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‘पाकिस्तान अपनी हद में रहे’ गंज शहीदां मस्जिद मुद्दे पर जरदारी को बनारस से कड़ा जवाब

वाराणसी वाराणसी में काशी स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदां मस्जिद को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की पाकिस्तान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कोशिश की है। जरदारी ने इसे लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। जरदारी का पोस्ट सामने आते ही मुस्लिम समाज की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। जरदारी पर मुस्लिम धर्मगुरु भड़क गए हैं। उन्होंने कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी हद में रहे। यह भारत और बनारस का आंतरिक मामला है। कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। कोर्ट के फैसले को हम सभी मानेंगे। मस्जिद को लेकर जरदारी ने क्या लिखा पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने पोस्ट में कहा है कि भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों, जिनमें वाराणसी की 1,000 साल पुरानी मस्जिद गंज शहीदां भी शामिल है, को गिराए जाने से अराजकता फैलेगी। उन्होंने ऐसी कार्रवाइयां तुरंत रोकने को कहा है। यह भी कहा है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा की जानी चाहिए। मुफ्ती-ए-बनारस ने दी नसीहत इस पोस्ट के सामने आने के बाद काशी में मुस्लिम धर्मगुरु और समुदाय के लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। कहा कि पाकिस्तान अपने देश में झांके। वहां मस्जिदों में बम से हमले होते हैं। वह अपने मसले सुलझाए, हमारे आंतरिक मामले में दखलअंदाजी न करें। मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि यह हमारा आंतरिक मामला है। किसी दूसरे को इसमें हस्ताक्षेप करने की जरूरत नहीं है। पाकिस्तान अपने देश को देखे। हमारे यहां क्या हो रहा है उसमें दखल देने की जरूरत नहीं है। भारत की न्याय प्रणाली पर हमें भरोसा है। कोर्ट से हमें राहत मिलेगी। यासीन बोले- कोर्ट पर हमें भरोसे अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव डॉ. एसएम यासीन ने कहा कि पाकिस्तान की मस्जिदों में बम से हमले होते हैं। वे लोग पहले उसे रोकें। हमारे मामले में हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। हम लोग कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। हमें उम्मीद है कि कोर्ट से हमारी जीत जरूर होगी। मुस्लिम पक्ष का दावा – मस्जिद सन् 1034 में बनी, 1883-84 के बंदोबस्ती नक्शे में भी दर्ज अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद के संयुक्त सचिव एसएम यासीन का दावा है कि मस्जिद को लेकर रेलवे प्रशासन ने नोटिस जारी किया है। नोटिस पर न ही किसी अधिकारी का दस्तखत है और न ही जारी करने की तारीख है। जिस मुकदमे के खारिज होने की बात इसमें लिखी है, वह मस्जिद के बाहर पूरब की जमीन से सम्बन्धित था। मस्जिद से इस मुकदमे का कोई सम्बन्ध नहीं था या है। यह नोटिस भ्रामक है। इसी मुकदमे में रेलवे प्रशासन ने अपने शपथ-पत्र मे मस्जिद का होना और मुसलमानों की मिल्कियत तस्लीम किया है। उन्होंने बताया कि यह मस्जिद सन् 1034 में बनी है। 1883-84 के बंदोबस्त नक्शे में भी उल्लेख है। उससे पहले के नक्शे में भी है। राजघाट में रेलवे 1887 में आई है। साबित है कि रेलवे से पहले की मस्जिद है। रेलवे का दावा : नोटिस की अवधि खत्म वहीं, गंज शहीदां मस्जिद को हटाने के लिए उत्तर रेलवे प्रशासन की ओर से दी गई नोटिस की अवधि शनिवार को खत्म हो गई। रेलवे के मुताबिक काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार की तरफ (सर्कुलेटिंग एरिया के पास) रेलवे भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण हुआ हैं। यह काशी रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य (मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट) में बाधक है। इस सम्बंध में मूलवाद संख्या-1174/1991 अंजुमन इंतेजामिया बनाम यूनियन आफ इंडिया न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिविजन) शहर वाराणसी के न्यायालय में चल रहा था। जिसे कोर्ट ने 28 अगस्त 2024 को खारिज कर दिया था। रेल अधिकारियों के मुताबिक इसके बाद इंतेजामिया कमेटी को ऊपर की अदालत में जाने की सलाह भी दी गई लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच, यहां मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत लगभग 350 करोड़ से विकास कार्य शुरू हो गए। इसी परियोजना में गंगा कॉलोनी का ध्वस्तीकरण भी होना है, जहां यह मस्जिद है। इसके चलते रेलवे प्रशासन ने अपनी भूमि पर बनी मस्जिद को अवैध बताते हुए इसे हटाने का निर्णय लिया। नोटिस में इंतेजामिया कमेटी से अनुरोध किया गया है कि वे 20 जून तक इसे अवश्य हटा लें अन्यथा रेलवे प्रशासन किसी भी दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। अधिकारियों की मानें तो जिला प्रशासन, पुलिस समेत अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर अगली कार्रवाई की जाएगी। क्या बोले पुलिस आयुक्त वहीं पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल का कहना है कि गंज शहीदां मस्जिद के मुद्दे पर पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक्स पर पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर नजर रखी जा रही है। पोस्ट पर क्या प्रतिक्रिया आ रही है, यह देखा जा रहा है। देशद्रोही तत्व या माहौल बिगाड़ने वाले इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे व्यक्ति को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।

