samacharsecretary.com

निफ्टी के लिए 23,500–25,000 का अहम रेंज, एक्सपर्ट की राय

नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव और वैश्विक राजनीतिक हलचलों के बीच शुक्रवार 8 मई को सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी के कारण सेंसेक्स 516 अंक गिरकर 77,328 पर और निफ्टी 151 अंक फिसलकर 24,176 के स्तर पर आ गया। बाजार की इस अस्थिरता के बावजूद आनंद राठी (Anand Rathi) के टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर गणेश डोंगरे का मानना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, बाजार अब 'Buy-on-Dips' यानी हर गिरावट पर खरीदारी के मोड में है। सोमवार 11 मई 2026 के लिए उन्होंने तीन ऐसे शेयरों को चुना है जो निवेशकों को अच्छा मुनाफा दे सकते हैं। अगले हफ्ते के लिए बाजार का आउटलुक मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गणेश डोंगरे के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,500–23,800 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट (सहारा) का काम करेगा, जबकि 24,800–25,000 की रेंज में बड़ी रुकावट (Resistance) देखी जा सकती है। अगर निफ्टी 24,800 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो यह जल्द ही 25,300 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं, बैंक निफ्टी के लिए 54,500–55,000 का स्तर अहम सपोर्ट है। एक्सपर्ट की टॉप 3 पिक्स (Top Picks for Monday) सोमवार के लिए गणेश डोंगरे ने इन तीन शेयरों में खरीदारी की सलाह दी है। 1- एमक्योर फार्मा (Emcure Pharmaceuticals):- खरीदें:- ₹1640 – ₹1660 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹1730 स्टॉप लॉस:- ₹1615 2- केफिन टेक (Kfin Technologies):- खरीदें:- ₹910 – ₹920 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹980 स्टॉप लॉस:- ₹890 3- मझगांव डॉक (Mazagon Dock Shipbuilders):- खरीदें:- ₹2640 – ₹2660 की रेंज में टारगेट (लक्ष्य):- ₹2750 स्टॉप लॉस:- ₹2580 निवेशकों के लिए जरूरी सुझाव एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाला हफ्ता काफी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत और संस्थागत निवेशकों (FIIs/DIIs) की गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखेंगे। बाजार में किसी भी बड़ी खबर से उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ सकता है, इसलिए चुनिंदा शेयरों में ही निवेश करें और स्टॉप लॉस (Stop Loss) का सख्ती से पालन करें। अनुशासन के साथ निवेश करना ही मौजूदा बाजार में मुनाफे की कुंजी है।

