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हिमाचल कैबिनेट ने मंजूर की टोल टैक्स और आबकारी नीति, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले भी लिए

शिमला  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में टोल टैक्स बैरियर नीति 2026-27 और आबकारी नीति 2026-27 को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमंडल ने महिला होम गार्ड स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का भी निर्णय लिया। बैठक में हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान दिए जाने वाले राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी गई।  इसके साथ ही ‘इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना’ में संशोधन को स्वीकृति प्रदान की गई, जिसके तहत विधवाओं की बेटियों को राज्य के भीतर और बाहर स्थित सरकारी संस्थानों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी। छात्रावास सुविधा उपलब्ध न होने पर उन्हें 3,000 रुपये प्रतिमाह किराया सहायता भी दी जाएगी। मंत्रिमंडल ने ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ को लागू करने की मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य छह वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है। इसके तहत उन्नत पूरक पोषण उपलब्ध करवाया जाएगा। दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह अनुदान में भी बढ़ोतरी की गई है। 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए अनुदान राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि 40 से 70 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को 25,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। शिक्षा क्षेत्र में, प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए कुल 600 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिनमें संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, संगीत और ड्राइंग शिक्षक के 150-150 पद शामिल हैं। ये पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे। साथ ही, राज्य के 31 बालक एवं बालिका विद्यालयों को सह-शिक्षा विद्यालयों में विलय करने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए चिकित्सा महाविद्यालयों, सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों और आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों के आधुनिकीकरण हेतु 1,617.40 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई। इसके अतिरिक्त, शिमला, सुंदरनगर, नूरपुर, ऊना, भोरंज और बिलासपुर के अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद को स्वीकृति दी गई। नाहन स्थित डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में इम्यूनोहेमेटोलॉजी एवं ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग की स्थापना का भी निर्णय लिया गया। राज्य के सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों में बायोमेडिकल उपकरण प्रबंधन एवं अनुरक्षण कार्यक्रम लागू करने, स्वास्थ्य विभाग में नर्स, फार्मेसी अधिकारी, रेडियोग्राफर और फूड सेफ्टी ऑफिसर सहित कई पदों को भरने की भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा, 777 अतिरिक्त विद्यालयों में डिजिटल क्लासरूम परियोजना लागू करने, लोक निर्माण विभाग के लिए रोड ड्रेनेज नीति और सड़कों की मरम्मत के लिए मानक संचालन प्रक्रिया को स्वीकृति दी गई। चंबा जिले में डिस्टिल ग्लोबल स्किल्स एवं डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना, विभिन्न जिलों में खेल छात्रावास खोलने और सिरमौर जिले में लोक निर्माण विभाग मंडलों के पुनर्गठन जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले भी कैबिनेट बैठक में लिए गए।

महाकाल की भक्ति में सुविधा: महाशिवरात्रि पर चलेंगी तीन मेला स्पेशल ट्रेनें

उज्जैन  महाशिवरात्रि महापर्व पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और सीहोर (कुबेरेश्वर धाम) जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत दी है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए उज्जैन से भोपाल और संत हिरदाराम नगर के मध्य तीन जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें (Special Mela Trains) चलाने का निर्णय लिया है। मंडल रेल प्रवक्ता मुकेश कुमार ने बताया कि ये ट्रेनें 13 से 23 फरवरी तक संचालित की जाएंगी। ट्रेनों का शेड्यूल -1. उज्जैन संत हिरदाराम नगर उज्जैन (09305/09306) संचालनः 13 से 22 फरवरी तक प्रतिदिन । समयः उज्जैन से सुबह 09:00 बजे चलकर दोपहर 13:30 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी। वापसी में वहां से दोपहर 14:30 बजे चलकर शाम 19:30 बजे उज्जैन आएगी। स्टॉपेजः तराना रोड, मक्सी, बेरछा, कालीसिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल और सीहोर।     उज्जैन भोपाल उज्जैन (09307/09308) संचालनः 13 से 23 फरवरी तक प्रतिदिन। समयः उज्जैन से रात 21:00 बजे चलकर रात 02:10 बजे भोपाल पहुंचेगी। वापसी में भोपाल से सुबह 03:10 बजे चलकर सुबह 08:00 बजे उज्जैन आएगी। स्टॉपेजः उपरोक्त स्टेशनों के साथ संत हिरदाराम नगर पर भी ठहराव।     उज्जैन संत हिरदाराम नगर उज्जैन (09313/09314) – संचालनः 13-22 फरवरी तक रोज समयः उज्जैन से शाम 16:00 बजे चलकर रात 21:40 बजे संत हिरदाराम नगर पहुंचेगी। वापसी में रात 22:30 बजे चलकर अगले दिन रात 2 बजे उज्जैन पहुंचेगी। स्टॉपेजः तराना रोड, मक्सी, बेरछा, कालीसिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल और सीहोर। कोच और सुविधा रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन मेला स्पेशल ट्रेनों में यात्रियों की सुविधा के लिए सामान्य और स्लीपर श्रेणी के कोच लगाए जाएंगे। इससे कम बजट में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिलेगी। 