‘रोग और बुढ़ापे से बचना है तो योग अपनाइए’ योग दिवस पर सीएम योगी का संदेश

लखनऊ 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पूरा उत्तर प्रदेश योगमय हो गया है। प्रदेश के सभी जिलों में जगह-जगह योग के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सुबह-सुबह लोग घरों से निकले और पार्कों, खेल मैदानों, शिक्षण संस्थाओं और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर योग करते नज़र आए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी में योग किया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर रविवार को प्रदेश भर में मंत्रियों, नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में आमजन ने भी योगाभ्यास किया। रानी लक्ष्मीबाई के शहर झांसी केू लिए यह दिन बेहद खास रहा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर ‘स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग’ थीम के तहत किले की प्राचीर पर सजे योग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगासन किया। उन्होंने करीब 45 मिनट तक अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार सहित अन्य योग क्रियाएं कर झांसीवासियों को नियमित योग के माध्यम से निरोग रहने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जिसका शरीर योग से तपकर सशक्त हुआ है, वहां न रोग है और न ही बुढ़ापा। यदि रोग, बीमारी और बुढ़ापे से बचना है तो योग को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाना होगा। मुख्यमंत्री के साथ योग कर बुंदेलखंड के लोग भी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 5:45 बजे सर्किट हाउस से रवाना हुए और 5:55 बजे किले की तलहटी स्थित परिसर में पहुंचे। सुबह 6 बजे योगाभ्यास शुरू हुआ। उनके साथ लखनऊ से आए प्रशिक्षक अभिषेक मिश्रा, सुधीर प्रजापति, अनुसया नरवरे सहित अन्य प्रशिक्षक मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री को योगाभ्यास कराया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की ऐतिहासिक नगरी झांसी की धरती पर इस कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। योगाभ्यास से पहले उन्होंने कहा कि भगवान शिव से शुरू हुई इस परंपरा को विभिन्न कालखंडों में योगियों ने पूरी दुिया तक पहुंचाया। हालांकि एक समय ऐसा भी आया जब लोग इसे लगभग विस्मृत कर चुके थे। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने भारत की इस महान विरासत और परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया। इससे 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री के प्रयासों के कारण आज देशवासी अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि यदि रोग, बीमारी और बुढ़ापे से बचना है तो योग को नियमित रूप से अपनी जीवनशैली और कार्यशैली का हिस्सा बनाना होगा।

महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारत की असली परीक्षा आज, दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी हरमन ब्रिगेड