क्रूज शिप पर हंतावायरस का कहर, 3 मौतों के बाद WHO ने जारी किया अलर्ट

 कोरोना वायरस के बाद अब एक नए वायरस हंतावायरस (Hantavirus) ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. क्रूज शिप पर हंतावायरस के प्रकोप से 3 लोगों की मौत के बाद अलर्ट जारी किया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इस मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है. हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों से फैलता है, लेकिन इस बार इसके इंसानों से इंसानों में फैलने की आशंका ने एक्सपर्ट्स की चिंताएं बढ़ा दी हैं क्योंकि यह वायरस फेफड़ों और किडनी पर सीधा हमला करता है, जिससे मरीज की हालत कुछ ही घंटों में गंभीर हो सकती है. WHO का इस बारे में क्या कहना है और इसके लक्षण क्या हैं, इस बारे में जानना भी जरूरी है. क्रूज शिप पर हंतावायरस का कहर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार,  शिप पर अब तक कुल 8 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 3 यात्रियों की मौत हो चुकी है. यह जहाज दक्षिण अटलांटिक में था जब यात्रियों में बुखार और सांस लेने में तकलीफ जैसे गंभीर लक्षण देखे गए. फिलहाल जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स पर खड़ा है और संक्रमितों को आइसोलेट किया गया है. जलवायु परिवर्तन और बढ़ता खतरा द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण इंसानों का उन इलाकों में एक्सपोजर बढ़ रहा है जहां चूहे पाए जाते हैं. गर्मी बढ़ने के कारण ये जीव नए ठिकानों की तलाश में इंसानी बस्तियों या जहाजों तक पहुंच रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने का रिस्क बढ़ गया है. हालांकि, एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह वायरस हवा के जरिए आसानी से नहीं फैलता, लेकिन पर्यावरण में बदलाव इसकी पहुंच बढ़ा रहे हैं. कैसे पहचानें हंतावायरस के लक्षण? आमतौर पर हंतावायरस संक्रमित चूहे के मल-मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है. हालांकि, इस बार एंडिस वायरस स्ट्रेन की पुष्टि हुई है. मायो क्लीनिक के अनुसार, दक्षिण अमेरिका में पाया जाने वाला यह स्ट्रेन सीमित परिस्थितियों में एक इंसान से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है. क्रूज शिप पर संक्रमण फैलने का यही मुख्य कारण माना जा रहा है. CDC और हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हंतावायरस के लक्षण शुरुआत में आम फ्लू जैसे लगते हैं, जिससे इसे पहचानना मुश्किल होता है. इसमें मसल्स से दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और पेट की समस्याएं हो सकती हैं. संक्रमण के बढ़ने पर यह फेफड़ों को प्रभावित करता है जिससे सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगती है. इसका मृत्यु दर काफी अधिक है इसलिए समय पर अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है. क्या नई महामारी बन सकता है? WHO के डायरेक्टर जनरल डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेसियस ने हंतावायरस को लेकर दुनिया के डर को कम करने की कोशिश की है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह कोरोना जैसी स्थिति नहीं है और आम लोगों के लिए इसका खतरा फिलहाल बहुत कम है डॉ. टेड्रोस ने कहा, 'लोग हंतावायरस की तुलना कोविड-19 से न करें. मैं और मेरे साथी विशेषज्ञ पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं कि इस वायरस से पब्लिक हेल्थ को होने वाला खतरा फिलहाल काफी कम है. इसे लेकर पैनिक होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यह कोरोना की तरह बड़े स्तर पर फैलने वाली महामारी नहीं है. संक्रमण को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और जहाज पर अब कोई भी यात्री लक्षण नहीं दिखा रहा है.' बचाव ही एकमात्र इलाज हंतावायरस के लिए फिलहाल कोई विशेष वैक्सीन या सटीक एंटी-वायरल इलाज उपलब्ध नहीं है. एक्सपर्ट की सलाह है कि संक्रमण का पता चलते ही मरीज को तुरंत ICU में भर्ती करना चाहिए. ऑक्सीजन सपोर्ट और हाइड्रेशन के जरिए ही मरीज की जान बचाई जा सकती है. चूहों से दूरी बनाना और साफ-सफाई रखना ही इससे बचने का सबसे कारगर तरीका है.

गर्मी में रेलवे का तोहफा: 15 मई से रोजाना चलेगी स्पेशल ट्रेन

भोपाल  इन दिनों स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां हैं, साथ ही शादी – ब्याह का सीजन भी, ऐसे में बड़ी संख्या में लोग यात्रा कर रहे हैं या यात्रा की तैयारी में हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे की ओर से राहत भरी खबर सामने आई है। बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग के बीच रेलवे ने पुणे से गोरखपुर के बीच रोजाना समर स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। ये फैसला ऐसे समय में आया, जब लंबी दूरी की ट्रेनों में 'नो रूम' की स्थिति बनी है और यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल है। इस स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच रहेंगे। इनमें एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी शामिल है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी वर्गों के लिए सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। एमपी के यात्रियों को होगा फायदा रेलवे के इस कदम से मध्य प्रदेश के यात्रियों को भी सीधा फायदा होगा। प्रदेश के इटारसी जंक्शन, रानी कमलापति स्टेशन और बीना जंक्शन पर इस ट्रेन के स्टॉपेज होंगे। इससे भोपाल समेत आसपास के इलाकों से यात्रा करने वालों को सुलभ यात्रा का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। बढ़ती मांग और सीमित सीटों के बीच रेलवे की ये नई सेवा यात्रियों के दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी। 15 मई से 15 जुलाई तक संचालन गाड़ी संख्या 01415/01416 पुणे-गोरखपुर-हड़पसर स्पेशल ट्रेन का संचालन 15 मई से 15 जुलाई तक किया जाएगा। इस दौरान कुल 62 ट्रिप किए जाएंगे। रोजाना चलने वाली ये ट्रेन गर्मियों के पीक सीजन में यात्रियों के लिए राहत का सबब साबित होगी। एमपी में 3 स्टॉपेज समेत इन स्टेशनों पर ठहराव ये ट्रेन मध्य प्रदेश में मुख्य रूप से इटारसी, रानी कमलापति और बीना स्टेशन पर स्टॉप लेगी। इसके अलावा दौंड, मनमाड, भुसावल, खंडवा, झांसी, कानपुर, लखनऊ और गोंडा जैसे बड़े स्टेशनों पर भी ठहराव करेगी। इस तरह महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच ट्रेन के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ेगी। ट्रेन का टाइमिंग शेड्यूल ट्रेन संख्या 01415 पुणे से सुबह 6:50 बजे रवाना होगी। रात 9:10 बजे इटारसी, 11:15 बजे रानी कमलापति और अगले दिन 1:25 बजे बीना पहुंचेगी। इसके बाद शाम 4:00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 01416 गोरखपुर से शाम 5:30 बजे चलेगी और तीसरे दिन सुबह 3:15 बजे पुणे पहुंचेगी। 'NO Room' की स्थिति से राहत गर्मियों में ट्रेनों में भारी भीड़ के कारण कई रूट्स पर वेटिंग लिस्ट 100 के पार चली गई है। ऐसे में नई स्पेशल ट्रेन शुरू होने से यात्रियों को कंफर्म टिकट मिल सकेगी। यह खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत है, जो लंबे समय से टिकट के लिए परेशान हैं।

