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संस्कृति को सहेजने का संदेश देते हैं पर्व: राज्यमंत्री श्रीमती गौर

भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने बुधवार को श्री महामृत्युंजय गौशाला में गोवर्धन पूजा की। उन्होंने कहा कि पर्व अपनी संस्कृति को सहेजने का संदेश देते हैं और गौ-वंश का संरक्षण हमारा परम कर्तव्य है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि नगर निगम द्वारा संचालित श्री महामृत्युंजय गौशाला में 800 गायों की सेवा की जाती है। हम सब सौभाग्यशाली है कि श्रद्धा से भरपूर इस कार्यक्रम के साक्षी बनने का अवसर मिला है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने क्षेत्र के रहवासियों की सुख समृद्धि की प्रार्थना भी की। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गौ माता के संरक्षण को सर्वोपरि रखा गया है। हमारी महान संस्कृति है, जो आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित रखने का मार्ग भी प्रशस्त करती है। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि श्रीमती छाया ठाकुर, श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्रीमती शगुन लोधी, श्री संतोष ग्वाला, श्री अशोक गुप्ता, श्री सुरेंद्र वाडिका सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- गोवर्धन पूजा प्रकृति से जुड़े रहने की देती है सीख

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि किसानों और गौवंश की उन्नति से ही प्रदेश व देश समृद्धशाली होगा। गोवर्धन पूजा व गौपूजन हमारी सनातन संस्कृति है जो प्रकृति से जुड़े रहने की सीख देती है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल लक्ष्मणबाग गौशाला व बसामन मामा गौवंश वन्य विहार रीवा में आयोजित गोवर्धन पूजा व गौपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गौवंश के संरक्षण से किसान समृद्धशाली होंगे। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गोकुल व गौ की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत धारण किया था। हमारा देश किसानों व गौवंश का देश है। इनकी समृद्धि से ही वास्तविक समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दुग्ध उत्पादन को दोगुने करने के संकल्प को पूरा करने के लिए गौवंश संरक्षण व गौपालकों को अतिरिक्त अनुदान राशि दी जा रही है। गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास जारी हैं। गौवंश के उत्पाद से बनने वाली वस्तुओं को बाजार उपलब्धता के कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि गोवर्धन व गौपूजन से हमारे संस्कृति व संस्कारों से आने वाली पीढ़ी पूरी तरह से त्यौहारों के आयोजन में प्रशासन की भागीदारी से आने वाली पीढ़ी जागरूक होगी और हम अपनी संस्कृति को अक्षुण्य रखने में सफल होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने गौपूजन कर गायों को भोजन खिलाया। उन्होंने गौ-सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाजसेवियों, कर्मचारियों, नागरिकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।  

कर्नाटक की राजनीति में हलचल: सिद्धारमैया के आखिरी दौर में CM के बेटे का बड़ा खुलासा

