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10 मई ग्रहण योग: कुंभ, कर्क और कन्या राशि पर बढ़ेगा तनाव

 10 मई को चंद्रमा दोपहर 12:12 मिनट पर शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे। खास बात यह है कि, उसी समय इस राशि में राहु की उपस्थिति भी रहेगी। चंद्रमा और राहु की यह युति ज्योतिष में ग्रहण योग की मानी जाती है, जिसे आमतौर पर चुनौतीपूर्ण और मानसिक अस्थिरता बढ़ाने वाला माना जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक होता है, जबकि राहु भ्रम व अचानक होने वाली घटनाओं को दर्शाते हैं। ऐसे में जब ये दोनों एक साथ आते हैं, तो कुछ राशि के व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा काम में रुकावट और रिश्तों में दूरी जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। इसलिए इस दौरान धैर्य और समझदारी के साथ आगे बढ़ना बेहद जरूरी होगा। आइए इन राशियों के नाम जानते हैं। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए यह समय स्वास्थ्य के लिहाज से थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। नौकरी या करियर से जुड़े प्रयासों में मन कम लग सकता है, जिससे काम की गति प्रभावित होगी। बेहतर होगा कि आप अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें। भूमि-भवन से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए आपको कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा खुद को ज्यादा तनाव में न डालें। कन्या राशि कन्या राशि वालों को इस दौरान विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। कोई भी निर्णय जल्दबाजी में न लें, खासकर आर्थिक मामलों में। छोटी सी लापरवाही भी नुकसान का कारण बन सकती है। इस समय अपने स्वास्थ्य और दिनचर्या पर ध्यान दें, क्योंकि अनदेखी करने पर परेशानी बढ़ सकती है। करियर-कारोबार से जुड़े फैसले बहुत सावधानी के साथ लेने की आवश्यकता रहेगी। इस दौरान किसी भी समस्या को संवाद के जरिये सुलझाने का प्रयास करें। कुंभ राशि कुंभ राशि के लिए यह ग्रहण योग सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहेगा, क्योंकि यह आपकी ही राशि में बन रहा है। इस दौरान अचानक समस्याएं सामने आ सकती हैं। प्रेम संबंध में अपने अहम को हावी न होने दें अन्यथा बनी बात भी बिगड़ सकती है। नए लोगों पर भरोसा करने से पहले सोच-समझ लें, क्योंकि धोखा मिलने की संभावना भी हो सकती है। कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में अपनी योजनाओं का खुलासा न करें।  

महंगाई की मार: सिलिंडर की कमी से थाली महंगी, छात्रों और छोटे कारोबारियों का बजट बिगड़ा

