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वास्तु टिप्स: घर के मंदिर में भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना हो सकता है नुकसान

ज्योतिष और वास्तुशास्त्र में घर का सबसे पवित्र स्थान मंदिर को माना गया है। अपने घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए मनुष्य सुबह-शाम नियमित पूजा करता है और देवी-देवताओं की आराधना करता है। इसका प्रभाव परिवार के सदस्यों के जीवन पर भी पड़ता है। लेकिन वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में कुछ चीजों को रखना वर्जित माना गया है। खंडित मूर्तियां, दो शंख सहित कुछ चीजें पूजा घर में रखने से इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। साथ ही, अनजाने में हुई गलतियों के चलते पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं से कि घर के मंदिर में किन-किन चीजों को नहीं रखना चाहिए। पूजा घर में न रखें अत्यधिक बड़ी मूर्तियां वास्तुशास्त्र में घर के मंदिर को लेकर कई नियम व टिप्स बताए गए हैं। मान्यता है कि कभी भी पूजा घर में अत्यधिक बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। मंदिर में 3 से 6 इंच की मूर्तियां रखी जा सकती हैं। कहा जाता है कि ऐसा करने से आसपास ऊर्जा का एक समान प्रवाह बना रहता है। वहीं, अत्यधिक बड़ी भगवान की मूर्तियां पूजा घर में स्थापित करने से इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। बड़ी मूर्तियां मंदिर में स्थापित की जाती हैं वहीं, घर के मंदिर में 3 से 6 इंच की मूर्ति रखनी चाहिए। मंदिर में न रखें दो शंख अगर आपने घर के मंदिर में दो शंख रखे हैं, तो उसे वहां से हटा देना चाहिए। मान्यता है कि गलती से भी पूजा घर में दो शंख नहीं रखने चाहिए। कहा जाता है कि घर में दो शंख रखने से इसका नकारात्मक प्रभाव आसपास की ऊर्जा पर और परिवार के सदस्यों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए हमेशा घर के मंदिर में एक ही शंख रखना चाहिए। साथ ही, कभी भी शंख से शिवलिंग का अभिषेक नहीं करना चाहिए। भगवान गणेश की तीन प्रतिमा न रखें कई लोग मंदिर में एक ही भगवान की दो-दो प्रतिमाएं रखते हैं। शास्त्रों में ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि किसी भी देवी-देवता की फोटो या मूर्ति घर के मंदिर में दो नहीं रखनी चाहिए। विशेषतौर पर भगवान गणेश की मूर्ति या प्रतिमा की संख्या पूरे घर में तीन नहीं होनी चाहिए। ऐसा करना वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि इससे शुभ कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, परिवार के सदस्यों के जीवन पर भी प्रभाव पड़ सकता है। मंदिर में टूटे-फूटे बर्तन न रखें अगर आपके घर के मंदिर में किसी भी प्रकार के टूटी-फूटी थाली, कटोरी, गिलास आदि बर्तन रखे हैं, तो उसे तुरंत पूजा घर से हटा दें। पूजा के लिए टूटे-फूटे और गंदे बर्तनों को प्रयोग करना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में दोष भी लग सकता है। जिससे घर में कई समस्याएं उत्पन्न होने का संकट रहता है। यह गृह क्लेश और कार्यों में बाधाओं का कारण भी बन सकता है। इसलिए मंदिर के बर्तनों से जुड़े इस नियम का ध्यान जरूर रखना चाहिए। पूजा घर में खाली पैकेट और गंदगी न रखें कई बार हम अनजाने में अगरबत्ती, धूपबत्ती या बाती का पैकेट खत्म होने के बाद उसे मंदिर में ही भूल जाते हैं। इस प्रकार की वस्तुओं को मंदिर में रखना शुभ नहीं माना जाता है। साथ ही, मंदिर को समय-समय पर साफ करना भी आवश्यक होता है। वहां कभी भी अगरबत्ती, धूपबत्ती आदि के खाली पैकेट नहीं रखने चाहिए और न ही किसी प्रकार की गंदगी होनी चाहिए। ऐसा करने से वास्तुदोष लग सकता है। मंदिर में ज्यादा देर न रखें भोग काफी लोग अपने घर के मंदिर में भगवान को भोग लगाकर उसे देर तक या पूरी रात तक वहीं छोड़ देते हैं। ऐसा करना सही नहीं माना जाता है। हमेशा भगवान को भोग लगाने के कुछ देर बाद ही प्रसाद को वहां से उठाकर सभी में बांट देना चाहिए। मान्यता है कि भगवान को प्रसाद चढ़ाते ही उनका भोग लग जाता है। ऐसे में उसे वहां से हटा देना चाहिए। साथ ही, बर्तनों को साफ करके रखना चाहिए।

