samacharsecretary.com

बिहार के शिवहर में सरकारी अस्पताल की लापरवाही पर सवाल

 शिवहर बिहार के शिवहर स्वास्थ्य विभाग की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे एक दारोगा का ऐसा इलाज किया गया कि तस्वीरें वायरल हो गईं और इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गई। अस्पताल के डॉक्टर ने कार्टन के गत्ते और पुराने ड्रीप पाइप से पैर को बांध कर ऐसा जुगाड़ु इलाज किया जो शिवहर डीएम को भी खटक गया। डीएम ने इसका संज्ञान ले लिया है। उन्होंने मामले की पूरी रिपोर्ट तलब किया है। कहा है कि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह तस्वीर बिहार के शिवहर सदर अस्पताल की है जो दुनिया भर में चर्चा में है। तस्वीर इस बात की तस्दीक करता है कि सरकार के दावों के बिपरीत बिार का स्वास्थ्य महकमा खुद ही स्ट्रेचर पर है। अब आगे की बात करते हैं। जिले के श्यामपुर भटहा थाना में तैनात दरोगा श्यामलाल सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनके सहयोगी तत्काल उन्हें सरकारी अस्पताल लाए। पता चला कि हादसे में उनका पैर बुरी तरह टूट गया था। लेकिन शिवहर सदर अस्पताल में जिस प्रकार से उनका प्राथमिक उपचार किया गया उसे सभी खेदजनक ही नहीं बता रहे बल्कि स्वस्थ भारत मिशन पर ही सवाल उठा रहे हैं। अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मियों ने दारोगा के टूटे पैर के जख्मों पर मरहम लगाने के बाद उसे पुराने कार्टन के गत्ते में मरीजों को पानी चढ़ाने वाले पाइप(ड्रीप पाइप) से बांध दिया। किसी ने इसका वीडियो और फोटो बना लिया जो इंटरनेट मीडिया की सनसनी बना हुआ है। इस घटना से बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी फ्रैक्चर के मामले में उचित प्लास्टर या मेडिकल सपोर्ट का इस्तेमाल जरूरी होता है ताकि टूटी हुई हड्डी स्थिर रहे। इस प्रकार से गैर-मानक तरीकों से मरीज को गंभीर नुकसान हो सकता है। जब मामला सिविल सर्जन के पास पहुंचा तो अपने डॉक्टर और कर्मियों के बचाव में उतर गए। कहा कि मरीज के पैर में मल्टिपल फ्रैक्चर था। इसलिए प्लास्टर करना ठीक नहीं था। पैर को स्थिर और सीधा रखने के लिए उसे तत्काल यही उपाय किया गया। ऐक्शन में डीएम यह सनसनीखेज मामला सामने आते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट प्रतिभा रानी मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने सिविल सर्जन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। डीएम ने कहा कि इसमें किसी स्तर पर लापरवाही साबित होती है तो कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में बताया गया है कि टूटी हड्डी को स्थिर रखने के लिए कार्टन से बांधा गया। इसमें एसओपी और गाइडलाइन का पालन किया गया या नहीं इसकी जांच की जा रही है।

