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माओवादी डंप से बरामद ₹20 लाख लापता, दो DSP पर गंभीर आरोप; विभाग में हड़कंप

कांकेर  जिले में माओवादी डंप से बरामद 20 लाख रुपये गायब होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार मार्च-अप्रैल 2026 में मुरगांव क्षेत्र के जंगलों में माओवादी डंप की तलाश के दौरान करीब 20 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी। आरोप है कि बरामद रकम को सरकारी खाते में जमा कराने के बजाय तत्कालीन दो डीएसपी ने आपस में बांट लिया। मामले की जानकारी एसपी तक पहुंचने के बाद जांच कराई गई, लेकिन जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। टोडेमरका और मरकाकोनारी के जंगलों में हुई थी बरामदगी बताया गया कि तत्कालीन डीएसपी अपनी टीम के साथ मुरगांव के आश्रित ग्राम टोडेमरका और मरकाकोनारी के जंगलों में डंप की तलाश के लिए निकले थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान टोडेमरका जंगल से करीब 15 लाख और मरकाकोनारी से करीब पांच लाख रुपये बरामद हुए थे। कुल मिलाकर करीब 20 लाख रुपये की नकदी मिलने की बात सामने आई है। जांच के बाद भी रिपोर्ट नहीं आई सामने बरामद रकम के बंटवारे को लेकर अब तत्कालीन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि नियमानुसार रकम को सरकारी खाते में जमा किया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इधर मामले में एसपी के संज्ञान में आने के बाद आंतरिक जांच कराई गई, मगर उसकी रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। इससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है। 22 करोड़ की अफवाह से हड़कंप इधर डंप से 20 लाख की जगह 22 करोड़ रुपये मिलने की अफवाह भी फैली हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह चर्चा जोरों पर है कि बरामद रकम 20 लाख से कहीं ज्यादा थी। वहीं स्थानांतरण के बाद विभाग में मामले की फिर से चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर विभाग ने इस पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है।

महिला पहलवानों की अपील पर बृजभूषण सिंह को नोटिस, 9 अक्टूबर तक मांगा जवाब

नई दिल्ली  दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने यौन शोषण के मामले में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली चार महिला पहलवानों की याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को नोटिस जारी किया है. स्पेशल जज दिग्विजय सिंह ने मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को करने का आदेश दिया है।  चार महिला पहलवानों ने राऊज एवेन्यू कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट के 3 अगस्त के आदेश को सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है. महिला पहलवानों ने कहा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश गलत है और यह फैसला चुनिंदा साक्ष्यों के आधार पर दिया गया है. याचिका में कहा गया कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी की है. बता दें कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 3 अगस्त को अपने आदेश में पीड़ित महिला पहलवानों की ओर से लंबे समय तक चुप करने और आरोपियों से सामान्य संबंध जारी रहने के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी करने का आदेश दिया था. इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से दाखिल चार्जशीट में भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354डी, 354ए और 506 (1) के तहत आरोप लगाए गए थे।  सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह की ओर से कहा गया था कि 7 सितंबर 2022 को घटना वाले दिन वह भारत में नहीं था. बृजभूषण के वकील राजीव मोहन ने कहा था कि ओवरसाइट कमेटी की रिपोर्ट दिल्ली पुलिस कमिश्नर को केंद्र सरकार ने भेजी थी. राजीव मोहन ने कहा था कि महिला पहलवानों का पहला विरोध प्रदर्शन 18 जनवरी 2023 को जंतर-मंतर पर था. 19 जनवरी 2023 को एक पहलवान ने सरकार से मुलाकात की और कहा कि मैं अपना मामला सरकार के सामने रखना चाहता हूं. सुनवाई के दौरान महिला पहलवानों की ओर से वकील रेबेका जॉन ने कहा था कि ओवर साइट कमेटी नियमों के हिसाब से नहीं बनाई गई थी. उन्होंने कहा था कि जिन आरोपों के तहत चार्जशीट दाखिल हुई उसी के तहत आरोपी के खिलाफ आरोप तय होने चाहिए। 

