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पहली रोटी गाय और आखिरी कुत्ते को क्यों? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में भोजन को सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि पुण्य कमाने का पवित्र कर्म माना गया है. दरअसल, हिंदू धर्म में मान्यता है कि अन्न और भोजन की देवी के आशीर्वाद से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती है. परिवार हमेशा सुखी व संतुष्ट रहता है. यही वजह है कि खाना बनाते वक्त पहली और आखिरी रोटी का विशेष महत्व होता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पहली रोटी गाय को अर्पित की जाती है, वहीं आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाने की परंपरा है. यह सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि धार्मिक, ज्योतिषीय और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद खास मानी जाती है. माना जाता है कि इस उपाय को करने से जीवन में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. पहली रोटी गाय को क्यों दी जाती है? वास्तु शास्त्र और हिंदू परंपरा में पहली रोटी गाय को देना बेहद शुभ माना गया है. इसके पीछे कई धार्मिक कारण हैं देवी-देवताओं का वास गाय को गौ माता कहा जाता है और मान्यता है कि इसमें मां लक्ष्मी और कई देवी-देवताओं का निवास होता है. इसलिए, पहली रोटी उन्हें अर्पित करना ईश्वर को भोग लगाने जैसा माना जाता है. सुख-समृद्धि वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब आप अपने घर के अन्न का पहला हिस्सा दान करते हैं, तो इससे बरकत, शांति और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है. यह एक तरह का शुभ संकेत होता है कि घर में कभी अन्न की कमी नहीं होगी. दान और कृतज्ञता का भाव पहली रोटी देना सिखाता है कि हम जो खाते हैं, उसमें दूसरों का भी हिस्सा है. यह सेवा, दया और कृतज्ञता (gratitude) की भावना को मजबूत करता है.  वास्तु दोष दूर करने में सहायक मान्यता है कि नियमित रूप से गाय को रोटी खिलाने से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा कम होती है, जिससे घर का माहौल शांत और सकारात्मक रहता है. परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव यह परंपरा हमें प्रकृति और पशुओं के साथ जुड़ने का संदेश देती है कि इंसान अकेला नहीं, बल्कि सभी जीवों के साथ मिलकर जीवन जीता है. आखिरी रोटी कुत्ते को क्यों खिलाई जाती है?  काल भैरव से संबंध हिंदू मान्यता के अनुसार, कुत्ते को भगवान काल भैरव का वाहन माना जाता है. मान्यता है कि कुत्ते को भोजन कराने से भैरव भगवान प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं व भय दूर होते हैं. नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा वास्तु के अनुसार, कुत्ते को रोटी खिलाने से नकारात्मक शक्तियां, बुरी नजर और अनचाही बाधाएं कम होती हैं. घर का माहौल ज्यादा सुरक्षित और सकारात्मक रहता है.  राहु-केतु का प्रभाव कम होता है कई मान्यताओं में कुत्ते को राहु-केतु से जोड़ा गया है. इसलिए इसे भोजन देने से इन ग्रहों के दोष और अशुभ प्रभाव कम होते हैं.  सेवा और करुणा का भाव आखिरी रोटी देना सिखाता है कि दिन का अंत भी सेवा और दया के साथ होना चाहिए। यह इंसान में संवेदनशीलता और दूसरों के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाता है.

