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रिश्तों और जीवन को मजबूत बनाने के लिए चाणक्य के ये अनमोल सूत्र

 आचार्य चाणक्य कहते हैं कि इस दुनिया में जिसे लोग 'प्रेम' का नाम देते हैं, वह दरअसल एक युद्ध क्षेत्र की तरह है. बिल्कुल वैसा ही, जैसे दो सेनाएं आमने-सामने खड़ी हों. फर्क सिर्फ इतना है कि इस युद्ध में तलवार नहीं, बल्कि भावनाओं का आमना सामना होता है. और इस युद्ध की सबसे कठिन, सबसे जटिल लड़ाई एक स्त्री और एक पुरुष के बीच हर रोज, हर घर में होती है. अब इस बात को सुनकर आप कहेंगे कि चाणक्य बहुत कठोर हैं. प्रेम तो समर्पण और सच्चाई है. लेकिन चाणक्य नीति कहती है कि, 'अगर जहर का प्याला भी पीना पड़े, तो ऐसे पियो कि देखने वाला समझे कि तुम अमृत पी रही हो. यानी, तुम्हारी कमजोरी किसी को नहीं पता चलनी चाहिए चाहे वह तुम्हारा पति ही क्यों न हो. तो आइए जानते हैं वो 5 बातें, जिन्हें चाणक्य नीति के अनुसार हर स्त्री को अपने पति से छिपाकर रखना चाहिए. यह धोखा नहीं, बल्कि आत्मरक्षा है. 1. मायके की कमजोरियां कभी उजागर न करें चाणक्य के अनुसार, 'अपने घर की नींव को कमजोर मत दिखाओ. कई महिलाएं अपने पति को अपने मायके की आर्थिक या पारिवारिक समस्याएं खुलकर बता देती हैं. शुरुआत में यह सामान्य लगता है, लेकिन समय बदलने पर यही बातें हथियार बन सकती हैं. जब रिश्ते में कड़वाहट आती है, तो वही कमजोरियां ताने बनकर सामने आती हैं. इसलिए अपनी पृष्ठभूमि को हमेशा सम्मानजनक बनाए रखें. 2. अतीत को अतीत ही रहने दें चाणक्य कहते हैं कि घाव को बार-बार मत कुरेदो, वरना वह कभी नहीं भरेगा. अपने पुराने रिश्ते, गलतियां या दर्दनाक अनुभव हर बात में साझा करना जरूरी नहीं है. अक्सर महिलाएं सोचती हैं कि सच बताने से रिश्ता मजबूत होगा, लेकिन कई बार यह असुरक्षा पैदा कर देता है. इसलिए अपने अतीत को वहीं रहने दें, जहां वह है. 3. अपना गुप्त धन जरूर रखें चाणक्य का स्पष्ट कहना है कि विपत्ति में धन ही काम आता है. हर स्त्री के पास अपनी बचत या आर्थिक सुरक्षा होनी चाहिए, जिसकी जानकारी हर किसी को न हो. यह धोखा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सुरक्षा का प्रतीक है. पूरी तरह आर्थिक निर्भरता, सम्मान को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है. 4. अपनी लाचारी को पहचान न बनाएं चाणक्य कहते हैं कि दुनिया ताकत को सलाम करती है, कमजोरी को नहीं. बीमारी या दर्द को बार-बार जाहिर करना व्यक्ति की छवि को कमजोर बना सकता है. इसका मतलब यह नहीं कि इलाज न कराएं, बल्कि अपनी पीड़ा को अपनी पहचान न बनाएं. मजबूती और संयम ही व्यक्ति को सम्मान दिलाते हैं. 5. अपने डर को कभी जाहिर न करें चाणक्य के अनुसार, सबसे बड़ी ताकत है अपनी भावनाओं पर नियंत्रण. अगर किसी को आपके सबसे बड़े डर का पता चल जाए, तो वह आपकी कमजोरी बन सकता है. इसलिए अपने डर को पहचानें, स्वीकार करें, लेकिन उसे किसी के सामने उजागर न करें. यही आत्मबल आपको मजबूत बनाता है. याद रखें शक्ति हमेशा रहस्य में छिपी होती है. और जो अपने रहस्यों को संभालना जानता है, वही जीवन की असली बाजी जीतता है.

