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अयोध्या राम मंदिर फंड गड़बड़ी की जांच में 9 पेनड्राइव में सबूत सुरक्षित, कई नए नाम आए सामने

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच जारी है। शुक्रवार को जांच का पांच दिन था। एसआईटी के अधिकारियों ने प्रारम्भिक रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि शनिवार की शाम तक एसआईटी प्रारंभित रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप सकती है। इसके लिए शुक्रवार को भी देर रात तक अफसर लिखा-पढ़ी में व्यस्त रहे। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने 9 पेनड्राइव में जरूरी दस्तावेजों और साक्ष्यों को संकलित कर सुरक्षित किया है। फिलहाल पांचवें दिन से अधिकारियों ने जांच में पूरी सख्ती बरती है और लगातार लोगों से पूछताछ की है। इस पूछताछ में कई नये नाम भी शामिल हुए हैं जिसमें श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान को अर्पित किए गए आभूषणों के इधर-उधर गायब हो जाने के आरोपों से सम्बन्धित लोग प्रमुख रुप से सम्मिलित किए गए हैं। नौ संदिग्धों में दो की खास भूमिका राम मंदिर में चढ़ावे की धांधली के प्रकरण की छानबीन के लिए यहां पहुंची एसआईटी पांच दिन तक आठ से दस घंटे तक के कठिन परिश्रम के बाद भी इस सवाल का जवाब नहीं खोज पाई कि राम मंदिर में होने वाली घटनाओं को लेकर ट्रस्टियों की चुप्पी क्यों नहीं टूटी। एसआईटी के अधिकारियों ने इस प्रश्न का जवाब जानने के लिए मौखिक पूछताछ के साथ लिखित रूप से भी सवाल जवाब किए फिर भी इसका संतोषजनक जवाब ट्रस्टियों ने नहीं दिया। फिलहाल एसआईटी के सदस्यों की ओर से पड़ताल जारी है। पड़ताल की कड़ी में सभी से अलग-अलग व सामूहिक पूछताछ के साथ ग्रीन हाउस के अलग-अलग कक्ष में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। गणना कार्य में लगे नौ संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ में दो व्यक्तियों जिनमें एक गणना प्रभारी भी है, का नाम बार-बार समान रूप से आया है। बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने वालों की सामने आई भूमिका सूत्र बताते हैं कि इन्हीं लोगों की सीसीटीवी कैमरे की निगरानी को पुलिस कंट्रोल रूम से अलग करने में भी भूमिका रही है। इसके अलावा गणना स्थल में आवागमन के दौरान बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने में इन्हीं लोगों की भूमिका सामने आई है। इसके कारण एस आईटी का शिकंजा गणना प्रभारी पर कसता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि गणना स्थल में नियुक्त गणना कर्मियों की भर्ती में भी गणना प्रभारी की ओर से संस्तुति की जाती रही। बताया जाता है कि संगठन के कार्यकर्ता के रूप में इन गणना कर्मियों को नियुक्त कराया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय के करीबी व राम मंदिर के सेवादार रामशंकर यादव टिन्नू से लेकर गणना कर्मियों द्वारा इस बात की पुष्टि के बाद जांच अधिकारी बहुत सतर्कता के साथ छानबीन कर रहे कि संगठित अपराध की कोई सुनियोजित योजना तो नहीं थी अथवा अवसर पाकर षड्यंत्र को अंजाम दिया गया। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच जारी है। शुक्रवार को जांच का पांच दिन था। एसआईटी के अधिकारियों ने प्रारम्भिक रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि शनिवार की शाम तक एसआईटी प्रारंभित रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप सकती है। इसके लिए शुक्रवार को भी देर रात तक अफसर लिखा-पढ़ी में व्यस्त रहे। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने 9 पेनड्राइव में जरूरी दस्तावेजों और साक्ष्यों को संकलित कर सुरक्षित किया है। फिलहाल पांचवें दिन से अधिकारियों ने जांच में पूरी सख्ती बरती है और लगातार लोगों से पूछताछ की है। इस पूछताछ में कई नये नाम भी शामिल हुए हैं जिसमें श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान को अर्पित किए गए आभूषणों के इधर-उधर गायब हो जाने के आरोपों से सम्बन्धित लोग प्रमुख रुप से सम्मिलित किए गए हैं। नौ संदिग्धों में दो की खास भूमिका राम मंदिर में चढ़ावे की धांधली के प्रकरण की छानबीन के लिए यहां पहुंची एसआईटी पांच दिन तक आठ से दस घंटे तक के कठिन परिश्रम के बाद भी इस सवाल का जवाब नहीं खोज पाई कि राम मंदिर में होने वाली घटनाओं को लेकर ट्रस्टियों की चुप्पी क्यों नहीं टूटी। एसआईटी के अधिकारियों ने इस प्रश्न का जवाब जानने के लिए मौखिक पूछताछ के साथ लिखित रूप से भी सवाल जवाब किए फिर भी इसका संतोषजनक जवाब ट्रस्टियों ने नहीं दिया। फिलहाल एसआईटी के सदस्यों की ओर से पड़ताल जारी है। पड़ताल की कड़ी में सभी से अलग-अलग व सामूहिक पूछताछ के साथ ग्रीन हाउस के अलग-अलग कक्ष में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। गणना कार्य में लगे नौ संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ में दो व्यक्तियों जिनमें एक गणना प्रभारी भी है, का नाम बार-बार समान रूप से आया है। बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने वालों की सामने आई भूमिका सूत्र बताते हैं कि इन्हीं लोगों की सीसीटीवी कैमरे की निगरानी को पुलिस कंट्रोल रूम से अलग करने में भी भूमिका रही है। इसके अलावा गणना स्थल में आवागमन के दौरान बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने में इन्हीं लोगों की भूमिका सामने आई है। इसके कारण एस आईटी का शिकंजा गणना प्रभारी पर कसता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि गणना स्थल में नियुक्त गणना कर्मियों की भर्ती में भी गणना प्रभारी की ओर से संस्तुति की जाती रही। बताया जाता है कि संगठन के कार्यकर्ता के रूप में इन गणना कर्मियों को नियुक्त कराया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय के करीबी व राम मंदिर के सेवादार रामशंकर यादव टिन्नू से लेकर गणना कर्मियों द्वारा इस बात की पुष्टि के बाद जांच अधिकारी बहुत सतर्कता के साथ छानबीन कर रहे कि संगठित अपराध की कोई सुनियोजित योजना तो नहीं थी अथवा अवसर पाकर षड्यंत्र को अंजाम दिया गया।