H-1B वीजा नियम सख्त, संयुक्त राज्य अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी

नई दिल्ली  अमेरिका में नौकरी करने का सपना देखने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी श्रम विभाग ने एच1बी वीजा धारकों के न्यूनतम वेतन में 30 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव पेश किया है। प्रशासन का तर्क है कि यह कदम अमेरिकी नागरिकों के रोजगार और उनके वेतन हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है, ताकि विदेशी कामगार कम वेतन पर उनकी जगह न ले सकें। श्रम विभाग के अनुसार, मौजूदा वेतन स्तर लगभग 20 साल पहले तय किए गए थे, जो आज के समय में प्रासंगिक नहीं रह गए हैं। नए प्रस्ताव 'इम्प्रू¨वग वेज प्रोटेक्शन' के तहत एंट्री-लेवल से लेकर अनुभवी पेशेवरों तक, सभी चार श्रेणियों के वेतन में वृद्धि की जाएगी। जहां पहले एंट्री-लेवल (लेवल-1) के लिए न्यूनतम वेतन 73,279 डालर था, उसे बढ़ाकर 97,746 डालर करने का प्रस्ताव है। इसी तरह, सबसे अनुभवी पेशेवरों (लेवल-4) का वेतन 1,44,202 डालर से बढ़कर 1,75,464 डालर हो सकता है। यह बदलाव न केवल एच1बी बल्कि एच1बी1, ई-3 और प्रोग्राम इलेक्ट्रानिक रिव्यू मैनेजमेंट (पीईआरएम) जैसे प्रोग्राम्स पर भी लागू होगा। इस प्रस्ताव ने उद्योग जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन में इस भारी बढ़ोतरी से छोटी कंपनियों के लिए विदेशी प्रतिभाओं, खासकर फ्रेशर्स को नियुक्त करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इस प्रस्ताव पर 26 मई तक आम जनता की राय मांगी गई है, जिसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि 2020 में भी ट्रंप प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के ऐसे बदलाव की कोशिश की थी, जिसे कानूनी चुनौतियों के कारण रोकना पड़ा था। हाल ही में, सितंबर 2025 में एक राष्ट्रपति आदेश के जरिये एच1बी उम्मीदवारों पर एक लाख डालर का शुल्क भी लगाया गया था। अब वेतन वृद्धि का यह नया प्रस्ताव विदेशी पेशेवरों के लिए अमेरिका की राह को और भी चुनौतीपूर्ण बनाने वाला साबित हो सकता है।

