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सीमा पर बवाल: BSF की कार्रवाई के बाद घुसपैठियों का हंगामा, भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर बढ़ा तनाव

कलकत्ता पूर्वोत्तर के राज्य मेघालय और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बुधवार को बवाल हो गया. दरअसल, सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा कथित रूप से एक बांग्लादेशी नागरिक को वापस भेजने की कार्रवाई के बाद दोनों देशों की सीमा पर भारी भीड़ जमा हो गई और पथराव की घटनाएं सामने आईं. घटना मेघालय के दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स जिले के महेंद्रगंज क्षेत्र स्थित नंदिर चार सीमा इलाके की बताई जा रही है।  स्थानीय सूत्रों के अनुसार संबंधित व्यक्ति ने कथित तौर पर अवैध रूप से भारत में प्रवेश किया था. सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लेने के बाद BSF ने उसे बांग्लादेश की ओर वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की. हालांकि मामला उस समय उलझ गया जब बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) और सीमा पार मौजूद स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर उस व्यक्ति को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।  बताया जा रहा है कि BGB के इनकार के बाद वह व्यक्ति दोनों देशों की सीमा के बीच फेंसिंग के पास ही फंस गया. इससे इलाके में भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो गई. स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित व्यक्ति ने खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया था, लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेश की ओर से उसे अपने कब्जे में लेने से इनकार कर दिया गया. घटना की खबर फैलते ही सीमा के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग जमा होने लगे. देखते ही देखते सैकड़ों लोग सीमा के पास पहुंच गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।  दोनों तरफ से हुई पत्थरबाजी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सीमा पर जुटी भीड़ के बीच कहासुनी के बाद दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया. अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी बाड़ के आर-पार पत्थर फेंके गए, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई. हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है, लेकिन घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. BSF और BGB दोनों ही स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।  सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे हैं. इन वीडियो में सीमा के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और तनावपूर्ण माहौल दिखाई देने का दावा किया जा रहा है. हालांकि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।  हालात पर नजर, बातचीत से समाधान की कोशिश सूत्रों के मुताबिक, मामले को सुलझाने के लिए दोनों देशों के सीमा प्रबंधन तंत्र के तहत बातचीत की संभावना है. BSF और BGB के अधिकारी स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार संपर्क में हैं और स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल नंदिर चार सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और सीमा पर अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. भारत और बांग्लादेश के बीच लंबे समय से सहयोगात्मक सीमा प्रबंधन की व्यवस्था रही है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों की एजेंसियां बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकाल लेंगी और सीमा क्षेत्र में शांति बहाल हो जाएगी। 

मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात! ईरान ने बहरीन, कुवैत और होर्मुज में खोला मोर्चा, दुनिया की बढ़ी चिंता

