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कपिल शर्मा शो का नया एपिसोड बनेगा हंसी का तड़का, सुनील ग्रोवर और डिजिटल स्टार्स भी शामिल

कहते हैं हंसी ही हर दर्द की दवा है, और जब मौका 'वर्ल्ड लाफ्टर डे' का हो, तो मनोरंजन का डोज दोगुना होना लाजमी है. नेटफ्लिक्स इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' का एक ऐसा एपिसोड लेकर आ रहा है, जो कॉमेडी की दुनिया के पुराने महारथियों और आज के डिजिटल दौर के सितारों को एक ही मंच पर खड़ा कर देगा. इस बार का जश्न इसलिए भी बड़ा है क्योंकि इसमें हंसी के साथ-साथ एक अनोखा तालमेल देखने को मिलने वाला है. जिसकी चर्चा बीत 1 साल में सबसे ज्यादा हुई है. इस खास एपिसोड की सबसे बड़ी खूबी इसका जबरदस्त 'क्रॉसओवर' है. एक तरफ कॉमेडी के बेताज बादशाह कपिल शर्मा अपना मोर्चा संभाले हुए हैं, तो वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया और पॉडकास्ट की दुनिया के दो बड़े नाम—समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया. समय और रैना पहली बार साथ? 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' का ये एपिसोड इसलिए भी खास होने वाला है क्योंकि 'India’s Got Latent' विवाद के बाद समय रैना ने रणवीर पर कई बार तंज कसा था. हाल ही में पैप्स से बात करते हुए रणवीर ने कहा था, 'हम दोनों का समय चल रहा है…' जब समय रैना का नाम आया, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के जवाब दिया, 'समय… कौन समय?  हमारा समय. यह हमारा समय है, मेरा समय अब ​​है.' वहीं समय ने समय ने बीते दिनों अपना स्टैंड-अप स्पेशल 'Still Alive' रिलीज किया था. जिसमें उन्होंने कहा था,  'उसने (रणवीर) मेरी पूरी मेंटल हेल्थ खराब कर दी, उसे तो मेडिटेशन भी आता है, मुझे तो कुछ भी नहीं आता.' उन्होंने मजाक में रणवीर को 'The Monk Who Sold My Ferrari' भी कहा था.  लेकिन अब देखना दिलचस्प होगा कि दोनों कपिल शर्मा शो में क्या करते हैं. कौन-कौन आएगा नजर? कपिल शर्मा, समय रैना और रणवीर इलाहाबादिया के अलावा शो में ड्रामा और मस्ती का तड़का लगाने के लिए सुनील ग्रोवर भी पूरी तरह तैयार हैं. इसके अलावा रही-सही कसर कृष्णा अभिषेक अपनी 'मोना' वाली अदाओं से और कीकू शारदा 'सोना' बनकर पूरी करेंगे. कब देख पाएंगे ये शो? आप भी अगर इस वर्ल्ड लाफ्टर डे पर हंसी के ठहाकों का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो कैलेंडर में तारीख मार्क कर लीजिए. अलग-अलग टैलेंट और रीयल कॉमेडी का यह खास मेल 2 मई को सिर्फ नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने जा रहा है. कुल मिलाकर यह एपिसोड उन लोगों के लिए एक ट्रीट है जो लंबे समय से कपिल और उनकी टीम की बेमिसाल मस्ती का इंतजार कर रहे थे.