शिवसेना विवाद: उद्धव गुट के 6 सांसदों के बगावत की अटकलें, ‘ऑपरेशन टाइगर’ चर्चा में

मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) और एकनाथ शिंदे गुट के बीच एक बार फिर राजनीतिक तनाव और जुबानी जंग चरम पर पहुंच गया है। पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 के शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों और 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच, संजय राउत ने सोशल मीडिया पर बेहद तल्ख पोस्ट साझा किया है। एक्स पर एक पोस्ट में संजय राउत ने एक इन्फोग्राफिक साझा किया, जिसमें लिखा है, "कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं लेकिन वफादार नहीं होते।" उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया "जय महाराष्ट्र!" दरअसल, संजय राउत की यह टिप्पणी एकनाथ शिंदे के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने उद्धव खेमे पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, शेर अकेला आता है। शिंदे ने अपने गुट को बालासाहेब ठाकरे की राजनीतिक विरासत का असली उत्तराधिकारी बताने की कोशिश की। शिंदे ने दिया था कुत्ते वाला बयान शिंदे ने उद्धव गुट पर कटाक्ष करते हुए कहा, "कुछ कुत्ते भौंकते रहते हैं। कल और परसों भी वे भौंकते रहेंगे। मैं आपको एक बात बताता हूं कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, लेकिन शेर अकेला आता है। जब शेर शिकार करता है तो कुत्ते भौंकते रहते हैं। जब शेर दहाड़ता है तो कुत्ते भौंकते रहते हैं। यही शिवसेना है। यही शिवसेना है। और आज यह शिवसेना महाराष्ट्र में मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है।" छह सासंद नहीं हुए थे बैठक में शामिल बताते चलें कि यह दोनों गुटों में यह राजनीतिक बयानबाजी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक नए विभाजन की बढ़ती अटकलों की पृष्ठभूमि में हुआ है, जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण संसदीय दल की बैठक में भाग नहीं लिया, जिससे यह अफवाहें तेज हो गईं कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। यह ताजा संजय विवाद राउत द्वारा गुरुवार को की गई उस घोषणा के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी ने अनुपस्थित छह सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। संजय राउत ने पत्रकारों से कहा, "कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम उन्हें अयोग्य घोषित कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यदि लोकसभा अध्यक्ष नियमों, कानून और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कार्य करते हैं, तो ये लोग अयोग्य घोषित हो जाएंगे।" शिंदे गुट में 6 सांसद जाने के लिए तैयार 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर अटकलों को तब और बल मिला जब शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों ने शिंदे के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है और उनके गुट में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इस संकट ने उद्धव ठाकरे खेमे को एक और बड़े विभाजन की संभावना का सामना करने के लिए मजबूर कर दिया है, लगभग चार साल बाद जब शिंदे के 2022 के विद्रोह के कारण महा विकास अघाड़ी सरकार का पतन हुआ और अंततः शिंदे गुट को आधिकारिक शिवसेना के रूप में मान्यता मिली।

