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सुपरकॉप दमयंती सेन फिर पावर में, महिलाओं-बच्चों के अपराध जांच आयोग की बनीं मेंबर सेक्रेटरी

कलकत्ता सीनियर आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन की पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था में वापसी हो गई है. उन्होंने साल 2012 के पार्क स्ट्रीट गैंगरेप केस की जांच से खूब सुर्खियां बटोरी थीं. लेकिन तत्कालीन TMC सरकार में नो हाशिए पर धकेल दी गई थीं।  दमयंती सेन को शुभेंदु सरकार ने एक विशेष आयोग में नियुक्त किया है. ये आयोग महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों की जांच के लिए बनाया है.  श्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने खुद इस नियुक्ति का ऐलान किया।  सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि आईपीएस दमयंती सेन को उस जांच आयोग का 'मेंबर सेक्रेटरी' नियुक्त किया गया है, जो टीएमसी के 15 साल के शासनकाल के दौरान महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हुए अत्याचारों की जांच करेगा. ये आयोग अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अल्पसंख्यक समुदायों की महिलाओं और बच्चों के साथ हुए अपराधों की जांच करेगा।  कौन हैं आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन? बता दें कि साल 1996 बैच की आईपीएस अधिकारी दमयंती सेन कोलकाता पुलिस की पहली महिला ज्वाइंट कमिश्नर (क्राइम) थीं. 6 फरवरी 2012 को कोलकाता के पार्क स्ट्रीट इलाके में एक नाइट क्लब से निकली महिला के साथ चलती कार में सामूहिक बलात्कार हुआ था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को उनकी नई सरकार को बदनाम करने के लिए रचा गया एक 'सजायनो घटना' (मनगढ़ंत कहानी) करार दिया था।  सच का साथ देने पर हुआ था तबादला दमयंती सेन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच की और कुछ ही दिनों में आरोपियों को दबोच लिया. पुलिस जांच ने साबित कर दिया कि बलात्कार की घटना सच थी, जो सरकार के राजनीतिक दावों के बिल्कुल उलट था. केस सुलझने के तुरंत बाद ही दमयंती सेन का तबादला लालबाजार क्राइम ब्रांच से बैरकपुर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज कर दिया गया था।  सरकार ने इसे रूटीन ट्रांसफर बताया था, लेकिन विपक्ष और आलोचकों का मानना था कि सरकार के रुख के खिलाफ जाकर सच सामने लाने की वजह से उन्हें सजा दी गई. इसके बाद टीएमसी के पूरे कार्यकाल में उन्हें किसी बड़े की जिम्मेदारी नहीं दी गई।  हाईकोर्ट ने जताया था भरोसा प्रशासनिक हलकों में दमयंती सेन की ईमानदारी हमेशा चर्चा में रही. साल 2022 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने न्यायपालिका का भरोसा जताते हुए उन्हें राज्य के चार बलात्कार मामलों और चर्चित रसिका जैन मौत मामले की जांच सौंपी थी. इसके बाद 2023 में उन्हें एडीजी (ट्रेनिंग) बनाया गया था। 

दिल्ली के ऐतिहासिक स्मारकों में बढ़ेंगी सुविधाएं, पर्यटकों को मिलेगा डिजिटल सपोर्ट