राजस्थान में वन्यजीव सर्वे का नया तरीका, चांदनी रात और कैमरा ट्रैप से होगी गिनती

चित्तौड़गढ़ राजस्थान में पड़ रही भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अब केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि सरकारी नियमों और परंपराओं पर भी दिखने लगा है. चित्तौड़गढ़ जिले के जंगलों में इस साल 1 मई से शुरू होने वाली वन्यजीव गणना (Wild Life Census) बेहद खास होने वाली है, क्योंकि वन विभाग ने दशकों से चली आ रही परंपरा को बदलते हुए गणना के समय में बड़ा बदलाव किया है. सुबह नहीं, शाम से होगी शुरुआत आमतौर पर वन्यजीवों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू होती थी, लेकिन इस बार झुलसा देने वाली गर्मी को देखते हुए वन विभाग ने नया प्लान तैयार किया है. चित्तौड़गढ़ की जिला उप वन संरक्षक मृदुला सिन्हा ने बताया कि पहली बार यह गणना सुबह के बजाय 1 मई को शाम 5 बजे से शुरू होगी और अगले दिन 2 मई को शाम 5 बजे तक लगातार 24 घंटे चलेगी. यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि वन्यजीवों के प्राकृतिक विचरण का सटीक डेटा मिल सके, क्योंकि गर्मी के कारण जानवर दिन में बाहर निकलने से कतरा रहे हैं. चांदनी रात में 'वॉटरहॉल' तकनीक का सहारा यह गणना बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित की जा रही है. पूर्णिमा की दूधिया चांदनी में वन कर्मियों को बिना किसी कृत्रिम रोशनी या टॉर्च के वन्यजीवों को देखने में आसानी होती है. इसके लिए दो मुख्य तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है. पहली वॉटरहॉल तकनीक. चूंकि गर्मी में जानवर पानी पीने जलस्रोतों पर जरूर आते हैं, इसलिए सीतामाता सेंचुरी में 47 और बस्सी सेंचुरी में 24 पानी के कुंड चिह्नित किए गए हैं. वहीं दूसरी, हाई-टेक निगरानी तकनीक. रात के अंधेरे में सक्रिय रहने वाले पैंथर और दुर्लभ उड़न गिलहरी की सटीक पहचान के लिए सीतामाता में 22 और बस्सी में 14 अत्याधुनिक 'कैमरा ट्रैप' लगाए गए हैं. मचान पर 24 घंटे 'पहरा' जंगल के नालों और केनाल के पास विशेष मचान बनाए गए हैं, जहां वन विभाग की टीमें तैनात रहेंगी. एसीएफ राम मोहन मीणा और एसीएफ यशवंत कंवर के निर्देशन में कर्मचारियों को पदचिह्नों (Pugmarks) की पहचान और कैमरा ट्रैप प्रबंधन की विशेष ट्रेनिंग दी गई है. मचान पर बैठने वाले स्टाफ के लिए भोजन और पानी का इंतजाम भी विभाग द्वारा किया गया है.

फर्जी क्राइम ब्रांच कॉल और धमकियों का डर: बिजनौर में महिला की आत्महत्या से सनसनी

  बिजनौर बिजनौर जिले में साइबर अपराध का अब तक का सबसे क्रूर चेहरा सामने आया है। साइबर अपराधियों ने महिला को कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर इतना डराया, धमकाया कि शादी की सालगिरह से एक दिन पहले उसने फांसी लगाकर जान दे दी। अंतिम संस्कार के समय साइबर ठग का फोन आने पर परिजनों को शक हुआ। इसके बाद पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की है। महिला गृहिणी थी। पति एक फैक्टरी में नौकरी करता है। पुलिस के अनुसार, कोतवाली शहर के गांव फरीदपुर भोगी निवासी गृहिणी मोनिका (28) पत्नी रणधीर ने सोमवार की रात घर में दुपट्टे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। मंगलवार की सुबह साथ सोई दोनों बेटियां जिया (8) और नंदनी (11) उठीं तो मां को दुपट्टे से लटका देखा। उनकी चीखें सुनकर परिजन आ गए। सूचना पर मायके वाले पहुंचे। शुरुआत में मामला किसी लड़के से जुड़ा होने की आशंका हुई तो लोकलाज के डर से अंतिम संस्कार करने बैराज ले गए। मोनिका के भतीजे संयोग ने बताया कि अंतिम संस्कार के समय मोनिका के मोबाइल पर लगातार घंटी बज रही थी। जब फोन उठाया तो वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में दिखा। उसने खुद को क्राइम ब्रांच से बताया।   मोनिका से बात कराने के लिए कहा। उसकी बातचीत से रिश्तेदारों का शक साइबर अपराध की ओर गया। श्मशान घाट से आने के बाद मंगवार की शाम को कमरे में तलाश की गई तो एक डायरी में सुसाइड नोट मिला। इसमें मोनिका ने एक लड़के द्वारा परेशान करने, ब्लैकमेल करने की बातें लिखी थीं। मोनिका का मोबाइल चेक किया तो व्हाट्सएप पर पांच ऐसे नंबर मिले, जिन पर ऑडियो, कॉल, मिस्डकॉल, मैसेज पड़े थे। इनमें कोई खुद को क्राइम ब्रांच से बता रहा तो किसी ने मोनिका पर तस्करी का आरोप लगाया। पाकिस्तान सीरीज के नंबरों से आए मैसेज साइबर अपराधियों ने मोनिका को फंसाने के लिए मजबूत जाल बिछाया था। क्राइम ब्रांच अफसर से लेकर तस्कर तक का रोल साइबर अपराधी करते थे। दस दिन से ज्यादा समय तक मोनिका को डिजिटल अरेस्ट कर कार्रवाई की धमकी देते रहे। वह बात नहीं करती थी तो अलग-अलग नंबरों से मैसेज आते। ऑडियो रिकॉर्डिंग में उसकी जिंदगी तबाह करने, उसके परिवार के लोगों, रिश्तदारों को देख लेने की धमकी दी गई। परिजनों से पूछताछ की गई है। मामला साइबर अपराध से जुड़ा लग रहा है। परिजनों की तहरीर पर शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई है। अभिषेक झा, एसपी बिजनौर    