तेहरान  अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव एक बार फिर खुली सैन्य भिड़ंत में बदलता दिखाई दे रहा है. अमेरिका के ताजा हमलों के बाद ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐलान किया कि होर्मुज स्ट्रेट को "अगले आदेश तक" बंद कर दिया गया है।  IRGC के मुताबिक, गुरुवार तड़के कुवैत के अली अल सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर ड्रोन हमले किए गए. इनके अलावा बहरीन में शेख ईसा एयरबेस को निशाना बनाया गया. संगठन का दावा है कि ये कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर किए गए नए सैन्य हमलों के जवाब में की गई है और अमेरिका के 18 प्रमुख सैन्य संपत्तियों को तबाह कर दिया है. ईरान ने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से "अवैध रूप से" गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों पर भी हमले किए गए हैं।  ईरानी सेना ने अमेरिका पर अप्रैल में हुए युद्धविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है. उसका कहना है कि अमेरिकी सेना लगातार ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई कर रही है, जिसके कारण जवाबी कदम उठाने पड़े. IRGC ने साफ चेतावनी दी कि होर्मुज से गुजरने वाला हर तरह का समुद्री यातायात अब प्रभावित होगा।  बहरीन में ईरानी हमलों का टारगेट फिफ्थ फ्लीट IRGC ने दावा किया कि आर्मी के ड्रोन हमलों की इस लहर में, फिफ्थ फ्लीट के पैट्रियट सिस्टम के कम्युनिकेशन एंटीना और रडार इंस्टॉलेशन को निशाना बनाया गया है. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, जॉर्डन में स्थित अल-अजराक एयर बेस और मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस पर जोरदार विस्फोटों की खबर सामने आई है. ये दोनों सैन्य ठिकाने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौजूदगी और अमेरिकी अभियानों के समर्थन के लिए जाने जाते हैं. हालांकि विस्फोटों की वजह और नुकसान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।  दूसरी तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के भीतर कई ठिकानों पर हमले किए गए. अमेरिका का कहना है कि ये हमले ईरान की "लगातार और अनुचित आक्रामकता" के जवाब में किए गए हैं।  अमेरिका के ताजा हमले का कहां-कहां हुआ असर? ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद केशम द्वीप, बंदर अब्बास, सीरिक और करगान जैसे इलाकों में जोरदार विस्फोट हुए. दक्षिणी शहर करगान में हुए धमाकों में कम से कम दो लोगों के घायल होने की भी खबर है. इससे पहले बीते दिन अमेरिका ने केशम द्वीप, सीरिक, जास्क और बंदर अब्बास के आसपास सैन्य ठिकानों, रडार और सर्विलांस सिस्टम को निशाना बनाया था।  होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी हेलीकॉप्टर मार गिराया गया यह पूरी घटना उस घटना के बाद सामने आई है जिसमें होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया गया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. बुधवार को ईरान ने बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट, कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और जॉर्डन के अज्राक एयर बेस को निशाना बनाने का दावा किया था।  इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर शांति वार्ता को जानबूझकर लंबा खींचने का आरोप लगाया है. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान पर "बहुत कड़ा प्रहार" करेगा. जवाब में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि देश किसी भी दबाव या धमकी के सामने झुकने वाला नहीं है और अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर कदम उठाएगा। 

कास्टिंग के नाम पर चौंकाने वाला खुलासा, डायरेक्टर ने एक्ट्रेस के सामने रखी ऐसी शर्त कि उड़ गए होश

मुंबई  टीवी शो जोधा अकबर में रुकैया बेगम के रोल में दिखीं लवीना टंडन ओटीटी प्लेटफॉर्म को एक्सप्लोर कर रही हैं. लवीना ने फिल्मों से दूरी बनाई हुई है। इसकी अहम वजह कास्टिंग काउच है. जिसे उन्होंने 2 बार झेला. मेकर्स की डिमांड को लवीना ने सिरे से ठुकराया. अपने उसूलों पर काम करने का फैसला किया। लवीना को 2 बार कॉम्प्रोमाइज के लिए अप्रोच किया गया. स्विच संग बातचीत में वो कहती हैं- एक बार साउथ के डायरेक्टर ने मुझे कहा था 10-15 दिन का काम है।         मैंने जब उनसे बजट पूछा तो कहते हैं- 5 लाख तक होगा. उन्होंने कहा अगर कॉम्प्रोमाइज करने के लिए तैयार हो तो, 7 लाख बजट होगा। लवीना सुनकर चौंकीं. उन्होंने कहा- मैं आपकी ईमानदारी की कद्र करती हूं. लेकिन मैं ये सब चीजें नहीं करती हूं।  अगर आपके पास कभी कोई साफ काम होगा तो प्लीज मुझे कॉल करना, वरना तो कभी कॉल नहीं करना।  लवीना ने कहा कि हाल ही में किसी और ने उन्हें डिमांड के लिए अप्रोच किया था. एक्ट्रेस ने उन्हें साफ इनकार किया था।लवीना ने कहा- हर कोई सोचता है ग्लैमर इंडस्ट्री से हो तो सब कुछ कर लोगे. क्योंकि हम बहुत आदमियों संग काम करते हैं. हमारे रोमांटिक सीन्स होते हैं।   लवीना ने माना कि कास्टिंग काउच हर इंडस्ट्री में होता है. लेकिन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को लेकर चीजें बाहर आती हैं, तो लोग समझते हैं हम शरीफ नहीं हैं। 

