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विजय सरकार पर स्टालिन का हमला, बोले- जनता जल्द DMK के पास लौटेगी

चेन्नई द्रविड़ मुनेत्र कड़गम प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने नई नवेली टीवीके (तमिलगा वेत्री कझगम) सरकार पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने राज्य में विजय की पार्टी की जीत को 'सिनेमा सुनामी' करार देते हुए कहा कि ये उत्साह कुछ दिनों में ठंडा पड़ जाएगा और लोग फिर डीएमके की ओर रुख करेंगे. डीएमके प्रमुख ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि विजय की सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएगी. पूर्व सीएम ने ये भी दावा किया कि ये चुनाव नतीजे राजनीतिक उथल-पुथल नहीं, बल्कि लोगों ने विजय को इस लिए वोट दिया, क्योंकि उनके पसंदीदा अभिनेता ने एक राजनीतिक पार्टी शुरू की है. ये कोई राजनीतिक सुनामी नहीं बल्कि महज एक 'सिनेमा सुनामी' थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि टीवीके बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटें भी नहीं जीत सकी है और वर्तमान में डीएमके की मेहरबानी से ये (टीवीके) सरकार सत्ता में है. एमके स्टालिन ने टीवीके सरकार के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा कि आठ और पांच मिलकर केवल 120 होते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि टीवीके ने अन्नाद्रमुक (AIADMK) को तोड़ने की पूरी कोशिश की लेकिन वे पूरी तरह असफल रहे. आज उनकी सरकार 'दीवार पर बैठी बिल्ली' की तरह है जो किसी भी दिन गिर सकती है. 'पूरे घटनाक्रम पर है DMK की नजर' स्टालिन ने तंज भरे लहजे में कहा कि कम्युनिस्ट, वीसीके (VCK) और आईयूएमएल (IUML) ने पहले केवल बाहर से समर्थन देने की बात कही थी, लेकिन अब वो सीधे कैबिनेट का हिस्सा बन चुके हैं, जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं. द्रमुक इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए है और सही वक्त का इंतजार कर रही है. डीएमके अध्यक्ष ने आगे कहा कि जैसे कोई छोटा बच्चा अंत में अपनी मां को ही ढूंढता है, ठीक वैसे ही तमिलनाडु की जनता बहुत जल्द वापस हमारे पास आएगी. लोगों का जल्द ही इस राजनीतिक खिलौने (टीवीके सरकार) से मोहभंग हो जाएगा. जनता ने केवल उत्साह में आकर वोट दिया था, जिसे ये सरकार अपनी बड़ी कामयाबी मान रही है. BJP की जीत के पीछे कांग्रेस उधर, तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता (LOP) और द्रमुक (DMK) के वरिष्ठ नेता उदयनिधि स्टालिन ने अपनी पूर्व सहयोगी पार्टी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लगातार उभार और जीत के लिए सीधे तौर पर उसे जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने चेन्नई में दिए अपने एक हालिया बयान में साफ शब्दों में कहा कि वह पहले सोचते थे कि देश में बीजेपी की लगातार हो रही जीतों के लिए सिर्फ नरेंद्र मोदी और अमित शाह जिम्मेदार हैं, लेकिन अब वो इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि इसका असली और मुख्य कारण केवल कांग्रेस ही है. उदयनिधि ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास न तो बुनियादी शिष्टाचार है और न ही कोई कृतज्ञता, इसलिए इस दल पर अब कभी-भी दोबारा भरोसा नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनके नेता कूटनीतिक रूप से ऐसी कांग्रेस का बोझ अपने कंधों पर उठाकर चुनाव लड़ रहे थे, जबकि उनके जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने के लिए इस चुनाव में भी अपना खून-पसीना एक किया था. आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में  अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली नई पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK)सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी. इसके बाद कांग्रेस और अन्य दलों के साथ सरकार बनाई. इसके बाद विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट में विजय की सरकार ने अभूतपूर्व समर्थन हासिल करते हुए 140 से ज्यादा वोट प्राप्त किए थे.