बेंगलुरु कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद में बदलाव को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही हैं। इस बीच, बुधवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वह (सिद्धारमैया) अपने पॉलिटिकल करियर के आखिरी फेज में हैं और उन्हें अपने कैबिनेट के साथी सतीश जारकीहोली का मार्गदर्शक बनना चाहिए। कई महीनों से ऐसी अटकलें चल रही हैं कि सिद्धारमैया को हटाकर डीके शिवकुमार को सीएम बनाया जा सकता है। हालांकि, लगभग हर बार इस बारे में मना किया जाता रहा है, लेकिन कभी विधायक तो कभी सियासी गलियारे में ऐसी अटकलें लगती रही हैं। पिछले महीने ही सिद्धारमैया ने ऐसी रिपोर्ट्स को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि मैं पूरे पांच साल के टर्म के लिए मुख्यमंत्री हूं। एनडीटीवी के अनुसार, कर्नाटक विधानसभा में एमएलसी और मुख्यमंत्री के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने कहा, ''मेरे पिता अपने पॉलिटिकल करियर के आखिरी दौर में हैं। इस स्टेज पर उन्हें एक मजबूत आइडियोलॉजी और प्रोग्रेसिव सोच वाले नेता की जरूरत है, जिसके वे मार्गदर्शक बन सकें। जारकीहोली ऐसे ही इंसान हैं, जो कांग्रेस पार्टी की आइडियोलॉजी को बनाए रख सकते हैं और पार्टी को लीड भी कर सकते हैं। मेरा मानना है कि ऐसे आइडियोलॉजी वाले लीडर का मिलना बहुत मुश्किल है और मैं चाहता हूं कि यह अपना अच्छा काम जारी रखें।'' जिस समय यतींद्र ने यह बयान दिया, उस समय जारकीहोली भी वहीं कार्यक्रम में थे। 'कैबिनेट में भी अभी नहीं होगा कोई बदलाव' इससे पहले, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न होने तक राज्य मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल नहीं किया जाएगा। सिद्दारमैया ने संवाददाताओं से कहा, "सरकार तालुक पंचायत और जिला पंचायत सहित सभी स्थानीय निकायों के चुनाव कराने के लिए तैयार है। अदालत का आदेश मिलते ही हम चुनाव कराएंगे। सभी चुनाव चरणों में होंगे। चुनावों से लोकतंत्र मजबूत होता है… पहले चुनाव संपन्न हो जाएं, फिर हम मंत्रिमंडल फेरबदल के बारे में सोचेंगे।"  

BJP का ‘बंगाल मिशन’ एक्टिव! विधानसभा चुनाव से पहले बनी नई रणनीतिक टीम

कोलकाता पिछली गलतियों से सबक लेते हुए भाजपा अगले साल बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के प्रचार में इस बार मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमलों से परहेज करेगी। भाजपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश भाजपा नेताओं को इस संबंध में सावधान किया है। पार्टी के एक वर्ग के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस पर राजनीतिक हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री पर निजी जुबानी हमले नहीं दोहराए जाएंगे। मालूम हो कि 2021 के पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा नेताओं ने तृणमूल पर निशाना साधते हुए ममता पर निजी हमले किए थे। भाजपा की रणनीति में बदलाव तृणमूल ने इसे मुद्दा बना दिया। इसलिए भाजपा नेताओं को लगता है कि बंगाल की जनता ने ममता पर निजी हमलों को पसंद नहीं किया और पार्टी पिछले चुनाव में उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। इसलिए इस बार भाजपा सतर्क है। बताते चलें कि 2021 के चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनावी जनसभाओं में ममता को दीदी ओ दीदी…कहकर संबोधित किया था, जिसपर तृणमूल ने कड़ी आपत्ति जताई थी। तृणमूल ने इसे महिला मुख्यमंत्री का अपमान बताया था। तृणमूल ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। दूसरे राज्यों से पांच इंटरनेट मीडिया एक्सपर्ट बंगाल लाएगी भाजपा दूसरी ओर, राज्य में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर डिजिटल प्लेटफार्म पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के अभियानों का जवाब देने के लिए भाजपा दूसरे राज्यों से पांच इंटरनेट मीडिया विशेषज्ञों को बंगाल लाने जा रही है। वे चुनाव तक यहां रहेंगे। इंटरनेट मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने को लेकर बंगाल भाजपा के नेताओं ने कोलकाता में एक विशेष बैठक व कार्यशाला भी आयोजित की है। इसमें भाजपा के आइटी सेल के प्रमुख व बंगाल में पार्टी के सह-प्रभारी अमित मालवीय, प्रदेश भाजपा के संगठन महासचिव अमिताभ चक्रवर्ती, आइटी सेल के प्रदेश संयोजक सप्तर्षि चौधरी व अन्य मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, इस कार्यशाला में फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का अधिक से अधिक इस्तेमाल, बड़े पैमाने पर प्रचार प्रसार करने आदि के तरीके पर चर्चा की गई। मालूम हो कि आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने डिजिटल योद्धा नाम से इंटरनेट मीडिया पर एक नई लड़ाई (अभियान) की हाल में घोषणा की है। जिसके बाद भाजपा ने भी इसके जवाब में डिजिटल मोर्चे पर लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है।  

लापता मां-बेटी की खुशखबरी: केरल से मिली बेटियों ने दीपावली पर परिवार को किया खुशहाल!