आगरा आगरा में एलपीजी संकट बरकरार है। गैस सिलिंडर की किल्लत ने महंगाई का तड़का लगा दिया है। चाय, समोसा से लेकर रेस्तरां में खाना तक महंगा हो गया है। महिलाओं और व्यापारियों से लेकर छात्र तक सभी का बजट बिगड़ रहा है। व्यावसायिक सिलिंडर में 40 और घरेलू सिलिंडर में 30 प्रतिशत की कटौती से आम आदमी पर दोहरी मार पड़ रही है। जिले में 13 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं। प्रतिदिन करीब 150 टन एलपीजी खपत है। प्रतिदिन करीब 40 हजार व्यावसायिक सिलिंडर की खपत है। 88 गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं। इंडियन ऑयल, एचपी और भारत पेट्रोलियम गैस आपूर्ति करती हैं। कंपनियों की लापरवाही और प्रशासन के ढुलमुल रवैये से डिस्ट्रीब्यूटर्स से लेकर उपभोक्ता तक कटौती की मार झेल रहे हैं। करीब एक लाख से अधिक सिलिंडर का बैकलॉग है। व्यावसायिक सिलिंडर 935 रुपये और पांच किलो का छोटू सिलिंडर 230 रुपये महंगा हो गया है। इसके बावजूद भी उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद डिलीवरी नहीं मिल रही।   पीजी से लेकर छात्रावास तक प्रभावित छात्र गुरुप्रसाद ने कहा कि एलपीजी के व्यावसायिक और छोटू सिलिंडर महंगा होने से पीजी से लेकर छात्रावास तक प्रभावित हैं। छात्रों पर महंगाई की मार पड़ रही है। उनके लिए खाना बनाना महंगा हो गया है। किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों को पांच किलो सिलिंडर ब्लैक में 2000 रुपये तक खरीदना पड़ रहा है। उठानी पड़ रही परेशानी छात्र सचिन का कहना है कि पीजी में रहने वालों को ब्लैक में सिलिंडर खरीदना पड़ रहा है। सिलिंडर बहुत महंगा है। पढ़ाई करने वाले छात्रों का बजट गड़बड़ा रहा है। रसोई गैस की कमी के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है।   हॉकर करते हैं मनमानी छात्र अतुल ने बताया कि रसोई गैस सिलिंडर ब्लैक में मिल रहे हैं, हॉकर मनमानी करते हैं। बाहर खाना खाना मजबूरी बन गया है। वहां भी दाम बढ़ गए हैं। गैस एजेंसियों में पांच किलो वाला गैस सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है।   थाली पर बढ़े 40 रुपये छात्र यश का कहना है कि 120 रुपये की थाली अब 160 रुपये तक पहुंच गई है। छोटा सिलिंडर भी करीब 2000 रुपये में मिल रहा है। इतने महंगे सिलिंडर लेने से अच्छा है कि चूल्हे पर लकड़ियां जलाकर खाना बना लें। करना पड़ रहा लंबा इंतजार खंदारी निवासी शालू ने बताया कि सिलिंडर बुक कराने के बाद 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। पड़ोस से चूल्हा मांगना पड़ता है तो कभी आधा पका खाना छोड़ना पड़ता है।   महंगे दाम पर खरीदना मजबूरी नेहरू नगर कृतिका गौर का कहना है कि गरीब परिवार छोटा सिलिंडर वहन नहीं कर पा रहे हैं। मिलता भी आसानी से नहीं। ब्लैक में महंगे दाम पर खरीदना उनकी मजबूरी है। बड़े परिवारों में ज्यादा परेशानी दयालबाग निवासी सुंदरी ने बताया कि बड़े परिवारों में सिलिंडर की किल्लत और ज्यादा परेशानी खड़ी कर रही है। उनके घर में 10 से 12 सदस्य हैं, लेकिन एक ही सिलेंडर है। एक सिलेंडर 15-20 दिन भी नहीं चल पाता।  