पारंपरिक खेती से आगे बढ़ रहे किसान, मालवा-निमाड़ में उद्यानिकी और नवाचार आधारित फसलों पर बढ़ा फोकस

मालवा-निमाड़ लंबे समय तक सोयाबीन और पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहे मालवा-निमाड़ में अब खेती का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। किसान आय बढ़ाने और जोखिम कम करने के लिए फल, सब्जी, औषधीय और उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। इंदौर संभाग की रबी 2025-26 समीक्षा और खरीफ 2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में सामने आए जिला-वार प्रस्तुतिकरणों से स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में फसल विविधीकरण अब नीति और व्यवहार दोनों स्तरों पर गति पकड़ रहा है। कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को कम मूल्य वाली फसलों के बजाय अधिक मूल्य वाली फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और इसका रकबा बढ़ाने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जाने चाहिए। साथ ही वैज्ञानिक खेती, नई तकनीकों और कृषि नवाचारों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। पारंपरिक फसलों से आगे बढ़ रहे किसान आलीराजपुर : फलों और सब्जियों के नए क्लस्टर आलीराजपुर में आम, सीताफल और पपीता जैसी फल फसलों का रकबा लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही भिंडी और टमाटर जैसी सब्जियों के उत्पादन को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। जिले में नए बागवानी क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे अधिक किसानों को उन्नत खेती और बेहतर बाजार से जोड़ा जा सके। झाबुआ : तरबूज से बनी नई पहचान झाबुआ ने तरबूज उत्पादन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित की है। बढ़ते उत्पादन और बेहतर विपणन व्यवस्था के कारण किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। तरबूज अब जिले की प्रमुख नकदी फसलों में शामिल हो चुका है। बड़वानी : केले से बढ़ रही समृद्धि बड़वानी में केले की खेती किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय बन गई है। यहां उत्पादित केले की मांग देश के साथ-साथ विदेशों तक पहुंच रही है। इसके अलावा किसानों को मिलेट्स उत्पादन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। खरगोन : सफेद मूसली बना आय का नया आधार खरगोन में सफेद मूसली जैसी औषधीय फसल किसानों की आय का नया स्रोत बनकर उभरी है। वहीं हाईब्रिड मक्का उत्पादन को आधुनिक कृषि नवाचार के रूप में अपनाया जा रहा है, जिससे उत्पादकता और आमदनी दोनों में वृद्धि हो रही है। खंडवा : चिया और कुसुम की बढ़ती खेती खंडवा में चिया, कोदो और कुटकी जैसी फसलों का रकबा बढ़ रहा है। बाजार में अच्छे दाम मिलने से किसानों का इन फसलों की ओर रुझान बढ़ा है। साथ ही कुसुम की खेती को बढ़ावा देकर फसल विविधीकरण को नई दिशा दी जा रही है। धार : ब्लूबेरी के साथ नए प्रयोग धार जिले में ब्लूबेरी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यह फसल क्षेत्र में उच्च मूल्य वाली बागवानी के नए प्रयोग के रूप में उभर रही है और किसानों के लिए नई संभावनाएं पैदा कर रही है। बुरहानपुर : ड्रिप सिंचाई से बढ़ा मुनाफा बुरहानपुर में ड्रिप सिंचाई तकनीक के माध्यम से केले की खेती को नई दिशा मिली है। पानी की बचत, बेहतर उत्पादन और कम लागत के कारण किसानों की शुद्ध आय में वृद्धि दर्ज की जा रही है। सोयाबीन के विकल्पों पर बढ़ा जोर बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने सोयाबीन के विकल्प के रूप में अरहर पूसा-16 के उत्पादन को बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने खेतों में केवल बीटी कपास पर निर्भर रहने के बजाय कपास की अन्य प्रजातियों को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए, ताकि कीट प्रकोप की समस्या को कम किया जा सके। उन्होंने किसानों को जैविक खाद के उपयोग, मिट्टी परीक्षण और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता बताई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसानों को समय पर बीज और उर्वरक उपलब्ध कराए जाएं तथा कृषि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। मालवा-निमाड़ में उभरता यह कृषि परिवर्तन संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र की पहचान केवल सोयाबीन उत्पादक क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि विविध और उच्च मूल्य वाली फसलों के केंद्र के रूप में भी स्थापित हो सकती है।  