नई दिल्ली  भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) अब पर्यटकों की सुविधाआें पर अधिक ध्यान दे रहा है । इसके तहत जहां स्मारकों में मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं, वही आने वाले समय में स्मारकों में वाई-फाई की सुविधा भी शुरू किए जाने की योजना है। छायादार वृक्षों के नीचे व छाया वाले अन्य स्थानों पर बेंच लगाए जा रहे हैं। स्मारकों में पर्याप्त पीने के ठंडे पानी के साथ-साथ बेहतर शौचालय की व्यवस्था पर भी काम किया गया है और इन्हें अपग्रेड भी किया जा रहा है। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा इससे पर्यटकों के सामने मोबाइल की बैटरी खत्म होने पर समस्या नहीं होगी। मोबाइल चार्जिंग की सुविधा 11 टिकट वाले 11 स्मारकों में की जा रही है। इन्हें स्मारक के प्रवेश द्वार के पास लगाया गया है। जिन में एक बार में एक से अधिक लोग अपना मोबाइल चार्ज कर सकते हैं। इनमें लाल किले में सबसे ज्यादा 8 चार्जिंग पॉइंट लगाए गए हैं। इन्हें चारों संग्रहालयों के प्रवेश और बाहर निकलने वाले गेट के पास लगाया गया है। कुतुब मीनार, पुराना किला और हुमायूं के मकबरे में तीन-तीन चार्जिंग प्वाइंट लगाए गए हैं। फिरोजशाह कोटला, सफदरजंग मकबरा और हाैज खास में दो-दो प्वाइंट लगाए गए हैं। इन जगहों पर मिलेंगी सुविधाएं हौज खास चिल्ड्रन म्यूजियम, दिल्ली मंडल कार्यालय और तिलक मार्ग पर धरोहर भवन में एक-एक चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा दी गई है। खान ए खाना, सुल्तान गारी, तुगलकाबाद किला में भी चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाने की प्रक्रिया जारी है। इसी तरह लाल किला, कुतुब मीनार हुमायूं का मकबरा में वाई -फाई की सुविधा शुरू करने की भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की योजना है। हालांकि लाल किले में पूर्व में वाई-फाई की सुविधा शुरू की जा चुकी है। मगर वह सफल नहीं रह सकी थी। इसलिए अब व्यवस्थित तरीके से इसे शुरू किया जाने की योजना पर काम हो रहा है। सभी स्मारकों में पीने के पर्याप्त ठंडे पानी के उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। एएसअइ की तरफ से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि कर्मचारी समय-समय पर पेयजल स्थित का निरीक्षण करते रहेंगे, ताकि पानी खत्म ना हो पाए। जिससे इस भीषण गर्मी में पर्यटकों को परेशानी से बचाया जा सके।  

बिहार: मंदिर से चोरी हुई मूर्तियां रहस्यमय तरीके से सड़क किनारे मिलीं

पटना  बिहार की राजधानी पटना के मसौढ़ी से आस्था से जुड़ी एक अनोखी खबर सामने आई है। दो महीने पहले छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर से करीब 6 करोड़ रुपये मूल्य की अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां चोरी हो गई थीं। अब ये मूर्तियां रहस्यमय तरीके से करीब 67 दिन बाद वापस मिल गई हैं। इन मूर्तियों को खोजने में पुलिस नाकाम रही थी। सोमवार की रात अष्टधातु की प्राचीन मूर्तियां सड़क किनारे कपड़े में लपेटकर लावारिस हालत में छोड़ गया। ग्रामीण इसे भगवान का चमत्कार और चोरों पर दैवीय भय का असर मान रहे हैं। 16 मार्च को चोरी हुई थीं राम, जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां मिली जानकारी के मुताबिक, मसौढ़ी के छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर से बीते 16 मार्च की रात करीब 100 साल पुरानी भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु की तीन मूर्तियां चोरी हो गई थीं। इसके साथ ही चांदी के दो मुकुट भी गायब कर दिए गए थे। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। चोरी को लेकर मसौढ़ी थाना में मामला दर्ज कराया गया था। तीन गांव के बाहर सड़क किनारे छोड़ी गईं मूर्तियां चांदी के मुकुट पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी और जांच की, लेकिन दो महीने तक मूर्तियों का कोई सुराग नहीं मिला। इसी बीच छाता गांव, शाहाबाद और लखनौर गांव के सीमावर्ती इलाके में सड़क किनारे कपड़े में लिपटी हालत में तीनों मूर्तियां और चांदी के मुकुट बरामद हुए। भगवान के डर से मूर्तियां छोड़ गए चोर: ग्रामीण मूर्तियों के मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में खुशी और भक्ति का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि 'भगवान की महिमा ऐसी है कि चोर भी डर गए और मूर्तियां छोड़कर भाग निकले।' मसौढ़ी थानाध्यक्ष विवेक भारती मूर्तियां मिलने की खबर पाते ही मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जरूरी कागजी कार्रवाई कर मूर्तियां मंदिर प्रबंधन समिति को सौंप दी। मूर्तियां चोरी होने के बाद पुलिस लगातार जहानाबाद, मसौढ़ी सहित अन्य जगहों पर छापेमारी कर रही थी। इस वजह से चोर मूर्तियों को बाजार में खपा नहीं पाए और पकड़े जाने के डर से मूर्तियां रखकर भाग गए। ढोल-नगाड़ों के साथ निकाली शोभायात्रा, फूल बरसाकर लोगों ने किया स्वागत इसके बाद ग्रामीणों ने गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ भगवान श्रीराम, माता जानकी और लक्ष्मण जी की भव्य शोभायात्रा निकाली। श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर भगवान का स्वागत किया और पूरे विधि-विधान के साथ छाता ठाकुरबाड़ी मंदिर में पुनः स्थापना की गई। मंदिर परिसर 'जय श्रीराम' और 'सियावर रामचंद्र की जय' के नारों से गूंज उठा।  