विजय का पुराना वीडियो फिर चर्चा में: चर्च यात्रा और राजनीति से कनेक्शन

थलपति विजय की पार्टी TVK ने तमिलनाडु में धमाकेदार जीत हासिल की है. उनकी ऐतिहासिक जीत की किसी ने कल्पना नहीं की थी. राज्य की विरोधी पार्टियां विजय के समर्थन में आए जन सैलाब को देखकर हैरान हैं. विजय के पेरेंट्स बेटे की जीत को लेकर खुश हैं. जीत के जश्न के बीच विजय का पुराना वीडियो सामने आया है, जिसमें वो घुटनों के बल चलकर चर्च जा रहे हैं. विजय को तमिलनाडु में मिली जीत ये वीडियो तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले का है. एक्टर तिरुचिरापल्ली (Trichy) के सेंट एंथनी चर्च में नंगे पैर घुटनों के बल चलकर प्रार्थना करते हुए देखे गए थे. ये मोमेंट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ था. किसी ने विजय की आस्था को सराहा था. तो कुछ लोगों ने इसे चुनावी स्टंट करार दिया था. विजय अपनी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के चुनावी मैदान में सफलता की दुआ करने गए थे. हालांकि अब इस वीडियो देखकर लोगों का कहना है एक्टर की दुआ रंग लाई है. विजय ने चर्च ही नहीं, बल्कि मंदिरों में भी माथा टेका था. वो शिरडी साई बाबा के दरबार भी पहुंचे थे. विजय ने अपनी इन धार्मिक यात्राओं के जरिए बताया था कि वो सभी धर्मों का सम्मान करते हैं. विजय ने मस्जिद का भी दौरा किया था. मालूम हो, विजय के पिता क्रिश्चियन और मां हिंदू हैं. वो जन्म से रोमन कैथोलिक हैं. लेकिन पब्लिक के बीच उनकी छवि सेक्युलर शख्सियत की बनी है. वो हर धर्म को मानते हैं. विजय का असली नाम जोसफ विजय चंद्रशेखर है. बेटे विजय के चुनाव जीतने के बाद उनके पिता एस.ए. चंद्रशेखर ने तिरुथानी मुरुगन मंदिर में जाकर विशेष पूजा अर्चना की थी. खुशी के मां के आंसू झलके थे. एक्टर के पिता को भरोसा है कि उनका बेटा राज्य का मुख्यमंत्री बनेगा. वैसे विजय को राजनीति में सफल शुरुआत देने के पीछे उनके पिता का अहम योगदान रहा है. फिल्मों में भी पिता की बदौलत ही विजय का करियर चमका. एक्टर ने पिता की फिल्म से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपना करियर शुरू किया था. वो अपनी इस सफल जीत का क्रेडिट पेरेंट्स के आशीर्वाद और राज्य की जनता को देते हैं.

IPL 2026: दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपरकिंग्स की टक्कर पर सबकी नजर

नई दील्ली दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच आज आईपीएल का अहम मुकाबला खेला जाएगा। मैच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होगा। दोनों टीमें इस वक्त अंक तालिका के बीच में हैं। यानी ना तो ये प्लेऑफ के करीब हैं और ना ही इस रेस से बाहर हुई हैं। आज जो टीम जीतेगी, उसके लिए संभावनाएं और प्रबल हो जाएंगी, वहीं हारने वाली टीम के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी। इस बीच जरा जानने और समझने की कोशिश करते हैं कि आज का मैच कौन सी टीम जीत सकती है। दिल्ली और चेन्नई के अंक तालिका में बराबर अंक आईपीएल 2026 में आज दिल्ली और चेन्नई के बीच मुकाबला शाम साढ़े सात बजे से होगा, इससे आधे घंटे पहले यानी सात बजे टॉस होगा। अभी तक की बात करें तो दोनों टीमों ने नौ मैच खेलकर उसमें से चार में जीत दर्ज की है और पांच में उन्हें हार मिली है। दोनों टीमों के पास इस वक्त आठ अंक हैं। बेहतर रन रेट के आधार पर सीएसके छठे और दिल्ली कैपिटल्स की टीम नंबर सात पर है। आज का मैच दिल्ली के होम ग्राउंड पर है, जिसका उसे फायदा मिल सकता है। संजू सैमसन का फॉर्म बरकरार, अब कप्तान रुतुराज गायकवाड ने भी दिखाए अपने हाथ बात अगर दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड की करें तो अब तक खेले गए 32 मुकाबलों में से 20 मैच सीएसके ने जीते हैं और 12 में डीसी की टीम ने बाजी मारी है। हालांकि चेन्नई सुपरकिंग्स की बात करें तो दिल्ली में खेले गए पिछले आठ मैचों में से टीम ने छह में जीत दर्ज की है। पिछले ही मैच में सीएसके ने मुंबई इंडियंस को मात दी थी, इसलिए उसके हौसले बुलंद हैं। संजू सैमसन तो पहले से ही अच्छे फार्म में थे, अब कप्तान रुतुराज गायकवाड ने भी अच्छी बल्लेबाजी शुरू कर दी है। टीम के ​लिए अच्छी बात ये है कि तेज गेंदबाज अंशुल कम्बोज अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और वे पर्पल कैप की रेस में बने हुए हैं। केएल राहुल की बैटिंग दिल्ली के लिए प्लस प्वाइंट, मिचेल स्टार्क की वापसी से आई जान अब बात करते हैं दिल्ली कैपिटल्स की। टीम भले ही अपने घर पर खेल रही हो, लेकिन उसके लिए सब कुछ अच्छा होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। ये बात और है कि केएल राहुल इस वक्त जबरदस्त बल्लेबाजी कर रहे हैं। वे 400 से अधिक रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में हैं। टीम के स्टार तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क भी आ गए हैं, पिछले ही मैच में उन्होंने तीन विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है। आज चेन्नई की जीत की ज्यादा संभावना, दिल्ली भी कर सकती है कमाल आज के मैच में अगर दोनों टीमों का आंकलन किया जाए तो पता चलता है कि मैच बराबरी का होगा। हालांकि फिर भी सीएसके लिए थोड़े से चांस ज्यादा दिखाई दे रहे हैं। लेकिन दिल्ली को अपने घर पर कम नहीं आंका जा सकता। यहां की पिच बल्लेबाजों को खूब रास आती है। पिच सपाट और बाउंड्री छोटी होने के कारण बल्लेबाज खूब रन बनाते हैं। उम्मीद है कि जो भी टीम टॉस जीतेगी, वो पहले गेंदबाजी करना पसंद करेगी। दिल्ली में शाम को ओस आती है।