नई दिल्ली भारतीय महिला क्रिकेट टीम के गेंदबाजी कोच अविष्कार साल्वी ने दावा किया है हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली टीम अब पूरी तरह बदल चुकी है। कोच साल्वी का मानना है कि यह टीम हर देश और हर टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए भूखी है। टीम इंडिया ने इंग्लैंड एंड वेल्स में जारी आईसीसी महिला टी20 विश्व कप में अपने दोनों मैच जीते हैं, जिसमें उसने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 64 रनों से और नीदरलैंड को 95 रनों से हराया है। हालांकि, भारतीय टीम की असली परीक्षा आज यानी रविवार 21 जून से शुरू होगी, क्योंकि आज भारतीय टीम का सामना दक्षिण अफ्रीका से होना है और फिर 28 जून को हरमन की टीम को ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना होगा। इसके बीच एक साधारण मुकाबला भी है, जो 25 जून को बांग्लादेश के खिलाफ है। साल्वी ने कहा कि हरमनप्रीत की कप्तानी वाली टीम अब अधिक आत्मविश्वास से भरी है, विशेषकर पिछले साल घरेलू मैदान पर एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय विश्व कप जीतने के बाद। साल्वी ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच से पहले कहा, ''पिछले ढाई साल से इस सिस्टम का हिस्सा रहने के दौरान मैंने देखा है कि यह टीम जहां भी जाती है और जो भी टूर्नामेंट खेलती है वहां अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बहुत भूखी रहती है। वे ना केवल अच्छा प्रदर्शन करने के लिए, बल्कि कड़ी मेहनत करने और अपने खेल को अलग स्तर पर ले जाने के लिए भी बहुत भूखे हैं। अतीत में जो कुछ भी हुआ है, हम उस पर अधिक ध्यान नहीं देते।'' उन्होंने आगे कहा, ''सभी लड़कियां हर दिन कुछ नया सीखना चाहती हैं और अपने खेल को अगले स्तर पर ले जाना चाहती हैं।'' साल्वी टूर्नामेंट में भारत की शुरुआत से काफी खुश हैं। उन्होंने कहा, ''मुझे लगता है कि शुरुआत के लिए यह एक अच्छी लय है। जिस तरह से तैयारियां हुईं और हमने दो जीत हासिल कीं, उसके साथ ही मैच का अनुभव मिलना भी बहुत जरूरी था।'' साल्वी ने कहा, ''पाकिस्तान के खिलाफ मैच अहम था। नीदरलैंड के खिलाफ मैच भी उतना ही अहम था क्योंकि जब आप विश्व चरण का टूर्नामेंट खेल रहे होते हैं तो अंक और नेट रन रेट के लिहाज से लीग चरण के सभी मैच बराबर अहम हो जाते हैं। उन जीतों को हासिल करना अच्छा रहा।'' भारत को स्पिनर श्रेयंका पाटिल की कमी खलेगी जो टखने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं लेकिन साल्वी का मानना ​​है कि भारत के गेंदबाजी क्रम में श्रेयंका की कमी को पूरा करने के लिए काफी दमखम है। उन्होंने टीम में श्रेयंका की जगह लेने वाली लेग स्पिनर प्रेमा रावत पर भी भरोसा जताया। साल्वी ने कहा, ''श्रेयंका का चोटिल होना दुर्भाग्यपूर्ण है और वह टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। हां, हमें श्रेयंका की कमी खलेगी लेकिन प्रेमा भी उतनी ही शानदार प्रतिभा हैं। उन्होंने अतीत में मिले मौकों पर अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्हें पता है कि कैसे खेलना है।'' साल्वी ने कप्तान हरमनप्रीत कौर की जमकर तारीफ की और उन्हें एक आदर्श बताया। 'हरमन टॉप प्लेयर हैं' उन्होंने कहा, ''हरमन एक शीर्ष स्तर की खिलाड़ी है। वह दुनिया भर की महिला क्रिकेटरों के लिए एक आदर्श हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने हर प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन किया है, वह काबिलेतारीफ है। कल वह अपना 200वां मैच खेलेंगी जो एक बड़ी बात है और हम सभी उन्हें खेलते हुए देखने के लिए उत्साहित हैं।'' साल्वी ने कल के मैच के लिए एकादश को लेकर खुलासा करने से इनकार कर दिया और कहा कि वे कई चीजों को ध्यान में रखकर फैसला लेंगे। गेंदबाजी कोच ने बाएं हाथ की स्पिनर राधा यादव का भी समर्थन किया और कहा कि जब भी उन्हें मौका मिलेगा वह अच्छा प्रदर्शन करेंगी।