सिलेंडर के पीछे पॉलिथीन रखना बन सकता है आर्थिक और मानसिक संकट का कारण

अक्सर हम अपनी रसोई किचन को बाहर से तो चकाचक रखते हैं, लेकिन सिलेंडर के पीछे की  छोटी सी जगह को स्टोर रूम समझ लेते हैं. हम अक्सर सिलेंडर के पीछे कई चीजें ठूंस देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी आदत घर की सुख-शांति को भंग कर सकती है, यहां तक की आपका बैंक बैलेंस जीरो हो सकता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, यह लापरवाही न केवल धन की हानि कराती है, बल्कि बड़े संकट को भी न्योता देती है. सिलेंडर के पीछे पॉलिथीन रखना क्यों है भारी भूल? 1. राहु और मंगल का खतरनाक मेल वास्तु में गैस चूल्हा और सिलेंडर अग्नि (मंगल) के प्रतीक हैं.  वहीं, प्लास्टिक और कचरा राहु का प्रतीक माना जाता है. जब आप सिलेंडर के पास या उसके पीछे पॉलिथीन और कबाड़ रखते हैं, तो मंगल और राहु का मेल होता है. इससे घर में अचानक गुस्सा, लड़ाई-झगड़े और मानसिक तनाव बढ़ने लगता है. 2. लक्ष्मी के आने का रास्ता रुक जाता है रसोई को मां अन्नपूर्णा का वास माना जाता है. अग्नि देव के स्थान के आसपास गंदगी या रद्दी जमा होने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रुक जाता है. बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि जिस रसोई में सिलेंडर के पास कचरा होता है, वहां पैसा पानी की तरह बहने लगता है. 3. सेहत पर पड़ता है बुरा असर रसोई में अग्नि का स्थान जितना साफ रहेगा, घर के सदस्यों की सेहत उतनी ही अच्छी रहेगी.  सिलेंडर के पीछे की गंदगी से घर में नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर घर की महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ता है. ये चीजें लाती है मुसीबत झाड़ू: वास्तु शास्त्र में झाड़ू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है, लेकिन इसे रखने के खास नियम हैं.  झाड़ू का काम गंदगी साफ करना है और सिलेंडर (अग्नि) का काम पोषण देना है. जब आप झाड़ू को अग्नि के स्थान पर रखते हैं, तो घर की बरकत भी जलने लगती है.  माना जाता है कि चूल्हे या सिलेंडर के पास झाड़ू रखने से घर के मुखिया पर कर्ज बढ़ता है. यह स्थिति घर में पैसा टिकने नहीं देती.  झाड़ू पैरों में आने वाली चीज है, जबकि रसोई पूजनीय है. इन दोनों को एक साथ रखना मां अन्नपूर्णा का अनादर माना जाता है. पुराने कपड़े या रद्दी: सिलेंडर के पीछे अक्सर हम बेकार पड़े बोरे, पुराने पोंछे या अखबार , पॉलिथीन की रद्दी ठूंस देते हैं. वास्तु में फटे-पुराने कपड़े और रद्दी राहु और शनि की नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक हैं.  अग्नि के पास इनका होना घर में कलह (झगड़े) पैदा करता है. बिना वजह परिवार के सदस्यों में चिड़चिड़ापन बढ़ने लगता है. जूते-चप्पल: कई बार हम स्टोर रूम या सिलेंडर वाली जगह को इग्नोर करते हैं और वहां पुराने जूते-चप्पल उतार देते हैं.  जूते-चप्पल बाहर की नकारात्मक ऊर्जा और धूल-मिट्टी लेकर आते हैं. रसोई जैसे पवित्र स्थान पर, जहाँ हमारा भोजन बनता है, वहां इन्हें रखना बीमारियों को न्योता देना है.  वास्तु के अनुसार, रसोई में जूते-चप्पल होने से घर का भाग्य कमजोर होता है. यह घर के सदस्यों के सम्मान और सफलता में कमी लाता है.  पैर और जूते शनि से जुड़े हैं. इन्हें मंगल (अग्नि) के स्थान पर रखना आपके बनते हुए कामों को बिगाड़ सकता है. सुरक्षा का भी है बड़ा खतरा वास्तु को एक पल के लिए किनारे भी रख दें, तो सुरक्षा के लिहाज से यह जानलेवा हो सकता है. गैस सिलेंडर से हल्की सी भी लीकेज होने पर ये पॉलिथीन और कागज आग को तेजी से पकड़ सकते हैं. हवा के आने-जाने का रास्ता रुकने से सिलेंडर के आसपास गर्मी बढ़ सकती है, जो किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है. क्या करें? रसोई घर में गैस चूल्हा (अग्नि तत्व) दक्षिण-पूर्व दिशा (आग्नेय कोण) में रखा जाना सबसे शुभ और उत्तम माना जाता है. आज ही सिलेंडर के पीछे और आसपास की जगह को खाली करें.वहां जमी धूल-मिट्टी को साफ करें.कोशिश करें कि सिलेंडर वाली जगह हवादार हो.