खुली मिठाइयों पर भी होगी ‘यूज बाई डेट’, यूपी में 15 अक्टूबर से नया नियम

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और हितों को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नई व्यवस्था लागू किया है। अब राज्य में 15 अक्टूबर से विक्रय के लिए प्रदर्शित एवं भंडारित मिठाइयों पर ‘यूज बाई डेट’ यानी उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था विशेष रूप से खुली मिठाइयों को लेकर महत्वपूर्ण है, जिनके संबंध में अब तक उपयोग की अंतिम तिथि प्रदर्शित करने का कोई अनिवार्य प्रविधान नहीं था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की आयुक्त रोशन जैकब द्वारा जारी आदेश के अनुसार अलग-अलग मिठाइयों की उपयोग अवधि एक दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है। विभाग का मानना है कि मिठाई की यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होने से उपभोक्ता को यह जानकारी मिल सकेगी कि संबंधित खाद्य पदार्थ का सेवन किस अवधि तक किया जाना उचित है। इससे खाद्य पदार्थ की ताजगी और गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ता अधिक जागरूक निर्णय ले सकेगा। वर्तमान व्यवस्था के तहत पैक्ड मिठाइयों पर अवसान तिथि अथवा ‘यूज बाई डेट’ अंकित किया जाना अनिवार्य है। हालांकि, खुली मिठाइयों के संबंध में इस प्रकार की जानकारी प्रदर्शित करने का कोई स्पष्ट अनिवार्य प्रविधान नहीं था। दूध प्रसंस्करण में एथिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल पर रोक उत्तर प्रदेश में दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की प्रसंस्करण इकाइयों में एथिलीन ग्लाइकोल और डाई एथिलीन ग्लाइकोल के प्रयोग पर रोक लगा दी गई है। निरीक्षण में पता चला कि कुछ दुग्ध प्रसंस्करण प्रतिष्ठानों में पाश्च्युरीकरण, प्रशीतन आदि प्रक्रियाओं में एथिलीन ग्लाइकोल अथवा डाई एथिलीन ग्लाइकोल का इस्तेमाल कूलेंट के रूप में किया जा रहा है। ये रसायन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। प्रसंस्करण उपकरणों में लीकेज होने पर इनके दूध में मिल जाने की आशंका को देखते हुए इनके इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। इसके स्थान पर प्रोपिलीन ग्लाइकोल का इस्तेमाल किया जा सकता है, जिसका उपयोग कई दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों द्वारा पहले से किया जा रहा है।

झारखंड में 79.2% सड़क हादसे गंभीर, लगातार दूसरे साल देश में तीसरा स्थान

रांची सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता के मामले में झारखंड लगातार दूसरे वर्ष देश में तीसरे स्थान पर रहा है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट 'Road Accidents in India 2023-24' के अनुसार वर्ष 2023 में झारखंड में 78.5 प्रतिशत सड़क हादसे गंभीर श्रेणी के रहे. वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 79.2 प्रतिशत रहा. मिजोरम पहले स्थान पर और बिहार दूसरे स्थान पर रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में 90.6 प्रतिशत गंभीर सड़क हादसों के साथ मिजोरम पहले स्थान पर और 80.6 प्रतिशत के साथ बिहार दूसरे स्थान पर रहा. वर्ष 2024 में मिजोरम 93.2 प्रतिशत के साथ पहले, बिहार 80.5 प्रतिशत के साथ दूसरे और झारखंड 79.2 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा. 2024 में देश में 1.77 लाख से अधिक मौतें रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में देशभर में सड़क हादसों में 1,72,890 लोगों की मौत हुई थी. वर्ष 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,77,175 हो गया. झारखंड में वर्ष 2023 में सड़क हादसों में 4,173 लोगों की मौत हुई, जबकि वर्ष 2024 में 4,114 लोगों की जान गयी. सबसे अधिक युवा हादसों की चपेट में आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में सड़क हादसों में मरने वालों में 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों की हिस्सेदारी 5.7 प्रतिशत रही. 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग की हिस्सेदारी 19.3 प्रतिशत, 25 से 35 वर्ष की 23.2 प्रतिशत, 35 से 45 वर्ष की 21.6 प्रतिशत और 45 से 60 वर्ष की 17.2 प्रतिशत रही. सड़क सुरक्षा संगठनों ने परिवहन सचिव को लिखा पत्र राज्य में सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता पर चिंता जताते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़े संगठनों 'राइजअप' और 'लाइफ सेवर्स, रांची' ने परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन को पत्र लिखा है. पत्र पर राइजअप के सदस्य ऋषभ आनंद तथा लाइफ सेवर्स, रांची के सदस्य विशाल एच शाह, मोहित चोपड़ा, पराग श्रीवास्तव और अतुल गेरा के हस्ताक्षर हैं. सड़क सुरक्षा समिति बनाने का निर्देश पत्र में मार्च 2022 में गठित सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशों का उल्लेख किया गया है. संगठनों के अनुसार प्रत्येक जिले में जिला सड़क सुरक्षा समिति बनाने का निर्देश दिया गया था. सीमित समीक्षा में राज्य के कई जिलों में इन निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं होने की बात कही गयी है. पत्र में यह भी बताया गया है कि 26 मार्च 2017 की अधिसूचना के तहत सड़क सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों के क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग में लीड एजेंसी का गठन किया गया था. संगठनों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने की मांग की है.