BPSC परीक्षा नियमों में बदलाव, अब अनिवार्य होगा ‘विकल्प E’ और मिलेगा अतिरिक्त समय

पटना  तीन जून को आयोजित 33वीं बिहार न्यायिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) के पांचवें विकल्प की व्यवस्था लागू होगी। बीपीएससी की यह पहली परीक्षा होगी, जो परिवर्तित उत्तर प्रणाली के साथ आयोजित होगी। साथ ही इस परीक्षा के लिए क्षतिपूरक (अतिरिक्त) समय देने का निर्णय लिया है। 33वीं न्यायिक सेवा परीक्षा की प्रथम पाली (सामान्य अध्ययन) के लिए 10 मिनट अतिरिक्त देते हुए नया समय 10:00 से 11:40 बजे निर्धारित किया गया है। द्वितीय पाली (विधि विषय) के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय बढ़ाकर इसे 02:00 से 04:15 बजे तक कर दिया गया है। उत्तर नहीं देने पर विकल्प ई का चयन करें नई व्यवस्था के तहत अब प्रश्न पत्र में चार के बजाय पांच विकल्प (ए, बी, सी, डी, ई) दिए जाएंगे। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बदलाव विकल्प ई को लेकर है, जिसका अर्थ प्रयास नहीं किया गया होगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ई का चयन करना होगा। यदि कोई अभ्यर्थी किसी भी विकल्प (ए से ई तक) को खाली छोड़ देता है, तो उस स्थिति में एक तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि यह अतिरिक्त समय केवल इसी परीक्षा के लिए मान्य है। इसे भविष्य की अन्य परीक्षाओं के लिए आधार न माना जाए।

