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ईरान संकट की चिंगारी पाकिस्तान तक पहुंची, कराची में हिंसा, अमेरिकी दूतावास फूंका, 9 मारे गए

ईरान यूएस-इजरायल हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में अमेरिकी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। अमेरिका के खिलाफ बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी लाठी डंडे लेकर जमा हो गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद लोकल पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और चेतावनी के तौर पर गोलियां चलानी पड़ीं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इसमें कम से कम 9 प्रदर्शनकारियों की मौत की खबर है।   आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े प्राप्त जानकारी के अनुसार हालात को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। इसके अलावा, पुलिस ने एहतियातन चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग भी की। यातायात प्रभावित, लोगों से इलाके से दूर रहने की अपील सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने सुल्तानाबाद को माई कोलाची से जोड़ने वाली सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया। जिन्ना ब्रिज से आने वाले ट्रैफिक को I.I. चुंदरीगर रोड की ओर डायवर्ट किया गया, ताकि स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा जा सके और जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे फिलहाल उस क्षेत्र से दूर रहें, क्योंकि सुरक्षा बल विरोध प्रदर्शन को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भीड़ एंट्रेंस पर तोड़-फोड़ करती और कथित तौर पर बिल्डिंग के कुछ हिस्सों में आग लगाती दिख रही है। ईरान ने बदला लेने की कसम खाई बता दें कि खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को फिर दी चेतावनी वहीं, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: ईरान ने दागीं मिसाइलें, ट्रंप बोले- अब अमेरिका दिखाएगा ताकत

ईरान ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद व्यापक सैन्य कार्रवाई का दावा किया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ प्रतिशोध के तौर पर की जा रही है। ईरानी मीडिया और सैन्य सूत्रों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए हैं। UAE और कतर में धमाकों की खबर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर, जिन्हें अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है, वहां हमलों की सूचना सामने आई है। दुबई और कतर की राजधानी दोहा में कई जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबरें हैं। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान और हताहतों को लेकर स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।   IRGC का दावा: मिसाइल और ड्रोन से हमला ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' के पांचवें चरण के तहत कार्रवाई का दावा किया है। जेबेल अली एंकरेज पर अमेरिकी जहाज के लिए गोला-बारूद ले जा रहे एक पोत को ड्रोन से निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। कुवैत के अब्दुल्ला मुबारक क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर 4 बैलिस्टिक मिसाइल और 12 ड्रोन से हमला किए जाने की बात भी सामने आ रही है। हमलों में बुनियादी ढांचे के नष्ट होने और अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दुबई एयरपोर्ट और प्रमुख स्थलों पर हमला ईरान ने दुनिया के व्यस्ततम हवाई अड्डों में शामिल दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा को निशाना बनाने का दावा किया है। साथ ही दुबई के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पाम जुमेराह और लक्जरी होटल बुर्ज अल अरब पर भी पहले हमले किए जाने की बात कही गई है। अमेरिका राष्ट्रपति ने फिर दी चेतावनी अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमला किया गया तो अमेरिका, ऐसा जवाब देगा जो पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप के अनुसार, अगर ईरान ने हमारी रेड लाइन पार की, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई वहीं, खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने सार्वजनिक रूप से बदला लेने की कसम खाई है। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका के समर्पण तक कार्रवाई जारी रहेगी। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है और क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