यीडा के सीईओ ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को सौंपा लेटर ऑफ इंटेंट

एएम ग्रुप और इन्वेस्ट यूपी के बीच एमओयू, 2030 तक पूर्ण क्षमता से संचालन का लक्ष्य यीडा के सीईओ ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को सौंपा लेटर ऑफ इंटेंट 289 एकड़ भूमि पर विकसित होगा कार्बन-फ्री डेटा सेंटर, हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजन की संभावना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एएम ग्रुप और राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ के बीच सहमति बनी है। इसके तहत 1 गीगावॉट (GW) हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट (HPC) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। गुरुवार को यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है।  289 एकड़ भूमि के लिए एलओआई जारी यीडा द्वारा सेक्टर 28 में 114 एकड़ और सेक्टर 8डी में 175 एकड़, कुल 289 एकड़ भूमि के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किया गया है। यह अत्याधुनिक हब लगभग पांच लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स से लैस होगा और 24×7 कार्बन-फ्री ऊर्जा (पवन, सौर एवं पम्प्ड स्टोरेज) से संचालित होगा। यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जिसमें लगभग 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। वर्ष 2028 तक प्रथम चरण का संचालन शुरू होगा, जबकि 2030 तक पूर्ण 1 गीगावॉट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को नई गति भारत में एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए यह हब वैश्विक हाइपरस्केलर्स, अनुसंधान संस्थानों, उद्यमों और संप्रभु एआई पहलों की जरूरतों को पूरा करेगा। एएमजी एआई लैब्स ‘एआई के लोकतंत्रीकरण’ के तहत ऊर्जा से लेकर इंटेलिजेंट टोकन तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में कार्यरत है। यह सुविधा भारतीय डेवलपर समुदाय को अत्याधुनिक चिपसेट्स तक व्यापक पहुंच देगी, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर एआई समाधान विकसित करने में तेजी आएगी। आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव इस परियोजना से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित होने की संभावना है। साथ ही हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजित होंगे। हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर विकास और विशेषीकृत कूलिंग तकनीकों के क्षेत्र में स्थानीय इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था के अग्रिम पंक्ति के राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

मार्च 2026 का छुट्टियों का शेड्यूल: MP में सरकारी कार्यालयों और स्कूलों पर 14 दिन का असर

भोपाल  एमपी में रहने वाले लोगों के लिए मार्च का महीना छुट्टियों से भरा होने वाला है। अगले महीने सरकारी कर्मचारियों को कई सारी छुट्टियां मिलने वाली हैं। बता दें कि आने वाले दिनों में आप परिवार, दोस्तों के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते है। मार्च के महीने में 6 छुट्टियां मिलने वाली है। इन छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाई जा सकती है। जानें कब-कब रहेगी छुट्टी जानकारी के लिए बता दें कि आने वाले मार्च के महीने में 03, 19, 20, 21, 27 और 31 मार्च को सरकारी छुट्टी रहेगी। मध्यप्रदेश के सरकारी कलेंडर 2026 के मुताबिक 03 मार्च को होली, 19 मार्च को गुड़ी पड़वा, 20 मार्च चैती चांद, 21 मार्च ईद-उल-फित्र, 27 मार्च को रामनवमी, 31 मार्च को महावीर जयन्ती की छुट्टी रहेगी। इस दौरान सभी बैंक, स्कूल, ऑफिस बंद रहेंगे। मार्च में 14 दिन बंद रहेंगे ऑफिस सबसे ज्यादा मार्च माह में 14 दिन ऑफिस बंद रहेंगे और इस माह 17 दिन ही काम होगा। क्योंकि मार्च में शनिवार-रविवार की नौ छुट्टियों के अलावा छह त्यौहारों की छुट्टियां हैं, हालांकि इनमें से एक छुट्टी शनिवार में शामिल है। इससे 14 दिन ऑफिसों में ताला रहेगा। वहीं फरवरी व जुलाई माह में शनिवार व रविवार के अलावा कोई अन्य छुट्टियां नहीं हैं, इससे जुलाई माह में सबसे ज्यादा 23 दिन ऑफिस खुले रहेंगे। इस साल एक छुट्टी अधिक साल 2026 में सरकारी कर्मचारियों को 2025 की तुलना में एक सार्वजनिक अवकाश अधिक मिलेगा। इस बार गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक अवकाश की सूची में जोड़ा गया है। 14 सितंबर को पड़ने वाली इस छुट्टी के शामिल होने से कुल सार्वजनिक अवकाशों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। इससे त्योहारों के दौरान कर्मचारियों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।

