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प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ में गिरिराज सिंह ने पढ़े कसीदे, बोले- आने वाली पीढ़ियां भी करेंगी सम्मान

लखनऊ  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है. वह सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. नेहरू ने जहां 13 मई 1952 को पहली बार निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी और लगातार 4398 दिन प्रधानमंत्री रहे थे. वहीं नरेंद्र मोदी ने बतौर प्रधानमंत्री आज 4399 दिन पूरे करते हुए सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं. पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से उनका ये सफर लगातार जारी है।  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने लगातार तीन बार 2014, 2019, 2024 लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की. पीएम मोदी की इस खास उपलब्धि पर देश और दुनियाभर से बधाइयां मिल रही हैं. वहीं इस मौके पर बीजेपी ’12 साल बेमिसाल’ अभियान शुरू करने वाली है. इस कार्यक्रम की शुरुआत आज भारत मंडपम से होगी।  'पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने संबंधों को मजबूत किया…' यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने दी बधाई यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने संदेश में कोस्टा ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाला प्रधानमंत्री बनने पर हार्दिक बधाई।  उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं. कोस्टा ने इस साल आयोजित भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के रिश्तों में आई मजबूती इसका सबसे बड़ा प्रमाण है।  यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष ने आगे कहा कि वह भारत के साथ सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और मित्रता को आगे भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए उत्सुक हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध और अधिक मजबूत होंगे।   पीएम मोदी रोल मॉडल, लीडरशिप की मिसाल… पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री ने भेजा बधाई संदेश पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने एक व्‍यक्तिगत वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी को ‘एक रोल मॉडल और लीडरशिप की मिसाल’ बताया. उन्होंने कहा, ‘आज 20 करोड़ से ज़्यादा लोगों को गरीबी से निकालकर बेहतर ज़िंदगी देना एक अद्भुत उपलब्धि है.’ प्रधानमंत्री मारापे ने पापुआ न्यू गिनी की स्‍नेहपूर्ण दोस्ती और दोनों देशों के बीच संबंधों को और मज़बूत करने की इच्छा ज़ाहिर की. मई 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पापुआ न्यू गिनी की ऐतिहासिक यात्रा भारत–प्रशांत द्वीपीय देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण था. किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इस देश की यह पहली यात्रा थी. यह यात्रा भारत–प्रशांत द्वीप सहयोग मंच (FIPIC) के तीसरे शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए की गई थी. इस यात्रा ने ‘ग्लोबल साउथ’ के एक प्रतिबद्ध साथी के तौर पर भारत की भूमिका पर जोर दिया।  पीएम मोदी अवतरित पुरुष, उन्हें पूजेंगे लोग…' प्रधानमंत्री के 12 साल पर बोले गिरिराज सिंह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्हें ‘महामानव’ और ‘अवतरित पुरुष’ बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के लिए जो कार्य किए हैं, वे असाधारण हैं और आने वाले समय में लोग उन्हें पूजेंगे।  केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने और प्रधानमंत्री मोदी के लगातार 12 साल तक देश का नेतृत्व करने वाले पहले प्रधानमंत्री बनने के अवसर पर गिरिराज सिंह ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों पर विपक्ष सवाल नहीं उठा सकता, क्योंकि उनके नेतृत्व में देश ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।  गिरिराज सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार सत्ता सौंपकर उन्हें प्रमाणपत्र दे दिया है, जबकि राहुल गांधी हार का जश्न मना रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ‘थेथरोलॉजी’ की राजनीति कर रहे हैं।  'राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण' पीएम मोदी के रिकॉर्ड पर जयशंकर ने दी बधाई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी हर दिन इतिहास रच रहे हैं और 4,399 दिनों का उनका कार्यकाल भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड उनके नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत कीर्तिमान नहीं, बल्कि भारत की जनता के उस विश्वास और भरोसे का प्रतिबिंब है, जो उन्होंने लगातार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जताया है।  जयशंकर ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है और देश ने विकास, सुशासन तथा राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व में भारत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  'विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा…' बतौर प्रधानमंत्री अपने रिकॉर्ड पर क्या बोले पीएम मोदी? संस्कृत श्लोक से दिया संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक लगातार देश की सेवा करने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने के रिकार्ड पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा, ‘जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है. विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।      जनसेवा ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है। विनम्रता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निरंतर कार्य करने वाला व्यक्ति ही जनविश्वास अर्जित करता है।

