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राज्यसभा में बड़ा बदलाव: राघव चड्ढा बने पिटीशन्स कमेटी के चेयरमैन

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. राज्यसभा की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभापति ने 20 मई से प्रभावी रूप से याचिका समिति का पुनर्गठन किया है. इसके तहत सदन के 10 सदस्यों को पैनल में नामित किया गया है. इसमें लिखा है, "राघव चड्ढा को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है." राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के अलावा याचिका समिति में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, र्वंग्रा नारजरी और संतोष कुमार पी. को सदस्य बनाया गया है. इसी के साथ राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी एक अन्य अधिसूचना में कहा गया कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को 'कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026' पर बनी संयुक्त समिति का सदस्य नामित किया है. वहीं लोकसभा सचिवालय की अलग अधिसूचना में कहा गया कि लोकसभा अध्यक्ष ने 21 मई से प्रभावी रूप से अरविंद गणपत सावंत को 'कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक' पर बनी संयुक्त समिति के लिए नामित किया है. गौरतलब है कि राघव चड्ढा दो तिहाई ज्यादा AAP के राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे. उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल सहित कई नेता शामिल रहे. उस वक्त राघव चड्ढा ने कहा था, 'पिछले कुछ वर्षों से मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं. हमने यह फैसला किया है कि हम संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे.'' उन्होंने कहा था कि जिस आम आदमी पार्टी को खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वो अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है. अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करती है.

गर्मियों के लिए परफेक्ट तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता, स्वाद और सेहत दोनों में बेहतरीन

 गर्मियों के मौसम में जब तेज धूप और लू से शरीर बेहाल होने लगता है. तब दोपहर के खाने में ठंडी-ठंडी चीजें पेट को सुकून देती हैं. ऐसे में प्याज-टमाटर के तड़के वाला रायता एक ऐसा परफेक्ट ऑप्शन है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद दोगुना करता है बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. गर्मियों में इस रायते को खाने के कई बेमिसाल फायदे हैं. दही में भरपूर मात्रा में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो चिलचिलाती गर्मी में आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं. वहीं, इसमें मौजूद प्याज शरीर को लू से बचाने का काम करती है और टमाटर बॉडी को हाइड्रेट रखकर जरूरी विटामिन्स देता है. जब इस कॉम्बिनेशन में राई, कढ़ी पत्ते और सूखी लाल मिर्च का देसी तड़का लगता है, तो इसकी तासीर और पाचक गुण दोनों और बढ़ जाते हैं. यह रायता गर्मियों में छाछ और सादे रायते से बोर हो चुके लोगों के लिए एक रिफ्रेशिंग और लजीज चॉइस है. तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता रेसिपी सामग्री: ताजा दही: 2 कप (अच्छे से फेंटा हुआ) प्याज: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ) टमाटर: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ, बीज निकाले हुए) हरी मिर्च: 1 (बारीक कटी हुई) हरा धनिया: बारीक कटा हुआ काला नमक व सादा नमक: स्वादानुसार भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच चाट मसाला: 1/4 छोटा चम्मच तड़के के लिए: तेल या घी: 1 छोटा चम्मच राई- 1/2 छोटा चम्मच कढ़ी पत्ता: 5-6 साबुत सूखी लाल मिर्च: 1 बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन में फेंटे हुए दही को लें. इसमें कटा हुआ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें काला नमक, सादा नमक, भुना जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर मिक्स करें. तड़का पैन में 1 चम्मच तेल या घी गर्म करें. गर्म होने पर राई चटकाएं, फिर कढ़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें. इस गरमा-गरम तड़के को तुरंत दही के मिक्चर के ऊपर डालें और ढक दें ताकि तड़के की खुशबू रायते में समा जाए. आपका टेस्टी तड़का रायता तैयार है, इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें.

