samacharsecretary.com

गुजरात टाइटंस के खिलाफ अहम मुकाबला, राशिद खान बन सकते हैं बड़ी चुनौती

नई दिल्ली  लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को मुकुल चौधरी के रूप में एक नया स्टार मिल गया है, लेकिन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में गुजरात टाइटंस के खिलाफ रविवार को होने वाले मुकाबले से पहले उसके लिए घरेलू मैदान पर खराब रिकॉर्ड बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है. एलएसजी और गुजरात टाइटंस ने अपने पिछले दोनों मैच जीते हैं, जिससे उनका मनोबल बढ़ा होगा. गुजरात ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ एक रन की रोमांचक जीत दर्ज की थी जिससे उसने अपना खाता भी खोला. एलएसजी ने सनराइजर्स हैदराबाद और कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ उनके मैदानों पर प्रभावशाली जीत दर्ज की. हालांकि एलएसजी एकाना क्रिकेट स्टेडियम में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाया है. उसे अगर इसे अपना मजबूत गढ़ बनाना है तो खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा घरेलू मैदान पर लखनऊ रिकॉर्ड है खराब एलएसजी ने पिछले सत्र में यहां खेले गए आठ मैचों में से छह में हार झेली थी. इसमें लगातार पांच मैचों में हार शामिल हैं. यही कारण रहा कि वह पिछले साल सातवें स्थान पर रहा था. उसने इस मैदान पर खेले गए 22 मैचों में से केवल नौ में ही जीत हासिल की है. मौजूदा सत्र में भी उसके घरेलू मैदान पर पहले मैच में बल्लेबाजों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और दिल्ली कैपिटल्स ने उसे 141 रन पर आउट करके छह विकेट से जीत हासिल की थी. एलएसजी का यह घरेलू मैदान पर इस सत्र का दूसरा मैच होगा और वह यहां अपना जीत का रिकॉर्ड सुधारने के लिए बेताब होगा. एलएसजी का केकेआर के खिलाफ पिछला मैच विशेष रूप से यादगार रहा, जिसमें मुकुल के रूप में एक नए ‘फिनिशर’ का उदय हुआ. राजस्थान के 21 वर्षीय बल्लेबाज मुकुल ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और अपने आदर्श महेंद्र सिंह धोनी का पसंदीदा हेलीकॉप्टर शॉट सहित कई तरह के शॉट लगाकर क्रिकेट जगत का अपनी तरफ खींचा. LSG के लिए मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज कर रहे हैं कमाल एलएसजी के लिए एक और सकारात्मक पहलू आयुष बडोनी की फॉर्म में वापसी है, जिन्होंने केकेआर के खिलाफ अर्धशतक लगाया था. इस तरहसे एलएसजी का बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत नजर आ रहा है जिसमें मिचेल मार्श, एडन मार्क्रम, कप्तान ऋषभ पंत और निकोलस पूरन भी शामिल हैं. यह मैच दोपहर में खेला जाएगा और यहां की धीमी पिच पर गुजरात के राशिद खान और वाशिंगटन सुंदर का मुकाबला करना आसान नहीं होगा. राशिद ने दिल्ली के खिलाफ 17 रन देकर तीन विकेट लिए और अपनी टीम की एक रन से जीत में अहम भूमिका निभाई. टीम इस प्रकार हैं: लखनऊ सुपर जायंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), मिचेल मार्श, एडन मार्क्रम, हिम्मत सिंह, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, मुकुल चौधरी, अक्षत रघुवंशी, जोश इंग्लिस, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, शाहबाज़ अहमद, अर्शिन कुलकर्णी, आयुष बडोनी, मोहम्मद शमी, अवेश खान, एम सिद्धार्थ, दिग्वेश सिंह, आकाश सिंह, प्रिंस यादव, अर्जुन तेंदुलकर, एनरिक नोर्किया, नमन तिवारी, मयंक यादव, मोहसिन खान. दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), अभिषेक पोरेल, करुण नायर, केएल राहुल, नितीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, आशुतोष शर्मा, माधव तिवारी, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, विप्राज निगम, मिचेल स्टार्क, त्रिपुराना विजय, डेविड मिलर, बेन डकेट, औकिब नबी डार, पथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, पृथ्वी साव, काइल जैमीसन, टी नटराजन, अजय जादव मंडल, साहिल पारख. मैच शुरू होने का समय: दोपहर 3.30 बजे.  