सिलेंडर की मारामारी, शादी समारोहों का मेन्यू तक घटा

नई दिल्ली शादियों का सीजन शुरू होते ही गैस सिलेंडर को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। जिन घरों में विवाह समारोह हैं उनके लिए सिलेंडर का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। एजेंसियों के चक्कर लगाने के बाद भी लोगों को व्यावसायिक सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। परेशान लोग पेट्रोलियम मंत्रालय तक शिकायत कर रहे हैं। ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने से पहले एलपीजी की किल्लत नहीं थी। शादी या अन्य समारोह के लिए लोगों को व्यावसायिक सिलेंडर आसानी से मिल रहे थे। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि लोग आकर शादी का कार्ड दिखाते थे और जरूरत के अनुसार व्यावसायिक सिलेंडर ले जाते थे। अब गैस कंपनियों की ओर से सख्ती कर दी गई है। मौजूदा समय में कनेक्शन धारकों को भी उनकी जरुरत का सत्यापन करने के बाद सिलेंडर दिए जा रहे हैं। किसी कनेक्शन धारक की औसत खपत अगर महीने में 10 सिलेंडर की है, तो उसे महज 6-7 सिलेंडर ही दिए जा रहे हैं। गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि शादी-समारोह के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर सिर्फ शादी के कार्ड के आधार पर उपलब्ध करा पाना अब संभव नहीं हो पा रहा है। सोशल मीडिया के जरिये मंत्रालय को बता रहे समस्या सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये अपनी शिकायतें गैस कंपनियों और मंत्रालय तक पहुंचा रहे हैं। किरण नाम के एक्स हैंडल से की गई शिकायत में बताया गया कि घर में शादी है, लेकिन गैस नहीं मिल रही है। ऐसे ही कई अन्य यूजर्स ने अपनी शिकायतें साझा की हैं। इन सभी शिकायतों पर उत्तर दिया गया है और गैस सिलेंडर दिलाने का प्रयास किया गया है। शादी के लिए सिलेंडर लेने के लिए लोग जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की भी मदद ले रहे हैं। छापेमारी में 2027 सिलेंडर जब्त कालाबाजारी को रोकने के लिए दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों ने अब तक 540 स्थानों पर छापेमारी की है। इसमें 2027 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 44 एफआईआर दर्ज की गई हैं। उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए विकास भवन स्थित खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग में केंद्रीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यहां पर शिकायत मिलने के बाद जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की टीमें भी गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सक्रिय हैं। सगाई-शादी में व्यंजनों की संख्या को कम करना पड़ा गैस सिलेंडर मिलने में हो रही परेशानी का असर अब शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजनों पर साफ नजर आने लगा है। गैस की कमी के चलते लोगों को अपने कार्यक्रमों में व्यंजनों की संख्या कम करनी पड़ रही है। जिससे आयोजनों का स्वाद और रंग दोनों फीके पड़ते जा रहे हैं। ज्योति नगर निवासी महेश शर्मा ने बताया कि उनके बड़े बेटे आलोक की शादी 23 अप्रैल को तय है। 21 अप्रैल को सगाई का कार्यक्रम रखा गया है। उन्होंने बताया कि पहले सगाई के लिए करीब 25 व्यंजनों का मेन्यू तय किया गया था, लेकिन गैस की किल्लत के चलते अब इसमें कटौती करनी पड़ी है। महेश ने बताया कि इस बदलाव के लिए वधू पक्ष से भी सहमति ली गई, जिसके बाद उन्होंने भी शादी के मुख्य कार्यक्रम में सात-आठ व्यंजन कम करने का फैसला किया है। दिल्ली के बजाय गांव से करना पड़ रहा आयोजन राजधानी में रहने वाले उत्तराखंड के कुछ लोग शादी समारोह को एलपीजी संकट की वजह से गांव से करने का मन बना चुके हैं। उनका कहना है कि गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण कैटरिंग संचालक अधिक रुपये की मांग कर रहे हैं। इससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। आरके पुरम निवासी मोहित सिंह ने बताया कि उनकी बहन की शादी इस माह के आखिरी सप्ताह में है। काफी कोशिश के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जैसे ही एलपीजी का संकट शुरू हुआ, वैसे ही कैटरिंग संचालक ने अधिक रुपये की मांग कर दी। साथ ही मेन्यू में भी कटौती की बात की थी। ऐसे में उन्होंने बीते माह ही शादी समारोह का आयोजन अपने गांव में करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि गांव में लकड़ी से खाना बनेगा, जिससे कोई परेशानी नहीं होगी। समारोह के लिए ऐसे मिल सकता है गैस सिलेंडर दिल्ली की एलपीजी डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने बताया कि शादी के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर लेने की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब सिलेंडर तभी मिल पाएगा, जब डीलर्स के पास उपलब्धता होगी। सिलेंडर पाने के लिए शादी का कार्ड लेकर नजदीकी एलपीजी डीलर के कार्यालय जाकर वहां अस्थायी कनेक्शन लेना होगा। इसके बाद प्रत्येक सिलेंडर के लिए तय करीब 2500 रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करानी होगी। गैस की कीमत अलग से देनी होगी। अगर डीलर के पास व्यावसायिक सिलेंडर उपलब्ध है, तो वे कार्ड के आधार पर ही सिलेंडर दे देंगे। सिलेंडर लौटाने पर सिक्योरिटी की रकम वापस हो जाएगी।