दिल्ली रोड चौड़ीकरण के लिए 70 भवनों का अधिग्रहण, 56 करोड़ मुआवजा जारी

मेरठ शहर में दिल्ली रोड पर जगदीश मंडप से ट्रांसपोर्ट नगर के गेट तक रैपिड रेल काॅरिडोर के कारण जाम की समस्या बनी है। इसके समाधान के लिए सड़क को दोनों ओर तीन-तीन मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस चौड़ीकरण के लिए जिला प्रशासन ने 70 भवनों और भूखंडों से भूमि का अधिग्रहण किया है। भूमि मालिकों को मुआवजा भुगतान के साथ ही अधिग्रहण का यह कार्य अब पूरा कर लिया गया है। जिसके बाद लोगों ने खुद ही भवनों के उस हिस्से को हटाना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन जल्द अधिग्रहीत की गई भूमि को एनसीआरटीसी को सौंप देगा। दिल्ली रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्त किया निर्माण नमो भारत (Namo Bharat) और मेरठ मेट्रो (Meerut Metro) रेल काॅरिडोर दिल्ली रोड पर जगदीश मंडप के पास भूमिगत हो रहा है। सड़क के बीचोबीच कारिडोर निर्माण के कारण सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण यहां जाम की समस्या बन गई है। जिससे शहर की जनता के साथ साथ यहां से गुजरने वाले लोग लंबे समय से परेशान हैं। इसके समाधान के लिए एनसीआरटीसी ने सड़क के दोनों ओर नालों को तीन-तीन मीटर पीछे स्थानांतरित करके सड़क का चौड़ीकरण करने की तैयारी की है। इस चौड़ीकरण के लिए दोनो और 70 दुकानों, भवनों और भूखंडों से जमीन का अधिग्रहण किया गया है। जिला प्रशासन ने अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करके भूमि मालिकों के खातों में मुआवजा राशि भेज दी है। 67 भूमि मालिकों को मिले 56 करोड़ तीन भूखंडों पर विवाद सामने आया है। इनमें से ली जाने वाली भूमि की राशि को जिला प्रशासन कोर्ट में जमा कराएगा। अन्य 67 भूमि मालिकों को 56 करोड़ से ज्यादा राशि का भुगतान किया जा चुका है। भुगतान मिलने के बाद भूमि मालिकों ने इस हिस्से में हुए निर्माण को हटाना भी शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन का कहना है कि निर्माण हटने के बाद इस जमीन को अब एनसीआरटीसी को सौंप दिया जाएगा, जिसपर वह निर्माण शुरू करेगी। छूटे खसरों से होगी सीधी खरीद बीएसएनएल कार्यालय वाली साइड में चार खसरों की भूमि का अधिग्रहण नहीं हो सका है। एनसीआरटीसी के प्रस्ताव में यह खसरा संख्या छूट गए थे। अब इन खसरों की जमीन की सीधी खरीद करने का दावा किया जा रहा है। चौड़ीकरण को लेकर खास तथ्य 800 मीटर लंबाई में दोनों ओर चौड़ी होगी सड़क 03 मीटर दोनों ओर होना है सड़क का चौड़ीकरण 70 दुकानों और भवनों की जमीन का हुआ अधिग्रहण 56 करोड़ रुपये बंट गया मुआवजा इन्होंने कहा…     दिल्ली रोड के जाम के समाधान के लिए भूमि अधिग्रहण कर लिया गया है। इस भूमि को जल्द एनसीआरटीसी को सौंपकर सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूर्ण कराया जाएगा।     -डा. वीके सिंह, जिलाधिकारी।  

कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम मुंबई इंडियंस: हेड-टू-हेड, पिच रिपोर्ट और संभावित प्लेइंग इलेवन

