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मुख्यमंत्री योगी के निर्देशन में AI के जरिये विकास का मॉडल बन रहा उत्तरप्रदेश

एआई में वैश्विक मानक तय कर रहा ‘योगी का यूपी’ यूपी फतेहपुर में भारत का पहला एआई आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र कृषि में हाईटेक बदलाव: यूपी के 10 लाख से अधिक किसान एआई से जुड़े शिक्षा, सुरक्षा में प्रदेशवासियों के लिए नया मुकाम स्थापित कर रहा एआई उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ बनाई जा रही देश की पहली पूर्ण विकसित एआई सिटी लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एआई के जरिए हर क्षेत्र में वैश्विक मानक तय कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि तकनीक के जरिए उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचे। दुनिया भर में सरकारें एक तरफ जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं। इसे लेकर अधिकतर देश और राज्य अभी प्रयोग कर रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश एआई को ऐसे पैमाने पर लागू कर चुका है, जो कई वैश्विक उदाहरणों की बराबरी करता है। यूपी का नेतृत्व करने वाले योगी आदित्यनाथ ने तकनीक को नारे की जगह शासन का सिद्धांत बना दिया है, जिसके जरिए भी यूपी अपने समृद्ध भविष्य को नए सिरे से गढ़ रहा है। रणनीतिक छलांग: भारत के पहले एआई सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश की पहला पूर्ण विकसित एआई सिटी बनाई जा रही है। अन्य “स्मार्ट सिटी” मॉडलों की तुलना में यहां तकनीक ढांचों को मजबूत किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ को केवल राजधानी नहीं, बल्कि एआई आधारित शासन का राष्ट्रीय कमांड सेंटर बना रहे हैं।     •    राज्य समर्थित एआई इनोवेशन हब     •    10,000+ GPUs वाला सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर     •    अपनी ही भाषा में बने बहुभाषी एआई मॉडल     •    वैश्विक एआई कंपनियों को आकर्षित करने वाला R&D ढाँचा     •    इंडियाएआई मिशन के अनुरूप नीति ढाँचे स्वास्थ्य में एआईः इस क्षेत्र में बड़ी क्रांति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य क्षेत्र बड़ी क्रांति से गुजर रहा है। यह बदलाव सीएम योगी के उस सोच को प्रदर्शित करता है, जहां स्वास्थ्य केवल इलाज नहीं, बल्कि पूर्वानुमान पर केंद्रित होना चाहिए। एआई इसे संभव बना रहा है।     • यूपी के फतेहपुर में भारत का पहला AI-आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र बनया गया है, जो अधिक सटीकता और शुरुआती पहचान में सक्षम है।     • सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा मैनुअल रिपोर्टिंग से हटकर प्रेडिक्टिव मॉडलिंग की ओर बढ़ रहा है।     •सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नि:शुल्क एआई और क्लाउड कोर्स, ताकि अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य-तकनीक विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें। शिक्षा में एआईः अधिक स्मार्ट और स्केलेबल लर्निंग सिस्टम सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी का शिक्षा ढाँचा डिजिटल रूप से नए सिरे से तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तकनीक को ग्रामीण कक्षाओं और वैश्विक शिक्षा मानकों के बीच का संपर्क सेतु मानते हैं। इस सेतु का निर्माण तेज़ गति से हो रहा है।     •माध्यमिक शिक्षा परीक्षाओं में AI bots सहायक भूमिका निभा रहे हैं, जिससे त्रुटियाँ और अनियमितताएँ कम हो रही हैं।     •शिक्षक व छात्र एआई टूल्स में प्रशिक्षित हो रहे हैं, जिससे सीखने के नए मार्ग खुल रहे हैं     • उत्तर प्रदेश एआई आधारित व्यक्तिगत शिक्षा प्रणाली की नींव डाल रहा है। कृषि में हाई-टेक बदलाव: दस लाख से अधिक किसान एआई से जुड़े यूपी कृषि के जरिए यूपी आर्थिक शक्ति बन रहा है। विश्व बैंक समर्थित यूपी एग्रीज के माध्यम से 10 लाख से अधिक किसान अब एआई आधारित सलाह से जुड़ चुके हैं। उपग्रह चित्रों, मिट्टी विश्लेषण, मौसम मॉडल और RFID आधारित संसाधन ट्रैकिंग का उपयोग कर रहे हैं, इसके जरिए…     • फसल उत्पादन में सुधार     • जोखिम का तेज़ पूर्वानुमान     • पानी व खाद का कम से कम उपयोग     • संसाधनों की सटीक निगरानी पारदर्शी व समयबद्ध ढंग से मिल रहा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कल्याणकारी व्यवस्थाएँ इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली बन रही हैं। इसके जरिए कल्याण योजनाएं धीमी सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि रियल-टाइम सार्वजनिक सेवा बन चुका है। एआई समर्थित तंत्र से फायदा :     • वास्तविक लाभार्थी डेटाबेस तैयार कर रहे हैं     • धोखाधड़ी को तुरंत पहचान रहे हैं     • डीबीटी को तेज़ और अधिक सटीक बना रहे हैं     • सही योजना को सही नागरिक से जोड़ रहे हैं सार्वजनिक सुरक्षा में एआईः सुरक्षा का नया मानक राज्य के कई नगर निगमों में एआई आधारित प्रणालियाँ कानून-व्यवस्था को नए स्तर पर ले जा रही हैं। इसके लिए अनेक कार्य हो रहे हैं, जिसके परिणाम भी मिल रहा है।     • फेसियल रिकॉग्निशन नेटवर्क     • वाहन ट्रैकिंग     • पुलिस नियंत्रण कक्षों से जुड़े SOS सिस्टम     • प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स आधारित निगरानी     • जेलों में “Jarvis” जैसे एआई सुरक्षा तंत्र राजस्व और संसाधन प्रबंधन: निष्पक्ष निर्णायक के रूप में एआई भूमि विवादों से लेकर अवैध खनन तक यूपी शासन-प्रशासन एआई और सैटेलाइट विश्लेषण का उपयोग डेटा आधारित, निष्पक्ष निर्णय के लिए कर रहा है। इसके जरिए भ्रष्टाचार कम, समाधान तेज और जवाबदेही मजबूत हो रही है।     • भूमि रिकॉर्ड का डिजिटल मानचित्रण     • अतिक्रमण की स्वत: पहचान     • अवैध खनन की वास्तविक समय में निगरानी     • जिलों के प्रदर्शन की डिजिटल ट्रैकिंग API आधारित शासन: ‘ध्वनि’ बन रहा है यूपी का एआई ऑपरेटिंग सिस्टम एनआईसी द्वारा निर्मित ध्वनि प्लेटफ़ॉर्म उत्तर प्रदेश का आधुनिक शासन इंजन बन रहा है। एआई आधारित APIs सीधे शिकायत निस्तारण से लेकर स्वचालित सेवाओं के क्रियान्वयन तक विभागीय कार्यों के प्रवाह से जुड़ते हैं। साथ ही आधुनिक रूप से मजबूत होते हुए विभाग अलग-अलग नहीं, बल्कि जुड़ी हुई डेटा प्रणाली के रूप में काम करते हैं।