रसोई में चूल्हा और सिंक पास-पास होने से बढ़ सकता है वास्तु दोष, जानें असर

वास्तु शास्त्र में रसोई घर को सेहत और समृद्धि का केंद्र माना जाता है.  यहां मौजूद हर चीज़ की अपनी एक ऊर्जा होती है. रसोई में सबसे महत्वपूर्ण दो ही चीज़ें हैं चूल्हा (अग्नि तत्व) और सिंक (जल तत्व). वास्तु के नियमों के अनुसार, आग और पानी एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन हैं.  अगर ये दोनों एक ही स्लैब पर पास-पास हों, तो घर में ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है. आजकल के छोटे फ्लैट्स और मॉड्यूलर किचन में जगह की कमी के कारण अक्सर सिंक और चूल्हा एक ही लाइन में होते हैं. आइए जानते हैं कि यह कैसे हमारे जीवन पर असर डालता है और बिना तोड़-फोड़ के इसे कैसे ठीक किया जा सकता है. तत्वों का टकराव: क्या होता है असर? जब आग और पानी एक ही स्लैब पर होते हैं, तो इसे तत्वों का संघर्ष कहा जाता है.  इसके मुख्य नुकसान ये हैं: रिश्तों में खटास: किचन में काम करने वालों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन आने लगता है और घर के सदस्यों के बीच छोटी-छोटी बातों पर बहस होने लगती है. धन की हानि: अग्नि को लक्ष्मी का रूप माना जाता है. उसके ठीक बगल में बहता हुआ पानी यह संकेत देता है कि आपका कमाया हुआ पैसा बेकार की चीजों में पानी की तरह बह जाएगा. स्वास्थ्य समस्याएं: घर के लोगों की पाचन शक्ति कमजोर हो सकती है और वे बार-बार बीमार पड़ सकते हैं. कैसे दूर करें यह वास्तु दोष? (आसान उपाय) अगर आपके किचन का डिज़ाइन ऐसा है जिसे बदला नहीं जा सकता, तो घबराएं नहीं.  इन आसान देसी जुगाड़ और वास्तु उपायों से आप इसके नकारात्मक असर को कम कर सकते हैं. बीच में रखें लकड़ी का बोर्ड: चूल्हे और सिंक के बीच में एक लकड़ी का चॉपिंग बोर्ड या लकड़ी का कोई स्टैंड रख दें.  वास्तु में लकड़ी को आग और पानी के बीच का संतुलन (एयर एलिमेंट) माना जाता है, जो दोनों की टक्कर को रोकता है. मनी प्लांट का उपयोग: सिंक और चूल्हे के बीच में एक छोटा सा मनी प्लांट या कोई भी हरा पौधा रख दें.  हरा रंग सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है और अग्नि-जल के दोष को सोख लेता है. दूरी का ध्यान: कोशिश करें कि चूल्हा और सिंक कम से कम दो फीट की दूरी पर हों. अगर दूरी कम है, तो बीच में एक टाइल या कोई बाधा (Separator) खड़ी कर दें. गंगाजल या नमक का पानी: हफ्ते में एक बार किचन के स्लैब को समुद्री नमक मिले पानी से पोंछें. नमक नकारात्मक ऊर्जा को खींच लेता है. बर्तनों की सफाई: रात को कभी भी सिंक में गंदे बर्तन न छोड़ें. रात भर सिंक का खाली और साफ रहना किचन की ऊर्जा को शुद्ध रखता है. खास सलाह वास्तु शास्त्र सिर्फ नियम नहीं, बल्कि एक संतुलन है.  यदि आप अपने किचन को साफ-सुथरा रखते हैं और खाना बनाते समय मन को शांत रखते हैं, तो वास्तु दोषों का प्रभाव अपने आप कम हो जाता है. कोशिश करें कि खाना बनाते समय आपका चेहरा पूर्व दिशा (East) की तरफ हो, यह सबसे शुभ माना जाता है.

