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भोपाल मेट्रो सीमित सुविधाओं के साथ होगी लॉन्च, कई स्टेशन पर निर्माण जारी रहेगा

भोपाल लंबे इंतजार के बाद भोपाल मेट्रो का 21 दिसंबर को लोकार्पण किया जाएगा, लेकिन मेट्रो यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाएं आज भी नदादर है। जबकि मेट्रो प्रोजेक्ट की डीपीआर में यात्री सुविधाओं को शामिल किया गया। इनमें सबसे खास मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी और नेशनल कामन मोबिलिटी कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं आज भी कागजों में कैद है। चौकाने वाली बात यह है कि जमीनी स्तर पर इन सुविधाओं को शुरू करने के लिए अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। मेट्रो स्टेशन के नीचे एंट्री-एग्जिट स्टेशन पर सिर्फ साइकिल डेक, ड्रॉप ऑफ, पिक पाइंट जैसी बेसिक सुविधाओं के साथ भोपाल मेट्रो को पटरियों पर दौड़ाया जाएगा। यह देखकर कहना गलत नहीं होगा कि एमपी मेट्रो प्रबंधन ने लोकार्पण को मजाक बना दिया है। जबकि यात्रियों सुविधाओं को इसलिए ध्यान दिया जाता है, ताकि शहर के नागरिक अधिक से अधिक मेट्रो का उपयोग कर सकें, लेकिन जब मेट्रो तक पहुंचने के लिए कनेक्टिविटी ही नहीं होगी तो यात्री मेट्रो स्टेशन तक पहुंचेंगे कैसे। इसका खामियाजा आने वाले दिनों में मेट्रो प्रबंधन को भुगतना पड़ेगा। मेट्रो चलेगी, लेकिन यात्रियों को नहीं मिलेंगी ये सुविधाएं लोकार्पण के साथ मेट्रो तो चलेगी, लेकिन मेट्रो यात्रियों को यह सुविधाएं पहले दिन से नहीं मिलेंगी। इनमें सबसे खास स्टेशन पर मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के तहत आने वाली सुविधाएं हैं। जिनमें एलिवेटेड मेट्रो, आईटीपी, फीडर-बे, पार्किंग, बस-बे शामिल हैं। इन सुविधाओं के लिए मेट्रो यात्रियों को कम से कम दो से तीन महीने का इंतजार करना पड़ेगा। यह वह सुविधाएं हैं, मेट्रो स्टेशन से यात्रियों की कनेक्टिविटी को जोड़ती हैं । मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि एम्स मेट्रो स्टेशन पर पार्किंग के लिए जगह मिल गई है। जबकि आरकेएमपी मेट्रो स्टेशन पर रेलवे स्टेशन की पार्किंग का उपयोग करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। इसी तरह एमपी नगर में भी विकल्प देखे जा रहे हैं। बस इन्हीं सुविधाओं के साथ शुरू होगी मेट्रो लोकार्पण के बाद भोपाल मेट्रो बस इन्हीं सुविधाओं के साथ शुरू होगी। इनमें लिफ्ट, एस्केलेटर, सीढ़ी, एआइ सीसीटीवी, अत्याधुनिक प्रणाली, कोच में स्मार्ट लाइटिंग सिस्टम, मैनुअल टिकट, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए निर्धारित स्थान पर स्वचालित दरवाजे, कोच में आपातकालीन संपर्क और आपातकालीन द्वार, पुरुष, महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडरों के लिए शौचालय, यात्री सूचना प्रदर्शन प्रणाली, साइनेज, आडियो अनाउंसमेंट, कस्टममेर केयर सेंटर, साइकिल डेक, ड्राप आफ और पिक पाइंट की सुविधाओं के साथ मेट्रो शुरू होगी। बाहरी निर्माण कार्य दो माह तक चलते रहेंगे मेट्रो स्टेशनों के नीचे व आसपास चल रहे काम आगामी दो माह तक चलते रहेंगे। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि इन कामों के चलते मेट्रो के परिचालन में कोई दिक्कत नहीं आएगी। सभी स्टेशनों की गत दिवस धुलाई और सफाई का काम करवाया गया है।   एक बार में 750 यात्री कर सकेंगे यात्रा एम्स से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक एक बार में 750 यात्री मेट्रो में यात्रा कर सकेंगे। तीन कोच की इस ट्रेन के प्रत्येक कोच की क्षमता 250 यात्रियों की है। फिलहाल तीन कोच की एक मेट्रो ही अप-डाउन करेगी। यात्रियों की संख्या बढ़ने पर दो से तीन मेट्रो चलाई जा सकती हैं। इसके लिए मेट्रो प्रशासन तैयार है।