OBC आरक्षण पर फंसा पेंच, यूपी पंचायत चुनाव टलना तय, हाईकोर्ट में सरकार ने रखी साफ बात

लखनऊ यूपी पंचायत चुनाव का टलना लगभग तय माना जा रहा है। योगी सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि पहले समर्पित ओबीसी आयोग बनाया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय होगा। आयोग की रिपोर्ट के बाद ही चुनाव की तारीखें घोषित होने की संभावना है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन में यह कदम उठाया गया है।   उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव का टलना तय माना जा रहा है। चुनाव की तैयारियों के बीच योगी सरकार ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में हलफनामा देते हुए बताया कि एक समर्पित पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आयोग का गठन किया जाएगा। जिसकी रिपोर्ट के बाद चुनाव कराए जाएंगे। जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। दरअसल, हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी, जिसके बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि नए समर्पित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत सीटों का आरक्षण तय किया जाएगा। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के बाद पंचायत चुनाव यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप उठाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों से पहले समर्पित आयोग का गठन जरूरी बताया गया है। प्रदेश का मौजूदा ओबीसी आयोग अक्टूबर 2025 में अपना मूल कार्यकाल पूरा कर चुका है। हालांकि सरकार ने इसका कार्यकाल अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दिया है, लेकिन कानूनी तौर पर उसे समर्पित आयोग के अधिकार नहीं मिले हैं, जिस पर सवाल उठे थे। अब नया आयोग पिछड़े वर्गों का ‘रैपिड सर्वे’ करेगा, जिससे उनकी वास्तविक आबादी का आकलन कर आरक्षण तय किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के मुताबिक स्थानीय निकाय चुनाव से पहले तीन साल के कार्यकाल वाला समर्पित आयोग जरूरी है। सरकार का कहना है कि आयोग की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान संभव होगा। सियासी गलियारों में क्या है चर्चा? वहीं राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा आम है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की चुनावी रणनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव कराने को लेकर नेगेटिव फीडबैक है। पार्टी के कई नेताओं को आशंका है कि पंचायत चुनाव के दौरान प्रधान से लेकर जिला पंचायत के चुनाव तक पार्टी के ही नेता और कार्यकर्ता आपस में लड़ेंगे। ऐसे नेताओं को आशंका है कि पंचायत चुनाव में किसी एक कैंडिडेट का समर्थन करने से विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं के एक वर्ग की नाराजगी उठाने का खतरा है। इसलिए ये बात चल रही है कि पहले विधानसभा हो जाए, फिर तनावपूर्ण पंचायत चुनाव की बिसात बिछे। पंचायत चुनाव का टलना तय! ऐसे में अब पंचायत चुनाव का टलना लगभग तय माना जा रहा है। प्रदेश में ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल मई के पहले सप्ताह में हो जाएगा। वहीं, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का पांच साल का कार्यकाल जुलाई के पहले सप्ताह में पूरा होगा। ऐसे में यदि समय पर चुनाव नहीं कराए जाते हैं तो ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों की जगह वहां सरकार की ओर से किसी सक्षम अधिकारी को रिसीवर (प्रशासक) नियुक्त किया जाएगा। पिछले पंचायत चुनाव 4 चरणों में हुए थे यूपी में 57 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं, जिला पंचायत वार्ड 3051, जिला पंचायत 75, क्षेत्र पंचायत 826 हैं। पिछले पंचायत चुनाव कोरोना लहर के बीच साल 2021 चार चरणों में हुए थे। पहले चरण में 18 जिले, दूसरे और तीसरे चरण में 20-20 जिले, और चौथे चरण में 17 जिलों में चुनाव हुए थे।  

