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46 डिग्री तापमान के बीच सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ, कई जिलों में येलो अलर्ट

 जयपुर राजस्‍थान में भीषण गर्मी के बीच आज से नया पश्च‍िमी व‍िक्षोभ एक्‍ट‍िव हो रहा है, ज‍िससे आंधी-बार‍िश का दौरा फ‍िर से शुरू होने का अनुमान है. इसकी वजह से तापमान में कमी होगी. लोगों को गर्मी से राहत म‍िलने की उम्‍मीद है. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी. बुधवार सुबह राज्‍य के पूर्वी भाग में कहीं-कहीं हल्‍की बार‍िश र‍िकॉर्ड हुई है. जबक‍ि पश्‍च‍िमी राजस्‍थान में भीषण गर्मी रही. श्रीगंगानगर में 46 डिग्री पारा श्रीगंगानगर में सबसे अध‍िक तापमान 46 ड‍िग्री सेल्‍स‍ियस के पार पहुंच गया. गर्मी से लोगों को बुरा हाल हो रहा है. दोपहर 12 बजे तक सड़क पर इक्‍का-दुक्‍का वाहन ही नजर आते हैं. पश्‍च‍िमी राजस्‍थानके बीकानेर और जोधपुर में गर्मी से राहत म‍िलने की उम्‍मीद नहीं है. ज्‍यादातर इलाकों में मौसम शुष्‍क रहेगा. अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री दर्ज होने का अनुमान है. कुछ जगहों पर लू चलेगी. 20-30 क‍िलोमीटर प्रत‍ि घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. आंधी-बारिश का दौर फिर बढ़ेगा नए पश्‍चिमी व‍िक्षो से आज कुछ ज‍िलों में आंधी-बार‍िश की गत‍िव‍िधियां फ‍िर बढ़ेंगी. 11 से 14 जून के दौरान बीकानेर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर संभाग के कुछ भागों में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार से तेज आंधी चलेगी.  साथ ही कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.  जैसलमेर: आंधी और हवाओं से मिली थोड़ी राहत, लेकिन दोपहर में फिर बढ़ेगी तपिश,11 से 14 जून के बींच आंधी बारिश का अलर्ट है. आंधी बारिश का येलो अलर्ट राजस्थान में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट है. डीग, भरतपुर और धौलपुर जिलों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम मेघगर्जन गरज-चमक के साथ अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. मौसम विभाग ने लोगों को अलर्ट किया है.

उत्तर प्रदेश में पंचायत मतदाताओं की संख्या 12.58 करोड़ पहुंची, बलिया में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