18 जून 2026 से गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए शुरू होगा ‘गोल्डन टाइम’

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ-साथ उनके नक्षत्र परिवर्तन को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. जून 2026 का महीना ग्रहों की स्थिति के लिहाज से बहुत खास रहने वाला है. देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) जून की शुरुआत में अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं. इसके बाद अब 18 जून 2026 को गुरु एक और बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं. 18 जून को देवगुरु बृहस्पति शनिदेव के प्रिय नक्षत्र 'पुष्य' (Pushya Nakshatra) में प्रवेश करेंगे. पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना जाता है और इसे बेहद शुभ व कल्याणकारी माना गया है. जब ज्ञान और भाग्य के कारक गुरु, इस शुभ नक्षत्र में गोचर करेंगे, तो इसका सकारात्मक असर कई राशियों पर देखने को मिलेगा. विशेषकर 4 राशियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा. आइए जानते हैं कि 18 जून से किन राशियों का 'गोल्डन टाइम' शुरू होने जा रहा है: 1. कर्क राशि (Cancer): मान-सम्मान और तरक्की गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन कर्क राशि के जातकों के लिए सबसे ज्यादा फलदायी रहने वाला है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे उनके पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. सीनियर अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा. इस अवधि में आपकी निर्णय लेने की क्षमता बहुत मजबूत होगी. व्यापार में किए गए नए समझौते भविष्य में बड़ा मुनाफा देंगे. काफी समय से चल रहा मानसिक तनाव दूर होगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. 2. कन्या राशि (Virgo): धन लाभ और नए अवसर कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी सिद्ध होगा. यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था, तो वह इस दौरान वापस मिल सकता है. आय के नए स्रोत बनेंगे जिससे बैंक बैलेंस बढ़ेगा. शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी में पहले किए गए निवेश का इस समय दोगुना फायदा मिल सकता है. जो छात्र या पेशेवर विदेश जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें 18 जून के बाद कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. 3. धनु राशि (Sagittarius): भाग्य का साथ और बिजनेस में विस्तार धनु राशि के स्वामी खुद देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए गुरु का यह शुभ गोचर आपके लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. जो लोग खुद का बिजनेस चला रहे हैं, उन्हें नए ऑर्डर्स और क्लाइंट्स मिलेंगे. बिजनेस ट्रिप्स बहुत सफल रहेंगी. कार्यस्थल पर चल रहा वाद-विवाद खत्म होगा. आपकी कार्यशैली की तारीफ होगी और प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे. अगर आपके सिर पर कोई पुराना कर्ज था, तो उसे चुकाने में आप सफल रहेंगे. 4. मीन राशि (Pisces): पारिवारिक सुख और खुशहाली मीन राशि के जातकों के लिए 18 जून के बाद का समय पारिवारिक जीवन में मिठास और मानसिक संतुष्टि लेकर आएगा. परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे मतभेद समाप्त होंगे और आपसी प्रेम बढ़ेगा. घर में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है. जो लोग सिंगल हैं और विवाह योग्य हैं, उनके लिए अच्छे रिश्ते आ सकते हैं. शादीशुदा जातकों के रिश्तों में मजबूती आएगी. भाग्य का पूरा सहयोग मिलने से आपके जो काम पिछले कई महीनों से लटके हुए थे, वे बिना किसी बाधा के पूरे हो जाएंगे. शुभ फलों को बढ़ाने के उपाय 18 जून से शुरू हो रहे इस शुभ समय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जातकों को हर गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और केले के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए. साथ ही माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाना बेहद शुभ रहेगा.

