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आधुनिक रिश्ते और शिव-आदर्श: बराबरी, भरोसा और भावनात्मक संतुलन की नई परिभाषा

 आज के समय में रिश्तों को लेकर सोच तेजी से बदल रही है. खासकर Gen Z लड़कियां अब सिर्फ दिखावे, स्टाइल या कूल बनने वाले लड़कों से ज्यादा प्रभावित नहीं होतीं हैं. वे ऐसे पार्टनर की तलाश में हैं जो उन्हें समझे, सम्मान दे और भावनात्मक रूप से मजबूत हो. यही वजह है कि अब उनकी पसंद भगवान शिव जैसे शांत, संतुलित और भरोसेमंद व्यक्तित्व की तरफ बढ़ रही है. लाइफ पार्टनर को लेकर Gen Z लड़कियों की बदली सोच Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी. आम तौर पर 1997 के बाद जन्मे लोगों को Gen Z कहा जाता है. यह जनरेशन पहले के मुकाबले ज्यादा समझदार, अपनी बात खुलकर कहने वाली, लॉजिकल और इमोशंस को समझने वाली है. खासकर जब बात प्यार और रिश्तों की आती है, तो इनकी सोच तेजी से बदल रही है. इसी विषय को लेकर आजकल एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है, खासकर Gen Z लड़कियों के बीच. आजकल की लड़कियां अपने पार्टनर या लाइफ पार्टनर में भगवान शिव जैसी खूबियां चाहती हैं. यहां भगवान शिव जैसा पार्टनर का मतलब भगवान बनने से नहीं है, बल्कि उनके स्वभाव और गुणों से है. अब लड़कियां दिखावे, ओवर रोमांस या सिर्फ कूल बनने वाले लड़कों से ज्यादा इंप्रेस नहीं होतीं हैं. वे ऐसे पार्टनर चाहती हैं जो सच्चा हो, सिंपल हो, जमीन से जुड़ा हो और रिश्ते को समझे. वैसे यह सोच पूरी तरह नई भी नहीं है. पौराणिक कथाओं में भी बताया गया है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. यानी शिव जैसे गुण हमेशा से आदर्श माने गए हैं. अब बस फर्क इतना है कि आज की लड़कियां फिर से उन्हीं गुणों को अपने पार्टनर में ढूंढ रही हैं. आइए समझते हैं कि इस बदलती सोच के पीछे आखिर कौन-सी भावनात्मक जरूरतें छिपी हैं. Gen Z  लड़कियां चाहती हैं भोलेनाथ जैसा पार्टनर सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर चर्चा बहुत हो रही है. कई लड़कियां कहती हैं कि उन्हें ऐसा लाइफ पार्टनर चाहिए जिसमें भगवान शिव जैसी खूबियां हों. यह बात सिर्फ धर्म या आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी भावनाएं और समाज से जुड़ी सोच भी छिपी हुई है. Gen Z लड़कियों को रिश्तों में स्थिरता, धैर्य और इमोशनल बैलेंस चाहिए होता है. भगवान शिव के स्वभाव में भी यही खूबियां देखने को मिलती हैं. यही वजह है कि लड़कियां