प्रधानमंत्री बोले—युवा, कौशल और नवाचार से बनेगा विकसित भारत 2047; स्टार्टअप और रोजगार पर दिया जोर

जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवा भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं और देश का हुनर, कौशल एवं संभावनाएं असीम हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता को अवसरों में बदलने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन  में  देशभर के 15 लाख युवाओं को लाभान्वित करते हुए 2 हजार 400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को दी जा रही यह प्रोत्साहन राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि उनके परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है। सरकार युवाओं और उद्योग जगत के सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम-वीबीआरवाई आज न केवल पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सशक्त बना रही है बल्कि उद्योगों को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं तथा 20 लाख से अधिक नवनियुक्त युवा अपनी नियुक्ति के छह माह पूर्ण कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं के हुनर, कौशल और सामर्थ्य से ही पूरा होगा। आज देश का युवा रोजगार प्राप्त कर अपने सपनों को नई उड़ान दे रहा है। निवेश युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का आधार बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं और वैश्विक स्तर पर भारत के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। 40 देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से     ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच सिक्योर एंप्लॉयमेंट (सुरक्षित रोजगार) और सोशल सिक्योरिटी फॉर एव्री वर्कर (हर श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा) की है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए टेक्नोलॉजी के माध्यम से ईपीएफओ और पेंशन व्यवस्था को सरल बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड्स का उद्देश्य कामगारों को अधिक सुरक्षा, पारदर्शिता और अधिकार देना है, जिसमें फिक्स्ड टर्म एंप्लॉइज को सम्मान देना और मिनिमम वेज के दायरे को बढ़ाना शामिल है। नवाचार, प्रतिभा और गुणवत्ता से साकार होगा विकसित भारत 2047 का विजन प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा कि 21वीं सदी में अवसर उन्हीं देशों के पास होंगे, जिनके पास स्किल टैलेंट, इनोवेशन और क्वालिटी होगी। उन्होंने कहा कि हमारे सामने जो अवसर हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से अपनाना होगा। हमें नए बाजारों तक पहुंचना होगा, नए प्रॉडक्ट्स बनाने होंगे और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी क्योंकि आज दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रही है और भारत इसका नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का नया युग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से आज देश बदल रहा है और एक नए भारत का निर्माण हो रहा है। सरकार एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है तो दूसरी ओर उद्योगों और कारोबार को प्रोत्साहन देकर आर्थिक विकास को गति दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार और कारोबार दोनों के साथ खड़ी है तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश के युवाओं के लिए रिकॉर्ड 17 करोड़ रोजगार सृजित किए गए हैं, वहीं वर्ष 2004 से 2014 तक केवल 2.92 करोड़ रोजगार के अवसरों का ही सृजन हुआ था। साथ ही जहां वर्ष 2014 से पहले देश में केवल 19 प्रतिशत लोगों (लगभग 25 करोड़) को सामाजिक सुरक्षा मिलती थी, आज देश के 64.3 प्रतिशत यानी करीब 94 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेते हुए निजी क्षेत्र में नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रोजगार सृजन, कौशल विकास और युवा सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम में सांसद राव राजेंद्र सिंह, विधायक कालीचरण सर्राफ, संबंधित विभागों के अधिकारी, निजी नियोक्ता एवं नवनियुक्त कार्मिक उपस्थित रहे।