यूपी में वन्यजीव संकट: बाग के तार बने जानलेवा, तेंदुए की मौत से मचा हड़कंप

 लखनऊ यूपी के बलरामपुर के सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत बनकटवा रेंज क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों को भी झकझोर कर रख दिया। तुलसीपुर–सिरसिया मार्ग पर स्थित चौधरीडीह गांव के दक्षिण जंगल से भटककर निकली करीब तीन वर्ष की एक मादा तेंदुआ आम के बाग में लगाए गए तार में फंस गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। रविवार सुबह करीब आठ बजे गांव के बाहर स्थित आम के बाग में रखवाली कर रहे लोगों ने एक तेंदुए को छटपटाते हुए देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि मादा तेंदुए की गर्दन बाग में लगे लोहे के तार में बुरी तरह फंस गई थी। तेंदुआ काफी देर तक खुद को छुड़ाने का प्रयास करता रहा, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। लगातार संघर्ष और दम घुटने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को जानकारी दी। सूचना पाकर बनकटवा रेंज के रेंजर शत्रुघ्न लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग की टीम ने मृत तेंदुए को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से जंगल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है। खेतों और बागों में सुरक्षा के लिए लगाए गए तार वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। इस संबंध में उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) मनोज कुमार ने बताया कि मादा तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की पैनल टीम द्वारा बनकटवा रेंज में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला तार में फंसने से मौत का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। वन विभाग की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं वन्यजीव प्रेमियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए जंगल से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। तेंदुआ घुसने से गांव में दहशत उधर, बहराइच वन्यजीव प्रभाग के चकिया वन रेंज अंतर्गत मौजीपुरवा गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेंदुआ अचानक ग्रामीण के घर में घुस गया। तेंदुए के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुट गई। सुबह करीब 7 बजे मौजीपुरवा गांव निवासी मोहम्मद अहमद के घर में अचानक जंगल से भटककर एक तेंदुआ घुस आया। घर के लोगों ने तेंदुए को देखते ही शोर मचाया और किसी तरह जान बचाकर बाहर भागे। शोर सुनकर आसपास के काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ती देख तेंदुआ घर के अंदर बने एक कमरे में घुसकर छिप गया। इस दौरान तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश के बीच वह अचानक उग्र हो गया और उसने गांव निवासी नसीम, फजलू रहमान तथा जुबेर पर हमला कर पंजा मार दिया, जिससे तीनों घायल हो गए। घायलों का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया।