बेटियों के नए बिजनेस आइडिया को मिलेगा बढ़ावा, बिहार लाएगा ‘बेटी स्टार्टअप चैलेंज’

 पटना  राज्य सरकार पहली बार बेटियों के लिए नए आइडिया के आधार पर स्टार्टअप स्कीम लांच करने की तैयारी में है। इसकी जवाबदेही उच्च शिक्षा विभाग को दी गई है और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर विभाग ने बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव में नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया के आधार पर सरकार की ओर से 50 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक का अनुदान प्रविधान किया गया है। भविष्य में अनुदान में बढ़ोतरी का भी प्रस्ताव है। प्रस्तावित योजना पर वित्त विभाग से सहमति लेने के बाद उसे राज्य मंत्रिमंडल के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद चालू वित्तीय वर्ष में ही इस नई योजना को लागू किया जाएगा। बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के मौके पर बेटियों को उद्यमी बनाने के लिए नई पहल करते हुए बेटी स्टार्टअप योजना शुरू करने की घोषणा की थी। शिक्षा विभाग ने तैयार किया प्लान उच्च शिक्षा विभाग के एक बजट अधिकारी ने बताया कि बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का प्रारुप तैयार है। इसे बिल्कुल नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसकी पात्रता/योग्यता भी निर्धारित की गई है। आवेदक बिहार की स्थायी निवासी होनी चाहिए। उसकी आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए। नई योजना के तहत मुख्य रूप से उन आइडियाज को प्राथमिकता दी जाएगी जो व्यावहारिक हों और बाजार में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकें। नई योजना का क्रियान्वयन उच्च शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग मिलकर करेगा। महत्वपूर्ण बात यह कि राज्य में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली स्टार्टअप की यह पहली योजना होगी। इतना ही नहीं, राज्य में केवल बालिकाओं के लिए भी स्टार्टअप की यह पहली योजना होगी। इससे बेटियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यह पहल बेटियों को केवल रोजगार तलाशने वाली नहीं, बल्कि नवाचार, आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन के माध्यम से प्रदेश के विकास में नई भूमिका निभाएंगी। नया आइडिया और नवाचार संबंधी प्रस्ताव को चयन में प्राथमिकता मिलेगी योजना का मानदंड कुछ इस तरह तैयार किया गया है, जिसमें स्टार्टअप के लिए बिल्कुल नया आइडिया और नवाचार संबंधी प्रस्ताव को चयन में प्राथमिकता मिलेगी। इस प्रकार स्टार्टअप शुरू करने की इच्छुक बेटियों के लिए अपना प्रस्ताव तैयार करने में चैलेंज भी होगा। इसमें चुनौती यह होगी कि उनके स्टार्टअप का प्रस्ताव वास्तविक जिंदगी से जुड़ा हो। क्योंकि, योजना का उद्देश्य बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें केवल नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला (उद्यमी) बनाना भी है। बेटियों द्वारा जमा किए जाने वाले स्टार्टअप प्रोजेक्ट प्रस्ताव के मूल्यांकन के लिए कमेटी होगी। इसमें उच्च शिक्षा विभाग को उद्योग विभाग का सहयोग होगा।

