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मस्जिद में विस्फोट के बाद सीरिया में फैल गया सांप्रदायिक तनाव, दर्जनों घायल और मरे

होम्स सीरिया के होम्स शहर में धार्मिक अल्पसंख्यक अलवी समुदाय के प्रदर्शनकारियों और विरोधी पक्ष के बीच झड़पों में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी। होम्स शहर में एक अलवी मस्जिद में नमाज के दौरान हुए बम धमाके में आठ लोगों की मौत और 18 लोगों के घायल होने की घटना के दो दिन बाद ये झड़प हुईं। हजारों प्रदर्शनकारी लजीकिया, तरतूस और अन्य स्थानों पर एकत्र हुए थे। सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने खबर दी है कि तरतूस क्षेत्र में थाने पर हथगोला फेंके जाने से सुरक्षा बलों के दो सदस्य घायल हो गए। वहीं लजीकिया में सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आग लगा दी गई। बाद में सरकारी समाचार एजेंसी सना ने खबर दी कि सुरक्षा बल का एक सदस्य गोलीबारी में मारा गया। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में तीन लोग मारे गए और 60 अन्य घायल हुए। अलवी संप्रदाय के लोगों को निशाना बनाना चाहते थे कट्टरपंथी अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि शुक्रवार के बम हमले में होम्स की मस्जिद में विस्फोटक उपकरण लगाए गए थे, लेकिन संदिग्ध की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। मृतकों के अंतिम संस्कार शनिवार को किए गए। खुद को सराया अंसार अल-सुन्ना कहने वाले कम चर्चित समूह ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक बयान में हमले की जिम्मेदारी ली, जिसमें यह संकेत दिया गया कि हमला अलवी संप्रदाय के सदस्यों को निशाना बनाने के लिए किया गया था। गाड़ियों में लगा दी गई आग  प्रदर्शन का आह्वान विदेश में रहने वाले अलवी शेख गजल गजल ने किया था। वह 'सुप्रीम अलवाइट इस्लामिक काउंसिल' के प्रमुख हैं। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के एक फोटोग्राफर ने लजीकिया में देखा कि सरकार समर्थक प्रतिपक्षी प्रदर्शनकारी अलवी प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंक रहे थे। सुरक्षा बलों ने दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की और उन्हें तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाईं। झड़पों में प्रदर्शनकारी घायल हुए, लेकिन यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि कितने लोग घायल हुए। सीरिया के सरकारी टेलीविजन ने खबर दी है कि तरतूस क्षेत्र में थाने पर हथगोला फेंके जाने से सुरक्षा बलों के दो सदस्य घायल हो गए। वहीं लजीकिया में सुरक्षा बलों की गाड़ियों में आग लगा दी गई।

रायपुर: सुशासन के दो साल पूरे, सीएम विष्णुदेव साय की अहम पहलें बनी चर्चा का विषय

रायपुर : सुशासन के दो साल – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात सौर सुजला योजना से जशपुर के 755 किसानों के जीवन में आई नई रोशनी…… रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है। दो वर्षो में जिले के 755 किसानों को मिली बड़ी राहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है। बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर, मुख्यमंत्री का जताया आभार जशपुर जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है। इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। कम लागत, अधिक उत्पादन — किसानों को मिला आत्मविश्वास मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। दो साल में दिखा सुशासन का असर बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।

हनुमंत कथा के चौथे दिन उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल, पं. धीरेंद्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद

रायपुर : हनुमंत कथा के चौथे दिवस उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा हुए शामिल, पं. धीरेंद्र शास्त्री से लिया आशीर्वाद रायपुर जयंती स्टेडियम में आयोजित पांच दिवसीय हनुमंत कथा के चौथे दिवस  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र शास्त्री की कथा में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा शामिल हुए।  उप मुख्यमंत्री शर्मा व्यासपीठ की आरती में भाग लेकर पं. धीरेंद्र शास्त्री से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, राजनांदगांव सांसद संतोष पाण्डेय तथा पूर्व सांसद सुसरोज पाण्डेय भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती की ओर से एवं राज्य सरकार की तरफ से वे पं. धीरेंद्र शास्त्री महाराज के चरणों में नमन और अभिनंदन करते हैं। उन्होंने कहा कि महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन से समाज में सकारात्मक चर्चा होती है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे जब भी महाराज के कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं, उन्होंने समाज में व्याप्त ऊंच-नीच के भेदभाव को दूर करने के लिए उनके सतत प्रयास देखे हैं। उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि पं. धीरेंद्र शास्त्री समाज में समरसता, एकता और देश को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। सनातन संस्कृति की प्रतिष्ठा और जन-जागरूकता के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना है कि महाराज का छत्तीसगढ़ में बार-बार आगमन हो और उनका मार्गदर्शन मिलता रहे।  उप मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी बात करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समापन के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है और इस दिशा में महाराज की चिंता रहती है और मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में पुनः महाराज के छत्तीसगढ़ आगमन की कामना की।