अफ्रीका में इबोला फैलने पर भारत सरकार की एडवाइजरी जारी

 नई दिल्ली  इबोला बीमारी के प्रकोप को देखते हुए, भारत सरकार ने रविवार को उन भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है जो कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रह रहे हैं या वहां यात्रा कर रहे हैं। सरकार ने उन्हें स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने परामर्श में कहा है कि कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में बदलती स्थिति और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों को देखते हुए, सभी भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक इन देशों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन का प्रकोप और जोखिम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में अभी तक बुन्दिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाली इबोला बीमारी का कोई मामला सामने नहीं आया है। अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने आधिकारिक तौर पर कांगो और युगांडा को प्रभावित करने वाले बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन के प्रकोप को महाद्वीपीय सुरक्षा का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। कांगो और युगांडा की सीमाओं से सटे दक्षिण सूडान जैसे देशों को भी संक्रमण के उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। निगरानी बढ़ाने के निर्देश WHO की आपातकालीन समिति ने 22 मई को प्रवेश बिंदुओं पर रोग निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी की हैं। इसका उद्देश्य उन यात्रियों का पता लगाना, उनका आकलन करना और उन्हें रिपोर्ट करना है जो ऐसे क्षेत्रों से आ रहे हैं जहाँ बुन्दिबुग्यो वायरस की पुष्टि हुई है और जिनमें अस्पष्ट बुखार के लक्षण हैं। इबोला की गंभीर स्थिति इबोला बीमारी एक वायरल रक्तस्रावी बुखार है, जो इबोला वायरस के बुन्दिबुग्यो स्ट्रेन के संक्रमण से होता है। यह एक अत्यंत गंभीर बीमारी है जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक है। बुन्दिबुग्यो वायरस के कारण होने वाली इबोला बीमारी को रोकने या इलाज के लिए कोई वैक्सीन या विशिष्ट उपचार स्वीकृत नहीं है।

उत्तरी कश्मीर में सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज, आतंकी ठिकानों का भंडाफोड़

जम्मू कश्मीर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ जारी अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. उत्तरी कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में चलाए गए संयुक्त तलाशी अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के ठिकानों को ढूंढ निकाला और उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया. सुरक्षा बलों को उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के क्रीरी इलाके में आतंकियों के छिपे होने की खुफिया जानकारी मिली थी. जिसके बाद सेना और स्थानीय पुलिस ने नीलसर इलाके में एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. आतंकवादी इस जगह का इस्तेमाल दोबारा न कर सकें, इसलिए सुरक्षा बलों ने इस ठिकाने को तुरंत तबाह कर दिया. पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है. 23 विस्फोटक स्टिक्स बरामद इस ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने इलाके में बने एक गुप्त आतंकी ठिकाने का पर्दाफाश किया. सुरक्षा बलों को इन ठिकानों से भारी मात्रा में विस्फोटक और अन्य सामग्री बरामद हुई. ठिकाने की तलाशी लेने पर वहां से करीब 23 विस्फोटक स्टिक्स और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई. बांदीपोरा में प्राकृतिक गुफाओं में बना था ठिकाना इससे पहले उत्तरी कश्मीर के ही बांदीपोरा जिले से भी ऐसी ही एक कामयाबी की खबर आई थी. सुरक्षा बलों ने बांदीपोरा के अरागम इलाके में स्थित खंजपत्री के जंगलों में एक बड़े आतंकी ठिकाने को ध्वस्त किया था. ये कार्रवाई 14 से 15 मई के बीच एक विशेष 'सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन' के तहत की गई थी. इस बड़े ऑपरेशन को सेना की 13 राष्ट्रीय राइफल्स, बांदीपोरा पुलिस और CRPF की तीसरी बटालियन ने मिलकर अंजाम दिया था. युद्ध जैसा सामान बरामद पहाड़ी इलाके में तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों की नजर वहां बनी प्राकृतिक गुफाओं पर गई. जब इन गुफाओं की तलाशी ली गई त वहां छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में युद्ध जैसा सामान बरामद हुआ. इस ठिकाने से रोजमर्रा के कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स टूल्स, खाने-पीने का राशन, बर्तन जैसी चीजें भी मिली थीं.