मैं राजनीति छोड़ दूंगा… केजरीवाल का बड़ा बयान, आरोप लगाने वालों को ललकार

नई दिल्ली दिल्ली कोर्ट की तरफ से कथित शराब घोटाला मामले में आरोपमुक्त किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जंतर मंतर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने खुद को कट्टर ईमानदार बताते हुए चैलेंज दे दिया कि अगर कोई ये साबित कर दे कि उन्होंने रिश्वत ली है तो वह राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी उनसे नफरत करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं 10 साल दिल्ली का सीएम रहा और इस दौरान पीएम मोदी ने मेरे खिलाफ जांच बैठा दी। उन्होंने कहा, दिल्ली सरकार का एक भी ठेकेदार अगर ये कह दे कि मैंने पैसे मांगे और फाइलों पर साइन किए, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि बीजेपी की सरकार ने 12 साल में देश को बर्बाद कर दिया। उन्होंने पीएम मोदी को को नौटंकीबाज कहते हुए कहा कि पूरे देश में पेपर लीक हो रहे हैं, और ये परीक्षा पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मोदीजी कहते हैं केजरीवाल भ्रष्ट है। कोर्ट ने कह दिया, केजरीवाल कट्टर ईमानदार है। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी सोनम वांगचुक से डरते हैं। सोनम वांगचुक को जेल में डाल दिया। उन्हें तो पद्म भूषण और विभूषण मिलना चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, बस मार्शलों, महिलाओं के खाते में पैसे ट्रांसफर करने को लेकर कई वादे किए गए लेकिन कोई भी भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने बीजेपी की सरकार को धोखेबाज बताते हुए कहा कि आज लोग केजरीवाल की सरकार को याद करते हैं कि इससे तो अच्छा अरविंद केजरीवाल था।

ईरान की चेतावनी से बढ़ी चिंता, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हुआ तो भारत पर बड़ा असर

नई दिल्ली ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष जारी है। इसी बीच खबरें हैं कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का फैसला किया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसे लेकर कुछ नहीं कहा गया है। यूरोपियन यूनियन के नेवल मिशन एस्पाइड्स के एक अधिकारी ने कहा कि होर्मुज मार्ग से गुजरने वाले जहाजों को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से वीएचएफ संदेश मिल रहा है। इन संदेशों कहा गया है कि किसी भी जहाज को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं है। सवाल ये हैं कि इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर कितना होगा। साथ ही क्या ईरान का यह कदम भारत की चिंता बढ़ा सकता है। तेहरान लंबे समय से इस्लामी गणराज्य पर किसी भी हमले के जवाब में इस संकरे जलमार्ग को रोकने की धमकी देता रहा है। क्या है होर्मुज जलडमरू मध्य होर्मुज जलडमरू मध्य फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला संकरा समुद्री रास्ता है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए यह वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है। इस मार्ग से वैश्विक तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत प्रवाह होता है। इसे बंद करने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम होंगे, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार बाधित होगा और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी। होर्मुज के लिए क्या है अंतर्राष्ट्रीय नियम संयुक्त राष्ट्र के नियमों के अनुसार, देश अपनी तटरेखा से 12 समुद्री मील (13।8 मील) तक के क्षेत्र पर नियंत्रण रख सकते हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य और इसके जहाजरानी मार्ग पूरी तरह से सिर्फ ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के भीतर स्थित हैं। यदि यहां तनाव बढ़ने और जहाजों पर पाबंदी लगती है, तो वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में तुरंत उछाल आ जाएगा। इसका असर महंगाई, परिवहन लागत और वैश्विक शेयर बाजारों पर पड़ेगा। दुनिया के लिए बन सकता है सिरदर्द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बेहद अहम समुद्री रास्ता है। यह ओमान और ईरान के बीच है, जो कि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन इसे "दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल ट्रांजिट चोकपॉइंट” यानी तेल का सबसे अहम संकरा रास्ता बताता है। इस रास्ते का सबसे संकरा हिस्सा सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है और जहाजों के लिए आने-जाने का रास्ता में सिर्फ दो मील तक चौड़ा है, जिस कारण अगर यहां समुद्री ट्रैफिक या जरा सी भी गड़बड़ी होती है, तो पूरी दुनिया के लिए सिरदर्द बन सकता है। वोर्टेक्स नाम की ऊर्जा और शिपिंग मार्केट रिसर्च कंपनी के मुताबिक, हर दिन करीब दो करोड़ बैरल कच्चा तेल और ईंधन इस समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। भारत के लिए मायने ऊर्जा सुरक्षा भारत अपनी जरूरत का 80% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है। यह तेल ज्यादातर होर्मुज से होकर गुजरता है। मार्ग बाधित होने पर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर तुरंत असर पड़ेगा। महंगाई और चालू खाते पर दबाव तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे महंगाई और राजकोषीय दबाव बढ़ सकता है। साथ ही आयात बिल बढ़ने से चालू खाते का घाटा भी बढ़ता है। प्रवासी भारतीय और व्यापार खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कामगार रहते हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता का असर उनकी सुरक्षा और भारत में आने वाली रेमिटेंस पर पड़ेगा। रणनीतिक कूटनीति भारत के ईरान, सऊदी अरब और यूएई के साथ महत्वपूर्ण संबंध हैं। ऐसे में संतुलित कूटनीति और समुद्री सुरक्षा सहयोग भारत के लिए अहम है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितानंद शर्मा की माताजी के निधन पर दी श्रद्धांजलि