लखनऊ  राज्य निर्वाचन आयोग ने बुधवार को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया। प्रदेश में कुल 29.01 लाख मतदाता बढ़ गए हैं। इसके साथ ही अब कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 12.58 करोड़ हो गई है। मतदाता सूची का अनंतिम प्रकाशन 23 दिसंबर को हुआ था। दावे-आपत्तियों के निस्तारण के लिए आयोग ने पांच बार तारीख भी बढ़ाई थी। कुल 169 दिन बाद आयोग ने मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया है। आयोग ने पहली बार सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) जारी किया गया है। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में 12.29 करोड़ मतदाता थे। इसके बाद 23 दिसंबर को जारी अनंतिम मतदाता सूची में कुल 12.69 करोड़ मतदाता हो गए थे। इसके बाद कुल 2.32 करोड़ नाम जोड़े गए और 2.03 करोड़ नाम काटे गए। ऐसे में कुल मतदाताओं की संख्या 12.58 करोड़ हो गई है। मतदाता वृद्धि के मामले में बलिया प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है, यहां 1,60,376 मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद लखीमपुर खीरी में कुल 1,38,223, देवरिया में 1,26,771, सिद्धार्थनगर में 1,23,162 और कुशीनगर में 1,20,011 मतदाता बढ़े हैं। शीर्ष दस जिलों में शाहजहांपुर, प्रयागराज, गोंडा और जौनपुर भी शामिल हैं। इससे स्पष्ट है कि पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के जिलों में मतदाताओं की संख्या में सबसे अधिक वृद्धि हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, पुनरीक्षण अभियान के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने, मृत व स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने तथा दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की गई है, जो आगामी पंचायत चुनाव का आधार बनेगी। गौरतलब है कि पिछले दिनों हाई कोर्ट ने पंचायत चुनाव समय पर न होने पर नाराजगी जताते हुए आयोग से अगली सुनवाई में चुनाव की तारीख मांगी है। ऐसे में अब पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज होने की संभावना है। गाजीपुर में सबसे अधिक घटे मतदाता मतदाताओं की संख्या में कमी वाले जिलों में गाजीपुर सबसे ऊपर रहा है, जहां 94,757 मतदाता कम हुए हैं। मैनपुरी में 93,207 और आजमगढ़ में 60,347 मतदाता कम हुए हैं। आगरा में 23,294, एटा में 23,429, कानपुर देहात में 10,759 और हापुड़ में 366 मतदाता घटे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, व्यापक पुनरीक्षण अभियान के दौरान मृत, स्थानांतरित और पात्रता खो चुके मतदाताओं के नाम हटाने के कारण आंकड़ों में यह बड़ा अंतर देखने को मिला है। कई स्थानों पर गांव के परिवार अब शहर में रहने लगे हैं। ऐसे में उनके नाम गांव की मतदाता सूची से काटे गए हैं। सर्वाधिक मतदाता वाले टॉप 10 जिले जिला          जनसंख्या जौनपुर          36,97,376 आजमगढ़       35,76,287 प्रयागराज      34,95,203 सीतापुर          31,18,029 गोरखपुर         29,63,142 लखीमपुर खीरी     28,87,290 हरदोई              28,73,247 गाजीपुर           28,11,268 बलिया           26,97,200 गोंडा               26,74,509 सबसे कम मतदाता वाले 10 जिले जिला                       जनसंख्या गौतमबुद्धनगर              2,09,562 महोबा                          5,88,137 चित्रकूट                        7,00,457 हमीरपुर                      7,28,518 हापुड़                         7,47,201 शामली                        7,48,921 बागपत                         8,11,402 ललितपुर                       8,57,275 श्रावस्ती                        8,58,977 औरैया                          9,57,338

28 जून को बनेगा ‘लाभ दृष्टि योग’, मेष, सिंह, धनु और मकर राशियों को बड़ा फायदा

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर और उनकी दृष्टि को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है. जून के महीने में एक ऐसा ही बड़ा ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है, जिसे 'लाभ दृष्टि योग' कहा जा रहा है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 28 जून को देवगुरु बृहस्पति (गुरु) और साहस के कारक मंगल देव की स्थितियों के चलते यह बेहद शुभ योग निर्मित होगा. जब भी कुंडली या गोचर में मंगल और गुरु का संबंध बनता है, तो इसे ज्ञान, पराक्रम और धन-धान्य में वृद्धि कराने वाला माना जाता है. आइए जानते हैं कि इस खास योग का किन राशियों पर सबसे सकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है. क्या होता है लाभ दृष्टि योग? ज्योतिषीय गणना के अनुसार, गुरु को भाग्य, समृद्धि और ज्ञान का कारक माना जाता है, जबकि मंगल ऊर्जा, भूमि और साहस के प्रतीक हैं. जब ये दोनों ग्रह एक-दूसरे से विशेष भाव या दृष्टि संबंध में होते हैं, तो एक शक्तिशाली 'लाभ दृष्टि' का निर्माण होता है. यह योग मुख्य रूप से अटके हुए कामों को गति देने, आर्थिक तंगी दूर करने और करियर में अप्रत्याशित सफलता दिलाने के लिए जाना जाता है. इस शुभ संयोग का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ विशेष राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान चौतरफा लाभ मिलने के संकेत हैं. 1. मेष राशि (Aries) मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल देव हैं. इस योग के प्रभाव से आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी. कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. पदोन्नति के योग बनेंगे. लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिल सकता है. निवेश के लिए समय उत्तम है. 2. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु और मंगल का यह संयोग मान-सम्मान में वृद्धि लेकर आएगा. यदि आप नया व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं, तो 28 जून के बाद का समय अनुकूल रहेगा. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं. आकस्मिक धन लाभ हो सकता है. 3. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के स्वामी गुरु बृहस्पति हैं, इसलिए इस योग का सीधा और बेहद सकारात्मक प्रभाव आप पर दिखेगा. विद्यार्थियों के लिए यह समय स्वर्ण काल की तरह हो सकता है. किसी बड़ी परीक्षा या इंटरव्यू में सफलता मिल सकती है. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और समाज में आपकी प्रतिष्ठा मजबूत होगी. 4. मकर राशि (Capricorn) मकर राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक मोर्चे पर बड़ी राहत देने वाला साबित होगा. आय के नए स्रोत बनेंगे. अगर आप नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, तो अच्छे ऑफर मिल सकते हैं. परिवार में चल रहा तनाव दूर होगा. आपसी सामंजस्य बढ़ेगा. शुभ फलों के लिए करें ये उपाय – भगवान विष्णु और हनुमान जी की संयुक्त पूजा करें. – गुरुवार और मंगलवार के दिन पीले या लाल वस्त्रों का प्रयोग करें. – गुरु मंत्र या हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी रहेगा.