2034 तक खिंची डेडलाइन, दिल्ली को पानी सप्लाई की बड़ी योजना हुई प्रभावित

नई दिल्ली पानी की किल्लत से जूझ रही दिल्ली के लिए आगे की राह फिर मुश्किल भरी हो सकती है। राजधानी की प्यास बुझाने के लिए जिन तीन प्रमुख बांधों- लखवार, रेणुका और किशाऊ पर उम्मीदें टिकी थीं, उनका निर्माण कार्य पिछड़ने से दिल्ली की जलापूर्ति योजनाओं को झटका लगा है। विशेष रूप से लखवार बांध के 2031 तक पूरा होने की संभावना थी, अब काम 2034 तक खिंच गया है। दिल्ली जल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में शहर में पानी की मांग लगभग 1250 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) है, जबकि आपूर्ति केवल 1000 एमजीडी के आसपास ही हो पा रही है। इस 250 एमजीडी के अंतर को पाटने के लिए सरकार ने यमुना पर बनने वाले इन तीन बांधों के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश किया है। भविष्य का सारा वॉटर इन्फ्रास्ट्रक्चर, जैसे नए ट्रीटमेंट प्लांट और पाइपलाइन नेटवर्क, इन्हीं बांधों से मिलने वाले पानी के भरोसे तैयार किया जा रहा है। किस डैम से दिल्ली को कितना मिलेगा पानी डैम     दिल्ली को मिलेगा पानी (MGD में) रेणुका     440 किशाऊ     372 लखवार     135 पानी मिलने की डेडलाइन अब तीन साल आगे बढ़ी योजना के मुताबिक, 2031 से लखवार बांध से दिल्ली को 135 एमजीडी पानी मिलना था, लेकिन इसकी डेडलाइन अब तीन साल आगे बढ़ा दी गई है। इसी तरह, रेणुका बांध से 2030 तक 440 एमजीडी पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसके निर्माण को लेकर भी फिलहाल कोई ठोस अपडेट नहीं है। इसके अलावा, किशाऊ बांध से भविष्य में 372 एमजीडी पानी मिलना प्रस्तावित है। कुल मिलाकर इन तीनों परियोजनाओं से दिल्ली को 947 एमजीडी अतिरिक्त पानी मिलना है, जो शहर की बढ़ती जनसंख्या की जरूरतों के लिए अनिवार्य है। बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर जल बोर्ड के अधिकारियों का साफ कहना है कि बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है। इस कमी को केवल ट्यूबवेल के जरिए पूरा करना नामुमकिन है। मानक के अनुसार, एक ट्यूबवेल घंटों चलने के बाद भी महज 0.01 एमजीडी पानी ही दे पाता है।  

धारीदार या चिकना तरबूजम,कौन सा ज्यादा मीठा और रसीला होता है? जानें सच

लाल और रसीले तरबूज गर्मियां आते ही बाजार में बिकने शुरू हो जाते हैं, जिन्हें देखकर ही मुंह में पानी आने लगता है. गर्मियों में तो तरबूज सबसे ज्यादा मार्केट में देखने को मिलते हैं और लोग उनको काफी खाते भी हैं. लाल और रसीले के अलावा लोगों के मन में तरबूज खरीदते समय यह भी सवाल आता है कि हरा चिकना या धारीवाला यानी लाइनों वाले तरबूज में से कौन-सा खाना ज्यादा फायदेमंद होगा. धारीवाला और चिकना हरा तरबूज में से कौन ज्यादा मीठा और रसीला होता है, इसे लेकर लोगों के मन में काफी सवाल आते हैं. अगर आप भी इसी कन्फ्यूजन में रहते हैं, तो आइए आपकी इस उलझन का हल कर देते हैं. अगली बार जब भी आप तरबूज खरीदने जाएं तो बिना किसी झंझट के सही और लाल-रसीला तरबूज ही खरीदकर लाएंगे. दोनों तरबूज में क्या फर्क होता है? धारीदार तरबूज की बाहरी सतह पर हल्की और गहरी ग्रीन कलर री लाइन्स बनी होती है. वहीं बिना धारी वाले तरबूज का कलर डार्क ग्रीन कलर का होता है और वो चिकना होता है. यह असल में दोनों अलग-अलग किस्म के तरबूज होते हैं, लेकिन दोनों एक ही फैमिली से आते हैं. इन दोनों में सिर्फ इतना ही फर्क होता है कि इनका ऊपरी डिजाइन अलग होता है, टेस्ट में थोड़ा बहुत फर्क हो सकता है, सेहत के फायदे लगभग एक जैसे ही होते हैं. इतना ही नहीं इन दोनों तरह के तरबूज में पोषण लगभग बराबर मात्रा में मौजूद होते हैं. तरबूज में 90 प्रतिशत से ज्यादा पानी होता है, जो शरीर को गर्मी में हाइड्रेट रखने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें विटामिन C, विटामिन A,एंटीऑक्सीडेंट और लाइकोपीन पाए जाते हैं. लाइकोपीन के फायदे? लाइकोपीन दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, इसके साथ ही तरबूज कम कैलोरी वाला फल है. इसलिए यह उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है जो वेट लॉस कर रहे हैं. कौन सा तरबूज ज्यादा मीठा होता है? कई लोग मानते हैं कि धारीदार तरबूज ज्यादा मीठा होता है, जबकि बिना धारी वाला थोड़ा कम मीठा और सख्त हो सकता है. जबकि मिठास इस बात पर निर्भर करती है कि तरबूज कितना पका हुआ है और उसे कैसे उगाया गया है.यानी सिर्फ धारियों को देखकर यह फैसला नहीं किया जा सकता कि कौन सा तरबूज ज्यादा मीठा होगा. इसलिए दोनों ही तरबूज अच्छे हैं और गर्मी में बिना किसी झंझट के दोनों को आराम से आप खा सकते हैं. अच्छा तरबूज खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?     तरबूज में नीचे पीला धब्बा हो, जिसका मतलब फल प्राकृतिक तरीके से पका है.     तरबूज अपने आकार के हिसाब से भारी लगे     थपथपाने पर गहरी खोखली आवाज आए     कटे, दबे या नरम हिस्सों वाला तरबूज न लें  