सीएम युवा उद्यमी योजना, रोजगार मेला व ओडीओपी योजना की बढ़ी विश्व स्तर पर प्रतिष्ठा

  ओडीओपी योजना के तहत यूपी के परंपरागत एवं स्थानीय शिल्प को आईआईटीएफ 2025 में मिल रही वैश्विक पहचान आईआईटीएफ 2025 में प्रदेश के युवाओं की भागीदारी बन रही युवाओं की रचनात्मकता और उद्यमशीलता के प्रदर्शन का मंच   लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एक युवा केंद्रित विकास की लहर का साक्षी बन रहा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण हमें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 (आईआईटीएफ) में देखने को मिल रहा है। इस वर्ष आईआईटीएफ 2025 में यूपी की भागीदारी ने न केवल प्रदेश के युवाओं की रचनात्मकता और उद्यमशीलता को उजागर कर रही है, बल्कि योगी सरकार की युवा प्रतिभाओं को नवाचार एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित करने और विकास के अवसर सृजित करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित कर रही है। सीएम योगी के विजन में प्रदेश में चलाए जा रहे रोजगार मेला, सीएम युवा कार्यक्रम और ओडीओपी योजना उत्तर प्रदेश के युवाओं को सशक्त बना रही हैं। जो न केवल राज्य के युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करने, उनके कौशल का विकास करने और उनमें उद्यमिता व नवाचार को बढ़ावा दे रही है। जहां रोजगार मेले युवाओं को रोजगार से जोड़ते हैं, तो वहीं सीएम युवा कार्यक्रम का ध्येय उनके कौशल और क्षमताओं को मजबूती प्रदान करना है। सीएम युवा कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को कौशल, मार्गदर्शन और संसाधनों से लैस करता है ताकि वे अपने उद्यमों को शुरू कर सकें ताकि वे ऐसे उद्यम या व्यवसाय स्थापित कर सकें, जो दूसरों के लिए भी रोजगार सृजित कर सकें। सीएम योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना ओडीओपी, उन्हें उनके अपने ही जनपद में स्थानीय कौशलों को सफल व्यवसायों में बदलने में मदद करता है। सीएम योगी की इस योजना का अनुकरण वर्तमान में देश के अन्य राज्य भी कर रहे हैं। आईआईटीएफ में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने वाले कई युवाओं ने साझा किया कि योगी सरकार की इन योजनाओं ने कैसे उनके स्टार्ट अप आइडिया, उनके परंपरागत व स्थानीय कौशलों को फलते-फूलते उद्यमों में बदलने में मदद की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना एक ऐसे भविष्य का है जहां उत्तर प्रदेश के युवा नौकरी तलाशने वाले न होकर नौकरी सृजित करने वाले बनें, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में नवाचार और आत्मनिर्भरता को गति दें, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएं। योगी सरकार की युवा-अनुकूल नीतियों ने राज्य के विकास को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कौशल उन्नयन से लेकर स्टार्टअप समर्थन तक राज्य प्रशासन ने एक ऐसा वातावरण तैयार किया है जो युवाओं को अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सशक्त बनाता है। राज्य सरकार की ये पहलें केवल व्यक्तियों की मदद ही नहीं कर रही हैं, बल्कि वे उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के आधारभूत ढांचे को मजबूत भी कर रही हैं। जिसमें नई विचारधाराएं, तकनीकी नवाचार और ऊर्जावान भागीदारी मुख्यधारा में आ रही हैं। आईआईटीएफ और यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय व प्रतिष्ठित मंचों में राज्य के युवा उद्यमियों की बढ़ती उपस्थिति योगी सरकार की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का मजबूत प्रतिबिंब है। जिस तरह से राज्य के युवा आत्मविश्वास के साथ आगे आ रहे हैं, हैंडीक्राफ्ट से लेकर कृषि-आधारित उद्योगों तक विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार ला रहे हैं, उत्तर प्रदेश अवसरों और उद्यमिता का केंद्र बनकर उभर रहा है। योगी सरकार का युवाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी राज्य की राह प्रशस्त कर रहा है।

