फंड की बड़ी रकम को छत्तीसगढ़ बीज निगम के मार्फत गलत तरीके से फर्जीवाड़ा किया था. सर्च ऑपरेशन के दौरान काफी अहम सबूतों को , इलेक्ट्रोनिक एविडेंस और दस्तावेजों को जब्त किया गया है.  घूस लेने के लिए बदले गए थे नियम इस मामले की शुरुआती जांच रायपुर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और एसीबी (ACB) ने की. इस मामले की पड़ताल के बाद एसीबी ने करीब 6 हजार पन्नों का चार्जशीट भी स्थानीय कोर्ट में दायर किया था, इसके बाद इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की इंट्री हुई. जांच एजेंसी के मुताबिक DMF के वर्क प्रोजेक्ट में भ्रष्ट्राचार करने के लिए फंड खर्च के नियमों को बदला गया और फंड खर्च के नए प्रावधानों में मटेरियल सप्लाई, ट्रेनिंग, कृषि उपकरणों, इलाके में रहने वाले लोगों और उनके बच्चों के खेलने – मनोरंजन के लिए सामग्री, मेडिकल उपकरणों, स्वास्थ लाभ सम्बंधित छोटे– बड़े कई उपकरणों की भी कैटेगरी को जोड़ा गया था. आरोप है कि बदले गए नियमों के सहारे DMF के तहत जरूरी विकास से जुड़े कार्यों को दरकिनार करके अधिकतम कमीशन वाले प्रोजेक्ट को अप्रूव किया गया. क्या है पूरा मामला ED की जांच में पता चला है कि ये छत्तीसगढ़ में DMF घोटाला केस में जेल में बंद कारोबारी मनोज कुमार द्विवेदी से जुड़ा कनेक्शन बड़ा महत्वपूर्ण है, आरोप है कि मनोज ने अपनी बनाई NGO में DMF फंड की राशि हासिल की. इसके बाद कमीशन तत्कालीन IAS रानू साहू सहित कई अन्य बड़े सफेदपोश लोगों तक पहुंचाया था. इस मामले की EOW और ED दोनों जांच कर रही है. ED की जांच में पता चला कि 2021-22 और 2022-23 में मनोज कुमार द्विवेदी ने निलंबित IAS रानू साहू और अन्य अधिकारियों से मिलीभगत की थी. अपने एनजीओ उदगम सेवा समिति के नाम पर कई डीएमएफ ठेके हासिल किए थे. अधिकारियों को टेंडर की राशि का 42 फीसदी तक कमीशन दिया गया था. रायपुर के 10 ठिकानों में रेड रायपुर में 8 से 10 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी जारी है। लेकिन, यह कार्रवाई किस घोटाले या मामले से संबंधित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। हालांकि जहां छापामार हुआ है वह कृषि और बुनियादी स्ट्रक्चर को लेकर काम करने वाली है। शुरूआती जानकारी के अनुसार एजेंसी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच से संबंधित बताई जा रही है। इस बात की आशंका है कि कृषि कारोबार के माध्यम से पैसों के लेन-देन में गड़बड़ी की गई है। वहीं, सुबह सवेरे हुई कार्रवाई से बिजनेस वर्ल्ड में हलचल मची हुई है। फिलहाल ईडी की छापेमारी जारी है। लेकिन किसी तरह की आधिकारिक रूप से किसी तरह की जानकारी शेयर नहीं की गई है। लेकिन ऑफिशियल पुष्टि नहीं की गई है।