कोलकाता इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 65वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का सामना मुंबई इंडियंस (MI) से 20 मई को होगा। KKR ने इस सीजन में 5 मैच जीते हैं और 6 में हार झेली है। इसके अलावा उनका एक मैच बेनतीजा रहा है। वहीं, प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी MI ने 4 मैच जीते हैं और 8 में शिकस्त का सामना किया है। आइए मैच से जुड़ी अहम बातें जान लेते हैं। KKR के खिलाफ MI का पलड़ा रहा है भारी KKR और MI के बीच IPL के इतिहास में अब तक कुल 36 मुकाबले खेले गए हैं। इस दौरान KKR को सिर्फ 11 मैच में ही जीत मिल पाई है और 25 मुकाबले MI ने अपने नाम किए हैं। IPL 2026 की पहली भिड़ंत में MI ने KKR को 6 विकेट से हराया था। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच एक मैच खेला गया था। उस मुकाबले को MI ने 8 विकेट से अपने नाम किया था। ऐसी हो सकती है MI की प्लेइंग इलेवन MI ने अपने पिछले मैच में PBKS को शिकस्त दी थी। उस मैच में MI ने जीत के लिए मिले 201 रन के लक्ष्य को हासिल किया था। MI के कप्तान हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव की वापसी की उम्मीद है। ये दोनों खिलाड़ी पिछले मैच में नहीं खेले थे। संभावित एकादश: रोहित शर्मा, रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), नमन धीर, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव, विल जैक्स, हार्दिक पांड्या (कप्तान), कॉर्बिन बोश, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, और रघु शर्मा। इस संयोजन के साथ उतर सकती है KKR KKR ने अपने आखिरी मैच में GT को 29 रन से हराया था। उस मैच में फिन एलन (93) और अंगकृष रघुवंशी (82) ने उम्दा पारियां खेली थी। KKR अपने इन शीर्षक्रम के बल्लेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद करेगी। खराब फॉर्म में चल रहे अजिंक्य रहाणे भी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाना चाहेंगे। संभावित एकादश: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, वरुण चक्रवर्ती, सौरभ दुबे, कार्तिक त्यागी। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर MI: दीपक चाहर, गजनफर, रोबिन मिंज और अश्विनी कुमार। KKR: वैभव अरोड़ा, रमनदीप सिंह, ब्लेसिंग मुजरबानी, रोवमैन पॉवेल और प्रशांत सोलंकी। ऐसा है कोलकाता की पिच का मिजाज ईडन गार्डन स्टेडियम में काली मिट्‌टी की पिच बनाई जाती है। ऐसे में यह बल्लेबाजों को काफी रास आती है। खेल की शुरुआत में यहां तेज गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिलती है। उसके बाद स्पिनर्स हावी होते हैं। इस पिच पर अगर बल्लेबाज की निगाह एक बार जम गई तो आसानी से बड़े-बड़े शॉट्स लगते हैं। यहां की तेज आउटफील्ड भी बल्लेबाजों के पक्ष में जाती है। हाउस्टेट के मुताबिक, IPL में पहली पारी का औसत स्कोर 165 रन है। ऐसा रहेगा कोलकाता का मौसम? एक्यूवेदर के अनुसार, 20 मई को कोलकाता का मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश की संभावना नहीं है। ऐसे में एक अच्छा मैच देखने मिल सकता है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी नजरें MI के सलामी बल्लेबाज रिकेल्टन ने इस सीजन में अब तक 10 पारियों में 47.77 की औसत और 190.26 की स्ट्राइक रेट के साथ 430 रन बनाए हैं। रघुवंशी ने 12 पारियों में 42.20 की औसत और 146.52 की स्ट्राइक रेट के साथ 422 रन बनाए हैं। इस बीच उन्होंने 5 अर्धशतक लगाए। गेंदबाजी में कार्तिक त्यागी ने 11 पारियों में 25.37 की औसत और 9.44 की इकॉनमी रेट से 16 विकेट लिए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? KKR और MI के बीच यह मुकाबला 20 मई को कोलकाता के ईडन गार्डन स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