योगी सरकार में ओडीओपी और नीतिगत सुधार बन रहे आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम

ओडीओपी से बदला महिलाओं का आर्थिक परिदृश्य, लाखों हस्तशिल्पियों को मिला वैश्विक मंच स्वयं सहायता समूह व मुद्रा ऋण से मजबूत हुई ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति परंपरागत कलाओं को पुनर्जीवित कर महिलाओं ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान मिशन शक्ति से लेकर ई–कॉमर्स लिंकेज तक, नीतिगत सुधारों से महिलाओं की सशक्त भागीदारी हुई सुनिश्चित लखनऊ, उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार की सर्व समावेशी नीतियां अब राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपना व्यापक प्रभाव दिखा रही हैं। इसी का सकारात्मक परिणाम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) में भी देखने को मिल रहा है। इस वृहद आयोजन में इस वर्ष उत्तर प्रदेश की महिलाओं की असाधारण भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि योगी सरकार की योजनाएँ महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। मिशन शक्ति, मुद्रा ऋण, कन्या सुमंगला, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के विस्तार और ओडीओपी जैसी पहल ने महिलाओं को न केवल स्वरोजगार से जोड़ा है बल्कि उन्हें वैश्विक मंच तक पहुँचाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। यही कारण है कि आईआईटीएफ के ओडीओपी पवेलियन में 60% भागीदारी महिलाओं की रही है, जहां उनकी पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों ने देश–विदेश के खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया है। ओडीओपी और सरकारी नीतियों ने लुप्त होती कलाओं को पुनर्जीवित कर महिलाओं की आय, सम्मान और पहचान तीनों में वृद्धि की है। योगी सरकार की नीतियां बदल रहीं महिलाओं की तकदीर महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दिलाने के लिए योगी सरकार ने मिशन शक्ति को बड़े स्तर पर लागू किया है। इसके तहत 15.35 लाख महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 1.14 करोड़ से अधिक खाते स्वीकृत हुए, जिनमें 80% से अधिक लाभार्थी महिलाएँ थीं। वहीं, कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से 15 लाख से अधिक बालिकाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ा गया। इन नीतियों से महिलाओं की श्रम भागीदारी दर में भी तेजी से सुधार हुआ  है, जो 2017 के 10.6% से बढ़कर 2023 में 17.5% से अधिक हो चुकी है। सरकार की योजनाओं ने महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता व उद्यमिता को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक आधार दोनों प्रदान किए हैं। ओडीओपी से महिलाएं बनीं बड़े स्तर की उद्यमी, आईआईटीएफ में दिखा प्रभाव उत्तर प्रदेश की ओडीओपी योजना महिलाओं के लिए आर्थिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। ओडीओपी के जरिए लाखों महिला कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों को लाभ मिला है। इनमें चिकनकारी, जरी-जरदोजी, पीतल उद्योग, बनारसी सिल्क, टेराकोटा, लकड़ी के खिलौने और अनेक पारंपरिक शिल्प शामिल हैं। 60,000 से अधिक महिला कारीगरों को फ्री प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट प्रदान किए जाने से उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। ई-कॉमर्स के माध्यम से हजारों महिला एमएसएमई उद्यमियों को अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्मों से जोड़कर वैश्विक बाजारों तक पहुँचाया गया, जिससे निर्यात में वृद्धि हुई और आय में स्थायी सुधार दर्ज हुआ। आईआईटीएफ के ओडीओपी पवेलियन में 60% महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने अपनी कला से उत्तर प्रदेश को देश–विदेश में पहचान दिलाई। यह न सिर्फ राज्य की परंपरागत कला के पुनरुत्थान का सबूत है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक उत्थान का भी। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार के सतत प्रयास बने बदलाव की आधारशिला महिलाओं की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर किया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 4.5 लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया। योगी सरकार के सकारात्मक प्रयासों का संपूर्ण प्रभाव आईआईटीएफ में साफ नजर आया, जहां महिला उद्यमियों ने न केवल बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाई। झांसी की वंदना व शिवानी शर्मा का उदाहरण अनुकरणीय है। इन्होंने ओडीओपी केटेगरी के अंतर्गत न केवल प्रशिक्षण व वित्तीय सहायता प्राप्त की, बल्कि घर आधारित काम को संगठित उद्यम में बदला। इसका परिणाम है कि आईआईटीएफ में उनके पारंपरिक खिलौना उत्पादों को न केवल बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं बल्कि आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे परंपरागत कलाओं को नया जीवन और महिलाओं को नई उड़ान देने में योगी सरकार की नीतियां निर्णायक साबित हुई हैं।