भोपाल मेट्रो बस से सस्ती पड़ेगी! फ्री ट्रायल के बाद कम किराया, जानें कैसे बनेगा यह सबसे किफायती विकल्प

भोपाल  भोपाल में बनने जा रही मेट्रो सिर्फ शहर की रफ्तार ही नहीं बढ़ाने वाली, बल्कि जेब पर भी हल्की पड़ने वाली है. ऐसा पहली बार हो सकता है कि एयर-कंडीशन्ड मेट्रो, शहर की बसों से भी सस्ती साबित हो जाए वो भी सिर्फ शुरुआती ऑफर में नहीं, बल्कि आने वाले महीनों तक. 21 दिसंबर से मेट्रो की यात्री सेवा शुरू होने जा रही है, और शुरुआत होगी एक हफ्ते के फ्री ट्रायल राइड्स के साथ. उसके बाद किराया धीरे-धीरे तीन हफ्तों में 25%, 50% और 75% तक बढ़ेगा. यानी शुरुआत में बेहद कम दाम और आगे भी जेब पर ज्यादा दबाव नहीं. अब बात बसों की BCLL का बस नेटवर्क पिछले दो साल से लगभग आधा ही चल रहा है. 220 बसें स्वीकृत हैं, लेकिन सड़क पर सिर्फ 50 से 90 के बीच ही दौड़ पा रही हैं. नतीजा ये है कि पूरे शहर का फीडर नेटवर्क कमजोर पड़ गया है और कई रूट सीधे-सीधे मेट्रो को सपोर्ट भी नहीं कर पा रहे हैं. सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई रूट पर डायरेक्ट बस ही नहीं मिलती जैसे सुभाष नगर से AIIMS भोपाल तक. TR-4B रूट तो सुभाष नगर डिपो से होकर जाता था, लेकिन करोंड रूट पर मेट्रो निर्माण की वजह से अब उसे डायवर्ट कर दिया गया है. बसें अब डिपो से गुजरती ही नहीं, बल्कि सीधे RoB पार करके बोर्ड ऑफिस/ISBT की तरफ चली जाती हैं. ऐसे में यात्रियों को बीच रास्ते में बस बदलनी पड़ती है, जिसका मतलब है दूसरा टिकट. अगर कोई यात्री AIIMS तक बस से जाना चाहे, तो लगभग 9 किमी की यात्रा में पहले 12 रुपये और फिर 9 रुपये देने पड़ते हैं यानी कुल 21 रुपये. इतना देकर भी पूरा सफर धीमा, भीड़भाड़ वाला और मौसम की मार झेलने वाला होगा. वहीं मेट्रो वही दूरी तेज़, स्मूथ और AC आराम में लगभग इतने ही या इससे कम किराये में तय करवा सकती है. यही वजह है कि मेट्रो लांच होते ही बस की तुलना में ज्यादा किफायती और प्रैक्टिकल विकल्प बनकर सामने आएगी. मेट्रो में अभी टोकन, बाद में कॉमन मोबिलिटी कार्ड शुरुआत में यात्रियों को फिजिकल टोकन लेने होंगे. स्टेशन में प्रवेश, कंकर्स पर टोकन लेना, सिक्योरिटी, रेल लेवल पर चढ़ना ये बेसिक प्रोसेस रहेगा. अभी स्मार्ट कार्ड या पास सिस्टम शुरू नहीं होगा. लेकिन जैसे ही मेट्रो का पूरा 16 किमी का करोंड AIIMS कॉरिडोर चालू होगा, कॉमन मोबिलिटी कार्ड लाया जाएगा. इससे मेट्रो और शहर की बस दोनों का किराया एक ही कार्ड से, कैशलेस तरीके से UPI से भी दे सकेंगे. MPMRCL जल्द ही किराया संरचना की आधिकारिक घोषणा करेगा, लेकिन फिलहाल संकेत हैं कि इंदौर मेट्रो की तरह 10 से 20 रुपये तक का किराया रखा जा सकता है. यात्रियों के लिए खास इंतज़ाम हर कोच में 4 सीटें महिलाओं के लिए और 2 सीटें दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित होंगी. यानी शुरुआत भले ही साधारण टोकन सिस्टम से हो, लेकिन आने वाले महीनों में भोपाल की मेट्रो यात्रा और भी स्मार्ट, तेज़ और सस्ती होने वाली है.

