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पटना का कुख्यात गैंगस्टर भोला सिंह गिरफ्तार, फर्जी पहचान से रह रहा था गुजरात में

पटना  बिहार के मोस्ट वांटेड क्रिमिनल भोला सिंह को CBI की टीम ने गुजरात से दबोच लिया है। सूरत से गिरफ्तार भोला सिंह पटना जिले के पंडारक का रहने वाला है। वो अपना नाम बदल कर सूरत में रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी अपहरण के 12 साल पुराने मामले में हुई है। बिहार का वांटेड भोला सिंह गिरफ्तार भोला सिंह को बिहार अलग-अलग थानों की पुलिस भी ढूंढ रही थी। उस पर इन थानों में 11 केस दर्ज हैं। भोला सिंह किडनैपिंग, मर्डर समेत कई बडे़ अपराधों का आरोपी है। बिहार पुलिस अब भोला सिंह को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। उधर सीबीआई के अनुसार कोलकाता के दो लोग 14 जुलाई 2014 को ही गायब हुए थे। पुलिस जांच के बाद कोलकाता हाईकोर्ट के ऑर्डर के बाद CBI ने इस केस में भोला सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। 11 साल से फरार भोला को CBI ने दबोचा भोला सिंह इस केस में 11 साल से फरार था। 2015 में सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की थी और तभी से भोला सिंह अंडरग्राउंड हो गया था। भोला सिंह ने सूरत में अमित शर्मा के नाम से फर्जी आईडी बनवा ली थी और सूरत जाकर भूमिगत हो गया था। सीबीआई ने इसी बीच टेक्निकल सर्विलांस के साथ मुखबिरों का जाल बिछाया तो उसके ठिकाने का पता चल गया। इसके बाद ट्रैप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई के गिरफ्तार किए जाने के बाद भोला सिंह को कोलकाता पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।     कभी मोकामा विधायक अनंत सिंह के लिए काम करता था भोला सिंह     अनंत सिंह के साथ NTPC में भोला सिंह करता था ठेकेदारी     15 साल पहले अनंत सिंह से हुआ विवाद तो हो गया अलग     बाद में भोला के भाई मुकेश ने अनंत सिंह के साथ कर ली थी सुलह CRPF कमांडो की ट्रेनिंग ले रखी है भोला ने पटना जिले से सटे पंडारक का रहने वाला भोला सिंह CRPF में भी भर्ती हुआ था और कमांडो की ट्रेनिंग भी ली थी। इसके बाद एक बाहुबली के साथ भोला सिंह ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने के बाद भोला सिंह फरार हो गया था। उस वक्त पुलिस ने भोला और उसके भाई मुकेश पर 3 लाख रुपयों का इनाम भी रखा था। बाद में मुकेश सिंह ने आत्मसमर्पण कर बेल ले ली थी। 3 लेयर सिक्योरिटी में रहता था गैंगस्टर भोला सिंह गैंगस्टर भोला सिंह अपनी सुरक्षा को लेकर भी हद से ज्यादा सतर्क रहता था। उसने अपने लिए 3 लेयर सिक्योरिटी बनाई थी, जिसमें कुख्यात शूटर उसकी सुरक्षा करते थे। भोला सिंह ने साल 2008 में अनंत सिंह के रिश्तेदार विवेका पहलवान के भाई कॉन्ट्रैक्टर संजय सिंह की हत्या की थी। 2010 में उसकी दुश्मनी उसी बाहुबली के साथ हो गई, जिसके साथ उसने काम शुरू किया था। तब 2 करोड़ रुपयों के विवाद में भोला बाहुबली के खिलाफ हो गया था। पटना में ही 2013 में उसने खुलेआम कुख्यात राजीव सिंह को गोलियों से भून मौत के घाट उतार दिया था