एसआईआर के बाद गाजियाबाद में मतदाता संख्या में बड़ी गिरावट

गाजियाबाद गाजियाबाद में प्रशासन ने शुक्रवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया। एसआईआर से पहले गाजियाबाद जनपद की पांचों विधानसभा में 28,37,991 मतदाता थे। अंतिम प्रकाशन के बाद अब यहां कुल 22,63,513 मतदाता रह गए हैं। जनपद में 5,74,478 मतदाता कम हो गए। इसमें धौलना आंशिक शामिल नहीं है। जनपद में लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदीनगर विधानसभा क्षेत्र हैं। एसआईआर से पहले लोनी विधानसभा में 5,32,755 मतदाता, मुरादनगर में 4,59,698, साहिबाबाद में 10,42,469, गाजियाबाद में 4,68,304 और मोदीनगर में 3,34,765 मतदाता थे। इस तरह पांचों विधानसभा में कुल 28,37,991 मतदाता थे। एसआईआर शुरू होने के दौरान बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं को प्रपत्र उपलब्ध कराए। बूथ पर रहकर भी मतदाताओं से फार्म जमा कराए गए। एसआईआर के प्रत्र जमा होने के बाद प्रशासन ने एक सूची जारी की। प्रशासन ने लोगों से दावे और आपत्ति मांगीं यह सूची जारी होने के बाद जनपद की पांचों विधानसभा में कुल 28,37,991 मतदाता में से 20,19,852 मतदाता रह गए। इस तरह करीब 8 लाख से ज्यादा मतदाता पांचों विधानसभा में कम हो गए। इसके बाद प्रशासन ने लोगों से दावे और आपत्ति मांगी। प्रशासन ने अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले उन लोगों से आपत्ति मांगी थी, जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं थे। प्रशासन ने आपत्तियों का निस्तारण कर शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया। धौलाना आंशिक सीट को छोड़कर जनपद की पांचों विधानसभा में अब कुल 22,63,513 मतदाता रह गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने बताया कि मतदाता सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है। voters.eci.gov.in पर वोटर अपना नाम देख सकते हैं। अब भी अवसर मतदाता सूची में अगर आपका नाम नहीं है तो घबराइए नहीं। आप फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। राज्य में अगले वर्ष फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में चुनाव नामांकन के एक हफ्ते पहले तक नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। नाम कटवाने के लिए फॉर्म-7 और संशोधन के लिए फॉर्म-8 भी भर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची पर 15 दिन के अंदर जिला निर्वाचन अधिकारी और 30 दिन के भीतर सीईओ कार्यालय में आपत्ति कर सकते हैं। धौलाना आंशिक सीट पर ये हैं मतदाता धौलाना सीट जनपद हापुड़ में आती है। इसका कुछ हिस्सा गाजियाबाद जनपद में आता है। आंशिक सीट पर कुल 98,189 मतदाता हैं। गाजियाबाद की पांचों विधानसभा और धौलाना आंशिक सीट के मतदाता को जोड़कर कुल 23,61,702 मतदाता हो गए हैं। इस तरह कुल 13,19,238 पुरुष मतदाता और 10,42,330 महिला मतदाता हैं।

राजस्थान में अपराध पर सख्ती, CM ने पुलिस को दी ‘जीरो टॉलरेंस’ की सख्त हिदायत

जयपुर जयपुर में विदेशी महिला और बाइक सवार युवती से सरेआम छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने गृह विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब पौने पांच घंटे की लंबी मैराथन बैठक की। इस अहम बैठक में एसपी,आईजी और एडीजी स्तर के अधिकारी शामिल हुए, जबकि कई जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार का अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर पूरी दृढ़ता से काम कर रही है। उन्होंने माना कि पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न श्रेणियों के अपराधों में कमी आई है, लेकिन इसे और कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा पैदा किया जाए। मुख्यमंत्री ने जिलों के एसपी को नियमित जनसुनवाई करने के निर्देश दिए और आईजी स्तर पर भी जनसुनवाई को अनिवार्य बनाने की बात कही। अधिकारियों को जिलों का प्रभारी बनाकर वहां जाकर अपराधों की समीक्षा करने, अपराध की प्रकृति को समझने और उसे नियंत्रित करने की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। विभिन्न श्रेणियों के अपराधों की मासिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि किस जिले में किस तरह का अपराध बढ़ रहा है या घट रहा है। बैठक में साइबर अपराध, नशा तस्करी और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। सभी अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं और हर स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राजस्थान की जनता को सुरक्षित वातावरण देने का वादा हर हाल में पूरा किया जाएगा।  