महाकालेश्वर मंदिर में ड्रेस कोड लागू, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए नया नियम प्रभावी

उज्जैन  उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में नए साल 2026 से एक बड़ा और व्यवस्था बदलने वाला नियम लागू हो गया है। मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि सभी पुजारी, पुरोहित और उनके प्रतिनिधियों को ड्रेस कोड का पालन करना होगा। उन्हें अपना आईडी प्रदर्शित करना होगा। यह नियम सुरक्षा, अनुशासन और उनकी स्पष्ट पहचान सुनिश्चित करने के लिए लागू किया जा रहा है। जानें क्यों उठाया ये कदम? बता दें कि पिछले कुछ समय से महाकाल मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या लगातार बढ़ी है। खासतौर पर त्यौहारों, विशेष अवसरों और सामान्य दिनों में भी उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ की वजह से कई बार सुरक्षा एजेंसी कर्मचारियों को पहचानना मुश्किल हो जाता था। कई बार गैर रजिस्टर्ड लोग भी खुद को मंदिर का सेवक या प्रतिनिधि बताकर मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश कर चुके हैं। ऐसे मामलों से निपटने के लिए मंदिर समिति अब सख्त व्यवस्था लागू कर रही है। किस पर लागू होगा ये नया नियम ड्रेस कोड का ये नया नियम केवल मंदिर के पुजारियों और पुरोहितों समेत उनके प्रतिनिधियों और मंदिर सेवकों के लिए ही लागू किया जा रहा है। -16 रजिस्टर्ड पुजारी – 22 पुरोहित – 45 प्रतिनिधि (इनमें एजेंट/सहयोगी भी शामिल) कैसी होगी ड्रेस मंदिर प्रशासन एक मानक पोशाक तय कर रहा है। जिसमें रंग, डिजाइन और पहनने का तरीका एकदम समान होगा। ताकि भीड़ में भी इन्हें तुरंत पहचाना जा सके। ये ड्रेस इनकी परम्परा से मेल खाती हो, इसका विशेष ध्यान रखते हुए ड्रेस कोड लागू किया जा रहा है। ID कार्ड भी अनिवार्य -आईडी कार्ड मंदिर प्रशासन की ओर से जारी किए जाएंगे -ताकि अधिकृत व्यक्तियों की पहचान आसान हो सके -फर्जी प्रतिनिधियों पर लगेगी रोक – सुरक्षा व्यवस्था के लिए जरूरी कदम यहां करें महाकाल भस्म आरती के दर्शन जानें क्या कहती है मंदिर समिति? मामले में महाकालेश्वर उज्जैन मंदिर समिति सदस्यों का कहना है कि महाकाल मंदिर की गरिमा, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाने की तैयारी की है। नए साल में हर पुजारी, पुरोहित तय नियम में ही सेवा दे पाएगा। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर में रियल एस्टेट में आया बड़ा उछाल, नवंबर में 43% अधिक रजिस्ट्री, पिछले साल से बेहतर प्रदर्शन