नूंह को मिलेगा स्टेडियम और आधुनिक सुविधाओं का तोहफा

नूंह हरियाणा के नूंह जिले को अब विकास के पंख लगेंगे। जिले की चार विकास परियोजनाओं के लिए बजट मंजूर किया गया है। करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से ये योजनाएं लागू होंगी। इनमें स्टेडियम निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि नगर परिषद क्षेत्र में जिन योजनाओं को स्वीकृति मिली है, उनमें एक भव्य सभागार और संग्रहालय परिसर का निर्माण प्रमुख है। यह परिसर पुराने कार्यालयों वाली सड़क पर विकसित किया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को एक आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी। खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पलवल टी-पॉइंट के पास मेवात मॉडल स्कूल के नजदीक उपलब्ध भूमि पर स्टेडियम बनाया जाएगा। इससे युवाओं को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा। शहर की सड़कों के सौंदर्यीकरण के तहत पलवल टी-पॉइंट से झंडा चौक तक बीच की पट्टी को विकसित किया जाएगा। नगर परिषद कार्यालय भवन के विस्तार की योजना भी शामिल है। मौजूदा भवन के साथ नई इमारत बनाई जाएगी, जिससे प्रशासनिक कामकाज को अधिक सुचारु ढंग से संचालित किया जा सकेगा और लोगों को सेवाएं आसानी से मिलेंगी। सोहना में जलभराव से राहत मिलेगी नगर परिषद ने शहर में बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नई योजना लागू करनी शुरू कर दी है। नई योजना के तहत अब विकास कार्यों के दौरान सड़कों को पक्का करने या दोबारा कंक्रीट डालने के साथ-साथ बरसाती पानी की निकासी के लिए अलग से लाइन बिछाई जा रही है। यह लाइन सीवर सिस्टम की तर्ज पर गटर के रूप में तैयार की जा रही है, जिससे बारिश के पानी के साथ बहकर आने वाला कूड़ा-कचरा भी आसानी से निकल सके। इस व्यवस्था से पानी बिना रुके ढाल की दिशा में बह सकेगा और सड़कों पर जमा नहीं होगा। वार्ड-16 के पार्षद हरिश नंदा का कहना है कि इस योजना से भविष्य में जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। वहीं वार्ड-6 के पार्षद राकेश रोहिल्ला ने बताया कि नई निकासी लाइन बनने से सीवर पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा और पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक बारिश के बाद जलभराव कम होने में एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता था। एसडीओ राजपाल खटाना ने कहा कि नई व्यवस्था के बाद बारिश रुकने के कुछ ही मिनटों में पानी की निकासी हो जाएगी।