यशस्वी का तूफानी शतक, प्रसिद्ध कृष्णा के पंजे ने चमकाया भारत का विजय अभियान

 चेन्नई भारत और अफगानिस्तान के बीच वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला शनिवार (20 जून) को खेला गया. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में आयोजित मुकाबले में भारतीय टीम ने अफगानिस्तान को 9 विकेट से हराया. भारत को जीत के लिए 219 रनों का टारगेट मिला था, जिसे उसने 28.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में अफगानिस्तान का सूपड़ा साफ कर दिया. चेपॉक वनडे में भारत की जीत में यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा और प्रसिद्ध कृष्णा की अहम भूमिका रही. प्रसिद्ध कृष्णा ने 5 विकेट झटके. वहीं यशस्वी जायसवाल (नाबाद 110 रन) ने अपने ओडीआई करियर का दूसरा शतक लगाया. रोहित शर्मा (79 रन) के बल्ले से भी अर्धशतक निकला. शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम पहले ही इस सीरीज को अपने नाम कर चुकी थी. धर्मशाला ओडीआई में भारत ने अफगानिस्तान को सात विकेट से हराया था. फिर लखनऊ में खेले गए मुकाबले में उसने मेहमान टीम को 170 रनों से रौंद दिया था. अब भारतीय टीम ने चेपॉक में भी अपना दबदबा दिखाया. रोहित शर्मा ने 9 चौके और तीन छक्के की मदद से 69 बॉल पर 79 रन बनाए. रोहित को मोहम्मद नबी ने सब्स्टीट्यूट प्लेयर सेदिकुल्लाह अटल के हाथों कैच आउट कराया. यहां से यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर ने अफगानी टीम को कोई मौका नहीं दिया. यशस्वी ने 14 चौके और तीन छक्के की मदद से 86 बॉल पर नाबाद 110 रन बनाए. जबकि श्रेयस अय्यर 20 रनों पर नाबाद लौटे अफगानिस्तान की पारी की हाइलाइट्स अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 44.2 ओवरों में 218 रन बनाए. अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. उसने विकेटकीपर बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज (5 रन) का विकेट दूसरे ही ओवर में गंवा दिया, जो प्रसिद्ध कृष्णा का शिकार बने. प्रसिद्ध ने इसके बाद अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह (5 रन), ओपनर इब्राहिम जादरान (11 रन) और दरविश रसूली (11 रन) को भी पवेलियन लौटा दिया. दरविश के आउट होने के समय अफगानिस्तान का स्कोर 36/4 था. यहां से कप्तान हशमुत्लाह शाहिदी और अजमतुल्लाह उमरजई ने पांचवें विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला. अजमतुल्लाह उमरजई ने 56 बॉल पर 50 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. प्रिंस यादव ने अजमतुल्लाह उमरजई को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. भारतीय टीम को छठी सफलता गुरनूर बरार ने दिलाई, जिन्होंने सेट हो चुके मोहम्मद नबी (21 रन) को बोल्ड किया. फिर राशिद खान (5 रन) को स्पिनर हर्ष दुबे ने पवेलियन रवाना किया. अल्लाह गजनफर (5 रन) और फरीद अहमद मलिक (1 रन) रन आउट हुए. अफगानिस्तान का आखिरी विकेट हशमतुल्लाह शाहिदी के रूप में गिरा, जिन्होंने अपने ओडीआई करियर का पहला शतक जड़ा. शाहिदी ने 13 चौके और एक छक्के की मदद से 131 बॉल पर 102 रन बनाए. भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 23 रन देकर 5 विकेट झटके. जबकि हर्ष दुबे, गुरनूर बरार और प्रिंस यादव को एक-एक सफलता मिली. इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और विकेटकीपर बैटर केएल राहुल को आराम दिया. वहीं चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव भी प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं बने. नीतीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा और हर्ष दुबे ने प्लेइंग-11 में वापसी की. दूसरी ओर अफगानी टीम ने अपनी प्लेइंग-11 में चार बदलाव किए. वनडे क्रिकेट में भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक 7 मुकाबले खेले हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने छह मैचों में जीत हासिल की. जबकि एक मुकाबला टाई पर छूटा. यानी आंकड़े साबित करते हैं कि भारतीय टीम अफगानिस्तान पर पूरी तरह हावी रही है. अफगानी टीम को भारत के खिलाफ अब भी पहली जीत का इंतजार है. मुकाबले में भारत की प्लेइंग-11: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, हर्ष दुबे, गुरनूर बरार, प्रिंस यादव और प्रसिद्ध कृष्णा. मुकाबले में अफगानिस्तान की प्लेइंग-11: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, मोहम्मद नबी, अजमतुल्लाह उमरजई, राशिद खान, एएम गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी और फरीद अहमद मलिक

