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पुरातत्व स्थलों को संरक्षित और संवर्धित किया जाएगा – केंद्रीय मंत्री शेखावत

रायपुर : केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया ऐतिहासिक सिरपुर के पुरातात्विक स्थलों का निरीक्षण उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा पुरातत्व स्थलों को संरक्षित और संवर्धित किया जाएगा – केंद्रीय मंत्री शेखावत सिरपुर आकर गौरव की अनुभूति हो रही है-केंद्रीय मंत्री शेखावत रायपुर भारत सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत आज जिला महासमुंद अंतर्गत स्थित ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर के दौरे पर रहे। इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल भी उनके साथ उपस्थित रहे। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री शेखावत का सिरपुर हेलीपैड पर सांसद महासमुंद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक महासमुंद योगेश्वर राजू सिन्हा, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभास कुमार एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया।   केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने किया ऐतिहासिक सिरपुर के पुरातात्विक स्थलों का निरीक्षण इसके पश्चात केंद्रीय मंत्री शेखावत ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने लक्ष्मण देवालय, आनंद प्रभु कुटी विहार, तीवरदेव विहार, सुरंग टीला एवं स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने सिरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिरपुर भारत की प्राचीन धरोहर का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जिसे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है। निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुरातात्विक स्थलों की मूल संरचना को सुरक्षित रखते हुए आवश्यक सुविधाओं का विकास किया जाए। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए बेहतर सड़क, साइन बोर्ड, सूचना केंद्र, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर भी जोर दिया। आनंद प्रभु कुटी विहार, सुरंग टीला, तिवरदेव विहार, लक्ष्मण देवालय स्थानीय हाट बाजार का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सिरपुर में कनेक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा जिससे  पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यहां आकर गौरव की अनुभूति हो रही है। सिरपुर को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल करने का प्रयास जारी है। यहां की ऐतिहासिक, पुरातत्विक और आध्यात्मिक नगरी हमारे समृद्ध संस्कृति और परम्परा का प्रतीक है। इसके  संरक्षण और संवर्धन का कार्य किया जाएगा।  इस दौरान उन्होंने विभिन्न विहारों और मंदिरों के अवशेषों की वर्तमान स्थिति को सहजने और संरक्षित करने पर ज्यादा जोर दिया। उन्होंने  गंधेश्वर  मंदिर पहुंचकर  गंधेश्वर महादेव की पूजा अर्चना कर देश के समृद्धि की कामना की।  इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, धर्मस्व एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, राज्य  बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक डॉ विमल चोपडा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान, उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर, नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, कलेक्टर विनय लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार एवं राजस्व व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।  उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सिरपुर के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रही है, ताकि यह स्थल पर्यटन के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर सके। आज भोरम देव कॉरिडोर का शुभारंभ किया जाएगा। इस दौरान सांसद रूपकुमारी चौधरी एवं विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा सिरपुर को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने हेतु  महत्वपूर्ण सुझाव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखा गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, संस्कृति एवं पर्यटन, पुरातत्व विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि सिरपुर प्राचीन नाम श्रीपुर/श्रिपुरा महानदी के तट पर बसी एक प्राचीन नगरी है, जिसका इतिहास 5वीं से 12वीं सदी तक फैला हुआ है। यह दक्षिण कोसल का प्रमुख राजनीतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा है और यहां हिंदू, बौद्ध व जैन तीनों धर्मों के तीर्थ, मठ, मंदिर और विहारों का दुर्लभ संग्रह मिलता है। खुदाई में यहां 22 शिव मंदिर, 5 विष्णु मंदिर, 10 बुद्ध विहार और 3 जैन विहार के अवशेष मिले हैं।  लक्ष्मण मंदिर सिरपुर का सबसे प्रसिद्ध और पुरातन हिंदू मंदिर है, जो 6वीं-7वीं सदी में बनाया गया था। यह भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रमुख रूप से लाल ईंटों से निर्मित है। रानी वासटादेवी ने इसे अपने पति राजा हर्षगुप्त की स्मृति में बनवाया था इसे एक प्रेम कथा का प्रतीक भी माना जाता है। तिवरदेव विहार एक प्राचीन बौद्ध विहार है, जो 7वीं-8वीं सदी का बताया जाता है। यह बड़े पैमाने पर ईंटों का बना हुआ था और खुदाई में इसका अवशेष मिला है। बौद्ध संप्रदाय से जुड़ा यह विहार सिरपुर में बुद्ध के अनुयायियों द्वारा ध्यान, शिक्षा और धार्मिक क्रियाओं के लिए उपयोग में लाया गया था। आनंद प्रभु कुटी विहार सिरपुर का एक प्रमुख बौद्ध स्थल है, जिसे भिक्षु आनंद प्रभु द्वारा स्थापित किया गया था। यह विहार 14 कमरे वाला एक बड़ा बौद्ध मठ है, जिसमें एक मुख्य प्रवेश द्वार और सुंदर नक्काशीदार स्तंभ पाए गए हैं। यहां बुद्ध की एक विशाल मूर्ति और अन्य बौद्ध प्रतिमाएँ मिलती हैं। सुरंग टीला सिरपुर का एक अनोखा पुरातात्विक स्थल है, जिसमें प्राचीन काल के मंदिर के अवशेष मिले हैं। यह 7वीं सदी का मंदिर था, जिसमें 5 गर्भगृह पाए गए हैं। इन गर्भगृहों में शिवलिंग और गणेश की प्रतिमा स्थित है, जो इस धार्मिक स्थल की विविधता को दर्शाता है।