राफेल के बाद सेना को मिला बड़ा हथियार, 23,000 करोड़ के रक्षा सौदे से दुश्मनों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है. हाल ही में भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की बड़ी डील को मंजूरी मिलने के बाद अब थल सेना के लिए भी खजाना खुलता दिख रहा है. सेना 23,000 करोड़ रुपये की लागत से 300 अतिरिक्त K9 वज्र-टी स्वचालित तोपें खरीदने की तैयारी में है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।  पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी सैन्य ताकत को तेजी से आधुनिक बनाया है. वायुसेना को पहले 36 राफेल लड़ाकू विमान मिले. इसके बाद भारतीय नौसेना के लिए भी राफेल मरीन विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई. अब एयरफोर्स के लिए और 114 राफेल खरीदे जा रहे हैं. अब सरकार का फोकस थल सेना की मारक क्षमता बढ़ाने पर है. इसी रणनीति के तहत K9 वज्र तोपों की बड़ी खरीद की तैयारी चल रही है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत की टू-फ्रंट वार यानी चीन और पाकिस्तान दोनों से एक साथ निपटने की रणनीति का हिस्सा है।  रक्षा सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना ने 300 अतिरिक्त K9 वज्र-टी हॉवित्जर खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस सौदे की अनुमानित लागत करीब 23,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. प्रस्ताव जल्द ही रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) के सामने रखा जा सकता है. मंजूरी मिलने पर यह भारतीय सेना के इतिहास की सबसे बड़ी तोपखाना खरीद परियोजनाओं में शामिल होगी।  K9 वज्र ने पिछले कुछ वर्षों में सेना का भरोसा जीता है. मूल रूप से इसे रेगिस्तान और मैदानी इलाकों में युद्ध के लिए विकसित किया गया था. लेकिन पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव के दौरान इसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तैनात किया गया.कठिन मौसम और पहाड़ी इलाकों में भी इसके प्रदर्शन ने सेना को प्रभावित किया. यही कारण है कि सेना अब इसकी संख्या तेजी से बढ़ाना चाहती है।  K9 वज्र-टी एक 155 मिमी और 52 कैलिबर की आधुनिक स्वचालित तोप है. यह ट्रैक वाले प्लेटफॉर्म पर चलती है. इसलिए टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के साथ तेजी से आगे बढ़ सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है शूट एंड स्कूट क्षमता. यानी दुश्मन पर गोले बरसाने के तुरंत बाद यह अपनी जगह बदल सकती है. इससे दुश्मन के जवाबी हमले से बचना आसान हो जाता है. आधुनिक युद्ध में यह क्षमता बेहद अहम मानी जाती है।  भारतीय सेना के पास फिलहाल 100 K9 वज्र तोपें हैं. इसके अलावा 2024 में 100 और तोपों की खरीद को मंजूरी दी गई थी. इस सौदे की कीमत 7,629 करोड़ रुपये थी. अगर नया प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो सेना के पास K9 वज्र का विशाल बेड़ा तैयार हो जाएगा. इससे भारतीय तोपखाने की ताकत में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी।  K9 वज्र का निर्माण भारत में किया जाता है. इसे लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और दक्षिण कोरिया की हनव्हा एयरोस्पेस की साझेदारी में तैयार किया जाता है. इसमें स्वदेशी सामग्री का हिस्सा लगातार बढ़ाया गया है. इसलिए यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। 

रूस से कारोबार पड़ा भारी! EU की नई पाबंदियों के निशाने पर भारत-चीन की 50 कंपनियां