एनएमडीसी की CSR पहल: दंतेवाड़ा के 10 गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर से सैकड़ों ग्रामीण लाभान्वित

हैदराबाद देश की अग्रणी खनन कंपनी एनएमडीसी अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रमों के माध्यम से आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में कंपनी द्वारा दंतेवाड़ा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में समुदाय स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्वास्थ्य सेवा पहुंच कार्यक्रम के तहत निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का सफल आयोजन किया जा रहा है। इस पहल के अंतर्गत 19 मई से ग्राम पंचायत भांसी, बड़े बचेली, धुरली, पाड़ापुर, नेरली, दुगेली, गंजेनार, मसेनार, मोलसनार एवं कमलूर में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए, जिनमें सैकड़ों ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठाया। लाभार्थियों में अधिकांश संख्या अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदाय से संबंधित ग्रामीणों की रही। एनएमडीसी की यह स्वास्थ्य सेवा पहल निरंतर जारी है और आने वाले समय में भी अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचकर ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराती रहेगी। सबसे हालिया चिकित्सा शिविर 19 जून को ग्राम पंचायत कमलूर में आयोजित किया गया, जहां 96 ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। बैलाडीला क्षेत्र मुख्यतः आदिवासी आबादी वाला दूरस्थ इलाका है, जहां गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं तक नियमित पहुंच एक चुनौती बनी रहती है। ऐसे में एनएमडीसी द्वारा कलेपाल, टिकनपाल, कोडेनार, बेनपाल, कदमपाल, मदाड़ी, हिरोली, गुमियापाल, समलवार, चोलनार, मड़कामिरास एवं पालनार जैसे दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की यह पहल स्थानीय समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है। चिकित्सा शिविरों के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सामान्य स्वास्थ्य जांच, रक्तचाप (बीपी) परीक्षण, रैंडम ब्लड शुगर (आरबीएस) जांच, शरीर के महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतकों का परीक्षण तथा स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया जा रहा है। साथ ही पोषण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता तथा स्वस्थ जीवनशैली को लेकर जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। आवश्यकता अनुसार मरीजों को उच्च स्तरीय उपचार हेतु निकटवर्ती स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों में न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही हैं, बल्कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह जैसी गैर-संचारी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान भी संभव हो सकी। दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को अपने ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से समय और संसाधनों की बचत हुई तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की आवश्यकता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो रहा है। ग्रामीणों ने एनएमडीसी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं, जिन्हें अक्सर चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। गांव के निकट ही विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयां उपलब्ध होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। एनएमडीसी का मानना है कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक और सतत विकास तभी संभव है जब स्थानीय समुदाय स्वस्थ, जागरूक और सशक्त हो। इसी सोच के साथ कंपनी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, जन-जागरूकता को मजबूत करने और ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एनएमडीसी ने हाल ही में जगदलपुर स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के संचालन हेतु भी वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। यह पहल बस्तर क्षेत्र के हजारों लोगों को आधुनिक एवं विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एनएमडीसी की ये पहलें केवल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने और स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास एवं सहभागिता का मजबूत रिश्ता बनाने की उसकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती हैं।