बालकनी में वाशिंग मशीन रखना सही या गलत? जानें वास्तु शास्त्र के नियम

फ्लैट कल्चर के इस दौर में, खासकर दिल्ली-NCR और नोएडा जैसे शहरों में, जगह की कमी की वजह से ज्यादातर लोग वाशिंग मशीन को बालकनी में ही रखते हैं.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार बालकनी में वाशिंग मशीन रखना सही है या गलत? आपकी यह एक छोटी सी आदत घर की सुख-शांति और आर्थिक हालात पर बड़ा असर डाल सकती है. आइए जानते हैं कि बालकनी में वाशिंग मशीन रखने को लेकर वास्तु के नियम क्या कहते हैं और नुकसान से बचने के लिए आपको कौन से तरीके अपना सकते हैं. बालकनी में वाशिंग मशीन: सही या गलत? वास्तु शास्त्र के अनुसार, बालकनी में वाशिंग मशीन रखना पूरी तरह से गलत नहीं है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बालकनी किस दिशा में है. वाशिंग मशीन में दो मुख्य तत्व होते हैं- जल (Water) और अग्नि/बिजली (Motion & Electricity). इसके अलावा, इसमें कपड़ों की गंदगी साफ होती है और भारी घूर्णन (Churning) होता है.  इसलिए, गलत दिशा की बालकनी में इसे रखने से घर का एनर्जी बैलेंस बिगड़ सकता है. दिशाओं का खेल 1. उत्तर या पूर्व दिशा की बालकनी (North or East Balcony) इस दिशा में वाशिंग मशीन रखने की मनाही है. उत्तर और पूर्व दिशा को घर का सबसे पवित्र कोना माना जाता है. यहां से घर में सकारात्मक ऊर्जा और सूर्य की रोशनी प्रवेश करती है. नुकसान: अगर इस दिशा की बालकनी में वाशिंग मशीन रखकर कपड़े धोए जाते हैं, तो गंदा पानी और मशीन की आवाज सकारात्मक ऊर्जा को रोक देती है. इससे घर के मुखिया के मान-सम्मान में कमी आ सकती है, इससे पैसों का नुकसान होता है . 2. उत्तर-पश्चिम दिशा की बालकनी (North-West Balcony)  वास्तु के अनुसार, यदि आपकी बालकनी उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) में है, तो वाशिंग मशीन रखने के लिए यह सबसे सही जगह है.  यह वायव्य कोण हवा की दिशा है, जो कपड़ों को सुखाने और पुरानी, अनचाही ऊर्जा को बाहर निकालने (Elimination) का प्रतीक है. 3. दक्षिण या पश्चिम दिशा की बालकनी (South or West Balcony)  इस दिशा की बालकनी में मशीन रखी जा सकती है, क्योंकि यह दिशाएं भारी सामान रखने के लिए अनुकूल मानी जाती हैं.  बस ध्यान रखें कि मशीन को बालकनी के बिल्कुल बीच में न रखकर किसी कोने में व्यवस्थित करें. बालकनी में मशीन रखने वाले ध्यान रखें ये 4 जरूरी बातें यदि आपके फ्लैट में उत्तर-पश्चिम की बालकनी नहीं है और मजबूरी में आपको किसी और दिशा में मशीन रखनी पड़ रही है, तो इन वास्तु उपायों को अपनाकर आप दोष कम कर सकते हैं: मशीन को हमेशा ढककर रखें: जब वाशिंग मशीन का इस्तेमाल न हो रहा हो, तो उस पर एक अच्छे फैब्रिक का कवर डालकर रखें. खुला रखने से यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है. गंदे पानी की निकासी (Drainage System): वाशिंग मशीन का सर्फ वाला गंदा पानी कभी भी बालकनी में फैलना नहीं चाहिए.  ड्रेनेज पाइप सीधे नाली में फिक्स होना चाहिए ताकि गंदगी तुरंत बाहर निकल जाए. कलर चॉइस: बालकनी में रखी मशीन के लिए हल्के रंग (जैसे सफेद, ऑफ-व्हाइट या लाइट ग्रे) के कवर का इस्तेमाल करें.  गहरे लाल या काले रंग के कवर से बचें.  वाशिंग मशीन के पास भूलकर भी नहीं रखना चाहिए: 1. झाड़ू और पोछा (Broom and Mop)  झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और इसे हमेशा छिपाकर या शांत जगह पर रखा जाता है.  वाशिंग मशीन के पास लगातार पानी का बहाव, शोर और गति होती है. असर: इसके पास झाड़ू या पोछा रखने से घर की आर्थिक स्थिति डांवाडोल होती है, धन की हानि होती है और बैंक अकाउंट खाली होने लगता है. 2. डस्टबिन या कूड़ेदान (Dustbin) वाशिंग मशीन खुद कपड़ों की गंदगी साफ करने का काम करती है.  अगर इसके ठीक पास आप कचरा या डस्टबिन भी रख देंगे, तो उस पूरे हिस्से में राहु और केतु का नकारात्मक प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा. असर: इससे घर के सदस्यों में मानसिक तनाव, सिरदर्द और बेवजह के खर्चे बढ़ते हैं, जिससे सेविंग्स खत्म होने लगती हैं. 3. दवाइयां (Medicines)  कई लोग बालकनी या वाश-एरिया के पास छोटी अलमारी में दवाइयां रख देते हैं.  वाशिंग मशीन के पास भारी वाइब्रेशन (कंपन) और राहु तत्व (गंदगी साफ करने की प्रक्रिया) होता है. असर: मशीन के पास रखी दवाइयां घर में बीमारियों को बढ़ाती हैं.  ऐसा करने से दवाइयों का असर कम होता है और मेडिकल के खर्चे अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं. 4. नमक या अचार (Salt or Pickles) नमक और अचार का संबंध सीधे तौर पर राहु और शनि से होता है. वाशिंग मशीन के आसपास की नमी और चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) इनके प्रभाव को दूषित कर देते हैं. असर: इससे घर में क्लेश, रिश्तों में खटास और व्यापार या नौकरी में पैसों का भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है.