ED का बड़ा दांव: केजरीवाल को मिली राहत के खिलाफ अदालत में करेगी अपील

नई दिल्ली ईडी ने समन की अनदेखी करने के मामले में अरविंद केजरीवाल की दोबारा कानूनी घेरेबंदी करने की तैयारी कर ली है। ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट को सूचित किया गया कि वह दिल्ली आबकारी मामले में समन का पालन नहीं करने के आरोप में अरविंद केजरीवाल को दो मामलों में बरी करने के निचली अदालत के आदेश को चुनौती देगी। केजरीवाल को मिली राहत को देंगे चुनौती ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि एजेंसी ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करेगी। इसी साल 22 जनवरी को ट्रायल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को उनके खिलाफ दर्ज दो अलग-अलग मामलों में बरी कर दिया था। ये मामले कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले की जांच में शामिल होने के लिए भेजे गए समन के बाद ईडी के सामने पेश नहीं होने को लेकर दर्ज किए गए थे। याचिका वापस लेने की परमिशन दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को अरविंद केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में ईडी की ओर से उन्हें जारी समन को चुनौती देने वाली अपनी याचिका वापस लेने की परमिशन दे दी। केजरीवाल के वकील ने कहा कि वह इस मामले को नहीं बढ़ाना चाहते हैं क्योंकि समन के बाद एजेंसी के सामने पेश नहीं होने के कारण दर्ज मामले में उनको पहले ही बरी कर दिया गया है। निचली अदालत ने फैसले में क्या कहा? समन की अनदेखी मामले में यह देखते हुए कि आरोपी एक मौजूदा मुख्यमंत्री थे। उन्हें भी आने-जाने का अपना मौलिक अधिकार था… ट्रायल कोर्ट ने कहा कि समन की सही सेवा को कानूनी चुनौती दी जा सकती है। जांच एजेंसी ईडी यह साबित करने में नाकाम रही है कि केजरीवाल ने जानबूझकर समन की अवहेलना की। नौवें समन के बाद पहुंचे थे हाईकोर्ट बता दें कि केजरीवाल ने ईडी नौवें समन के बाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट ने 20 मार्च, 2024 को ईडी से जवाब मांगा था। हालांकि अदालत का कहना था कि वह इस स्टेज पर केजरीवाल को कोई अंतरिम राहत नहीं देगी। केजरीवाल को उसी शाम ईडी की ओर से गिरफ्तार कर लिया गया था। फिलहाल केजरीवाल मनी लॉन्ड्रिंग केस में अंतरिम बेल पर हैं। ईडी के क्या हैं आरोप? ईडी का आरोप है कि केस के दूसरे आरोपी पूर्व की एक्साइज पॉलिसी बनाने के लिए केजरीवाल के संपर्क में थे। इससे उन्हें गलत फायदा हुआ। वहीं अपनी अर्जी में केजरीवाल ने गिरफ्तारी, पूछताछ और बेल देने के संबंध में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को भी चुनौती दी है। उन्होंने कई मुद्दे उठाए हैं जिसमें शामिल है कि क्या कोई पॉलिटिकल पार्टी एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत आती है।

6 महीने में पोलियो, लेकिन हौसले बुलंद: वरुण सिंह भाटी ने पैरालंपिक में रचा इतिहास

नई दिल्ली वरुण सिंह भाटी का नाम देश के श्रेष्ठ पैरा एथलीटों में लिया जाता है। वह ऊंची कूद में देश को पैरालंपिक में पदक दिला चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता का सफर वरुण के लिए आसान नहीं था, लेकिन अपनी मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने अपना रास्ता बनाया है। वरुण सिंह भाटी का जन्म 13 फरवरी 1995 को नोएडा में हुआ था। महज छह महीने की उम्र में पोलियोमाइलाइटिस का शिकार होने के बाद उनके एक पैर में स्थायी विकलांगता आ गई। गलत दवा की वजह से उनकी परेशानी और बढ़ गई। बचपन में शारीरिक रूप से मिले इस झटके के बावजूद वरुण के परिवार ने उन्हें कभी कमजोर और हतोत्साहित नहीं होने दिया और हमेशा उन्हें कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया। बचपन से ही वरुण को खेलों में रुचि थी। बास्केटबॉल उनका पसंदीदा खेल था, लेकिन बाद में उन्होंने ऊंची कूद में बेहतर करने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने सामान्य एथलीटों के साथ अभ्यास करना शुरू किया ताकि उन्हें बेहतर करने की प्रेरणा मिल सके। पूर्व राष्ट्रीय एथलीट सत्यनारायण की कोचिंग में उनके करियर को नई उड़ान मिली। गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन के पैरा चैंपियंस प्रोग्राम से मिले समर्थन ने भी उनके सफर को मजबूती दी। टी42 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाले वरुण ने 2012 में 1.60 मीटर की छलांग के साथ लंदन पैरालिंपिक के लिए ‘ए’ क्वालिफिकेशन मार्क हासिल किया था, हालांकि सीमित स्लॉट के कारण वे उस संस्करण में हिस्सा नहीं ले सके। इसके बाद उन्होंने 2014 एशियन पैरा गेम्स में भाग लिया और उसी साल चाइना ओपन में स्वर्ण पदक जीता। 2016 उनके करियर के लिए शानदार था। आईपीसी एशिया-ओशिनिया चैंपियनशिप में 1.82 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने स्वर्ण और एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किया। रियो पैरालिंपिक 2016 में 1.86 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ उन्होंने कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। 2017 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता। 2018 एशियन पैरा गेम्स में 1.82 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके बेहतरीन खेल और सफलता को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 29 अगस्त 2018 को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।  