ऐसे पार्टनर की चाहत रखती हैं जो गुस्से में भी खुद को संभाल कर रखे, बेवजह रिएक्ट न करे. लेकिन जब उसकी पार्टनर किसी परेशानी में हो, तो पूरी मजबूती से उसके साथ खड़ा हो जाए. रिश्तों में बांधें नहीं बल्कि सशक्त बनें भगवान शिव की एक खास बात यह है कि वे एक तरफ योगी हैं और दूसरी तरफ गृहस्थ भी. यही बैलेंस Gen Z लड़कियों को काफी आकर्षित करता है. आज के जमाने की लड़कियां ऐसा पार्टनर चाहती हैं जो उनके सपनों को रोके नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने में उनका साथ दे. शिव जी हमेशा माता पार्वती को अपने साथ रखते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर उन्हें शक्तियां भी देते हैं. मां पार्वती ने कई बार राक्षसों का नाश भी किया था, जो यह दिखाता है कि शिव जी उन पर पूरा भरोसा करते थें. वे उन्हें बांधकर नहीं रखते थे, बल्कि आगे बढ़ने की ताकत देते थें. आज की लड़कियां भी ऐसा ही पार्टनर चाहती हैं, जो उनके करियर को समझे, उन्हें सपोर्ट करे और उन्हें अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने की आजादी दे. समानता भगवान शिव का अर्धनारीश्वर रूप बहुत खास माना जाता है. इसमें आधा हिस्सा शिव का है और आधा माता शक्ति का. इसका सीधा सा मतलब है कि पुरुष और महिला एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं, दोनों मिलकर ही जीवन और सृष्टि को आगे बढ़ाते हैं. यह रूप यह भी बताता है कि सिर्फ शक्ति या सिर्फ चेतना से काम नहीं चलता है, बल्कि दोनों का साथ होना जरूरी है. यानी रिश्ते में बराबरी और संतुलन सबसे ज्यादा मायने रखता है. अर्धनारीश्वर का संदेश साफ है कि पति-पत्नी या पार्टनर्स को एक-दूसरे को बराबर समझना चाहिए, एक-दूसरे की इज्जत करनी चाहिए और हर फैसले में दोनों की अहमियत होनी चाहिए. अच्छा साथी भगवान शिव की एक खास बात यह है कि वे जितने शक्तिशाली हैं, उतने ही दयालु और शांत स्वभाव के भी हैं. Gen Z लड़कियों के लिए आदर्श पार्टनर वही है जो बाहर से मजबूत हो, लेकिन अंदर से समझदार, केयरिंग और सॉफ्ट दिल वाला हो. भगवान शिव को अहंकार खत्म करने वाला भी माना जाता है. इसलिए आज की लड़कियां भी ऐसे पार्टनर चाहती हैं जिनमें बेवजह का ईगो न हो. वे ऐसा रिश्ता चाहती हैं जो बराबरी और सम्मान पर टिका हो, न कि सिर्फ मर्द होने के घमंड पर. आज के रिश्तों में लड़कियां समझदारी चाहती हैं, जहां एक-दूसरे को कंट्रोल करने की कोशिश न हो, बल्कि दोनों मिलकर एक-दूसरे को समझें और सपोर्ट करें.