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, ट्रंप बोले- ‘50-50 है स्थिति’, कूटनीति या युद्ध तय होगा जल्द

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ जारी तनाव पर वे किसी बड़े फैसले के करीब हैं। अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं और रविवार तक यह तय कर लेंगे कि बातचीत को आगे बढ़ाना है या सैन्य कार्रवाई करनी है। ट्रंप ने कहा कि स्थिति 50-50 पर है। या तो वे एक अच्छा समझौता कर लेंगे या फिर उन्हें पूरी तरह नष्ट कर देंगे। सीबीएस के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक समझौते के बहुत करीब पहुंच रहे हैं, जो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकेगा और उनके संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित रूप से संभालने की गारंटी देगा। वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल राष्ट्रपति ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, यूएई, मिस्र, तुर्की और पाकिस्तान के नेताओं के साथ फोन पर बात करने की योजना बनाई है। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया कि ईरान वार्ता पर जल्द ही कोई खबर आ सकती है। दूसरी ओर, ईरान ने भी एक 14-सूत्रीय समझौते के ढांचे को अंतिम रूप देने की बात कही है और अमेरिका के साथ संबंधों में सुधार की दिशा में संकेत दिए हैं, हालांकि अभी भी कुछ बिंदुओं पर मतभेद बरकरार हैं। भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा FDI स्रोत बना अमेरिका वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, अमेरिका भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने मॉरीशस को पीछे छोड़ दिया है, जबकि सिंगापुर अभी भी भारत में निवेश करने वाला शीर्ष देश बना हुआ है। 2025-26 में अमेरिका से भारत में इक्विटी निवेश दोगुना होकर 11 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है। निवेश का रुख अब बदल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर का क्षेत्र निवेश के मामले में सबसे आगे रहा, जिसने सेवा क्षेत्र को पीछे छोड़ दिया है। डेटा सेंटर्स में हो रहे भारी निवेश को इसका एक मुख्य कारण माना जा रहा है।

सिक्किम हाईकोर्ट की जज मिनाक्षी एम. राय को पटना हाईकोर्ट की कमान

पटना पटना हाईकोर्ट को जल्द ही नया मुख्य न्यायाधीश मिलने वाला है।। मिनाक्षी एम राय पटना उच्च न्यायालय की नई चीफ जस्टिस होंगी। सिक्किम हाईकोर्ट की जज रह चुकीं मिनाक्षी एम राय पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश बन जाएंगी। सिक्किम के पूर्व गृह सचिव के घर 12 जुलाई 1964 को जन्मी मीनाक्षी एम राय ने वर्ष 1980 में दसवीं पास कर इंटर में दाखिला ली थी। मार्च 1983 में बारहवी पास कर उन्होंने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से राजनीति शास्त्र से स्नातक की थी। उसके बाद दिल्ली के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की डिग्री लेकर मिनाक्षी ने खुद को दिल्ली बार काउंसिल में वकालत करने के लिए इनरोलमेंट कराया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट एंव सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की थी। 11 दिसम्बर1990 को सिक्किम में बतौर न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर बहाल हुई थीं। 15 अप्रैल 2015 को सिक्किम हाई कोर्ट में पहली महिला जज के रूप में नियुक्त हुई थीं। बताया जा रहा है कि मिनाक्षी मदन राय के पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने पर सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सिक्किम के लोगों के लिए गौरव भरा पल है। अपने बयान में सिक्किम के मुख्यमंत्री ने कहा कि मिनाक्षी एम राय का पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में चुने जाने एक ऐतिहासिक क्षण है। वो सिक्किम से पहली महिला जज हैं तो इतने उच्च पद पर आसीन हुई हैं। मुख्यमंत्री ने न्यायिक प्रक्रिया में मिनाक्षी एम राय के योगदान को सराहनीय और अतुल्नीय बताया है। सीएम ने सिक्किम की जनता और सरकार की तरफ से मिनाक्षी एम राय को बधाई दी है। सीएम ने कहा कि मिनाक्षी एम राय के द्वारा न्यायिक प्रक्रिया में दिए गए योगदान को सिक्किम तथा देश के लोग याद रखेंगे। मिनाक्षी एम राय के आत्मविश्वास की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्किम में हाईकोर्ट के जज के तौर पर मिनाक्षी एम राय ने जिस तरह से निष्पक्षता से अपने न्यायिक दायित्वों को निभाया उसका लाभ अब पटना हाईकोर्ट को भी मिलेगा।

गंगा दशहरा 2026: 25 मई को मनाया जाएगा पावन पर्व, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