सास-बहू के रिश्ते में सुधार के लिए वास्तु टिप्स, घर में बढ़ेगी शांति और प्यार

सास बहू का रिश्ता खट्टी मिठी नोकझोंक का है। यह रिश्ता सिर्फ प्यार और तकरार का संगम है। सास बहु की बात बात पर लड़ाई झगड़ा अधिक होता है तो घर में भी नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार के बाकी सदस्यों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सास बहू के रिश्ते में अगर ज्यादा अनबन रहती है तो वास्तु के कुछ सरल उपाय अपनाकर आप रिश्तों को बेहतर बना सकते हैं। आइए जानते हैं सास बहु के रिश्ते को बेहतर बनाने की वास्तु टिप्स। सास बहु के रिश्ते में सुधार लाने की वास्तु टिप्स 1) वास्तु गुरु मान्या बताती है कि अगर सास बहू के रिश्ते में रोज रोज लड़ाई झगड़ा होता है और क्लेश आदि ज्यादा रहता है तो अपने घर की किचन की दिशा चेक करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के उत्तर पूर्व दिशा यानि ईशान कोण में रसोई नहीं होनी चाहिए। रसोई का ईशान कोण में होना वास्तु दोष माना जाता है। ऐसे में सास बहू की लड़ाई की वजह यह भी हो सकती है। अगर आप अपना किचन नहीं बदल पा रहे हैं तो अपने चूल्हे के नीचे पीले रंग का जैसलमेर स्टोन रखें ताकि फायर एलिमेंट बैलेंस हो सकें। 2) अगर घर दक्षिण पूर्व दिशा ज्यादा गर्म रहती है या वहां पर कोई बैलेंस नहीं रहता है तो घर की महिलाओं में कलह क्लेश बना रहता है। ऐसे में इस एरिया में आप हल्का लाल या नारंगी कलर करवा लें। 3) दक्षिण-पूर्व की पूर्व दिशा को भी वास्तु में महत्वपूर्ण दिशा कहा गया है। अगर यह दिशा डिस्टर्ब होती है तो व्यक्ति को तनाव और चिंता बनी रहती है। साथ ही व्यक्ति के मन में हमेशा बेचैनी भी बनी रहती है। ऐसे में इस दिशा को ठीक रखने के लिए यहां पर नीला या काला, लाइट क्रीम या हरे रंग का प्रयोग करें। 4) सास बहू के रिश्तों में सुधार के लिए और ठंडक बनाकर रखने के लिए बहु को अपनी सास को चांदी की पायल तोहफे में देनी चाहिए। चांदी चांद का प्रतीक मानी जाती है यह रिश्तों में शांति बनाकर रखती है। 5) इसके अलावा अगर बेटा बहू का कमरा दक्षिण पूर्व दिशा में है तो उन्होंने चावल का सेवन करना चाहिए यह रिश्तों में ठंड़क बनाता है। क्योंकि, वास्तु में दक्षिण पूर्व दिशा को एग्रेशन की दिशा बताया गया है। 6) सास बहू में अगर अधिक लड़ाई रहती है तो बहु को अपनी सास के हाथों से थोड़ा चावल लेने चाहिए और उन चावलों को अपने कमरे की उत्तर दिशा में रखना चाहिए। ऐसा करने से आपको सास से आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख शांति बनी रहती है। साथ ही सास का आशीर्वाद भी बना रहता है और सुख शांति रहती है। 7) अपने घर के उत्तर पूर्व दिशा को हमेशा साफ रखें। ताकि रिश्तों में पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा सास ससुर का कमरा वास्तु के अनुसार, दक्षिण पश्चिम दिशा में होना चाहिए। यह दिशा रिश्तों में स्थिरता लेकर आती है। 8) वास्तु शास्त्र के अनुसार, फैमिली फोटो दक्षिण पश्चिम दिशा में ही लगाएं। ऐसे करने से परिवार के सभी सदस्यों के बीच रिश्ता मजबूत होता है। 9) वास्तु के अनुसार घर के अंदर कांटेदार पौधा बिल्कुल भी न लगाएं। इनकी जगह बांस का पौधा या तुलसी का पौधा लगाएं। 10) अपने घर की रसोई में काले रंग की टाइल्स और काले रंग का पत्थर प्रयोग करने से बचें क्योंकि, काला रंग नकारात्मकता लाता है। जिसका असर रिश्तों पर भी देखने को मिलता है।