संभल में बड़ा कदम! कब्रिस्तान पर कब्जा करने वालों का डाटा हो रहा तैयार

संभल  संभल में शाही जामा मस्जिद से सटे कब्रिस्तान की 4,780 वर्गमीटर भूमि पर पैमाइश के बाद बड़े एक्शन की तैयारी हो रही है। अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन ने अगला कदम बढ़ा दिया है। सीमांकन के बाद चिन्हित किए गए 22 अवैध कब्जाधारकों का पूरा डाटा तैयार किया जा रहा है। प्रशासन एक-दो दिन के भीतर सभी को नोटिस जारी करेगा। इसके बाद अभिलेख प्रस्तुत करने और जवाब देने के लिए समय दिया जाएगा। निर्धारित अवधि में संतोषजनक साक्ष्य न मिलने पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उप जिलाधिकारी सदर रामानुज सिंह ने बताया कि मंगलवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कब्रिस्तान की नॉन जेड-ए श्रेणी की भूमि की पैमाइश कराई गई थी। राजस्व अभिलेखों से मिलान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि 22 लोगों ने कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से मकान और दुकानें बना रखी हैं। इनमें कुछ निर्माण हाल के वर्षों के हैं, जबकि कुछ कब्जे काफी पुराने बताए जा रहे हैं। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन किसी भी प्रकार की जल्दबाजी नहीं करेगा और सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद संबंधित लोगों को यह बताना होगा कि उनके पास भूमि से संबंधित कौन-कौन से वैध दस्तावेज हैं। यदि कोई व्यक्ति अपने दावे के समर्थन में अभिलेख प्रस्तुत करता है, तो उनकी विधिवत जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कब्जाधारकों के पास वैध दस्तावेज नहीं पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-67 के तहत मुकदमा दर्ज कराते हुए कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में रहकर और पारदर्शिता के साथ की जाएगी। एसडीएम रामानुज सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा तैयार किए जा रहे डाटा में प्रत्येक कब्जाधारक का नाम, कब्जे का रकबा, निर्माण का स्वरूप और अनुमानित अवधि का विवरण शामिल किया जा रहा है, ताकि आगे की कार्रवाई में कोई भ्रम न रहे। उन्होंने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना शासन की प्राथमिकता है। इस मामले में भी कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य किसी को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं है, बल्कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार भूमि को उसके मूल स्वरूप में सुरक्षित करना है।