हीट वेव का अलर्ट बरकरार: 20-21 जून को बिहार के कई जिलों में तेज लू चलने की चेतावनी

पटना बिहार में मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां राज्य के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, वहीं दूसरी तरफ मानसून को लेकर राहत भरी खबर आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और 23 जून के आसपास मानसून बिहार के कुछ और हिस्सों में दस्तक दे देगा। 23 जून तक मानसून पकड़ेगा रफ्तार मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) फिलहाल बिहार के जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। अनुमान है कि 23 जून तक मानसून राज्य के अन्य हिस्सों में अपनी पहुंच का विस्तार कर लेगा, जिससे तपती गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के मधुबनी जिले के राजनगर में 8 सेमी की महत्वपूर्ण बारिश भी दर्ज की गई है। अगले दो दिन 'हीट वेव' की चेतावनी राहत की खबरों के बीच मौसम विभाग ने सचेत किया है कि बिहार के कुछ इलाकों में 20 और 21 जून को लू (Heat Wave) की स्थिति बनी रहेगी। पिछले 24 घंटों में राज्य के छिटपुट इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक अधिक है। इसके साथ ही रात के तापमान (न्यूनतम तापमान) में भी सामान्य से अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रातें भी गर्म महसूस हो रही हैं। आंधी बारिश की चेतावनी 20 से 22 जून और फिर 25 से 26 जून के दौरान राज्य में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं (झोंके) चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।  

India receives a new defense offer: a Belgian company has presented a 105mm tank turret.