महिलाओं को ई-वाहन प्रशिक्षण और ब्याज मुक्त लोन से आत्मनिर्भरता

गुरुग्राम अपने खुद के रोजगार का सपना देख रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। गुरुग्राम जिले में पिंक कैब योजना से दस हजार गरीब-शिक्षित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। योजना के तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चलाने का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद ई-कैब खरीदने के लिए उन्हें 10 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण दिए जाएंगे। इससे महिलाएं न केवल स्वरोजगार अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगी, बल्कि परिवहन क्षेत्र में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगी। पिंक कैब योजना को लखपति दीदी से जोड़ा गया गुरुग्राम में जल्द ही पिंक कैब योजना शुरू कर महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की भावना बढ़ सके। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को न सिर्फ रोजगार देना है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सम्मान जनक आजीविका उपलब्ध कराना भी है। महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन चलाने के लिए बैंकों से ऋण मिलेंगे। ऋण पर पांच लाख तक क्रेडिट गारंटी और तीन लाख पर ब्याज में छूट होगी। पिंक कैब योजना को केंद्र सरकार की लखपति दीदी से जोड़ा गया है, ताकि महिलाएं नियमित आय स्रोत से जुड़ सकेंगी। गुरुग्राम में दस हजार से अधिक महिलाएं योजना से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी गई है बैंकों को दिए गए निर्देश एडीसी सोनू भट्ट की ओर से सभी बैंकों को इस योजना को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए है। पिंक कैब योजना के तहत महिलाएं स्वयं वाहन चलाकर आय अर्जित कर सकेंगी। इसमें वाहन चलाने का प्रशिक्षण, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए दस लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण, सुरक्षित परिवहन सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था होगी। ऋण मुहैया कराने में बैंक से मदद मिलेगी जिला अग्रणी प्रबंधन विनोद कुमार बजाज ने कहा कि पिंक कैब योजना के तहत महिलाएं स्वयं वाहन चलाकर आय अर्जित कर सकेंगी और परिवहन क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी। इसमें वाहन चलाने का प्रशिक्षण, इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए दस लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण, स्वरोजगार के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता, सुरक्षित परिवहन सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था होगी। इसमें बैंकों की ओर से ऋण मुहैया कराकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग रहेगा। एक साल में दस हजार महिलाओं को जोड़ा जाएगा। इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ने की योजना है। रोजगार को बढ़ावा योजना के अंतर्गत महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। इससे उनमें आत्मनिर्भरता की भावना बढ़ सके। इसका उद्देश्य महिलाओं को न सिर्फ रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा। बल्कि उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना भी है।