जून 2026 में गुरु गोचर से बदलेगा भाग्य, इन 4 राशियों की चमक सकती है किस्मत

ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, सौभाग्य, धन, विवाह और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है. जब भी गुरु अपनी राशि या नक्षत्र बदलते हैं, तो इसका बड़ा असर देश-दुनिया के साथ-साथ सभी 12 राशियों पर पड़ता है. जून 2026 में एक बेहद बड़ा और शुभ ग्रह गोचर होने जा रहा है. जून की शुरुआत यानी 2 जून को देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि से निकलकर अपनी उच्च राशि, यानी कर्क (Cancer) में प्रवेश करेंगे. कर्क राशि में गुरु का यह गोचर बेहद शक्तिशाली माना जा रहा है क्योंकि यहां आकर गुरु सबसे मजबूत स्थिति में होते हैं. इसके साथ ही, जून महीने में गुरु ग्रह शनि के नक्षत्र 'पुष्य' में भी प्रवेश करेंगे, जिससे एक अद्भुत संयोग बनेगा. इस दोहरे बदलाव से 4 खास राशियों के जातकों का भाग्योदय होने वाला है और उनके जीवन में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे. कर्क राशि (Cancer) गुरु का यह गोचर आपकी ही राशि में होने जा रहा है, इसलिए इसका सबसे शुभ और सीधा असर आप पर दिखाई देगा. इस दौरान आपके कॉन्फिडेंस में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी. जो काम काफी समय से अटके हुए थे, उन्हें अब रफ्तार मिलेगी. आपकी सोचने और समझने की क्षमता बेहतर होगी. बिजनेस या करियर को लेकर इस अवधि में लिए गए आपके फैसले सही साबित होंगे. समाज और कार्यस्थल (Workplace) पर आपका रुतबा बढ़ेगा. लोग आपकी सलाह और बातों को अहमियत देंगे. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक (Financial) रूप से नए और सुनहरे अवसर लेकर आएगा. आपकी आर्थिक स्थिति पहले से काफी मजबूत होगी. कहीं से रुका हुआ पैसा मिल सकता है या अचानक धन लाभ के योग बनेंगे. अगर आपने पहले शेयर मार्केट, प्रॉपर्टी या किसी बिजनेस में निवेश किया था, तो इस दौरान आपको उम्मीद से बढ़कर रिटर्न मिल सकता है. जो जातक लंबे समय से विदेश में नौकरी या पढ़ाई करने का सपना देख रहे हैं, उनकी यह इच्छा इस महीने पूरी हो सकती है. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के स्वामी खुद देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए उनका अपनी उच्च राशि में जाना आपके लिए हर तरह से लाभदक रहेगा. जॉब में चल रही परेशानियां और राजनीति दूर होगी. अगर आप प्रमोशन या एक अच्छे ट्रांसफर का इंतजार कर रहे हैं, तो जून का महीना अच्छी खबर ला सकता है. व्यापार करने वाले जातकों के लिए यह समय नए बदलाव करने का है. इस दौरान की गई व्यावसायिक यात्राएं आपके लिए मुनाफे का सौदा साबित होंगी. आपकी पुरानी आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे खत्म होने लगेंगी. कमाई के नए स्रोत खुलेंगे. मीन राशि (Pisces) मीन राशि के लोगों के लिए गुरु का यह नक्षत्र और राशि परिवर्तन पारिवारिक सुख और मानसिक शांति लेकर आएगा. परिवार में अगर कोई वैचारिक मतभेद या तनाव चल रहा था, तो वह दूर होगा. आपसी प्रेम और सामंजस्य बढ़ेगा. भाग्य का पूरा साथ मिलने से आपके सोगे हुए काम समय पर पूरे होंगे, जिससे आपको मानसिक संतुष्टि मिलेगी. जो लोग सिंगल हैं, उनके लिए विवाह के नए और अच्छे प्रस्ताव आ सकते हैं. वहीं, शादीशुदा लोगों के रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत होंगे.