रायपुर: नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा

रायपुर : नववर्ष पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने भोरमदेव मंदिर में की पूजा-अर्चना प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए की कामना रायपुर नववर्ष के प्रथम दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की । उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, विधायक श्रीमती भावना बोहरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मारुति सुजुकी का ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव, 15 जनवरी को शासकीय आईटीआई चिरमिरी में होगा आयोजन

एमसीबी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था चिरमिरी में आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार के निर्देशानुसार भारत की नंबर एक पैसेंजर कार मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड द्वारा भव्य ओपन कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। यह प्लेसमेंट ड्राइव 15 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे शासकीय आईटीआई चिरमिरी, जिला कोरिया (छत्तीसगढ़) में आयोजित होगी। इस विशेष प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से योग्य एवं इच्छुक आईटीआई पासआउट अभ्यर्थियों को देश की प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल कंपनी में करियर बनाने का बेहतरीन अवसर मिलेगा। प्लेसमेंट ड्राइव में मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, वेल्डर, पेंटर, वायर मैन, शीट मेटल, सीआई ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, टूल एंड डाई तथा पीपीओ ट्रेड के अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। पात्रता के अनुसार जॉइनिंग के समय अभ्यर्थी की आयु 18 से 26 वर्ष के बीच होनी चाहिए। 10वीं कक्षा में न्यूनतम 40 प्रतिशत एवं आईटीआई में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य हैं। अभ्यर्थी का शारीरिक रूप से फिट होना आवश्यक है, जिसमें कोई वर्णांधता, शारीरिक विकृति या अत्यधिक कम अथवा अधिक बीएमआई न हो। चयनित अभ्यर्थियों को आकर्षक वेतन एवं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। एफटीसी के अंतर्गत 25,300 रुपए प्रति माह सीटीसी के साथ वार्षिक वैधानिक बोनस दिया जाएगा, जो 12 माह के अनुबंध पर आधारित होगा। अप्रेंटिसशिप के लिए 19,500 रुपए प्रति माह स्टाइपेंड निर्धारित है। इसके अतिरिक्त सब्सिडी युक्त भोजन एवं छात्रावास, वर्दी, पीपीई एवं सुरक्षा जूते तथा कंपनी की नीति के अनुसार अवकाश और छुट्टियों की सुविधा भी मिलेगी। चयनित उम्मीदवारों की कार्यस्थल पोस्टिंग मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के गुजरात प्लांट में की जाएगी, जो प्लॉट क्रमांक 334-335, ग्राम हंसपुर, पिराराजी, मंडल तालुका, अकाद, गुजरात में स्थित है। साक्षात्कार में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों को 10वीं एवं आईटीआई की मार्कशीट की स्व-सत्यापित प्रति, आधार कार्ड, पैन कार्ड की स्व-सत्यापित प्रति तथा एक पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य रूप से साथ लाना होगा। यह प्लेसमेंट ड्राइव पूर्णतः निःशुल्क है, इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्लेसमेंट ड्राइव का समन्वय शेपर्स टैलेंट इंडिया द्वारा किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी +91-9953002111, +91-9990724900 अथवा +91-9560015542 पर संपर्क कर सकते हैं। शासकीय आईटीआई चिरमिरी द्वारा सभी पात्र युवाओं से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की गई है।

दंतेवाड़ा में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के तहत कुपोषण प्रबंधन की शुरुआत