Bigg Boss 17 फेम अनुराग डोभाल का छलका दर्द, 10 करोड़ की बाइक कलेक्शन बेचने का खुलासा

बिग बॉस 17' के कंटेस्टेंट रहे और फेमस यूट्यूबर अनुराग डोभाल बीते कुछ समय से किसी न किसी वजह से हेडलाइन्स में बने हुए हैं. परिवार संग अनबन और एक्सीडेंट के बाद अनुराग ने दोबारा से नई जिंदगी की शुरुआत की है. वो अपनी बिखरी जिंदगी को धीरे-धीरे पटरी पर ला रहे हैं. वो फिर से यूट्यूब पर एक्टिव हो गए हैं. अब उन्होंने फैंस संग एक बार फिर अपना दर्द बयां किया. मुश्किल में अनुराग ट्रैवल व्लॉगर अनुराग डोभाल अपने नए यूट्यूब व्लॉग में देहरादून की सड़कों पर सैर करते हुए दिखाई दिए. इस दौरान उन्होंने अपना खाली पड़ा हुआ गैराज भी फैंस को दिखाया. अपने गैराज को खाली देखकर अनुराग काफी इमोशनल होते हुए दिखाई दिए. अनुराग ने बताया कि उन्होंने अपनी करोड़ों का लग्जरी बाइक्स का कलेक्शन बेच दिया है. अनुराग ने बताया कि उनके बाइक कलेक्शन की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये थी. मगर उन्होंने इसी साल की शुरुआत में अपनी बाइक्स का कलेक्शन बेच दिया था.   अनुराग ने कहा- जो साम्राज्य खड़ा किया था, आज वो खाली पड़ा है. पिछले साल हमें अपनी ज्यादातर बाइकें बेचनी पड़ीं. हमारे पास अब सिर्फ दो बाइकें बची हैं. मैं आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. इसलिए मुझे अपनी बाइक्स बेचनी पड़ीं. मुझे पैसों की जरूरत थी. मुझे ही पता है कि उस वक्त मैंने कैसे सर्वाइव किया था. जब सारी बाइकें बिकीं तो काफी दुख हुआ. मैं व्लॉग बनाने की कंडीशन में नहीं था. इसलिए पहले इस बारे में बता नहीं पाया. गैराज की प्रॉपर्टी भी मेरे नाम पर नहीं है, इसलिए बिजली काट दी गई थी. रहने को नहीं है घर अनुराग ने आगे ये भी बताया कि वो रहने के लिए नई जगह की तलाश कर रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि वो अपनी पुरानी सारी चीजें फिर से बनाने की कोशिश करेंगे. वहीं, कुछ वक्त पहले अनुराग ने बताया था कि बच्चे के जन्म के बाद उनके पत्नी रितिका संग मतभेद दूर हो गए हैं. अनुराग ने कहा कि वो अपने बच्चे के लिए सब कुछ नए सिरे से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं.

