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सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय

सिंगापुर में गूंजा नारा “योगी हैं तो यूपी है” सिंगापुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देख उत्साह से भर गया भारतीय समुदाय सीएम को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर संबोधित किया एक महिला ने, कहा अब यूपी में रात में बिना सारे निकल सकती हैं महिलाएं सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों ने गणपति वंदना पर प्रस्तुत किया मनोहारी नृत्य, सीएम ने की मुक्त कंठ से सराहना सिंगापुर/लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सिंगापुर में अपने बीच देखकर प्रवासी भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह छा गया। मुख्यमंत्री के संबोधन के बीच कार्यक्रम स्थल पर लगातार तालियां बजती रहीं। “योगी हैं तो यूपी है” की गूंज पूरे वातावरण में ऊर्जा भर रही थी। कार्यक्रम में जब एक महिला ने सीएम योगी को प्रदेश की तमाम महिलाओं की तरफ से 'भैया' कहकर बुलाया तो पूरा माहौल भावनात्मक हो गया। आयोजन में एक बच्ची मुख्यमंत्री का स्केच बनाकर लाई थी, जिस पर सीएम योगी ने अपना ऑटोग्राफ देकर उसके चेहरे पर मुस्कान ला दी।  कार्यक्रम के दौरान सिंगापुर में रह रही भारतीय मूल की स्वाति ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए खुद को उत्तर प्रदेश और सीएम योगी आदित्यनाथ की बहन बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृत में मुख्यमंत्री का संबोधन सुनकर वह प्रेरित हुईं। स्वाति ने कहा, “जब संत सियासत में आता है तो सियासत इबादत बन जाती है, बन चुकी है। मैं उत्तर प्रदेश की साढ़े 11 करोड़ महिलाओं की ओर से मुख्यमंत्री को 'भैया' कहती हूं, क्योंकि उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा का माहौल मिला है। अब महिलाएं रात में भी निडर होकर बाहर निकल सकती हैं। अपराधियों में कानून का भय है।" स्वाति ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए नारा दिया कि योगी हैं तो यूपी है और संस्कृत में कहा, “योगी नेतृत्वे प्रदेशः भवति सुरक्षितम शुभम”। सिंगापुर में आयोजित यह संवाद प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच बढ़ते संबंधों और सांस्कृतिक जुड़ाव का सशक्त संदेश देता नजर आया। जब मुख्यमंत्री मंच पर थे उस समय एक बच्ची उनका स्केच लेकर वहां पहुंची, सीएम योगी ने उस स्केच पर अपना ऑटोग्राफ दिया, जिसके बाद बच्ची बेहद प्रसन्न नजर आई। एक महिला ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) भी बांधा। इस अवसर पर सिंगापुर के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष भारतीय परंपरा को जीवंत करते हुए गणपति वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुति दी, जिसकी मुख्यमंत्री ने मुक्तकंठ से सराहना की। स्कूल के संस्थापक ने कहा "आपमें हमें हमारे श्रद्धेय पहले प्रधानमंत्री और सिंगापुर के संस्थापक श्री ली क्वान यू की प्रतिछाया प्रतीत हो रही है।"    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शास्त्रीय विधा को यहां पर इन बच्चों ने गणपति वंदना के माध्यम से बड़े ही सुन्दर ढंग से प्रस्तुत किया। आज जब पाश्चात्य संस्कृति को अपनाने की होड़ लग रही है, उन स्थितियों में भारत से हजारों किलोमीटर दूर सिंगापुर में रहकर भारतीय समुदाय अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत बनाए हुए उन्हें मजबूती के साथ आगे बढ़ा रहा है।