7,934 अंक के साथ तेजस्विन शंकर को कांस्य, 1500 मीटर में दर्ज की शानदार जीत

नागोया  तेजस्विन शंकर ने एशियाई खेलों की डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। अब वह अमेरिका जाकर छात्रों की कॉपियां चेक करेंगे। हालांकि, उन्हें सिल्वर मेडल न जीत पाने का मलाल रहेगा। पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाले तेजस्विन ने रविवार को 7,934 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। जापान के युमा मुरुयामा ने 8,123 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के चेन एक्स ने 8,012 अंक जुटाकर रजत पदक अपने नाम किया। मुरुयामा ने पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। तेजस्विन ने निराशा भरे अंदाज में कहा, 'कांस्य वह पदक नहीं था, जिसे मैं जीतना चाहता था। मुझे इस कांस्य के सिलसिले को खत्म करना होगा। इस समय मैं काफी निराश हूं। मुझे नहीं लगता कि मैंने कांस्य जीता है, बल्कि मैंने रजत गंवाया है।' दिल्ली के 27 वर्षीय एथलीट ने 10 स्पर्धाओं वाली डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा 1500 मीटर दौड़ 4:33.09 के समय के साथ जीती। उन्होंने मुरुयामा (4:33.92) को पीछे छोड़ा। हालांकि, 1500 मीटर के नतीजे का पदकों पर खास असर नहीं पड़ा, क्योंकि इससे पहले ही मुरुयामा स्वर्ण पदक के लिए पर्याप्त अंक हासिल कर चुके थे। स्वर्ण का लक्ष्य नहीं था तेजस्विन जानते थे कि स्वर्ण पदक उनकी पहुंच से बाहर है, लेकिन 1500 मीटर दौड़ के दौरान उनके दिमाग में फरवरी में चीन में हुई एशियाई इंडोर चैंपियनशिप की हेप्टाथलॉन स्पर्धा के दौरान मुरुयामा से 1000 मीटर दौड़ में मिली हार चल रही थी। इंडोर चैंपियनशिप में सात स्पर्धाएं होती है। तेजस्विन ने कहा, 'उस समय बात पदक की नहीं थी, बल्कि इस बात की थी कि युमा ने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में आखिरी एक किलोमीटर में मुझे हरा दिया था। सोशल मीडिया पर उस दौड़ की रील काफी चलती है। जब भी मैं वह रील देखता हूं, मुझे लगता है कि स्वर्ण जीतने के बावजूद मैं उस एक किलोमीटर में उसे नहीं हरा सका। इसलिए 1500 मीटर की पूरी दौड़ के दौरान जब वह मुझसे आगे था, मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि मुझे उसे पकड़ना है। आखिर में मैं उसे वही जवाब दूंगा, जो उसने उस दिन मुझे दिया था।' रेस जीतने से खुश तेजस्विन ने 1500 मीटर दौड़ जीतने पर संतोष जताया। उन्होंने लंबी कूद और ऊंची कूद में भी जीत हासिल की। उन्होंने कहा, 'वह पूरी दौड़ में आगे था। उसने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में भी ऐसा ही किया था। मुझे पता था कि कब बढ़त लेनी है और मैंने बिल्कुल वही किया। 