samacharsecretary.com

जेनिफर विंगेट की दूसरी शादी की चर्चा: सिंगापुर के बिजनेसमैन विलियम इश्माइल से कर सकती हैं विवाह

टीवी गलियारों में जल्द ही शहनाई बजने वाली है. मशहूर एक्ट्रेस जेनिफर विंगेट 41 की उम्र में दूसरी शादी करने जा रही हैं. जेनिफर को लेकर खबरें हैं कि वो जल्द ही अपने सिंगापुर बेस्ड बिजनेसमैन बॉयफ्रेंड विलियम इश्माइल संग शादी रचाकर नई जिंदगी की शुरुआत करेंगी. शादी क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से होगी. कौन हैं जेनिफर का दूल्हा? जेनिफर की दूसरी शादी की खबरें हर तरफ छाई हुई हैं. उनकी शादी की रिपोर्ट्स सामने आते ही फैंस खुशी से गदगद हो गए हैं. जेनिफर का घर फिर से बसते देखने के लिए फैंस सुपर एक्साइटेड हैं. लेकिन कई लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर जेनिफर का होने वाला हमसफर कौन है? तो आइए जानते हैं… HT की रिपोर्ट के मुताबिक, जेनिफर विंगेट लंबे समय से सिंगापुर बेस्ड बिजनेसमैन विलियम इश्माइल को सीक्रेटली डेट कर रही हैं. विलियम बिजनेस वर्ल्ड में एक्टिव हैं. मगर वो इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से ताल्लुक नहीं रखते. रिपोर्ट्स की मानें तो वो फाइनेंशियल सेक्टर में काम करते हैं. उन्होंने डिजिटल एसेट्स, ट्रेनिंग और फॉरेन एक्सचेंज मार्केट्स में काम किया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि विलियम को लाइमलाइट में रहना पसंद नहीं है. वो मीडिया की चकाचौंध से दूर रहते हैं. यह भी बताया गया है कि विलियम से मिलने जेनिफरअक्सर सिंगापुर ट्रैवल करती हैं. वहां दोनों मीडिया के कैमरों से दूर साथ में क्वालिटी टाइम स्पेंड करते हैं. एक मुलाकात के दौरान विलियम ने जेनिफर को शादी के लिए प्रपोज किया था और एक्ट्रेस ने हां कह दिया था. दोनों अब अपनी शादी की तैयारियों में बिजी हैं. कब होगी शादी? रिपोर्ट में इनसाइडर के हवाले से बताया गया है- जेनिफर और विलियम एक साथ बहुत खुश हैं. उन्हें और उनके प्यारे रिश्ते को देखना बहुत अच्छा लगता है. छुट्टियों के दौरान विलियम ने जेनिफर को प्रपोज किया था और उन्होंने हां कह दिया था. अब वो अपनी शादी की प्लानिंग कर रहे हैं. जेनिफर शादी के लिए वेंडर्स की लिस्ट बना रही हैं. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जेनिफर और विलियम की शादी इस साल सितंबर या अक्टूबर के महीने या फिर दिसंबर-जनवरी में हो सकती है. वेडिंग डेट अभी फाइनल नहीं हुई है. हालांकि, जेनिफर ने अब तक अपनी शादी की रिपोर्ट्स को कंफर्म नहीं किया है. बता दें कि जेनिफर की पहली शादी एक्टर करण सिंह ग्रोवर से साल 2012 में की थी. मगर 2 साल बाद 2014 में दोनों तलाक लेकर अलग हो गए थे. अब जेनिफर की दूसरी शादी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है.  

इंग्लैंड दौरे से पहले वैभव सूर्यवंशी को लेकर हाइप, टिकट बिक्री तक पर असर की चर्चा