साजिश पर CJI सूर्यकांत की कड़ी चेतावनी, जयराम को लगाई फटकार

नई दिल्ली  राज्यसभा सांसद जयराम रमेश की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने कांग्रेस सांसद जयराम रमेश पर नाराजगी जताते हुए फटकार लगाई. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि भारी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहें. हम इसके पीछे की साजिश जानते हैं. सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की तल्खी देखते हुए कांग्रेस सांसद और पूर्व मंत्री जयराम रमेश की तरफ से याचिका वापस ले ली गई. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आज यानी गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश की एक्स-पोस्ट फैक्टो एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस (EC) दिए जाने के खिलाफ दायर की गई रिट पिटीशन पर सुनवाई की. याचिका देखते ही सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया. इस दौरान सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने जयराम रमेश से टफ सवाल पूछे. यहां एक्स-पोस्ट फैक्टो एनवायरमेंट क्लीयरेंस (कार्योत्तर पर्यावरणीय मंजूरी) उन परियोजनाओं को दी जाने वाली मंजूरी है, जो बिना पहले से अनिवार्य पर्यावरणीय स्वीकृति (EC) लिए शुरू हो चुकी हैं. सीजेआई ने पूछा तीखा सवाल सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत (CJI) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने वनशक्ति रिव्यू जजमेंट में एक्स-पोस्ट फैक्टो EC पर यूनियन के ऑफिस मेमोरेंडम को मंजूरी दी है तो रिट पिटीशन कैसे फाइल की जा सकती है? इस सवाल के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस सांसद और पूर्व मंत्री जयराम रमेश पर नाराजगी जताई. इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना लगाने की धमकी भी दी. SC की जयराम रमेश को फटकार जयराम रमेश से नाराजगी जताते हुए सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘आप एक जिम्मेदार नेता हैं. अगर यह गलत साबित हुआ तो इसकी भारी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहें. हम इसके पीछे की साजिश जानते हैं.’ दरअसल, जयराम रमेश ने केंद्र द्वारा जारी उस कार्यालय ज्ञापन को चुनौती दी है. इसमें पर्यावरण संबंधी पूर्वव्यापी मंजूरी पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने का प्रावधान है. सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ, सीजेआई ने और क्या-क्या कहा?     सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कार्यालय ज्ञापन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए है, इसलिए चुनौती फैसले को दी गई है.     सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या कोई रिट याचिका के जरिए फैसले को चुनौती दे सकता है? यह तो सिर्फ मीडिया के लिए है.     जब सुप्रीम कोर्ट ने भारी जुर्माने की चेतावनी दी तो कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली.  

