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कफ सिरप की बिक्री पर बैन, बच्चों की मौत से दहशत में मेडिकल स्टोर वाले

इंदौर  शहर में जेनेरिक कफ सिरप की बिक्री में भारी गिरावट आई है। बच्चों की मौत की खबरों के बाद लोगों ने इन दवाओं से दूरी बना ली है। इस वजह से कई आम कफ सिरप की मांग लगभग खत्म हो गई है। इंदौर केमिस्ट एसोसिएशन के मुताबिक, जेनेरिक कफ सिरप की मांग बहुत कम हो गई है। वहीं, मौसमी सर्दी-खांसी के कारण ब्रांडेड कफ सिरप की बिक्री में थोड़ी कमी आई है। कई माता-पिता अब दवाइयों की जगह घरेलू नुस्खे अपना रहे हैं। बोतलों पर लग रही वार्निंग राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने इन दवाओं पर एक खास चेतावनी लगाना अनिवार्य कर दिया है। इस चेतावनी में लिखा है, 'चार साल से कम उम्र के बच्चों को न दें।' FDA ने 4 अक्टूबर को एक पत्र जारी कर यह भी कहा है कि इन दवाओं को डॉक्टर के पर्चे के बिना नहीं बेचा जा सकता। माल वापस कर रहे दुकानदार दवा बाजार के एक थोक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, 'छोटे दुकानदार कम मांग के कारण बिना बिका माल वापस कर रहे हैं। डॉक्टर भी जब तक बहुत जरूरी न हो, कफ सिरप नहीं लिख रहे हैं।' बिना पर्चे के नहीं मिल रही कफ सिरप केमिस्ट भी डॉक्टर के पर्चे के बिना कोई भी कफ सिरप नहीं बेच रहे हैं। अशोकनगर केमिस्ट एसोसिएशन के सचिव शरद गुप्ता ने कहा, 'हमने FDA के निर्देशों के अनुसार क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फेनिलेफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाले सभी सिरप पैक कर दिए हैं और अपने वितरकों को वापस भेज रहे हैं।'  

इतिहास रचने वाली पहल: पंजाब सरकार ने शुरू की नई Policy, जानें पूरा विवरण

पंजाब  पंजाब सरकार लगातार नागरिकों की भलाई और कल्याण के लिए नई पहलें कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब में स्टेट मेंटल हेल्थ पॉलिसी की शुरुआत की गई है। यह घोषणा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर की। इस पहल को मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और मानसिक विकारों, विशेषकर डिप्रेशन, से निपटने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सभी नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस नीति के माध्यम से पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य मानसिक स्वास्थ्य नीति सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें नागरिकों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि अक्सर मानसिक रूप से प्रभावित व्यक्ति अपनी समस्याओं को अकेले झेलते हैं, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके। 

सुरजेवाला का बड़ा आरोप: परिवार की इजाजत के बिना पीजीआई ले जाया गया पूरण कुमार का शव

चंडीगढ़ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और IPS वाई पूरन कुमार के आकस्मिक निधन के बाद आज उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा।  शुक्रवार रात करीब 10 बजे गृह सचिव सुमिता मिश्रा की IAS अमनीत पी कुमार से बैठक हुई, जिसमें वाई पूरन कुमार के शव का पोस्टमार्टम करवाने पर चर्चा की गई। तो वहीं परिवार ने आरोप लगाया है कि शव को शिफ्ट बिना उनकी सहमति के किया गया. परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना उचित कार्रवाई के पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे। परिवार के रुख के कारण अब तक अंतिम संस्कार स्थगित है और PGI में शव की सुरक्षा के लिए पुलिस मौजूद है।  कांग्रेस पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शोक व्यक्त करने चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला, राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा, सांसद दीपेंद्र हुडडा, वरुण मुलाना, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान, कांग्रेस विधायक एवं पूर्व मंत्री गीता भुक्कल और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह वाई पूरन कुमार के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि तो आप सोच सकते हैं कि आम साधारण व्यक्ति को न्याय कैसे मिलेगा यह ऐसे व्यक्ति जो खुद आईजी पोस्टेड हैं। एडीजीपी रैंक में है आईआईएम अहमदाबाद से निकल कर आए हैं। इस से ज्यादा रैंक लेकर आईपीएस में आए पत्नी वरिष्ठ आईएएस अधिकारी है । अगर उन्हें न्याय नहीं मिल सकता तो जातिगत भेदभाव के शिकार होकर व्यवस्थागत भेदभाव के शिकार होकर अगर एक वरिष्ठ एडीजीपी अधिकारी को आत्महत्या करनी पड़े तो देश के और खास तौर से हरियाणा प्रदेश के हालात क्या है।  आप अंदाजा लगा सकते हैं क्या कारण है कि एक एडीजीपी रैंक के अधिकारी को पुलिस स्टेशन में मंदिर में दर्शन करने की इजाजत नहीं । क्या कारण है कि एक एडीजीपी रैंक के दलित अधिकारी को पिता की मृत्यु पर घर जाने की इजाजत नहीं क्या कारण है ।  