नई दिल्ली वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का वह नाम बन चुके हैं, जिन्हें इस साल 'must-watch show' कहा जा रहा है. कमेंट्री में साफ कहा गया- इंग्लैंड दौरे से पहले ही उनके इर्द-गिर्द मीडिया फ्रेंजी तय है और इसका असर सीधे स्टेडियम की टिकट बिक्री तक दिख सकता है. इंग्लैंड के क्रिकेट पंडितों से लेकर पूर्व खिलाड़ियों तक… हर कोई मान रहा है कि यह किशोर बल्लेबाज सिर्फ रन नहीं बनाता, बल्कि मैच का पूरा माहौल बदल देता है. IPL प्रदर्शन के बाद उन्हें भारत की टी20 टीम में शामिल किया गया है और अब चर्चा इस बात की है कि जैसे ही वह इंग्लैंड दौरे पर उतरेंगे, वहां मीडिया और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ सकती है. एक कमेंट्री चर्चा में यहां तक कहा गया- 'ECB खुश होगा, क्योंकि इससे टिकट और बिकेंगे.' दरअसल, 15 साल के भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता इवेंट बन चुके हैं. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर एलिजाबेथ अमोन और मार्क बुचर की बातें सुनकर साफ है- दौरा नहीं, अब 'शो' शुरू होने वाला है. मार्क बुचर ने तो सीधे टिकटिंग विभाग को ही मैसेज भेज दिया- 'ECB खुश होगा… ये लड़का स्टेडियम भरवा देगा!' मतलब क्रिकेट कम, और ‘वैभव इफेक्ट’ ज्यादा. और यह कहना भी मुश्किल नहीं कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (England and Wales Cricket Board) अब चुपचाप कैलेंडर पर इस सीरीज को गोल कर चुका होगा- जहां क्रिकेट भी होगा और हाइप भी.     'नेट्स में भी बॉलर पूछते हैं- भाई, डालूं कहां?' लियाम लिविंगस्टोन जैसे खिलाड़ियों की बात मानें तो वैभव नेट्स में भी वही करते हैं जो मैच में करते हैं- सीधा हमला. और पैट कमिंस का हाल तो और मजेदार है- 'समझ ही नहीं आता, इसे गेंद डालूं कहां!' मतलब बॉलर का प्लान नहीं, अब वैभव का मूड तय करता है मैच. आंकड़े नहीं, यह क्रिकेट का अलार्म है – 237+ की स्ट्राइक रेट पूरे IPL टूर्नामेंट में – सबसे ज्यादा रन – सबसे ज्यादा छक्कों की बरसात और ये सब किसी अनुभवी स्टार ने नहीं… 15 साल के बच्चे ने किया है. एलिजाबेथ अमोन का रिएक्शन भी सीधा था- '237 स्ट्राइक रेट? यह क्रिकेट नहीं, तबाही है.' 'डिफेंस? वो तो शायद डिक्शनरी में देखा होगा!' उनके बचपन के कोच मनीष ओझा का खुलासा और भी दिलचस्प है-  'मैंने उसे कभी डिफेंस की प्रैक्टिस करते नहीं देखा.' यानी किताबें शायद कहती हों तकनीक, लेकिन वैभव की किताब में सिर्फ एक ही चैप्टर है- अटैक, अटैक और अटैक. इंग्लैंड में असली टेस्ट: स्विंग या शो? अब कहानी सिर्फ टैलेंट की नहीं, टेम्परामेंट की है. इंग्लैंड की स्विंग, ओवरकास्ट आसमान और सख्त विकेट या फिर वैभव का वही पुराना अंदाज? एक बात तय है- स्टेडियम में लोग मैच देखने कम, और 15 साल के उस लड़के का तूफान देखने ज्यादा आएंगे. वैभव को लेकर जो सबसे बड़ी बात निकलकर आती है, वह सिर्फ उनका रन या स्ट्राइक रेट नहीं है, बल्कि उनका इम्पैक्ट फैक्टर है. कमेंट्री में कहा गया है कि वह ऐसे बल्लेबाज हैं जो मैच के साथ-साथ पूरा माहौल बदल देते हैं. वह गेंदबाजों के लिए अनिश्चितता, दर्शकों के लिए रोमांच और आयोजकों के लिए बड़ा कमर्शियल आकर्षण हैं. इसी वजह से इंग्लैंड जैसे बड़े मंच पर उनके संभावित प्रदर्शन को सिर्फ क्रिकेटिंग टैलेंट नहीं, बल्कि 'स्टेडियम-ड्रिवन इकोनॉमी' से भी जोड़ा जा रहा है. आसान शब्दों में- वैभव अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भीड़ खींचने वाला एक बड़ा फैक्टर बन चुके हैं. भारत का इंग्लैंड दौरा (टी20) • 1 जुलाई: पहला टी20, चेस्टर ले स्ट्रीट • 4 जुलाई: दूसरा टी20, मैनचेस्टर • 7 जुलाई: तीसरा टी20, नॉटिंघम • 9 जुलाई: चौथा टी20, ब्रिस्टल • 11 जुलाई: पांचवां टी20, साउथम्प्टन

