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विगत चार दिनों में 79 लाख रुपये से अधिक मूल्य की चोरी एवं लूटी गई संपत्ति बरामद

भोपाल  प्रदेश में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, अपराधियों की गिरफ्तारी तथा चोरी एवं लूट की वारदातों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं रेल पुलिस इकाइयों द्वारा विगत चार दिनों में की गई कार्रवाई में 79लाख रुपये से अधिक मूल्य की चोरी एवं लूटी गई संपत्ति बरामद करते हुए अनेक शातिर एवं अंतर्राज्यीय अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। गुना गुना पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महत्वपूर्ण मामलों का सफल खुलासा किया। कैंट थाना क्षेत्र के गोविन्द गार्डन में हुई चोरी की वारदात का मात्र 36 घंटे में पर्दाफाश कर आरोपी को गिरफ्तार किया तथा उसके कब्जे से लगभग 16 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण जब्‍त किए गए। वहीं कोतवाली थाना पुलिस ने स्नेचिंग की घटना का केवल 6 घंटे में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया तथा लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये मूल्य का मंगलसूत्र एवं वारदात में प्रयुक्त चोरी की मोटरसाइकिल जब्त की। इंदौर इंदौर पुलिस ने  दिगम्बर जैन नवग्रह जिनालय में हुई चोरी की घटना में फरार चल रहे तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे प्रकरण का सफल खुलासा किया। मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से अष्टधातु की मूर्तियां, चांदी का कलश, धार्मिक सामग्री, वारदात में प्रयुक्त वाहन एवं उपकरण सहित लगभग13 लाख 15 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की गई है। जांच में आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में चोरी, लूट एवं नकबजनी के कई प्रकरण दर्ज पाए गए हैं। बैतूल जिले की बोरदेही पुलिस ने बैंक से नगद राशि निकालकर लौट रहे व्यक्ति से हुई 9 लाख रुपये की लूट की सनसनीखेज वारदात का सफल खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सुनसान मार्ग पर फरियादी की आंखों में मिर्च पाउडर फेंककर एवं चाकू की नोक पर वारदात को अंजाम दिया था। सागर जिले के थाना देवरी पुलिस ने चोरी के प्रकरण का निराकरण करते हुए 7 लाख 57 हजार रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण एवं 1 लाख रुपये नगद सहित लगभग8 लाख 57 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की। खरगोन जिले की मण्डलेश्वर पुलिस ने सिविल अस्पताल मण्डलेश्वर की नई बिल्डिंग में ऑक्सीजन पाइप, मेडिकल उपकरण, एसी यूनिट, फायर सेफ्टी उपकरण एवं अन्य सामग्री चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने लगभग 7 लाख 80 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। सीहोर पुलिस ने विद्युत लाइनों से तार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 11 केव्ही लाइन के 19 गाले विद्युत तार एवं वारदात में प्रयुक्त पिकअप वाहन सहित लगभग 5 लाख 80 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। विदिशा बासौदा शहर पुलिस ने 300 सीसीटीवी फुटेज एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से लगभग 5 लाख रूपए मूल्य के 30 ग्राम सोने एवं 150 ग्राम चांदी के आभूषण जब्‍त किए। अशोकनगर जिले के थाना ईसागढ़ क्षेत्र में दो मकानों में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने मात्र 24 घंटे में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चोरी गए सोने-चांदी के जेवरात, नगदी एवं वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की। शिवपुरी जिले में थाना बदरवास, रन्नौद एवं इन्दार पुलिस की संयुक्त टीमों ने सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य के घर हुई चोरी की वारदात का खुलासा कर लगभग 4 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। रेल पुलिस रेल पुलिस भोपाल ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए चलती ट्रेन में महिला यात्री का पर्स झपटकर फरार हुए अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 लाख 8 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की। वहीं जीआरपी जबलपुर की चौकी पिपरिया पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1 लाख 19 हजार रुपये का चोरी गया सामान जब्‍त किया। प्रदेशभर में संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आधुनिक तकनीक, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, साइबर इनपुट एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से त्वरित एवं परिणामन्‍मुखी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इन सफलताओं से अपराधियों में कानून का भय बढ़ा है तथा आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना और अधिक सुदृढ़ हुई है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध इसी प्रकार प्रभावी, कठोर एवं निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी।  