1500 मीटर में अपने प्रदर्शन से मैं काफी संतुष्ट था।' एशियाई खेलों से पहले तेजस्विन ने तीन डेकाथलॉन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था। इनमें ग्लास्गो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स भी शामिल थे, जहां उन्होंने कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में हेप्टाथलॉन में भी हिस्सा लिया था। उनका मानना है कि इस साल एक प्रतियोगिता ज्यादा हो गई। उन्होंने कहा, 'मुरुयामा ने अप्रैल में एक डेकाथलॉन में हिस्सा लिया और फिर मई में एक और प्रतियोगिता में उतरे, हालांकि वह उसे पूरा नहीं कर सके। यह उनका दूसरा डेकाथलॉन था। ये चीजें मायने रखती हैं। मैं 30 जनवरी से लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहा हूं। मैं किसी को दोष नहीं दे रहा। इस साल मैंने चार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। मैं खुश हूं कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने मुझे राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप से हटने की अनुमति दी।' तेजस्विन ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया मई में फेडरेशन कप के दौरान 8,057 अंक का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले तेजस्विन इस बार उस आंकड़े के करीब नहीं पहुंच सके, लेकिन पूरे सत्र में उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा। उन्होंने कहा, 'इस साल मेरी हर डेकाथलॉन में 7,900 से अधिक अंक रहे हैं। यह अपने आप में मेरे सुधार को दर्शाता है। एक बड़े प्रदर्शन से ज्यादा महत्वपूर्ण निरंतरता है। अब मुझे 8,300 अंक तक पहुंचने के लिए 300 और अंक जुटाने होंगे और अगले साल विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करना होगा। यही मेरी अगली चुनौती है।' अमेरिका में कॉपी चेक करेंगे तेजस्विन प्रतियोगिता खत्म होने के बाद तेजस्विन अब अमेरिका लौटकर अपनी पढ़ाई और शिक्षण संबंधी जिम्मेदारियां संभालेंगे। वह अमेरिका की कंसास स्टेट यूनिवर्सिटी के काइन्सियोलॉजी विभाग में स्नातक शिक्षण सहायक हैं। साल के बाकी महीनों में कुछ आराम करने के बाद वह अपनी यह जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा, 'मैं मंगलवार को अमेरिका वापस जा रहा हूं। मेरी विश्वविद्यालय की जिम्मेदारियां हैं। मैं ‘टीचिंग असिस्टेंट’ हूं और मुझे विद्यार्थियों के ‘असाइनमेंट’ जांचने हैं। मैं एक सप्ताह से अपने छात्रों से नहीं मिला हूं, इसलिए मुझे वापस जाकर काम शुरू करना होगा।' जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कंसास के अपने छात्रों के लिए आदर्श बन सकते हैं, तो तेजस्विन ने कहा, 'बिल्कुल नहीं। मुझे किसी के लिए आदर्श बनने की परवाह नहीं है। अगर कोई मेरी प्रशंसा करना चाहता है तो यह ठीक है।'