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट पर सख्त हुए सूर्यकांत, फेक न्यूज फैलाने वालों को दी चेतावनी

 नई दिल्ली भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से प्रसारित किए जा रहे एक जातिवादी और भ्रामक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस तरह की पोस्ट को नीच, ढीठ और शरारतपूर्ण बताते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा करने वालों के खिलाफ कानून की पूरी शक्ति के साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि देश के सर्वोच्च न्यायिक पद के साथ एक काल्पनिक उद्धरण जोड़ना न केवल बेईमानी है, बल्कि सामाजिक उकसावे की एक जानबूझकर की गई साजिश है। सीजेआई ने विशेष रूप से एक्स पर @UnreservedMERIT नामक एक अकाउंट द्वारा किए गए पोस्ट का उल्लेख किया। इस पोस्ट में हिंदी में एक बयान को CJI सूर्यकांत के नाम से प्रचारित किया जा रहा था, "अगर कोई समाज अपने लोगों के बीच से IAS, IPS, CJI, राष्ट्रपति और PM पैदा करने के बाद भी खुद को शोषित ही मानता है तो गलती ब्राह्मणों की नहीं बल्कि उसकी अपनी मानसिकता की है।" CJI का कड़ा रुख मुख्य न्यायाधीश ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को पूरी तरह से निराधार, दुर्भावनापूर्ण और स्पष्ट रूप से गलत करार दिया। उन्होंने इसे संवैधानिक मूल्यों का अपमान बताते हुए कहा, "देश के चीफ जस्टिस के नाम से एक काल्पनिक उद्धरण बनाना सरासर बेईमानी, जानबूझकर किया गया सामाजिक उकसावा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति अवमानना है। इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना आचरण न्यायपालिका और कानून के शासन में जनता के विश्वास की नींव को कमजोर करता है।" CJI ने सभी जिम्मेदार नागरिकों, मीडिया संगठनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से आग्रह किया है कि वे इस तरह की झूठी और मनगढ़ंत सामग्री को साझा या प्रचारित करने से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि यह फर्जी टिप्पणी उनके विचारों और चरित्र को नहीं दर्शाती है। कानून की पूरी ताकत का होगा सामना बयान में अंत में यह स्पष्ट किया गया कि जो लोग इस तरह की फर्जी खबरों और भ्रामक टिप्पणियों को फैला रहे हैं, उन्हें कानून की पूरी ताकत का सामना करना होगा। CJI के कार्यालय ने इस मामले को गंभीर मानहानि और न्यायिक कार्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य माना है।

जून के अंत में मंगल–गुरु का लाभ दृष्टि राजयोग, इन राशियों को मिलेगा फायदा

जून के आखिर में ग्रहों की चाल एक बड़ा बदलाव लेकर आ रही है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 29 जून को मंगल और गुरु एक खास स्थिति में आकर लाभ दृष्टि राजयोग बनाएंगे. जब ये दोनों ग्रह लगभग 60 डिग्री के कोण पर होते हैं, तब यह शुभ योग बनता है, जिसे ज्योतिष में बहुत फलदायी माना गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब मंगल और गुरु एक-दूसरे पर शुभ दृष्टि डालते हैं, तो यह योग जीवन में तरक्की, धन लाभ और सम्मान दिलाने वाला माना जाता है. इस दौरान व्यक्ति को नए मौके मिलते हैं और कई रुके हुए काम भी धीरे-धीरे पूरे होने लगते हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है. इन राशियों को मिल सकता है फायदा वृषभ राशि इस योग का प्रभाव वृषभ राशि के लोगों के लिए सकारात्मक रह सकता है. आमदनी बढ़ने के संकेत हैं. करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं. जो काम लंबे समय से रुके हुए थे, वे अब पूरे हो सकते हैं. व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलेंगे. अगर आप कोई नया काम शुरू करना चाहते हैं, तो समय अनुकूल है. कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए यह समय नई शुरुआत का संकेत दे सकता है. करियर और निजी जीवन दोनों में अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं. परिवार का माहौल बेहतर रहेगा. सेहत भी सही रहेगी. आर्थिक रूप से भी स्थिति मजबूत होने की संभावना है. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग तरक्की के रास्ते खोल सकता है. नौकरी या बिजनेस में नए मौके मिल सकते हैं. लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे. निवेश से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है. जून के अंत तक आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं. मकर राशि मकर राशि के लिए यह समय उपलब्धियों से भरा हो सकता है. आय में वृद्धि के योग बन रहे हैं. प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है. वैवाहिक जीवन में भी संतुलन बना रहेगा. समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. आपके फैसलों की सराहना हो सकती है.