RR vs MI: करो या मरो मुकाबले में राजस्थान की नजर आखिरी प्लेऑफ टिकट पर

मुंबई  राजस्थान रॉयल्स की टीम मुंबई इंडियंस के खिलाफ रविवार को मुंबई में होने वाले लीग चरण के अपने अंतिम मैच में जीत हासिल कर प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ना चाहेगी। मुंबई इंडियंस पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुका है और वह जीत के साथ विदाई लेने के लिए प्रतिबद्ध होगा लेकिन राजस्थान रॉयल्स के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है जिसमें जीत पर वह प्लेऑफ में पहुंचने वाली अंतिम टीम बन जाएगी। राजस्थान के हैं 14 अंक इस मैच में संभावित रूप से गर्म और उमस भरे रविवार की दोपहर में दोनों टीमों की सहनशक्ति और फिटनेस की परीक्षा होगी। रॉयल्स फिलहाल 14 अंकों के साथ है। उसे मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी, जिससे उसके 16 अंक हो जाएंगे। इससे वह प्लेऑफ के अंतिम स्थान के दो अन्य दावेदार पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइटराइडर्स दोनों पर कम से कम एक अंक की बढ़त हासिल कर लेगा। रॉयल्स ने अपने पिछले पांच मुकाबलों में जीत से ज्यादा हार का सामना किया है लेकिन वे मुंबई के खिलाफ जीत के लिए जीजान लगा देंगे। उसके खिलाड़ी यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह अवगत हैं। जायसवाल हैं एमआई के लिए खतरा मुंबई इंडियंस के लिए वैभव सूर्यवंशी की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से कहीं ज्यादा बड़ा खतरा यशस्वी जायसवाल हैं। स्थानीय खिलाड़ी जायसवाल ने गुवाहाटी में जसप्रीत बुमराह की अगुवाई वाले गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ जमकर बल्लेबाजी करते हुए 32 गेंदों में 77 रन बनाए थे। जायसवाल उस मैदान पर वापसी कर रहे हैं जहां उन्होंने तीन साल पहले आईपीएल में अपना पहला शतक लगाया था। उन्होंने इसके बाद अगले साल उसी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अपना दूसरा शतक बनाया था। KKR ने मुंबई इंडियंस को हराया, प्लेऑफ की रेस रोमांचक, 5 टीमों में जंग लेकिन राजस्थान रॉयल्स को अभी भी अपने कप्तान रियान पराग और ध्रुव जुरेल से अधिक निरंतरता की जरूरत होगी। यह दोनों बल्लेबाजी क्रम में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं लेकिन बीच के ओवरों में जरूरी गति प्रदान नहीं कर पाए हैं। मौजूदा फॉर्म को देखते हुए रॉयल्स को एक अधिक खतरनाक टीम का सामना करना पड़ेगा। मुंबई के कुछ खिलाड़ी अच्छी फॉर्म में लौट आए हैं। इन दोनों टीम ने हालांकि पिछले पांच मैचों में तीन हार और दो जीत हासिल की हैं। इस मैच में मुंबई की टीम में शामिल भारतीय टीम के स्टार खिलाड़ियों सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा को अपना जलवा दिखाने के लिए आखिरी मौका मिलेगा। वे अच्छा प्रदर्शन करके टीम को सम्मान के साथ विदाई लेने में मदद कर सकते हैं। दोनों टीमें इस प्रकार हैं मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, नमन धीर, शेरफेन रदरफोर्ड, सूर्यकुमार यादव, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, शार्दुल ठाकुर, तिलक वर्मा, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, कृष भगत, केशव महाराज, मयंक मारकंडे, मोहम्मद इजहार, रघु शर्मा। राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), अमन राव, शुभम दुबे, शिमरोन हेटमायर, यशस्वी जयसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), लुआन-ड्रे प्रिटोरियस (विकेटकीपर), रवि सिंह, वैभव सूर्यवंशी, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जड़ेजा, दासुन शनाका, जोफ्रा आर्चर, ब्रिजेश शर्मा, नांद्रे बर्गर, तुषार देशपांडे, केवेना मफाका, एडम मिल्ने, सुशांत मिश्रा, विग्नेश पुथुर, रवि बिश्नोई, संदीप शर्मा, कुलदीप सेन, यशराज पुंजा, युद्धवीर सिंह। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे शुरू होगा।