लंदन  यूरोपीय यूनियन ने भारत, चीन समेत दुनिया के कई देशों में स्थित 50 कंपनियों को झटका दिया है. ईयू ने यूक्रेन पर हमले के चलते रूस पर 21वें प्रतिबंध पैकेज की घोषणा की है. इन प्रतिबंधों ने अचानक इन आधा सैकड़ा कंपनियों के सामने संकट खड़ा कर दिया है. EU की ओर से ऐलान किया गया है कि वह भारत और अन्य देशों की उन 50 कंपनियों पर एक्सपोर्ट कंट्रोल के उपाय लागू करेगा, जो रूस की सेना के साथ सीधे कारोबार करती हैं।  भारत, चीन, तुर्की समेत यहां असर  यूरोपीय यूनियन के इस ऐलान का असर भारत और चीन के साथ ही किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, संयुक्त अरब अमीरात में स्थित कंपनियों पर पड़ेगा और इन पर निर्यात प्रतिबंध लगाए जाएंगे. ईयू ने ये फैसला रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से लिया है, लेकिन इससे सिर्फ रूस ही नहीं, तमाम देश प्रभावित होंगे. नई लिस्ट में ड्रोन निर्माण से जुड़ी कंपनियां भी शामिल हैं, जिनपर निर्यात प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।  तैयार हो रही सबसे बड़ी लिस्ट प्रस्तावित 21वें प्रतिबंध पैकेज की घोषणा करते हुए यूरोपीय संघ की विदेश मामलों और सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कल्लास ने कहा कि ये उपाय यूक्रेन में मॉस्को के सैन्य अभियान को वित्तपोषित करने और बनाए रखने की क्षमता पर लगाम लगाने के लिए किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'हम धीरे-धीरे रूस की युद्ध अर्थव्यवस्था की नींव को ध्वस्त करते जा रहे हैं, अब ब्रुसेल्स दो साल से अधिक समय में रूस पर प्रतिबंधों की सबसे बड़ी लिस्ट तैयार कर रहा है।  90 बैंकों की संपत्ति जब्त होगी! ईयू के प्रस्तावित पैकेज में उन बैंकों, हथियार निर्माताओं, तेल व्यापारियों, रिफाइनरियों और क्रिप्टो ऑपरेटरों को टारगेट किया गया है. जो तीसरे देशों में स्थित हैं और उन पर रूस को मौजूदा प्रतिबंधों से बचने में मदद करने का आरोप है. कल्लास के मुताबिक, करीब 90 बैंकों की संपत्ति जब्त की जा सकती है, जबकि रूस और अन्य देशों के 30 से अधिक बैंकों के साथ लेनदेन पर और प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. इसके अलावा 11 क्रिप्टोकरेंसी प्लेटफॉर्म पर भी ट्रांजैक्शन बैन लगाने की तैयारी है. इस बीच उन्होंने ये भी कहा कि यूरोपीय संघ रूसी एनर्जी एक्सपोर्ट से होने वाले राजस्व को कम करने के लिए रूसी तेल की कीमत सीमा पर अस्थायी रोक लगाने की कोशिश भी कर रहा है।  निशाने पर रूस को समर्थन देने वाली कंपनियां काजा कल्लास ने एक सोशल मीडिया पोस्ट पर भी इन प्रतिबंधों से जुड़ी जानकारी शेयर की. इसमें उन्होंने कहा कि, 'हम रूस के सैन्य-औद्योगिक तंत्र (Military-Industrial Complex) को समर्थन देने वाली तमाम कंपनियों को भी निशाना बना रहे हैं. नई सूची में ड्रोन निर्माण क्षेत्र से जुड़ी 30 से अधिक संस्थाओं को शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही 50 कंपनियों पर नए एक्सपोर्ट कंट्रोल उपाय लागू किए जाएंगे।  उन्होंने कहा कि हम रूस की उत्पादन क्षमता को और बाधित करने के लिए अतिरिक्त निर्यात प्रतिबंध भी लगाएंगे. इनमें निकेल पाउडर, धातुएं और हाई परफॉर्मेंस मिश्रधातुएं शामिल हैं. इसके अलावा, कुछ नई वस्तुओं के आयात पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा, जिनमें ऑटो पार्ट्स, कई कीमती धातुओं के अयस्क (Precious Metals Ores) और रसायन शामिल होंगे।   

PAK सेना का सीमा पार हमला, अफगानिस्तान में 11 मासूम बच्चों सहित 13 की जान गई

काबुल  अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर गहरा गया है. बीती रात पाकिस्तानी सेना के लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया. पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में स्थित आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाकर भारी बमबारी की है।  इस हवाई हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक हताहत हुए हैं. अफगान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, पाकिस्तानी हमलावर सेना ने कल रात एक बार फिर अफगानिस्तान की संप्रभुता का खुलेआम उल्लंघन किया।  जबीउल्लाह ने आगे बताया कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अफगानिस्तान के तीन प्रमुख प्रांतों- कुनार, खोस्त और पक्तिका में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया. इन इलाकों में रहने वाले आम नागरिकों के घरों पर अंधाधुंध बमबारी की गई, जिससे कई घर पूरी तरह तबाह हो गए।  हमले में बच्चों-महिलाओं समेत 13 की मौत इस हमले में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. बमबारी में कुल 13 लोग मारे गए हैं, जिन्हें अफगान प्रशासन ने शहीद घोषित किया है. मरने वालों में सबसे ज्यादा संख्या मासूम बच्चों की है. इस हमले में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा हमले में 14 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।  घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कइयों की हालत नाजुक बनी हुई है. सोशल मीडिया पर इस हमले के बाद की कुछ दर्दनाक तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें पीड़ित बच्चों की स्थिति देखी जा सकती है।  अफगानिस्तान ने जताई कड़ी आपत्ति इस हमले के बाद अफगान सरकार का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने अपने बयान में इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने कहा, 'हम इस अमानवीय अपराध और हमले की कड़े से कड़े शब्दों में पुरजोर निंदा करते हैं.' अफगानिस्तान ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन और आम नागरिकों के खिलाफ एक क्रूर अपराध बताया है।  अफगानिस्तान के पूर्व प्रेसिडेंट हामिद करजई ने इस हमले की निंदा की है. उन्होंने शहीदों के परिवारों के साथ गहरा दुख और एकजुटता दिखाते हुए, एक बार फिर कहा कि पाकिस्तान इस इलाके में अपनी गलत नीतियों और दुश्मनी भरी कार्रवाइयों के नतीजों से जूझ रहा है. उसे ये समझना चाहिए कि वो उन नीतियों पर कायम रहकर और उन्हें आगे बढ़ाकर अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएगा।  करजई के मुताबिक पाकिस्तान की भलाई अफगानिस्तान के प्रति युद्ध और तबाही की अपनी नीति को छोड़ने और इसके बजाय अच्छे पड़ोसी और सभ्य रिश्ते चुनने में है। 