एरोपोनिक तकनीक से सात गुना बढ़ा आलू बीज उत्पादन, दूसरे राज्यों की जरूरतें भी पूरी करेगा हरियाणा

करनाल धान, गेहूं को छोड़ प्रदेश का किसान सब्जी और बागवानी की ओर बढ़ रहा है। कुछ सालों से आलू की खेती में किसानों का रुझान बढ़ रहा है। किसान की आय बढ़ाने के लिए शामगढ़ स्थित आलू प्रौद्योगिकी केन्द्र (पीटीसी) ने ऐरोपोनिक तकनीक अपना सफल शोध किया है। इस तकनीक से एक पौधे से 60 मिनी ट्यूबर (बीज के आलू) मिलेंगे। आलू बीज उत्पादन में आई यह क्रांति कई बड़े राज्यों के लिए गेम चेंजर साबित होगी। हरियाणा अब उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार व पश्चिमी बंगाल जैसे राज्यों की बीज की जरूरत को पूरा करेगा। प्रदेश में करीब 34 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती होती है। इसमें पांच प्रमुख किस्में कुफरी उदय, पुखराज, कुफरी मोहन, कुफरी चिपसोना व कुफरी सूर्या, आनंद, पुष्कर शामिल हैं। शामगढ़ केंद्र में आलू की नई किस्म "कुफरी उदय" पर शोध किया गया। इस किस्म के पौधों में ट्यूबर बनने की रफ्तार भी सबसे अधिक पाई गई। साथ ही, मिट्टी में न होने के कारण यह बीज शत-प्रतिशत फंगस रहित, बैक्टेरिया और वायरस मुक्त है। यह है एरोपोनिक तकनीक एरोपोनिक तकनीक खेती की एक आधुनिक विधि है, जिसमें पौधों की जड़ें मिट्टी या पानी के बजाय हवा में रहती हैं। इससे कम पानी, कम जगह में तेज वृद्धि और अधिक उत्पादन मिलता है। क्या है एरोपोनिक तकनीक? इस तकनीक में पौधे को हवा में लटकाकर कंप्यूटर नियंत्रित मशीनों से जड़ों में पोषक तत्वों की बौछारें की जाती हैं। इस व्यवस्था से बीज उत्पादन में सात गुना यानी एक पौधे से बीज के 60 आलू मिले हैं। जबकि परंपरागत और नेट हाउस के अंदर प्रति पौधा केवल आठ मिनी ट्यूबर का उत्पादन ही हो पाता था। नए रिकॉर्ड से उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार व पश्चिमी बंगाल जैसे राज्यों की बीज की जरूरत को पूरा करेगा हरियाणा मिट्टी और कोकोपिट के बिना कुफरी उदय किस्म में एरोपोनिक तकनीक से शोध में आए सुखद परिणाम कृषि की इस तकनीक से हरियाणा में सात गुना बढ़ेगा आलू के बीज का उत्पादन     आठ आलू अब तक एक पौधे से मिलते हैं।     34 हजार हेक्टेयर में प्रदेश में होती है आलू की खेती। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक फैलेगा नेटवर्क शामगढ़ आलू प्रौद्योगिकी केंद्र करीब 4500 मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाला आलू बीज दूसरे राज्यों को भेज रहा है। नए शोध में प्रति पौधा 60 मिनी ट्यूबर मिलने के बाद केंद्र की बीज उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ेगी। अब देश की सबसे बड़ी आलू उत्पादक बेल्ट वाले राज्यों को कवर करने की योजना तैयार की जा रही है। अब हरियाणा अपने किसानों की जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दूसरे बड़े राज्यों के किसानों को बड़े पैमाने पर आलू बीज देने में पूरी तरह सक्षम होगा। एरोपोनिक तकनीक में एक पौधे से 60 मिनी ट्यूबर प्राप्त होना हमारे लिए मील का पत्थर है। इससे पहले के शोध में हम केवल 40 मिनी ट्यूबर ही उगाने में कामयाब हो पा रहे थे, लेकिन हमारे विज्ञानियों के गहन अध्ययन, सटीक न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट और निरंतर प्रयास से यह बड़ी सफलता मिली है। क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी और हम दूसरे राज्यों के लिए बीज उपलब्धता के साथ-साथ निर्यात करने की स्थिति में आ सकते हैं। -डॉ. मनोज भानुकर, उप निदेशक, आलू प्रौद्योगिकी केंद्र शामगढ़ करनाल।  

