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IRGC की धमकी के बाद अमेरिका-ईरान टकराव और तेज, समुद्री रूट पर खतरा

नई दिल्ली  ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शनिवार को चेतावनी दी कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी तेल टैंकरों या कमर्शियल जहाजों पर कोई भी और हमला इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर जोरदार हमला करने की वजह बनेगा। यह चेतावनी फारस की खाड़ी में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच दी गई है। एक्स पर जारी एक बयान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना कमान ने कहा, "चेतावनी! ईरान के तेल टैंकरों और कमर्शियल जहाजों के खिलाफ किसी भी तरह की आक्रामकता का नतीजा, इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों में से किसी एक और दुश्मन के जहाजों पर जोरदार हमले के रूप में सामने आएगा।" अमेरिका पर हमला करने के लिए मिसाइलें और ड्रोन लॉक इसके तुरंत बाद, IRGC की एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया कि ईरानी मिसाइलें और ड्रोन पहले से ही इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और नौसैनिक जहाजों को निशाना बना रहे हैं। पोस्ट में कहा गया, "IRGC एयरोस्पेस फोर्स की मिसाइलों और ड्रोनों ने इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और दुश्मन के हमलावर जहाजों को लॉक कर लिया है। हम फायर करने के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।" अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने दी चेतावनी यह चेतावनी तब आई है जब एक दिन पहले ही यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने कहा था कि अमेरिकी नौसेना बलों ने ओमान की खाड़ी में ईरान के खिलाफ चल रहे नाकाबंदी अभियानों के तहत ईरान के झंडे वाले दो तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया। CENTCOM के अनुसार, खाली टैंकरों को ईरानी बंदरगाहों तक पहुंचने से रोक दिया गया। CENTCOM ने बताया कि 13 अप्रैल से अब तक अमेरिकी बलों ने ईरान के चार जहाजों को निष्क्रिय किया है और नाकाबंदी के इस दौर में 58 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदला है। ये ताजा घटनाक्रम इस हफ्ते की शुरुआत में होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी नौसेना बलों और ईरानी संपत्तियों के बीच हुई गोलीबारी के बाद सामने आए हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा परिवहन का एक प्रमुख मार्ग है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इस बात की पुष्टि की कि होर्मुज से गुजरते समय अमेरिकी नौसेना के तीन विध्वंसक जहाजों पर हमला हुआ था, लेकिन उन्होंने कहा कि ये जहाज सफलतापूर्वक वहां से गुजर गए।