सीएस कार्यालय पर घूसखोरी का गंभीर मामला, स्वास्थ्य विभाग ने जांच के दिए आदेश

पटना  बिहार के सरकारी स्वास्थ्य महकमे पर निजी स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों से अवैध वसूली का आरोप लगा है। मुजफ्फरपुर सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मियों द्वारा जिले के अल्ट्रासाउंड संचालकों से लाइसेंस रिन्यूअल के नाम पर प्रत्येक माह हर केंद्र से दो हजार रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया है। शहर के अल्ट्रासाउंड संचालकों ने इसकी लिखित शिकायत स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय से की है। इसके बाद विभाग ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं। अनुमान के अनुसार सिर्फ मुजफ्फरपुर में ही मंथली वसूली का आंकड़ा 60 लाख से अधिक है। राज्य के अन्य जिलों में ऐसी वसूली की संभावना पर विभाग विचार कर रहा है। जांच कर कार्रवाई का आदेश आने के बाद मुजफ्फरपुर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है अल्ट्रासाउंड संचालकों ने शिकायत में कहा है कि प्रावधानो के अनुसार अल्ट्रासाउंड केंद्र चलाने के लाइसेंस का रिन्यूअल ऑनलाइन किया जाना है। इसके बावजूद सीएस कार्यालय के संबंधित कर्मचारी संचालकों को ऑफलाइन फॉर्म भरने और उसे विशेष दूत के माध्यम से जमा करने को बाध्य करते हैं। ऑफलाइन आवेदन जमा करने गए व्यक्ति से दो हजार रुपये की वसूली के बाद ही आवेदन जमा किया जाता है। समाजसेवी संस्थाओं से भी शिकायत मिली संचालकों की शिकायत के बाद इस मामले में स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख डॉ. रेखा झा ने सिविल सर्जन को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। निदेशक प्रमुख ने कहा है कि संचालकों के अलवा समाजसेवी संस्थाओं से भी शिकायत मिली है। इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाए और दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सभी तरह के आवेदन पोर्टल पर ऑनलाइन हों। तीन हजार से अधिक सेंटर से लिए ऑफलाइन आवेदन स्वास्थ्य निदेशक प्रमुख ने निर्देश के साथ जिले के लाइसेंस रिन्यूअल का आंकड़ा भी भेजा है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2025 में विभाग को अकेले मुजफ्फरपुर से अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस रिन्यूअल के 3401 आवेदन ऑफलाइन प्राप्त हुए। शिकायत में संचालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि वसूली करने वाले कर्मियों की शह पर ही अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाए जा रहे हैं। क्या कहते हैं अधिकारी? इस मामले में मुजफ्फरपुर के प्रभारी सीएस डॉ सीके दास ने कहा है कि सिविल सर्जन अवकाश पर हैं। उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं हैं। विभाग से जो आदेश आया है उनका पूरी तरह से अनुपालन कराया जाएगा। शिकायतकर्ताओं से भी जानकारी ली जाएगी। सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों के संचालन पर विभाग की नजर है।