पटना में स्कूल टाइम बदला, भीषण गर्मी के चलते 8वीं तक की कक्षाएं 11 बजे तक

 पटना बिहार में गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है। कई जिलों में सुबह से ही निकल रही तीखी धूप लोगों को घरों में दुबके रहने के लिए मजबूर कर रही है। दोपहर के वक्त आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी की वजह से लोग परेशान हैं। सोमवार को भी राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि कई जिलों में इस दौरान अधिकतम तापमान 38-40 और 40-42 डिग्री तक जा सकता है। बिहार में कई जगहों पर दिन के अलावा रातें भी उबल रही हैं। रात के वक्त भी लोगों को गर्मी सता रही है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मंगलवार को उत्तर पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा के अलावा दक्षिण पूर्व बिहार के जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया औऱ भागलपुर में एक-दो स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद बुधवार और गुरुवार यानी 20 और 21 मई को भी बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश का पूर्वानुमान है। पटना में स्कूलों के लिए आदेश भीषण गर्मी के कारण पटना के स्कूलों में 8वीं तक की कक्षाएं दिन में 11 बजे के बाद नहीं चलेंगी। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने रविवार को यह आदेश जारी किया। यह आदेश 21 मई तक लागू रहेगा। जिलाधिकारी ने कहा है कि जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र इसके दायरे में आएंगे। भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। हालांकि आठवीं से ऊपर की कक्षाएं 11 बजे के बाद भी संचालित हो सकती हैं। नमी की मात्रा घटी धूप की तपिश ने झुलसाया मुजफ्फरपुर जिले में रविवार की सुबह से ही धूप खिली रही। इसके असर से दिन में हवा में नमी की मात्रा में तेजी से कमी आई और धूप की तपिश वास्तविक प्रभाव से कहीं अधिक महसूस हुई। इधर, मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो दिनों में तापमान के और अधिक बढ़ने और नमी में कमी आने की आशंका जताई है। इससे फिर त्वचा झुलसाने वाली गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई। अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि जिले में जेट स्ट्रीम उत्तर की ओर मुड़ रही है। इससे हाई प्रेशर रिज बन रहा है, जो जिले में अधिक तापमान का कारण बन रहा है। कहा कि अगले दो-तीन दिनों तक तापमान तेजी से बढ़ेगा। रहेगा। इससे हवा में नमी की मात्रा तेजी से कम होगी। इससे झुलसाने वाली गर्मी महसूस हो सकती है। भागलपुर में 44 डिग्री गर्मी वाला एहसास भागलपुर जिले में 5 अप्रैल के बाद रविवार को एक बार फिर दिन का पारा 37.0 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। आसमान से आग बरसी। इस पर दिन में बही पूर्वी हवा बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ गई। लिहाजा, रविवार को दिन में भले ही दिन का पारा 37.1 डिग्री सेल्सियस रहा हो, लेकिन लोगों को 44 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी का एहसास (फीलिंग टेंपरेचर) हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य तापमान से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। रात में भी उमस से लोग परेशान रहे। भारतीय मौसम विभाग के अनुमानों की माने तो भीषण गर्मी व उमस सोमवार को भी लोगों के पसीने निकालेगी। जबकि मंगलवार से आंशिक बदरी के बीच गर्मी उमस तो सताएगी लेकिन इस दौरान कभी-कभार हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। आज आंशिक बदरी के बीच गर्मी और उमस सताएगी बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को आंशिक बदरी के बीच गर्मी व उमस लोगों के पसीने छुड़ा देगी तो वहीं 19-20 मई को आंशिक बदरी के बीच जिले के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होगी। जबकि 21 से 23 मई के बीच जिले में आंधी-बारिश का अनुमान है। हालांकि बावजूद इसके दिन एवं रात के तापमान में कोई गिरावट नहीं होगी। गयाजी में आज भी भीषण गर्मी का अनुमान, मंगलवार को राहत की उम्मीद मौसम विशेषज्ञ एस के पटेल ने बताया कि 15 मई को भी एक पश्चिमी विक्षोभ आया था, लेकिन बहुत कमजोर रहने के कारण उसका असर नहीं रहा। इस कारण शनिवार से गर्म हवा यानी पछुआ चलने लगी। रविवार को मौसम और भी गर्म हो गया। इस वक्त तापमान से अधिक उसम वाली गर्मी का अहसाह होगा। बताया कि सोमवार को भी राहत का अनुमान नहीं है। अधिकतम तापमान के बढ़ने के ही आसार हैं। एस के पटेल ने बताया कि पूर्वी यूपी व बिहार के ऊपर चक्रवाती संचरण बना है। ट्रफ लाइन पूर्वी बिहार व बंगाल से होते हुए असम की ओर जा रहा है। सुबह में पछुआ चलेगी। दोपहर बाद पुरवैया चलने का अनुमान है। बताया कि मंगलवार को दोपहर बाद प्री मानसून गतिविधि हो सकती है। यानी तेज हवा, गरज के साथ बारिश हो सकती है। बताया कि अगले दो दिनों में मौसम के मिजाज में विशेष बदलाव का अनुमान नहीं है। कभी-कभी दोपहर बाद गरज व तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।

हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई या प्रशासन की मनमानी? लखनऊ में बड़ा विवाद