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सम्पन्न रायपुर मुख्य सचिव विकासशील ने एसएलबीसी के बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को उनके हिस्से की राशि के लिए ऋण देने की प्रक्रिया का सरलीकरण करें, जिससे हितग्राही आवास शीघ्रता से बना सकें। मुख्य सचिव ने नगरीय-प्रशासन विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए है कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के अंतर्गत जिन हितग्राहियों को आवास स्वीकृत हुए हैं, उनके लिए एक विशेष शिविर लगाकर बैंकर्स से ऋण दिलवाये। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत केन्द्रांश एवं राज्यांश की राशि हितग्राहियों को दी जाती है।           मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत परियोजनाओं की स्वीकृति के लिए विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसी तरह से प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के घटक भागीदारी में किफायती आवास निर्माण के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में भारत सरकार के एमआईएस पोर्टल पर दर्ज हितग्राहियों की प्रविष्टी में आवश्यक संशोधन की स्वीकृति के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई।            बैठक में अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु भौतिक प्रगति अनुसार केन्द्रांश राशि एक लाख 50 हजार रूपए तथा अनिवार्य राज्यांश की राशि एक लाख रूपए दी जाती है। हितग्राही द्वारा निर्धारित समयावधि में आवास पूर्ण करते हुए गृह प्रवेश करने पर राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति आवास 32 हजार 850 रूपए पृथक से हितग्राही के खाते में हस्तांतरित की जायेगी। प्रति आवास डीपीआर और पीएमसी शुल्क की राशि 6 हजार 150 रूपए राज्य शासन द्वारा दिया जाता है।           अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण घटक अंतर्गत 10 हजार 549 हितग्राही हेतु नवीन आवास निर्माण के लिए केन्द्रांश राशि 158 करोड़ 23 लाख 50 हजार रूपए तथा राज्यांश 146 करोड़ 63 लाख 11 हजार रूपए एवं हितग्राही अंशदान राशि 105 करोड़ 49 लाख शामिल करते हुए 144 नगरीय निकायों में 410 करोड़ 35 लाख 61 हजार रूपए की लागत की 114 परियोजनाओं को स्वीकृत करने हेतु प्रस्तावित किया गया है। जिस पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती आर.शंगीता, आयुक्त नगर तथा ग्राम निवेश अवनीश कुमार शरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की विशेष सचिव सुईफ्फत आरा सहित वित्त, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, गृह निर्माण मंडल, हुडको एवं राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक शामिल हुए।

खाद वितरण के नियम बदले, हरियाणा के किसानों को अब आधार वैरिफिकेशन कराना होगा जरूरी

पंचकूला. पश्चिम एशिया में छाए युद्ध संकट को देखते हुए किसानों को दी जाने डीएपी और यूरिया तथा अन्य उर्वरक की वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही है। कालाबाजारी नहीं हो इसके लिए नई प्रणाली में क्यूआर कोड और आधार सत्यापन को अनिवार्य किया जा रहा है। हरियाणा में यह योजना उत्तर प्रदेश से सटे यमुना नगर तथा राजस्थान से सटे रेवाड़ी तथा महेंद्रगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। इसके लिए किसानों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों खाद विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले इन जिलों को इसलिए चुनाव किया गया कि डीएपी और यूरिया वितरण करनें में शिकायत अधिक आ रही थी। दस्तावेज हरियाणा के किसानों के लगाकर राजस्थान और उत्तर प्रदेश में डीएपी यूरिया बेंच दी जाती थी। प्रदेश सरकार यही व्यवस्था अगले चरण् में पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी में है। केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय तथा कृषि एवं कल्याण ने फ्रेम वर्क फार फर्टिलाइजर सेल के नाम से नई डिजिटल खाद प्रणाली तैयार की है। इसके ही तहत हरियाणा के तीन जिला चुने गए हैं। यह कदम युद्ध संकट के चलते उर्वरक का आयात प्रभावित होने के चलते किया गया है। नई व्यवस्था आरंभ होने पर किसानों को पहले अपने मोबाइल एप के जरिए अग्रिम बुकिंग करनी होगी। किसान को अपनी फसल और जमीन की जानकारी दर्ज करनी होगी। बुकिंग पूरी होने पर किसान को क्यूआर कोड आधारित टोकन जारी होगा। जब किसान खाद लेने जाएगा तो डीलर पीओएस मशीन से क्यूआर कोड को स्कैन करेगा। इसके बाद आधार कार्ड आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन होने पर ही खाद देगा। प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा पहले ही यह कह चुके हैं कि कालाबाजारी रोकने के लिए नया सिस्टम अपनाया जा रहा है। इस योजना के लिए भी जल्द गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी। इस व्यवस्था से किसानों को भटकना नहीं पड़ेगा और डीलर के पास मौजूदा स्टाक की रियल टाइम मानिटरिंग भी हो जाएगी। कोड स्कैन नहीं होने पर किसान को आइडी आधार नंबर और आवेदन नंबर के जरिए भी यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नई व्यवस्था में यह विकल्प इसलिए दिया गया है कि किसानों को किसी तरह की परेशानी नही हो।