सौर ऊर्जा क्रांति : किसानों और छोटे कारोबारियों को मिल रही बड़ी राहत, 2.75 लाख से ज्यादा घर रोशन

मासिक खर्च में हो रही है 15-20% की बचत, छोटे व्यवसायों को मिली नई गति डबल इंजन सरकार द्वारा ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी की गई है वितरित लखनऊ,  प्रदेश के पिछड़े और ग्रामीण इलाकों में पीएम सूर्य घर योजना नई उम्मीद बनकर उभरी है। सौर ऊर्जा आधारित इस योजना ने किसानों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के जीवन में आर्थिक राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इस योजना के क्रियान्वयन में तेजी दिखाई है और राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में जगह बनाई है। अधिकृत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 2,75,936 घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इससे उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और ऊर्जा निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। स्थापना के मामले में यूपी गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में प्रदेश दूसरे स्थान पर है। इस योजना का सबसे बड़ा प्रभाव छोटे व्यवसायों पर दिखाई दे रहा है। बिजली कटौती से पहले जहां वेल्डिंग, आटा चक्की, किराना स्टोर, नाई की दुकान और मोबाइल रिपेयर जैसी इकाइयां प्रभावित होती थीं, वहीं अब सौर ऊर्जा से इनके संचालन में रुकावट नहीं होती। लगातार बिजली उपलब्ध होने से इन व्यवसायों की आय स्थिर हुई है और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बिजली बिल लगभग शून्य होने से उनके मासिक खर्च में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी आई है। कई परिवार अब शिक्षा, स्वास्थ्य और बचत की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ पा रहे हैं। 31 अक्टूबर तक प्रदेश में ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। सब्सिडी मिलने से योजना के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और रूफटॉप सोलर स्थापना में तेजी आई है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और बरेली इस योजना के प्रमुख लाभार्थी जिले हैं। अकेले इन चार जिलों में 8,000 से अधिक रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित हो चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ में 4,271, वाराणसी में 1,672, कानपुर नगर में 1,410 और बरेली में 1,145 संयंत्र लगाए गए हैं। अन्य जिलों में भी स्थापना कार्य तेजी से जारी है।

धान खरीदी से पहले मचा हड़कंप: जंगल में मिली 143 बोरी, बिचौलिए फरार, वाहन जब्त

बलरामपुर छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की शुरुआत से पहले ही पड़ोसी राज्यों के बिचौलिए सक्रीय हो गए हैं. बलरामपुर के रामचंद्रपुर विकासखंड में पुलिस और राजस्व टीम कड़ी निगरानी कर रही है. इस कड़ी में अवैध धान परिवहन पर टीम ने शिकंजा कसा है. यूपी से आ रही पिकअप वाहन को अवैध धान परिवहन करते पकड़ा गया है. साथ ही जंगल से 143 बोरी धान जब्त किया गया है. अनुविभागीय अधिकारी ने जानकारी दी कि राजस्व, पुलिस के टीम द्वारा गस्ती के दौरान यूपी से आ रही 1 पिकअप वाहन अवैध धान परिवहन करते हुए जब्त किया गया. साथ ही प्रशासनिक टीम के पहुंचने की भनक लगते ही अवैध परिवहन कर रहे दो अन्य पिकअप वाहन चालकों ने जंगल में धान को छोड़कर अन्यत्र दिशा मे चले गए. मौके पर मौजूद टीम ने धान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नेताम ने बताया कि जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर सख्त निगरानी रखी जा रही है. किसी भी व्यक्ति द्वारा अवैध धान परिवहन किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि आगामी समय में भी रात के समय गश्त और तेज़ की जाएगी ताकि धान के अवैध परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके.