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को वकीलों के अवैध चैंबरों पर चला बुलडोजर बड़ा विवाद बन गया है. प्रशासन की कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और विरोध कर रहे वकीलों पर लाठीचार्ज भी किया गया. इस घटना के बाद बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली है. वकीलों ने इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन” बताते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. ऐसे में आइए जानते हैं इस पूरे विवाद की कहानी… दरअसल हाईकोर्ट ने कुछ अवैध चैंबरों को हटाने का निर्देश दिया था. जिसके बाद नगर निगम की टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और चैंबर तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई. हालांकि इस दौरान वकीलों ने विरोध भी किया. जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने केवल 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने आदेश की आड़ में करीब 240 चैंबरों पर कार्रवाई कर दी. उनका कहना है कि जिन चैंबरों को चिन्हित किया गया था, उनमें कई वकीलों के चैंबर शामिल ही नहीं थे, बावजूद इसके उन्हें भी तोड़ दिया गया. जहां 30 सालों से बैठ कर रहे थे काम, उसे ही तोड़ दिया गया बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कई वकीलों की तबीयत भी बिगड़ गई. कुछ अधिवक्ता जमीन पर बैठकर विरोध जताते रहे तो कुछ ने कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बहस की. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया. वकीलों का कहना है कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से वहीं बैठकर वकालत कर रहे हैं और अचानक इस तरह की कार्रवाई उनके रोजगार पर सीधा हमला है. अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उन्हें वहां से हटाया जा रहा है तो पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी. वहीं प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं रोकी और उचित समाधान नहीं निकाला तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा. वहीं प्रशासन का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है. विवाद पर डीसीपी का आया बयान मामले में डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित का भी बयान आया है. उनका कहना है कि सभी को नोटिस दिया जा चुका है. कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हो रही है. विरोध ऐसे कामों में होता है. हम तैयार है ऐसे कार्रवाई के लिए. कानून सब के लिए बराबर है.

चारबाग-वसंतकुंज मेट्रो से लेकर पंचायत चुनाव तक, योगी कैबिनेट में कई बड़े फैसले आज

लखनऊ उत्तर प्रदेश में  गांव-गांव एक ही बात की चर्चा है कि पंचायत चुनाव कब होंगे? ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में हो रही देरी की सबसे बड़ी वजह यूपी में समर्पित ओबीसी आयोग का न होना है. हाईकोर्ट के सख्त तेवर अपनाए जाने के बाद यूपी की योगी सरकार इस दिशा में अपने कदम बढ़ा सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता सोमवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी मिल सकती है? यूपी पंचायत चुनाव को लेकर सस्पेंस बना हुआ, लेकिन अब तस्वीर साफ होती दिख रही है. पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग के गठन पर कैबिनेट में मोहर लग सकती है. इसके साथ ही एक दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव को मंजूरी देने का प्रस्ताव है.   यूपी में मौजूदा ओबीसी आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2025 में समाप्त हो गया था, जिसे सरकार ने अक्टूबर 2026 तक के लिए बढ़ा तो दिया है, लेकिन कानूनी रूप से उसके पास समर्पित आयोग के अधिकार नहीं हैं. ओबीसी आयोग अपने तीन साल के मूल कार्यकाल के रहते हुए ही आरक्षण का सर्वे कर सकता है. इसीलिए योगी सरकार सोमवार को कैबिनेट बैठक में ओबीसी आयोग गठन को अमलीजामा पहना सकती है. ओबीसी आयोग गठन को मिलेगी मंजूरी? वैश्विक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मितव्ययता की अपील के बाद सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक होगी. इस लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सूबे में पंचायत चुनाव पर छाए सियासी बादल कैबिनेट की बैठक में छंटती हुई दिख सकती हैय कैबिनेट बैठक में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे सकती है. ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का स्वरूप तय होगा. सूबे में समर्पित ओबीसी आयोग नहीं होने के चलते पंचायत चुनाव के आरक्षण की प्रक्रिया लटकी हुई है. हाईकोर्ट ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा था कि ओबीसी आयोग में क्यों देरी हो रही है, जिसके बाद ही समर्पित ओबीसी आयोग गठन को कैबिनेट में मंजबूरी देने ही. यूपी में नए ओबीसी आयोग के बाद ही ओबीसी की आबादी का सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का आकलन का सर्वे करेगी. ओबीसी आयोग के सर्वे के आधार पर यह तय होगा कि पंचायतों में ओबीसी आरक्षण कितने प्रतिशत और किन सीटों पर लागू होगा.ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण पहले से ही निर्धारित है. इसके अलावा कौन सीट आरक्षित करनी है और कौन नहीं? चारबाग से वसंतकुंज तक मेट्रो को मंजूरी? योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में लखनऊ मेट्रो से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है.मेट्रो परियोजना में पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर (चारबाग से वसंतकुंज) के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी जा सकती है. इसके अलावा आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-2 (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) में मेट्रो स्टेशन एवं वायडक्ट सेक्शन के निर्माण के लिए भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट विचार कर सकती है. कैबिनेट बैठक में क्या-क्या होंगे फैसले लोक सेवा आयोग के कृत्यों के परिसीमन में बदलाव करने के लिए संशोधन प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने विचार के लिए रखा जाएगा. ग्राम्य विकास विभाग और एचसीएल फाउंडेशन के साथ चल रही समुदाय परियोजना को पांच साल के लिए और बढ़ाया जाएगा. परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है. वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास परियोजनाओं को मंजूरी कैबिनेट दे सकती है. आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लेने वाले लोकतंत्र सेनानियों को कैबिनेट कैशलेस इलाज की सुविधा देने जा रही है. सोमवार को कैबिनेट बैठक में इसका प्रस्ताव लाया जाएगा. इन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी. कैबिनेट में जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी नई नियमावली को भी मंजूरी मिल सकती है. हाथरस, बागपत और कासगंज में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट सहमति देगी. वहीं, कैबिनेट के सामने ऊर्जा विभाग केनरा बैंक से निकाली गई 1500 करोड़ रुपये की राशि की कार्येत्तर इस्तेमाल के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा. कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की परियोजनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है. राज्य सरकार की प्रतिभूतियों के संबंध में वर्ष 2007 में जारी किए गए जनरल नोटिफिकेशन में संशोधन का प्रस्ताव पर कैबिनेट विचार करेगी. इसके अलावा भारतीय स्टांप अधिनियम में भी संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है. वहीं, यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों पर लगने वाले अतिरिक्त कर को रेशनलाइज करने को भी कैबिनेट अपनी मुहर लगा सकती है.