IPL 2026: पंजाब-दिल्ली भिड़ंत, धर्मशाला में हाईवोल्टेज मुकाबला कल

 धर्मशाला इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 55वें मैच में पंजाब किंग्स (PBKS) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से होगा। ये मुकाबला धर्मशाला में होगा, इस संस्करण यहां पहला मैच खेला जाएगा। PBKS ने अब तक 10 मैच खेले हैं। 6 मुकाबलों में उसे जीत और 3 मैच में हार मिली है। DC ने 11 मैच खेले हैं। 4 में उसे जीत और 7 मुकाबलों में हार मिली है। ऐसे में आइए मुकाबले से जुड़ी जरूरी बातों पर नजर डालते हैं। दोनों टीमों के बीच है कांटे की टक्कर IPL में दोनों टीमों के बीच 36 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान DC को 17 मैच में जीत मिली है। PBKS ने 18 मैच अपने नाम किए हैं। एक मैच में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। इस संस्करण दोनों टीमों के बीच यह दूसरा मैच होगा। पहले मुकाबले में PBKS को 6 विकेट से जीत मिली थी। IPL 2025 में पहला मैच DC ने 6 विकेट से जीता था। दूसरे मैच में कोई नतीजा नहीं निकल पाया था। इस संयोजन के साथ उतर सकती है PBKS PBKS को पिछले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 33 रन से हार का सामना करना पड़ा था। उस मैच में टीम की फील्डिंग और गेंदबाजी बेहद खराब रही थी। ऐसे में टीम उस मुकाबले को भूलाकर बेहतर प्रदर्शन करना चाहेगी। अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। संभावित एकादश: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कॉनॉली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, सूर्यांश शेडगे, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, लॉकी फर्ग्यूसन, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल। इस प्लेइंग इलेवन के साथ नजर आ सकती है DC DC को अपने पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। टीम के बल्लेबाज पिछले 2 मैच में कुछ खास नहीं कर पाए हैं। ऐसे में केएल राहुल और नितीश राणा जैसे बल्लेबाजों से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। गेंदबाजी में मिचेल स्टार्क बेहतर करना चाहेंगे। संभावित एकादश: पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेटकीपर), नितीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, मिचेल स्टार्क, लुंगी एनगिडी और मुकेश कुमार। ये हो सकते हैं इम्पैक्ट सब्स प्लेयर DC: करुण नायर, कुलदीप यादव, टी नटराजन, अभिषेक पोरेल और डेविड मिलर। PBKS: प्रियंश आर्य, हरप्रीत बरार, जेवियर बार्टलेट, विष्णु विनोद और मुशीर खान। कैसा रहता है धर्मशाला की पिच का मिजाज? धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम की पिच हरियाणा के भिवानी से मंगवाई गई काली मिट्‌टी से तैयार की गई है। इस मिट्‌टी में बालू की मात्रा न के बराबर होती है। इसके चलते पिचों पर गति और उछाल दोनों मिलता है। यहां आमतौर पर शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है, लेकिन समय निकलने के साथ स्पिनर्स भी जलवा दिखा सकते हैं। इसी तरह तेजी और अच्छा उछाल होने से टिकने के बाद बल्लेबाज आसानी से बड़े शॉट्स खेल सकते हैं। ऐसा रहेगा धर्मशाला का मौसम एक्यूवेदर के अनुसार, 11 मई को धर्मशाला का मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। यहां अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 12 डिग्री रहने का अनुमान है। बारिश होने की 50 प्रतिशत संभावना है। पूरे दिन बादल छाए रहेंगे। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर रहेगी नजरें PBKS के लिए कॉनॉली ने पिछले 10 मैचों में 171.36 की स्ट्राइक रेट से 377 रन बनाए हैं। प्रभसिमरन के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 364 रन निकले हैं। DC के लिए राहुल ने पिछले 10 मैच में 180.69 की स्ट्राइक रेट से 468 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में अर्शदीप ने पिछले 10 मैच में 10.42 की इकॉनमी से 11 विकेट लिए हैं। DC से अक्षर ने पिछले 10 मैचों में 8.3 की इकॉनमी से 9 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? PBKS और DC के बीच यह मुकाबला धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में रात 7:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