पुलिस विभाग में एक साथ 14 पुलिसकर्मियों का तबादला, जानें किसे कहां किया गया तैनात

रायपुर   छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा मरवाही जिले में एक बार फिर पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। यहां एक साथ 14 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर के आदेश जारी हुए हैं। यह आदेश एसपी मनोज खेलारी द्वारा जारी किए गए। इसके तहत 5 टीआई (निरीक्षक), 2 सब इंस्पेक्टर (उप-निरीक्षक), 1 एएसआई (सहायक उप-निरीक्षक), 2 प्रधान आरक्षक और 4 आरक्षकों को इधर उधर किया गया है। नए आदेश के मुताबिक, ​ शनिप रात्रे को गौरेला थाना प्रभारी, शैलेंद्र सिंह को मरवाही थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं सिद्धार्थ शुक्ला को यातायात प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो जिले की यातायात व्यवस्था को सुधारने का जिम्मा संभालेंगे। प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अंजना केरकेट्टा को नवगठित अजाक थाना के साथ-साथ महिला थाना प्रभारी का दोहरा दायित्व दिया गया है। इसके साथ ही अजय वारे को शिकायत शाखा का प्रभारी और मनोज हनौतिया को साइबर सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि जिले में पहली बार अजाक (अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण) थाने का गठन किया गया है, जो विशेष शिकायतों के निवारण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। ​

दिलजीत दोसांझ के वैंकूवर कॉन्सर्ट में हंगामा, खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों ने की नारेबाजी

दिलजीत दोसांझ अब ग्लोबल स्टार बन चुके हैं. इंडिया में कॉन्सर्ट के बाद, वो अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया जैसे महाद्वीपों में शोज करते हैं. वहां भी दिलजीत का जादू सभी के सिर चढ़कर बोलता है. 23 अप्रैल को दिलजीत ने कनाडा के वैंकूवर में अपने औरा टूर की शुरुआत की थी. वहां करीब 50,000 से ज्यादा इंडियन्स आए थे. ये पल सिंगर के लिए बेहद खास था, जिसका जिक्र उन्होंने बीते दिनों जिम्मी फॉलन के लेट नाइट शो पर भी किया था. मगर इस कॉन्सर्ट में एक और बवाल खड़ा हुआ, जिसकी जानकारी अब सामने आ रही है. दिलजीत के वैंकूवर कॉन्सर्ट में कुछ खालिस्तानी समर्थक घुस गए थे, जो वहां सिंगर के खिलाफ नारे लगा रहे थे. जानकारी के मुताबिक, मामला काफी गंभीर हो गया था. मगर सिक्योरिटी ने कुछ ही देर में उन्हें शो से बाहर किया और माहौल को शांत किया. कहा जा रहा है कि दिलजीत खालिस्तानियों का अगला निशाना हैं. दिलजीत के शो में हुआ हंगामा दरअसल, शो के दौरान अचानक कुछ लोग खालिस्तान के झंडे लेकर अंदर घुस आए और नारेबाजी शुरू कर दी. इन लोगों ने भारत के खिलाफ भी नारे लगाए और दिलजीत पर बीजेपी और आरएसएस का एजेंट होने के आरोप लगाए. मौके पर मौजूद सिक्योरिटी टीम ने जब हालात संभालने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारी उनसे भिड़ गए. कुछ देर के लिए कॉन्सर्ट का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया, हालांकि बाद में स्थिति को काबू में कर लिया गया. सूत्रों के मुताबिक हंगामा करने वालों में पवनदीप सिंह बस्सी और मनदीप सिंह रवि नाम के दो लोग शामिल बताए जा रहे हैं. इन पर आरोप है कि ये सिख्स फोर जस्टिस (SFJ) से जुड़े हुए हैं, जो भारत में बैन संगठन है और इसके प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू हैं. सूत्रों के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने आगे भी दिलजीत दोसांझ के शो में विरोध करने की चेतावनी दी है. हालांकि दिलजीत ने अभी तक खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई किसी भी नारेबाजी पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है. सिंगर पिछले कुछ वक्त से ही गुरपतवंत सिंह पन्नू के निशाने पर नजर आए हैं. उन्होंने दिलजीत को कई बार धमकी दी, मगर सिंगर ने उसका असर अपने ऊपर नहीं पड़ने दिया. उन्होंने हमेशा प्यार फैलाने की बात कही.