JDU सांसद का दावा,नई सरकार में मुख्यमंत्री बीजेपी से हो सकता है

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सांसद रामप्रीत मंडल ने नई सरकार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगला मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी (BJP) का होगा, यह लगभग फाइनल हो चुका है। उन्होंने कहा कि जदयू से दो डिप्टी सीएम बनाए जाने हैं, जिनमें से एक नीतीश के बेटे निशांत कुमार का नाम भी करीब-करीब फाइनल है। झंझारपुर से जदयू सांसद रामप्रीत मंडल ने शनिवार को एक चैनल से बातचीत में बिहार में नई एनडीए सरकार का यह फॉर्मूला बताया। उन्होंने कहा कि नया सीएम भाजपा से बनना तय है। अभी मुख्यमंत्री जदयू का है और भाजपा से दो डिप्टी सीएम हैं। इसी तरह, नई सरकार में भाजपा का मुख्यमंत्री होगा, तो जदयू से दो डिप्टी सीएम होने हैं। हालांकि, नई सरकार को लेकर अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। नीतीश कुमार जल्द देंगे इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। वह राज्यसभा सांसद बन गए हैं। सत्ताधारी दलों के नेताओं का कहना है कि सीएम नीतीश के द्वारा एनडीए विधान मंडल की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें सभी के सामने नीतीश अपने इस्तीफे का औपचारिक ऐलान करेंगे। फिर राज्यपाल के पास जाकर अपना त्यागपत्र दे देंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नए सीएम का चयन नीतीश के इस्तीफे के बाद होने वाली एनडीए विधायक दल की बैठक में होगा। बताया जा रहा है कि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री का नाम उसी बैठक में घोषित किया जाएगा। नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को होने की संभावना है। नीतीश के राज्यसभा जाने पर निशांत का पॉलिटिकल डेब्यू मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने एक महीने पहले ही राजनीति में कदम रखा था। इससे पहले वह सक्रिय राजनीति से दूर ही थे। नीतीश के राज्यसभा चुनाव में नामांकन के बाद निशांत ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद से वह पार्टी के क्रियाकलापों में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। निशांत कुमार ने पार्टी के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं और उनसे फीडबैक लिया। पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी लगातार की जा रही है। भाजपा से सीएम रेस में ये नेता भाजपा से मुख्यमंत्री की रेस में सबसे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम चल रहा है। उनके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मंत्री दिलीप जायसवाल, विधायक संजीव चौरिया, सांसद संजय जायसवाल, पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी समेत अन्य का नाम भी रेस में है। एक-दो दिन में इस पर स्थिति साफ होने की संभावना है।