WWDC 2026 में iOS 27 की झलक, Siri से लेकर कैमरा ऐप तक मिलेंगे नए AI अपग्रेड

ऐपल अपना एक बड़ा इवेंट आयोजित करने जा रहा है, जिसका नाम वर्ल्डवाइड डेवलपर कॉन्फ्रेंस 2026 (WWDC 2026) है. इस दौरान कंपनी कई बड़े ऐलान करेगी, जिसमें अधिकतर सॉफ्टवेयर संबंधित होंगे. इस साल कंपनी iOS27 को पेश किया जाएगा, जिसकी खूबियों के बारे में कंपनी ऑफिशियली तौर पर बताएगी. भारतीय समयनुसार WWDC 2026 कीनोट की शुरुआत सोमवार रात 10:30 बजे होगी. इस इवेंट के दौरान iPhone से लेकर Apple Watch को मिलने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम के न्यू वर्जन को लॉन्च करेगी, जिनके नाम  iPadOS 27, macOS 27, watchOS 27 होंगे. iOS 27 में क्या नया मिलेगा? iOS 27 का इंतजार अधिकतर आईफोन यूजर्स को है. लीक्स रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी AI पर फोकस रखेगी और भी कई बड़े ऐलान भी होने की उम्मीद रहेगी. Siri को ChatGPT जैसी ज्यादा नेचुरल बातचीत करने की काबिलियत मिल सकती है. कैमरा, फोटोज, वॉलेट और शॉर्टकट जैसे सिस्टम ऐप्स में इंटीग्रेशन देखने को मिलेगा. AI बेस्ड फोटो एडिटिंग टूल्स का ऐलान किया जाएगा. स्मार्ट राइटिंग असिस्टेंस फीचर्स को शामिल किया जा सकता है. कैमरा और फोटोज ऐप में बड़ा बदलाव रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यू iOS 27 के तहत कैमरा ऐप को बीते साल की तुलना में बड़ा अपडेट देखने को मिल सकता है. कैमरा ऐप के अंदर Siri-पावर्ड कैमरा मोड को शामिल किया जा सकता है. साथ ही प्रोफेशनल फोटोग्राफी करने वाले यूजर्स को ज्यादा कस्टमाइजेशन के ऑप्शन मिलेंगे. AI का इस्तेमाल करके फोटो का बैकग्राउंड बदला जा सकेगा. ब्लूमबर्ग के मार्क गुरमन ने iOS 27 की तुलना Mac OS X Snow Leopard से की है, जिसका पूरा फोकस परफॉर्मेंस और बग्स फिक्स को लेकर था. iOS 27 का अपडेट कब जारी होगा iOS 27 का पहला डेवलपर बीटा लॉन्च इवेंट के तुरंत बाद जारी किया जा सकता है. वहीं पब्लिक बीटा जुलाई में आने की उम्मीद है. फिर सितंबर में iOS27 का फाइनल वर्जन जारी कर दिया जाएगा. कई पुराने हैंडसेट से हट जाएगा सपोर्ट iOS 27 की लॉन्चिंग के साथ ऐलान कर दिया जाएगा कि इसका सपोर्ट किन-किन आईफोन मॉडल्स को मिलेगा. साथ ही कई पुराने मॉडल्स के लिए सपोर्ट बंद कर दिया जाएगा. एक टिप्स्टर के मुताबिक, iOS 27 केवल iPhone 12 सीरीज और उसके बाद लॉन्च होने वाले नए मॉडल्स को ही मिलेगा.  ये जानकारी सही होती है तो ऐप्पल iPhone 11, iPhone 11 Pro, iPhone 11 Pro Max और सेकेंड जनरेशन iPhone SE से सपोर्ट हटा देगा. रिपोर्ट के मुताबिक, iOS 27 का सपोर्ट इन iPhone सीरीज को मिलेगा.   iPhone 12 सीरीज iPhone 13 सीरीज iPhone 14 सीरीज iPhone 15 सीरीज iPhone 16 सीरीज iPhone 17 सीरीज आदि होंगे. हालांकि अभी तक ऐपल ने ऑफिशियली तौर पर iOS 27 सपोर्टेड डिवाइस की लिस्ट जारी नहीं की है.