क्या कलयुग अपने अंत की ओर है? जानिए शास्त्रों में क्या दिए गए हैं संकेत

 क्या सच में कलयुग अपने अंतिम चरण पर है? आज के समय में टूटते रिश्ते, घटता भरोसा और बदलती जीवनशैली कई सवाल खड़े कर रही है. हर दिन की खबरें बताती हैं कि सही और गलत के बीच की रेखा धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही है. इंसानियत कमजोर पड़ती नजर आ रही है. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह सिर्फ आधुनिकता का असर है या फिर उन संकेतों की शुरुआत, जिनका जिक्र हमारे शास्त्रों में पहले ही किया जा चुका है. शास्त्रों के अनुसार, जब पाप अपनी सीमा पार करता है, तब भगवान अवतार लेते हैं. कल्कि पुराण के मुताबिक, जब धरती पर पाप बढ़ जाएगा तो भगवान कल्कि धरती पर अवतार लेंगे. पुराणों के अनुसार, भगवान कल्कि भगवान विष्णु के आखिरी अवतार हैं, जो धरती पर पाप कम करने के लिए आएंगे. लेकिन किसी भी युग का अंत अचानक नहीं होता है. यह धीरे-धीरे हमारे सामने ही आकार लेता है. शास्त्रों में बताए गए संकेत और आज की स्थिति श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णन मिलता है कि कलयुग के अंतिम समय में इंसान सही और गलत का फैसला अपने स्वार्थ के आधार पर करेगा. अगर आज के समाज को देखें, तो यह बात काफी हद तक सच लगती है. डिजिटल दुनिया में हजारों लोगों से जुड़े होने के बावजूद, इंसान अंदर से अकेला होता जा रहा है. परिवार टूट रहे हैं, रिश्तों की मर्यादा कमजोर हो रही है. प्रकृति भी असंतुलन की ओर बढ़ती दिख रही है. नदियां प्रदूषित हो रही हैं और हवा जहरीली होती जा रही है. इन परिस्थितियों को कई लोग उन संकेतों के रूप में देखते हैं, जो एक बड़े बदलाव या रीसेट की ओर इशारा करते हैं. क्या कल्कि अवतार और प्रलय के संकेत दिखाई दे रहे हैं? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्रलय विनाश नहीं बल्कि सृष्टि के शुद्धिकरण का समय होता है. कुछ धार्मिक स्थानों से जुड़ी मान्यताएं भी इस ओर संकेत करती हैं. – कहा जाता है कि उत्तर प्रदेश के संभल में भगवान कल्कि का जन्म होगा. – महाराष्ट्र के केदारेश्वर मंदिर के चार खंभों को चार युगों का प्रतीक माना जाता है, जिनमें से अब सिर्फ एक बचा है. – वहीं जोशीमठ में हो रही घटनाओं और नरसिंह भगवान की मूर्ति से जुड़ी मान्यताएं भी बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही हैं. हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि कलयुग का अंत केवल बाहरी घटनाओं से नहीं जुड़ा है, बल्कि यह हमारे अंदर चल रहे धर्म और अधर्म के संघर्ष का परिणाम भी है. अंत में, हमारे कर्म ही तय करेंगे कि हम आने वाले समय में किस दिशा में खड़े होंगे. कैसा होगा भगवान कल्कि का रूप? धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि भगवान कल्कि का स्वरूप बेहद तेजस्वी और दिव्य होगा. वे एक सफेद घोड़े पर सवार होकर प्रकट होंगे, जिसे देवदत्त कहा गया है. उनके हाथ में एक शक्तिशाली तलवार होगी, जिसकी चमक बहुत प्रखर बताई जाती है. कहा जाता है कि उनकी गति इतनी तेज होगी कि वह पल भर में कहीं भी पहुंच सकते हैं. उनका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली होगा कि अधर्म की शक्तियां उनसे भयभीत हो जाएंगी. कल्कि को कौन देगा शिक्षा? मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम कल्कि के गुरु होंगे. वही उन्हें युद्ध कौशल और अस्त्र-शस्त्र चलाने की शिक्षा देंगे. परशुराम पहले से ही एक महान योद्धा माने जाते हैं, इसलिए उनके मार्गदर्शन में कल्कि पूरी तरह तैयार होंगे, ताकि वे धर्म की रक्षा कर सकें और बुराई का अंत कर सकें. किससे होगा कल्कि का सामना? कल्कि अवतार का उद्देश्य दुनिया से पाप और अन्याय को खत्म करना बताया गया है. वे उन लोगों और शासकों का नाश करेंगे, जो समाज में गलत काम और अत्याचार फैलाते हैं. उनका सबसे बड़ा मुकाबला ‘कलि’ नाम की शक्ति से होगा, जो कलयुग की नकारात्मकता का प्रतीक मानी जाती है. यह लड़ाई सिर्फ हथियारों की नहीं, बल्कि अच्छाई और बुराई के बीच एक बड़ा संघर्ष होगी. अंत में, कल्कि धर्म की फिर से स्थापना करेंगे और दुनिया में संतुलन वापस लाएंगे.