श्रीलंका का रौद्र रूप, ओमान पस्त; 105 रन से जीतकर बनाया वर्ल्ड कप रिकॉर्ड

नई दिल्ली पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-B मुकाबले में श्रीलंका और ओमान आमने-सामने हुईं. जहां श्रीलंका ने पहले खेलते हुए 225 का स्कोर बनाया. जवाब में खेलने उतरी ओमान की टीम 120/9 रन ही बना सकी. इस तरह वो टारगेट से 105 रन पीछे रह गई. जो इस वर्ल्ड कप में रनों के ल‍िहाज से अब तक की सबसे बड़ी जीत रही. वहीं श्रीलंका का बनाया हुआ यह स्कोर भी इस टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर रहा. श्रीलंका ने टी20 वर्ल्ड कप में ओमान को 105 रनों से हराया. वह अपने दोनों मैच जीत चुकी है. पवन रत्नाएके को उनकी मैच विनिंग पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार दिया गया| तो क्रिकेट फैन्स इस मुकाबले से महज़ इतना ही| अब हम रुख करते हैं आज के दूसरे मैच की तरफ जो नेपाल और इटली के बीच मुंबई में शुरू होने जा रहा है| आइये अब वहां होगी आपसे मुलाकात| गेंदबाजी में इस दौरान ओमान टीम के लिए जीतेन रामानंदी को 2 जबकि जय ओडेड्रा, सुफ्यान महमूद को 1-1 सफलता हाथ लगी थी| 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करने जब ओमान की टीम उतरी तो उन्हें अच्छी शुरुआत नहीं मिली| महज 36 रनों पर टीम ने तीन विकेट गंवा दिए| वहां से चौथे विकेट के लिए मुहम्मद नदीम और वसीम अली (27) ने कुछ झुझारुपन दिखाया लेकिन फिर श्रीलंकाई कसी हुई गेंदबाजी के सामने बढ़ते रन रेट को वो पकड़ में नहीं ला सके| इन दोनों के अलावा और कोई भी बल्लेबाज दस रन क आंकड़े तक को पार नहीं कर पाया जिसकी वजह से श्रीलंकाई टीम को 105 रनों की बड़ी जीत हाथ लग गई| वहीँ अगर पहली पारी की बात करें तो श्रीलंका की तरफ से आज बल्लेबाजी में शुरुआत अच्छी नहीं रही रही| महज 15 के स्कोर पर टीम को पहला बड़ा झटका लगा| दोनों सलामी बल्लेबाज आज नहीं चल सके और ओमान के गेंदबाजों का शिकार बन गए| कुसल मेंडिस (23) और पवन रत्नाएके (60) ने शानदार बल्लेबाजी करते तीसरे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी निभाई और स्कोर को तेजी के साथ आगे बढ़ा दिया| लोअर ऑर्डर में दसुन शनाक के बल्ले से महज 20 गेंदों पर 50 रनों की तेज तर्रार पारी आई जिसकी वजह से टीम इस मुकाबले में विशाल स्कोर तक पहुँच पाई| इस बीच श्रीलंकाई मध्य क्रम ने शानदार तरीके से ओमानी गेंदबाजों पर काउंटर अटैक किया| आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप के 16वें मुकाबले में श्रीलंका ने ओमान को 105 रन से मात दी है| इस जीत के साथ श्रीलंकाई टीम ने इस प्रतियोगिता में अपनी दूसरी जीत दर्ज की है| टॉस आज ओमान के कप्तान ने जीता था और अपनी तगड़ी बल्लेबाजी को मद्देनजर रखते हुए उन्होंने रन चेज करने का फैसला किया था जो ग़लत साबित हुआ| श्रीलंका द्वारा बोर्ड पर लगाए गए 225 रनों के जवाब में ओमान की टीम की बल्लेबाजी आज उम्मीद अनुसार नहीं चली| ओमान टीम के लिए इस रन चेज में मुहम्मद नदीम ने सबसे अधिक 53 रनों की पारी खेली| मोहम्मद नदीम को मथीशा पथिराना, डॉट बॉल के साथ ओवर और पारी की हुई समाप्ति| 105 रन से श्रीलंका ने इस मुकाबले में ओमान को हरा दिया है| कमाल का प्रदर्शन आज गेंद और बल्ले दोनों से इस टीम ने किया है| इस बार जड़ में डाली गई गेंद| लेग साइड पर फ्लिक किया और क्रीज से थोड़ा आगे आये| शॉर्ट मिड विकेट की तरफ गई गेंद| फील्डर ने उसे फील्ड करते हुए बल्लेबाजी एंड पर थ्रो किया जो विकटों के पास से निकल गया| अगर लग जाता तो शायद बल्लेबाज क्रीज के बाहर रह जाते|

प्रदेश में ससम्मान गाया जाएगा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ऐलान

राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वंदे मातरम् के छह छंदों का गायन लागू करना प्रधानमंत्री  मोदी की अभूतपूर्व पहल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान जन- गण-मन से पहले सभी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन का निर्णय लिया है। यह अत्यंत सराहनीय एवं अभूतपूर्व पहल है। इसके जरिए पूरा देश अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे वीर सेनानियों ने वंदे मातरम् गाते हुए स्वयं को देश के लिए बलिदान कर दिया। मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस निर्णय के साथ खड़ी है और वंदे मातरम् गायन के निर्णय को त्वरित रूप से प्रदेश में लागू कर रही है।