बिहार के व्यापारी बंगाल से लीची खरीदकर महानगरों की मांग पूरी करने को मजबूर

मुजफ्फरपुर मुजफ्फरपुर के व्यापारी अपना कारोबार बचाने के लिए इस बार पश्चिम बंगाल से लीची खरीद रहे हैं। जिले में मौसम की मार और स्टिंक बग कीट के प्रकोप से बगानों में 30 फीसदी लीची भी नहीं बची है। किसान अपने बगान को देख हताश हैं तो जिले के दर्जनों बड़े व्यापारी बंगाल का रूख कर रहे हैं। दरअसल, यहां के किसानों से खरीदे गए लीची के बगान की हालत देख व्यापारी झांकने आना भी नहीं चाहते। यही कारण है कि जिले के कांटी, मीनापुर, बोचहां आदि प्रखंडों के दर्जनों व्यापारी बंगाल जाकर किसानों का लीची का बाग खरीद रहे हैं। बंगाल की लीची से पूरा करेंगे महानगरों का ऑर्डर कांटी के लीची व्यापारी बबलू शाही ने बताया कि मुजफ्फरपुर से हर साल 50 टन से अधिक लीची बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, लखनऊ समेत देश के विभिन्न शहरों में भेजते हैं। इस बार भी मंजर देख हमलोग उत्साहित थे। आज 30 फीसदी लीची भी नहीं दिख रही है। प. बंगाल में 15 मई से लीची की तुड़ाई शुरू होने लगती है, इसलिए हमारे साथ दर्जनों व्यापारी बंगाल आए हैं। इस बार बंगाल से ही लीची खरीद महानगरों की मांग पूरी करेंगे। मुशहरी के व्यापारी संतू महतो ने बताया कि 12 एकड़ लीची का बाग खरीदा था। आज किसानों को पैसे देने लायक भी लीची नहीं है। उद्यान रत्न किसान भोलानाथ झा ने कहा कि लीची की हालत देख बाग में जाना छोड़ दिए हैं। कमजोर फसल से दो लाख मजदूरों के रोजगार पर संकट बिहार लीची एसोसिएशन के अध्यक्ष बच्चा प्रसाद सिंह ने कहा कि मुजफ्फरपुर जिले में 15 हजार हेक्टेयर में लीची के बाग हैं। इससे हर साल सीजन में दो लाख से अधिक मजदूरों को रोजगार मिलता था। हर साल करीब 125 हजार टन लीची का उत्पादन होता है। फसल बर्बाद होने पर भी 70-80 हजार टन लीची मिल जाती थी। इस बार 25 से 30 हजार टन लीची उत्पादन भी मुश्किल है। बताया कि जिले में छोटे-बड़े मिलाकर तीन हजार से अधिक बगान हैं। एक बगान में 25 से 50 मजदूरों को एक माह तक रोजगार मिलता था। वहीं, लीची प्रसोसेसिंग यूनिट के संचालक आलोक केडिया ने बताया कि लीची के सीजन में ग्रेड बी लीची का पल्प तैयार होता है। इसमें लीची की छिलाई में मजदूरों को काम मिलता है। इस बार फसल कमजोर होने से मजदूरों के रोजगार पर असर पड़ेगा। इसके आलवा ट्रांसपोटिंग तुड़ाई, गुच्छा बनाने में मजदूर को काम मिलता है।

यूडी टैक्स बकाया पर नगर परिषद की सख्ती, गर्ग पैलेस सीज

करौली शादी के सीजन में करौली के मैरिज होम संचालकों के सामने परेशानी पैदा हो गई है. मैरिज होम सील होने की कार्रवाई शुरू होने के साथ ही हड़कंप मच गया है. नगर परिषद ने नगरीय विकास शुल्क (यूडी टैक्स) की बकाया राशि को लेकर सख्त कार्रवाई की है. हिंडौन दरवाजा स्थित गर्ग पैलेस उर्फ आशा पैलेस को सीज कर दिया गया है. सिर्फ यही एक मैरिज होम नहीं है, बल्कि 14 मैरिज गार्डन संचालकों को पहले भी नोटिस जारी किए जा चुके हैं. 11 लाख रुपए बकाया होने के चलते एक्शन रविवार को कार्यवाहक नगर परिषद आयुक्त प्रेमराज मीणा समेत परिषद की टीम हिंडौन दरवाजा स्थित गर्ग पैलेस पहुंची. टीम ने मैरिज हॉल के मुख्य द्वार पर सील लगाते हुए बकाया राशि जल्द जमा कराने के निर्देश दिए. मैरिज हॉल पर करीब 11 लाख रुपये से अधिक का विकास शुल्क बकाया था. कार्रवाई के बाद शहर के अन्य मैरिज गार्डन संचालक भी हरकत में आ गए हैं. निगम की चेतावनी के बाद भी माने संचालक पिछले माह शहर के बड़े मैरिज गार्डन और पैलेस संचालकों को करीब 1.25 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है. इसके भुगताने के लिए निगम ने नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. कई संचालकों ने बकाया राशि जमा करवाई, जबकि कुछ ने अतिरिक्त समय मांगा. लेकिन गर्ग पैलेस संचालक की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नगर निकाय अधिनियम के तहत सीज की कार्रवाई की गई. 10-10 लाख से भी ज्यादा का बकाया नगर परिषद द्वारा जारी नोटिस में कई बड़े मैरिज गार्डनों पर लाखों रुपये का यूडी टैक्स बकाया बताया गया था. इनमें भंवर विलास पैलेस पर 19.10 लाख, बाबूभाई पैराडाइज पर 14.07 लाख, आशीर्वाद मैरिज होम पर 11.87 लाख, लक्ष्मी मैरिज गार्डन पर 11.60 लाख, गर्ग पैलेस पर 11.01 लाख और करौली इन मैरिज गार्डन पर 10.76 लाख रुपये बकाया शामिल हैं. इसके अलावा वृन्दावन गार्डन, जिंदल मैरिज गार्डन, गोवर्धन पैलेस, लाडली पैलेस, द्वारिकाधीश, शिवशक्ति, गणेश बैंक्वेट हॉल और शिवलॉज को भी नोटिस जारी किए गए हैं.