डीके शिवकुमार का सख्त आदेश, कर्नाटक में योजनाओं पर फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नए नियम

कर्नाटक कर्नाटक सरकार की 'पांच गारंटी' योजनाओं का लाभ अब केवल उन्हीं नागरिकों को मिलेगा, जिनका नाम मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में दर्ज होगा। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को यह साफ कर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि जो भी इन योजनाओं के असली हकदार हैं, उन्हें लाभ से वंचित न किया जाए, लेकिन अपात्र लोगों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। वोटर लिस्ट में नाम होना अनिवार्य विधान सौधा में एक समीक्षा बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार की 'गृह ज्योति' जैसी योजनाओं का लाभ अब सिर्फ पंजीकृत मतदाताओं तक सीमित रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के दौरान यह सुनिश्चित करें कि मतदाता सूची से उनका नाम न छूटे। मुख्यमंत्री ने कहा, "केवल वे मतदाता ही सरकारी योजनाओं के लाभार्थी होंगे, जिनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं।" दूसरे राज्यों के लोगों का रोका जाएगा फायदा समीक्षा बैठक में यह बात भी सामने आई कि दूसरे राज्यों से आकर कर्नाटक में रह रहे कई लोग भी 'गृह ज्योति' जैसी योजना का लाभ ले रहे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सीएम ने कहा, "हमारे राज्य की योजनाओं का लाभ सिर्फ कर्नाटक के लाभार्थियों को ही मिलना चाहिए। हमने पाया है कि दूसरे राज्यों के वोटर भी यह लाभ ले रहे हैं, इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।" गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम बैठक में कल्याणकारी योजनाओं में हो रहे कई तरह के फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि योजना का पैसा यूपीआई (UPI) खातों और कर्नाटक के बाहर के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा है। सीएम ने ऐसे पैसे के प्रवाह पर रोक लगाने और लाभ को केवल राज्य के भीतर सीमित रखने के निर्देश दिए। सीएम ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि मृत लाभार्थियों को भी पैसे का भुगतान जारी है। उन्होंने अधिकारियों को लाभार्थियों के रिकॉर्ड को 'रियल-टाइम' अपडेट करने का निर्देश दिया। 'गृह लक्ष्मी' योजना के तहत, बैंक खाते में पैसे आते ही कुछ बैंकों द्वारा उसे पुराने लोन की किस्तों (EMI) के रूप में काट लिए जाने के मामले भी सामने आए। इसके चलते कुछ महिलाओं ने अपने खाते बदल लिए। सीएम ने कहा कि लाभार्थियों को इस तरह की परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए। ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 'गृह लक्ष्मी' सहायता राशि एक ही बैंक खाते के जरिए कई लाभार्थियों को भेजी गई, जिसमें लगभग 3 लाख किस्तों में करीब 60 करोड़ रुपये बांटे गए। ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सीएम ने निर्देश दिया कि योजना का पैसा खाते में आते ही लाभार्थियों को एक ऑटोमेटेड वॉइस मैसेज भेजा जाए। क्या हैं कर्नाटक की 5 गारंटी योजनाएं और उनके ताज़ा आंकड़े? समीक्षा बैठक में राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं के आंकड़ों पर भी चर्चा की गई। गृह ज्योति: हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली। (अब तक 1.65 करोड़ लाभार्थी मुफ्त बिजली का लाभ उठा चुके हैं।) गृह लक्ष्मी: परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक मदद। अन्न भाग्य: बीपीएल (BPL) परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 10 किलो चावल। जुलाई 2023 से दिसंबर 2024 के बीच 11,561.05 करोड़ रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजे गए हैं। साथ ही 4.44 करोड़ लाभार्थियों को 5 किलो अतिरिक्त चावल हर महीने दिया जा रहा है। शक्ति योजना: महिलाओं के लिए राज्य की सरकारी (नॉन-लग्जरी) बसों में मुफ्त यात्रा। मई के अंत तक महिलाओं ने 763 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं की हैं, जिनके टिकट की कीमत लगभग 20,047.69 करोड़ रुपये है। साथ ही 2026-27 शैक्षणिक वर्ष में छात्रों को लगभग 10 लाख मुफ्त बस पास जारी किए जाने की उम्मीद है। युवा निधि: 18 से 25 साल के बेरोजगार स्नातकों को 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को 1,500 रुपये प्रति माह का भत्ता- दो साल के लिए।

पीतांबरा पीठ में यूपी के दिग्गज नेताओं का दर्शन, CM योगी और केशव मौर्य ने टेका माथा

दतिया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने पीतांबरा पीठ परिसर में स्थित महाभारत कालीन वानखंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक भी किया। इस दौरान पीठ के पुजारियों ने मंत्रोच्चार के बीच योगी से जलाभिषेक कराया। एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से हुई अगवानी इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष विमान से दतिया एयरपोर्ट पहुंचे। यहां पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, शिमला विधायक प्रदीप अग्रवाल कलेक्टर स्वप्निल वानखडे व एसपी मयूर खंडेलवाल सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी अगवानी कर स्वागत किया। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री ने पार्टीजन से भी मिले। इसके बाद सीधे पीतांबरा पीठ पहुंचे, जहां मंदिर प्रबंधन एवं पुजारियों ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई। पूजा-अर्चना कर ललितपुर हुए रवाना पीताम्बरा पीठ में दर्शन एवं पूजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा। धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री कुछ समय तक मंदिर परिसर में रहे तथा वहां स्थित अन्य मंदिरों के भी उन्होने दर्शन किए। दर्शन और पूजा-अर्चना के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दतिया से उत्तर प्रदेश के ललितपुर के लिए रवाना हो गए। योगी की सुरक्षा के मद्देनजर पीठ के आसपास की दुकानें भी बंद रही। मौर्य भी पहुंचे दतिया वही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य भी शनिवार सुबह दतिया पहुंचे। जहां उन्होंने सुबह पीतांबरा पीठ पर दर्शन पूजन किया। इसके बाद वह वापस रतन महल होटल पहुंचे, जहां से अगले गंतव्य के लिए रवाना हुए। दोनों दिग्गज नेताओं की इस दौरान आपस में मुलाकात नहीं हो सकी।