AI समिट में हंगामा: शर्टलेस प्रोटेस्ट के बाद यूथ कांग्रेस चीफ पर पुलिस की कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किए गए एआई इंपैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने आज इंडियन यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु चिब को भी गिरफ्तार कर लिया है। उदय भानु की गिरफ्तारी के मद्देनजर तिलक मार्ग थाने के बाहर भारी सुरक्षा तैनात किया गया है। कांग्रेस ने उदय भानु चिब की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है। घंटों चली पूछताछ के बाद गिरफ्तार तिलक मार्ग थाना पुलिस ने सोमवार को युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को पूछताछ के लिए बुलाया था। करीब 20 घंटे चली पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे। उन्हें आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें कि, शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता के एक ग्रुप ने AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में घुसकर अपनी शर्ट उतारकर प्रोटेस्ट किया, जिन पर "PM कॉम्प्रोमाइज्ड" के नारे लिखे थे। अब तक कुल 8 लोग गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह आयोजित 'एआई इम्पैक्ट सम्मेलन' के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में सोमवार को ग्वालियर से तीन और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 और धारा 197 के तहत मामले दर्ज किए हैं।आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय अखंडता के लिए हानिकारक दावे करने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर बोला हमला उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "यह शर्म की बात है कि उन्हें किसी के शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट करने से दिक्कत है। तानाशाह उन्हें जेल में डाल देगा जो उन्हें आईना दिखाएगा। क्या पुलवामा, पहलगाम अटैक, लाल किला ब्लास्ट के पीछे के सभी टेररिस्ट गिरफ्तार हो गए हैं…आप टेररिस्ट हमलों के पीछे वालों को गिरफ्तार नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन अगर कोई अपनी शर्ट उतार दे तो आप डर जाते हैं। यह सरकार की असलियत है…" कांग्रेस के सीनियर नेता भूपेश बघेल ने सरकार को तानाशाही बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''मैं दिल्ली पुलिस द्वारा IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई उदय भानु चिब जी एवं अन्य युवा साथियों की गैरकानूनी गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। तानाशाह" सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में युवाओं का आवाज उठाना, सवाल पूछना और विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे मजबूत हथियार है। हमारे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के, सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री के समझौतों और युवाओं की अनसुनी पीड़ा को सामने लाया। यह एक साहसी, जायज और लोकतांत्रिक कदम था, जिसे दबाने के लिए अब सरकार के द्वारा पुलिसिया दमन का सहारा लिया जा रहा है। यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र पर सीधा हमला भी है। हम मांग करते हैं कि उदय भानु चिब जी सहित सभी गिरफ्तार IYC कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे आरोप वापस लिए जाएं तथा इस तरह की दमनकारी कार्रवाईयों को तत्काल रोका जाए। लड़ेंगे-जीतेंगे।'' बता दें कि, AI समिट में इस मुद्दे पर बात करते हुए उदय भानु ने कहा था कि देश के युवा "अब चुप नहीं रहेंगे"। उन्होंने कहा, "इंडियन यूथ कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि देश के युवा अब चुप नहीं रहेंगे। 'प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं' सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि लाखों बेरोजगार युवाओं का गुस्सा है। अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील हमारे किसानों और जनता के हितों के साथ धोखा है, जिससे सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा। डेमोक्रेसी में शांतिपूर्ण विरोध हमारा हक है और हम युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे।" उदय भानु ने साफ किया कि पार्टी "AI समिट के खिलाफ नहीं है", लेकिन "भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज" का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने आगे कहा, "हम भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज़ के ख़िलाफ़ हैं। जब देश के किसानों के साथ कॉम्प्रोमाइज किया जा रहा है, भारत विरोधी ट्रेड एग्रीमेंट साइन किए जा रहे हैं, और युवाओं को बेरोजगार रखते हुए नफरत की पॉलिटिक्स में धकेला जा रहा है, तो क्या हमें चुप रहना चाहिए? यह 140 करोड़ लोगों का देश है।" PM मोदी पर और तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं" और “इसका मतलब यह नहीं है कि जनता चुप रहे।”