29 मई को बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन राशियों की चमक सकती है किस्मत

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मई का अंत बेहद खास रहने वाला है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 29 मई को बुध-शुक्र की युति से एक शुभ राजयोग बनेगा, जिसे लक्ष्मी नारायण राजयोग कहा जाता है. दरअसल, उसी समय बुध मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. यह योग तब बनता है जब बुद्धि और व्यापार के कारक बुध तथा धन-वैभव के प्रतीक शुक्र एक ही राशि में आ जाते हैं. इस बार यह संयोग मिथुन राशि में बनने जा रहा है, जिसे आर्थिक उन्नति और करियर ग्रोथ के लिए बेहद शुभ माना जाता है. क्या होता है लक्ष्मी नारायण राजयोग? ज्योतिष में यह योग समृद्धि और सफलता का संकेत माना जाता है. बुध व्यक्ति की सोच, कम्युनिकेशन और बिजनेस स्किल्स को मजबूत करता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधा, आकर्षण और धन का कारक होता है. जब ये दोनों ग्रह साथ आते हैं तो इंसान की निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है और उसे नए मौके मिलने लगते हैं. कब से कब तक रहेगा प्रभाव? इस खास योग का असर सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा. मई के मध्य से लेकर जून के शुरुआती दिनों तक इसका प्रभाव अलग-अलग राशियों पर देखने को मिल सकता है. खासतौर पर 29 मई के बाद इसका असर और ज्यादा मजबूत हो जाएगा. जिसका सीधा सीधा प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ेगा. इन राशियों को मिल सकता है खास फायदा मिथुन राशि यह योग इसी राशि में बन रहा है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा लाभ मिथुन वालों को मिल सकता है. करियर में नई जिम्मेदारियां, प्रमोशन या जॉब बदलने के मौके मिल सकते हैं. आत्मविश्वास बढ़ेगा. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. तुला राशि तुला राशि के लिए यह समय आर्थिक रूप से फायदेमंद रह सकता है. पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है. खर्चों पर कंट्रोल बन सकता है. रिश्तों में भी मधुरता बढ़ेगी. कन्या राशि कन्या राशि के लोगों को करियर में नई दिशा मिल सकती है. नौकरी या बिजनेस में अचानक लाभ के योग बन सकते हैं. आपकी मेहनत का फल मिलने की संभावना है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए भी यह योग सकारात्मक संकेत दे रहा है. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है. किन बातों का रखें ध्यान हालांकि यह योग शुभ है, लेकिन जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास या जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान भी दे सकते हैं. इसलिए इस समय सोच-समझकर निर्णय लेना जरूरी होगा.