भारत में मोबाइल फोन की कीमतें बढ़ीं, यूजर्स पर पड़ेगा असर

स्मार्टफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. भारत में एक बार फिर मोबाइल फोन महंगे हो रहे हैं और इस बार दो बड़ी कंपनियों Motorola और Nothing ने अपने कई स्मार्टफोन्स की कीमत बढ़ा दी है. हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कंपनियों ने अपने पॉपुलर मॉडल्स के दाम बढ़ा दिए हैं, जिसका सीधा असर आम यूजर्स की जेब पर पड़ने वाला है. Motorola और Nothing ने बढ़ाईं कीमतें सबसे पहले बात Motorola की करें तो कंपनी ने अप्रैल 2026 से अपने कुछ चुनिंदा मॉडल्स की कीमत बढ़ाई है. रिपोर्ट्स के अनुसार Moto G35, Moto G57 Power और Edge 60 Fusion जैसे स्मार्टफोन्स अब पहले से महंगे हो गए हैं. इन डिवाइसेज की कीमत में लगभग 1000 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक की बढ़ोतरी देखी गई है. पहले जो फोन एक तय बजट में आसानी से मिल जाते थे, अब वही मॉडल थोड़ा ज्यादा खर्च करवाएंगे. यह बढ़ोतरी सिर्फ प्रीमियम फोन्स तक सीमित नहीं है. Motorola ने अपने बजट और मिड-रेंज सेगमेंट को भी महंगा किया है. यानी जो यूजर्स 15 से 25 हजार रुपये के बीच फोन खरीदने की सोच रहे थे, उन्हें अब अपना बजट बढ़ाना पड़ेगा. खास बात यह है कि यह बदलाव नए स्टॉक के साथ लागू हो रहा है, इसलिए कई ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर कीमतें अलग-अलग भी दिख सकती हैं. अब बात Nothing की करें तो कंपनी ने भी अपने नए और पॉपुलर मॉडल्स की कीमत में बदलाव किया है. Nothing Phone 2a और Phone 3a Lite जैसे स्मार्टफोन्स के दाम बढ़ने की खबर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक इनकी कीमत में करीब 2000 से 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है. यानी जो फोन पहले 20 से 22 हजार रुपये के आसपास मिल रहा था, अब उसकी कीमत 23 से 26 हजार रुपये तक जा सकती है. क्यों हो रहे हैं स्मार्टफोन्स महंगे? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर अचानक स्मार्टफोन्स इतने महंगे क्यों हो रहे हैं. इसका सबसे बड़ा कारण है कंपोनेंट्स की कीमत में तेजी से बढ़ोतरी. खासतौर पर RAM और स्टोरेज जैसे पार्ट्स की कीमतें बढ़ गई हैं. AI टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से मेमोरी चिप्स की डिमांड काफी बढ़ गई है, जिससे सप्लाई पर दबाव पड़ा है और कीमतें ऊपर चली गई हैं. हालांकि कंपनियां AI के नाम पर ज्यादा मार्जिन कमाने के लिए भी तेजी से फोन महंगे कर सकती हैं. क्योंकि ये एक परसेप्शन बन चुका है कि AI की वजह से चिप शॉर्टेज हो रही है. इसके अलावा ग्लोबल सप्लाई चेन की दिक्कतें भी एक बड़ी वजह हैं. कई देशों में मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी समस्याओं के कारण कंपनियों की लागत बढ़ी है. साथ ही रुपये की कमजोरी ने भी इम्पोर्ट कॉस्ट बढ़ा दी है. यही कारण है कि सिर्फ Motorola और Nothing ही नहीं, बल्कि दूसरी कंपनियां भी धीरे-धीरे अपने स्मार्टफोन्स के दाम बढ़ा रही हैं. क्या कहते हैं इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स? इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में स्मार्टफोन की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है. कंपनियों के लिए कम कीमत में ज्यादा फीचर्स देना मुश्किल होता जा रहा है. ऐसे में या तो यूजर्स को ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे या फिर कम फीचर्स के साथ समझौता करना पड़ेगा. इस पूरे बदलाव का असर सीधे तौर पर कस्टमर्स पर पड़ने वाला है. जो लोग नया फोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, उनके लिए यह सही समय हो सकता है कि वे जल्दी फैसला लें. क्योंकि अगर कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले महीनों में वही फोन और महंगे हो सकते हैं.