दिल्ली और कोलकाता के बीच निर्णायक भिड़ंत, हारते ही खत्म होगा सफर

नई दिल्ली कोलकाता नाइट राइडर्स और दिल्ली कैपिटल्स रविवार को आईपीएल की मौजूदा सत्र के अंतिम लीग मैच में जब आमने-सामने होगी. इस मैच में दोनों ही टीमों को प्लेऑफ की अपनी धुंधली उम्मीद बरकरार रखने के लिए हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. मौजूदा स्थिति के अनुसार छठे स्थान पर काबिज केकेआर और आठवें स्थान पर चल रही दिल्ली की टीम अगर मगर के समीकरणों से अभी भी प्लेऑफ का अंतिम स्थान हासिल करने की दौड़ में हैं, लेकिन यह भी हो सकता है कि रविवार को मुकाबला शुरू होने से पहले ही यह मैच महज औपचारिकता बन जाए. प्लेऑफ में जगह बनाने की दौड़ में फिलहाल सबसे आगे चल रही पंजाब किंग्स शनिवार को लखनऊ सुपर जायंट्स से भिड़ेगी. अगर पंजाब किंग्स जीत जाती है तो उसके 15 अंक हो जाएंगे. इससे दिल्ली की प्लेऑफ की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो जाएंगी, क्योंकि उसकी टीम अधिकतम 14 अंक ही हासिल कर सकती है. केकेआर के अभी 13 अंक हैं और उसकी टीम दिल्ली पर जीत हासिल करके 15 अंक तक पहुंच सकती है, लेकिन पंजाब के नेट रन-रेट में काफी आगे है. रनरेट के मामले में केकेआर से बहुत आगे है पंजाब किंग्स अगर आंकड़ों की बात करें तो पंजाब अगर लखनऊ को केवल एक रन से भी हरा देता है तो फिर केकेआर को दिल्ली को कम से कम 52 रन से हराना होगा. यही नहीं केकेआर को इससे पहले रविवार को दोपहर में होने वाले मैच में मुंबई इंडियंस की राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जीत के लिए भी प्रार्थना करनी होगी. राजस्थान के अभी 14 अंक हैं और वह इस मैच में जीत हासिल करके 16 अंक के साथ प्लेऑफ में जगह पक्की कर सकता है. दोनों टीम इन समीकरणों पर विचार करने की बजाय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देगी और उन चीजों पर काम करेंगी जो उनके नियंत्रण में हैं. केकेआर को टूर्नामेंट के शुरू में विभिन्न कारणों से अपने प्रमुख तेज गेंदबाजों का सहयोग नहीं मिल पाया था जिसका असर उसके प्रदर्शन पर भी पड़ा. मुस्तफिजुर रहमान, हर्षित राणा, आकाश दीप और मथीशा पथिराना विभिन्न समस्याओं के कारण मैच नहीं खेल पाए, जबकि चोट से वापसी कर रहे कैमरन ग्रीन शुरुआती चरणों में गेंदबाजी नहीं कर सके. लेकिन केकेआर ने शानदार वापसी करते हुए अपने आखिरी सात मैचों में से छह जीतकर खिताब की दौड़ में बने रहने की उम्मीद जगाई. केकेआर की टीम इस मैच में अपने शीर्ष रन-स्कोरर अंगकृष रघुवंशी के बिना खेलेगी, जिन्होंने इस सत्र में पांच अर्धशतकों के साथ 422 रन बनाए हैं. इसके अलावा केकेआर परिस्थितियों के अनुसार अपने स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को अंतिम एकादश में रखने का फैसला करेगा. चक्रवर्ती चोटिल होने के बावजूद खेल रहे हैं. सीजन में अच्छी शुरुआत के बाद लय से भटकी केकेआर दिल्ली कैपिटल्स ने इस सत्र में कुछ महत्वपूर्ण मौके गंवाए जिसका उसे खामियाजा भुगतना पड़ा है. उसकी बल्लेबाजी काफी हद तक केएल राहुल पर निर्भर रही है, जिन्होंने 13 पारियों में 171 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 533 रन बनाए हैं, जिनमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं. डेविड मिलर की वापसी से उसके मध्य क्रम में कुछ स्थिरता आई है, लेकिन दिल्ली की गेंदबाजी में निरंतरता की कमी रही है. उसके कप्तान अक्षर पटेल और साथी स्पिनर कुलदीप यादव कोई खास प्रभाव नहीं डाल पाए हैं. अक्षर ने 32.30 के औसत से 10 विकेट लिए हैं, जबकि कुलदीप 50.28 के औसत से सात विकेट ही ले पाए हैं. टीम इस प्रकार हैं: केकेआर: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, राहुल त्रिपाठी, फिन एलन, तेजस्वी सिंह, टिम सीफर्ट, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, रमनदीप सिंह, कैमरन ग्रीन, सार्थक रंजन, दक्ष कामरा, नवदीप सैनी, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती और प्रशांत सोलंकी. दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, पथुम निसांका, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, अभिषेक पोरेल, समीर रिजवी, नितीश राणा, माधव तिवारी, कुलदीप यादव, विपराज निगम, टी नटराजन, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी, काइल जैमीसन, दुशमंथा चमीरा, औकिब नबी, करुण नायर, आशुतोष शर्मा, साहिल परख, पृथ्वी साव, त्रिपुरा विजय, रेहान अहमद और अजय मंडल. मैच शुरू होने का समय: शाम 7.30 बजे.  