बिहार के अस्पताल में दर्दनाक हादसा, आग लगने से 7 मरीजों की जान गई, कई घायल

मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। ब्रह्मपुरा इलाका स्थित 'प्रसाद हॉस्पिटल' में सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू (ICU) वार्ड में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग के कारण पूरे अस्पताल भवन में घना धुआं फैल गया, जिससे मरीजों और उनके तीमारदारों के बीच अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक पांच लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घायलों को रेस्क्यू कर इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन मरीजों की हुई मौत – शशांक कुमार, औराई, मुजफ्फरपुर  गीता देवी, मोतीपुर, मुजफ्फरपुर  ⁠उदय कुमार, तरियानी, शिवहर  कृष्ण नंदन  चंचला कुमारी ब्रेन सर्जरी के बाद आईसीयू में थे भर्ती- विशंभरपुर शिवहर के रहने वाले उदय कुमार चार दिन से अस्पातल में भर्ती थे। ब्रेन सर्जरी होने के बाद आईसीयू में थे। इनसे मिलने पत्नी नीलू देवी, सास बच्ची देवी, बेटा सत्यम, बेटी आकांक्षा अस्पताल में थीं। साला नीतीश भी था। सभी लोग साथ में थे। शोर होने पर जानकारी मिली, लेकिन जब तक पहुंचे, तब तक उदय कुमार की मौत हो चुकी थी। दिस्तौलिया, कथैया की रहने वाली गीता देवी एक जून को भर्ती हुई थीं। शुगर और बीपी से ग्रसित थीं। उनका डायलिसिस चल रहा था। ये जानकारी उनके बेटे अनीश ठाकुर ने दी। गोरिगमा डीह, मीनापुर के रहने वाले कृष्णनंदन सिंह डॉ. संजीव के यूनिट में इलाजरत थे। फेफड़ा में पानी था। 22 मई से भर्ती थे। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की लगभग एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और अस्पताल के विभिन्न वार्डों में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास किया। आईसीयू में मौजूद मरीजों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। देखते ही देखते जहरीला धुआं पूरे अस्पताल में फैल गया, जिससे कई मरीजों की हालत और गंभीर हो गई। कई मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया। इसके बाद उन्हें आसपास के सुरक्षित अस्पतालों में भर्ती कराया गया। आईसीयू वार्ड धुएं से भर गया था- दमकल कर्मी अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब तीन बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी। जब दमकल की टीम अस्पताल पहुंची तो आईसीयू वार्ड पूरी तरह धुएं से भरा हुआ था। बचाव अभियान के दौरान कई मरीजों को गंभीर स्थिति में बाहर निकाला गया। अधिकारियों का कहना है कि राहत कार्य के दौरान 20 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, हालांकि कई मरीजों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। शॉर्ट सर्किट माना जा रहा आग की वजह शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने अस्पताल परिसर को अपने कब्जे में लेकर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस दर्दनाक हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतकों और घायलों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप कई परिजनों का कहना है कि आग लगने के बाद अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी मरीजों को उनके हाल पर छोड़कर वहां से चले गए। इससे कई मरीज समय पर सहायता नहीं मिलने के कारण गंभीर स्थिति में पहुंच गए। एक पीड़ित स्वजन ने बताया कि उनके पिता आईसीयू में भर्ती थे और आग लगने के बाद उन्हें बाहर निकालने में काफी देर हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन से किसी प्रकार की मदद नहीं की गई। परिजनों का यह भी कहना है कि हादसे के बाद मृतकों के शवों की जानकारी देने में भी अस्पताल प्रबंधन ने सहयोग नहीं किया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है। मृतकों की संख्या और हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। 13 बेड के वार्ड में 15 मरीज DM सुब्रत कुमार सेन ने बताया कि 13 बेड लगे हुए थे, जिसमें 15 मरीज भर्ती थे। अभी 3 मरीजों के मरने की पुष्टि हुई है। आग की घटना के चलते ICU वार्ड के इंचार्ज भी झुलस गए हैं, जिन्हें बगल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी मरीजों का भी रेस्क्यू कर आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। बुजुर्ग महिला ने जान बचाकर गार्ड को जानकारी बीपी लो होने के बाद एक बुजर्ग महिला को इसी ICU वार्ड में भर्ती कराया गया था। आग लगने की घटना के बीच महिला ने न सिर्फ अपनी जान बचाई, बल्कि गार्ड को भी घटना के बारे में बताया। मरीजों के स्वजनों ने डीएम से बताई आपबीती डीएम ने मरीजों के स्वजनों से बात की। इस दौरान मरीजों के स्वजनों ने बताया कि अस्पताल में फायर कंट्रोल सिस्टम काम नहीं कर रहा था। अस्पताल की अव्यवस्था के बारे में शिकायत की। एक स्वजन ने बताया कि सीढ़ी का गेट बंद था, जिसकी वजह से लोगों को नहीं बचाया जा सका। उनका कहना है कि अस्पताल अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहा है।