मुख्यमंत्री ने किया राष्ट्रीय युवा उत्सव-2025 में विजेता प्रतिभागियों को सम्मान

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं से भरा प्रदेश भी है, जो खेल, संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है और इस दिशा में ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ अभियान को अपार जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा उत्सव-2025 और यूथ पार्लियामेंट-2025 के विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और टैबलेट प्रदान कर सम्मानित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विधायक व सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया साथ ही युवा संवर्धन केंद्रों की शुरुआत की और 16,000 युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को खेल सामग्री (स्पोर्ट्स किट) प्रदान की। मुख्यमंत्री ने सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों को भी सम्मानित किया। युवाओं के लिए दीपावली से पहले मिला खेलों का उपहार- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपावली से पहले खेल सामग्री का वितरण युवाओं के लिए सरकार का एक विशेष उपहार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1.05 लाख से अधिक युवक और महिला मंगल दल सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और अब तक 80 हजार से अधिक मंगल दलों को खेल किट उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में खेलकूद की प्रतियोगिताएं शुरू होंगी, ग्राम स्तर से लेकर न्याय पंचायत, ब्लॉक, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर तक यही प्रतियोगिताएँ आगे चलकर विधायक और सांसद खेलकूद प्रतियोगिता का रूप लेंगी। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को स्वस्थ रखने का माध्यम है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ही विकास की प्रेरणा है। लोक संस्कृति और खेल दोनों बनेगा प्रदेश के विकास का आधार- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल खेलकूद तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों में लोक गायन, लोक कथा, नाटक मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने सोनभद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बुजुर्गों के बीच रस्साकशी प्रतियोगिता कराकर समाज में उत्साह का वातावरण बना दिया गया। सीएम योगी गांवों में आयोजित होने वाले रामलीला के मंचन का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां गांव के लोग खुद चंदा इकट्ठा कर रामलीला का आयोजन करते हैं और खुद अलग-अलग किरदार अदा कर मंचन भी करते हैं। हमारे युवाओं को इसमें भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोक गायन और लोक कथाएँ हमारे इतिहास और पूर्वजों की गाथाएं हैं। इन्हें जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है। मिशन शक्ति कार्यक्रम से जुड़े महिला मंगल दल- सीएम सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार का महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर ‘मिशन शक्ति’ का पंचम चरण चल रहा है। इस पंचम चरण के पीछे का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता और महिलाओं के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर क्या-क्या कार्यक्रम हुए हैं, इन कार्यक्रमों के बारे में महिलाओं को जागरूक करना और उनको बताना है। महिला मंगल दल का दायित्व बनता है कि अपने-अपने ग्राम पंचायत के साथ उन कार्यक्रमों से जुड़ें और उसे सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ बना जनांदोलन- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ अभियान को लेकर प्रदेश में 28 घंटे की विधानसभा चर्चा के बाद व्यापक जनसंवाद चलाया गया। इसमें 300 से अधिक बुद्धिजीवियों को 1,000 अकादमिक संस्थानों में भेजा गया और 57,600 ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, जिला पंचायतों और ब्लॉक समितियों से सुझाव प्राप्त किए गए। उन्होंने कहा कि समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के अलग- अलग तबकों से अबतक 40 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी तो क्षेत्र पंचायतें और जनपद भी विकसित होंगे। जनपद विकसित होंगे तो प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा और यही विकसित भारत के ‘विजन 2047’ की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गाँव से विकास की शुरुआत होगी तो देश को आत्मनिर्भर बनने से कोई नहीं रोक सकता। खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता बन चुका है- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में 500 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। इनमें डिप्टी एसपी, नायब तहसीलदार और खेल अधिकारियों के पद शामिल हैं। सीएम योगी ने कहा कि नेशनल और इंटरनेशनल पुलिस गेम्स में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सर्वाधिक मेडल जीते हैं, जो इस नीति की सफलता का प्रमाण है। हर गाँव में खेल मैदान और ओपन जिम का हो रहा निर्माण- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान हो, ताकि बच्चे और युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकें और सरकार इस पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हर ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जनपद स्तर पर मुख्य स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ओपन जिम और खेल प्रशिक्षण केंद्रों को भी तेजी से विकसित किया जा रहा है। 50 विकासखंडों में युवा केंद्रों की स्थापना शुरू की गई है- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ‘युवा साथी पोर्टल’ नामक एआई-इनेबल्ड इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म पर अब तक 12.64 लाख युवाओं ने पंजीकरण कराया है। इसके माध्यम से युवाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, 50 विकासखंडों में 2 करोड़ रुपये की लागत से युवा केंद्रों की स्थापना शुरू की गई है।   ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा उत्तर प्रदेश- सीएम योगी सीएम योगी ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 1.5 लाख युवाओं ने रील प्रतियोगिता, यूनिटी मार्च और पॉडकास्ट जैसे आयोजनों में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि यह एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करने का अद्भुत उदाहरण है। सीएम योगी ने कहा कि युवा ही 2047 के विकसित भारत के निर्माता हैं। 2047 में जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब उसकी आधारशिला आज के युवा रखेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवक मंगल दल और महिला मंगल दल इस परिवर्तन के अग्रदूत बनें। उत्तर प्रदेश न केवल जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़ा … Read more