‘भारत टैक्सी’ से नई क्रांति: अमित शाह बोले—अब टैक्सी ड्राइवर खुद होंगे मालिक, खत्म होगी बिचौलियों की भूमिका

नई दिल्ली दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की भारत टैक्सी सर्विस से जुड़े ड्राइवरों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। दोनों के बीच हुई इस बैठक का उद्देश्य Central Government Cooperative Models को मजबूत करना है। इसी के साथ शाह ने कहा कि इस नई व्यवस्था में गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर महज एक कर्मचारी नहीं, बल्कि खुद मालिक की भूमिका में होगा।   सहकारी मॉडल से बदलेगी ड्राइवरों की किस्मत जानकारी के लिए बता दें कि यह सर्विस 5 फरवरी को लॉन्च की थी। 'भारत टैक्सी' देश का ऐसा पहला ऐप-आधारित प्लेटफॉर्म है जो Cooperative Principlesपर काम करता है। शाह ने चालकों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य बिचौलियों को खत्म कर सीधा लाभ उन लोगों तक पहुँचाना है जो जमीन पर पसीना बहाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मॉडल के तहत होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा सीधे ड्राइवरों की जेब में जाएगा। समस्याओं और सुझावों पर हुई खुली चर्चा कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री ने केवल अपनी बात नहीं रखी, बल्कि ड्राइवरों की चुनौतियों को भी करीब से समझा। उन्होंने 'भारत टैक्सी' के सारथियों से उनकी समस्याओं पर फीडबैक लिया और भविष्य में इस सेवा को और बेहतर बनाने के लिए उनके सुझाव मांगे। शाह ने दोहराया कि सहकारिता क्षेत्र का विस्तार करना प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है, ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को आर्थिक आजादी मिल सके।

रंगों और भक्ति का महीना मार्च: होलिका दहन से चैत्र नवरात्र तक छुट्टियों की भरमार

नई दिल्ली साल 2026 का मार्च महीना आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सवों से सराबोर रहने वाला है। इस महीने में न केवल रंगों का महापर्व होली मनाया जाएगा, बल्कि हिंदू नववर्ष की शुरुआत और चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व भी आएगा। मार्च के पहले ही सप्ताह में होलाष्टक समाप्त होंगे, जिसके बाद शुभ कार्यों की शुरुआत (March 2026 Festivals List) हो जाएगी। होली और चंद्र ग्रहण का संयोग इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च को मनाया जाएगा। विशेष बात यह है कि इसी दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त शाम 06:48 बजे से रात 08:50 बजे तक रहेगा। इसके अगले दिन यानी 4 मार्च को रंगवाली होली खेली जाएगी और इसी दिन से चैत्र माह का प्रारंभ होगा।  8 मार्च को रंग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ मार्च में छुट्टियों की भी लंबी लिस्ट (March Holidays List) है। इसे जानकर आप अपना धूमने या सेलिब्रेट करने प्लान भी बना सकते हैं।   चैत्र नवरात्रि और घटस्थापना वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि और गुड़ी पड़वा 19 मार्च से शुरू होंगे। कलश स्थापना के लिए दो विशेष मुहूर्त उपलब्ध हैं। पहला सामान्य मुहूर्त सुबह 06:52 से 07:46 तक है, जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:04 से 12:52 तक रहेगा। नवरात्रि के नौ दिनों के बाद 26 मार्च को राम नवमी का महापर्व धूमधाम से मनाया जाएगा।