नायब सिंह सैनी सरकार का बड़ा कदम: अफ्रीकी देश तंजानिया के साथ 1 लाख एकड़ कृषि भूमि को लेकर समझौता

चंडीगढ़ हरियाणा के किसान अब केवल अपने राज्य में नहीं बल्कि पूर्वी अफ्रीका के देश तंजानिया में भी जमीनी खरीदकर खेती कर सकते हैं। राज्य और केंद्र सरकार ने मिलकर तंजानिया के साथ व्यापारिक संबंधों में विस्तार करने पर चर्चा की है। इसके बाद राज्य के किसानों का यहां पर जाकर जमीन खरीदना और खेती करवाना आसान हो गया है। हरियाणा सरकार तंजानिया में निवेश के अवसरों को बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिसके बाद यहां के किसानों और व्यापारियों ने भी इस पूर्वी अफ्रीकी देश के बाजारों में अवसरों की तलाश शुरू कर दी है हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इसे हरियाणा के किसानों और व्यापारियों के लिए एक बेहतर मौका करार दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि उद्यम करने में सक्षम बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने केंद्र के समर्थन से तंजानिया में एक लाख एकड़ कृषि भूमि के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। आधिकारिक बयान के अनुसार सैनी ने कहा कि अफ्रीकी देशों के साथ व्यापार सहयोग का लगातार विस्तार किया जा रहा है, जिसमें खनन, प्लाईवुड, कृषि और आईटी जैसे क्षेत्र शामिल है। इस योजना के लाभार्थी भिवानी के पास दादरी में रहने वाले सोमवीर घासोला भी हैं। इन्होंने तंजानिया में जमीन खरीदी है। घासोला ने तंजानिया की राजधानी डोडोमा के पास खनन व्यवसाय भी स्थापित किया है। भाषा से बात करते हुए घासोला ने कहा कि अफ्रीकी देश में बहुत सस्ती दरों पर उपजाऊ भूमि मिलती है। उस जमीन पर सभी प्रकार की फसलों को उगाया जा सकता है। यहां से वैश्विक बाजारों तक पहुंच भी आसानी से मिल जाती है, इससे यहां पर व्यापार और भी ज्यादा आसान हो जाता है। घासोला ने जमीन के एक बड़े हिस्से के बारे में कहा कि यह चावल, गन्ना, काजू और अन्य फसलें उगाने के लिए उपयुक्त है। इस योजना के एक और लाभार्थी शिव कुमार कंबोज ने भी कुछ महीने पहले ही तंजानिया में एक चीनी नागरिक से फैक्ट्री खरीदी थी। वह लगातार इस फैक्ट्री से लाभ कमा रहे हैं। अपने अनुभव को साझा करते हुए कंबोज ने कहा, "'हम तंजानिया के कारखाने में कच्चा माल तैयार करते हैं। उसे यहां लाते हैं और अपने लिए उपयोग करते हैं तथा प्लाईवुड व्यवसाय के अन्य उद्यमियों को भी देते हैं। हरियाणा सरकार का विदेशी सहयोग विभाग हमारी सहायता कर रहा है। मैं लगभग तीन साल पहले तंजानिया गया था। पिछले साल मैंने वहां एक कारखाना खरीदा था… वहां के लोग और सरकार बाहें फैलाकर हमारा स्वागत करते हैं।'' तंजानिया के साथ जारी इस योजना पर हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने भी बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि राज्य औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिख रहा है और एक मजबूत वैश्विक पहचान बना रहा है। सिंह ने कहा कि हरियाणा ने न केवल विकसित देशों के साथ बल्कि अफ्रीकी देशों के साथ भी व्यापार और निवेश के अवसरों की तलाश की है। इस संबंध में हरियाणा सरकार का एक प्रतिनिधिमंडल इस साल के अंत में सात दिनों के लिए तंजानिया का दौरा करेगा और 50वें दारे-सलाम अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (तंजानिया का प्रमुख व्यापार कार्यक्रम) में भाग लेगा, जहां एक हरियाणा पवेलियन भी स्थापित किया जाएगा। सिंह ने कहा कि अफ्रीकी देशों में समृद्ध खनिज संसाधन और सस्ती खेती के अवसर हैं।