इंदौर  मध्य प्रदेश का आर्थिक शहर इंदौर अब रियल एस्टेट के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड तोड़ रहा है। नवंबर 2025 में इंदौर जिले में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पिछले साल की तुलना में 43 प्रतिशत तक बढ़ गया। शहर के चारों उप पंजीयन कार्यालयों में यह तेजी साफ नजर आई, जिनमें सबसे ज्यादा उछाल इंदौर-4 में दर्ज किया गया। कुल मिलाकर अप्रेल से नवंबर 2025 तक जिले में पिछले साल की तुलना में 1091 रजिस्ट्रियां ज्यादा हुई हैं। नवंबर महीने में जिले में कुल 14,140 संपत्तियों का पंजीयन हुआ, जबकि नवंबर 2024 में यह संख्या 9905 थीं। इसमें इंदौर-1 में पिछले साल की तुलना में 1262 अधिक रजिस्ट्रियां हुईं। इंदौर-2 में 822, इंदौर-3 में 934 और इंदौर-4 में रिकॉर्ड 1225 रजिस्ट्रियों का उछाल देखने को मिला। यह रुझान बताता है कि खरीदारों का भरोसा अब भी मजबूत है और बाजार की गति तेज होती जा रही है। इंदौर 2, 3 और 4 में खरीद-बिक्री बढ़ी अप्रेल से नवंबर की अवधि में जिले में कुल 1,12,588 दस्तावेज पंजीकृत हुए, जबकि पिछले साल यह संख्या 1,11,497 थी। इंदौर-2, इंदौर-3 और इंदौर-4 क्षेत्रों में खरीद-बिक्री बढ़ी है, वहीं इंदौर-1 में कुछ गिरावट दर्ज की गई। बावजूद पूरे जिले में प्रॉपर्टी बाजार ने पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। विशेषज्ञों ने बताई प्रॉपर्टी खरीद में तेजी की वजह इंदौर में प्रॉपर्टी खरीद में आई इस तेजी के कई कारण माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शहर में लगातार होती इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, नए मार्गों और रिंग रोड के विस्तार, मेट्रो प्रोजेक्ट की प्रगति और सुदृढ़ होती कनेक्टिविटी ने रियल एस्टेट को मजबूती दी है। प्रॉपर्टी बाजार बढ़ने के कई और भी कारण 1- रोजगार, स्टार्टअप और आइटी कंपनियों में तेजी शहर में आइटी पार्क, स्टार्टअप इकॉनमी और मल्टीनेशनल कंपनियों की मौजूदगी ने युवाओं और प्रोफेशनल्स का आवागमन बढ़ाया है। इससे मकान, फ्लैट और कमर्शियल स्पेस की मांग लगातार बढ़ रही है। 2- लगातार विकसित होता इंफ्रास्ट्रक्चर सुपर कॉरिडोर, रिंग रोड, बीआरटीएस, मेट्रो प्रोजेक्ट, नए फ्लाइओवर और कनेक्टिविटी में सुधार ने शहर को निवेशकों के लिए और आकर्षक बना दिया है। 3- सेफ और ग्रोथ-ओरिएंटेड सिटी की छवि स्वच्छता में लगातार देश का नंबर-1 शहर रहने से लोगों का विश्वास बढ़ा है। बाहर से आने वाले परिवार इंदौर में बसना पसंद कर रहे हैं, जिससे मकान और प्लॉट की खरीद बढ़ी है। 4- निवेशकों का भरोसा, रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट ज्यादा शहर में प्रॉपर्टी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन फिर भी मेट्रो शहरों की तुलना में सस्ती दरें मिलती हैं। यही कारण है कि लोग इसे लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के रूप में सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। 5- नई टाउनशिप, हाई-राइज और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की भरमार सुपर कॉरिडोर, पीथमपुर रोड, स्कीम नंबर 94, 114 और बायपास क्षेत्रों में बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट तेजी से विकसित हो रहे हैं। नई टाउनशिप्स की बढ़ती संख्या से लोगों को सुविधाजनक और प्रीमियम आवास विकल्प मिल रहे हैं।