भीषण शीतलहर के चलते यूपी में 12वीं तक के स्कूल 1 जनवरी तक बंद, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

भीषण शीतलहर का कहर: यूपी में 12वीं तक के सभी स्कूल 1 जनवरी तक बंद, सीएम योगी के सख्त निर्देश गोरखपुर उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़े कदम उठाए हैं। सीएम ने प्रदेश के सभी बोर्डों (ICSE, CBSE और यूपी बोर्ड) के कक्षा 12वीं तक के स्कूलों को 1 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि शीतलहर के दौरान बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैदान में उतरें अफसर, सुनिश्चित करें व्यवस्थाएं मुख्यमंत्री ने शासन और प्रशासन के आला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्वयं क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर जमीनी हकीकत का जायजा लें। सीएम ने कहा कि भीषण ठंड को देखते हुए हर जिले के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव और कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 'कोई भी खुले में न सोए' मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों के संचालन को लेकर अधिकारियों को विशेष हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि:  * प्रदेश में कोई भी व्यक्ति कड़ाके की ठंड में खुले में सोने को मजबूर न हो।  * सभी रैन बसेरों में बिछौने, कंबल और साफ-सफाई समेत सभी आवश्यक सुविधाएं पुख्ता की जाएं।  * अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि जरूरतमंदों को समय पर राहत सामग्री और आश्रय प्राप्त हो।

दिल्ली में होगा नितिन नबीन का नया पता, नए साल से बदल जाएगा आशियाना

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन नए साल में पूरी तरह से दिल्ली शिफ्ट हो जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में उनके नए आशियाने की तलाश पूरी हो चुकी है और वह सुनेहरी बाग रोड स्थित बंगला नंबर 9 में रहने के लिए शिफ्ट होंगे. बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के बाद नितिन नबीन अपने नए आवास में प्रवेश करेंगे. उनके दिल्ली शिफ्ट होने को पार्टी के संगठनात्मक स्तर पर एक अहम कदम माना जा रहा है.   मकर संक्रांति के बाद बुलाई जा सकती है प्रदेश अध्यक्षों की बैठक सूत्रों का कहना है कि नितिन नबीन के दिल्ली शिफ्ट होते ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया में तेजी आएगी. पार्टी के अंदर इस बात की भी चर्चा है कि मकर संक्रांति के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर प्रदेश अध्यक्षों की एक अहम बैठक बुलाई जा सकती है. बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के तीसरे से चौथे हफ्ते के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है. नितिन नबीन को बीजेपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है.

कृषि और गैर कृषि आजीविका की संभावनाओं के अनुसार समूह से जोड़ने का मास्टर प्लान तैयार

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत घर-घर संपर्क कर समूह में जोड़ने की रणनीति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया कीर्तिमान गढ़ने की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश सरकार ने तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत एक वर्ष में एक करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में तैयार करने की व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश की महिलाएं केवल लाभार्थी न रहें, बल्कि आर्थिक प्रगति की भागीदार बनें। इसी सोच के तहत कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका मॉडल को मजबूती दी जा रही है, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आय के अवसर मिल सकें। आत्मनिर्भर बनेंगीं महिलाएं योगी सरकार उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के माध्यम से गांव-गांव महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने जा रही है। प्रशिक्षित टीमें घर-घर संपर्क कर महिलाओं को आजीविका से जोड़ने का काम करेंगी। इसकी पूरी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। महिलाओं को कृषि, पशुपालन, डेयरी, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, सूक्ष्म उद्योग और सेवा क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें तत्काल पूंजी सहायता और मार्केट सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है। सशक्त महिला, समृद्ध प्रदेश जब तक गांव-गांव घर-घर की महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत नहीं होगी, तब तक परिवार और समाज पूरी तरह से सशक्त नहीं हो सकता। इसी सोच के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को इस विजन को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने महिलाओं के लिए लखपति दीदी योजना को मिशन मोड में लागू करने के लिए निर्देशित किया है। अर्थव्यवस्था के साथ सामाजिक संरचना को भी मिलेगी मजबूती योगी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में महिलाएं न केवल स्वरोजगार अपनाएं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने वाली बनें। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीक, बाजार और वित्त चारो स्तरों पर ठोस व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब केवल योजनाओं का राज्य नहीं, बल्कि महिला नेतृत्व वाले विकास मॉडल का उदाहरण बनता जा रहा है। यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संरचना को भी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