WhatsApp बड़ा फैसला: 2026 से इन पुराने फोन में बंद हो जाएगा ऐप

दुनिया का सबसे पॉपुलर इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप WhatsApp ने ऐलान किया है कि ऐप कुछ स्मार्टफोन्स में काम करना बंद कर सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 में कंपनी अपने सिस्टम को अपडेट कर रही है, जिसके बाद कई पुराने एंड्रॉयड फोन WhatsApp सपोर्ट से बाहर हो जाएंगे. गौरतलब है कि WhatsApp 8 सितंबर 2026 से उन स्मार्टफोन्स पर काम नहीं करेगा जो Android 6.0 से पुराने वर्जन पर चलते हैं. यानी जिन फोन में Android 5.0 या 5.1 है, उनमें WhatsApp पूरी तरह बंद हो जाएगा. यह फैसला अचानक नहीं है. समय-समय पर पुराने डिवाइस का सपोर्ट खत्म करता रहता है, ताकि नए फीचर्स और बेहतर सिक्योरिटी को बनाए रखा जा सके. पुराने फोन में अक्सर नए अपडेट सपोर्ट नहीं करते और उनमें सिक्योरिटी का खतरा भी ज्यादा होता है. किन यूजर्स का WhatsApp बंद होगा? इस बदलाव का असर खास तौर पर उन देशों में ज्यादा देखने को मिल सकता है जहां लोग लंबे समय तक पुराने फोन इस्तेमाल करते हैं, जैसे भारत. कई यूजर्स अभी भी 8-10 साल पुराने स्मार्टफोन चला रहे हैं, जिनमें लेटेस्ट अपडेट नहीं आता. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर में लाखों यूजर्स ऐसे हैं जो अभी भी पुराने एंड्रॉयड वर्जन पर हैं और उन्हें वॉट्सऐप इस्तेमाल करने के लिए नया फोन लेना पड़ सकता है. कुछ पुराने फोन जैसे Samsung Galaxy S4, Nexus 4, LG G2 जैसे मॉडल पहले ही अपडेट से बाहर हो चुके हैं या जल्द हो जाएंगे. कंपनी की तरफ से वॉट्सऐप यूजर्स को नोटिफिकेशन भी भेजा जा रहा है. ऐप ओपन करते ही एक डायलॉग बॉक्स ओपन हो रहा है. इसमें लिखा है कि इस खास वर्जन के एंड्रॉयड पर 8 सितंबर से वॉट्सऐप काम करना बंद कर देगा. क्यों लिया गया यह फैसला WhatsApp का कहना है कि ऐप को सिक्योर और फास्ट बनाए रखने के लिए यह जरूरी कदम है. पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम में नए फीचर्स ठीक से काम नहीं करते. साथ ही, उनमें सिक्योरिटी अपडेट भी नहीं आते, जिससे हैकिंग या डेटा चोरी का खतरा बढ़ जाता है. इसी वजह से कंपनी अब सिर्फ उन डिवाइस को सपोर्ट करेगी जो Android 6.0 या उससे ऊपर के हैं. इससे ऐप की परफॉर्मेंस बेहतर होगी और यूजर्स को नए फीचर्स भी मिलते रहेंगे. यूजर्स क्या करें? अगर आपका फोन पुराना है, तो आपको जल्द ही WhatsApp की तरफ से नोटिफिकेशन मिल सकता है. इसमें आपको बताया जाएगा कि आपका डिवाइस अब सपोर्टेड नहीं रहेगा. ऐसे में आपके पास दो ही रास्ते हैं. पहला, अगर आपके फोन में अपडेट का ऑप्शन है तो उसे Android 6 या उससे ऊपर के वर्जन पर अपडेट करें. दूसरा, अगर अपडेट संभव नहीं है तो नया फोन लेना ही पड़ेगा. साथ ही, अपने WhatsApp चैट्स का बैकअप लेना बेहद जरूरी है, ताकि डेटा सेफ और सिक्योर रहे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों और भाजपा नेताओं के दौरों से उत्तर प्रदेश में चुनावी रणनीति हुई सक्रिय