1952 में नेहरू ने कराया था देश का पहला SIR, अमित शाह का बड़ा बयान

नई दिल्ली  लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सदन में इस चर्चा के लिए न बोलने का सबसे बड़ा कारण यह है कि वे (विपक्ष) विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर चर्चा मांग रहे थे। एसआईआर पर इस सदन में चर्चा नहीं हो सकती, क्योंकि एसआईआर की जिम्मेदारी भारत के चुनाव आयोग की है। भारत का चुनाव आयोग और चुनाव आयुक्त, ये सरकार के तहत काम नहीं करते हैं। अगर चर्चा होती, और कुछ सवाल किए जाते तो इसका जवाब कौन देगा? अमित शाह ने कहा कि सबसे पहला एसआईआर 1952 में हुआ। उस समय कांग्रेस पार्टी से देश के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे।  दूसरा एसआईआर 1957 में हुआ। उस समय भी कांग्रेस पार्टी से प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे। तीसरा एसआईआर 1961 में हुआ। उस समय भी कांग्रेस पार्टी से प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे। 1965-66 में एसआईआर हुआ, उस समय भी कांग्रेस से लाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री थे। 1983-84 में एसआईआर हुआ, उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। 1987-89 में एसआईआर हुआ, उस समय प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे। 1992-95 में एसआईआर हुआ, उस समय प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव थे। 2002-03 में एसआईआर हुआ, उस समय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे। 2004 में एसआईआर समाप्त हुआ, उस समय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह थे। अमित शाह ने चुनाव आयोग की शक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग का गठन, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, इन सभी चुनावों का संपूर्ण नियंत्रण चुनाव आयोग को दिया गया है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 326 में मतदाता की पात्रता, योग्यता, और मतदाता होने की शर्तें तय की गई हैं। सबसे पहली शर्त है, मतदाता भारत का नागरिक होना चाहिए, विदेशी नहीं होना चाहिए। ये (विपक्ष) कह रहे हैं कि चुनाव आयोग एसआईआर क्यों कर रहा है? अरे, उसका (चुनाव आयोग) दायित्व है, इसलिए करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के संविधान के अनुच्छेद 324 से चुनाव आयोग की रचना हुई। चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है। संविधान में चुनाव आयोग का गठन, उसकी शक्तियां, चुनावी प्रक्रिया, मतदाता की परिभाषा और मतदाता सूची को तैयार करने तथा उसे सुधारने का प्रावधान किया गया, और प्रावधान जब किया गया तब हमारी पार्टी बनी ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 327 के तहत, मतदाता सूची तैयार करने, परिसीमन करने और चुनाव कराने की जिम्मेदारियां, जिसमें संबंधित कानून की सिफारिश करने का अधिकार भी शामिल है, चुनाव आयोग को सौंपी गई हैं। गृह मंत्री ने कहा कि हाल ही में, एक कांग्रेस नेता ने दावा किया कि चुनाव आयोग को एसआईआर कराने का कोई अधिकार नहीं है। हालांकि, अनुच्छेद 327 की व्याख्या के अनुसार, चुनाव आयोग को इस उद्देश्य के लिए मतदाता सूची तैयार करने का पूरा अधिकार है।

लोकसभा में कंगना का हंगामा: विपक्ष पर सीधे आरोप—‘बैलट बॉक्स उठाकर भाग जाते थे’