होजरी कॉम्प्लेक्स में प्रदर्शन, पुलिस और श्रमिकों में झड़प

 नोएडा गुरुग्राम में मानेसर के बाद अब नोएडा के फेज-2 क्षेत्र के होजरी कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार को 10 से अधिक फैक्टरियों के श्रमिकों ने वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर छह घंटे तक हंगामा किया। डीएमसी मार्ग पर उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। इस बीच कुछ श्रमिकों ने पथराव भी किया। पुलिस ने उनको शांत कराया और फूल मंडी में बैठक कराई। बैठक में उद्यमी संगठनों ने श्रमिकों को जल्द ही सभी मांगों का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद श्रमिक शांत हुए। हालांकि, कुछ श्रमिक शनिवार को भी प्रदर्शन करने की चेतावनी दे रहे हैं। होजरी कॉम्प्लेक्स में गारमेंट एक्सपोर्ट की काफी इकाइयां हैं। यहां काफी संख्या में श्रमिक काम करते हैं। अप्रैल के पहले सप्ताह में वेतन वृद्धि कम होने से श्रमिकों में रोष बढ़ गया। श्रमिकों का आरोप है कि महंगाई के समय में 350 रुपये के इंक्रीमेंट का कोई मतबल नहीं। श्रमिकों ने गारमेंट इकाइयों के प्रबंधन से वार्ता की। हरियाणा में बढ़ाए गए वेतन का जिक्र भी किया, परंतु कोई समाधान नहीं निकला। श्रमिकों ने गुरुवार को विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कोई उचित निर्णय न होने पर शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे से श्रमिक एकत्रित होने शुरू हो गए। श्रमिकों ने दोपहर करीब 12 बजे होजरी कॉम्प्लेक्स की सड़कों पर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद डीएससी मार्ग पर पेट्रोल पंप के पास यूटर्न पर श्रमिक विरोध दर्ज कराने बैठ गए। इस बीच कुछ श्रमिकों ने पथराव किया। पुलिस बल ने उनको रोक दिया। पुलिस धीरे-धीरे श्रमिकों को फूल मंडी ले गई। यहां उद्यमी संगठनों से उनकी वार्ता हुई और समाधान का आश्वासन मिला। इसके बाद श्रमिक शांत हो गए। पुलिस ने हालात को नियंत्रित रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। जिले के सात थानों के प्रभारी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। अपर पुलिस आयुक्त (सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि प्रशासन के अफसरों की कंपनियों के प्रबंधन से वार्ता चल रही है। जल्द ही समाधान होने की उम्मीद है। होजरी कॉम्प्लेक्स में पुलिस बल तैनात किया गया था। कर्मचारियों को समझा-बुझाकर भेज दिया गया। श्रमिकों की मुख्य मांगें ● आठ घंटे के लिए न्यूनतम 18 से 20 हजार रुपये वेतन मिले। सालाना वेतन वृद्धि 20 से 30 प्रतिशत तक की जाए। ● ओवर टाइम का डबल भुगतान किया जाए। कार्य करने के लिए लक्ष्य नहीं दिया जाए। ● इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों का बर्ताव बेहतर हो। महिलाकर्मियों से रात को कार्य नहीं कराया जाए। मानेसर में बवाल के बाद 55 कर्मचारी गिरफ्तार आईएमटी मानेसर के औद्योगिक क्षेत्र में वेतन वृद्धि के लिए गुरुवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने 55 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 20 महिलाएं और 35 पुरुष शामिल हैं। अदालत ने शुक्रवार को सभी को जेल भेज दिया। आईएमटी मानेसर के सेक्टर-चार में सैकड़ों कर्मचारियों ने उत्पात मचाया था। इस दौरान पथराव भी किया था।