सनातन धर्म में मां गंगा को मोक्षदायिनी और पावन नदी माना गया है.  हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को गंगा दशहरा का त्योहार बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन दिन मां गंगा स्वर्ग से उतरकर पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. इस साल 2026 में गंगा दशहरा की सही तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. आइए जानते हैं गंगा दशहरा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में. कब है गंगा दशहरा 2026? इस साल ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि की शुरुआत 25 मई 2026 को सुबह 04 बजकर 30 मिनट पर हो रही है.  वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 26 मई 2026 को सुबह 05 बजकर 10 मिनट पर होगा. शास्त्रों के अनुसार, उदया तिथि और 25 मई को पूरे दिन रवि योग होने के कारण गंगा दशहरा का महापर्व 25 मई 2026 (सोमवार) को ही मनाया जाएगा. गंगा स्नान और पूजा के शुभ मुहूर्त गंगा दशहरा पर पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है.  इस दिन के विशेष शुभ मुहूर्त कुछ इस तरह हैं. ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:04 बजे से 04:45 बजे तक (स्नान के लिए सर्वोत्तम) प्रातः सन्ध्या मुहूर्त: सुबह 04:24 बजे से 05:26 बजे तक हस्त नक्षत्र का प्रारंभ: 26 मई को सुबह 04:08 बजे से रवि योग: 25 मई को पूरे दिन रहेगा. क्यों मनाया जाता है यह पर्व? धार्मिक कथाओं के अनुसार, धरती पर अवतरित होने से पहले मां गंगा ब्रह्मा जी के कमंडल में निवास करती थीं. राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उद्धार के लिए वर्षों तक कठिन तपस्या की. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा ने पृथ्वी पर आना स्वीकार किया. राजा भगीरथ के भगीरथ प्रयासों के कारण ही इस पावन दिन को गंगा दशहरा या भगीरथी जयंती के रूप में भी जाना जाता है. दस प्रकार के पापों से मिलती है मुक्ति दशहरा शब्द का अर्थ है दस पापों को हरने वाला.  माना जाता है कि गंगा दशहरा के दिन गंगा नदी में डुबकी लगाने से मनुष्य के 10 प्रकार के पाप (3 कायिक यानी शारीरिक, 4 वाचिक यानी वाणी के और 3 मानसिक पाप) पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं. यदि आप गंगा नदी नहीं जा सकते, तो घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. गंगा दशहरा पूजा विधि और दान का महत्व इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और मां गंगा का ध्यान करते हुए 'ॐ नमः शिवायै नारायण्यै दशहरायै गंगायै नमः' मंत्र का जाप करें.  इसके बाद मां गंगा को धूप, दीप, फूल और नैवेद्य अर्पित करें. गंगा दशहरा के दिन दान करने का विशेष महत्व है.  इस दिन राहगीरों को ठंडा पानी या शरबत पिलाना, सत्तू, मटका (घड़ा), पंखा, कपड़े और अन्न का दान करना अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है.

जुलाई 2026 में शुक्र-केतु युति का प्रभाव, कई राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण समय की आशंका