शीर्ष सरकारी सूत्रों ने कहा- अकाउंट सस्पेंड करने के पीछे सरकार का हाथ नहीं

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आधिकारिक फेसबुक अकाउंट सस्पेंड हो गया है। इसके बाद राजनीतिक बवाल मचा गया। सपा ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है, तो वहीं शीर्ष सरकारी सूत्रों ने कहा है कि उनके फेसबुक अकाउंट सस्पेंड करने के पीछे सरकार का कोई हाथ नहीं है। यह कार्रवाई दिशा-निर्देशों के अनुसार की गई है। वे दिशा-निर्देश जो देश के कानून के मुताबिक प्रत्येक नागरिक पर लागू होते हैं।  सरकारी सूत्रों ने कहा कि उनके अकाउंट पर एक पोस्ट थी जो सामुदायिक दिशा-निर्देशों के विरुद्ध थी और फेसबुक ने नियमों के मुताबिक कार्रवाई की है। अखिलेश के फेसबुक अकाउंट में पर 80 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे, जो एक्सेसिबल नहीं है। सपा ने इसको बीजेपी का विपक्षी आवाज दबाने का प्रयास बताया है। पार्टी प्रवक्ता फखरुल हसन ने एक्स पर लिखा- देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का फेसबुक अकाउंट सस्पेंड करना लोकतंत्र पर हमला है। बीजेपी ने अघोषित इमरजेंसी लगा दी है। हालांकि, सपा विधायक पूजा शुक्ला ने कहा कि फेसबुक ने बिना चेतावनी के अकाउंट बंद किया। यह लाखों की आवाज को दबाने की साजिश है। सपा का आरोप है कि यह सस्पेंशन बीजेपी के इशारे पर किया गया। पार्टी ने कहा कि अखिलेश ने हाल ही में बसपा प्रमुख मायावती की बीजेपी की तारीफ पर सवाल उठाए थे, जिससे ‘आंतरिक सांठगांठ’ का दावा किया। इससे पहले सपा ने चुनाव आयोग पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप लगाया था। अकाउंट सस्पेंड होने से सपा कार्यकर्ताओं में गुस्सा है। पार्टी ने फेसबुक से तुरंत बहाली की मांग की और कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। सरकारी सूत्रों ने सपा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं है। सस्पेंशन फेसबुक के कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने वाले एक पोस्ट के कारण हुआ। यह इंटरमीडियरी गाइडलाइंस के तहत कार्रवाई है, जो हर नागरिक पर लागू होती है। सरकार ने कोई दखल नहीं दिय। सूत्र ने कहा कि फेसबुक ने अभी आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन सपा का दावा है कि बिना चेतावनी के अकाउंट बंद किया गया है।  

वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन: कार्ल लुईस ने बताया क्यों है यह दृढ़ता और समावेशिता का प्रतीक