आस्था कंपनी का बड़ा फ्रॉड, निवेशकों का पैसा लेकर फरार

  गोपालगंज बिहार के गोपालगंज जिले से धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 'आस्था' नामक एक निजी कंपनी के संचालकों ने निवेश को दोगुना करने का लालच देकर करीब 256 लोगों से 80 करोड़ रुपये की ठगी की और रातों-रात चंपत हो गए। इस बड़ी धोखाधड़ी के बाद पीड़ित निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में पीड़ितों ने एसपी विनय तिवारी से मुलाकात कर न्याय और आरोपियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई। 20 महीने में पैसे डबल करने का दिया था झांसा मिली जानकारी के अनुसार, इस ठगी का खेल साल 2023 में शुरू हुआ था। 'आस्था' कंपनी के कर्मचारियों और प्रबंधकों ने शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में भव्य बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में स्थानीय लोगों को निवेश की लुभावनी योजनाओं की जानकारी दी गई। कंपनी ने दावा किया था कि जो भी व्यक्ति उनके पास पैसा जमा करेगा, उसे मात्र 20 महीने की अवधि में दोगुना रिटर्न दिया जाएगा। ज्यादा मुनाफे के लालच में आकर मध्यम वर्गीय परिवारों, छोटे व्यापारियों और ग्रामीणों ने अपनी जीवन भर की जमा पूंजी इस कंपनी में निवेश कर दी। रातों-रात दफ्तर बंद कर फरार हुए कर्मचारी ठगी का खुलासा तब हुआ जब करीब एक सप्ताह पहले कंपनी के गोपालगंज और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित कार्यालयों पर अचानक ताला लटक गया। पीड़ित जब अपने निवेश की स्थिति जानने दफ्तर पहुंचे, तो वहां सन्नाटा पसरा था। मैनेजर और कर्मचारी सभी अपने मोबाइल फोन बंद कर फरार हो चुके थे। काफी तलाश करने के बाद जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो पीड़ितों को एहसास हुआ कि वे एक सोची-समझी साजिश का शिकार हो चुके हैं। एसपी से मिलकर दर्ज कराई एफआईआर दर्ज शुक्रवार को एसपी विनय तिवारी से मिलने पहुंचे पीड़ितों में सुदामा कुशवाहा, हरेंद्र राय, राजन कुमार, सागर गुप्ता, दिलीप शर्मा, आलोक कुमार बरनवाल और अजय कुमार सहित कई लोग शामिल थे। पीड़ितों ने बताया कि करीब 256 लोगों का पैसा फंसा हुआ है।नगर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रभाकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि ठगी के इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस की एक विशेष टीम गठित की जा रही है जो कंपनी के बैंक खातों और फरार कर्मचारियों के लोकेशन की जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और निवेश की गई राशि की बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