हरनौत में कृषि सखियों की बहाली पर गड़बड़ी का आरोप, डीएम ने जांच के दिए आदेश

हरनौत राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत सभी प्रखंडों में पिछले साल दो-दो कृषि सखियों की बहाली की गयी है। इनका काम किसानों से आंकड़ा जुटाना और उन्हें प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करना था। जीविका की अनुशंसा पर कृषि विभाग द्वारा बहाली की जानी थी। इस बहाली में अब गड़बड़ी की आशंका सामने आ रही है। हरनौत प्रखंड की दो महिलाओं ने डीएम को आवेदन देकर जांच की मांग की है। इस मामले पर जिला कृषि पदाधिकारी व जीविका डीपीएम के विरोधाभाषी बयान देकर आमने-सामने आ गये हैं। वहीं डीएम कुंदन कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है।आवेदन के अनुसार जीविका की ओर से दोनों का चयन किया गया था। जीविका के प्रखंड परियोजना प्रबंधक ने दोनों के नामों की अनुशंसा कर पत्र प्रखंड कृषि कार्यालय को भेजा था। बाद में पता चला कि उनके स्थान पर किसी और की बहाली कर ली गयी है। यानि, जीविका की अनुशंसा की अनदेखी की गयी। जीविका के सूत्रों की मानें तो कई प्रखंडों से ऐसे मामले सामने आये हैं। जीविका की ओर से भेजे गये नामों को हटाकर अन्य की बहाली कर ली गयी। क्या है आरोप हरनौत के प्रेमलता देवी व मुन्नी देवी ने डीएम को बताया कि जीविका की ओर से उन्हें चुना गया था। बीपीएम ने पत्र देकर उन्हें सूचना दी थी। उन्होंने जिला कृषि कार्यालय में मिट्टी जांच की ट्रेनिंग भी ली। इसके बाद उन्हें किसानों की सूची तैयार करने का काम दिया गया। गांव-गांव घूमकर उन्होंने किसानों से जानकारी लेकर सूची बनायी। प्रखंड कृषि कार्यालय में इस जानकारी को कंम्प्यूटर पर अपलोड कराया। करीब तीन महीने तक उन्होंने काम किया। इसके बाद प्रखंड कृषि कार्यालय से बताया गया कि किसी दूसरे का चयन कर लिया गया है। एक दूसरे पर टाल रहे कृषि विभाग-जीविका के अधिकारी इस मामले को कृषि विभाग व जीविका के अधिकारी एक-दूसरे पर टाल रहे हैं। कृषि विभाग इसका ठीकरा जीविका पर फोड़ रहा है। वहीं, जीविका का कहना है कि उन्होंने नामों की अनुशंसा की थी। बहाली का काम कृषि विभाग का था। दोनों महिलाएं एक से दूसरे विभागों में चक्कर लगा रही हैं। डीएओ ने स्पष्ट रूप से कहा कि बहाली हो गयी है। अब इस मामले में कुछ नहीं हो सकता है। जानकार बताते हैं कि यह बात तय है कि कहीं न कहीं गड़बड़ी हुई है। गड़बड़ी किसने और क्यों की है, यह जांच का विषय है।