टाइगर रिजर्व में दहशत: 77 बाघों की भीड़ में दो बाघिनों का नहीं मिला सुराग

करौली राजस्थान के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 2 बाघिन के लापता होने की खबर है. बाघिन T-124 रिद्धि की बेटी RBT-2504 माही और RBT-2510 कई दिनों से गायब हैं. पिछले कई दिनों से वन विभाग की टीम दोनों बाघिनों को ढूंढने का प्रयास कर रही है. हाल ही में आरबीटी-2504 'माही' का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें बाघिन उसकी मां रिद्धि से भिड़ती दिख रही है. आरबीटी-2504 का मूवमेंट भी रणथंभौर के जोन नम्बर 2, 3 और 4 के लेक एरिया में देखा गया है, लेकिन करीब एक महीने से बाघिन कहीं नजर नहीं आ रही है. बाघिन टी-107 सुल्ताना की बेटी आरबीटी-2510 की भी कोई जानकारी नहीं है. आपसी संघर्ष के चलते बाघिन ने छोड़ा इलाका! इन दोनों बाघिन के गायब होने के पीछे आपसी संघर्ष की भी आशंका जताई जा रही है. लगातार बाघ-बाघिन की बढ़ती संख्या के चलते आपसी संघर्ष भी बढ़ गया है. ऐसे में बढ़ती संख्या के चलते टेरिटरी को लेकर बाघों के बीच संघर्ष देखा जा चुका है. ताकतवर बाघ-बाघिन के डर से कमजोर बाघ बाघिन अपना इलाका छोड़ने को मजबूर है. आखिरी बार 1 और 2 मई को देखी गई आरबीटी-2504 रणथंभौर में ना सिर्फ सर्च अभियान चलाया जा रहा है, बल्कि ट्रेप कैमरों के जरिए भी दोनों बाघिनों को ढूंढा जा रहा है. डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम बाघिनों की तलाश में जुटी हुई है. आरबीटी-2504 को आखिरी बार 1 और 2 मई को देखा गया था. 3 मई को आरबीटी-2504 और उसकी मां टी-124 के बीच संघर्ष हुआ. इसके बाद से ही बाघिन गायब है. हालांकि, यह पहली बार नहीं था जब दोनों के बीच आपसी संघर्ष हुआ हो. इससे पहले भी कई बार ऐसा मामला सामने आ चुका है. आखिरी बार बाघ के साथ देखी थी आरबीटी-2510 आरबीटी-2510 रणथंभौर की पेराफेरी पर रहने वाली बाघिन है. जो झूमर बावड़ी, फतेह कैफे, आमा घाटी ओर फलोदी क्षेत्र में विचरण करती थी. वह अक्सर बाघ आरबीटी-2407 के साथ देखी जाती है. उसका गायब होना भी वन विभाग को हैरान करने वाला है. आरबीटी-2407 की तलाश के लिए करीब 100 कैमरा ट्रैप बढ़ाए गए हैं. साथ ही कई दिनों की तलाश के बाद वन विभाग ने नए सिरे से योजना बनाई है. अब 5 टीमों का गठन किया गया है, जो 'ऑन फुट पेट्रोलिंग' कर रही है, ताकि बाघिन के पगमार्क के जरिए उसका पता लगाया जा सके. 55 आबादी वाले रिजर्व में 77 बाघ-बाघिन और शावक वन विभाग का मानना है कि देश का सबसे सघन आबादी वाले टाइगर रिजर्व रणथंभौर में बाघों के बीच संघर्ष होना सामान्य प्रक्रिया है. बाघ-बाघिन की संख्या बढ़ने से आपसी संघर्ष भी बढ़ेगा. अनुमानित तौर पर 45 से 55 बाघों की क्षमता वाले इस रिजर्व में 77 से भी अधिक बाघ-बाघिन और शावक हैं.

पटना कैश वैन लूटकांड का खुलासा, मुठभेड़ में एक अपराधी के पैर में लगी गोली

पटना बिहार में सम्राट चौधरी सरकार की पुलिस अपराधियों पर ताबड़तोड़ ऐक्शन ले रही है। दो दिन के अंदर राजधानी पटना में दो और सीवान में एक हाफ एनकाउंटर कर पुलिस ने अपराधियों को कड़ा संदेश दे दिया है कि अब उनकी खैर नहीं है। बिहार में रो रहे एनकाउंटर पर बिहार सरकार के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने बड़ी बात कही है। भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा है कि एनकाउंटर तो कम हुआ है अभी एनकाउंटर और होगा। भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा, 'एनकाउंटर तो कम हुआ है। अभी और करना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकल्प लिया है कि हमको भ्रष्टाचार मुक्त और अपराध मुक्त बिहार बनाना है। चाहे इसके लिए जो कुछ करना होगा हमलोग करेंगे। पटना में एनकाउंटर पटना जिले के गोपालपुर थाना क्षेत्र में सीएमएस कंपनी की कैश वैन से हुई लूटकांड का पुलिस ने उद्भेदन करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने मंगलवार को बताया कि 13 मई 2026 को गोपालपुर थानांतर्गत सीएमएस कंपनी की कैश वैन से कुछ अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा हथियार का भय दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), पटना की निगरानी में मामले के त्वरित उद्भेदन के लिये एक टीम का गठन किया गया।वरीय पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गठित टीम द्वारा तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज के गहन अवलोकन एवं मानवीय अनुसंधान के आधार पर घटना में संलिप्त अपराधियों की पहचान की गई।इसके बाद अपराधियों की गिरफ्तारी के लिये टीम द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी क्रम में देर रात तीन अपराधियों को छापेमारी कर गिरफ्तार किया गया। उसके बाद मामले में संलिप्त एक और अपराधी की स्थिति की जानकारी प्राप्त होने पर पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तारी के लिये छापेमारी की गई। इस दौरान अपराधी द्वारा पुलिस बल पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिस टीम द्वारा पूर्ण संयम एवं सतर्कता से आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली अपराधी के पैर में लगी। घायल अपराधी को अभिरक्षा में लेकर तत्काल उपचार के लिये अस्पताल भेजा गया है। इससे पहले सोमवार को पटना के अगमकुआं इलाके में भी पुलिस ने एक अपराधी का हाफ एनकाउंटर किया था। इसी दिन सीवान जिले में भी एक ज्वेलरी लूट के आरोपी को पुलिस ने पैर में गोली मारी थी। कुछ ही दिनों पहले बिहार के रोहतास जिले में मौजूद मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने अपराधियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि गुंडे मवाली अपनी हरकतों से बाज नहीं आएंगे और जनता की संपत्ति लूटने का काम करेंगे तो पुलिस की राइफल पानी नहीं उगलेगी, बल्कि गोलियां उगलेगी। उन्होंने कहा था कि बिहार सरकार अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है तथा आम लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