नई दिल्ली नौ बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन (वीडीएचएम) 2025 के अंतर्राष्ट्रीय इवेंट एम्बेसडर कार्ल लुईस ने आगामी विश्व एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस के लिए अपना उत्साह साझा किया और साथ ही प्रतिभागियों को खेल की परिवर्तनकारी शक्ति को दर्शाने वाले शब्दों से प्रेरित किया। यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, लुईस ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन सिर्फ़ प्रतिस्पर्धा से कहीं बढ़कर है – यह बाधाओं को तोड़ने और एक सांस्कृतिक बदलाव लाने के बारे में है जो सभी क्षेत्रों के लोगों को एक साथ लाता है। लुईस ने कहा, “बाधाओं को तोड़ना ही वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन का मूल है। इसे विशिष्ट बनाने वाली बात सिर्फ़ बाधाएं तोड़ना ही नहीं है, बल्कि खेल के माध्यम से प्रेरित सांस्कृतिक बदलाव भी है। जब शौकिया धावक ओलंपिक चैंपियनों के साथ दौड़ते हैं, तो यह दर्शाता है कि दौड़ना कैसे सभी क्षेत्रों के लोगों को एकजुट कर सकता है। हर धावक कह सकता है, ‘मैं उसके साथ दौड़ा, मैं उसके साथ दौड़ा,’ और यह अनुभव वाकई प्रेरणादायक है। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन समावेशिता, दृढ़ता और हर कदम के साथ बदलाव लाने की शक्ति के बारे में है।” युवा और उभरते एथलीटों का मार्गदर्शन करते हुए, लुईस ने अपनी यात्रा से एक गहन सलाह साझा की और कहा, “सफलता के लिए त्याग और दृढ़ता की आवश्यकता होती है। मैं ध्यान केंद्रित रखने के लिए पार्टियों में शामिल नहीं होता था। बेहतर कल के लिए आज आपको बहुत कुछ त्यागना पड़ता है। अक्सर, बच्चे दीर्घकालिक लक्ष्यों के बजाय तात्कालिक पुरस्कारों के मोह में पड़ जाते हैं। मैंने एक कठिन रास्ता चुना और बदलाव को अपनाया क्योंकि मुझे पता था कि महानता इसकी मांग करती है। हर किसी को कुछ न कुछ सुधार करना होता है, और अपने लक्ष्य तक पहुंचने में समय लग सकता है, लेकिन तात्कालिक संतुष्टि के पीछे न भागें। अपनी नजर अपने अंतिम सपने पर रखें।” कार्ल लुईस का अभूतपूर्व करियर एथलीटों और प्रशंसकों की पीढ़ियों को समान रूप से प्रेरित करता रहा है। उन्होंने 1984 से 1996 तक चार ओलंपिक खेलों में भाग लिया और असाधारण नौ स्वर्ण पदक जीते – आधुनिक ओलंपिक इतिहास में किसी भी ट्रैक और फ़ील्ड एथलीट द्वारा जीते गए सबसे ज़्यादा पदक। लॉस एंजेलिस में 1984 में उनके प्रदर्शन ने जेसी ओवेन्स के 1936 के शानदार प्रदर्शन की याद दिला दी, जिसमें उन्होंने 100 मीटर, 200 मीटर, लंबी कूद और 4×100 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीते। लुईस ने सोल 1988 के 100 मीटर फ़ाइनल में विश्व रिकॉर्ड तोड़ा, लंबी कूद में 8.67 मीटर की छलांग लगाई और बार्सिलोना 1992 में अमेरिकी विश्व रिकॉर्ड 4×100 मीटर रिले टीम का नेतृत्व किया, और अटलांटा 1996 में लगातार चौथे अभूतपूर्व लंबी कूद स्वर्ण पदक के साथ अपने करियर का समापन किया। कार्ल लुईस की विरासत खेल से परे है और उनके शब्द वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन की भावना को दर्शाते हैं। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन समावेशिता और दृढ़ता के बारे में है: कार्ल, जो हर साल कई श्रेणियों में हजारों प्रतिभागियों को आकर्षित करती है और भारत में धीरज दौड़ की संस्कृति का जश्न मनाती है। वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन 12 अक्टूबर, 2025 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू होने वाली है और इसका सुंदर मार्ग दिल्ली के प्रतिष्ठित स्थलों – लोधी गार्डन से इंडिया गेट तक – से होकर गुजरता है, इस प्रकार धावकों को एक विश्व स्तरीय रेसिंग अनुभव प्रदान करता है जो भारत के जीवंत दौड़ने वाले समुदाय को एकजुट करता है। कार्ल लुईस के एक बार फिर प्रतिभागियों को प्रेरित करने के साथ, 2025 की दौड़ संस्कृति को ऊंचा उठाने और सभी स्तरों के एथलीटों को सीमाओं को चुनौती देने और दौड़ने के आनंद का जश्न मनाने के लिए प्रोत्साहित करने का वादा करती है।  

WTC में इतिहास रचा शुभमन गिल ने, रोहित शर्मा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा

नई दिल्ली  भारतीय कप्तान शुभमन गिल टेस्ट क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखा रहे हैं. शुभमन ने 11 अक्टूबर (शनिवार) को वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट मैच के दूसरे दिन शतक जड़ दिया. शुभमन ने भारत की पहली पारी के 130वें ओवर में खैरी पियरे की पांचवीं गेंद पर तीन रन लेकर अपना 10वां टेस्ट शतक पूरा किया. शुभमन ने 13 चौके और एक सिक्स की मदद से 176 गेंदों पर अपनी ये सेंचुरी कम्पलीट की. शुभमन गिल का कप्तान के रूप में 12 पारियों में पांचवां टेस्ट शतक है. केवल एलिस्टेयर कुक (9 पारी) और सुनील गावस्कर (10 पारी) ने बतौर कप्तान शुभमन से कम पारियों में इतने शतक बनाए. शुभमन ने ये पांचों टेस्ट शतक इस साल बनाए हैं. एक कैलेंडर ईयर में बतौर कप्तान 5 टेस्ट शतक जड़ने वाले वो दूसरे भारतीय हैं. शुभमन से पहले विराट कोहली ही ऐसा कर पाए थे. विराट ने दो बार ये उपलब्धि हासिल की थी. शुभमन गिल अब वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले भारतीय बल्लेबाज बन चुके हैं. शुभमन ने रोहित शर्मा को पछाड़ दिया, जिन्होंने डबल्यूटीसी में 9 शतक जड़े थे. शुभमन गिल ने डब्ल्यूटीसी में अब तक 71 पारियों में 43.47 की औसत से 2826 रन बनाए हैं, जिसमें 10 शतक शामिल रहे. शुभमन डब्ल्यूटीसी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज भी बन चुके हैं. शुभमन ने इस मामले में भी रोहित शर्मा को पछाड़ा, जिन्होंने 2716 रन बनाए थे. एक कैलेंडर वर्ष में पांच टेस्ट शतक (भारतीय कप्तान) 2017- विराट कोहली 2018- विराट कोहली 2025- शुभमन गिल यशस्वी जायसवाल ने भी लगाया था शतक शुभमन गिल ने इस इनिंग्स के दौरान बतौर भारतीय कप्तान टेस्ट क्रिकेट में हजार रन भी पूरे कर लिए. शुभमन गिल ने 196 गेंदों का सामना करते हुए 129* रन बनाए, जिसमें 16 चौके और दो छक्के शामिल रहे. शुभमन गिल का घर पर ये सबसे बड़ा टेस्ट स्कोर रहा. इससे पहले शुभमन का घर पर बेस्ट स्कोर 128 रन था, जो उन्होंने साल 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहमदाबाद में बनाया था. दिल्ली टेस्ट में भारत की ओर से पहली पारी में शुभमन से पहले यशस्वी जायसवाल ने भी शतक (175 रन) जड़ा था. शुभमन-यशस्वी के शतकों के दम पर भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी 518/5 के स्कोर पर घोषित कर दी. 5 टेस्ट शतक बनाने के लिए सबसे कम पारियां (भारतीय कप्तान) 10- सुनील गावस्कर 12- शुभमन गिल 18- विराट कोहली

कोल्डरिफ कफ सिरप दिल्ली में भी प्रतिबंधित, औषधि विभाग ने बताया ‘मानक गुणवत्ता से कम’