गरुड़ पुराण: मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा और कर्मों के फल का गहरा रहस्य

 गरुड़ पुराण हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो 18 महापुराणों में से एक है. इस ग्रंथ को किसी मृत्यु के दौरान पढ़ा जाता है. यह ग्रंथ मुख्य रूप से भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के बीच संवाद के रूप में प्रस्तुत किया गया है. इसमें जीवन, मृत्यु और मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा के बारे में विस्तार से बताया गया है. खासतौर पर यह ग्रंथ व्यक्ति के कर्मों के फल, पाप-पुण्य, स्वर्ग-नरक और मोक्ष के सिद्धांतों को समझाता है. क्यों पढ़ा जाता है गरुड़ पुराण? मान्यता है कि किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके घर में गरुड़ पुराण का पाठ करने से आत्मा को शांति मिलती है और परिजनों को धर्म और जीवन के गहरे सत्य समझने का अवसर मिलता है. गरुड़ पुराण में मिलता है अगले जन्म का जिक्र गरुड़ पुराण में जीवन और मृत्यु के बाद की स्थिति को लेकर कई गहरी बातें बताई गई हैं. इसमें साफ कहा गया है कि इंसान का अगला जन्म उसके कर्मों पर निर्भर करता है. यानी व्यक्ति जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे अगले जीवन में मिलता है. अगला जन्म अचानक तय नहीं होता है. बल्कि इंसान के पूरे जीवन के कर्म और अंतिम समय की सोच पहले से ही उसकी अगली योनि और जीवन की दिशा तय कर देते हैं. गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के समय व्यक्ति का मन जिस स्थिति में होता है, उसका असर उसके अगले जन्म पर पड़ता है. यदि उस समय मन शांत हो और ईश्वर में लगा हो, तो आत्मा को बेहतर जन्म मिलता है. वहीं अगर मन में क्रोध, लालच या नकारात्मकता हो, तो इसका प्रभाव विपरीत पड़ सकता है. धर्म का अनादर करने वालों का परिणाम इस ग्रंथ में बताया गया है कि जो लोग धर्म, वेद और भगवान का अपमान करते हैं या केवल भोग-विलास में डूबे रहते हैं, उन्हें मृत्यु के बाद कठिन परिणाम भुगतने पड़ते हैं. ऐसे लोगों को अगले जन्म में कष्ट और अभाव से भरा जीवन मिल सकता है. विश्वासघात और छल का फल गरुड़ पुराण में मित्रता को बहुत पवित्र माना गया है. जो लोग अपने स्वार्थ के लिए दोस्तों के साथ धोखा करते हैं, उन्हें अगले जन्म में ऐसी स्थिति मिलती है जो उनके कर्मों का प्रतीक होती है. इसी तरह जो लोग झूठ, धोखे और चालाकी से दूसरों को नुकसान पहुंचाते हैं, उन्हें भी अपने कर्मों का दंड भुगतना पड़ता है. अंतिम पल का प्रभाव गरुड़ पुराण में बताया गया है कि जीवन का आखिरी पल बेहद महत्वपूर्ण होता है. उस समय व्यक्ति के मन में जो भाव होते हैं, वही उसके आगे के जीवन को प्रभावित करते हैं. अगर मृत्यु के समय मन शांत रहे और ईश्वर का स्मरण हो, तो आत्मा को अच्छा और श्रेष्ठ जन्म मिल सकता है. लेकिन यदि उस समय मन में लालच, क्रोध या नकारात्मक विचार हों, तो इसका असर विपरीत पड़ता है और आत्मा को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है. 84 लाख योनियों का चक्र इस ग्रंथ के अनुसार, आत्मा शरीर छोड़ने के बाद अपने कर्मों का पूरा परिणाम भोगती है. कहा जाता है कि जीव 84 लाख योनियों में भटकता है, जिनमें मनुष्य जीवन सबसे महत्वपूर्ण माना गया है. यही एक ऐसा जन्म है, जहां इंसान अपने कर्म सुधारकर आगे का मार्ग बेहतर बना सकता है. अच्छे कर्म करने वालों को ऊंचा और सुखद जीवन मिलता है, जबकि बुरे कर्म करने वालों को निम्न स्तर के जीवन में जाना पड़ता है.