11 जून का राशिफल: किसे मिलेगा भाग्य का साथ और किसे बरतनी होगी सावधानी, जानें सभी राशियों का हाल

मेष 11 जून के दिन प्रेम जीवन में आने वाली परेशानियों से निपटें। ऑफिस में बिजी शेड्यूल से आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। धन को समझदारी से संभालें। कोई बड़ी मेडिकल समस्या भी आपको परेशान नहीं करेगी। वृषभ 11 जून के दिन रिश्तों में परेशानियों को दूर करने के लिए बातचीत करें। अपनी योग्यता साबित करने के लिए दफ़्तर में मौकों का फ़ायदा उठाएँ। आर्थिक सफलता मिलेगी। सेहत भी सामान्य रहेगी। मिथुन 11 जून के दिन कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या नहीं हो सकती है। रोमांटिक जीवन में सकारात्मकता बनी रहेगी और आप नए काम भी करना चाहेंगे, जो चुनौतीपूर्ण लग सकते हैं। इस सप्ताह छोटी-मोटी चिकित्सा संबंधी समस्याएं भी आ सकती हैं। कर्क 11 जून के दिन रिश्ते में सभी विवादों को दूर रखें और अपने साथी के साथ स्नेह से पेश आएं। प्रोफेशनल रूप से मजबूत होने के लिए ऑफिस में चुनौतियों पर काबू पाएं। धन का बुद्धिमानी से इस्तेमाल करने की आवश्यकता है। सिंह 11 जून के दिन रिश्ते में सभी परेशानियों को सुलझाएं। पेशेवर प्रदर्शन के मामले में आपका दिन शानदार रहेगा। फाइनेंशियल डिसीजन को लेकर सावधान रहें। स्वास्थ्य से संबंधित मुद्दे भी सामने आएंगे। कन्या 11 जून के दिन रिश्ते में सुखद पलों की तलाश करें। सुनिश्चित करें कि आप काम पर चुनौतियों को स्वीकार करें, जो आपके करियर में आगे बढ़ने में आपकी मदद करेंगे। स्वास्थ्य संबंधी कुछ समस्याएं होंगी, जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। तुला 11 जून के दिन आपके प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। पेशेवर तौर पर आपका दिन काफी व्यस्त रहने वाला है। आज के दिन धन और स्वास्थ्य दोनों से संबंधित मुद्दे सामने आएंगे। वृश्चिक 11 जून के दिन प्रेम संबंधों को सकारात्मक बनाए रखें। छोटी-मोटी पेशेवर चुनौतियों के बावजूद, आप उनका सामना करेंगे और सिनीयर्स से प्रशंसा प्राप्त करेंगे। आज धन का भी योग है। आज खुशियां बांटें। धनु 11 जून के दिन आपसे सभी पेशेवर जिम्मेदारियां निभाने की भी उम्मीद की जाती है। आप धन के मामले में पॉजिटिव रहेंगे, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी दिक्कतें हो सकती हैं। मकर 11 जून के दिन एक उत्पादक प्रेम जीवन जिएं, जहां सभी पुराने मुद्दे सुलझ जाएं। सफल होने के लिए अपने करियर में नई ज़िम्मेदारियां लें। वित्तीय सफलता भी मिलती है। प्रेमी के साथ समय बिताएं। कुंभ 11 जून के दिन आप लव लाइफ को अगले लेवल पर ले जाने पर भी विचार कर सकते हैं। आपको आधिकारिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। धन आज समझदारी भरे फैसले लेने की अनुमति देता है। स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी दिक्कतें आ सकती हैं। मीन 11 जून के दिन अपने प्रोफेशनल स्किल्स को साबित करने के लिए ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। आपका रिश्ता ज्यादातर दिक्कतों से मुक्त रहेगा। आज धन के मामले पर कंट्रोल रखें। छोटी-मोटी स्वास्थ्य प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 5.39 करोड़ हितग्राहियों को मिलेगा मुफ्त राशन