गांधीसागर और कूनो बने ईको-टूरिज्म व साहसिक पर्यटन के केंद्र : मंत्री लोधी

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा गांधीसागर एवं कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट एंड फेस्टिवल का आयोजन भोपाल मध्यप्रदेश अब पर्यटकों को देने जा रहा है ऐसा सफर, जिसकी प्रतीक्षा लंबे समय से थी। जंगल की रोमांचक रातें, नदी और बैकवाटर्स की शांति और आसमान को छूती साहसिक गतिविधियां, ये सब मिलकर जल्द शुरू करने जा रहे हैं पर्यटन का नया अध्याय। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, ईको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से इस वर्ष दो महत्वपूर्ण आयोजनों का शुभारंभ करने जा रहा है। “गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट” का चतुर्थ संस्करण 12 सितंबर 2025 से मंदसौर जिले के गांधीसागर डैम पर और “कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट” का द्वितीय संस्करण 5 अक्टूबर 2025 से श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान के समीप आयोजित होगा। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि गांधीसागर और कूनो जैसे फॉरेस्ट रिट्रीट केवल पर्यटन आयोजन नहीं हैं, बल्कि ये हमारे प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ने का प्रयास हैं। गांधीसागर और कूनो ईको-टूरिज्म व साहसिक पर्यटन के केंद्र के रूप में उभरे हैं। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का उद्देश्य प्रदेश को एडवेंचर टूरिज्म के मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाना है, वहीं कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट हमारे लिए वेलनेस और वन्यजीव पर्यटन का हब है। इन आयोजनों से न केवल देश-विदेश से पर्यटक आकर्षित होंगे बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा गांधीसागर और कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट, अनुभव-आधारित पर्यटन के उदाहरण हैं। इन आयोजनों में आने वाले मेहमान उच्च स्तरीय और सर्व सुविधा युक्त ग्लेम्पिंग का आनंद उठाएंगे और जल, थल एवं वायु आधारित साहसिक गतिविधियों जैसे पैरासेलिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्की, हॉट एयर बैलूनिंग, जंगल सफारी, नाइट वॉक और स्टार गेज़िंग का रोमांचक अनुभव प्राप्त करेंगे। ऑल सीजन टेंट सिटी के साथ ही बोट सफारी, बोट स्पा, योग एवं वेलनेस- सत्र, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां पर्यटकों को प्रदेश की संस्कृति और जीवन शैली से निकटता से जोड़ेंगी। इन आयोजनों को हमने इस तरह से आयोजित किया है कि पर्यटन के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और सतत विकास को प्राथमिकता दी जाए।  गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट एंड फेस्टिवल (12 सितंबर 2025 से) चंबल नदी पर बने गांधीसागर डैम के मनोहारी बैकवाटर क्षेत्र को एडवेंचर हब बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा यह आयोजन शुरू किया गया था, जो अब देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। मुख्य आकर्षण: प्राकृतिक सौंदर्य से घिरी ग्लेम्पिंग साइट (50 लग्जरी ऑल सीजन टेंट सिटी) जल, थल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियां पैरासेलिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्की, ज़ोरबिंग आदि बोट सफारी एवं बोट स्पा जंगल सफारी स्थानीय व्यंजन, इनडोर स्पोर्ट्स एवं मनोरंजन सुविधाएं प्रकृति संरक्षण और स्थानीय हस्तशिल्प पर केंद्रित कार्यशालाएं बटरफ्लाई गार्डन रॉक गार्डन। उद्देश्य एवं लाभ : मध्यप्रदेश में पर्यटन को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के साथ ही यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इन आयोजनों के माध्यम से नेचर एवं एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोमांचक गतिविधियों का अनुभव करने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। साथ ही, स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी में अपनी धरोहर और प्राकृतिक संपदा के प्रति जागरूकता भी विकसित होगी। कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट एंड फेस्टिवल (5 अक्टूबर 2025 से) चीतों की वापसी के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी रहा कूनो राष्ट्रीय उद्यान अब इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक धरोहर का संगम प्रस्तुत करने जा रहा है। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के साथ पर्यटन को नई पहचान देगा। मुख्य आकर्षण : जल, थल और वायु आधारित साहसिक गतिविधियां, कला, शिल्प, लोक संगीत और नृत्य का आयोजन, प्राकृतिक सौंदर्य के बीच ग्लेम्पिंग साइट (25 लग्जरी ऑल सीजन टेंट सिटी), रोमांचक जंगल सफारी एवं नाइट वॉक, योग, ध्यान एवं वेलनेस सत्र, विलेज टूर और विभिन्न कार्यशालाएं, हॉट एयर बैलूनिंग, स्टार गेजिंग का अनुभव एवं चीता इंटरप्रिटेशन सेंटर आदि हैं। उद्देश्य एवं लाभ : मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाला कूनो फॉरेस्ट रिट्रीट प्रदेश के पर्यटन को नई दिशा देने वाला है। यह आयोजन वन्यजीवन, इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देता है और चीता पुनर्वास जैसे ऐतिहासिक प्रयास को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करता है। इसके माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर निर्मित होंगे। साथ ही यह पहल पर्यावरण संरक्षण और सतत पर्यटन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जो प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाएगी।