यूपी विधानसभा में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस को महिला मुद्दों पर घेरा

लखनऊ यूपी विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा को महिलाओं को लेकर हुई घटनाओं के बारे में आईना दिखाया। मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड को याद दिलाकर योगी सपा पर जमकर बरसे। योगी ने कहा कि उस समय गेस्ट हाउस कांड में दलित महिला मुख्यमंत्री मायावती की हत्या करने की कोशिश की गई। योगी ने कहा कि सपा माफियाओं के सामने नतमस्तक है। योगी ने कहा कि सपा विधायक पूजा पाल इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि जब राजू पाल की हत्या हुई थी, तब सपा माफियाओं के सामने झुक गई थी. सीएम ने आरोप लगाया कि सपा की सहानुभूति न तो पिछड़ों, दलितों और न ही पूजा पाल जैसे लोगों के प्रति है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहबानों प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस का जिस तरह यूपी में पतन हुआ है वह न हुआ होता अगर कांग्रेस मुस्लिम महिला को न्याय देने के लिए मौलानाओं के आगे घुटने टेक कर नाक न रगड़ती। उन्होंने कहा सपा का भी ऐसा ही हश्र होने वाला है, इसमें ज्यादा देर नहीं लगेगी। विपक्ष ने महिला कल्याण से जुड़े सभी फैसलों में हमेशा विरोध किया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को महिला सशक्तिकरण के लिए बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान निंदा प्रस्ताव रखने से पहले बोल रहे थे। योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी हो या फिर कांग्रेस इन्होंने महिला कल्याण से जुड़े सभी फैसलों में हमेशा कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि नारी के उन्नयन, उत्थान और उन्हें संपन्न बनाने के लिए समय-समय पर आए मुद्दों का इंडी गठबंधन ने हमेशा विरोध किया है। जब वर्ष 2014 में महिलाओं के लिए जनधन योजना आई तो सपा-कांग्रेस ने विरोध किया। फिर जब नारियों की गरिमा कायम रखने के लिए खुले में शौच के विरोध में शौचालय बनाने की योजना आई तो सपा-कांग्रेस ने विरोध किया। सपा सरकार में विधवा पेंशव व वृद्धा पेंशन में 300 रुपये देते थे। लाभकारी योजनाएं गिनाएं और सपा-कांग्रेस को आड़े हाथों लिया उन्होंने इंडी गठबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दिल्ली से लेकर लखनऊ आने तक सपा के सदस्य बहुत उतावले दिखाई दे रहे हैं। रंग बदलने में तो गिरगिट भी सपा के सामने संकोच कर जाए। रंग बदलने में ये इतने आगे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में नारी वंदन अधिनियम पास न होने के बाद सपा-कांग्रेस के सदस्य कैसे हंस रहे थे और मेजें थपथपा रहे थे। उनका यह आचरण सभी ने देखा है। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी लाभकारी योजनाएं गिनाएं और सपा-कांग्रेस को जमकर आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री बोले, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया तो सपा-कांग्रेस ने विरोध किया। सपा सरकार में ढाई वर्ष में मात्र 40 लाख शौचालय बने थे। वर्ष 2017 के बाद हमने डेढ़ वर्ष में दो करोड़ से अधिक शौचालय बनवाए। पूरे देश में 12 करोड़ शौचालय बनाए गए। संसद में विरोध क्यों किया गया मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप तो सोशलिस्ट हैं। शौचालय नारी गरिमा के प्रतीक थे, मोहल्लों की स्वच्छता के प्रतीक थे लेकिन आपने विरोध किया। हमने दो करोड़ से अधिक शौचालय बनाए और पूर्वांचल से इंस्फेलाइटिस रोग को काबू किया। कहा कि आज मैं कह सकता हूं कि एक भी मौत इंस्फेलाइटिस से नहीं हो रही जबकि पहले हजारों बच्चों की मौत होती थी। उन्होंने कहा कि जब गांव में महिलाओं शौच के लिए जाती थीं तो सपा के शोहदे उन पर छींटाकशी करते थे। आखिर सपा चाहती है कि कानून लागू किया जाए तो फिर संसद में विरोध क्यों किया गया। सपा ने नहीं दिया एक भी प्रधानमंत्री आवास मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के ढाई वर्ष के शासन में एक भी पीएम आवास नहीं बन सका था। एनडीए सरकार ने देश भर में 4 करोड़ मकान बनाए हैं। सिर्फ यूपी में 65 लाख पीएम आवास बनाए गए हैं। यही नहीं भूमि का मालिकाना हक देने के लिए पीएम घरौनी योजना लागू की गई। अब भूमि का मालिकाना हक महिलाओं को दिया जा रहा है। यूपी में एक करोड़ घरौनी दी गई है। इसी तरह सपा ने सामूहिक विवाह योजना का विरोध किया। यूपी में 6 लाख बेटियों की शादी कराई गई है। सपा ने इसका भी विरोध किया था। सपा ने कन्या सुमंगला योजना का भी विरोध सपा-कांग्रेस ने किया। हम 26 लाख से अधिक महिलाओं को 25 हजार रुपये दे रहे हैं।