सतलोक आश्रम मामले में बड़ा अपडेट, रामपाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी की अर्जी लगाई

 हिसार पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने देशद्रोह मामले में जमानत पर रिहा हुए सतलोक आश्रम संचालक रामपाल ने अदालत में भविष्य की पेशियों को लेकर एक अर्जी लगाई है। रामपाल ने अधिवक्ता के माध्यम से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैस्मीन शर्मा की अदालत में अर्जी देकर आगामी तारीखों पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पेश होने की अनुमति मांगी है। अदालत ने इस पर पुलिस से 16 मई को जवाब मांगा है। सतालोक आश्रम संचालक रामपाल और उसके समर्थकों के खिलाफ बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में साल 2014 में हुई हिंसा और प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान विभिन्न गंभीर धाराओं में केस दर्ज किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आश्रम में टकराव हुआ था उस समय पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के दौरान आश्रम में टकराव हुआ था, जिसमें छह लोगों की मौत हुई थी और पुलिस-प्रशासन को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। उसके बाद रामपाल व अन्य के खिलाफ देशद्रोह समेत विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे। इस संबंध में रामपाल के अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन ने बताया कि अदालत में दायर अर्जी में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वीसी के माध्यम से अदालत में पेश होने की अनुमति देने की मांग की है। अदालत ने पुलिस से जवाब-तलब किया है। हाल ही में रिहा हुआ है रामपाल बता दें कि रामपाल लंबे समय तक जेल में रहने के बाद हाल ही में हाई कोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ है। 16 मई को होने वाली सुनवाई पर पुलिस का पक्ष सुनने के बाद अदालत अपना फैसला देगी। पुलिस ने रामपाल को 19 नवंबर 2014 को गिरफ्तार किया था। 8 दिसंबर 2014 से न्यायिक हिरासत जेल में भेजा था। हाई कोर्ट ने आठ अप्रैल 2026 को रामपाल की नियमित जमानत याचिका स्वीकार की थी। रामपाल चार आपराधिक मामलों में जिला अदालत से बरी हो चुका है, जबकि हत्या के दो मामलों की मिली उम्रकैद की सजा को पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने निलंबित किया हुआ है।