 नई दिल्ली भारत अपनी पर्वतीय युद्ध क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। चीन से साथ LAC पर घटते-बढ़ते तनाव और हिमालयी क्षेत्रों में सैन्य तैनाती की चुनौतियों के बीच हल्के और अधिक प्रभावी हथियारों की जरूरत महसूस की जा रही है। इस बीच बेल्जियम की डिफेंस कंपनी जॉन कॉकरिल ने भारत को अपने उन्नत 105 मिमी टैंक टरेट बेचने की पेशकश की है। कंपनी का दावा है कि यह टरेट विशेष रूप से पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में युद्ध संचालन के लिए डिजाइन किया गया है तथा हिमालयी क्षेत्र जैसी परिस्थितियों में प्रभावी साबित हो सकता है। कंपनी के अनुसार, इस टरेट की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक इसकी 42 डिग्री तक ऊंचाई पर फायर करने की क्षमता है। सामान्य टैंकों की तुलना में अधिक ऊंचाई पर निशाना साधने की यह क्षमता पहाड़ी युद्धक्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहां दुश्मन ऊंटी चोटियों और ढलानों पर तैनात हो सकता है। जॉन कॉकरिल के इस सिस्टम में ऑटोमैटिक लोडर लगाया गया है, जिससे गोला-बारूद लोड करने की प्रक्रिया तेज होती है और चालक दल का कार्यभार कम होता है। इसके अलावा इसमें अत्याधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम भी मौजूद है, जो कठिन भौगौलिक परिस्थितियों में भी सटीक निशाना लगाने में मदद करता है। क्या है टैंक टरेट? टरेट किसी भी टैंक का वह हिस्सा होता है जिसमें मुख्य तोप, फायर कंट्रोल सिस्टम और कई अन्य हथियार प्रणालियां लगी होती हैं। यह 360 डिग्री तक घूम सकती है और विभिन्न दिशाओं में निशाना साध सकता है। जॉन कॉकरिल का प्रस्ताव एक टैंक नहीं, बल्कि एक ऐसा टरेट सिस्टम है, जिसे अलग-अलग बख्तरबंद वाहनों पर भी लगाया जा सकता है। जॉन कॉकरिल के 105 मिमी टरेट की खासियत? कंपनी के मुताबिक, यह सिस्टम खास तौर पर कठिन और पहाड़ी इलाकों में युद्ध के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं…     105 मिमी की मुख्य तोप     42 डिग्री तक ऊंचाई पर फायर करने की क्षमता     ऑटोमैटिक लोडर     आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम     हल्के प्लेटफॉर्म पर लगाने की सुविधा 42 डिग्री एलीवेशन क्यों महत्वपूर्ण है? सामान्य टैंकों की तोपें सीमित ऊंचाई तक ही ऊपर उठ सकती हैं। लेकिन पहाड़ी युद्ध में दुश्मन अक्सर ऊंची चोटियों और ढलानों पर मौजूदा होता है। ऐसी स्थिति में 42 डिग्री तक ऊंचाई पर फायर करने की क्षमता टैंक को ऊंचाई पर स्थिति लक्ष्यों पर हमला करने में मदद कर सकती है। यही कारण है कि कंपनी इसे हिमालय जैसे क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बता रही है। ऑटोमैटिक लोडर से क्या फायदा होगा? परंपरागत टैंकों में गोला-बारूद लोड करने के लिए एक अलग क्रू सदस्य की जरूरत होती है। जबकि ऑटोमैटिक लोडर फायरिंग की गति बढ़ाता है। चालक दल की संख्या कम कर सकता है। सीमित जगह वाले हल्के टैंकों में उपयोगी साबित होता है। कठिन परिस्थितियों में संचालन को आसान बनाता है। भारतीय सेना को इसकी जरूरत क्यों पड़ सकती है? भारतीय सेना लंबे समय से ऐसे प्लेटफॉर्म की तलाश में है जो ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आसानी से तैनात किए जा सकें। वजन में अपेक्षाकृत हल्के हों और तेजी से मूव कर सकें। जिससे पहाड़ी इलाकों में प्रभावी फायर सपोर्ट दे सकें। लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे क्षेत्रों में ऐसी क्षमताओं का विशेष महत्व है। जॉन कॉकरिल का 105 मिमी टरेट भारतीय सेना की पर्वतीय युद्ध जरूरतों को ध्यान में रखकर पेश किया गया एक दिलचस्प प्रस्ताव है। इसकी हाई एलीवेशन कैपेसिटी, ऑटोमैटिक लोडर और आधुनिक फायर कंट्रोल सिस्टम इसे हिमालयी युद्धक्षेत्र के लिए आकर्षक बनाते हैं। हालांकि, अंतिम फैसला भारतीय सेना के परीक्षणों और परिचालन जरूरतों पर निर्भर करेगा। यदि यह प्रणाली अपेक्षाओं पर खरी उतरती है, तो भारत की पर्वतीय युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

विवाद के बीच शशि थरूर का पलटवार: “भारतीय नाविकों की सुरक्षा राजनीति नहीं हो सकती”