रीड हेस्टिंग्स का बड़ा फैसला: नेटफ्लिक्स से पूरी तरह अलग होने का ऐलान

ओवर द टॉप (OTT) इंडस्ट्री के दिग्गज प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के को-फाउंडर रीड हेस्टिंग्स ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. आने वाले जूम महीने में उनके चेयरमैन पद का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिसके बाद वह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से भी इस्तीफा दे देंगे. इसकी जानकारी खुद कंपनी की तरफ से दी गई है. को-फाउंडर इस्तीफे के बाद लोगों की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं. हालांकि वह क्या काम होगा, वो तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. साल 2023 में भी उन्होंने सीईओ पद से इस्तीफा दिया था, जो काफी चर्चा में रह चुका है. रीड हेस्टिंग ने 1997 में अपने दोस्त और सह-संस्थापक मार्क रैंडोल्फ के साथ इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 2023 तक यानी करीब 20 साल तक उन्होंने नेटफ्लिक्स की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद हेस्टिंग ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया. रीड हेस्टिंग ने कहा रीड हेस्टिंग ने कहा कि Netflix में मेरा असली योगदान कोई एक फैसला नहीं था. असल में यह मेंबर्स की खुशी पर फोकस करना और एस ऐसे कल्चर को बनाना, जिसे लोग आगे बेहतर बना सकें. नेटफ्लिक्स क्या है? नेटफ्लिक्स, असल में एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म है. अब यह इंटरनेट के माध्यम से काम करता है, जबकि शुरुआत DVD के जरिए हुई थी. अब नेटफ्लिक्स वेब सीरीज, टीवी शो और डॉक्यूमेंट्रीज आदि उपलब्ध कराता है और यह प्लेटफॉर्म दुनियाभर में पॉपुलर है. कंपनी अपने इस प्लेटफॉर्म को सब्सक्रिप्शन बेस्ड सर्विस के रूप में देती है. भारत समेत दुनियाभर में इसके करोड़ों यूजर्स हैं. भारत में टीवी के लिए शुरुआती वर्जन 199 रुपये का है, जो विज्ञापन के साथ आता है. आज यह 190 से अधिक देशों में उपलब्ध है. OTT प्लेटफॉर्म क्या होते हैं? ओवर द टॉप (OTT), असल में वे प्लेटफॉर्म होते हैं, जो इंटरनेट के जरिए सीधे स्मार्टफोन, टीवी, लैपटॉप और टैबलेट आदि पर वीडियो कंटेंट स्ट्रीमिंग की सुविधा देते हैं. इसमें नेटफ्लिक्स, प्राइम वीडियो, जियो हॉटस्टार, जी5 आदि का नाम शामिल है.

बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार मई के पहले सप्ताह में, 70% पुराने चेहरे रहेंगे