अक्षय तृतीया 2026: जानें शुभ मुहूर्त, सोना खरीदने का सही समय और 5 खास दान

अक्षय तृतीया का मतलब है वह तिथि जिसका कभी क्षय (नाश) न हो.  इस दिन आप जो भी अच्छा काम करते हैं या निवेश करते हैं, उसका फल आपको जीवनभर मिलता है. साल 2026 में 19 अप्रैल को यह पर्व मनाया जाएगा. अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना परंपरा है, लेकिन इसे सही समय पर खरीदना ही फायदेमंद होता है. अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से लेकर 20 अप्रैल को सुबह 05:40 से दोपहर 12:20 तक का समय सबसे उत्तम माना जा रहा है. इस दिन दान करना भी बेहद लाभकारी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन किया गया दान जन्म-जन्मान्तर के लिए आपके पुण्य के खाते में जुड़ जाता है. भीषण गर्मी के समय जल, मिट्टी के घड़े, सत्तू और पंखे का दान करने से न केवल पितृ तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं, बल्कि इससे कुंडली के ग्रह दोष भी शांत होते हैं. धार्मिक दृष्टि से यह दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने और अपने धन की शुद्धि का सबसे बड़ा अवसर माना जाता है, जिससे घर में सुख-समृद्धि हमेशा बनी रहती है. जानते हैं उन पांच चीजों के दान के बारे में जिन्हें अक्षय तृतीया के दिन करना उत्तम माना गया है. जौ का दान: सोने के बराबर फल हिंदू शास्त्रों में जौ (Barley) को कनक यानी सोना माना गया है. अक्षय तृतीया के दिन जौ खरीदना और उसे भगवान विष्णु को अर्पित करना दरिद्रता दूर करता है. पूजा के बाद इस जौ को लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें, इससे साल भर धन की आवक बनी रहती है. मिट्टी के घड़े का खास महत्व वैशाख की गर्मी में शीतल जल का दान सबसे बड़ा पुण्य है. इस दिन मिट्टी का नया घड़ा (मटका) खरीदकर उसमें पानी भरकर दान करने से न केवल पितृ तृप्त होते हैं, बल्कि कुंडली में चंद्रमा और मंगल की स्थिति भी शुभ होती है. घर के लिए भी नया मटका लाना सुख-समृद्धि का प्रतीक है. दक्षिणावर्ती शंख और कौड़ियां माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन घर में दक्षिणावर्ती शंख या सफेद कौड़ियां जरूर लाएं. कौड़ियों की केसर और हल्दी से पूजा करने के बाद उन्हें धन रखने के स्थान पर रखने से व्यापार और नौकरी में आ रही रुकावटें खत्म होती हैं. सत्तू और गुड़ का सेवन इस दिन सत्तू खाने और दान करने की भी पुरानी परंपरा है. इसे अक्षय भोजन माना जाता है. नईगुड़ के साथ सत्तू का दान करने से स्वास्थ्य बेहतर रहता है. इससे ग्रहों के दोष शांत होते हैं. अक्षय तृतीया पर क्या न करें?     इस दिन घर में अंधेरा न रखें, शाम को घी का दीपक जरूर जलाएं.     किसी को उधार न दें, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस दिन लक्ष्मी घर से बाहर नहीं भेजनी चाहिए.     घर के मुख्य द्वार पर गंदगी न रहने दें, क्योंकि माँ लक्ष्मी का आगमन वहीं से होता है.  

गूगल का ऐलान: अब Gmail ईमेल होंगे और ज्यादा सुरक्षित

गूगल ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसमें जीमेल यूजर्स को एंड टू एंड एनक्रिप्शन का सपोर्ट मिलेगा. यह सपोर्ट एंड्रॉयड और आईओएस दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर मिलेगा. एंड टू एंड एनक्रिप्शन की सुविधा इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर भी मिलता है.   एक बार अपडेट मिलने के बाद यूजर्स को सेंसटिव ईमेल भेजने के लिए सिक्योरिटी लेयर के लिए अलग से सॉफ्टवेयर या एक्सटेंशन की जरूरत नहीं होगी. ईमेल सुरक्षित तरीके से रिसीवर तक पहुंच जाएगा. एंड टू एंड एनक्रिप्शन क्या होता है? एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, असल में एक तरह का डिजिटल सिक्योरिटी लॉक सिस्टम है. इस टेक्नोलॉजी का यूज करने पर डेटा भेजने वाले और रिसीव करने वाले के अलावा अन्य कोई शख्स ईमेल या मैसेज को बीच में डिकोड नहीं कर पाएगा. सीधे शब्दों में समझें तो आप किसी बक्से को भेजते हैं, जिसमें सोना-चांदी है. ऐसे लोग उसमें ताला लगा देते हैं और चाबी सिर्फ रिसीवर के पास है. एंड टू एंड एनक्रिप्शन कुछ ऐसे ही काम करता है. गूगल ने जीमेल के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सपोर्ट को एंड्रॉयड और आईओएस डिवाइस तक एक्सपेंशन का ऐलान किया है. एक बार अपडेट मिलने के बाद यूजर्स अब सीधे Gmail मोबाइल ऐप की मदद से एन्क्रिप्टेड ईमेल लिख, भेज और पढ़ सकेंगे. इन यूजर्स को मिलेगी सुविधा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन गूगल वर्क स्पेस के एंटरप्राइज यूजर्स को मिलेगी, जिनके पास क्लाइंट-साइड एनक्रिप्शन कैपिबिलटीज है. इसके लिए पहले एडमिन कंसोल के जरिए एंड्रॉयड और आईओएस सपोर्ट को एक्टिवेट करना होगा, उसके बाद ही यूजर्स इसका एक्सेस कर पाएंगे. गूगल बता चुका है कि अपडेट रैपिड रिलीज और शेड्यूल रिलीज दोनों डोमेन के लिए लाइव हो चुका है. एक बार मोबाइल पर एंड टू एंड इनक्रिप्शन की सुविधा मिलने के बाद यूजर्स कहीं से भी सुरक्षित तरीके से एक्सेस कर पाएंगे. पहले एन्क्रिप्टेड ईमेल के लिए डेस्कटॉप या थर्ड-पार्टी टूल्स की जरूरत होती थी.