रसायन-मुक्त आमों की प्रदर्शनी, रांची में किसानों को मिला सीधा बाजार

रांची राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तत्‍वावधान में 19 से 21 जून तक आम महोत्‍सव का आयोजन किया जा रहा है. राजधानी के शहीद चौक स्थित झारखंड राज्य सहकारी बैंक परिसर में लगे इस प्रदर्शनी में राज्य के आदिवासी किसानों द्वारा उत्पादित विभिन्न प्रकार के आमों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है. नाबार्ड झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय वर्ष, 2021 से हर साल रांची में आम महोत्सव का आयोजन कर रहा है. शुक्रवार को इस महोत्सव का शुभारंभ नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक, झारखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की अध्यक्ष बिभा सिंह, एसएलबीसी के महाप्रबंधक गुरु प्रसाद गोंड, सामाजिक और पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्त्ता जमुना टुडू, दिव्यायन कृषि विकास केंद्र, रांची के सचिव स्वामी भावेशानंद ने संयुक्त रूप से किया. किसानों को मिल रहा सीधा बाजार यह उत्सव नाबार्ड वाडी परियोजनाओं के तहत समर्थित आदिवासी किसानों के लिए आयोजित किया जा रहा है, जो आम सहित अन्य फलों, अनाज और सब्जियां उगा रहे हैं. यह शहरवासियों को अच्छी गुणवत्ता और रसायन-मुक्त यानी कार्बाइड मुक्त आम उपलब्ध करा रहा है. आम महोत्सव आदिवासी किसानों को बिचौलियों और कमीशन एजेंटों से मुक्त होकर सीधे बाजार भी प्रदान करेगा. एक्सपोर्ट क्वालिटी रसायन मुक्त आम, अनाज और सब्जियां आम महोत्सव में राज्य के विभिन्न नाबार्ड समर्थित बाड़ी परियोजनाओं द्वारा उगाये गये दूधिया मालदा, हिमसागर, लंगड़ा, तोतापरी, हिमसागर, आम्रपाली, मल्लिका आदि सहित आमों की विभिन्न किस्मों की प्रदर्शन और बिक्री की जा रही है. यह एक्सपोर्ट क्वालिटी आम सीधे किसानों के खेतों से आप तक पहुंच रही है. उपज को पकाने के लिए किसी भी रसायन का उपयोग नहीं किया गया है. महोत्सव में लगाये गये स्टॉल्स पर काजू, मखाना, शहद, मोटे आर्गेनिक अनाज, सब्जियों और अन्य वनोत्पादों को लोग खास खुशबू और स्वाद के लिए खूब पसंद कर रहे हैं.

भजनलाल सरकार का बड़ा एक्शन, जयपुर से लेकर बीकानेर तक बदले गए RAS अफसर

जयपुर राजस्थान की भजनलाल सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. कार्मिक विभाग (DoP) ने देर रात 19 जून को एक आदेश जारी करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा (RAS) के 178 अधिकारियों का एक साथ तबादला कर दिया है. सरकार के इस बड़े फैसले से प्रशासनिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है. इस नई तबादला सूची के जरिए राज्य सरकार ने कई जिलों के अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM), उपखंड अधिकारी (SDM) और विभिन्न विभागों के सचिव स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में भारी बदलाव किया है. इस फेरबदल के तहत राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे बड़े संभागों और जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात आरएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इस फेरबदल के तहत राजधानी जयपुर समेत जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर और बीकानेर जैसे बड़े संभागों और जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात आरएएस अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है. इसके तहत राज्य के सूचना सचिव के पद पर मुकेश शर्मा की नियुक्ति की गई है. वहीं करौली के SDM को प्रेमराज को एक साल बाद फिर से वही तैनाती दे दी गई है. आदेश तत्काल प्रभाव से लागू सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि तबादला सूची में शामिल सभी 178 आरएएस अधिकारी तुरंत प्रभाव से अपने वर्तमान पद का कार्यभार छोड़कर नए तैनाती स्थल पर अपनी जॉइनिंग सुनिश्चित करेंगे.