दंतेवाड़ा जिले में सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत कुपोषण से मुक्ति के उद्देश्य से समुदाय आधारित कुपोषण प्रबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन सखी केन्द्र दंतेवाड़ा के सभा कक्ष में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता तथा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुनीता भास्कर उपस्थित रहीं। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारीगण भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले में कुपोषण की दर में कमी लाना तथा एनीमिक गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाना है। इसके अंतर्गत गंभीर एवं मध्यम कुपोषित (एसएएम,एमएएम) बच्चों, संकटग्रस्त बच्चों तथा चिकित्सकीय उपचार की आवश्यकता वाली गर्भवती माताओं को विशेष समुदाय आधारित प्रयासों के माध्यम से लक्षित किया जाएगा।      अभियान के तहत सुपोषण दूत का चयन किया जाएगा, जो 70 प्रतिशत मध्यम कुपोषित एवं 30 प्रतिशत गंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लेकर विभागीय योजनाओं एवं समुदाय के सहयोग से उनकी नियमित देखभाल करेंगे। बच्चों को सामान्य पोषण स्तर में लाने पर सुपोषण दूतों को प्रति बच्चा प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इसी प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों को भी कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनकी देखभाल हेतु जोड़ा जाएगा, जिन्हें निर्धारित मानदेय के अनुसार प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। कुपोषण के प्रभावी प्रबंधन हेतु जिला स्तर पर प्रबंध समिति का गठन किया गया है। साथ ही कुपोषित बच्चों को स्थानीय निधि से पोषण आहार उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, सुपोषित छत्तीसगढ़ अभियान के संभागीय सलाहकार, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा महिला स्व-सहायता समूहों के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे।

सम्राट चौधरी के पास भारी संपत्ति, नीतीश से भी अधिक दौलतमंद: रिवॉल्वर और निवेश में करोड़ों