कोटा के गणेशपुरा में सालों पुरानी पानी की समस्या का समाधान शुरू

कोटा कोटा शहर से सटे गणेशपुरा गांव में अब सालों पुरानी पेयजल समस्या खत्म होने जा रही है. गांव में चंबल का शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है. लंबे समय तक फ्लोराइड युक्त पानी, हैंडपंप और बोरिंग के सहारे जिंदगी गुजारने वाले ग्रामीणों में अब नई उम्मीद जगी है. ग्रामीणों ने इस पहल के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और स्थानीय विधायक कल्पना देवी का आभार जताया है. सालो बाद गांव की मांग पूरी होने पर कैसे है माहौल गांव का.. पढ़ें र‍िपोर्ट   फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर थे लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र के गणेशपुरा गांव के लोग सालों से लोग पेयजल संकट से जूझ रहे थे. गांव साल 2008 में नगर निगम वार्ड में शामिल तो हो गया, इसके बावजूद यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं. सबसे बड़ी समस्या थी, शुद्ध पेयजल की. ग्रामीणों को फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ता था. महिलाएं दूर-दूर से पानी भरकर लाती थीं. कई घरों में हैंडपंप और बोरिंग ही एकमात्र सहारा था.  दूषित पानी के कारण बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों की शिकायतें भी आम थीं. अब गांव में चंबल का पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हुआ है. काम शुरू होते ही गांव में उत्साह का माहौल है. वर्षों तक पानी की समस्या झेलनी पड़ी गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने वर्षों तक पानी की समस्या झेली है. कई बार मांग उठाई गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ. अब जब पाइपलाइन बिछने लगी है तो लोगों को भरोसा हो गया है कि जल्द ही घर-घर शुद्ध पानी पहुंचेगा. युवाओं का कहना है कि पानी की समस्या खत्म होने से गांव की जिंदगी बदल जाएगी. ग्रामीण युवक ने बताया क‍ि सालों से यहां पानी की बहुत दिक्कत थी. फ्लोराइड वाला पानी पीना मजबूरी थी. अब सरकार और जनप्रतिनिधियों के प्रयास से चंबल का पानी मिलेगा तो बड़ी राहत होगी. ग्रामीणों ने ओम बिरला का आभार जताया ग्रामीणों ने इस काम के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार जताया. उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित मांग अब पूरी होती दिखाई दे रही है. स्थानीय विधायक कल्पना देवी ने भी गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए. गणेशपुरा के लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि बाकी शहरी सुविधाएं भी गांव तक जरूर पहुंचेगी. सालों तक फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर रहे गणेशपुरा के लोगों के लिए चंबल का पानी सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि बेहतर जिंदगी की नई शुरुआत माना जा रहा है.