रेलवे ट्रैक पर ड्रोन से होगी निगरानी, CCTV कैमरे लगवाने का फैसला: रवनीत बिट्टू

पटियाला/चंडीगढ़ रेलवे लाइनों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने शंभू के निकट हाल ही में हुए विस्फोट स्थल का बीते दिन दौरा किया और ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्री ने पंजाब में रेलवे को निशाना बनाकर हो रही बार-बार की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की और सुरक्षा व निगरानी को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया। रवनीत सिंह ने घोषणा की कि रेलवे ईडीएफसी पर 24 घंटे गश्त को और सघन करेगा तथा निगरानी व्यवस्था का व्यापक विस्तार किया जाएगा। वर्तमान में अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में 173 सीसीटीवी कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं और अतिरिक्त कैमरों की स्थापना जारी है। कॉरिडोर के एकांत एवं संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां ड्रोन निगरानी सहित उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे के की-मैन द्वारा निरंतर जमीनी गश्त की जाएगी। मंत्री ने बताया कि यह घटना पिछले 3 महीनों में लगभग 35 किलोमीटर के दायरे में दूसरी घटना है। पहली घटना 23 जनवरी को हुई थी, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से लगभग 800–900 मीटर की दूरी पर थी, जबकि ताजा विस्फोट स्थल इसी राजमार्ग से लगभग 300 मीटर दूर स्थित है। प्रारंभिक आकलन से संकेत मिलता है कि असामाजिक तत्व राजमार्ग से आसान पहुंच का उपयोग कर रेलवे ट्रैक को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बाहरी तत्वों की संलिप्तता के संकेत मिल रहे हैं, जो रेलवे जैसी महत्वपूर्ण अवसंरचना को निशाना बनाकर क्षेत्र को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं न केवल सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बाधित करने का भी प्रयास हैं। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, जो साहनेवाल को पश्चिम बंगाल से जोड़ता है, एक महत्वपूर्ण आर्थिक धुरी है, जहां प्रतिदिन लगभग 30 ट्रेनें औद्योगिक और कृषि उत्पादों का परिवहन करती हैं। इस नेटवर्क में किसी भी प्रकार का व्यवधान राज्य और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदायक है। मंत्री ने लोको पायलट की सतर्कता की सराहना की, जिन्होंने झटका महसूस होते ही तुरंत ट्रेन को रोक दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। तत्पश्चात सुरक्षा एवं आपातकालीन दलों को तुरंत मौके पर भेजा गया। सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मंत्री ने कहा कि रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा, यात्रियों और मालगाड़ियों की सुरक्षित आवाजाही तथा आर्थिक गतिविधियों को निर्बाध बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।