खाड़ी तनाव का असर झारखंड तक, कुड़ू में तेल की भारी किल्लत और लंबी कतारें

कुड़ू खाड़ी देशों में उत्पन्न तनावपूर्ण हालात का असर अब झारखंड के लोहरदगा जिले तक दिखाई देने लगा है. कुड़ू प्रखंड में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत शुरू हो गई है. स्थिति यह है कि तीन पेट्रोल पंप पूरी तरह बंद हो चुके हैं, जबकि एकमात्र चालू पंप पर भी सीमित मात्रा में तेल दिया जा रहा है. वाहन चालकों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई लोग बिना तेल लिए वापस लौट रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नियमित रूप से नहीं हो पा रही है. कहीं तीन दिनों में तो कहीं एक सप्ताह के अंतराल पर तेल पहुंच रहा है. इससे आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ने लगा है. भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल पंप बंद जानकारी के मुताबिक भारत पेट्रोलियम का नीचे स्टैंड स्थित पेट्रोल पंप सोमवार शाम करीब चार बजे तेल समाप्त होने के कारण बंद हो गया. वहीं कुंदों स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप में भी तेल खत्म होने के बाद पंप बंद कर दिया गया है. टिको स्थित इंडियन ऑयल पंप भी पिछले दो दिनों से बंद पड़ा हुआ है. बताया जा रहा है कि भारत पेट्रोलियम पंप में तीन दिनों बाद तेल पहुंचा था, लेकिन 24 से 25 घंटे के भीतर ही पूरा स्टॉक समाप्त हो गया. इसके बाद सोमवार दोपहर पंप परिसर में पोस्टर चस्पा कर लोगों को सूचित किया गया कि तेल उपलब्ध नहीं है. पेट्रोल पंप बंद होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं. कई वाहन चालकों को दूसरे इलाकों में जाकर तेल भरवाना पड़ रहा है. रिलायंस पंप पर सीमित मात्रा में मिल रहा तेल फिलहाल कुड़ू में केवल रिलायंस पेट्रोल पंप पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है, लेकिन यहां भी तेल किस्तों में दिया जा रहा है. प्रशासन के निर्देश का हवाला देते हुए वाहन मालिकों के लिए मात्रा और समय दोनों तय कर दिए गए हैं. पंप में कार और छोटे वाहनों को अधिकतम एक हजार रुपये तक का तेल दिया जा रहा है. लंबी दूरी तय करने वाले यात्री और मालवाहक वाहनों को अधिकतम दो हजार रुपये तक डीजल मिल रहा है. ट्रैक्टर में एक हजार रुपये, बाइक में दो सौ रुपये और बुलेट बाइक में अधिकतम तीन सौ रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है. स्थिति यह है कि एक घंटे तक तेल वितरण करने के बाद पंप बंद कर दिया जाता है. इसके बाद कुछ समय बाद फिर वितरण शुरू होता है. इससे वाहन चालकों की परेशानी और बढ़ गई है. तपती गर्मी में घंटों लाइन में खड़े लोग तेल की कमी के कारण रिलायंस पेट्रोल पंप में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लग रही है. मंगलवार को सुबह दस बजे से दोपहर बारह बजे तक डीजल वितरण बंद रहने के कारण एक दर्जन से अधिक ट्रैक्टर लाइन में खड़े रहे. इसी तरह बाइक चालकों को भी तपती गर्मी में खुले आसमान के नीचे आधे घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा. कई लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तेल की कमी से रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन पंप संचालक स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे हैं. हालांकि पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारी इस मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं. प्रशासन ने बुलाई बैठक स्थिति बिगड़ने के बाद कुड़ू थाना प्रभारी अजीत कुमार ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों और उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. बैठक में लोगों की परेशानी कम करने और तेल वितरण को व्यवस्थित करने पर चर्चा की गई. थाना प्रभारी ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कमी का थोड़ा असर जरूर पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने कहा कि पंप संचालकों को लोगों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनने देने के निर्देश दिए गए हैं. खेती, परिवहन और सरकारी कामकाज प्रभावित पेट्रोल-डीजल संकट का असर अब आम लोगों की जिंदगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है. पिछले दिनों हुई बारिश के बाद किसान धान की खेती की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन डीजल की कमी के कारण ट्रैक्टर पर्याप्त समय तक नहीं चल पा रहे हैं. ट्रैक्टर मालिकों ने खेत जुताई का किराया भी बढ़ा दिया है. पहले जहां ट्रैक्टर पूरे दिन चलते थे, वहीं अब दिनभर में केवल दो से तीन घंटे ही काम हो पा रहा है. मालवाहक वाहन मालिकों ने बढ़ाया किराया मालवाहक वाहन मालिकों ने भी किराया बढ़ा दिया है, जिसका सीधा असर बाजार और आम लोगों पर पड़ रहा है. प्रखंड और अंचल कार्यालय के अधिकारियों के क्षेत्र भ्रमण पर भी असर पड़ा है. सीओ संतोष उरांव ने बताया कि डीजल की कमी के कारण नियमित क्षेत्र भ्रमण नहीं हो पा रहा है. वहीं कुड़ू थाना में भी डीजल आपूर्ति प्रभावित होने से पुलिस गश्ती और अन्य सरकारी कार्यों पर असर दिखाई देने लगा है.