पटना  बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का विस्तार मई के पहले सप्ताह में होगा। यह विस्तार पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद होगा। चुनावों के नतीजे 4 मई को आएंगे। हालांकि संभावना यही है कि बिहार का नया मंत्रिमंडल कोई खास सरप्राइज देने वाला नहीं होगा। कैबिनेट में करीब 70 प्रतिशत वही चेहरे होंगे जो नीतीश कुमार की पिछली सरकार के मंत्रिमंडल में थे। बीजेपी क्यों कर रही 5 विधानसभा चुनावों के नतीजों का इंतजार? बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए सबसे खास है। इस चुनाव में दो चरणों में 23 और 29 मई को मतदान होना है। इससे पहले बीजेपी के तमाम बड़े नेता बंगाल में चुनाव प्रचार में जुटे हैं। यानी इस महीने बीजेपी के नेता फुरसत में नहीं हैं। दूसरी तरफ बिहार में पहली बार बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार बनी है। वह सरकार के मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद होने वाले शपथ समारोह को भव्य बनाना चाहती है। बीजेपी चाहती है कि शपथ समारोह में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहें। यही कारण है कि वह पश्चिम बंगाल सहित असम, तमिलनाडु, केरल और पुद्दुचेरी के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने का इंतजार कर रही है। उसे इस चुनाव में असम के साथ बंगाल में भी बीजेपी का परचम लहराने की उम्मीद है। इसी आशा में वह बिहार के शपथ समारोह में दोहरा जश्न मनाना चाहती है। नई कैबिनेट में 70 प्रतिशत पुराने चेहरे दिखने के आसार बिहार में सम्राट चौधरी की नई सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार 4 मई के बाद होने के आसार हैं। संभावना यही है कि बिहार सरकार के इस नए मंत्रिमंडल में 70 प्रतिशत मंत्री वही होंगे, जो इससे पहले नीतीश कुमार सरकार की कैबिनेट में थे। बताया जाता है कि शेष करीब 30 फीसदी मंत्री जातीय समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन को साधते हुए बनाए जा सकते हैं। पिछली सरकार के कई मंत्रियों के बदल सकते हैं विभाग बिहार सरकार में पिछली सरकार के मंत्रियों में से कई के विभाग बदले जा सकते हैं। उनमें से कई को अधिक महत्वपूर्ण विभाग दिए जा सकते हैं। बताया जाता है कि स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जल संसाधन और वित्त जैसे विभाग पुराने मंत्रियों को ही दिए जा सकते हैं। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के मुताबिक कैबिनेट में विस्तार पर अंतिम निर्णय बैठक में होगा। सम्राट चौधरी का कहना है कि बिहार में अब मोदी और नीतीश मॉडल चलेगा। उन्होंने अब नीतीश मॉडल के साथ पीएम मोदी का भी नाम जोड़ दिया है। पूर्व में सिर्फ नीतीश मॉडल की बात कही जाती रही थी। सत्ता के बंटवारे का समीकरण बताया जाता है कि नए मंत्रिमंडल में बीजेपी की प्रमुख सहयोगी पार्टी जनता दल यूनाईटेड ( जेडीयू ) से ज्यादातर मंत्री पुराने ही होंगे। बीजेपी के कोटे से उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम), चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) और जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के विधायकों को मंत्री बनाया जाएगा। एलजेपी-आर को दो, आरएलएम को एक और ‘हम’ को एक मंत्री पद मिल सकता है। बताया जाता है कि सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले मंत्रियों में से किसी को भी दो से अधिक विभाग नहीं दिए जाएंगे।  

आज का ज्योतिषीय प्रभाव: सूर्य-चंद्र युति और शनि गोचर से बदलेगा भाग्य

आज का दिन ज्योतिष के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस दिन अमावस्या के साथ ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, आज दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर चंद्रमा मेष राशि में प्रवेश करेगा, जहां सूर्य के साथ उसकी युति बनेगी. इसके अलावा आज शाम 4 बजकर 05 मिनट पर  शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में जाएंगे. यह विशेष संयोग कुछ राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इन योगों का असर करियर, धन और पारिवारिक जीवन पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है. खासतौर पर 4 राशियों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है. मेष राशि: रुके काम पूरे, करियर में मजबूती मेष राशि वालों के लिए यह अमावस्या शुभ संकेत दे रही है. सूर्य और चंद्रमा की युति आपकी ही राशि में बन रही है, जिससे अटके हुए काम पूरे होने के योग बन रहे हैं. व्यापार में बड़ा अवसर मिल सकता है और नौकरी में आपकी छवि मजबूत होगी. आर्थिक स्थिति सुधरेगी और घर में शांति बनी रहेगी. उपाय: जरूरतमंदों को दान करें. वृषभ राशि: करियर में ग्रोथ, सेहत में सुधार वृषभ राशि के जातकों के लिए समय अनुकूल नजर आ रहा है. आपको करियर में अच्छे मौके मिल सकते हैं और आपकी मेहनत रंग लाएगी. धन लाभ के संकेत हैं और अगर आप किसी पुरानी बीमारी से परेशान थे तो उसमें भी राहत मिल सकती है. उपाय: पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं. तुला राशि: सपने होंगे पूरे, मिलेगा संपत्ति लाभ तुला राशि वालों के लिए यह समय खुशियां लेकर आ सकता है. आपकी कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है. प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में लाभ होगा और नया घर या वाहन खरीदने का मौका मिल सकता है. परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और रिश्ते मजबूत होंगे. उपाय: शनि देव के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं. धनु राशि: आत्मविश्वास बढ़ेगा, प्रमोशन के योग धनु राशि के लोगों के लिए यह समय उत्साह बढ़ाने वाला रहेगा. आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और काम में सफलता मिलेगी. व्यापार में फायदा होगा और नौकरी करने वालों को प्रमोशन या सैलरी बढ़ने के संकेत हैं. मानसिक तनाव कम होगा और परिवार के साथ अच्छा समय बिताएंगे. उपाय: शाम के समय दीपदान करें.