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे भी नहीं आए थे और भारतीय जनता पार्टी ने साल 2027 में होने वाले चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी थीं। इसके संकेत भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई पार्टी दिग्गजों के दौरों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों से मिल रहे हैं। बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। वहीं, अगले साल उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर, उत्तराखंड, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने हैं। भाजपा को यूपी में भी असम की तरह हैट्रिक की उम्मीद है। UP में जुटे भाजपा के टॉप नेता 29 अप्रैल को बंगाल में दूसरे चरण का मतदान हुआ है। इससे एक दिन पहले ही भाजपा चीफ और पीएम मोदी 28 अप्रैल को उत्तर प्रदेश पहुंच गए थे। वहीं, जब पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने दल बदल किया, तो बंगाल में चुनावी ड्यूटी निभा रहे कई भाजपा नेता दिल्ली पहुंच गए थे। बंगाल के नतीजों के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक का विरोध की कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों को कड़ी सजा मिली है। उन्होंने दावा किया कि सपा को भी जल्द ही महिलाओं के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। उनका इशारा उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की ओर था क्यों अहम है उत्तर प्रदेश साल 2014 में जब भाजपा ने कुल 282 लोकसभा सीटें जीती थीं, तो इसमें यूपी की 71 सीटें भी शामिल थीं। खास बात है कि 80 सीटों वाला यूपी लोकसभा सीटों के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है। वहीं, 2024 के चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा था और पार्टी घटकर महज 33 सीटों पर आ गई थी। इससे पहले 2019 में भाजपा को यूपी में 62 लोकसभा सीटें मिली थीं। एक ओर जहां समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव PDA यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक को मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। वहीं, भाजपा गैर-यादव ओबीसी और गैर-जाटव दलित वर्गों को वापस जोड़ने की कोशिश कर रही है जो लोकसभा चुनाव में उनसे छिटक गए थे। अब बीजेपी अपने पुराने वोट बैंक को फिर से हासिल करने के लिए कई बड़े कदम उठा सकती है ताकि यादव और जाटव वोटों के अलावा अन्य जातियों में अपनी पकड़ फिर से बनाई जा सके। बंगाल का जीत बनेगी भाजपा का इंश्योरेंस बंगाल में जीत के साथ ही भाजपा ने उत्तर और पश्चिम की तरह पूर्व में भी मजबूती हासिल कर ली है। हालांकि, दक्षिण में कर्नाटक को छोड़ दिया जाए, तो भाजपा को लोकसभा में खास समर्थन नहीं मिलता है। साथ ही बंगाल की जीत को भाजपा इंश्योरेंस की तरह भी देख सकती है, जहां अगर उसे किसी मजबूत राज्य में लोकसभा चुनाव में झटका लगता है, तो बंगाल से भरपाई की जा सके। यहां कुल 42 लोकसभा सीटें हैं। पंजाब पर भी नजरें कहा जा रहा है कि पंजाब को हमेशा से प्रधानमंत्री मोदी सरकार चुनावी रूप से अहम मानती रही है। सिख बहुल राज्य में भाजपा लगातार समुदाय को अपनी ओर लाने के प्रयास करती रही है। वही, दल सत्तारूढ़ आप को भी कुर्सी से बेदखल करने की कोशिश में है। 7 राज्यसभा सांसदों का आना भाजपा को कुछ हद तक चुनावी रूप से मददगार साबित हो सकता है। चुनाव के नतीजे बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक 206 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, असम में शतक लगाकर चुनावी जीत की हैट्रिक पूरी की। इधर, केरल में भी भाजपा की सीटों का ग्राफ बढ़ा है। जबकि, तमिलनाडु में एक्टर विजय की टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनी। पुडुचेरी में एनडीए ने जीत हासिल की।