बेनाफ्शा सूनावाला की बिकिनी फोटो वायरल, पसलियां देखकर हैरान रह गए फैंस

मुंबई  रियलिटी शोज का हिस्सा बनने के बावजूद, कई अदाकारा ऐसे हैं, जो आज भी गुमनामी में जी रहे हैं। वह लाइमलाइट बटरोने में असफल साबित हुए। हम बात यहां बेनाफ्शा सूनावाला की कर रहे हैं, जिन्हें आपने 'बिग बॉस सीजन देखा था। इसमें इन्होंने काफी चर्चा बटोरी थी। अपने अतरंगी अंदाज के कारण इन्होंने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा था। और अभी-भी खींच रही हैं। वो बात अलग है कि ये किसी बड़े प्रोजेक्ट को ग्रैब कर पाने में नाकामयाब रहीं। वह अपने दिलकश लुक्स के कारण सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं और आग लगाती रहती हैं। एक्ट्रेस-होस्ट बेनाफ्शा सूनावाला ने अपनी बिकिनी फोटोज से सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। बिकिनी फोटोज में बेनाफ्शा का ट्रांसफॉर्मेशन नजर आ रहा है, जिसे देखकर उनके फैन्स को बड़ा झटका लगा है। फोटोज में बेनाफ्शा फ्रूट मार्केट में खड़ी दिख रही हैं. उनके एक हाथ में अनानास है और दूसरे हाथ में बास्केट।  टैन बॉडी और ओपन हेयर में बेनाफ्शा बिकिनी पहनकर अपना फिगर फ्लॉन्ट करती दिखीं।                 बिकिनी में बेनाफ्शा हद से ज्यादा पतली नजर आईं. टोन्ड फिगर के नाम उनकी पसलियां देखकर लोग दंग रह गए। एक ने यूजर ने लिखा कि ये क्या हाल बना लिया. दूसरे ने लिखा कि पहले कितनी क्यूट दिखती थी अब क्या हो गया। अन्य ने लिखा कि पहले कई लड़कियां ऐसी बॉडी बनाने के चक्कर में जान खो चुकी हैं. कुछ ने लिखा कि प्लीज अपने आप ऐसा जुर्म मत करो। बहुत सारे यूजर्स  बेनाफ्शा सूनावाला की फोटोज को जहर बता रहे हैं. बेनाफ्शा की बात करें तो MTV VJ रह चुकी हैं। उन्हें बिग बॉस 11 में भी देखा गया था. इसके अलावा शोज में भी नजर आ चुकी हैं. बेनाफ्शा, प्रियांक शर्मा और वरुण सूद को डेट कर चुकी हैं. उनके दोनों ही रिश्ते असफल रहे।  बेनाफ्शा सूनावाला इंस्टाग्राम पर एक्टिव रहती हैं। यहां उनके 10 लाख फॉलोवर्स हैं। आए दिन वह अपनी एक से एक ग्लैमरस फोटोज पोस्ट कर तहलका मचाने में कोई कसर नहीं छोड़ती हैं। बिग बॉस की एक्स कंटेस्टेंट हालांकि कई बार आलोचना का भी शिकार होती हैं। वह जिस तरह से पोस्ट्स करती हैं, उसे देखकर लोग उनको ट्रोल करने में पीछे नहीं रहते। प्रोफेशनल से ज्यादा वो पर्सनल लाइफ के कारण खबरों में बनी रहती हैं। प्रियांक शर्मा और बेनाफ्शा का रिश्ता साल 2021 में बेनाफ्शा और प्रियांक शर्मा के ब्रेकअप की खबरें भी आई थीं। पहले दोनों ने अपने रिलेशनशिप को पब्लिक किया था औक बाद में इनके अलग होने की चर्चा होने लगी। कहा जाने लहा कि प्रियांक ने एक्ट्रेस को धोखा दिया है। लेकिन बाद में एक्टर ने बताया था कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। थोड़ा बहुत उतार-चढ़ाव तो हर रिश्ते में देखने को मिलता है। उन्होंने जानकर एक्ट्रेस की फोटोज सोशल मीडिया पर पोस्ट करना बंद कर दिया था। लोगों का ऐसा होता है रिएक्शन बेनाफ्शा पेशे से टीवी पर्सनालिटी और वीडियो जॉकी हैं। इनका जन्म 2 अक्टूबर 1995 को हुआ था। गोवा की रहने वाली ये अदाकारा अक्सर अपनी बिकिनी फोटोज पोस्ट करती हैं। इसे देखने के बाद लोग उन पर तंज कसते हैं। कहते हैं कि कभी पूरे कपड़े भी पहन लिया करो। शक्ल अच्छी बना लिया करो। वहीं, कुछ उनके लुक्स और पतली कमरिया पर दिल-गुर्दा सब लुटा देते हैं। 