भाकियू का हंगामा: हापुड़ कूच के दौरान टोल प्लाजा पर टकराव, पुलिस पर हमला

  हाथरस पूर्व मंत्री द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार को कई जिलों में भारी बवाल कर दिया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने हाथरस में पुलिस के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की की और दरोगा के पैर पर गाड़ी चढ़ाई दी। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। हापुड़ कूच कर रहे कई कार्यकर्ताओं को अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा पर रोका गया तो वहां भी कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद भी उन्हें रोका नहीं जा सका। सैकड़ों कार्यकर्ता दर्जनों गाड़ियों से टोल प्लाजा पार करके निकल गए। वहीं भाकियू के बवाल को देखते हुए हापुड़, बुलंदशहर में भारी तादाद में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है। कुछ दिन पहले एक ढाबे के शुभारंभ के दौरान पूर्व मंत्री मदन चौहान द्वारा किसान नेताओं पर अभद्र टिप्पणी की गई थी। जिसके विरोध में भाकियू ने पूर्व मंत्री के आवास के घेराव का ऐलान किया था। शुक्रवार को कई जिलों से भाकियू कार्यकर्ता पूर्व मंत्री का आवास घेरने के लिए प्रदर्शन करते हुए हापुड़ के लिए कूच कर गए। कार्यकर्ताओं का हुजूम दर्जनों गाड़ियों के काफिले के साथ हापुड़ जा रहे कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिलों में रोक लिया गया। इसको लेकर हाथरस में एसपी सिटी एटा और भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित किसान पीछे हटने को तैयार नहीं थे। तनाव उस समय और बढ़ गया जब कार्यकर्ताओं ने पुलिस घेरा तोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान एक गाड़ी कस्बा इंचार्ज के पैर पर चढ़ गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद उत्तेजित भीड़ ने सीओ की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की। पूर्व मंत्री के आवास पर भारी पुलिस तैनात, सियासत गरमाई सलारपुर में हुई तीखी नोकझोंक के बाद भारतीय किसान यूनियन (भानु) और पूर्व मंत्री मदन चौहान के बीच का विवाद अब चरम पर पहुँच गया है। पूर्व मंत्री के आवास के घेराव के ऐलान के बाद शुक्रवार को गढ़मुक्तेश्वर की सड़कों पर तनाव का माहौल पैदा हो गया। पूर्व मंत्री के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। टकराव की आशंका को देखते हुए जिले के कई थानों की पुलिस को मौके पर बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद सलारपुर में हुई एक नोकझोंक के बाद शुरू हुआ, जिसने अब बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। कार्यकर्ताओं में मदन चौहान की टिप्पणियों को लेकर गहरा रोष है। पूर्व मंत्री के खिलाफ धरना देने हरदोई, लखनऊ से गढ़मुक्तेश्वर पहुंचे सैकड़ों किसान बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव चितौड़ा में स्थित एक ढाबे के शुभारंभ के दौरान पूर्व मंत्री मदन चौहान और भाकियू भानू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह के बीच हुई नोकझोक ने बढ़ा रूप ले लिया है। सोशल मीडिया से शुरू हुए विवाद अब धरना प्रदर्शन तक पहुंच गया है। एक ओर जहां पूर्व मंत्री ने अपने आवास पर हवन पूजन करने की बात कहीं है वहीं दूसरी और हापुड़ जनपद के अलावा भाकियू भानू गुट के पदाधिकारी लखनऊ, हरदोई, संभल, बदायूं आदि जनपद से गढ़ पहुंच गए है। हालांकि पुलिस ने किसान संगठन के कई नेताओं को नजर बंद कर लिया है, लेकिन बहारी जनपदों के किसान गढ़ में पहुंच गए है। इस को लेकर पुलिस का सिरदर्द बढ़ गया है। क्या था मामला गांव चितौड़ा निवासी कुछ युवकों ने यूपी 37 के नाम से एक ढाबे का संचालन किया है। उसके शुभारंभ कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता एंव पूर्व मंत्री मदन चौहान को भी कार्यक्रम में बुलाया गया था। कार्यक्रम के दौरान होटल संचालन के लिए भानु प्रताप ने एक ब्यान दिया। दिए गए ब्यान में उन्होंने कहा कि यह ढाबा किसान यूनियन के पदाधिकारियों का है इसको खुब चलावें, खूब खांवे और भाजपा को हरावें का ब्यान दिया। इस ब्यान को सुनकर उनके पड़ोस में बैठे मदन चौहान भड़क गए। पूर्व मंत्री ने उनके ब्यान की निंदा की उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ब्यान देना काफी गलत है। इस दौरान पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष में जमकर नोकझोक हुई। एक वीडियो में तो मदन चौहन ने भानु प्रताप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ को गाली देने का आरोप लगाया। इस दौरान कार्यक्रम नोकझोक का अखाड़ा बन गया। मौके पर काफी भीड़ एकत्र हो गई। पूरे घटना क्रम की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग तरह तरह की चर्चा शुरू हो गई।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह के आदेश पर नूनहेन्स कंपनी के खिलाफ अमानक बीज मामले में FIR दर्ज