दिल्ली-मेरठ नमो भारत की बढ़ी रफ्तार, 24 घंटे में 1.25 लाख यात्रियों के साथ बना नया कीर्तिमान

 नई दिल्ली दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर ने सबसे ज्यादा यात्रियों का नया रिकॉर्ड बनाया है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने मंगलवार को जानकारी दी कि नमो भारत ट्रेन से 8 जून को एक दिन में करीब 1,25,500 यात्रियों ने सफर किया।    यह आंकड़ा अब तक का सबसे ज्यादा है. आम दिनों में औसतन एक लाख यात्री नमो भारत ट्रेन से सफर करते हैं. NCRTC के मुताबिक, सोमवार को यात्री संख्या में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली।  क्यों बढ़ रहे हैं यात्री? NCRTC ने बताया कि कई कारणों से लोग नमो भारत की ओर आकर्षित हो रहे हैं. दरअसल, नमो भारत के जरिए मेरठ से दिल्ली की यात्रा का समय काफी कम हो गया है. सड़क के ट्रैफिक जाम से बचना आसान हो गया है. वहीं,  गर्मी के प्रकोप (40 डिग्री से ऊपर तापमान) के बीच पूरी तरह एयर कंडीशंड ट्रेनें ठंडक और आरामदायक साबित हो रही हैं. दिल्ली-एनसीआर में रोजाना सफर करने वाले यात्री अब नमो भारत का इस्तेमाल कर रहे हैं।  किस स्टेशन पर सबसे ज्यादा भीड़ रही? दिल्ली में सराय काले खां, न्यू अशोक नगर और आनंद विहार स्टेशन सबसे ज्यादा व्यस्त रहे. वहीं, उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद और बेगमपुल स्टेशन भी काफी भीड़ वाले रहे. इन पांचों स्टेशनों पर कुल यात्रियों में से 40 प्रतिशत से ज्यादा सवारियां होती हैं।  खास बात यह है कि यह स्टेशन मेट्रो, रेलवे, इंटर-स्टेट बस टर्मिनल और शहर की बस सर्विस से कनेक्ट हैं. इससे यात्रियों को आसानी होती है. मेरठ में लोकल मेट्रो सेवाएं भी नमो भारत के ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर चल रही हैं. इससे शहर के अंदर भी सफर आसान हो गया है।  यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए NCRTC ने हाल ही में पीक ऑवर्स में 18 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई हैं. ये अतिरिक्त ट्रिप्स सुबह और शाम के पीक समय में सराय काले खां से मेरठ साउथ के बीच चलाई जा रही हैं।  NCRTC ने कहा कि नमो भारत अब दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के रोजाना के सफर का महत्वपूर्ण साधन बनती जा रही है. इससे समय की बचत, भरोसेमंद सेवा और आरामदायक यात्रा की वजह से लोग सड़क के बजाय इस ट्रेन को चुन रहे हैं. पूरी तरह एयर कंडीशंड ट्रेनें गर्मी से राहत दे रही हैं और लोगों को समय पर गंतव्य तक पहुंचा रही हैं. नमो भारत रैपिड रेल अब NCR क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का मजबूत विकल्प साबित हो रही है। 

आयुर्वेद और योग को घर-घर पहुंचाने का आह्वान, आयुष मंत्री परमार बोले- स्वस्थ समाज का यही आधार