IPL 2026 Playoff Scenario: राजस्थान, पंजाब और KKR में चौथे स्थान की जंग तेज

लखनऊ  लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ कप्तान श्रेयस अय्यर के धमाकेदार शतक की बदौलत पंजाब किंग्स ने मुकाबला 7 विकेट से जीत तो लिया है, लेकिन इसके बावजूद उनकी प्लेऑफ की राह पूरी तरह साफ नहीं हुई है। आईपीएल 2026 की अंक तालिका इस समय इतिहास के सबसे रोमांचक मोड़ पर खड़ी है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद 18-18 अंकों के साथ पहले ही प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। अब लड़ाई सिर्फ नंबर-4 के आखिरी पायदान की है, जिसके लिए राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच कांटे की टक्कर है। आइए जानते हैं कि पंजाब किंग्स की इस जीत के बाद प्लेऑफ का गणित किस तरह बदल गया है। पंजाब किंग्स के लिए सबसे दिलचस्प स्थिति, अब दुआओं के भरोसे है टीम लखनऊ को हराने के बाद पंजाब किंग्स के 14 मैचों में 15 अंक हो गए हैं और उनका नेट रन रेट +0.309 है, जो अभी काफी मजबूत है। हालांकि, पंजाब के लीग स्टेज के सभी मैच खत्म हो चुके हैं, जिसका मतलब है कि अब वे खुद मैदान पर कुछ नहीं बदल सकते। पंजाब को प्लेऑफ का टिकट पाने के लिए अब पूरी तरह मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच होने वाले मैच पर निर्भर रहना होगा। यदि मुंबई इंडियंस इस मैच में राजस्थान रॉयल्स को हरा देती है, तब भी पंजाब किंग्स प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाएगी। उन्हें दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच होने वाले मैच का भी इंतजार करना पड़ेगा। राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे सीधा रास्ता प्लेऑफ की इस त्रिकोणीय जंग में राजस्थान रॉयल्स इस समय सबसे सुरक्षित और मजबूत स्थिति में खड़ी है। उनके 13 मैचों में 14 अंक हैं और उन्हें अभी अपना आखिरी मुकाबला रोहित शर्मा की मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेलना है। राजस्थान के लिए समीकरण बिल्कुल साफ है, उन्हें सिर्फ मुंबई को मात देनी है। जीत दर्ज करते ही संजू सैमसन की सेना के 16 अंक हो जाएंगे और वे पंजाब को पीछे छोड़कर शान से प्लेऑफ में एंट्री कर जाएंगे। लेकिन अगर राजस्थान यह मैच हारती है, तो वे 14 अंकों पर ही सिमटकर टूर्नामेंट से बाहर हो जाएंगे। राजस्थान की जीत के कारण कोलकाता नाइट राइडर्स का भी सफर खत्म हो जागए। जीतकर भी प्लेऑफ में नहीं पहुंच सकी पंजाब किंग्स, कहीं बेकार ना जाए श्रेयस अय्यर का शतक कोलकाता नाइट राइडर्स के पास भी मौका श्रेयस अय्यर की कप्तानी पारी ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए भी रास्ता बेहद कठिन कर दिया है। केकेआर के अभी 13 मैचों में 13 अंक हैं और उनका एक मैच दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ बाकी है। केकेआर को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए सबसे पहले दिल्ली को हराना होगा ताकि उनके 15 अंक हो सकें। इतना ही नहीं, अगर राजस्थान हारती है और केकेआर जीतती है, तो पंजाब और केकेआर दोनों के 15-15 अंक होंगे। ऐसी स्थिति में केकेआर को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक जीत दर्ज करनी होगी, ताकि वे पंजाब के मजबूत नेट रन रेट (+0.309) को पीछे छोड़ सकें, क्योंकि वर्तमान में केकेआर का नेट रन रेट (+0.011) काफी कम है। आईपीएल इतिहास का सबसे रोमांचक मोड़, रविवार को होगा अंतिम फैसला पंजाब किंग्स ने लखनऊ की धरती पर अपना काम बखूबी तमाम कर दिया है और अब उनकी नजरें रविवार को वानखेड़े में होने वाले महामुकाबले पर टिकी हैं। पंजाब के फैंस अब मुंबई इंडियंस की जीत की मन्नतें मांग रहे होंगे, जबकि राजस्थान रॉयल्स की किस्मत पूरी तरह उनके अपने हाथों में है। आईपीएल 2026 की टॉप-3 टीमें तय होने के बाद अब चौथे स्थान का सस्पेंस रविवार को पूरी तरह खत्म हो जाएगा।  

UK से पंजाबियों का मोहभंग, महंगाई-वीजा सख्ती ने विदेश जाने का क्रेज किया कम

चंडीगढ़  पंजाब के युवाओं के लिए कभी ब्रिटेन जाना सबसे बड़ा सपना माना जाता था लेकिन हाल ही में जारी रिपोर्ट ने इस ख्वाहिश को झटका दिया है। ब्रिटेन के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की लंदन रिपोर्ट के अनुसार जून 2025 तक एक वर्ष में रिकॉर्ड 74,000 भारतीय ब्रिटेन छोड़कर चले गए। इसमें 51,000 छात्र, 21,000 कामगार और 3,000 अन्य शामिल हैं। यूके के रहने वाले तिरपाल सिंह के मुताबिक ब्रिटेन सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में आव्रजन नियम बेहद सख्त कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए अपने परिवार को साथ ले जाना कठिन बना दिया गया है। न्यूनतम वेतन सीमा बढ़ा दी गई है, जिससे नौकरी पाना मुश्किल हो गया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी न मिलने पर युवाओं को वापस लौटना पड़ रहा है। स्थायी निवास की अवधि बढ़ाने की चर्चाओं ने भी प्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है। यूके की रहने वाली पंजाबी मूल की बलजिंदर कौर का कहना है कि महंगाई ने हालात और खराब कर दिए हैं। घरों का किराया, बिजली, गैस, यात्रा और रोजमर्रा के खर्च इतने बढ़ चुके हैं कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए वहां टिक पाना कठिन होता जा रहा है।  रिपोर्ट के बावजूद ब्रिटेन में पंजाबी समुदाय की पहचान मजबूत बनी हुई है। लंदन, बर्मिंघम, वॉल्वरहैम्प्टन और ब्रैडफोर्ड जैसे क्षेत्रों में पंजाबी संस्कृति और भाषाई पहचान कायम है। ब्रिटिश संसद में पंजाबी मूल के सांसदों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आम युवाओं के बीच कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और यूरोप के अन्य देशों की ओर रुझान बढ़ता जा रहा है। पुराने प्रवासी भी अपने देश और मिट्टी की ओर लौटने लगे हैं। अब पंजाब के गांवों में ब्रिटेन का पासपोर्ट कभी जैसी प्रतिष्ठा नहीं रखता और विदेश की ख्वाहिश पहले जैसी सुनहरी नहीं रही। 