दिल्ली की 2.2 करोड़ आबादी जनगणना में कवर, 14 जून तक चलेगा हाउस लिस्टिंग अभियान

नई दिल्ली  दिल्ली में चल रही जनगणना 2026 के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन का अंतिम चरण में है। अब तक कुल 55 लाख से अधिक घरों को कवर किया जा चुका है, जिसमें 76.63 लाख परिवार रहते हैं। यानी 98% घर कवर हो चुके हैं। अधिकारियों का दावा है कि अगले दो दिनों में 100% जनगणना हो जाएगी। अभी तक जनगणना के हिसाब से दिल्ली की 2.2 करोड़ आबादी कवर की जा चुकी है। दिल्ली में 16 मई से जनगणना-2026 के पहले चरण में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन का काम शुरू हुआ था। पहले 15 दिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का फिर 1 जून से घर-घर जाकर यह काम चल रहा है जो 14 जून तक चलेगा। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में कुल 45 हजार से अधिक हाउस लिस्टिंग ब्लॉक तैयार किए गए थे। अनुमान के मुताबिक हर ब्लॉक में 150-200 घर रखे गए थे। कहां-कहां कितना हुआ काम? आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी जिला सबसे अधिक आबादी वाला क्षेत्र बनकर उभरा है, जहां अब तक 8.23 लाख घर को कवर किया जा चुका है, जिसमें 6.30 लाख परिवार रहते हैं। वहीं, पुरानी दिल्ली जिला सबसे कम आबादी वाला क्षेत्र रहा, जहां 2.95 लाख घरों को कवर किया गया है। आउटर नॉर्थ में 99.14 फीसदी, नॉर्थ-वेस्ट में 98.48 फीसदी और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में 98.13 फीसदी घरों को कवर किया जा चुका है। ईस्ट व नॉर्थ जिले में अभी 95 फीसदी काम ही पूरा हुआ है। जनगणना 2026 की प्रक्रिया दो चरणों में चलेगी जनगणना 2026 का आयोजन दो चरणों में हो रहा है। पहला चरण हाउस लिस्टिंग और आवास गणना का है, जो फिलहाल जारी है। इसके बाद दूसरा चरण जनसंख्या गणना (Population Enumeration) का होगा, जिसकी शुरुआत फरवरी 2027 में की जाएगी। इस चरण में नागरिकों की संख्या और सामाजिक-आर्थिक जानकारी जुटाई जाएगी।      क्यों जरूरी होती है जनगणना? अगर अभी तक आप जनगणना में शामिल नहीं हुए हैं तो 14 जून तक का समय है। 14 तक एन्यूमरेटर बचे हुए घरों में एक बार फिर से दस्तक देंगे। दरअसल, गर्मी की छुट्टी के कारण कई घरों में लोग नहीं मिले। जनगणना कर्मी ने इनके पड़ोसियों से अपना नंबर भी शेयर किया है। यह जनगणना इसलिए जरूरी है क्योंकि आंकड़ों के आधार पर ही सरकार अपनी नीतिगत फैसले लेती है।