नरसिंहपुर नरसिंहपुर पुलिस ने अपनी अथक मेहनत और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक परिवार को दीपावली से ठीक पहले खुशियों का अनमोल उपहार दिया है। पुलिस ने लगभग डेढ़ वर्ष से लापता एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला और उसकी अबोध बच्ची को सुदूर केरल राज्य से सकुशल दस्तयाब कर लिया और उन्हें उनके परिजनों से मिला दिया। यह मामला गाडरवारा थाना की चौकी सालीचौका से शुरू हुआ था, जहाँ प्रार्थी ने पत्नी (जो मानसिक रूप से विक्षिप्त थी) और बच्ची के गुमशुदा होने की सूचना दी थी। प्रार्थी की हर संभव तलाश नाकाम रहने पर 05 जुलाई 2024 को गुम इंसान का मामला पंजीबद्ध किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक डा. ऋषिकेश मीना ने अति. पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन और एसडीओपी गाडरवारा रत्नेश मिश्रा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने गुमशुदा की तलाश के लिए इश्तेहार जारी किए और अंतरराज्यीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। अथक तकनीकी प्रयासों के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि गुमशुदा महिला और बच्ची त्रिसुर, केरल में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल केरल रवाना हुई और 16 अक्टूबर 2025 को शासकीय महिला मंदिरम, रामावरमपुरम से मां-बेटी को दस्तयाब करने में सफलता हासिल की। विधिवत प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों को परिजनों को सौंप दिया गया। निरीक्षक विक्रम रजक, उप निरीक्षक वर्षा धाकड़, प्रधान आरक्षक मनोज भारद्वाज और आरक्षक जमना प्रसाद रजक की टीम की अहम भूमिका रही।

गौसेवा के संकल्प संग मनाई गोवर्धन पूजा, मुख्यमंत्री ने मांगी जनता की खुशहाली की दुआ

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास रायपुर में स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गौ माता को खिचड़ी खिलाकर गोसेवा की परंपरा निभाई। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी। पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने गौशाला में सेवा कर रहे गौसेवकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने गौसेवा के लिए उनकी सराहना करते हुए सभी से गौवंश की रक्षा एवं संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने  गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौशाला में गौवंश की देखरेख की सभी व्यवस्था मौजूद है।  मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारे जीवन में प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, जो न केवल हमारे ग्रामीण जीवन से जुड़ी है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और आस्था दोनों का केंद्र भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गोसेवा और प्रकृति पूजन की भावना गहराई से रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय, अन्न और धरती का सम्मान करना उस मातृशक्ति को प्रणाम करना है, जिससे हमारा जीवन जुड़ा है। जब हम इन्हें नमन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति की जड़ों, अपनी आत्मा की गहराइयों और समृद्धि के स्रोतों को स्पर्श करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय गौमाता के रूप में पूजनीय है, और इसी भावना के साथ राज्य सरकार गोसेवा को ग्रामीण विकास की धुरी बनाने के लिए कार्य कर रही है।

Bhai के करियर में सफलता पाने का आसान तरीका: भाई दूज पर इस दिशा में करें तिलक

नई दिल्ली  कल यानी 23 अक्टूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बहने अपने भाई का तिलक कर उनकी लंबी उम्र और तरक्की की कामना करती हैं। बदले में भाई भी अपनी बहन को गिफ्ट देते हैं। बता दें कि शुभ मुहूर्त पर ही बहनों को भाइयों का तिलक करना चाहिए। आइए जानते हैं इस बारे में- 23 अक्टूबर को भाई दूज के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:45 से सुबह के 05:36 तक है, जो स्नान के लिए उत्तम समय माना जाता है। उस दिन का शुभ समय यानी अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 11:43 से दोपहर 12:28 तक है। अमृत काल शाम में 06:57 से रात 08:45 तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार, भाई को तिलक लगाते समय उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। इस दिशा में तिलक करने से भाई के करियर और आर्थिक जीवन में स्थिरता आती है।   भाई दूज पर बहनें सुबह स्नान कर व्रत का संकल्प लें। फिर एक थाली तैयार करें और इस थाली में गोला, कलावा, रोली, अक्षत, दीया और मिठाई रखें। थाली की सबसे पहले पूजा करें, फिर शुभ मुहूर्त में इस थाली में रखी रोली को भाई के माथे पर लगाएं। इसके बाद हाथ में कलावा बांधें। फिर दीपक से आरती उतारें और भाई का मुंह मीठा करें। अंत में, बहन-भाई एक साथ भोजन करें।  