अवैध कॉलोनियों पर सख्ती, भूमि एक्सचेंज नियमों में बड़ा बदलाव

 चंडीगढ़ शहरों और पालिकाओं के साथ लगते क्षेत्रों में जमीन की अदला-बदली के लिए अनिवार्य रूप से सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026 को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। बजट सत्र में विधानसभा में विधेयक के पारित होने के बावजूद अभी तक राज्यपाल की सहमति नहीं मिलने के कारण अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। इस कारण वित्तायुक्त राजस्व और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इस संबंध में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया था। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम के तहत शहरों से लगते अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने और सस्ती जमीन देकर महंगी जमीन लेने का फर्जीवाड़ा खत्म करने के लिए धारा 7-ए में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार एक एकड़ से कम भूमि को बदलने के लिए भी नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन अधिनियम, 1975 की धारा-7 में यह प्रविधान है कि किसी भी अधिसूचित शहरी क्षेत्र में, जो इस उद्देश्य के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया हो, एक एकड़ से कम क्षेत्रफल की किसी भी रिक्त भूमि का विक्रय, पट्टा या उपहार के रूप में अंतरण करने हेतु पंजीकरण से पूर्व नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। इसलिए पड़ी अध्यादेश लाने की जरूरत जमीन की रजिस्ट्रियों के दौरान पंजीकरण अधिकारियों ने पाया कि कई जगह छोटे भूखंडों की अदला-बदली करके अधिसूचित शहरी क्षेत्रों में स्थित कहीं बड़े या अधिक मूल्यवान भूखंड लिए जा रहे थे। हालांकि ऐसे लेन-देन कानूनी रूप से एक्सचेंज कहलाते हैं, परंतु वास्तव में ये अप्रत्यक्ष विक्रय लेन-देन होते हैं, जिसमें अधिनियम की धारा-7क के विनियामक प्रविधानों को दरकिनार किया जा रहा है। इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 1975 के अधिनियम संख्या-8 की धारा-7क में संशोधन कर अदला-बदली विनियमन विलेख को भी उक्त प्रविधान के अंतर्गत लाया गया ताकि अवैध कालोनियों में ऐसे भूखंडों की खरीद-फरोख्त को हतोत्साहित किया जा सके।  

21 जून को परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन, सफर होगा आसान

 पटना देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' में शामिल होने वाले बिहार के लाखों अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए पूर्व मध्य रेल की तरफ से बड़ी राहत की खबर है। परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचने और एग्जाम खत्म होने के बाद वापस घर लौटने में छात्रों को कोई परेशानी न हो, इसे लेकर दानापुर रेल मंडल पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। रेल प्रशासन ने आगामी 21 जून को बिहार के प्रमुख शहरों और रूटों को जोड़ने के लिए छह परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन करने का फैसला लिया है। इससे पटना जंक्शन, दरभंगा, गया और बक्सर जैसे व्यस्त रूटों पर परीक्षार्थियों का सफर बेहद आसान हो जाएगा। पटना से दरभंगा और गया के लिए सुबह ही खुलेंगी ट्रेनें परीक्षा के दिन सुबह के समय छात्रों को सेंटर पर रिपोर्ट करने में कोई देरी न हो, इसके लिए रेलवे चार ट्रेनों को तड़के ही रवाना करेगा। इसके तहत पहली स्पेशल ट्रेन पटना जंक्शन से सुबह 4:30 बजे खुलकर सुबह 9:30 बजे दरभंगा पहुंचेगी। वहीं, बक्सर से सुबह 6:30 बजे खुलकर एक अन्य स्पेशल ट्रेन सुबह 9:15 बजे पटना पहुंचेगी। झाझा और जमुई इलाके के छात्रों के लिए सुबह 3:40 बजे झाझा से ट्रेन खुलकर सुबह 9:00 बजे दानापुर पहुंचेगी। इसके अलावा गया रूट के परीक्षार्थियों के लिए पटना जंक्शन से सुबह 6:00 बजे एक परीक्षा स्पेशल ट्रेन खुलेगी, जो सुबह 9:00 बजे गया जंक्शन पहुंच जाएगी। पटना और दानापुर से मिलेंगी गाड़ियां नीट परीक्षा खत्म होने के बाद स्टेशनों पर परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने शाम के वक्त भी दो विशेष ट्रेनों की वापसी का पुख्ता इंतजाम किया है। परीक्षा देकर लौटने वाले छात्रों के लिए पटना जंक्शन से शाम 6:20 बजे बक्सर के लिए परीक्षा स्पेशल ट्रेन प्रस्थान करेगी, जो रात 9:05 बजे बक्सर पहुंचेगी। इसी तरह, दानापुर स्टेशन से शाम 6:15 बजे एक विशेष ट्रेन झाझा के लिए रवाना होगी, जो रात 11:00 बजे झाझा पहुंचेगी। बिहार के इन सभी प्रमुख स्टेशनों पर रेल पुलिस और आरपीएफ को भी मुस्तैद रहने को कहा गया है ताकि छात्रों को सफर में कोई दिक्कत न आए।