ब्लैक फिल्म, हूटर और फैंसी नंबर प्लेट वालों पर पुलिस सख्त

 जयपुर सड़क सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस का विशेष अभियान अब सख्ती के चरण में पहुंच गया है।  पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान के तहत मात्र 6 दिनों में 50,174 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अवैध ब्लैक फिल्म, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट, अनधिकृत लेखन, मॉडिफिकेशन और हूटर-फ्लैशर लगाने वालों पर पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसते हुए छठे दिन  रिकॉर्ड 10,825 चालान बनाए। राजस्थान पुलिस की ‘पहले समझाइश, फिर सख्ती’ नीति के तहत यह अभियान सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात डॉ. बी.एल. मीणा ने बताया कि डीजी ट्रैफिक श्री अनिल पालीवाल के पर्यवेक्षण में अभियान संचालित है। अभियान 4 जून से शुरू हुआ था, जिसमें अब तक वाहनों के शीशों पर अवैध काली फिल्म लगाने के मामलों में सर्वाधिक 19 हजार 694 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई दर्ज की गई। इसके साथ ही, नियम विरुद्ध नंबर प्लेट एवं पंजीयन चिन्ह प्रदर्शित करने वाले 13 हजार 46 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई है। वाहनों पर अनाधिकृत शब्द, पदनाम, प्रतीक एवं अन्य लेखन प्रदर्शित करने के 6 हजार 791 मामलों में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की हैं। वहीं 4 हजार 757 वाहनों में अवैध बॉडी अथवा चेसिस मॉडिफिकेशन पाए जाने पर वाहन चालकों के विरुद्ध प्रवर्तन किया गया। अभियान के दौरान अवैध लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर का उपयोग करने वाले 3 हजार 244 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। साथ ही, प्रेशर हॉर्न एवं एयर हॉर्न का उपयोग करने वाले 2 हजार 642 वाहन चालकों को भी नियमों के उल्लंघन पर दंडित किया गया है।  छठे दिन सर्वाधिक मामले दर्ज अभियान में छठे दिन सर्वाधिक 10 हजार 825 वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए चालान बनाए गए। इस दिन 4 हजार 220 वाहनों से ब्लैक फिल्म हटवाई गई। नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले 2 हजार 449 वाहनों और 1 हजार 784 वाहनों पर अनाधिकृत लेखन पाए जाने पर नियमानुसार प्रवर्तन किया गया। प्रेशर व एयर हॉर्न पर 571,  अनाधिकृत लाल, नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट एवं हूटर के लिए 763 वाहनों पर कार्रवाईयां की गई हैं। अभियान के प्रथम दिन 4 जून को 4716, 5 जून को 7300, 6 जून को 9362, 7 जून को 9523, 8 जून को 8448 और छठे दिन 9 जून को 10825 कार्रवाई की गई। सड़क सुरक्षा में 'पहले समझाइश फिर सख्ती' उल्लेखनीय है कि राजस्थान पुलिस सड़क सुरक्षा की दिशा में 'पहले समझाइश, फिर सख्ती' की नीति के अनुरूप आगे बढ़ रही है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। डॉ. मीणा ने बताया कि सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए व्यापक स्तर पर प्रवर्तन एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही है। उन्होंने वाहन चालकों से यातायात नियमों की पालना करने के लिए अपील की है।

गर्मी से मिली राहत, अब बारिश और वज्रपात का खतरा: 15 जून तक झारखंड में अलर्ट

 रांची  रांची समेत आसपास के जिलों में बुधवार को अचानक बदले मौसम के तेवर ने तापमान चार डिग्री सेल्सियस तक गिरा दिया है। दिनभर तेज धूप के बाद अचानक शाम छह बजे उमड़-घुमड़ आए काले बादल ने राहत की बरसात कर दी। करीब आधे घंटे तक हुई वर्षा से मौसम सुहाना हो गया और आमजनों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी Jharkhand Weather Forecast में बताया गया कि 11 और 12 जून को राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्से यानी देवघर, दुमका, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, जामताड़ा और साहिबगंज के अलावा निकटवर्ती मध्य भाग यानी रांची, रामगढ़, हजारीबाग, गुमला, बोकारो, लोहरदगा, कोडरमा, धनबाद और खूंटी में मेघगर्जन के साथ 50 से 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवा के बहने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है, इसे लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूरे राज्य में यह स्थिति 15 जून तक बनी रहेगी। बुधवार को ऐसा रहा मौसम पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो राज्य में कहीं कहीं हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षापात 37.2 मिमी दुमका में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज का जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार का रिकॉर्ड किया गया। वहीं, राजधानी रांची का अधिकतम 35.9 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले चार दिनों तक यानी 12, 13, 14 और 15 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। ऐसा रहेगा रांची में अगले चार दिनों का तापमान 11 जून : अधिकतम 39 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस 12 जून : अधिकतम 37 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस 13 जून : अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस 14 जून : अधिकतम 33 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस मेघगर्जन, आकाशीय बिजली व आंधी से इस तरह बचें – आंधी तूफान से पौधारोपण, बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है – खुले स्थानों पर आकाशीय बिजली लोगों और मवेशियों को घायल कर सकता है – घर के अंदर रहें, खिड़कियां और दरवाजे बंद करें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें – सुरक्षित आश्रय लें, पेड़ों के नीचे आश्रय न लें – कंक्रीट की फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सामने न रहें – विद्युत इलेक्ट्रानिक उपकरणों को अनप्लग करें – तुरंत जलस्रोतों से बाहर निकलें – बिजली का संचालन करने वाली सभी वस्तुओं से दूर रहें।  