शोक संतृप्त परिवार के प्रति व्यक्त की संवेदनाएं भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अशोकनगर जिले की तहसील नईसराय के ग्राम मढ़ी महिदपुर पहुंचकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख श्री हितानंद शर्मा की परम पूज्यनीय माताजी श्रीमती जनकदुलारी शर्मा के निधन पर श्रद्धांजलि दीफ उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की तथा उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिवंगत पुण्य आत्मा की शांति के लिए बाबा महाकाल से प्रार्थना कर श्रीचरणों में स्थान देने की कामना की। उन्होंने शोक संतृप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की। उललेखनीय है कि श्रीमती जनकदुलारी शर्मा का निधन मंगलवार को भोपाल में हुआ था। उनका अंतिम संस्कार पैतृक ग्राम जिला अशोकनगर की तहसील नईसराय के ग्राम मढ़ी महिदपुर में किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वर्गीय श्रीमती जनकदुलारी शर्मा धार्मिक प्रवृत्ति, सादगीपूर्ण जीवन एवं संस्कारवान व्यक्तित्व के लिए जानी जाती थीं। उन्होंने समाज एवं परिजनों को सामाजिक मूल्यों ,राष्ट्र भावना और सेवा संस्कारों से प्रेरित किया था। स्वर्गीय श्रीमती जनकदुलारी को बच्चा-बच्चा अम्मा राधे राधे कहकर पुकारते थे। अम्मा का जाना एक अपूर्णीय क्षति है, जिसकी भरपाई होना संभव नहीं है। अम्मा का धार्मिक स्थल मथुरा, वृंदावन से काफी लगाव रहा, उनका हमेशा आना-जाना लगा रहता था। उन्होंने अपने परिवार का निर्वहन पूर्ण रूप से किया था। उन्होंने कहा कि मैं श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के अस्वस्थ होने पर ग्राम मढ़ी महिदपुर में उनके स्वास्थ्य का हाल-चाल जानने पहुँचा था। विधायक चंदेरी श्री जगन्नाथ सिंह रघुवंशी और विधायक मुंगावली श्री बृजेन्द्र सिंह यादव ने भी श्रद्धांजलि दी।  

खामेनेई के निधन के बाद बवाल: दूतावास के बाहर पाकिस्तानी प्रदर्शनकारियों पर अमेरिकी सैनिकों की कार्रवाई, 8 मारे गए