गुवा में फिर शुरू होगा लौह अयस्क खनन, हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

 गुवा  पश्चिम सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने टाटा स्टील को विजया-2 आयरन ओर माइंस संचालन की अनुमति दे दी है। करीब नौ महीने से बंद इस खदान के दोबारा शुरू होने से हजारों बेरोजगार युवाओं, ट्रक मालिकों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। खान निदेशक राहुल सिन्हा द्वारा जारी आदेश के बाद घाटकुरी मौजा स्थित रक्षित वन क्षेत्र की 383.20 एकड़ भूमि में लौह अयस्क खनन का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही सारंडा, गुवा, बड़ाजामदा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरू क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में फिर तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। माइंस बंद होने से ठप पड़ गया था कारोबार विजया-2 माइंस बंद होने के बाद हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए थे। ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद होने से सैकड़ों ट्रक और डंपर महीनों तक खड़े रहे। इसका असर गैरेज, ढाबा, होटल और छोटे दुकानदारों तक पर पड़ा था। अब खदान संचालन शुरू होने से ट्रकों और डंपरों का परिचालन फिर तेज होगा। इससे ड्राइवर, हेल्पर और वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। टाटा स्टील को मिलेगा सीधा फायदा करीब 30 लाख टन वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली इस माइंस के चालू होने से Tata Steel को स्थानीय स्तर पर लौह अयस्क उपलब्ध होगा। इससे कंपनी की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और जमशेदपुर समेत आसपास के स्टील प्लांटों को फायदा मिलेगा। सरकार को होगा करोड़ों का राजस्व लाभ खनन शुरू होने के बाद झारखंड सरकार को रॉयल्टी, डीएमएफ और एनएमईटी मद से हर महीने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान है। वहीं सालाना आय 35 से 50 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। बाजारों में लौटेगी रौनक खनन गतिविधियां बंद होने से सारंडा क्षेत्र के बाजारों की रौनक फीकी पड़ गई थी। अब माइंस शुरू होने से स्थानीय बाजारों में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और छोटे व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह फैसला पूरे सारंडा क्षेत्र की आर्थिक व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।