धार / खरगोन मध्य प्रदेश के धार और खरगोन जिले के किसानों ने करेला फसल में हुए भारी नुकसान को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। किसानों ने बताया कि अमानक बीज और रोपे के कारण उनकी फसल बर्बाद हो गई, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। किसानों के अनुसार, उन्होंने नवंबर 2025 में विभिन्न नर्सरियों और कृषि सेवा केंद्रों से बीज और रोपे खरीदे थे। लेकिन बुआई के बाद फसल में सही उत्पादन नहीं हुआ। करेला के फल छोटे रह गए, पीले होकर गिरने लगे और उत्पादन में भारी गिरावट आई। इससे किसानों की आय पर सीधा असर पड़ा।  नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे किसानों की आजीविका पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए और दोषी कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए धार जिले के मनावर थाने में संबंधित कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम और बीज अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।  अमानक बीज की फरवरी 2026 में की थी शिकायत  जांच में प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया है कि किसानों को अमानक बीज और उन्हीं से तैयार रोपे प्रमाणित बताकर बेचे गए थे। इससे उनकी फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा। किसानों ने पहले भी फरवरी 2026 में इसकी शिकायत की थी, जिसके बाद विभागीय जांच कराई गई थी। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ फसल खराब होने का मामला नहीं है, बल्कि किसानों की मेहनत, पूंजी और विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस तरह की लापरवाही या धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा न जाए।   “रूबासटा” किस्म के अमानक बीज पर प्रतिबंध इसके साथ ही, करेला की “रूबासटा” किस्म के अमानक बीज पर प्रतिबंध लगाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसानों को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े। सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें न्याय मिलेगा और नुकसान की भरपाई के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई से किसानों में विश्वास बढ़ा है कि उनकी शिकायतों पर सरकार गंभीरता से कार्रवाई कर रही है। 

पचपदरा रिफाइनरी से बदलेगा राजस्थान का भविष्य: जोगाराम पटेल

जोधपुर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल (Jogaram Patel) ने जोधपुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की. मीडिया से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि 21 अप्रैल को बालोतरा जिले के पचपदरा में होने वाला रिफाइनरी उद्घाटन राजस्थान के विकास की दिशा बदल देगा. मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि पचपदरा में बनने वाली यह रिफाइनरी सिर्फ एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि पश्चिमी राजस्थान के भविष्य को संवारने वाला मील का पत्थर साबित होगी. यह देश की सबसे आधुनिक रिफाइनरी में से एक होगी और इसके जुलाई तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने की संभावना है. सालाना करीब 21 हजार करोड़ रुपए मिलेगा राजस्व इस रिफाइनरी से देश को करीब 21 हजार करोड़ रुपये का सालाना राजस्व मिलने की संभावना है. वहीं, राजस्थान को 4 से 5 हजार करोड़ रुपये का लाभ होगा. साथ ही हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा और बायो-प्रोडक्ट आधारित उद्योगों के विस्तार से पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी. क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से चल रहा- पटेल जोगाराम पटेल ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनें. उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सड़कों का बड़ा नेटवर्क, नए अस्पताल, कॉलेज, तहसील और पुलिस व्यवस्थाओं जैसे कई विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं. महिला आरक्षण बिल पर कही ये बात महिला आरक्षण बिल से पूछे गए सवाल पर मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा और भविष्य में इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने पर भी विचार किया जा सकता है.  