 पटना नीतीश सरकार के मंत्रियों ने वर्ष 2025 के अंतिम दिन अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा की। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने बुधवार की शाम इसे जारी किया। इसके अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई गुना ज्यादा संपत्ति मंत्रियों के पास है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार और श्रम संसाधन मंत्री संजय टाइगर को छोड़ अन्य सभी मंत्री करोड़पति हैं। ज्यादातर मंत्री हथियारों और गहनों के भी शौकीन हैं। सभी के पास अपने वाहन हैं। सबसे ज्यादा आभूषण पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास है। उनके पास दो किलो सोना और 6 किलो चांदी है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी की पत्नी के बैंक खातों में 22 करोड़ 54 लाख रुपये जमा हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास महज 1.65 करोड़ की संपत्ति है। चल 17,66,196 और अचल संपत्ति 1.48 करोड़ है। उनकी संपत्ति पिछले साल की तुलना में 70 हजार रुपए बढ़ी है। उनके पास 20552 नकद है। हालांकि, नगद राशि में 500 रुपए की कमी आई है। उनके पास दो अंगूठी है। 20 ग्राम के सोने की अंगूठी और एक मोती लगी चांदी की अंगूठी। मुख्यमंत्री के पास न तो कोई कृषि भूमि है न व्यावसायिक जमीन। नीतीश कुमार गोपालन के शौकीन मुख्यमंत्री गोपालन के भी शौकीन हैं। उनके पास दस गायें और 13 बछड़े हैं। इसके अलावा उनके पास इको स्पोर्ट्स व टाइटेनियम कार भी है। उनके पास घरेलू उपयोग की सामग्री एसी, एयरकूलर, कम्प्यूटर, वाशिंग मशीन, माइक्रो ओवेन, ओटीजी और एक्सरसाइज साइकिल है। दिल्ली के द्वारिका में एक हजार वर्गफीट का एक फ्लैट है। इसे उन्होंने वर्ष 2004 में 13.78 लाख में खरीदा था। उनके ऊपर बैक का ऋण नहीं है। न कोई सरकारी बकाया है। उनके ऊपर कोई कर देयता भी नहीं है। वर्ष 2024 में सीएम के पास 21052 रुपए नगद था जबकि 1697741 लाख रुपए की चल संपत्ति थी। सम्राट के पास रिवॉल्वर के साथ एक राइफल भी उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी के पास 1.35 लाख रुपये नकद जबकि बैंक खातों में 17.45 लाख रुपये जमा है। उन्होंने बांड आदि में 31.83 लाख रुपये जबकि बचत योजनाओं में करीब 20 लाख रुपये का निवेश कर रखा है। पत्नी के नाम पर 2021 में पटना के गोला रोड में 1450 स्क्वायर फुट के फ्लैट है। 4.91 करोड़ रुपये की गैर-कृषि भूमि है। इसका ब्योरा अलग एनेक्शचर में डाला गया है। उनके पास पिता से मिली एक रिवॉल्वर के अलावा एक एनपी बोर की राइफल है। वाहन के नाम पर 2023 मॉडल की बोलेरो कार है। ज्वेलरी के नाम पर 20 लाख रुपये मूल्य का 200 ग्राम सोना है। उन पर कोई ऋण नहीं है। संजय के खाते में 85 हजार 23.76 लाख की कार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय सिंह के पास 85 हजार नकद और विभिन्न बैंकों में 20.55 लाख रुपये है। राजीव नगर में 2.54 करोड़ का भवन है। 20.25 लाख के गहने हैं। पत्नी के पास 40.50 लाख के गहने और होंडा कार है, मंत्री के पास पिस्टल और राइफल भी है। अरुण शंकर 82 लाख की जमीन के मालिक पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के पास कुल 2.55 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति है। इसमें 78 लाख 12 हजार 314 रुपये की चल संपत्ति एवं अचल संपत्ति के रूप में 82 लाख रुपये की कीमत वाली कृषि योग्य भूमि एवं 95 लाख रुपये की कीमत वाली रिहायशी घर है। लखेन्द्र के पास 97 लाख 65 हजार की चल संपत्ति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन के पास 97 लाख 65 हजार 434 रुपये की चल संपत्ति है। वहीं, उनकी पत्नी के नाम पर 9,58,255 रुपये, पुत्र के नाम पर 1.68 लाख और पुत्री के नाम पर 1,79,225 रुपये की चल संपत्ति है। गाड़ी के शौकीन हैं पशु और मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता वाहनों के शौकीन हैं। उनके पास 57 लाख रुपए की फार्च्यूनर और 14 लाख की टाटा सफारी गाड़ी है। 40 हजार रुपए मूल्य की 5 ग्राम सोना है। मंत्री के पास 50 हजार रुपए कैश हैं, जबकि इनकी पत्नी के पास 20 हजार रुपए कैश हैं। अशोक चौधरी की पत्नी के खाते में 22.54 करोड़ ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी से कई गुना अधिक धनी उनकी पत्नी हैं। मंत्री के पास 50 हजार तो उनकी पत्नी के पास 10 हजार नकदी है। लेकिन विभिन्न बैंकों में मंत्री ने 53 लाख जमा किए हैं जबकि पत्नी के नाम पर 22 करोड़ 54 लाख जमा है। मंगल पांडेय 1.32 करोड़ चल संपत्ति के मालिक स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के पास 59 हजार नकद है। 18.83 लाख बैंक में और नन बैंकिंग कंपनी में एक करोड़ जमा है। पत्नी के पास बैंक में 24 लाख रुपये जमा हैं। मंत्री के पास 7.80 लाख,पत्नी के पास 25 लाख के गहने हैं। मंत्री के पास कुल 1.32 करोड़ की चल संपत्ति है। रामकृपाल के पास 315 बोर की एक राइफल कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के पास मात्र 12 हजार रुपये नकद जबकि 8.30 लाख बैंकों में जमा है। हथियार में 315 बोर की एक राइफल है। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद के पास 3 करोड़ 75 लाख 21 हजार 737 रुपये की चल संपत्ति है, जबकि उनके पति के पास 2 करोड़ 30 लाख 22 हजार 528 की चल संपत्ति है।निषाद के पास 2 किलोग्राम और 6 किग्रा चांदी है। नारायण प्रसाद ज्वेलरी के शौकीन, तीन वाहन भी आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद के पास हथियार के नाम पर एक बंदूक और एक राइफल है। उनके नाम पर एक जीप, एक इनोवा कार और एक स्कॉर्पियो एन सहित तीन वाहन हैं। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान को ढाई लाख रुपये का पिस्टल भी मंत्री ने अपने पास रखा है। कैमूर में उनके पास खेती योग्य 30 लाख रुपये की जमीन और गैर कृषि योग्य 19 लाख रुपये की जमीन है। संजय टाइगर के पास 32 लाख की संपत्ति श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह टाइगर के पास नकद 45 हजार तथा बैंकों वित्तीय संस्थानों में 24 लाख रुपये जमा है। इनकी चल संपत्ति 32 लाख की है। कोई अचल संपत्ति नहीं है। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार के पास … Read more