अक्षय तृतीया 2026: जानिए शुभ सपनों के संकेत और उनका धार्मिक महत्व

अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ पर्वों में से एक माना जाता है.  इस दिन को अक्षय कहा जाता है, जिसका अर्थ है जो कभी समाप्त न हो या जिसका कभी क्षय न हो.  यह दिन समृद्धि, सौभाग्य और शुभ फलों का प्रतीक माना जाता है.  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए शुभ कार्य, दान, पूजा और सेवा का फल कई गुना बढ़कर मिलता है.  इसी कारण इसे अत्यंत पुण्यदायी दिन माना जाता है. इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी. इस अवसर पर लोग दान-पुण्य, पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों में भाग लेते हैं ताकि जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि हो सके. मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया से पहले दिखने वाले सपनों को भी विशेष महत्व दिया जाता है.  ऐसा कहा जाता है कि इस समय देखे गए कुछ सपने भविष्य में आने वाले शुभ संकेतों की ओर इशारा कर सकते हैं. ये सपने व्यक्ति के जीवन में सुख, धन, सफलता और सकारात्मक बदलाव का संकेत माने जाते हैं. हालांकि, इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के रूप में नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक संकेत के रूप में देखा जाता है. अक्षय तृतीया से पहले दिखने वाले शुभ सपने 1. सोना या आभूषण देखना यदि सपने में सोना, चांदी या किसी प्रकार के आभूषण दिखाई दें, तो इसे आर्थिक समृद्धि और धन लाभ का संकेत माना जाता है. यह सपना जीवन में स्थिरता और वित्तीय सुधार की ओर इशारा करता है. 2. देवी लक्ष्मी का दर्शन सपने में कमल के फूल के साथ देवी लक्ष्मी का दिखाई देना अत्यंत शुभ माना जाता है.  यह घर में सुख-समृद्धि, बरकत और खुशहाली आने का प्रतीक होता है. यह सपना जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य बढ़ने का संकेत भी देता है. 3. साफ पानी या नदी देखना यदि सपने में स्वच्छ जल, बहती नदी या झरना दिखाई दे, तो इसे मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना जाता है. यह सपना दर्शाता है कि आने वाला समय शांत और संतुलित हो सकता है. 4. मंदिर या पूजा देखना सपने में मंदिर, पूजा-पाठ या धार्मिक अनुष्ठान देखना आध्यात्मिक उन्नति और नए शुभ अवसरों का संकेत माना जाता है. यह दर्शाता है कि व्यक्ति का मन धर्म और सकारात्मकता की ओर अग्रसर हो रहा है. 5. सूर्य या उजाला देखना सपने में उगता हुआ सूर्य या तेज प्रकाश दिखाई देना नए अवसरों, सफलता और जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है.  यह आने वाले समय में प्रगति और उपलब्धियों का संकेत देता है. सपनों का महत्व क्या है? ज्योतिष शास्त्र में सपनों को केवल मानसिक कल्पना नहीं माना जाता, बल्कि कई बार इन्हें आने वाले समय की ऊर्जा और घटनाओं का संकेत भी माना जाता है. विशेष रूप से अक्षय तृतीया जैसे पावन पर्व से पहले देखे गए सपनों को अधिक महत्वपूर्ण समझा जाता है, क्योंकि इस समय सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक माना जाता है.