मुकेश अंबानी का AI विजन: भारत बनेगा टेक्नोलॉजी निर्माता, सिर्फ उपभोक्ता नहीं

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में भारत के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विजन पर बात की. उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ AI का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं है, बल्कि अपनी AI टेक्नोलॉजी भी बनानी चाहिए. उनका कहना था कि भारत को सिर्फ विदेशों में बने एआई टूल्स पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद की AI टेक्नोलॉजी विकसित करनी चाहिए ताकि देश इस फील्ड में ग्लोबल लीडर बन सके. मुकेश अंबानी ने रिलायंस इंटेलिजेंस की अनाउंसमेंट की, जिसे कंपनी के फ्यूचर का बड़ा इंजन माना जा रहा है. इसका मिशन है कि लोगों, बिजनेस और सरकार के लिए लार्ज स्केल पर सस्ते एआई टूल्स और सर्विसेज बनाई जाएं. रिलायंस फिलहाल दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों जैसे Google, Meta और NVIDIA के साथ काम कर रही है. अंबानी ने बताया कि कंपनी ने अपने गोल तय कर लिए हैं और अब उन्हें लागू करने के लिए तैयार है. इस मीटिंग में यह भी बताया गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से युवाओं के लिए नई नौकरियों के दरवाजे खुलेंगे. उन्हें 150 करोड़ लोगों के लिए नई टेक्नोलॉजी बनाने और उनकी परेशानी को सोल्वे करने का मौका मिलेगा. जानिए डिजिटल शोकेस में क्या दिखाया गया अपने AI विजन के साथ रिलायंस ने कई नई डिजिटल सर्विसेज भी इंट्रोड्यूस कीं. इनकी मदद से एआई और सुपरफास्ट इंटरनेट भारत के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएंगे और कई काम पहले से आसान हो जाएंगे. 1. Jio Call Agent फोन के अंदर AI एजेंट रिलायंस ने कॉल के दौरान मदद करने के लिए Jio Call Agent इंट्रोड्यूस किया है. सबसे खास बात यह है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए कोई अलग ऐप इंस्टॉल नहीं करना होगा. यह फीचर साल के आखिर तक सभी Jio यूजर्स के या फीचर देखने मिल सकता है. इसे एक्टिव करने के लिए सिर्फ Hey Jio बोलना होगा. इसके बाद एआई एजेंट आपकी कॉल से जुड़ जाएगा और कॉल के दौरान मदद करेगा. Transcribing: यह फीचर कॉल पर हो रही बातचीत को लिख सकता है और 10 अलग-अलग भाषाओं को पहचान सकता है. Summarizing: यह फीचर कॉल में हुई बातों का छोटा और आसान करेगा. साथ ही जरूरी रिमाइंडर भी कॉल में मौजूद लोगों को भेज सकेगा. Taking Action: यह फीचर काफी खास है. अगर आप कॉल पर हैं और एजेंट से कहें कि मेरे लिए खाना ऑर्डर कर दो, तो वह यह काम भी कर सकेगा. इतना ही नहीं, यह कैब बुक करने और टेबल रिजर्व करने जैसे काम भी कर पाएगा. 2. MyJio AI Care आपका पर्सनल AI मैनेजर अब MyJio ऐप पूरी तरह बदलने वाला है. यह सिर्फ रिचार्ज करने वाला ऐप नहीं रहेगा, बल्कि आपका स्मार्ट एआई असिस्टेंट बन जाएगा. अगर आप किसी दूसरे शहर में जाते हैं, तो यह आपकी सर्विस अपने आप सेटअप कर देगा.अगर आप विदेश घूमने जा रहे हैं, तो यह आपके लिए सबसे अच्छा रोमिंग प्लान ढूंढ देगा. अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदते हैं, तो यह जरूरी पेपरवर्क संभाल सकता है और eSIM एक्टिवेट करने में मदद करेगा. 3. Jio Home सुपरफास्ट 5Gbps इंटरनेट जियो अपने होम इंटरनेट में बड़ा अपग्रेड करने जा रहा है. इस नए अपग्रेड के साथ यूजर्स को 5Gbps तक डाउनलोड स्पीड और 1Gbps तक अपलोड स्पीड मिलेगी. इसकी मदद से पूरा परिवार एक साथ 4K मूवी देख सकेगा, क्लाउड गेमिंग कर सकेगा और ऑनलाइन क्लासेस अटेंड कर सकेगा. साथ ही किसी को भी लैग या स्लो इंटरनेट की परेशानी नहीं होगी. 4. Jio Teleframe AI सिस्टम आपके घर के लिए जिओ ने अपना नया AI इनोवेशन Jio Teleframe भी इंट्रोड्यूस किया है. यह एक AI ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसे खास तौर पर घरों के लिए डिजाइन किया गया है. यह आपके घर में मौजूद स्मार्ट डिवाइसेज के साथ मिलकर काम करेगा और आपकी रोजमर्रा की आदतों को समझकर मदद करेगा. इसकी वजह से कई काम अपने आप हो जाएंगे और बार-बार ऐप खोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी. रिलायंस का मानना है कि इन नए AI फीचर्स और डिजिटल सर्विसेज की मदद से AI भारत के हर घर तक पहुंचेगा. कॉल पर एआई एजेंट से लेकर 5Gbps इंटरनेट और स्मार्ट होम सिस्टम तक, ये सभी टेक्नोलॉजी भारत को डिजिटल दुनिया में और आगे ले जाने में मदद करेंगी.