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन और उनकी युति का मानव जीवन पर गहरा असर पड़ता है.जुलाई 2026 में एक ऐसा ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील संयोग बनने जा रहा है. वैभव, सुख-संपदा और प्रेम के कारक ग्रह शुक्र 4 जुलाई 2026 को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे.सिंह राशि में रहस्यमयी और छाया ग्रह केतु पहले से ही विराजमान हैं.ऐसे में सिंह राशि में शुक्र और केतु की बेहद करीबी युति (मिलन) होने जा रही है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शुक्र और केतु का यह मिलाप कुछ राशि के जातकों के लिए उतार-चढ़ाव और बड़ी चुनौतियां लेकर आ सकता है.आइए जानते हैं कि इस अवधि में किन राशियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है. शुक्र-केतु युति का जीवन पर प्रभाव ज्योतिषियों के अनुसार, शुक्र जहां भौतिक सुखों और प्रेम का प्रतीक है, वहीं केतु वैराग्य और भ्रम का कारक है.जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो जातक के निजी रिश्तों और भावनाओं में अचानक भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है.इस दौरान आर्थिक मामलों में जोखिम बढ़ जाता है और पारिवारिक मोर्चे पर अनपेक्षित तनाव का सामना करना पड़ सकता है. वृषभ राशि: वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र और केतु की यह युति काफी कष्टकारी साबित हो सकती है.इस अवधि में आपके प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ेगा.फिजूलखर्ची बढ़ने के कारण आपकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है.कार्यक्षेत्र में भी अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किलें आ सकती हैं, इसलिए संयम से काम लें. सिंह राशि चूंकि यह युति सिंह राशि में ही बनने जा रही है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा.इस दौरान आपके स्वभाव में अचानक चिड़चिड़ापन या भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं.व्यक्तिगत संबंधों में गलतफहमियां बढ़ने की आशंका है.स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें,  कोई भी बड़ा वित्तीय निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह जरूर लें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर काल मिश्रित परिणाम लेकर आएगा, लेकिन कुछ मामलों में आपको बेहद संभलकर रहने की जरूरत है.नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस की राजनीति या वाद-विवाद से दूरी बनाकर रखनी होगी.पारिवारिक संपत्तियों या पैतृक मामलों को लेकर घर में कलह की स्थिति बन सकती है.वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा करीबी दोस्तों या रिश्तेदारों से संबंध खराब हो सकते हैं.

भाजपा की नई प्रदेश टीम लगभग तैयार, क्षेत्रीय अध्यक्षों को लेकर सबसे ज्यादा कश्मकश

 लखनऊ उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम का खाका लगभग तैयार हो चुका है। दिल्ली में इसे अंतिम रूप देने की कवायद बीते चार दिनों से चल रही है। माना जा रहा है कि रविवार को इस पर फाइनल बैठक हो सकती है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के दिल्ली से बाहर होने के चलते अंतिम मुहर नहीं लग सकी है। आज मुहर लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है। अध्यक्ष की हरी झंडी मिलने पर कल के बाद कभी भी इसका ऐलान हो सकता है। तमाम दावेदार भी दिल्ली में डेरा डाले हैं। सबसे ज्यादा कश्मकश क्षेत्रीय अध्यक्षों को लेकर है। वहीं विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी करने वाले कुछ चेहरे प्रदेश टीम से बाहर हो सकते हैं। कुछ मौजूदा प्रदेश महामंत्रियों की भूमिका बदलना भी तय माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि उन्हें उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। भाजपा के राज्य मुख्यालय पर इन दिनों सन्नाटा है। यूपी के भाजपाई दिल्ली की ओर टकटकी लगाए हैं। दरअसल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम के गठन की कवायद चल रही है। लखनऊ में लंबी मशक्कत के बाद अब गेंद दिल्ली के पाले में है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह कई दिन से दिल्ली में ही हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष के साथ वार्ता हो चुकी है। मगर राष्ट्रीय अध्यक्ष के बाहर जाने के चलते फिर बैठक नहीं हो सकी है। प्रदेश की नई टीम और क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ ही भाजपा की नई मीडिया टीम को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। दरअसल मौजूदा मीडिया टीम में कई चेहरे प्रदेश पदाधिकारी बनने की दौड़ में पूरी शिद्दत से जुटे हैं। टिकट के लिए ताल ठोंकने वाले हो सकते हैं बाहर दरअसल पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए नई टीम के गठन की कवायद में जुटी है। यही कारण है कि आमूल-चूल परिवर्तन की जगह नए और पुरानों का सामंजस्य बनाने की तैयारी है। कुछ मौजूदा पदाधिकारियों का टीम से बाहर होना तय माना जा रहा है। इनमें कुछ ऐसे चेहरे भी शामिल हैं जिन्हें या तो पार्टी चुनाव लड़ाने का मन बना रही है या फिर वे खुद टिकट के लिए ताल ठोंक रहे हैं। वहीं कुछ मौजूदा प्रदेश महामंत्रियों को उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। एक मौजूदा प्रदेश मंत्री दिल्ली की डोर के सहारे प्रमोशन की दौड़ में है। पार्टी प्रदेश की नई टीम और क्षेत्रीय अध्यक्षों के जरिए सामाजिक समीकरण भी साधेगी।