ईरान ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में पाकिस्तान का औद्योगिक शहर कराची रविवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई हिंसक झड़प में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। यह हिंसा उस समय भड़की जब प्रदर्शनकारियों ने दूतावास की सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ने का प्रयास किया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विभिन्न शिया समूहों द्वारा आयोजित इस विरोध प्रदर्शन की शुरुआत सुल्तानबाद से हुई थी। प्रदर्शनकारी 'माई कोलाची' मार्ग से होते हुए अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ रहे थे। भीड़ वाशिंगटन और तेल अवीव के खिलाफ नारेबाजी कर रही थी। जैसे ही प्रदर्शनकारी डिप्लोमैटिक जोन के करीब पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए। प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित तौर पर पथराव किए जाने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ ने प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश की। फायरिंग और मौतों का मंजर तनाव चरम पर पहुंचने के बाद वाणिज्य दूतावास के अंदर तैनात अमेरिकी मरीन सुरक्षा कर्मियों को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया था। पाकिस्तान के 'समा टीवी' की रिपोर्ट के अनुसार, दूतावास की सुरक्षा में तैनात सैन्य कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच सीधा टकराव हुआ, जिसके दौरान हुई फायरिंग में 8 लोगों की जान चली गई। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों या अमेरिकी दूतावास ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन मौतों की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अस्पतालों से मिल रही जानकारी के अनुसार हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। पूरे कराची में फैला तनाव खामेनेई की मौत की खबर मिलते ही कराची के विभिन्न हिस्सों, जैसे नसीम चौरंगी और अन्य इमामबाड़ों में मातम छा गया, जो जल्द ही गुस्से में बदल गया। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से एम.टी. खान रोड और दूतावास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख चौराहों को पूरी तरह सील कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों को प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। क्षेत्रीय तनाव का असर कराची में भड़की यह हिंसा उस वैश्विक उबाल का हिस्सा है जो शनिवार को ईरान पर हुए इजरायल-अमेरिकी हमलों के बाद देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर ईरान की संप्रभुता पर हमला किया है। देर रात तक कराची में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। कानून प्रवर्तन एजेंसियां अतिरिक्त बल की तैनाती कर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रही हैं, जबकि दूतावास के आसपास सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया गया है।  

वेस्टइंडीज के सामने भारत बेबस! आंकड़े देख बढ़ी सूर्या-गंभीर की चिंता

कोलकाता इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सुपर-8 मैच आज यानी रविवार, 1 मार्च को खेला जाना है। IND vs WI मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर खेला जाना है। यह मैच एक तरह से वर्चुअल क्वार्टर फाइनल जैसा है, भारत और वेस्टइंडीज में से जो टीम आज जीतेगी उसे सेमीफाइनल का टिकट मिलेगा। इस मुकाबले से पहले हर किसी की नजरें दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड पर है। T20I के ऑलओवर रिकॉर्ड में तो टीम इंडिया का दबदबा नजर आता है, मगर जब बात टी20 वर्ल्ड कप में हेड टू हेड की आती है तो आंकड़े हैरान कर देने वाले हैं। IND vs WI T20I हेड टू हेड रिकॉर्ड T20I में भारत और वेस्टइंडीज के हेड टू हेड रिकॉर्ड की बात करें तो, दोनों टीमों के बीच अभी तक 30 मैच खेले गए हैं। भारत ने इस दौरान 19 मैच जीतकर अपना दबदबा बनाया हुआ है, वहीं वेस्टइंडीज को भारत के खिलाफ 10 बार जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच 1 मुकाबले का रिजल्ट नहीं निकल पाया था। IND vs WI T20 वर्ल्ड कप हेड टू हेड रिकॉर्ड मगर जब बार टी20 वर्ल्ड कप में हेड टू हेड रिकॉर्ड की आती है तो यहां हैरान कर देने वाले आंकड़े दिखाई देते हैं। भारत और वेस्टइंडीज का टी20 वर्ल्ड कप में आमना-सामना 4 बार हुआ है, जिसमें टीम इंडिया को एक ही बार जीत नसीब हुई है, वहीं वेस्टइंडीज ने भारत को 3 बार धूल चटाई है। जी हां, भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ एकमात्र जीत 2014 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान नसीब हुई थी। T20 वर्ल्ड कप में इंडिया Vs वेस्टइंडीज: 2009 – वेस्टइंडीज़ जीता। 2010 – वेस्टइंडीज जीता। 2014 – इंडिया जीता। 2016 – वेस्टइंडीज जीता। इंडिया वर्सेस वेस्टइंडीज स्क्वॉड इंडिया स्क्वॉड: संजू सैमसन (विकेट कीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव वेस्टइंडीज स्क्वॉड: ब्रैंडन किंग, शाई होप (विकेट कीपर), शिमरोन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, रोस्टन चेस, शेरफेन रदरफोर्ड, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोटी, शमर जोसेफ, जॉनसन चार्ल्स, अकील होसेन, जेडन सील्स, क्वेंटिन सैम्पसन  