पटना में जदयू की अचानक बैठक, मंत्रिमंडल विस्तार पर कयास

पटना  बिहार में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज होती हुई दिख रही है।  15 अप्रैल को सम्राट सरकार के गठन के दिन जदयू ने अपने विधायक दल की बैठक टाल दी थी। लेकिन अब अचानक से नीतीश कुमार के आवास 7 सर्कुलर रोड पर फिर से जदयू की बैठक बुला ली गई है। जदयू के विधायकों को 20 अप्रैल को पटना में हाजिर रहने को कहा गया है। जदयू विधायक दल की अचानक बुलाई गई बैठक बिहार में नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के बाद इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है। हालांकि ये बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को जदयू विधायक दल की बैठक टाल कर उसे NDA विधायक दल की बैठक बनाया गया था। अब नई सरकार के मद्देनजर 20 अप्रैल को जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। हालांकि इसको लेकर कई तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। पहला कयास- मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विधायक दल की मीटिंग पहला कयास ये लगाया जा रहा है कि बिहार में अभी सिर्फ सम्राट चौधरी (सीएम), विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव (डिप्टी सीएम) ही मंत्रिमंडल में हैं। ऐसे में विभागों के बंटवारे के लिए कैबिनेट विस्तार होना तय है। कहा जा रहा है कि जदयू ने मंत्रिमंडल विस्तार में अपने कोटे के मंत्रियों की लिस्ट फाइनल करने के लिए ये बैठक बुलाई है। हालांकि पुष्ट रूप से कुछ भी नहीं बताया गया है। दूसरा कयास- क्या निशांत को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी जदयू विधायक दल की बैठक को लेकर ये कयास भी लगाए जा रहे हैं कि बिहार में निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी है। लिहाजा जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में निशांत कुमार को जदयू में बड़ी जिम्मेदारी देने को लेकर भी संभावना जताई जा रही है। या बैठक का कोई और ही मकसद NDA के एक सूत्र ने हमें बताया कि 'बैठक का मकसद अभी तक साफ नहीं है।' एक तरह से देखा जाए तो ये बैठक 15 नवंबर को भी हो सकती थी, उस दिन जदयू विधायक दल की मीटिंग होनी जरूरी भी थी, क्योंकि बिहार में नई सरकार आकार लेने वाली थी। लेकिन नीतीश कुमार ने इसे टाल दिया। क्यों टाला गया, अब तक इसकी ठोस वजह नहीं बताई गई है। वहीं दूसरी तरफ ये भी चर्चा है कि नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर अभी कोई भी पुष्टि नहीं है।  