महाराष्ट्र राजनीति: उद्धव गुट में बगावत, 6 सांसद मीटिंग से गायब, नोटिस जारी

महाराष्ट्र महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में बगावत के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक बड़ा बयान दिया। कोल्हापुर में आयोजित एक धन्यवाद रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि अब कोई 'गुट' नहीं बचा है; बल्कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी ही असली और इकलौती शिवसेना है। अमित शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 'ऑपरेशन टाइगर' के तहत उद्धव खेमे के कई सांसदों के बागी होने की खबरें हैं और पार्टी पूरी तरह टूटने की कगार पर खड़ी नजर आ रही है। 'पहले कहना पड़ता था शिंदे गुट…' कोल्हापुर की रैली में शाह ने कहा, "पहले हमें एकनाथ शिंदे के नाम पर 'शिवसेना शिंदे गुट' कहना पड़ता था। लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है। अब केवल एक ही शिवसेना है इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने कोल्हापुर के प्रसिद्ध माता अंबाबाई मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ओर से कराए जा रहे माता अंबाबाई मंदिर परिसर और कॉरिडोर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य की आधारशिला रखी। शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'विकास भी, विरासत भी' का जिक्र करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण हो रहा है और राज्य के सभी ज्योतिर्लिंगों तथा शक्तिपीठों का पुनर्विकास किया जा रहा है, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। 'ऑपरेशन टाइगर' से उद्धव खेमे में खलबली शाह का यह बयान महज एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं है, बल्कि यह उद्धव खेमे में मचे मौजूदा घमासान से जुड़ा है। दरअसल, 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच उद्धव गुट के कई सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की खबरें हैं। सांसदों के गायब होने और खुलेआम बगावती तेवर दिखाने के कारण पार्टी भारी संकट से गुजर रही है। मीटिंग से 6 सांसद गायब, दल-बदल कानून के तहत चेतावनी उद्धव गुट की यह कलह गुरुवार को नई दिल्ली में तब खुलकर सामने आ गई, जब पार्टी नेतृत्व की ओर से बुलाई गई अनिवार्य संसदीय दल की बैठक से ज्यादातर सांसद नदारद रहे। लोकसभा में शिवसेना (UBT) के कुल 9 सांसद हैं, लेकिन पार्टी व्हिप द्वारा बुलाई गई बैठक में केवल 3 सांसद- अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे। बाकी के 6 सांसद- नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे बैठक से पूरी तरह नदारद रहे। इस खुली बगावत के बाद शिवसेना (UBT) ने सख्त एक्शन लिया है। लोकसभा में पार्टी के चीफ व्हिप अनिल देसाई ने गायब रहे सभी सांसदों को 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया है। 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम पार्टी की तरफ से बागी सांसदों को लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए 24 घंटे का सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि अगर तय समय के भीतर उनका जवाब नहीं आता है, तो पार्टी यह मान लेगी कि उन्होंने स्वेच्छा से अपनी सदस्यता छोड़ दी है। इसके बाद इन सांसदों के खिलाफ भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची यानी 'दल-बदल विरोधी कानून' के तहत कार्रवाई की जाएगी।

परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर फोकस, अमेरिका-ईरान MoU के भविष्य पर टिकी नजरें