मानसरोवर में जमीन घोटाले का खुलासा, मुख्य आरोपी फरार

 जयपुर राजस्थान की राजधानी जयपुर में भूमाफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है. जिसमें पुलिस ने जमीन से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में सख्त कदम उठाए हैं. जयपुर के मानसरोवर थाने में दर्ज इस मामले में प्रमोद शर्मा सहित कुल 9 लोगों को नामजद किया गया है. पुलिस के अनुसार मामला बदरवास क्षेत्र की एक बेशकीमती जमीन से जुड़ा है जहां अवैध कब्जा और धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं. जमीन कब्जे और साजिश के आरोप परिवादी की शिकायत के आधार पर आरोप है कि आरोपियों ने मिलकर जमीन पर अवैध कब्जा किया और धोखाधड़ी को अंजाम दिया. एफआईआर में आपराधिक साजिश धमकी और कब्जे जैसे गंभीर आरोप शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रमोद शर्मा को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था. उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए थाने बुलाया गया था लेकिन नोटिस के बाद से ही वह फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस की पहुंच से बाहर होने के बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई है. तलाश के लिए बनाई गई विशेष टीम प्रमोद शर्मा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने और उसे जल्द पकड़ने के प्रयास जारी हैं. कार्रवाई से पहले प्रमोद शर्मा अपने जन्मदिन कार्यक्रम को लेकर चर्चा में थे. उनके घर पर समर्थकों की भीड़ जुटी थी लेकिन बाद में उन्होंने कार्यक्रम स्थगित करने की जानकारी दी. पुलिस बोली जांच जारी पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है. अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है और जांच के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सुखेर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, सरकारी जमीन कब्जे से मुक्त

उदयपुर  राजस्थान के उदयपुर शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) इन दिनों फुल एक्शन मोड में है. इसी कड़ी में प्राधिकरण की टीम ने गुरुवार को शहर के सुखेर इलाके में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. यहां नामी होटल मनसा गार्डन और रेस्टोरेंट (Hotel Mansa) द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए अवैध निर्माण पर प्राधिकरण का बुलडोजर चला है. क्या है पूरा मामला? प्राधिकरण के कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने बताया कि सुखेर के आराजी संख्या 1526 (मीन) में प्राधिकरण का एक अनुमोदित प्लान (Approved Plan) है. इस प्लान के तहत कुछ जमीन रिजर्व रखी गई थी. लेकिन होटल मनसा गार्डन और रेस्टोरेंट ने नियमों को ताक पर रखकर इस रिजर्व भूमि पर कब्जा कर लिया और वहां निर्माण खड़ा कर दिया. नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं सिर्फ प्राधिकरण ही नहीं, बल्कि उस इलाके के रहने वाले लोग भी इस अवैध कब्जे से परेशान थे. कॉलोनीवासियों ने कई बार प्राधिकरण में इसकी शिकायत की थी. इसी के चलते प्राधिकरण ने होटल को धारा 70 के तहत नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. हालांकि, होटल मालिक के पास कब्जे को सही ठहराने के लिए कोई कानूनी दस्तावेज नहीं था. जवाब संतोषजनक न होने पर कमिश्नर ने अतिक्रमण हटाने के कड़े आदेश जारी किए, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई. मौके पर टीम ने क्या किया? आदेश मिलते ही तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा के नेतृत्व में एक भारी-भरकम टीम मौके पर पहुंची. टीम में भू-अभिलेख निरीक्षक राजेश मेहता, प्रतापसिंह राणावत, दूलीचन्द शर्मा और पटवारी दीपक जोशी शामिल थे. होमगार्ड के जाब्ते के साथ पहुंची टीम ने देखते ही देखते अवैध निर्माण को ढहा दिया और सरकारी जमीन को मुक्त कराया. अतिक्रमणकारियों को खुली चेतावनी कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने साफ कर दिया है कि यह तो बस शुरुआत है. उन्होंने कहा, 'शहर में जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे या निर्माण हुए हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. प्राधिकरण की यह मुहिम आगे भी इसी तरह जारी रहेगी.'