लखनऊ समेत यूपी में आसमान से बरस रही आग, अगले 5 दिन तक राहत नहीं

 लखनऊ  पिछले एक सप्ताह से पूरब से पश्चिम तक भीषण गर्मी का दौर जारी है। शुक्रवार और शनिवार को 24 जिलों में लू चलने से लोगों को परेशानी बढ़ी है। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ सहित 35 जिलों में अगले पांच दिन आसमान से आग बरसेगी। गर्म हवा से हीट वेव का अलर्ट है। इस दौरान अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि के आसार हैं। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि रविवार को राजधानी, प्रयागराज, वाराणसी समेत 35 जिलों में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। फिलहाल, अभी अगले कुछ दिनों तक भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। 25 जून के बाद आएगा मानसून मौसम विभाग का कहना है कि इस बार उत्तर प्रदेश में मानसून आने में एक सप्ताह से अधिक समय की देरी लग सकती है। दरअसल, केरल में मानसून ने चार दिन की देरी यानि पांच जून को दस्तक दी। जिसके बाद इसकी गति धीमी हो गई है, क्‍योंकि अरब सागर से नमी का प्रवाह कमजोर पड़ गया है। उत्तर पश्चिम भारत में गर्म और शुष्‍क हवा का प्रभाव बना है। आने वाला पश्चिमी विक्षोभ शुष्‍क हवा के असर को कम करेगा। इससे पूरे उत्तरी क्षेत्र में नमी में सुधार होगा, जिससे बदलाव की पूरी संभावना है। अच्छी बारिश के लिए अभी दो सप्ताह तक इंतजार पूर्वी यूपी में 25 जून के बाद से प्री मानसून प्रवेश करेगा। लखनऊ और आसपास जिलों समेत प्रदेशभर में इसके पहुंचने में एक सप्ताह और लगेगा यानी सूबे के लोगों को अच्छी बारिश के लिए अभी दो सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है। लखनऊ में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.3 और न्यूनतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। उधर, बांदा समेत आसपास के जिलों में भीषण गर्मी और लू का सिलसिला जारी है। दोपहर 12 से शाम चैट बजे तक घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है।  

फिटकरी से बालों की देखभाल: झड़ते बाल, डैंड्रफ और ग्रोथ की समस्या का आसान घरेलू उपाय