SAFF फाइनल 2026: भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया

नई दिल्ली  भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने फाइनल में बांग्लादेश को हराया और खिताब पर कब्जा जमाया। भारत ने सात सालों से चले आ रहे सूखे को इसी के साथ समाप्त कर दिया। टीम इंडिया फाइनल में पहुंच रही थी लेकिन खिताबी जंग में उन्हें लगातार निराशा मिल रही थी लेकिन इस मुकाबले में भारत ने अंतिम बाधा को भी पार कर लिया। भारत ने इससे पहले साल 2019 में इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था लेकिन उसके बाद टीम इंडिया खिताब नहीं जीत सकी थी। हालांकि, भारत ने अब इस सूखे को समाप्त कर दिया है और चैंपियन बनी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिला टीम के चैंपियन बनने पर खुशी जताई है और उन्हें बधाई दी है। मैच में भारत का दबदबा भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म दिखाई। टीम ने सभी मैच जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया। फाइनल में भी भारत की टीम शुरू से ही आक्रामक रही। बांग्लादेश पिछले दो टूर्नामेंट (2022 और 2024) की चैंपियन थी, लेकिन इस बार उसे खिताब बचाने का मौका नहीं मिला। प्यारी जक्सा का शानदार खेल पहले हाफ के अंत में भारत को बढ़त मिली। प्यारी जक्सा ने पेनल्टी एरिया में अच्छा फुटवर्क दिखाया और शॉट मारा। बांग्लादेश की डिफेंडर पर लगे डिफ्लेक्शन के बाद गेंद गोलकीपर के ऊपर से जाल में चली गई लेकिन बांग्लादेश ने हार नहीं मानी। स्टॉपेज टाइम में रितु पूर्णा चकमा ने लेफ्ट साइड से कमजोर शॉट मारकर स्कोर बराबर कर दिया। यह टूर्नामेंट में भारत का पहला और आखिरी गोल था। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही भारत ने फिर बढ़त बना ली। प्यारी जक्सा ने दाहिनी तरफ से क्रॉस किया, जिसे संफिदा नोंग्रुम ने हेडर से गोल में बदल दिया। गेंद पोस्ट से लगकर अंदर गई। मैच के 82वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी लिंडा कोम सेरतो ने डिफेंस की गलती का फायदा उठाया और गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने खिताब पर कब्जा जमाया। सात साल का इंतजार खत्म 2019 के बाद भारत दो टूर्नामेंट में फाइनल तक नहीं पहुंच पाया था। इस बार घरेलू मैदान पर टीम ने पूरा जोर लगाया और पुराना गौरव वापस हासिल किया। मनीषा कल्याण समेत कई खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। यह जीत भारतीय महिला फुटबॉल के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगे आने वाले बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयारियां मजबूत होंगी।  