2026 के पहले दिन कांग्रेस का महत्वपूर्ण कदम, पूरे प्रदेश में पंचायत कांग्रेस कमेटी गठन की शुरुआत

 भोपाल  नए साल के पहले दिन कांग्रेस का बड़ा कदम सामने आया है। आज से ही पूरे प्रदेश में पंचायत कांग्रेस कमेटी के गठन की शुरुआत हो रही है। जिला, ब्लॉक, के बाद अब वार्ड और पंचायत तक कांग्रेस का विस्तार होगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी पंचायत कमेटी गठन कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे। 3 महीने में हर गांव में कमेटी बनाने का लक्ष्य आज दोपहर 01:00 बजे भोपाल के कोड़िया देवका गांव से ग्राम पंचायत कमेटी गठन की शुरुआत होगी। दोपहर 02:00 बजे ग्राम टीला खेड़ी हुजूर, भोपाल में किसानों के साथ चर्चा करेंगे। साल के शुरुआती 3 महीने में हर गांव में कांग्रेस कमेटी बनाने का टारगेट तय है। हम बीजेपी की नफरत से लड़ेंगे मामले पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी का बयान सामने आया है। कहा- हमने बहुत महत्वपूर्ण प्रोग्राम बनाया है। गांव स्तर तक, वार्ड स्तर तक कांग्रेस का संगठन गठित हो। उद्देश्य- हम बीजेपी की नफरत से लड़ेंगे। नए वर्ष में हम शुरू कर रहे हैं। 5 जनवरी से पूरे प्रदेश में यह एक साथ चालू होगा। कार्यकर्ताओं को पदाधिकारी को निर्देश दिया है। सबको एक साथ 5 तारीख से ग्राम पंचायत स्तर पर गठन शुरू करें। हम 20 फरवरी से पहले इसे पूरा करेंगे।

अफगानिस्तान की टी20 वर्ल्ड कप टीम का ऐलान, नवीन उल हक की वापसी, राशिद होंगे कप्तान

काबुल   आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. इस मेगा टूर्नामेंट में एक बार फिर राशिद खान अफगानिस्तान की कप्तानी करते नजर आएंगे. भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए घोषित टीम में गुलबदीन नाइब और नवीन-उल-हक की वापसी सबसे बड़ी खबर रही. अफगानिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया था, जब टीम पहली बार सेमीफाइनल तक पहुंची थी. हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उस प्रदर्शन ने अफगान क्रिकेट की बढ़ती ताकत को दुनिया के सामने रखा. अब टीम उसी लय को 2026 संस्करण में भी बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी. घोषित 15 सदस्यीय टीम 19 से 22 जनवरी के बीच यूएई में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ भी खेलेगी. यह सीरीज़ अफगानिस्तान के लिए वर्ल्ड कप से पहले अंतिम तैयारी मानी जा रही है. 7 फरवरी से 8 मार्च तक चलने वाले टूर्नामेंट से पहले यह सीरीज़ टीम संयोजन को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाएगी. जानें टीम की खासियत गुलबदीन नाइब की वापसी से टीम के मिडिल ऑर्डर को अनुभव और स्थिरता मिलेगी. वहीं, नवीन-उल-हक कंधे की चोट से उबरने के बाद टीम में लौटे हैं, जिससे अफगानिस्तान की तेज गेंदबाज़ी पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है. इसके अलावा फज़लहक़ फारूकी की भी वापसी हुई है, जो हालिया बांग्लादेश सीरीज़ से बाहर थे और जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ अंतिम टी20 में खेले थे. युवा खिलाड़ियों पर भरोसा शाहिदुल्लाह कमाल और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ मोहम्मद इशाक ने अपने हालिया प्रदर्शन के दम पर टीम में अपनी जगह बरकरार रखी है. वहीं युवा तेज गेंदबाज़ अब्दुल्ला अहमदज़ई को मुख्य टीम में शामिल कर चयनकर्ताओं ने भविष्य पर भी नजर रखी है. स्पिन फिर बनेगा अफगानिस्तान की ताकत स्पिन गेंदबाज़ी अफगानिस्तान की सबसे बड़ी पहचान रही है. मुजीब उर रहमान की वापसी ने स्पिन विभाग को और धार दी है. हालांकि मुजीब को शामिल करने के चलते एएम ग़ज़नफ़र को मुख्य टीम से बाहर रहना पड़ा और उन्हें रिज़र्व खिलाड़ियों में रखा गया है. उनके साथ इजाज़ अहमदज़ई और ज़िया उर रहमान शरीफी भी रिज़र्व सूची में शामिल हैं. ग्रुप और पहला मुकाबला अफगानिस्तान को ग्रुप D में रखा गया है, जहां उनका सामना न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, यूएई और कनाडा से होगा. टीम अपने अभियान की शुरुआत 8 फरवरी को चेन्नई में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ करेगी.  