घर बैठे एड्रेस अपडेट का नया नियम, एक सेल्फ डिक्लेरेशन से काम पूरा

नई दिल्ली अगर आपके मोबाइल पर बैंक की ओर से KYC अपडेट का मैसेज आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसका मकसद आपकी बैंकिंग सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखना है। KYC यानी Know Your Customer वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए बैंक अपने ग्राहकों की पहचान की पुष्टि करते हैं। समय-समय पर इसे अपडेट करना जरूरी होता है, ताकि खाते से जुड़ी जानकारी सही बनी रहे। सिर्फ पता बदला है तो आसान है प्रक्रिया यदि आपकी अन्य जानकारी पहले जैसी ही है और केवल पता बदला है, तो आप सेल्फ डिक्लेरेशन देकर एड्रेस अपडेट करवा सकते हैं। इसके लिए भारी दस्तावेज जमा करने या लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ती। घर बैठे भी कर सकते हैं KYC आधार OTP आधारित e-KYC: ऑनलाइन माध्यम से आसानी से पूरा किया जा सकता है। वीडियो KYC: बैंक अधिकारी वीडियो कॉल के जरिए पहचान सत्यापित करते हैं। ब्रांच में दस्तावेज जमा: चाहें तो मान्य दस्तावेज की कॉपी शाखा में भी दे सकते हैं। सावधानी जरूरी KYC के नाम पर किसी अज्ञात लिंक या कॉल पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। हमेशा बैंक के आधिकारिक माध्यम से ही प्रक्रिया पूरी करें। Reserve Bank of India भी ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग के प्रति जागरूक करता रहता है। ‘आरबीआई कहता है’ जैसे अभियानों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि सतर्कता और सही जानकारी ही धोखाधड़ी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है।  

यौन उत्पीड़न केस में गिरफ्तारी पर संत अविमुक्तेश्वरानंद बोले—सच्चाई जल्द आएगी सामने

वाराणसी पॉक्सो मामले में फंसे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। अदालत ने खुद इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया, लेकिन अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का मानना है कि उन्हें गिरफ्तारी से डर नहीं लगता, लेकिन पुलिस गिरफ्तारी के लिए पुख्ता सबूत तो लाए। उन्होंने यह तक कह डाला कि रामचरितमानस में पहले ही कहा गया है कि कुछ धर्म के ठेकेदार शंकराचार्य और धर्म से जुड़े साधुओं को परेशान करने आएंगे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पॉस्को एक्ट में गिरफ्तारी के सवाल पर कहा, "जो भी आएंगे उनका स्वागत किया जाएगा और जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा। जितनी जल्दी पुलिस को मामले को विस्तारित करने की है, उतनी ही हमें है। हम भी इस कलंक का निपटान जल्द से जल्द करना चाहते हैं। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कहा, "रामचरितमानस में लंका कांड के दौरान विभीषण ने रावण को सलाह देते हुए कहा था कि जो कोई भी धर्मधारी, कपटी और पाखंडी ज्यादा समय तक ठीक नहीं पाएगा और उसका जल्द ही पर्दाफाश होगा। जैसे रावण ने साधु का वेश लेकर मां सीता का अपहरण किया था, राहु देवता बनकर अमृत पीने के लिए घुस आया था, लेकिन ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया। वैसे ही कथाकथित धर्म के ठेकेदारों का भी पर्दाफाश भी जरूर होगा। हम निश्चिंत हैं। मामले की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस कर रही है, लेकिन हमारे लोगों को भरोसा नहीं है कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी। अगर जांच दूसरे राज्य की पुलिस करे, जहां भाजपा की सरकार न हो, तभी मामले की सच्चाई सामने आएगी, लेकिन हमें तो इससे भी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने मामले में गिरफ्तारी पर कहा कि गिरफ्तारी कुछ परिस्थितियों में होती है। अब हम कहीं भागे नहीं जा रहे हैं और अब मेडिकल टेस्ट का कोई औचित्य नहीं बनता, क्योंकि बहुत महीने बीत चुके हैं और सबसे बड़ी बात मुकदमा झूठा है, इसलिए गिरफ्तारी का सवाल ही नहीं उठता है। फिर भी अगर हमारी गिरफ्तारी होती है तो समझ लेना कि कालनेमि हमें बदनाम करने के लिए यह सब कर रहा है, लेकिन हमें ईश्वर पर पूरा विश्वास है। कालनेमि का भी पर्दाफाश होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि जनता का सपोर्ट उनके साथ है और उन्हें अंतरमन से पता है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, तो चिंता की बात नहीं है।