वास्तु टिप्स: झाड़ू रखने के सही नियम, घर में बढ़ती है सुख-समृद्धि

वास्तु शास्त्र में झाड़ू का स्थान केवल एक सफाई उपकरण से कहीं ज्यादा है.  इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है.  घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए झाड़ू के उपयोग से जुड़े वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है.  गलत तरीके से झाड़ू लगाना न केवल घर में नकारात्मकता लाता है, बल्कि आर्थिक तंगी का कारण भी बन सकता है. झाड़ू लगाने का सही तरीका और दिशा वास्तु के अनुसार घर की सफाई की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना चाहिए. घर की सफाई हमेशा मुख्य दरवाजे के पास से शुरू करके घर के अंदर के हिस्सों (जैसे रसोई, बेडरूम या लिविंग रूम) की ओर करनी चाहिए. प्रवेश द्वार को सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्रोत माना जाता है, इसलिए वहां से सफाई शुरू करने से घर में खुशहाली का आगमन होता है. इसके विपरीत, कभी भी घर के अंदर से बाहर की ओर झाड़ू नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि इससे घर की लक्ष्मी बाहर चली जाती है और सकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है. सफाई का उचित समय और सावधानियां वास्तु शास्त्र में समय का चुनाव घर की ऊर्जा को प्रभावित करता है: झाड़ू लगाने के लिए सुबह का समय, विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त, सबसे शुभ और उत्तम माना गया है. सूर्यास्त के बाद या शाम के समय झाड़ू लगाना वर्जित माना जाता है, क्योंकि इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है. यदि किसी अनिवार्य स्थिति में शाम को झाड़ू लगानी भी पड़े, तो भूलकर भी घर का कचरा बाहर नहीं फेंकना चाहिए, क्योंकि इससे आर्थिक हानि की संभावना बढ़ जाती है. झाड़ू के रखरखाव से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें झाड़ू का अपमान करने से बचना चाहिए और इसके रखरखाव में सावधानी बरतनी चाहिए: सफाई के बाद कचरे को घर में लंबे समय तक जमा न रखें, बल्कि इसे तुरंत बाहर फेंक दें, क्योंकि जमा हुआ कचरा दरिद्रता को आमंत्रित करता है. झाड़ू को कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए और न ही इसे घर में कहीं भी खुले में खड़ा रखना चाहिए. इसे हमेशा किसी ऐसी सुरक्षित जगह पर छिपाकर रखें जहां बाहर से आने वाले लोगों की नजर इस पर न पड़े. वास्तु के अनुसार, नई झाड़ू का उपयोग हमेशा शनिवार या किसी शुभ तिथि से शुरू करना अत्यंत फलदायी माना जाता है.

चार घंटे के थ्रिलर में ज्वेरेव की जीत: पांच सेटों के संघर्ष के बाद मिला फ्रेंच ओपन खिताब

 पेरिस  जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने वर्षों की निराशा को पीछे छोड़ते हुए आखिरकार अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीत लिया। ज्वेरेव ने रविवार को फ्रेंच ओपन पुरुष सिंगल्स के फाइनल में इटली के फ्लावियो कोबोली को चार घंटे और 16 मिनट तक पांच सेट चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5), 6-1 से हराकर रोलां गैरो का खिताब अपने नाम किया। 29 वर्षीय ज्वेरेव के करियर का यह सबसे बड़ा क्षण रहा। इससे पहले वह तीन बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में हार चुके थे, जिसमें 2024 का फ्रेंच ओपन फाइनल भी शामिल था। इस जीत के साथ वह पिछले 30 वर्षों में ग्रैंडस्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले 1996 में बोरिस बेकर ने आस्ट्रेलियन ओपन जीता था। एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने पहले ही सेट में बनाया दबाव फिलिप चैट्रियर कोर्ट पर खेले गए फाइनल में ज्वेरेव ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहले सेट में कोबोली को पूरी तरह दबाव में रखते हुए 6-1 से जीत दर्ज की। हालांकि 10वीं वरीयता प्राप्त कोबोली ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की। सातवें गेम में सर्विस ब्रेक हासिल कर उन्होंने सेट 6-4 से जीत लिया और मुकाबला बराबरी पर ला दिया। तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन कोबोली की एक अनफोर्स्ड गलती ने ज्वेरेव को सेट प्वाइंट दे दिया, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाकर 6-4 से सेट अपने नाम किया। चौथे सेट में ज्वेरेव एक समय मजबूत स्थिति में थे, लेकिन दबाव के क्षणों में उनकी लय बिगड़ गई। टाईब्रेक में कोबोली ने आक्रामक खेल दिखाते हुए सेट जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक खींच दिया। एलेक्जेंडर ज्वेरेव की सूझबूझ आई काम निर्णायक सेट में ज्वेरेव का अनुभव और मानसिक मजबूती काम आई। उन्होंने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बना लिया और कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। 6-1 से सेट जीतकर उन्होंने अपने करियर का बहुप्रतीक्षित पहला ग्रैंडस्लैम खिताब हासिल कर लिया। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। ज्वेरेव ने अपने 125वें ग्रैंडस्लैम मैच जीत के बाद पहला मेजर खिताब जीता। इससे पहले किसी खिलाड़ी ने अपने पहले ग्रैंडस्लैम खिताब के लिए इतनी अधिक जीत का इंतजार नहीं किया था। टूर्नामेंट में इस बार कई बड़े उलटफेर हुए। कई दिग्गज पहले ही हो गए थे बहर कार्लोस अलकराज की अनुपस्थिति में विश्व नंबर एक जानिक सिनर, 24 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नोवाक जोकोविक दूसरे सप्ताह से पहले ही बाहर हो गए थे, जिसके बाद ज्वेरेव पर खिताब जीतने का दबाव और उम्मीद दोनों बढ़ गई थीं। आखिरकार उन्होंने उस चुनौती को स्वीकार किया और अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। फ्रेंच ओपन 2026 का यह खिताब न केवल ज्वेरेव के लिए, बल्कि जर्मन टेनिस के लिए भी एक नई शुरुआत माना जा रहा है।  