निकाय चुनाव में देरी पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार के तर्कों को नहीं मिली राहत

जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट में आज पंचायत और निकाय चुनाव टालने के मामले में दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई टल गई. अवमानना याचिका पर अगली सुनवाई 26 मई को होगी. जस्टिस महेंद्र कुमार गोयल, जस्टिस अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ ने आदेश दिए. गिर्राज सिंह देवंदा और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अवमानना याचिका दायर की है. याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट प्रेमचंद देवंदा और पुनीत सिंघवी ने पैरवी की. कोर्ट ने जताई नाराजगी इससे पहले 11 मई को हाई कोर्ट ने सरकार और राज्य चुनाव आयोग के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. सुनवाई के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की बेंच ने तय समय पर चुनाव नहीं कराने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार का रवैया ठीक नहीं है, और उसे पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है. कोर्ट को चुनाव में देरी की बताई वजह   कोर्ट में सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने दलील दी कि वार्डों के आंतरिक सीमांकन को लेकर हाईकोर्ट के दो अलग-अलग फैसले आने से देरी हुई, जबकि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं आने के कारण आरक्षण तय नहीं हो पाया. बेंच ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदेश निकायों को लेकर था, तो पंचायत चुनाव क्यों नहीं कराए गए, और ओबीसी आयोग क्या कर रहा है, यह हमारे सामने नहीं है. कोर्ट ने जजमेंट रिजर्व रखा कोर्ट में सरकार की ओर से कहा गया कि राजस्थान का बड़ा हिस्सा रेगिस्तानी है, जून में हीटवेव चलती है, जुलाई में बरसात शुरू हो जाती है और ऐसे में चुनाव कराना मुश्किल होगा, लेकिन बेंच ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया. सुनवाई के बाद अदालत ने जजमेंट रिजर्व रख लिया है. 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के दिर्नेश थे हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर फैसला देते हुए 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने और 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन पूरा करने के निर्देश दिए थे. अब सरकार और चुनाव आयोग ने और समय मांगा है, जबकि इस मुद्दे पर अवमानना याचिका भी दायर है, जिस पर 18 मई को सुनवाई होगी.

बिहार में बदमाशों पर पुलिस का शिकंजा, पैर में गोली मारकर किए गिरफ्तार

पटना बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सरकार की पुलिस अपराधियों पर लगातार कहर बनकर टूट रही है। सोमवार का दिन अपराधियों को भारी पड़ता दिख रहा है। सीवान से लेकर पटना तक पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और दोनों ही जिलों में पुलिस ने हाफ एनकाउंटर कर अपराधियों को लंगड़ा बना दिया है। सबसे पहले बात बिहार की राजधानी पटना की। पटना के ट्रांसपोर्ट नगर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। यहां पुलिस ने एक अपराधी के पैर में गोली मार दी। बताया जा रहा है कि अगमकुआं थाना इलाके में 2 दिन पहले एक टीचर के साथ लूटपाट की गटना हुई थी। इस लूटपाट में यह अपराधी शामिल थी। पुलिस का कहना है कि वो इस अपराधी को पकड़ने गई थी। लेकिन इस बदमाश ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अपराधी के पैर में गोली मार दी। घायल बदमाश संदीप उर्फ बादल को इलाज के लिए पटना के ही नालंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अगमकुआं थाना क्षेत्र के भागवत नगर में 13 मई को अहले सुबह शिक्षक शंभू कुमार के साथ लूटपाट हुई थी। पटना के एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने इस एनकाउंटर पर जानकारी देते हुए कहा कि कुछ दिनों पहले एक घटना हुई थी जिसमें सुबह के वक्त एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से जा रहे थे तो उनसे छिनतई के क्रम में गोली चलाई गई थी। इस गोलीकांड में वो जख्मी हो गए थे। इलाज के बाद फिलहाल वो रिकवर हो रहे हैं। इस मामले में पुलिस की टीम बनाई गई थी। यह टीम इस घटना को अंजाम देने वाले की पहचान में जुटी थी। टीम ने इस बदमाश की पहचान की और इसमें छापेमारी की गई। इस घटना में 2 लोग शामिल थे। इसमें से एक बदमाश छापेमारी के दौरान मौजूद था। उसे नशे की भी लत थी। छापेमारी के दौरान बदमाश ने पुलिस की टीम पर फायरिंग कर दी। यह गोली पुलिस की गाड़ी पर जाकर लगी थी। इसके बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला और अपराधी को पैर में गोली मार दी। दूसरे अपराधी की पहचान कर ली गई है और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।। घटना में जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया था उसे बरामद कर लिया गया है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सीवान में हाफ एनकाउंटर इधर सीवान जिले में चर्चित जामापुर ज्वेलरी लूटकांड के एक आरोपित को सोमवार की अहले सुबह पुलिस ने हाफ एनकाउंटर में घायल कर दिया। पुलिस आरोपित को दोनों घुटनों में गोली लगी है। आरोपी को इलाज के लिए पहले सदर अस्पताल लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना रेफर कर दिया गया। घायल आरोपित की पहचान सिसवन थाना क्षेत्र के चांदपुर घुरघाट निवासी श्रीनिवास सिंह के 26 वर्षीय पुत्र अंकित कुमार सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अंकित 6 मई को जीरादेई थाना क्षेत्र के जामापुर बाजार स्थित ओम साई ज्वेलरी शॉप में हुई करीब 20 लाख रुपए की लूट की घटना में शामिल था। उसी का गोली चलाते वीडियो भी वायरल हुआ था। मुठभेड़ को लेकर बताया जा रहा है कि अंकित अपने एक साथी के साथ यूपी से सीवान जिले की ओर आ रहा था। इसी दौरान पुलिस की गश्ती गाड़ी को तितरा बाजार बंका मोड़ के पास देखकर फायरिंग करने लगा। उसकी फायरिंग के जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तो उसे पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद उसको घायल अवस्था में सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया,जहां से बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों ने पटना रेफर कर दिया। सदर अस्पताल के चिकित्सक ने बताया कि युवक के दोनों घुटनों में गोली लगी थी। एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि जामापुर लूटकांड के बाद यह यूपी की ओर फरार हो गया था। उसने लूट के दौरान भी दुकान में तीन गोली चलाई थी। वहीं फायरिंग करते हुए फरार भी हो गया था।