चैटजीपीटी एटलस लॉन्च: अब दुनिया की जानकारी सिर्फ एक क्लिक दूर!

नई दिल्ली ओपनएआई ने एक नए एआई-पावर्ड वेब ब्राउजर चैटजीपीटी एटलस लॉन्च किया है, जिसे कि यूजर्स के इंटरनेट इस्तेमाल करने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित करने के लिए डिजाइन किया गया है। पूरी तरह से चैटजीपीटी पर आधारित इस ब्राउजर का उद्देश्य ट्रेडिशनल वेब ब्राउजिंग के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मर्ज करना है, जिससे एक सहज और इंटरैक्टिव ऑनलाइन एक्सपीरियंस मिलता है। कंपनी का कहना है कि एटलस अब मैकओएस यूजर्स के लिए वैश्विक स्तर पर उपलब्ध है और जल्द ही विंडोज, आईओएस और एंड्रॉयड पर भी उपलब्ध होगा। मूल रूप से एटलस चैटजीपीटी को एक्सटेंशन के रूप में जोड़ने के बजाय सीधे ब्राउजर के अंदर प्लेस करता है। नया टैब पेज एक चैट विंडो और एक ट्रेडिशनल सर्च बार दोनों का काम करता है, जिससे यूजर्स वेबसाइट ब्राउज कर सकते हैं, एआई-जनरेटेड जवाब पा सकते हैं और रेगुलर सर्च रिजल्ट सब कुछ एक ही जगह कर सकते हैं। यूजर्स चैट इंटरफेस को छोड़े बिना लिंक, इमेज, वीडियो और समाचारों के बीच स्विच कर सकते हैं। चैटजीपीटी एटलस की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऑप्शनल ब्राउजर मेमोरी है। कंपनी का कहना है कि यूजर्स के पास एआई द्वारा याद रखे जाने वाले कंटेंट को लेकर पूरा कंट्रोल होगा। वे डेटा क्लियर कर सकते हैं और प्राइवेटली ब्राउज भी कर सकते हैं। डिफॉल्ट रूप से, ब्राउजिंग सामग्री का इस्तेमाल मॉडल ट्रेनिंग के लिए तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि यूजर ऑप्ट-इन करने का विकल्प नहीं चुन लेते। एक और बड़ा अपग्रेड 'एजेंट मोड' की शुरुआत है, जो चैटजीपीटी को सीधे ब्राउजर के अंदर ही एक्शन लेने की अनुमति देता है। उदाहरण के लिए, यह टॉपिक पर रिसर्च कर सकता है, टैब खोल सकता है, डेटा निकाल सकता है, और यहां तक कि रेसिपी से शॉपिंग कार्ट बनाने के लिए इंस्टाकार्ट जैसी सर्विस के साथ इंटरैक्ट भी कर सकता है। प्रोडक्ट लीड एडम फ्राई ने बताया कि इसका मतलब है कि एटलस अब रिजर्वेशन या फ्लाइट बुक करने और यहां तक कि किसी भी डॉक्यूमेंट को एडिट करने में मदद कर सकता है। ब्राउजर में कर्सर चैट नाम से एक फीचर मिलता है, जो यूजर्स को किसी भी टेक्स्ट को हाइलाइट करने की सुविधा देता है। जैसे ईमेल को लेकर यूजर चैटजीपीटी से इसे रिराइट और रिफाइन करने की सुविधा पा सकता है। ऑल्टमैन ने एटलस को इंटरनेट के इस्तेमाल के एक नए तरीके की ओर एक कदम बताया, जहां चैट एक्सपीरियंस वेब नेविगेशन का एक स्वाभाविक हिस्सा बन जाता है। उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में लोग जिस तरह से इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे, वेब ब्राउजर में चैट का एक्सपीरियंस एक बेहतरीन उदाहरण हो सकता है।"