बिरहोर जननायक पुस्तक का विमोचन: मंत्री टंक राम वर्मा को लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने भेंट की प्रति

पद्मजागेश्वर यादव का जीवन सेवा, समर्पण और मानवता का उच्चतम आदर्श — मंत्री टंक राम वर्मा बिरहोर जननायक पुस्तक का विमोचन: मंत्री टंक राम वर्मा को लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने भेंट की प्रति ​रायपुर     राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा से लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर डॉ. पटेल ने मंत्री वर्मा को पद्मजागेश्वर यादव जी के प्रेरणादायी जीवन और संघर्षों पर आधारित अपनी नवनिर्मित पुस्तक ‘बिरहोर जननायक’ की प्रति सप्रेम भेंट की। इस गौरवमयी अवसर पर स्वयं पद्मजागेश्वर यादव जी भी उपस्थित रहे और उन्होंने मंत्री  वर्मा के साथ अपने सामाजिक जीवन के गहरे अनुभवों को साझा किया। ​पुस्तक में बिरहोर समुदाय के उत्थान की अद्भुत गाथा            मुलाकात के दौरान मंत्री टंकराम वर्मा ने पुस्तक का अवलोकन किया और इसके प्रकाशन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने जशपुर जिले में ‘बिरहोर के भाई’ के नाम से विख्यात पद्मजागेश्वर यादव जी द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों, विशेषकर बिरहोर समुदाय के उत्थान के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। मंत्री वर्मा ने कहा कि उनका पूरा जीवन समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। पद्मजागेश्वर यादव का योगदान छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।उनका व्यक्तित्व सेवा, करुणा, समर्पण और मानवता के उच्चतम आदर्शों का प्रतीक है। उनका जीवन समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत है। ​1980 से निरंतर जारी है जागेश्वर यादव का संघर्ष      ​गौरतलब है कि पद्मजागेश्वर यादव वर्ष 1980 से ही विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, सामाजिक जागरूकता एवं मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए निरंतर धरातल पर कार्यरत हैं। उनके इन्हीं अथक प्रयासों का परिणाम है कि आज बिरहोर समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है, स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुँच सुनिश्चित हुई है और अनेक परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ​युवाओं और शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक बनेगी कृति       ​लेखक डॉ. लोकेश पटेल की यह कृति केवल एक जीवनी नहीं है, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक प्रेरक दस्तावेज है। यह पुस्तक पाठकों को संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, नि:स्वार्थ सेवा और समाज के प्रति समर्पण के माध्यम से बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह कृति विशेष रूप से युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो उन्हें समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशील बनने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है।      ​मंत्री टंक राम वर्मा ने इस महत्वपूर्ण, शोधपरक एवं प्रेरणादायी कृति के सृजन के लिए लेखक डॉ. लोकेश पटेल को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पुस्तक समाज के विभिन्न वर्गों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण स्रोत सिद्ध होगी।

दिल्ली में चिराग पासवान से मिली MP लोजपा टीम, संगठन विस्तार और मजबूती पर हुई चर्चा