स्कूलों की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, पंजाब शिक्षा विभाग का सख्त आदेश

लुधियाना पंजाब के स्कूल शिक्षा महानिदेशक-सह-राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा अभियान प्राधिकरण (पंजाब) ने स्कूलों में चल रहे विभिन्न निर्माण और विकास परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर जिलों के शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग ने बताया कि साल 2024-25 और 2025-26 के तहत स्वीकृत सभी प्रोजेक्ट्स, जैसे ACR, LARS, लाइब्रेरी, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम, लड़के/लड़कियों के टॉयलेट और मेजर/माइनर रिपेयर, का निर्माण तेजी से पूरा किया जाना चाहिए। 10 फरवरी 2025 को माननीय सेक्रेटरी स्कूल एजुकेशन ने सभी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर्स (DEOs) के साथ समीक्षा बैठक की थी, जिसमें कई जिलों में धीमी प्रगति और फंड के इस्तेमाल में कमी को गंभीरता से लिया गया। निर्देशों के अनुसार, साल 2024-25 के तहत स्वीकृत सभी कार्य अगले एक हफ्ते में पूरा करने होंगे। इसके साथ ही फिजिकल और फाइनेंशियल प्रगति का प्रमाण-पत्र और पोर्टल पर डिपॉजिट कर फंड का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना अनिवार्य है। विभाग ने चेतावनी दी कि अगर 2025-26 के बचे हुए कार्य समय पर पूरे नहीं हुए, तो फंड रिलीज़ नहीं किया जाएगा। इसलिए जिलों के स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों पर नियमित निगरानी रखने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश भी दिया गया है।

Sukhpal Singh Khaira के ठिकाने पर बुलडोजर एक्शन, समर्थकों का हंगामा, पुलिस तैनात

चंडीगढ़ कपूरथला की भुलत्थ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के रामगढ़ गांव के पुश्तैनी घर से जुड़े कथित अवैध निर्माण को प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया दिया। इससे रामगढ़ गांव में तनावपूर्ण माहौल बन गया। कार्रवाई के दौरान विधायक सुखपाल खैरा भी मौक पर मौजूद रहे। खैरा की अपील के बाद बड़ी संख्या में समर्थक उनके घर के बाहर जमा हो गए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। खैरा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह कदम बिना नोटिस और सुनवाई के उठाया जा रहा है। खैरा ने आरोप लगाया कि सीएम भगवंत मान के गैर-कानूनी आदेश पर पुलिस और ब्यूरोक्रेसी द्वारा रामगढ़ में मेरे घर के कुछ हिस्से को बिना किसी नोटिस या सुनवाई के जबरदस्ती गिराने की कार्रवाई की जा रही है। बुलडोजर के आगे धरने पर बैठ गए विधायक विधायक खैहरा अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बुलडोजर के आगे धरने पर बैठ गए। इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। पुलिस ने विधायक को हटाने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों के विरोध के चलते हालात तनावपूर्ण बने रहे। खैहरा के घर से जुड़े कथित अवैध निर्माण पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। गेट का पिलर गिरा दिया गया। प्रशासन बोला, घर नहीं, अवैध कंस्ट्रक्शन गिराया प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि घर नहीं, बल्कि घर से जुड़े कथित अवैध कंस्ट्रक्शन को गिराने की कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर, खैहरा ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम बिना किसी नोटिस या सुनवाई के उठाया जा रहा है। वहीं, इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। पंजाब कांग्रेस ने इस कार्रवाई को बदला बताते हुए मुख्य मंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोला है। पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के घर की दीवार का पिलर गिराए जाने की निंदा की है। उन्होंने इस कार्रवाई को भगवंत मान सरकार और पुलिस की खुली गुंडागर्दी बताया है। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने खैहरा के घर हुई तोड़-फोड़ की कार्रवाई की सख्त शब्दों में निंदा की है। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी को घेरते हुए कहा कि सियासी ताकत हमेशा के लिए नहीं होती पर किए गए कामों की जवाबदेही स्थाई होती है। बाजवा ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि अन्यायपूर्ण आदेशों की पालना करने वाले हर अधिकारी और हर कार्रवाई को आने वाले समय में याद रखा जाएगा। मजीठिया बोले, आप सरकार की खुलेआम गुंडागर्दी शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के घर पर पीला पंजा चलाने को लेकर पंजाब सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कड़ी निंदा की है। मजीठिया ने सुखपाल सिंह खैहरा से फोन पर बातचीत कर पंजाब सरकार और पुलिस द्वारा की जा रही कथित धक्केशाही की जानकारी ली। मजीठिया ने सरकार पर आरोप लगाया कि पंचायत विभाग ने बिना कोई नोटिस दिए जेसीबी मशीन से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने इस कार्रवाई को खुलेआम गुंडागर्दी करार दिया। मजीठिया ने कहा कि वह इस कठिन समय में सुखपाल सिंह खैहरा के साथ खड़े हैं।