जनगणना 2027: अब ऑनलाइन स्व-गणना, 33 सवालों का देना होगा जवाब

पटना  बिहार में आज 17 अप्रैल से जनगणना 2027 का पहला चरण (मकान सूचिकरण) शुरू होने जा रहा है। इसमें लोग घर बैठे खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन कर सकेंगे। पहले चरण में स्व-गणना का काम 1 मई तक चलेगा। बिहार में जनगणना 2027 में पहले 15 दिनों तक लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद अपने परिवार और घर की जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद गणनाकर्मी घर पहुंचकर दर्ज जानकारी की जांच करेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। बिहार में जीविका दीदियों की ली जाएगी मदद इस पोर्टल पर परिवार के मुखिया के नाम और परिवार के किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद नागरिकों को 33 सवालों के जवाब भरने होंगे। स्व-गणना के लिए प्रभावी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान से सभी को जोड़ने के लिए 'जीविका दीदियों' की मदद ली जाएगी।इन सवालों में मकान की स्थिति, फर्श, दीवार और छत किससे बनी है, कितने लोग रहते हैं, परिवार के सदस्यों की संख्या, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन और दूसरी जरूरी सुविधाओं की जानकारी मांगी जाएगी। आइए आपको बताते हैं कैसे आप स्पेट-बाय स्टेप जनगणना के लिए अपनी जानकारी भर सकते हैं… पहला चरण: जनगणना के लिए जानकारी भरने के लिए रजिस्ट्रेशन – जनगणना के लिए अपनी जानकारी भरने के लिए सबसे पहले आपको सरकारी पोर्टल में लॉगिन करके एंट्री करनी होगी। – सरकारी पोर्टल पर जाएं। फिर अपने राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का चयन करें। कैशे कोड दर्ज करें। परिवार के पंजीकरण के लिए परिवार के मुखिया का नाम, 10 अंकों का मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी (वैकल्पिक) दर्ज करें। परिवार के मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकेगा। ऐसे में जो मुखिया है, उसी का नाम डालें। – प्रत्येक परिवार के लिए केवल एक मोबाइल नंबर का उपयोग किया जा सकता है। एक बार पंजीकृत होने के बाद वही मोबाइल नंबर किसी अन्य परिवार के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है। दूसरा चरण– सत्यापन और जगह की पहचान जनगणना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें आपने जो जगह भरी है, उसका सत्यापन किया जाएगा। फिर जगह की पहचान की जाएगी। बताते हैं इसके लिए आपको क्या करना होगा.. – पोर्टल पर आपको अपनी भाषा का चयन करना होगा। पोर्टल पर पसंदीदा भाषा वाले बॉक्स में जाकर अपनी भाषा का सिलेक्शन करें। यहां भाषा चयन के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए डाले गए मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इस ओटीपी को साइट पर दर्ज करें। बता दें, चयनित भाषा को बाद में बदला नहीं जा सकता है। – साइट पर आगे बढ़ें और अपने जिले का चयन करें। यहां पिन कोड दर्ज करें। फिर अपने गांव, नगर या स्थानीय क्षेत्र की जानकारी भरें। – आगे बढ़ने पर आपको आपके क्षेत्र का नक्शा दिखाई देगा। इस पर अपने निवास स्थान को चिन्हित करें। इसके लिए आपको नक्शे पर दिख रहे लाल रंग के मार्क को आगे-पीछे खिसकाकर अपने मकान के सटीक जगह पर रखें और स्थान की पुष्टि करें। तीसरा चरण: डेटा दर्ज करें और पूछी गई डिटेल भरें – पूछे गए सवालों को पूरा भरें: मकानसूचीकरण और मकानों की गणना वाली प्रश्नावली भरें। प्रश्नों को समझने में आपकी सहायता के लिए टूलटिप्स, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) और 'महत्वपूर्ण जानकारी' उपलब्ध हैं। – पूर्वालोकन एवं समीक्षा: अभी तक आपने जो जानकारी भरी है, वो यहां आपको देखने को मिलेगी। आप दर्ज की गई सभी जानकारी को अच्छे से जांच लें। – अगर दर्ज किए गए डेटा में कोई संशोधन करना है तो आपको वापस उसी सेक्शन में जाना होगा। ऐसे में अभी तक भरी जानकारी को ड्राफ्ट के रूप में सेव करें। अगर सभी जानकारी भर चुकी है और कोई संसोधन नहीं करना है तो पुष्टि करें और सबमिट करें। – पुष्टि करें और सबमिट करें पर क्लिक करके अपने डेटा का फाइनल सबमिशन करें। फाइनल सबमिशन के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा। – स्व-गणना पहचान संख्या (SEID) का सृजन: पूरी डिटेल भरने के बाद जब आप फाइनल सबमिट करेंगे तो 11 अंकों की एक खास स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) जनरेट होगी, जो 'H' अक्षर से शुरू होती है। यह आईडी SMS और अगर आपने ईमेल आईडी दी है तो उसके जरिए आपको मिलेगी। चौथा चरण: क्षेत्रीय सत्यापन चौथे चरण में आपके मकान का क्षेत्रीय सत्पापन जनगणना कर्मी करेंगे। – जब जनगणना करने वाले कर्मी आपके घर आएं, तो उन्हें अपनी SE ID दें, जो आपको ऑनलाइन मकान की गणना करने पर मिलेगी। – SE ID मिलान का परिणाम: अगर SE ID मौजूदा रिकॉर्ड से मेल खाती है, तो आपकी जानकारी की पुष्टि कर उसे मंजूर कर लिया जाएगा। अगर SE ID का मिलान नहीं होता है तो गणनाकर्मी आपकी नई जानकारी लेकर दर्ज करेगा।  