छत्तीसगढ़ में पहली बार ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’, वायुसेना के जांबाज भरेंगे आसमान में रंगीन उड़ानें

रायपुर छत्तीसगढ़ की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजधानी नवा रायपुर का आसमान 5 नवम्बर को एक ऐतिहासिक दृश्य का साक्षी बनेगा। भारतीय वायुसेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (Suryakiran Aerobatic Team – SKAT) अपने रोमांचकारी करतबों से छत्तीसगढ़ और देशवासियों को गर्व, उत्साह और देशभक्ति की भावना से भर देगी। यह शो रजत जयंती समारोह का सबसे विशेष आकर्षण होगा। छत्तीसगढ़ के आकाश में गूंजेगा भारतीय शौर्य राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित यह एरोबैटिक शो छत्तीसगढ़ की प्रगति, उपलब्धियों और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। नवा रायपुर के आसमान में जब सूर्यकिरण टीम उड़ान भरेगी, तब ‘बॉम्ब बर्स्ट’, ‘हार्ट-इन-द-स्काई’ और ‘एरोहेड’ जैसी प्रसिद्ध फॉर्मेशन्स पूरे दर्शक समुदाय को रोमांच और गर्व से भर देंगी। सूर्यकिरण टीम का यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। यह दिखाएगा कि अनुशासन, तकनीक और टीमवर्क से कैसे असंभव को संभव बनाया जा सकता है।  राज्य शासन और भारतीय वायुसेना के संयुक्त प्रयास से आयोजन की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।  जनसहभागिता से सजेगा रजत जयंती का आकाश रायपुर और आसपास के जिलों से हजारों नागरिक, विद्यार्थी और परिवार इस एरोबैटिक शो को देखने नवा रायपुर पहुँचेंगे। यह छत्तीसगढ़ की जनसहभागिता और राष्ट्रीय गर्व का जीवंत उदाहरण बनेगा। ‘सूर्यकिरण एरोबैटिक शो’ केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि यह भारतीय वायुसेना के शौर्य, सटीकता और समर्पण का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती पर गर्व की उड़ान 5 नवम्बर को नवा रायपुर का आसमान गर्व, रोमांच और देशभक्ति के रंगों से भर उठेगा। सूर्यकिरण टीम का यह ऐतिहासिक शो छत्तीसगढ़ की रजत जयंती को यादगार बना देगा और हर दर्शक के मन में भारत के वीर वायुसैनिकों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना जगाएगा। उल्लेखनीय है कि 1996 में गठित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भारतीय वायुसेना की सटीकता, साहस और तकनीकी दक्षता का प्रतीक है। अपने गठन के बाद से इस टीम ने भारत की हवाई क्षमता और अनुशासन का भव्य प्रदर्शन देश-विदेश के अनेक मंचों पर किया है। सूर्यकिरण टीम एशिया की एकमात्र नौ विमान की एरोबैटिक डिस्प्ले टीम है, जो भारतीय वायुसेना की तकनीकी क्षमता, अनुशासन और समन्वय की मिसाल मानी जाती है। इनके विमानों की उड़ानें इतनी सटीक होती हैं कि कभी-कभी पंखों के बीच की दूरी पाँच मीटर से भी कम रह जाती है — यही वह कौशल है जो भारत को वैश्विक स्तर पर अलग पहचान देता है। स्वदेशी तकनीक से आत्मनिर्भर भारत की उड़ान टीम ने अपनी यात्रा की शुरुआत HJT-16 Kiran Mk-II से की थी। वर्ष 2015 में इसने स्वदेशी तकनीक पर आधारित HAL Hawk Mk-132 Advanced Jet Trainer के साथ नई उड़ान भरी। सूर्यकिरण टीम केवल हवाई करतबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा के लिए प्रेरित करती है। देश और दुनिया में 700 से अधिक प्रदर्शन अब तक सूर्यकिरण टीम ने भारत और विदेशों में 700 से अधिक प्रदर्शन किए हैं। श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, ब्रिटेन और थाईलैंड जैसे देशों में इस टीम ने भारत का गौरव बढ़ाया है। टीम ने सिंगापुर एयर शो, दुबई एयर शो और रॉयल थाई एयर फोर्स की 88वीं वर्षगांठ पर भी शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रदर्शनों ने भारत की तकनीकी क्षमता और रक्षा सहयोग की भावना को दुनिया के सामने रखा है।  खेल और संस्कृति से जुड़ा गौरवपूर्ण अध्याय 2023 में सूर्यकिरण टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में क्रिकेट विश्वकप के दौरान अपने शानदार प्रदर्शन से पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया था। इस अवसर ने खेल और सैन्य गौरव को एक साथ जोड़ने का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।  “यह छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरव का अवसर है कि भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम हमारे रजत जयंती समारोह का हिस्सा बनेगी। छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के इस ऐतिहासिक अवसर पर यह शो राज्य के विकास, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव की उड़ान का प्रतीक बनेगा। यह प्रदर्शन न केवल हमारे युवाओं में देशभक्ति और गर्व की भावना को प्रबल करेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रसेवा की प्रेरणा भी देगा। मैं प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूँ कि वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और हमारे वीर वायुसैनिकों के कौशल को सलाम करें।"- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