ममता सरकार के नेताओं पर बड़ा असर! अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा घटी, बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

कोलकाता पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई बीजेपी सरकार ने रविवार को VIP सुरक्षा का रिव्यू कर ढांचागत बदलाव करते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत कई हाई-प्रोफाइल नेताओं और पूर्व पुलिस अधिकारियों की वीआईपी सुरक्षा में भारी कटौती की है. इस प्रशासनिक समीक्षा के बाद गृह विभाग ने कल्याण बनर्जी, सुब्रत बख्शी, राजीव कुमार और अरूप बिस्वास जैसे कई वीआईपी के घरों के बाहर तैनात हाउस गार्ड्स को तुरंत वापस ले लिया है।  अधिकारियों के अनुसार, ताजा थ्रेट परसेप्शन (खतरे का आकलन) की नई समीक्षा में पाया गया कि इन लोगों को अब अत्यधिक सुरक्षा की जरूरत नहीं है. हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई कटौती नहीं होगी और उनकी सुरक्षा में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य में सरकार बदलने के ठीक बाद सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया शुरू की गई थी. इसके तहत सबसे पहले टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा को कम किया गया है. सरकार ने उनकी 'जेड-प्लस' (Z-Plus) कैटेगरी की सुरक्षा और विशेष पायलट कार की सुविधाओं को पूरी तरह बंद कर दिया है. इसके अलावा कालीघाट स्थित उनके आवास और कैमैक स्ट्रीट पर उनके ऑफिस कैंपस के बाहर तैनात पुलिस बल को भी वापस बुला लिया गया है।  MP's और MLA's को मिलेगी केवल तय सुरक्षा सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और पूर्व पुलिस प्रमुख राजीव कुमार को अब केवल सांसद के रूप में मिलने वाली सुरक्षा ही दी जाएगी. पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के पास वर्तमान में कोई मंत्री पद या विधायी पद नहीं होने के कारण उनकी पुरानी सुरक्षा हटा दी गई है।  वहीं, बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष को शारदा मामले में जमानत के बाद कोर्ट के निर्देश पर मिली अतिरिक्त सुरक्षा हटाकर अब केवल विधायक स्तर की सुरक्षा दी गई है।  पूर्व DGP और वकीलों की सुरक्षा भी घटी सुरक्षा में कटौती की इस लिस्ट में पूर्व डीजीपी मनोज मालवीय, पूर्व कार्यवाहक डीजीपी पीयूष पांडे और टीएमसी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वाले एक प्रमुख अधिवक्ता का नाम भी शामिल है. पीयूष पांडे को अब केवल उनके वर्तमान पद के अनुसार ही सुरक्षा कवर मिलेगा. सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी वास्तविक जरूरत से ज्यादा सुरक्षा नहीं दी जानी चाहिए, इसलिए इन अतिरिक्त सुरक्षा बलों को वापस बुलाया गया है।  ममता बनर्जी की सुरक्षा रहेगी बरकरार विभिन्न नेताओं की सुरक्षा में कटौती के बीच प्रशासन ने ये भी साफ किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. कोलकाता पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ममता बनर्जी के आवास, उनके दौरों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहने चाहिए. अधिकारियों ने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। 

दसूहा रोड पर मिला ड्रोननुमा ऑब्जेक्ट, इलाके में दहशत; जांच में जुटी एजेंसियां

 होशियारपुर होशियारपुर-दसूहा रोड स्थित गांव सतौर के बाहरी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब खेतों में छोटे हवाई जहाज के आकार की एक संदिग्ध वस्तु पड़ी हुई दिखाई दी। दूर से यह वस्तु ड्रोन जैसी प्रतीत हो रही थी, जिसके चलते इलाके के लोगों में चिंता का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार खेतों की ओर गए कुछ ग्रामीणों ने इस वस्तु को देखा और तुरंत इसकी सूचना गांव की सरपंच कुलदीप कौर तथा समिति सदस्य परमजीत सिंह को दी। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया, जिसके उपरांत पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आया कि यह हवाई जहाज के आकार का एक गर्म हवा वाला गुब्बारा था, जिस पर पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का संक्षिप्त नाम “पीआईए” लिखा हुआ था। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह गुब्बारा कहां से आया और क्या इसके जरिए कोई अन्य सामग्री भी इलाके में गिराई गई है। इस संबंध में पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है।