"आयुर्वेद और योग को जन-जन तक पहुँचाकर स्वस्थ समाज का निर्माण करें": आयुष मंत्री परमार मंत्री परमार की अध्यक्षता में शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद महाविद्यालय, उज्जैन की साधारण सभा की बैठक हुई भोपाल  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार की अध्यक्षता में मंगलवार को भोपाल स्थित मंत्रालय में शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद महाविद्यालय, उज्जैन की साधारण सभा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मंत्री परमार ने महाविद्यालय के विकास, आयुर्वेद के संवर्धन तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। आयुष मंत्री परमार ने आगामी सिंहस्थ महापर्व की दृष्टि से शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद महाविद्यालय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया। मंत्री परमार ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा, आयुर्वेद, योग और जीवनशैली आधारित स्वास्थ्य पद्धतियों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवसर का उपयोग आयुर्वेद और योग के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जनजागरूकता के लिए किया जाना चाहिए। मंत्री परमार ने कहा कि योग भारत की अमूल्य धरोहर है और इसे गाँव-गाँव तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने संस्थान से योग को जन-आंदोलन का स्वरूप देने, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक योग गतिविधियाँ संचालित करने तथा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास करने का आह्वान किया। मंत्री परमार ने आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाने के लिए इसे भारतीय रसोई (किचन) से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय भोजन परंपरा स्वयं में आयुर्वेदिक सिद्धांतों पर आधारित रही है तथा दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले मसाले, औषधीय पौधे एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य संरक्षण के प्रभावी माध्यम हैं। आयुर्वेद को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए इसकी उपयोगिता को प्रत्येक घर तक पहुँचाना आवश्यक है। बैठक में पिछले वर्ष की कार्यकारिणी सभा के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। मंत्री परमार ने महाविद्यालय परिसर में 500 बिस्तरों वाले आयुर्वेद चिकित्सालय के निर्माण के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। मंत्री परमार ने महाविद्यालय परिसर में नवीन ऑडिटोरियम निर्माण किए जाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने महाविद्यालय परिसर में अतिथि गृह तथा छात्रावास अधीक्षकों के आवास निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए। बैठक में उज्जैन (उत्तर) विधायक अनिल जैन कालूहेडा, उप सचिव आयुष श्रीमती रंजना देवड़ा, आयुष संचालनालय की प्रतिनिधि डॉ. वंदना बोराना, महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. जे.पी. चौरसिया, नीमा जिलाध्यक्ष डॉ अनिल सराफ, पूर्व छात्र डॉ ईश्वर सिंह सिसोदिया सहित अन्य अधिकारी, साधारण सभा के सदस्यगण एवं महाविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक का संचालन डॉ अजयकीर्ति जैन और आभार प्रदर्शन प्रो. नृपेन्द्र मिश्रा ने किया।  

भारत-जर्मनी रिश्तों को मिला नया विस्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिनाईं सहयोग की संभावनाएं