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मिली मध्य प्रदेश लोजपा की टीम; प्रदेश में संगठन विस्तार और जमीनी मजबूती पर हुई सार्थक चर्चा ​नई दिल्ली  केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से दिल्ली स्थित पंचशील भवन में मध्य प्रदेश लोजपा (रामविलास) युवा के पदाधिकारियों एवं युवा मोर्चा के जुझारू कार्यकर्ताओं ने शिष्टमंडल के रूप में भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में पार्टी के संगठन विस्तार, आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना और संगठन विस्तार का मंत्र ​बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मध्य प्रदेश से आए युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं के जोश, कर्मठता और युवा लोजपा (रामविलास) के नीति-निर्देशों के अनुरूप किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की। आगामी रणनीतियों और सदस्यता अभियान पर विमर्श दिल्ली में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ​से मुलाकात के दौरान मध्य प्रदेश में पार्टी को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए नए सदस्यों और ऊर्जावान पदाधिकारियों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। आगामी दिनों में राज्य में चलाए जाने वाले विभिन्न राजनैतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी केंद्रीय अध्यक्ष के साथ गंभीर मंथन हुआ, जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपनी सहमति और मार्गदर्शन प्रदान किया। बैठक में यह प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित ​इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में मध्य प्रदेश युवा लोजपा (रामविलास) की ओर से मुख्य रूप से प्रदेश प्रधान महासचिव सावन जायसवाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी आदित्य शंकर तिवारी, प्रदेश महासचिव निशिता सिंह एससी/एसटी मोर्चा के अध्यक्ष अरविन्द रत्नाकर प्रदेश महासचिव एवं चंबल प्रभारी नीतेश राय के साथ पार्टी के अन्य पदाधिकारी शामिल हुए l

दोस्ती से सियासी टकराव तक: भगवंत मान और रवनीत बिट्टू के बीच बढ़ी जुबानी जंग

चंडीगढ़  पंजाब की राजनीति में कभी गहरी दोस्ती के लिए चर्चित रहे मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच अब सियासी टकराव खुलकर सामने आ गया है। मुख्यमंत्री मान ने मीडिया से बातचीत में बिट्टू पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि वह जल्द ही अपना मंत्री पद और राज्यसभा सीट दोनों गंवा सकते हैं। भगवंत मान ने कहा कि भाजपा नेतृत्व ने रवनीत बिट्टू को विधानसभा चुनाव लड़कर अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने के लिए कहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “इसी वजह से वह कह रहे हैं कि बहुत हो गया राज्यसभा और लोकसभा।” राजनीतिक गलियारों में यह बयान इसलिए भी चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि मान और बिट्टू कभी बेहद करीबी मित्र माने जाते थे। आम आदमी पार्टी के 2022 में सत्ता में आने और भगवंत मान के मुख्यमंत्री बनने से पहले ही दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध थे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच निजी और राजनीतिक मुद्दों पर नियमित बातचीत होती थी। हालांकि समय के साथ राजनीतिक परिस्थितियां बदलती गईं और अब आम आदमी पार्टी तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का असर उनके व्यक्तिगत संबंधों पर भी दिखाई देने लगा है। दोनों नेताओं के बीच तनाव उस समय खुलकर सामने आया जब हाल ही में हुए शहरी निकाय चुनावों के दौरान रवनीत बिट्टू संगरूर और धूरी पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेता प्रोफेसर ओंकार सिंह का समर्थन किया, जिन्हें चुनावी क्षेत्र में कथित रूप से नियमों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। प्रोफेसर ओंकार सिंह कभी भगवंत मान के बेहद करीबी सहयोगी माने जाते थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद मान ने उन्हें अपना ओएसडी नियुक्त किया था, लेकिन बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद ओंकार सिंह भाजपा में शामिल हो गए और धूरी क्षेत्र में सक्रिय राजनीति करने लगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी में रवनीत बिट्टू द्वारा ओंकार सिंह का समर्थन करना मान को पसंद नहीं आया, जिसके बाद दोनों नेताओं के संबंधों में खटास और बढ़ गई। पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच यह सियासी बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है। कभी दोस्ती के लिए मिसाल माने जाने वाले भगवंत मान और रवनीत बिट्टू अब पंजाब की राजनीति में अलग-अलग मोर्चों पर आमने-सामने नजर आ रहे हैं।