CSK vs SRH : चेपॉक में 210 रन का होगा गेम? जानें किसे मिलेगा फायदा

 चेन्नई चेन्नई सुपर किंग्स वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2026 का 63वां मैच आज यानी सोमवार, 18 मई को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना है। सीएसके वर्सेस एसआरएच मैच भारतीय समयानुसार 7 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -ऋतुराज गायकवाड़ और पैट कमिंस- आधा घंटा पहले यानी 7 बजे मैदान पर उतरेंगे। चेन्नई और हैदराबाद दोनों के लिए प्लेऑफ के नजरिए से यह मैच अहम होने वाला है। सीएसके अगर आज हारता है तो वह प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो जाएगा, वहीं हैदराबाद जीत के साथ प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने वाली दूसरी टीम बन सकती है। एसआरएज की जीत से गुजरात टाइटंस को भी फायदा मिलेगा, उनकी भी प्लेऑफ में जगह पक्की हो जाएगी। आईए एक नजर सीएसके वर्सेस एसआरएच पिच रिपोर्ट पर डालते हैं CSK vs SRH पिच रिपोर्ट सोमवार को CSK vs SRH मैच में इस्तेमाल होने वाली पिच से बैटिंग को मदद मिलने की उम्मीद है। SRH के पेस-बॉलिंग कोच वरुण एरॉन ने कहा कि जीतने वाला टोटल लगभग 210 होगा। CSK के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन को अब भी खुश होने की एक वजह दिखी: उनका मानना ​​है कि पिच पर बाउंस हैदराबाद से ज्यादा हो सकता है और इसलिए CSK को फायदा होगा। यह खेले गए 6 में से चार मैच चेजिंग टीम ने जीते हैं, ऐसे में आज टॉस जीतने वाला कप्तान पहले बॉलिंग चुन सकता है। एमए चिदंबरम स्टेडियम IPL रिकॉर्ड मैच- 97 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 53 (54.64%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 44 (45.36%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 50 (51.55%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 47 (48.45%) हाईएस्ट स्कोर- 246/5 लोएस्ट स्कोर- 70 सबसे बड़ा रन चेज हासिल किया- 210/5 औसत रन प्रति विकेट- 26.39 औसत रन प्रति ओवर- 8.15 पहले बैटिंग करते हुए औसत स्कोर- 165.41 CSK vs SRH हेड टू हेड चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के हेड टू हेड पर नजर डालें तो सीएसके की टीम काफी आगे नजर आती है। दोनों टीमों के बीच खेले गए 23 मुकाबलों में चेन्नई ने 15 बार तो हैदराबाद ने 8 बार ही जीत दर्ज की है। इस सीजन वैसे हैदराबाद चेन्नई को पहले एनकाउंटर में 10 रनों से हरा चुकी है। CSK vs SRH स्क्वॉड चेन्नई सुपर किंग्स स्क्वॉड: संजू सैमसन (विकेट कीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अंशुल कंबोज, नूर अहमद, स्पेंसर जॉनसन, मुकेश चौधरी, गुरजपनीत सिंह, सरफराज खान, अकील होसेन, मैथ्यू शॉर्ट, मैट हेनरी, एमएस धोनी, श्रेयस गोपाल, डियान फॉरेस्टर, ज़कारी फाउलकेस, राहुल चाहर, कुलदीप यादव, आकाश मधवाल, अमन खान, मैकनील नोरोन्हा सनराइजर्स हैदराबाद स्क्वॉड: ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), स्मरण रविचंद्रन, हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, प्रफुल हिंगे, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, अनिकेत वर्मा, लियाम लिविंगस्टोन, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल, कामिंडू मेंडिस, दिलशान मदुशंका, गेराल्ड कोएट्ज़ी, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी, क्रेन्स फुलेत्रा, ओंकार तारमाले, आरएस अंबरीश, अमित कुमार