नई दिल्ली  लोकसभा में 10 दिसंबर को चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपनी मुखर प्रतिक्रिया दी। विपक्ष द्वारा ईवीएम में गड़बड़ी और चुनाव प्रक्रिया में संभावित धांधली के आरोपों पर जवाब देते हुए कंगना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ईवीएम हैक नहीं करते, बल्कि लोगों के दिलों को हैक करते हैं। कंगना रनौत ने अपने भाषण में राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष बार-बार पुराने जमाने के मतदान की बात करता है और दावा करता है कि पुराने तरीके सबसे अच्छे थे, जबकि वास्तव में उस समय भी धांधली होती थी। कंगना ने कहा, “ये लोग दुहाई देते हैं कि पुराने जमाने का मतदान सबसे अच्छा होता था। उस वक्त धांधली होती थी, ये लोग बॉक्स उठाकर ले जाते थे।” कंगना ने विपक्ष पर किया तीखा हमला भाजपा सांसद ने कहा कि विपक्ष सदन में हर दिन एसआईआर, एसआईआर कर हंगामा करता है। उन्होंने कहा, “दिल दहल जाता था इनको देखकर, कल राहुल गांधी जी जब बोल रहे थे, बार-बार वही खादी में धागा है, धागे से कपड़ा है, करते रहे। अंत में वह ले देकर विदेशी महिला की फोटो पर आ गए। वह खुद कई बार कह चुकी हैं कि कभी भारत नहीं गई हूं। उनकी तस्वीर का प्ले कार्ड में इस्तेमाल किया। उनके पर्सनालिटी राइट्स का भी ध्यान नहीं रखा। इसके लिए मैं संसद की तरफ से माफी मांगती हूं।” कंगना ने अपने भाषण में यह स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी पर विपक्ष के आरोप निराधार हैं और चुनाव आयोग तथा लोकतंत्र के प्रति जनता का भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत है। वन नेशन-वन इलेक्शन पर कंगना की राय कंगना रनौत ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव कराने से न केवल आर्थिक नुकसान होता है बल्कि प्रशासनिक असुविधाएं भी बढ़ती हैं। कंगना ने इसे लोकतंत्र का उत्सव बताकर इसे एकसाथ मनाने और लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी अपने चरित्र में मर्यादा नहीं रखती और बार-बार असंतोष फैलाती रहती है।   कंगना ने कहा, “वन नेशन, वन इलेक्शन लागू होने से बार-बार चुनाव कराने की असुविधा और आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है। इसे लोकतंत्र का उत्सव बनाना चाहिए और इसे लागू करने की सख्त जरूरत है।”  

पर्यटन और सुशासन को गति देने दिल्ली में शुरू हुआ बड़ा मिशन: रेखा गुप्ता का बयान चर्चा में

नई दिल्ली  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि राजधानी की वैश्विक छवि का पुनर्निर्माण करने और पर्यटन को मजबूत करने के लिए बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि काफी समय से लंबित व्यवस्थागत समस्याओं का समन्वित शासन के माध्यम से अंततः समाधान किया जा रहा है। गुप्ता ने कहा कि ‘विकसित दिल्ली, विकसित पर्यटन' की परिकल्पना दिल्ली को ऐसी विश्व स्तरीय राजधानी के रूप में स्थापित करने की सरकार की नयी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो पर्यटकों में भरोसा पैदा करती हो। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से स्वीकृतियों की बहुलता जैसी पुरानी समस्याओं ने दिल्ली की आर्थिक और पर्यटन क्षमता को धीमा कर दिया था, लेकिन शासन में बेहतर तालमेल के कारण अब ये बाधाएं दूर हो रही हैं। गुप्ता ने यहां एक शिखर सम्मेलन में मीडिया से कहा, ‘‘आज हम इन समस्याओं का समाधान कर सकते हैं क्योंकि भाजपा तीनों स्तरों पर सरकार में है। इस मुकाम तक पहुंचने में हमें 27 साल लग गए। हमारे पास लंबे समय से चली आ रही कठिनाइयों को दूर करने का अंतत: अब अवसर है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘लोगों और व्यवस्था की समस्याओं को पूरी तरह समझते हैं।'' गुप्ता ने हाल में हुए प्रशासनिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार ने प्रतिष्ठानों के लिए पुलिस लाइसेंस समाप्त कर दिए हैं और वह अब तृतीय-पक्ष ऑडिट के माध्यम से अग्नि सुरक्षा लाइसेंस जारी करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस बदलाव का उद्देश्य एकाधिकार को समाप्त करना और देरी को कम करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम व्यवस्था को सरल बनाने के लिए काम कर रहे हैं ताकि व्यवसाय और पर्यटन क्षेत्र अनावश्यक बाधाओं के बिना विकसित हो सकें।''   