उत्तर भारत में डबल मार: 40°C के करीब तापमान, हवा भी जहरीली

लखनऊ  उत्तर भारत में गर्मी अब सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों के लिए दोहरी चुनौती बनकर सामने आ रही है। एक ओर आसमान से बरसती आग और पछुआ हवाओं की तपिश है, तो दूसरी ओर गिरती हवा की गुणवत्ता ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। लखनऊ में जहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण ‘बहुत खराब’ स्तर पर पहुंचकर लोगों की सेहत के लिए खतरा बन गया है। आने वाले दिनों में गर्मी और प्रदूषण दोनों के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लखनऊ में चटक धूप और पछुआ हवाओं ने बढ़ाई तपिश शहर में बीते दो दिनों से अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गुरुवार को यह 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा। सुबह से ही तेज धूप निकलने और दिनभर गर्म पछुआ हवाएं चलने के कारण गर्मी की चुभन लोगों को बेहाल कर रही है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है, जबकि लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। रात का तापमान भी 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे राहत कम ही मिल रही है। 2-3 दिन तक शुष्क रहेगा मौसम भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और आने वाले 2–3 दिनों तक पछुआ हवाएं जारी रहेंगी। इससे तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। एनसीआर में गर्मी के साथ प्रदूषण का कहर गर्मी के साथ-साथ एनसीआर के शहरों में प्रदूषण ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में तापमान 38–39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार कम होने और धूल भरी हवाओं के कारण प्रदूषण के कण वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। AQI ‘बहुत खराब’ स्तर पर, गाजियाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, नोएडा का AQI 255 (खराब), ग्रेटर नोएडा का 318 और गाजियाबाद का AQI 308 दर्ज किया गया है। गाजियाबाद की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां यह देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। बीते कुछ दिनों में यहां AQI 170 से बढ़कर 308 तक पहुंच गया है, जो तेजी से बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को दर्शाता है। धूल और हवाओं से बन रहे स्मॉग जैसे हालात विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की रफ्तार कम होने और धूल भरी हवाओं के चलते प्रदूषण के कण वातावरण में स्थिर हो रहे हैं। इससे स्मॉग जैसी स्थिति बन रही है, जो सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। अगर हवा की गति नहीं बढ़ी, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। 40 डिग्री पार जाने का अनुमान, लू चलने की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक, 21 से 24 अप्रैल के बीच तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही लू चलने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में दिन के समय बाहर निकलना और भी मुश्किल हो सकता है। स्वास्थ्य पर बढ़ा खतरा, विशेषज्ञों की सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और प्रदूषण का यह दोहरा असर शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है