“इंजन में आग लग गई है…” विमान हादसे के बाद पायलट की घबराई आवाज ने दहलाया

नई दिल्ली अमेरिका के डेनवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां सुरक्षा बाड़ फांदकर रनवे पर पहुंचे एक अज्ञात व्यक्ति की विमान से टकराकर मौत हो गई। फ्रंटियर एयरलाइंस की फ्लाइट 4345 से हुई यह टक्कर के बाद विमान के इंजन में आग लग गई। इस घटना के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) का ऑडियो सामने आया है, जिसमें पायलट की घबराहट और यात्रियों द्वारा बयां किएक गए मंजर दिखाई दे रहे हैं। कब की है घटना? एयरपोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति ने स्थानीय समयानुसार शुक्रवार रात लगभग 11:19 बजे हुई घटना से ठीक पहले एक बाड़ फांदकर सक्रिय रनवे क्षेत्र में प्रवेश करके हवाई अड्डे की सुरक्षा का उल्लंघन किया था। फ्रंटियर एयरलाइंस का विमान उस व्यक्ति से टकराने के समय चल रहा था। ऑडियो आया सामने एटीसी ऑडियो में, फ्रंटियर फ्लाइट 4345 के पायलट को कंट्रोल टावर को यह सूचित करते हुए सुना जा सकता है कि विमान एक व्यक्ति से टकराने के बाद रनवे पर रुक गया था और उसके एक इंजन में आग लग गई थी। फ्रंटियर विमान 4345 के पायलट ने कहा, हमने अभी-अभी किसी को टक्कर मारी दी है… हमारे इंजन में आग लग गई है। हम रनवे पर रुक रहे हैं रनवे पर बिखरे मिले शरीर के अंग डेनवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फ्रंटियर फ्लाइट 4345 द्वारा रनवे पर दौड़ रहे एक व्यक्ति को टक्कर मारने के बाद के भयावह क्षणों को एयर ट्रैफिक कंट्रोल के चौंकाने वाले ऑडियो में कैद किया गया है। बताया जाता है कि टक्कर इतनी भीषण थी कि शरीर के अंग रनवे पर बिखरे पड़े मिले ऑडियो रिकॉर्डिंग में एयरपोर्ट के एक कर्मचारी ने कहा, "रनवे पर मुझे कुछ अंग मिले हैं। मेरा मानना है कि विमान ने किसी व्यक्ति को टक्कर मारी है। रनवे पर मानव अवशेष दिखाई दे रहे हैं।" फ्लाइटअवेयर के अनुसार , दुर्घटना के समय विमान लगभग 149 मील प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर रहा था। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि वह व्यक्ति आंशिक रूप से विमान के इंजनों में से एक में खिंच गया था।

लखनऊ में दवा कीमतें बढ़ीं, इंसुलिन और जरूरी मेडिसिन हुईं महंगी

 लखनऊ  महंगाई की मार अब रोगियों पर भी पड़ने लगी है। डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की दवाओं की कीमतों में 15-20 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई है। पिछले साल भी करीब 10-15 प्रतिशत तक इजाफा हुआ था जिसका सीधा असर मधुमेह रोगियों की जेब पर पड़ रहा है। डायबिटीज से ग्रसित मरीजों को जीवनभर नियमित दवाएं और इंसुलिन लेनी पड़ती हैं। खासकर, डायबिटीज-1 के रोगी इंसुलिन पर निर्भर होते हैं। दवा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों, आयात लागत और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी के कारण फार्मा कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं। लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता विकास रस्तोगी का कहना है कि डायबिटीज की कई दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट विदेशों से आयात किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल और शिपिंग लागत बढ़ने से दवाओं की उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है हाल के वैश्विक तनावों और सप्लाई चेन प्रभावित होने का असर भी दवा उद्योग पर पड़ा है। लखनऊ में डायबिटीज की दवाओं और इंसुलिन का सालाना करीब 80-90 करोड़ रुपये की खपत है। डायबिटीज के मरीजों का मासिक खर्च अब पहले की तुलना में 20 प्रतिशत तक बढ़ेगा। नई तकनीक वाली दवाओं और इंजेक्शन का उपयोग करने वाले मरीजों पर यह खर्च और अधिक पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह कई कंपनियों ने नई रेट लिस्ट जारी की हैं। कुछ ब्रांडेड दवाओं की कीमतों में पहले ही 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि आने वाले समय में यह वृद्धि 20 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। डायबिटीज रोगी सर्वाधिक प्रभावित उत्तर प्रदेश में करोड़ों लोग डायबिटीज रोग से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को रोजाना दवाएं लेनी पड़ती हैं। दाम बढ़ने का असर निम्न और मध्यम आय वर्ग के मरीजों पर सीधे पड़ता है। कई मरीज पहले ही महंगी दवाओं के कारण इलाज बीच में छोड़ देते हैं, ऐसे में कीमतों में और वृद्धि चिंता बढ़ाने वाली है। आईसीएमआर एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 4.9% वयस्क आबादी मधुमेह से पीड़ित है। हालांकि, यूपी में मधुमेह की दर देश में सबसे कम है, लेकिन चिंता की बात यह है कि यहां 18% लोग प्री-डायबिटिक हैं, जो भविष्य में डायबिटिक हो सकते हैं। दवा का नाम                                          पुराना दाम (₹)              नया दाम (₹) इंसुलिन ह्यूमलाग मिक्स-25 कार्ट्रिज              5,350                         6,000 रोजडे टैबलेट                                           212                            235 इस्टामेट टैबलेट                                       175                           195     दवाओं के दाम बढ़ाने-घटाने का निर्णय केंद्र सरकार करती है। हालांकि, हमारे विभाग को डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की दवाएं महंगी होने की कोई सूची नहीं मिली है। सोमवार को इसके बारे में जानकारी करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।                                      ब्रजेश कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन

30 हजार से कम में लॉन्च हुआ फ्लिप फोन! Ai+ Nova Flip 5G ने मचाई हलचल

 क्या आप काफी समय से एक फ्लिप फोन खरीदने के बारे में सोच रहे हैं? लेकिन इसकी ज्यादा कीमत की वजह से रुक रहे थे तो अब आपके पास शानदार मौका है। एक महीने के इंतजार के बाद, Ai+ Nova Flip 5G फोन अब भारत में खरीदने के लिए उपलब्ध हो गया है। जी हां, आप इसे 30 हजार रुपये से कम कीमत में खरीद सकते हैं। कंपनी ने 2025 में Ai+ के पहले फ्लिप फोन के तौर पर टीज किया था। वहीं कुछ ही वक्त पहले कंपनी ने इसे भारत में लॉन्च किया है। अब आप बेझिझक इस फोन को खरीद सकते हैं। ये डिवाइस शानदार फीचर्स से लैस है जो महंगे स्मार्टफोन को भी टक्कर दे रहा है। फोन में MediaTek प्रोसेसर, 50-मेगापिक्सल कैमरा और AMOLED डिस्प्ले है। चलिए इसकी कीमत और इसके मुख्य फीचर्स पर एक नजर डालते हैं। Ai+ Nova Flip 5G की कीमत और ऑफर कीमत की बात करें तो Ai+ Nova Flip 5G की कीमत इसके एकमात्र मॉडल के लिए 29,999 रुपये है जिसमें आपको 8GB/256GB वेरिएंट मिलता है। Ai+ ने कन्फर्म किया है कि ये कीमत एक शुरुआती लॉन्च ऑफर का हिस्सा है। डिवाइस सिर्फ Flipkart पर ही खरीदने के लिए उपलब्ध है। फोन को आप सिंगल कलर Glacier White में खरीद सकते हैं।     Ai+ Nova Flip 5G के स्पेसिफिकेशन स्पेसिफिकेशन की बात करें तो Ai+ Nova Flip 5G में अंदर की तरफ 6.9-इंच की AMOLED मेन स्क्रीन मिलती है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz और PPI डेंसिटी 443 है। साथ ही डिवाइस में 1,200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिल रही है। बाहर की तरफ फोन में 3-इंच की OLED डिस्प्ले मिल रही है। हालांकि इसका रिफ्रेश रेट 60Hz तक है और ब्राइटनेस 900 निट्स तक जा सकती है। फोन की मोटाई ओपन करने पर सिर्फ 7.2mm और वजन 193 ग्राम है। इसका बाहरी पैनल Nubia Flip 2 जैसा ही दिखाई देता है, जिसमें एक गोल कवर डिस्प्ले, डुअल-कैमरा रिंग और LED फ्लैश मिल रही है। इसका डिजाइन जाने-पहचाने, कॉम्पैक्ट और फोल्डेबल लेआउट पर बेस्ड है। साथ ही फोन का फ्रेम भी काफी पतला और हल्का है। डिवाइस को पावर देने के लिए इसमें MediaTek का 4nm Dimensity 7300X चिपसेट मिल रहा है। साथ ही इसमें ARM Cortex-A78 कोर पर बेस्ड ऑक्टा-कोर CPU है। डिवाइस 8 GB तक RAM और 256 GB इंटरनल स्टोरेज ऑफर कर रहा है। इसके अलावा फोन में 4,325mAh की बैटरी मिल रही है। Ai+ Nova Flip 5G के कैमरा स्पेक्स कैमरा की बात करें तो फोन में 50 MP का प्राइमरी रियर कैमरा और उसके साथ 2 MP का सेकेंडरी लेंस मिल रहा है। जबकि सामने की तरफ फोन में प्राइमरी डिस्प्ले पर एक होल-पंच कटआउट के अंदर 32 MP का सेल्फी कैमरा मिल रहा है। सुरक्षा के लिए फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट है, जिससे फोन को जल्दी से एक्सेस किया जा सकता है।  