डिजिटल यूपी: योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश बना नया आईटी हब

आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग उत्तर प्रदेश को आईटी हब बनाने की दिशा में कर रहा ठोस प्रयास माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, पेटीएम, टीसीएस , मैक इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियों ने प्रदेश में किया निवेश सेक्टर में ₹5,584 करोड़ का निवेश और 53,000 रोजगार के अवसर हुए सृजित लखनऊ,  कुछ साल पहले तक उत्तर प्रदेश का नाम सुनते ही लोग कृषि और पारंपरिक उद्योगों की बात करते थे। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदृष्टि और सशक्त नीतियों ने अब यह धारणा बदल दी। आज लखनऊ, कानपुर और नोएडा जैसे शहरों में आईटी पार्क्स की जगमगाहट नई कहानी कह रही है। यूपी अब सिर्फ भारत का हृदय नहीं, बल्कि डिजिटल भारत का मस्तिष्क भी बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि सूचना प्रौद्योगिकी केवल तकनीक नहीं, यह परिवर्तन की शक्ति है। सीएम योगी के इसी सूत्रवाक्य को आगे बढ़ते हुए प्रदेश के आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग ने हर युवा को अवसर देने और उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा आईटी हब बनाने की दिशा में ठोस प्रयास प्रारंभ किए हैं। 15 हजार करोड़ से 75 हजार करोड़ तक बढ़ा यूपी का आईटी निर्यात 2015 में जहां प्रदेश का आईटी निर्यात केवल ₹15,000 करोड़ था, वहीं आज यह आंकड़ा ₹75,000 करोड़ से अधिक पहुंच चुका है। यह केवल एक आर्थिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की मेहनत और योगी सरकार के तकनीकी विजन की सफलता का प्रतीक है। योगी सरकार की सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2017-2022 ने निवेशकों के लिए दरवाज़े खोले हैं। माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, पेटीएम, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, मैक इंडिया जैसी दिग्गज कंपनियों ने प्रदेश में निवेश कर भरोसे की नई मिसाल कायम की। परिणामस्वरूप ₹5,584 करोड़ का निवेश और 53,000 रोजगार अवसर सृजित हुए। नई आईटी एवं आईटी जनित सेवा नीति-2022 के तहत दो नई परियोजनाओं को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया गया है, जिनसे 900 युवाओं को रोजगार मिलेगा। वहीं ₹48 करोड़ से अधिक निवेश वाली तीन परियोजनाएं मंज़ूरी के इंतज़ार में हैं। आईटी को मिला उद्योग का दर्जा, बदला निवेश का माहौल योगी सरकार ने आईटी और आईटीईएस क्षेत्र को “उद्योग का दर्जा” देकर इतिहास रच दिया। अब आईटी कंपनियों को औद्योगिक श्रेणी की भूमि औद्योगिक दरों पर मिल रही है। इस फैसले से निवेशक आत्मविश्वास के साथ उत्तर प्रदेश को अपना ठिकाना बना रहे हैं। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के सहयोग से नोएडा, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और आगरा में आईटी पार्क्स और एसटीपीआई केंद्र संचालित हो रहे हैं। अब यही रौशनी वाराणसी, बरेली और गोरखपुर की ओर बढ़ रही है, जहां नए केंद्र बन रहे हैं। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि छोटे शहर भी डिजिटल अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा में शामिल होंगे। ‘युवा यूपी’ का नया चेहरा कानपुर की दीप्ति हो या गोरखपुर के आर्यन — इन युवाओं ने कभी सोचा भी नहीं था कि अपने ही शहर में बड़ी आईटी कंपनियों के साथ काम करने का मौका मिलेगा। योगी सरकार की नीति ने उनकी यह इच्छा पूरी की है। आज ये युवा अपनी प्रतिभा से न सिर्फ अपनी पहचान बना रहे हैं, बल्कि प्रदेश को नई पहचान भी दे रहे हैं। प्रदेश सरकार ने आईटी और आईटीईएस परियोजनाओं के लिए एक डेडीकेटेड ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया है, जिससे आवेदन, स्वीकृति और प्रोत्साहन की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो गई है।

वाराणसी में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस कॉन्क्लेव में बोले मुख्यमंत्री