हेयर लॉस के शुरुआती संकेत, समय रहते पहचानें वरना बढ़ सकता है गंजापन

आजकल की बिजी लाइफस्टाइल और बढ़ते स्ट्रेस के बीच हेयर लॉस होना एक बेहद कॉमन समस्या बन चुका है. लोग अक्सर उस समय अधिक परेशान हो जाते हैं, जब कंघी में बालों के गुच्छे आने लगते हैं या स्कैल्प खाली दिखने लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि किसी के भी बाल अचानक नहीं झड़ते, बल्कि हमारा स्कैल्प बहुत पहले ही इसके संकेत देना शुरू कर देता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि आप समय रहते इन शुरुआती लक्षणों को पहचान लें तो गंजेपन का शिकार होने से बच सकते हैं. आइए जानते हैं कि हेयर फॉल की शुरुआत कैसे होती है और रिकवरी के क्या ऑपशंस हैं. ये है हेयर फॉल का पहला संकेत एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब भी गंजेपन की शुरुआत होती है तो उसका सबसे पहला संकेत हेयर थिनिंग यानी बालों का पतला होना है. इस स्टेज में आपके बाल अचानक टूटने नहीं लगते बल्कि उनका डायमीटर (मोटाई) धीरे-धीरे कम होने लगता है. यदि आपको महसूस हो रहा है कि आपकी मांग (Parting) चौड़ी हो रही है या पोनीटेल पहले के मुकाबले पतली महसूस हो रही है तो समझ जाएं कि आपके बालों की सेहत बिगड़ रही है. क्या है फॉलिकल का मिनिएचराइजेशन? साइंस की भाषा में बालों के पतले होने की इस पूरी प्रक्रिया को मिनिएचराइजेशन ओएफ फॉलिकल कहा जाता है. हेल्थलाइन के मुताबिक, इस प्रोसेस में स्कैल्प के अंदर मौजूद हेयर फॉलिकल्स यानी जहां से बाल उगते हैं, वो धीरे-धीरे सिकुड़ने लगते हैं. इसके कारण हेयर फॉलिकल्स तक खून की सप्लाई और जरूरी न्यूट्रिशन नहीं पहुंच पाता. नतीजा यह होता है कि हर नए हेयर साइकिल में निकलने वाला बाल पहले से ज्यादा कमजोर, पतला और छोटा होता जाता है जो बाद में पूरी तरह टूटने लगता है और आप गंजेपन की ओर बढ़ जाते हैं. स्टेज 1 से 5 के बीच रिकवरी है पॉसिबल यदि आपके बाल पतले हो रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं है. साइंटिफिक फैक्ट्स बताते हैं कि जब तक मिनिएचराइज्ड फॉलिकल पूरी तरह सील या बंद नहीं हो जाते तब तक उनसे नए और घने बाल वापस पाना मुमकिन है. हेयर लॉस को मापने के लिए डॉक्टर्स नॉरवुड स्केल का इस्तेमाल करते हैं. उनके अनुसार, यदि आप स्टेज 1 से स्टेज 5 के बीच में हैं तो आपको डेफिनिटली सही ट्रीटमेंट ट्राई करना चाहिए. इस दौरान फॉलिकल्स जीवित होते हैं और डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह पर मिनोक्सिडिल, पीआरपी थेरेपी या सही डाइट से इन्हें दोबारा एक्टिव किया जा सकता है.