आज के समय में अनहेल्दी लाइफस्टाइल, बढ़ता प्रदूषण, स्ट्रेस और गलत खान-पान की वजह से बालों से जुड़ी समस्याएं काफी तेजी से बढ़ रही हैं. किसी के बाल झड़ रहे हैं, किसी के बाल समय से पहले सफेद हो रहे हैं, तो किसी को डैंड्रफ की समस्या परेशान कर रही है. इन समस्याओं को कम करने के लिए कई बार लोग महंगे हेयर प्रोडक्ट्स, केमिकल वाले शैम्पू और पार्लर ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घरों में मौजूद सफेद पत्थर, जिसे फिटकरी कहा जाता है, आपके बालों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. एंटी-बैक्टीरियल और एस्ट्रिंजेंट गुणों से भरपूर फिटकरी न सिर्फ स्कैल्प को गहराई से साफ करने में मदद करती है, बल्कि बालों की जड़ों को मजबूत बनाने और डैंड्रफ कम करने में भी मदद करती है. तो आइए जानते हैं कि हम सही तरीके से फिटकरी का इस्तेमाल बालों की देखभाल में कैसे कर सकते हैं. बालों को बढ़ाने में करता है मदद अगर आप झड़ते बालों से परेशान हैं और चाहते हैं कि आपके बाल तेजी से बढ़े तो आप फिटकरी का उपयोग बालों में कर सकते हैं. इसके लिए फिटकरी को पीसकर बारीक पाउडर बना लें और इसे नारियल तेल में अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण से स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें और इसे कुछ घंटों लगा रहने दें. इसके बाद माइल्ड शैम्पू से बाल धो लें. इससे स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और बालों की ग्रोथ को सपोर्ट मिलता है. डैंड्रफ से मिलेगा राहत डैंड्रफ की समस्या में फिटकरी का इस्तेमाल स्कैल्प की सफाई में मदद करता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को पानी और नींबू के रस के साथ मिलाकर हल्के हाथों से स्कैल्प पर लगाएं और मसाज करें. 10–15 मिनट बाद बाल धो लें. इससे स्कैल्प साफ होता है और डैंड्रफ कम हो सकता है. कमजोर बालों को जड़ों से देता है पोषण फिटकरी बालों को हेल्दी रखने में काफी मदद कर सकता है. इसके लिए फिटकरी पाउडर को कलौंजी के तेल में मिलाकर एक मिश्रण तैयार करें और इससे स्कैल्प की हल्के हाथों से मसाज करें. इसके रेगुलर इस्तेमाल से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है और बालों की हेल्थ बेहतर हो सकती है. फिटकरी का इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान     फिटकरी का इस्तेमाल बालों पर सीमित मात्रा में ही करें. इसका ज्यादा या बार-बार उपयोग करने से स्कैल्प ड्राई हो सकता है.     अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो बालों पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें.     फिटकरी लगाते समय ध्यान रखें कि यह आंखों के आस-पास न लगें.     अगर किसी तरह की जलन या एलर्जी महसूस हो तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर दें.  

दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य विभाग में सुधार अभियान, लंबे समय से तैनात डॉक्टरों का होगा तबादला

नई दिल्ली सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) में कथित भ्रष्टाचार के मामले में 40 से अधिक मेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर के साथ डॉक्टर वत्सला अग्रवाल और डॉक्टर विजय कुमार रंगा को सस्पेंड किया गया था। अब दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बढ़ा कदम उठाते हुए तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों की सिफारिश एलजी से की है। 39 डॉक्टरों का किया जा सकता है तबादला प्रस्ताव के मुताबिक 5 साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह कार्यरत 39 डॉक्टरों का तबादला किया जा सकता है। इनमें कई डॉक्टर ऐसे भी है, जो 2014 से लगातार एक ही स्थान पर तैनात है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, तिहाड़ और मंडोली जेलों में कार्यरत स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और जनरल ड्यूटी मेडिकल अधिकारियों (जीडीएमओ) को मिलाकर 39 डॉक्टरों के ट्रांसफर का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनके स्थान पर करीब 35 अन्य डॉक्टरों की तैनाती भी प्रस्तावित है। इस तरह कुल 74 ट्रांसफर किए जाने की योजना है। ह्यूमन रिसोर्स का संतुलित उपयोग जरूरी सरकार का कहना है कि किसी भी विभाग में लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। ऐसे में समय-समय पर पोस्टिंग की समीक्षा और ह्यूमन रिसोर्स का संतुलित उपयोग जरूरी है। इसी सोच के तहत जेल अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के ट्रांसफर की सिफारिश की गई है। तैनात कर्मचारियों की समीक्षा की जा रही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न इकाइयों को अधिक सक्षम, जवाबदेह और जनहित केंद्रित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कारण विभिन्न संस्थानों में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों की समीक्षा की जा रही है और जरूरत के अनुसार बदलाव किए जा रहे हैं। तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों के ट्रांसफर की सिफारिशें भी इसी प्रशासनिक सुधार अभियान का हिस्सा है।  