शिक्षा के मंदिर में शर्मनाक कृत्य, ASP नेता के स्कूल में शराब बिक्री का वीडियो वायरल

मुरैना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जौरा रोड, सोलंकी पेट्रोल पंप के सामने आजाद समाज पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री मनोज सेमिल का मकान है। स्कूल का नाम है सम्राट पब्लिक स्कूल इस मकान की पहली मंजिल पर मनोज सेमिल का निजी विद्यालय चलता है, जिसका नाम सम्राट पब्लिक स्कूल है। इस स्कूल में अवैध शराब का कारोबार जमकर हो रहा है। मंगलवार की सुबह एक वीडियो प्रसारित हुआ जिसमें स्कूल के अंदर देशी शराब की पेटियां रखी हुई दिख रही हैं हैं। शराब बेचने खरीदने और पीने वाले लोग कमरे में मौजूद है। शराब पीने के लिए टेबल कुर्सी डाली गयी है। वीडियो में दिख रहा है कि अवैध शराब का यह कारोबार सम्राट स्कूल में हो रहा है वीडियो बनाने वाला कह भी रहा है कि यह मनोज सेमिल का स्कूल है, वह दूसरे लोगों की शिकायत करता है और ख़ुद अवैध शराब का कारोबार करता है। हेडक्वार्टर डीएसपी विजय भदौरिया ने कहा कि मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।  