धोनी के नए रोल की चर्चा तेज, रविचंद्रन अश्विन के बयान ने बढ़ाई अटकलें

चेन्नई  IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) के मौजूदा सीजन में खराब प्रदर्शन के बाद चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में बड़े बदलावों की चर्चा तेज हो गई है. इसी बीच टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के एक बयान ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है. अश्विन ने इशारों-इशारों में ऐसा संकेत दिया है, जिसके बाद फैन्स अब महेंद्र सिंह धोनी को चेन्नई सुपर किंग्स का अगला हेड कोच मानने लगे हैं।  आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल उलट रहा. ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में टीम 14 मैचों में सिर्फ 6 जीत हासिल कर पाई और प्लेऑफ की रेस से बाहर हो गई. लगातार हार और कमजोर प्रदर्शन के बाद अब सबसे ज्यादा सवाल हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग पर उठ रहे हैं. हाल ही में फ्लेमिंग ने भी अपने भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया था. उन्होंने साफ कहा था कि क्रिकेट में कोच का भविष्य हमेशा रिजल्ट तय करते हैं और आगे क्या होगा, इसका फैसला टीम मैनेजमेंट करेगा।  इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक फैन ने मजाक करते हुए लिखा कि अगर सीएसके नया कोच ढूंढ रही है, तो अश्विन को यह जिम्मेदारी नहीं देनी चाहिए क्योंकि वह मैच से पहले ही अपने यूट्यूब चैनल पर प्लेइंग इलेवन बता देंगे.  अश्विन ने भी अपने खास अंदाज में जवाब देते हुए लिखा, 'मैं पूरी तरह सहमत हूं. मैं प्लेइंग इलेवन ही नहीं, बल्कि विपक्षी टीम को हमारी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की पूरी प्लानिंग भी बता दूंगा।  रविचंद्रन अश्विन ने आगे मजाकिया अंदाज में कहा कि ऐसा करने पर एंटी करप्शन यूनिट उन्हें पकड़ लेगी और इससे उनकी खुद की असफलता भी तय हो जाएगी. लेकिन इसके बाद अश्विन ने जो लिखा, उसने इंटरनेट पर सनसनी मचा दी. उन्होंने कहा, 'जब MSD (महेंद्र सिंह धोनी) हैं, तो फिर किसी और को ढूंढने की जरूरत ही क्या है?' बस फिर क्या था… सोशल मीडिया पर फैन्स ने तुरंत चर्चा शुरू कर दी कि क्या भविष्य में एमएस धोनी चेन्नई सुपर किंग्स के हेड कोच बन सकते हैं? एमएस धोनी आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेल पाए. शुरुआत में वह पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव से जूझ रहे थे और वापसी की तैयारी के दौरान अंगूठे की चोट ने उन्हें पूरे सीजन से दूर कर दिया. हालांकि मैदान से बाहर रहने के बावजूद वह टीम सेटअप का अहम हिस्सा बने रहे।  एमएस धोनी को क्रिकेट का सबसे बड़ा मास्टरमाइंड माना जाता है. मैच की स्थिति को पढ़ने की क्षमता, दबाव में शांत रहना और बड़े फैसले लेने की कला उन्हें एक आदर्श कोच बनाती है. सीएसके की संस्कृति, टीम मैनेजमेंट और खिलाड़ियों के साथ उनका रिश्ता भी बेहद मजबूत है। 