स्वगणना प्रक्रिया शुरू, अनाज वाले सवाल पर बढ़ी चर्चा

लखनऊ यूपी में जनगणना 2027 के लिए स्वगणना शुरू हो चुकी है। अब लोग स्वगणना करा रहे हैं। पूछे जाने वाले सवाल उनको परेशान कर रहे हैं। परिवार कौन से मुख्य अनाज का उपयोग करता है? इसके विकल्प है गेहूं, चावल, बाजरा। अब उत्तर भारत में मुख्य रूप से गेहूं और चावल दोनों का उपयोग किया जाता है। समस्या यह है कि दोनों को विकल्प के रूप में नहीं रखा जा सकता है। अगर गेहूं चुनेंगे तो चावल मिट जाएगा और चावल विकल्प में चुनेंगे तो गेहूं मिट जाएगा। लोगों का कहना है कि एक साथ दोनों क्यों नहीं रखा जा सकता है। सहायक निदेशक जनगणना जेके श्रीवास्तव का कहना है कि इस सवाल को रखने का मुख्य उद्देश्य था कि किस क्षेत्र के लोग कौन सा मुख्य अनाज खाते हैं। जिससे आगे कुछ योजनाएं बनानी हो तो उसके अनुसार की जाए। प्रयागराज डीएम, मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस वक्त स्वगणना हो रही है। तीन दिनों में अच्छा रिस्पांस मिला है। हम जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वो स्वगणना में हिस्सा लें और अपना फॉर्म समय रहते भरें। ऐसा करने पर बाद में किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी। इस पोर्टल पर कराएं स्वगणना http://se.census.gov.i n पोर्टल पर जाकर अपना राज्य, जिला भरकर भाषा व मोबाइल नंबर डालें और ओटीपी के बाद परिवार का मुखिया, गूगल मैप पर घर की लोकेशन भरने के बाद पूछे गए सवालों के जवाब देकर आसानी से स्वगणना कराई जा सकती है। अफसरों का कहना है कि प्रक्रिया में 10 से 15 मिनट का वक्त लगता है। छह हजार से अधिक ने करा ली स्वगणना आंकड़ों के अनुसार प्रयागराज में अब तक छह हजार से अधिक लोगों ने स्वगणना करा ली है। तीसरे दिन यूथ एवं स्पोर्ट्स डे के रूप में मनाया गया। जिला जनगणना अधिकारी विनीता सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग के अध्यक्ष सहित हंडिया तहसील व जसरा ब्लॉक के खिलाड़ियों, ग्रुप मुख्यालय 15 यूपी बटालियन के एनसीसी कैडेटों, अफसरों, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने अपना स्वगणना फॉर्म भरा व इसे ऑनलाइन भी किया। जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि अभियान 21 मई तक चलेगा। उन्होंने प्रत्येक वर्ग से अपील की है कि सभी लोग आवेदन करें और जनगणना 2027 में सहयोग करें। 22 मई से 20 जून के बीच जब प्रगणक उनके घर आएं तो उसे अपने स्वगणना के बाद मिले नंबर को जरूर बताएं।