भोपाल के यात्रियों को बड़ी राहत, विदिशा स्टेशन से नई ठहराव सेवा का शुभारंभ

भोपाल राजधानी और उसके आसपास के यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रेल मंत्रालय की पहल के तहत विदिशा, सांची और दीवानगंज स्टेशनों पर नई ट्रेनों का प्रायोगिक ठहराव शुरू किया गया है, जिससे क्षेत्रीय यात्रियों को यात्रा में सुविधाओं और समय की बचत दोनों मिलेगी। लंबी दूरी की यात्रा में आसानी माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा रेलवे स्टेशन पर इस ठहराव सेवा का शुभारंभ किया। यात्रियों की लंबे समय से यह मांग थी कि प्रमुख ट्रेनों का ठहराव इन स्टेशनों पर हो, ताकि उन्हें लंबी दूरी की यात्रा में आसानी हो और यात्रा का अनुभव और सुविधाजनक बने। अब यशवंतपुर-नई दिल्ली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, चेन्नई- श्री वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस और बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों का ठहराव इन स्टेशनों पर सुनिश्चित किया गया है।   इस अवसर पर विदिशा, सांची और कुरवाई के स्थानीय विधायक एवं नगर पालिका अध्यक्ष उपस्थित रहे। इस ठहराव सुविधा से न केवल यात्री आवागमन में सुविधाजनक होंगे, बल्कि क्षेत्र का सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास भी गति पाएगा। भोपाल और आसपास के यात्रियों के लिए यह कदम यात्रा अनुभव को सरल, सुरक्षित और समयबद्ध बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

हुड़दंगियों पर सख्ती: नए साल के जश्न में भोपाल पुलिस का ‘प्लान 31’, ड्रोन से होगी निगरानी

भोपाल नए साल के स्वागत के लिए अगर आप किसी गोपनीय फार्म हाउस पार्टी या बिना अनुमति वाले जश्न की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भोपाल पुलिस ने ''न्यू ईयर ईव'' के लिए एक ऐसा चक्रव्यूह तैयार किया है जिसे तोड़ना हुड़दंगियों और नियम तोड़ने वालों के लिए मुमकिन नहीं होगा। भोपाल पुलिस ने इसे प्लान 31 नाम दिया है। पार्टियों पर ड्रोन से नजर रखने की तैयारी कर ली गई है। जानकारी के मुताबिक न्यू ईयर सेलिब्रेशन के दौरान ड्रग्स, अवैध शराब और तेज आवाज में होने वाली पार्टियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। कोलार रोड, रातीबड़, मिसरोद, एयरपोर्ट रोड, नर्मदापुरम रोड सहित शहर के बाहरी इलाकों में चेकिंग प्वाइंट बनाए गए हैं।जिसमें करीब 22 प्वाइंट लगाए जाएगे।जिन पर थाना क्षेत्र के चुनिंदा पुलिस कर्मी निगरानी करेंगे। इंटरनेट मीडिया पर निगरानी क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें इंटरनेट मीडिया के अलग अलग- माध्यमों से अलग अलग ग्रुप पर नजर रखी जा रही है। बिना अनुमति के आयोजित होने वाली पार्टियों की जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। होटल, क्लब और ढाबा संचालकों को भी स्पष्ट हिदायत दी गई है कि नियमों का उल्लंघन होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्यू ईयर की रात शहर में अतिरिक्त बल तैनात रहेगा, पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। उद्देश्य साफ है।नया साल सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए। ड्रग्स पेडलर पर नजर क्राइम ब्रांच की टीमों की इस पर ड्रग्स पेडलर पर नजर रखेगी।जो किसी भी तरह से इन पार्टियों में मादक पदार्थ पहुंचाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए क्राइम ब्रांच ने अपनी तैयारियों पूरी कर ली है और अलग – अलग क्षेत्रों में अपने मुखबिरों को अलर्ट कर दिया गया है। नए साल को लेकर पुलिस की तैयारियां है, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई होगी।पार्टियों पर अलग – अलग तरह से निगरानी रखी जा रही है। – हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर, भोपाल