पलामू में बड़ी कार्रवाई, अयोग्य पाए गए लाभुकों को राशन सूची से बाहर किया गया

 पलामू झारखंड के पलामू जिले में 41 हजार 681 लाभुकों को अयोग्य पाए जाने पर राशन कार्ड से नाम डिलिट कर दिया गया, जबकि 12 हजार 689 लाभुक ऐसे पाए गए जिनका आधार कार्ड संदेहास्पद पाया गया. पिछले कई वर्षों से राशन का लाभ उठा रहे थे. बताया जाता है कि इसके अलावा, दूसरे जगहों से भी राशन का उठाव किया जा रहा था. विभागीय सूत्रों के अनुसार राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से 1985 लोगों को चिन्हित कर नाम हटाया गया है. 23 हजार 544 वैसे लाभुकों का नाम हटाया गया है, जिनके नाम से राशन कार्ड बन चुका था, लेकिन राशन का उठाव नहीं कर रहे थे. विभागीय कर्मियों ने बताया कि तीन हजार 283 लाभुक ऐसे थे, जो डुप्लीकेट के रूप में पहचान किए गए है. अवैध पाए जाने पर उन सभी लाभुकों का नाम हटाया गया. विभाग द्वारा 41 हजार 681 लोगों को चिन्हित कर सूची से नाम हटाया. केंद्र सरकार के द्वारा चिन्हित कर नाम जिला को भेजा गया था. जिसके बाद वैसे लोगों को सूची से राशन कार्ड से नाम हटाया गया. इनकम टैक्स, जीएसटी व फोर व्हीलर वाले उठा रहे हैं राशन कार्ड का लाभ दूसरे फेज में पलामू जिले में दो लाख 45 हजार 931 लोगों को चिन्हित किया गया है, जिनकी जांच की जा रही है. इसमें दो लाख 37 हजार 528 वैसे लोग हैं. जिनके पास पांच एकड़ से ज्यादा जमीन है. 6782 लोग ऐसे हैं जो इनकम टैक्स भरते हैं. 96 लोग ऐसे हैं जो जीएसटी भरते हैं. 1525 लोग ऐसे है जिनके नाम से फोर व्हीलर गाड़ी है. इन सभी को चिन्हित कर आपूर्ति विभाग को भेजा गया है. आपूर्ति विभाग के द्वारा जिले के सभी मार्केटिंग ऑफिसर को इसकी सूची भेज दी गई है. मार्केटिंग ऑफिसर के द्वारा सभी डीलरों को इसका डिटेल भेज दिया गया है. डीलर के द्वारा इसकी जांच कर इसकी रिपोर्ट मार्केटिंग ऑफिसर को देंगे. मार्केटिंग ऑफिसर के द्वारा जिले को प्रतिवेदन भेजा जाएगा. जिला स्तर से उनके नाम को राशन कार्ड से हटा दिया जाएगा. उनके स्थान पर जरूरतमंदों के नाम को जोड़ा जाएगा. जिले में करीब साढ़े चार लाख राशन कार्डधारी है. जिसमें 18 लाख 28 हजार 926 सदस्य हैं. राज्य सरकार के निर्देशानुसार 18 लाख 28 हजार 926 सदस्य से अधिक नहीं करना है. जिनका नाम हटेगा उसके स्थान पर नए सदस्यों का नाम जोड़ा जाएगा. दूसरे पेज में 245931 सदस्य जांच के घेरे में हुसैनाबाद में 19803, हैदरनगर में 6488 , मोहम्मदगंज 3647, हरिहरगंज 4885, पीपरा 3408, पाटन 15791, विश्रामपुर में 6474 , चैनपुर में 36652, छतरपुर में 18785, नौडीहा बाजार 9669, पड़वा में 4417, पांकी 38775 , तरहसी में 16166 , मनातू में 4868, नावाबाजार में 5877, पांडू में 10280 , सतबरवा में 7801, लेस्लीगंज 12098, मेदिनीनगर सदर में 10991, उंटारी रोड प्रखंड में 4223, हुसैनाबाद नगर पंचायत में 751, विश्रामपुर नगर पंचायत में 1931 और मेदिनीनगर नगर निगम में 2179 लोगों को नाम हटाने के लिए चिन्हित किया गया है.