चंडीगढ़ में हड़कंप: पंजाब सचिवालय को बम धमाके की धमकी, जांच में जुटीं एजेंसियां

चंडीगढ़ पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद वीरवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सचिवालय के कंट्रोल रूम को एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर में बम होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ते और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। धमकी मिलने के बाद सचिवालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने भवन के विभिन्न हिस्सों की गहन जांच की। हालांकि, प्रारंभिक जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी धमकी के मद्देनजर सचिवालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रवेश और निकास द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की गई। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी।घटना के बाद सचिवालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। मुख्य प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि आने-जाने वाले कर्मचारियों और आगंतुकों की जांच प्रक्रिया को भी सख्त किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। साइबर जांच शुरू धमकी भरे ई-मेल की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम जांच में जुट गई है। अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि ई-मेल किस स्थान से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हो सकते हैं। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। ई-मेल की जांच में जुटीं एजेंसियां पुलिस और साइबर सेल की टीमें धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुट गई हैं। ई-मेल की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदेश कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है। अफवाहों से बचने की अपील अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाए गए हैं।  

भुल्लर की याचिका खारिज करने की मांग, CBI बोली- ट्रायल टालने की हो रही कोशिश

अमृतसर  रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर द्वारा मुकदमा चलाने की मंजूरी को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुनवाई होगी। इस याचिका का CBI ने विशेष अदालत में विरोध किया है।  CBI ने अपने जवाब में कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 19(2) के तहत सक्षम प्राधिकारी ने जांच से जुड़े सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा करने के बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी थी। सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत के आधार पर 16 अक्टूबर 2025 को डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच पूरी होने के बाद 3 दिसंबर 2025 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।CBI ने अदालत को बताया कि 13 मार्च को अदालत इस मामले में संज्ञान ले चुकी है और उस समय वैध अभियोजन स्वीकृति आदेश रिकॉर्ड पर मौजूद था। ऐसे में अब सैंक्शन आदेश की वैधता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। मुख्य सचिव को दी गई जानकारी CBI ने भुल्लर के इस दावे को गलत बताया कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी केवल पंजाब सरकार ही दे सकती थी। एजेंसी ने कहा कि भुल्लर IPS अधिकारी हैं और उन्हें नौकरी से हटाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है। उनके खिलाफ केस चलाने की मंजूरी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दी थी। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार को प्रक्रिया से बाहर नहीं रखा गया था। 3 दिसंबर 2025 को सैंक्शन प्रस्ताव भेजते समय पंजाब के मुख्य सचिव को भी इसकी जानकारी दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया हवाला CBI ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी से जुड़े सवाल ट्रायल के दौरान उठाए जा सकते हैं। इस समय ऐसी याचिका दाखिल करना जल्दबाजी है। एजेंसी ने यह भी तर्क दिया कि रिश्वत मांगना या लेना किसी भी सरकारी अधिकारी के आधिकारिक कर्तव्य का हिस्सा नहीं हो सकता। इसलिए आरोपी द्वारा अतिरिक्त कानूनी सुरक्षा का दावा भी इस मामले में लागू नहीं होता। ट्रायल में देरी की कोशिश: CBI CBI ने अदालत से कहा कि आरोपी की याचिका का उद्देश्य आरोप तय करने की प्रक्रिया को लंबित रखना और ट्रायल में देरी करना है। इसलिए याचिका को खारिज किया जाना चाहिए।

केरल पहुंचने वाला है मॉनसून, कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून केरल में 4 जून 2026 के आसपास दस्तक दे सकता है. इसके साथ ही अगले 5-7 दिनों में राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेंटीमीटर) की संभावना जताई गई है. IMD ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।  मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून के आगमन के साथ केरल में व्यापक बारिश होने वाली है. मलप्पुरम, कोझीकोड और वयनाड जिलों में ऑरेंज अलर्ट जबकि बाकी 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया. इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।  मौसम विभाग ने लिए केरल के चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. जबकि गुरुवार को आठ जिलों में और शुक्रवार को सात जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. वहीं, बाकी जिलों में इन दिनों येलो अलर्ट रहेगा।  IMD ने 6 जून तक पूरे राज्य में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है. तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर लगभग सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।  पड़ोसी राज्यों पर भी असर केरल के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी अगले 6-7 दिनों तक भारी बारिश की संभावना है. IMD ने इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान लगाया है. मॉनसून की इस शुरुआती दस्तक से केरल के कृषि क्षेत्र को फायदा होने की उम्मीद है।