पर्यटन से आगे बढ़ेगा जैसलमेर, रेल कनेक्टिविटी और 5.5 GW ऊर्जा निकासी से बदलेगी तस्वीर

जैसलमेर थार की अर्थव्यवस्था अब केवल किले, रेगिस्तान और पर्यटन तक सीमित नहीं है। रेल नेटवर्क का विस्तार, सीमा तक मजबूत होती सड़कें, बड़े स्तर पर अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं और बिजली निकासी का ढांचा जैसलमेर की आर्थिक भूमिका को नया आकार दे रहा है। जैसलमेर पर्यटन केंद्र के साथ परिवहन, ऊर्जा और सीमा कनेक्टिविटी के बड़े क्षेत्रीय नेटवर्क का हिस्सा बन रहा है। रेल : पर्यटन केंद्र से परिवहन नेटवर्क तक जैसलमेर रेलवे स्टेशन का करीब 140 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास पूरा हो चुका है। स्टेशन पर 36 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स, छह मीटर चौड़ा ऊपरी पैदल पुल, पार्किंग, प्लेटफॉर्म शेल्टर, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। करीब 67 करोड़ रुपए के कोच केयर कॉम्प्लेक्स का भी शुभारंभ हो चुका है। रेल मंत्रालय के अनुसार इससे ट्रेनों की रखरखाव क्षमता बढ़ेगी और अधिक ट्रेनों के संचालन में मदद मिलेगी। साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का जैसलमेर तक विस्तार किया गया और 23 मई 2026 से साबरमती-जैसलमेर दैनिक सुपरफास्ट सेवा शुरू हुई। वहीं रामदेवरा-पोकरण के बीच 13.38 किलोमीटर नई रेल लाइन की स्वीकृत लागत 189.21 करोड़ रुपए है और परियोजना की लक्ष्य तिथि मार्च 2028 है। यह रामदेवरा-पोकरण क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली नई कड़ी है। ऊर्जा : थार की जमीन से बड़े बिजली बाजार तक जैसलमेर-पोकरण क्षेत्र में अक्षय ऊर्जा विस्तार आर्थिक बदलाव का दूसरा बड़ा आधार है। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार फलोदी-पोकरण सोलर पार्क की कुल क्षमता 750 मेगावाट है, जिसमें 450 मेगावाट कमीशन हो चुकी है। फतेहगढ़ फेज-1बी की क्षमता 1,500 मेगावाट है, जिसमें 1,496 मेगावाट कमीशन हो चुकी है। इस तरह दोनों परियोजनाओं की कुल परियोजना क्षमता 2,250 मेगावाट और कमीशन क्षमता 1,946 मेगावाट है। बिजली उत्पादन के साथ उसे ग्रिड तक पहुंचाने का ढांचा भी महत्वपूर्ण है। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के दस्तावेज में राजस्थान अक्षय ऊर्जा क्षेत्र फेज-4 के 5.5 गीगावाट जैसलमेर-बाड़मेर कॉम्प्लेक्स से बिजली निकासी से जुड़ी ट्रांसमिशन व्यवस्था दर्ज है। इसलिए 5.5 गीगावाट को ट्रांसमिशन क्षमता कहना सही नहीं होगा; यह इतनी अक्षय ऊर्जा की निकासी से जुड़ी व्यवस्था है। सीमा : रणनीतिक सड़क से आर्थिक कनेक्टिविटी तक म्याजलार-जैसलमेर और सुंदर-म्याजलार-अंबासिंह की ढाणी मार्ग के 134 किलोमीटर हिस्से के दो-लेन पेव्ड-शोल्डर उन्नयन की आधारशिला रखी गई है। वहीं तनोट-रामगढ़-जैसलमेर और मोकल-सरकारितला मार्ग के 191 किलोमीटर हिस्से का दो-लेन पेव्ड-शोल्डर उन्नयन पूरा हो चुका है। एनएचएआई के अनुसार इन परियोजनाओं से सीमा तक रक्षा पहुंच मजबूत होने के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और परिवहन में भी सुधार होगा। असली सवाल : जैसलमेर की अर्थव्यवस्था में कितना पैसा रहेगा? बड़े प्रोजेक्ट आर्थिक बदलाव की शुरुआत हैं, अंतिम परिणाम नहीं। असली असर तब दिखेगा, जब निर्माण और संचालन से स्थानीय युवाओं को रोजगार, परिवहन कारोबार को काम, होटल-रेस्तरां को ग्राहक, मरम्मत-आपूर्ति कारोबार को बाजार और छोटे उद्यमों को नई मांग मिले। बेहतर रेल पहुंच पर्यटन कारोबार का दायरा बढ़ा सकती है। ऊर्जा परियोजनाएं तकनीकी सेवाओं, रखरखाव और आपूर्ति क्षेत्र में अवसर बना सकती हैं। सीमा सड़कें परिवहन और लॉजिस्टिक्स को गति दे सकती हैं। इन तीनों का साझा असर जैसलमेर की अर्थव्यवस्था को पर्यटन से आगे ले जाने की क्षमता रखता है। विकास का दूसरा गणित : पानी, जमीन और पर्यावरण विस्तार के साथ चुनौतियां भी बढ़ेंगी। ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भूमि, बिजली निकासी के लिए मजबूत ग्रिड और संचालन के लिए कुशल मानव संसाधन जरूरी होंगे। पर्यटन और शहरी गतिविधियां बढ़ने पर पानी, कचरा प्रबंधन और विरासत संरक्षण का दबाव भी बढ़ सकता है।

SIR में मतदाताओं को राहत, दस्तावेज लेने घर आएंगे BLO; जरूरत पर होगी ऑनलाइन सुनवाई