दंबुला में वैभव सूर्यवंशी का आक्रामक खेल, बिना छक्के 200 के स्ट्राइक रेट से खेली तेज पारी

 दांबुला श्रीलंका के दांबुला स्थित रंगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई नेशन A सीरीज 2026 के मुकाबले में भारत A के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरीं. अफगानिस्तान A के खिलाफ गुरुवार (11 जून) को मुकाबले में सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरे वैभव ने सिर्फ 22 गेंदों पर 44 रन की तेजतर्रार पारी खेली. आमतौर पर बड़े शॉट्स और छक्कों के लिए पहचाने जाने वाले वैभव इस बार अलग अंदाज में नजर आए. उन्होंने पूरी पारी में एक भी छक्का नहीं लगाया, लेकिन चौकों की ऐसी बरसात की कि अफगानिस्तान A के गेंदबाज दबाव में आ गए. उनकी पारी में कुल 9 चौके शामिल रहे और स्ट्राइक रेट 200 रहा.   भारत A की ओर से वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पारी की शुरुआत की. अफगानिस्तान A ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था, लेकिन वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने नई गेंद का फायदा उठाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट खेले और टीम को तेज शुरुआत दिलाई. हालांकि शानदार अर्धशतक की ओर बढ़ रहे वैभव सातवें ओवर में आउट हो गए. पारी के 7.1 ओवर में अब्दुल्ला अहमदजई की शॉर्ट गेंद पर उन्होंने बैकफुट से गाइड करने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर इशाक रहीमी के दस्तानों में चली गई. इस तरह वैभव 22 गेंदों में 44 रन बनाकर पवेलियन लौटे. हालांकि वैभव, जिस तरह आउट हुए उस तरीके पर सवाल भी उठे. आउट होने के बाद उनके चेहरे पर निराशा साफ दिखाई दी, क्योंकि वह आसानी से अपना अर्धशतक पूरा कर सकते थे. फिर भी उनकी पारी ने यह दिखा दिया कि वह सिर्फ बड़े शॉट्स के भरोसे नहीं, बल्कि क्लासिकल स्ट्रोकप्ले और टाइमिंग के दम पर भी तेजी से रन बना सकते हैं. यही वजह है कि उनकी यह पारी कई क्रिकेट प्रेमियों को विराट कोहली के शुरुआती दिनों की याद दिला गई, जब चौकों के जरिए रन गति बनाए रखना उनकी सबसे बड़ी ताकत हुआ करती थी. खास बात यह है कि व‍िराट कोहली भी छक्के जड़ने से ज्यादा इन‍िंग बिल्ट करने में व‍िश्वास करते हैं, उसी अंदाज में वो वैभव भी खेलने उतरे थे. इससे पहले श्रीलंका ए के ख‍िलाफ मंगलवार को हुए मुकाबले में भी वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर 14 रन बनाए थे, तब भी उन्होंने 3 चौके जड़े थे. आईपीएल 2026 में 72 छक्के जड़ने वाले वैभव सूर्यवंशी फ‍िलहाल तो अब तक चौकों में ही डील करते नजर आए हैं. भारत A प्लेइंग XI: वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा (कप्तान), आयुष बदोनी, सूर्यांश शेडगे, अरशद खान, विपराज निगम, अनुकूल रॉय, अंशुल कंबोज. अफगानिस्तान A प्लेइंग XI: इमरान मीर (कप्तान) ,हसन ईसाखिल, खालिद तनीवाल, इजाज अहमद अहमदजई, बहिर शाह, मोहम्मद इशाक (विकेटकीपर),फरमानुल्लाह, अब्दुल्ला अहमदजई, खलील गुरबाज, मोहम्मद इब्राहिम, जहीर खान