वनप्लस पैड 4 लॉन्च डेट कन्फर्म,30 अप्रैल को मिलेगा पावरफुल टैबलेट, जानें फीचर्स

वनप्लस भारत में एक नया टैबलेट लॉन्च करने जा रहा है, जिसका नाम OnePlus Pad 4 होगा. यह टैबलेट बीते साल लॉन्च किए गए OnePlus Pad 3 का अपग्रेड वर्जन होगा. कंपनी ने बताया है कि यह टैबलेट भारत में 30 अप्रैल को लॉन्च होगा. इसमें ऑक्सीजनओएस का सपोर्ट मिलेगा. OnePlus Pad 4 की जानकारी वनप्लस के ऑफिशियल पोर्टल पर शेयर की है. यह एक प्रोडक्टिविटी फोक्स्ड टैबलेट है, जिसमें हाई एंड स्पेसिफिकेशन्स मिलते हैं. वनप्लस के अपकमिंग टैबलेट एक लाइटवेट प्रोडक्ट होगा और इसमें मेटल यूनिबॉडी डिजाइन का यूज किया गया है. यह डिवाइस भारत में दो कलर वेरिएंट में लॉन्च होगा,  जो ड्यून ग्लो और सैग मिस्ट कलर हैं. OnePlus Pad 4 का डिस्प्ले वनप्लस पोर्टल पर लिस्ट डिटेल्स के मुताबिक, OnePlus Pad 4 में  13.2 इंच का 3.4K (3.4 हजार रेजोल्युशन) मिलेगा. यह 144Hz के रिफ्रेश रेट्स के साथ आता है. इसमें आई केयर फीचर मिलेगा, जो लंबे समय तक स्क्रीन देखने की वजह से आंखों पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकेगा. वनप्लस पैड 4 का प्रोसेसर वनप्लस पैड 4 में बेहतर परफॉर्मेंस का यूज किया जाएगा. AnTuTu बेंचमार्क पर 4.1 मिलियन का स्कोर मिला है. इस डिवाइस में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट का यूज किया जाएगा. वनप्लस पैड 4 की रैम और बैटरी वनप्लस पैड 4 में मैक्सिमम 12GB की LPDDR5X RAM मिलेगी. इसके अलावा 512जीबी इंटरनल स्टोरेज मिलेगी. साथ ही 13380mAh की बैटरी दी जाएगी, जिसको चार्जिंग के लिए 80W का सुपर वूक फास्ट चार्जिंग मिलेगा. वनप्लस पैड 4 के साथ असेसरीज भी मिलेंगी वनप्लस पैड 4 के साथ कुछ असेसरीज भी मिलती है. इसमें डेडिकेटेड स्मार्ट कीबोर्ड और न्यू वनप्लरस स्टाइलो प्रो भी मिलेगा, जिसे खासतौर से स्केचिंग और राइटिंग के लिए तैयार किया गया है. वनप्लस पैड 4 की कीमत को लेकर अभी कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. ना ही इसके साथ मिलने वाले बैंक ऑफर्स को लेकर कोई डिटेल्स शेयर की है. हालांकि वनप्लस पैड 3 की शुरुआती कीमत 49,999 रुपये रखी गई थी.