नई दिल्ली  कांग्रेस सांसद शशि थरूर के एक बयान ने एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है। जी-7 समिट में पीएम नरेंद्र मोदी के रुख की सराहना करने वाले उनके बयान को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोला है। उधर विवाद बढ़ने पर थरूर ने एक्स पर अपनी सफाई भी पेश की है। दरअसल, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने फ्रांस में जी-7 समिट के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से उठाए गए मुद्दों पर अपनी बात कही है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दे को मजबूती से रखा है। थरूर के इस बयान के बाद देश में राजनीतिक बवाल मच गया। 'भारतीयों की जान राजनीति का मुद्दा नहीं' विवाद बढ़ने के बाद थरूर ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्हें यह देखकर हैरानी हो रही है कि भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा से जुड़े बयान को राजनीतिक विवाद बनाया जा रहा है। उन्होंने लिखा, 'तीन भारतीयों की जान चली गई। मेरी बात सिर्फ हमारे नागरिकों की सुरक्षा और इस सिद्धांत की थी कि नागरिक नाविकों को कभी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। अगर कुछ लोग इस चिंता पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक फायदा उठाने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं, तो यह मेरे बारे में नहीं बल्कि उनके बारे में ज्यादा बताता है।' उन्होंने यह भी कहा कि भारतीयों की जान की चिंता देश को जोड़ने वाली होनी चाहिए, बांटने वाली नहीं। बीजेपी का राहुल पर तंज बीजेपी ने शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि वह अपनी ही पार्टी में समर्थन खो रहे हैं। बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की पीएम मोदी की तारीफ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने भारतीय नाविकों के मुद्दे पर मोदी के रुख को लेकर की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा,' यह राहुल गांधी के रुख से बिल्कुल अलग है।' पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा, 'यह शर्मनाक है। कल राहुल गांधी का जन्मदिन था, लेकिन उन्हें कोई तोहफा नहीं मिला।' उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर मतभेद अब खुलकर सामने आ रहे हैं। मतभेदों के बीच राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई इस विवाद के बीच शशि थरूर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि अब समय आ गया है जब देश में कांग्रेस के पक्ष में राजनीतिक माहौल बदलेगा और पार्टी आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। इसे पार्टी के प्रति एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। राहुल से मुलाकात, गुलदस्ता और किताब की भेंट शुक्रवार को शशि थरूर कांग्रेस मुख्यालय 24, अकबर रोड पहुंचे, जहां उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए गुलदस्ता और एक किताब भेंट की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में थरूर ने राहुल गांधी के नेतृत्व की खुलकर सराहना की और कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करेगी।  

सीएम योगी का ऐलान: 1500 एकड़ में फार्मा पार्क से बुंदेलखंड में हजारों रोजगार का दावा

ललितपुर ललितपुर से  सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिले के लोगों को बड़ी सौगात दी। सीएम योगी ने कहा, ललितपुर में यूपी का पहला फार्मा पार्क विकसित किया जाएगा। इस पार्क के बनने से हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस दौरान सीएम योगी ने विपक्ष पर भी जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों ने वर्षों तक ललितपुर की उपेक्षा की, जबकि भाजपा सरकार एक ही दिन में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दे रही है। मुख्यमंत्री तुवन मंदिर मैदान में राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित 1766 करोड़ रुपये लागत की 221 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पांच दशक और समाजवादी पार्टी ने कई बार प्रदेश में शासन किया, लेकिन इन दलों ने ललितपुर के विकास के लिए समुचित कार्य नहीं किया। भाजपा सरकार प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर कार्य कर रही है। आज युवाओं और बेटियों को मिल रही नौकरयािं सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड का ललितपुर प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर जनपद है। डबल इंजन सरकार यहां के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और हर क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान बुंदेलखंड के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता था, जबकि आज प्रदेश में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं और बेटियों को सरकारी नौकरियां मिल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले अवैध खनन, वन संपदा की लूट और माफियावाद को संरक्षण दिया जाता था, जिससे विकास बाधित होता था। ललितपुर अब नवाचार और विकास का केंद्र बन रहा ललितपुर मुख्यमंत्री ने कहा कि ललितपुर अब नवाचार और विकास का केंद्र बन रहा है। यहां प्रदेश का पहला फार्मा पार्क 1500 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज और अटल आवासीय विद्यालय जैसी सुविधाएं भी जनपद को मिली हैं। उन्होंने कहा कि 'हर घर जल' योजना के तहत बुंदेलखंड में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। अब महिलाओं को पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और डिफेंस कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं क्षेत्र के औद्योगिक विकास को नई गति दे रही हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को मिल रही नई पहचान योगी ने कहा कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के तहत उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है, जो देश की रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि दशकों से लंबित अर्जुन सहायक परियोजना सहित विभिन्न सिंचाई योजनाओं को पूरा कर किसानों को लाभ पहुंचाया गया है। इससे बुंदेलखंड के किसानों की आय में वृद्धि हुई है और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान संचालित कर रही है, जिसके तहत बिना गारंटी के वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