विदेश से पकड़ा गया कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान, 16 केस दर्ज

अंबाला  हरियाणा के विशेष कार्य बल ने 10 अप्रैल को गैंगस्टर साहिल चौहान उर्फ साहिल राणा को थाईलैंड से वापस लाकर बड़ी सफलता हासिल की है। वह अंबाला के शाहजादपुर का रहने वाला है और साल 2016 से अपराध की दुनिया में सक्रिय था। ये भी पढ़ें उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, डकैती और धमकी जैसे संगीन आरोप हैं। यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, अंबाला और पंचकूला में उसका नेटवर्क फैला हुआ था। वह भूप्पी राणा और बंबीहा गिरोह से जुड़ा हुआ था। उसके खिलाफ कुल 16 मामले दर्ज हैं और एक मामले में उसे 10 साल की सजा भी हो चुकी है। फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश भागा, कई देशों में छिपता रहा साहिल चौहान धोखाधड़ी से पासपोर्ट बनवाकर देश से फरार हो गया था। वह कोलकाता से ढाका, जकार्ता, बाली, मलेशिया, अंगोला, वियतनाम होते हुए थाईलैंड पहुंचा। पुलिस ने पहले ही उसकी तलाश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। 17 मार्च 2026 को उसका पासपोर्ट जब्त किया गया। अब उसे वापस लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। यह 2026 में पांचवां मामला है जब हरियाणा की विशेष कार्य बल किसी अपराधी को विदेश से पकड़कर लाई है। साहिल चौहान * 10 अप्रैल को थाईलैंड से वापस लाया गया * कुल 16 आपराधिक मामलों में शामिल * हत्या, डकैती, रंगदारी जैसे गंभीर आरोप * 2016 से अपराध की दुनिया में सक्रिय * एक मामले में 10 साल की सजा हो चुकी * फर्जी पासपोर्ट बनाकर विदेश भागा * कई देशों में छिपते हुए आखिर थाईलैंड पहुंचा * 2026 में पांचवीं बार विदेश से अपराधी पकड़ा गया    