‘पुराने झूठ का सहारा ले रहे सुखबीर बादल’, कुलदीप सिंह धालीवाल का तीखा वार

अमृतसर आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने रविवार को शिरोमणि अकाली दल की लीडरशिप पर निशाना साधते हुए कहा कि सुखबीर सिंह बादल अपने पिता प्रकाश सिंह बादल की तरह "दोहरी राजनीति" कर रहे हैं और पुराने रटे-रटाए भाषणों और नए दावों से पंजाब के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप धालीवाल ने कहा कि गैंगस्टरवाद को खत्म करने के बड़े-बड़े दावे करने से पहले सुखबीर सिंह बादल को अपने पुराने रिकॉर्ड का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप एक हलके में एक जाने-माने गैंगस्टर के परिवार के सदस्य को अपना उम्मीदवार बनाते हैं और फिर दूसरे चरण से गैंगस्टरों का सफाया करने की बातें करते हैं। यह सरासर पाखंड पंजाब के लोगों से छिपा नहीं रहेगा। तरनतारन के चुनावों का हवाला देते हुए 'आप' पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि अकाली दल ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों से जुड़े लोगों का खुलकर समर्थन किया और वोट मांगे। उन्होंने कहा कि आज वे दावा करते हैं कि वे गैंगस्टरों के घर ढहा देंगे, लेकिन कल वे उनके पारिवारिक समारोहों में शामिल हो रहे थे और उनके रिश्तेदारों को उम्मीदवार के रूप में खड़ा कर रहे थे। पंजाब सब कुछ याद रखता है। प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल से समानताएं दर्शाते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल उसी रास्ते पर चल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि बादल परिवार ऐतिहासिक रूप से पंजाब की युवा पीढ़ी का शोषण करके बड़ा हुआ है, पहले राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे तत्वों को संरक्षण दिया और बाद में कानून व्यवस्था की स्थिति पर मगरमच्छ के आंसू बहाए। 2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा शासन के दौरान संगठित गैंगस्टरवाद और नशे की मार की जड़ें गहरी हुईं। कुलदीप सिंह धालीवाल ने मौजूदा सरकार को अपराध पर लेक्चर देने के लिए सुखबीर सिंह बादल की नैतिक अधिकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वही लोग जिन्होंने पंजाब को लहूलुहान होने दिया, अब इसके मुक्तिदाता बनने का नाटक कर रहे हैं। जब नशा माफिया और आपराधिक नेटवर्क फले-फूले, तब सत्ता में कौन था? पंजाब के लोग जवाब जानते हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कामकाज के बारे में चिंता जताते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने पूछा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता स्वरूपों, जमीनी सौदों और वित्तीय कुप्रबंधन के बारे में सम्मानित सिख धार्मिक शख्सियतों द्वारा उठाए गए सवालों पर अकाली लीडरशिप चुप क्यों रही। उन्होंने कहा कि मंचों से चीखने की बजाय 328 लापता स्वरूपों, जमीनों की बिक्री और पवित्र संस्थाओं से जुड़े आरोपों के बारे में सवालों के जवाब दो। पंजाब स्पष्टता और जवाबदेही का हकदार है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे विवादों को सामान्य बनाने की कोशिशें सिख समुदाय की भावनाओं का अपमान हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना के घोटालों को आम बात कैसे माना जा सकता है? यह सिर्फ राजनीति नहीं है, यह श्रद्धा और जवाबदेही का विषय है। समुदाय पारदर्शिता का हकदार है। कुलदीप सिंह धालीवाल ने यह भी संकेत दिया कि माझे से मालवा तक के कई परंपरागत अकाली परिवारों ने पार्टी से दूरी बना ली है। उन्होंने कहा कि आज जो बचा है वह शिरोमणि अकाली दल नहीं है जो कभी जन आंदोलन का प्रतिनिधित्व करता था, बल्कि एक 'जीजा-साला' द्वारा चलाया जा रहा एक सीमित टोला है। पार्टी सिर्फ अस्तित्व बचाने के लिए संदिग्ध रिकॉर्ड वाले व्यक्तियों को शामिल करने तक सीमित होकर रह गई है। आप विधायक ने आगे कहा कि सुखबीर सिंह बादल ने किसानों के मुद्दों और भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते सहित प्रमुख राष्ट्रीय मुद्दों पर चुनावी चुप्पी साधी हुई है और केंद्र में सालों तक गठबंधन और सत्ता में भागीदारी के बावजूद भाजपा लीडरशिप को सवाल करने का साहस नहीं दिखाया। अपने संबोधन के अंत में कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से समझदार हैं और उन्हें नाटकीय भाषणों से गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आप डर पैदा नहीं कर सकते, आपराधिक तत्वों को संरक्षण नहीं दे सकते और फिर उन्हें खत्म करने का वादा नहीं कर सकते। पंजाब आपका चरित्र जानता है। नए ऐलान करने से पहले अपने पुराने कामों का जवाब दो।