Vivo के 200MP कैमरे वाले फोन्स की सेल शुरू, ₹3167 में मिलेगा शानदार स्मार्टफोन

 नई दिल्ली वीवो ने भारतीय बाजार में अपने दो फ्लैगशिप फोन्स- Vivo X300 और Vivo X300 Pro को लॉन्च किया है. इन स्मार्टफोन्स को अब आप खरीद सकते हैं. इनकी सेल आज यानी 10 दिसंबर से शुरू हुई है. दोनों ही फोन्स दमदार कैमरा कॉन्फिग्रेशन के साथ आते हैं. इनमें प्रीमियम डिजाइन और पावरफुल परफॉर्मेंस मिलेगी. इन डिवाइसेस को आप फ्लिपकार्ट, ऐमेजॉन, वीवो के आधिकारिक स्टोर और दूसरे प्लेटफॉर्म्स से खरीद सकते हैं. ऑनलाइन के साथ ही ये फोन्स ऑफलाइन मार्केट में भी उपलब्ध होंगे. आइए जानते हैं इनकी कीमत और दूसरी खास बातें.  कितनी है कीमत?  Vivo X300 को कंपनी ने तीन कलर और तीन कॉन्फिग्रेशन में लॉन्च किया है. फोन का बेस वेरिएंट 12GB RAM + 256GB स्टोरेज के साथ 75,999 रुपये में आता है. वहीं 12GB RAM + 512GB स्टोरेज वाले वेरिएंट को आप 81,999 रुपये में खरीद सकते हैं, जबकि 16GB RAM + 512GB स्टोरेज वाला टॉप वेरिएंट 85,999 रुपये का है. ये फोन समिट रेड, मिस्ट ब्लू और एलिट ब्लैक में आता है. वहीं Vivo X300 Pro की कीमत 1,09,999 रुपये है, जिसमें आपको 16GB RAM + 512GB स्टोरेज मिलता है. ये फोन एलिट ब्लैक और ड्यून गोल्ड में आता है.  क्या हैं लॉन्च ऑफर्स?  कंपनी इन फोन्स पर लॉन्च ऑफर भी दे रही है. इसके तहत 10 परसेंट का कैशबैक SBI, HDFC, कोटक, IDFC फर्स्ट और यस बैंक के कार्ड्स पर मिल रहा है. आप Vivo X300 सीरीज को नो-कॉस्ट EMI पर खरीद सकते हैं. ऑफर के तहत स्मार्टफोन 3,167 रुपये मंथली EMI पर जीरो डाउन पेमेंट के साथ मिलेंगे. फोन पर एक्सचेंज ऑफर भी मिल रहा है.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  Vivo X300 में 6.31-inch का AMOLED डिस्प्ले मिलता है. फोन Mediatek Dimensity 9500 प्रोसेसर पर काम करता है. इसमें 200MP + 50MP + 50MP का ट्रिपल रियर कैमरा और 50MP का फ्रंट कैमरा मिलता है. हैंडसेट को पावर देने के लिए 6040mAh की बैटरी दी गई है, जो 90W की चार्जिंग सपोर्ट करती है.  वहीं Vivo X300 Pro में 6.78-inch का AMOLED डिस्प्ले मिलता है. इसमें भी Mediatek Dimensity 9500 प्रोसेसर दिया गया है. फोन Android 16 पर काम करता है. इसमें 50MP + 200MP + 50MP का ट्रिपल रियर और 50MP का फ्रंट कैमरा मिलेगा. ये फोन 6510mAh की बैटरी और 90W चार्जिंग के साथ आता है.