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.39 करोड़ हितग्राहियों को नि:शुल्क खाद्यान्न आवंटित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 5.39 करोड़ हितग्राहियों को मिलेगा मुफ्त राशन 5.39 करोड़ लोगों को नि:शुल्क खाद्यान्न आवंटित, PM गरीब कल्याण अन्न योजना से बड़ी राहत गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ करोड़ों तक, 5.39 करोड़ हितग्राहियों के लिए मुफ्त खाद्यान्न वितरण भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि दिसम्बर, 2023 से अभी तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत 5.39 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को कुल 24,209 करोड़ रूपये का 74.31 लाख में. टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निःशुल्क राशन का वितरण करने के लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29 वी प्राथमिकता श्रेणी सम्मिलित की गई। इसमें असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों के 7.82 लाख परिवारों के 27.80 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची जारी कर निःशुल्क राशन का वितरण किया जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत वितरित राशन सामग्री के परिवहन करने वाले 896 परिवहनकर्ताओं एवं 27,872 दुकानों के कमीशन देयकों का प्रतिमाह लगभग 40 करोड़ रूपये का भुगतान ऑनलाईन किया जा रहा है। यह व्यवस्था माह फरवरी, 2024 से लागू है। पूर्व में संचालित 269 पीडीएस के प्रदाय केन्द्रों की संस्था से बढ़ाकर 273 (42 नवीन) की गयी है। इससे सामग्री के प्रदाय के समय एवं राशि की बचत हुई है।  

शिक्षिका के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हुए बदमाश, CCTV में कैद वारदात

कटनी शहर के रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के डन कालोनी मोड़ बरगवां में बुधवार की शाम ऑटो से घर जा रही एक महिला के गले से दो बाइक सवार बदमाशों ने सोने की चैन खींची और मौके से भाग निकले। दिनदहाड़े व भीड़ वाले क्षेत्र में हुई घटना से लोगों में दहशत फैल गई। वहीं पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसके आधार पर पुलिस आरोपितों की पहचान करने में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार डन कालोनी बरगवां निवासी शिक्षिका आराधना अग्रवाल गली नंबर पांच में रहती हैं। बुधवार की शाम को वे आटो से अपने घर लौट रही थीं और जैसे ही आटो से वे डन कालोनी मोड़ की गली नंबर तीन के पास पहुंची उनके आटो के बगल से मोटर साइकिल पर दो युवक आए और उनके गले की सोने की चैन छीनते भाग निकले। शोर मचाने पर भी आंखों से ओझल हुए बदमाश महिला ने आटो रूकवाया और आसपास के लोगों को आवाज दी, लेकिन तब तक मोटर साइकिल सवार युवक लोगों की आंखों से ओझल हो गए। दिनदहाड़े हुई घटना के बाद लोगों में सुरक्षा को लेकर दहशत फैल गई। मामले की सूचना रंगनाथ नगर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला व आसपास के लोगों से घटना की जानकारी ली। सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस, पहले भी हो चुकी है वारदात चैन स्नैचिंग की पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपितों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इससे पहले भी डन कालोनी में एक अस्पताल के बाहर टहल रही महिला के गले से सुबह-सुबह बदमाश सोने की चैन खींचकर भाग गए थे, जिसके चलते शहर में सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।  