चलती नहीं, प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन में लगी आग; यात्रियों में दहशत

सासाराम भभुआ-सासाराम-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस में सोमवार की अहले सुबह अचानक आग लगने से स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग ट्रेन की जनरल बोगी में लगी, जिससे कुछ ही देर में धुआं और लपटें उठने लगीं। घटना के समय ट्रेन प्लेटफार्म पर खड़ी थी और बड़ी संख्या में यात्री बोगी में सवार थे। आग लगते ही यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए जल्दबाजी में ट्रेन से नीचे उतरने लगे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले बोगी से धुआं निकलता दिखाई दिया, जिसके बाद अचानक आग तेजी से फैल गई। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक जनरल कोच का एक बड़ा हिस्सा जलकर क्षतिग्रस्त हो चुका था। समय रहते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद स्टेशन परिसर में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। यात्रियों में भय और दहशत देखी गई। कई यात्री अपना सामान छोड़कर ही नीचे उतर गए। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी यात्री द्वारा ज्वलनशील सामग्री ले जाने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद प्रभावित बोगी को अलग कर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों ने ट्रेनों में नियमित जांच और अग्नि सुरक्षा के बेहतर इंतजाम की मांग की है। रेलवे ने दी सफाई अगलगी की इस घटना के बाद मुख्य जनसंपर्क अधिकरी सरस्वती चंद्र ने कहा कि सासाराम स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 06 पर खड़ी गाड़ी संख्या 53212 डाउन सासाराम-पटना पैसेंजर ट्रेन के एक कोच से धुआं निकलने की सूचना मिली थी। ट्रेन प्लेटफॉर्म पर स्थिर अवस्था में खड़ी थी तथा उस समय कोच में कोई यात्री मौजूद नहीं था। इसके बाद रेलकर्मियों ने फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी थी। रेलकर्मियों के सहयोग और तुरंत ऐक्शन के बाद करीब 6.05 मिनट पर आग पर काबू पा लिया गया था। घटना में किसी भी यात्री अथवा रेलकर्मी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के वजहों की जांच की जा रही है।