भारत, जर्मन संबंधों को मिला है नया आयाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले जर्मनी के काउंसलेट जनरल हालियर भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में जर्मनी के काउंसलेट जनरल क्रिस्टोफ हालियर ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हालियर का पुष्प-गुच्छ और विश्व धरोहर स्मारक सांची की फ्रेम युक्त तस्वीर भेंट कर स्वागत किया।हालियर ने भोपाल की सुंदरता की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी जर्मनी की यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि उनकी जर्मनी यात्रा सुखद रही थी। भारत और जर्मनी के प्राचीन काल से संबंध हैं जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब नया आयाम मिल रहा है। उद्योग और व्यवसाय जगत में दोनों देशों के संबंध मजबूत हैं। ये संबंध अब अधिक प्रगाढ़ हो रहे हैं। उद्योग और व्यवसाय के साथ शिक्षा के क्षेत्र में संयुक्त रूप से ठोस कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जर्मन विद्वान मैक्समूलर ने भारतीय ग्रंथों और वेदों का जर्मनी और अन्य भाषाओं में अनुवाद किया था। वे संस्कृत के भी विद्वान थे और स्वामी विवेकानंद की नैसर्गिक प्रतिभा के कायल थे। मध्यप्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक और मानव संसाधनों के साथ जर्मनी की तकनीक का संगम हो, इस दृष्टि से नवम्बर 2024 में म्यूनिख जर्मनी में इण्टरैक्टिव सेशन भी आयोजित किया गया था। मध्यप्रदेश जर्मनी के साथ दोतरफा सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में जर्मन प्रतिष्ठानों द्वारा निवेश के साथ ही जर्मन भाषा के प्रशिक्षण के लिए भी सहयोग दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में जर्मन भाषा के शिक्षण की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश की दृष्टि से जर्मन के औद्योगिक संस्थानों का मध्यप्रदेश में स्वागत है। गत 2 वर्ष में निवेश के कई प्रस्तावों को क्रियान्वित किया गया है। उन्होंने अब फिर से वह समय आया है जब विश्व की प्रमुख भाषाओं का अध्ययन किसी भी देश में किया जा सकता है। मध्यप्रदेश में जर्मन के शिक्षण- प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं अनेक उच्च शिक्षा संस्थाओं में की गई हैं। हमारे युवा भी भारतीय भाषाओं के साथ विदेशी भाषाएं सीखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जर्मन कॉउंसलेट द्वारा पुन: जर्मनी आने के आमंत्रण पर कहा कि वे एक बार नहीं इससे अधिक बार जर्मनी आएंगे। निश्चित ही दोतरफा सहयोग का यह क्रम जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत और जर्मनी के बीच राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर निर्मित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश औद्योगिक निवेश, कौशल विकास, उच्च शिक्षा, अनुसंधान तथा सतत विकास के क्षेत्रों में जर्मनी के साथ साझेदारी को और विस्तार देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर स्थित इंडो-जर्मन टूल रूम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दोनों देशों के सफल औद्योगिक सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। बैठक में जर्मन ड्यूल एजुकेशन मॉडल के माध्यम से युवाओं के कौशल उन्नयन, मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों और जर्मनी के उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों एवं पेशेवरों के लिए नए अवसर विकसित करने के विषय में भी सार्थक चर्चा हुई। जल संरक्षण, पर्यावरणीय स्थिरता और जल गंगा संवर्धन अभियान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। काउंसलेट जनरल क्रिस्टोफ हालियर ने कहा कि उन्हें मध्यप्रदेश आना अच्छा लगता है। वे यहां आकर प्रसन्न हैं। इंदौर और भोपाल में उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से भेंट की है। हालियर ने जानकारी दी कि इसी वर्ष जनवरी माह में अहमदाबाद में प्रधानमंत्री मोदी से जर्मन के फेडरल चान्सलर फ्रेडरिक मर्ज ने भेंट की है। मर्ज की भारत यात्रा का उद्देश्य भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को सशक्त करना था। भारत की संस्कृति से जर्मन चांसलर प्रभावित हुए थे और उन्होंने अंतराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भी हिस्सा लिया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को काउंसलेट जनरल क्रिस्टोफ हालियर ने जर्मनी की ओर से विशेष स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। हालियर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा उन्हें दिए गए सम्मान और आत्मीयता के लिए आभार माना। इस अवसर पर जर्मन काउंसलेट सेंटर इंडिया के पदाधिकारी अविनाश कश्यप ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग पूर्ण सहयोग के लिए तत्पर रहता है। हाल ही में नागदा में जर्मन सहयोग से संचालित संस्थान की समस्या का अविलंब समाधान किया गया है। उद्योग संचालन में आने वाली किसी भी कठिनाई को मध्यप्रदेश शासन की ओर से तत्काल दूर किया जाता है। इस अवसर पर एमपी औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड में प्रबंध निदेशक चंद्रमौली शुक्ला भी उपस्थित थे।  