प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिल्ली से 300 KM दूर हों कोयला उद्योग? केंद्र से मांगा जवाब

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में एयर पलूशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में एक सवाल यह भी उठा कि कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट्स को दिल्ली की सीमा के 300 किलोमीटर दायरे से दूर रखा जाए। प्रस्ताव आया कि ऐसा कोई भी प्लांट दिल्ली की 300 किलोमीटर की परिधि में स्थापित न किया जाए। इस पर बेंच ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। इसके अलावा अदालत ने यूपी, हरियाणा, राजस्थान को आदेश दिया है कि वे कोयला आधारित उद्योगों को लेकर सार्वजनिक नोटिस जारी करें। इस दौरान यह भी सलाह दी गई कि कोयला आधारित उद्योगों को दिल्ली-एनसीआर से बाहर कर दिया जाए। इस पर बेंच ने केंद्रीय मंत्रालयों से जवाब मांगा है और पूछा कि कैसे इन उद्योगों को बाहर किया जा सकता है। ऐसा संभव भी है या नहीं। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में वाहनों के चलने से प्रदूषण बढ़ने का सवाल भी उठा। बेंच ने कहा कि इसका परीक्षण किए जाने की जरूरत है। अदालत ने अब इस मामले की सुनवाई के लिए 12 मार्च की तारीख तय की है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित सरकारों से यह भी पूछा कि कैसे एनसीआर में एयर पलूशन कम हो। खासतौर पर कंस्ट्रक्शन और निर्माण गिराए जाने से उड़ने वाली धूल को कम किया जा सकता है। इस संबंध में अदालत से भी सवाल पूछा गया।