रायपुर : मंत्री अग्रवाल ने लुंड्रा विधायक प्रबोध मिंज से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना एवं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की

रायपुर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे लुंड्रा विधायक  प्रबोध मिंज से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। मंत्री  अग्रवाल ने विधायक के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।  इस मुलाकात के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल और महिला बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े भी मौजूद थे। उन्होंने विधायक प्रबोध मिंज के स्वास्थ्य सुधार की प्रक्रिया पर डॉक्टरों से चर्चा की और उनके शीघ्र स्वस्थ होकर विधानसभा में लौटने की कामना की है।

अनंत अंबानी को अंतरराष्ट्रीय सम्मान: वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान के लिए मिला ग्लोबल अवॉर्ड

नई दिल्ली  वन्यजीव संरक्षण और पशु कल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए अनंत अंबानी को अमेरिका में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में ‘ग्लोबल ह्यूमैनिटेरियन अवॉर्ड फॉर एनिमल वेलफेयर’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें वनतारा के जरिए जानवरों के बचाव, इलाज, पुनर्वास और संरक्षण में उनके नेतृत्व के लिए दिया गया।   अनंत अंबानी इस सम्मान को पाने वाले सबसे युवा और पहले एशियाई व्यक्ति बन गए हैं। इससे पहले यह अवॉर्ड अमेरिकी राष्ट्रपतियों जॉन एफ. कैनेडी और बिल क्लिंटन सहित हॉलीवुड हस्तियों और कई वैश्विक नेताओं को दिया जा चुका है। इस अवॉर्ड समारोह में दुनियाभर के वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ और पशु कल्याण से जुड़े नेता शामिल हुए। इस सम्मान से विज्ञान-आधारित संरक्षण पहलों और विश्वभर में संवेदनशील प्रजातियों की रक्षा के लिए किए जा रहे अनंत के सतत प्रयासों को मान्यता मिली है। ग्लोबल ह्यूमन सोसाइटी ने बताया कि यह अवॉर्ड उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिनकी आजीवन प्रतिबद्धता पशुओं और प्रकृति पर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव डालती है। वनतारा को मिली वैश्विक मान्यता: अनंत अंबानी को यह सम्मान जामनगर (गुजरात) में स्थापित उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘वनतारा’ के लिए दिया गया। वनतारा दुनिया के सबसे बड़े और व्यापक वन्यजीव बचाव, उपचार, पुनर्वास तथा संरक्षण केंद्रों में से एक है। दुनिया के लिए एक मिसाल है यह मॉडल : डॉ. रॉबिन ग्लोबल ह्यूमन सोसाइटी की अध्यक्ष और सीईओ डॉ. रॉबिन गैंजर्ट ने अनंत अंबानी और वनतारा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वनतारा सिर्फ एक रेस्क्यू सेंटर नहीं, बल्कि जानवरों के इलाज, देखभाल और संरक्षण- तीनों को एक साथ जोड़ने वाला एक अनूठा मॉडल है। वनतारा ने यह दिखाया है कि बड़े पैमाने पर जानवरों की मदद कैसे की जा सकती है और यही मॉडल अब दुनिया के लिए एक मिसाल बन चुका है। पशु हमें संतुलन और संवेदनशीलता सिखाते हैं : अनंत अवॉर्ड लेने के बाद अनंत अंबानी ने कहा कि यह सम्मान मुझे ‘सर्वभूत हित’ यानी सभी जीवों की भलाई के रास्ते पर और मजबूती से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जानवर हमें जीवन में संतुलन और संवेदनशीलता सिखाते हैं। उन्होंने कहा कि वनतारा के जरिए हमारा मकसद हर जीव को सम्मान, देखभाल और एक बेहतर जिंदगी देना है। हमारे लिए संरक्षण भविष्य की बात नहीं, बल्कि आज की जिम्मेदारी है।