फ्लॉप प्रदर्शन पड़ा भारी! जो रूट की रैंकिंग गिरी, शुभमन गिल ने टेस्ट रैंकिंग में मारी लंबी छलांग

मुंबई  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार को टेस्ट प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है, जिसमें तख्तापलट पलट हो गया। इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट से नंबर-1 बल्लेबाज का ताज छिन गया है। रूट के हमवतन हैरी ब्रूक फिर से शीर्ष पर काबिज हो गए हैं। ब्रूक के खाते में फिलहाल 869 रेटिंग अंक हैं। रूट 853 अंकों के साथ तीसरे पायदान पर लुढ़क गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड (853) अब ब्रूक की जगह दूसरे स्थान पर आ गए। रूट को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में प्लॉप शो का खामियाजा भुगतना पड़ा। उन्होंने पहली पारी में एक जबकि दूसरी पारी में 8 रन बनाए। ब्रूक ने अर्धशतक (56 रन) लगाया था। इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में आयोजित टेस्ट मैच 115 रनों से अपने नाम किया था। शुभमन गिल की टॉप-10 में आई मौज भारतीय कप्तान शुभमन गिल (743 अंक) की टॉप-10 में मौज आई है। वह दो स्थान चढ़कर आठवें पर पहुंच गए हैं। गिल ने मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में 126 रनों की शानदार पारी खेली थी। भारत ने अफगानिस्तान को पारी और 300 रनों से धूल चटाई। यह भारत की पारी के आधार पर सबसे बड़ी जीत थी। विकेटकीपर ऋषभ पंत (705) को एक स्थान का फायदा मिला। वह 12वें पर चले गए। उन्होंने मुल्लांपुर में 81 रनों की पारी खेली थी। सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल (733) एक पायदान लुढ़कर नौवें पर आ गए हैं। उन्होंने 24 रनों का योगदान दिया था। बेन डकेट (तीन पायदान ऊपर 15वें), जेमी स्मिथ (पांच स्थान चढ़कर 23वें) और ग्लेन फिलिप्स (15 पायदान ऊपर 40वें) को लॉर्ड्स टेस्ट में अच्छे प्रदर्शन का लाभ मिला। पेसर गस एटकिंसन ने लगाई छलांग टेस्ट बॉलर्स की लिस्ट में इंग्लैंड के पेसर गस एटकिंसन सात पायदान ऊपर चढ़कर 10वें नंबर पर आ गए हैं। वह दो स्थान टेस्ट ऑलराउंडरों की लिस्ट में आगे बढ़े और छठे पर चले गए। लाल गेंद वाले क्रिकेट से लंबे ब्रेक के बाद वापसी करने वाले तेज गेंदबाज काइल जैमीसन (22वें) और ओली रॉबिन्सन (23वें) टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में फिर से शामिल हो गए हैं। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नाथन स्मिथ 16 स्थान की छलांग 43वें नंबर पर आ गए हैं। भारत के जसप्रीत बुमराह नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज हैं। उनके 870 अंक हैं। बुमराह अफगानिस्तान टेस्ट में नहीं खेले थे। ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क (838) दूसरे नंबर पर हैं। भारत के रवींद्र जडेजा (446 अंक) नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं। वह भी मुल्लांपुर टेस्ट में भारतीय स्क्वॉड का हिस्सा नहीं थे।

स्वच्छता को लेकर BMC का नया नियम, आयोजन से पहले मंजूरी अनिवार्य, घर में रखने होंगे 4 डस्टबिन