सबसे सस्ती मार्केट: हरियाणा में यहां मिलते हैं कपड़े किलो के भाव में

हरियाणा  आजकल फैशन की दुनिया में तेजी से बदलाव आया है। हर कोई नए और ब्रांडेड कपड़े खरीदना पसंद करता है। लेकिन महंगाई के इस दौर में अच्छी क्वालिटी के कपड़े खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं रहता। जेबें ढीली हो जाती हैं और खरीदारी का मज़ा कम हो जाता है। ऐसे में हम आपको हरियाणा की एक खास मार्केट के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दिल्ली के मशहूर चोर बाजार से भी सस्ती है। यह मार्केट पानीपत में स्थित है, जहां आप किलो के हिसाब से बेहद कम दामों में बेहतरीन कपड़े खरीद सकते हैं। पानीपत की ये मार्केट क्यों है खास? जब भी सस्ते कपड़ों की बात होती है, तो हमारे दिमाग में दिल्ली के सरोजिनी नगर, चांदनी चौक या चोर बाजार जैसे नाम आते हैं। लेकिन पानीपत की यह मार्केट इन सब से बेहतर साबित होती है। यहां न केवल सस्ते, बल्कि ब्रांडेड कपड़े भी बहुत कम दामों में उपलब्ध होते हैं। पानीपत के साथ-साथ आसपास के इलाकों के लोग भी यहां खरीदारी करने आते हैं। किलो के हिसाब से कपड़े इस मार्केट की सबसे अनोखी बात यह है कि यहां कपड़े पीस के हिसाब से नहीं बल्कि किलो के हिसाब से बेचे जाते हैं। दुनियाभर से यहां पुराने, लेकिन अच्छे हालत वाले कपड़े आते हैं। उन्हें उनकी गुणवत्ता के अनुसार श्रेणियों में बांटा जाता है और फिर उचित दाम पर बेचा जाता है। यही वजह है कि कई व्यापारी यहां से कपड़े खरीदकर दिल्ली के लाजपत नगर, सरोजिनी नगर और अन्य जगहों पर बेचते हैं।

टीईटी परीक्षा अब अनिवार्य, पास न करने पर दो साल में खत्म होगी नौकरी

बांदा परिषदीय विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें दो वर्ष के अंदर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य कर दिया है।  शिक्षक जिन्होंने आरटीई अधिनियम लागू होने के पहले से नौकरी कर रहे हैं और सेवानिवृत्त होने से पांच वर्ष से अधिक का समय बचा है। उन्हें यह परीक्षा पास करना अनिवार्य है। ऐसा नहीं होने पर उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ सकती है। जिले के 4765 शिक्षक 1725 परिषदीय विद्यालयों में 1,62,399 बच्चों के अध्ययन-अध्यापन में कार्यरत हैं। देश के सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसले के बाद उन शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।  ऐसे शिक्षक जिन्होंने आरटीई अधिनियम एक अप्रैल 2010 के लागू होने से पूर्व नियुक्ति मिली थी, उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा पास होगी।  दरअसल आरटीई (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम लागू होने में शिक्षकों की योग्यता को लेकर भी संशोधन हुआ था। जिसमें शिक्षकों को टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया था।  इसमें वर्ष 2010 के बाद जितनी भी नियुक्तियां हुईं, सभी अर्हता के तहत टीईटी परीक्षा पास की थी। लेकिन जाे शिक्षक 2010 के पहले नियुक्ति पाकर स्कूलों में तैनात हैं, उन्हें अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद टीईटी परीक्षा पास करना होगा।  इनके लिए दो वर्ष का समय भी दिया गया है। यदि दो वर्ष में टीईटी की परीक्षा नहीं पास कर पाते हैं तो ऐसे शिक्षकों की नौकरी जा सकती है। यानी सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि बिना शिक्षक पात्रता परीक्षा पास किए काेई भी शिक्षक बच्चों के भविष्य को नहीं सवारेंगा। पहले उसे उस योग्य बनना होगा। अभी नहीं तैयार किया डाटा बेसिक शिक्षा विभाग के पास टीईटी योग्यता व बिना टीईटी योग्यता धारी शिक्षकों का कोई डाटा उपलब्ध नहीं है। नियुक्ति में भी जिनकी वर्ष 2010 से पहले हुई थी और जिनके सेवानिवृत्त के पांच वर्ष से अधिक का समय शेष है, ऐसा भी डाटा नहीं है।  सामान्यत: पूरे जिले भर के शिक्षकों का डाटा तो है। पूरे जिले में 4765 शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें अनुमान है कि करीब एक हजार से 1500 के बीच ऐसे शिक्षकों की संख्या होगी। इन शिक्षकों को नौकरी बचाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा दो वर्ष के अंदर पास करनी होगी। स्थिति स्पष्ट के लिए करना होगा इंतजार यदि शिक्षक नियुक्तियों की बात की जाए तो वर्ष 2006 से लेकर 2008 तक ज्यादा हुईं। इसमें कुछ ऐसी भी भर्ती तो आरटीई अधिनियम आने के पहले हुई, लेकिन नियुक्ति आइटीई लागू होने के बाद मिली।  हालांकि, यह बात तो स्पष्ट है कि जिन शिक्षकों के पास शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रमाण पत्र नहीं है, उन्हें यह परीक्षा पास कर प्रमाण पत्र हासिल करना होगा। देश की सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले के बाद शिक्षक संघ भी पशोपेश की स्थिति में है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर शिक्षकों के फोन शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के पास आते रहे, जिसको लेकर वह भी कुछ बोलने से बचते रहे। पदाधिकारियों ने फैसले के विधिवत अध्ययन के बाद शिक्षक हित में हर संवभ प्रयास करने का भरोसा देते रहे।