समब्रानी धूप से बालों की देखभाल का आयुर्वेदिक तरीका

 आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बालों का झड़ना, पतला होना और उनकी ग्रोथ धीमी पड़ना बहुत आम बात हो गई है. यही वजह है कि कई लोग इसे लेकर स्ट्रेस में भी रहने लगते हैं. लंबे, घने और मजबूत बाल सिर्फ खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि यह आपके अच्छी सेहत का भी संकेत होते हैं. लेकिन सच यह है कि बालों को बेहतर बनाने के लिए कोई जादुई तरीका नहीं होता है. अगर आप अपने बालों को हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो उनकी सही देखभाल करना ही सबसे जरूरी है. नियमित केयर और सही आदतों से ही बालों की सेहत में सुधार लाया जा सकता है. ऐसा ही बालों को हेल्दी बनाने का एक आयुर्वेदिक तरीका है, जिसमें खास तरीके के धुएं का इस्तेमाल किया जाता है. इस आयुर्वेदिक नुस्खे का नाम है समब्रानी धूप (Sambrani Dhoop). आपने कम ही सुना होगा किसी को अपने बालों में समब्रानी धूप का इस्तेमाल करते हुए. अगर हम अभी की बात करें तो समब्रानी धूप को लेकर दिमाग में Jodhaa Akbar फिल्म का सीन याद आता है, जिसमें एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय बच्चन इस चीज का इस्तेमाल करती नजर आई थीं. हालांकि, आजकल के बीजी शेड्यूल में यह तरीका ज्यादा देखने को नहीं मिलता है. लेकिन, पहले के समय में यह आयुर्वेदिक नुस्खा बालों को हेल्दी और मजबूत बनाने के लिए बहुत ही जरूरी माना जाता था. लेकिन इसका इस्तेमाल करने के लिए इसका बारे में जानना भी जरूरी है. तो आइए जानते हैं कि क्या है समब्रानी धूप, जो बालों को मजबूती देता है. क्या है समब्रानी धूप? आयुर्वेद और नेचुरल थेरेपी एक्सपर्ट Rretvika के मुताबिक, समब्रानी धूप एक नेचुरल जड़ीबूटी है, जो स्टाइरैक्स पेड़ से मिलती है. इसकी खुशबू थोड़ी वुडी और मस्की होती है. ये बालों और स्कैल्प के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है. एक्सपर्ट Rretvika के अनुसार, नहाने के बाद धूप लेना सिर्फ बालों के लिए ही अच्छी नहीं होता है, बल्कि ये मन को सुकून देने वाली आदत भी मानी जाती है. इससे बॉडी बैलेंस रहती है और दिमाग भी शांत रहता है. इस धुएं की हल्की गर्माहट वट दोष को भी कंट्रोल करने में मदद करती है. ऐसा भी माना जाता है कि ये आसपास की नेगेटिव एनर्जी को भी दूर करता है. इस हर्बल स्मोक में नीम, तुलसी, गुग्गल के एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण भी शामिल हैं, जो सिर की गंदगी, बैक्टीरिया और पसीने को हटाने में भी मदद करते हैं. इस हर्बल स्मोक से बाल सुखाने पर स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन अच्छे से होता है, जिससे हेयर फॉलिकल्स को पोषण मिलता है और जड़ें मजबूत होती हैं. अगर आप ज्यादा अच्छा रिजल्ट चाहते हैं, तो सूखे नीम के पत्ते या उपले में हर्ब्स मिलाकर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. क्या रोजाना करना चाहिए इसका प्रयोग? भले ही बालों के लिए यह तरीका काफी अच्छा और सुकून देने वाला लगे, लेकिन एक्सपर्ट Rretvika खुद इसे रोज की हेयर केयर रूटीन का हिस्सा नहीं मानती हैं. वह इसे सिर्फ एक रिलैक्स करने वाली प्रक्रिया के तौर पर अपनाती हैं. उन्होंने बताया कि वह इसे महीने में सिर्फ एक या दो बार ही करती हैं, हर बार बाल धोने के बाद नहीं. उनका कहना है कि गुग्गल या कपूर जैसे नेचुरल चीजों का धुआं अगर ज्यादा लिया जाए तो फेफड़ों के लिए अच्छा नहीं होता है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए. घर पर कैसे करें इस्तेमाल? भारतीय वेलनेस ब्रांड अनाहता ऑर्गेनिक के अनुसार, नैचुरल समब्रानी या लोबान कप का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिन्हें धूनी (होल्डर) में जलाया जाता है. इसे किसी खुली और हवादार जगह, जैसे बालकनी में जलाएं ताकि अच्छे से धुआं निकल सके. नहाने के बाद हल्के गीले बालों को इस धुएं के ऊपर रखें, लेकिन ध्यान रखें कि बाल और धूनी के बीच करीब 15 से 25 सेंटीमीटर की दूरी हो. आखिरी में मोटे कंघे से बालों में कंघी कर लें, ताकि धुआं और उसमें मौजूद नैचुरल ऑयल्स बालों में अच्छे से फैल जाएं.