Realme का नया स्मार्टफोन 10,001mAh बैटरी के साथ आ रहा है, भारत में इस दिन होगी लॉन्चिंग

नई दिल्ली  Realme भारत में एक नया स्मार्टफोन लेकर आ रहा है, जिसका नाम Realme Narzo Power 5G होगा. कंपनी ने बताया है कि यह फोन भारत में 5 मार्च को लॉन्च होगा और इसमें 10,001mAh की बैटरी दी जाएगी. साथ ही इसमें मीडिटेक डाइमेंसिटी 7300 चिपसेट का यूज किया है. बैक पैनल पर 50MP का कैमरा मिलेगा.  Amazon India पर इसकी एक माइक्रोसाइट तैयार की है, जहां अपकमिंग हैंडसेट की डिटेल्स को लिस्ट किया है. डिटेल्स में बताया है कि इसमें 10,001mAh की बैटरी और 38 दिन का स्टैंडबाय बैकअप मिलेगा.  डुअल चिपसेट का यूज करेगी लिस्ट डिटेल्स में बताया है कि इसमें डुअल चिप सिस्टम का यूज किया गया है. इसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी डाइमेंसिटी 7400 चिपसेट और Hyper Vision AI चिप का यूज किया गया है.  रियलमी ने किया पोस्ट  मिलेगा 144Hz रिफ्रेश रेट्स  रियलमी के इस अपकमिंग हैडंसेट में 6.8-inch curved AMOLED डिस्प्ले दिया गया है. इसमें  6500 nits पीक ब्राइटनेसम मिलेगी. Realme Narzo Power 5G में 144Hz HyperGlow 4D कर्व प्लस डिस्प्ले दिया जाएगा. इसमें 144Hz का रिफ्रेश रेट्स मिलेगा, जिसकी मदद से  बेहतर गेमिंग एक्सपीरियंस मिलेगा.  Realme Narzo Power 5G  का कैमरा  Realme Narzo Power 5G में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकेगा. इसमें 50MP सोनी OIS कैमरा दिया गया है. कंपनी ने बताया है कि इसमें NEXT AI, Realme UI 7.0 का सपोर्ट मिलेगा. कंपनी ने बताया है कि यह सिर्फ 219 ग्राम का स्मार्टफोन होगा. इसमें 27W का रियर चार्जिंग सपोर्ट भी मिलेगा. 

2027 की जनगणना के लिए यूपी में तेज़ी से काम शुरू, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं. पहले चरण में मकानों की सूची तैयार करने और उनकी गणना का काम किया जाएगा. इस चरण में स्व-गणना की प्रक्रिया 7 मई से 21 मई तक चलेगी. इसके बाद 22 मई से 20 जून तक अधिकारी घर-घर जाकर फील्ड कार्य पूरा करेंगे. राज्य में तय समय सीमा के अंदर काम हो सके इसके लिए प्रशिक्षण व्यवस्था को भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है.  राज्य में जनगणना के लिए अधिकारियों को सभी काम तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. ये प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और बिना त्रुटि के पूरी की जाए इसके लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल तरीके से की जाएगी. इसमें डेटा संग्रह, प्रविष्टि और निगरानी सब कुछ ऑनलाइन होगा.  छह लाख कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के लिए क़रीब छह लाख से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी. यही नहीं इस बार पहली बार ऐसा होगा जब लोगों को मोबाइल एप के ज़रिए ख़ुद गणना करने का ऑप्शन भी मिलेगा. इसका मतलब ये होगा कि लोग ख़ुद भी अपनी जानकारी ऑनलाइन या डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के जरिए जमा कर सकेंगे.  डिजिटल तरीके से की जाएगी जनगणना राज्य में जनगणना का काम काफी बड़ा है जिसे देखते हुए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को लगाया जाएगा. जो घर-घर जाकर लोगों की गिनती और आवास की संख्या का डेटा जुटाएंगे. डेटा इकट्ठा करने और उसे सत्यापित करने का काम डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया जाएगा. इसके लिए राज्य स्तर प एक राज्य नोडल कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां पूरी प्रक्रिया की निगरानी रखी जाएगी और ये सुनिश्चित किया जाएगा कि काम तय योजना के अनुसार हो रहा है.  नियमों के मुताबिक इस साल होने वाली जनगणना के कार्यक्रम को देखते हुए एक जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक राज्य में नए तहसीलों, शहरी निकायों, ग्राम पंचायतों आदि के गठन पर रोक लगा दी जाएगी. ताकि जनगणना के दौरान किसी तरह का बदलाव न हो जिससे डेटा पर कोई प्रभाव न आए. 

अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कानून, तीन माह में लागू होगा, 10 साल की सजा और 1 करोड़ रुपये जुर्माना

भोपाल  प्रदेश में तेजी से बढ़ रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में नगरीय क्षेत्र (कॉलोनी विकास) अधिनियम-2021 में संशोधन का मसौदा तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित बदलावों के तहत अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ दंड और जुर्माने को कई गुना बढ़ाने की तैयारी है। इसमें अवैध कॉलोनियों की शिकायत मिलने पर 90 दिन में एफआईआर दर्ज करने, अधिकतम सजा 10 साल तक करने और एक करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित है। हालांकि, नया कानून पुरानी कॉलोनियों पर लागू होगा या नई कॉलोनियों, पर इसको लेकर निर्णय लिया जाना है। शनिवार को विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों के साथ संशोधित मसौदा की समीक्षा बैठक करेंगे।  विस में मंत्री विजयवर्गीय ने दिए सख्त संदेश शुक्रवार को अवैध कॉलोनियों को लेकर विधायक रीति पाठक के प्रश्न के जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में कहा कि अब अवैध कॉलोनियों पर कड़ा कानून लागू किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ तेज कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन महीने के भीतर सख्त नियम लागू होंगे।  90 दिन में दर्ज करनी होगी एफआईआर जानकारी के अनुसार नए प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार यदि किसी अवैध कॉलोनी को लेकर थाने में शिकायत मिलती है, तो 90 दिनों के भीतर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होगा। समय सीमा का पालन नहीं करने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतों को लंबित रखने से  दोषियों को मिलने वाली राहत न मिल सके। हालांकि, अभी यह प्रस्तावित है।  बहुत कम मामलों में केस हुए दर्ज बता दें, आंकड़ों के अनुसार, अब तक अवैध कॉलोनियों के  खिलाफ हजारों शिकायतें मिलने के बावजूद बहुत कम मामलों में एफआईआर दर्ज हो पाई है। कार्रवाई की धीमी गति को देखते हुए जवाबदेही तय करने की जरूरत महसूस की गई है। सजा और जुर्माने में बड़ा इजाफा जानकारी के अनुसार मौजूदा कानून में अवैध कॉलोनी विकसित करने पर तीन से सात वर्ष तक की सजा और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। संशोधन के बाद इसे बढ़ाकर अधिकतम 10 वर्ष की सजा और एक करोड़ रुपये तक के आर्थिक दंड में बदलने की तैयारी है। इससे अवैध प्लॉटिंग और बिना अनुमति कॉलोनी काटने वालों को कड़ा संदेश जाएगा। अधिकारियों की जिम्मेदारी भी होगी तय  नए कानून में केवल कॉलोनाइजर ही नहीं, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। प्रस्तावित कानून में यह व्यवस्था की गई है कि शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने वाले प्रशासनिक या नगरीय निकाय के अधिकारी दोषी पाए जाने पर दंडित किए जा सकेंगे। इसमें एक वर्ष तक की सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान शामिल है।  4 हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां  बता दें, प्रदेश में चार हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां हैं। इन कॉलोनियों में सड़क, सीवरेज, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी है। सरकार को इनसे संबंधित 5 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी है। इनमें से 600 से ज्यादा के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।