पीपल-बरगद काटना माना गया अशुभ, जानिए वास्तु में क्या कहते हैं नियम

घर के आसपास या किसी प्लॉट पर लगे पेड़-पौधों को कई बार काटना मजबूरी हो जाता है। वैसे तो हम बिना सोचे-समझे पुराने पेड़ को काट देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, पेड़ काटना कोई साधारण काम नहीं है। गलत तरीके से पेड़ काटने से वास्तु दोष पैदा होता है, जिसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। इससे मानसिक तनाव, आर्थिक हानि, स्वास्थ्य समस्या और पारिवारिक कलह बढ़ सकती है। सही नियमों का पालन करके हम प्रकृति का सम्मान कर सकते हैं और घर की सकारात्मक ऊर्जा को बचाए रख सकते हैं। पेड़ का अपना आभामंडल और ऊर्जा वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर पेड़ का अपना आभामंडल होता है। जब हम बिना किसी नियमों का ध्यान रखे पेड़ काटते हैं, तो वह स्थान शोक और नकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। इसका सबसे ज्यादा असर घर के मुखिया पर पड़ता है। ऐसे में पेड़ काटने से पहले वास्तु नियमों को समझना बहुत जरूरी है। देव वृक्षों को काटने का महापाप पीपल, बरगद और गूलर को देव वृक्ष माना गया है। इनमें देवताओं और पितरों का वास होता है। इन्हें काटने से भारी वास्तु दोष, पितृ दोष और संतान संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अगर इन पेड़ों की शाखाएं दीवार या तारों को नुकसान पहुंचा रही हों, तब भी इन्हें काटने से पहले विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। बिना पूजा के इन पेड़ों को काटना बहुत अशुभ माना जाता है। पेड़ काटने से पहले माफी और पूजा पेड़ काटने से पहले उसकी पूजा जरूर करें। पूजा के दौरान पेड़ को गंध, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें। तने को सफेद कपड़े से ढककर उस पर सफेद सूत लपेटें। इसके बाद पेड़ से प्रार्थना करें कि उस पर रहने वाले सूक्ष्म जीव दूसरे स्थान पर चले जाएं। पूजा के बाद ही काटने का कार्य शुरू करें। कहा जाता है कि ऐसा करने से वास्तु दोष की संभावना काफी कम हो जाती है। शुभ समय और निषिद्ध दिन पेड़ काटने के लिए कुछ दिन और नक्षत्र विशेष रूप से शुभ माने गए हैं। चतुर्थी, नवमी या चतुर्दशी तिथि अच्छी मानी जाती है। शुभ नक्षत्रों में मृगशिरा, पुनर्वसु, अनुराधा, हस्त, मूल, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, स्वाति और श्रवण शामिल हैं। पेड़ काटने के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा होता है। निषिद्ध दिन: भूलकर भी मंगलवार, शनिवार या अमावस्या को पेड़ ना काटें। गुरुवार और रविवार को भी बचना चाहिए। दोपहर में पेड़ काटने से बचें। दिशाओं का महत्व और क्षतिपूर्ति ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्थित पेड़ काटना सबसे हानिकारक माना जाता है। यह सात्विक ऊर्जा का द्वार है, इसलिए यहां का पेड़ काटने से किस्मत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। दक्षिण दिशा में पेड़ हटाना अपेक्षाकृत कम हानिकारक होता है। पेड़ को हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर से काटना शुरू करें। वास्तु शास्त्र में प्रकृति के ऋण का भुगतान का नियम है। अगर एक पेड़ काटना पड़े, तो उसके बदले कम से कम 10 नए पौधे लगाएं। जब ये पौधे फलने-फूलने लगें, तब क्षतिपूर्ति पूरी मानी जाती है। सही विधि और शुभ मुहूर्त में पेड़ काटने से वास्तु दोष नहीं लगता। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और परिवार पर संकट के बादल नहीं मंडराते हैं। वास्तु विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पेड़ काटने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या वास्तु विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।

चंदवाजी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, क्रेशर खदान से भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त

 जयपुर जयपुर जिले में अवैध खनन और विस्फोटक तस्करी के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की गई। चंदवाजी थाना पुलिस ने त्रिवेणी क्रेशर के पास खदान क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध भंडारण का बड़ा खुलासा किया। पुलिस ने 795 किलो अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया पुलिस ने मौके से 795 किलो अमोनियम नाइट्रेट सहित बड़ी मात्रा में खतरनाक विस्फोटक सामग्री बरामद की। इस कार्रवाई में बाबूलाल और सुरेश नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस को पहले से इनपुट मिला था कि खदान क्षेत्र में अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री जमा की जा रही है और बड़े स्तर पर ब्लास्टिंग की तैयारी चल रही है। इसी सूचना पर ट्रेनी आईपीएस नितिन चौधरी के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त तलाशी के दौरान पुलिस ने 32 कार्टन में रखा अमोनियम नाइट्रेट बूस्टर (कुल 286 नग, 795 किलो), 121 डेटोनेटर, डीटीएच वायर, जिलेटिन बत्ती और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों के पास इस सामग्री के भंडारण या उपयोग का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक का अवैध भंडारण गंभीर सुरक्षा खतरे की ओर इशारा करता है। आशंका है कि इसका उपयोग अवैध खनन में बड़े पैमाने पर ब्लास्टिंग के लिए किया जाना था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। मामले की गहन जांच जारी है।

मकान सूचीकरण कार्य को लेकर सरायकेला में फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षण