​​भोपाल  शहर में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नगर निगम परिषद ने केंद्र सरकार के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को लागू करने का फैसला किया है. अब नगर निगम की नजर सिर्फ बड़े राजनीतिक या व्यावसायिक आयोजनों पर ही नहीं, बल्कि घरों में होने वाले छोटे-मोटे कार्यक्रमों जैसे बर्थ-डे पार्टी, सगाई, फेयरवेल और कॉलोनी के फंक्शन्स पर भी रहेगी।  निगम अधिकारियों का कहना है कि नए नियमों का मुख्य उद्देश्य बड़े और छोटे आयोजनों से निकलने वाले कचरे पर नियंत्रण पाना और लोगों की जवाबदेही तय करना है. ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने या खुले में कचरा फेंकने और जलाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।  ​100 मेहमान जुटे तो 3 दिन पहले देनी होगी सूचना ​नए नियमों के अनुसार यदि किसी भी निजी, धार्मिक, सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में 100 या उससे अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है, तो आयोजक को कार्यक्रम से 3 दिन पहले नगर निगम को इसकी लिखित जानकारी और अनुमति लेनी होगी. आयोजकों को पहले से यह बताना होगा कि कार्यक्रम कहां हो रहा है, कितने लोग आएंगे और वहां पैदा होने वाले कचरे के निपटारे के लिए क्या व्यवस्था की गई है. बिना सूचना दिए आयोजन करने या कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।  बिना छंटनी पर 150 प्रतिशत जुर्माना ​अब भोपाल के हर घर और व्यावसायिक संस्थान को अपने कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर रखना होगा. ऐसा न करने और 100 किलोग्राम से अधिक कचरा अलग-अलग श्रेणियों में देने पर 150 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जाएगा।  कचरे को इन 4 भागों में विभाजित करना होगा अनिवार्य ​गीला कचरा- रसोई का भोजन, फल-सब्जियों के छिलके और पेड़-पौधों की हरी पत्तियां. ​सूखा कचरा- रद्दी कागज, गत्ते, प्लास्टिक, धातु, कांच की बोतलें और फटे-पुराने कपड़े. ​सैनिटरी कचरा – डायपर, सैनिटरी नैपकिन, टिश्यू पेपर और घरेलू स्तर का मेडिकल वेस्ट. ​घरेलू ई-वेस्ट – मोबाइल, चार्जर, बैटरियां, बल्ब, घरेलू केमिकल और एक्सपायर्ड दवाइयां. ​बड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसर भी दायरे में नगर ​निगम ने बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी तय की है, जिसमें शहर के लगभग 2 हजार आवासीय, व्यावसायिक और सरकारी परिसर शामिल होंगे. नियमों के दायरे में आने वाले मानदंड इस प्रकार है।      ​आवासीय भवन – कुल फ्लोर एरिया 20,000 वर्ग मीटर या अधिक होने पर.     ​होटल और रेस्टोरेंट – कुल फ्लोर एरिया 5,000 वर्ग मीटर या अधिक होने पर.     कचरा उत्पादन – प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक ठोस कचरा उत्पन्न करने वाले संस्थान.

राज्यपाल डेका का संदेश: पेड़ों की सुरक्षा और संवर्धन पर देना होगा विशेष ध्यान

पेड़ों की सुरक्षा और संवर्धन पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता – राज्यपाल डेका रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज लोक भवन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पांडे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त सम्बित मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त  मणिवासगन एस तथा रायपुर वन मंडल के डीएफओ लोकनाथ पटेल ने मुलाकात की । इस दौरान राज्यपाल ने शहर और नया रायपुर में लगाए गए वृक्षों के संरक्षण एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया है।          राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही वृक्षों की कटाई की अनुमति दी जाए। राज्यपाल ने शहर में बड़े वृक्षों के पास से ट्री गार्ड हटाने तथा जहां वृक्षारोपण किया गया है, वहां पेड़ों के चारों ओर बने कंक्रीट ढांचे को हटाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ों की जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में पानी और हवा पहुंचना जरूरी है, तभी उनका समुचित विकास हो सकेगा।          राज्यपाल डेका ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे हैं। वृक्षारोपण के बाद उनकी देखभाल पर पर्याप्त ध्यान दिया जाए, जो भी पौधे लगाए जाएं, उनकी नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। राज्यपाल ने अधिकारियों से शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और लगाए गए पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा है।