दिल्ली-NCR के उपभोक्ताओं को न्यू ईयर तोहफा, PNG गैस हुई सस्ती

नई दिल्ली  दिल्ली-एनसीआर के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नए साल का तोहफा देते हुए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। कंपनी ने बताया कि नए साल की शुरुआत से पीएनजी के दाम 70 पैसे प्रति मानक घनमीटर (SCM) कम हो जाएंगे। इस कटौती के बाद दिल्ली में नई कीमत 47.89 रुपये और गुरुग्राम में 46.70 रुपये प्रति एससीएम होगी जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के उपभोक्ताओं को अब 47.76 रुपये प्रति एससीएम का भुगतान करना होगा।   न्यू ईयर पर कम किए दाम देश की सबसे बड़ी सिटी गैस रिटेलर इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) दिल्ली-एनसीआर में पाइप सप्लाई के जरिए प्राकृतिक गैस का वितरण करती है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने दिल्ली-एनसीआर के अपने उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत देते हुए पाइप के जरिये घरों में आपूर्ति की जाने वाली (पीएनजी) की कीमतों में नए साल पर कटौती की घोषणा की। दिल्ली में कितनी कीमत? कंपनी ने बुधवार को बताया कि नये साल से वह दिल्ली-एनसीआर में पीएनजी की कीमतों में 70 पैसे प्रति मानक घनमीटर (एससीएम) कम करेगी। कटौती के बाद दिल्ली के उपभोक्ताओं को पीएनजी की नई कीमत 47.89 रुपये प्रति एससीएम होगी। एनसीआर के शहरों में कितना देना होगा कीमतों में कटौती के बाद गुरुग्राम में पीएनजी की कीमत 46.70 रुपये प्रति एससीएम होगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में पीएनजी की कीमतें 47.76 रुपये प्रति एससीएम होगी। कंपनी ने नए साल का स्वागत करते हुए स्वच्छ ईंधन को आम लोगों के बजट के दायरे में लाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई है। PNGRB के ऐलान के बाद पहल कंपनी ने बताया कि कीमतों में यह पहल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) की ओर से हाल ही में गैस पाइपलाइन शुल्क व्यवस्था में किए गए बदलाव के बाद की गई है। बता दें कि प्राकृतिक गैस का उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक विनिर्माण, वाहन ईंधन और और घरेलू रसोई में किया जाता है। टैरिफ में किए थे बदलाव कीमतों में यह कमी सेक्टर रेगुलेटर पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (PNGRB) की ओर से पाइपलाइन टैरिफ में हाल ही में किए गए बदलाव के बाद सामने आई है। पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड ने बीते 16 दिसंबर को पीएनजी के लिए एक तर्कसंगत टैरिफ स्ट्रक्चर की घोषणा की थी। जारी बयान में कहा गया है कि 1 जनवरी से प्रभावी संशोधित टैरिफ से नेचुरल गैस ट्रांसपोर्टेशन के उपभोक्ताओं बड़ी राहत मिलेगी।