 सरायकेला झारखंड के सरायकेला-खरसावां उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, नीतिश कुमार सिंह के निर्देशानुसार भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) कार्य के सफल लागू करने के लिए जिला स्तर पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया. प्रखंड कार्यालय सभागार, सरायकेला में आयोजित प्रशिक्षण के समापन में मुख्य अतिथि के रूप में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार मौजूद थे. तीन दिवसीय प्रशिक्षण में अधिकारियों और फील्ड ट्रेनर्स की सहभागिता प्रशिक्षण 8 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगर परिषद और नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी-सह-चार्ज जनगणना पदाधिकारी और नामित फील्ड ट्रेनर्स ने सहभागिता की. प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर एम.डी. तासिकुर रहमान और अविनाश ठाकुर द्वारा प्रदान किया गया. तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) से संबंधित तकनीकी और व्यवहारिक पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया गया. प्रशिक्षण के क्रम में सभी प्रशिक्षार्थियों को नगरीय नक्शा निर्माण हेतु व्यावहारिक प्रशिक्षण सरायकेला प्रखंड अंतर्गत अवस्थित मानिक बाजार क्षेत्र में कराया गया, जिससे उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर कार्य निष्पादन की वास्तविक समझ प्राप्त हो सके. निष्पक्ष और समयबद्ध जनगणना कार्य के निर्देश प्रशिक्षण उपरांत सभी फील्ड ट्रेनर्स को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने प्रखंड और नगर क्षेत्रों में प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे, जिससे जनगणना कार्य निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से संपन्न हो सके. अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विभागीय दिशा-निर्देशों के आलोक में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाना है. उन्होंने क्षेत्र में कार्य करते समय धैर्य, अनुशासन एवं आमजनों के प्रति सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखते हुए दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया,साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि जनगणना कार्य के दौरान आंकड़ों की शुद्धता एवं गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाए और भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा निर्गत दिशा-निर्देशों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. प्रशिक्षण कार्यशाला में अपर जिला जनगणना पदाधिकारी कमलेश कुमार दास सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.

लॉ एंड ऑर्डर पर जीरो टॉलरेंस, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

जयपुर  राजस्थान में पुलिसिंग को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सख्त निर्देश दिए हैं। इसे लेकर 10 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय बैठ हुई। इसमें मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लॉ एंड ऑर्डर और पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर जोर देते हुए अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच समय पर पूरी हो और जवाबदेही तय हो मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस थानों में दर्ज होने वाली एफआईआर की जांच एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। सीएम के अनुसार, अपराध को शुरुआती स्तर पर ही रोकना और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।पुलिसिंग को आधुनिक और प्रभावी बनाने के निर्देश  साइबर क्राइम पर लगाम कसने के लिए प्रतिदिन उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जाए और पीड़ितों के साथ नियमित संवाद स्थापित किया जाए।  भारतीय न्याय संहिता (BNS) और साइबर सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाए। साथ ही, ई-एफआईआर और चार्जशीट का ई-रिकॉर्ड नियमित अपडेट होना चाहिए।  पुलिस अधीक्षक (SP) थानों का और महानिरीक्षक (IG) एसपी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करें। उच्चाधिकारियों को भी नियमित फील्ड विजिट के निर्देश दिए गए हैं।  स्थानीय स्तर पर प्रतिदिन जनसुनवाई कर प्रकरणों के निस्तारण की जिलेवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी। गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क को खत्म करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा है। विशेषकर सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाने और गैंगस्टर्स के लोकल नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल बनाना जरूरी सीएम ने कहा कि प्रदेश में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल बनाना जरूरी है, जिसमें पुलिस की भूमिका अहम है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन व्यवहार करने और कम्यूनिटी पुलिसिंग को प्रभावी बनाने की सलाह दी। साथ ही, सीएलजी सदस्यों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया ताकि सामाजिक पुलिसिंग अधिक समावेशी बन सके।  

बुध का मीन राशि में गोचर: सभी 12 राशियों पर असर, कुछ को मिलेगा नीचभंग राजयोग का लाभ