डोनाल्ड ट्रंप का यूरेनियम देने वाला दावा झूठा, ईरान ने किया खंडन

तेहरान  इजरायल और लेबनान के बीच घोषित 10 दिन का युद्धविराम शुरू होते ही लड़खड़ा गया है. जैसे ही सीजफायर लागू हुआ, बेरूत के दक्षिणी इलाकों से गोलियों और रॉकेट दागे जाने की आवाजें आने लगीं, जिसने इस समझौते की स्थिरता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीजफायर लागू होने के कुछ ही देर बाद करीब आधे घंटे तक भारी गोलीबारी और रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) दागे जाने की आवाजें सुनी गईं. आसमान में लाल ट्रेसर बुलेट्स दिखाई दीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।  यह युद्धविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर घोषित किया गया था, जो इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच हफ्तों से चल रही भीषण लड़ाई को रोकने के लिए किया गया था. हालांकि, सीजफायर लागू होते ही हालात फिर बिगड़ते नजर आए. लेबनानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में इजरायल की ओर से गोलाबारी जारी रही, जबकि कुछ जगहों पर मशीनगनों से फायरिंग भी सुनाई दी. इससे साफ संकेत मिलता है कि जमीन पर हालात अब भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं।  सीजफायर से पहले भी हुई लड़ाई सीजफायर से ठीक पहले भी दोनों पक्षों के बीच हमले जारी थे. उत्तरी इजरायल में रॉकेट हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई में इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के लॉन्चर ठिकानों को निशाना बनाया था. इस बीच, सीजफायर लागू होते ही बड़ी संख्या में लोग बेरूत के दक्षिणी इलाकों में लौटने लगे. सड़कों पर भीड़, गाड़ियों की कतारें और हिजबुल्लाह के झंडे व पोस्टर दिखाई दिए. हालांकि, हिजबुल्लाह और लेबनानी प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी थी कि वे जल्दबाजी में वापस न लौटें, क्योंकि इलाके में अनफटे बम और अन्य खतरे मौजूद हो सकते हैं।  डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्धविराम को शांति प्रक्रिया की दिशा में पहला कदम बताया था और उम्मीद जताई थी कि यह आगे स्थायी समझौते का रास्ता खोलेगा. उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि इजरायल और लेबनान के नेताओं के बीच ऐतिहासिक बातचीत हो सकती है. लेकिन सीजफायर के पहले ही घंटे में हुई हिंसा ने यह साफ कर दिया है कि जमीन पर हालात बेहद नाजुक हैं और यह समझौता कभी भी टूट सकता है. वहीं ट्रंप ने कहा है कि ईरान यूरेनियम एनरिचमेंट करने से पीछे हटने को तैयार है।  ईरान क्या कह रहा है? वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित बातचीत को लेकर अपना रुख और सख्त कर लिया है, जिससे पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के तेहरान दौरे के बाद ईरान ने साफ संकेत दिया है कि अब बिना ठोस फ्रेमवर्क के कोई भी नई बातचीत बेकार होगी. ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान ने कहा कि अमेरिका को पहले अपने वादे पूरे करने होंगे और अपनी ‘अत्यधिक मांगों’ को वापस लेना होगा. यह बयान साफ करता है कि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी गहरे हैं और बातचीत की राह आसान नहीं है। 

पूर्वी राजस्थान में बारिश की संभावना, पश्चिमी हिस्सों में गर्मी बरकरार

जयपुर राजस्थान में मौसम का मिजाज फिर बदल रहा है. राज्य के पूर्वी हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं. पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, लेकिन कुछ इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं. हालांकि, कुछ जगहों पर हल्के बादल छाए रह सकते हैं. इसके चलते, भीषण गर्मी के बीच तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिल सकती है. लेकिन यह राहत ज्यादा घंटो तक बरकरार नहीं रहेगी. अगले 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी भी संभव है. रेगिस्तानी इलाकों में 43 डिग्री तापमान जाने की संभावना है. इन जिलों में बरसेंगे बादल कमजोर विक्षोभ के प्रभाव से जयपुर, भरतपुर, बीकानेर संभाग और आसपास के क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है. अलवर, डीग, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, सीकर, चूरू और हनुमानगढ़ के लिए अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में मेघगर्जन/वज्रपात और झोकेदार तेज हवाएं चल सकती हैं. जबकि बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और श्रीगंगानगर जैसे क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा. कई इलाकों में पारा 1 से 2 डिग्री गिरा बीते दिन (16 अप्रैल) को अधिकतम तापमान बाड़मेर में 42.9 डिग्री और चित्तौड़गढ़ में 41.4 डिग्री दर्ज किया गया. कई स्थानों पर तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखी गई. 17 अप्रैल को भी अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट संभव है, जबकि न्यूनतम तापमान में मामूली बदलाव रह सकता है. फतेहपुर में सबसे कम तापमान 11.8 डिग्री दर्ज किया गया था. आगामी दिनों का अलर्ट 18 और 19 अप्रैल को राज्य के अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. 20 अप्रैल के आसपास एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे कुछ इलाकों में फिर मेघगर्जन और हल्की बारिश हो सकती है.