मंगल गोचर का असर: 4 राशियों के लिए बढ़ी चिंता, तनाव और नुकसान के संकेत

  ज्योतिष शास्त्र में क्रूर ग्रह माने जाने वाले मंगल कल, 11 मई को मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. मंगल का अपनी ही राशि में आना ऊर्जा तो बढ़ाता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह ऊर्जा 'अग्नि' का काम कर सकती है. 21 जून तक की यह अवधि 4 विशेष राशियों के लिए मानसिक तनाव, दुर्घटना और आर्थिक नुकसान के संकेत दे रही है.अगर आप इन राशियों में हैं, तो आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. 1. कर्क राशि: करियर और घर में बढ़ सकता है तनाव कर्क राशि वालों के लिए मंगल का यह गोचर मानसिक अशांति ला सकता है.कार्यस्थल पर सहकर्मियों या बॉस के साथ वाद-विवाद होने की आशंका है.वाणी पर नियंत्रण न रखने से बनते काम बिगड़ सकते हैं.इस दौरान माता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी रह सकती है. 2. तुला राशि: वैवाहिक जीवन और पार्टनरशिप में दरार तुला राशि के जातकों के लिए मंगल का प्रभाव रिश्तों में कड़वाहट घोल सकता है.जीवनसाथी के साथ छोटी-छोटी बातों पर बड़ा झगड़ा होने के योग हैं.अगर आप पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, तो पैसों के लेनदेन को लेकर पारदर्शिता रखें, वरना बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. 3. मकर राशि: प्रॉपर्टी विवाद और एक्सीडेंट का डर मकर राशि वालों को इस गोचर के दौरान वाहन चलाते समय बेहद सावधान रहना चाहिए.चोट लगने या दुर्घटना होने की संभावना है. घर-परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद गहरा सकता है. घरेलू सुख-सुविधाओं में कमी महसूस होगी और बेमतलब के खर्चों से बजट बिगड़ सकता है. 4. मीन राशि: धन हानि और वाणी दोष मीन राशि के जातकों के लिए मंगल का मेष में जाना 'धन हानि' के संकेत दे रहा है.आपकी कटु वाणी आपके अपनों को नाराज कर सकती है.निवेश के लिए यह समय बिल्कुल सही नहीं है, पैसा डूबने का खतरा है.आंखों या पेट से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं. बचाव के लिए क्या करें? मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें. लाल मसूर की दाल का दान करें.क्रोध पर काबू पाना ही इस समय सबसे बड़ा उपाय है

रांची में कर्मचारी पेंशन विवाद, हाई कोर्ट ने सरकार की कार्यशैली पर जताई नाराजगी

रांची  झारखंड हाई कोर्ट में गुमला जिला के बैजनाथ जालान कालेज, सिसई के तृतीय वर्गीय कर्मचारी दिनेश साहू को पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ नहीं दिए जाने के मामले में दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने उच्च शिक्षा निदेशक की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि जब समान परिस्थितियों वाले दूसरे कर्मियों को पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ दिया जा चुका है, तो प्रार्थी को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। सुनवाई के दौरान अदालत में उपस्थित उच्च शिक्षा निदेशक सुधीर बाड़ा को निर्देश दिया कि वे आठ सप्ताह के भीतर मामले की पुनः समीक्षा कर दिनेश साहू को पंचम एवं छठा वेतनमान का लाभ देते हुए पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान सुनिश्चित करें। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई जुलाई के पहले सप्ताह में निर्धारित करते हुए अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से दाखिल शपथ पत्र में कहा गया था कि विभाग ने सकारण आदेश पारित कर प्रार्थी को एकल पीठ के आदेश के अनुरूप लाभ नहीं देने का निर्णय लिया है। इस पर हाई कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उस सकारण आदेश को निरस्त कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि दिनेश साहू का मामला उपेंद्र प्रसाद एवं अन्य कर्मियों के मामले के समान है। कोर्ट ने कहा कि प्रार्थी का समायोजन और नियमितीकरण भी उसी पत्र के आधार पर हुआ था, जिसके आधार पर उपेंद्र प्रसाद एवं अन्य कर्मियों को लाभ मिला। इसलिए दिनेश साहू को भी वही लाभ मिलना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि प्रार्थी के मामले में सरकार ने अब तक कोई अपील दाखिल नहीं की है, जबकि उपेंद्र प्रसाद मामले में अपील समय सीमा के भीतर दाखिल नहीं होने के कारण खारिज हुई थी। इसका हवाला देकर प्रार्थी के मामले को लंबित रखना अनुचित है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता प्रेम पुजारी ने अदालत को बताया कि दिनेश साहू वर्ष 2022 में बैजनाथ जालान कालेज, सिसई (गुमला) से तृतीय वर्गीय कर्मचारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें फिलहाल प्रोविजनल रूप से पंचम वेतनमान का लाभ मिल रहा है। उनकी सेवा समायोजन और नियमितीकरण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आलोक में वर्ष 2005 और 2007 में हुआ था। दिनेश साहू के मामले में सरकार ने एकल पीठ के आदेश को कभी चुनौती ही नहीं दी। बता दें कि हाई कोर्ट की एकल पीठ ने वर्ष 2024 में ही दिनेश साहू को पंचम एवं छठा वेतनमान का लाभ देते हुए पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ का भुगतान करने का निर्देश दिया था। आदेश का पालन नहीं होने पर प्रार्थी ने अवमानना याचिका दाखिल की है।