बुरहानपुर जल आवर्धन योजना से बदल रही तस्वीर

भोपाल  ताप्ती नदी आधारित ‘‘जल आवर्धन योजना’’ से बुरहानपुर शहर को एक आधुनिक, सुरक्षित और भरोसेमंद जल आपूर्ति प्रणाली मिली है। परियोजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और नगरपालिक निगम बुरहानपुर द्वारा किया गया है। बुरहानपुर शहर में बढ़ती जनसंख्या और बदलती जीवन शैली के बीच सुरक्षित पेयजल की आवश्यकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। बुरहानपुर शहर की जल वितरण अधोसंरचना पुरानी हो गई थी, जिससे जलापूर्ति ट्यूबवेलों लीकेज, गंदगी की मिलावट का खतरा था। गिरता भूजल स्तर जल की भविष्य की सुचारू उपलब्धता संकट था। 50 एमएलडी क्षमता का आत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र इन चुनौतियों को दूर करने के लिए ताप्ती नदी आधारित नई जलप्रदाय प्रणाली विकसित की गई है। इसके तहत एनीकट, इंटेकवेल और 50 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक जलशोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। जल शोधन संयंत्र में पानी को फिल्ट्रेशन क्लोरीनेशन और अन्य वैज्ञानिक प्रक्रियाओं से शुद्ध किया जाता है। स्काडा प्रणाली से गुणवत्ता और आपूर्ति की निरंतर निगरानी की जाती है। पानी की क्वालिटी की रोज़ाना मॉनिटरिंग के लिए डब्ल्यूटीपी में एक हाई-लेवल वॉटर टेस्टिंग लैब भी स्थापित की गई है। शुद्ध जल को 8 नए ओवरहेड टैंक और बेहतर पाइप नेटवर्क से शहर के प्रत्येक हिस्से तक पहुंचाया जा रहा है। 41 हजार घरों में मीटर युक्त नल कनेक्शन योजना के अंतर्गत पुराने और क्षतिग्रस्त पाइपों को हटाकर नया वितरण नेटवर्क बिछाया गया है। बुरहानपुर में लगभग 41 हजार घरों में मीटरयुक्त नल कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं, इससे लीकेज पर नियंत्रण हुआ है, जल के अपव्यय में कमी आई है और जल वितरण व्यवस्था अधिक सुचारु हुई है। वर्तमान में नगरवासियों को प्रति व्यक्ति लगभग 135 लीटर शुद्ध पेयजल प्रतिदिन मिल रहा है। बुरहानपुर में 275 ट्यूबवेल से जलापूर्ति की जा रही थी, नई प्रणाली से टैंकरों और ट्यूबवेल पर निर्भरता लगभग समाप्त हुई है। क्षेत्र में निरंतर गिरते भूजल स्तर के की समस्या का भी निराकरण होगा। योजना के क्रियान्वयन से लगभग 8 करोड़ की बचत होगी। अब तक नगर निगम द्वारा भूजल आधारित योजना के संचालन संधारण पर वार्षिक व्यय लगभग रूपये 10 से 12 करोड़ था। अब यह व्यय लगभग रूपये 4 करोड़ होगा। सतत सम्पर्क से संभव हुआ योजना का क्रियान्वयन प्रत्येक घर में पंजीकृत नल कनेक्शन सुरक्षित जल उपयोग, स्वच्छता, स्वास्थ्य और सामुदायिक जिम्मेदारी के प्रति स्थायी व्यवहार परिवर्तन की सोच के साथ, एमपीयूडीसी द्वारा व्यापक स्तर पर संपर्क किया गया। नवीन जल तंत्र में विश्वास को जगाना एक बड़ी चुनौती थी। इसके लिए घर-घर सर्वेक्षण, सामुदायिक परामर्श और फोकस समूह बैठकें और व्यापक सामाजिक आंकलन किया गया। परियोजना के पूर्ण होने के बाद जलजनित रोगों में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुरहानपुर जल आवर्धन योजना ने शहर को सुरक्षित, स्वच्छ और सतत् जल आपूर्ति की मजबूत नींव दी है। यह पहल स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण संरक्षण को मजबूती भी दे रही है।