उत्तर प्रदेश बनेगा इंडस्ट्री हब! 10 नए औद्योगिक क्षेत्रों के साथ केंद्र लाएगा जन विश्वास विधेयक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में प्लग एंड प्ले नीति के तहत 10 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी। केंद्र सरकार की मदद से स्थापित होने वाले इस औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेज दिया है, हालांकि अभी यह तय नहीं है कि यह औद्योगिक क्षेत्र किन जिलों में स्थापित किए जाने हैं।  पिकप भवन में उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) के संयुक्त सचिव डा. जय प्रकाश शिवहरे ने बताया कि केंद्र सरकार ने औद्योगिक विकास के लिए ईज आफ डूइंग बिजनेस (कारोबार में सुगमता) को बढ़ावा देने को लेकर देश भर में 100 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की योजना पर काम शुरू किया है। एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों का विकास प्राथमिकता यीडा के सीईओ आर.के. सिंह के अनुसार, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास स्थित सेक्टरों का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है. एयरपोर्ट के संचालन से पहले इन क्षेत्रों में सड़क, जलापूर्ति, सीवर और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे एयरपोर्ट आधारित उद्योगों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश का केंद्र बन सकेगा।  46 नए सेक्टरों के लिए सर्विस मास्टर प्लान पर काम यमुना सिटी में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 46 नए सेक्टरों के लिए सर्विस मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है. इसके अंतर्गत जलापूर्ति, सीवर नेटवर्क, ड्रेनेज और अन्य शहरी सुविधाओं की विस्तृत योजना बनाई जाएगी. यीडा ने इसके लिए आरएफपी जारी कर आवेदन आमंत्रित किए हैं. यह योजना शहर के व्यवस्थित और टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।  ग्रेटर नोएडा में गरीब परिवारों के लिए बनेंगे किफायती फ्लैट ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के परिवारों के लिए किफायती आवास योजना पर तेजी से काम कर रहा है. बिरौंडा और पतवाड़ी गांव के पास जमीन चिह्नित की गई है, जहां बहुमंजिला आवासीय परियोजनाएं विकसित होंगी. लगभग 30 वर्गमीटर आकार के फ्लैटों में लिफ्ट और दैनिक जरूरतों की दुकानों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे निम्न आय वर्ग को बेहतर आवास मिल सके।  श्रमिकों को कम कीमत में बेहतर आवास देने की योजना ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि श्रमिकों और निम्न आय वर्ग के लोगों को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना प्राधिकरण का उद्देश्य है. परियोजना और नियोजन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं. जमीन चिन्हित होने के बाद योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा. इससे हजारों श्रमिक परिवारों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास का लाभ मिल सकेगा।  इसके लिए राज्यों से जुलाई तक नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना संबंधी प्रस्ताव मांगे गए हैं। पहले और दूसरे चरण में 25-25 औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि कारोबार में सुगमता को बढ़ावा देने के लिए जन विश्वास (प्रविधान संशोधन) विधेयक-3.0 लाने की तैयारी की जा रही है। जन विश्वास-2.0 के तहत 717 प्रकार के औद्योगिक अपराधों में सीधे जेल भेजे जाने के प्रविधान को समाप्त किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में देश से निर्यात में बढ़ोतरी हुई है। इनवेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद ने बताया कि निर्यात के मामले में उत्तर प्रदेश 11वें स्थान से 9वें स्थान पर आ गया है। इससे पहले उन्होंने निर्यातकों व औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर जन विश्वास (प्रविधान संशोधन) विधेयक में संशोधन को लेकर उनकी राय ली।  

Crude Oil Price Alert: तेल बाजार में बड़ी गिरावट की आशंका, Fitch की रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल

 नई दिल्ली वेस्ट एशिया तनाव के चलते दुनिया को डराने वाले कच्चे तेल की कीमतें क्रैश हो सकती हैं. ये हम नहीं कह रहे, बल्कि फिच रेटिंग्स ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि वैश्विक तेल बाजार दुनिया की कुल तेल-गैस जरूरत के 20% को पूरा करने के लिए जरूरी होर्मुज स्ट्रेट पर बारीकी से नजर रख रहा है।  एजेंसी ने लंबे समय से बंद Hormuz Strait के जुलाई 2026 के अंत तक फिर से खुलने का अनुमान जताया है और उम्मीद जताते हुए कहा है कि ऐसा होने पर Oil-Gas सप्लाई चेन में रुकावट खत्म होते ही कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आएगी।   70 डॉलर पर आ जाएगा कच्चा तेल! Fitch Ratings की एक रिपोर्ट में होर्मुज स्ट्रेट के जुलाई 2026 के अंत तक फिर से खुलने के सवाल पर कहा है कि इसका जवाब संभवतः हां है. एजेंसी के ऑयल आउटलुक के मुताबिक, वैश्विक तेल खपत के लगभग पांचवें हिस्से को संभालने वाला यह स्ट्रेटिजिक समुद्री रूट 5 महीने की क्लोजिंग बंद के बाद फिर से खुलेगा।  फिच के मुताबिक, ऐसा होने पर कच्चे तेल की कीमतों में आने वाली तेज गिरावट का जिक्र करते हुए एजेंसी ने कहा कि जुलाई में होर्मुज ओपन होने के बाद सितंबर से ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Oil Price) गिरकर करीब 70 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकता है।  तेजी से बहाल होगी ऑयल सप्लाई फिच ने अपनी रिपोर्ट में तर्क देते हुए कहा है कि कच्चे तेल की कीमतों में मौजूदा उछाल मुख्य रूप से उत्पादन क्षमता में स्थायी कमी के बजाय सप्लाई चेन में आई रुकावट से जुड़ा है. एजेंसी का मानना ​​है कि युद्ध की वजह से क्षेत्रीय तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई खास नुकसान नहीं हुआ है, जिससे शिपिंग रूट्स सामान्य होने पर मिडिल ईस्ट में प्रोडक्शन भी तेजी से बहाल हो सकता है।  Fitch के अनुमानों पर नजर डालें, तो ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत मई-जुलाई के दौरान 100-110 डॉलर प्रति बैरल रहने की उम्मीद है, जबकि अगस्त में यह घटकर करीब 80 डॉलर पर आ जाएगी और सितंबर में Brent Crude Price  70 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकता है।  'अनिश्चितता अभी कम नहीं हुई' ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने तेल की कीमतें क्रैश (Crude Oil Price Crash) होने का अनुमान जताने के साथ ही कहा है कि अनिश्चितता का स्तर अभी भी काफी ऊंचा बना हुआ है. अगर होर्मुज उम्मीद से पहले खुल जाता हैं, तो तेल की कीमतें गिरेंगी, लेकिन अगर लंबे समय तक व्यवधान रहता है, तो कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रह सकता है. इससे भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख आयातकों के लिए ऊर्जा लागत में वृद्धि होगी और महंगाई का खतरा बढ़ेगा। 