मौजमपुर (भोजपुर) में सबसे लंबा 1034 मीटर का पीपा पुल, निविदा प्रक्रिया शुरू

पटना बिहार के तीन जिलों में पीपा पुल बनाया जाएगा। इसकी तैयारी परिवहन विभाग के जल परिवहन द्वारा की जा रही है। स्थानीय स्तर पर छोटे व्यापार आदि को बढ़ावा देने के लिए पटना, भोजपुर, वैशाली जिला में गंगा नदी पर पीपा पुल बनाया जाएगा। इसके लिए जल परिवहन विभाग ने जगह चिह्नित कर ली है। इसमें पटना में चार, भोजपुर और वैशाली जिला में एक-एक पीपा पुल का निर्माण शामिल है। जल परिवहन विभाग ने मौजमपुर भोजपुर के लिए निविदा यानी टेंडर निकाल कर कार्य प्रारंभ कर दिया है। चकौशन वैशाली के साथ पटना में गंगा नदी पर बनने वाले तीन पीपा पुल के लिए निविदा का कार्य प्रगति पर है। कच्ची दरगाह पटना में 943.3 मीटर में बनने वाले पीपा पुल के लिए निविदा जल्द शुरू होगी। जिन जगहों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गयी है, वहां निर्माण जल्द शुरू होगा। गंगा पर बनने वाले पीपा पुल के लंबाई का निर्धारण भी कर दिया गया है। मौजमपुर भोजपुर में सबसे लंबा 1034 मीटर में पीपा पुल बनाया जाएगा। इन जगहों पर गंगा नदी में पीपा पुल बनेगा जगह – कुल लंबाई मौजमपुर (भोजपुर) – 1034 मीटर चकौशन (वैशाली) – 935 मीटर दानापुर (पटना) – 972 मीटर ग्यासपुर (पटना) – 924 मीटर कच्ची दरगाह (पटना) – 943 मीटर कच्ची दरगाह (पटना) – 943.3 मीटर पीपा पुल बनाने का मकसद ● गंगा के दोनों ओर बसे लोगों को जोड़ता है, इससे नाव के सहारे निर्भरता कम होती है ● गंगा के बाढ़ क्षेत्र में किसान पुल से खाद, बीच और ट्रैक्टर लेकर खेतों तक जा सकते हैं ● बड़े पुल पर जाम की स्थिति में पीपा पुल छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता होता है ● स्थानीय लोगों को व्यापाार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाता है

शनि जयंती 2026: 16 मई को बन रहा दुर्लभ संयोग, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

 इस साल शनि जयंती 16 मई 2026 को मनाई जाएगी. इसे शनि अमावस्या या शनैश्चरी अमावस्या भी कहा जाता है. मान्यता है कि ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन ही शनि देव का जन्म हुआ था, इसलिए यह दिन हर वर्ष विशेष रूप से मनाया जाता है. इस बार शनि जयंती शनिवार के दिन पड़ रही है, जो कि बहुत ही दुर्लभ संयोग माना जा रहा है. ज्योतिष के अनुसार, ऐसा संयोग करीब 13 साल बाद बन रहा है. इस विशेष दिन का प्रभाव कुछ राशियों पर काफी शुभ माना जा रहा है और इनके जीवन में अच्छे बदलाव देखने को मिल सकते हैं. वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि जयंती काफी अच्छे परिणाम लेकर आ सकती है. नौकरी में तरक्की और सैलरी बढ़ने के योग बन रहे हैं. नई नौकरी लग सकती है. करियर से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलने की संभावना है. कामकाज में सुधार दिखेगा. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए यह संयोग भाग्यशाली साबित हो सकता है. व्यापार में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति मिल सकती है. आय में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. तुला राशि तुला राशि के जातकों पर शनि देव की विशेष कृपा रह सकती है. करियर में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है. विदेश से नौकरी के ऑफर भी मिल सकते हैं. घर और परिवार में खुशियों का माहौल बनेगा. जीवन में स्थिरता बढ़ेगी. धनु राशि शनि जयंती से धनु राशि वालों के काम की सराहना हो सकती है. वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं. रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं. आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य में पहले से सुधार देखने को मिल सकता है. कुंभ राशि कुंभ राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं, इसलिए यह दिन इनके लिए बेहद खास माना जा रहा है. सबसे बड़ी खुशखबरी होगी कि साढ़ेसाती का प्रभाव इस दिन कुंभ राशि वालों के लिए काफी हल्का हो जाएगा. इस समय जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. करियर में सफलता मिलने के योग हैं. नौकरी की तलाश पूरी हो सकती है. समाज में मान-सम्मान भी बढ़ने की संभावना है.