आतंकियों की जमानत पर गरमाई बहस, सरकार ने SC में कसाब और हाफिज सईद का किया जिक्र

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में इन दिनों आतंकवाद निरोधी कानून 'UAPA' के तहत जमानत के नियमों को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ी हुई है। केंद्र सरकार ने कोर्ट में एक बेहद कड़ा सवाल उठाया है- 'क्या ट्रायल में देरी के आधार पर अजमल कसाब या हाफिज सईद जैसे खूंखार आतंकियों को भी जमानत दी जा सकती है?' इस मामले का सीधा असर भारत की न्याय प्रणाली और जेलों में बंद उन सैकड़ों विचाराधीन कैदियों पर पड़ेगा, जो सालों से UAPA के तहत बिना सजा के जेल काट रहे हैं। यह बहस राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच एक नई लकीर खींचेगी। क्या है पूरा मामला और केंद्र की दलील? सुप्रीम कोर्ट की दो अलग-अलग बेंचों ने UAPA आरोपियों की जमानत को लेकर विपरीत राय दी है। हाल ही में एक बेंच ने कहा था कि मुकदमे (Trial) में लंबी देरी होने पर आरोपियों को जमानत मिलनी चाहिए। इसी निष्कर्ष पर आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एसवी राजू ने कोर्ट में कड़ा तर्क दिया। उन्होंने कहा कि ट्रायल में देरी के आधार पर सभी को एक ही चश्मे से नहीं देखा जा सकता। "अजमल कसाब के मामले में बड़ी संख्या में गवाह थे, जिससे ट्रायल में देरी हुई। तो क्या आप उसे सिर्फ देरी के आधार पर जमानत दे देंगे? अगर हाफिज सईद को पाकिस्तान से लाया जाए और सबूत जुटाने के कारण ट्रायल में 5 साल लग जाएं, तो क्या उसे भी जमानत मिल जाएगी?" – एसवी राजू, ASG (सुप्रीम कोर्ट में) अपराध की गंभीरता और भूमिका है अहम ASG राजू ने जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच के सामने स्पष्ट किया कि जमानत देते समय अपराध की गंभीरता और उसमें आरोपी की भूमिका को जरूर देखा जाना चाहिए। उन्होंने 2020 के दिल्ली दंगा मामले का उदाहरण दिया। कोर्ट ने इस मामले में 5 आरोपियों को जमानत दी थी, लेकिन उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे आरोपियों को उनकी गंभीर भूमिका के चलते राहत नहीं दी थी। इसे महज एक गणितीय फॉर्मूले की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट की दो बेंचों में मतभेद UAPA के तहत जमानत के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की ही दो बेंचों के फैसले आपस में टकरा रहे हैं। इसी वजह से यह विवाद इतना गहरा गया है। इसे समझने के लिए नीचे दी गई टेबल देखें: बेंच (जज) मामला मुख्य टिप्पणी जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्ज्वल भुइयां सैयद इफ्तिखार अंद्राबी केस (मई 2026) ट्रायल में लंबी देरी और जेल में लंबा समय बिताना जमानत का मजबूत आधार है। 'जेल अपवाद है, बेल नियम है' का सिद्धांत यहां भी लागू होता है। जस्टिस अरविंद कुमार और पीबी वराले दिल्ली दंगा केस / उमर खालिद (जनवरी 2026) केवल लंबी कैद को जमानत का 'गणितीय फॉर्मूला' नहीं बनाया जा सकता। आरोपी की भूमिका और अपराध की गंभीरता देखना अनिवार्य है। अब 'बड़ी बेंच' करेगी इस विवाद का फैसला  इस मतभेद को हमेशा के लिए सुलझाने के लिए जस्टिस अरविंद कुमार और पीबी वराले की बेंच ने 22 मई 2026 को इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की एक 'बड़ी बेंच' के पास भेज दिया है। अब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) इस कानूनी सवाल के लिए एक नई बेंच का गठन करेंगे। हालांकि, इस बीच कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों के दो अन्य आरोपियों (तस्लीम अहमद और खालिद सैफी) को मामले के निपटारे तक 6 महीने की अंतरिम जमानत दे दी है।  UAPA मामलों की टाइमलाइन इस कानूनी विवाद की जड़ें पिछले कुछ सालों के बड़े फैसलों से जुड़ी हैं। 2021 (केए नजीब केस): सुप्रीम कोर्ट की 3 जजों की बेंच ने ऐतिहासिक फैसला दिया था। इसमें माना गया कि अगर ट्रायल में बहुत ज्यादा देरी हो रही है, तो मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 21) के तहत UAPA में भी जमानत दी जा सकती है। जनवरी 2026: दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका इसी आधार पर खारिज हुई कि उनका अपराध गंभीर था और केवल समय बीतने पर जमानत नहीं मिल सकती। मई 2026 (अंद्राबी केस): दूसरी बेंच ने कहा कि ट्रायल में देरी होने पर जमानत मिलनी ही चाहिए, जिससे यह मौजूदा विरोधाभास पैदा हुआ। 22 मई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के इस अहम मामले को अंतिम और स्पष्ट फैसले के लिए 'लार्जर बेंच' के पास रेफर कर दिया।