 8 हजार साल पुराना है यूपी में धान की खेती का इतिहास : मुख्यमंत्री यूपी के पास 80% भूमि सिंचित : सीएम योगी लखनऊ में बनेगा 250 एकड़ में सीड पार्क : मुख्यमंत्री काला नमक चावल को भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में विश्व स्तर पर बढ़ावा : योगी आदित्यनाथ वाराणसी, अंतराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश को भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक फूड बास्केट के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर तकनीक और बीज उपलब्ध कराए जाएं तो प्रदेश आज से तीन गुना अधिक उत्पादन करने में सक्षम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी ने लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनाया जाएगा, जिसमें कृषि क्षेत्र सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरी (IRRI) और सीआईपी (CIP) जैसे संस्थानों के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। शिव और नंदी करते हैं उन्नत खेती के लिए प्रेरित योगी आदित्यनाथ ने काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान विश्वनाथ की नगरी और उनके सहयोगी वृषभ हमें उन्नत खेती की ओर प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि "अन्नं बहु कुर्वीत तद् व्रतम्" की परंपरा को आगे बढ़ाना ही हमारा संकल्प है। उर्वरता, सिंचाई और धूप हैं भारतीय कृषि की ताकत मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी कृषि के लिए उर्वरता, सिंचाई और पर्याप्त धूप सबसे आवश्यक हैं और इन तीनों दृष्टियों से भारत अत्यंत संपन्न है। देश के पास 17 करोड़ हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है, जिसमें से 60 फीसदी भूमि सिंचित है। यूपी तो अकेले देश का 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। कृषि में हुए हैं क्रांतिकारी बदलाव योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 सालों में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड, कृषि बीमा, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, लागत से डेढ़ गुना एमएसपी और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से जोड़ा गया है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पास 11 फीसदी भूभाग और 17 फीसदी जनसंख्या है, लेकिन यह अकेला राज्य 21 फीसदी खाद्यान उत्पादन करता है। धान, गेहूं, गन्ना, आलू, दलहन और तिलहन की खेती में यूपी अग्रणी है। कृषि विश्वविद्यालय और अनुसंधान यूपी के पास राज्य सरकार के चार, केंद्र सरकार के दो और एक निजी कृषि विश्वविद्यालय हैं। इसके अलावा 89 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी सहायता दे रहे हैं। 2018 में वाराणसी में ईरी का दक्षिण एशिया केंद्र खुलने के बाद धान की विभिन्न वैरायटी पर रिसर्च जारी है। काला नमक चावल और ऐतिहासिक खेती मुख्यमंत्री ने कहा कि काला नमक चावल भगवान बुद्ध द्वारा तीन हजार साल पहले दिया गया था। इसे हम भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में पूरी दुनिया में बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में धान की खेती का 8 हजार साल पुराना इतिहास है। तंजावुर और रामनाथपुरम के शिलालेखों में प्राचीन भारत की उन्नत खेती के प्रमाण मिलते हैं। खाद्यान उत्पादन में हुई है पांच गुना वृद्धि आजादी के बाद यूपी में 11.77 मिलियन टन खाद्यान का उत्पादन होता था, जो अब बढ़कर 60 ट्रिलियन टन हो गया है। रकबा भी 170 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 240 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। यह पांच गुना की वृद्धि को दर्शाता है। सीड पार्क और नई पहल की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बताया कि लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर 250 एकड़ में सीड पार्क स्थापित किया जाएगा। यहां से जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए बेहतर बीज किसानों को  उपलब्ध कराए जाएंगे। डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आगरा में जल्द ही इंटरनेशनल पोटेटो सेंटर स्थापित होगा। ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का सीएम ने किया लोकार्पण कॉनक्लेव में आईआरआरआई और जेएनवीवी द्वारा विकसित बैट्री संचालित ई-सीडर और प्रिसिजन हिल सीडर का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही धान की सीधी बुवाई, जीरो टिलेज गेहूं और समृद्धि धान नेटवर्क पर आधारित प्रकाशन सामग्री का विमोचन भी किया गया। लैब टू लैंड मॉडल मुख्यमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर वैज्ञानिक अब केवल लैब तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जमीन पर उतरकर रिसर्च का डेमॉन्स्ट्रेशन करेंगे ताकि किसानों तक नई तकनीक सीधे पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूपी में 70 लाख हेक्टेयर में धान, 100 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 29 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती की जाती है। दलहन और तिलहन के लिए भी यहां व्यापक भूमि है। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, बलदेव सिंह औलख, प्रमुख सचिव कृषि रविन्द्र कुमार, डीजी ईरी यवोन पिंटो और डीजी सीआईपी डॉ साइमन हेक, श्रीलंका के कृषि सचिव डीबी विक्रमसिंघे, डायरेक्टर आईएसएआरसी डॉ सुधांशु सिंह सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मिशन कर्मयोगी से दक्ष हो रहे समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी

सीएम योगी के नेतृत्व में जारी मिशन कर्मयोगी अभियान में अब तक 3,900 कर्मचारी पंजीकृत, 21,150 कोर्स पूरे डिजिटल प्रशिक्षण से कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान कर रहे अधिकारी और कर्मचारी लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक दक्षता और सुशासन के क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। इसके तहत समाज कल्याण विभाग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी पहल ‘मिशन कर्मयोगी अभियान’ को पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है। इस अभियान के तहत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल प्रशिक्षण के माध्यम से अपने कार्यकौशल को निखारते हुए जनता को पारदर्शी, तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहे हैं। दक्षता और पारदर्शिता की नई मिसाल समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि सितंबर 2025 तक विभाग के 3,900 अधिकारी, नियमित/संविदा कर्मचारी एवं शिक्षक iGOT Karmayogi पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इन सभी ने अब तक 21,150 कोर्स पूरे किए हैं, जिनमें कुल 15,893 घंटे का प्रशिक्षण शामिल है। आंकड़ों के अनुसार 2,759 कर्मचारियों ने कम से कम एक कोर्स पूरा किया है। 2,289 कर्मचारियों ने तीन या उससे अधिक कोर्स पूरे किए हैं। वहीं 1,611 कर्मचारी तीन से कम कोर्स तक सीमित रहे हैं और 1,141 अभी प्रशिक्षण पूरा करने की प्रक्रिया में हैं। दक्षता से ही बढ़ेगी सेवा की गुणवत्ता मंत्री असीम अरुण ने कहा कि “मिशन कर्मयोगी का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक सरकारी अधिकारी और कर्मचारी को दक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। इस प्रशिक्षण से सरकारी कर्मचारियों में नई कार्यशैली, नीति निर्माण की समझ और प्रबंधन कौशल विकसित हो रहे हैं, जिससे जनता को अधिक गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी। नई तकनीक, पारदर्शिता और तनावमुक्त कार्यसंस्कृति की ओर कदम iGOT Karmayogi प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऐसे विषय शामिल हैं जो कर्मचारियों को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाते हैं, बल्कि उन्हें कार्यस्थल पर सकारात्मक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए भी प्रेरित करते हैं।0मुख्य कोर्स में शामिल Yoga Break at Workplace तनावमुक्त और उत्पादक कार्यसंस्कृति के लिए है। वहीं, POSH Act 2013 कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा की जागरूक करता है। Procurement Process on GeM पारदर्शी क्रय प्रक्रिया को प्रोत्साहित करने के लिए लागू है। National Education Policy 2020, Basics of AI, और Right to Information (RTI) Act नीति, तकनीक और पारदर्शिता के आयामों को समझने हेतु है। योगी सरकार की डिजिटल सुशासन नीति को मिल रही गति राज्य सरकार की डिजिटल गवर्नेंस नीति के अंतर्गत मिशन कर्मयोगी जैसे अभियानों से न केवल सरकारी कामकाज की गति बढ़ रही है, बल्कि जवाबदेही और नागरिक संतुष्टि में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी विभागों को iGOT Karmayogi पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया तेजी से जारी है, ताकि “प्रशासन जनता के लिए अधिक सुलभ और जवाबदेह बने।

मौसम अपडेट: दिल्ली-NCR में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी बरसेंगे बादल

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दिन 24 घंटे बारिश होने की संभावना है। साथ ही, तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक भी होगी। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी। लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलेगी। सुबह से ही हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। यह बारिश दिनभर रुक-रुक कर जारी रह सकती है। इससे पहले आज दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तूफान देखने को मिल सकता है। वहीं 7 अक्टूबर को एनसीआर में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दिन मध्यम बारिश हो सकती है। 8 और 9 अक्टूबर से मौसम धीरे-धीरे साफ होना शुरू होगा। 8 अक्टूबर को आसमान आंशिक रूप से बदला रहेगा। 9 अक्टूबर को मुख्य रूप से साफ मौसम की संभावना जताई गई है। इन दिनों अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आज यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर-भारत के अधिकांश हिस्सों में भी बारिश की संभावना बन रही हैं। इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती है। तमिलनाडु के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट तमिलनाडु के 14 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर मौसम प्रणालियां लगातार सक्रिय हो रही हैं। नए बुलेटिन के अनुसार, 2 अक्टूबर से बंगाल की खाड़ी के मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में बना एक गहरा दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है और शाम तक दक्षिणी ओडिशा तट पर गोपालपुर के पास पहुंच गया है। शनिवार को तिरुवल्लुर, चेन्नई, चैंगलपट्टू, कांचीपुरम, विल्लुपुरम, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुपत्तूर, तिरुवन्नामलाई, कृष्णागिरी, धर्मपुरी और रामनाथपुरम के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश की उम्मीद है। राजस्थान में भी जमकर बरस सकते हैं बादल राजस्थान में मॉनसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि रविवार, 5 अक्टूबर से बारिश और तेज हो सकती है। विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को राजस्थान के सभी जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। राज्य के 21 जिलों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह बारिश पिछले तीन दिनों से हो रही है और अगले तीन दिनों तक जारी रहने का अनुमान है।