खान सर विवाद के बाद सरकार सख्त, बिना मान्यता चल रहे स्कूलों को जारी हुआ नोटिस

पटना  बिहार की राजधानी पटना में शुरू हुए खान सर कोचिंग विवाद के बाद सरकार ने कोचिंग सेंटर और स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस बीच सरकार को जानकारी मिली है कि राज्य में 37 हजार निजी (प्राइवेट) स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। अब सरकार के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने इन प्राइवेट स्कूलों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बिना मान्यता वाले स्कूलों को मान्यता के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। प्राइवेट स्कूलों को 15 दिन का दिया टाइम शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम की समीक्षा के दौरान विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीइओ) को निर्देश दिया है कि बिना अनुमति चल रहे निजी विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर मान्यता प्राप्त करने के लिए नोटिस जारी करें। 15 दिन के बाद अगर कोई प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के चलते हुए पाया जाता है तो फिर उसके खिलाफ नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बिहार में कितने प्राइवेट स्कूलों को मान्यता प्राप्त? बिहार में वर्तमान में 19186 प्राइवेट स्कूलों को मान्यता प्राप्त है। जबकि 1012 विद्यालयों की मान्यता प्रक्रिया जारी है। इसके बावजूद राज्य में लगभग 37 हजार से अधिक प्राइवेट स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। ये आंकड़े शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सामने आए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला स्तर पर लंबित मान्यता आवेदनों का शीघ्र निपटारा किया जाये। साथ ही ऐसे विद्यालय जो अब तक मान्यता के लिए आवेदन नहीं कर पाये हैं, उन्हें अंतिम अवसर दिया जाए। 1 जुलाई से सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों की होगी जांच बिहार में संचालित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की कार्यप्रणाली पर शिक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। 1 से 31 जुलाई तक सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की सघन जांच की जाएगी। शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को पत्र भेजकर अपने-अपने क्षेत्राधिकार के जिलों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित कराने का निर्देश दिया है।  

प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती

मंत्री सारंग ने प्रधानमंत्री मोदी के नाम से छोला मंदिर में हनुमान जी को गदा की अर्पित प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूर्ण होने पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने पर सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल के सबसे प्राचीन मंदिर छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर में कार्यकर्ताओं के साथ भव्य महाआरती एवं सामूहिक संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ किया। मंत्री सारंग ने खेड़ापति हनुमान जी के चरणों में प्रधानमंत्री मोदी के नाम की गदा अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुदृढ़ नेतृत्व तथा राष्ट्रसेवा के सफल एवं यशस्वी भविष्य के लिए मंगलकामनाएं कीं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना, आत्मनिर्भरता, डिजिटल नवाचार, गरीब कल्याण एवं वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां प्राप्त की हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विश्व पटल पर अपनी एक सशक्त, आत्मविश्वासी एवं निर्णायक राष्ट्र के रूप में विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा, समर्पण और सुशासन को राजनीति का आधार बनाकर करोड़ों देशवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उनके नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। आज भारत आत्मनिर्भरता, नवाचार, आर्थिक प्रगति तथा सांस्कृतिक गौरव के नए युग में प्रवेश कर चुका है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक निरंतर निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा देने का गौरवपूर्ण कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। यह उपलब्धि केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि देश की जनता के अटूट विश्वास, उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता तथा राष्ट्रहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश निरंतर आगे बढ़ रहा है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व, कार्य संस्कृति एवं राष्ट्र प्रथम का भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। नरेला के सभी मंदिरों में आयोजित हुए कार्यक्रम मंत्री सारंग ने बताया कि नरेला विधानसभा के समस्त प्रमुख मंदिरों पर धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन किये गये। इस अवसर पर मंदिरों में पूजन, आरती एवं राष्ट्र की समृद्धि और प्रधानमंत्री मोदी के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गई। उन्होंने बताया कि यह अवसर प्रत्येक भारतीय और कार्यकर्ताओं के लिए गौरव, प्रेरणा और उत्सव का विषय है।