GRSE बनी नवरत्न कंपनी, रेवेन्यू और प्रॉफिट में तेज़ उछाल से मजबूत प्रदर्शन

 नई दिल्ली गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (Garden Reach Shipbuilders & Engineers) को नवरत्न कंपनी का दर्जा मिला है। वित्त मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज से यह स्टेटटस मिला है। स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी जानकारी के अनुसार कंपनी को 19 जून 2026 को यह दर्जा मिला था। बता दें, नवरत्न स्टेटस मिलने के बाद पब्लिक सेक्टर की कंपनी और स्वतंत्र तरीके से वित्तीय फैसले ले सकते हैं। इस कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा है? गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स का रेवन्यू वित्त वर्ष 2026 के दौरान 7002 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी का रेवन्यू 1754 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी का प्रॉफिट (टैक्स भुगतान के बाद) 190 करोड़ रुपये से बढ़कर 748 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी ने 8 वारशिप की डिलीवरी की है। कंपनी ने अबतक 800 से अधिक मरिन प्लेटफॉर्म बनाए थे। इसके अलावा कंपनी 118 वारशिप इंडियन नेवी को दिए। जर्मनी के ग्राहक के लिए कंपनी ने 12 मल्टी पर्पज़ वेसेल्स बना रही है। कंपनी के शेयरों की स्थिति क्या है? शुक्रवार को Garden Reach Shipbuliders के शेयर बीएसई में 0.96 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2797.30 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। इस साल अबतक कंपनी के शेयरों का प्रदर्शन 14 प्रतिशत बढ़ा है। पिछले एक साल में स्टॉक 10 प्रतिशत गिरा है। बता दें, कंपनी का 52 वीक हाई 3535 रुपये और 52 वीक लो लेवल 1965 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 32043 करोड़ रुपये का है। दो साल में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स लिमिटेड के शेयरों की कीमतों में 57 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। वहीं, तीन साल में यह स्टॉक 367 प्रतिशत बढ़ा है। बता दें, 5 साल में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स के शेयरों का भाव 1341 प्रतिशत बढ़ा है। लगातार डिविडेंड दे रही है कंपनी इसी साल के फरवरी के महीने में कंपनी ने 7.15 रुपये का डिविडेंड दिया था। 2025 में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने तीन बार डिविडेंड दिया था। तीन बार में कंपनी ने एक शेयर पर 19 रुपये का डिविडेंड दिया था।

बिहार में BPSC 70वीं परीक्षा का परिणाम घोषित, सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला प्रशासनिक सेवा का रास्ता

पटना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। लंबे समय से अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को आखिरकार राहत मिल गई है। आयोग ने परिणाम अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया है। 5,401 अभ्यर्थियों ने दिया था इंटरव्यू फाइनल रिजल्ट से पहले मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किए गए 5,401 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया था। इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने अंतिम चयन सूची जारी की है। मुख्य परीक्षा में 20 हजार से अधिक उम्मीदवार हुए थे शामिल 70वीं मुख्य (लिखित) परीक्षा का आयोजन 25 से 30 अप्रैल 2025 के बीच पटना के 32 परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। इस परीक्षा में कुल 20,034 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। मुख्य परीक्षा का परिणाम 16 दिसंबर 2025 को घोषित किया गया था। आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है रिजल्ट अभ्यर्थी बीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। चयन सूची पीडीएफ प्रारूप में जारी की गई है, जिसमें सफल अभ्यर्थियों के रोल नंबर और अन्य विवरण उपलब्ध हैं। ऐसे करें अपना रिजल्ट चेक रिजल्ट देखने के लिए अभ्यर्थियों को बीपीएससी की वेबसाइट पर जाकर नवीनतम अपडेट सेक्शन में उपलब्ध 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के फाइनल रिजल्ट लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद खुलने वाली पीडीएफ में अपना रोल नंबर और नाम खोजा जा सकता है। सफल अभ्यर्थियों के लिए खुला सरकारी सेवा का रास्ता फाइनल रिजल्ट जारी होने के साथ ही सफल अभ्यर्थियों के लिए विभिन्न प्रशासनिक और अन्य सरकारी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चयनित उम्मीदवारों के लिए यह वर्षों की मेहनत और तैयारी का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ है।