टीम इंडिया की तैयारी: रोहित शर्मा ने जीता फील्ड में दिल, कोहली की गैरमौजूदगी बनी चर्चा

एडिलेड भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच 23 अक्टूबर को एडिलेड ओवल में वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जाना है, जिससे पहले विराट कोहली, उप-कप्तान श्रेयस अय्यर और कप्तान शुभमन गिल ने टीम के दूसरे ट्रेनिंग सेशन में शामिल नहीं होने का फैसला किया। भारत के शीर्ष खिलाड़ियों को नेट्स पर अभ्यास करते देखने के लिए फैंस की काफी भीड़ मौजूद थी, लेकिन इन स्टार खिलाड़ियों ने वैकल्पिक प्रशिक्षण सत्र में हिस्सा नहीं लिया। इस बीच भारत के शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों में से सिर्फ रोहित शर्मा ने ही अभ्यास किया। अनुभवी भारतीय सलामी बल्लेबाज ने कुछ रन बनाए और कुछ थ्रोडाउन का सामना किया। रोहित ने नेट्स पर 15-20 मिनट बिताए, जिसमें अपनी टाइमिंग पर फोकस किया। केएल राहुल और ध्रुव जुरेल ने भी नेट्स पर बल्लेबाजी की। जुरेल को विकेटकीपिंग का अभ्यास करते भी देखा गया। उल्लेखनीय है कि पर्थ में खेले गए पहले वनडे मैच में कोहली शून्य पर आउट हो गए थे, जबकि गिल ने 18 गेंदों में सिर्फ 10 रन बनाए। अय्यर भी बारिश से प्रभावित इस मैच में संघर्ष करते दिखे और 24 गेंदों का सामना करते हुए केवल 11 रन ही बना सके। इस सत्र के दौरान टीम इंडिया ने गेंदबाजों और उनके गेंदबाजी अभ्यास पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया। गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल भी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के साथ सीम पोजीशन पर गहन चर्चा करते नजर आए। सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने नेट्स पर गेंदबाजी करते हुए गुड लेंथ क्षेत्र में कुछ मार्कर भी लगाए। पर्थ में वनडे डेब्यू करते हुए बल्ले से शानदार फॉर्म में नजर आने वाले नीतीश रेड्डी ने दूसरे ट्रेनिंग सेशन में अपनी गेंदबाजी पर फोकस किया। इस बीच कुलदीप यादव और यशस्वी जायसवाल भी नेट्स पर पसीना बहाते दिखे। भारतीय टीम पर्थ में खेले गए पहले वनडे मैच को गंवाकर सीरीज में 0-1 से पीछे है। ऐसे में मेहमान टीम आगामी मुकाबले को जीतकर सीरीज में बराबरी करना चाहेगी।