 बुध ग्रह कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे और 30 अप्रैल तक यहीं रहेंगे. इस दौरान बुध का गोचर सभी 12 राशियों पर असर डालेगा. ज्योतिष के अनुसार, मीन राशि में बुध कमजोर स्थिति (नीच) में होते हैं, लेकिन खास बात यह है कि यह राशि बृहस्पति की है. ऐसे में कई लोगों के लिए नीचभंग राजयोग बनने की संभावना रहती है, जिससे अच्छे परिणाम भी मिल सकते हैं. बुध को बुद्धि, तर्क, व्यापार, गणना और कम्युनिकेशन का ग्रह माना जाता है. वहीं, बृहस्पति ज्ञान, धर्म और सकारात्मक सोच के कारक हैं. जब बुध मीन राशि में आता है, तो लोगों की सोच में आध्यात्मिकता और सकारात्मकता बढ़ सकती है. आइए पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं कि सभी राशियों पर बुध का क्या असर पड़ेगा. मेष राशि- आपको काम में जल्दबाजी से बचना होगा. सोच-समझकर फैसले लें. विदेश से जुड़े कामों में फायदा मिल सकता है. दुश्मनों पर जीत मिलेगी. अचानक धन लाभ भी हो सकता है. वृषभ राशि– आपके रुके हुए काम पूरे होंगे. मेहनत का फल मिलेगा. आमदनी बढ़ सकती है. मानसिक तनाव कम होगा. सेहत में सुधार आएगा. मिथुन राशि– करियर के लिए अच्छा समय है. नौकरी या प्रमोशन के मौके मिल सकते हैं. बिजनेस में भी फायदा होगा. बस बेकार के विवाद से दूर रहें. कर्क राशि– शांत मन से काम करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा. आपकी किस्मत साथ देगी. बिना सोचे कुछ भी बोलने से बचें. नेगेटिव सोच से दूर रहें. सिंह राशि– काम में सावधानी जरूरी है. बड़े फैसले सोच-समझकर लें. परिवार में रिश्तों को संभालकर रखें. अचानक धन लाभ के मौके मिल सकते हैं. कन्या राशि– मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा. अपने काम पर फोकस रखें. दूसरों पर निर्भर न रहें. जल्दबाजी से बचें. तुला राशि- इस समय आपको थोड़ा संभलकर चलना होगा. झगड़े और उधार लेन-देन से बचें. सेहत का ध्यान रखें. पढ़ाई करने वालों को सफलता मिल सकती है. वृश्चिक राशि– धन लाभ के मौके मिलेंगे. सही प्लानिंग से काम करेंगे तो सफलता मिलेगी. परिवार का साथ मिलेगा. धनु राशि- घर-परिवार से जुड़े काम पूरे होंगे. प्रॉपर्टी खरीदने के लिए समय अच्छा है. करियर में भी प्रगति होगी. नेगेटिव सोच से दूर रहें. मकर राशि- रुके हुए काम पूरे होंगे और धन की स्थिति सुधरेगी. दोस्तों की सलाह फायदेमंद रहेगी. जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें. कुंभ राशि– मान-सम्मान बढ़ेगा और धन लाभ के योग बनेंगे. रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है. बोलचाल में संयम रखें. मीन राशि– आपके लिए यह समय खास रहेगा. रुके हुए काम पूरे होंगे और करियर में सफलता मिलेगी. मन की चिंता दूर होगी और आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.

सिदो-कान्हू जयंती पर सीएम हेमंत सोरेन का संदेश, संघर्ष और साहस से लें प्रेरणा

 रांची झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने आज हूल विद्रोह के महानायक वीर शहीद सिदो-कान्हू की जयंती के अवसर पर मोरहाबादी स्थित सिदो-कान्हू उद्यान पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा – झारखंड वीरों की भूमि है इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड वीरों की भूमि है. झारखंड प्रदेश भारतवर्ष का एक ऐसा क्षेत्र है, जहां अनेक वीर सपूतों ने जन्म लिया है. उन्होंने कहा कि इस राज्य के आदिवासी तथा मूलवासियों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा एवं अपने हक-अधिकार की लड़ाई तब से लड़ी, जब देश के लोगों ने आजादी का सपना भी नहीं देखा था . सिदो-कान्हू के संघर्ष से मिलती है प्रेरणा मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीद सिदो-कान्हू ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अन्याय, शोषण और अत्याचार के विरुद्ध ऐतिहासिक बिगुल फूंका, जो हम सबों को संघर्ष, साहस और स्वाभिमान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. झारखंड के वीर सपूतों ने अलग-अलग समय काल में अपने दायित्वों एवं राज्य के प्रति स्वयं को समर्पित किया है . सिदो-कान्हू जयंती का ऐतिहासिक महत्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीद सिदो-कान्हू जयंती का यह शुभ दिन भारत के इतिहास के पन्नों में अमिट रूप से दर्ज है. आज के दिन हम सभी लोग वीर शहीद सिदो-कान्हू के संघर्ष, अदम्य साहस और उनके आदर्शों को याद करते हैं. इन महान विभूतियों को उनकी जयंती पर पूरे आदर और सम्मान के साथ अलग-अलग जगहों पर स्थापित उनकी प्रतिमा, तस्वीर, जन्मस्थली तथा शहादत स्थल पर लाखों की संख्या में लोग भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें शत-शत नमन करते हैं. वीर सपूतों पर पूरे देश को गर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आज के दिन देश के आदिवासी समुदाय सहित पूरे देशवासी गर्व महसूस करते हैं कि ऐसे वीर सपूतों ने इस धरती पर जन्म लिया और यहां के लोगों के साथ-साथ संपूर्ण व्यवस्था को एक नई और स्थायी दिशा देने का काम किया.