कहीं बारिश तो कहीं लू का कहर, राजस्थान का मौसम बदलेगा रंग

 जयपुर राजस्‍थान में आज आंधी-बारिश के साथ हीटवेव का अलर्ट है. मौसम  विभाग ने अलवर, भरतपुर, दौसा डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़ के लिए आंधी बारिश का अलर्ट जारी किया है. हनुमानगढ़ और पश्चिमी राजस्थान के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. जयपुर में हुई बारिश रविवार को प्रदेश में मिला जुला मौसम रहा. उमस से लोग बेहाल नजर आए. दिन भर खिली धूप ने गर्मी से लोगों को परेशान किया. हालांकि, देर शाम राजधानी जयपुर समेत कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ बरसात हुई. इससे रात को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली.   हल्की बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से राज्य के कुछ भागों में आंधी बारिश की गतिविधियां आगामी 2-3 दिन तक जारी रहने की संभावना है. इसके बाद पूर्वी राजस्थान में छुटपुट स्थानों पर मध्यम दर्जे का मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में आज से 11 जून के दौरान कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 44-46 डिग्री से. दर्ज होने व कहीं-कहीं हीटवेव चलने की संभावना है.   श्रीगंगानगर में पारा 44 डिग्री प्रदेश में सर्वाधिक तापमान श्रीगंगानगर में 44.8 डिग्री दर्ज किया गया.  वहीं, अन्य शहरों में भी अब तापमान धीरे धीरे बढ़ने लगा है.  जयपुर में तापमान में 4 डिग्री से भी ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई.  राजधानी में पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री दर्ज किया गया.

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की निगरानी अब सीधे CM योगी करेंगे

लखनऊ यूपी की योगी सरकार ने यूपी में एक्सप्रेसवे और उससे जुड़ी परियोजनाओं के होने वाले कामों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला किया है। एक्सप्रेसवे बनाने के लिए बनाए गए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) का काम अवस्थापना विभाग के अधीन कर दिया गया है। अभी तक यह काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था। अवस्थापना मंत्रालय मुख्यमंत्री के पास है। इसके बाद यह साफ हो गया है कि एक्सप्रेसवे और इससे जुड़ी परियोजनाओं का काम मुख्यमंत्री सीधे तौर पर देखेंगे। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से इस बारे में आदेश जारी कर दिया गया है। यह बदलाव क्यों किया जा रहा है, इसके बारे में भी बताया गया है। यूपी में अभी तक औद्योगिक विकास विभाग के अधीन यूपीडा का काम देखा जाता था। शासन में औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को यह काम आवंटित था। सचिव सचिवालय प्रशासन गुर्राला श्रीनिवासुलु की ओर से जारी आदेश में यूपीडा के काम को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। उनके इस आदेश में कहा गया है कि 18 मई 2007 को अवस्थापना विभाग का गठन किया गया और 30 जुलाई 2007 को काम भी आवंटित किए गए। अवस्थापना का काम औद्योगिक विकास अनुभाग तीन द्वारा देखा जा रहा था। बदलाव के लिए यह बताया गया कारण आदेश में कहा गया है कि अवस्थापना विकास अनुभाग का काम तय है। यूपीडा के अधीन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का काम औद्योगिक विकास विभाग के अनुभाग तीन को आवंटित है। निर्धारित लागत सीमा से अधिक चिह्नित अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए सार्वजनिक क्षेत्र, निजी क्षेत्र या सहभागिता के आधार पर क्रियान्वयन की नीति निर्धारण व समन्वय का काम अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित है। इसके चलते इस काम के आवंटन में विरोधाभाष तथा संबंधित प्रत्रावलियों के निस्तारण को और आसान बनाने के लिए यूपीडा से संबंधित सभी काम तात्कालिक प्रभाव से अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित कर दिया गया है। नई स्टार्टअप नीति बनेगी वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी स्टार्टअप केंद्र बनाने के लिए नई स्टार्टअप नीति-2026 तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नई नीति में भरण-पोषण भत्ता, प्रोटोटाइप अनुदान, सीड कैपिटल सहायता तथा पेटेंट एवं गुणवत्ता प्रमाणन से जुड़े प्रोत्साहनों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। सीएम ने निर्देश दिया कि महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर उद्यमियों तथा पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड क्षेत्र के स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन देने के प्रावधान शामिल किए जाएं। स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन, प्रोत्साहन, वित्तीय प्रबंधन, निगरानी, क्षमता निर्माण तथा विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का गठन किया जाए। प्रस्तावित नीति की समीक्षा मुख्यमंत्री ने रविवार को प्रस्तावित उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, बड़ा बाजार, डिजिटल एवं औद्योगिक आधार, निवेशकों के अनुकूल वातावरण यूपी को अर्थव्यवस्था का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की क्षमता रखते हैं। नई नीति ऐसी होनी चाहिए जो प्रदेश के युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाए। उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप तथा नवाचार के क्षेत्र में पहचान दिलाए। मुख्यमंत्री को प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स ने बताया कि पिछले सालों में यूपी ने स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 2018 में ‘एस्पायरिंग लीडर’ श्रेणी से आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश वर्ष 2025 में भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में ‘टॉप परफॉर्मर’ श्रेणी में स्थान प्राप्त कर चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप्स को प्रारंभिक चरण से लेकर विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें: अमृतसर से मुंबई तक नई स्पेशल ट्रेन, रेलवे ने बढ़ाई अतिरिक्त सुविधाएं