नई दिल्ली कई बच्चों की जान लेने वाली कफ सिरप Coldrif के खिलाफ लगातार एक्शन लिया जा रहा है. दवा की बिक्री पर रोक लगाने वाले राज्यों या केंद्र शासित प्रदेश में दिल्ली का नाम भी शामिल हो गया है. दिल्ली सरकार ने अपने आदेश के जरिए Colddrif सिरप की बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन पर रोक लगा दी. इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने खुदरा और थोक दवा विक्रेताओं को तत्काल प्रभाव से Colddrif कफ सिरप की बिक्री और खरीद रोक लगा दिया. वहीं मणिपुर ने ‘अत्यधिक विषाक्त’ रसायन वाले दो कफ सिरप ब्रांड पर अपने यहां रोक लगा दी. दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग ने अपने सार्वजनिक नोटिस में कोल्डरिफ कफ सिरप (Coldrif Syrup) को “मानक गुणवत्ता से कम” (Not of Standard Quality) घोषित किया है. यह सिरप स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया है क्योंकि इसमें डाइथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) 46.28% पाया गया है, जो शरीर के लिए बहुत ही विषैला होता है. सिरप का इस्तेमाल नहीं करने की अपील जिस दवा Coldrif Syrup (Paracetamol, Phenylephrine Hydrochloride, Chlorpheniramine Maleate Syrup) की बिक्री पर रोक लगाई गई है, वो मई 2025 में मैन्यूफैक्चर हुआ था और उसकी एक्सपायरी डेट अप्रैल 2027 थी. इस दवा की निर्माता कंपनी तमिलनाडु की कांचीपुरम जिले की कंपनी श्रीसेन फार्मा कंपनी (Sresan Pharmaceutical Manufacturer) है. आदेश के अनुसार, सभी दवा विक्रेताओं, वितरकों और थोक व्यापारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे इस कफ सिरप की खरीद, बिक्री और ड्रिस्ट्रीब्यूशन तुरंत रोक दें. आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे इस सिरप का इस्तेमाल न करें. कंपनी का मालिक 10 दिन की रिमांड पर इस बीच मध्य प्रदेश में 20 से ज्यादा बच्चों की मौत की जिम्मेदार कोल्ड्रिफ बनाने वाली श्रीसेन फार्मा कंपनी के मालिक रंगनाथन गोविंदन को कल शुक्रवार को छिंदवाड़ा की एक कोर्ट ने 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया. विशेष जांच दल (एसआईटी) के प्रमुख जितेंद्र जाट ने बताया कि रंगनाथन को 2 दिन पहले गुरुवार को तमिलनाडु से हिरासत में लिया गया था. फिर उन्हें चेन्नई की एक कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लिए जाने के बाद परासिया शहर में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम गुर्जर के समक्ष पेश किया गया. कोर्ट ने रंगनाथन को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. वहीं छिंदवाड़ा के अतिरिक्त जिलाधिकारी धीरेंद्र सिंह नेत्री का कहना है कि अब तक दूषित कोल्ड्रिफ सिरप की वजह से 22 बच्चों की मौत हो चुकी है. अधिकारियों के अनुसार, छिंदवाड़ा और कई अन्य जिलों के बच्चों की मौत संदिग्ध रूप से किडनी खराब होने की वजह से हुई है, जिसका संबंध खराब कोल्ड्रिफ कफ सिरप लेने से है. राज्य के कुछ बच्चों का नागपुर में इलाज चल रहा है. उनका कहना है कि जिस फैक्टरी में कफ सिरप बनाया जा रहा था, उसे सील कर दिया गया है. बंगाल ने भी लगाई अपने यहां रोक दूसरी ओर, मणिपुर सरकार ने कल शुक्रवार को कफ सिरप के 2 ब्रांड पर रोक लगा दिया, जिनमें ‘अत्यधिक विषाक्त रसायन’ मिले हैं. राज्य के औषधि नियंत्रण विभाग ने मणिपुर में इन दोनों उत्पादों की बिक्री और सेवन पर रोक लगा दिया है तथा सभी खुदरा विक्रेताओं, वितरकों और दुकानदारों से कहा गया है कि वे प्रभावित बैचों को तुरंत दुकानों से हटा लें और इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट भी दें. मणिपुर की तरह बंगाल केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन (बीसीडीए) ने भी अपने यहां सभी खुदरा और थोक दवा विक्रेताओं को तत्काल प्रभाव से कफ सिरप की बिक्री और खरीद रोकने का निर्देश दिया है. साथ ही इस इस सिरप का स्टॉक नहीं करने की चेतावनी भी दी. इससे पहले भी कई राज्य इस पर रोक लगा चुके हैं.  

मादक पदार्थ नियंत्रण को लेकर बड़ी पहल, राज्य में बनी नार्को कोऑर्डिनेशन समिति

भोपाल  मध्य प्रदेश शासन ने नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नार्को कोऑर्डिनेशन (एनसीओआरडी) समिति का पुनर्गठन किया गया है। यह समिति राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी, उनकी अवैध खेती और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगी। समिति में गृह, चिकित्सा शिक्षा, सामाजिक न्याय, वन, कृषि, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव शामिल होंगे। साथ ही पुलिस महानिदेशक, एनसीबी, डीआरआई, सीबीएन, ईडी, राज्य एड्स नियंत्रण समिति, डाक विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी सदस्य बनाए गए हैं। यह समिति राज्य में नशे की रोकथाम से जुड़े सभी पहलुओं पर नीति और रणनीति तैयार करेगी। इसके तहत ड्रग्स की तस्करी पर निगरानी, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों से होने वाले अवैध परिवहन को रोकना, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाना और नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना जैसे कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा समिति राज्य में फोरेंसिक जांच क्षमता को बढ़ाने, अवैध मादक फसलों की खेती वाले क्षेत्रों में वैकल्पिक विकास कार्यक्रम चलाने और केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड के उपयोग की निगरानी भी करेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि इस समिति के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी पर सख्त नियंत्रण किया जा सके और समाज में नशा मुक्त वातावरण तैयार किया जाए। 