गोविंदा ने स्टेज पर लगाए ठुमके, डांस देख फैंस हुए दीवाने

90s के सुपरस्टार गोविंदा की बात ही कुछ और है. आज भले ही उनके पास फिल्में नहीं हैं. उनके सितारे गर्दिश में चल रहे हैं, फिर भी उन्हें देखकर फैंस की दीवानगी कम नहीं होती. वो सोशल इवेंट्स और फंक्शन में हीरो नंबर 1 को देखकर एक्साइटेड हो जाते हैं. गोविंदा ने लगाए ठुमके गोविंदा को बीती रात एक इवेंट में देखा गया. ब्लैक सूट में वो काफी हैंडसम लगे. जैसे ही इवेंट में उन्होंने एंट्री की फैंस क्रेजी हो गए. गोविंदा कहीं आए और स्टेज पर डांस की धमक न दिखाएं, भला ऐसा कैसे हो सकता है. गोविंदा ने इवेंट में डांस किया. स्टेज पर मॉडल संग वो झूमते दिखे. एक्टर का डांस देख फैंस का दिन बन गया है. लेकिन वेन्यू में थोड़ा हंगामा हो गया था. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो रहा है. बाउंसर और पैपराजी के बीच हंगामा हो गया. एक्टर के बाउंसर ने पैपराजी को रोका, उन्हें हाथ लगाया. इससे नाराज होकर गहमागहमी बढ़ी. तभी गोविंदा आए और उन्होंने मामले को शांत कराया. एक्टर ने वहां सबको चुप कराया और शांति से पूरी सिचुएशन को संभाला. गोविंदा के कूल अंदाज की फैंस ने तारीफ की है.   करियर बनाने में बिजी सुनीता फैंस के बीच गोविंदा की पर्सनल लाइफ की चर्चा ज्यादा है. पत्नी सुनीता आहूजा संग उनका तलाक का मामला विवादों में है. सुनीता अक्सर पति पर निशाना साधती हुई दिखती हैं. सुनीता ने इशारों में पति के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर में होने का हिंट दिया है. हालांकि गोविंदा ने ऐसा होने से इनकार किया है. गोविंदा और सुनीता साथ में भी नजर नहीं आते हैं. पति संग अनबन के बीच सुनीता शोबिज में अपना करियर बनाने की कोशिश में लगी हैं. उन्होंने भांजे कृष्णा अभिषेक संग भी पैचपअ कर लिया है. वो व्लॉगर बन चुकी हैं. रियलिटी शोज में बतौर गेस्ट नजर आती हैं. फैंस सुनीता-गोविंदा को स्क्रीन पर साथ देखने के इंतजार में हैं. पहले वो बतौर कपल ही शोज में एंट्री लेते थे. लेकिन अब उनके हालात और जज्बात दोनों ही बदल चुके हैं.

छुट्टियों का सीजन शुरू, ट्रेनों में लंबी वेटिंग ने बढ़ाई यात्रियों की टेंशन

अमृतसर गर्मी की छुट्टियों के चलते अमृतसर से बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और जम्मू जाने वाली अधिकतर लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कई ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोचों की वेटिंग लिस्ट 100 के पार पहुंच चुकी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्कूलों की छुट्टियां, विवाह समारोह और प्रवासी यात्रियों की बढ़ती आवाजाही के कारण ट्रेनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।  जानकारी के मुताबिक बिहार रूट पर ट्रेन संख्या 15212 अमृतसर-दरभंगा जननायक एक्सप्रेस, 14618 अमृतसर-बनमनखी जनसेवा एक्सप्रेस और 04610 अमृतसर-बरौनी समर स्पेशल में सबसे ज्यादा भीड़ देखी जा रही है। कई ट्रेनों के स्लीपर कोचों में वेटिंग 120 से 180 तक पहुंच गई है, जबकि एसी थ्री टियर में भी लंबी प्रतीक्षा सूची बनी हुई है।  इसी तरह उत्तर प्रदेश जाने वाली ट्रेनों में 15098 अमृतसर-गोरखपुर एक्सप्रेस, 12204 अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस और 22424 अमृतसर-गोरखपुर एक्सप्रेस में सीटों की भारी मांग बनी हुई है। यात्रियों को तत्काल टिकट में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल रूट पर 13006 अमृतसर-हावड़ा मेल और 04624 अमृतसर-कोलकाता समर स्पेशल में लंबी वेटिंग चल रही है। महाराष्ट्र रूट पर 11058 अमृतसर-मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज एक्सप्रेस और 12138 अमृतसर-मुंबई पंजाब मेल में भी वेटिंग 120 के पार ही। जम्मू रूट पर 12425 अमृतसर-जम्मू तवी एक्सप्रेस और 14611 अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा एक्सप्रेस में भारी भीड़ देखने को मिल रही है। माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। ऐसे में अब जो भी यात्री टिकट बुक करवा रहे हैं उनको केवल वेटिंग ही मिल रही है।