अमृतसर गर्मी के मौसम में बढ़ती यात्रियों की संख्या और लंबी वेटिंग सूची को देखते हुए रेलवे ने अमृतसर से मुंबई के बीच नई समर स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही पंजाब में रह रहे बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए अमृतसर-कटिहार स्पेशल ट्रेन के संचालन की अवधि बढ़ाने के साथ अतिरिक्त फेरे भी जोड़े गए हैं।  रेलवे अधिकारियों के अनुसार अमृतसर और मुंबई (बांद्रा टर्मिनस) के बीच विशेष ट्रेन चलाए जाने से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह ट्रेन जालंधर सिटी, फगवाड़ा, धंडारी कलां (लुधियाना), अंबाला कैंट, पानीपत, नई दिल्ली (सफदरजंग), मथुरा, कोटा, रतलाम, वडोदरा, सूरत और बोरीवली होते हुए बांद्रा टर्मिनस पहुंचेगी। अमृतसर-बांद्रा टर्मिनस समर स्पेशल का शेड्यूल ट्रेन संख्या 04694/04693 अमृतसर-बांद्रा :  टर्मिनस-अमृतसर स्पेशल अमृतसर से 12, 19 और 26 जून तथा 3 और 10 जुलाई को प्रत्येक शुक्रवार रात 8:10 बजे रवाना होगी। वापसी में यह ट्रेन बांद्रा टर्मिनस से 14, 21 और 28 जून तथा 5 और 12 जुलाई को प्रत्येक रविवार सुबह 8 बजे चलेगी। इसी तरह कटिहार स्पेशल ट्रेन के भी फेरे बढ़ा दिये गए है। रेलवे ने अमृतसर और कटिहार के बीच चल रही विशेष ट्रेन के संचालन को जुलाई के अंत तक बढ़ा दिया है। ट्रेन संख्या 05736/05735 कटिहार-अमृतसर-कटिहार स्पेशल अब विस्तारित अवधि के तहत अतिरिक्त फेरों के साथ संचालित होगी। कटिहार से अमृतसर के लिए यह ट्रेन 22 जुलाई से 29 जुलाई तक प्रत्येक बुधवार को तीन अतिरिक्त फेरे लगाएगी। वहीं अमृतसर से कटिहार के लिए 17 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को तीन अतिरिक्त फेरे संचालित किए जाएंगे। रेलवे अधिकारियोंका कहना है कि इन विशेष ट्रेनों के संचालन से पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी तथा गर्मी के मौसम में बढ़ी हुई यात्रा मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।