ऐतिहासिक फैसला: पंजाब सरकार की नई नीति से लाखों लोगों को मिलेगा फायदा

पंजाब पंजाब सरकार लगातार नागरिकों की भलाई और कल्याण के लिए नई पहलें कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पंजाब में स्टेट मेंटल हेल्थ पॉलिसी की शुरुआत की गई है। यह घोषणा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर की। इस पहल को मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और मानसिक विकारों, विशेषकर डिप्रेशन, से निपटने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। नई नीति का मुख्य उद्देश्य लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सभी नागरिकों को उच्च गुणवत्ता वाली मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि इस नीति के माध्यम से पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हर व्यक्ति को मानसिक रूप से स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा कि पंजाब राज्य मानसिक स्वास्थ्य नीति सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें नागरिकों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि अक्सर मानसिक रूप से प्रभावित व्यक्ति अपनी समस्याओं को अकेले झेलते हैं, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शामिल किया जाएगा, ताकि जरूरतमंदों को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके। 

MP ट्रैवल मार्ट 2025 का आगाज़ आज, पर्यटन और सिनेमा जगत की हस्तियों का लगेगा जमावड़ा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मध्यप्रदेश ट्रैवल मार्ट (एमपीटीएम) 2025 का शुभारंभ करेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास राज्यमंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी करेंगे। मुख्यमंत्री शुभारंभ से पहले विशिष्ट आमंत्रित डेलीगेट के साथ वन-ऑन-वन मीटिंग्स में पर्यटन निवेश और सहयोग के अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसी अवसर पर भारत भवन में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पर्यटन विभाग और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। इस समझौते का उद्देश्य राज्य में एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों के आसपास पर्यटन अधोसंरचना और सुविधाओं का विकास करना है। कार्यक्रम में इंडियन एसोसिएशन फॉर टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के प्रेसिडेंट रवि गोसाईं, अभिनेता रघुवीर यादव, हर्षिल टूर एण्ड ट्रेवल्स के प्रवीण शाह, आईएचसीएल के प्रवीण चंदेर कुमार और क्यूरियस जर्नी की मिशेल इमेलमेन सहित 700 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इसमें 27 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर, 150 घरेलू टूर ऑपरेटर और 355 सेलर्स उपस्थित होंगे। मुख्यमंत्री इस अवसर पर रायसेन जिले में गोल्फ कोर्स और खंडवा जिले में वेलनेस रिसॉर्ट के लिए निवेशक विनायक कालानी को लैटर ऑफ अवॉर्ड देंगे। इसके अलावा कर्ली टेल्स, बालाजी टेलीफिल्म और अतावी बर्ड फाउंडेशन के साथ पर्यटन क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। मध्यप्रदेश फिल्म पर्यटन नीति के प्रभाव आकलन रिपोर्ट का विमोचन भी इस कार्यक्रम में किया जाएगा। मध्य प्रदेश में हनुवंतिया, मांडू और तामिया में टेंट सिटी की स्थापना के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड दिए जाएंगे। ओरछा में टेंट सिटी के संचालन के लिए आगमन संस्था को और हेलीकॉप्टर सेवा के लिए जेट सर्व एविएशन प्रालि व ट्रांस भारत एविएशन प्रालि को लेटर ऑफ अवॉर्ड प्रदान किया जाएगा। फैम ट्रिप्स के माध्यम से देश-विदेश से आए 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने खजुराहो, पन्ना, ओरछा, भीमबेटका, मढ़ई, पचमढ़ी, इंदौर, महेश्वर, मांडू, उज्जैन, जबलपुर, कान्हा, पेंच और भोपाल के पर्यटन स्थलों का अनुभव किया। इन यात्राओं में प्रतिनिधियों ने स्थानीय जीवनशैली, लोककला, हस्तशिल्प और ग्रामीण परिवेश से जुड़कर 'अतुल्य मध्य प्रदेश' की असली आत्मा का अनुभव किया। इस भव्य आयोजन से मध्य प्रदेश पर्यटन के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी और राज्य में निवेश के अवसरों में वृद्धि होगी।