रांची राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाताओं को दस्तावेज देने या सुनवाई के लिए अब निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) कार्यालय का चक्कर लगाना नहीं पड़ेगा। उन्हें अनावश्यक भीड़ की परेशानी से भी जूझना नहीं होगा। अब बीएलओ उन मतदाताओं के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करेंगे, जिन्हें दावा-आपत्ति चरण में नोटिस भेजा गया है। विशेष परिस्थितियों में आनलाइन सुनवाई होगी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने रविवार को सभी जिलों में एसआइआर से संबंधित पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा यह व्यवस्था की गई है कि विशेष परिस्थितियों को छोड़कर नोटिस की सुनवाई के लिए मतदाताओं को ईआरओ कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लाजिकल डिस्क्रेपेंसी के संबंध में नोटिस जारी किया गया है, उनके घर पर बीएलओ द्वारा स्वयं जाकर आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर ईसीआइनेट पर अपलोड किए जाएंगे, ताकि ईआरओ द्वारा नियमानुसार निर्णय लिया जा सके। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि आवश्यकतानुसार बीएलओ को घर-घर सत्यापन के दौरान बीएलओ सुपरवाइजर के द्वारा सहयोग किया जाएगा। वैसे बीएलओ जो तकनीकी रूप से ईसीआइनेट पर दस्तावेज को अपलोड करने में कमजोर हैं, उनकी सहायता के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार वालेंटियर एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मतदाताओं को पूर्व में नोटिस की सुनवाई के लिए निर्धारित स्थल पर आने की सूचना दी जा चुकी है और वे स्वयं सुनवाई स्थल पर पहुंचते हैं, तो ऐसी स्थिति में वहां संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध रहें। कोई भी मतदाता सुनवाई के लिए आए और उसे संबंधित पदाधिकारी उपलब्ध न मिले, ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए। सुनवाई के लिए किसी को अधिकृत भी कर सकेंगे मतदाता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा कि जिन व्यक्तियों को अनमैप्ड अथवा लाजिकल डिस्क्रेपेंसी सूची में नोटिस प्राप्त है, उन्हें सामान्यतः ईआरओ/एईआरओ कार्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल असाधारण परिस्थितियों में ईआरओ के निर्णयानुसार सुनवाई आयोजित की जाएगी। यह सुनवाई भी आनलाइन होगी। आवश्यकता पड़ने पर निर्वाचक द्वारा परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में उपस्थित होने के लिए अधिकृत किया जा सकेगा। साथ ही, जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनलाइन सुनवाई की सुविधाओं को सुदृढ़ एवं पर्याप्त रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करेंगे। आश्रय स्थलों में रहनेवाले लोगों के लिए विशेष शिविर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी आवश्यकतानुसार रात्रि आश्रय स्थलों में रहने वाले व्यक्तियों, श्रमिकों, गरीब, बेघर एवं अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पर्याप्त संख्या में हेल्प डेस्क/विशेष शिविर आयोजित करना सुनिश्चित करें। इसके साथ-साथ आउटरीच प्रोग्राम के तहत मतदाताओं को फार्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में जोड़ने एवं वर्तमान में मतदाताओं से प्राप्त फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 द्वारा प्राप्त आवेदनों का डिजिटाइजेशन करें। 30 को खत्म हो रहा दावा-आपत्ति का चरण दावा आपत्ति का चरण 30 सितंबर को खत्म हो रहा है। हालांकि संभावना जताई जा रही है कि एक बार फिर इसकी तिथि बढ़ सकती है। बताते चलें कि इससे पहले दो बार इसकी तिथि बढ़ाई गई है। अबतक मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 6.15 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, 4.12 लाख आवेदन सुधार के लिए प्राप्त हुए हैं।  

CM सम्राट चौधरी की नई पहल, डैशबोर्ड पर दिखेगा बिहार सरकार के कामकाज का पूरा ब्योरा