भारतीय शटलर आयुष शेट्टी का कमाल, टॉप सीड को हराकर फाइनल में एंट्री

निंगबो भारत के आयुष शेट्टी ने शीर्ष वरीयता प्राप्त और गत चैंपियन कुन्लावत वितिदसर्न को शनिवार को तीन गेम के मुकाबले में हराकर बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में प्रवेश कर लिया। दुनिया के 25वें नंबर के खिलाड़ी आयुष ने पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता और 2023 विश्व चैम्पियन वितिदसर्न पर 10-21, 21-19, 21-17 से जीत दर्ज की। वह दिनेश खन्ना के बाद इस टूर्नामेंट के पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय बन गए। खन्ना ने 1965 में पुरुष एकल स्वर्ण जीता था। सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने 2023 में खिताब जीता था। अमेरिकी ओपन सुपर 300 चैंपियन आयुष का सामना अब चीनी ताइपै के चौथी वरीयता प्राप्त चोउ तियेन चेन या दूसरी वरीयता प्राप्त चीन के शि यू की से होगा। आयुष ने फाइनल तक के सफर में एक भी गेम नहीं गंवाया था। वितिदसर्न ने उन्हें आर्कटिक ओपन में पिछले साल सीधे गेम में हराया था। वितिदसर्न ने शुरुआत में 4-0 की बढ़त बना ली। ब्रेक के समय स्कोर 11-5 था और पहला गेम उन्होंने आसानी से जीत लिया। दूसरे गेम में आयुष ने दमदार वापसी की और कूदकर स्मैश लगाते हुए 3-1 की बढत बनाई। यह जल्दी ही 7-1 की हो गई चूंकि वितिदसर्न ने कई सहज गलतियां की। ब्रेक के समय स्कोर 11-4 था। आयुष ने बीच में कुछ गलतियां की जिससे वितिदसर्न ने 13-11 से वापसी की लेकिन जल्दी ही क्रॉसकोर्ट स्मैश से वापसी करते हुए स्कोर 16-11 कर लिया। बैकहैंड पर फ्लिक से आयुष ने छह अंक बनाए और दूसरा गेम अपने नाम किया। तीसरे गेम में उन्होंने 4-1 से शुरुआत की और वितिदसर्न को दबाव में ला दिया। उनकी बढ़त 17-10 की हो गई और आक्रामक स्ट्रोक्स से वह 19-13 से आगे हो गए। इसके बाद लगातार मैच प्वाइंट बनाकर उन्होंने जीत दर्ज की। आयुष शेट्टी ने शुक्रवार को इंडोनेशिया के दुनिया के नंबर चार खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी को हराकर उलटफेर करते हुए अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल करने के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उन्होंने एक कड़े मुकाबले वाले क्वार्टरफाइनल में ऊंची रैंकिंग पर काबिज क्रिस्टी पर लगातार दबदबा बनाते हुए जोरदार स्मैश की बदौलत 23-21, 21-17 से जीत दर्ज की। यह क्रिस्टी और शेट्टी के बीच टूर पर पहली भिड़ंत थी। शेट्टी कोच इरवानस्याह आदि प्रतामा के साथ मिलकर रणनीति रूप से पूरी तरह तैयार दिखे जो पहले क्रिस्टी के भी कोच थे।