BMW ने दिया झटका, 1 जुलाई से भारत में महंगी होंगी लग्जरी कारें

 नई दिल्ली कारों की कीमतें लगातार बढ़ रही है. अलग-अलग ब्रांड्स अपनी गाड़ियों की कीमतों को समय-समय पर 2026 में बढ़ा चुके हैं. अब बीएमडब्लू (BMW) ने अपनी कारों की कीमतों में इजाफे का ऐलान किया है. 1 जुलाई से कंपनी की कारें महंगी होने वाली है. इनकी कीमतों में 2 फीसदी इजाफा किया गया है।  ये बीएमडब्लू और मिनी रेंज की सभी कारों पर लागू होंगी. गाड़ियों की कीमतों में इस इजाफे की वजह रुपये की गिरती कीमत और लॉजिस्टिक के बढ़ते दाम हैं. जिसकी वजह से कंपनी 1 जुलाई से अपनी गाड़ियों की कीमत 2 फीसदी बढ़ा रही है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स।  क्यों महंगी हुई बीएमडब्लू कारें? बीएमडब्लू ग्रुप इंडिया के प्रेसिडेंट और सीईओ, हरदीप सिंह बरार ने बताया, 'जबरदस्त डिमांड और बेहतरीन प्रोडक्ट रेंज होने की वजह से लग्जरी मोबिलिटी स्पेस में बीएमडब्लू ग्रुप इंडिया नई माइलस्टोन बना रही है. मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौतियों के बीच अपने प्रीमियम स्टैंडर्ड को बनाए रखने के लिए हम अपने पोर्टफोलियो की कीमतें 2 फीसदी बढ़ा रहे हैं।  कंपनी कई कारों को भारत में लोकली तैयार करती है. भारत में प्रोड्यूस होने वाली कारों की लिस्ट में बीएमडब्लू 2 सीरीज कूपे, बीएमडब्लू 3 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, बीएमडब्लू 5 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, बीएमडब्लू 7 सीरीज, बीएमडब्लू एक्स1, एक्स 3, एक्स 5, एक्स 7, बीएमडब्लू एम340आई और बीएमडब्लू आईएक्स1 लॉन्ग व्हीलबेस शामिल हैं।  इसके अलावा कंपनी की बीएमडब्लू आई5 एम60, बीएमडब्लू आई7, बीएमडब्लू आई7 एम70, बीएमडब्लू आईएक्स, बीएमडब्लू एम440आई कन्वर्टिबल, बीएमडब्लू एम2 कूपे, बीएमडब्लू एम4 कंपटीशन, बीएमडब्लू एम5 और बीएमडब्लू एक्सएम भारत में सीबीयू के तौर पर मिलती हैं।  फ्री सर्विस ऑफर कर रही कंपनी हाल में ही कंपनी ने समर सर्विस कैंपेन 2026 का ऐलान किया था. इसके तहत कंपनी कई सारी सर्विसेस कॉम्प्लिमेंटरी ऑफर कर रही थी. इसमें एयर कंडीशनिंग फिल्टर की जांच, एयर फिल्टर और टायर कंडीशन शामिल हैं. वहीं नॉन-इलेक्ट्रिक मॉडल्स के लिए कंपनी फ्री बैटरी चेकअप भी ऑफर कर रही है।  कंपनी ये इंस्पेक्शन किसी भी फॉल्ट को पहले पकड़ने के लिए कर रही है, जिससे कंज्यूमर्स को परेशानी का सामना ना करना पड़े. बेसिक चेक के साथ कंपनी सर्विस पर डिस्काउंट भी दे रही है. कंज्यूमर्स 10 फीसदी की छूट एसी फुमिगेशन सर्विस पर दे रही है. वहीं एयर कंडीशनिंग रिपेयरिंग पर कंपनी 25 फीसदी तक की छूट लेबर चार्ज पर दे रही है।