 पटना  मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार अब अपनी उपलब्धियों और विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति को संकल्प पोर्टल पर दर्ज करेगी। इसके लिए पोर्टल विकसित किया जा रहा। सरकार की ओर से लिए गए संकल्पों, घोषणाओं और उनके क्रियान्वयन की वस्तुस्थिति उसी एक प्लेटफार्म पर प्रदर्शित होगी। इससे विभागों के कामकाज की निगरानी अपेक्षाकृत सहज होगी और सरकार की उपलब्धियों का दस्तावेज भी बनता जाएगा। बहरहाल, सरकार का जोर योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर है। यह पोर्टल उसका एक उपादान होगा। इसके माध्यम से विभागवार उपलब्धियों को व्यवस्थित रूप से संकलित किया जाएगा। समय-समय पर इसकी समीक्षा भी होगी। इससे मुख्यमंत्री और शीर्ष स्तर पर योजनाओं की प्रगति की निगरानी आसान होगी। सरकार की ओर से हाल के महीनों में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और जनहित से जुड़े कार्यों को भी इसमें सम्मिलित किया जाएगा। विभागों के प्रदर्शन का होगा आकलन संकल्प पोर्टल पर सरकार की प्रमुख योजनाओं, लिए गए निर्णयों और निर्धारित लक्ष्यों के साथ वास्तिवक प्रगतिका ब्योरा होगा। विभागों को अपने स्तर से संबंधित सूचनाएं और उपलब्धियां पोर्टल पर दर्ज करनी होंगी। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस विभाग ने किस क्षेत्र में कितनी प्रगति की है और कौन से लक्ष्य पूरे किए गए हैं। योजनाओं की चाल से अवगत होगी जनता अभी विभिन्न विभागों से उपलब्धियों का ब्योरा जुटाने की प्रक्रिया चल रही है। उसके बाद पोर्टल पर नियमित रूप से सूचनाएं अपडेट की जाएंगी। यह अभिनव पहल जन-सापेक्ष होगा, क्योंकि इसके जरिये नागरिकों को भी सरकार की योजनाओं की गति और उपलब्धियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी एक प्लेटफार्म पर मिल जाएगी। डैश-बोर्ड पर बिहार गति से लेकर पत्राचार तक पोर्टल के डैश-बोर्ड पर 10 विंडो होंगे। उनके जरिये बिहार गति, फ्लैगशिप ग्रीन/फील्ड प्रोजेक्ट, मुख्यमंत्री की घोषणाएं, मंत्रिमंडल के निर्णय आदि की जानकारी मिलेगी। इसके अतिरिक्त सौ दिन का रिपोर्ट कार्ड, वीआइपी के साथ जन-प्रतिनिधियों के पत्र के आधार पर मुख्यमंत्री द्वारा कराए गए कार्य का ब्योरा भी होगा। राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को लेकर हुई पहल के अतिरिक्त मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र (तारापुर) की प्रगति संबंधित विंडो भी होगा। सहयोग कार्यक्रम में आए आवेदन से संबंधित जानकारी भी इस पर दर्ज होगी।

रोहित शर्मा बस की सीढ़ियों से गिरे, सपोर्ट स्टाफ ने तुरंत संभाला; चोट की पुष्टि नहीं

नई दिल्ली वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में भारतीय टीम की शानदार जीत के बाद तिरुवनंतपुरम से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। 27 सितंबर 2026 की रात ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में मैच खत्म होने के बाद जब भारतीय टीम होटल लौट रही थी, तब पूर्व कप्तान रोहित शर्मा टीम बस की सीढ़ियों से उतरते वक्त संतुलन खो बैठे और जोर से नीचे गिर गए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रोहित का पैर सीढ़ी से फिसल गया, जिसके बाद वहां मौजूद सपोर्ट स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत दौड़कर उन्हें उठाया और संभाला। राहत की बात यह है कि BCCI या रोहित शर्मा की ओर से किसी भी तरह की चोट की पुष्टि नहीं की गई है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विराट कोहली रोहित शर्मा को लेकर काफी चिंता में आ गए और बाकि अन्य खिलाड़ी जीत का जश्म मना रहे थे। दो महीने बाद वनडे फॉर्मेट में रोहित की हुई है वापसी 39 साल के दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने दो महीने के लंबे ब्रेक के बाद वनडे प्रारूप में वापसी की है। इससे पहले उन्होंने 19 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ अपना आखिरी वनडे खेला था। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों की वनडे टीम में वापसी हुई है। भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से रौंदा तिरुवनंतपुरम में खेले गए सीरीज के पहले वनडे में भारत ने वेस्टइंडीज पर 8 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज कर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कैरेबियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए जस्टिन ग्रीव्स के शतक, जॉन कैंपबेल और अमिर जांगू के अर्धशतकों की मदद से 50 ओवर में 295/7 का स्कोर बनाया। भारत के लिए कुलदीप यादव ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट चटकाए। 296 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने कप्तान शुभमन गिल (110) और विराट कोहली (139)* के शानदार शतकों की बदौलत बेहद आसानी से 8 विकेट से मुकाबला जीत लिया। सीरीज का आगे का शेड्यूल शुभमन गिल की कप्तानी और केएल राहुल की उप-कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम अब सीरीज के अगले दो मुकाबलों के लिए तैयार है। 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में दूसरा मुकाबला और 3 अक्टूबर 2026 में न्यू चंडीगढ़ में तीसरा वनडे खेला जाएगा। 3 वनडे मैचों की सीरीज खत्म होने के बाद 17 अक्टूबर तक दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की T20I सीरीज भी खेली जाएगी।