नियमों की अनदेखी कर आउटसोर्स भर्ती? MP की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

भोपाल स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत वित्तीय वर्ष 2024–25 एवं 2025–26 में प्रदेश के शासकीय अस्पतालों में कुल 18,653 पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां की जानी हैं। इन नियुक्तियों को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों का खुलेआम उल्लंघन आरोप है कि निजी एजेंसियों के जरिए की जा रही भर्तियों में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और धनबल के सहारे प्रक्रियाओं को प्रभावित किया जा रहा है। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष कोमल सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर तय मापदंडों और पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नजरअंदाज कर नियुक्तियां की जा रही हैं। योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं इससे योग्य उम्मीदवारों को अवसर नहीं मिल पा रहा है और पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लग रहे हैं। यदि इन नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ गंभीर खिलवाड़ होगा। मौजूदा व्यवस्था में पूंजी और प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम युवाओं और जरूरतमंद अभ्यर्थियों को दरकिनार किया जा रहा है।

आयुष्मान योजना में घोटाला उजागर: मरीजों को ICU में भर्ती बताकर क्लेम लेने वाले अस्पतालों पर सरकार का एक्शन

भोपाल मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के नाम पर सरकारी धन की लूट और मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पतालों के खिलाफ दक्ष आयुष्मान फ्रेमवर्क के तहत बड़ा शिकंजा कसा गया है। स्टेट हेल्थ एजेंसी ने जांच में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर प्रदेश के नौ अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं, नोटिस थमाए गए अन्य 28 अस्पतालों के भविष्य पर सोमवार को उनके जवाब के आधार पर फैसला लिया जाएगा। जांच में कई अस्पताल भौतिक रूप से बंद पाए गए, लेकिन आयुष्मान पोर्टल पर वे सक्रिय थे और लगातार क्लेम कर रहे थे। कुछ अस्पतालों में डॉक्टर केवल कागजों तक सीमित मिले, मौके पर एक भी विशेषज्ञ मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं मरीजों को जबरन आईसीयू में भर्ती दिखाकर सरकार से मोटी रकम ऐंठने का खेल भी उजागर हुआ है।   एआई और जांच ने पकड़ी चोरी इस बार फर्जीवाड़ा पकड़ने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया है। 'दक्ष आयुष्मान' मॉडल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित सिस्टम संदिग्ध डेटा का विश्लेषण करता है, जिसके बाद फील्ड टीम मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करती है। इसी व्यवस्था के तहत 57 अस्पतालों की जांच की गई, जिसमें से नौ में सिस्टमेटिक धोखाधड़ी मिलने पर उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया। इन नौ अस्पतालों पर गिरी गाज सस्पेंड किए गए अस्पतालों में भोपाल के अभिश्री हास्पिटल, एविसेना मल्टीस्पेशलिटी, आयुष हॉस्पिटल, कम्युनिटी वैल्यू स्पेशलिटी, दृष्टि आई केयर, करोंद मल्टीस्पेशलिटी, मैक्स मल्टीस्पेशलिटी, मुस्कान चिल्ड्रन हॉस्पिटल और भोपाल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर शामिल हैं। कई अस्पताल बंद होने के बावजूद क्लेम ले रहे थे। अस्पतालों में मिली ये मुख्य खामियां     दस्तावेजों की कमी : 17 अस्पतालों के पास जरूरी वैधानिक कागज नहीं थे।     इन्फ्रास्ट्रक्चर : 8 अस्पतालों में बेड और मशीनों की भारी कमी पाई गई।     सफाई और सुरक्षा : फायर एनओसी एक्सपायर होना और गंदगी मिलना आम बात रही।