नई दिल्ली अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए अंतरिम समझौते का भविष्य अब स्विट्जरलैंड में होने वाली अहम बैठक पर निर्भर करता दिख रहा है. अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची स्विट्जरलैंड पहुंच रहे हैं, जहां दोनों पक्ष स्थायी समझौते को लेकर तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू कर सकते हैं. यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष विराम लागू हुआ है. इस सीजफायर ने उन कोशिशों को नई उम्मीद दी है, जिनका मकसद ईरान युद्ध को खत्म कर क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करना है. इस सप्ताह अमेरिका और ईरान ने 14 सूत्रीय मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर सहमति बनाई थी. इसके तहत 60 दिनों के भीतर परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े विवादित मुद्दों का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी. अमेरिका-ईरान के बीच कई मुद्दों अनसुलझे कई अहम सवालों के जवाब अब भी स्पष्ट नहीं है. सबसे बड़ा मुद्दा ईरान के परमाणु कार्यक्रम का है. दोनों देशों के बीच इस बात पर अंतिम सहमति नहीं बनी है कि संवर्धित यूरेनियम का क्या होगा और भविष्य में परमाणु गतिविधियों की निगरानी किस तरह की जाएगी. वार्ता से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपना स्विट्जरलैंड दौरा रद्द कर दिया है. व्हाइट हाउस ने इसके पीछे लेबनान में बढ़ते तनाव को वजह बताया था. लेकिन अब संघर्ष विराम लागू होने के बाद वार्ता दोबारा पटरी पर आती दिख रही है. स्टीव विटकॉफ ईरानी विदेशी मंत्री के साथ बैठक करेंगे. लेबनान का मुद्दा भी इस समझौते के लिए बेहद अहम है. अंतरिम समझौते में सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई समाप्त करने की बात कही गई है, जिसमें लेबनान भी शामिल है. लेकिन इजरायल ने साफ कर दिया है कि वह इस समझौते का हिस्सा नहीं है और दक्षिणी लेबनान में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखेगा. ईरान का कहना है कि समझौते के किसी भी उल्लंघन की जिम्मेदारी अमेरिका की होगी. वहीं अमेरिका और कतर के मध्यस्थों ने लेबनान संघर्ष विराम कराने में अहम भूमिका निभाई है. MoU में ईरान को क्या-क्या मिल रहा है? आर्थिक मोर्चे पर भी यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है. प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ईरान को प्रतिबंधों में राहत, फ्रीज अरबों डॉलर के फंड तक पहुंच और तेल निर्यात की इजाजत मिल सकती है. इसके अलावा ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के फंड की भी चर्चा है. इस बीच होर्मुज स्ट्रेट में हालात सुधरने लगे हैं. युद्ध के दौरान ईरान द्वारा लगाई गई रुकावटों की वजह से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित हुआ था. अब तेल आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और ईरान ने अंतरिम वार्ताओं दौरान प्रस्तावित शुल्क भी माफ करने का संकेत दिया है. ईरान डील को लेकर ट्रंप का विरोध! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार इस समझौते का बचाव कर रहे हैं. आलोचकों का आरोप है कि युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका ने ईरान को जरूरत से ज्यादा रियायतें दी हैं. हालांकि ट्रंप का दावा है कि ईरान कमजोर स्थिति में है और अमेरिका ने कोई बड़ी रियायत नहीं दी. ऐसे में स्विट्जरलैंड की बैठक सिर्फ एक औपचारिक वार्ता नहीं, बल्कि यह तय करेगी कि 60 दिन का यह अंतरिम समझौता स्थायी शांति में बदल पाएगा या फिर अमेरिका और ईरान एक बार फिर टकराव की राह पर लौट जाएंगे.

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: जयपुर में ‘योगा फॉर हेल्दी एजिंग’ थीम के साथ भव्य आयोजन

जयपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस(21 जून) के अवसर पर रविवार को जयपुर में विभिन्न स्थानों पर भव्य योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यः सामूहिक योग्याभ्यास कार्यक्रम प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक एस.एम.एस. स्टेडियम में आयोजित होगा। साथ ही अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, जलमहल तथा आमेर फोर्ट जैसे शहर के प्रमुख सांस्कृतिक धरोहर एवं पर्यटन स्थलों पर भी इस दौरान सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम प्रभारी एवं आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. बत्तीलाल बैरवा ने बताया कि इस 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' (Yoga for Healthy Ageing) रखी गई है। इस अवसर पर विभिन्न आयु वर्गों के नागरिकों को योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एस.एम.एस. स्टेडियम, अल्बर्ट हॉल, पत्रिका गेट, जलमहल एवं आमेर फोर्ट पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी, कोचिंग संस्थानों के छात्र-छात्राएं, विभिन्न संस्थाओं के योग साधक, एनसीसी, सीआरपीएफ, पुलिस, होमगार्ड, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के कार्मिक के साथ बड़ी संख्या में आमजन भाग लेंगे। मीडिया प्रभारी एवं सहायक निदेशक डॉ. लक्ष्मण सैनी ने बताया कि योग आज विश्वभर में समग्र स्वास्थ्य एवं मानव कल्याण का प्रभावी माध्यम बन चुका है। योग न केवल शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है, बल्कि भावनात्मक संतुलन स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आमजन से योग दिवस कार्यक्रमों में अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

शशि थरूर की तारीफ से सियासी घमासान: भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा से जुड़े कांग्रेस सांसद शशि थरूर के कथित बयान का हवाला दिया है। पार्टी ने शनिवार को दावा किया कि राहुल गांधी अपनी ही पार्टी के भीतर समर्थन खो रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने नाविकों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपनाए गए रुख की शशि थरूर की सराहना, राहुल गांधी के रुख के विपरीत है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी असली नेता नहीं हैं, वह अब केवल रील नेता बनकर रह गए हैं। जन्मदिन पर राहुल गांधी को कोई उपहार नहीं मिलाः पूनावाला पूनावाला ने वीडियो जारी कर एक बयान में कहा, 'यह शर्मनाक है। कल (शुक्रवार को) राहुल गांधी का जन्मदिन था, लेकिन उन्हें कोई उपहार नहीं मिला। डॉ. शशि थरूर ने इसी मुद्दे पर राहुल गांधी के रुख का खंडन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के सामने नाविकों के मुद्दे पर भारत का पक्ष बेहद मजबूती से रखा और देश की स्थिति को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।' भाजपा का दावा- थरूर ने पीएम मोदी का सराहा भाजपा नेता ने दावा किया कि थरूर ने मोदी के नेतृत्व गुणों की भी प्रशंसा की है। उन्होंने कहा, 'इतना ही नहीं, थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी के दृ्ष्टिकोण, अपनी बात रखने की क्षमता, ऊर्जा व वक्तृत्व शैली की भी भरपूर प्रशंसा की है। थरूर ने कहा है कि मोदी ने भारतीयों के जीवन पर अपनी छाप छोड़ी है।' राहुल की पीएम की दावेदारी पर कांग्रेस को घेरा पूनावाला ने राहुल गांधी को भविष्य के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करने को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा और दावा किया कि पार्टी के कुछ नेता इस विचार से सहमत नहीं हैं। एक तरफ कांग्रेस कहती है कूल पीएम राहुल और दावा करती है कि राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। लेकिन उनकी अपनी पार्टी के सांसद भी शायद इस बात पर विश्वास नहीं करते। राहुल गांधी ने जनता का समर्थन खो दियाः पूनावाला भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी ने जनता का समर्थन खो दिया है और उन लोगों का साथ भी खो दिया है, जो कभी उनके करीबी माने जाते थे। पूनावाला ने कहा, ' इससे साबित होता है कि राहुल गांधी ने जनमत खो दिया है, क्योंकि वह 99 चुनाव हार चुके हैं। उन्होंने उन लोगों का समर्थन भी खो दिया है, जो कभी उनके करीब थे, चाहे वह रामचंद्र गुहा हों या शशि थरूर।' राहुल गांधी असली नेता नहीं हैंः भाजपा पूनावाला ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ सहयोगी राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। पूनावाला ने कहा, 'अब उन्हें अपने गठबंधन के सहयोगियों का समर्थन भी हासिल नहीं है। चाहे वामपंथी दल हों या द्रमुक, वे राहुल के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करते। राहुल गांधी एक 'रील नेता' बनकर रह गए हैं। वह एक वास्तविक नेता नहीं हैं।'