वास्तु शास्त्र के अनुसार कूड़ेदान रखने की सही दिशा और नियम

घर को सुखी और समृद्ध बनाने के लिए वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) का पालन करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. वास्तु शास्त्र न केवल घर की बनावट पर ध्यान देता है, बल्कि घर में रखी छोटी-छोटी वस्तुओं के स्थान और उनके प्रभाव को भी उतनी ही गंभीरता से लेता है.  इन्हीं वस्तुओं में से एक है कूड़ेदान (Dustbin). अक्सर हम सुविधा के अनुसार घर के किसी भी कोने में कूड़ेदान रख देते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार गलत स्थान पर रखा गया कूड़ेदान घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का संचार कर सकता है, जिससे मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान  हो सकता है. वास्तु के अनुसार कूड़ेदान रखने के नियम कूड़ेदान घर की गंदगी का केंद्र होता है, इसलिए इसे सही जगह रखना बहुत जरूरी है ताकि घर में बीमारियां न आएं और मन शांत रहे. 1. कहाँ रखें कूड़ेदान (सही दिशाएं) दक्षिण-पश्चिम (South-West): वास्तु के अनुसार, यह दिशा कूड़ेदान के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. उत्तर-पश्चिम (North-West): अगर दक्षिण-पश्चिम दिशा खाली न हो, तो आप कूड़ेदान को उत्तर-पश्चिम दिशा में रख सकते हैं. पश्चिम दिशा (West): आप कूड़ेदान को पश्चिम दिशा में भी रख सकते हैं क्योंकि इसे नकारात्मक ऊर्जा को हटाने वाली दिशा माना जाता है. 2. कहाँ कभी न रखें (गलत दिशाएं) उत्तर-पूर्व (North-East – ईशान कोण): यहाँ कभी भी कूड़ेदान न रखें. यह दिशा भगवान का स्थान मानी जाती है. यहां कचरा रखने से घर के सदस्यों को मानसिक तनाव हो सकता है. दक्षिण-पूर्व (South-East – आग्नेय कोण): यह अग्नि और धन की दिशा है.  यहां कूड़ेदान रखने से घर में पैसों की तंगी या परिवार में झगड़े हो सकते हैं. पूर्व दिशा (East): पूर्व दिशा तरक्की और नई ऊर्जा का प्रतीक है. यहां कूड़ेदान रखने से घर के लोगों की तरक्की रुक सकती है. 3. कुछ खास बातें और सावधानियां ढक्कन वाला कूड़ेदान: कूड़ेदान को हमेशा ढक्कन से ढक कर रखें ताकि उसकी नकारात्मक ऊर्जा और दुर्गंध घर में न फैले. नियमित सफाई: कूड़ेदान को रोज़ाना साफ करें. गंदा कूड़ेदान घर में बीमारी और नकारात्मक ऊर्जा लाता है. मुख्य द्वार से दूर: कभी भी घर के मुख्य गेट (Entrance) के ठीक पास कूड़ेदान न रखें, क्योंकि यह सकारात्मक ऊर्जा के आने का रास्ता है. नजरों से दूर रखें: कूड़ेदान को ऐसी जगह रखें जहाँ वह बाहर से आने वाले मेहमानों को आसानी से दिखाई न दे. सही रंग: वास्तु के अनुसार कूड़ेदान के लिए हल्के भूरे (Light Brown) या ग्रे (Grey) रंग का चयन करना बेहतर माना जाता है. कचरा हटाने का समय: रात के समय घर में कचरा जमा न रहने दें. हो सके तो हर रात कचरा बाहर फेंक दें ताकि सुबह घर में ताजी और सकारात्मक ऊर्जा आए.